यह एशिया की सबसे बड़ी मस्जिदों में से एक है । इसे नवाब शाहजेहन ने बनवाया था ।
इसका प्रवेश द्वार दो मंजिला है । जिसमें चार मेहराबें हैं और मुख्य प्रार्थना हॉल
में जाने के लिए 9 प्रवेश द्वार हैं । पूरी इमारत बेहद खूबसूरत है । यहाँ लगने वाला
तीन दिन का इज्तिमा पूरे देश के लोगों को आमंत्रित करता है । शौकत महल के सामने
बड़ी झील के किनारे स्थित वास्तुकला का यह खूबसूरत नमूना कुदसिया बेगम के काल का है
जिन्हें गोहर बेगम भी कहा जाता था । यह हिंदू और मुगल कला का अद्भुत संगम है । यह
भारत की अनूठी राष्ट्रीय संस्था है । मुख्य रूप से यह प्रदर्शन कला और दृश्य कला का
केंद्र है । इसे चार्ल्स कोरिया ने डिजाइन किया है । विशाल क्षेत्र में फैले इस भवन
के आस - पास का प्राकृतिक सौंदर्य इसे और भी भव्य बनाता है । यहीं पर एक कला
संग्रहालय, कला दीर्घा, फाइन आर्ट के लिए कार्यशाला, एक थिएटर, अंतरंग और बहिरंग
ऑडिटोरियम, रिहर्सल कक्ष, भारतीय कविताओं का पुस्तकालय, शास्त्रीय और लोक संगीत
संग्रहालय भी हैं । यह सोमवार के अलावा पूरे सप्ताह दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक
खुला रहता है । यह एक अनूठा संग्रहालय है जो 200 एकड़ में श्यामला हिल्स पर बड़ी
झील के सामने फैला है । यह एक प्रागैतिहासिक स्थल पर है और विश्व में अपनी तरह का
एक ही संग्रहालय है जो प्रागैतिहासिक चित्रकला से सज्जित गुफाओं के समीप है । और इस
तरह से यह वस्तुओं और परंपराओं से जीवंत रूप से जुड़ा हुआ है । यहाँ आदिवासी,
समुद्र किनारे, रेगिस्तान और हिमालय के आवासों के नमूने भी बनाए गए हैं । यहाँ
संग्रहालय में पुस्तकालय, दृश्य - श्रृव्य आर्काइव, कंप्यूटरीकृत कक्ष व प्रजातीय
नमूनों को देखा जाता है । यहाँ मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से कला के खूबसूरत
नमूने एकत्रित करके रखे गए हैं । संग्रहालय सोमवार को बंद रहता है । यह अरेरा हिल्स
पर स्थित है । इससे लगा हुआ एक संग्रहालय है जहाँ मध्यप्रदेश के रायसेन, सीहोर,
मंदसौर और शहडोल जिलों से एकत्रित कला नमूनों को रखा गया है । यह संग्रहालय भी
सोमवार को छोड़कर पूरे सप्ताह 9 बजे से 5 बजे तक खुला रहता है । बड़ी झील से लगी
पहाड़ी पर यह सफारी उद्यान स्थित है । यह 445 हैक्टेयर में फैला है । प्राकृतिक
सुंदरता के बीच आप विभिन्न प्रकार के शाकाहारी और माँसाहारी प्राणियों को देखने का
आनंद उठा सकते हैं । यह मंगलवार को छोड़कर हर दिन सुबह 7 से 11 और 3 से 5 बजे शाम
तक खुला रहता है । यह मूल रूप से विज्ञान संग्रहालय है जो श्यामला हिल्स की
खूबसूरती के बीच स्थित है । यहाँ इन्वेंशन और फन साइंस गैलरी हैं और एक तारामंडल
नाम का प्लेनेटेरियम भी है । यह सोमवार को छोड़कर हर दिन सुबह 10.30 से 6.30 तक
खुला रहता है । शहर के बीच स्थित चौक में पुरानी मस्जिद, हवेलियाँ अतीत की स्मृति
दिलाते हैं । सँकरी गलियों में स्थित दुकानें हैं जिनमें शिल्प के खजाने खुले हुए
हैं । यहाँ आप चाँदी के आभूषण, बीडवर्क, कढ़ाई का काम और सीक्वन का काम खूबसूरत
अंदाज में देख और खरीद सकते हैं । बड़ी झील छोटी झील से एक ओवरब्रिज से अलग होती है
। म.प्र. पर्यटन बोट क्लब बड़ी झील में नौकायन भी करवाता है । छोटी झील में एक मछली
के आकार का एक्वेरियम है । कैसे पहुँचे? दिल्ली ग्वालियर, इंदौर और मुंबई से भोपाल
के लिए नियमित विमान सेवा है । भोपाल, दिल्ली - मद्रास मेन लाइन पर है । मुंबई से
इटारसी और झाँसी के रास्ते दिल्ली जाने वाली मुख्य गाड़ियाँ भोपाल होकर जाती हैं ।
भोपाल तथा इंदौर, मांडू, उज्जैन, खजुराहो, पचमढ़ी, ग्वालियर, साँची, जबलपुर और
शिवपुरी के बीच नियमित बस सेवाएँ हैं । ठहरने के लिए - मध्यप्रदेश पर्यटन विकास
निगम के होटल तथा निजी होटल हैं । कब जाएँ? वर्ष में कभी भी आप यहाँ जा सकते हैं ।
ओरछा का वैभव पत्थरों में जैसे कैद हो गया है, समय यहाँ ठहरा हुआ लगता है और हम चले
जाते हैं बरसों बरस पीछे, मध्यकाल के एक शहर में. जहाँ के मंदिरों और महलों की चमक
को समय की धुंध भी धुँधला नहीं सकी है. 16 से 17वीं शताब्दी में बुंदेला शासकों
द्वारा बनवाई गई ये इमारतें प्राचीन वैभव को बयाँ करती हैं । ओरछा, 16वीं शताब्दी
में बुंदेला राजपूत रुद्र प्रताप के द्वारा बसाया गया था । उनके आगे के राजाओं ने
शानदार इमारतें और भवन बनवाकर इसकी शान में चार चाँद लगा दिए । जिनमें राजा बीर
सिंह जूदेव का नाम प्रमुख है । मंदिरों और महलों में बुंदेला कला की खूबसूरत
कलाकारी देखते ही बनती है । लक्ष्मीनारायण मंदिर और राजमहल की दीवारें और छतों की
कलात्मकता यहाँ की समृद्धि की कहानी कहतीं हैं । यह महल राजा बीर सिंह जूदेव ने
17वीं शताब्दी में जहाँगीर के ओरछा आने के पहले बनवाया था । इसकी मजबूत दीवारों के
साथ नाजुकी से बनी हुई छतरियाँ कमाल का संतुलन बनाती हैं और इससे पूरी इमारत अत्यंत
समृद्धिपूर्ण प्रभाव देती है । चतुर्भुज के आकार का यह महल 17वीं शताब्दी में मधुकर
शाह ने बनवाया था । अंदर धार्मिकता को लिए हुए शोख रंगों की अनोखी शिल्प कलाकृतियाँ
हैं । यह दो कृत्रिम तालाबों मुंज तालाब और कापुर तालाब के बीच बना है. संभवतः यह
सुल्तान गयासुद्दीन खिलजी ने बड़े हरम के रूप में बनवाया था. इसके खुले गलियारे,
बाहर निकली हुई बालकनी और खूबसूरत छत शाही शौक को आसानी से बयाँ करते हैं. रात के
समय इसे तवेली महल से निहारना बहुत सुखदायी है. यह दर्शकों के लिए बैठक व्यवस्था के
रूप में बनाया गया था. इसके आस - पास की दीवारें कुछ झुकी हुई सी हैं जिसके कारण
इसे हिंडोला महल कहा जाता है. बलुआ पत्थरों में नक्काशी का नायाब नमूना यहाँ देखने
को मिलता है. यहाँ के खूबसूरत स्तंभ मन मोह लेते हैं. इसी महल के पास कई छोटे -
छोटे भवन हैं जो अपने अतीत की कहानी कहते हैं. यह अफगानी कला का बेजोड़ उदाहरण है.
इसके गुंबद से मोहित होकर शाहजहाँ ने ताज महल बनाने के पहले अपने चार स्थापत्य
विशेषज्ञों को यहाँ भेजा था. मस्जिद का गलियारा खंभों और आर्चेस से सजा हुआ है. इसे
रूपमती के महल में पानी पहुँचाने के लिए बनाया गया था. अब यह एक पवित्र स्थान के
रूप में जाना जाता है. यहाँ से पूरे मांडू का विहंगम दृश्य देखा जा सकता है । यह
सैनिकों के लिए पूरे क्षेत्र पर निगाह रखने के लिए बनाया गया था । इस भव्य इमारत से
बाज बहादुर के महल और निमाड़ के मैदान में बह रही नर्मदा नदी के दर्शन किए जा सकते
हैं । कहा जाता है कि रानी के प्रतिदिन नर्मदा दर्शन के पश्चात अन्न - जल ग्रहण
करने की आदत के कारण बाज बहादुर ने यह ऊँचा महल बनवाया था । यहाँ शिवजी का मंदिर है
जिसमें जाने के लिए अंदर सीढ़ी उतरकर जाना पड़ता है । इस मंदिर के सौंदर्य को
शब्दों में बयाँ नहीं किया जा सकता । ऊपर पेड़ों से घिरे तालाब से एक धार नीचे
शिवजी का अभिषेक करती जाती है । मंदिर के समीप स्थित इस महल का निर्माण शाह बदगा
खान ने अकबर की हिंदू पत्नी के लिए करवाया था । इसकी दीवारों पर अकबर कालीन कला के
नमूने देखे जा सकते हैं । हाथी महल, दरिया खान की मजार, दाई का महल, दाई की छोटी
बहन का महल, मलिक मघत की मस्जिद और जाली महल भी दर्शनीय हैं । यहाँ ईको पॉइंट पर
पर्यटकों की भीड़ लगी ही रहती है । लोहानी गुफाएँ और उनके सामने स्थित सनसेट पॉइंट
भी पर्यटकों को खींचता है । कैसे जाएँ 99 किमी. पर इंदौर हवाई अड्डा सबसे निकट है
जो मुंबई, दिल्ली और भोपाल से जुड़ा है । इंदौर, धार, महू, उज्जैन और भोपाल से
नियमित बस सेवा द्वारा यहाँ तक पहुँचा जा सकता है । रतलाम रेल मुख्यालय (124 किमी.)
मुंबई - दिल्ली मुख्य लाइन पर है और इंदौर 99 किमी. की दूरी पर है । कब जाएँ, जुलाई
से लेकर मार्च तक का समय यहाँ जाने के लिए उपयुक्त है । इस समय यहाँ पर्यटकों का
मेला लगा रहता है । ऊँची पहाड़ी पर पहले आबादी से भरपूर मजबूत रणथम्भौर किला था
जिसे हथियाने के लिए एक शासक ने तलहटी में एक साल तक घेरा डाले रखा था । कई युद्ध
झेल चुका और कितने ही राजा और नवाबों के उत्कर्ष और पतन का साक्षी रहा रणथम्भौर
किला समुद्र की सतह से 401 मीटर ऊँची पहाड़ी पर बना है । इसकी तलहटी में 392
वर्गमीटर क्षेत्र में घना जंगल है जो राष्ट्रीय वन्य जीव उद्यान कहलाता है । यहाँ
बाघ के अलावा तेंदुआ, हिरण, चीतल, नीलगाय, जंगली सूअर और कई तरह के पक्षी बड़ी
संख्या में हैं । किले और उद्यान तक पहुँचने के लिए सिंहद्वार तक एक ही सड़क है ।
इस किले का निर्माण सन् 994 में किया गया था । किले के अंदर महल, छतरियाँ, फौजी
छावनी, हिन्दू - जैन मंदिर, मस्जिद और फकीर की दरगाह के भी अवशेष देखे जा सकते हैं
। यहाँ का गणेश मंदिर आज भी भक्तों की श्रद्धा का केंद्र है जहाँ प्रतिवर्ष
भाद्रपक्ष सुदी चतुर्थी को मेला लगता है । लोग पैदल किले की परिक्रमा भी करते हैं ।
सन् 1192 में पृथ्वीराज चौहान के पोते गोविंदा ने इस पर राज किया था । बाद में उसके
बेटे बागभट्ट ने किले में बसे शहर को खूबसूरत बनाया । सन् 1282 में चौहान वंशीय
राजा हमीर यहाँ सत्तारूढ़ थे । सन् 1290 में जलालुद्दीन खिलजी ने तीन बार आक्रमण कर
इसे जीतने का प्रयास किया । बाद में एक वर्ष तक घेरा डालकर 1301 में इसे जीता ।
हमीर की मौत के बाद चौहानों का राज खत्म हो गया । मुस्लिम विजेताओं ने किले की
मजबूत दीवार को नष्टभ्रष्ट कर दिया । मालवा के शासकों ने 16वीं शताब्दी में अपना
राज जमाया । राणा सांगा ने यहाँ रहकर अपनी फौज को मजबूत किया । राणा सांगा को हराने
के लिए मुगलों ने यहाँ कई बार आक्रमण किये जिनमें कई बार राणा सांगा घायल हुए ।
उनकी पराजय के बाद यह किला मुगलों के अधीन हो गया । मुगल शासक शाह आलम ने 1754 में
जयपुर के महाराजा सवाई माधोसिंह प्रथम को यह किला पुरस्कार स्वरूप दिया । तब से इसे
महाराजा के शिकार के लिए सुरक्षित रखा गया । महाराजा ने ही यहाँ पदम तालाब, राजा
बाँध और मिलक तालाब बनवाए । पदम तालाब के पास और किले की तलहटी में जोगी महल बना
हुआ है, जो अब वन विभाग का रेस्ट हाउस है । यहाँ आम पर्यटक को प्रवेश नहीं मिलता ।
महारानी एलिज़ाबेथ द्वितीय और एडेनबर्ग के ड्यूक के अलावा पूर्व प्रधानमंत्री राजीव
गाँधी भी उद्यान में बाघ देखने आ चुके हैं । रणथम्भौर किला जयपुर से करीब 200
कि.मी. दूर है । राष्ट्रीय वन्य जीव उद्यान में घुमाने के लिए 30 खुली जिप्सी और 15
केंटर अनुबंधित हैं । 30 जून के बाद तीन माह के लिए बरसात के दौरान यह इलाका बंद
रहता है । जंगल में करीब 35 कि.मी. का रास्ता इन वाहनों द्वारा तीन घंटे में तय
किया जाता है । पिछले पन्द्रह वर्षों से इस क्षेत्र में वाहन चला रहे भानु प्रताप
सिंह ने बताया कि पर्यटकों की संख्या निरंतर बढ़ रही है, लेकिन बाघ कभी कभार ही
दिखता है । जंगल में वन विभाग की करीब पन्द्रह चौकियाँ हैं । वनकर्मी भी खाली हाथ
में डंडा लिए गश्त करते हैं । यह क्षेत्र कारे जोन और बफर जोन में बँटा है । ये
ग्लेशियर साल में आठ महीने बर्फ की सुंदर चादर से ढके रहते हैं । तो वहीँ दूसरी तरफ
सुंदर वादियाँ हैं जो सुंदर फूलों और रंगीन पत्तियों वाले पेड़ों से ढकी रहती हैं ।
यूँ तो आपने यश चोपड़ा की फिल्मों में इस खूबसूरत देश के कई नयनाभिराम दृश्य देखे
होंगे । जिन्हें देखने के बाद आपका मन भी इन खूबसूरत वादियों में खोने को करता होगा
। अपने इस अंक में आप हमारे साथ सैर कर सकते हैं स्विट्जरलैंड की इन्हीं हसीन
वादियों की । इस सफर की शुरूआत करते हैं इंटरलेकन ओस्ट से । इंटरलेकन ओस्ट को
बॉलीवुड की पसंदीदा जगह कहा जाता है । प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर इस शहर में आप
स्विट्जरलैंड के इतिहास और वर्तमान दोनों से मुलाकात कर सकते हैं । यदि आपके पास
थोड़ा सा वक्त और हौसला हो तो सूर्योदय के समय यहाँ की पहाड़ियों पर चहल - कदमी
करना बेहद सुखद लगता है । यदि पैदल नहीं जा सकते तो यहाँ से एक ट्रेन सीधी पहाड़ी
के ऊपर जाती है । बिना चूके उसका टिकट ले लीजिए । और पहाड़ी के ऊपर से सुंदर
स्विट्जरलैंड का नजारा लीजिए । स्कॉटलैंड खूबसूरत कासल्स (किलों) का देश है । ऐसा
देश जिसे इतिहास बेहतरीन योद्धाओं, बैगपाइपर के अनोखे संगीत और स्कर्ट पहनने वाले
पुरूषों के नाम से जानता है । जिंदादिल लोगों के इस प्रांत की बात ही कुछ और है ।
घुमक्कड़ लोगों के लिए यह स्वर्ग से बढ़कर है । यदि आप स्वच्छ हवा, निर्मल पानी और
खूबसूरत वादियों के मुरीद हैं तो स्कॉटलैंड आपकी मंजिल है । इस जगह की खास बात यह
है कि यहाँ के सैंडी बीच अभी तक लोगों की नजरों से बचे हुए हैं । इसलिए यहाँ की
प्राकृतिक सुंदरता को आधुनिकता का ग्रहण नहीं लगा है । लेकिन प्रकृति भी इस जगह पर
कम मेहरबान नहीं है । यदि आप भीड़ - भाड़ से दूर एंकात में प्रकृति की अनुपम छटा को
निहारना चाहते हैं तो स्कॉटलैंड के पास आपको देने के लिए काफी कुछ है । यूँ तो
स्कॉटलैंड यूनाइटेड किंगडम के अधीन एक राज्य है । लेकिन यहाँ का अपना मंत्रीमंडल है
। और तो और यहाँ की मुद्रा का रंग और उस पर बने चित्र भी लंदन के पौंड से कुछ अलग
है । यहाँ घूमने और लोगों से बात करने पर पता चलता है कि यहाँ के लोग इंग्लैंड
सरकार से थोड़े से खफा रहते हैं । खूबसूरत कासलों के इस शहर में बेहद खूबसूरत ग्रास
कोर्ट हैं । जिन्हें दुनिया के बेहतरीन गोल्फ मैदानों में बदला गया है । गोल्फ
प्रेमियों के लिए जन्नत कहलाने वाले ग्लासगो में दुनिया के बेहतरीन 40 गोल्फ कोर्ट
हैं । यहाँ गोल्फ खिलाया ही नहीं जाता बल्कि सिखाया भी जाता है । यदि आप भी सफेद
गेंद और स्टिक पर हाथ आजमाना चाहते हैं तो ग्लासगो का चक्कर जरूर लगाइएगा । पेरिस
यहाँ की गलियाँ, नुक्कड़ हर जगह अनूठी खूबसूरती में डूबे हुए हैं । यहाँ की गलियों
में भटकते हुए आपको महसूस होगा फ्रेंच लोगों का पूरा जीवन कला के लिए समर्पित है ।
इस साफ - सुथरे, खूबसूरत देश में जहाँ तक हो सके आप गर्मियों के मौसम में घूमने
जाएँ । क्योंकि सर्दियों में यहाँ का पारा माइनस डिग्री के नीचे ही नजर आता है ।
गर्मियों में यहाँ का मौसम बेहद सुहावना होता है । इस मौसम की सुहानी सुबह में आपको
फ्रेंच लोग पिस्त्रो में कॉफी और 'लोफ ब्रेड' का आनंद उठाते नजर आएंगे । पिस्त्रो
यहाँ की भाषा में रेस्त्रां को कहते हैं । पेरिस आने के बाद फ्रेंच ब्रेड का लुत्फ
उठाना मत भूलिएगा । यहाँ गर्मी के मौसम में सूरज नौ बजे अस्त होता है जिसके कारण
आपको पेरिस निहारने के लिए वक्त काफी ज्यादा मिलता है । 321 मीटर ऊँचे एफिल टॉवर की
ऊपरी मंजिल से पेरिस को निहारने का आनंद ही कुछ और है । टॉवर के ऊपरी भाग में तीन
मंजिलें बनी हुई हैं । एफिल टॉवर तक पहुँचने के लिए बेहतरीन लिफ्ट का इंतजाम है ।
इस लिफ्ट तक पहुँचने के लिए आपको लंबी कतार से जूझना होगा । लेकिन टॉवर के ऊपर जाने
के बाद आपको यह जद्दोजहद बेमानी लगेगी । और आप पेरिस की खूबसूरती का नया रूप
देखेंगे । पेरिस आकर यदि आपने यह न देखा तो आपने कुछ भी नहीं देखा । वैसे तो पेरिस
म्यूजियमों की भी राजधानी है । लेकिन म्यूजियम डी लवीस इनमें नायाब है । पहले पहल
यह एक फ्रेंच महल था जिसे बाद में म्यूजियम का रूप दे दिया गया था । इस म्यूजियम
में आप मोनालिसा की पेंटिग, विक्ट्री ऑफ सेमोथरेस, मिस्र के पिरामिड की दुर्लभ
वस्तुओं, वीनस के स्टेच्यू से लेकर कई विश्वप्रसिद्ध कलाकृतियों को निहार सकते हैं
। यहाँ की तीन मुख्य दीर्घाओं में मिस्त्र, ग्रीक व रोमन कलाओं के बेहतरीन नमूने
रखे हैं । यह संग्रहालय इतना विशाल और खूबसूरत है कि इसे निहारने के लिए एक दिन कम
लगेगा । इस नदी पर पुरातन काल के चिन्हों के रूप में 36 बेहद खूबसूरत पुल बने हुए
हैं । पुलों पर की गई कारीगरी देखते ही बनती है । यदि आप पेरिस घूमने जाएं तो सेन
नदी में बोटिंग करने का लुत्फ जरूर उठाइएगा । यहाँ बोटिंग करते हुए आप प्रकृति के
सुंदर नजारों के साथ - साथ पेरिस के अतीत से भी साक्षात्कार कर सकते हैं । इसके साथ
ही सेन नदी के किनारों पर चहलकदमी करते हुए फ्रेंच जीवन से रूबरू होना बेहद सुंदर
अनुभव है । कलाप्रेमियों के इस स्वर्ग में बच्चों के लिए हसीन तोहफा है डिजनीलैंड ।
जहाँ आकर लगता है कि सपने साकार हो गए हैं । यहाँ मजे के साथ - साथ आपके बच्चों का
खासा ज्ञान वर्धन भी होता है । वहीं दूसरी ओर वे फिल्म निर्माण की बारीकियों से भी
रूबरू होते हैं । खूबसूरत बिल्डिंगों से सजा आधुनिक शहर चमचमाती रोशनी.... साफ -
सुथरी सड़क... तेज जिंदगी और एक भूकम्प से खूबसूरत शहर का एकाएक खाक हो जाना यह
मंजर सोचकर ही भयावह लगता है, लेकिन अमेरिका के फ्लोरिडा प्रांत के नागरिकों के लिए
यह कोई नई बात नहीं है । अपनी जीवटता के कारण वे हर तूफान के बाद शहर की बदशक्‍ल हो
चुकी शक्ल को पहले से ज्यादा सुंदर बना देते हैं । आज हम आपकी मुलाकात करा रहे हैं,
फ्लोरिडा की खास पर्यटन नगरिया ओरलैंडो से । ओरलैंडों की आबादी मात्र दो लाख है,
लेकिन यहाँ हर साल लगभग पाँच करोड़ पर्यटक आते हैं । पर्यटकों की खासी आवाजाही ने
इस उपनगर को महानगर जैसा रूप दे दिया है । होटलों की दृष्टि से यह अमेरिका का दूसरा
बड़ा शहर है । ओरलैंडों को पॉप म्यूजिक की राजधानी भी माना जाता है । यहाँ का रॉक
म्यूजिक काफी लोकप्रिय है । रात का सुरमई अँधेरा छाते ही यहाँ के पब और डिस्कोथेक
रोशन हो जाते हैं । यहाँ के लाइव रॉक बैंड इस माहौल में चार चाँद लगा देते हैं ।
फ्लोरिडा में बार - बार तूफान आते हैं । इन तूफानों से प्रेरणा लेकर
ओरलैंडोंवासियों ने एक अनूठे भवन का निर्माण करवाया है और उसे नाम दिया है - वन्डर
वर्क्‍स । यहाँ के इंटरनेशनल ड्राइव मार्ग पर बनी यह इमारत सभी का ध्यान खींचती है
। बिल्डिंग को देखते ही महसूस हो जाता है कि इसे यह नाम क्यों दिया गया? बिल्डिंग
को पूरी तरह उल्टा बनाया गया है । आप इस बिल्डिंग के बाहरी स्वरूप को देखकर ही ठिठक
जाएँगे, लेकिन जरा अंदर जाइए जनाब । बिल्डिंग के अंदर आपके लिए काफी कुछ है ।
कम्प्यूटर के इस युग में यहाँ हर चीज तकनीक से सजी है । यहाँ एक खास कमरे में आप
भूंकप या तूफान के समय होने वाले कंपन को महसूस कर सकते हैं । बच्चों के लिए यहाँ
खासी मनोरंजक चीजों का भंडार है । यह फिल्म और टीवी सीरियल बेस थीम पार्क है । इस
थीम पार्क की सबसे मजेदार बात है कि यहाँ आप स्क्रीन के अंदर जाकर रियल लाइफ में
एक्शन का लुत्‍फ ले सकते हैं । यहाँ आप शार्क फोर डी जैसी ऑस्कर विनिंग फिल्म में
प्रिंसेस फियोना का साथ दे सकते हैं । यहाँ सारी फिल्में इंटरेक्टिव सेक्शन में रखी
गई हैं । जैसे शार्क थ्री डी फिल्म है, लेकिन यहाँ उसे फोर डी का रूप देकर नन्हे
मेहमानों के लिए खास डायमेंशन बनाया गया है । ओरलैंडो को बच्चों का स्वर्ग कहा जाए
तो गलत न होगा । यहाँ बच्चों के लिए काफी कुछ है, इनमें से एक है डिजनी लैंड । यहाँ
आकर बच्चे कार्टून की रंग - बिरंगी दुनिया से रूबरू होंगे । यहाँ वे वॉल्टडिजनी की
कल्पनाओँ से भी रुबरू हो सकते हैं, जो मिकी के चरित्र को रचते समय उनके जेहन में
थीं । यहाँ के मैजिकल कासल में 'विश कम ट्रू' नामक 12 मिनट की खूबसूरत फिल्म दिखाई
जाती है । इस फिल्म में डिज़नी के क्लासिकल गानों और कार्टून कैरक्टरों के संवादों
को मिलाकर दिलचस्प फिल्म दिखाई जाती है । इसके अलावा यहाँ हर रात होने वाला फायर
वर्क्‍स शो बच्चों को काफी पसंद आता है । इस शो में आधे घंटे तक तेज रोशनी वाले
पटाखे जलाए जाते हैं । कुछ एक्साइटिंग और एडवेंचरस चाहिए तो डिजनी लैंड का वॉटर
पार्क आपकी सही मंजिल है । यहाँ कई फन पैक्ड वॉटर राइड्स हैं । बड़ों और बच्चों
दोनों को ध्यान रखकर वॉटर स्लाइड्स बनाई गई हैं । यहाँ आकर आपको लगेगा कि आप वॉटर
वर्ल्ड में आ गए हैं । ओरलैंडो से मात्र 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, नासा का
विश्व प्रसिद्ध कैनेडी स्पेस सेंटर । ओरलैंडो में न्यूईयर ईव और स्वतंत्रता दिवस के
दिन खासतौर पर फायर वर्क्‍स डे मनाया जाता है । इस दिन ओरलैंडोवासी दीवाली की तरह
रोशन रात का जश्न मनाते हैं । कब जाएँ - ओरलैंडो जाने के लिए जुलाई - अगस्त का मौसम
सबसे अच्छा है । समर यहाँ का पीक मौसम है । इस समय पर्यटकों की भीड़ इस शहर को घेर
लेती है । 4 जुलाई के दिन यहाँ स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है । इस समय आप यहाँ
लोकतांत्रिक अमेरिका को ओरलैंडों की नजर से बेहद खूबसूरत लाल - नीले औऱ सफेद रंग
में निहार सकते हैं । कैसे जाएँ - आप अमेरिका के लिए दिल्ली या मुंबई से सीधी
फ्लाइट ले सकते हैं । इस शहर में हवाई यात्रा का खासा जाल बिछा हुआ है । यहाँ का
ओरलैंडो इंटरनेशनल एयरपोर्ट औऱ सेनफोर्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश - विदेश की करीब
साठ एयरलाइंस से जुड़ा हुआ है । इसके अलावा शहर में बस, टैक्सी और ट्रेन का अच्छा
जंक्शन है, जिन्हें आप अपने बजट के अनुसार चुन सकते हैं । कहाँ ठहरे - होटलों की
दृष्टि से ओरलैंडो अमेरिका का दूसरा बड़ा शहर है । यहाँ सस्ते टूरिस्ट हाउस से लेकर
मँहगे आलीशान फाइव स्टार होटल हैं । आप यहाँ जाने से पहले होटल की ऑनलाइन बुकिंग कर
लें तो बेहतर होगा । यदि आपका कार्यक्रम तय है तो काफी पहले बुकिंग करें । पीक डेज
में बुकिंग काफी मँहगी हो जाती है । इसके साथ ही डिजनी के रिसॉर्ट में ठहरने का
अनुभव भी बेहद अनूठा है । यदि यह आपके बजट को सूट करता है तो यहाँ जरूर ठहरें ।
नीदरलैंड, जिसे हॉलैंड भी कहा जाता है, मौज - मस्ती और सुंदर नजारों वाला देश है ।
यहाँ की सबसे खास बात यहाँ के लोगों का साइकिल प्रेम है । आप पैंतिस से पैंतालिस
किलोमीटर के दायरे में यहाँ की राजधानी एम्‍स्‍टर्डम को निहार सकते हैं । यहाँ आकर
आपका मन बरबस ही साइकिल चलाने के लिए मचल उठेगा । यह नीदरलैंड की राजधानी है । यह
दुनिया के सबसे रंगीन शहरों में शुमार है । यह शहर कई खूबसूरत नहरों से जुड़ा है ।
यदि आप यहाँ आएँ तो क्रूज में सैर करना न भूलें । इस खूबसूरत समाँ में अपने साथी के
साथ क्रूज की सैर एक अनोखा अनुभव होगा । यहाँ समर में कैनाल हाउस गार्डन आम लोगों
के लिए खोल दिया जाता है । यहाँ की खूबसूरती और हरियाली देखते ही बनती है । यहाँ
यूरोप का सबसे पुराना जू 'आरटिस जूर' है । यहाँ आप रंगीन परिंदों से लेकर निराले
वन्य जीवों को निहार सकते हैं । एम्‍स्‍टर्डम के दक्षिण में प्रसिद्ध रेडलाइट इलाका
है । यहाँ सेक्स वर्किंग को व्यवसाय का दर्जा प्राप्त है । इन गलियों में ग्राहकों
को आकर्षित करने के लिए सेक्स विंडो बनी रहती है । जहाँ युवतियाँ निर्वस्त्र खड़ी
रहकर ग्राहकों को आकर्षित करती हैं । इन खिड़कियों पर चार घंटे खड़े रहने के एवज
में इन्हें खासा टैक्स चुकाना पड़ता है । इसके साथ ही यहाँ कई खूबसूरत म्यूजियम
हैं, जहाँ आपको डच इतिहास की अच्छी जानकारी मिल जाएगी । यह शहर हॉलैंड के दूसरे
शहरों से कुछ अलग है । इस हाइटैक सिटी को निहारने के लिए आप यूरोमार्ट की मदद ले
सकते हैं । यूरोमार्ट आधुनिक लिफ्ट है, जिसके जरिए आप 185 मीटर ऊँचाई पर जाकर
रोटरडैम का पैरोनॉमिक व्यू देख सकते हैं । यहाँ अनेक म्यूजियम हैं । इनमें से
मेरीटाइम म्यूजियम काफी प्रसिद्घ है । मेरीटाइम म्यूजियम में आप अतीत के बड़े -
बड़े जहाज देख सकते हैं । इस म्यूजियम में समुद्री यात्राओं से जुड़ी कई यादें
संभालकर रखी गई हैं । म्यूजियम निहारने के साथ ही स्पीडो हार्बर ट्रिप का लुत्फ
लेना न भूलिएगा । स्पीडो के जरिए आप 75 मिनिट में पूरा रोटरडैम निहार सकते हैं । इस
जगह को देखकर आपको बरबस 'सिलसिला' फिल्म का गाना 'देखा एक ख्वाब तो सिलसिले हुए...'
की याद आ जाएगी । वसंत के मौसम में दूर तक खिले ट्यूलिप के फूलों की अनुपम छटा
देखते ही बनती है । इसे हॉलैंड का गार्डन कहा जाता है । यूँ भी नीदरलैंड दुनिया का
सबसे बड़ा फूल उत्पादक और विक्रेता देश है । यदि आप इस उक्ति पर विश्वास करते हैं
तो कोस्टर डायमंड का चक्कर जरूर लगाइएगा । यहाँ अनगढ़ हीरों को बेहद खूबसूरती के
साथ तराशा जाता है । यहाँ की सरकार हीरों के व्यवसाय को प्रमोट करने के लिए यहाँ
फ्री विजिट करवाती है । बाँधवगढ़ के अंदर बना प्राचीन किला भी देखने योग्य है.
पुरातत्व वेत्ताओं के अनुसार यह किला लगभग 2000 साल पुराना है. इस किले का उल्लेख
शिव पुराण से लेकर नारद पंच रत्ना तक में आता है. किले के ऊपर कई सदियों तक अलग -
अलग राजघरानों ने राज किया है. जिनमें से मगध, कल्चुरी और विक्रमादित्य सिंघ के
राजघराने प्रमुख हैं. आज किले का भग्नावशेष स्वरूप ही शेष है. लेकिन यहाँ की पुरानी
दीवारों में इतिहास के कई राज कैद हैं. कब जाएँ? बाँधवगढ़ जाने का सही मौसम फरवरी
से जून माह तक है. वैसे ठंड के दिनों में वाइल्ड लाइफ ज्यादा खूबसूरत लगती है.
मानसून के कारण पार्क को 1 जुलाई से 30 सितंबर तक बंद कर दिया जाता है. कैसे जाएँ?
आप प्लेन, रेल या सड़क मार्ग, जिससे चाहे जा सकते हैं. यहाँ का सबसे नजदीकी
एयरपोर्ट जबलपुर है. लेकिन आप खजुराहो या दिल्ली से यहाँ के लिए सीधी फ्लाइट ले
सकते हैं. इसके अलावा आप कटनी, सतना, जबलपुर या देश के किसी भी हिस्से से यहाँ के
लिए रेल या बस सुविधा ले सकते हैं. कहाँ ठहरे? यहाँ फॉरेस्ट के होटल में दो से तीन
हजार रुपए में बढ़िया एयरकूल्ड और एसी रूम उपलब्ध हैं. जंगल के बीचोंबीच बने इन
खूबसूरत ब्रिटिश कालीन भवनों में रहना एक अलग अनुभव है. लेकिन यदि आपका बजट कम है
तो जंगल के बाहर सस्ते होटल और धर्मशालाएँ भी हैं. यहाँ आप पाँच हजार से लेकर बीस
हजार रुपए में अच्छी छुट्टियाँ बिता सकते हैं. बजट इस बात पर निर्भर करता है कि आप
यात्रा के किस साधन का इस्तेमाल कर रहे हैं और वह बाँधवगढ़ से कितना दूर हैं. यही
वजह है कि जैसलमेर को गोल्डन सिटी के नाम से भी जाना जाता है. शहर इतने छोटे
क्षेत्र में फैला है कि सैलानी यहाँ पैदल घूमते हुए मरुभूमि के इस सुनहरे मुकुट को
निहार सकते हैं. माना जाता है कि जैसलमेर की स्थापना भाटी राजपूत, राव जैसल ने
12वीं शताब्दी में की थी. इसके बावजूद जैसलमेर के शाही भवन राजपूत शैली के सच्चे
द्योतक हैं. स्कॉटलैंड के खूबसूरत किलों को मात देते इस किले का निर्माण भाटी वंश
के राणा जैसल ने 1156 में करवाया था. बलुआ पत्थरों से बने इस भव्य किले में 99
बुर्ज बने हैं. किले के चार प्रवेश द्वार हैं, जिन्हें गणेश पोल, सूरज पोल, भूत पोल
और हवा पोल के नाम से जाना जाता है. यह किला राजपूती स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना
है. पुराने समय के खूबसूरत और बड़े भवनों को हवेलियों के नाम से पहचाना जाता था.
जैसलमेर में ऐसी कई हवेलियाँ हैं. इनमें से कुछ 200 सालों से ज्यादा पुरानी हैं,
लेकिन इतनी पुरानी होने के बाद भी इनकी चमक देखने लायक है. इन हवेलियों की खासियत
इनके नक्काशीदार खिड़की - दरवाजे, छज्जे और चौड़े परिसर हैं. जहाँ सोने सी चमकती है
रेत... इन हवेलियों में पटुवों जी की हवेली, सलीम सिंह की हवेली और नथमल की हवेली
देखने लायक हैं । पटुवों की हवेली के बारीक नक्काशीदार झरोखे सैलानियों को खासतौर
पर आकर्षित करते हैं । सलीम सिंह की हवेली को जैसलमेर के प्रधानमंत्री सलीम सिंह ने
बनवाया था । लगभग 300 साल पुरानी इस हवेली की नीली गुंबदाकार छत और नक्काशी किए गए
मोर की आकृति के कोष्ठकों को देखकर पर्यटक दाँतो तले उँगली दबा लेते हैं । वहीं
नथमल की हवेली की अंदरूनी दीवारें पेंटिंग्स से सजी हैं तो वहीं बाहरी दीवारों पर
खूबसूरत नक्काशी की गई है । यह सरोवर कभी पूरे जैसलमेर में पानी की आपूर्ति का साधन
था । ठंड के मौसम में यहाँ प्रवासी पंछियों की अठखेलियाँ देखते ही बनती है । माना
जाता है कि सरोवर का खूबसूरत मेहराबनुमा मुख्य द्वार एक वेश्या के द्वारा बनवाया
गया था । यहाँ आप बोटिंग का लुत्फ भी उठा सकते हैं । यहाँ का नैसर्गिक सौंदर्य आपको
अभिभूत कर देगा । जैसलमेर जोधपुर मार्ग पर स्थित यह शांत शहर भारत की सामरिक क्षमता
का परिचायक है । यहाँ भारत ने पहली बार अपनी परमाणु शक्ति को आजमाया था । इस शक्ति
स्थल के साथ - साथ 14वीं सदी का बना लाल पत्थर का किला भी दर्शनीय स्थल है । यह एक
निजी संग्रहालय है । यहाँ हैंडीक्राफ्ट की अमूल्य धरोहरें संगृहित हैं । लोगों का
मानना है कि यह हैंडीक्राफ्ट राजकुमारी मूमल और राजा महेंद्र की कहानी बयाँ करती
हैं । इसके अलावा गवर्नमेंट म्यूजियम और डेजेर्ट कल्चर सेंटर म्यूजियम देखने लायक
संग्रहालय हैं । जैसलमेर से लगभग 15 किलोमीटर दूर लोद्रवा सैलानियों के खास आकर्षण
का केंद्र है । यह जगह कभी जैसलमेर की राजधानी हुआ करती थी । खूबसूरत जैन मंदिर और
कृत्रिम कल्पवृक्ष यहाँ की खूबसूरती में चार चाँद लगाते हैं । शहर से सात किलोमीटर
दूर उत्तर में यह बेहद खूबसूरत बाग है । इसके पास ही विशाल बाँध है । यह पूरा इलाका
नैसर्गिक सौंदर्य से परिपूर्ण है । यह बाग यहाँ के राजघरानों से संबंधित स्मारक और
पुराने शासकों की दर्शनीय मूर्तियों से भरा हुआ है । सूर्यास्त के समय यहाँ से
जैसलमेर का सुनहरा रूप देखना अपने आप में बेहद अनोखा अनुभव है । उत्तरप्रदेश का
तीसरा बड़ा जिला आगरा ऐतिहासिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है. मुगलों का यह सबसे
पसंदीदा शहर रहा है. यही वजह है कि उन्होंने ‍दिल्ली से पहले आगरा को अपनी राजधानी
बनाया था. इस शहर को इब्राहिम लोदी ने सन् 1504 में बसाया. जिस समय इस शहर की
स्थापना की गई, उस समय किसी ने यह कल्पना भी नहीं की होगी कि यह शहर खूबसूरती के
लिए पूरे विश्व में अपना परचम लहराएगा. इतिहास भी कुछ कहता है - ‍राजधानी दिल्ली से
करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित आगरा शहर स्थापत्य कला की जीती - जागती तस्वीर
प्रतीत होता है. यह इतिहास तो बच्चे - बच्चे की जुबान पर है कि मुगल बादशाह शाहजहाँ
ने अपनी दूसरी पत्नी मुमताज महल की याद में ताजमहल का निर्माण करवाया था. उस
मुहब्बत और शिद्दत का ही परिणाम है, खूबसूरती का नायाब हीरा ताजमहल. आगरा शहर अपने
स्थापत्य की वजह से सैलानियों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है. दूधिया चाँदनी में
नहाए ताजमहल को देखने के बाद खूबसूरती की सारी उपमाएँ फीकी पड़ जाती हैं. ताजमहल के
निचले हिस्से में मुमताज महल और शाहजहाँ की कब्र आमने - सामने बनी हुई है.
गुंबदनुमा इस इमारत को जब सिर उठाकर ऊपर देखते हैं तो इसकी नक्काशीदार छतें और
दीवारें किसी आश्चर्य से कम नहीं लगतीं. हर मौसम में हजारों की तादाद में यहाँ
पहुँचने वाले सैलानी इसकी खूबसूरती को अपने अंदर जज्ब कर लेना चाहते हैं. ताजमहल की
खूबसूरती का नजारा सुबह 6 बजे से शाम 7.30 बजे तक ही किया जा सकता है. शुक्रवार के
दिन इसका मुख्य द्वार बंद रहता है. आगरा फोर्ट यहाँ की महत्‍वपूर्ण इमारतों में से
एक है. इसे रेड फोर्ट के रूप में भी जाना जाता है. लाल पत्थरों से निर्मित इस इमारत
को स्थापत्य कला का बेजोड़ नमूना कहा जा सकता है. इसका निर्माण 1565 ई. में अकबर ने
करवाया था. यहाँ भी लोग भारी संख्या में इसकी कारीगरी का नजारा करने आते हैं. इसके
अंदर ही जहाँगीर महल है, जिसे दीवान - ए - खास कहा जाता है. वहीं काँच से निर्मित
शीशमहल की खूबसूरती भी देखते ही बनती है. जो लोग आगरा शहर में निर्मित स्थापत्य की
बेजोड़ कलाओं को देखने आते हैं, वे एक बार फतेहपुर सीकरी का रुख जरूर करते हैं.
आगरा से लगभग 35 किलोमीटर दूर स्थित इस स्थान को मुगल सम्राट अकबर ने अपनी राजधानी
बनाया था, अतः यहाँ कई बड़ी - बड़ी इमारतें बनी हुई हैं. ताजमहल के उत्तरी भाग में
यह लगभग ढाई किलोमीटर क्षेत्र में फैला है. रामबाग मुगलों द्वारा निर्मि‍त सबसे
पुराने बागों में से एक माना जाता है. बाबर ने इस बाग को 1528 ई. में बनवाया था.
खूबसूरत पत्थरों से बनी जामा मस्जिद शाहजहाँ की बेटी जहाँआरा बेगम की याद में सन्
1648 ई. में बनाई गई थी. ताजमहल की तरह ही इसके गुंबद भी बड़ी ही खूबसूरती से तराशे
गए हैं. मेहताब बाग 'ताजमहल' के पास ही बना हुआ है. भारतीय इतिहास की बौद्ध परंपरा
के स्वर्ण युग का अमिट दस्तावेज है साँची. प्रदेश की राजधानी भोपाल से 46 किमी पर
स्थित साँची के स्मारक भारत में स्थित बौद्ध स्मारकों में सर्वाधिक आकर्षक और
अतुलनीय हैं. एक खूबसूरत छोटी पहाड़ी पर स्थित इन स्मारकों में वि‍भिन्न स्तूपों के
अलावा गुप्तकालीन मंदिर और विहार आदि शामिल है. विश्व धरोहर की सूची में शामिल इन
स्मारकों का निर्माण तीसरी सदी ई.पू. से लेकर बारहवीं सदी ई. तक किया गया है. साँची
स्थित इन स्तूपों का निर्माण प्रायः धार्मिक उद्देश्यों को लेकर किया गया था. कहा
जाता है कि इन स्तूपों में बुद्ध और उनके शिष्यों के अवशेष रखे गए हैं. सर्वाधिक
प्रसिद्ध स्तूप क्रमांक एक का निर्माण महान मौर्य शासक अशोक ने करवाया था. यह एक
ऐतिहासिक तथ्य है कि अशोक की पत्नी देवी बेसनगर (वर्तमान विदिशा) के एक व्यापारी की
बेटी थी. विदिशा साँची से 12 किमी दूर है. खास बात यह है कि इन चित्रों में बुद्ध
को प्रतीकों के रूप में दिखाया गया है. स्तूप क्रमांक दो पहाड़ी के शिखर पर स्थित
है और यह पत्थर की सुंदर चारदीवारी से घिरा हुआ है. स्तूप क्रमांक तीन, पहले स्तूप
के पास स्थित है. इस स्तूप के अंदरूनी भाग में बुद्ध के दो शिष्यों सारिपुत्र और
महामोगल्लेना के अवशेष पाए गए हैं. यह स्तम्भ, मुख्य स्तूप के दक्षिणी द्वार के पास
स्थित है । वर्तमान में इसका स्तंभ ही वहाँ है । चार सिंहों वाला इसका प्रमुख शीर्ष
नीचे संग्रहालय में देखा जा सकता है । एक दूसरे की ओर पीठ किए हुए ये चार सिंह भारत
के राष्ट्रीय प्रतीक हैं । यह स्तम्भ वास्तुकला की ग्रीक बौद्ध शैली का उत्कृष्ट
नमूना है । अब लगभग खंडहर हो चुका यह मंदिर 5वीं शताब्दी में बना था । यह मंदिर
भारतीय मंदिरों की प्राचीन शैली की झलक देता है । साँची में प्राचीन बौद्ध विहारों
के भग्नावशेष देखे जा सकते हैं । जहाँ तत्कालीन बौद्ध भिक्षु निवास करते थे । साँची
में एक ही चट्टान को काटकर बनाया गया एक बड़ा कटोरा है । कहा जाता है कि सभी बौद्ध
भिक्षु भिक्षा में मिला अन्न इसमें डाल देते थे, जिसे बाद में सभी को बाँट दिया
जाता था । पहाड़ी के ठीक नीचे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संग्रहालय की
स्थापना की गई है । इस संग्रहालय में साँची के क्षेत्रों में मिली विभिन्न वस्तुएँ
संग्रहित हैं । संग्रहालय के प्रमुख आकर्षण हैं, अशोक स्तम्भ का शीर्ष, बुद्ध की
विभिन्न मूर्तियाँ तथा विहारों में रहने वाले भिक्षुओं के बरतन आदि । साँची से 12
किमी दूरी पर प्राचीन नगरी बेसनगर (विदिशा) स्थित है । यहाँ पाँचवी शताब्दी में
ग्रीक राजदूत हेलियोडोरस द्वारा बनवाया गया स्तंभ दर्शनीय है । इन गुफाओं में
प्राचीन काल में हिंदू एवं जैन साधु - संत रहते थे । ऐतिहासिक महत्व की इन गुफाओं
वाले पर्वत के शिखर पर छठी शताब्दी का गुप्तकालीन मंदिर है । कब जाएँ? यूँ तो वर्ष
भर में किसी भी समय साँची की यात्रा की जा सकती है । लेकिन फिर भी अक्टूबर से मार्च
तक का समय साँची जाने के लिए बेहतर होता है । नवंबर में साँची में चैत्यगिरी विहार
का उत्सव मनाया जाता है । उस समय बुद्ध के शिष्यों के अवशेष भी लोगों के दर्श‍‍न के
लिए रखे जाते हैं । कैसे जाएँ? साँची, झाँसी - इटारसी रेलमार्ग पर स्थित है । यहाँ
एक छोटा सा रेलवे स्टेशन भी है, परंतु नजदीकी बड़ा स्टेशन विदिशा 12 किमी दूर है ।
भोपाल से साँची की दूरी मात्र 46 किमी है । सड़क मार्ग द्वारा एक से डेढ़ घंटे में
आसानी से पहुँचा जा सकता है । भोपाल से टैक्सियाँ और बसें उपलब्ध हैं । भोपाल हवाई
मार्ग से भी देश के सभी बड़े शहरों से जुड़ा हुआ है । कहाँ ठहरें? साँची में ठहरने
के लिए अनेक सुविधाएँ हैं । म.प्र. पर्यटन की ओर से लॉज एवं टूरिस्ट कैफेटेरिया में
रूकने और भोजन की व्यवस्था है । इसके अतिरिक्त अनेक रेस्ट हाउस और लॉज हैं, जहाँ
आराम से रूका जा सकता है । छोटी जगह होने के कारण साँची बहुत महंगी जगह नहीं है ।
यहाँ आराम से ठहर कर घूमने के लिए लगभग 5000 रूपए पर्याप्त हैं । एक ऐतिहासिक स्थल
होने के कारण साँची में पर्यटन का पूरा आनंद लेने के लिए गाइड अवश्य कर लें । नकली
गाइडों और दलालों से सावधान रहें । साँची का धार्मिक महत्व होने के कारण वहाँ
मर्यादित आचरण करें । आकर्षित करते हैं मलेशिया के मंदिर मलेशिया के जितने भी मंदिर
देखे, उन सभी में सुविधाएँ काफी अच्छी नजर आईं । मंदिर परिसर में तीन से चार अलग -
अलग देवताओं के छोटे मंदिर हैं । इसके अलावा बैठने की अच्छी व्यवस्था तथा पूजा करने
के लिए भी काफी बड़े स्थान नजर आए । कैमरून हाईलैंड्स में तो दोपहर के समय मंदिर
में कोई भी नजर नहीं आया, परंतु संपूर्ण मंदिर एकदम खुला था । कुआलालम्पुर में
प्रतिवर्ष भारतीयों द्वारा बड़े पैमाने पर धार्मिक रैली का भी आयोजन किया जाता है,
जिसमें भारतीय मूल के लोग भी भाग लेते हैं । लंकावी के दक्षिण भारतीय मंदिर में
श्रीलंका के पुजारी काम करते हैं । इन पुजारियों का परिवार यहाँ रहता है तथा मंदिर
की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं के पास रहती है । जो भी भक्त इन मंदिरों में दर्शन हेतु
आते हैं, वे इनसे पूजा जरूर करवाते हैं । उत्सवों के दौरान आसपास रहने वाले सभी
भारतीय यहाँ आकर सेवा करते हैं । महाराणा प्रताप का शौर्य, रानी पद्मिनी का सौंदर्य
और कृष्‍ण की दीवानी मीरा की भक्ति तीनों में कौन - सी समानता है? आप सोच रहे होंगे
कि मीरा, पद्मिनी और महाराणा प्रताप में क्‍या समानता हो सकती है? इन तीनों का
संबंध राजस्‍थान के चित्‍तौड़ से है और ये तीनों चित्‍तौड़ के किले में निवास करते
थे । कभी इन तीनों का निवासस्‍थल रहा चित्‍तौडगढ़ का किला आज भी इन सभी की
स्‍मृतियों को संजोए पूरी शान से खड़ा है । इस किले को देखने लाखों की संख्‍या में
देशी और विदेशी पर्यटक हर साल चित्‍तौडगढ़ पहुँचते है । इन पर्यटकों में कुछ सिर्फ
घूमने आते हैं । कुछ इतिहास को कुरेदने आते हैं, तो कुछ को यहाँ आकर सृजनात्‍मक
ऊर्जा मिलती है । चित्‍तौड़ का किला एक पहाड़ी पर स्थित है । पूरी पहाड़ी पर
पत्‍थरों को तराशकर एक खूबसूरत बाउंड्रीवाल बनाई गई है । इसी बाउंड्रीवाल पर वहीदा
रहमान का मशहूर गीत 'आज फिर जीने की तमन्‍ना है' फिल्‍माया गया है । किले के परिसर
में प्रवेश करते ही सबसे पहले नजर आता है, खूबसूरत झरना । इस झरने का संबंध पहाड़
के ऊपर स्थित एक जलकुंड से है । बरसात के मौसम में इस झरने का सौंदर्य अपने चरम पर
होता है । यहाँ एक छोटा - सा रहवासी मोहल्‍ला भी है । यानि कुछ लोगों को अपने घर का
पता 'चित्‍तौड़ का किला' लिखने का सौभाग्‍य प्राप्‍त हो रहा है । हमने इस किले को
देखने की शुरुआत की, विजय स्‍तंभ के साथ । शौर्य, भक्ति और सौंदर्य का प्रतीक इस
स्‍तंभ का निर्माण महाराणा कुंभा ने चौदहवीं शताब्‍दी में करवाया था । मोहम्‍मद
खिलजी की सेनाओं को युद्ध में हराने के बाद, अपनी विजय के स्‍मारक के रूप में
उन्‍होंने इस स्‍तंभ का निर्माण करवाया था । इस नौ मंजिला स्‍तंभ में लगभग 157
सीढियाँ हैं । पूरे स्‍तंभ में हिंदू देवी - देवताओं की मूर्तियों और पौराणिक कथाओं
को उकेरा गया । नौवीं मंजिल पर खूबसूरत झरोखे हैं । इस झरोखे में से पूरा चित्‍तौड़
शहर और अनेक खूबसूरत नजारे दिखाई देते हैं । रात के समय सुनहरी रोशनी में नहाया हुआ
विजय स्‍तंभ और भी खूबसूरत दिखाई देता है । यहाँ आप चाहें तो ऊँट की सवारी का आनंद
ले सकते हैं । राणा कुंभा महल चित्‍तौड के राणा कुंभा का महल इस किले की शानो -
शौकत का गवाह है । स्‍थापत्‍य कला के जानकारों को इस महल में घूमना बहुत लुभाता है
। इस किले के नजदीक ही एक स्‍थान को 'जौहर स्‍थल' की संज्ञा दी गई है । यह स्‍तंभ
प्रथम जैन तीर्थंकर आदिनाथजी को समर्पित है । सात मंजिल व 22 मीटर ऊँचे इस स्‍तंभ
का निर्माण बारहवीं शताब्‍दी में किसी धनवान जैन व्‍यापारी ने करवाया था । पद्मिनी
महल चि‍त्‍तौड़ के किले का सबसे अधिक आकर्षक और खूबसूरत महल है । कमल ताल नामक
तालाब के नजदीक बने इस महल के साथ राजस्‍थान के इतिहास की सबसे रोमांचक कथा जुड़ी
है । अलाउद्दीन खिलजी ने चित्‍तौड़ पर आक्रमण करने के बाद एक शर्त रखी । शर्त के
अनुसार यदि अलाउद्दीन को रानी पद्मिनी की एक झलक दिखा दी जाए, तो वह अपनी सेनाओं के
साथ वापस लौट जाएगा । इस शर्त को पूरी करने के लिए महाराणा रतन सिंह ने पद्मिनी की
छवि कुछ इस तरह अलाउद्दीन को दिखाई कि राजपूताना मर्यादा का हनन भी नहीं हुआ और
अलाउद्दीन की शर्त भी पूरी हो गई । रानी पद्मिनी ने तालाब के सामने अपना घूँघट
खोला, वह छवि तालाब के सामने स्थित दुमंजिला बरामदे में लगाए गए आईने में अलाउद्दीन
ने देखी और वह अपनी सेनाओं समेत वापस लौट गया । चित्‍तौड़ के किले का एक और
अविस्‍मरणीय पड़ाव है, मीरा का मंदिर । वास्‍तव में यह मंदिर भगवान श्रीकृष्‍ण का
है । मीरा यहाँ अपने कृष्‍ण की पूजा करती थी और यहीं पर उन्‍होंने अमृत मानकर विष
का प्‍याला पी लिया था । मंदिर प्रांगण के मध्‍य में एक तुलसी क्‍यारी है, जिसमें
लगी तुलसी की महक बहुत दूर से महसूस की जा सकती है । किले में गौमुख नामक एक ताल है
। इस तालाब के किनारे एक छोटा - सा शिव मंदिर है । यहाँ शिवलिंग का अभिषेक एक गौमुख
से निकल रही जल की छोटी सी धारा से निरंतर होता रहता है । इस धारा से निकलने वाला
जल ही बाहर गहरे तालाब के रूप में इकट्ठा हुआ है । इसलिए तालाब को गौमुख नाम दिया
गया है । जब पूरा राजस्‍थान गर्मी में तपता है और सारे जलस्रोत सूख जाते हैं, तब भी
इस गौमुख से निकलने वाली धारा लगातार शिवजी का अभिषेक करती रहती है । कैसे पहुँचे?
चित्तौड़ देश के सभी हिस्‍सों से सड़क व रेलमार्ग द्वारा जुड़ा है । उदयपुर से केवल
दो घंटे की सड़क यात्रा करके आप चित्तौड़ पहुँच सकते हैं । फिलहाल यहाँ हवाई अड्डा
नहीं है । कब जाएँ? सितंबर से फरवरी माह के बीच चित्तौडगढ़ की सैर करना श्रेयस्‍कर
होगा । इस दौरान यहाँ का मौसम बहुत अच्‍छा होता है । कहाँ ठहरे? चित्तौड़ एक छोटा,
शांत और सस्‍ता शहर है । यहाँ बाहर से आने वाले पर्यटकों के लिए कई तीन सितारा होटल
हैं । सरकारी डाक बंगला भी पर्यटकों को ठहरने के लिए अच्‍छी सुविधाएँ मुहैया करवाता
है । यमुना नदी के मंदिर के अतिरिक्‍त यहाँ का सबसे बड़ा आकर्षण है - सूर्यकुंड ।
यह गर्म पानी का कुंड है जिसका पानी 80 डिग्री सेल्सियस तक गर्म रहता है । यहाँ आने
वाले श्रद्धालु इस कुंड में आलू और चावल उबालकर उसका भोग यमुना देवी को लगाते हैं ।
सूर्यकुंड के समीप एक शिला है, जिसे दिव्यशिला या ज्‍योतिशिला भी कहा जाता है ।
श्रद्धालु यमुना मैया की पूजा करने से पहले इस शिला की पूजा करते हैं । कब जाएँ -
यमनोत्री के पट हर साल हिन्दू कैलेंडर के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन खोले जाते
हैं. अक्षय तृतीया की तिथि प्रतिवर्ष अप्रैल या मई माह के दौरान आती है । यमनोत्री
के पट नवंबर माह तक दर्शनों के लिए खुले रहते है । अप्रैल से सितंबर के मध्‍य यहाँ
यात्रा करना मौसम और जलवायु की दृष्टि से सुविधाजनक होता है । सितंबर के बाद यहाँ
की जलवायु बहुत अधिक ठंडी हो जाती है । कैसे पहुँचें - ऋषिकेश से 220 किमी का सड़क
मार्ग तय करने के बाद फूलचट्टी नामक स्‍थान से यमनोत्री की चढ़ाई प्रारंभ होती है ।
फूलचट्टी तक श्रद्धालु अपनी इच्‍छानुसार बस या निजी वाहन से पहुँच सकते हैं ।
देहरादून स्थित जौलीग्रांट सबसे समीप स्थित हवाई अड्डा है । ऋषिकेश से यहाँ आने के
लिए बस एवं जीप आदि वाहनों की सुविधा उपलब्‍ध होती है । कहाँ ठहरें - यात्रियों के
ठहरने के लिए यमनोत्री और इसके पूरे मार्ग पर यात्री विश्रामगृह, निजी विश्रामगृह
और धर्मशालाएँ उपलब्‍ध हैं । यमनोत्री की यात्रा पर जाने से पूर्व अपने साथ गर्म
कपड़े अवश्‍य रखें । पैरों में डिजाइनर चप्‍पलों या सैंडल की बजाए स्‍पोर्टस शू
पहनें तो चढ़ाई करने में आसानी रहेगी । जब बहुत बड़ी संख्या में विद्युतकण
'इलेक्ट्रॉन' पृथ्वी की ओर बड़े वेग से चुंबकीय क्षेत्र से होकर निकलते हैं तो
वातावरण की ऊपरी सतह पर रगड़ खाने से इसमें व्याप्त गैसें जलने लगती हैं और तरह -
तरह के प्रकाश प्रकट होते हैं । इसे 'अरोरा बोरेलिस' कहते हैं । आल्टा के समीप ही
चट्टानों पर बनाए गए करीब 3000 से 5000 वर्ष पुराने चित्रों का भंडार है । एक
रात्रि फिर समुद्र में चलते हुए अगले दिन हम लोग होनिंग्सवेग पहुँचे । यह गाँव
संसार का सबसे उत्तरी गाँव है । गल्फस्ट्रीम के कारण इस सारे क्षेत्र में मौसम
खुशनुमा रहता है । नॉर्थ केप मीगर द्वीप पर है, जो समुद्र तल से 1000 फीट की ऊँचाई
पर है । यहाँ पर उत्तरी अटलांटिक सागर तथा आर्कटिक सागर मिलते हैं । यहाँ सारे
संसार के बच्चों द्वारा प्रस्तुत एक स्मारक है जो आशा, मित्रता, आनंद व शांति का
प्रतीक है । दिन भर नॉर्थ केप के मनोहारी सौंदर्य का आनंद उठाने के पश्चात शाम को
हमारी वापसी की यात्रा शुरू हुई । अगले दिन हम लोग ट्राम्सो पहुँचे । आर्कटिक सर्कल
एक काल्पनिक रेखा है । उत्तरायण सूर्य के समय 21 जून को यहाँ सूर्य नहीं छिपता है
तथा चौबीसों घंटे दिन रहता है । ट्राम्सो के पास ही ऊँचे पहाड़ों पर जाने के लिए
यहाँ केबल कार चलती है जो 420 मीटर की ऊँचाई तक जाती है । अगले पूरे दिन हम समुद्र
में ही चलते रहे तथा तीसरे दिन सुबह मोल्डे नगर पहुँचे । अगले दिन हम लोग ओल्डेन
पहुँचे । यह गाँव नार्ड फ्यूर्ड के आंतरिक अंतिम मुहाने पर स्थित है, जो समुद्र तट
से लगभग 100 किमी अंदर है । यह छोटा सा सुंदर गाँव है, जहाँ से कई ग्लेशियरों की
यात्रा की जा सकती है । ब्रिक्सडलेन ग्लेशियर लाखों साल पुराना है ।
जोस्टेडल्सब्रीन ग्लेशियर उत्तरी योरप का सबसे बड़ा ग्लेशियर है । रात्रि भर चलने
के पश्चात हम लोग अगले दिन अपने अंतिम पड़ाव बर्गन पहुँचे । यह शहर सात पहाड़ों तथा
अनेक फ्यूर्ड से घिरा है । यहाँ के ब्राइगन घाट पर लकड़ी के अनेक सुंदर मकान हैं,
जो मध्यकालीन युग की याद दिलाते हैं । सेंट मेरी चर्च बारहवीं सदी की सबसे पुरानी
इमारत है । यहाँ गीत गाते हैं, पत्‍थर भी... । यह खजुराहो का सबसे आकर्षक मंदिर है
। इसकी दीवारों पर नृत्‍य करती महिलाओं की सुंदर प्रतिमाएँ बनाई गई हैं । इस मंदिर
का निर्माण ईसवी 930 में यशोवर्मन ने करवाया था । इस मंदिर में भगवान विष्‍णु की
विशाल प्रतिमा है, जिसकी ऊँचाई सौ फुट है । भगवान विष्‍णु के साथ ही यहाँ देवी
लक्ष्‍मी और ब्रह्मदेव की प्रतिमाएँ भी विराजमान हैं । यह मंदिर 1100 वर्ष पुराना
है । खजुराहो की शिवसागर झील के किनारे स्थित इस मंदिर को ग्रेनाइट के पत्‍थरों से
बनवाया गया है । यह मंदिर काली माता का है, किंतु इसमें स्‍थापित काली माता की
मूर्ति अब खंडित हो चुकी है । मंदिर के गर्भगृह में सात घोड़ों पर सवार सूर्यदेव की
प्रतिमा है । इस मंदिर का निर्माण ग्‍यारहवीं शताब्‍दी में महाराजा गंडदेव ने
करवाया था । आज से लगभग 1000 वर्ष पूर्व पंचायतन शैली में महाराजा धंगदेव ने इसका
निर्माण करवाया था । इस मंदिर में तीन सिर वाले ब्रह्माजी की मूर्ति है, जिसका कुछ
भाग खंडित हो चुका है । इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सहस्रमुखी
शिवलिंग है । इसके शिवलिंग पर एक हजार छोटे - छोटे शिवलिंग बनाए गए हैं । यहाँ गीत
गाते हैं पत्‍थर भी । इस मंदिर में भगवान विष्‍णु की प्रतिमा वराह रूप में स्‍थापित
है । ढाई मीटर से भी ऊँचे एक पत्‍थर को तराश कर बनाई गई यह प्रतिमा इस मायने में
विशिष्‍ट है कि इस पर अनगिनत देवी - देवताओं की प्रतिमाएँ बनाई गई हैं । यह खजुराहो
का सबसे विशाल मंदिर है । यह 117 फुट लंबा, 117 फुट ऊँचा और 66 फुट चौड़ा है । इस
मंदिर का निर्माण ईसवी 920 में राजा हर्षवर्मन ने करवाया था । यह मंदिर खजुराहो में
चंदेल राजाओं द्वारा बनवाए गए सबसे पुराने मंदिरों में से एक है । इस मंदिर में
भगवान का 8 फुट ऊँचा शिवलिंग है । यह खजुराहो के प्राचीन मंदिरों में एकमात्र ऐसा
मंदिर है, जहाँ अभी भी पूजा - अर्चना की जाती है । इन मंदिरों के अतिरिक्‍त यहाँ के
जगदंबा मंदिर, चतुर्भुज मंदिर, ब्रह्मा मंदिर, और वामन मंदिर भी दर्शनीय हैं ।
खजुराहो के संबंध में अनेक जनश्रुतियाँ प्रचलित हैं । कहते हैं, कि उस समय बच्‍चे
गुरुकुल में पढ़ते थे । उन्‍हें सांसारिक बातों का ज्ञान कराने के लिए इन मंदिरों
का निर्माण करवाया गया था । यह भी कहा जाता है कि चंदेल राजा तंत्र - मंत्र में
विश्‍वास रखते थे । उनकी मान्‍यता थी, कि सांसारिक बातों में रमने के बाद ही
मनुष्‍य की अनंत के प्रति यात्रा शुरू होती है । मनुष्य की गरिमा के सम्मान, जिसका
हमारे संविधान में उल्लेख है, के दर्शन यहाँ होते हैं जब पैदल चलने वालों को सड़क
पार करने के लिए प्राथमिकता दी जाती है व महँगी कार में बैठा कोई बड़ा उद्योगपति
अपनी कार रोके रखता है । कम जगह व अधिक यातायात दबाव में संतुलन के लिए सड़कों के
समानांतर दूसरी मंजिल पर रेल पटरी है तो कुछ स्थानों पर तीन मंजिला लोकल ट्रेन की
पटरियाँ व प्लेटफार्म भी हैं । सिंगापुर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में यहाँ के तीन
संग्रहालय, जूरोंग बर्ड पार्क, रेप्टाइल पार्क, जूलॉजिकल गार्डन, साइंस सेंटर,
सेंटोसा द्वीप, पार्लियामेंट हाउस, हिन्दू, चीनी व बौद्ध मंदिर तथा चीनी व जापानी
बाग देखने लायक हैं । सिंगापुर म्यूजियम में सिंगापुर की आजादी की कहानी आकर्षक
थ्री - डी वीडियो शो द्वारा बताई जाती है । इस आजादी की लड़ाई में भारतीयों का भी
महत्वपूर्ण योगदान था । कल्चर म्यूजियम में विभिन्न जातियों के त्यौहारों को
दर्शाया गया है, जिनमें दशहरा, दीपावली व इनका महत्व बताया गया है । 600 प्रजातियों
व 8000 से ज्यादा पक्षियों के संग्रह के साथ जुरोंग बर्ड पार्क एशिया - प्रशांत
क्षेत्र का सबसे बड़ा पक्षी पार्क है । दक्षिणी ध्रुव का कृत्रिम वातावरण बनाकर
यहाँ पेंग्विन पक्षी रखे गए हैं । 30 मीटर ऊँचा मानव निर्मित जलप्रपात व ऑल स्टार
बर्ड शो जिसमें पक्षी टेलीफोन पर बात करते हैं, अन्य प्रमुख आकर्षण हैं । रेप्टाइल
पार्क में 10 फुट लंबे जिंदा मगरमच्छ के मुँह में प्रशिक्षक द्वारा अपना मुँह डालना
व कोबरा साँप का चुंबन लेना रोमांचकारी है । असम की राजधानी गुवाहटी का सबसे
प्रसिद्ध मंदिर कामाख्या नीलांचल पर्वत पर स्थित है । यह जगह शहर से 8 किलोमीटर की
दूरी पर है । यह मंदिर शक्ति की देवी सती को समर्पित है, जो स्त्री की ऊर्जा का
प्रतीक है । दुर्गा के 1008 शक्तिपीठों में से एक होने की वजह से यहाँ देवी भक्तों
का पूरे साल ताँता लगा रहता है । पुराणों के अनुसार जब राजा दक्ष ने यज्ञ का आयोजन
किया, तो उन्होंने सारे देवताओं को निमंत्रण भेजे । बस अपने जामाता शिव और बेटी सती
को उन्होंने इसकी कोई सूचना नहीं दी । सती बिना बुलाए अपने पिता के घर चली आईं और
जब उन्होंने देखा कि उनके पति का अपमान हो रहा है, तो उसी यज्ञ कुंड में कूद गईं ।
नाराज शिव उनके शव को ले कर यहाँ - वहाँ घूमते रहे । उनके शरीर के अंग जहाँ - जहाँ
गिरे वहाँ पर शक्तिपीठ की स्थापना हुई । कामाख्या में देवी सती का योनि भाग गिरा जो
प्रजनन अंग है और इसलिए इस मंदिर की बहुत अधिक महत्ता है । गुफा की दीवार में ही
भित्ति चित्र की शैली में गोल चित्र अंकित है । गुफा में प्राकृतिक रूप से नमी रहती
है और योनि भाग से बूँद - बूँद पानी गिरता रहता है । मंदिर को हर महीने 3 दिन बंद
रखा जाता है । चौथे दिन बहुत धूमधाम से मंदिर को खोला जाता है । इस दौरान उत्सव का
माहौल होता है । इस उत्सव को 'अंबूवकी अमीती' कहा जाता है । असम के किसान इन 3
दिनों में बुवाई का काम रोक देते हैं । माना जाता है कि इस दौरान बुवाई करने से फसल
अच्छी नहीं होती । कैसे पहुँचें? गुवाहटी भारत के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा है ।
यहाँ तक पहुँचने के लिए ट्रेन, बस व हवाई सेवाएँ उपलब्ध हैं । गुवाहटी को उत्तर -
पूर्व का द्वार कहा जाता है । गुवाहटी तक राजधानी एक्सप्रेस, नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस,
ब्रह्मपुत्र मेल, अवध असम एक्सप्रेस, कामरूप एक्सप्रेस, कंचनजंघा एक्सप्रेस,
सरायघाट एक्सप्रेस, दादर एक्सप्रेस, कोचीन एक्सप्रेस, त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस और
बंगलोर एक्सप्रेस द्वारा पहुँचा जा सकता है । दिल्ली और कोलकाता से गुवाहटी हवाई
मार्ग से सीधा जुड़ा हुआ है । इंडियन एअरलाइंस, जेट एअरवेज और एअर डेक्कन की नियमित
उड़ानें यहाँ के लिए उपलब्ध हैं । कैसे घूमें? स्थानीय आवागमन के साधनों में बस,
ऑटो रिक्शा, कार और जीप आसानी से मिल जाते हैं । कहाँ ठहरें? गुवाहटी में हर रेंज
के होटल उपलब्ध हैं । स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास रियायती दरों पर लॉज और होटल
आसानी से मिल जाते हैं । कामाख्या के मुख्य दर्शन के बाद बहुत सी जगहें हैं, जो
देखी जा सकती हैं । 'वशिष्ठ आश्रम' गुवाहटी से मात्र 12 किलोमीटर दूरी पर स्थित है
। प्राचीन काल में यहाँ वशिष्ठ ऋषि का आश्रम था । यहाँ की हरियाली और सुरम्य
वातावरण यात्रियों को पर्यटन का अलग अनुभव देते हैं । ब्रह्मपुत्र नदी के बीच में
टापू पर बना यह बहुत ही खूबसूरत मंदिर है । यह भगवान शिव का मंदिर है, जहाँ हर वक्त
भक्तों का मेला लगा रहता है । कचारी घाट से मंदिर जाने के लिए नाव और मोटर बोट चलती
हैं । माना जाता है कि प्राचीन काल में यह खगोल शास्त्र अध्ययन का सबसे बड़ा केंद्र
था । इस मंदिर में 9 ग्रहों की मूर्तियां हैं और यह गुवाहटी से 3 किलोमीटर की दूरी
पर है । यह गुवाहटी से पश्चिम में 25 किलोमीटर की दूरी पर है । इसकी स्थापना एक
ईराकी उपदेशक ने की थी, जो 12वीं शताब्दी में असम में ज्ञान फैलाने के उद्देश्य से
आया था । यहाँ पर हिंदू, मुसलमान और बौद्ध सभी धर्म के अनुयायी समान रूप से आते हैं
। यहाँ पर महादेव मंदिर भी है, जहाँ तक पहुँचने के लिए लंबी पत्थर की सीढ़ियाँ होती
हैं । यहाँ एक बड़ा तालाब भी है, जिसमें बड़े कछुए पाए जाते हैं । नवरात्रि यहाँ का
विशेष पर्व है । हर साल यहाँ लाखों की संख्या में भक्त आते हैं और माँ के दर्शन कर
अपनी मनोकामना के लिए आशीर्वाद लेते हैं । हिन्दू मान्यताओं के अनुसार देवी को
शक्ति रूप माना जाता है । शक्ति के उपासकों के लिए यह स्थान और महत्वपूर्ण इसलिए
माना जाता है, क्योंकि यहाँ योनि भाग के प्रतीक की पूजा होती है और यह भाग जनन
क्षमता को लक्षित करता है । भारत में कम मंदिरों में आज के जमाने में बलि दी जाती
है । बलि पूजा स्वीकार होने की वजह से इसे तांत्रिकों का मंदिर भी कहा जाता है ।
बात गलत हो तो गुस्सा सेलेब्रिटिज को भी आना लाजमी है । बृहस्पतिवार को पणज़ी में
शुरू हुए ३६वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के रंग में भंग उस समय पड़ा जब वहां
पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने बॉलीवुड की अभिनेत्री बिपाशा बसु के साथ दुव्यर्वहार
किया । गौरतलब है कि बिपाशा को ही यहां कार्यक्रम में दीप प्रज्जवलित करना था और
उसके बाद पूरे प्रोग्राम में शिरकत करनी थी । लेकिन अभिनेत्री के इस कदम से वहां
रंग में भंग पड़ गया । हालांकि वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच की बात कही
है लेकिन बंगाली बाला के साथ बदतमीजी के चलते अभी गार्ड्स के खिलाफ कोई कार्रवाई
नहीं की गई । फिल्म महोत्सव में प्रकाश झा की नई फिल्म अपहरण का भी प्रीमियर होना
है । गंगाजल के बाद झा की यह किसी अलग विषय पर बनी दूसरी फिल्म है । इस फिल्म में
बिपाशा बसु ने भी बतौर अभिनेत्री काम किया है । इस फिल्म में उनके हीरो अजय देवगन
बने है । चूंकि अपहरण का प्रीमियर यहां पर होना था इसीलिए बिपाशा की उपस्थिति इस
समारोह में काफी अहम थी । इसके पूर्व पणज़ी में रंगारंग कार्निवाल के ३६वें
अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह का शुभारंभ बड़े ही धूमधाम से हुआ । महोत्सव की
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन के द्वारा कड़े इंतजाम किए गये हैं और वह किसी भी
तरह की कोताही नहीं बरतना चाहता । उधर एक अन्य समाचार के अनुसार कार्यक्रम में
बदलाव करते हुए देवानंद ने अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में अपनी नई फिल्म मिस्टर
प्राइम मिनिस्टर का प्रदर्शन नहीं करने का फैसला किया है । दरअसल वह इस फिल्म को
सबसे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को दिखाना चाहते हैं । देवानंद ने बृहस्पतिवार
को एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान बताया कि वह कई कारणों से अपनी नई फिल्म को इस
समारोह में शामिल नहीं करना चाहते । वह पहले अपने प्रधानमंत्री को यह फिल्म दिखाना
चाहते हैं । देवानंद ने बताया कि उनकी यह फिल्म ३० नवंबर को रिलीज होगी । सरकार की
भूमिका अपनाते हुए झारखंड में माओवादी छापामारों का कहना है कि वे जल्द ही राज्य
में पंचायत चुनाव कराएंगे । गौरतलब है कि झारखंड में पिछले २८ वर्षो से पंचायत
चुनाव नहीं हुए हैं । माओवादियों ने यह निर्णय पिछले सप्ताह धनबाद में हुई अपनी
सेंट्रल कमेटी की बैठक में लिया । माओवादियों से संबंध रखने वाले एक सूत्र ने बताया
है कि माओवादी यह मानते हैं कि पंचायत चुनाव से ग्रामीण झारखंड में लोगों के बीच
विभिन्न विवाद एवं मतभेद दूर होंगे । सूत्रों के अनुसार माओवादियों ने राज्य में
विभिन्न चरणों में पंचायत चुनाव कराने का निर्णय लिया है, लेकिन यह केंद्रीय चुनाव
आयोग द्वारा कराए जाने वाले किसी चुनाव के समान नहीं होगा । माओवादियों ने कहा है
कि इस संबंध में विस्तृत जानकारी बाद में दी जाएगी । माओवादी - विरोधी अभियान में
लगे झारखंड के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने माओवादियों के इस निर्णय पर प्रतिक्रिया
व्यक्त करते हुए कहा कि यह राज्य के गरीबों को माओवादियों द्वारा लुभाने का प्रयास
है । गौरतलब है कि झारखंड नवंबर, २००० में बिहार से अलग हो गया था । इस क्षेत्र में
पिछले २८ वर्षो से पंचायतों का गठन ही नहीं हुआ है । बिहार ने जहां २००१ में पंचायत
चुनाव संपन्न कराए थे, लेकिन झारखंड में इस संबंध में कोई भी कदम नहीं उठाया गया था
। अर्जुन मुंडा सरकार ने घोषणा की है कि वह इस वर्ष के अंत तक पंचायत चुनाव करा
सकती है । झारखंड हाई कोर्ट ने भी राज्य में लंबे समय तक पंचायत चुनाव न कराए जाने
के कारण अपनी नाराजगी व्यक्त की है । गौरतलब है कि राज्य में पंचायतों का गठन न
होने के कारण केंद्र सरकार द्वारा पंचायतों को दिए जाने वाले प्रतिवर्ष ५ अरब के
केंद्रीय अनुदान से भी झारखंड को हाथ धोना पड़ता है । नोएडा से अपने मॉडलिंग का सफर
शुरू करने वाली सोनल चौहान ने शनिवार को ३३ देशों की बालाओं को पछाड़ते हुए मिस
टूरिज्म इंटरकान्टिनेंटल का खिताब हासिल किया । यह खिताब पाने वाली सोनल देश की
पहली लड़की है । यह प्रतियोगिता मलेशिया में हुई । मलेशिया से फोन पर सोनल ने अमर
उजाला से खास बातचीत में कहा कि नोएडावासियों के प्यार के कारण ही मैं यहां तक
पहुंची हूं । मलेशिया के कुचिंग शहर में नौ से २३ जुलाई तक यह प्रतियोगिता आयोजित
की गई । प्रतियोगिता के बाद सोनल ने बताया कि विजेता के रूप में जब उसका नाम पुकारा
गया तो उसे कुछ देर तक खुद पर विश्वास नहीं हुआ, क्योंकि वह मानकर चल रही थी कि यह
प्रतियोगिता फिक्स है । प्रतियोगिता में ३४ देशों की बालाओं ने भाग लिया था । सोनल
ने बताया कि पुरस्कार के तौर पर उसे दस हजार मलेशियन बाट (करीब दो लाख रुपये) मिले
हैं । वह दो - तीन दिन में नोएडा पहुंच रही है । उन्होंने कहा कि वह अपने ड्रेस
डिजाइनर दिल्ली के हेमेंद्र लालवानी व नंदिता राय तथा मुंबई के लॅसेल को विशेष
धन्यवाद देना चाहती हैं । सोनल के पिता रघुराज सिंह चौहान पुलिस इंसपेक्टर हैं और
सेक्टर - १४ में परिवार के साथ रहते हैं । उन्होंने कहा कि शुरू में तो वह इसके
पक्ष में नहीं थे कि बेटी इन प्रतियोगिताओं में भाग ले । लेकिन, उसकी दृढ़ इच्छा के
आगे उन्हें झुकना पड़ा । वह शुरू से ही अन्य बच्चों से अलग थी । कई विज्ञापनों में
मॉडलिंग कर चुकी सोनल ने बीती रात जब खुद फोन कर घर वालों को बताया कि उसे विजेता
चुना गया है तो पूरे घर में खुशी की लहर दौड़ गई और पटाखे छोड़े गए । वैदिक
मंत्रोच्चार के बीच आज पूर्व प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव की यहां हुसैन सागर
झील के किनारे पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंत्येष्टि की गई । प्रधानमंत्री जैसे देश
के अहम पद तक पहुंचने वाले इस माटी पुत्र को हजारों लोगों ने नम आंखों से अंतिम
विदाई दी । बुद्ध पूर्णिमा पार्क में राव की पार्थिव देह को उनके ज्येष्ठ पुत्र पी.
वी. रंगाराव ने मुखाग्नि दी । इस मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अपनी पत्नी
के साथ उपस्थित थे । उनके अलावा अनेक केंद्रीय मंत्री और पक्ष विपक्ष के वरिष्ठ
नेता भी मौजूद थे । नरसिंह राव का बृहस्पतिवार को दिल्ली स्थित एम्स में निधन हो
गया था । अंतिम संस्कार के लिए उनका शव हैदराबाद लाया गया था । शनिवार को हैदराबाद
के जुबली हाल से तिरंगे में लिपटे राव की अंतिम यात्रा निकाली गई । इससे पहले राव
के परिजनों ने पितृ यज्ञ किया । इसमें उनके तीनों पुत्र और पांचों पुत्रियों ने
हिस्सा लिया । गोरखा रेजिमेंट ने २१ गोले दागकर पूर्व प्रधानमंत्री राव को अंतिम
सलामी दी । उस समय माहौल गमगीन हो गया और पूरा वातावरण नरसिंह राव अमर रहे, जैसे
नारों से गूंज उठा । तेलुगु बिड्डा (पुत्र) राव प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचने वाले
पहले दक्षिण भारतीय थे । उन्हें विदा देने के लिए उनके करीमनगर जिले में स्थित
वंगारा गांव से भी सैकड़ों ग्रामीण आए थे । इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी.
देवगौड़ा, पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी, रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी,
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रतिनिधि मोतीलाल
वोरा और अशोक गहलोत, आंध्र प्रदेश के राज्यपाल सुशील कुमार शिंदे, मुख्यमंत्री
राजशेखर रेड्डी और तेलुगु देशम पार्टी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू भी उपस्थित थे ।
इसके अलावा अनेक केंद्रीय मंत्री और कई राज्यों के मुख्यमंत्री तथा राज्यपाल भी राव
के अंतिम संस्कार में मौजूद थे । आंध्र प्रदेश सरकार ने शुक्रवार को हुसैन सागर झील
के किनारे राव की अंत्येष्टि के लिए २.९ एकड़ जमीन को मंजूरी थी । बाद में यहां
नरसिंह राव का स्मारक बनाया जाएगा । नरसिंह राव के अंतिम संस्कार में हिस्सा लेने
के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शनिवार सुबह अपनी पत्नी गुरशरण कौर के साथ विशेष
विमान से हैदराबाद पहुंचे । वह विमानतल से सीधे बुद्ध पार्क स्थित अंत्येष्टि स्थल
पहुंचे । गौरतलब है कि राव के कारण ही मनमोहन सिंह राजनीति में आए । वह १९९१ से ९६
के दौरान राव सरकार में वित्त मंत्री थे । समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर
प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने शुक्रवार को एक बार फिर तीसरा मोर्चा
बनाने की अपील की । कांग्रेस और भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि इन
दोनों पार्टियों ने लोगों का विश्वास खो दिया है । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि
उत्तर प्रदेश सरकार प्रस्तावित ३७४० मेगावाट की गैस आधारित बिजली परियोजना पर
रिलायंस के वाइस चेयरमैन अनिल अंबानी से बात करेगी, जिससे कि राज्य में अगले डेढ़
साल में बिजली की समस्या खत्म हो जाए और वह दूसरों को बिजली देने की स्थिति में
पहुंच जाए । यादव ने शुक्रवार को यहां पार्टी सम्मेलन में कहा कि तीसरा मोर्चा
कांग्रेस और भाजपा से समान दूरी बनाए रखेगा । उन्होंने कहा कि सपा भाजपा के खिलाफ
लड़ाई लड़ रही है और इसी का नतीजा है कि उत्तर प्रदेश में भगवा पार्टी के कई दिग्गज
नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है । इसी के चलते राज्य में भाजपा के सांसदों की
संख्या ६० से घटकर १० रह गई । इसके बावजूद कांग्रेस सपा पर भाजपा से सांठगांठ के
आरोप लगाती है । यादव ने कहा कि जब हम भाजपा को बेदखल करने के लिए मुहिम छेडे हुए
थे तब कांग्रेस सपा को कमजोर करने की कोशिश कर रही थी । रिलायंस की बिजली परियोजना
के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने यूपी विकास परिषद के अध्यक्ष अमर सिंह
से कहा है कि वह अनिल अंबानी से बातचीत करें । उन्होंने कहा कि परियोजना में आने
वाली बाधाओं को दूर करने में राज्य सरकार हर तरह की मदद उपलब्ध कराएगी । मुलायम ने
कहा कि कर्नाटक में सपा बड़ी ताकत के रूप में उभरेगी । इसके साथ ही उन्होंने ऐलान
किया कि हाल ही में भाजपा छोड़कर सपा में आए पूर्व मुख्यमंत्री एस. बंगरप्पा अगले
विधानसभा चुनाव में पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री पद के दावेदार होंगे । सम्मेलन की
अध्यक्षता कर रहे बंगरप्पा ने कहा कि वह यह सोचकर भाजपा में शामिल हुए थे कि वह
उसमें बदलाव लाएंगे, लेकिन वहां जाने के बाद महसूस हुआ कि उन्हें बदला नहीं जा सकता
। सम्मेलन को सपा महासचिव अमर सिंह तथा सांसद जया बच्चन और जयाप्रदा ने भी संबोधित
किया । देश की धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक समस्याओं के लिए आरएसएस के सरसंघचालक
केसी सुदर्शन ने रविवार को स्थानीय मिनी स्टेडियम में आयोजित स्वयंसेवक सम्मेलन में
गांधी, नेहरू और जिन्ना को कटघरे में खड़ा किया । उन्होंने कहा कि कांग्रेस का १९२०
के खिलाफत आंदोलन को समर्थन एक भूल थी । इससे मुसलमान राष्ट्रीय समाज पर हावी हो गए
। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की हत्या में शेख अब्दुल्ला की
हुकूमत का हाथ था । जेल में गलत दवाइयां देकर उनकी हत्या कराई गई । संघ प्रमुख ने
एक बार फिर दोहराया कि संघ के संगठन अनेक हैं किंतु विचारधारा एक ही है । सुदर्शन
ने कहा कि प्रथम विश्व युद्ध में अंग्रेजों द्वारा तुर्की के खलीफा को गद्दी से
हटाना भारत के मुसलमानों को रास नहीं आया । महात्मा गांधी ने इसके खिलाफ देश में
मुसलिम समाज द्वारा शुरू किए गए आंदोलन को समर्थन देने का फैसला किया । डॉ.
हेडगेवार और पंडित मदन मोहन मालवीय ने विरोध करते हुए इसके नकारात्मक परिणामों से
अवगत कराया । गांधी ने कहा था कि ऐसी कोई आशंका नहीं है । दो साल तक गांधी ने
मौलाना मोहम्मद अली और मौलाना शौकत अली के साथ समूचे देश का दौरा करके आंदोलन को
जारी रखा । पर देश में अंग्रेजों ने इस आंदोलन को कुचल दिया । इसका गुस्सा मालाबार
के हिंदुओं पर निकला । खलीफा को गद्दी से उतारने पर खिलाफत आंदोलन की विफलता का
गुस्सा मुसलमानों ने १९२३ के मालाबार दंगों में १५०० हिंदुओं के कत्ल और बीस हजार
लोगों का धर्मपरिवर्तन कर निकाला । डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जम्मू कश्मीर में
प्रवेश और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के ताशकंद दौरे से पूर्व ही संघ
के दूसरे सरसंघचालक माधवराव सदाशिवाराव गोलवलकर ने इन नेताओं की हत्या की आशंका को
लेकर आगाह कर दिया था । उन्होंने कहा कि बीस साल बाद फिर जिन्ना ने मुसलिम लीग के
कार्यकर्ताओं को पाकिस्तान बनाने की मांग पर भड़काया । १९४० -JOIN ४७ के कालखंड में
जिन्ना ने दंगे कराए । इन हालात में राष्ट्रीय समाज अथवा हिंदुओं को बचाने और बसाने
का काम राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने किया । उस समय देश के नेता
आजादी का जश्न मना रहे थे, पर संघ के कार्यकर्ता हिंदुओं की रक्षा में जुटे थे । कई
स्वयंसेवकों का बलिदान इसका गवाह है । सुदर्शन ने कहा कि संघ बेशक देश को हिंदू
राष्ट्र बनाने के लिए संघर्ष कर रहा है पर स्वतंत्रता आंदोलन में स्वयंसेवकों ने
व्यक्तिगत तौर पर शामिल होकर संघर्ष किया था । गुरू जी ने ही स्वयंसेवकों को
स्वतंत्रता आंदोलन में व्यक्तिगत तौर पर शामिल होने की आज्ञा दी थी । इसमें संघ की
चार पीढ़ियों का योगदान रहा है । उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सुझाव पर
दीन दयाल उपाध्याय, कुशा भाऊ ठाकरे, सुंदर सिंह भंडारी, अटल बिहारी वाजपेयी और लाल
कृष्ण आडवाणी जैसे लोग राजनीतिक क्षेत्र में दिए । जनता पार्टी के नेताओं द्वारा
१९७७ में आरएसएस से रिश्ते तोड़ने की शर्त पर इन नेताओं ने भाजपा का गठन किया ।
सुदर्शन ने कहा कि हर संगठन स्वतंत्र है, पर विचारधारा से कोई समझौता नहीं किया जा
सकता । सुदर्शन ने कहा कि गुरु गोलवलकर की सौवीं जयंती पर संघ शताब्दी वर्ष मनाएगा
। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि विदेशियों के सांस्कृतिक आक्रमण के प्रति सचेत
रहें और संघ के कार्य को आगे बढ़ाएं । राष्ट्रीय जनता दल राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद
यादव के साले सुभाष यादव ने उन पर गलत टिकट वितरण का आरोप लगाते हुए विद्रोह कर
दिया है । सुभाष पार्टी के राज्यसभा सांसद हैं । उन्होंने कहा कि पार्टी के
वास्तविक कार्यकर्ताओं की कीमत पर घोटालेबाजों और गलत तत्वों को राजद का टिकट दिया
जा रहा है । बिहार की सत्ता से पैदल हो चुके लालू अपने जीवन का सबसे मुश्किल राज्य
विधानसभा चुनाव का सामना करने जा रहे हैं । उन्होंने कहा कि चारा घोटाले के
अभियुक्त आर. के. राणा के पुत्र को टिकट देने का संकेत दिया गया है जबकि वास्तविक
पार्टी कार्यकर्ताओं ने, जिन्होंने राजद को खड़ा किया है, उन्हें पार्टी टिकट देने
से मना किया जा रहा है । सुभाष का आरोप है कि राजद अध्यक्ष राणा को इसलिए टिकट देना
चाहते हैं, जिससे चारे घोटाले में वे सरकारी गवाह न बन सके । क्योंकि लालू उस मामले
में खुद भी आरोप का सामना कर रहे हैं । लालू की पत्नी पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी
देवी के सबसे छोटे भाई सुभाष ने राजद के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जगदानंद सिंह
पर आरोप लगाया कि वह पार्टी हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं । राजद के राष्ट्रीय
प्रवक्ता शिवानंद तिवारी का नाम लिए बिना सुभाष ने लालू की इस बात के लिए आलोचना की
कि चुनाव चिन्ह उनके आवास पर भेजा गया । इसी तरह पटना के राजद सांसद रामकृपाल यादव
पर आरोप लगाया कि वे भी पार्टी के दानापुर, बिक्रम और पालीगंज के अधिकृत
प्रत्याशियों के खिलाफ काम कर रहे हैं । लालू के सबसे छोटे साले ने कहा कि जिन
लोगों का पार्टी की मजबूती में बहुत कम योगदान है, उन्हें तो टिकट से नवाजा जा रहा
है लेकिन असली पार्टी कार्यकर्ता भीड़ का हिस्सा बनकर १, अणे मार्ग पर इंतजार करते
रहते हैं । उन्होंने इस बात का दृढ़ता से खंडन किया कि अपनी पत्नी रेणु देवी का
टिकट कटने से उन्होंने विद्रोह किया है । सुभाष ने कहा कि वे दौड़ में शामिल नहीं
हैं । आगरा में जिस तरह से एक विचाराधीन कैदी ने आत्महत्या की है और दूसरा हार्ट
अटैक से मर गया, उसने एक बार फिर भारतीय जेलों की दुर्दशा को उघाड़ कर रख दिया है ।
देश में १२०० से ज्यादा जेलें हैं । और शायद ही कोई जेल हो जहां हर साल दसियों कैदी
न मरते हों । कभी वे जेलकर्मियों की पिटाई से मरते हैं तो कभी जेल की यातनाओं और
अपमान के कारण शर्मसार होकर आत्महत्या करते हैं । और उन कैदियों की तो बात ही मत
कीजिए जो जेलों की बदहाली से होनेवाली बीमारियों और इलाज न मिलने के कारण दम तोड़
बैठते हैं । दरअसल जेल आज अपराध के अड्डे बनते जा रहे हैं । इसमें राजनेता, पुलिस
और अपराधियों की सांठगांठ होती है । जेल सुधार के लिए अनेक बार समितियों का गठन हुआ
है लेकिन उनकी सिफारिशों पर कभी अमल नहीं हुआ । राजधानी दिल्ली की मशहूर तिहाड़ जेल
भी इस तरह के हादसों से बची नहीं है । तिहाड़ में ५ साल में ११६ मौतें हो चुकी हैं
। अभी गत अप्रैल में ही वहां ३२ साल के चंद्रभान नाम के कैदी की रहस्यमय
परिस्थितियों में मौत हो गई थी । इससे पहले २० मार्च को राजेश कुमार नाम के एक और
कैदी ने जेल परिसर के शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी । गाजियाबाद की
डासना जेल में अब तक ४८ कैदियों की मौत हो चुकी है । वहां कमरुद्दीन नाम के एक कैदी
की रहस्यमय मौत के बाद एक अन्य कैदी को प्रताड़ित करने के लिए जेल अधिकारी ने उसके
पाले १०० कबूतरों को ही मौत के घाट उतार दिया था । गत मई महीने में वाराणसी में एक
गैंगवार में संतोष गुप्ता ने अन्नू त्रिपाठी नाम के कैदी को मार डाला था । पश्चिम
बंगाल के जलपाईगुड़ी के अलीपुरद्वार जेल में मार्च महीने पहले प्राजित दास नाम के
एक युवा कैदी की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी । वह पृथक कामतापुर की मांग
करने वाले राजनीतिक दल का कार्यकर्ता था । यहाँ कुछ ऐसे उदाहरण हैं जो जेलों की
दुर्दशा और वहां व्याप्त अराजकता को बयान करते हैं । क्यों है हमारे यहां जेलों की
यह दुर्दशा? इसका सबसे बड़ा कारण है हमारी ढीली न्याय प्रणाली और लापरवाह सरकारी
मशीनरी । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के आंकड़ों के मुताबिक देश के जेलों में सन
२००४ में कुल ३३६१५२ कैदी थे । जबकि समस्त जेलों में सिर्फ २३७६१७ कैदियों को ही
रखा जा सकता है । इनमें से भी सिर्फ २० - २५ प्रतिशत कैदी ही सजायाफ्ता थे । ये
कैदी अपने खिलाफ मुकदमा चलने का इंतजार करते रहते हैं । विचाराधीन कैदियों की एक
अजीब दास्तान पिछले साल मानवाधिकार आयोग की ही एक और रिपोर्ट में सामने आई थी ।
इनमें से एक मचांग लालुंग की उम्र अब ७७ साल है । जो पिछले ५५ वर्षो से जेल की
चक्की पीस रहा था । ये पांचों कैदी अब मनोरोगी हैं और वहां के मेंटल हॉस्पिटल में
हैं । लालुंग ९ अगस्त, १९६७ को अंतिम बार कोर्ट में हाजिर हुआ था । वह अब कुछ भी
नहीं बोलता । जेलों की जो हालत है, उसमें किसी कैदी का पागल हो जाना मामूली बात है
। वर्षो तक मुकदमें का इंतजार जेलों में सड़ते इन विचाराधीन कैदियों को अवसाद में
जाने को विवश कर देती है । अपराध कबूलने के लिए उन्हें तरह - तरह की यातनाएं दी
जाती हैं । आम कैदी को वहां कदम - कदम पर भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ता है । अपने
परिजनों से मिलने के लिए भी जेलकर्मियों को घूस देनी पड़ती है । कुछ कैदी बताते हैं
कि शारीरिक यातना तो फिर भी सहन की जा सकती है लेकिन जिस तरह की गाली - गलौज और
बदतमीजी से जेल के लोग पेश आते हैं, वह असह्य होता है । लेकिन दूसरी तरफ बाहुबली
किस्म के कैदी जेल को अपनी ऐय्याशी के अड्डे के रूप में इस्तेमाल करते हैं । कई
बड़े अपराध सरगना तो यहीं से अपने गैंग का संचालन भी करते हैं और यह सब होता है
जेलकर्मियों की मिलीभगत से । भारत में मोस्ट वांटेड अपराधी और कथित तौर पर
पाकिस्तान में रह रहे अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर
शिकंजा कसा जा रहा है । इंटरपोल ने उसके खिलाफ एक एक विशेष अंतर्राष्ट्रीय नोटिस
जारी करने का फैसला किया है । यह नोटिस उन अपराधियों के खिलाफ जारी किया जाता है,
जो अल - कायदा और तालिबान से संबंधों की वजह से संयुक्त राष्ट्र द्वारा वांछित हैं
। इस नोटिस के जारी होने पर दाऊद के १८४ देशों में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लग
जाएगा । ये सभी देश अब उसकी संपत्ति जब्त कर सकेंगे । उसे अमरीका भी अपनी आतंकवादी
सूची में डाल चुका है । आधिकारिक सूत्रों ने यहां बताया कि इंटरपोल की महासभा ने
पिछले सप्ताह बर्लिन में एक प्रस्ताव पारित कर अल कायदा और तालिबान से जुड़े लोगों
के खिलाफ एक विशेष अंतर्राष्ट्रीय नोटिस जारी करने का फैसला लिया । इस बैठक में
भारत ने भी शिरकत की । यह नोटिस सभी १८४ सदस्य देशों को भेजा जाएगा । इन देशों में
पाकिस्तान भी शामिल है । इसके चलते पाकिस्तान पर राजनीतिक दबाव बढ़ेगा कि वह अपने
देश में फर्जी नाम से छिपे दाऊद को बाहर निकाले । इसके अलावा, दाऊद के फर्जी
पासपोर्ट और नकली दस्तावेजों के आधार पर एक देश से दूसरे देश जाने पर भी अंकुश
लगेगा । संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव १२६७ के तहत जारी आतंकियों की सूची में दाऊद
का नाम शामिल किया गया है । १९९३ के मुंबई बम विस्फोटों के जिम्मेदार दाऊद को
संयुक्त राष्ट्र की इस सूची में भारतीय नागरिक बताया गया है । जिसमें उसका जन्म
स्थान महाराष्ट्र का रत्नागिरी दर्ज है व उसके पास भारतीय पासपोर्ट ए -
३३३६०२३३३६०२ है । भारत का मानना है कि दाऊद पाकिस्तान के कराची शहर में रह रहा है
और वहीं से अपनी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है । दाऊद को अमेरिका ने २००३
में विशेष दर्जे वाला वैश्विक आतंकवादी करार दिया है । इसके बाद ही अमेरिका ने उसकी
संपत्ति जब्त कराने के लिए संयुक्त राष्ट्र में दस्तक दी है । इंटरपोल की ओर दाऊद
के खिलाफ यह नया नोटिस जारी करने के बाद पाकिस्तान की मुसीबत बढ़ सकती है ।
उन्होंने कहा कि राजग ने बिहार में सरकार बनाने के लिए बहुत घटिया खेल खेला ।
ग्रामीण विकास विभाग के राज्य सचिवों के सम्मेलन के मौके पर प्रसाद ने बुधवार को
पत्रकारों से कहा कि राजग ने लोकतंत्र को चोट पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी ।
बिहार विधानसभा भंग करने को उन्होंने देर से लिया गया सही फैसला बताया । उन्होंने
कहा कि विधायकों की खरीद - फरोख्त रोकने के लिए सदन को भंग करने के अलावा और कोई
विकल्प नहीं था । विधायकों की खरीद - फरोख्त के गंदे खेल में शामिल होने के लिए
भाजपा नेतृत्व वाले राजग की आलोचना करते हुए प्रसाद ने कहा कि चुनाव में सबसे बड़ी
पार्टी के रूप में उभरने के बाद राजद ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था । जबकि
राजग ने दावा पेश करने के बजाय राज्यपाल से लालू प्रसाद को सरकार बनाने के लिए
आमंत्रित न करने की मांग की । प्रसाद ने कहा कि झारखंड में राजग ने विधायकों का
अपहरण कर उन्हें राजस्थान में रखा था, जबकि बिहार में उनका अपहरण कर झारखंड ले जाया
गया । चुनावों की तारीख के बारे में उन्होंने कहा कि इस बारे में फैसला चुनाव आयोग
का विशेषाधिकार है । चुनावों से पहले सियासी ताकतों के संभावित ध्रुवीकरण के बारे
में उन्होंने सवाल टालते हुए कहा कि चुनावों से पहले पूर्ण गठबंधन हो जाएगा ।
दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) सम्मेलन का आयोजन ढाका में मई के
अंतिम सप्ताह या जून के पहले सप्ताह में होने की संभावना है । भारत ने इस अवधि के
दौरान इसमें शामिल होने की इच्छा व्यक्त की है । सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत
सरकार ने बंगलादेश को संवाद भेजा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह १३ मई को संसद
सत्र के समापन के बाद सम्मेलन में शिरकत कर सकते हैं । उन्होंने कहा, इस बात पर भी
सहमति है कि जून के दूसरे सप्ताह में बांग्लादेश में मानसून शुरू होने से पहले
सम्मेलन का आयोजन किया जाए । सूत्रों ने बताया कि इसके लिए सबसे अधिक संभावित समय
मई का अंतिम सप्ताह या जून का पहला सप्ताह हो सकता है । उन्होंने बताया कि अगर इस
दौरान सम्मेलन आयोजित नहीं हुआ तो इसमें काफी देरी हो सकती है । सूत्रों ने बताया
कि बंगलादेश में कानून - व्यवस्था की हालत में सुधार हुआ है । इसी वजह से भारत ने
सम्मेलन में शामिल होने का फैसला किया है । उन्होंने कहा, हम नई तारीख तय करने के
लिए बंगलादेश और सार्क देशों के संपर्क में हैं और जल्दी ही इसके तय होने की उम्मीद
है । गौरतलब है कि श्री लंका, नेपाल, भूटान और मालदीव सहित सात देशों के इस
क्षेत्रीय समूह का अध्यक्ष अभी पाकिस्तान है । २६ दिसंबर को सुनामी हादसे के बाद
जनवरी में आयोजित होने वाला यह सम्मेलन स्थगित हो गया था । इसके बाद नेपाल में
राजशाही द्वारा आपातकाल लगाने और बंगलादेश में सुरक्षा की हालत खराब होने के कारण
भारत ने फरवरी में इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया था । सार्क चार्टर के मुताबिक
इसके सभी सात सदस्य देशों के प्रमुख या सरकार के उपस्थित होने पर ही सम्मेलन का
आयोजन हो सकता है । भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते संबंधों का असर कश्मीर के किचन
में भी देखा जा रहा है । पाकिस्तान का मशहूर रॉक साल्ट कश्मीरी लोगों के किचन तक
पहुंच चुका है । लोग इसे दोनों देशों के बीच बढ़ते रिश्ते के परिणाम के रूप में देख
रहे हैं । कश्मीरी लोग इससे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक सबक भी ले रहे हैं । कई दशकों
की दुश्मनी के बाद नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच अच्छे संबंधों की शुरुआत होने से
पाकिस्तानी नमक अब आराम से बाजार में मिलने लगा है । अब इसे किराना दुकान में भी
खरीदा जा सकता है । यह कोई सामान्य नमक नहीं है । कश्मीरी लोगों का इस नमक के साथ
जज्बाती रिश्ता रहा है । कश्मीर के लिए इस नमक का महत्व इस बात से स्पष्ट होता है
कि ६० वर्षो के दौरान यह कश्मीरी राजनीति का एक केंद्रीय मुद्दा रहा है । १९४७ तक
कश्मीर घाटी के जरिए पाकिस्तान से यह नमक झेलम घाटी कार्ट रोड होते हुए कश्मीर
पहुंचता था । उत्तरी कश्मीर के ७६ वर्षीय मोहम्मद जमन ने कहा कि कश्मीर में विगत दो
वर्षो से नमक की काफी कमी रही है । इसकी कीमत इतनी अधिक बढ़ गयी थी कि सिर्फ धनी
आदमी ही इसका उपयोग कर सकते थे । यद्यपि १९४९ तक नमक की आपूर्ति कश्मीर घाटी में
सामान्य हो गयी थी, लेकिन राजनीतिज्ञों की वजह से इसमें फिर से बाधा आ गयी ।
पाकिस्तानी रॉक साल्ट की अनुपलब्धता को घाटी में एक संवेदनशील राजनीतिक मुद्दा बना
दिया गया । इसे नमक का सवाल की संज्ञा दी गयी । खासकर क्षेत्रीय नेशनल कांफ्रेंस ने
चुनाव के दौरान इस मुद्दे को काफी तूल दिया । पार्टी का मकसद इस नमक के प्रति लोगों
की कमजोरी को अपने पक्ष में भुनाना था न कि नमक की उपलब्धता सुनिश्चित कराना । चोरी
और उस पर सीनाजोरी! लक्मे इंडिया फैशन वीक में इस बार कुछ ऐसा ही चल रहा है । लगता
है कि सारे नकलची यहीं पहुंचे हुए हैं । रोजाना नया विवाद । अगर कुछ ओरिजनल है तो
पुराने दिग्गज फैशन डिजाइनरों का काम ही सिर चढ़कर बोल रहा है । लक्मे इंडिया फैशन
वीक का सोमवार को छठा दिन था और सुबह की शुरुआत विवाद से ही हुई । बॉलीवुड के
कॉस्ट्यूम डिजाइनर अकी नरुला के खिलाफ दिग्गज फैशन डिजाइनर सुनीत वर्मा ने एक प्रेस
कांफ्रेंस बुलाई और बताया कि उन्होंने २००३ में जो आउटफिट तैयार किया था, उसे अकी
नरुला ने चुराकर अभिनेता व गायक शाद अली की आने वाली फिल्म बंटी और बबली में रानी
मुखर्जी को पहनाया है । यहां हम बता दें कि ये वही अकी नरुला हैं जिन्होंने सुपरहिट
दिल चाहता है और चर्चित मानसून वेडिंग में कॉस्ट्यूम डिजाइन किया है । बहरहाल,
लक्मे इंडिया फैशन वीक में सुनीत वर्मा की धुआंधार प्रेसकांफ्रेंस के बाद अकी नरुला
को तो कुछ न कुछ जवाब देना ही था । बल्कि उन्होंने इसे मुंबई की एक दुकान ऑप्शन्स
से ८ हजार रुपये में खरीदा है । मामला जब फिस्स होने लगा तो सुनीत वर्मा ने फिर
सफाई पेश कर डाली । उन्होंने कहा! दरअसल मैंने इसे एक पत्रिका में रानी मुखर्जी को
एक फिल्म के प्रचार के सिलसिले में पहने देखा था तो उन्होंने आरोप साबित करने के
लिए प्रेसकांफ्रेंस बुलाई थी । सुनीत ने दो तस्वीरें पेश कीं । जिसमें रानी ने लाइट
ब्लू रंग की टॉप और कढ़े हुए ट्राउजर पहने हुए हैं । तरुण तहलियानी फैशन की दुनिया
का जाना माना है । रविवार को अचानक उनका मोबाइल हर मिनट बजने लगा । वजह - लोगों ने
उन्हें बताया कि शांतनु गोयनका ने उनके डिजिटल प्रिंट वाली टीशर्ट की नकल कर ली है
। यहां हम बता दें कि शांतनु गोयनका अभी उभरते हुए फैशन डिजाइनर हैं और इस बार
उन्होंने लक्मे इंडिया फैशन वीक से इसकी शुरुआत की है । विवाद बढ़ा तो शांतनु ने
सफाई पेश की कि डिजिटल प्रिंट ऐसी तकनीक नहीं है जिसका कोई कॉपीराइट होता हो ।
शांतनु ने कहा कि उनके और तरुण तहलियानी के काम में खासा फर्क है । दोनों का स्टाइल
ही अलग है । शांतनु ने कहा कि उनकी लाइन क्रिस्टल वर्क से कढ़ी हुई है । जबकि तरुण
के काम में कढ़ाई के साथ - साथ सजावट पर ज्यादा जोर दिया गया है । तरुण ने इस बात
को इस तरह पेश किया - कुछ लोगों ने मुझे बताया कि हमारा काम काफी मिलता जुलता है ।
लेकिन शांतनु ने विजुअल प्रिंटिंग की है । यह ट्रेंड पूरे विश्व में चल रहा है और
इसका कोई पेटेंट नहीं हो सकता । फैशन डिजाइनरों का कहना है कि सबसे ज्यादा नकल या
चोरी मोनोपली डिजाइन की होती है । दिल्ली चूंकि मीडिया का मक्का - मदीना है इसलिए
यहां चोरी उछालने पर इस बात की गारंटी तो रहती ही है कि माल भले न बिके लेकिन
पब्लिसिटी और देर रात की पार्टियों में चर्चा तो होगी । जैसा कि डिजाइनर स्वप्न
सीमा कहती हैं कि अगर हमारे डिजाइन की कॉपी नहीं होती है तो लगता है कि कहीं कुछ
गड़बड़ है । नकलची या चोर इस बात का फायदा उठा रहे हैं कि ज्यादातर डिजाइनर अपने
डिजाइन का पेटेंट या कॉपीराइट नहीं कराते । डिजाइनर वेंडेल रॅड्रिक्स का कहना है कि
हम इतनी मशक्कत और पैसा खर्च करके भला अपने कितने डिजाइन कॉपीराइट करा सकते हैं?
इसलिए हम लोग इस पचड़े में नहीं पड़ना चाहते । कश्मीर पर केंद्र के वार्ताकार एन.
एन. वोहरा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है । सूत्रों ने बताया कि वोहरा ने अपना
इस्तीफा नई सरकार के शपथ ग्रहण करने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को
सौंप दिया था । वोहरा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात कर उन्हें
हुर्रियत कांफ्रेंस समेत राज्य के विभिन्न अलगाववादी समूहों से बातचीत की जानकारी
दी । कश्मीर समस्या के हल के लिए साहसिक और गंभीर कोशिशों को जरूरी बताते हुए माकपा
की राज्य ईकाई ने मंगलवार को केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड
प्रोग्रेसिव अलायंस (यूपीए) से न्यूनतम साझा कार्यक्रम में पाकिस्तान के साथ वार्ता
प्रक्रिया जारी रखने और अलगाववादियों को शामिल करने का प्रस्ताव रखा है । हुर्रियत
कांफ्रेंस ने नए गृह मंत्री शिवराज पाटिल के कश्मीर में अलगाववादियों के साथ वार्ता
जारी रखने के बयान का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि कांग्रेस नेतृत्व वाली
यूपीए सरकार राजग सरकार के साथ वार्ता के नतीजों का सम्मान करेगी । सूत्रों ने
बताया कि वोहरा ने राजग सरकार की ओर से उनकी नियुक्ति किए जाने की वजह से पद से
इस्तीफा दिया है । हालांकि कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को अभी तय करना बाकी
है कि वार्ता प्रक्रिया जारी रखने के लिए वोहरा को पद पर बनाए रखा जाए या फिर उनके
स्थान पर किसी और को लाया जाए । वोहरा ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से
मुलाकात कर उन्हें हुर्रियत कांफ्रेंस समेत राज्य के विभिन्न अलगाववादी संगठनों के
साथ उनकी वार्ता की जानकारी दी । वहीं, जम्मू - कश्मीर में माकपा की राज्य ईकाई के
सचिव एम. वाई. तारीगामी ने पत्रकारों से कहा कि हम यूपीए सरकार से न्यूनतम साझा
कार्यक्रम में पाकिस्तान और कश्मीर के सभी संगठनों के साथ वार्ता को शामिल करने की
अपील करते हैं । उन्होंने कहा कि राज्य में खूनखराबा रोकने के लिए राजनीतिक स्तर पर
पाकिस्तान के साथ वार्ता शुरू करने और वार्ता में कश्मीर के विभिन्न विचारधाराओं
वाले दलों को शामिल करने जैसे साहसिक कदम उठाने की जरूरत है । उन्होंने कहा कि
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ या विदेश सचिवों के बीच बैठक
जैसे साहसिक कदमों के जरिए संबंधों को मजबूती देने की जरूरत है । मौलाना अब्बास
अंसारी के नेतृत्व वाले हुर्रियत कांफ्रेंस ने नए गृह मंत्री शिवराज पाटिल के
कश्मीर में अलगाववादियों के साथ वार्ता जारी रखने के बयान का स्वागत किया है ।
संगठन ने उम्मीद जताई है कि नई सरकार राजग सरकार के साथ वार्ता के नतीजों का सम्मान
करेगी । अंसारी ने कहा कि हम पाटिल के बयान का स्वागत करते हैं, जिसमें उन्होंने
अलगाववादियों के साथ वार्ता जारी रखने की बात कही है । यह एक अच्छा संकेत है । आलू
की बेशकीमती किस्मों में शुमार कनाडा का ट्यूबर अब हिमाचल के कबाइली इलाकों में भी
उगेगा । गुजरात की मीकन्स कंपनी की पहल पर लाहौल घाटी में बतौर सैंपल पहली बार यह
आलू बीजा गया इसके बेहतर परिणाम देखने को मिले हैं । लाहौल पटैटो सोसाइटी एलपीएस के
माध्यम से बिलिंग गांव में लगाई गई आलू की फसल का निरीक्षण करने बुधवार को कंपनी के
विशेषज्ञ घाटी पहुंच रहे हैं । यदि उत्पादन में भी चिप्स के लिए मशहूर कनाडा का यह
आलू यहां ठीक उतरा तो एक करार के तहत घाटी के कई किसान इसे अपने खेतों में बीजेंगे
। सामान्य आलू से कीमती इस ट्यूबर किस्म को एलपीएस के जरिए मीकन्स कंपनी गुजरात में
लगाई जा रही अपनी नई यूनिट के लिए खरीदेगी । आलू उत्पादन में विश्व प्रसिद्ध लाहौल
स्पीति कनाडा के ट्यूबर आलू का भी उत्पादन करने लगा है । आलू की अन्य किस्मों से
कीमती माने जाने वाला यह ट्यूबर, चिप्स उत्पादन की नामी कंपनी मीकन्स के सौजन्य से
यहां लगाया गया है । लाहौल घाटी की आबोहवा को भांप बतौर सैंपल बिलिंग गांव के दो
बीघा जमीन में बीजे गए बीस हजार ट्यूबर की जर्निशन शानदार रही है । लाहौल -JOIN
पटैटो सोसाइटी के अध्यक्ष नोरबू बारोंगप्पा का कहना है कि ट्यूबर का उत्पादन यदि
जर्निशन के अनुरूप रहा तो एक करार के तहत घाटी के चिन्ह्ति किसानों के जरिए इसकी
आपूर्ति मीकन्स कंपनी को की जाएगी । उन्होंने कहा कि लाहौल घाटी में पहली बार आया
ट्यूबर बिलिंग गांव में मटर के खेत में लगाया गया है, ताकि अन्य किस्मों का मिश्रण
न हो । गौरतलब है कि आलू के खेत में नया आलू लगाने से किस्मों के मिश्रण की काफी
आशंका रहती है । उन्होंने कहा कि लाहौल का वातावरण कनाडा से मिलता - जुलता होने के
कारण चिप्स उत्पादन में विश्व प्रसिद्ध मीकन्स कंपनी ने उनके लिए लाहौल में ट्यूबर
उगाने का प्रस्ताव रखा था । इसी के तहत मीकन्स ने कनाडा से २० हजार ट्यूबर मंगवाकर
कुछ माह पहले एलपीएस को लाहौल में लगाने के लिए दिए । बिल्कुल छोटे और पतले आकार का
ट्यूबर आलू मुख्य तौर पर चिप्स और संबंधित प्रोडक्ट बनाने में इस्तेमाल किया जाता
है । बारोंगप्पा ने बताया कि कंपनी के साथ जल्द ही रेट तय किया जा रहा है और इस
करार के होते ही लाहौल के किसानों को अपने इस उत्पाद के लिए स्थायी ग्राहक के रूप
में मीकन्स कंपनी मिल जाएगी । उन्होंने कहा कि मीकन्स कंपनी गुजरात में एक बड़ा
प्रोजेक्ट लगाने जा रही है और इसके लिए ट्यूबर की आपूर्ति लाहौल से ही की जाएगी ।
कंप्यूटर का प्रयोग करने वाले फिर सावधान हो जाएं, क्योंकि इस वक्त कोई वाइरस आपके
कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने आ रहा है । आपके कंप्यूटर को एक रहस्यमयी बीमारी लग
सकती है, जिसके लिए वेबसाइट जिम्मेदार होगी । यानि बीमार वेबसाइट के चलते आप
परेशानी में पड़ जाएंगे । कंप्यूटरों की सुरक्षा से जुड़े विशेषज्ञों ने बताया कि
स्कॅब, ट्रोजन, कीस्ट्रोक लॅगर, टोफर या वेबर डाट पी जैसे प्रोग्राम डाउनलोड करने
पर कंप्यूटरों से प्रोग्रामों को हैक किया जा सकता है । सुरक्षा विशेषज्ञों का
मानना है कि ट्रोजन प्रोग्राम से वित्तीय सूचनाओं के अलावा पासवर्ड को चोरी किया जा
सकता है । विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर स्कॉब से प्रभावित वेब पेज को खोलेंगे, तो आपका
कंप्यूटर किसी रूसी वेबसाइट से फाइल को डाउनलोड कर सकता है । राजधानी में मंगलवार
देर रात भीषण आंधी - तूफान से जनजीवन अस्त - व्यस्त हो गया । कई स्थानों पर पेड़
गिर गए और जगह -JOIN जगह होर्डिंग व घरों, दुकानों के टीन उड़ गए । प्रचंड हवाओं का
जोर रात करीब पौने एक बजे शुरू हुआ जो देर रात तक रहा । इससे किसी जानमाल की
आधिकारिक पुष्टि तो नहीं हो पाई लेकिन व्यापक क्षति की आशंका जताई जा रही है । पेड़
व होर्डिंग गिर जाने से कुछ स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध हो गई हालांकि मंगलवार दोपहर
राजधानी का मौसम सुहाना हो गया था । शाम साढ़े आठ बजे तक ३.२ मिलीमीटर बरसात हुई ।
कुछ इलाकों में मामूली पानी ही गिरा । मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार अगले
चौबीस घंटों में बारिश होने की उम्मीद है । आंशिक रूप से बादल छाये रहेंगे और दिन
के तापमान में गिरावट होगी । अधिकतम तापमान ३७ डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है ।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि पंजाब और हरियाणा पर हवा के ऊपरी चक्रवाती दबाव
के परिणामस्वरूप यह बारिश हुई है । राजस्थान में भी अब लू से लोगों को राहत मिली है
। उत्तर -JOIN पश्चिमी अफगानिस्तान, उत्तरी पाकिस्तान, जम्मू -JOIN कश्मीर व
हरियाणा के ऊपर बने पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली में बारिश हुई । एक दिन पहले तक
पूर्व से ठंडी हवाएं आ रही थीं । इससे लोगों को गर्मी से राहत मिली हुई थी । लेकिन
मंगलवार को पश्चिमी विक्षोभ ने पानी बरसा कर लोगों को खुश कर दिया । रिमझिम बारिश
से लोग उत्साहित दिख रहे थे । मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को अधिकतम तापमान ३९.२
व न्यूनतम २६.४ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया । गर्म हवाओं के स्थान पर ठंडी हवाएं
बह रही थीं । मौसम विभाग के मुताबिक रात में ठंड होने के साथ दिन के समय भी तापमान
कम रहेगा । एक -JOIN दो दिन में मौसम साफ होने की उम्मीद है । मौसम में अधिकतम
आर्द्रता ६३ फीसदी व न्यूनतम ३४ फीसदी रही । गुड़गांव, बादशाहपुर एवं कुछ अन्य
इलाकों में ओले भी पड़े । तेज हवा के कारण शहर की विद्युत आपूर्ति छिन्न भिन्न हो
गई । कुछ स्थानों पर पेड़ टूटकर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बाधित हुआ । अंधड़
और बारिश होने के साथ ही दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने लगभग पूरे शहर की
बत्ती गुल कर दी । निगम अधिकारियों ने बताया कि ऐसा एहतियातन किया गया है । पांच
बजे के बाद ही बारिश बूंदाबांदी में बदल गई थी, लेकिन देर रात तक निगम ने बिजली
आपूर्ति बहाल नहीं की । नोट बांटने के मामले में राजद सुप्रीमो व रेलमंत्री लालू
प्रसाद यादव के फंसने के बाद फूले नहीं समा रहे राजग नेताओं की खुशी को शनिवार को
ग्रहण लग गया । राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के संयोजक व जद यू नेता जॉर्ज फनॅडिस
को आज यहां अस्पताल में एक महिला की मदद को कथित रूप से पांच सौ रुपये देना महंगा
पड़ गया । चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए जिला प्रशासन ने जॉर्ज व उनके
कुछ साथियों पर वोटर को रिश्वत देने का मामला दर्ज कर लिया । जॉर्ज ने आरोपों को
सरासर गलत बताया है । दरअसल दिल्ली से आने के बाद अपने संसदीय क्षेत्र के दौरे पर
निकले जॉर्ज, खुदकुशी की कोशिश करने वाली एक महिला का हालचाल पूछने आज सदर अस्पताल
आए । चालीस वर्षीय सुनीता गरीबी से तंग आकर अपने दो बच्चों के साथ बृहस्पतिवार को
नदी में कूद गई थी, लेकिन मछुआरों ने उन्हें बचा लिया । हालांकि सरकारी सूत्रों का
कहना है कि घरेलू कलह के बाद उसने यह हरकत की थी । एक टीवी चैनल ने दिखाया कि
सुनीता बच्चों को गोद में लिए थी और उसके बगल में खड़े एक व्यक्ति को फनॅडिस ने ५००
रुपये का नोट दिया । उन्होंने आरोपों को झूठा करार दिया और कहा कि वह इसके जवाब में
मामला दायर करेंगे । गौरतलब है कि नोट बांटने के मामले में लालू के खिलाफ चुनाव
आयोग के निर्देश पर सोमवार को एफआईआर दर्ज हुई थी । इसके बाद लालू ने अपनी महारैली
रद कर दी थी । सफाई देते घूम रहे राजद नेता आज जॉर्ज पर भी ऐसा आरोप लगने के बाद
अचानक आक्रामक मुद्रा में आ गए हैं । राजद ने कहा है कि चुनाव आयोग इस मसले को
संज्ञान में ले सकता है । लोढ़ा ने कहा कि रकम जब्त कर ली गई है । जिला मजिस्ट्रेट
एस के मिश्र ने चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन के संदर्भ में जॉर्ज व उनके कुछ
सहयोगियों पर मामला दर्ज होने की पुष्टि की है । तेजी से बदले घटनाक्रम के बीच
बिहार के सत्ताधारी राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता शिवानंद तिवारी ने कहा कि रकम
देना आचार संहिता का उल्लंघन है और यदि फनॅडिस ने ऐसा किया है तो चुनाव आयोग को
कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए । भाकपा की बिहार ईकाई के अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह ने
कहा है कि जॉर्ज जैसा कद्दावर नेता वोटरों को लुभाने के लिए गलत तरीके नहीं अपना
सकता । जबकि बिहार कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष रामजतन सिन्हा ने फनॅडिस को आदतन
भ्रष्ट करार दिया । नपे -JOIN तुले शब्दों में अपनी प्रतिक्रिया के बाद लोजपा
अध्यक्ष ने उम्मीद जताई कि चुनाव आयोग राज्य में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव कराने
में सफल रहेगा । शंकर रमन हत्याकांड की जांच कर रहे विशेष जांच दल सिट ने कनिष्ठ
शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती को रविवार दोपहर २.०० बजे उसके समक्ष पेश होने के लिए
सम्मन भेजा है । कांची मठ के पूर्व एकाउंटेंट और वरदराजा पेरुमल मंदिर के मैनेजर
शंकर रमन की हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटे सिट द्वारा विजयेंद्र को सम्मन भेजने
को अहम माना जा रहा है । पहले सिट ने विजयेंद्र को सुबह १०.०० बजे उसके समक्ष पेश
होने के निर्देश दिए थे । लेकिन, विजयेंद्र के वकीलों ने सिट से आग्रह किया था कि
वह मठ में होने वाली विशेष पूजा के कारण सुबह मठ से बाहर नहीं जा सकते । विजयेंद्र
के वकील चेल्लप्पा और त्यागराजन ने बताया कि विजयेंद्र त्रिकाला पूजा के बाद रविवार
दोपहर २.०० बजे सिट के समक्ष पेश होंगे । उन्होंने कहा कि विजयेंद्र पूछताछ को लेकर
परेशान नहीं हैं । गौरतलब है कि विजयेंद्र सरस्वती की गिरफ्तारी के बाद से
विजयेंद्र सरस्वती ने इस पूरे मामले पर एक भी शब्द नहीं कहा है । यहां तक कि वह जेल
में अपने गुरु से मिलने भी नहीं गए । अय्यर पर भारतीय दंड संहिता के तहत कई धाराओं
में मामले दर्ज किए गए हैं । पुलिस का आरोप है कि हत्याकांड के सिलसिले में पैसे के
लेन - देन में अय्यर की अहम भूमिका थी । मठ के वकील के. एस. चेल्लप्पा और वाई.
त्यागराजन ने पत्रकारों को बताया कि अय्यर ने मजिस्ट्रेट से कहा कि पैसों के लेन -
देन को लेकर उन पर झूठे आरोप लगाए गए हैं । अय्यर ने बताया कि उन्होंने किसी को भी
नकद राशि नहीं दी । केवल एक व्यक्ति को कंस्ट्रक्शन संबंधी काम के लिए पांच लाख
रुपये का चेक दिया गया था । अय्यर ने बताया कि मठ को जमीन के एक सौदे से पचास लाख
रुपये मिले थे । यह पैसा मठ के इंडियन बैंक एकाउंट में जमा कराया गया । यह लेन -
देन शंकर रमन की हत्या से पांच -JOIN छह महीने पहले हुआ था । अय्यर ने कोर्ट में
कहा कि उन्होंने यह जानकारी पूछताछ के दौरान पुलिस को भी दी, लेकिन पुलिस ने
मजिस्ट्रेट को इसकी जानकारी नहीं दी । राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शुक्रवार को राष्ट्र को होली पर
शुभकामनाएं दीं । प्रधानमंत्री सिंह ने अपने संदेश में कहा कि रंगों का यह त्योहार
भारत की सांस्कृतिक खूबसूरती व मजबूती को दर्शाता है । वहीं, सोनिया गांधी ने कहा
कि होली मित्रता बढ़ाने का त्योहार है । संघर्ष भुलाने व माफ करने का यह उत्सव
लोगों के बीच से द्वेष व भेदभाव मिटाता है । दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर बी. एल.
जोशी ने लोगों से इस त्योहार को शांतिपूर्वक मनाने की अपील की । पार्टी के महासचिव
हरकिशन सिंह सुरजीत ने मनमोहन सिंह सरकार में हारे हुए कांग्रेस नेताओं को शामिल
करने पर खिन्नता जताई । हालांकि सूत्रों के मुताबिक वरिष्ठ माकपा नेता हरकिशन सिंह
सुरजीत यूपीए और वामदलों के बीच प्रस्तावित समन्वय समिति के संयोजक नियुक्त हो सकते
हैं । माकपा महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत ने मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत के
दौरान कांग्रेस नेता शिवराज पाटिल व पी. एम. सईद को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने
की ओर इशारा करते हुए कहा कि जो लोग चुनाव हार चुके हैं, उन्हें सरकार में शामिल
नहीं किया जाना चाहिए था । हालांकि सुरजीत ने इस बात से इनकार किया कि कोलकाता में
आज हुई पोलित ब्यूरो की बैठक में राजद सांसद तस्लीमुद्दीन जैसे आपराधिक छवि के
नेताओं को मंत्री पद दिए जाने पर चर्चा हुई । अलबत्ता मुस्लिम लीग सदस्य इबरार अहमद
को सरकार में शामिल करने पर माकपा की केरल इकाई की आपत्ति के मामले में सुरजीत ने
कहा कि वह यह मामला कांग्रेस के सामने उठाएंगे । उन्होंने कहा कि यह गलत है । इससे
सांप्रदायिक राजनीति को बढ़ावा मिलेगा । कामरेड सुरजीत ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम
पर संक्षेप में कहा कि कांग्रेस के साथ बैठकर वह इस पर विचार -JOIN विमर्श करेंगे
और जहां जरूरी हुआ संशोधन करेंगे । उन्होंने यह भी कहा कि विदेश नीति में वह बिना
किसी महाशक्ति की ओर झुकाव दिखाए भारत की परंपरागत गुटनिरपेक्ष छवि कायम करने का
दबाव डालेंगे । माकपा भी अन्य वाम दलों के साथ न्यूनतम साझा कार्यक्रम को अंतिम रूप
देने के अलावा कल होनेवाली बैठक में यूपीए व वाम दलों के बीच पुल का काम करने वाली
एक समन्वय समिति बनाने पर भी चर्चा करेगी जिसका अध्यक्ष माकपा महासचिव हरकिशन सिंह
सुरजीत को बनाने की संभावना है । यूपीए के नेता का नाम और न्यूनतम साझा कार्यक्रम
को जवाहर लाल नेहरू की पुण्यतिथि पर २७ मई को सार्वजनिक किया जाएगा । राजस्थान के
उत्तरी और पूर्वी हिस्से में बुधवार को धूल भरी आंधी से कई इलाकों में पेड़ उखड़ गए
और बिजली आपूर्ति ठप हो गई । कई इलाकों में हल्की बारिश भी हुई, जिससे गर्मी की मार
झेल रहे लोगों को थोड़ी राहत महसूस हुई । मौसम विभाग के अनुसार जयपुर और बीकानेर
संभाग में ८६ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चली आंधी के कारण कई इलाकों में
हल्की बारिश भी हुई, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली । गढ़वाल के
केदारनाथ, बद्री नाथ, हेमकुंठ साहिब और भारत - तिब्बत सीमा के पास बर्फ गिरने की
खबर है । भारी बारिश से जहां तापमान में कमी दर्ज की गई वहीं तीन दिनों से राज्य के
चमोली, रूद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, टिहरी गढ़वाल, बागेश्वर और पिथौरागढ़
के कई इलाकों में जनजीवन भी प्रभावित रहा । सूत्रों के अनुसार, मुंस्यारी, पंगु,
निलांग, कामेट, द्रोणागिरी, नंदादेवी, त्रिशूल, वेदिनी और चौखंबा में बर्फबारी से
पर्यटकों की गतिविधियों पर भी असर पड़ा । पुलिस सूत्रों के अनुसार फिलहाल किसी के
हताहत होने अथवा संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है, लेकिन काफी संख्या में
पेड़ उखड़ गए हैं । बिजली की आपूर्ति ठप पड़ गई है और कई इलाकों में टेलीफोन लाइनें
खराब हो गई हैं । इस वजह से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा । हल्की बारिश
के साथ आंधी की सूचना अलवर, धौलपुर, दौसा, भरतपुर और श्रीगंगानगर से मिली है ।
जयपुर और उसके आसपास के इलाकों में धूल भरी आंधी चलने के कारण आज सुबह सड़क यातायात
प्रभावित हुआ । वायु सेना की फ्लाइंग ऑफिसर अंजलि गुप्ता में आत्महत्या की
प्रवृत्तियों का पता लगाने के लिए मनोवैज्ञानिक आकलन समेत मेडिकल जांच की जा रही है
। वायुसेना के अभियोजन अधिकारी विंग कमांडर आर. के. दुबे ने सैनिक अदालत को सूचित
किया कि डॉक्टरों का पैनल गठित किया गया है और जांच की जा रही है । उन्होंने कहा कि
इस पैनल में चिकित्सा विशेषज्ञ, मनोचिकित्सक और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ
एंड न्यूरो साइंस (निमहांस) की एक महिला मनोचिकित्सक को शामिल किया गया है । नजरबंद
अंजलि की ओर से रिहाई की मांग के बाद वायुसेना प्रशासन ने मेडिकल जांच की व्यवस्था
की है । कर्नाटक महिला आयोग को लिखित में अंजलि ने कहा था कि वह अपनी जान ले सकती
हैं । इसके साथ ही उन्होंने सोमवार तक का समय मांगा । कोर्ट ने अभियोजन पक्ष को कहा
कि यदि अंजलि तय तारीख को पेश नहीं हो सकती है, तो वह उनके स्वास्थ्य और परीक्षण
पूरे होने के लिए जरूरी समय के बारे में कोर्ट को सूचित करें । इसके बाद कोर्ट ने
मामले की सुनवाई सोमवार तक स्थगित कर दी । दुनिया भर में अब तक आए विनाशकारी भूकंप
और उनसे हुई क्षति - २६ दिसंबर, २००३ दक्षिण पूर्व ईरान के बाम शहर में भूकंप से ४१
हजार लोग मारे गए । २१ मई, २००३ उत्तरी अल्जीरिया में २३०० लोग मारे गए । २५ मार्च,
२००२ उत्तरी अफगानिस्तान में १००० लोग मारे गए । २६ जनवरी, २००१ भारत के गुजरात
प्रांत में १३ हजार लोग मारे गए । २१ सितंबर, १९९९ ताइवान में २४०० लोग मारे गए ।
१७ अगस्त, १९९९ पश्चिमी तुर्की में १७ हजार लोग मारे गए । २५ जनवरी, १९९९ पश्चिमी
कोलंबिया में ११७१ लोग मारे गए । ३० मई, १९९८ उत्तरी अफगानिस्तान व तजाकिस्तान में
पांच हजार लोग मारे गए । १७ जनवरी, १९९५ जापान के कोबे शहर में ६००० लोग मारे गए ।
३० सितंबर, १९९३ भारत के लातूर (महाराष्ट्र) शहर में १०,००० लोग मारे गए । २१ जून,
१९९० उत्तर पश्चिम ईरान में ५० हजार लोग मारे गए । ७ दिसंबर, १९८८ उत्तर पश्चिम
आर्मेनिया में २५ हजार लोग मारे गए । १९ सितंबर, १९८५ मध्य मैक्सिको में ९५०० लोग
मारे गए । १६ सितंबर, १९७८ उत्तर पूर्वी ईरान में २५ हजार लोग मारे गए । २८ जुलाई,
१९७६ चीन के तंगहान शहर में २ लाख ४०,००० मारे गए । ४ फरवरी, १९७६ ग्वाटेमाला में
२२ हजार ७७८ लोग मारे गए । २९ फरवरी, १९६० मोरक्को में दक्षिण पश्चिम अटलांटिक
समुद्री तट पर १२ हजार मारे गए । २६ दिसंबर, १९३९ तुर्की के इर्जीकैन में ३३ हजार
लोग मारे गए । २४ जनवरी, १९३९ चिली के चिलान शहर में २८ हजार लोग मारे गए । ३१ मई,
१९३५ क्वेटा (पाकिस्तान) ५० हजार लोग मारे गए । १ सितंबर, १९२३ जापान के टोकियो -
याकोहामा में १ लाख ४० हजार लोग मारे गए । सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पटना हाई
कोर्ट से राजद सुप्रीमो और रेलवे मंत्री लालू प्रसाद यादव और अन्य के खिलाफ चारा
घोटाला मामले की सुनवाई के लिए विशेष सीबीआई जज मुन्नीलाल पासवान की नियुक्ति की
विस्तृत जानकारी देने को कहा है । जस्टिस एस. एन. वरियावा, जस्टिस ए. आर. लक्ष्मण
और जस्टिस एस. एच. कपाड़िया वाली खंडपीठ ने पासवान की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट भी
मांगी है । कोर्ट जानना चाहती है कि क्या विशेष जज के तौर पर नियुक्ति करते समय इसे
ध्यान रखा गया था? इसके साथ ही खंडपीठ ने जानना है कि जब विशेष जज के लिए सिफारिश
किए गए १४ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीशों की मूल सूची में पासवान का नाम शामिल नहीं था,
तो उनकी नियुक्ति कैसे की गई? इसके साथ कोर्ट ने हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार्स की
समिति द्वारा पूरे १४ जजों की पूरी नियुक्ति प्रक्रिया की और बैठक की जानकारी भी
मांगी है । यह सारी जानकारियां ६ दिसंबर तक देने को कहा है और हाई कोर्ट के
रजिस्ट्रार जनरल को उस दिन व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होने को कहा गया है ।
खंडपीठ की ओर से यह आदेश राज्यसभा सांसद राजीव रंजन सिंह की ओर से दायर याचिका पर
सुनवाई के दौरान जारी किए गए । सपा से निलंबित नेता और अभिनेता राज बब्बर ने रविवार
को समाजवादी मोर्चा बनाने का ऐलान करते हुए कहा कि यह गैर राजनीतिक मोर्चा किसानों
और बेरोजगार युवाओं के हक में लड़ाई लड़ेगा । बुनकरों और किसानों की जनसभा को
संबोधित करने आए राज बब्बर ने पत्रकारों से कहा कि किसानों और बेरोजगार युवकों की
समस्याओं पर तुरंत ध्यान देने की जरूरत है । समाजवादी मोर्चा इस ओर सरकार का ध्यान
खींचने का काम करेगा । लाभ के पद मामले में सोनिया गांधी समेत कई सांसदों के
इस्तीफों पर बब्बर ने कहा कि लाभ के पद की स्पष्ट व्याख्या से ही इस मुद्दे पर जारी
संशय की स्थिति खत्म हो सकेगी । उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर उंगली उठाने के बजाए
सरकार को इस मुद्दे पर चर्चा के लिए सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए । उन्होंने यह भी
बताया कि महाराजा रंजीत सिंह पर एक धारावाहिक बनाने की भी उनकी योजना है । हाल में
मालवण और मुंबई क्षेत्रों के उपचुनाव में हुई करारी हार के बाद शिवसेना में मचा
तूफान अब नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है । अपने चचेरे भाई और शिवसेना के कार्यकारी
अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से खफा राज ठाकरे ने शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे को कड़ा लिखा
और पूछा कि मालवण की हार के लिए जिम्मेदार कौन है? बताते हैं कि अब बाल ठाकरे ही इस
मामले को निपटाएंगे । दूसरी तरफ महाराष्ट्र में शिवसेना की जड़ें उखाड़ने की फिराक
में लगी कांग्रेस इस विवाद को सुनहरे मौके की तरह देख रही है । लगे हाथ कांग्रेस ने
राज ठाकरे को पार्टी में शामिल होने का न्यौता भी दे दिया । महाराष्ट्र कांग्रेस के
प्रवक्ता संजय निरुपम ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी राज ठाकरे को स्वीकार करने
के लिए तैयार है, बशर्ते वह शिवसेना की विचारधारा छोड़कर सोनिया गांधी के नेतृत्व
को स्वीकार कर लें । अब उन्हें ही बताना होगा कि क्या वह कांग्रेस में आने को तैयार
हैं और उन्हें हमसे क्या उम्मीद है? दूसरी तरफ सुबह सूत्रों ने उम्मीद व्यक्त की थी
कि सेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे चचेरे भाई से मिलने के लिए शनिवार को
नासिक जा सकते हैं लेकिन इससे पहले ही राज शिर्डी के लिए रवाना हो गए । राज
शुक्रवार को नासिक पहुंचे थे और वहां शिवसेना के स्थानीय नेताओं से मिले थे । इस
दौरान पत्रकारों ने राज को घेरा लेकिन उन्होंने उनके किसी सवाल का जवाब नहीं दिया ।
शिवसेना के वरिष्ठ नेता मनोहर जोशी ने कहा है कि अब बाल ठाकरे ही इस मामले को
देखेंगे । उन्होंने राज को बहुत परिपक्व नेता बताते हुए कहा कि बाला साहेब ही अपने
भतीजे से बात करेंगे और ऐसा नहीं लगता कि इसे लेकर पार्टी में कोई बड़ा विवाद
छिड़ेगा । जोशी ने कहा कि वह उद्धव और राज, दोनों से बात कर चुके हैं । अगर राज कुछ
चाहते है तो उस पर विचार किया जाना चाहिए । बताया गया है कि राज ने अप्रत्यक्ष रूप
से उद्धव की ओर इशारा करते हुए सेना प्रमुख से उन्हें और उनके समर्थकों की अनदेखी
होने की शिकायत की है । बताया जाता है कि राज चाहते थे कि सुप्रीमो यदि पार्टी
बचाना चाहते हैं, तो उन्हें सगंठन में तत्काल फेरबदल करनी चाहिए । सूत्रों का कहना
है कि राज ने जिस कड़ी भाषा में बाल ठाकरे को लिखा है, उसे देखते हुए तत्काल समाधान
जरूरी लगता है । यह मामला ऐसे वक्त उठा है, जब बाल ठाकरे मालवन में हार के मद्देनजर
पार्टी संगठन को दुरुस्त करने की सोच रहे थे । फिलहाल पार्टी के सभी नेताओं से इस
मामले पर कोई टीका - टिप्पणी नहीं करने को कहा गया है । हाल में ही दिल्ली में
आयोजित प्रशिक्षण शिविर की सफलता से उत्साहित अखिल भारतीय महिला कांग्रेस ने देश के
अन्य राज्यों में यह प्रशिक्षण शिविर चलाने की योजना बनाई है । कांग्रेस अध्यक्ष
सोनिया गांधी के निर्देश पर शुरू किए गए इस प्रशिक्षण शिविर में महिलाओं को
कांग्रेस के सिद्धांतों का पाठ पढ़ाया जा रहा है । बिहार में होने वाले विधानसभा
चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस यह प्रशिक्षण शिविर अब बिहार में लगाने जा
रही है । सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष और स्वयं एक महिला होने के नाते
सोनिया गांधी चाहती हैं कि अखिल भारतीय महिला कांग्रेस के जरिए देश की महिला
कार्यकर्ताओं को जागरूक और सशक्त बनाने का काम किया जाए । कांग्रेस आलाकमान यह भी
चाहती हैं कि कांग्रेस के इस मिशन की पूरे देश में एक लहर पैदा की जाए । इस पार्टी
की छवि महिलाओं के हक के लिए लड़ने वाली पार्टी के तौर पर हो । महिला कांग्रेस की
अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का कहना है कि प्रशिक्षण शिविर में इस बात पर जोर दिया
है कि महिलाएं हर क्षेत्र में मुश्किलों का सामना कर सकें और उनमें नेतृत्व के गुण
पैदा हो सके । ताकि जीवन में आगे बढ़ने का कोई भी मौका वे अपने हाथ से न जाने दें ।
उन्होंने कहा कि देश भर में प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने का सबसे बड़ा मकसद यह है
कि महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और अपने खिलाफ होने वाले अत्याचार
का सामना करें । रीता का यह भी कहना है कि इस प्रशिक्षण शिविर के जरिए वैसी सशक्त
महिलाओं की फौज तैयार की जा रही है जो महिला आरक्षण विधेयक पारित होने पर संसद में
पहुंचेगी । घरेलू शेयर बाजारों में शनिवार को हुई विशेष ट्रेडिंग में भी तेजी का
दौर जारी रहा । एफआईआई और ऑपरेटरों के जोरदार समर्थन से कारोबार के दौरान एक समय
बीएसई का सेंसेक्स ८९१२.१२ अंक तक चढ़ गया । हालांकि इसके बाद मुनाफा वसूली से
सेंसेक्स कुछ घटकर ८८८९ अंक पर बंद हुआ । इसके बावजूद यह शुक्रवार के बंद स्तर
८८५३.२१ अंक से ३६ अंक ऊपर रहा । चार सत्रों में सेंसेक्स ३५४.०६ अंक बढ़ चुका है ।
बीएसई में आज सिर्फ ९७८.३७ करोड़ रुपये के ही सौदे हुए । बाजार सूत्रों के मुताबिक
शेयरों में मौजूदा तेजी के पीछे एफआईआई की सक्रिय भूमिका रही है । एक हफ्ते में
एफआईआई ने १३६४.५० करोड़ रुपये की लिवाली की है । सेंसेक्स को नई ऊंचाइयों पर
पहुंचाने में एल एंड टी, भेल, हीरो होंडा, रिलायंस एनर्जी, ओएनजीसी, टाटा पावर और
एनटीपीसी की मुख्य भूमिका रही । गन्ने के समर्थन मूल्य को लेकर किसान नेता महेंद्र
सिंह टिकैत यूपी सरकार से दो - दो हाथ करने के मूड में हैं । एक क्विंटल गन्ने से
दस किलोग्राम चीनी बनती है । इसलिए सरकार आठ किलो का पैसा किसान को दे दे । टिकैत
ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ने का समर्थन मूल्य कम होने के कारण किसानों के
समक्ष गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है । पड़ोस के राज्य में गन्ने का न्यूनतम मूल्य
१३५ रुपये क्विंटल सरकार ने घोषित कर रखा है, जबकि उत्तर प्रदेश में यह अधिकतम १२०
रुपये क्विंटल है । उन्होंने कहा कि इसके लिए एक नीति होनी चाहिए । टिकैत ने कहा कि
वह गन्ने के मूल्य तय करने के लिए सरकारी प्रक्रिया में उलझना नहीं चाहते हैं ।
उन्होंने अपना फार्मूला सुझाया है । मसलन, एक क्विंटल गन्ने से दस किलोग्राम चीनी
बनती है । जिसका बाजार भाव २०० रुपये होता है । सरकार दो किलोग्राम का खर्चा काटकर
आठ किलोग्राम का भाव १८० रुपये किसान को दे । टिकैत ने कहा कि आगामी २ जनवरी को
गन्ने का समर्थन मूल्य बढ़ाये जाने तथा किसानों की अन्य समस्याओं को लेकर लखनऊ में
महापंचायत बुलाई गई है, जिसके जरिए सरकार पर दबाव बनाया जाएगा । क्रिसमस के उपहारों
से लदे आठ पाकिस्तानी कैदी सोमवार को वाघा बार्डर से होकर स्वदेश लौट गए । रिहा हुए
कैदियों में १५ वर्षीय फराह मसीह तथा १७ वर्षीय अल्ताफ शाह भी शामिल है । भारत
सरकार ने रविवार को ही इन कैदियों को रिहा कर दिया था । इन कैदियों को आज सीमा
सुरक्षा बल बीएसएफ के असिस्टेंट कमांडर लखीराम यादव ने पाकिस्तान रेंजर्स के मेजर
अब्दुल सुमेधी को सौंपा । इन कैदियों में फराह मसीह नामक एक युवती भी शामिल है ।
नॅरवाल जिले केकोटली खान गांव की यह युवती तीन साल पहले गलती से भारतीय सीमा में
चली आई थी । उसे बाद में जालंधर स्थित गांधी वनीता आश्रम में रखा गया था । इसमें अब
भी पांच पाकिस्तानी लड़के हैं । गृह मंत्रालय द्वारा इनके खिलाफ पासपोर्ट एक्ट का
मामला वापस लिए जाने के बाद इन कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ हो सका । चुनाव आयोग
लोकसभा से दागी सांसदों की बर्खास्तगी के चलते खाली हुए सीटों के लिए उपचुनाव कराने
को तैयार है । वर्तमान में देश के अधिकतर राज्यों में मतदाता सूचियों के संशोधन का
काम चल रहा है । अगले महीने यह कार्य समाप्त हो जायेगा । चुनाव आयोग के सूत्रों के
मुताबिक आयोग चुनाव कराने के लिए तैयार है । मतदाता सूची के संशोधन का कार्य पूरा
होने पर आयोग उपचुनाव के बारे में निर्णय ले सकता है । इसके अलावा उसी दिन दागी
सांसदों के खिलाफ की गई कार्रवाई से चुनाव आयोग को अवगत करा दिया गया था । सूत्रों
के मुताबिक संभवतः पहली बार चुनाव आयोग इतनी सीटों पर उपचुनाव कराएगा । राष्ट्रीय
महिला आयोग को मिलने वाली शिकायतों पर यकीन करें तो मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री
बाबूलाल गौर पर केवल दो सगी बहनों के यौन उत्पीड़न का आरोप नहीं है बल्कि दिल्ली
में भी उनकी सताई हुई महिलाओं की तादाद कम नहीं है । हालांकि आयोग से की गई
शिकायतों में इन महिलाओं ने अपना नाम - पता नहीं बताया है । ये सभी शिकायती
चिट्ठियां दिल्ली से ही भेजी गई हैं । ऐसे लिखने वालों को यह जानकर निराशा होगी कि
आयोग ऐसे के आधार पर कोई कार्रवाई नहीं करेगा । आयोग का कहना है कि बिना नाम और पते
वाली ऐसी किसी चिट्ठी में लगाए गए आरोपों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती ।
आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास कहती हैं कि ऐसे आरोपों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं
की जा सकती । भाजपा में एक खेमा इस समय बाबू लाल गौर के खिलाफ राजनीतिक अभियान चला
रहा है । कृषि मंत्रालय का मानना है कि पिछले कुछ दिनों देश के अधिकांश हिस्सों में
हुई बारिश से खरीफ फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा है । लेकिन मंत्रालय के अधिकारी
मानते हैं कि आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र में ज्यादा बारिश के कारण फसलों को नुकसान
हुआ है । मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में धान की बुआई में
१२.४ फीसदी का इजाफा हुआ है । केंद्रीय कृषि मंत्रालय कृषि वैज्ञानिकों से इत्तफाक
नहीं रखता है । क्योंकि मंत्रालय का मानना है कि पिछले दिनों हुई बारिश से खरीफ
फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा । इसलिए राज्यों में केंद्रीय अधिकारियों को नुकसान का
जाएजा लेने भेजने की जरूरत नहीं है । जबकि कृषि वैज्ञानिक मानते हैं कि बारिश से
फसलों को नुकसान पहुंचा है । सूत्रों के मुताबिक वेदर वॉच ग्रुप की सामुहिक बैठक
में अधिकारियों का कहना था कि पिछले दिनों हुई जोरदार बारिश से खरीफ फसलों को
नुकसान नहीं पहुंचा है । सूत्र बताते हैं कि बारिश से राजस्थान, पश्चिमी उत्तर
प्रदेश, गुजरात, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत कई इलाकों में फसलों को नुकसान पहुंचा
है । लेकिन मंत्रालय इस बात से सहमत नहीं है । कई राज्य सरकारें भी बारिश से हुए
नुकसान की भरपाई के लिए केंद्र सरकार से आर्थिक मदद की गुहार लगा चुकी हैं ।
अधिकारियों का कहना है कि बारिश के कारण हुए नुकसान के आकलन के लिए फिलहाल राज्यों
में अधिकारियों की टीम को भेजने की जरूरत नहीं है । हालांकि आंध्र प्रदेश में पिछले
दिनों तेज बारिश और तूफान के कारण हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए अधिकारियों का
दल वहां गया था । कृषि मंत्रालय का मानना है कि बारिश का देर से बोई गई फसलों को
फायदा मिलेगा । आंकड़ों के अनुसार धान की बुआई पिछले साल की तुलना में १२.४४ लाख
हेक्टेयर में ज्यादा हुई है । जबकि गन्ने की रोपाई ३.८७ लाख हेक्टेयर में ज्यादा
हुई है । कांग्रेस ने समाजवादी पार्टी द्वारा उत्तर प्रदेश के राज्यपाल के मऊ दौरे
पर निशाना साधने पर कड़ा ऐतराज जताया है । पार्टी का कहना है कि सपा चोरी और सीना
-JOIN जोरी कर रही है । प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव खुद अपनी
जिम्मेदारियों को अंजाम नहीं दे रहे हैं । संवैधानिक पद पर होने के नाते राज्यपाल
अगर दंगा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करते हैं, तो इसमें कुछ गलत नहीं है । पार्टी
महासचिव व उप्र के प्रभारी सत्यव्रत चतुर्वेदी ने कहा कि मुख्यमंत्री मुलायम सिंह
यादव अपनी जिम्मेदारियों को सही तरह नहीं निभा रहे हैं । कहीं भी दंगा होने पर सबसे
पहली जिम्मेदारी मुख्यमंत्री की होती है कि वह प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करे और
कानून - व्यवस्था बहाल करे । पर मुलायम सिंह ने इस तरह की कोई पहल न कर राज्यपाल को
भी वहां जाने से रोकने की कोशिश की । मजबूरन राज्यपाल को इजाजत के बगैर मऊ जाना
पड़ा । चतुर्वेदी के मुताबिक, मुलायम सरकार राज्यपाल को वहां जाने से क्यों रोकना
चाहती थी । राष्ट्रपति का नुमाइंदा होने के नाते राज्यपाल को प्रदेश के किसी भी
हिस्से में जाने का हक हासिल है । राज्य सरकार को शायद यही डर था कि राज्यपाल के
दौरे से इस सच्चाई से परदा उठ जाएगा कि खुद उसकी पार्टी के कार्यकर्ता वहां
सांप्रदायिक तनाव को बढ़ावा दे रहे थे । कांग्रेस के मुताबिक, मुलायम सिंह यादव ने
दिमागी बुखार पर भी इसी तरह परदा डालने की कोशिश की थी । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया
गांधी के प्रभावित क्षेत्रों में दौरे के बाद इस बीमारी से मरने वाले बच्चों की
तादाद सामने आई थी । कांग्रेस ने उप्र सरकार को सलाह दी है कि उसे इस तरह की
राजनीति करने के बजाए कानून -JOIN व्यवस्था व बुनियादी सुविधाओं की तरफ ध्यान देना
चाहिए । चौतरफा मुनाफावसूली के चलते सोमवार को बीएसई सेंसेक्स १७१ अंक लुढ़क गया ।
कारोबार के दौरान एक समय सेंसेक्स २१२ अंक तक गिरकर ९०५०.५१ अंक पर आ गया था । इसके
बाद निम्न स्तर पर लिवाली शुरू होने से यह कुछ संभला और ९०८५.८९ अंक पर बंद हुआ ।
जानकारों के मुताबिक सरकार द्वारा सेल में हिस्सेदारी बेचने से इनकार किए जाने से
धारणा कमजोर हुई । ब्रोकरों ने सोमवार को गिरावट का कारण कुछ हद तक क्रिसमस की
छुट्टियों के दौरान एफआईआई के निवेश में कमी आने को बताया । हालांकि उनके मुताबिक
शेयर बाजार की सेहत के लिए बाजार में तकनीकी संशोधन जरूरी है । पिछले कुछ दिनों में
सेंसेक्स में काफी तेज उछाल दर्ज किया गया था और इस दौरान निवेशकों ने काफी बड़े
सौदे किए थे । बाजार को चिंता थी कि इसके निवेशकों को रिलायंस के वायदा सौदों के
रोलओवर में परेशानी हो सकती है, क्योंकि १७ जनवरी के बाद कंपनी की नो डिलीवरी अवधि
शुरू होगी । शनिवार को बनारस में अटकने के बाद मानसून ने आज फिर रफ्तार पकड़ ली ।
रविवार को उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में झमाझम बारिश हुई, जिससे भीषण गरमी से
परेशान लोगों ने राहत की सांस ली है । दिल्ली तथा आसपास के क्षेत्रों में भी अच्छी
बारिश हुई मगर यह मानसून पूर्व बारिश है । मौसम विभाग का मानना है कि इस बारिश के
बाद अब दिल्ली में मानसून के समय पर आने की संभावना बढ़ गई है । वहीं विशेषज्ञों का
मानना है कि मानसून पूर्व बारिश से खरीफ की बुआई में तेजी आएगी । आईसीएआर के
महानिदेशक मंगला राय के मुताबिक रविवार की बारिश से पूरी बुआई प्रक्रिया को नया
जीवन मिलेगा । मौसम विभाग के अनुसार पिछले चौबीस घंटों के दौरान पूर्वी और पश्चिमी
उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तरांचल, पश्चिमी मध्य प्रदेश तथा राजस्थान के कई
इलाकों में मानसून सक्रिय रहा है । पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आगरा और बरेली तथा
आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई । राजस्थान की तरफ भी मानसूनी हवाओं ने रुख किया
है और कोटा में बारिश होने की खबर मिली है । जबकि वहां हमेशा मानसून विलंब से
पहुंचता है । मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली में रविवार सुबह से जारी रिमझिम बारिश
मानसून पूर्व बारिश है । उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर मानसून पूर्व बरसात होने
की खबर मिली है । यह बारिश मानसूनी हवाओं के आगे -JOIN आगे चलने वाली हवाओं की
सक्रियता के कारण होती है । विशेषज्ञों का आकलन है कि इन गैर मानसूनी हवाओं के
मिजाज से झलकता है कि दिल्ली में नियत समय २८ -JOIN २९ जून तक मानसून दस्तक दे देगा
। मुंबई में जमकर बरसात हो रही है तथा अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है ।
देश के प्रमुख आईटी शो के मंच का इस्तेमाल करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल
एस सुप्रीमो एच. डी. देवगौड़ा ने बुधवार को आईटी क्षेत्र के एक धड़े के खिलाफ नए
सिरे से निशाना साधा । पूर्व प्रधानमंत्री ने आईटी दिग्गजों पर कर्नाटक में
कांग्रेस के साथ उनकी पार्टी की गठबंधन सरकार को अस्थिर करने के लिए अभियान छेड़ने
का आरोप लगाया । कहा जा रहा है कि आईटी कंपनियां आधारभूत ढांचे की कमी की वजह से
बंगलोर छोड़ कर जा रही हैं । चार दिन के इस आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद
देवगौड़ा ने इस धड़े पर गठबंधन सरकार के बारे में नकारात्मक प्रभाव बनाने का आरोप
लगाया । भारत और पाकिस्तान के विभाजन से छिन्न -JOIN भिन्न हुए परिवारों का दर्द
मंगलवार को रेलवे स्टेशन के पाह्म्कग जोन में देखने को मिला । नसीम कौसर की आंख से
बहने वाला एक -JOIN एक कतरा उनकी पीड़ा को बयां कर रहा था । वे पैंतालीस सालों के
बाद पाकिस्तान में रहने वाले अपने मामा से मिल रही थीं । अपने मामा के गले मिलते ही
उनकी आंखें बेकाबू होकर भीग गईं । इस दृश्य से रेलवे स्टेशन पर मौजूद हर व्यक्ति की
आंखों में नमी आ गई । हालांकि कौसर को अपने मामा से मिलने की खुशी तो थी ही, लेकिन
यह भी मलाल था कि भाई को देखने के इंतजार में उनकी मां तड़प -JOIN तड़प कर मर गई ।
मोहम्मद आलम खान का पहला यही सवाल था कि मेरी बहन कैसी है, लेकिन जब उसे पता चला कि
वे अल्लाह को प्यारी हो गईं तो उनकी आंखों से निकले आंसू रोके नहीं रुक रहे थे । इस
भावुक दृश्य को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है । नसीम कौसर की बेटी शैला के
चेहरे से भी विभाजन की पीड़ा का अहसास किया जा सकता था । जिसने अपने नाना को पहली
बार देखा । व्यस्तता के चलते शिष्टमंडल को जल्द रवाना होना था, लेकिन समय की सीमा
को भूलकर सभी सदस्य भावनाओं के समुद्र में बह गए । राज्य सरकार की अधिकारी नसीम
कौसर ने अमर उजाला को बताया कि पैंतालीस सालों के बाद उसे अपने मामा से मिलने की
बहुत खुशी है, लेकिन इस बात का मलाल भी है कि मेरी मां उन्हें देखने के लिए तड़पती
रहीं । नसीम का कहना था कि उसके मामा रावलपिंडी में रहते हैं और वे पाकिस्तान
रेडियो के लिए काम करते रहे हैं । तमन्ना तो थी, लेकिन दोनों मुल्कों की दूरियों ने
हमें दूर रखा है । हम चाहते थे कि विभाजित परिवारों को मिलने का पूरा मौका दिया जाए
। शैला का चेहरा भी उसकी खुशी बयां कर रहा था । उसका कहना था कि हमने सोचा भी नहीं
था कि दोनों तरफ से ऐसा कोई प्रयास होगा जो हमारे परिवार को मिलाएगा । इस प्रयास को
जारी रखने की जरुरत है ताकि विभाजित परिवारों को एक दूसरे से मिलने का मौका मिल सके
। शैली ने पहली बार अपने नाना को देखा है तथा वह चाहती है कि वह भी पाकिस्तान जाकर
उनके पूरे परिवार से मिले । ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतर्राष्ट्रीय परमाणु
ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) में पेश प्रस्ताव पर भारत के अमेरिका और यूरोपीय संघ के साथ
मतदान करने की भाजपा ने तीखी आलोचना की है तथा सरकार पर विपक्ष को विश्वास में नहीं
लेने का आरोप लगाया । इसके साथ ही पार्टी ने पिछले दिनों न्यूयार्क में
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाक राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच हुई बातचीत का
ब्यौरा भी सार्वजनिक किए जाने की मांग की है । उन्होंने कहा कि क्या इस प्रस्ताव पर
हस्ताक्षर करने का फैसला कैबिनेट में लिया गया था? विपक्षी राजनीतिक दलों की राय इस
मामले में क्यों नहीं ली गई? उन्होंने इस बात पर भी आपत्ति जताई कि सरकार इस मामले
में अधिकारियों के जरिये अपनी स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश कर रही है जबकि यह
राजनीतिक फैसला है तथा प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री को इस बारे में स्पष्टीकरण
देना चाहिए । खासकर यह बताना चाहिए कि भारत की आणविक नीति और सुरक्षा पर इस कदम से
क्या प्रभाव पड़ेगा? उन्होंने यह भी मांग की कि पिछले दिनों न्यूयार्क में
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच हुई
बातचीत का भी खुलासा किया जाना चाहिए । पाक के जनरल करामात ने बातचीत से पूर्व यह
बयान दिया था कि न्यूयॉर्क में मनमोहन सिंह के साथ सियाचिन और कुपवाड़ा से फौजें
हटाने पर बातचीत होगी । दोनों नेताओं की मुलाकात न्यूयार्क में हुई, लेकिन क्या
बातचीत हुई इसका ब्यौरा अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है । बिहार विधानसभा चुनाव
में धर्मनिरपेक्ष पार्टियों के एकजुट होकर चुनाव मैदान में उतरने की कांग्रेस की
कोशिशें नाकाम होती जा रही हैं । जबकि कांग्रेस का कहना है कि पासवान की शर्त पर
चुनाव नतीजों के बाद ही विचार किया जा सकता है । बकौल कांग्रेस, उसकी पहली
प्राथमिकता सांप्रदायिक शक्तियों को शिकस्त देना है । केंद्रीय मंत्री रामविलास
पासवान को मनाने की कोशिशों के तहत कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने उनसे मुलाकात
की । मुलाकात के बाद दिग्विजय ने कहा कि वह अभी तक पासवान को मनाने में कामयाब नहीं
हुए हैं । पासवान की मुस्लिम मुख्यमंत्री की शर्त के बारे में दिग्विजय सिंह ने कहा
कि पासवान को पहले कांग्रेस व सहयोगी दलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ना होगा । चुनाव
में जीत के बाद मुख्यमंत्री पर विचार किया जाएगा । कांग्रेस पहले से किसी
मुख्यमंत्री को पेश करने के हक में नहीं है । पासवान ने आज साफ कहा कि अगर
राष्ट्रीय जनता दल मुस्लिम मुख्यमंत्री की शर्त को मानने को तैयार है तो वह गठबंधन
पर विचार कर सकते हैं । पासवान ने कांग्रेस को यह दलील देते हुए भी अपनी शर्त पर
राजी करने की कोशिश की कि कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता के लिए बड़ी - बड़ी कुर्बानी
देती रही है । इसलिए क्या वह उनकी इस शर्त को स्वीकार नहीं कर सकती । कांग्रेस
चुनाव से पहले मुख्यमंत्री के बारे में पासवान की शर्त से सहमत नहीं है । इसलिए,
दोनों नेताओं की मुलाकात बेनतीजा रही । दरअसल, दिग्विजय ने पासवान को पहली मुलाकात
में ही साफ कर दिया था कि कांग्रेस चुनाव नतीजों से पहले उनकी मुस्लिम मुख्यमंत्री
की शर्त को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है । शनिवार की शाम ग्रेटर नोएडा स्थित
जेपी ग्रीन गोल्फ कोर्स क्लब में राजस्व इंटेलीजेंस निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने
छापा मार कर जेपी समूह की २८ आयातित कारों को जब्त कर लिया । समूह द्वारा २.५ करोड़
रुपये का आयात शुल्क नहीं चुकाए जाने के आरोप में कारों को जब्त किया गया है ।
हालांकि समूह के प्रबंध निदेशक मनोज गौड़ ने कहा कि इन कारों का आयात कानून के तहत
किया गया और सभी शर्तों का पूरी तरह पालन किया गया है । उन्होंने कहा कि जेपी
होटल्स ने प्रस्तावित कार रेंटल व्यापार के लिए छह महीने से अधिक समय पहले इन कारों
का आयात किया था । बाद में रेंटल व्यापार की योजना स्थगित कर दी गई । उन्होंने कहा
कि रेंटल व्यापार के लिए अब तक इन कारों का उपयोग नहीं किया है । इन कारों का
स्वामित्व जेपी होटल्स के पास ही है । उन्होंने कहा कि हम डीआरआई के साथ सहयोग
करेंगे । डीआरआई सूत्रों ने बताया कि इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और
जांच जारी है । सूत्रों के मुताबिक दिल्ली स्थित डीआरआई विभाग की टीम ग्रेटर नोएडा
स्थित गोल्फ कोर्स में आ धमकी । टीम में करीब छह सदस्य थे । इन्होंने गोल्फ कोर्स
में घुसते ही गेट बंद करवा दिए और किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी ।
थानाध्यक्ष ने भी उससे जिद छोड़ने को कहा लेकिन साबिरा टस से मस नहीं हुई । प्यार
को पाने का यह अनूठा तरीका नौगावां सादात थाना क्षेत्र के गांव सिकरिया निवासी बाइस
वर्षीय साबिरा खातून ने अपनाया । साबिरा सुबह के समय दुल्हन जैसा लिबास पहनकर अपने
ही गांव के तालिब हुसैन के घर पहुंच गई । उसने तालिब की मां खुशनूदा से कहा: अम्मी
मैं आज से आपकी बहू हूं । अब मैं यहीं रहूंगी । खुशनूदा ने उसे काफी समझाया । लेकिन
साबिरा ने कह दिया: अगर आपने मुझे भेजा तो मैं यहीं जान दे दूंगी । इतना कहने के
बाद उसने खुद को एक कमरे के भीतर बंद कर लिया । कुछ ही देर में साबिरा को तलाशते
हुए उसके वालिद भूरा तथा चाचा कलुवा पहुंच गए । उन्होंने दरवाजा खुलवाने के लिए खूब
कस्में दीं लेकिन कोई भी कसम साबिरा को अपने फैसले से अडिग नहीं कर सकी ।
थानाध्यक्ष गोविंद साह पुलिस बल के साथ सिकरिया गांव पहुंच गए । उन्होंने साबिरा से
दरवाजा खोलने को कहा । लेकिन उसने साफ इंकार कर दिया । जब उन्होंने बाहर खड़े होकर
उसे समझाया तो वह मान गई और बाहर निकल आई । जैसे ही वह कमरे से बाहर निकली तो उसके
घर वाले उसे जबरन लेकर जाने लगे । इसका विरोध तालिब हुसैन तथा दूसरे ग्रामीणों ने
किया । बात बढ़ने पर थानाध्यक्ष साबिरा को थाने ले आए । यहीं दोनों पक्षों के लोग आ
गए । फैसला ग्रामीणों पर छोड़ दिया गया । गांव वाले भी साबिरा की जिद के आगे हार गए
। लिहाजा आज सुबह कारी अब्दुल रशीद ने साबिरा और तालिब हुसैन का निकाह करा दिया ।
लेकिन घर वाले माने नहीं । दूसरी जगह मेरी शादी की तैयारी की जा रही थी । मैंने ठान
लिया था कि कहीं दूसरी जगह निकाह नहीं करूंगी । तालिब हुसैन ने बताया: मेरा और
साबिरा का प्रेम पिछले छह माह से भी अधिक समय से चल रहा था । मैने उसके पिता से बात
करने के लिए अपने घर वालों को भेजा भी था लेकिन उन्होंने रिश्ते से साफ इंकार कर
दिया । कुल मिलाकर अपने प्यार को पाकर साबिरा बहुत खुश है । तालिब के घर पर भी आस -
पास की महिलाओं का जमावड़ा लगा हुआ है । सभी तालिब की पत्नि की मुंह दिखाई कर रही
हैं । तालिब के परिवार वाले भी वलीमे की तैयारी में जुट गए हैं । अच्छा बुरा समझ
सकती है साबिरा कारीअमरोहा । निकाह कराने वाले काज़ी अब्दुल रशीद ने कहा कि साबिरा
खातून बालिग है । वह अपना अच्छा -JOIN बुरा समझ सकती है । पहले उसके घर वाले नहीं
मान रहे थे लेकिन बाद में वह भी मान गए थे । रशीद ने बताया कि साबिरा ने जो कदम
उठाया वह है तो गलत ही लेकिन उसकी जिद के आगे लोगों को झुकना ही पड़ा । आपसी सहमति
से हल हुआ मामला एसओअमरोहा । थानाध्यक्ष गोंविद साह का कहना है तालिब का रिकार्ड
आपराधिक है । इस कारण साबिरा के घर वाले निकाह से इंकार कर रहे थे । लेकिन अपनी
बेटी की जिद के आगे उन्हें हार माननी पड़ी । उन्होंने बताया कि हमने थाने पर गांव
के असरदार लोगों को बुलाकर कह दिया था कि इसे आपसी सहमति के साथ निपटाया जाए ।
रेलवे स्टेशनों पर प्लास्टिक के गिलास की जगह मिट्टी के कुल्हड़ में चाय देने की
केंद्रीय रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की घोषणा के बाद कुम्हारों के चेहरों पर रौनक
लौट आई है । वेंडरों से कुम्हारों को कुल्हड़ बनाने के आर्डर भी मिलने लगे हैं ।
रेल मंत्री की घोषणा के चलते अंबाला शहर व छावनी के कुम्हार मोहल्लों में फिर से
मिट्टी की सौंधी - सौंधी खुशबू बिखरने लगे है । मुस्तैदी से काम में जुटे यहां के
निवासी शाम लाल के पास अब फुर्सत नहीं है । कारण, उसे ताजा -JOIN ताजा दो हजार
कुल्हड़ बनाने का आर्डर मिला है । वह चाहता है कि समय पर सप्लाई कर दे ताकि उसे रोज
ऐसे ही ऑर्डर मिलते रहें । इस काम में उसकी पत्नी, मां और बच्चे भी जोश से जुटे हैं
। कोई मिट्टी गूंथ रहा है, कोई ताजे बने कुल्हड़ों को धूप में सुखाने के लिए ले जा
रहा है तो कोई सूखे कुल्हड़ों को समेटने में जुटा है. नई घोषणा पर शामलाल का कहना
है कि लालू प्रसाद यादव जैसे उदार व्यक्ति का रेल मंत्री बनना उनके लिए वरदान से कम
नहीं है । आधुनिकता की होड़ ने जहां घरों से घड़े -JOIN मटके गायब कर दिए, वहां कम
उत्पादन व बढ़ती लागत के कारण मिट्टी के बर्तन गरीब आदमी की पहुंच से भी दूर होते
चले गए और उन्होंने भी इनके विकल्प ढूंढने शुरू कर दिए । शामलाल के अनुसार उसका
धंधा एकदम चौपट हो गया था और उसने बच्चों को इस पुश्तैनी धंधे को छोड़ने तक की सलाह
दे दी थी लेकिन रेल मंत्री की घोषणा कुम्हार समुदाय के लिए आशा की नई किरण लेकर आई
है । शामलाल ने बताया कि उसे मंगलवार को ही रेलवे से दो हजार कुल्हड़ बनाने का
आर्डर मिला है । छावनी रेलवे स्टेशन प्रबंधक मीना ने बताया कि रेल मंत्री के
आदेशानुसार २५ मई से ही स्टेशन पर कुल्हड़ में चाय परोसने की कवायद को अमलीजामा
पहना दिया गया है । मंगलवार को ही सभी वेंडरों को लिखित आदेश थमाकर इसे तुरंत
प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं । कुछ वेंडरों द्वारा प्लास्टिक के
गिलास में चाय परोसने के सवाल पर मीना ने कहा कि ये लोग भी कुल्हड़ों का इंतजाम
करने में लगे हैं और शाम तक पूरे स्टेशन पर कुल्हड़ों में ही चाय परोसी जाएगी ।
एफडी पर लगातार बढ़ती ब्याज दरों से बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों का तनाव कम हो
गया है । जमा राशि बढ़ाने का दबाव बैंक कर्मियों पर साल भर से हावी था । कम समय की
जमा राशियों पर बढ़ी ब्याज दरों का जादू ऐसा चला कि डाकघर की बचत योजनाओं और बैंकों
में पहले से चल रहे फिक्स्ड खाते तोड़कर पैसा बढ़ी ब्याज दरों पर सावधि जमा योजनाओं
में लगाया जा रहा है । बचत खाते का पैसा भी एफडी में लग रहा है । एफडी की नई
योजनाओं से एक लाख रुपये पर साल भर में दो हजार से २१ सौ रुपये तक का अतिरिक्त लाभ
मिल रहा है । चार गुना नए फिक्स्ड खाते खुले । पिछले वर्ष एक फरवरी से २५ अप्रैल के
बीच खुले फिक्स्ड खातों की तुलना करें तो इस वर्ष तीन महीनों में चार गुना खाते
खुले । महा बचत योजना में ३६५ दिनों में ९.५० फीसदी ब्याज मिल रहा है । यानि केवल
स्कीम बदलने पर २१३१ रुपये का फायदा, ग्राहक बढ़ना लाजमी है । पिछले तीन वर्षो में
बैंकों ने लोन के दबाव में जमा का ९० फीसदी तक वितरित कर दिया था । जमा राशि कम हुई
तो बचत योजनाओं में आकर्षण पैदा करना पड़ा । योजनाओं के कारण ही एफडी की संख्या
बढ़ी । आईसीआईसीआई बैंक एक कदम आगे बढ़कर आटो इनवेस्ट फेसिलिटी दे रहा । इसके तहत
बचत कर्ताओं के खाते में धन १५ हजार से अधिक होने पर पांच हजार के गुणांक में स्वतः
ही फिक्स्ड हो जाता है । इसमें सामान्य जमाकर्ताओं को ९.५ प्रतिशत ब्याज दर मिल रहा
है । सीनियर बिजनेस डेवलपमेंट एक्जिक्यूटिव रोहित सिंह ने माना कि योजनाओं के कारण
ही एफडी की संख्या बढ़ी है । पीएनबी मुख्य शाखा के प्रभारी जनसंपर्क शशिकांत
श्रीवास्तव ने बताया कि १५ अप्रैल के बाद से एफडी के लिए होड़ लगी है । योजना ३०
अप्रैल को खत्म हो रही है । लाभ के पद को लेकर उभरे विवाद के बाद कांग्रेस अध्यक्ष
सोनिया गांधी द्वारा उठाए गए कदम की आरएसएस ने जमकर सराहना की है । संघ के विचारक
एम. जी. वैद्य ने कहा कि इस विवाद को लेकर सोनिया ने लोकसभा सीट और राष्ट्रीय
सलाहकार परिषद के अध्यक्ष पद को छोड़ने का फैसला कर चतुराई भरा कदम उठाया है । उनका
यह फैसला यह भी दर्शाता है कि वह राजनीति में कितनी परिपक्व हो चुकी हैं । स्थानीय
मराठी दैनिक तरुण भारत में प्रकाशित होने वाले अपने साप्ताहिक कॉलम में वैद्य ने
कहा कि यदि वह सिर्फ एनएसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देती तो भी उनका मकसद हल हो
जाता । लेकिन दोनों पदों से इस्तीफा उनकी राजनीतिक परिपक्वता का उदाहरण है । सोनिया
के साहसी फैसले पर उनकी सराहना करते हुए वैद्य ने भाजपा का बगैर नाम लिए यह भी सवाल
किया कि जो उनके इस्तीफे को नाटक करार दे रहे हैं, उन्हें अपने उन सांसदों से भी
इस्तीफा मांगना चाहिए, जिन पर इसी तरह के आरोप लग रहे हैं । उन्होंने कहा कि सोनिया
गांधी की इस बात के लिए सराहना की जानी चाहिए कि उन्होंने यूपीए सरकार को इस संबंध
में अध्यादेश लाने से बचा लिया । वैद्य का मानना है कि सोनिया गांधी के दोनों पदों
से इस्तीफा देने के फैसले पर विपक्ष जो नुक्ताचीनी कर रहा है, उसका कोई औचित्य नहीं
है । कांग्रेस को उनके इस्तीफे से लाभ ही मिलेगा । उन्होंने कहा कि सोनिया ने
लोकसभा की सदस्यता छोड़ी न कि राजनीति से संन्यास लिया है । वह रायबरेली से दोबारा
चुनाव लड़ने जा रही है । सोनिया पिछली बार से कहीं ज्यादा मतों से इस बार जीतेंगीं
। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी सांसद जया बच्चन और कर्ण सिंह के पास भी यही
विकल्प है । लेकिन समाजवादी पार्टी यह विकल्प नहीं चुनने जा रही है । उन्होंने कहा
कि उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव करीब हैं और कांग्रेस निश्चित रूप से सोनिया
के इस कथित त्याग को भुनाएगी, जहां पर इस समय उसके पास मजबूत जनाधार नहीं है ।
भाजपा का बगैर नाम लिए वाम दलों की आलोचना करते हुए वैद्य ने कहा कि जो भी सांसद
लाभ वाले पद पर आसीन होने के दायरे में आते हैं, उन्हें पद छोड़ देना चाहिए । वह इस
बात का इंतजार क्यों कर रहे हैं कि सरकार अध्यादेश लाकर उनके पदों को बचाए । भाजपा
पर उंगली उठाते हुए वैद्य ने कहा कि जो उनके इस्तीफे को नाटक करार दे रहे हैं, पहले
उन्हें खुद इस्तीफा देना चाहिए । मार्च महीने में जब भारत और पाकिस्तान के विदेश
मंत्री इस्लामाबाद में बैठेंगे तो क्या सियाचिन से सेना हटाने पर सहमति बन जाएगी?
पाकिस्तान इसे प्रचारित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है कि ऐसा ही होगा जबकि
भारतीय विदेश मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार अभी दिल्ली दूर है । विदेश
मंत्रालय के सूत्र बताते हैं पाकिस्तान के इस दावे में अभी कोई दम नहीं है । सेना
हटाने पर अभी तक सहमति नहीं बताते हैं कि दोनों देशों के बीच में कश्मीर समस्या को
लेकर समझ बनने के पाकिस्तान के विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी के दावे पर भी अभी
कुछ नहीं कहा जा सकता । यह कसूरी की अपनी समझ है और अभी समझ को लेकर किसी निष्कर्ष
पर नहीं पहुंचा जा सका है । रहा सियाचिन से सेना हटाने का सवाल तो २००४ के बाद से
अब तक इस मुद्दे पर नौ बैठकें हो चुकी है । एक बार सैन्य अधिकारी स्तर की बैठक भी
हुई है लेकिन सेना हटाने की शर्तों पर अभी तक कोई सहमति नहीं बनी है । उच्च पदस्थ
अधिकारी के अनुसार भारत सियाचिन को लेकर अपने राष्ट्रीय हित से रंचमात्र भी समझौते
के मूड में नहीं है । बताते हैं कि पाकिस्तान चाहता है कि भारत और पाकिस्तान की
सीमाएं बराबरी पर पीछे अपने क्षेत्रों की ओर लौटें । भारत इससे कदापि सहमत नहीं है
। दूसरे सियाचिन या कश्मीर मुद्दे का कोई भी समाधान तभी संभव है जब सीमा पार का
आतंकवाद पूरी तरह से बंद हो जाएगा । पाकिस्तान आतंकवादियों को समर्थन देना बंद कर
देगा । लेकिन अभी इसके आसार कम दिखाई पड़ रहे हैं । हालांकि इसके मद्देनजर एक अहम
बैठक इस्लामाबाद में छह मार्च को होने वाली है । व्यापार बढ़ने से सुधरेंगे संबंध
बताते हैं कि अभी की पूरी कसरत दोनों देशों के आम नागरिकों के बीच में विश्वास
बहाली ही है । भारत का मानना है कि पाकिस्तान और भारत के बीच में द्वि पक्षीय
व्यापार बढ़ने पर दोनों के बीच में संबंध सुधरेंगे । दोनों देशों के बीच में एक
दूसरे के प्रति नफरत फैलाने वाले बयानों या इस तरह की कोशिशों को लेकर भी कोई सहमति
बन सकती है । विदेश मंत्रालय के सूत्र बताते हैं कि सियाचिन से सेना हटाने के मामले
में भारतीय सेना की भी एक राय है । इसके अलावा भारत का हित भी है । यह एक संवेदनशील
मुद्दा है और पाकिस्तान के साथ विश्वास बहाली का स्तर इतना सकारात्मक नहीं है कि
इसका आसानी से निपटारा किया जा सके । भारतीय जनता पार्टी के दिवंगत नेता प्रमोद
महाजन की बहन प्रज्ञा मुंडे ने अपने दूसरे भाई प्रवीण महाजन की आलोचना करते हुए उसे
झूठा करार दिया है । मालूम हो कि प्रवीण महाजन ने ही अपने सगे भाई प्रमोद महाजन की
गोली मारकर हत्या कर दी थी । प्रवीण पैसे के लिए प्रमोद पर ही निर्भर था । भाजपा के
महासचिव गोपीनाथ मुंडे की पत्नी प्रज्ञा ने अदालत को बताया कि प्रवीण पैसे के लिए
प्रमोद पर ही निर्भर था । प्रमोद हम लोगों के लिए पिता समान थे । उन्होंने अदालत से
कहा कि जब उन पर हमला किया गया तब वह निहत्थे थे और ऐसे में वे कुछ नहीं कर सकते थे
। प्रमोद के पास कोई हथियार नहीं था और प्रवीण ने ही उनकी हत्या की है । अदालत में
बयान देते समय प्रज्ञा की आंखें भर आई और उन्होंने कहा कि प्रमोद ही प्रवीण के
परिवार की देखभाल करते थे । प्रवीण के बेटे की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि
प्रमोद की वजह से ही वह स्वस्थ है और उसका पालन पोषण हो सका । प्रवीण झूठा और बेशरम
है लेकिन... प्रज्ञा ने कहा कि प्रवीण उस कोयले के समान है जो प्रमोद जैसे हीरे का
महत्व नहीं समझ पाया । मालूम हो कि प्रवीण ने पिछले साल २२ अप्रैल को प्रमोद महाजन
को गोली मार दी थी और बारह दिन बाद अस्पताल में उनकी मौत हो गई । उन्होंने कहा कि
जब रेखा ने उन्हें रोते हुए बताया कि प्रवीण ने प्रमोद को गोली मार दी है तब वह
दौड़ते हुए प्रमोद के फ्लैट की ओर भागीं । सरकारी वकील उज्जवल निकम ने सुनवाई के
बाद संवाददाताओं से कहा कि इस मामले में मुख्य गवाह प्रमोद महाजन का नौकर महेश
वानखेड़े ८ मई को अपनी गवाही देगा । कुवैत सरकार ने आगामी एक जुलाई से एयर इंडिया
और इंडियन एयरलाइंस के विमानों को देश में प्रवेश पर रोक लगा दी है । यह प्रतिबंध
एक जुलाई, २००७ से लागू होगा । कुवैत ने भारत सरकार पर विमानों की आवाजाही से
संबंधित एक समझौते का पालन न करने का आरोप लगाते हुए यह कदम उठाया है । माना जा रहा
है कि यदि उड़ानों पर प्रतिबंध लागू हो जाता है तो प्रतिदिन हजारों भारतीय प्रभावित
होंगे । प्रतिबंध लागू हुआ तो यात्री होंगे प्रभावित । कुवैत सरकार ने यह कदम भारत
से उड़ान भरने वाले कुवैती विमानों की संख्या बढ़ाए जाने के मसले पर रुचि न दिखाने
पर उठाया है । उल्लेखनीय है कि भारत और कुवैत के बीच इससे पहले उड़ानों की संख्या
बढ़ाने को लेकर एक समझौता भी हो चुका है । कुवैत का कहना है कि भारत अब इस समझौते
से पीछे हट रहा है । दरअसल कुवैत चाहता है कि उसकी एक एयरलाइंस की भारत से उड़ानों
को बढ़ा दिया जाए लेकिन भारत इसकी स्वीकृति नहीं दे रहा । जबकि जानकारों का मानना
है कि भारत ने यह कदम अपनी विमान सेवाओं के हित को ध्यान में रखकर उठाया है ।
मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक कुवैती अधिकारियों के साथ चालू माह के समाप्त
होने से पहले ही एक बैठक की जाएगी । इस बैठक में शामिल होने के लिए नागरिक उड्डयन
मंत्रालय के एक संयुक्त सचिव कुवैत जाएंगे । '1 एयर इंडिया '2 और '1 इंडियन '2
विमान सेवाओं को नोटिस दे दिया गया है । यह नोटिस कुवैत के विमान प्राधिकरण
मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल ने जारी किया है । इस पर कुवैत एयरवेज के एक अधिकारी ने
कहा, लंबे समय से भारत इस समझौते को लेकर उदासीन रवैया अपनाता रहा । इस अधिकारी ने
उम्मीद जताई कि कुवैत और भारत के अधिकारियों के बीच नई दिल्ली में होने वाली बैठक
में इस समस्या का हल निकाल लिया जाएगा । जबकि एक भारतीय अधिकारी का कहना था, हम नई
दिल्ली स्थित अपने मुख्य कार्यालय से निरंतर संपर्क बनाए हुए हैं । एक अनुमान के
मुताबिक प्रतिदिन भारत से करीब १०० यात्री यहां आते हैं । कुवैत सरकार की इस घोषणा
के बाद भारतीय विमान सेवा ने अन्य एयरलाइंस से इमरजेंसी की स्थिति में इंतजाम करने
के लिए बात शुरू कर दी है । वहीं एडवांस बुकिंग ले चुके कुछ लोगों ने टिकट कैंसिल
कराना शुरू कर दिया है । इस बाबत विमान सेवाएं इनसे किसी तरह की कैंसिलेशन फीस नहीं
वसूल रही हैं । हालांकि विमान कंपनियां कह रही हैं कि यात्रियों में इस सूचना को
लेकर किसी तरह की हड़बड़ी नहीं है और जुलाई तक के लिए एडवांस बुकिंग की जा रही है ।
जब भारतीय अधिकारियों से पूछा गया कि फ्लाइट कैंसिल होने पर यात्रियों के लिए क्या
इंतजाम किए गए हैं तो उन्होंने कहा, यदि ऐसा कुछ होता है तो एयरलाइंस यात्रियों को
इसकी पूर्व सूचना उपलब्ध कराएगा । कुछ दिन पहले कुवैत ने अपनी पहली प्राइवेट बजट
एयरलाइंस जजीरा एयरवेज की उड़ानों की संख्या बढ़ाने की मांग की । इसके लिए उड़ानों
की संख्या करीब ५० फीसदी बढ़ाने को कहा गया । लेकिन भारत सरकार ने ऐसा करने से मना
कर दिया । यदि जजीरा एयरवेज को ऐसा करने की स्वीकृति मिल जाती तो इससे इंडियन
एयरलाइंस और एयर इंडिया के व्यापार पर असर पड़ सकता है । कारण यह है कि भारत आने और
जाने वाली जजीरा की १३ में से १० फ्लाइट दुबई के रास्ते कुवैत जाती हैं । जिससे
अधिकतर लोग इन्हीं फ्लाइटों में जाना पसंद करते हैं । वहीं कुवैत एयरवेज और जजीरा
एयरलाइंस की मुंबई तक की प्रतिदिन एक उड़ान है और दक्षिण भारत के लिए साप्ताहिक
उड़ाने हैं । बी. टेक. कंप्यूटर साइंस अंतिम वर्ष के छात्र विपिन कुमार ने देश में
कंप्यूटर की प्रोसेसिंग पावर बढ़ाने के क्षेत्र में चल रहे अनुसंधान को चुनौती देते
हुए तीस कंप्यूटरों को क्लस्टर तकनीक से जोड़कर सुपर कंप्यूटर बनाने का गौरव हासिल
किया है । विपिन के सुपर कंप्यूटर की स्पीड ४६ गीगा हर्टस तक है । जबकि पश्चिमी
उत्तर प्रदेश के इस युवा ने इसकी स्पीड कुछ अन्य कंप्यूटरों को जोड़कर डेढ़ लाख
गीगा हर्टज तक बढ़ाने का दावा किया है । उनके इंस्टीट्यूट के प्रबंधकों ने जब इस
छात्र के अनुसंधान के बारे में जिला प्रशासन को बताया तो कलेक्टर ने इसकी जांच
विशेषज्ञों से कराई । विशेषज्ञों ने भी विपिन के इस प्रयोग पर आश्चर्य व्यक्त किया
। विपिन पहला ऐसा भारतीय है जिसने सामान्य कंप्यूटरों को जोड़कर सुपर कंप्यूटर
बनाया है । जिलाधिकारी संतोष कुमार यादव ने विपिन के इस कारनामे को प्रोत्साहित
करने के लिए प्रदेश शासन के सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को लिखा है । उन्होंने
कहा कि कलक्ट्रेट के कंप्यूटरों को भी विपिन की अत्याधुनिक तकनीक से जोड़कर उनकी
प्रोसेसिंग पावर बढ़ाई जाएगी । राजकुमार गोयल इंस्टीट्यूट आफ टेक्नालोजी कालेज के
छात्र विपिन कुमार द्वारा तैयार किए गए सुपर कंप्यूटर के संबंध में कलक्ट्रेट
सभागार में संवाददाताओं को जानकारी दी गई । जिलाधिकारी यादव, विपिन और कालेज के
कंप्यूटर विषय के प्रोफेसर कृष्ण कंसल सुपर कंप्यूटर के संबंध में संयुक्त रूप से
जानकारी दी । उसने बताया कि विश्व भर के बाजारों में इन दिनों जो सुपर कंप्यूटर
उपलब्ध हैं, उनकी कीमत करीब ८० लाख रुपए है । जबकि उसके द्वारा तैयार किए गए माडल
की लागत सिर्फ दस लाख रुपये आई है । विपिन ने बताया कि सुपर कंप्यूटरिंग प्रोसेसिंग
पावर, जिस पर अब तक विकसित देशों का एकाधिकार था, वही सुपर कंप्यूटर कम कीमत में
क्लस्टरिंग टेक्नालोजी के उपयोग से अब भारत के विभिन्न रिसर्च और शिक्षण संस्थानों
में उपलब्ध है । कालेज में सुपर कंप्यूटर के माडल का निर्माण करने में तीस सामान्य
कंप्यूटरों का प्रयोग करके किया गया । इसके निर्माण में इस्तेमाल किए जाने वाले सभी
साफ्टवेयर नॉन कमर्शियल हैं । इसके निर्माण में रैड हैड लाइन एक्स आपरेटिंग सिस्टम
और औसकर ४.० पैकेज का प्रयोग किया गया है । इस तकनीक के बहुत से लाभ हैं । इससे
बहुत ही कम कीमत पर उच्च प्रोसेसिंग पावर उपलब्ध है । विपिन ने बताया कि उसके
द्वारा तैयार किए गए सुपर कंप्यूटर की स्पीड ४५ गीगा हर्टस है । इसकी जांच उन्होंने
एचपीएल साफ्टवेयर से की है । इसका प्रयोग मौसम की भविष्यवाणी, कांप्लेक्स एनीमेशन,
नंबर क्रैचिंग प्रोब्लम, बायो तकनीक, डीएनए को समझने, अणु और परमाणुओं की थ्री डी
आकृति और उस पर लगने वाले बल व प्रभाव को समझने में किया जा सकता है । जिलाधिकारी
यादव ने बताया कि सामान्य तौर पर कंप्यूटर की स्पीड दो गीगा हर्टस होती है । कई
कंप्यूटरों को जब जोड़ दिया गया तो स्पीड बढ़ गई । सामान्य कंप्यूटर किसी एक
एप्लीकेशन की प्रोसेसिंग करने में एक या दो दिन लगा देते हैं । सुपर कंप्यूटर से यह
काम दस मिनट में हो जाता है । क्योंकि इसकी स्पीड बहुत अधिक होती है । जिलाधिकारी
विपिन के कार्य के संबंध में प्रदेश शासन को लिखित रूप से अवगत कराएंगे । इसकी सबसे
बड़ी विशेषता यह है कि सामान्य कार्य चलता रहेगा और किसी चीज की प्रोसेसिंग भी अपने
आप होती रहेगी । कश्मीर सहित अनेक द्विपक्षीय मसलों पर विदेश सचिव स्तर की वार्ता
के लिए पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज खोखर शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे । खोखर और
भारतीय विदेश सचिव शशांक के बीच रविवार और सोमवार को वार्ता होगी । राजधानी पहुंचने
के बाद खोखर ने वार्ताकारों से कहा कि वह पाकिस्तान सरकार और वहां की जनता की तरफ
से भारत के लोगों को शुभकामनाएं देते हैं । उन्होंने कहा कि वह द्विपक्षीय मसलों को
सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए प्रयास करने से पीछे नहीं हटेंगे । खोखर
ने दोहराया कि हम संवेदनशील मसलों पर गंभीरता से विचार करने की दिशा में आगे बढ़
रहे हैं । उन्होंने कहा कि जम्मू - कश्मीर के अलावा कई अन्य मसलों पर भी वार्ता
होगी । माना जा रहा है कि भारत भी इस वार्ता के दौरान कश्मीर में बागी मुस्लिम
आतंकवाद का मसला उठाएगा । वहीं पाकिस्तान भी वार्ता के दौरान नियंत्रण रेखा पर सेना
को कम करने व वार्ता में कश्मीरी नेताओं के शामिल होने का मसला भी उठाएगा । खोखर ने
कहा है कि पाकिस्तान में प्रधानमंत्री बदले जाने की स्थिति में भी भारत के साथ
सकारात्मक बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी । यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का
एक हिस्सा ही तो है । '2 बहरहाल, शनिवार को खोखर ने हुर्रियत नेता सैयद अली शाह
गिलानी से मुलाकात की । दो घंटे तक चली उनकी बैठक में पाकिस्तानी उच्चायोग के कई
राजनयिकों ने भी भाग लिया । पाकिस्तान के विदेश मंत्री खुर्शीद अहमद कसूरी ने एक
चैनल पर साक्षात्कार में कहा कि कश्मीर मसले पर जो भी सहमति बनेगी वह कश्मीर के
लोगों को स्वीकार्य होगी । कसूरी ने कहा कि इस मसले पर वह सभी से वार्ता करने को
तैयार हैं । भारत का कहना है कि दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग और विश्वास बढ़ाने
में भारत पीछे नहीं रहेगा, लेकिन कश्मीर के मामले में भारत अपने पुराने रुख से पीछे
नहीं हटेगा । वहीं शनिवार को खोखर जब भारत पहुंचे तो कश्मीर के सूरनकोट इलाके में
पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने १२ लोगों की हत्या कर दी और ८ लोगों को घायल कर
दिया । लेकिन पाकिस्तान नियंत्रण वाले कश्मीर में कश्मीरी लोगों के लिए राजनीतिक और
कूटनीतिक सहयोग देने में मदद करता रहेगा । गौरतलब है कि भारत के नियंत्रण वाले
कश्मीर में वर्ष १९८९ के बाद से बागी मुस्लिम समूहों द्वारा चलाई जा रही आतंकी
गतिविधियों के चलते अब तक करीब ६५,००० से ज्यादा लोगों की जानें जा चुकी हैं ।
मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक को लेकर की गई बेरीकेडिंग पुलिस के जी का जंजाल बन गई
। इसी रोकटोक से नाराज वकील पुलिस के खिलाफ सड़क पर उतर आए और दिन भर गुरिल्ला
युद्ध चलता रहा । हाईकोर्ट के सामने पांच घंटे रास्ता रोककर जमकर पत्थरबाजी की गई ।
पथराव में आसपास की दुकानों में काम करने वाले लड़कों ने भी साथ दिया । पीएसी और
पुलिस ने भी जवाब में पत्थर चलाए । इस दौरान वकीलों ने दो सरकारी वाहन एवं एक
सिपाही की मोटरसाइकिल समेत ट्रैफिक बूथ जला डाला तो लगभग आपा खो चुके पीएसी के
जवानों ने तीन कारें और आधा दर्जन मोटरसाइकिलें फूंक दीं । पथराव, भगदड़ और आगजनी
में दो दर्जन वकीलों को चोटें आईं तो पुलिस और मीडियाकर्मी भी घायल हुए । वकीलों ने
प्रेस फोटोग्राफरों के साथ भी अभद्रता की । बाद में मामला शांत करने पहुंचे डीआईजी
भी वकीलों के कोप का शिकार बन गए । हालांकि उन्होंने अपने साथ दुर्व्यवहार की घटना
से इनकार किया है । मामले की शुरुआत सर्किट हाउस के पास स्थित आकाशवाणी चौराहे से
हुई । सुबह करीब १०.३० बजे वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर मिश्र उधर से आ रहे थे ।
उन्होंने वहां मौजूद पुलिस वालों से रास्ता खोलने को कहा । इसी बात पर एक दरोगा से
बहस होने लगी । मिश्र के अनुसार इसी दौरान दरोगा ने न्यायालय के प्रति अवमाननाजनक
शब्दों का प्रयोग किया और वकीलों को अपशब्द कहे । इसके पूर्व एक न्यायमूर्ति को भी
रास्ता बदलकर हाईकोर्ट जाना पड़ा था । मिश्र दूसरे रास्ते होकर हाईकोर्ट पहुंचे ।
वह अन्य वकीलों के साथ एक न्याय कक्ष में गए और वहां उपस्थित न्यायाधीश से दरोगा
द्वारा कही बातों को बताया । इस पर न्यायाधीश ने उन्हें मुख्य न्यायाधीश के यहां
जाने को कहा । मिश्र मुख्य न्यायाधीश के यहां पहुंचे तो वहां किसी मामले की सुनवाई
चल रही थी । सुनवाई पूरी होने के बाद उन्होंने अपनी बात बताई । इस पर उनसे लिखित
रूप में देने को कहा गया । इसके बाद लाइब्रेरी हाल में वकीलों की बैठक हुई, जिसमें
पुलिस के रवैये पर वकीलों ने नाराजगी जताई और दोपहर बाद न्यायिक कार्य नहीं करने का
निर्णय लिया । इसके बाद वकीलों का एक जत्था हाईकोर्ट के सामने पहुंचा और जी.टी. रोड
पर जाम लगाने लगा । इसी दौरान कुछ लोगों ने सामने खड़ी पुलिस की टाटा सूमो (यूपी -
७० एजी / ००२६) को पलट दिया और नारेबाजी करने लगे । नारेबाजी चल ही रही थी कि
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अपनी जीप से वहां पहुंचे । उन्होंने वकीलों को समझाना चाहा
लेकिन गुस्साई भीड़ कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थी । कुछ लोगों ने उन पर पत्थर भी
फेंके । इसके बाद पलटी टाटा सूमो आग के हवाले कर दी गई । इस बीच पीएसी के जवान वहां
पहुंचे । जवानों ने गुस्से में वकीलों के वाहनों को शिकार बनाया । शाम चार बजे
आईजी, डीआईजी और एसएसपी भी पहुंचे तो आगे खड़े वकीलों ने पीएसी हटाकर बात करने को
कहा । बाद में पीएसी के चले जाने के बाद हालात धीरे -JOIN धीरे बदलने लगे । कुछ देर
बाद जी.टी. रोड पर पत्थरबाजी हुई और मुख्य गेट के पास खड़ी एक सरकारी जीप आग के
हवाले कर दी गई । देर शाम कतिपय वकीलों और एसएसपी के बीच बातचीत के बाद जी.टी. रोड
पर यातायात शुरू हुआ और मामला शांत हो गया । एक अप्रैल से बिक्रीकर के स्थान पर
लागू की गई नई कर प्रणाली मूल्य संवर्धित कर प्रणाली (वैट) के विरोध में व्यापारिक
संगठनों ने एक बार फिर २९ अप्रैल को भारत बंद की घोषणा की है । भारतीय उद्योग
व्यापार मंडल, फोरम ऑफ दिल्ली ट्रेड एसोसिएशंस और दिल्ली व्यापार महासंघ के नेतृत्व
में हुई बैठक में मंगलवार को व्यापारियों ने बंद के फैसले का समर्थन किया । संगठनों
का दावा है कि इस बार (भारत बंद) ऐतिहासिक होगा क्योंकि इसमें थोक के साथ ही देश भर
का खुदरा व्यापार भी बंद रहेगा । भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष श्याम
बिहारी मिश्रा ने बताया कि उच्चाधिकार प्राप्त समिति की दो दिन से चल रही बैठक में
ऐसा कोई निर्णय नहीं हुआ है जिससे व्यापारियों व उपभोक्ताओं को नए कर कानून से राहत
मिल सके । वैट से देशभर का व्यापार ठप पड़ा है । तकनीकी खामियों को लेकर उत्पन्न
अनिश्चितता से उबरते हुए अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के स्पेस शटल डिस्कवरी ने
मंगलवार को भारतीय समयानुसार रात ८ बजकर ९ मिनट पर केनेडी स्पेस सेंटर से उड़ान भरी
। राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश ने सफलतापूर्ण प्रक्षेपण के लिए नासा को बधाई दी है ।
उन्होंने कहा कि मैं अमेरिका के सभी नागरिकों की ओर से अंतरिक्षयात्रियों की
सुरक्षा और मिशन की सफलता की कामना करता हूं । स्पेस शटल में सात अंतरिक्ष यात्री
हैं । यह यान १२ दिन तक अंतरिक्ष में रहेगा । ढाई साल पहले हुए कोलंबिया हादसे के
बाद किसी अमेरिकी अंतरिक्ष यान की यह पहली उड़ान है । डिस्कवरी अंतर्राष्ट्रीय
अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए उपकरण व अन्य ज़रूरी सामान लेकर गया है । कोलंबिया
हादसे से सबक लेते हुए इस बार नासा ने अंतरिक्ष यान में सुरक्षा के और उपाय किए
हैं, ताकि खतरे को कम से कम किया जा सके । इस अभियान में जाने वाले अंतरिक्ष यात्री
हैं, पायलट जेम्स कैली, वेंडी लॅरेंस, चार्ल्स कमारडा, एंड्रयू थॉमस, स्टीफ़न
रॅबिंसन, कमांडर इलीन कॉलिंस और जापान के सोची नोगुची । प्रक्षेपण के दौरान
अंतरिक्ष कार्यक्रम के अधिकारी और डिस्कवरी व कोलंबिया के अंतरिक्षयात्रियों के
परिजन भी मौजूद थे । इस मिशन के दौरान कमांडर इलीन कॉलिंस और उनके सहयोगी कक्षा में
अंतरिक्ष यान के निरीक्षण और उसकी मरम्मत की नई तकनीकों का परीक्षण करेंगे । किसी
अनहोनी की आशंका को देखते हुए अंतरिक्ष यात्रियों को आईएसएस से लाने के लिए एक अन्य
अंतरिक्ष यान अटलांटिस को तैयार रखा गया है । ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर
अतिक्रमण विरोधी कवायद के दौरान वहां के खादिमों ने विरोध प्रदर्शन किया । उन्होंने
दोपहर बाद करीब चालीस मिनट तक मुख्य दरवाजा बंद रखा । इसके कारण सैकड़ों
श्रद्धालुओं को इस विरोध प्रदर्शन के कारण मुख्य दरवाजे के बाहर इंतज़ार करना पड़ा
। इसके बाद पुलिस ने मामले में हस्तक्षेप करके दरवाज़ा खुलवाया । अतिक्रमण विरोधी
अभियान दरगाह कमेटी ने उर्स के मौके पर दरगाह की सुरक्षा के लिए छेड़ा था । इस पूरे
घटनाक्रम में दरगाह कमेटी के कुछ सदस्यों को चोटें आई हैं । राज्यसभा में बुधवार को
गृह राज्यमंत्री एस. रघुपति ने बताया कि भारत ने नेपाल से सुरक्षा संबंधी समस्याओं
पर चिंता जताई है । भारत सरकार ने नेपाल से कहा है कि पाकिस्तान के आतंकवादी भारत -
नेपाल सीमा पर सुरक्षा खामियों का फ़ायदा उठाकर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ करते हैं
। उन्होंने बताया कि सरकार ने सहस्त्र सीमा बल की बीस नई बटालियनों की तैनाती को
मंजूरी दी है । पश्चिम बंगाल के मानवाधिकार आयोग ने एक डीआईजी पर पुरुष कांस्टेबल
देबाशीष बनर्जी का यौन उत्पीड़न करने के आरोप की जांच करने के आदेश दिए हैं ।
एचआरसी के अध्यक्ष अवकाश प्राप्त जज एस. के. सेन ने कहा कि कांस्टेबल की पत्नी राखी
की शिकायत पर डीजीपी को जांच करने के आदेश दिए गए हैं । असम के उत्तरी काचर जिले के
माइबोंग रेलवे स्टेशन पर बुधवार को हुए ग्रेनेड हमले में तीन लोगों की मौत हो गई ।
घटना में एक बच्चा और दो महिलाओं समेत चार लोग घायल हो गए हैं । पुलिस सूत्रों के
मुताबिक स्टेशन के नज़दीक स्थित पानी टंकी के पास एक गोदाम में दोपहर बाद विस्फ़ोट
हुआ । उन्होंने बताया कि संदिग्ध आतंकवादियों ने विस्फ़ोट को अंजाम देने के बाद
भीड़ का लाभ उठाकर भागने में सफल हो गए । स्थानीय पुलिस ने घटना के पीछे दीमा
हाओलाम डाओगा संगठन के हाथ होने की आशंका जाहिर की । सभी घायलों को माइबोंग के
सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है । पुलिस सूत्रों के मुताबिक विस्फ़ोट का रेल
सेवा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है । अमरनाथ गुफ़ा में हर साल प्राकृतिक रूप से बनने
वाले शिवलिंग के साथ कथित रूप से छेड़छाड़ किए जाने के मामले में श्री अमरनाथ
श्राइन बोर्ड के खिलाफ़ शिकायत दर्ज की गई है । जम्मू -JOIN कश्मीर हाईकोर्ट में
दर्ज शिकायत में हिंदू समुदाय के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया
गया है । जस्टिस जे. पी. सिंह की अदालत में बृहस्पतिवार को सुनवाई के लिए केस को
सूचीबद्ध किया गया है । किस्तवार के नागरिकों द्वारा दर्ज याचिका में राज्य सरकार,
प्रदेश के मुख्य सचिव, पर्यटन विभाग के आयुक्त -JOIN सचिव और निदेशक को भी मामले
में नामित किया गया है । याचिका में आरोप लगाया गया है कि श्राइन बोर्ड द्वारा नकली
शिवलिंग बनाए जाने से अमरनाथ की पवित्र गुफ़ा के दर्शन को आने वाले हिंदू
श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं । एक सदस्यीय आयोग द्वारा अगस्त के दूसरे
सप्ताह में रिपोर्ट देने की संभावना है । अप्रैल माह में शहर में आयोजित धार्मिक
जुलूस के दौरान हुई हिंसा के मामले में सिमी के दो संदिग्ध कार्यकर्ताओं को
गिरफ़्तार किया गया है । बुधवार को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एस. पी. सिंह ने बताया
कि प्रतिबंधित संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी के आधार पर मोहम्मद
अमीन कुरैशी और मोहम्मद शफ़ीक को गिरफ़्तार किया गया है । सिंह ने बताया कि मुंबई
बम विस्फ़ोट के बाद भोपाल में गिरफ़्तार किए गए सिमी कार्यकर्ता इमरान अंसारी से
मिली जानकारी के आधार पर दोनों को गिरफ़्तार किया गया । उन्होंने बताया कि दोनों के
पास से कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ मिले हैं । बर्ड फ्लू की दवा के निर्माण को लेकर
रैनबैक्सी और सिप्ला कंपनियों की सरकार के अनिवार्य लाइसेंसिग में कोई दिलचस्पी
नहीं है । इसलिए दोनों कंपनियां इसकी निर्माता कंपनी रोस से बातचीत में ज्यादा
दिलचस्पी ले रहीं हैं ताकि उन्हें एशिया क्षेत्र में दवा के निर्माण और बिक्री के
अधिकार हासिल हो जाएं । फिर इसमें कुछ और तकनीकी अड़चनें भी हैं । क्योंकि यह
लाइसेंस लेकर वे भारत के बाहर दवा नहीं बेच पाएंगी । जबकि दोनों कंपनियां रोस से
बातचीत कर रहीं हैं जिसमें वे एशियाई देशों में दवा के विन और उत्पादन के लिए
बातचीत कर रही हैं । इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि बर्ड फ्लू को लेकर एक
-JOIN दो दिन में गृह मंत्री भी बैठक ले सकते हैं । गुरु ग्रेग के (उंगली के) इशारे
की घटना पर लीपापोती की भारतीय टीम प्रबंधन की सारी कोशिशें उस समय धरी रह गई, जब
खुद ग्रेग चैपल ने इशारा करने की बात कुबूल कर ली । यह अलग बात है कि मुंबई में
होने वाले वन -JOIN डे मैच की पूर्व संध्या पर चैपल ने इस सवाल पर फिर चुप्पी साध
ली, जबकि प्रबंधन ने यह कहकर मामला समेटने की कोशिश की कि ऐसी कोई घटना हुई ही नहीं
। दरअसल चैपल ने कल्पना भी नहीं की थी कि उंगली का इशारा इस कदर तूल पकड़ लेगा ।
कोलकता के अंग्रेजी अखबार ने (किंकर्तव्यविमूढ़) चैपल से सच उगलवा ही लिया । इसके
मुताबिक, दर्शकों की ओर जानबूझकर अभद्र इशारे की बाबत पूछे जाने पर चैपल ने कहा,
मुझे इसकी व्याख्या करने की ज़रूरत नहीं है । लेकिन यह सही है कि मैंने उंगली से
इशारा किया था । उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न न्यूज़ चैनलों पर जो तस्वीर दिखाई
गई है, वह सही है । चैपल ने कोलकता के लोगों के व्यवहार पर भी दुख प्रकट किया है ।
उन्होंने कहा कि कोलकता में उस दिन मैच के दौरान भी क्रिकेट प्रेमियों का व्यवहार
कल्पना से परे, विचित्र और प्रतिकूल था । मुझे उकसाने की भरपूर कोशिश की गई । लोग
मेरा नाम लेकर चिल्ला रहे थे । इस खुलासे के बावजूद रविवार शाम भारतीय टीम के
कप्तान राहुल द्रविड़ और मीडिया मैनेजर बालादित्य के साथ प्रेस कांफ्रेंस में अपनी
साफगोई और सख्ती के लिए विख्यात ग्रेग चैपल इशारे के सवाल पर चुप्पी साध गए । बाद
में उनकी तरफ़ से बालादित्य यह कहकर बात टालने की कोशिश की कि ऐसी कोई घटना हुई ही
नहीं । पत्रकारों के सवालों पर बालादित्य बार - बार कहते रहे कि चैपल केवल अपनी
चोटिल उंगली दिखा रहे थे । उन्होंने कहा कि टीम के सभी सदस्य और कोच ग्रेग चैपल
भारतीय क्रिकेट प्रेमियों का सम्मान करते हैं । चैपल को अभ्यास सत्र के दौरान चोट
लगी थी और बात अब यहीं ख़त्म कर दी जानी चाहिए । उल्लेखनीय है कि कोलकता वन - डे से
पहले भारतीय टीम के साथ बस में सवार होते समय चैपल ने नारेबाजी कर रहे सौरव गांगुली
समर्थकों की ओर उंगली से इशारा किया था । एक स्थानीय चैनल के कैमरामैन ने यह तस्वीर
ली थी और बाद में विभिन्न चैनलों को बेचा था । वोल्कर रिपोर्ट पर सोमवार को लोकसभा
में राजग की ओर से स्थगन प्रस्ताव लाने की संभावना के बीच विपक्ष के नेता लालकृष्ण
आडवाणी ने रविवार को लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को एक दस्तावेज भेजा । इसमें
आडवाणी ने चटर्जी से वीरेंद्र दयाल कमेटी द्वारा संयुक्त राष्ट्र जांच कमेटी से
हासिल किए गए सभी दस्तावेजों को सदन के पटल पर रखे जाने की अपील की गई है । मीडिया
में दयाल के हवाले से आई खबरों में बताया गया था कि वह न्यूयार्क से वोल्कर कमेटी
के गैर -JOIN करार वाले लाभांवितों में कांग्रेस और पूर्व विदेश मंत्री के. नटवर
सिंह का नाम आने संबंधी सभी आवश्यक दस्तावेज लेकर वे भारत आ गए हैं । इन खबरों के
आधार पर आडवाणी ने रविवार को अपने भाषण में लोकसभा अध्यक्ष से अपील करते हुए कहा कि
संसद में इस मुद्दे पर गंभीर और सार्थक विचार -JOIN विमर्श किया जाना चाहिए । इसके
लिए ज़रूरी है कि इन दस्तावेजों को सदन के पटल पर रखा जाए । इस बीच लोकसभा में
भाजपा के उप नेता विजय कुमार मलहोत्रा ने कहा कि संसद के दोनों सदनों में विपक्ष
कार्यवाही ठप नहीं करेगा । उन्होंने बताया कि राजग के नेता इस मुद्दे पर भावी
रणनीति तय करने के लिए सोमवार को संसद में मिलेंगे । उल्लेखनीय है कि सरकार और
विपक्ष दोनों ने ही शुक्रवार को राजग सदस्यों द्वारा सोमवार को लाए जाने वाले स्थगन
प्रस्ताव पर चर्चा की अनौपचारिक सहमति दी थी । सरकार ने कर चोरी करने वालों पर
शिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है और इसके लिए उसने दीपावली का मौका चुना है ।
इस बार जरूरी सूचनाओं से लैस अधिकारी दीपावली की खरीददारी में खुले हाथ से पैसा
लुटाने वाले १ -JOIN १.५ करोड़ लोगों को एसएमएस भेजकर अंतिम समय सीमा ३१ अक्तूबर से
पहले हर हाल में रिटर्न दाखिल करने को कहेंगे । सरकार ने अगले साल से वेतन भोगियों
को आयकर रिटर्न दाखिल करने से मुक्ति दिलाने के संकेत भी दिए हैं । बृहस्पतिवार को
वार्ताकारों से बातचीत में वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि वेतन भोगियों को
रिटर्न दाखिल करने से मुक्ति दिलाने संबंधी प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है ।
लेकिन यह इस बात पर निर्भर करेगा कि आयकर विभाग कर सूचना नेटवर्क (टिन) को कब तक
पूरी तरह लागू कर पाता है । कर अपवंचकों को आगाह करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि
दीपावली मनाने का इससे बेहतर तरीका और कोई नहीं हो सकता कि आप त्योहार से एक दिन
पहले यानि ३१ अक्तूबर तक अपना रिटर्न दाखिल कर दें और सिर ऊंचा करके पर्व का पूरा
आनंद ले । उन्होंने कहा कि लोग जितना सोचते हैं, हमारे पास उससे कहीं ज्यादा
जानकारी है । चिदंबरम ने कहा कि उन सभी १ - १.५ करोड़ मोबाइलधारक जिन्होंने १०,०००
रुपये से ज्यादा की खरीददारी की है, को ३१ अक्तूबर से पहले टैक्स रिटर्न दाखिल करने
के लिए एसएमएस भेजा जाएगा । कर अधिकारियों से मिली कुछ सूचनाओं के बारे में जानकारी
देते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि १,२७,५११ पार्टियों या लोगों ने एक साल के दौरान
१० लाख रुपये से ज्यादा की नगद निकासी की है । उन्होंने बताया कि इसी तरह पिछले एक
साल के दौरान ३,२३,५६३ लोगों ने क्रेडिट कार्डों के जरिये दो लाख रुपये से भी
ज्यादा का भुगतान किया । चिदंबरम ने बताया कि इस दौरान दो लाख रुपये से ज्यादा के
४,००,९६६ म्युचुअल फंड खरीदे गए । यह सभी मामले टैक्स दायरे में आ सकते हैं ।
उन्होंने बताया कि कर भुगतान करने वाले ८५,००० लोगों ने एक साल में १० लाख रुपये से
ज्यादा की आय दिखाई है । लेकिन यह आंकड़ा निश्चित रूप से और ज्यादा है ।
बृहस्पतिवार को अंतिम समय में टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए अभियान की शुरुआत
करते हुए चिदंबरम ने कहा कि वे खुद ३१ अक्तूबर को आयकर विभाग जाकर अपना रिटर्न
दाखिल करेंगे । हालांकि पूर्व में वे खुद रिटर्न दाखिल करने कभी नहीं गए थे । लेकिन
लोगों को प्रेरित करने के उद्देश्य से उन्होंने यह फैसला किया है । पाकिस्तान
क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रमीज राजा ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे
दिया है । पूर्व सलामी बल्लेबाज रमीज का बोर्ड में सीईओ रहते हुए टीवी कमेंटरी करने
की काफ़ी आलोचना हो रही थी । रमीज ने कहा कि उनके लिए पीसीबी सीईओ पद छोड़ने का यह
उचित समय है । रमीज ने कहा कि उन्होंने बोर्ड को साफ़ कर दिया है कि उनके लिए
मीडिया क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है । हालांकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि
उन्होंने इस्तीफ़ा आलोचनाओं की वजह से दिया । राजा ने कहा कि उन्होंने बोर्ड को इस
पद को भरने के लिए किसी अन्य को ढूढने की सलाह दी है और उनके फैसले को स्वीकार कर
लिया गया है । रमीज ने कहा कि उन्होंने अपने इस्तीफ़े के सिलसिले में बोर्ड अध्यक्ष
शहरयार खान से भी बात की । उन्होंने बताया कि वे अक्टूबर तक मीडिया कार्य में
व्यस्त रहेंगे । रमीज ने कहा कि उन्होंने इस पद पर बेहद उत्साह से काम किया और पद
छोड़ते हुए अफ़सोस हुआ । राजा ने १९९९ -JOIN २००० में मुख्य कार्यकारी का पद संभाला
था । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कृषि क्षेत्र के खराब प्रदर्शन पर चिंता जताते
हुए इसे गंभीरता से लिए जाने को कहा है । इसके लिए जरूरी है कि कृषि क्षेत्र में
निवेश बढ़ाया जाए । मनमोहन सिंह की पहल पर मंगलवार को पूर्ण योजना आयोग की बैठक
बुलाई गई । जिसमें कृषि क्षेत्र की समस्याओं और समाधान पर मुख्य रूप से बात हुई ।
उन्होंने परंपरागत अनाज पर आधारित खेती के बजाय विविधीकरण अपनाए जाने की आवश्यकता
जताई । पिछले एक दशक में कृषि क्षेत्र की विकास दर ४.७ फीसदी से घट कर १.२ फ़ीसदी आ
जाने से प्रधानमंत्री बेहद चिंतित दिखे । प्रधानमंत्री ने कहा कि मंगलवार की बैठक
से जो बात निकल कर आए उस पर ४ अक्तूबर को राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) की उप
समिति की बैठक में विचार किया जाना चाहिए और उसी हिसाब से फैसला लिया जाना चाहिए ।
कृषि मंत्री शरद पवार की अध्यक्षता वाली यह उप समिति कृषि क्षेत्र की समस्याओं को
लेकर अध्ययन करेगी व उनके समाधान तलाशने के साथ ही लागू करने योग्य कार्ययोजना
तैयार करने के लिए सिफारिश करेगी । प्रधानमंत्री ने इस मौके पर वर्षा सिंचित
क्षेत्रों के लिए 'रेनफीड एरिया अथॅरिटी' गठित करने का ऐलान किया । उन्होंने सिंचाई
क्षेत्र की परियोजनाओं पर निराशा जताते हुए उन्हें पूरा करने की आवश्यकता बताई ।
मनमोहन ने कृषि विन सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया । उन्होंने कहा कि कृषि,
सिंचाई और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता है । उन्होंने कहा
कृषि का पूंजीगत आधार व्यापक बनाने के लिए कृषि और जल संसाधन मंत्रालय के संसाधनों
के साथ -JOIN साथ भारत निर्माण और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के लिए तय
धनराशि के इसमें इस्तेमाल की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए । उन्होंने सिंचाई
परियोजनाओं की प्रगति पर निराशा जताई । बाद में पवार और आहलूवालिया ने बैठक को लेकर
जानकारी दी । सरकार ने माना कि कृषि क्षेत्र में लोगों की दिलचस्पी कम हो रही है ।
इसके लिए कृषि में कम निवेश, कमजोर बुनियादी ढांचा, सिंचाई की मुश्किलों, ऋण पर
ज्यादा ब्याज दर और विस्तारीकरण समेत ढेरों समस्याएं पहचानी गईं । सतलुज नदी में
जलस्तर घटने से हिमाचल प्रदेश में बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है और हजारों लोग अब
सुरक्षित स्थानों से अपने घरों की ओर लौट रहे हैं । लेकिन कुदरत के इस कहर ने
हिमाचल को ८०० करोड़ रुपये से अधिक की चोट पहुंचाई है । तिब्बत के एक गांव से बहकर
आई छह लाशें ज़रूर मिली हैं । क्षति का जायजा लेने एक केंद्रीय दल जल्द ही हिमाचल
के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगा । किन्नौर के साथ लगते स्पीति इलाके में बाढ़
से व्यापक नुकसान हुआ है । समुद्रों में भारतीय सेना की तीन मेस, सीओ आवास और सेना
के गोला -JOIN बारूद के स्टोर बह गए हैं । समुद्र पारछू और स्पीति नदी का संगम स्थल
है । स्पीति की कोरिक सिंचाई परियोजना तबाह हो गई है । उपग्रह से प्राप्त चित्रों
के मुताबिक १९० हेक्टेयर में बनी पारछू झील के एक तिहाई हिस्से से पानी निकल चुका
है । एक बड़ी चट्टान झील के मुहाने पर दिखाई दे रही है । इस चट्टान के नीचे से पानी
तेजी से बहकर हिमाचल की तरफ़ आ रहा है । पारछू में दरार के कारण स्पीति नदी में भी
खारक के पास एक बड़ी झील बन गई है । सतलुज नदी के दोनों किनारों पर बेतहाशा भूमि
कटाव हुआ है । केन्द्रीय गृह सचिव वी. के. दुग्गल ने सोमवार को नई दिल्ली में कहा
कि हिमाचल को लेकर फ़िलहाल चिंता की कोई बात नहीं है । अब यह स्पष्ट हो गया है कि
पारछू झील में दरार आने के कारण ही उसका पानी सतलुज में पहुंचा । सतलुज की चपेट में
सबसे पहले तिब्बत का गांव गुमार आया । वहां सब कुछ तबाह हो चुका है । वहां के छह
लोगों की लाशें बहकर हिमाचल की सीमा में आ गई । वायुसेना के एक हेलीकॅप्टर ने
किन्नौर जिले के पूह और रेकांग पियो इलाकों से छह विदेशियों समेत १४ पर्यटकों को
निकाल लिया है । बंद भारत -JOIN तिब्बत राजमार्ग पर फंसे ३०० अन्य पर्यटकों को
निकालने के प्रयास जारी हैं । जानकारों का कहना है कि तिब्बत के पठार की भौगोलिक
संरचना को देख कर यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि पारछू का खतरा अब खत्म हो
गया है, क्योंकि इस क्षेत्र में चट्टानें लगातार खिसकती रहती हैं । यह फिर तबाही की
वजह बन सकती हैं । सामान्य प्रशासन विभाग का कहना है कि इस मुद्दे पर रिमोट सेंसिंग
रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है । घाटी में बे-लगाम हुए आतंकियों ने
शनिवार को हंदवाड़ा के पास वन मंत्री गुलाम मोहिउद्दीन सोफी के काफिले पर गोलियां
बरसाईं । इस हमले में मंत्री बाल - बाल बचे । वहीं अनंतनाग में एक हजार किलो से भी
अधिक विस्फोटक और विस्फोटक बनाने वाले रसायन बरामद किए गए । प्राप्त जानकारी के
अनुसार वन मंत्री का काफिला दोपहर चार बजे के करीब हंदवाड़ा के बुडलवाला इलाके से
गुजर रहा था । अचानक आतंकियों ने काफिले पर गोलियां चलाना शुरू कर दिया । उनके साथ
चल रहे सुरक्षा दस्ते ने मंत्री को सुरक्षा घेरे में लेकर आतंकियों पर जवाबी हमला
किया । लेकिन सभी हमलावर साफ बच निकले । हमले में किसी को कोई नुकसान नहीं हुआ ।
अनंतनाग जिले के अछबल इलाके में ७ राष्ट्रीय राइफल्स तथा स्पेशल आपरेशन ग्रुप
द्वारा चलाए एक संयुक्त अभियान के दौरान हुई मुठभेड़ में दो आतंकियों को मार गिराया
गया । मारे गए दोनों आतंकी लश्कर - ए - ताइबा से संबंधित हैं । इनमें से एक
पाकिस्तान के रावलपिंडी का रहने वाला था, जिसकी पहचान शब्बीर खान के रूप में हुई है
। दूसरा आतंकी अछबल का ही रहने वाला था । उसकी पहचान सैफुल्ला खान के रुप में हुई
है । मुठभेड़ में सात राष्ट्रीय राइफल्स का जवान बलवंत सिंह घायल हो गया । अनंतनाग
में पुलिस ने १०२८ किलो विस्फोटक सामग्री बरामद की । पुलिस ने सुबह टाटा सूमो जेके
०३ - ३४४४ से ४२८ किलो विस्फोटक में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की । ड्राइवर
फारुख अहमद बट्ट से मिली जानकारी पर पुलिस ने अनंतनाग बस अड्डे के पास स्थित लोलू
शापिंग कॉम्पलैक्स में एक दुकान पर छापा मारा । वहां से ३० किलो विस्फोटक रसायन
मिले । इसके बाद इसी कॉम्पलैक्स की पहली मंजिल पर स्थित गोदाम से तलाशी के दौरान
लगभग ६०० किलो रसायन बरामद किए गए । इस सिलसिले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार
भी किया है । बरामद किए गए रसायनों में एल्युमिनियम सल्फेट, जिसे आम भाषा में गन
पाउडर कहा जाता है के ६० पैकेट, सल्फर की ५० किलो की एक बोरी तथा ६८६ पैकेट, ३५०
किलो पोटेशियम नाइट्रेट तथा २५ किलो हरे रंग का पाउडर, जिसकी अभी रसायन के तौर पर
शिनाख्त नहीं हो पाई है, बरामद किया गया । पुलिस ने दुकान के मालिक मोहम्मद सद्दीक
नाजिर को गिरफ्तार कर लिया है । उसके भाई इफ्तिखार की तलाश है । जिस शापिंग
कॉम्पलैक्स में यह दुकान तथा गोदाम है उसकी दूसरी मंजिल पर शब्बीर शाह के पीपुल्स
डेमोक्रेटिक फोरम, सैयद अली शाह गिलानी के तहरीके हुर्यित तथा आदतन इंकलाबी के जेके
महाज ए आजादी के कार्यालय भी हैं । शब्बीर शाह तथा गिलानी ने इस बरामदगी से उनका
किसी भी प्रकार का ताल्लुक होने से इन्कार किया है । जम्मू कश्मीर में खून की होली
में पाकिस्तान के सूचना मंत्री शेख राशिद का हाथ होने के और प्रमाण सामने आ रहे हैं
। यासीन मलिक के रहस्योद्घाटन के बाद जेकेएलएफ के एक और पूर्व आतंकी अब्दुल अहद वजा
ने कहा है कि रावलपिंडी में राशिद का बंगला १९८७ से ९२ के बीच कश्मीरी आतंकियों के
लिए गेस्ट हाउस और हथियारों के गोदाम के रूप में इस्तेमाल होता था । आतंकी ट्रेनिंग
लेने के लिए शुरुआती दौर में ही नियंत्रण रेखा के पार जाने वाले कश्मीरियों में से
वजा ने एक और सनसनीखेज जानकारी दी है । वजा के साथ पाकिस्तान के तत्कालीन सैन्य
तानाशाह जिया उल हक ने कश्मीरी आतंकियों की भर्ती के लिए उसके साथ एक 'सहमति' पर
दस्तखत किए थे । अलगाववादी संगठन पीपुल्स कांफ्रेंस के एक धड़े के कार्यकारी
अध्यक्ष वजा ने जम्मू के अखबार 'डेली एक्सेलसियर' को बताया कि राशिद के बंगले की
सुरक्षा में सादे कपड़ों में पाकिस्तानी सेना के जवान तैनात रहते थे । वजा ने बताया
कि जेकेएलएफ में भर्ती के लिए आने वाले कश्मीरियों को राशिद के इसी बंगले में
ठहराया जाता । कचगरी में ट्रेनिंग के बाद उन्हें हथियार और ग्रेनेड देकर इसी बंगले
में भेज दिया जाता । उसने बताया कि १९८७ में पहली बार एलओसी पार जाने के बाद वह
१९८८ में फिर वहां गया, तब भी उसे अन्य आतंकियों के साथ इसी बंगले में ठहराया गया ।
गौरतलब है कि राशिद ने आतंकवादियों की मदद से इनकार किया है और सफाई दी है ।
कौंडोलीजा राइस को आज अमेरिकी विदेश मंत्री पद की शपथ दिलाई गई । राइस ने कोलिन
पावेल का स्थान लिया है । राइस अमरीका के इतिहास में विदेश मंत्री के पद पर आसीन
होने वाली पहली महिला हैं । इससे पहले अमेरिकी सीनेट ने कौंडोलीजा राइस की नियुक्ति
की पुष्टि की । हालांकि राइस की नियुक्ति के लिए सीनेट में मतदान कराना पड़ा और
लंबी बहस के बाद १३ के मुकाबले ८५ मतों से राइस की नियुक्ति को अनुमोदित किया गया ।
पूर्व उपप्रधानमंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने आज स्वीकार किया कि जनता ने राष्ट्रीय
जनतांत्रिक गठबंधन को जनादेश नहीं दिया । लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद पहली प्रेस
कांफ्रेंस में आडवाणी ने कहा कि उन्हें या दूसरे को ऐसे उलटफेर भरे परिणामों की
उम्मीद नहीं थी । उन्होंने कहा कि बहरहाल जनता का जनादेश स्वीकार कर लिया गया है और
भाजपा ने रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाने का फैसला किया है । इसे राष्ट्रीय
जनादेश या जनभावना कहना गलत है । जनता ने इस बार किसी भी दल या व्यक्ति को पूर्ण
बहुमत नहीं दिया है । उन्होंने कहा कि राजग विकास को मुद्दा नहीं बना पाया और जहां
यह मुद्दा बना वहां इसे सही तरह जनता के बीच नहीं रख पाए । इंडिया शाइनिंग के नारे
से राजग को नुकसान हुआ । उन्होंने कहा कि फीलगुड का नारा उन्होंने ही आरंभ किया था
लेकिन कुछ राज्यों में यह कारगर साबित नहीं हो पाया । राज्यों में एंटी इंकमबेंसी
फैक्टर ने भी परिणामों में भूमिका निभाई । उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों ने
हिंदुत्व की सही व्याख्या पेश नहीं की । चुनावों में हार के मुद्दे पर उन्होंने कहा
कि बेशक इससे भाजपा को गहरा झटका लगा है और इसकी समीक्षा की जाएगी । भाजपा फिर
संगठित होगी और पार्टी को फिर मजबूत किया जाएगा । उन्होंने कहा कि भाजपा ने १९८४
में चुनावों में इतिहास रचा वो दौर निश्चित ही भारतीय राजनीतिक इतिहास का टर्निंग
प्वाइंट था । उन्होंने कहा कि निराशा का ये दौर अस्थायी है और विश्वास जताया कि
भाजपा एक बार फिर सत्ता में आएगी । आडवाणी ने कहा कि भाजपा ने विपक्ष और शासक के
नाते जो साख बनाई है, यह एक बड़ी उपलब्धि है । हम फिर वापस आएंगे और महान भारत के
स्वप्न को पूरा करेंगे । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बधाई देते हुए उन्होंने कहा
कि नई सरकार को आम सहमति पर काम करना चाहिए । उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष में
रहते हुए भी सही मुद्दों पर सरकार का सहयोग किया जाएगा । नेपाल में संसद की बहाली
के बाद संसदीय दल के नेता गिरिजा प्रसाद कोइराला के बीमार होने के कारण
प्रधानमंत्री पद पर उनकी ताजपोशी कल तक के लिए टल गई है । कोईराला के भतीजे और
नेपाली कांग्रेस सदस्य शेखर कोइराला ने पत्रकारों को बताया है कि ब्रोंकाइटिस से
पीड़ित कोईराला की तबियत में सुधार हो रहा है और वह शनिवार शपथ लेंगे । इसी बीमारी
के चलते कोईराला बृहस्पतिवार को एक जनसभा को संबोधित नहीं कर पाए थे । लोकतंत्र की
बहाली के लिए नेपाल में विरोध प्रदर्शनों की अगुवाई करने वाले सात दलीय गठबंधन की
ओर से चुने गए कोईराला को कल ही नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र ने प्रधानमंत्री नियुक्त
किया था । आज संसदीय दल की बैठक के बाद शपथ ग्रहण समारोह में उन्हें प्रधानमंत्री
पद की शपथ दिलाई जानी थी कि ऐन मौके पर वो बीमार पड़ गए । कोइराला अपने राजनीतिक
जीवन में पांचवीं बार इस शीर्ष पद पर विराजमान होंगे । कोईराला १९९० में हुए
जनआंदोलनों के बाद १९९१ में देश के पहले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने । नेपाल में
शांति और लोकतंत्र की वापसी की संभावना को और व्यापक करते हुए माओवादियों ने भी दो
दिन पहले तीन महीने के एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा की जिसकी राजनीतिक दलों ने
प्रशंसा की है । अमेरिका ने चीनी सेना के बढ़ते विस्तार पर गहरी चिंता जताते हुए इस
सैन्य तैयारी को चीन की क्षेत्रीय सैन्य जरूरतों के अनुपात में अधिक व्यापक करार
दिया है । वैसे अमेरिका ने चीन और पाकिस्तान के बीच हुए एटमी व रक्षा समझौतों को
सामान्य द्विपक्षीय मामला करार दिया है । अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता सिएन
मैककॅर्मेक ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि चीन और पाकिस्तान के बीच हुए
एटमी, रक्षा और अन्य करारों को इस नजरिए से देखा जाना चाहिए कि इन दोनों मुल्कों के
बीच हमेशा से बेहतर द्विपक्षीय रिश्ता रहा है । उन्होंने कहा कि अमेरिका पाकिस्तान
के उसके पड़ोसी मुल्कों के साथ बेहतर रिश्ते की वकालत करता रहा है । ऐसे में अगर
चीन और पाकिस्तान में प्रगाढ़ता बढ़ती है तो इस पर अमेरिका को ऐतराज नहीं है बशर्ते
कि यह रिश्ता क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के विपरीत न हो । उन्होंने कहा कि वैश्विक
स्तर पर चीन की स्थिति लगातार मजबूत होती जा रही है । चीन आर्थिक, राजनयिक,
राजनीतिक और सैन्य रूप से लगातार मजबूत हो रहा है लेकिन चीन को अपने इस बढ़ते
प्रभाव का इस्तेमाल रचनात्मक तरीके से करना चाहिए । उन्होंने कहा कि चीन
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के बीच रचनात्मक भूमिका निभा सकता है । यह पूछे जाने पर कि
क्या चीनी सेना का विस्तार चिंताजनक है, तो उन्होंने कहा कि हम समझते हैं कि चीन की
क्षेत्रीय सैन्य जरूरतों के अनुपात में चीनी सेना का विस्तार कहीं अधिक हो रहा है ।
उन्होंने कहा कि चीनी सेना के विस्तार कार्यक्रम को लेकर हमेशा अनिश्चितता और
अपारदर्शिता रही है । उन्होंने कहा कि हम चीन के साथ अपने सैन्य रिश्ते को इसलिए भी
अधिक तवज्जो देते रहे हैं ताकि हम एक - दूसरे की सैन्य तैयारियों के बारे में
जानकारी हासिल करते रहें । हम चाहते हैं कि चीन अपने सैन्य कार्यक्रम या आधुनिकीकरण
को लेकर पारदर्शिता बरते । दिल्ली में हुए बेहद रोमांचक मुकाबले में भारत ने
इंग्लैंड को ३९ रनों से हरा दिया । हालांकि बल्लेबाजों ने भारत की नैय्या डुबाने
में कोई कसर नहीं छोड़ी लेकिन गेंदबाजों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए कोटला के मैदान
पर अंग्रेजों को ३९ रनों से धूल चटा दी । हरभजन सिंह और इरफान पठान ने युवराज सिंह
के साथ मिलकर गेंदबाजी की ऐसी बिसात बिछाई कि २०३ रनों को अपेक्षाकृत आसान लक्ष्य
मान रही इंग्लैंड की टीम १६४ के आंकड़े तक पहुंचते ही ढेर हो गई । ३१ रन देकर पांच
विकेट झटकने वाले हरभजन सिंह मैन ऑफ द मैच घोषित किए गए । आज टॉस इंग्लैंड ने जीता
और भारत को पहले बल्लेबाजी करने का न्यौता दिया । पिछले कई मैचों की तरह इस मैच में
भी ओपनर वीरेंद्र सहवाग का प्रदर्शन निराशाजनक रहा और वे सात रन के निजी स्कोर पर
एंडरसन की गेंद पर आउट हो गए । गौतम गंभीर ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन वे भी २५
रनों के निजी स्कोर पर कबीर अली की गेंद का शिकार बन बैठे । सहवाग के बाद आए कप्तान
राहुल द्रविड़ ने पारी संभालने की भरसक कोशिश की लेकिन उनका साथ निभाने आए युवराज
सिंह एक रन बनाने के बाद ही उनका साथ छोड़कर चलते बने । युवराज को अली ने ही क्लीन
बोल्ड किया । उसके पश्चात आए मोहम्मद कैफ चार रन के निजी स्कोर पर रन आउट हो गए ।
द्रविड़ ३४ रन के निजी स्कोर पर प्लंकेट का शिकार बने । इसके बाद सुरेश रैना और
इरफान पठान की जोड़ी ने मैच संभालने का प्रयास किया और कुछ रन जोड़े । रैना २४ पर
ब्लैकविल की गेंद पर कॅलिंगवुड को कैच थमा बैठे । इरफान पठान भी २८ रन के निजी
स्कोर पर एंडरसन की गेंद पर आउट हो गए । २० रन बनाने के बाद धोनी ने प्लंकेट की
गेंद पर कॅलिंगवुड को कैच दे बैठे । हरभजन सिंह ३७ रन के निजी स्कोर पर कैच आउट हो
गए । अंतिम विकेट के रूप में श्रीसंत 0 पर आउट हुए । जवाब में खेलने उतरी इंग्लैंड
की टीम को पहला और जबरदस्त झटका लगा जब टीम खाता भी नहीं खोल सकी थी और पठान ने
उनको आउट किया । इसी ओवर में पठान ने शाह को भी पवेलियन लौटाया । एक समय चार रन पर
इंग्लैंड के दो विकेट गिर चुके थे । उसके बाद प्रियोर और पीटरसन ने मिलकर स्कोर को
आगे बढ़ाया । प्रियोर २२ रन के स्कोर पर हरभजन की गेंद पर आउट हुए । प्रियोर के बाद
आए कप्तान फ्लिंटॅफ ने पीटरसन के साथ मिलकर मजबूत साझेदारी निभाई । पीटरसन को ४६ रन
के स्कोर पर युवराज ने आउट किया । उसके कुछ ही देर बाद फ्लिंटॅफ ४१ रन के स्कोर पर
हरभजन की गेंद का निशाना बने । प्लंकेट १४ पर पठान की गेंद पर गंभीर को कैच दे बैठे
। इसके बाद आए अली कोई रन नहीं बना पाए और युवराज की गेंद पर आउट हो गए । चीनी
राजदूत सन युक्सी ने इसकी पुष्टि की है । युक्सी ने वरिष्ठ संपादकों के साथ एक
विशेष मुलाकात में कहा कि दोनों देशों ने अपने रणनीतिक रिश्ते को सुधारने की
सराहनीय पहल की है । उन्होंने बताया कि भारत के साथ सैन्य अभ्यास के लिए दो चीनी
युद्घपोत जल्द ही कोच्चि पहुंचेंगे । दोनों देशों ने एक - दूसरे की सैन्य क्षमता के
आंकलन के लिए अपने - अपने पर्यवेक्षक भी भेजने का फैसला किया है । उन्होंने कहा कि
बीजिंग स्थित सत्ता प्रतिष्ठान ने भारत के साथ सैन्य व रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की हरी
झंडी दे दी है । युक्सी ने कहा कि हमारे दो नौसैनिक युद्घपोत जल्द ही कोच्चि
पहुंचेंगे । वहां संयुक्त सैन्य अभ्यास होगा । उन्होंने कहा कि फिलहाल हम सैन्य
अभ्यास की तारीख के बारे में नहीं कह सकते, क्योंकि हमें इसे लेकर भारत के जवाब का
इंतजार है । उन्होंने कहा कि भविष्य के संयुक्त सैन्य अभ्यासों का फोकस आतंकवाद और
जल दस्यु से लड़ना होना चाहिए । कोच्चि में होने वाला यह संयुक्त सैन्य अभ्यास
दोनों देशों के बीच होने वाला दूसरा अभ्यास होगा । नवंबर, २००३ में शंघाई तट के पास
भारत और चीन का संयुक्त सैन्य अभ्यास हुआ था । उस सैन्य अभ्यास में तीन भारतीय
युद्घपोतों ने हिस्सा लिया था । युक्सी ने कहा कि भारत के साथ रणनीतिक रिश्ते
सुधारने के लिए कई और पहल की जाएंगी । उन्होंने कहा कि हाल के महीनों में दोनों
देशों के बीच रणनीतिक रिश्ते में गरमाहट आई है । उन्होंने कहा कि मैं भारत में बतौर
राजदूत इसी साल नियुक्त हुआ और तब से लेकर अब तक चीन के एक दर्जन से अधिक जनरलों का
मैं भारत में स्वागत कर चुका हूं । यहां तक कि चीन के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ भी भारत का
दौरा कर चुके हैं । हाल ही में रूस के साथ सैन्य अभ्यास में हमने भारतीय
पर्यवेक्षकों को आमंत्रित किया था । झारखंड के धनबाद जिले में चार आदिवासी नाबालिग
लड़कियों के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना ने सुरक्षा - व्यवस्था की कलई खोल दी है
। यूं तो घटना पिछले सप्ताह हुई, लेकिन मामले ने तब तूल पकड़ा जब झारखंड मुक्ति
मोर्चा के स्थानीय नेताओं ने इस घटना की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया । सूत्रों
के मुताबिक धनबाद के पहाड़ाबाद गांव के पास ८ युवकों ने इन लड़कियों के साथ
बलात्कार किया । ये लड़कियां पास की एक फैक्टरी में मजदूरी कर शाम को घर लौट रहीं
थीं । बलात्कार की शिकार हुई इन लड़कियों की उम्र १४ से १६ वर्ष बताई गयी है । एक
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन आठ युवकों ने बंदूक की नोंक पर इन लड़कियों के
साथ बलात्कार किया । उन्होंने बंदूक की नोंक पर इन सभी को अपने कब्जे में कर लिया
और फिर उन्हें पास के एक खेत में ले जाकर अपनी हवस का शिकार बनाया । इन युवकों ने
भुक्तभोगी लड़कियों से पैसे भी छीन लिए । जाते वक्त उन्होंने लड़कियों को धमकी दी
कि अगर उन्होंने मुंह खोला तो उन्हें और उनके परिवार वालों को मार दिया जाएगा ।
पुलिस ने सामूहिक बलात्कार का मामला दर्ज कर लिया है । वर्ष १९९६ में एक नौसिखिए की
हैसियत से राजनीति शुरू करने वाले एच. डी. कुमारस्वामी वर्ष २००६ के पहले महीने में
एक ऐसे मंजे हुए नेता के रूप में सामने आए, जिसने कई राजनीतिक अखाड़े के कई
कद्दारों को चित कर दिया । कुमारस्वामी अपनी मां चेन्नमा के कहने पर बड़ी अनिच्छा
से राजनीति में आए थे । पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा के इस बेटे ने अब तक
वे पांच चुनाव लड़े हैं, जिनमें से केवल दो में कामयाबी मिली । कुमारस्वामी को पहली
सफलता वर्ष १९९६ में मिली, जब देवगौड़ा ने कनकपुरा संसदीय क्षेत्र से अविभाजित जद
एस प्रत्याशी के रूप में उनका नाम प्रस्तावित किया था और वह चुनाव जीत गए । वर्ष
१९९८ में कुमारस्वामी अपना जादू दोहराने में नाकाम रहे और कांग्रेस के एम.
चंद्रशेखर मूर्ति के हाथों उन्हें मात खानी पड़ी । अगले ही साल उन्हें दोहरा झटका
लगा, जब सथनुर विधानसभा और कनकपुरा संसदीय क्षेत्रों में मतदाताओं ने उन्हें उखाड़
फेंका । इस चुनाव में देवगौड़ा अपने घरेलू मैदान हासन और उनके बड़े पुत्र एच. डी.
रवन्ना परिवार की परंपरागत सीट होलनसिंपुरा सीट से हार गए थे । ज्योतिष पर भरोसा
करने वाले कुमारस्वामी के भाग्य ने वर्ष २००४ में फिर जोर मारा और रामनगरम विधानसभा
सीट से जीत गए । वर्तमान में वह विधानसभा में इसी सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं ।
गुजरात विद्यापीठ ने भी सकारात्मक सजा की एक यादगार मिसाल पेश की है । विद्यापीठ के
ग्यारह सीनियर छात्रों ने जूनियर छात्रों की रैगिंग ली थी । संस्थान प्रशासन ने
आरोप को सही पाया, लेकिन प्रशासन ने शत्रुता पैदा करने वाली कोई कड़ी सजा देने की
बजाय सकारात्मक सजा देने का नायाब फैसला लिया । दोषी ग्यारह छात्रों में से सात
छात्र रोज एक घंटे तक संस्थान परिसर की सफाई करेंगे, जबकि चार छात्रों को गांधीनगर
जिले के चार गांवों में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने जाना होगा । विद्यापीठ के
वाइस चांसलर सुदर्शन अयंगार के अनुसार, दोषी पाए गए छात्र विद्यापीठ के माइक्रो
बायोलॅजी और गोबर गैस विभागों में द्वितीय वर्ष में हैं । छात्रों द्वारा ली गई
रैगिंग को गंभीर मानते हुए उनके अभिभावकों को भी बैठक के लिए बुलाया गया था ।
सुदर्शन ने बताया कि हमने संस्थान की अच्छी परंपरा को बरकरार रखते हुए सजा देने के
लिए अलग तरीका आजमाया, ताकि छात्रों के बीच किसी तरह की दुश्मनी न रहे और सकारात्मक
संदेश भी मिले । आरोप है कि एक सप्ताह पहले सजा पाने वाले छात्रों ने अपने जूनियर
छात्रों को निर्वस्त्र करवाते हुए उन्हें तेल से नहलाया था । केन्द्रीय बजट २००६
-JOIN ०७ में महिलाओं को लाभ देने के लिए कुल २८,७३७ करोड़ रुपये का प्रावधान किया
गया है । इसके साथ ही बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी मौद्रक लाभ का
प्रस्ताव है । इस बजट में महिलाओं के हित में २४ मांगों को १८ मंत्रालयों व विभागों
के बजटीय प्रावधानों से पूरा किया जा रहा है । इनसे जुड़ी योजनाओं के लिए २८,७३७
करोड़ रुपये का प्रावधान है । वित्तमंत्री ने कहा कि महिलाओं के लिए बजट में ऐसी
योजनाएं आती हैं जिसमें सौ फीसदी उनके लिए यह प्रावधान हो । कुछ मंत्रालयों ने
लैंगिक परिप्रेक्ष्य में जनता के व्यय का ब्योरा रखने की कवायद शुरू की है । तकरीबन
३२ मंत्रालयों ने लैंगिक बजट के सेल बनाए हैं । बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के
लिए इस साल कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना को १७२ करोड़ रुपये का अतिरिक्त
प्रावधान किया गया है । इस योजना के तहत आठवीं पास करके सेकेंडरी स्कूल में पंजीकरण
कराने वाली लड़कियों के नाम तीन हजार रुपया जमा किया जाएगा । कांग्रेस ने पूर्व
विदेश मंत्री जसवंत सिंह के खिलाफ कारवाई करने की तैयारियां शुरू कर दी हैं । ऐसे
में अपनी किताब कॉल टू ऑनर के जरिए सच्चाई को उजागर करने की जसवंत सिंह की कोशिश
खुद उन्हें मुसीबत में फंसा सकती है । पार्टी का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से
जुड़े इस अहम मुद्दे पर उसने सभी विकल्प खुले रखे हैं । कांग्रेस देश के प्रति अपनी
जिम्मेदारी का पूरी ईमानदारी के साथ पालन करेगी । पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु संघवी
ने कहा कि जसवंत सिंह को पूरे राष्ट्र को परमाणु संबंधी सूचनाएं अमेरिका को
पहुंचाने वाले भेदिए का नाम बताना चाहिए क्योंकि इस मामले का खुलासा उन्होंने ही
अपनी किताब के जरिए किया है । कांग्रेस ने जसवंत सिंह से सवाल किया है कि जब उन्हें
यह जानकारी मिली थी, तो उन्होंने खुद पुलिस स्टेशन में जाकर रिपोर्ट दर्ज क्यों
नहीं कराई । पूर्व विदेश मंत्री को देशवासियों को इस प्रश्न का जवाब देना होगा । एक
सवाल के जवाब में अभिषेक मनु संघवी ने कहा कि जसवंत सिंह पहले उस भेदिए के नाम का
खुलासा करें । उसके बाद सरकार तमाम कारवाइयों पर विचार करेगी । गुलाम नबी आजाद को
औपचारिक रूप से नेता चुनने के लिए जम्मू और कश्मीर कांग्रेस विधायक दल सीएलपी की
बैठक ३० अक्तूबर को होगी । राज्य कांग्रेस अध्यक्ष पीरजादा मोहम्मद सईद ने शुक्रवार
को मौलाना आजाद रोड पर स्थित राज्य कांग्रेस के मुख्यालय में संवाददाताओं को बताया
कि ३० अक्तूबर को सीएलपी की बैठक होगी । इसमें आजाद को सीएलपी का नेता चुन लिया
जाएगा । उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक जम्मू -JOIN कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती
मोहम्मद सईद शनिवार को अपना इस्तीफा दे सकते हैं । मुफ्ती ने राज्यपाल एस. के.
सिन्हा से मिलने के लिए शनिवार को समय मांगा है । एआईसीसी की महासचिव अंबिका सोनी
और कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा विधायक दल बैठक के पर्यवेक्षक होंगे । सोनी ने बताया कि
शपथग्रहण कार्यक्रम २ नवंबर को शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कंवेंशन सेंटर में होगा ।
आजाद ने कार्यक्रम में पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी को भी न्योता दिया है । सूत्रों
का कहना है कि आजाद मंत्रिमंडल सदस्यों के लिए निर्वर्तमान मुख्यमंत्री मुफ्ती
मोहम्मद सईद, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी से चर्चा करेंगे । वहीं
राज्य में ३० साल बाद कांग्रेस के सत्ता में लौटने पर पूरी घाटी में कांग्रेस
कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है । पीरजादा ने राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में
आजाद को नामित करने के कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्णय का स्वागत किया ।
इससे पहले वर्ष १९७५ में कांग्रेस राज्य में सत्ता में थी । तब राज्य के तत्कालीन
मुख्यमंत्री सैयद मीर कासिम ने शेख मोहम्मद अब्दुल्ला और केंद्र के बीच हुए समझौते
के बाद सत्ता की बागडोर अब्दुल्ला को सौंपने के लिए वर्ष १९७५ के फरवरी में इस्तीफा
दे दिया था । पीरजादा ने ऐसी रिपोर्टो का खंडन किया कि सत्ता हस्तांतरण पर उनकी
पार्टी का पीडीपी के साथ मतभेद है । उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियां देश की एकता
के लिए व्यापक हित में मिलकर काम करेंगी । सत्ता परिवर्तन के बाद भी भागीदारी कायम
रहेगी । उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान पर दबाव बनाने के लिए कांग्रेसी विधायकों व
मंत्रियों ने नई दिल्ली में कोई धरना नहीं दिया था । उन्होंने कहा कि पार्टी
हाईकमान ने परामर्श के लिए उन्हें दिल्ली बुलाया था । आजाद के जम्मू व कश्मीर का
मुख्यमंत्री बनने से राज्य में दोनों पार्टियों के संबंध और मजबूत होंगे । उन्होंने
कहा कि शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाना व राज्य में विकास कार्यों में तेजी लाना
सरकार की मुख्य कार्य सूची में शामिल होगा । इसके अलावा सरकार राज्य में भूकंप
पीड़ितों के पुनर्वास पर भी ध्यान देगी । उन्होंने कहा कि गठबंधन के सभी सहयोगी
दलों से परामर्श के बाद अगले कैबिनेट का गठन किया जाएगा । राष्ट्रीय मानवाधिकार
आयोग ने पंजाब के रोपड़ जिले के मुहाली में बस स्टैंड पर महीनों से रह रहे बुजुर्ग
की हालत पर चिंता जताई है । आयोग ने जिले के एसएसपी और जिला कलेक्टर को उस बुजुर्ग
से संबंधित रिपोर्ट दो सप्ताह में भेजने को कहा है । एक राष्ट्रीय अखबार में २८
अक्तूबर को खबर प्रकाशित होने के बाद आयोग ने इस मामले को संज्ञान में लिया है । ९०
साल का रामचंद्र महीनों से मुहाली के फेज़ पांच के बस स्टैंड पर रहने को मजबूर है ।
आयोग ने कहा है कि यदि रामचंद्र की यह दास्तां सच्ची है तो यह मानवाधिकार हनन का
गंभीर मामला है । अश्लील सीडी प्रकरण में फंसे भाजपा के कद्दावर नेता संजय जोशी ने
पुलिस से शिकायत की है कि उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश की जा रही है । उन्होंने
इस मामले की जांच कराने की मांग की है । इस सीडी के सामने आने के बाद जोशी ने
पार्टी महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था । मध्य प्रदेश के पुलिस महानिदेशक स्वराज
पुरी ने जोशी के मिलने की पुष्टि की है । उन्होंने कहा कि जोशी ने अपनी शिकायत में
कहा है कि सीडी के नाम पर कोई उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है । पुलिस इस
मामले की जांच कर रही है । वहीं पार्टी के दो वरिष्ठ नेता प्रमोद महाजन और पूर्व
अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने जोशी का बचाव करते हुए कहा कि वह पूरी तरह से निर्दोष हैं
और यह सारी कवायद पार्टी की छवि को धूमिल करने का प्रयास है । पार्टी ने कहा कि
ताजा प्रकरण से नैतिकता और संस्कृति की दुहाई देने वाले संघ परिवार में दावों का
खोखलापन उजागर हो गया है । वहीं मध्य प्रदेश कांग्रेस ने जोशी की गिरफ्तारी की मांग
की है । पार्टी के प्रदेश इकाई के प्रवक्ता माणक अग्रवाल ने इस संबंध में पुलिस पर
आरएसएस के पूर्व प्रचारक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने से इन्कार करने का आरोप लगाया
है । इस संबंध में औपचारिक रूप से कोई जांच शुरू नहीं की गई है लेकिन भविष्य में
क्या कदम उठाए जाएंगे, इस बारे में जल्द फैसला किया जाएगा । उन्होंने इस संबंध में
विस्तृत ब्योरा देने से इंकार कर दिया । उन्होंने यह भी कहा कि जिस तरह सीता को
अग्नि -JOIN परीक्षा से गुजरना पड़ा था, उसी तरह संघ की परंपराओं के अनुसार जोशी ने
तुरंत पद से इस्तीफा दे दिया । महाजन ने कहा कि मेरे विचार से उनका इस्तीफा सक्रिय
राजनीति से स्थायी संन्यास नहीं है । वहीं पूर्व पार्टी अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने
कहा कि इस पूरी कवायद का मकसद पार्टी की छवि को धूमिल करना है । मामले की जांच
कराने की मांग करते हुए नायडू ने कहा कि जांच पूरी होने तक जोशी पार्टी से बाहर
रहेंगे । इस बारे में उन्होंने खुद पार्टी अध्यक्ष एल के आडवाणी से अनुरोध किया था
। वरिष्ठ नेताओं से विचार -JOIN विमर्श के बाद अध्यक्ष ने उनके अनुरोध को स्वीकार
कर लिया । इस बीच कांग्रेस ने इस मसले को लेकर संघ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है ।
भाजपा में जोशी आरएसएस के प्रतिनिधि थे । उन्होंने कहा कि संघ परिवार और उसके
नेतृत्व के लिए बेहतर होगा कि वह पहले अपने घर को ठीक करे । झलकियां सम्मेलन में आज
भी संजय जोशी अनौपचारिक चर्चा का केंद्र रहे । पार्टी को इसकी जानकारी कब हुई? संघ
को कब पता चला? फैसला किसने लिया? मिली जानकारी के मुताबिक २५ दिसंबर को ही सुरेश
सोनी दिल्ली में भाजपा मुख्यालय आए थे । उन्होंने संजय जोशी से कहा कि वे अपना
सामान बांध ले और वापस नागपुर चले जाएं । संजय जोशी तय कार्यक्रम के मुताबिक मुंबई
आए । तब तक आडवाणी को संघ के फैसले की जानकारी दे दी गई थी । पार्टी में अब एक नई
सीडी की चर्चा है । कहा जा रहा है कि जल्दी ही वह खबरिया चैनलों के पास पहुंचने
वाली है । आडवाणी के आज के भाषण से निराश लोगों की उम्मीद अब वाजपेयी के समापन भाषण
पर टिकी है । पार्टी नेताओं को उम्मीद है कि वाजपेयी पार्टी की वर्तमान दशा पर जरूर
कुछ बोलेंगे । भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी बड़े खराब मूड में हैं । २६ दिसंबर को
यहां पहुंचते ही कई नेताओं ने उनसे मिलकर कहा कि रिश्वत लेने वाले सांसदों के
मुद्दे पर लोकसभा में उनका भाषण ठीक नहीं था । उन्हें सम्मेलन में इसका प्रतिकार
करना चाहिए । इस बार आडवाणी उखड़ गए । कृषि विज्ञान केंद्रों को अपने मल्टीमीडिया
नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एक लाख रुपये देगा ।
विज्ञान केंद्रों के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन्न मौके पर परिषद के महानिदेशक
मंगला राय ने शुक्रवार को बताया कि केंद्रों का दूसरा सम्मेलन अगले साल हैदराबाद
में आयोजित किया जाएगा । इससे पहले केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा कि हर साल
बेहतर कार्य करने वाले तीन केंद्रों को पुरस्कृत किया जाएगा ताकि केंद्रों को
प्रोत्साहित किया जा सके । सम्मेलन में मंगला राय ने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र
भारतीय कृषि क्षेत्र में बदलाव करने के माध्यम हैं और भविष्य में इनकी भूमिका और
ज्यादा अहम होगी । उन्होंने कहा कि इन केंद्रों के माध्यम से फसलों की नई किस्मों
को देश भर में प्रदर्शन करेगा जिससे केंद्रों के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी । राय
ने कहा कि जल्द ही केंद्रों में कार्य करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के
पदनाम घोषित होंगे और प्रत्येक केंद्र को एक लाख रुपये दिए जाएंगे जिससे वे अपने
मल्टीमीडिया नेटवर्क को बेहतर बनाएंगे । भारतीय जनता पार्टी के पूर्व महासचिव और
संगठन मंत्री संजय जोशी के आपत्तिजनक और विवादस्पद सीडी के मामले से राष्ट्रीय
महिला आयोग ने अपना पल्ला झाड़ लिया है । आयोग का कहना है कि जब तक मामला स्पष्ट
नहीं हो जाता तब तक किसी भी आधार पर कोई कारवाई नहीं की जा सकती । सूत्रों के
मुताबिक कुछ पत्रकारों ने टेलीफोन पर हुई बातचीत में आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास
से यह शिकायत की थी कि संजय जोशी ने किसी महिला का यौन उत्पीड़न किया है और उस
महिला की चिट्ठी उनके पास है । सूत्रों का कहना है कि कथित पत्रकारों ने बहुत कोशिश
की कि महिला आयोग इसमें किसी तरह दखल दे लेकिन आयोग ने आरोप लगाने वाली महिला के
नाम और पते के बिना इस पर कोई कारवाई करने से इंकार कर दिया । आयोग के सूत्रों का
यह भी कहना है कि हो सकता है इस सीडी में जो कुछ भी हो वह दो वयस्कों के आपसी
समझौते पर हुआ हो । लिहाजा इसमें आयोग की कोई भूमिका नहीं बनती । आयोग की अध्यक्षा
का कहना है कि टेलीफोन पर हुई बातचीत और उस चिट्ठी में महिला के नाम और पते का
जिक्र नहीं होने से इस मामले में कोई कारवाई नहीं की जा सकती । सूत्रों के मुताबिक
कुछ प्रमुख अखबारों और टीवी चैनलों में भाजपा से जुड़ी खबरों को संकलन करने वाले
संवाददाताओं के पास एक महिला ने गुमनाम चिट्ठी भेजी थी जिसमें उसने संजय जोशी पर
यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था । बाद में उस महिला ने एक ऑडियो कैसेट भी भेजा
था जिसे भाजपा और संघ के बड़े नेताओं के पास भी भेजा गया था । उत्तर प्रदेश और
बिहार में जातिवाद व संगठन की कमजोरी भाजपा की हार का कारण बनी । '1 फीलगुड और
शाइनिंग इंडिया जैसे नारे का असर उलटा पड़ गया । ये कुछ तथ्य हैं जो लालकृष्ण
आडवाणी के मौलिक चिंतन के बाद सामने आए हैं । लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार मीडिया
से मुखातिब हुए आडवाणी ने शुक्रवार को माना कि चुनावी नतीजों से भाजपा की उम्मीदों
को तगड़ा झटका लगा है । उनका कहना है कि ६ साल का वाजपेयी सरकार का कार्यकाल भाजपा
के लिए भविष्य में बड़ी पूंजी साबित होगी । आडवाणी ने आज यह रहस्योद्घाटन भी किया
कि फीलगुड जुमला का चुनाव में इस्तेमाल करना उनकी ही रणनीति थी । यह जुमला उन्होंने
किसी अखबार के शीर्षक से ही लिया था । बकौल आडवाणी, उन्हें ऐसा लगा कि फीलगुड जैसा
नारा विकास और सुशासन की उनकी उपलब्धियों को जनता के सामने सही तरीके से प्रस्तुत
कर पाएगा । आडवाणी के मुताबिक इन नारों ने भाजपा के राजनीतिक विरोधियों को गरीबी,
असंतुलित विकास, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं को उठाते हुए हम पर हमले करने का
मौका दे दिया । आडवाणी का कहना था कि यह सही है कि राजग को दोबारा सत्ता में आने का
जनादेश नहीं मिला लेकिन सच यह भी है कि किसी और को भी जनता ने जनादेश नहीं दिया ।
पूर्व उप प्रधानमंत्री ने विदेशी मूल के मसले पर कहा कि पार्टी का अब भी यही रुख है
कि शीर्ष संवैधानिक पदों पर ऐसे लोगों को नहीं बैठाया जाना चाहिए । सोनिया गांधी की
ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि फिलहाल प्रधानमंत्री पद को लेकर देश को राहत है
। आडवाणी ने कहा कि भाजपा की हार की एक बड़ी वजह निर्वर्तमान सांसदों को दोबारा
टिकट देना रहा । उन्होंने कहा कि चुनावी नतीजों का विश्लेषण करने के बाद वह इस
नतीजे पर पहुंचे हैं कि इस बार जनता ने राष्ट्रीय मुद्दों पर मतदान करने के बजाय
स्थानीय और प्रादेशिक मुद्दों को तरजीह दी । आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में भाजपा और
उसके सहयोगी की हार हुई । जहां तक उप्र और बिहार में राजग की हार का सवाल है तो
आडवाणी का कहना था कि वहां जातिवाद इस कदर हावी रहा कि दूसरे मुद्दे गौण हो गए ।
आडवाणी के इस बयान के बाद से यह तय हो गया है कि उप्र में जल्द ही पार्टी नेतृत्व
सांगठनिक फेरबदल कर सकता है । आडवाणी ने कहा कि चुनाव में हार के बाद यह बहस चल रही
है कि भाजपा फिर से हिंदुत्व की ओर रुख करेगी । आडवाणी ने कहा कि किसी को यह शक
नहीं होना चाहिए कि हमने हिंदुत्व को छोड़ दिया है । यह हमारी विचारधारा से जुड़ा
है । उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह की छवि अच्छी है लेकिन त्रासदी यह है कि उन्हें
अपने दागी मंत्रियों का बचाव करना पड़ रहा है । आडवाणी ने कहा कि अभी तक अपराध और
अपराधियों को दंडित करने की परंपरा रही है लेकिन पहली बार ऐसा हो रहा है कि उन्हें
पुरस्कृत किया जा रहा है । पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में ८ अक्तूबर को आए भूकंप से
मची तबाही के बाद भारत और पाकिस्तान मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए शनिवार को
इस्लामाबाद में नियंत्रण रेखा (एलओसी) खोलने के मसले पर बातचीत करेंगे. पाकिस्तान
विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता तसनीम असलम ने बताया कि एक दिवसीय बातचीत में विभाजित
कश्मीर के लोगों के नियंत्रण रेखा पार करने के संबंध में बातचीत की जाएगी. विदेश
मंत्रालय में संयुक्त सचिव दिलीप सिन्हा पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के दक्षिण
एशिया डिवीज़न के महानिदेशक इब्ने अब्बास से इस मसले पर बातचीत करेंगे. आधिकारिक
सूत्रों के मुताबिक सिन्हा छह सदस्यीय दल के साथ पाकिस्तान के दौरे पर हैं. जबकि
पाकिस्तान की ओर से बातचीत में रक्षा और गृह मंत्रालय के अधिकारी भी शामिल होंगे.
असलम ने भारत की ओर से भूकंप पीड़ितों के लिए ढाई करोड़ डॉलर की अतिरिक्त रकम देने
के प्रस्ताव का स्वागत किया है. मालूम हो कि जिनेवा में बृहस्पतिवार को भूंकप
पीड़ितों की मदद के लिए आयोजित संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भारत ने ढाई करोड़ डॉलर
की अतिरिक्त रकम देने की पेशकश की थी. भारत ने नियंत्रण रेखा पर तीन जगहों उड़ी में
अमन सेतु, तंगधार में टिटवाल और पूंछ में चकन -JOIN दा - बाग में राहत कैंप खोलने
का प्रस्ताव दिया है. इन जगहों पर पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से भूकंप पीड़ित आकर
अपना इलाज करा सकेंगे और राहत सामग्री ले सकेंगे. एक स्थानीय अदालत ने बृहस्पतिवार
को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह के खिलाफ़ दायर मानहानि की
याचिका को रद्द कर दिया. याचिका १५ सितंबर को आरएसएस की तमिलनाडु इकाई के अध्यक्ष
दुरई शंकर द्वारा दायर की गई थी. अर्जुन सिंह ने ९ अगस्त को अपनी टिथी में कहा था
कि महात्मा गांधी की हत्या में आरएसएस का हाथ है. मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के.
रामनाथन ने खारिज कर दिया. उन्होंने अपने फैसले में कहा कि सिंह के खिलाफ़ प्रथम
दृष्टा में कोई मामला नहीं बनता है. केंद्र में सत्ता संभालने के पांच महीने बाद
यूपीए सरकार के राष्ट्रीय संयुक्त साझा क्रार्यक्रम (एनसीएमप) के क्रियान्वयन की
समीक्षा के लिए एक नवंबर को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी. प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह पहली बार अपने सभी मंत्रियों की बैठक में इसका जाएजा लेंगे. इस दौरान एनसीएमपी
में राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में किए गए वादों की प्रगति की समीक्षा की
जाएगी. साथ में सांप्रदायिक आतंकवाद, उग्रवाद और घुसपैठ को रोकने से संबंधित मसौदे
पर विचार -JOIN विमर्श किया जाएगा. यूपीए सरकार की आर्थिक नीतियों का खुलकर विरोध
करने वाले वामदल पहली बार वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से कुछ हद तक खुश नजर आए. आम
बजट को काफ़ी हद तक न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) के मुताबिक बताते हुए वामदलों
ने इसे बेहतर बताया है. हालांकि, कृषि के लिए कम बजट आवंटन, कस्टम ड्यूटी में कटौती
व रक्षा बजट में इज़ाफ़े को लेकर सरकार से उनकी नाराजगी बरकरार है. वरिष्ठ माकपा
नेता नीलोत्पल बसु के मुताबिक आम बजट में न्यूनतम साझा कार्यक्रम की झलक साफ़ नज़र
आती है. वामदल लगातार सरकार पर शिक्षा, स्वास्थ्य व रोजगार क्षेत्रों में बजट
प्रावधान बढ़ाने के लिए दबाव बनाए हुए थे. बजट में इन सभी क्षेत्रों पर ध्यान दिया
गया है. बसु ने विदेशी मुद्रा बहिर्गमन पर टैक्स लगाने की वकालत की है. रक्षा बजट
में इज़ाफ़े का विरोध करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में रक्षा बजट में
किसी तरह की बढ़ोतरी की जरूरत नहीं है. बहस के दौरान वह इस मुद्दे को उठाएंगे. कृषि
आवंटन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के विकास के लिए और ज्यादा
प्रावधान किए जाने चाहिए थे. पेट्रोलियम पदार्थो पर उपकर लगाने के प्रस्ताव का
समर्थन करते हुए माकपा नेता ने कहा कि इन पदार्थो पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है.
इसलिए इनकी कीमतों पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा. आरएसपी के अबनी रॉय ने कहा कि बजट में
छोटे किसानों के लिए कुछ नहीं किया गया है. लघु उद्योग के लिए नई योजना नहीं है और
कस्टम में कटौती का सीधा असर घरेलू उद्योग पर पड़ेगा. बजट पर बहस के दौरान वह इन
मुद्दों को पूरे शिद्दत के साथ उठाएंगे. भाकपा नेता गुरुदास दासगुप्ता भी कस्टम
ड्यूटी घटाए जाने के प्रस्ताव से नाराज हैं. उनकी दलील है कि इससे घरेलू उद्योग पर
बुरा असर पड़ेगा. सिंचाई के लिए कोई नई योजना नहीं है. विकास के लिए सिचाई योजनाओं
पर और ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए था. केन्द्र सरकार ने सुनामी लहरों से हुए
हादसे का असर पर्यटन उद्योग पर न पड़े इसके लिए कोशिश तेज कर दी है. पर्यटन मंत्री
रेणुका चौधरी और नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री प्रफुल्ल पटेल की मौजूदगी में देर शाम
गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की होटल व पर्यटन उद्योग के
प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई. सरकार ने हादसे के शिकार पर्यटकों को भारत होकर जाने
के लिए अस्थायी वीज़ा देने का फैसला किया है. इसके अलावा उन पर्यटकों को भी भारत
आने की इजाज़त दी जाएगी जो इस हादसे के बाद इंडोनेशिया या श्रीलंका के बजाय भारत
आना चाहते हैं. पर्यटन मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक मंत्रालय को आज ऐसी जानकारी
मिली थी कि ब्रिटेन ने पर्यटकों को भारत न आने की सलाह दी है. इस खबर से मंत्रालय
बेहद चिंतित हो गया था. रेणुका चौधरी ने तो इस जानकारी के आधार पर ब्रिटेन से
आधिकारिक तौर पर शिकायत करने की भी घोषणा कर दी थी. लेकिन देर शाम मंत्रालय को पता
चला कि ब्रिटिश सरकार ने सिर्फ हादसा प्रभावित राज्यों में न जाने की ही सलाह दी
है. अलबत्ता, केंद्र सरकार ने आने वाले दिनों में पर्यटकों को गलतफहमी से बचाने के
लिए भारतीय दूतावासों के जरिए पर्यटकों को यह बताने की कोशिश करेगा कि सुनामी हादसे
से पूरा देश प्रभावित नहीं हुआ है. भारतीय मौसम विभाग को सुनामी की खबर समय रहते लग
गई थी और दक्षिण भारत में भूकंप के झटके का भी पता चल गया था. पर एहतियाती कदम
उठाने की जगह मौसम विभाग ने दक्षिण भारत में भूकंप की सूचना को झुठलाते हुए लोगों
को गुमराह किया. कंट्रोल रूम को सूचना देने में भी मौसम विभाग ने कोई दिलचस्पी नहीं
दिखाई. यह जानकारी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संसदीय स्थायी समिति को पेश दस्तावेज
से मिली है. संसदीय समिति को सौंपे गए दस्तावेज में कहा गया है कि २६ दिसंबर २००४
को ६ बजकर २९ मिनट पर सुमात्रा द्वीप समूह के पश्चिमी तट पर ८.६ तीव्रता का भूकंप
आया. ६.२९ से ७.०० बजे तक 'प्रतिनिधि केंद्रों से डिजिटल आंकड़े डाउनलोड किए गए,
जिसमें लगभग आधा घंटा लग गया इस बीच टेलीविजन के विभिन्न चैनलों पर भूकंप और
समुद्री लहरों के कहर के बारे में समाचार प्रसारित होने लगे थे. फिर भी मौसम विभाग
ने अपना अगला एक घंटा दक्षिण भारत में भूकंप की खबर को झुठलाते हुए लोगों को
लापरवाह करने में लगा दिया. रिपोर्ट में कहा गया है कि '1 २६ जनवरी को सुबह ७ से ८
बजे के बीच दक्षिणी राज्यों के कई हिस्सों से फ़ोन से सूचना मिली कि उनके क्षेत्र
में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. लोगों का भय कम करने के लिए यह बताना जरूरी
होता है कि उनके क्षेत्र में भूकंप आने की संभावना नहीं है. अतः विभाग द्वारा
टेलीफ़ोन पर तुरंत इस सूचना (भूकंप को झुठलाने की खबर) को प्रसारित करने पर जोर
दिया गया मौसम विभाग द्वारा भूकंप के झटके को नकार दिया गया. बच्चे क्रिकेट खेलने
के लिए समुद्र तट पर जा पहुंचे. मछुआरे समुद्र में जाने की तैयारी करने लगे । इस
बीच विभिन्न चैनलों पर सुनामी के समाचार दिखाए जा रहे थे । अगले एक घंटे में जो कुछ
हुआ उस पर विश्वास करना कठिन है । मौसम विभाग ने आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण जारी
रखा. रिपोर्ट के मुताबिक '1 मौसम विभाग द्वारा इस बात को नोट किया गया कि भारतीय
क्षेत्र से दूर आए भूकंप की तीव्रता काफ़ी अधिक है. इसकी तीव्रता की पुष्टि करने के
लिए और अधिक आंकड़ों को डाउनलोड किया गया मौसम विभाग आंकड़े डाउनलोड करता रहा और
सुनामी लहरें लोंगों को लीलने लगीं. आखिर मौसम विभाग ने कंट्रोल रूम को सूचना क्यों
नहीं दी. रिपोर्ट के मुताबिक '1 चूंकि २६ दिसंबर को सुमात्रा भूकंप का केंद्र बिंदु
भारतीय भू -JOIN भाग से १०० किलोमीटर दूर था. इस वजह से कंट्रोल रूम को तुरंत यह
सूचना नहीं दी गई सरकार की ओर से इस बात की जानकारी दी गई है कि पाकिस्तान सियाचिन
से अपनी सेना हटाना चाहता है. लेकिन पाकिस्तान ने इस मुद्दे को कुछ ऐसी शर्तों के
साथ जोड़ दिया है जिन्हें स्वीकार नहीं किया जा सकता. राज्यसभा में प्रश्नकाल के
दौरान विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ हाल
के भारत दौरे में इस बात से सहमत थे कि सियाचिन मसले के हल के लिए तत्काल कदम उठाए
जाने की आवश्यकता है. इस संबध में कांग्रेस पार्टी की सदस्य सुखबंस कौर द्वारा पूछे
गए प्रश्न के जवाब में नटवर सिंह ने कहा कि सियाचिन मुद्दे का सर्वमान्य हल निकालने
के लिए दोनों देशों के रक्षा सचिवों की बैठक अगले महीने होने की संभावना है. नटवर
सिंह ने कहा कि परवेज़ मुशर्रफ़ के भारत दौरे में सियाचिन मसले को प्रमुखता से
उठाया गया था. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रक्षा सचिवों को मई या जून में बैठक
कर सर्वमान्य हल निकालने को कहा गया है. नटवर सिंह ने कहा कि इस समय दुनिया के सबसे
ऊंचाई पर स्थित लड़ाई के मैदान सियाचिन में भारत -JOIN पाकिस्तान के बीच कोई तनाव
नहीं है. सीमापार आतंकियों के शिविर के बारे में सिंह ने कहा कि जकार्ता में
पाकिस्तान के साथ इस मुद्दे को उठाया गया था. नेपाल में हाल में हुई नए राजनीतिक
घटनाक्रम पर भारत ने कहा है कि वहां के नरेश ज्ञानेंद्र द्वारा देश में आपातकाल
हटाए जाने व राजनीतिक बंदियों के छोड़े जाने के आश्वासन के बाद ऐसा किया जाना दुखद
है. इस बारे में राज्यसभा में एक प्रश्न के जवाब में विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा
कि नेपाल नरेश ज्ञानेंद्र द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व उन्हें देश में
आपातकाल हटाए जाने, राजनीतिक कैदियों के छोड़े जाने व लोकतांत्रिक प्रक्रिया जल्द
शुरू किए जाने के आश्वासन देने के बाद यह कार्रवाई करना खेद जनक है. नटवर सिंह ने
कहा कि सरकार नेपाल के साथ संबंधों की लगातार समीक्षा कर रही है. उन्होंने कहा कि
नेपाल नरेश ने अपने देश में प्रेस की आजादी व भारतीय चैनलों पर से प्रतिबंध हटाने
का भी आश्वासन दिया था. सिंह माकपा के नीलोत्पल बसु द्वारा उठाए गए प्रश्न का जवाब
दे रहे थे. बसु ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री देऊबा की गिरफ्तारी व प्रमुख वामपंथी
नेता के अंतिम संस्कार के दौरान वहां की गई कार्रवाई को देखते हुए भारत को नेपाल का
समर्थन नहीं करना चाहिए. इसके अलावा ७५ से १०० लोग लापता हैं. कार निकोबार की
रणनीतिक भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए वायु सेना की इस छोटे से बेस को
सुखोई - ३० एमकेआई विमान तैनात कर देश का एक बड़ा लड़ाकू बेस बनाने की योजना थी.
इसके तहत वायुसेना की ५ जनवरी से बेस पर दो सुखोई - ३० विमान तैनात किए जाने थे,
लेकिन रविवार को आए तूफ़ान ने इस योजना पर फ़िलहाल पानी फेर दिया है. हालांकि
वायुसेना की योजना को लेकर आश्वस्त एअर चीफ़ मार्शल एस. कृष्णास्वामी का कहना है कि
हम अगले छह महीनों में बेस से लड़ाकू विमान उड़ाना शुरू कर देंगे. समुद्री तूफ़ान
के बाद में बेस में हुए नुकसान का व्यक्तिगत रूप से जायजा लेने के बाद उन्होंने कहा
कि एक वर्ष में हम बेस को पूरी तरह ऑपरेशनल बना देंगे. उन्होंने कहा कि समस्या
जहाजों और विमानों से यहां निर्माण सामग्री लाने की है. इसमें रनवे बिछाने के लिए
कंक्रीट भी शामिल है. गौरतलब है कि दूसरे विश्व युद्ध के समय ब्रिटेन के साथ - साथ
अमेरिका की सेनाएं दक्षिण एशिया में जापानी सेनाओं के खिलाफ़ अंडमान -JOIN निकोबार
का इस्तेमाल करती थीं. जबकि भारतीय वायुसेना कार निकोबार या एअर फोर्स स्टेशन
कारनिक का इस्तेमाल हेलीकॅप्टर और मालवाहक विमानों के ऑपरेशंस के लिए करती रही है.
इसके अलावा ७५ से १०० लोग लापता हैं. यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी और वायुसेना
प्रमुख एस. कृष्णास्वामी के साथ कार निकोबार का एक दिन का दौरा करने के बाद मुखर्जी
ने कहा कि २७ वायुसैनिकों के मारे जाने की पुष्टि की है. श्रीनगर में पारा लुढ़ककर
०.५ डिग्री सेल्सियस हो गया. वहीं, राजस्थान का पिलानी जिला सबसे अधिक ठंडा रहा,
जहां पिछली रात तापमान शून्य पर अटक गया. दिल्ली में दो दिन की चमकीली धूप के बाद
मंगलवार का दिन इस मौसम का सबसे ठंडा दिन रहा. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि जम्मू
व कश्मीर में बारामुला के गुलमर्ग स्थित स्कींग रिजार्ट में बर्फ़ की पांच इंच मोटी
परत बिछ गई. पूरे कुपवाड़ा जिले में जगह -JOIN जगह बर्फ़ की छह इंच से लेकर दो फीट
मोटी पर्त तक देखी गई. श्रीनगर में आज हुई बर्फ़बारी से तापमान गिरकर ०.५ डिग्री
सेल्सियस हो गया. पहाड़ों की यह सर्दी मैदानी इलाकों को भी कंपकंपा गई. यहां पारा
लुढ़कर शून्य डिग्री हो गया है. इसके अलावा माउंट आबू में तापमान दो डिग्री रहा.
यहां कल रात तापमान शून्य था. जबकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में मंगलवार को इस
मौसम की सबसे अधिक ठंड पड़ी. यहां न्यूनतम तापमान ५.१ डिग्री सेल्सियस रहा जोकि
सोमवार को ५.७ था. इसी के साथ पूरे महानगर पर कोहरे की घनी परत छाई रही. मौसम विभाग
के अधिकारियों के मुताबिक कुछ समय तक कोहरे की यही स्थिति बनी रहेगी. पालम क्षेत्र
में तड़के जबरदस्त कोहरा छा गया जिसके कारण पांच सौ मीटर की दूरी पर भी दिखना बंद
हो गया. इसके चलते समय पर विमानों की उड़ानों में दिक्कतें आई. लेकिन भारतीय विमान
पत्तन के प्रवक्ता के अनुसार विमानों के उतरने व उड़ान भरने भर की रोशनी थी. सुबह
नौ बजे सफदरजंग इलाके में पचास मीटर तक भी नहीं देखा जा सकता था. इसलिए सुबह सड़कों
पर भी यातायात न के बराबर रहा. राजधानी में वाहन फ़ॉग लाइट के बावजूद रेंगते नज़र
आए. इसी कारण रेल विभाग ने आज सात ट्रेनें रद्द कर दी हैं. इनमें दिल्ली से हावड़ा
जनता एक्सप्रेस, दिल्ली - मालदा फरक्का एक्सप्रेस, मुगलसराय -JOIN बरेली एक्सप्रेस,
दिल्ली - मुगलसराय लालकिला एक्सप्रेस, अंबाला -JOIN इलाहाबाद ऊंचाहार एक्सप्रेस,
दिल्ली - फरुखाबाद कालिंदी एक्सप्रेस व नई दिल्ली - रीवां एक्सप्रेस शामिल हैं.
उसकी उम्र दस लाख वर्ष है और उसे अभी तक का सबसे नवजात नया ग्रह माना जा रहा है.
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के पिट्जर टेलीस्कोप की इस ताजा खोज से खगोल
विज्ञानियों में काफ़ी उत्साह है. नए ग्रह के अध्ययन से अंतरिक्ष की कुछ गूढ़
गुत्थियां सुलझ सकती हैं. कभी किसी तारे या ग्रह के बारे में पता चलता है तो कभी
मंगल की कई गुत्थियां सुलझ जाती हैं. न्यूयॉर्क की रोचेस्टर यूनिवर्सिटी के
खगोलशास्त्री डैन वाटसन के अनुसार इस संभावित सबसे कम उम्र ग्रह को कोकू ताउ -JOIN
४ नाम के तारे के चक्कर काटते देखा गया है. यह वर्ष तारामंडल में लगभग ४२०
प्रकाशवर्ष दूर है. वैज्ञानिक इसे 'बेबी प्लेनेट' भी कह रहे हैं. वैज्ञानिक सौ ऐसे
ग्रहों का पता लगा चुके हैं जो हमारे सौरमंडल से बाहर हैं. लेकिन आमतौर पर माना
जाता है कि यह अरबों साल पुराने होते हैं. पृथ्वी और इसके सभी पड़ोसी ग्रह लगभग
साढ़े चार अरब साल पुराने हैं. यहां वैज्ञानिकों ने धूल में छिद्र पाया. माना जा
रहा है कि यह ग्रह इसी धूल के मिलने से बना है. नासा मुख्यालय में वाटसन ने बताया
कि यह 'बेबी प्लेनेट' दस लाख साल पुराना है और हमारे द्वारा अभी तक देखे गए ग्रहों
में यह सबसे युवा है. वाशिंगटन के कारनेजी इंस्टीट्यूशन के खगोलशास्त्री एलन बॉस ने
इस नई खोज को एक चुनौती बताया. कोकू ताउ -JOIN ४ के पास देखे गए ग्रह को बनने में
लगभग चालीस लाख साल का समय लगता है. जो चट्टानी सतह और गैस के संवर्धन से बनता है.
वैकल्पिक स्पष्टीकरण से माना जा सकता है कि गैस शीघ्र संचित हो जाती है. बॉस ने कहा
कि अगर यह सच है तो इसमें ग्रहीय प्रणाली के संदर्भ में 'गूढ़ निहितार्थ' है. इससे
ग्रहीय निर्माण के कई मुख्य सिद्धांतों से संबंधित कई जानकारी मिल सकती हैं. वहीं
पिट्जर ने स्टेलर नर्सरी क्षेत्र में ३०० हाल ही में बने तारों का पता लगाया है. यह
पृथ्वी से १३,७०० प्रकाश वर्ष दूर सेंटॅरस तारामंडल में स्थित हैं. गौरतलब है कि
नासा के पिट्जर स्पेस टेलीस्कोप से स्टेलर नर्सरी से निकलने वाली इंफ्रारेड किरणों
का अध्ययन किया जाता है. इसके पास ही पिट्जर टेलीस्कोप ने कुछ धूल के कणों के
साक्ष्य भी पाए गए हैं जो बर्फ़, मिथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड की परत से ढंके हैं.
इस खोज को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. खगोलशास्त्रियों का मानना है कि इसके अध्ययन
से पुच्छल तारों के बारे में जरूरी जानकारी मिल सकती है. समझा जाता है कि पृथ्वी पर
पानी की मौजूदगी का पुच्छल तारों से संबंध है. अंतरिक्ष में इस तरह की सामग्री को
तो पाया गया है लेकिन धूल की डिस्क में इसका पाया जाना नई बात है. पाकिस्तानियों
द्वारा जम्मू -JOIN कश्मीर में भारतीय नागरिकता हासिल कर जमीन -JOIN जायदाद खरीदने
के मामले प्रकाश में आए हैं. ऐसे आधा दर्जन मामले प्रकाश में आए हैं जिनमें
पाकिस्तानियों ने जम्मू - कश्मीर में स्थायी निवासी का प्रमाण हासिल कर जमीन -
जायदाद खरीदी. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन पाकिस्तानियों ने पंजाब के वाघा
बॉर्डर होते हुए भारत में प्रवेश किया था. कश्मीर आकर उन्होंने अधिकारियों की
मिलीभगत से स्थायी निवासी होने का प्रमाण हासिल किया. इसके बाद यहां जमीन -JOIN
जायदाद भी खरीदी. ये तमाम मामले पुंछ जिले के मेंधर शहर से जुड़े हैं. एक वरिष्ठ
अधिकारी ने बताया कि मेंधर में पाकिस्तानियों के बसने के पीछे नापाक इरादा छिपा हो
सकता है. मेंधर नियंत्रण रेखा के पास स्थित रणनीतिक महत्व का शहर है. इस इलाके से
होकर आतंकवादी भारत में प्रवेश करते रहे हैं. लाल दीन नामक एक व्यक्ति ने
पाकिस्तानियों के इस इलाके में स्थायी निवासी के रूप में बसने के मामले से भारतीय
विदेश मंत्रालय को अवगत कराया. इसके बाद जम्मू -JOIN कश्मीर के राजस्व अधिकारियों
ने मामले की गहन छानबीन की. लाल दीन का दावा सही निकला. उल्लेखनीय है कि पिछले साल
एक फ़र्जी भारतीय नागरिक द्वारा संसदीय चुनाव लड़ने का मामला प्रकाश में आया था.
फकर दीन नामक पाकिस्तानी नागरिक के पुत्र जुल्फ़िकार ने स्थायी निवासी होने का
प्रमाण हासिल कर पुंछ के सल्वा गांव में जमीन - जायदाद खरीदी थी. इसके बाद पिछले
साल हुए संसदीय चुनाव में उसने किस्मत आजमाने का भी फैसला किया. लाल दीन की शिकायत
पर प्रशासन ने पूरे मामले की छानबीन की. मेंधर के सब - डिवीजनल मजिस्ट्रेट और पुंछ
के उपायुक्त द्वारा सौंपी गयी रिपोर्ट के आधार पर जम्मू के डिवीजनल आयुक्त वी. आर.
शर्मा ने जुल्फ़िकार और उसके परिवार का स्थायी निवासी वाला प्रमाण रद्द करने का
आदेश दिया. वैसे जुल्फ़िकार का परिवार खुद को भारतीय नागरिक बताता रहा. अधिकारी
मानते हैं कि राज्य में फ़र्जी भारतीय नागरिकों की संख्या काफ़ी अधिक होगी. गुजरात
के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ़ बागियों का नेतृत्व करने वाले पुरुषोत्तम
सोलंकी के विरुद्ध कड़ा रुख अपनाते हुए भाजपा ने उन्हें शुक्रवार को कारण बताओ
नोटिस जारी कर दिया. पार्टी ने राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की किसी संभावना से
इनकार किया है. भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने कहा कि फिलहाल
गुजरात में नरेंद्र मोदी को उनके पद से नहीं हटाया जाएगा. मुख्यमंत्री मोदी को
हटाने की भारी मुहिम चल रही है और उनके विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री सुरेश मेहता
दिल्ली तक आ पहुंचे. पार्टी अध्यक्ष ने विधानसभा सत्र चलने तक पार्टी के सभी
विधायकों से एकजुट रहने और उसके बाद बातचीत करने का निर्देश दिया है. वेंकैया ने
कहा कि विधायक किसी भी मामले को ज्यादा हवा न दें. वहीं विपक्ष के नेता अमरसिंह
चौधरी ने कहा है कि विधायकों के तेवरों को देखते हुए मोदी का जाना तय है. नरेंद्र
मोदी को हटाने के स्वर केवल गुजरात से नहीं उठ रहे हैं. भाजपा के एक बड़े वर्ग का
मानना है कि गुजरात के दंगों में मोदी सरकार की भूमिका के कारण मुसलमानों में भारी
नाराजगी थी और उन्होंने भाजपा विरोधियों को जमकर वोट डाले. बिहार से हारे पूर्व
केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन सार्वजनिक रूप से पार्टी मुख्यालय में कह रहे हैं कि
उनकी हार की सबसे बड़ी वजह मोदी हैं. उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को गुजरात भाजपा
के वरिष्ठ नेता ए. के. पटेल के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित भोज नरेंद्र मोदी विरोधी
नेताओं के लिए एक तरह से शक्ति परीक्षण बन गया था और उसके बाद स्पष्ट हुआ कि पार्टी
के १२७ विधायकों में मोदी विरोधियों की संख्या लगभग ६० है. इसमें सबसे मुखर
पुरुषोत्तम सोलंकी रहे. लेकिन भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने उन्हें आडे हाथों
लिया है. हालांकि वेंकैया के अनुसार सोलंकी ने माना कि सार्वजनिक रूप से विरोध
व्यक्त करके उनसे गलती हो गई. लेकिन पार्टी ने मीडिया के सामने बयान देने के कारण
उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है. भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राणा
ने बताया कि नायडू ने नोटिस में सोलंकी से माफ़ीनामा देने को कहा है. भाजपा अध्यक्ष
ने सोलंकी और उनके साथी विधायकों को सलाह दी कि अगर कोई समस्या है तो वे लोग
विधानसभा सत्र के बाद संपर्क करें. इस समय विधानसभा में विपक्षी कांग्रेस को जवाब
देना है. दिलचस्प तथ्य यह है कि कुछ साल पहले लगभग ऐसी ही परिस्थितियां खड़ी करके
गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री केशूभाई पटेल का तख्ता पलट दिया गया था और उसमें
नरेंद्र मोदी ने अहम भूमिका निभाई थी. इस बार वैसा ही खेल केशूभाई और उनके गण मोदी
के साथ खेल रहे हैं. विरोधी खेमा दिल्ली तक लगातार अपना संदेश पहुंचा रहा है. इसके
पहले मोदी विरोधी नेताओं ने लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की थी. आडवाणी ने स्पष्ट
किया कि गुजरात की समस्या को सुलझाने की कोशिशें चल रही हैं और उन्हें भरोसा है कि
समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा. प्राकृतिक आपदा आते ही राहत कोष के नाम पर ठग
भी सक्रिय हो उठते हैं. संवेदनशील व भावुक लोगों द्वारा राहत कोष में दी गई राशि कई
बार फरेबियों की जेब में चली जाती है. दिल्ली के मुख्य आयकर आयुक्त आर के. अग्रवाल
सचेत करते हैं - राहत कोष में दान देने से पहले संस्था की विश्वसनीयता परख लें. दान
की पावती जरूर लें. राहत कोष में दान के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय सहायता कोष
सर्वाधिक लोकप्रिय है. इस कोष में दान दी गई रकम पर आयकर की १०० फ़ीसदी छूट प्राप्त
है. यदि आपकी कुल आय ५ लाख रुपए है और आप ५० हजार रुपए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय
सहायता कोष में दान करते हैं तो आयकर संबंधी गणना के लिए आपकी कुल आय ४ लाख ५० हजार
मानी जाएगी. पर ध्यान रहे, आप अपनी कुल आमदनी के १० फ़ीसदी से अधिक की दान राशि पर
कर छूट का दावा नहीं कर सकते. गौरतलब है कि किसी भी संस्था को दान देकर दान की रकम
पर १०० फ़ीसदी कर राहत का दावा नहीं किया जा सकता. सेक्शन ८० जी के तहत ५० फ़ीसदी
से लेकर १०० फ़ीसदी तक की छूट का प्रावधान है. आयकर अधिवक्ता अरविंद शर्मा कहते हैं
- आयकर अधिनियम की धारा ८० जी के अंतर्गत केवल उन्हीं संस्थाओं को दान देने दान की
रकम पर १०० फ़ीसदी कर छूट प्राप्त होती है, जिन्हें धारा ३५ एसी के तहत दान संग्रह
करने की अनुमति दी गई है. इसलिए दान देने से पहले संस्था को दी गई छूट और उस छूट की
अवधि पर नज़र डाल लें. आयकर में छूट का दावा करने के लिए यह ज़रूरी है. बैंक से
अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए एसबीआई ने लांच की रिच सेविंग एकाउंट स्कीम.
इसके तहत एकाउंट खुलवाने वाले उपभोक्ताओं को बैंक गोल्ड डेबिट कार्ड के साथ ही
ड्राफ़्ट बनवाने और चेक क्लेक्शन के कमीशन पर पचास प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी.
खाते में पच्चीस हजार से अधिक जमा राशि होते ही टर्म डिपाज़िट के मुताबिक ब्याज
दरें लागू हो जाएंगी. स्कीम मध्यम आय वर्ग के उपभोक्ताओं को ध्यान में रखकर लांच की
गई है. इस स्कीम का लाभ न्यूनतम पच्चीस हजार रुपया बैलेंस रखने वाले उपभोक्ता ही
उठा सकते हैं. निर्धारित राशि से अधिक जमा होने पर एक हजार के गुणज पर विशेष ब्याज
दिया जाएगा. दूसरी तरफ़ तिमाही बैलेंस बिगड़ने पर उपभोक्ताओं को चपत भी लगेगी. बैंक
इसके लिए पांच सौ रुपया कमीशन के रूप में काट लेगा. उपभोक्ता को ड्राफ़्ट बनवाने और
आउट स्टेशन चेक कलेक्शन के कमीशन पर अब पचास फ़ीसदी छूट दी जाएगी. गुरुद्वारा
साहिबजादा अजीत सिंह फेस -JOIN २ की प्रबंधक कमेटी की बैठक सोमवार को गुरुद्वारा
परिसर में जोगिंदर सिंह सौंधी की अध्यक्षता में हुई. इसमें डेरा सच्चा सौदा की ओर
से माफ़ी मांगने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा गया कि यह एक अच्छा कदम है. इससे
समाज में भाईचारा बढ़ेगा और शांति का प्रसार होगा. बैठक में वक्ताओं ने कहा माफ़ी
से पंजाब का माहौल अच्छा बन जाएगा. अब सभी सिख संगठनों और श्रद्धालुओं को गुरु
साहिबान की ओर से दर्शाए गए मार्ग पर चलने की ज़रूरत है. लोगों से अपील की गई कि इस
हालत में शांति बनाए रखी जाए और पंजाब के माहौल को खराब होने से बचाया जाए, ताकि
प्रदेश तरक्की के जिस रास्ते पर चल रहा है, उस पर चलता रहे. इस अवसर पर बैठक में
महिंदर सिंह, अमरजीत सिंह पेलिया, अजीत सिंह, बलवंत सिंह, राजिंदर सिंह छतवाल,
कुलवंत सिंह, मलकीयत सिंह सेखों, गुरबचन सिंह सैनी, बलदेव सिंह, राम लाल सेवक,
सुरिंदर सिंह सैनी, बीबी इंद्रजीत कौर कपूर, साधु सिंह पंधेर और महीपाल सिंह आदि ने
हिस्सा लिया और पंजाब की उन्नति की कामना की. राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने
पटना विश्वविद्यालय (पीयू) से विज्ञान की मानद डिग्री डीएससी स्वीकार करने से इनकार
कर दिया है. पीयू ने राष्ट्रपति को उनकी बिहार यात्रा के दौरान शुक्रवार को मानद
डिग्री प्रदान करने का फैसला किया था. कलाम शुक्रवार को अपने व्यस्त कार्यक्रम से
समय निकाल कर दरभंगा में अपने सहकर्मी रहे एक वैज्ञानिक से भी मिलेंगे. पीयू के
रजिस्ट्रार वी. के. यादव ने बताया कि राष्ट्रपति भवन ने विश्वविद्यालय को सूचित
किया है कि कलाम किसी विश्वविद्यालय की मानद डिग्री स्वीकार नहीं करते. पीयू ने अब
तक कई हस्तियों को मानद डिग्री से नवाजा है. पीयू सूत्रों के मुताबिक विश्वविद्यालय
ने वर्ष १९४८ में देश के पहले गवर्नर जनरल लॉर्ड माउंट बेटन को डीएससी से सम्मानित
किया था. विशवविद्यालय ने वर्ष २००२ में पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और
इग्नू के उपकुलपति एच. पी. दीक्षित को मानद पीएचडी से विभूषित किया था. कलाम दरभंगा
में अपने पूर्व वैज्ञानिक सहकर्मी से भी मुलाकात करेंगे. दरभंगा के जिलाधिकारी
उपेंद्र शर्मा ने बताया कि राष्ट्रपति भवन से प्राप्त निर्देशों के मुताबिक वर्मा
से कलाम की मुलाकात का प्रबंध कर लिया गया है. अपने पूर्व बॉस से मुलाकात को लेकर
उत्साहित वर्मा ने कहा कि यह कलाम की महानता है कि उन्होंने मुलाकात के लिए समय
निकाला. उन्होंने कहा कि कलाम के कार्यकाल के दौरान ही उन्होंने एलसीए तेजस्वा की
डिजाइन तैयार की थी, जिसे वर्ष २००२ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने
राष्ट्र को समर्पित किया था. राष्ट्रपति ए. पी. जे. कलाम के एक सुरक्षा जवान द्वारा
ले जाया जा रहा सामान बृहस्पतिवार की सुबह मुगलसराय -JOIN बक्सर के बीच ट्रेन से
चोरी हो गया. लांस नायक नीरज कुमार ने बृहस्पतिवार को बक्सर थाने में चोरी की
शिकायत दर्ज करायी है. शिकायत में उन्होंने कहा है कि कुर्ला -JOIN पटना एक्सप्रेस
से जबलबुर से दानापुर की यात्रा में सामान चोरी हुआ. गवर्नमेंट रेलवे पुलिस के
मुताबिक चोरी गए सामान में लॉगबुक और दैनिक उपयोग की वस्तुएं थीं. कुमार ने कहा कि
राष्ट्रपति की बिहार यात्रा के मद्देनज़र वह राष्ट्रपति के काफ़िले के अन्य
सुरक्षागार्डों के साथ ट्रेन से जबलपुर से पटना जा रहे थे. उन्होंने कहा कि उनके
सामान में मोटरसाइकिलों के लॉगबुक थे. मोटरसाइकिलों को सड़क मार्ग से पटना भेजा गया
है. सामान की बरामदगी के लिए तलाशी अभियान जारी है. जम्मू कश्मीर में पुलिस ने
शनिवार को भीड़ को तितर -JOIN बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का सहारा लिया ।
शुक्रवार को पुलिस की गोली से कथित तौर पर हुई एक युवक की मौत और दूसरे के घायल
होने के विरोध में करीब १००० लोग जम्मू -JOIN अख्नूर राजमार्ग को जाम कर प्रदर्शन
कर रहे थे । सूत्रों का कहना है कि भीड़ ने यहां से १४ किलोमीटर दूर डोमना के निकट
राजमार्ग को सुबह से जाम कर दिया । भीड़ को तितर -JOIN बितर करने के लिए पुलिस ने
आंसू गैस के गोले छोड़े । इससे एक व्यक्ति जख्मी हो गया । उसकी शिनाख्त ज्योति
प्रकाश के रूप में की गई । उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया । उल्लेखनीय है कि
जम्मू में शुक्रवार को पुलिस चौकी के निकट कथित तौर पर रुकने का इशारा मिलने के
बावजूद भागने की कोशिश के दौरान पुलिसकर्मी सतपाल की गोली से दसवीं कक्षा का छात्र
निशू कुमार की मौत हो गई थी । जबकि उसका रिश्तेदार राकेश शर्मा घायल हो गया था ।
इसके बाद यहां हिंसा भड़क गई । केन्द्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार
गारंटी कानून को लागू करने को प्राथमिकता देगी. नक्सलवाद को समाप्त करने पर मंगलवार
को लोकसभा में केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा कि कानून व्यवस्था राज्यों
का मामला है. इसलिए नक्सली हिंसा से निपटने की मुख्य जिम्मेदारी राज्यों की है.
पाटिल ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि केंद्र की कोई जिम्मेदारी नहीं है. केंद्र
इस मसले पर राज्यों की पूरी मदद कर रहा है. लोकसभा में प्रश्नोत्तरकाल में
गृहमंत्री ने कहा कि केंद्र का मानना है कि नक्सल समस्या को सि‍र्फ़ पुलिस के बल पर
ही खत्म नहीं किया जा सकता. इसके लिए संबंधित क्षेत्रों का विकास करना भी जरूरी है.
राज्यों को प्रत्येक जिले के विकास के लिए ३६ -JOIN ३६ करोड़ रुपये दिए गए हैं.
प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए रोजगार गारंटी कानून को प्राथमिकता से लागू
किया जाएगा. पाटिल ने कहा कि नक्सल प्रभावित राज्यों को सुरक्षा बलों की २६ बटालियन
दी गई हैं. राज्यों की पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए भी करोड़ों रुपये दिए गए हैं.
नक्सल समस्या को लेकर कई सदस्य खासकर बिहार के सांसद सवाल पूछना चाहते थे लेकिन
अध्यक्ष ने समय की पाबंदी का हवाला देकर उन्हें मौका देने से इनकार कर दिया. बाद
में अध्यक्ष ने कहा कि इस मसले पर सदन में अल्पकालिक चर्चा की जाएगी. पाटिल ने दावा
किया कि इस साल अक्टूबर तक जम्मू -JOIN कश्मीर में आतंकवादी घटनाओं में कमी आई है,
लेकिन पूर्वोत्तर में कुछ बढ़ोतरी हुई है. इस साल अक्तूबर तक कुल १७३६ आतंकी घटनाएं
हुई. इनमें ४९० आम लोग और सुरक्षा बलों के १७० जवान मारे गए. जबकि पिछले साल अब तक
२२२३ आतंकी घटनाओं में ६२४ आम लोग और २३९ सुरक्षा जवान मारे गए. पूर्वी सीमा पर
अवैध घुसपैठ की समस्या के समाधान के लिए भारत ने शुक्रवार को बांग्लादेश से 'एक
उपयुक्त व्यवस्था या प्रोटोकॉल' स्थापित करने को कहा है. प्रत्यर्पण संधि और
आपराधिक मामलों में परस्पर कानूनी सहायता पर समझौते के लिए भारत द्वारा जोर दिए
जाने के बाद बांग्लादेश इन प्रस्तावों पर विचार करने को राजी हो गया है. दोनों पक्ष
एक -JOIN दूसरे के यहां पकड़े गए अपराधियों को अपने देश के दूतावास के अधिकारियों
से मिलने की इजाजत देने पर राजी हो गए हैं. दोनों देशों के बीच दो दिनी सचिव स्तरीय
बैठक शनिवार को खत्म हुई. इस मौके पर दोनों पक्षों ने सुरक्षा संबंधी मुद्दों और
गिरफ़्तार अपराधियों को उच्चायोग के अधिकारियों से मिलने की इजाजत देने पर राजी
होते हुए एक संयुक्त घोषणा - पत्र जारी किया. बयान पर बांग्लादेश के गृह सचिव
सरफ़राज़ हुसैन के साथ दस्तखत करने वाले भारतीय गृह सचिव वी. के. दुग्गल ने कहा कि
दोनों पक्षों ने अपने राष्ट्रीय हितों को बरकरार रखते हुए सहयोग की भावना से
सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत की. दोनों देशों के बीच समानताओं का ज़िक्र करते हुए
हुसैन ने कहा कि ढाका को आगामी सार्क सम्मेलन के लिए भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह की यात्रा का इंतजार रहेगा. हुसैन ने संयुक्त बयान पढ़ा लेकिन किसी भी पक्ष ने
मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया. बातचीत के दौरान बांग्लादेश ने स्पष्ट किया कि
उनके यहां अगस्त में हुए विस्फ़ोट में भारत की कथित लिता की मीडिया की रिपोर्ट
वास्तव में उसकी सरकार के पक्ष को उजागर नहीं करती. मामले की जांच चल रही है. बयान
में कहा गया है कि दोनों पक्ष हथियारों और विस्फ़ोटकों की तस्करी रोकने पर राजी हो
गए हैं. सीमा पर बाड़बंदी के मसले पर ढाका ने नई दिल्ली से उन स्थानों की विस्तृत
जानकारी उपलब्ध कराने को कहा, जहां सीमा के १५० गज के अंदर बाड़बंदी की जानी है.
दोनों पक्षों ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए शीघ्र समझौते की ज़रूरत पर
जोर दिया. सीमापारीय अपराधों को रोकने के लिए भी दोनों पक्ष सीमा पर निगरानी बढ़ाने
और कार्रवाई करने पर राजी हुए. समाजवादी पार्टी के आरोपों से सहमति जताते हुए माकपा
ने कहा कि उत्तर प्रदेश के राज्यपाल टी. वी. राजेश्वर ने अपने अधिकार क्षेत्र का
उल्लंघन किया है. लेकिन माकपा ने राज्यपाल को वापस बुलाने की मांग नहीं की है. इस
बारे में माकपा पोलित ब्यूरो की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि राज्यपाल के
अधिकार के प्रावधान के मुताबिक राज्यपाल को अपने विचारों से राज्य सरकार को अवगत
कराना चाहिए और अपनी सलाह देनी चाहिए. लेकिन राज्य में राज्यपाल का काम अपने अधिकार
क्षेत्र के अनुरूप नहीं हो पा रहा है. माकपा ने कई उदाहरण देते हुए कहा कि उत्तर
प्रदेश के राज्यपाल ने कई ऐसे काम किए हैं जिसे देखने से लगता है कि उन्होंने अपने
अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम किया है. माकपा ने कहा कि वामपंथी दलों का हमेशा
से यह मानना रहा है कि राज्यपाल को प्रदेश की चुनी हुई सरकार के अधिकार और
जिम्मेदारियों का अतिक्रमण नहीं करना चाहिए. माकपा ने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे में
संवैधानिक कानूनों का पालन किया जाना चाहिए. इस हफ़्ते के शुरू में समाजवादी पार्टी
ने राष्ट्रपति से मिलकर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को बुलाए जाने की मांग की थी.
इसका फ़ायदा उठाकर उसके पड़ोसी ने उससे शारीरिक निकटता बढाई लेकिन लड़की के गर्भवती
हो जाने पर उसे छोड़कर भागने लगा. लड़की के परिजनों के दबाव में उसने किसी तरह शादी
तो कर ली लेकिन फिर अभागी अबला को भगवान भरोसे छोड़ गया. अपने साथ हुई ज्यादती की
शिकायत लेकर उत्तरांचल के पौड़ी गढ़वाल जिले की रहने वाली सुनीता (बदला हुआ नाम)
अपनी नन्हीं बच्ची को लेकर पुलिस के पास बार -JOIN बार दौड़ती रही लेकिन उसकी एक न
सुनी गई. हारकर उसने राष्ट्रीय महिला आयोग में मदद की गुहार लगाई और अब आयोग के
हस्तक्षेप के बाद फिर एक उजड़ा घर बसने जा रहा है. सुनीता मूल रूप से उत्तरांचल के
पौड़ी गढ़वाल जिले के कोटद्वार की रहने वाली है. लेकिन विकलांग बेटी को अपने पैर पर
खड़ा करने की आस में उसकी मां सावित्री देवी दिल्ली के आरकेपुरम इलाके में रह रही
थी. जहां उसने बेटी का दाखिला एक मूक -JOIN बधिर स्कूल में करा दिया. रोहित सुनीता
की शारीरिक कमजोरी को देखकर उससे नजदीकी बढ़ाने लगा. इसी बीच सावित्री देवी किसी
समस्या के चलते वापिस कोटद्वार जाकर रहने लगी. रोहित वहां भी लगातार सुनीता से
मिलने के लिए आने लगा. इस दौरान सुनीता गर्भवती हो गई. इसकी भनक जैसे ही रोहित को
लगी उसने कोटद्वार आना बंद कर दिया. जब सावित्री देवी को अपनी बेटी की हालत का पता
चला तो उसने अन्य परिजनों की मदद से रोहित पर दबाव बनाकर जबरन उसकी शादी सुनीता से
जुलाई २००४ में करा दी. रोहित सुनीता को अपने घर भी ले गया लेकिन उसके परिवारवालों
ने उन दोनों को घर में रखने से मना कर दिया. दोनों वापस कोटद्वार आ गए. इसी बीच
सुनीता ने एक बेटी को जन्म दिया. बेटी के जन्म लेते ही रोहित अपनी जिम्मेदारियों से
मुंह चुराकर एक बार फिर भाग खड़ा हुआ. पति के अचानक गायब होने से परेशान सुनीता उसे
ढूंढ़ने और न्याय पाने के लिए पुलिस के पास गई लेकिन उसकी मदद करने के बजाए उसका
मामला तक दर्ज करने से मना कर दिया गया. हारकर उसने राष्ट्रीय महिला आयोग का दरवाजा
खटखटाया. आयोग ने पौड़ी गढ़वाल के एसपी को इस मामले की जांच करने और जल्दी जवाब
देने को कहा. आयोग की फटकार के बाद स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और रोहित को ढूंढ़
निकाला गया. रोहित ने अब आयोग और पुलिस को इस बात का भरोसा दिलाया है कि उसके
परिवार वाले चाहे या न चाहे वह अपनी पत्नी और अपनी बेटी को साथ रखेगा. तीन दशक तक
विभागों की खाक छान कर थक चुकीं इंदिरा गांधी की जेठानी को अब जाकर पेंशन मिलने की
उम्मीद जगी है. बृहस्पतिवार को एक सरकारी अधिकारी पुणे पहुंचा और उनसे मुलाकात की.
८६ साल की शेरनाज गांधी फ़िरोज़ गांधी के बड़े भाई दोराब गांधी की पत्नी हैं. दोराब
गांधी उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि वैज्ञानिक थे और वर्ष १९७६ में उनका निधन हो गया
था. तब से शेरनाज गांधी पेंशन के लिए कोशिश करती रही हैं. पिछले कुछ समय से मुंबई
में रहने वाली उनकी भांजी उनका खर्च उठा रही हैं. बदहाली में रहने के बावजूद
शेरनाज़ गांधी ने मदद के लिए मिले सभी प्रस्तावों को ठुकरा दिया था. उन्हें उम्मीद
थी कि उन्हें पेंशन ज़रूर मिलेगी और सरकारी अधिकारी से मिलने के बाद वे काफ़ी खुश
थीं. उन्होंने बताया कि कुछ सरकारी अधिकारी उनसे मिलने आए थे और उन्होंने उनसे
विस्तृत जानकारी हासिल की. उन्होंने उम्मीद जताई कि अब तीन दशक से लंबित उनकी पेंशन
उन्हें ज़रूर मिल जाएगी. डॉक्टर नवीन रैना ने बताया कि एक सरकारी अधिकारी शेरनाज
गांधी से मिलने के लिए अस्पताल आया था. रैना ने बताया कि अधिकारी ने अपनी पहचान
बताने से इनकार कर दिया. उसने कहा कि वे शेरनाज गांधी के बारे में जानकारी जुटा रहा
है और आज शाम तक वह अपनी रिपोर्ट दिल्ली भेज देगा. डॉक्टर ने बताया कि अधिकारी की
योजना सुपारीवालों के यहां भी जाने की थी. गौरतलब है कि शेरनाज गांधी १५ साल तक
सुपारीवालों के यहां पेइंग गेस्ट थीं. रैना ने बताया कि शेरनाज गांधी पेंशन के लिए
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और मेनका गांधी को भी लिख चुकी हैं. उन्होंने बताया
कि शेरनाज गांधी को इस समय पहले की तुलना में पेंशन की ज़्यादा ज़रूरत है. वह विधवा
हैं और बच्चे भी नहीं हैं. उनकी छोटी बहन की बेटी मुंबई से पैसे भेजती है, जिससे
उनका गुज़ारा होता है. कूल्हे की हड्डी टूटने और ऑपरेशन की वजह से इन दिनों उनकी
स्थिति और खराब हो गई है. रैना ने बताया कि मीडिया में गांधी परिवार से उनके संबंध
और उनकी माली हालत के बारे में खबरें छपने के बाद से काफ़ी संख्या में लोग उनसे
मिलने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं. कुछ स्थानीय कांग्रेसी नेता भी उनसे मिलने के
लिए पहुंचे और आर्थिक मदद की पेशकश की, लेकिन शेरनाज़ गांधी ने इनकार कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस वी. एन. खरे, विख्यात आर्किटेक्ट
चार्ल्स कोरिया, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मोहन कामेश्वरन, साहित्यकार नंदिनी डालमिया,
मलयालम कवियत्री सुगताकुमारी, संविधान विशेषज्ञ पी. पी. राव, गजल गायक पंकज उधास और
सीआईआई के तरुण दास समेत ५३ विभूतियों को पद्म अवार्ड से नवाजा गया. पद्म विभूषण
सम्मान से सम्मानित महाश्वेता देवी समेत तीन हस्तियां इस समारोह में अवार्ड ग्रहण
करने के लिए उपस्थित नहीं हो सकीं. राष्ट्रपति भवन के अशोक हॉल में बुधवार को
आयोजित भव्य समारोह में राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने पद्म अलंकरण समारोह
के दूसरे चरण में अपने -JOIN अपने क्षेत्र के ५३ हस्तियों को पद्म अवार्ड प्रदान
किए. इस वर्ष पद्म अवार्ड के लिए कुल १०६ हस्तियों की घोषणा की गई थी. अलंकरण
समारोह के पहले चरण में २० मार्च को राष्ट्रपति ने ५० विभूतियों को पद्म अवार्ड से
अलंकृत किया. अलंकरण समारोह के दूसरे चरण में बुधवार को ५६ हस्तियों को अवार्ड
प्रदान किए जाने थे लेकिन हिंदी की प्रख्यात लेखिका महाश्वेता देवी (पद्म विभूषण),
वैज्ञानिक के. पी. पद्मनाभन नांबियार और नौकरशाह पी. एस. अप्पू (पद्म भूषण) समारोह
में उपस्थित नहीं हो सके. बुधवार को पद्म अवार्ड पाने वालों की सूची में पद्म
विभूषण अवार्ड के लिए महाश्वेता देवी, प्रो. उबैद सिद्दिकी, चार्ल्स कोरिया, प्रो.
प्रकाश नारायण टंडन और जस्टिस वी. एन. खरे के नाम शामिल थे. वृंदावन के रासाचार्य
स्वामी हरगोविंद शर्मा को बुधवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित अलंकरण समारोह में
पद्मश्री से सम्मानित किया गया. उन्हें रास लीला (कृष्णलीला) व चैतन्य लीला के
क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया. स्वामी हरगोविंद ने कहा
कि ब्रजवासियों और श्रीजी - ठाकुरजी (राधा -JOIN कृष्ण) की कृपा और आर्शीवाद से
उन्हें यह सम्मान मिला है. उन्होंने इस बात पर खुशी जाहिर की कि अब सरकार की भी
कृष्ण लीला के प्रति रुचि जगी है. उन्होंने कहा कि रास लीला के नाम से ही श्रीकृष्ण
की याद आती है. उन्होंने मंच की अन्य लोक विधाओं से रास लीला को विशेष बताते हुए
कहा कि इसे देखने से लोगों के आचरण में सुधार आता है. रास लीला ही वह विधा भी है,
जिसके दर्शकों में देश के संत -JOIN महंत व शंकराचार्य भी शामिल रहते हैं. उन्होंने
यह भी कहा कि सरकार ने रास लीला को यह सम्मान देने में काफी वक्त लगा दिया.
उन्होंने बताया कि १९७३ में देश की मौजूदा प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने उन्हें
संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया था. लेकिन उसके बाद उन्हें पद्मश्री
मिलने में ३२ साल से ज्यादा का वक्त लग गया. उन्होंने कहा कि सरकार ने कदम बढ़ाया
है तो अब उनसे अपेक्षा भी बढ़ी है कि अब वह रास लीला के प्राचीन स्वरूप को बनाए
रखने में ब्रजवासियों की मदद करेगी क्योंकि धीरे - धीरे आधुनिकता की चपेट में रास
लीला का प्राचीन स्वरूप खो रहा है. छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस के पार्सल यान से माल
चुराने के लिए चढ़े बदमाशों ने सोमवार को आरपीएफ के दो जवानों को पीटकर घायल कर
उनमें से एक को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया. इसी बीच दूसरे जवान ने ट्रेन की चेन
खींच दी. रूंधी और शोलाका के निकट ट्रेन रुकते ही सभी बदमाश खाली बैग छोड़कर भाग
गए. घायल जवान को कोसी के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया गया कि बदमाशों
की संख्या करीब १५ थी. इनकी तलाश में फरीदाबाद और दिल्ली में आरपीएफ की टीमें भेजी
गई हैं. आरपीएफ से मिली जानकारी के अनुसार पार्सल यान से चोरी की कई घटनाएं होने के
बाद आरपीएफ ने विशेष टीम बनाई थी. इसी के तहत आगरा आरपीएफ की क्राइम ब्रांच के
सिपाही सतबीर शर्मा और रामवीर सिंह सादे कपड़ों में ड्यूटी पर थे. ये सिपाही दिल्ली
में छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस की बोगी नंबर एसई ८२८७८१४ के पार्सल यान में सवार हो गए.
सोमवार की सुबह करीब ८ बजे पलवल स्टेशन से होडल की ओर रवाना हुई. उस समय तक सतवीर
शर्मा और रामवीर सिंह को यह शक हो गया था कि इस बोगी में करीब १५ बदमाश बैठे हैं,
जो पार्सल यान से सामान चुराने की फिराक में हैं. इस दौरान सतबीर शर्मा और रामवीर
सिंह ने मोबाइल से मंडल सुरक्षा आयुक्त आगरा को सूचित किया कि वे कोसी स्टेशन पर
फोर्स भेज दें, ताकि इन बदमाशों को कोसी स्टेशन पर गाड़ी रुकते ही गिरफ्तार किया जा
सके. मालूम हो कि यह ट्रेन पलवल से चलने के बाद कोसी में ही रुकती है. सतबीर शर्मा
और रामवीर सिंह ने बताया कि इस बीच बदमाशों को भी शक हो गया कि वे दोनों आरपीएफ
जवान हैं. शक होते ही बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया. उस समय किसी कारण ट्रेन धीमी
चल रही थी. इसी दौरान बदमाशों ने चलती ट्रेन से सिपाही रामबीर सिंह को नीचे फेंक
दिया. यह देख सतबीर शर्मा ने चेन खींच दी और गाड़ी रूंधी - शोलाका के बीच गेट नंबर
५६१ के निकट रुक गई. गाड़ी रुकते ही सभी १५ बदमाश अपना खाली बैग छोड़ ट्रेन से भाग
निकले. बाद में रामवीर को घायलावस्था में ट्रेन में चढ़ाया गया तथा कोसी में ट्रेन
रुकने पर दोनों को वहां के लाइफ लाइन अस्पताल में भर्ती कराया गया. घटना की सूचना
मिलने पर मंडल सुरक्षा आयुक्त पी. के. गुप्ता कोसी पहुंच गए और घायल सिपाहियों से
जानकारी ली. बताया गया कि बदमाशों के पास करीब एक दर्जन खाली बैग थे, जिनमें वे
चोरी का सामान भरकर ले जाते थे. इन बैगों को जब्त कर लिया गया. बदमाशों की तलाश में
आरपीएफ की टीमें फरीदाबाद और दिल्ली भेजी गई हैं. जीआरपी अधिकारियों ने कोसी जाकर
घायल आरपीएफ सिपाहियों के बयान भी लिए. बताया गया कि आरपीएफ जवानों के बचाव में उस
डिब्बे का कोई यात्री आगे नहीं आया. भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) हवाई
अड्डों पर रेस्तरां से लेकर शापिंग मॉल तक खोलेगा. इसका लाभ यात्रियों के साथ ही आम
लोग भी उठा सकेंगे. हवाई अड्डों को ऐसा रूप देने की योजना तैयार की गई है जो हवाई
अड्डे के साथ ही व्यावसायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित हो सके. यह
कवायद हवाई अड्डों को घाटे से उबारने के लिए शुरू की जा रही है. भारतीय विमानपत्तन
प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के मुताबिक परिवहन के लिए प्रयोग किए जा रहे देश भर
के ८६ हवाई अड्डों में से ७६ घाटे में चल रहे हैं. घाटा करोड़ों में है और हर साल
बढ़ता ही जा रहा है. इसे कम करने के लिए तरह -JOIN तरह की योजनाएं बनी, लेकिन घाटा
समाप्त नहीं हुआ. इसके मद्देनजर हवाई अड्डों का वाणिज्यिक उपयोग करने का फैसला किया
गया है. यदि किसी प्रमुख स्थान पर होटल से लेकर साइबर कैफे और ब्रांडेड कपड़ों के
आउटलेट हों तो लोग वहां जरूर आएंगे. एएआई के अधिकारियों का कहना है कि इस योजना के
बेहतर अमल के लिए एक अलग कंपनी का गठन किया जाएगा. यहाँ कंपनी आउटलेटों के ठेके
देने से लेकर व्यावसायिक शर्तो पर एयरलाइनों को भू -JOIN सेवाएं मुहैया कराई जाएगी.
कंपनी द्वारा विमान रिफ्यूलिंग आउटलेट तथा फास्ट फूड आउटलेटों के ठेके भी दिए
जाएंगे. गुजरात हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को सीबीआई को पंचमहल जिले के लुनावाड़ा
गांव में मिले सामूहिक कब्र के नरकंकालों के नमूने एकत्रित करने का आदेश दिया है.
कोर्ट ने नमूने डीएनए जांच के लिए हैदराबाद के रेड हिल में स्थित फोरेंसिक
प्रयोगशाला में भेजने को कहा है. बुधवार को न्यायाधीश सी. के. बुच के समक्ष दाखिल
की गई याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया. इस मामले में
वर्ष २००२ में गुजरात दंगों के शिकार एक व्यक्ति की मां व गैर - सरकारी संगठन
'सिटीजंस फॉर जस्टीस एंड पीस' ने याचिका दाखिल की थी. कोर्ट ने कहा कि विवादित
सामूहिक कब्र के प्रत्येक नरकंकाल का नमूना जांच दल अधिकारी की उपस्थिति में
एकत्रित किया जाना चाहिए और जांच के लिए सीलबंद डिब्बे में हैदराबाद भेजा जाना
चाहिए. कोर्ट ने कहा कि इस कार्य में राज्य का कोई पुलिस अधिकारी सीबीआई की सहायता
कर सकता है. बुच ने अपने आदेश में कहा कि नमूने की जांच की रिपोर्ट सीबीआई को भेजी
जानी चाहिए और इसकी प्रति सीलबंद पैकेट में कोर्ट को भी भेजी जानी चाहिए. ठंड के
मौसम में रेल यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर शुक्रवार को नई दिल्ली से
मुंबई सेंट्रल के लिए एक राजधानी स्पेशल ट्रेन चलेगी. यह ट्रेन ३० दिसंबर को दोपहर
२.३५ बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह ८.३५ बजे मुंबई पहुंचेगी. रास्ते में यह ट्रेन
हजरत निजामुद्दीन, कोटा, रतलाम, वडोदरा और सूरत स्टेशनों पर रुकेगी. वापसी में यह
ट्रेन मुंबई से १ जनवरी २००६ को अपराह्न ३.३० बजे चल कर अगले दिन सुबह १०.२० बजे नई
दिल्ली पहुंचेगी. चालू वर्ष ने जाते - जाते करीब डेढ़ साल पुराने संयुक्त प्रगतिशील
गठबंधन (यूपीए) में फूट के संकेत दे दिए हैं । राजद व टीआरएस ने बृहस्पतिवार को
यूपीए सरकार द्वारा न्यूनतम साझा कार्यक्रम के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए एक
अनौपचारिक समूह के गठन की घोषणा की है । सरकार के सहयोगी दलों की इस घोषणा से
कांग्रेस सकते में है । टीआरएस के ऐलान के बाद बृहस्पतिवार को आनन -JOIN फानन में
कांग्रेस के मुख्यालय में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई । बैठक के बाद
वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं ने राजद सुप्रीमो लालू यादव व एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार को
फोन कर इस तरह के किसी दबाव में आकर समूह के गठन की खबर को खारिज करने के लिए कहा ।
दरअसल, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री के. चंद्रशेखर राव यूपीए में वामदलों को
ज्यादा तरजीह दिए जाने से नाराज हैं । उनका मानना है कि सरकार तेलंगाना राज्य के
मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है । उनके मुताबिक गैर कांग्रेसी व गैर वामदल
फ्रंट बनाने की बेहद जरूरत है । ताकि, सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर अमल पर
नजर रखी जा सके । राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने भी इस तरह की कोशिशों से इनकार
नहीं किया है । गैर कांग्रेस व वामदल फ्रंट को अंतिम रूप देने के लिए इन पार्टियों
के नेताओं ने जनवरी के पहले सप्ताह में दिल्ली में बैठक करने का फैसला किया है ।
सरकार में शामिल घटक दल अगर गैर कांग्रेसी व गैर - वामदल फ्रंट बनाते हैं, तो यूपीए
की सेहत बिगड़नी लाजिमी है । यही सोचकर कांग्रेस ने राव को मनाने की कोशिशें शुरू
कर दी है । पार्टी के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल ने कहा कि यदि यूपीए के घटक दलों को
कोई शिकायत है, तो अध्यक्ष सोनिया गांधी उनसे बात करने के लिए तैयार हैं । बातचीत
के जरिए हर मसले का हल तलाशा जा सकता है । उन्होंने कहा कि गठबंधन सरकार में इस तरह
की दिक्कतें आती रहती हैं । इससे पहले भी कुछ मुश्किलें पैदा हुई थीं । पर उन सभी
को हल कर लिया गया । इसलिए, उनकी इस नाराजगी का भी हल तलाश लिया जाएगा । बिहार के
तमाम अधिकारियों ने जल्द चुनाव कराने से हाथ खड़े कर लिए हैं । हालात का जायजा लेने
यहां पहुंचे चुनाव आयोग के दल से सभी जिलों के डीएम समेत राज्य प्रशासन ने साफ कह
दिया है कि वे नवंबर से पहले विधानसभा चुनाव कराने की स्थिति में नहीं हैं । इसके
लिए खासतौर से बाढ़ को कारण बताया गया है । चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के
लिए यहां आए उप - मुख्य चुनाव आयुक्त अधिकारी आनंद कुमार और कानूनी सलाहकार एस. के.
मेहंदीरत्ता ने तीन दिनों तक राजनीतिक दलों और राज्य के उच्च अधिकारियों के साथ
विचार किया । चुनाव की तिथि को लेकर यूपीए और राजग में भारी मतभेद है । यूपीए के
घटक जहां अक्टूबर - नवंबर में चुनाव कराने के पक्ष में हैं, वहीं भाजपा और जद (यू)
ने जुलाई में चुनाव कराने की मांग की है । हालांकि सभी दलों ने पूरे राज्य में एक
ही दिन मतदान कराने की वकालत की है । दूसरी ओर राज्य के उच्च अधिकारियों का कहना है
कि यदि फरवरी में हुए चुनाव की तरह सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी तो एक दिन में
मतदान कराने के लिए अर्ध सैन्य बलों की दो हजार टुकड़ियों की जरूरत होगी । दल को
बताया गया कि पुनरीक्षित मतदाता सूची के प्रकाशन, फोटो पहचान के वितरण और पोलिंग
बूथ की तैयारियों में भी समय लगेगा । इसके अलावा प्रशासन का तर्क है कि आने वाले
समय में जिला प्रशासन बाढ़ राहत अभियान में इस कदर व्यस्त हो जाएगा कि वह चुनावी
कार्य पर ध्यान केंद्रित नहीं कर सकेगा । चुनाव आयोग के दल ने मुख्य सचिव के. ए.
एच. सुब्रमण्यन, पुलिस प्रमुख आशीष रंजन सिन्हा और अन्य उच्च अधिकारियों के साथ
स्थिति की समीक्षा की । उप - मुख्य चुनाव आयुक्त आनंद कुमार और कानूनी सलाहकार एस.
के. मेहंदीरत्ता ने उत्तरी बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों के कमिश्नरों और डीएम से
अलग अलग मुलाकात भी की । दिल्ली रवाना होने से पहले आनंद कुमार ने पत्रकारों से कहा
कि हम अपनी रिपोर्ट आयोग को पेश करेंगे । लेकिन उन्होंने चुनाव की संभावित तारीखों
के बारे में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया । सपा विधायक एवं पूर्व मंत्री अमरमणि
त्रिपाठी ने पत्नी मधुमणि के साथ बृहस्पतिवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत
में समर्पण कर दिया. अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया है. दोनों को ६ अक्तूबर को सभी
अभियुक्तों के साथ पेश होने को कहा गया है. वे निर्दोष हैं और उन्हें विरोधियों के
इशारे पर फंसाया जा रहा है. उन्होंने न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही
है. मधुमिता हत्याकांड के अभियुक्त अमरमणि त्रिपाठी व उनकी पत्नी मधुमणि दोपहर करीब
३.२७ बजे जिला एवं सत्र न्यायालय पहुंचे. उनके साथ सैकड़ों समर्थक भी अदालत आए थे.
अमरमणि ने तो मीडिया से गुरेज नहीं किया, लेकिन उनकी पत्नी मधुमणि को मीडिया से
छिपाने की भरपूर कोशिश की गई. उन्हें सत्र न्यायालय के पिछले दरवाजे से दर्जनों
समर्थकों के घेरे में चुपके से अदालत में पेश किया गया. सुबह अदालत का कामकाज शुरू
होते ही अमरमणि के अधिवक्ता अनिल प्रताप सिंह ने अमरमणि व मधुमणि की ओर से समर्पण
की अर्जी दी जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. अदालत ने अमरमणि की अर्जी स्वीकार करते
हुए डीएम व एसएसपी को निर्देश दिए कि वे अमरमणि व मधुमणि को विशेष सुरक्षा में पेशी
पर लाने की व्यवस्था सुनिश्चित करें. अदालत ने अमरमणि व मधुमणि को हत्याकांड के
अन्य अभियुक्तों रोहित चतुर्वेदी, प्रकाश चंद्र पांडे व संतोष राय के साथ ६ अक्तूबर
को पेश होने के निर्देश दिए हैं. रोहित चतुर्वेदी की ओर से भी अधिवक्ता अनिल प्रताप
सिंह ने उसे आरोपमुक्त करने की अर्जी दी है. इस अर्जी पर भी अदालत ६ अक्तूबर को
सुनवाई करेगी. अदालत से निकलने के बाद अमरमणि व मधुमणि को अलग -JOIN अलग पुलिस
जिप्सियों से जेल रवाना कर दिया गया. इराक में तेल के बदले अनाज कार्यक्रम में कुछ
लोगों के कथित रूप से लाभान्वित होने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने अंतरिम
रिपोर्ट तैयार कर ली है. निदेशालय का कहना है कि अंतरिम रिपोर्ट तैयार है और इसे
जल्द ही सरकार को सौंप दिया जाएगा. इस मामले में फंसने के चलते नटवर सिंह को विदेश
मंत्री का पद गंवाना पड़ा था. मानव संसाधन मंत्रालय का महिला एवं बाल विकास विभाग
बच्चों के विकास के लिए समग्र योजना के तहत काम करना चाहता है. विभाग चाहता है कि
बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण आदि के स्तर में सुधार लाया जाए. विभाग के
मुताबिक, बच्चों के विकास पर खर्च करने के लिए देश में बजट का प्रावधान होना चाहिए.
जरूरतों को देखते हुए इस संबंध में एक राष्ट्रीय नीति तैयार करने के प्रयास किए जा
रहे हैं. महिला एवं बाल विकास विभाग की एक अधिकारी ने बताया कि पिछले पांच साल में
बच्चों के विकास पर खर्च होने वाली राज्यों की राशि में भारी कमी आई है. विभाग की
सचिव रेवा नैयर के मुताबिक इस समय देश में १८ वर्ष तक की उम्र के तकरीबन ४२ करोड़
बच्चे हैं. इसका मतलब है कि देश की आबादी का ४० फीसदी बच्चे हैं. भारी संख्या में
बच्चे कुपोषण के शिकार हैं. बिहार और उत्तर प्रदेश इस मामले में काफी पीछे हैं.
नैयर ने कहा कि देश के ४२ करोड़ बच्चों में अधिकांश गरीब हैं और इनका ठीक ढंग से
विकास नहीं हो पा रहा है जबकि सर्व शिक्षा अभियान, समग्र बाल विकास कार्यक्रम और
आईसीडीएस कार्यक्रम के तहत सरकार पैसा भी खर्च कर रही है. उन्होंने कहा कि इस संबंध
में एक राष्ट्रीय नीति तैयार करने पर काम चल रहा है. नैयर ने बताया कि बच्चों के
विकास के लिए राष्ट्रीय बाल आयोग के गठन की तैयारी चल रही है. इसका विधेयक तैयार हो
चुका है और संसद के शीतकालीन सत्र में इसके पेश किए जाने की संभावना है. उन्होंने
कहा कि योजना में देश के हर स्कूल में बिजली, पानी की उपलब्धता, हर बच्चे के लिए
शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, खान -JOIN पान की व्यवस्था तथा उसे कुपोषण से बचाने को
प्रमुखता दी गई है. महिला एवं बाल विकास विभाग के मुताबिक तीन वर्ष की आयु तक के
देश में ५८ फीसदी बच्चे ऐसे हैं जिन्हें पूरे टीके नहीं लगे हैं जबकि १४ फीसदी को
लगे ही नहीं हैं. ३४ फीसदी बच्चों का जन्म बिना किसी पूर्व चिकित्सकीय परामर्श के
होता है और ५१ फीसदी कुपोषण के शिकार हैं. राष्ट्रीय बाल आयोग के अस्तित्व में आने
के बाद निश्चित रूप से स्थिति में बदलाव आएगा. लगातार तीन बम धमाके कर राजधानी में
त्योहार के माहौल को मातम में बदलने का आतंकवादियों का मंसूबा कामयाब नहीं हुआ.
दहशत से उबरकर व्यापारी बाजार पहुंचे और दुकान सजा ली. बम धमाकों से दिल्ली दहली
जरूर, लेकिन उसकी रफ्तार थमी नहीं. जिस सरोजनी नगर मार्केट में शनिवार की शाम
जबरदस्त हादसा हुआ था, वह रविवार शाम ग्राहकों के लिए फिर सजा हुआ था. यही हाल छह
टूटी बाजार में भी देखने को मिला. कड़ी निगरानी में दोपहर बाद यहां भी बाजार लगने
लगा. धनतेरस की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग शाम को घरों से निकलकर बाजारों
में पहुंचे. सभी बड़े बाजारों में आवागमन के रास्तों पर लोगों को मेटल डिटेक्टर से
होकर गुजरना पड़ा. शनिवार को हादसे के तुरंत बाद ही सरोजनी नगर मार्केट की दुकानों
के शटर बंद हो गए थे और सात बजे तक पूरे बाजार में सन्नाटा छा गया. लेकिन रविवार
सुबह कुछ दुकानदारों ने अपने नियमित समय पर शटर उठाए तो बाजार के ही कुछ दुकानदारों
ने आपत्ति जताई. लिहाजा दोपहर तक अधिकतर दुकानें बंद रहीं, लेकिन शाम ढलते ही
दुकानें सजने लगीं. हालांकि दुकानों के बाहर फुटपाथ पर बैठने वाले दुकानदारों पर
पुलिस की सख्ती थी. सरोजनी नगर मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक रंधावा
ने कहा कि, '1 हम पहले की ही तरह दुकानें खोल रहे हैं. क्योंकि हम नहीं चाहते कि
आतंकी यह समझें कि वे हमें डराने में कामयाब रहे. उन्होंने यह भी कहा कि बाजार की
सभी दुकानें यथावत खुली रहेंगी, हालांकि सभी व्यापारी यह जानते हैं कि बम धमाकों से
इस बार दीपावली पर पहले की तरह खरीदारी नहीं हो सकेगी. लेकिन इससे लोगों को आतंकवाद
से लड़ने के लिए बल मिलेगा. उधर की सभी दुकानें रविवार को बंद रहीं. जबकि दूसरी ओर
की अधिकतर दुकानें रोज की तरह ही जगमगा रही थीं. बाजार में खरीदारी के लिए लोग
बेखौफ घूम रहे थे. हमेशा से सरोजनी नगर से ही खरीदारी करने वाले पति -JOIN पत्नी
राकेश पराशर व अंकिता का कहना है कि घर बैठकर काम नहीं चलने वाला. पुलिस के साथ
-JOIN साथ हमें भी सजग रहने की आवश्यकता है. अब समय आ गया है आतंकवादियों से सख्ती
से निबटने का. लेडी श्रीराम कॉलेज की गार्गी भटनागर अपनी सहेलियों के साथ शॉपिंग के
लिए सरोजनी नगर पहुंची. सरोजनी नगर मार्केट में अबरोल संस के अतुल अबरोल का कहना है
कि मार्केट को बंद करना समस्या का हल नहीं है. माहौल तभी सामान्य होगा जब दुकानें
खुलेंगी. दूसरी ओर फुटपाथ पर दुकान लगाने वालों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा.
मार्केट के सभी रास्तों पर मेटल डिटेक्टर लगा हुआ था और लोगों को उसी से गुजरना पड़
रहा था. शनिवार को छह टूटी में हुए पहले बम धमाके वाले क्षेत्र में पुलिस ने माहौल
को सामान्य बनाने का काम किया. दुकानदारों ने दोपहर बाद से अपने शटर उठाने शुरू कर
दिए थे. किसी भी दुकानदार को फुटपाथ पर तख्त आदि लगाने की पाबंदी थी. चप्पे -JOIN
चप्पे में पुलिस के साथ कई जगहों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे. तमिलनाडु में
जयललिता के साथ लोकसभा चुनाव लड़ने के जख्म सहला रही भाजपा ने रविवार को एक तरह से
साफ कर दिया कि उनसे दोस्ती जारी रखने का जोखिम वह नहीं उठाएगी. भाजपा अध्यक्ष
वेंकैया नायडू ने अन्नाद्रमुक से गठबंधन जारी रखने से एक तरह से इनकार करते हुए
रविवार को यहां कहा कि यह सिर्फ लोकसभा चुनाव के लिए था. नायडू ने कांग्रेस के
नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उस पर अभी से तलवार लटक रही
है. उन्होंने मनमोहन सरकार के सात अशुभ संकेत भी गिनाए. अब गठबंधन का सवाल अगले
चुनाव पर ही तय होगा. उन्होंने कहा कि अच्छे प्रयासों का समर्थन और खराब का विरोध
हम करते रहेंगे. वेंकैया ने कहा कि चुनाव में हार से जुड़े मसलों पर उन्होंने अब तक
जयललिता से बातचीत नहीं की है लेकिन कहा कि जरूरत पड़ने पर वह जरूर बात करेंगे.
जयललिता के इस्तीफे की विपक्षी दलों की मांग पर नायडू ने कहा कि ऐसा कोई नियम नहीं
है कि संसदीय चुनाव में हारने वाली पार्टी को राज्य में गद्दी छोड़ देनी चाहिए.
कांग्रेस सरकार पर हमला बोलते हुए वेंकैया ने कहा कि प्रधानमंत्री निर्वाचित नहीं
हुआ बल्कि उनका 'चयन' हुआ, जो पहला अशुभ संकेत है. हारे हुए लोगों को मंत्री बनाया
गया और उन्हें बड़े महकमे दिए गए. मुस्लिम लीग जैसे दल को मंत्रिमंडल में जगह दी
गई. जम्मू - कश्मीर में आतंकी हमले तेज हो रहे हैं. देश पर आतंकवाद का खतरा कायम
है. अभी कुछ दिन पहले ही बीएसएफ के जवान और उनके परिजनों समेत ३० लोग मारे गए. इन
सबके बावजूद वोट बैंक की राजनीति के लिए पोटा हटाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि
माकपा समेत वामदल 'वीटो पावर' की धमकी देकर मनमोहन सिंह सरकार पर दबाव की राजनीति
पर उतारू हैं. भाजपा ने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस ने सरकार बना कर जनादेश
का मखौल उड़ाया है. यह सब शुभ लक्षण नहीं हैं. ऐतिहासिक ताजमहल की स्थिति पर विवाद
लगातार जारी है. राजकुमार याकूब हबीबुद्दीन टुसी का कहना है कि वह अपने पूर्वजों के
मकबरे पर केवल एक साल उर्स मनाने का अधिकार चाहते हैं. गौरतलब है कि टुसी ने अंतिम
मुगल बादशाह बहादुरशाह जफर का वशंज होने का दावा किया है. उन्होंने कहा कि उनकी
पहली टिथी को गलत ढ़ंग से पेश किया गया. राजकुमार टुसी ने कहा कि उन्होंने अपनी
टिथी में भारतीय पुरातत्वीय सर्वे (एएसआई) की कमाई में किसी प्रकार का दावा नहीं
किया था. यह एएसआई पर है कि मकबरे पर एक साल उर्स मनाने के उसके अधिकार की रक्षा
करें. उन्होंने कहा कि बहादुरशाह जफर के पूर्वज शाहजहां ने इस मकबरे को बनवाया था.
शाहजहां ने मकबरे को खुदा के नाम समर्पित कर दिया था न कि मौजूदा वक्फ बोर्ड के नाम
वसीयत की थी. बोर्ड का गठन १९६० में किया गया. वहीं, अंतिम मुगल बादशाह बहादुर शाह
जफर ने मकबरे की हकीम - ए - वक्त (उस समय का शासक) के नाम वसीयत कर दी. जिसे अब
भारत सरकार के नाम से जाना जाता है. कोट लखपत जेल लाहौर में बंद सरबजीत सिंह ने
मंगलवार को भारतीय दूतावास के दो अधिकारियों को अपने बारे में तमाम व्यक्तिगत
जानकारियां दीं कि किन परिस्थितियों में उसे गिरफ्तार किया गया, मुकदमा चला और सजा
हुई. ४१ वर्षीय सरबजीत सिंह के बारे में पाकिस्तान का दावा है कि वह कथित रूप से
भारतीय जासूस मंजीत सिंह है और उसी ने १९९० में लाहौर व मुल्तान में बम विस्फोट किए
थे. उसे हाईकोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट ने भी
बरकरार रखा. भारतीय दूतावास के जिन २ अधिकारियों ने उससे मुलाकात की, वे हैं वीज़ा
अधिकारी दीपक कौल (काउंसलर) और एस. सी. शर्मा (अटैची वीज़ा). एक घंटे तक चली इस
मुलाकात में सरबजीत सिंह ने अपने परिवार, बच्चों और परिवार के अन्य सदस्यों के बारे
में जानकारी दी. दूतावास अधिकारियों ने उसे अच्छी सेहत में पाया. कौल ने फोन पर
बताया कि हमने उससे एक घंटे तक बात की है. इस दौरान उसने अपनी कहानी और परिवार के
बारे में व्यक्तिगत जानकारी दी. उसने अपने परिवार के लिए भी एक संदेश दिया है,
जिसका विवरण कौल ने देने से इन्कार कर दिया. मालूम हो कि सरबजीत के परिवार ने उसे
पाकिस्तान द्वारा फांसी दिए जाने पर सामूहिक आत्महत्या की धमकी दी है. दूतावास के
अधिकारियों ने इस लंबे - चौड़े ग्रामीण पंजाबी को काफी सूझबूझ वाला पाया, जो
अंग्रेजी और हिंदी दोनों अच्छी तरह बोल रहा था. इस मुलाकात के दौरान सरबजीत की फोटो
भी खींची गई जिससे उसके घर वाले पहचान सकें, क्योंकि वह पाकिस्तान में १५ वर्षो से
बंद है. उसके बारे में एकत्र की गई जानकारी जांच के लिए भारत भेजी जाएगी, जिससे
किसी कार्यवाही से पहले उसकी नागरिकता साबित की जा सके. पाकिस्तान ने सरबजीत से
मिलने की अनुमति भारत को तभी दी जब भारत ने लगातार दो बार यह अनुरोध किया. इसके बाद
विदेश मंत्री नटवर सिंह ने पाकिस्तानी उच्चायुक्त के मार्फत भी पाकिस्तानी विदेश
मंत्री को संदेश भेजा. जबकि पाकिस्तान की चर्चित मानवाधिकारवादी असमां जहांगीर का
कहना है कि सरबजीत को उसके इकबालिया बयान के आधार पर सजा सुनाई गई, हालांकि सरबजीत
का कहना है कि ऐसा बयान देने के लिए उसे बाध्य किया गया. उसकी मौत की सजा माफी के
बारे में भी पाकिस्तानी हुकूमत के मंत्री अलग - अलग राय रखते हैं. विदेश मंत्री
खुर्शीद महमूद कसूरी का कहना है कि राष्ट्रपति को यह सजा माफ करने का अधिकार है
जबकि सूचना मंत्री शेख राशिद अहमद का कहना है कि राष्ट्रपति को यह अधिकार नहीं है.
पांचवी सीट सर्बिया की एना इवानोविक ने बुधवार को यूएस ओपन के तीसरे दौर में जगह
बना ली है. इस मैच में १२वीं सीट विलियम्स ने छह डबल फाल्ट किए. २५वीं सीट साफिन यह
ग्रैंडस्लैम २००० में जीत चुके हैं. दूसरे दिन सिर्फ एक - दो उलटफेर को छोड़ सभी
सीग्रेड खिलाड़ी अपने मैच जीतने में कामयाब रहे. चेकोस्लोवाकिया की २४ साल की
हंतुचोवा २००१ से यूएस ओपन में खेल रही है लेकिन उन्हें पहले कभी भी शुरुआती राउंड
में शिकस्त का सामना नहीं करना पड़ा था. भारत और पाकिस्तान के बीच सुधरते रिश्तों
में मंगलवार को एक कड़ी और जुड़ गई. दोनों ने एक - दूसरे की जेलों में बंद सभी
मछुआरों व सजा पूरी कर चुके कैदियों को आगामी १२ सितंबर तक छोड़ने का फैसला किया
है. दोनों देश आतंकवाद से मिलकर लड़ने के साथ ही इसको पूरी तरह मिटाने के लिए मिलकर
कठोर कदम उठाएंगे. दो दिन तक चली गृह सचिव स्तर की वार्ता के बाद मंगलवार को जारी
संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने मछुआरों और सजा पूरी कर चुके कैदियों की रिहाई
सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने पर सहमति जतायी. रिहाई के लिए इन
कैदियों की नागरिकता की पुष्टि होना आवश्यक है. गृह सचिव वी. के. दुग्गल ने पाक गृह
सचिव कमाल शाह के साथ एक संयुक्त प्रेस कान्फ्रेंस में कहा कि दोनों देश अपने यहां
किसी भी पड़ोसी नागरिक की गिरफ्तारी को तत्काल अधिसूचित करेंगे और इसके तीन माह के
भीतर सभी से राजनयिकों को मिलने की अनुमति देंगे. इस बारे में पिछले साल दिसंबर में
विदेश सचिवों की बैठक में सहमति हुई थी. दुग्गल ने संयुक्त बयान को पढ़ते हुए बताया
कि दोनों देशों के कैदियों को सजा पूरी करने और नागरिकता की पुष्टि होने के तत्काल
बाद रिहा कर दिया जाएगा. दुग्गल ने सचिव स्तरीय वार्ता को बहुत ही उपयोगी करार
दिया. वार्ता में मादक पदार्थों की तस्करी व आतंकवाद पर भी चर्चा की गई. सोमवार को
भारत ने दाऊद इब्राहिम समेत ३० मोस्ट वांटेड अपराधियों और आतंकियों की सूची
पाकिस्तान को सौंपी. पाकिस्तान ने भी ३७ लोगों के नाम भारत को दिए हैं. इनमें
अधिकतर मादक द्रव्यों की तस्करी से जुड़े लोग हैं. खास बात यह है कि साझा बयान में
इस बारे में एक भी शब्द नहीं कहा गया है. नशीले पदार्थों की तस्करी पर दुग्गल ने
कहा कि इसको रोकने के लिए दोनों देशों की नारकोटिक्स कंट्रोल एजेंसियां जल्द ही एक
सहमति पर दस्तखत करेंगी. इसके तहत एक नियमित संस्थागत प्रणाली स्थापित की जाएगी और
तस्करी रोकने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाया जाएगा. इस संबंध में भारत व पाकिस्तान के
नारकोटिक्स ब्यूरो के महानिदेशक अगले माह बैठक कर समझौते पर दस्तखत करेंगे. दोनों
देश समझौते के प्रारूप का आदान - प्रदान कर चुके हैं. दोनों देशों के गृह सचिवों ने
इस बात पर संतोष जताया कि मादक पदार्थों पर नियंत्रण करने वाली एजेंसियों के बीच
सहयोग और सूचनाओं का आदान - प्रदान हो रहा है. दोनों पक्ष इस पर भी राजी हैं कि
भारत की खुफिया एजेंसी सीबीआई और पाकिस्तान की फेडरल जांच एजेंसी में आपसी सहयोग
होना चाहिए. इसके लिए शीघ्र ही दोनों खुफिया एजेंसियों के विशेषज्ञ आपसी सहमति से
एक तिथि तय करके बैठेंगे. यह कानूनी अपराध नहीं है, लेकिन गलती से कहीं सार्वजनिक
स्थल पर खेला तो यह अपराध माना जाएगा. यह कहना है कानूनी विशेषज्ञों का, लेकिन
पुलिस कर्मचारियों की कानून की किताब अलग ही है, जिसके चलते होटल और घरों के अंदर
ताश खेलने या पैसा लगाने वालों को भी गिरफ्तार कर लिया जाता है. मिस्टर एक्स घर पर
दोस्तों के साथ ताश खेल रहे थे. गुप्त सूचना पर पुलिस पहुंची और छापा मारकर मिस्टर
एक्स व अन्य को दबोच लिया और गैंबलिंग एक्ट १८६७ की धारा १३ के तहत केस दर्ज कर
उन्हें हवालात में बंद कर दिया. लेकिन पुलिस की यह कार्रवाई कानूनन गलत है. यदि कोई
अपने घर या होटल के कमरे में ताश खेल रहा है तो उस पर इसका प्रयोग नहीं किया जा
सकता. दीवाली के समय 'जुआ' खेलने की एक परंपरा है, लेकिन पुलिस के लिए यह परंपरा
कमाई का अच्छा साधन बन गई है. घर या किसी होटल के कमरे में कोई ताश खेल रहा हो तो
पुलिस छापा मारकर उन्हें गिरफ्तार कर लेती है. गिरफ्तार आरोपी अपनी पहचान छिपाने के
लिए पुलिस से गुहार लगाता है, जो उसके लिए कमाई का जरिया बन जाता है. घर या होटल के
किसी कमरे में ताश खेलना कोई गुनाह नहीं है. एडवोकेट भल्ला और एडवोकेट पी. पी. सिंह
आहलूवालिया का कहना है कि पुलिस अपने फायदे के लिए जुए के केस बनाती है. पुलिस की
लापरवाही के कारण पांच - छह साल में भी गैंबलिंग एक्ट का फैसला नहीं हो पाता है.
गैंबलिंग एक्ट के दोषी पाए गए जुआरी को अधिकतम पचास रुपये जुर्माना या एक माह की
सजा हो सकती है लेकिन चालान पेश करने में ही अभियोजन पक्ष द्वारा खासा समय लगा दिया
जाता है. पुलिस ने बस्ती शेख व बस्ती गुजां के यशपाल सिंह, सुरिंदर कुमार, देविंदर
कुमार, सुरेश कुमार व राकेश कुमार को ३ दिसंबर १९९९ को फ्रेंड्स सिनेमा के पास एक
होटल में जुआ खेलने के आरोप में गिरफ्तार किया था. इनके खिलाफ १६ फरवरी २००० को
चालान पेश किया गया. कभी जांच अधिकारी नहीं पहुंचा तो कभी पुलिस के गवाह नहीं
पहुंचे और कभी आरोपियों की तरफ से छूट मांग ली गई. इस केस की सुनवाई २८ नवंबर को
होनी है, जिसमें बचाव पक्ष की गवाही होनी है. पिछले दिनों रिलीज हुई हॉलीवुड की
फिल्म '1 दि डे आफ्टर टुमारो '2 के दृश्यों में ग्लोबल वार्मिंग यानि वैश्विक
तापमान बढ़ने से दुनिया पर पड़ने वाले प्रभाव को देखकर अमरीकी चिंतित हैं । लेकिन
इस शोध से लोगों की चिंता और बढ़ जाएगी । हाल ही में किए गए एक अध्ययन के बाद
अमेरिकी विज्ञानियों का कहना है कि पृथ्वी पर पिछले पचास वर्षों के मुकाबले सूर्य
की रोशनी कम पहुंच रही है । विज्ञानियों ने इसे '1 ग्लोबल डिमिंग '2 यानि '1
वैश्विक धुंधलापन '2 नाम दिया है । १९८५ में भूगोल के जाने - माने अध्ययनकर्ता ने
यूरोप में सूर्य के प्रकाश का स्तर पता कर बताया था कि जिस दिन सूर्य की रोशनी
पृथ्वी पर सबसे ज्यादा पड़ती है, उस दिन भी पहले के मुकाबले धरती पर कम ही प्रकाश
आता है । पिछले २० वर्षों से धरती पर आने वाली सूर्य की रोशनी में पहले के मुकाबले
कमी आई है । दुनिया भर में हुए कई अध्ययनों में यह पाया गया कि १९५० के दशक के बाद
से सूर्य के प्रकाश में २ से लेकर ३७ फीसदी तक की कमी आई है । पत्रिका साइंस में
छपी रिपोर्ट के मुताबिक घटती सूर्य की रोशनी वैश्विक समस्या बन गई है । न्यू जर्सी
और कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के विज्ञानियों ने मशहूर चित्रकार
लियोनाडर् डी विंसी की उस कृति की याद दिलाई है जिसमें उन्होंने चांद के अंधेरे
हिस्सों को धरती से परावर्तित होने वाली सूर्य की किरणों से प्रकाशित होते दिखाया
है । इसी '1 अर्थसाइन '2 की गणना कर विज्ञानियों ने पता लगाया है कि पिछले पचास
वर्षों के मुकाबले दुनिया में तकरीबन १० फीसदी रोशनी घटी है । हालांकि विज्ञानी इस
बात पर एक मत नहीं है कि दुनिया में कम होता प्रकाश प्राकृतिक घटना है या प्रदूषण
के कारण ऐसा हो रहा है । कुछ विज्ञानियों का यह भी मानना है कि कारों से निकलने
वाली कालिख और वैश्विक तापमान (ग्लोबल वार्मिंग) बढ़ने से सूर्य की रोशनी घटी है ।
ग्लोबल वार्मिंग से ज्यादा पानी वाष्प बन कर उड़ता है जिससे समूचा आकाश बादल से ढक
जाता है । यह भी धरती तक रोशनी कम आने की एक वजह हो सकती है । उन्होंने कहा कि आम
जन - जीवन पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है । पिछले साल हुई भारी बारिश के कहर से
मुंबई अभी पूरी तरह से उबरने की कोशिश ही कर रहा था कि रविवार को फिर जोरदार बारिश
ने मुंबई के लोगों को हलकान कर दिया । बारिश से सड़क, रेल एवं वायु परिवहन पर बहुत
बुरा असर पड़ा है । बारिश के कारण कम दृश्यता के परिणामस्वरूप अंतरराष्ट्रीय व
घरेलू उड़ानें छह घंटे से भी अधिक समय तक प्रभावित हुई । मुख्यमंत्री विलासराव
देशमुख ने कहा है कि स्थिति के मद्देनजर सोमवार को मुंबई, ठाणे और रायगढ़ में सभी
स्कूल, कालेज और अन्य शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे । इसके अलावा प्रभावित क्षेत्रों
में राहत व पुनर्वास कार्यो पर नजर रखने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है ।
जलप्लावित महाराष्ट्र में मरने वालों की संख्या ८९१ हो गई है । शनिवार देर रात से
ही बांद्रा, कुर्ला, बोरीवली तथा गोरेगांव इलाकों में भारी बारिश हो रही है । पिछले
सप्ताह मंगलवार एवं बुधवार को अचानक आई बाढ़ के कारण मुंबई शहर के लाखों लोग अपने
कार्यालयों एवं घरों में फंस गए थे और आज अधिकारियों द्वारा अचानक उड़ानों एवं
रेलगाड़ियों के आवागमन को स्थगित किए जाने के कारण हजारों लोग हवाई अड्डों एवं
रेलवे स्टेशनों पर फंसे रहे । बारिश थमने के बाद उड़ान सेवा धीरे - धीरे बहाल हो गई
। आपात स्थिति से निपटने के लिए भारतीय नौसेना को सतर्क कर दिया गया है ।
अधिकारियों ने लोगों को घर से बाहर न निकलने का निर्देश दिया है । पूरे मुंबई शहर
में ट्रैफिक अलर्ट घोषित कर दिया गया है । जल संसाधन मंत्री अजीत पवार ने कहा है कि
भारी बारिश के कारण राज्य के अधिकांश बांध पूरी तरह भर गए हैं । लोकल ट्रेनों के
आवागमन को भी आज रोक दिया गया है । अधिकांश पटरियां पानी में डूब गई हैं । ६ अगस्त
तक मुंबई से रवाना होने वाली लंबी दूरी की सभी ट्रेनों को स्थगित कर दिया गया है ।
भारी बारिश के कारण मुंबई के आसपास के इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं भी हुई हैं,
लेकिन किसी के मरने व हताहत होने की कोई खबर नहीं है । भाजपा के मनोनीत अध्यक्ष
राजनाथ सिंह ने शनिवार को कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी की प्रेरणा
उनकी ताकत रहेगी । अन्य नेताओं के सहयोग से वह पार्टी को आगे बढ़ाते रहेंगे । जबकि
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के मुख्य ऑर्गनाइजर को दिए गए साक्षात्कार में राजनाथ ने
कहा कि पार्टी अपनी विचारधारा पर कायम रहेगी, क्योंकि यह आम आदमी को आकर्षित करती
है । पार्टी में अनुशासन हर हाल में बहाल किया जाएगा । उन्होंने कहा कि वाजपेयी ने
१९८० में भाजपा सम्मेलन में जो संदेश दिया था, वह उसी पर चलेंगे । मैं भाजपा
अध्यक्ष का पद बहुत विनम्रता से स्वीकार करता हूं और मुझे गर्व की अनुभूति हो रही
है । उन्होंने कहा कि वह आडवाणी के सुराज, शुचिता और सुरक्षा के मंत्र का भी पालन
करेंगे । मैं भाजपा को मजबूत, प्रभावशाली और एक चुनिंदा संगठन के रूप में तैयार
करूंगा । अटल और आडवाणी की प्रेरणा मेरी ताकत होगी । राजनाथ ने कहा कि भाजपा अपनी
उसी राजनीतिक विचारधारा के मुताबिक ही आगे बढ़ेगी, जिस कारण इसकी स्थापना हुई है ।
इसके आगे उन्होंने कुछ भी बोलने से मना कर दिया । उन्होंने कहा कि वह २ जनवरी को
अध्यक्ष पद ग्रहण करने के बाद अपनी बात कहेंगे । उन्होंने इस बात से इन्कार किया कि
भाजपा में कोई अंदरूनी कलह है । भाजपा के सामने जो भी समस्याएं आई, उसे आडवाणी ने
अच्छी तरह निपटाया । पार्टी की प्राथमिकता उसकी विचारधारा, अनुशासन और साफ - सुथरा
व्यवहार हमेशा रहेगा । यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ नकारात्मक वातावरण तैयार किया
गया । अब हमें ज्यादा सावधान रहना पड़ेगा । यह बात उन्होंने तब कही, जब उनसे सवाल
पूछा गया कि पिछले कुछ महीने भाजपा गलत कारणों से खबरों में रही है । उन्होंने
विश्वास जताया कि पार्टी में निश्चित रूप से अनुशासन बहाल किया जाएगा । हम ताकत के
बल पर अनुशासन कायम नहीं कर सकते । कार्यकर्ताओं को विचारधारा के प्रति ज्यादा
समर्पित रहना होगा । एक सवाल के जवाब में उन्होंने स्वीकार किया कि अपनी विचारधारा
के कारण ही पार्टी अल्पसंख्यकों तक नहीं पहुंच सकी । लेकिन हमारी विचारधारा पूरी
तरह ठीक है और यह आम आदमी को आकर्षित करती है । अभिनेता विवेक ओबेरॉय विश्व के उन
३२ लोगों में शामिल हैं जिन्हें विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा धूम्रपान के खिलाफ
काम करने के लिए वर्ष २००४ के '1 वल्र्रर्ड नो - टोबैको अवार्ड '2 के लिए चुना है.
'1 वल्र्रर्ड नो - टोबैको डे '2 के अवसर पर दक्षिण - पूर्व एशिया के लिए विश्व
स्वास्थ्य संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय से डॉ. खलिलुर रहमान ने सोमवार को पत्रकारों
को बताया कि ओबेरॉय धूम्रपान नहीं करते. वह टेलीविजन पर धूम्रपान के खिलाफ तीन
विज्ञापन कर चुके हैं. रहमान ने कहा कि विवेक कैंसर के कई संस्थानों के साथ काम भी
करते आ रहे हैं. पिछले साल उन्होंने अपने फिल्म निर्देशकों व निर्माताओं को राजी
करा लिया था कि वे पर्दे पर उन्हें धूम्रपान के लिए मजबूर नहीं करेंगे. गौरतलब है
कि विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा पिछले साल किए गए सर्वेक्षण के दौरान पाया गया कि
मुंबई के तीन अभिनेताओं में ओबेरॉय नंबर एक पर हैं जिन्हें पर्दे पर धूम्रपान करते
हुए अधिक बार दिखाया गया है. अन्य दो अभिनेताओं में शाहरुख खान व अजय देवगन हैं.
अध्ययन के सार्वजनिक होने के बाद ओबेरॉय ने धूम्रपान के खिलाफ काम करना शुरू किया.
दक्षिण - पूर्व एशिया क्षेत्र से पांच अन्य हस्तियों और संस्थानों को इस अवार्ड के
लिए चुना गया है. रहमान ने कहा कि एक समारोह के दौरान यह अवार्ड दिया जाएगा.
सैनिकों की विधवाओं तथा उनके आश्रितों और पूर्व सैनिकों के आश्रितों के कल्याण के
लिए आर्मी वाइफ वेलफेयर एसोसिएशन (ए.डबल्यू.डबल्यू.ए.) सक्रिय भूमिका निभा रहा है.
इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए एसोसिएशन ने दिल्ली हाट में फौजी मेले का आयोजन किया
है. मेले में सैनिकों की पत्नियों, सैनिक परिवारों के सदस्यों, वोकेशनल सेंटरों तथा
विभिन्न रेजीमेंट में बने उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. पहली से १० अप्रैल तक
चलने वाले मेले में सभी राज्यों के प्रमुख नृत्य संगीत और तमाम सांस्कृतिक
कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा. मेला सुबह १० बजे से रात १० बजे तक चलेगा. ग्यारह
बजे सुबह से नौ बजे रात्रि तक प्रदर्शनी का आयोजन होगा और शाम ६.३० बजे से नौ बजे
तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. मेले के आयोजन का उद्देश्य सैन्य
परिवारों के लिए राहत एवं कल्याण कोष की वृद्धि करना तथा इस क्षेत्र में आवा की
भागीदारी बढ़ाना होगा. पांच लाख का इनामी और कुख्यात स्वयंभू नक्सल कमांडर कमलेश्वर
बैठा पटना के बाहरी इलाके में पकड़ा गया है. उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड की
पुलिस उसे पिछले एक दशक से तलाश रही थी. डीआईजी पुलिस अशीष रंजन ने संवाददाताओं को
सोमवार की रात बताया कि सुराग लगते ही एसटीएफ के कमांडो ने स्थानीय पुलिस और उत्तर
प्रदेश से आए एसटीएफ के लोगों के साथ मिलकर एक सघन तलाशी अभियान चलाया. और सोमवार
की रात को ही नक्सल कमांडर कमलेश्वर बैठा को शहर के बाहरी इलाके में धर दबोचा.
डीआईजी ने बताया कि बैठा को गिरफ्तार करने के तुरंत बाद कोतवाली पुलिस स्टेशन लाया
गया जहां उससे एसटीएफ के अधिकारी पूछताछ करेंगे. इस नक्सली नेता से पूछताछ के लिए
उत्तर प्रदेश और झारखंड से भी एसटीएफ के लोग आ रहे हैं. उन्होंने बताया कि बैठा पर
७० पुलिस कर्मियों की हत्या का आरोप है. इसके अलावा उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश और
झारखंड में भी कई आपराधिक मामले हैं. उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश और बिहार की
सरकारों ने उसके बारे में सूचना देने वाले के लिए दो - दो लाख रुपये का इनाम रखा
है. जबकि झारखंड ने भी उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वालों को एक लाख का नकद
पुरस्कार देने का ऐलान कर रखा है. इसके अलावा एक अन्य अभियान में भाकपा (माओवादी)
के एक और खूंखार नक्सली रामबचन यादव को एसटीएफ ने रोहतास जिले के एक गांव में
गिरफ्तार कर लिया. बिहार में विधानसभा चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के लिए सुप्रीम
कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को एक तरह से हरी झंडी दिखा दी है. निर्वाचन आयोग के वकील
एस. मुरलीधर के मुताबिक आयोग दो -JOIN तीन दिन के अंदर ही चुनाव कार्यक्रम की घोषणा
कर सकता है. इस मुद्दे पर तीन जजों की पीठ ने संविधान पीठ को चार सवाल भेजे हैं.
बिहार विधानसभा भंग किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर तीन जजों की पीठ सुनवाई
कर रही है. प्रधान न्यायाधीश आर. सी. लाहोटी की अगुवाई वाली तीन जजों की पीठ ने
संविधान पीठ को सवाल भेजे हैं. यहां गौरतलब है कि बिहार के राज्यपाल बूटा सिंह की
२७ अप्रैल और २१ मई की दो रिपोर्ट के परिणामस्वरूप राज्य विधानसभा को भंग कर दिया
गया था. पीठ ने अटॉर्नी जनरल मिलन बनर्जी, वरिष्ठ अधिवक्ता सोली सोराबजी और
अतिरिक्त महान्यायवादी गोपाल सुब्रह्मण्यम से सवाल किया है कि अगर राज्यपाल अपने
संवैधानिक कर्तव्यों का निर्वाह नहीं करते हैं तो क्या अदालतें केवल मूक दर्शक बनी
रहेंगी. राज्यपाल की भूमिका पर संविधान पीठ ६ सितंबर को सुनवाई करेगी. बहरहाल, तीन
जजों की पीठ ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया पर स्टे लगाने की अपील पर सुप्रीम कोर्ट
की संविधान पीठ सुनवाई कर सकती है. उल्लेखनीय है कि राज्य विधानसभा भंग किए जाने को
चुनौती देने वाले पूर्व राजग विधायकों समेत कई याचियों ने चुनाव प्रक्रिया पर स्टे
लगाने की अपील की है. आयोग दो -JOIN तीन दिन के अंदर विज्ञप्ति जारी कर सकता है.
लंबी बीमारी के बाद पंजाबी की सुप्रसिद्ध लेखिका अमृता प्रीतम का सोमवार को निधन हो
गया. उन्होंने दक्षिण दिल्ली के हौजखास स्थित आवास पर शाम को लगभग ४ बजे अंतिम सांस
ली. वर्षों से उनके साथ रह रहे इमरोज उस वक्त भी उनके पास ही थे. इमरोज खुद भी लेखक
हैं. अमृता प्रीतम के परिवार में एक पुत्र भी है. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि
दक्षिण दिल्ली में सोमवार को ही शाम उनका अंतिम संस्कार भी कर दिया गया. ज्ञानपीठ
पुरस्कार से सम्मानित अमृता प्रीतम ने सौ से ज्यादा पुस्तकें लिखी हैं और उन्हें
अपने प्रतिबद्ध लेखन के लिए अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली हुई है. कई विदेशी भाषाओं में
उनकी पुस्तकों के अनुवाद हो चुके हैं. पश्चिमी पंजाब में ३१ अगस्त १९१९ को पैदा हुई
अमृता प्रीतम को साहित्य अकादमी पुरस्कार भी मिल चुका है. दरअसल, रसीदी टिकट उनका
जीवन वृत्तांत है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पूर्व अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी
ने कहा है कि मोहम्मद अली जिन्ना के बारे में उनके बयान को गलत संदर्भ में लिया
गया. उन्होंने कहा कि अगर उनके बयान का अक्षरशः अनुपालन किया गया होता तो इससे
पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ भारत के संबंधों को सामान्य बनाने में मदद मिलती.
उन्होंने यूपीए सरकार पर आरोप लगाया कि वह आतंकवाद के खतरे को गंभीरता से नहीं ले
रही है. शनिवार को मुंबई में भाजपा महासम्मेलन के अंतिम दिन अध्यक्ष पद छोड़ने के
बाद पत्रकारों से बातचीत में आडवाणी ने इस बात का खंडन किया कि जिन्ना विवाद के बाद
आरएसएस के दवाब के कारण उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है. उन्होंने कहा कि
'1 मैं अपने आप से इस बात के लिए दुखी हूं कि मैं अपने मनोभावों को ठीक से व्यक्त
नहीं कर सका. मेरे बयान को गलत संदर्भ में लिया गया उन्होंने आगे कहा कि '1 मैंने
जिन्ना के बारे में केवल एक बात कही थी. जब मुझे कटास राज मंदिर के उद्घाटन के लिए
आमंत्रित किया गया था तो मुझे यह स्मरण दिलाया गया कि ११ अगस्त, १९४७ को पाकिस्तान
की असेंबली में जिन्ना ने क्या कहा था उन्होंने यूपीए सरकार पर आतंकवाद के खतरे को
गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि इस संदर्भ में प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह का बयान विवेकपूर्ण नहीं है. उल्लेखनीय है कि आतंकवाद के खतरे के मद्देनजर
प्रधानमंत्री ने कथित तौर पर कहा था कि इसका पाकिस्तान के साथ वार्ता पर कोई प्रभाव
नहीं पड़ेगा. बहरहाल, उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आतंकवाद पर सरकार एक प्रभावी
नीति बनाने और उस पर अमल करने में नाकाम रही है. नक्सल प्रभावित राज्यों की पुलिस
को अब पूर्व सैनिक विस्फोटकों से बचाव का प्रशिक्षण प्रदान करेंगे. सेना के विस्फोट
निरोधी दस्ते से सेवानिवृत्त हुए जवान यह प्रशिक्षण देंगे. इस संबंध में केन्द्र ने
राज्यों को अनुमति प्रदान कर दी है. शुक्रवार को यहां नक्सली समस्या से प्रभावित १३
राज्यों के पुलिस महानिदेशकों व मुख्य सचिवों की बैठक हुई. बैठक में नक्सल प्रभावित
राज्यों को मिल रही सुरक्षा संबंधी व्यय योजना को अगले पांच सालों के लिए बढ़ाने का
निर्णय लिया गया. इस योजना के तहत इन राज्यों को केन्द्र से सालाना ५० करोड़ रुपये
मिलते हैं. १३ अप्रैल को नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में
समस्या पर काबू पाने के उपायों पर व्यापक चर्चा होगी. इसमें प्रधानमंत्री डा.
मनमोहन सिंह भी हिस्सा लेंगे. बैठक के बाद गृह सचिव वी. के. दुग्गल ने कहा कि
केन्द्र ने नक्सलियों द्वारा विस्फोटों की बढ़ती वारदातों को देखते हुए सेना के
रिटायर्ड जवानों की सेवाएं लेने की योजना को मंजूरी दी है. उन्होंने कहा कि सरकार
नक्सल आंदोलन को समाप्त करने के लिए सीधे सेना को शामिल करने के पक्ष में नहीं है.
इसलिए सेवानिवृत्त सैनिकों से इस कार्य में मदद लेने की योजना है. दुग्गल ने देश भर
में नक्सलवाद पूरी तरह से नियंत्रण में होने का दावा किया. उन्होंने दावा किया कि
पिछले साल के शुरुआती तीन महीनों की तुलना में इस साल के पहले तीन महीनों में
नक्सली वारदातों में १८ फीसदी की कमी आई है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और आंध्र
प्रदेश में नक्सली घटनाओं में इजाफा हुआ है, जबकि बाकी राज्यों में कमी आई है.
छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा में वृद्धि की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि वहां लोग
नक्सलियों के खिलाफ लामबंद हो रहे हैं. वहां नक्सलियों के खिलाफ '1 सलवा जुडूम '2
नाम से जन जागरण अभियान शुरू किया गया है. अभियान को सत्तारूढ़ दल भाजपा के साथ ही
कांग्रेस का भी समर्थन हासिल है. इससे खफा होकर नक्सली अब निर्दोष लोगों पर हमले कर
रहे हैं. बैठक में केन्द्र ने राज्यों से पुलिस के रिक्त पदों को भरने को कहा.
दुग्गल ने माना कि राज्यों में बड़ी संख्या में पुलिस के पद लम्बे समय से भरे नहीं
गए हैं. उन्होंने कहा कि राज्यों को अपना खुफिया तंत्र और मजबूत करना होगा.
उन्होंने कहा कि राज्यों को आर्थिक व सामाजिक विकास कार्यो से लेकर राज्य पुलिस के
आधुनिकीकरण में तेजी लाने को कहा गया है. बैठक में आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़,
झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उत्तरांचल,
तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के अलावा केन्द्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स और खुफिया ब्यूरो
के आला अफसर शामिल हुए. अंडमान निकोबार द्वीप समूह में कई इलाकों का सर्वे कराने के
बाद पता लगा है कि ज्यादातर द्वीपों में जनजातियां सुरक्षित हैं लेकिन अब भी इस
बारे में पूरी रिपोर्ट नहीं आई है. कई दुर्लभ जनजातियों के बारे में खबर मिलनी बाकी
है. सरकार ने दुर्गम द्वीपों में बसी जनजातियों को सहायता पहुंचाने के निर्देश दिए
हैं, क्योंकि अब तक ये जनजातियां मदद के लिए सामने नहीं आई हैं. सरकारी आंकड़ों में
मरने वालों की संख्या बढ़कर ७७६३ हो गई है लेकिन अंडमान में लापता लोगों की संख्या
में काफी कमी आई है और उनकी संख्या ३००० रह गई है. कुछ आदिवासी गांवों का सर्वे
नहीं हुआ है, लेकिन वायुसेना के विमानों ने अपना काम किया है. गृह मंत्रालय के
अतिरिक्त सचिव (आपदा प्रबंधन) ए. के. रस्तोगी ने बताया कि कल से आज तक ६ भूकंप दर्ज
हुए हैं, जिनकी तीव्रता ५ से ५ तक रही है. कार निकोबार द्वीप समूह में अब स्थिति
में सुधार की खबर है. खाद्य पदार्थो के पैकेट गिराए जा रहे हैं. वहाँ तीन राहत
शिविर भी खोले गए हैं. सभी बंदरगाह, हवाई अड्डे और राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह काम
कर रहे हैं. संचार सुविधाओं को भी बहाल कर दिया गया है. निकोबार द्वीप समूह के लिए
८५६ टन राहत सामग्री जुटाई गई है जिसमें से २०० टन सामग्री वहाँ पहुँचा दी गई है.
नौसेना भी कार निकोबार में नौकाओं के जरिए राहत सामग्री पहुंचाने के प्रयास कर रही
है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने बताया कि अमरीका, भारत, जापान और
आस्ट्रेलिया के राहत पहुंचाने के समूह में अब संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि ए
ग्लेंड को भी शामिल किया गया है. आज हुई टेलीकांफ्रेंसिंग में ग्लेंड ने संयुक्त
राष्ट्र की भावी योजना के बारे में जानकारी दी है. आज सुबह चीन के विदेश मंत्री ने
भी विदेश मंत्री नटवर सिंह को फोन करके स्थिति का जायज़ा लिया और राहत कार्यो के
बारे में बात की है. इंडोनेशिया के विदेश मंत्री ने भी आपदा के बारे में बात की है.
परियोजना में विश्व बैंक के एक प्रतिनिधि को भी शरीक किया जा रहा है. श्रीनगर -
मुजफ्फराबाद बस से २ जून को पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान की प्रस्तावित यात्रा
के दौरान हुर्रियत नेताओं को अपने साथ पासपोर्ट ले जाने की हिदायत दी गई है. यात्रा
के लिए हुर्रियत कांफ्रेंस ने अपने पांच और सदस्यों को नामित किया है. इसके साथ ही
हुर्रियत कांफ्रेंस द्वारा क्षेत्रीय पासपोर्ट ऑफिस में जमा किए गए ट्रैवेल फॉर्म
की संख्या ११ हो गई है. भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर मुस्लिम सांप्रदायिकता
को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है. पार्टी का कहना है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन
(यूपीए) सरकार मुस्लिम वोट बैंक को लुभाने के लिए देश की एकता को खतरे में डाल रही
है. भाजपा ने कांग्रेस पार्टी से संसद व विधानसभा में राजनीतिक आरक्षण के बारे में
जवाब मांगा है. उसका कहना है कि इस मुद्दे पर कांग्रेस की चुप्पी का अर्थ राजनीतिक
आरक्षण की मांग को मूक समर्थन देना है. पार्टी के मुताबिक, धर्म के नाम पर आरक्षण
से विभाजन की मानसिकता पनपती है. भाजपा का कहना है कि कांग्रेस का सांप्रदायिक
चेहरा बेनकाब हुआ है. कांग्रेस जानबूझकर मुस्लिम सांप्रदायिकता को बढ़ावा दे रही
है. भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर के मुताबिक, जमीअत -JOIN उलेमा- ए -JOIN हिंद
ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की मौजूदगी में धर्म के आधार पर विधानसभा व संसद
में राजनीतिक आरक्षण की मांग की है. जमीअत के अधिवेशन में मौजूद कांग्रेस के किसी
भी नेता ने इस मांग का विरोध नहीं किया. लिहाजा, कांग्रेस को इस मुद्दे पर अपना रुख
स्पष्ट करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यह एक सोची - समझी साजिश का हिस्सा है और
आरक्षण की मांग को कांग्रेस का मूक समर्थन है. जमीअत ने रविवार को अपने अधिवेशन में
राजनीति में आरक्षण की मांग उठाई थी. भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि मुस्लिम वोट बैंक को
मजबूत करने के लिए कांग्रेस ने कई फैसले लिए हैं. इनमें पोटा को खत्म कर कैदियों को
रिहा किया. खुद कांग्रेस अध्यक्ष ने अधिवेशन में पोटा कैदियों को रिहा करना सरकार
की बड़ी उपलब्धि बताया था. आंध्रप्रदेश में सरकारी नौकरियों में मुसलमानों को पांच
फीसदी आरक्षण व अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पचास प्रतिशत मुसलमान छात्रों को
आरक्षण का फैसला मुस्लिम वोट बैंक को लुभाने की सियासी कोशिश है. भाजपा प्रवक्ता का
कहना है कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान मुस्लिम लीग ने भी मुस्लिम आरक्षण की मांग
उठाई थी. उसकी इस मांग ने काफी जोर पकड़ा और इसका परिणाम देश के विभाजन के रूप में
हुआ. कांग्रेस ने उस वक्त मजहबी आरक्षण का विरोध किया था. पर अब वह धार्मिक आरक्षण
का मूक समर्थन कर रही है. कांग्रेस को धर्म के नाम पर आरक्षण के बारे में अपनी
भूमिका को स्पष्ट करना चाहिए. जावड़ेकर ने इस मुद्दे पर वामदलों की चुप्पी पर भी
सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि कई मुद्दों पर वामदल सरकार की आलोचना कर रहे हैं. पर इस
बारे में उनकी चुप्पी इस तरह की मांग का समर्थन कर रही है. पार्टी का कहना है कि
मुस्लिम वोट बैंक को मजबूत बनाने के लिए इस तरह की मांग का समर्थन करने से देश में
एकता व सांप्रदायिक सोहार्द्र का माहौल बिगड़ता है. तमिलनाडु और केरल के सुनामी
प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज कहा कि सरकार
राहत और पुनर्वास के लिए हर संभव मदद करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार इस प्राकृतिक
आपदा से प्रभावित हर परिवार का ध्यान रखेगी. उन्होंने यहां पहुंचने के बाद
संवाददाता सम्मेलन में आंध्र प्रदेश के लिए तुरंत सौ करोड़ रुपये देने की घोषणा की
है. कल उन्होंने केरल के लिए १०६ करोड़ रुपये की घोषणा की थी. मनमोहन ने कहा कि वह
तमिलनाडु और पांडिचेरी के मुख्यमंत्रियों से बात कर उनके फंड के लिए बात करेंगे.
मनमोहन ने कहा कि सुनामी से बुरी तरह प्रभावित अंडमान निकोबार के पुनर्वास और राहत
का सारा खर्च सरकार उठाएगी. मनमोहन ने बताया कि केंद्र ने राष्ट्रीय आपदा राहत कोष
से सभी प्रभावित राज्यों के लिए पांच सौ करोड़ रुपये जारी किए हैं. इसके अलावा
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से सुनामी के कारण मारे गए लोगों के नजदीकी
रिश्तेदार को एक -JOIN एक लाख रुपये दिए जाएंगे. इससे पहले केरल के कोल्लम जिले के
करुंगापल्ली के तालुका अस्पताल में घायलों और बेघर लोगों से मुलाकात के बाद मनमोहन
सिंह ने कहा, '1 जो लोग मारे गए हैं उन्हें वापस नहीं लाया जा सकता. लेकिन, सरकार
इस तबाही से प्रभावित लोगों को दोबारा जिंदगी शुरू करने के लिए हर तरह की मदद करेगी
'2. तमिलनाडु और केरल के सुनामी प्रभावित इलाकों के दो दिवसीय दौरे के आखिरी दिन
शुक्रवार को मनमोहन सिंह ने कहा कि अलप्पड और अझीक्कल जैसे तटीय इलाकों में तुरंत
'1 सी वाल '2 बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे. गौरतलब है कि केरल में सुनामी के कहर
से १६५ लोग मारे गए. प्रधानमंत्री ने यहां सुनामी प्रभावित लोगों को राज्य सरकार की
ओर से घोषित एक लाख रुपये मुआवजे का वितरण भी किया. इससे पहले वह अलप्पुझा जिले के
मुत्तुकुलम और कायमकुलम राहत शिविरों में भी गए. यहां उन्होंने सुनामी में अपना सब
कुछ गंवा चुके मछुआरों को नौकाएं और जाल वगैरह के इंतजाम में मदद का आश्वासन दिया.
पुत्थुकुंगर के राहत शिविर में प्रभावित लोगों से मिलने के बाद मनमोहन ने आश्वासन
दिया कि इस तबाही में अनाथ हो गए बच्चों का सरकार पूरा ध्यान रखेगी. मनमोहन सिंह ने
अलप्पड के सरकारी अस्पतालों में इलाज करा रहे घायलों के दुख का साझा करते हुए कहा,
'1 मैं यहां आपको विश्वास दिलाने आया हूं कि हम आपको हर तरह की मदद करेंगे. भारत और
आइसलैंड ने मंगलवार को वायुसेवा के दो समझौतों पर हस्ताक्षर के साथ ही विदेश
कार्यालय के सलाह - मशविरे पर भी एक सहमति पर रजामंदी दी । इसके अलावा राष्ट्रपति
कलाम के स्वागत में एक शाकाहारी भोज रखा गया जो कि आइसलैंड के इतिहास में पहली दफा
हुआ । राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और आइसलैंड के प्रधानमंत्री हॉलसर एस्ग्रेमसन
की मौजूदगी में वायु सेवाओं पर हुए दो समझौतों पर नॉर्वे में भारत के राजदूत महेश
सचदेव और राजदूत ओलाफुर एगिलसन ने हस्ताक्षर किए । सहमति सहित इन दो समझौतों से
दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध बढ़ने की उम्मीद है । इससे दोनों देशों के बीच
नागरिक उड्डयन के साथ ही जनसंपर्क और पर्यटन आदि को भी बढ़ावा मिलेगा । इन दो
समझौतों के मुताबिक ट्रांस - अटलांटिक हब के तौर पर पहचाने जाने वाले आइसलैंड के
लिए भारत में नागरिक उड्डयन नीति में और खुलापन आएगा । आइसलैंड के पास कई बड़ी
उड्डयन चार्टर कंपनियां होने के नाते दोनों देशों को नागरिक उड़ानों में संपर्क
बढ़ाने की सुविधा होगी । दोनों देशों के इस वायु सेवा समझौते के तहत दोनों देशों के
एयरोनॉटिकल प्रशासन के बीच भी सहयोग बढ़ेगा । ऑर्ट गैलरी में आयोजित इस भोज में
आइसलैंड वासियों के लिए कलाम किसी उत्सव सा माहौल लेकर आए । इस मौके पर आइसलैंड के
राष्ट्रपति अलफुर रेगनर ग्रिमसन ने कहा कि आइसलैंड के इतिहास में पहली बार शाकाहारी
भोजन का आयोजन किया गया है । शाकाहार पसंद कलाम के लिए सभी मौजूद मेहमानों ने
मुस्कुरा कर भारतीय राष्ट्रपति का स्वागत किया । अंडरवल्र्रर्ड डॉन दाऊद इब्राहिम
ने अपनी काली कमाई का मुंबई के रियल इस्टेट (अचल संपत्ति) में निवेश करने संबंधी
अपनी योजना पर फिलहाल विराम लगा दिया है । पुलिस सूत्रों ने मंगलवार को इस आशय की
जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्ष इस बात का खुलासा हुआ था कि दाऊद ने दक्षिण
मुंबई के एक शॅपिंग कॉम्पलैक्स में कथित रूप से निवेश किया है । इस घटना के बाद ही
उसने निवेश के लिए अपना ध्यान पाकिस्तान की ओर किया है । मुंबई पुलिस की अपराध शाखा
के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि '1 हमें इस बात की खास जानकारी है कि दाऊद ने
निवेश के लिए अपना रुख कराची की ओर किया है । कराची में उसने व्यापक निवेश किया है
। '2 अधिकारी के मुताबिक, खुफिया विभाग को मिली रिपोर्ट में कहा गया है कि दाऊद ने
कराची के क्लिफटन इलाके में एक मॉल के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये का निवेश किया
है । गौरतलब है कि जांच के दौरान दक्षिण मुंबई के सारा - सहारा शॅपिंग कॉम्पलैक्स
में दाऊद के कथित '1 बेनामी '2 निवेश का खुलासा होने के बाद मुंबई पुलिस ने दाऊद के
सबसे छोटे भाई इकबाल कास्कर पर मकोका के तहत मामला दर्ज किया और बीएमसी (बांबे
म्यूनिसिपल कारपोरेशन) के कई अधिकारियों के खिलाफ जांच भी शुरू की । शॅपिंग
कॉम्पलैक्स का निर्माण क्रॉफोर्ड मार्केट इलाके में पुलिस आयुक्त कार्यालय के ठीक
सामने किया गया । जांच में पता चला कि शॅपिंग कॉम्पलैक्स का निर्माण केंद्रीय लोक
निर्माण विभाग की जमीन पर किया गया है । बहरहाल, इस मामले के खुलासे के बाद मुंबई
पुलिस मुंबई और आस - पास के इलाकों में दाऊद के अन्य '1 बेनामी '2 निवेश का परदाफाश
करने में जुट गई । यही वजह है कि दाऊद ने अब मुंबई में निवेश करने संबंधी योजना को
ठंडे बस्ते में डाल दिया है । सरकार ने वाम दलों का सुझाव मानते हुए अमेरिकी
राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे आने तक पेट्रोल व डीजल की कीमतों में वृद्धि टाल दी है ।
सरकार ने पेट्रोलियम कंपनियों से कहा है कि कम से कम अगले एक पखवाड़े तक दाम न
बढ़ाए जाएं । अब १५ नवंबर को तेल की कीमतों पर फैसला किया जाएगा । इसके साथ ही
रविवार रात से मूल्यों में वृद्धि की आशंका पर विराम लग गया । पेट्रोलियम मंत्री
मणिशंकर अय्यर ने रविवार को कहा, आज कीमतें नहीं बढ़ाई जा रही हैं । वामपंथी दलों
ने सरकार से आग्रह किया था कि पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में वृद्धि को अमेरिकी
राष्ट्रपति पद के चुनाव तक टाल दिया जाए । अय्यर ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार
में कच्चे तेल की कीमत इस माह ५६ डॉलर प्रति बैरल तक जा पहुंची । माना जा रहा था कि
अमेरिका के अपने वित्तीय और वाणिज्यिक घाटे को कम करने के उपाय से इस पर लगाम लग
सकती है, लेकिन ४ नवंबर को होने वाले राष्ट्रपति चुनाव की वजह से इस बारे में कोई
कदम नहीं उठाया जा सका । अय्यर ने कहा कि यह आम धारणा है कि राष्ट्रपति चुनाव के
बाद तेल की कीमतें घटेंगी । सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि वामपंथी दल
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन हम चाहते हैं कि
सारा बोझ जनता पर न डाला जाए । एक कारण यह भी बताया जा रहा है कि सरकार त्यौहार के
मौसम में जनता पर अतिरिक्त भार नहीं डालना चाहती । एक अगस्त को आखिरी बार पेट्रोल
और डीजल की कीमतों की समीक्षा की गई थी । तब से अब तक कच्चे तेल की कीमतों में ३३
फीसदी की वृद्धि हो चुकी है । इसलिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः १.२२
रुपये और २.२४ रुपये की बढ़ोतरी जरूरी मानी जा रही थी । वामपंथी दल लगातार सीमा
शुल्कों में कमी का सुझाव देते रहे हैं ताकि उपभोक्ता पर ज्यादा भार न डाला जाए ।
शनिवार को मणिशंकर अय्यर ने इस बारे में प्रधानमंत्री से मुलाकात भी की थी ।
हालांकि भारतीय बास्केट में आने वाले पेट्रोल की कीमतें उतनी ज्यादा तेजी से नहीं
बढ़ी हैं, लेकिन भारतीय पेट्रोलियम कंपनियां लगातार दबाव महसूस कर रही हैं और उनका
मानना है कि कीमतें नहीं बढ़ाने से उन्हें भारी नुकसान हो रहा है । केरल के
राज्यपाल आर. एल. भाटिया ने ६१ वर्षीय ओमेन चांडी को मंगलवार को राज्य के १९वें
मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई । उनके साथ चार और मंत्रियों ने भी पद और
गोपनीयता की शपथ ली । पिछले २७ वर्षो में वे राज्य के तीसरे कांग्रेसी मुख्यमंत्री
हैं । ए. के. एंटनी के इस्तीफा देने के एक दिन बाद आज १२.३० बजे चांडी को
मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गयी । उनके साथ इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल)
के नेता पी. के. कुंजलिकुट्टी, केरल कांग्रेस (मणि) के नेता के. एम. मणि, जेएसएस
नेता के. आर. गोवरी अम्मा, भाकपा नेता एम. वी. राघवन को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई
गयी । इन सभी को कैबिनेट मंत्री बनाया गया है । पिछले २७ वर्षो में महज ३ कांग्रेसी
नेताओं को ही मुख्यमंत्री की कुर्सी की शोभा बढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है ।
इससे पहले यह गौरव ए. के. एंटनी और के. करुणाकरन को हासिल हुआ । जैसे ही चांडी ने
मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, उनके समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी । उनके समर्थन में
नारे गूंजने लगे । शपथ लेने से पहले नए मुख्यमंत्री ने अपनी ८४ वर्षीया मां बैबी से
आशीर्वाद लिया । मां ने इस सफल पुत्र को गले लगाकर आशीर्वाद दिया । इस मौके पर
चांडी की पत्नी मरियम्मा भी मौजूद थीं । उनकी दो पुत्रियों और एक पुत्र ने भी इस
शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थिति दर्ज कराई । मुख्यमंत्री के लिए मंत्रिमंडल का
विस्तार करना आसान नहीं होगा । यह पहला मौका है जब यूडीएफ की दो घटक पार्टियों के
दो नेताओं को शपथ ग्रहण समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया है । ये नेता हैं - आर.
बालकृष्ण पिल्लई और टी. एम. जैकब । समस्या की शुरुआत तब हुई जब सोमवार की रात यह
कठिन फैसला लिया गया कि यूडीएफ के दो वरिष्ठ नेताओं आर. बालाकृष्ण पिल्लई और टी.
एम. जैकब को शपथ नहीं दिलाई जाएगी । यूडीएफ के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि चांडी के
लिए मंत्रियों का समीकरण बिठाना आसान नहीं होगा । पाकिस्तान के मदरसों में ही
बच्चों को 'जिहाद' और 'शहादत' जैसे शब्दों की घुट्टी नहीं दी जाती, बल्कि उसके
प्राइमरी स्कूलों के पाठ्यक्रम में इन्हें पूरी अहमियत दी गई है. शिक्षा मंत्रालय
इन शब्दों की '1 महत्ता '2 की पुष्टि कर चुका है. पाकिस्तानी साप्ताहिक '1 द
फ्राइडे टाइम्स '2 में प्रकाशित एक लेख में कहा गया है कि प्राइमरी शिक्षा के तहत
कक्षा एक से पांच तक के लिए सरकार द्वारा तैयार किए गए पाठ्यक्रम में सरल और सुबोध
कहानियों के जरिये बच्चों को जिहाद की जरूरत बताने पर बल दिया गया है. इसके अलावा
इन कक्षाओं में पढ़ने वाले तीन से आठ साल तक के बच्चों को जिहाद और शहादत पर तकरीर
देने के लिए प्रेरित करने की अनुशंसा की गई है. (मूल्यांकन) शीर्षक के तहत अधिकृत
तौर पर शिक्षकों और लेखकों को निर्देश दिया गया है कि वह जिहाद, मुस्लिम इतिहास और
संस्कृति के बारे में तकरीर देते समय अपनी भावनाओं को भी टटोलें. पाकिस्तान के
आर्थिक सर्वे २००३ -JOIN ०४ का हवाला देते हुए साप्ताहिक ने कहा कि करीब १.७४ करोड़
बच्चे प्राइमरी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे है. जबकि ३० लाख बच्चे देश भर में
फैले २० हजार मदरसों में तालीम हासिल कर रहे हैं. इन मदरसों से हर साल ४० हजार
स्नातक निकलते हैं. फ्राइडे टाइम्स के मुताबिक राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ब्यूरो कक्षा छह
से आठ तक के सामाजिक अध्ययन के पाठ्यक्रम में भी जिहाद, तब्लीग और शहादत के लिए ऐसी
ही सिफारिश की है. फिक्की के एक प्रतिनिधिमंडल ने चिदंबरम से मुलाकात कर कहा कि
आयकर अधिनियम की धारा २८१ -JOIN बी के तहत संपत्ति जब्त करने का प्रावधान बर्बर और
सामंती है. इसे तत्काल वापस लिया जाए. चिदंबरम ने एआईआर को लेकर सांसद राजीव शुक्ला
के जवाब में कहा है कि प्रत्येक करदाता को ५० हजार रुपये से ऊपर के सालाना खर्च की
रिटर्न फाइल जरूरी करने के लिए बजट में कोई प्रस्ताव नहीं किया गया है. उन्होंने
कहा कि आयकर अधिनियम की धारा २८५ -JOIN बीए के स्थान पर लाए गए वित्त अधिनियम २००४
में ५० हजार रुपये से अधिक के खर्च के लिए एआईआर भरना जरूरी है. राष्ट्र ने रविवार
को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की २०वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भारत को एकता,
अखंडता और धर्मनिरपेक्षता के सूत्र में पिरोने के लिए याद किया. दिवंगत नेता की
स्मृति में सभी धर्म की प्रार्थनाएं की गई. राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की ओर से
आज सुबह इंदिरा गांधी की समाधि शक्ति स्थल पर फूल चढ़ाए गए. उपराष्ट्रपति भैरो सिंह
शेखावत, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूनाइटेड प्रोग्रेसिव एलायंस की अध्यक्ष सोनिया
गांधी, उनकी बेटी प्रियंका व पुत्र राहुल गांधी ने भी समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित
की. वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, विदेश मंत्री के. नटवर सिंह, ऊर्जा मंत्री नामो
नारायणन मीणा और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया भी इस मौके पर
मौजूद थे. दिवंगत कांग्रेस नेता को श्रद्धांजलि देने दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला
दीक्षित व्हील चेयर पर आईं. उनके साथ सांसद नवीन जिंदल, संदीप दीक्षित, सज्जन कुमार
और कुछ अन्य विधायक थे. शनिवार की रात बारह बजे घड़ी की सुईयों के मिलने के साथ ही
एक और नए वर्ष का शुभारंभ हो गया जिसका समूची दुनिया में लोगों ने आतिशबाजी के साथ
स्वागत किया । हिंसा और प्राकृतिक आपदा से भरे वर्ष २००५ को विदा करने के बाद लोग
जश्न मनाने में मशगूल हो गए । एक - दूसरे को बधाई देने के लिए टेलीफोन की घंटी
लगातार बजती रही । राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में युवकों ने जमकर पार्टी की । इस
मौके पर उन्होंने फिल्मी गानों की धुनों पर ठुमके लगाए । सिडनी से लेकर हांगकांग तक
लोगों ने जश्न मनाकर नए साल का स्वागत किया । चीन की राजधानी बीजिंग में ठीक बारह
बजे १०८ बार घंटियां और ढोल बजाए गए जो नववर्ष के शुभारंभ का संकेत था । भारत के
महानगरों में भी जश्न का माहौल था । नए साल का जश्न मनाने के लिए गोवा में समंदर के
किनारे सैलानियों का सैलाब उमड़ा है । कई स्थानों पर लोगों ने सामूहिक प्रार्थना भी
की । मुंबई में लोगों ने लाखों के जाम छलकाए । उमा भारती के ऊपर १० साल पहले लगा
हत्या के प्रयास व दंगे का मामला हटाने के लिए स्थानीय अदालत ने सरकारी वकील से
लिखित अनुरोध मांगा है. कोर्ट ने कर्नाटक के सहायक अभियोजन अधिकारी को मंगलवार को
यह निर्देश देते हुए सुनवाई बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी. लालू ने इसे सरासर गलत
और कानून के विरुद्ध बताते हुए कहा कि वह कर्नाटक सरकार के इस कदम के खिलाफ
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से शिकायत करेंगे. लालू ने कहा कि उमा भारती
सांप्रदायिकता और फासीवाद का प्रतीक हैं. उन्होंने मणिशंकर अय्यर को सलाह दी कि वीर
सावरकर विवाद पर वह शिवसेना और भाजपा के दबाव के आगे कतई न झुकें. हुबली में प्रथम
श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद इस्माइल ने मंगलवार को अतिरिक्त लोक अभियोजक
एन नागेंद्र से कहा कि वह उमा पर मामला वापस लेने की लिखित प्रार्थना दें. वकीलों
के हंगामे के चलते उमा भारती के मामले की सुनवाई आज दो बार बाधित हुई. ये वकील
हुबली - धारवाड़ में कर्नाटक हाई कोर्ट की पीठ को गैर जरूरी बताने संबंधी मुख्य
न्यायाधीश के बयान पर विरोध जता रहे थे. गौरतलब है कि १५ अगस्त, १९९४ को निषेधाज्ञा
के बावजूद हुबली के ईदगाह मैदान में तिरंगा फहराने के उमा भारती के अभियान के बाद
हिंसा में पांच लोग मारे गए थे. इसी संबंध में उमा पर मामला दायर हुआ था. लेकिन
२००२ में कर्नाटक की एस. एम. कृष्णा सरकार ने उमा से मामले हटाने की अदालत में
अर्जी दी थी. कोर्ट ने १० में से ८ मामले वापस ले लिए थे. बाकी दो मामले उसने अपने
अधिकार क्षेत्र से बाहर बताए थे. कर्नाटक की धरम सिंह सरकार ने उमा पर मामले दोबारा
खुलवाने का फैसला लिया था लेकिन सोमवार को राज्य के महाधिवक्ता ने हाई कोर्ट में यह
कहकर चौंका दिया कि सरकार मामले वापस लेने पर सहमत है. कारगिल खरीद प्रकरण के मसले
पर सुप्रीम कोर्ट में पेश हलफनामे से अपनी किरकिरी कराने के बाद केंद्र सरकार अब
नया हलफनामा पेश करने की तैयारी में है. रक्षा - मंत्रालय द्वारा हलफनामा दायर करने
के बाद विपक्ष ने दावा किया था कि इसमें जॉर्ज फर्नान्डिज़ को क्लीन चिट दे दी गई
है. उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि नए हलफनामे में उन अधिकारियों को भी निशाना
बनाया जाएगा जो रक्षा सौदे के लिए जिम्मेदार थे. अटॅर्नी जनरल मिलन कुमार बनर्जी ने
भी इस हफ्ते रक्षा - सचिव अजय विक्रम सिंह को एक पत्र लिखा था. इसमें बनर्जी ने कहा
था कि नए हलफनामे का जोर उन लोगों पर केंद्रित होना चाहिए जिन लोगों को नियंत्रक
एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में जिम्मेदार ठहराया गया था. उन्होंने कहा
कि सीबीआई और केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) इन मामलों को देख रहे हैं.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ वाम दलों की आज नाश्ते के दौरान बैठक थी. इसमें
मौजूद रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कम्युनिस्ट नेताओं को बताया कि सरकार कारगिल
रक्षा खरीद मसले पर नया हलफनामा पेश करने की योजना बना रही है. विधि मंत्री हंसराज
भारद्वाज ने भी एक टीवी चैनल को बताया कि पहले दायर हलफनामे में जो तथ्य छूट गए थे,
उन्हें नए हलफनामे में शामिल किया जाएगा. अदालत से कुछ भी नहीं छिपाया जाएगा और
किसी को भी नहीं बख्शा जाना चाहिए. दरअसल मीडिया ने इस हफ्ते पेश हलफनामे के आधार
पर इस तथ्य को काफी उछाला कि राजग सरकार में हुई रक्षा खरीद में १९९२ के नियमों के
आधार पर वित्तीय प्रक्रिया का कोई उल्लंघन नहीं हुआ. भाजपा और जद यू ने भी दावा
किया कि यूपीए सरकार ने फर्नान्डिज़ को कारगिल खरीद में क्लीन चिट दे दी है. इसी को
देखते हुए सरकार को नए हलफनामे का इरादा बनाना पड़ा. इस घटनाक्रम से निराश कांग्रेस
और यूपीए के अन्य सहयोगियों का कहना था कि हलफनामे को बेहतर रूप से तैयार किया जाना
चाहिए. इससे ऐसा नहीं झलकना चाहिए था कि फर्नान्डिज़ को क्लीन चिट मिल गई है.
जनसंसाधन मंत्री प्रियरंजन दास मुंशी ने कथित रूप से कहा था कि हलफनामे के बारे में
राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति से मंजूरी ली जानी चाहिए थी. सूत्रों का कहना है
कि सरकार अब विचार कर रही कि कैग की रिपोर्ट के आधार पर क्या दोषी लोगों के खिलाफ
सरकार को भारी रक़म का चूना लगाने और जरूरत के वक्त उपकरण न पहुंचने का मामला
प्रथमदृष्ट्या बनता है. उस समय की सरकार ने जो नियम बनाए वह उसका अधिकार था और उन
नियमों के तहत जो खरीद हुई है उस बारे में कहा गया है कि नियमानुसार हुई है. जनहित
याचिका में ३४ मामले गिनाए गए हैं जिनमें जार्ज फर्नांडिज के खिलाफ आरोप लगाए गए
हैं. सोनी के मुताबिक कांग्रेस नियमों में परिवर्तन के बारे में सवाल नहीं उठा रही
है. सोनी का कहना था कि कांग्रेस ने तीन मुद्दे जार्ज के खिलाफ बनाए थे, जिनमें
तहलका, कारगिल युद्ध में ताबूत घोटाला और कारगिल के बाद गैर रक्षा खरीद शामिल थे.
इनमें अब भी सीवीसी के पास मामले हैं. राजधानी में शनिवार को जिस समय बम धमाके हुए
थे, ठीक उस समय उत्तर प्रदेश के एक खास इलाके से कई सारी गुमनाम कॉल हुई थी. ये
संदिग्ध कॉल्स मोबाइल और फोन, दोनों से हुई थीं. जाँचकर्ताओं की निगाहें इस इलाके
पर टिक गई हैं. पुलिस ने इस इलाके और एनसीआर में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछ -
ताछ की गई है. इस बीच पुलिस ने उन बैगों को पहचान कर लेने का दावा किया है, जिनमें
विस्फोटक भरकर तीन अलग - अलग स्थानों पर रखे गए थे. जिस संगठन ने धमाकों की
जिम्मेदारी ली थी, पुलिस ने उसकी भूमिका सिधे से नकार दी है. स्पेशल सेल और अपराध
शाखा की दर्जन भर से अधिक टीमों ने पूरे एनसीआर में अपना जाल फैलाया हुआ है. पुलिस
ने फरीदाबाद, नोएडा, गुडगाँव और बल्लभगढ़ से ऐसे करीब एक दर्जन लोगों को हिरासत में
लेकर पूछताछ की है. पुलिस को शक है कि हिरासत में लिए गए लोग किसी न किसी रूप से
आईएसआई से जुड़े हैं और आपराधिक गतिविधियों में लीन हैं. बम धमाकों के पीछे आईएसआई
की साजिश तो साफ दिख रही है मगर अब तक किसी संगठन की भूमिका साफ तौर पर सामने नहीं
आई है. सोमवार को जाँच टीम के मुखिया कर्नल सिंह ने इन्कलाबी महाज संगठन की बम
धमाकों में भूमिका से साफ इंकार कर दिया. पुलिस टीम अब घटना - स्थल की कड़ियों को
जोड़कर ही किसी अंजाम तक पहुँचने की कवायद कर रही है. कर्नल सिंह ने दो तरह के
एयरबैग दिखाते हुए बताया कि जिन स्थानों पर धमाके हुए, वहाँ ऐसे ही लावारिस बैग रखे
देखे गए थे. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि उक्त बैग वहाँ रखने वाले अथवा खरीदने
वालों की जानकारी पुलिस तक पहुँचाएं. इसके अलावा पुलिस टेक्निकल सर्विलांस के जरिये
उन सभी मोबाइल नंबरों की फेहरिस्त तैयार की जा रही है, जिन्हें धमाकों के वक्त
इस्तेमाल किया गया. सूत्रों का कहना है कि इसमें काफी समय लग सकता है. रुपर्ट मरडोक
के स्टार नेटवर्क व टाटा के १,६०० करोड़ के डीटीएच संयुक्त उपक्रम को सरकार से
मंजूरी शीघ्र मिलने की संभावना है. यह नया उपक्रम इस क्षेत्र के फिलहाल अकेले
खिलाड़ी जी. के. 'डिश टीवी' व प्रसार भारती की जल्द आने वाली डीटीएच सेवा को टक्कर
देने की तैयारी में है. उच्च पदस्थ आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सरकार के पास कुछ
समय से लंबित स्टार - टाटा नेटवर्क का यह प्रस्ताव इस साल के आखिर तक मंजूर हो
सकेगा. इस उपक्रम को मंजूरी मिलने में पहले कुछ दिक्कतें थीं. लेकिन अब इसे जल्दी
ही हरी झंडी मिल जाएगी. स्टार -JOIN टाटा के इस उपक्रम में सरकारी दिशा -JOIN
निर्देश के मुताबिक इसमें साझीदार भारतीय कंपनी के पास ८० फीसदी शेयर होंगे. इसे
'स्पेस टीवी' का नाम दिया गया है. ट्राई की सिफारिश के मुताबिक डीटीएच क्षेत्र की
सभी कंपनियों को प्रसारण सामग्री का एक - दूसरे से बिना किसी भेद - भाव के आदान
-JOIN प्रदान करना होगा. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव सिर पर है और उसके लिए खौफ
का सबब बने ओसामा बिन लादेन को लेकर खबरों का सिलसिला अचानक तेज हो गया है. फॉक्स
न्यूज़ के हवाले से रविवार को मिली जानकारी के अनुसार लादेन को पूर्वी पाकिस्तान
में देखा गया है. दावा किया गया है कि भारतीय उपग्रहों से ली गई तस्वीरों के अलावा
भारतीय सेना के विमानों ने भी उसके काफिले को देखा है. इसकी सूचना भारतीय खुफिया
एजेंसियों ने चार -JOIN पाँच दिन पहले अमेरिकी खुफिया एजेंसी एफबीआई को दी. रिपोर्ट
में कहा गया है कि पड़ोस में लादेन की मौजूदगी की खबर के बाद जम्मू कश्मीर में
सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अमेरिका ने भी पाकिस्तान में अपने अधिकारियों को सतर्क कर
दिया है. उन्होंने कहा कि वे अलकायदा के एक ऐसे व्यक्ति को दबोचते -JOIN दबोचते रह
गए जिसके बाद लादेन शायद दाएं या बाएं मिल जाता. उसके मुताबिक पायलट ने तो लादेन को
पहचानने का दावा किया है. गौरतलब है कि काफी दिन पहले मीडिया में ऐसी खबरें भी आई
थीं कि लादेन को पाकिस्तान में पकड़ लिया गया है और उसे अमेरिका के राष्ट्रपति
चुनाव के ठीक पहले जगज़ाहिर किया जाएगा ताकि राष्ट्रपति बुश इसका फायदा उठा सकें.
कई मौकों पर पाकिस्तान व अमेरिका के शीर्ष नेताओं से इस बारे में सवाल भी उठाए गए.
सुमात्रा और इंडोनेशिया के पास स्थित द्वीपों पर बृहस्पतिवार को भूकंप के दो तगड़े
झटके महसूस किए गए. रेक्टर स्केल पर इनकी तीव्रता ५.१ और ५.४ मापी गई. इनका केंद्र
सुमात्रा के दक्षिणी तट के पास था. भूकंप से किसी प्रकार के जान - माल के नुक़सान
की सूचना नहीं है. वहीं सोमवार को यहाँ समुद्र में आए भीषण भूकंप के बाद नियास
द्वीप में सात सौ झटके दर्ज किए जा चुके हैं. आशंका जताई जा रही है कि मौतों का
आँकड़ा एक हजार के पार जा सकता है. सुमात्रा के मेडन शहर स्थित मौसम विभाग के
बुरहास सिमंजुताक के मुताबिक भूकंप आने के बाद २८ मार्च को प्रभावित इलाके में ४८
झटके दर्ज किए गए. इसके बाद अगले दो दिन में ६५० झटके दर्ज किए गए. उन्होंने बताया
कि बुधवार से दर्ज किए गए भूकंप के झटकों की तीव्रता रेक्टर पैमाने पर ४.११ से लेकर
५.५ तक आँकी गई है. गौरतलब है कि सोमवार रात आए भूकंप की तीव्रता ८.७ आंकी गई थी.
इसका केंद्र सुमात्रा के नज़दीक नियास और सिमेउलू द्वीप के बीच समुद्र के भीतर
स्थित था. तीन महीने पहले २६ दिसंबर को आए भूकंप की तीव्रता रेक्टर पैमाने पर ९
आँकी गई थी. नियास में ज्यादातर मौतें द्वीप के उत्तर की ओर गुनुंग सितोली में हुई.
संयुक्त राष्ट्र की टीम मोटरसाइकिल से इलाके का दौरा कर रही है. उसके मुताबिक मौतों
का आँकड़ा बढ़ सकता है. प्रवक्ता के मुताबिक भूकंप के कारण सड़कें बुरी तरह ध्वस्त
हो गई हैं इसलिए वहाँ बड़े वाहन नहीं जा पा रहे हैं. भारत में ब्रिटेन के
उच्चायुक्त सर माइकल आर्थर ने यहाँ एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि ब्रिटेन सुरक्षा
परिषद सीट के लिए भारत का पूरी तरह समर्थन करता है । उन्होंने कहा कि संयुक्त
राष्ट्र को वैधता बनाए रखनी है, तो हमारा मानना है कि भारत को उसका सदस्य होना
चाहिए । आर्थर ने कहा कि ब्रिटेन भारत का सक्रिय समर्थक है और वह सुरक्षा परिषद के
विस्तार को लेकर समूह -JOIN ४ के प्रस्ताव के पक्ष में मत देगा । ब्रिटिश
उच्चायुक्त से यह पूछे जाने पर कि क्या इस संबंध में ब्रिटेन समूह - ४ का सह -
प्रायोजक होगा, उन्होंने ऐसा करने से इन्कार कर दिया । इस मौके पर उन्होंने कहा कि
जम्मू -JOIN कश्मीर के कुछ हिस्से विदेशियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं । हालांकि
उन्होंने कहा कि ब्रिटेन हाल ही में यात्रा को लेकर जारी अपनी चेतावनी की समीक्षा
करेगा, जिसमें कश्मीर में अभी भी काफी तनाव होने का दावा करते हुए अपने नागरिकों को
वहाँ जारी हिंसा की वजह से न जाने की सलाह दी गई थी । उन्होंने कहा कि हम अपने
नागरिकों के लिए यात्रा संबंधी चेतावनी की समीक्षा करने जा रहे हैं । इससे पहले,
विदेश मंत्री के. नटवर सिंह ने पिछले सप्ताह अपनी लंदन यात्रा के समय यह मसला
ब्रिटिश विदेश मंत्री जैक स्ट्रॅ के समक्ष उठाया था और वहाँ की सरकार को चेतावनी
वापस लेने को कहा था । बहरीन तट पर हुई नाव दुर्घटना में मारे गए भारतीयों की
संख्या बढ़कर २१ हो गई है । उन्होंने कहा कि वह बहरीन में भारत के राजदूत बालकृष्ण
शेट्टी के साथ लगातार संपर्क में हैं और शवों को शीघ्र भारत भेजने के लिए उनसे
त्वरित प्रयास करने का आग्रह किया गया है । बहरहाल, मंत्री ने उम्मीद जताई है कि
शवों को रविवार शाम तक भारत लाया जा सकता है । रवि ने कहा कि बहरीन के अधिकारियों
द्वारा सारी प्रक्रियाओं को पूरा कर लिए जाने के बाद शवों को भारतीय राजदूत और
परिजनों को सौंप दिया जाएगा । मृतकों के परिजनों को मुआवज़ा देने के बाबत उन्होंने
कहा कि इस बारे में बाद में विचार किया जाएगा । फिलहाल शवों को भारत लाना ही पहली
प्राथमिकता है । इस घटना में ३० भारतीयों के सुरक्षित बचने की भी पुष्टि हो गई है ।
बहरीन के सुरक्षा सूचना निर्देशक मोहम्मद बिन दीना के मुताबिक, नाव पर १६ देशों के
यात्री सवार थे । नाव के भारतीय कैप्टन को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ की जा रही
है । बहरीन के आंतरिक मामलों के मंत्री शेख राशिद बिन अब्दुल्ला अल - खलीफा ने कहा
है कि कुछ तक़नीकी गड़बड़ी जरूर हुई होगी जिसके कारण ही नाव डूब गई । नाव के मालिक
अल कुबैशी ने बताया कि नाव में जरूरत से अधिक यात्री सवार थे । बहरीन कोस्ट गार्ड
अमेरिकी नौ सेना की मदद से दो लापता लोगों का पता लगाने में जुटा है । इस काम में
हेलीकॉप्टर की मदद ली जा रही है । केन्द्र सरकार मणिपुर से सशस्त्र सेना विशेष
अधिकार अधिनियम (एएफएसपीए) को हटाकर उसकी जगह मानवीय चेहरे वाले कानून को लागू करने
को रजामंद हो गई है । नए कानून में मानवाधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा दोनों का ही
पूरा ख्याल रखा जाएगा । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अपुंबा लुप की तकरीबन एक घंटे
चली बैठक के बाद यह घोषणा की गई । प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि
सरकार मणिपुर के लोगों के साथ मिलकर काम करने का राज्य में एक नया अध्याय शुरू करना
चाहती है । ३२ संगठनों का गठजोड़ अपुंबा लुप ११ जुलाई से एएफएसपीए के खिलाफ मणिपुर
में आंदोलन कर रहा था । सरकार ने इस कानून को बदलने का फैसला आंदोलनकारियों को
पुराने कानून में कोई भी संशोधन स्वीकार करने से इन्कार करने के बाद लिया ।
प्रधानमंत्री और अपुंबा लुप की बैठक के बाद प्रवक्ता ने संवाददाताओं को बताया कि
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि वह मणिपुर में सशस्त्र सेना विशेष अधिकार
अधिनियम (एएफएसपीए) के बदले एक नया नरम कानून लाने पर अवश्य ही विचार करेंगे । यह
नया कानून राष्ट्रीय सुरक्षा और मणिपुर के लोगों का पूरा ख्याल रखेगा । उन्होंने
बताया कि मणिपुर के ताजा हालात का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री इसी महीने मणिपुर
की यात्रा करेंगे । इसके अलावा प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधि दल से गृह मंत्री शिवराज
पाटिल से इस मुद्दे पर बातचीत जारी रखने को कहा है । इस प्रतिनिधि दल की पाटिल से
कल मंगलवार को मुलाकात करने की संभावना है । हालांकि विशेषाधिकार कानून को पूरी तरह
से हटाने की मांग कर रहे अपुंबा लुप ने इस कानून में किसी भी संशोधन को स्वीकार
करने से इन्कार कर दिया । प्रधानमंत्री से बातचीत करने वाले अपुंबा लुप के
प्रतिनिधि दल के नेता अरमबाम लोकेंद्र सिंह ने कहा कि संशोधनों को खारिज कर दिया
गया है । लेकिन वह इस कानून के बदले अधिक मानवीय चेहरे वाले किसी नए कानून को लागू
करने पर राजी हैं जिससे मणिपुर के लोगों की स्वतंत्रता और मानवाधिकारों की रक्षा हो
सके । उन्होंने कहा कि संगठन के नेता प्रधानमंत्री के रुख से खुश हैं । भारत -
अमेरिका परमाणु करार पर गतिरोध कायम रहने के बावजूद अमेरिका के राष्ट्रपति जार्ज
डब्ल्यू बुश अपनी यात्रा के दौरान भारत को परमाणु ईंधन की आपूर्ति की घोषणा कर सकते
हैं. इसका तत्काल लाभ तारापुर परमाणु बिजलीघर के दो संयंत्रों को मिलेगा. भारत की
तरफ से भी बातचीत के दौरान प्रमुखता से यह मुद्दा उठाये जाने की संभावना है. भारत
-JOIN अमेरिका के बीच गत वर्ष १८ जुलाई को हुए परमाणु समझौते में यह प्रावधान भी
शामिल है कि अमेरिका तारापुर के दो परमाणु संयंत्रों के लिए यूरेनियम की आपूर्ति
करेगा. लेकिन इसका पालन अब तक अमेरिका ने नहीं किया है. विपक्ष इस पर सवाल उठा रहा
है तो हैरानी खुद सरकार को भी है. यूरेनियम के व्यापार पर अन्तर्राष्ट्रीय
प्रतिबंधों के कारण भारत के लिए यूरेनियम हासिल कर पाना बेहद मुश्किल हो रहा है
जबकि देश में प्राकृतिक यूरेनियम की उपलब्धता बेहद कम है. देश में परमाणु बिजली के
उत्पादन में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने की मुख्य वजह यूरेनियम की उपलब्धता नहीं
होना भी है. परमाणु ईधन, प्रौद्यौगिकी और इससे संबंधित अन्य सामग्री के वैश्विक
व्यापार के लिए न्यूक्लीयर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) बना हुआ है. जबकि भारत इसमें
शामिल नहीं है. अमेरिका यदि भारत को यूरेनियम की आपूर्ति का ऐलान करता है तो उसे
अपने घरेलू कानूनों में संशोधन करने होंगे तभी वह इस कार्य को अंजाम दे पाएगा.
दूसरा विकल्प यह है कि अमेरिका इंटरनेशनल थमर्न्यूक्लीयर एक्सपेरिमेंटल रिसर्च
प्रोजेक्ट तथा जनरेशन -JOIN ४ इंटरनेशनल फोरम में भारत को भी शामिल करने की पैरवी
करें. ऐसा संकेत परमाणु करार में दिया गया है. प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह और
अमेरिका के राष्ट्रपति बुश के बीच कल होने वाली बातचीत में १८ जुलाई को हुए परमाणु
समझौते के अनुरूप तारापुर संयंत्रों के लिए परमाणु ईंधन की आपूर्ति का मामला उठ
सकता है. वैसे भी, समझौते के तहत नागरिक एवं सामरिक परमाणु सुविधाओं को अलग - अलग
रखने से पूर्व अमेरिका को उक्त समेत कुछ अन्य वायदों को पूरा करना है. दोनों
संयंत्रों के समक्ष गंभीर ईधन संकट है तथा अगले दो महीने के भीतर उन्हें ईंधन नहीं
मिलता है तो उनके बंद होने की नौबत तक आ सकती है. विदेश मंत्रालय के सूत्रों के
अनुसार भारत अपना दृष्टिकोण रख सकता है कि घरेलू राजनीतिक विरोध के चलते इन घोषणाओं
पर अमल से पूर्व वह परमाणु सुविधाओं को अलग -JOIN अलग करने के कार्य को अंतिम रूप
नहीं दे सकता है. ऐसी स्थिति में अमेरिका के लिए भी यह जरूरी जान पड़ रहा है कि
विपक्ष और सहयोग दलों का मुंह बंद करने के लिए वह परमाणु ईंधन की आपूर्ति का स्पष्ट
ऐलान करे तथा इसके लिए समय सीमा निर्धारित करे. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के
पूर्व अध्यक्ष व विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी और अपनी यात्रा के लिए केंद्र
द्वारा बुलेट - प्रूफ वाहन के प्रस्ताव पर पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सरकार की
आलोचना की है. उन्होंने कहा है कि केंद्र का यह प्रस्ताव देश की 'खस्ताहाल' आंतरिक
सुरक्षा को दर्शाता है. राजनाथ ने आरोप लगाया है कि आतंकवाद से सख्ती से निपटने के
लिए सरकार कुछ नहीं कर रही है. शनिवार को नई दिल्ली में पार्टी की एक बैठक में
उन्होंने कहा कि केंद्र की सत्तारूढ़ यूपीए सरकार का यह प्रस्ताव इस बात को दर्शाता
है कि देश में सुरक्षा की स्थिति कितनी दयनीय है? उन्होंने कहा कि पोटा का हटाया
जाना आतंकवादियों के प्रति यूपीए के नरम रुख को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि
आतंकवाद से निपटने के लिए सरकार सख्ती नहीं दिखा रही है. बैंक यूनियन के वरिष्ठ
नेता वी. के. गुप्ता ने कहा कि वित्त मंत्री पी. चिदंबरम कह चुके हैं कि वह आरबीआई
के कामकाज में दखल नहीं देना चाहते हैं । लेकिन इसके विपरीत मंत्रालय ने पेंशन
स्कीम में वृद्धि संबंधी रिजर्व बैंक की सिफारिशों की अनदेखी कर दी । ऑल इंडिया
एसबीआई स्टाफ फेडरेशन के उपाध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि चूंकि वित्त मंत्रालय की ओर से
कोई संदेश नहीं आया है, लिहाजा हम तीन अप्रैल से बेमियादी हड़ताल पर जा रहे हैं ।
वहीं कोलकाता में एसबीआई ऑफिसर्स एसोसिएशन और एसबीआई स्टाफ एसोसिएशन के महासचिव एस.
के. हलदर और अशोक दत्ता ने शनिवार को एक संयुक्त बयान में कहा कि पेंशन संबंधी
मुद्दे को सुलझाने के लिए मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) की पहल केंद्र सरकार के
अड़ियल रवैये के कारण विफल रही । इसलिए एसबीआई कर्मचारियों के पास हड़ताल पर जाने
के सिवा और विकल्प शेष नहीं रह गया । देश भर में करीब ९,५०० एसबीआई शाखाएं सोमवार
से बंद रहेंगी । लोकसभा में आज शून्यकाल के दौरान मूलापेरियर बांध की ऊंचाई बढ़ाए
जाने के मुद्दे पर केरल और तमिलनाडु के सांसदों के बीच तनातनी हुई । सर्वोच्च
न्यायालय ने दो दिन पहले ही बांध की ऊंचाई को १३६ फुट से बढ़ाकर १४२ फुट करने की
मंजूरी दी है । सदन में केरल कांग्रेस के सांसद के. फ्रांसिस जॉर्ज ने कहा कि बांध
के आकार की सुरक्षा और बचाव के मद्देनजर इसकी ऊंचाई नहीं बढ़ाई जा सकती । केरल के
सीपीआई (एम) और सीपीआई समेत अन्य दलों के सांसदों ने इसका समर्थन किया । जबकि,
डीएमके, एमडी एमके, पीएमके और कांग्रेसी सांसदों ने जॉर्ज की दलील का विरोध किया ।
भोजन काल से ठीक पहले केरल सांसदों के आसन के पास चले आये डिप्टी स्पीकर चरणजीत
सिंह अटवाल ने सभा स्थगित कर दी । हालांकि, संसदीय मामलों के मंत्री पी. आर.
दासमुंशी ने बीचबचाव करते हुए दोनों राज्यों के सदस्यों से शांति बनाए रखने की अपील
की थी । 'गर्म गोश्त' का धंधा पूरे जिले में फैल रहा है । शहर में ही कई सेक्स
रैकेट चल रहे हैं । इन पर हाथ डालने में हर कोई कतराता है । इनकी पहुंच बडे - बडे
लोगों तक है । दूसरे राज्य की दो बहनें आधा दर्जन लड़कियों के साथ ग्रामीण
क्षेत्रों में देह व्यापार का धंधा चला रही हैं । सबके काम करने के अपने - अपने ढंग
हैं । पुरुष महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं । ये लड़कियां शहर के तीन लोगों को
डेढ़ लाख से अधिक का चूना लगा चुकी हैं । देह - व्यापार के धंधे में ज्यादातर युवा
महिलाएं संलिप्त हैं । इनकी पैठ बडे लोगों तक है । पुलिस चाहे भी तो इन पर हाथ नहीं
डाल सकती । सेक्स रैकेट में काम करने वाली महिलाओं के अधिकारी और कर्मचारियों से भी
अच्छे संबंध हैं । कार्यालयों में भी इन्हें देखा जा सकता है । कई रैकेट कुछ पुलिस
कर्मियों की मिलीभगत से चलते हैं । बदले में इन्हें शबाब, कबाब और सुविधा शुल्क
तीनों मिलते हैं । बिहार की दो सगी बहनें पिछले २५ सालों से जिले में हैं । इनमें
से एक ने बिहार के एक व्यक्ति से विवाह कर लिया है । यह महिला का पांचवां पति है ।
सभी पतियों से बच्चे हैं । इनमें केवल एक लड़का है । इस समय चार लड़कियां उसके साथ
रहती हैं । बहन के पास कोई लड़की नहीं है । दोनों बहनें मिलकर ग्रामीण इलाके में
सेक्स रैकेट चला रही हैं । मां ग्राहकों से सेटिंग करती है । इसके बाद उन्हें नियत
स्थान पर भेजा जाता है । यह आजमगढ़ शहर के बेलइसा मुहल्ले में एक युवक को ६५ हजार
का चूना लगा चुकी हैं । दो अन्य को उन्होंने एक लाख से अधिक की चपत लगाई है । यह
रैकेट बिलरियागंज, बरदह, कोहड़ा, च्यूटहीं, बसखारी आदि क्षेत्रों में पूरी तरह
सक्रिय है । दोनों महिलाएं कपड़ा बेचने निकलती हैं । इसी दौरान सेटिंग करती हैं ।
इसके अलावा शहर कोतवाली क्षेत्र में भी एक महिला सेक्स रैकेट चलाती है । पहले वह एक
युवक के साथ अकेले काम करती थी । अब उसने अपनी बहन को भी बुला लिया है । एक अन्य
महिला अपने शराबी पति से खीझकर इस रैकेट में शामिल हुई है । उसकी गोद में एक बच्ची
भी है । मासूम बच्ची को पालने के लिए वह इस धंधे में कूदी है । सेटिंग के बाद एक
युवक उसे अपनी बाइक पर बैठाकर नियत स्थान पर ले जाता है । इस दौरान उसकी पुत्री को
युवक घुमाता रहता है । काम खत्म होने के बाद महिला फोन पर युवक को सूचना देती है तो
युवक उसे जाकर वापस लाता है । इसके अलावा भी कई रैकेटों का संचालन महिलाएं कर रही
हैं, जिनमें दर्जन - दर्जन भर लड़कियों को शामिल किया गया है । संस्थाओं के नाम पर
भी यह कारनामे हो रहे हैं । कई सरकारी कार्यालय ऐसे हैं, जिनमें ये महिलाएं घूमकर
ग्राहकों की सेटिंग करती हैं । कभी - कभी आम आदमी इन्हें विभागीय बाबू समझकर मात खा
जाता है, क्योंकि ये बाबुओं की कुर्सी पर हाथ - पांव फैलाकर बैठी रहती हैं । काम
कराने का ठेका भी ये लेती हैं । कई अधिकारी भी इसमें लिप्त हैं । सही मायने में
मौका मिले तो कई बाबू इनका टेंडर करा दें । इन महिलाओं की पहुंच इतनी ऊपर तक है कि
पुलिस हाथ डालने से भी कतराती है । वहीं मनबढ़ किस्म के कुछ पुलिसकर्मी बाकायदा
इनसे हफ्ता लेते हैं । कमरे पर भी बुलाते हैं । मजेदार बात यह है कि सर्किलों में
तैनात पुलिसकर्मी रात में थकान मिटाने के लिए इनके घर के सामने खटिया डालकर सो भी
लेते हैं । देश में चार राज्यों तथा एक संघशासित प्रदेश के लिए चुनावों की शुरुआत
सोमवार को होने जा रही है । इस अवसर पर देश के लगभग २० प्रतिशत मतदाताओं द्वारा
मतदान किए जाने की आशा है । दो वर्ष पहले हुए संसदीय चुनावों के बाद यह सबसे बड़ा
चुनाव होने जा रहा है । मतदाताओं द्वारा असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल तथा
केंद्र शासित प्रदेश पांडिचेरी में अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया जाना है । यह
चुनाव ८ मई तक संपन्न कर लिए जाएंगे । चुनावों के परिणाम की घोषणा ११ मई तक की
जाएगी । हालांकि इन चुनावों से प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार को कोई खास
प्रभाव नहीं पड़ने जा रहा है, लेकिन कांग्रेस को चुनावी मुद्दा में देखा जा सकता है
। फिलहाल कांग्रेस को इन तीन राज्यों तथा एक पांडिचेरी में एक बड़ा तबका माना जा
रहा है । पहली बार कांग्रेस तथा वामपंथी दलों के बीच इसी चुनाव में प्रतिद्वंद्विता
भी सामने आ रही है । उल्लेखनीय है कि मई २००४ के बाद से कांग्रेस तथा वामपंथी दलों
ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन बनाकर केंद्र में अपनी भूमिका निभाई है । इधर असम में
भारतीय जनता पार्टी मुख्य प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभर रही है । चुनाव परिणामों से
केंद्रीय सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है, लेकिन चुनाव की सरगर्मी कांग्रेस
में भी देखी जा रही है । कांग्रेस कार्यकारिणी के एक सदस्य तथा सांसद बी. के.
हरिप्रसाद ने यह बात बताई । इधर राजनीतिक विश्लेषक एन. भास्कर राव ने भी इस बात का
समर्थन करते हुए कहा कि यह चुनाव केंद्रीय सरकार के लिए महत्वपूर्ण नहीं है । भाजपा
के विरोध को सिरे से खारिज करते हुए गृह राज्यमंत्री श्री प्रकाश जायसवाल ने
बृहस्पतिवार को कहा कि केंद्र सरकार चाहे तो राज्यपालों को हटा सकती है । इसके साथ
ही उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती राजग सरकार को राजभवनों में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
के कार्यकर्ताओं को नियुक्त नहीं करना चाहिए था । संवाददाताओं से बातचीत में जयसवाल
ने कहा कि यदि कोई कहता है कि राज्यपालों को हटाया जाना संविधान के दायरे में नहीं
आता, तो उसे नए सिरे से देश का कानून पढ़ना चाहिए । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार
किसी भी राज्यपाल को किसी भी समय हटा सकती है और इसमें कुछ भी असंवैधानिक नहीं है ।
राज्यपालों को हटाने के केंद्र सरकार के तथाकथित प्रयास के बारे में पूछे जाने पर
जायसवाल ने कहा कि उन्हें इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है, लेकिन व्यक्तिगत तौर
पर उनका मानना है कि यदि सरकार चाहे तो वह राज्यपाल को हटा सकती है और इसमें कुछ भी
गलत नहीं है । उन्होंने भाजपा के इन आरोपों को खारिज कर दिया कि केंद्र सरकार भाजपा
पृष्ठभूमि वाले राज्यपालों को निशाना बना रही है । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि यह
सवाल ही पैदा नहीं होता, यदि पूर्ववर्ती सरकार ने आरएसएस कार्यकर्ताओं को राज्यपाल
नहीं बनाया होता । बहरहाल, उन्होंने कहा है कि केंद्र सरकार ने राजग सरकार द्वारा
नियुक्त किसी भी राज्यपाल पर इस्तीफे के लिए दबाव नहीं डाला है । जमीर ने कहा कि
केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने उन्हें केंद्र के फैसले के बारे में सूचना दे
दी है, लेकिन उन्हें आधिकारिक तौर पर अधिसूचना नहीं मिली है । दरअसल सुरक्षाकर्मी
ने मंच पर लगे पंखे को बंद करने के लिए गलती से उस स्विच को आफ कर दिया जिसके तार
लोकार्पण बटन से जुड़े थे । यही वजह थी कि प्रधानमंत्री डा. मनमोहन सिंह बार -JOIN
बार बटन दबाते रहे लेकिन नाथपा झाकड़ी प्रोजेक्ट के लोकार्पण पट्टिका से पर्दा नहीं
उठा । सतलुज जल विद्युत निगम ने इस मामले की जांच पूरी कर ली है । जांच रिपोर्ट
अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को सौंप दी गई है । मंच पर गर्मी से राहत के लिए एक पंखा
लगा था । श्रीमती सोनी इस पंखे से खुद को मंच पर असहज महसूस कर रही थी । इशारा हुआ
और सुरक्षाकर्मी ने कर दिया स्विच आफ । प्रोजेक्ट के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री
ने जब उठकर बटन दबाया तो सभी हैरान रह गए । लोकार्पण पट्टिका के ऊपर लगा पर्दा टस
से मस नहीं हुआ । मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने भी कोशिश की लेकिन पर्दा नहीं सरका ।
केन्द्रीय विद्युत सचिव आर. वी. शाही का प्रयास भी निरर्थक गया । बाद में एक
अधिकारी ने पर्दे को हाथ से लपेटकर ऊपर सरकाया । सतलुज जल विद्युत निगम ने
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में हुई इस गड़बड़ी को गंभीरता से लेते हुए नाथपा झाकड़ी
प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक जे. के. शर्मा को मामले की जांच सौंपी । श्री शर्मा ने
जांच पूरी कर रिपोर्ट अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक को दे दी है । रिपोर्ट में बंद
स्विच को ही गड़बड़ी का कारण बताया गया है । चूंकि सिस्टम में कोई तकनीकी खराबी
नहीं पाई गई इसलिए किसी अधिकारी या कर्मचारी पर कार्रवाई की अनुशंसा नहीं की गई है
। पूरे कार्यक्रम की फिल्म भी बनी है जिसमें स्विच आफ किए जाने की बात साफ हो गई है
। सतलुज जल विद्युत निगम के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार २८ मई को प्रधानमंत्री के
मंच पर आगमन से पहले निगम के अधिकारियों ने विद्युत सचिव आर. वी. शाही की उपस्थिति
में सारे सिस्टम को चेक किया था । पहले रिमोट से पर्दा उठाने की व्यवस्था हुई थी
जिसकी अनुमति एसपीजी ने नहीं दी । मंच पर जैमर लगा था इसलिए रिमोट से लोकार्पण की
व्यवस्था खारिज हुई । लिहाजा बटन से सिस्टम जोड़ा गया । इसका एक स्विच भी था ।
एसपीजी को सिस्टम ठीक हालत में सौंपे गए । निगम ने सुबह साढ़े आठ बजे एसपीजी को
सिस्टम सौंप दिया । बाद में एसपीजी ने किसी को ऊपर नहीं जाने दिया । बाद में निगम
का कोई अधिकारी मंच पर नहीं था । केन्द्रीय बिजली सचिव आर. वी. शाही भी स्वागत भाषण
के बाद मंच से नीचे आ गए । जांच से मिले तथ्यों से एसजेवीएन के अधिकारियों ने राहत
की सांस ली है । अब गड़बड़ी के लिए सुरक्षाकर्मियों को दोषी माना जा रहा है ।
सुरक्षा की सख्त व्यवस्था से एसजेवीएन की कई आस अधूरी रह गई । मंच छोटा बनाया गया
जिससे उच्चाधिकारियों को भी वहां जगह नहीं मिली । सुरक्षा कारणों से सांस्कृतिक
कार्यक्रम को भी पीएम की मौजूदगी में करने की इजाजत नहीं मिली । प्रधानमंत्री के
दिन का भोजन भी झाकड़ी में नहीं हुआ । छोटा स्थान होने के बावजूद कल्पा में इसका
इंतजाम हुआ । इससे पहले एसपीजी ने सांसदों के मंच पर बैठने पर भी आपत्ति जतायी थी
लेकिन बाद में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के हस्तक्षेप से सांसदों के लिए मंच पर
कुर्सी लगीं । कार्यक्रम की फिल्म में एसपीजी द्वारा कुर्सियों को उलटपुलटकर देखने
के सीन कैद हैं । जांच में एसजेवीएन को राहत मिल गई है और कुछ अधिकारियों पर
कार्रवाई की लटकती तलवार सिर के ऊपर से दूर निकल गई है । सोमवार से शुरू हो रही
पाकिस्तान यात्रा से पहले अलगाववादी संगठन हुर्रियत कांफ्रेंस ने रविवार को कहा कि
वह कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ और अन्य नेताओं से
बातचीत करेगी । हुर्रियत नेताओं की इस महत्वपूर्ण राजनीतिक यात्रा का मुख्य मकसद
भूकंप प्रभावितों के साथ हमदर्दी जताना है । यात्रा पर जा रहे तीन सदस्यीय
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हुर्रियत के संस्थापक अध्यक्ष मीरवाइज उमर फारूक करेंगे ।
यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल परवेज मुशर्रफ से मुलाकात करेगा और उनसे कश्मीर
मुद्दे पर बातचीत करेगा । प्रतिनिधिमंडल में शामिल वरिष्ठ हुर्रियत नेता अब्दुल गनी
बट ने बताया कि बातचीत के एजेंडे के बारे में निश्चित् तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता
लेकिन हम कश्मीर मुद्दे पर बातचीत कर सकते हैं । हुर्रियत नेताओं के करीब एक साल
पाकिस्तान में ठहरने की उम्मीद है । बट ने बताया कि हुर्रियत टीम में बिलाल लोन
शामिल हैं । यह टीम भूकंप से सबसे ज्यादा प्रभावित पाक अधिकृत कश्मीर का भी दौरा
करेगी । उन्होंने कहा कि हम कश्मीर समाधान के बारे में पीओके के नेतृत्व से भी
बातचीत करेंगे । केन्द्र से दूसरे दौर की वार्ता की संभावना के बारे में पूछे जाने
पर उन्होंने कहा कि हुर्रियत किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है हालांकि
मानवाधिकार उल्लंघन और हिरासत में मौतों के मामले में अभी बहुत कुछ नहीं किया गया
है । वहीं मीरवाइज उमर फारूक ने उम्मीद जताई है कि भारत और पाकिस्तान के बीच में
जारी शांति प्रक्रिया नए साल में भी जारी रहेगी । प्रतिनिधिमंडल के मुशर्रफ के
अलावा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अजीज तथा विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी
से भी मुलाकात करने की उम्मीद है । इससे पहले दो जून को हुर्रियत कांफ्रेंस के सात
सदस्यीय दल ने पाकिस्तान की यात्रा की थी । ज्यादातर लोगों को यह नहीं मालूम होगा
कि वर्ष २००६ एक सेकेंड देर से आया लेकिन लोगों ने पूरे जोशोखरोश के साथ नव वर्ष
मनाया. विभिन्न शहरों में स्थित क्लब, होटल और बैंक्वेट हॉल में मौजूद लोगों ने
२००६ का अपने अंदाज में स्वागत किया. इस दौरान मुंबई में अलग - अलग घटनाओं में एक
व्यक्ति की मौत हो गई जबकि सात अन्य घायल हो गए. उपनगर मलाड के कुरार गांव में न्यू
ईयर पार्टी में डांस को लेकर हुए विवाद में ३१ वर्षीय मुन्ना दादासाहेब की हत्या कर
दी गई. इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. बंगलोर, हैदराबाद और चेन्नई
जैसे शहरों में सुरक्षा कारणों से थोड़ी - बहुत बाधाएं आईं, लेकिन लोगों के उत्साह
में कोई कमी नहीं देखी गई. जब देश की आर्थिक दशा तेज गति से सुधर रही हो, कॉरपोरेट
जगत में लोगों की तनख्वाह आसमान छू रही हो, शहरों की दुकानें अच्छी - अच्छी चीजों
से भरी हुई हों और रेस्तरांओं में विश्वभर के व्यंजनों की भरमार लगी हो तो ऐसे में
नए साल का स्वागत कुछ अनोखा ही होगा. घड़ी की तीनों सुइयों के १२ पर पहुंचते ही
लोगों ने शानदार आतिश्बाजी की. आसमान रोशनी से जगमगाने लगा. गीत - संगीत के माहौल
में थिरकते लोगों ने खूब जश्न मनाया. उन्होंने कहा कि दोनों युवकों ने मुन्ना की
डंडे से पिटाई कर उसकी हत्या कर दी. भारत और पाकिस्तान ने एक विशेष समझौते के तहत
रविवार को अपने परमाणु प्रतिष्ठानों की सूचियों का आदान -JOIN प्रदान किया. समझौते
की शर्तो के मुताबिक दोनों देशों को एक - दूसरे के परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला
करने की मनाही है. समझौते के तहत दोनों देश प्रत्येक वर्ष जनवरी की पहली तारीख को
एक -JOIN दूसरे की परमाणु सूचियों का आदान -JOIN प्रदान करते हैं. विदेश कार्यालय
द्वारा जारी वक्तव्य के मुताबिक भारत व पाकिस्तान के बीच ३१ दिसंबर, १९८८ को हुए
समझौते के अनुच्छेद द्वितीय के तहत दोनों देशों की सरकारों ने एक दूसरे के परमाणु
प्रतिष्ठानों की सूचियों का आदान -JOIN प्रदान किया. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय
में भारतीय डेस्क के निदेशक जहीर ए. जंजुआ ने पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों व
ठिकानों की सूची इस्लामाबाद में भारतीय उच्चायोग के प्रथम राजनीतिक सचिव सिबी जॉर्ज
को सौंपी. नई दिल्ली में भारत की तरफ से विदेश मंत्रालय में पाक उच्चायोग के प्रथम
सचिव खालिद जमाली को सूची सौंपी गई. वक्तव्य में यह नहीं बताया गया है कि सूचियों
में किन प्रतिष्ठानों का जिक्र है. सामान्यतः सूची में नागरिक परमाणु बिजली
संयंत्रों को शामिल किया जाता है व इनकी भौगोलिक स्थिति की सही जानकारी दी जाती है.
नए वर्ष में कराची व मुंबई में क्रमशः भारत व पाकिस्तान के वीजा कार्यालय खोलने की
बहुप्रतीक्षित योजना में विलंब हो गया है. पिछले वर्ष अप्रैल में पाकिस्तान के
राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ की भारत यात्रा के दौरान जारी संयुक्त वक्तव्य में दोनों
देशों ने नव वर्ष के अवसर पर वीजा कार्यालय खोलने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी.
कराची व मुंबई में वीजा कार्यालय खोलने में विलंब की वजह यह है कि पाकिस्तान अभी तक
अपने अस्थायी कार्यालय को तैयार करने में सफल नहीं रहा है, जबकि भारत ने अपने भवन
का मरम्मत कार्य पूरा कर लिया है और वीजा कार्यालय खोलने के लिए उसे पाक सरकार की
इजाजत मिलने की प्रतीक्षा है. कारों के दामों में तेजी आने को है । देश की नंबर दो
कार कंपनी हुंदई मोटर लिमिटेड के दो मॉडलों के दाम बुधवार से बढ़ गए हैं । जबकि देश
की नंबर एक कार कंपनी मारुति उद्योग लिमिटेड अगले महीने कीमतों में इजाफा करने वाली
है । स्कोडा आटो इंडिया कंपनी भी अपनी कार के दाम में बढ़ोतरी करेगी । कंपनी के
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक जनवरी २००५ से कीमतें बढ़ाई जा सकती हैं । लागत बढ़ने
और नए उत्सर्जन मानक के कारण इन कारों के दाम बढ़ाए जाने हैं । भारत ने अमेरिका की
ओर से दो भारतीय परमाणु विज्ञानियों पर ईरान को हथियार और संवेदनशील तकनीक देने के
आरोप को खारिज कर दिया है. भारत ने अमेरिका से विज्ञानियों पर लगाई गई रोक वापस
लेने को कहा है. अमेरिकी सरकार ने यह पाबंदी बुधवार को लगाई थी. सरना ने कहा कि
अमेरिकी सरकार से इस मसले की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है और चौधरी सुरेंदर
और वाई. एस. आर. प्रसाद पर लगाए गए प्रतिबंध वापस लेने को कहा है. सुरेंदर और
प्रसाद न्यूक्लियर पॉवर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (एनपीसीआईएल) के पूर्व प्रबंध
निदेशक हैं. उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले कुछ दिनों में कई स्तरों पर यह मुद्दा
अमेरिका के समक्ष उठाया है. अमेरिका को कह दिया गया है कि हम उनके इस मत में शामिल
नहीं हैं. अमेरिकी विदेश विभाग की अधिसूचना के मुताबिक प्रतिबंधित किए गए १४ लोगों
और कंपनियों की सूची में शामिल दोनों भारतीय वैज्ञानिक ऐसी गतिविधियों में लिप्त
पाए गए हैं, जिनमें रोक लगानी जरूरी है. जिसके तहत एक जनवरी १९९९ से ईरान को
निर्यात नियंत्रण सूची के तहत प्रतिबंधित उपकरण और तकनीक देने के लिए जुर्माने का
प्रावधान है. डीएई से जुड़े रहे सुरेंदर ने कहा कि मुझे यह जानकर आश्चर्य है कि
अमेरिकी विदेश विभाग ने कैसे मेरा नाम प्रतिबंधित किए गए लोगों की सूची में रखा है.
गोवा प्रकरण को लेकर भाजपा बुधवार को अपनी रणनीति तय करेगी. इसके लिए प्रदेश के
भाजपा और इसके समर्थक विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं. भाजपा प्रवक्ता रवि शंकर प्रसाद
ने कहा कि गोवा के भाजपा और इसके समर्थक विधायक दिल्ली पहुंचे हैं. विधायकों ने
भाजपा अध्यक्ष से मुलाकात की है. गोवा प्रकरण को लेकर पार्टी का रुख क्या रहेगा यह
बुधवार को तय होने की संभावना है. इन सभी मुद्दों पर कल बातचीत होगी. सत्ता
हस्तांतरण के मुद्दे पर चर्चा हुई. विदित हो कि कर्नाटक में आगामी अक्तूबर में जद
(एस) भाजपा को मुख्यमंत्री की कुर्सी सौंपेगी. प्रदेश में दोनों दलों की गठबंधन की
सरकार है. समझौते के मुताबिक अक्तूबर में मुख्यमंत्री कुमार स्वामी भाजपा नेता और
उप मुख्यमंत्री येदुरप्पा को कुर्सी सौंपेंगे. असम के कर्बी आंगलोंग जिले में हिंसा
का सिलसिला फिर तेज हो गया है । ताजा घटना में जिले में जनजातीय संघर्ष में ६ लोगों
की मौत हुई है और १५० से अधिक घरों को आग के हवाले कर दिया गया है । इस घटना ने
अक्टूबर में जिले में कर्बी और दिमासा जनजातियों के बीच व्यापक खूनी संघर्ष की याद
ताजा कर दी है । उल्लेखनीय है कि अक्तूबर में कई दिनों तक चले संघर्ष में ९० से
अधिक लोगों की मौत हो गई थी और ४५ हजार से अधिक लोग विस्थापित हो गए थे । अभी भी
इनमें से कई शरणार्थी शिविरों में पनाह लिए हुए हैं । दोनों जनजातियों के बीच
संघर्ष में सैकड़ों घर जला दिए गए थे । एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि जिला
मुख्यालय दिफू के पास स्थित एक गांव से दिमासा जनजाति के दो लोगों के शव बरामद हुए
हैं । अभी तक ६ शव बरामद हो चुके हैं । रविवार को जहां पूरे देश ने राष्ट्रपिता
महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं यहां डीएवी पब्लिक स्कूल के करीब
१००० छात्रों ने अपने साथी गौरव कुमार को अपहर्ताओं के चंगुल से छुड़ाने की मांग को
लेकर बिहार के राज्यपाल बूटा सिंह के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया । अपहृत गौरव का
१३ दिन से कोई पता नहीं है । बच्चे सुबह ही गांधी मैदान पहुंच गए और बड़े धैर्य से
राज्यपाल के आगमन का इंतजार किया । तख्तियों पर '1 गर्वनर अंकल हमें अपहरणकर्ताओं
से बचाओ '2 और '1 गांधी के देश में बच्चे सुरक्षित नहीं हैं '2 जैसे नारे लिखे थे ।
इससे पहले गुरुवार को बच्चों का एक शिष्टमंडल भी राज्यपाल से मिला था । तब राज्यपाल
ने अधिकारियों को गौरव कुमार उर्फ गोलू को मुक्त कराने का अभियान तेज करने का
निर्देश दिया था । पटना हार्टकोर्ट ने भी गौरव की रिहाई में विलंब पर नाराजगी जताई
थी और शुक्रवार को राज्य के पुलिस प्रमुख ए. आर. सिन्हा को गौरव को मुक्त कराकर चार
अक्टूबर तक पेश करने के निर्देश दिए थे । गौरतलब है कि व्यापारी अनिल सिंह का पुत्र
गौरव डीएवी पब्लिक स्कूल का छात्र था । उसका अपहरण २० सितंबर को दानापुर में उस
वक्त हुआ, जब वह स्कूल बस से उतरकर घर जा रहा था । हैदराबाद में मंगलवार से ९३वीं
भारतीय विज्ञान कांग्रेस शुरू होगी । कांग्रेस के दौरान सुरक्षा के व्यापक प्रबंध
किये गये हैं । राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के कई शीर्ष वैज्ञानिक कांग्रेस में
शिरकत करने के लिये हैदराबाद पहुंच चुके हैं । इनमें चार नोबल पुरस्कार विजेता
वैज्ञानिक भी शामिल हैं । राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह सहित कई नामी - गिरामी हस्तियां पांच दिवसीय विज्ञान सम्मेलन में शिरकत
करेंगी । हैदराबाद के आचार्य एन. जी. रंगा कृषि विश्वविद्यालय के परिसर में इसका
आयोजन किया गया है । इस बार समेकित ग्रामीण विकास को विज्ञान कांग्रेस का विषय तय
किया गया है । प्रधानमंत्री मंगलवार को इसका उद्घाटन करेंगे । जाने - माने
अर्थशास्त्री एवं नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को
संबोधित करेंगे । आयोजकों के मुताबिक़ ६ विश्व खाद्य पुरस्कार विजेता व चार नोबल
पुरस्कार विजेता सम्मेलन में हिस्सा लेंगे । इसके अलावा २५ देशों के ८५ जाने - माने
वैज्ञानिक इसमें हिस्सा लेंगे । सम्मेलन में विभिन्न स्थानों से आए लगभग ५ हजार
प्रतिनिधियों के भाग लेने की संभावना है । गरीबी के चलते अपनी संतान बेचने की खबरें
उड़ीसा के लिए नई नहीं हैं । एक बार फिर भुखमरी और गरीबी से तंग आकर उड़ीसा में एक
महिला ने अपने नन्हें बेटे को महज ७०० रुपये के लिए बेच दिया । स्थानीय मीडिया के
जरिये यह जानकारी प्राप्त हुई है । बच्चे को खरीदने वाले दम्पत्ति को कोई संतान
नहीं थी । राज्य की राजधानी से २३५ किलोमीटर दूर क्योंझर शहर के बीरबरपुर पटना में
झुग्गी - झोपड़ी में रहने वाली नीता नाइक नामक महिला ने गरीबी से तंग आकर अपने बेटे
को बेच दिया । जब वह गर्भावस्था से गुजर रही थी तो उसके पति ने उसका परित्याग कर
दिया था । इसके चलते परिवार की जिम्मेदारी उस पर आ पड़ी । दिहाड़ी मजदूर के रूप में
काम करने वाली नीता कभी - कभी जंगल से लकड़ियां लेकर भी बेचती है । दो जून की रोटी
जुटाने में असमर्थ इस महिला ने पिछले वर्ष अक्तूबर में अपनी तीसरी संतान को जन्म
दिया था । उसने अपना बच्चा एक मुस्लिम दम्पति के हाथ १४ नवम्बर को ७०० रुपए में बेच
दिया । गौरतलब है कि सुदम ने कथित रूप से एक हजार रुपए में एक व्यक्ति के हाथ बॉबी
का सौदा तय कर लिया था । जिला प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इस मामले की
जांच शुरू कर दी गयी है । हालांकि उन्होंने इस मामले को गोद लेने की घटना बताया है
। ऑपरेशन के बाद मेगास्टार अमिताभ बच्चन की हालत स्थिर बनी हुई है । हालांकि अभी भी
उन्हें नली के जरिए तरल भोजन दिया जा रहा है । लीलावती अस्पताल के सूत्रों के
मुताबिक उन्हें मुंह से भोजन करने की इजाजत नहीं है । इसमें अभी कुछ वक्त लगेगा ।
सर्जरी के ४८ घंटे बाद भी सुपर स्टार डॉक्टरों की निगरानी में हैं । फिलहाल उन्हें
सघन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में रखा गया है । डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें आईसीयू
से सामान्य वार्ड में भेजने के बारे में जल्द ही फैसला लिया जाएगा । मालूम हो कि
अमिताभ डाइवरटीकुलाइटिस नामक रोग से पीड़ित थे । इस रोग में छोटी आंत में सूजन हो
जाती है । सूत्रों के मुताबिक अमिताभ अपने परिवार वालों, हॉस्पिटल के कर्मचारियों
और डॉक्टरों से बातचीत कर रहे हैं । डॉक्टरों ने बताया कि सभी प्रकार की जांच
रिपोर्ट सामान्य हैं और उनका घाव भर रहा है । डॉक्टर जब तक घाव भरने को लेकर
आश्वस्त नहीं हो जाते तब तक उन्हें मुंह से भोजन करने की इजाजत नहीं दी जाएगी ।
हालांकि उन्हें एक -JOIN दो दिन बाद मुंह से भोजन करने की अनुमति मिल सकती है लेकिन
पूरी तरह स्वस्थ होने से पहले उन्हें तरल पदार्थ और फलों के रस से ही काम चलाना
होगा । अभी उन्हें पाइप के जरिए तरल पदार्थ और दवाइयां दी जा रही हैं । अस्पताल
सूत्रों का कहना है कि हॉस्पिटल में सुपर स्टार की सेहत के बारे में जानकारी लेने
वालों की भीड़ लगी रहती है । आईसीयू में परिवार के सदस्यों और उनके नजदीकी मित्रों
के अलावा किसी और को जाने की अनुमति नहीं है । इसके बाद ही वह सेट पर लौट सकते हैं
। अपने जंगी बेड़े की ताकत को और संवारने के लिए नौसेना ने रूस से क्रिविक श्रेणी
के तीन और प्रक्षेपास्त्र वाहक युद्घपोत खरीदने का निश्चय किया है । इसके अलावा
खुफिया विमानों और पनडुब्बीरोधी हेलीकॉप्टरों के सौदे की प्रक्रिया भी चल रही है ।
नौसेनाध्यक्ष एडमिरल अरुण प्रकाश ने नौसेना दिवस की पूर्व संध्या पर एक प्रेस
कांफ्रेंस में यह जानकारी देते हुए बताया कि २७ जंगी जहाजों और पनडुब्बियों के लिए
ऑर्डर दिया जा चुका है । विभिन्न क्षमता वाले ३६ और स्वदेशी युद्घपोतों के लिए
सरकार से हरी झंडी मिलने वाली है । इनमें प्रक्षेपास्त्र ले जाने की क्षमता वाले
पोत भी शामिल हैं । उन्होंने बताया कि नौसेना ने गहरे समुद्र में पनडुब्बियों की
सुरक्षा के लिए खरीदे जाने वाले '1 डीप सी रेस्क्यू व्हेकिल '2 (डीएसआरवी) का चयन
कर लिया गया है । उन्होंने बताया कि नौसेना दो डीएसआरवी खरीदने जा रही है । इस सौदे
पर अमरीका से बातचीत चल रही है और उम्मीद है कि अगले तीन सालों के भीतर इन्हें
बेड़े में शामिल कर लिया जाएगा । उन्होंने बताया कि लंबी दूरी के निगरानी विमान '1
पी३सी ओरियन '2 को अमरीका लीज पर देने को तैयार है । यदि भारत इसके लिए राजी होता
है तो इसे अंतरिम उपाय ही माना जाना चाहिए । उन्होंने यह भी बताया कि नौसेना को
जल्द ही अपने आईएल - ३८ विमान वापस मिलेंगे जो उसने अपग्रेडिंग के लिए मास्को वापस
भेजे थे । उन्होंने बताया कि रूस से मिलने वाला विमान - वाहक पोत गोशकोव २००८ के
मध्य तक मिल जाएगा और इस बीच कोच्चि गोदी में स्वदेशी विमान - वाहक पोत का निर्माण
कार्य भी प्रगति पर है । एडमिरल प्रकाश ने मुख्यालय के वाररूम से गोपनीय सूचनाओं की
चोरी का जिक्र करते हुए इसे अधिकारियों का विश्वासघात बताया । उन्होंने कहा कि इस
घटना के दोषी नौसेना के विश्वसनीय और जिम्मेदार अधिकारी थे । उन्हें यही समझकर इस
महत्वपूर्ण दायित्व को सौंपा गया था, पर उन्होंने सूचनाएं लीक कर विश्वासघात किया
है । एडमिरल प्रकाश ने कहा कि तंत्र में कोई खराबी नहीं है । लेकिन यह चूंकि
विश्वासघात से जुड़ा प्रकरण है, इसलिए एहतियात के तौर पर तीन - चार कठोर दिशा -
निर्देश जारी कर दिए गए हैं ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हो । गौरतलब है कि कुछ महीने
पहले नौसेना के वार रूम से कुछ व्यापारिक महत्व की गोपनीय सूचनाएं लीक हो गई थीं ।
प्रकरण की जांच के लिए बोर्ड ऑफ इंक्वायरी का गठन किया था और बाद में इसकी रिपोर्ट
के आधार पर तीन सैन्य अधिकारियों को बर्खास्त करने का निर्णय ले लिया गया था ।
एडमिरल प्रकाश ने यह भी कहा कि सूचना के अधिकार संबंधी कानून से सेना के तीनों
अंगों को मुक्त रखा जाना चाहिए । अपने पूर्ववर्ती मणि शंकर अय्यर के उलट तेल
कंपनियों के मुकाबले आम जनता के हित को तरजीह देते हुए नव - नियुक्त पेट्रोलियम एवं
प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने साफ कर दिया है कि फिलहाल सरकार का घरेलू गैस
यानि एलपीजी और केरोसीन के दाम बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है । देवड़ा ने
बृहस्पतिवार को यहां सीपीएम नेता सीताराम येचुरी से मुलाकात की और उन्हें आश्वस्त
किया कि सरकार देश के गरीब और वंचित लोगों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है
और एलपीजी व केरोसीन के दामों को उनकी पहुंच के दायरे में ही बनाए रखा जाएगा ।
हालांकि देवड़ा के इस वक्तव्य में केरोसीन के दोहरे दाम निर्धारित करने की सरकार की
मंशा के भी संकेत मिल रहे हैं । देवड़ा ने कहा कि एलपीजी व केरोसीन जैसी आवश्यक
वस्तुओं के दाम गरीब व वंचित लोगों की पहुंच के दायरे में ही होने चाहिए । येचुरी
के साथ देवड़ा ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी के
मद्देनजर घरेलू स्तर पर पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों के बारे में चर्चा की । इस
बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार आम आदमी के हितों को ध्यान में रखते हुए
फिलहाल एलपीजी व केरोसीन के दामों में किसी तरह की बढ़ोतरी करने नहीं जा रही है ।
उन्होंने यह भी साफ किया कि कच्चे तेल की तेजी की वजह से ऑयल मार्केटिंग कंपनियों
की बिगड़ती आर्थिक स्थिति का समाधान भी इस तथ्य को मद्देनजर रखते हुए ही निकाला
जाएगा । इसके अलावा देवड़ा ने पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों व इनके कर ढ़ांचे को
लेकर गठित मंत्रालयों की समिति के अध्यक्ष डॉ. सी. रंगराजन से भी विचार -JOIN
विमर्श किया । देवड़ा ने कहा कि लागत से कम दाम पर पेट्रोलियम उत्पादों की बिक्री
किए जाने के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों आईओसी, बीपीसीएल, एचपीसीएल व आईबीपी को
अप्रैल - दिसंबर, २००६ के दौरान २८८९ करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा है । जबकि
पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के दौरान इन कंपनियों को ५२२३ करोड़ रुपये का लाभ
हुआ था । यह घाटा इन कंपनियों को ओएनजीसी समेत कई रिफाइनिंग कंपनियों द्वारा दी गई
९७५१ करोड़ रुपये की सहायता के बावजूद उठाना पड़ा है । ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के
मुताबिक उन्हें फिलहाल प्रत्येक एलपीजी सिलेंडर पर १३० रुपये और केरोसीन पर करीब १२
रुपये प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है । सुपरस्टार अमिताभ बच्चन को सेट पर लौटने
में अभी एक महीने का वक्त लगेगा । इसे देखते हुए उनके सर्वाधिक लोकप्रिय टीवी गेम
शो 'कौन बनेगा करोड़पति द्वितीय' (केबीसी - २) के प्रसारण में बदलाव किया गया है ।
अब हफ्ते में दो दिन ही इसका प्रसारण किया जाएगा जिससे कि अमिताभ के स्वस्थ होने तक
पहले से रिकॉर्डेड गेम शो का स्टॉक समाप्त न हो । मालूम हो कि अभी इसका प्रसारण
हफ्ते में तीन दिन किया जाता है । स्टार इंडिया के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर समीर नैयर ने
कहा कि अब शुक्रवार और शनिवार को केबीसी - २ का प्रसारण किया जाएगा । रविवार को उस
अवधि के दौरान 'साईबाबा' का प्रसारण किया जाएगा । नैयर ने कहा कि अगर इस गेम शो का
प्रसारण हफ्ते में तीन दिन किया जाए तो स्टॉक २३ दिसंबर तक चलेगा । लेकिन अगर हफ्ते
में दो बार प्रसारण होने पर यह ७ जनवरी तक चलेगा । नैयर ने कहा कि उस वक्त तक
अमिताभ स्वस्थ हो जाएंगे । हमें पहले उनकी सेहत की चिंता है । इस वक्त उनसे कारोबार
के मसले पर बातचीत नहीं की जा सकती । दलाई लामा ने कांची के शंकराचार्य जयेंद्र
सरस्वती की गिरफ्तारी को बहुत दुखद बताया है । लेकिन इसके साथ ही उन्होंने कहा कि
कानून को अपना काम करने देना चाहिए । तिब्बतियों के निर्वासित धर्मगुरु दलाई लामा
ने बंगलोर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा कि शंकराचार्य की गिरफ्तारी बहुत
दुखद है । लेकिन उन्होंने कहा, भारत में आपके पास एक अच्छी प्रजातांत्रिक व्यवस्था
और स्वतंत्र न्यायपालिका है, कानून का शासन है । जेआईएच के अध्यक्ष मोहम्मद अब्दुल
हक अंसारी ने दिल्ली में पत्रकारों से कहा कि आपराधिक मामलों में धार्मिक नेताओं के
साथ अलग बर्ताव नहीं किया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि आपराधिक मामले में किसी
खलीफा को कोर्ट में पेश किया जाए तो काजी को उसके प्रति विशेष कृपा दिखाने की जरूरत
नहीं है । कोर्ट में वह सिर्फ एक व्यक्ति है और कानून सबके लिए बराबर है । उनसे
पूछा गया था कि क्या हत्या के मामले में शंकराचार्य की गिरफ्तारी के मद्देनजर
आपराधिक मामलों के आरोपी धार्मिक नेताओं के लिए अलग कानूनी प्रक्रिया बनाई जानी
चाहिए । सैन्य अदालत ने बुधवार को उच्च पदस्थ सैन्य अफसर मेजर जनरल पी. एस. के.
चौधरी को तहलका मामले में मिले टेप के आधार पर दोषी करार देते हुए एक साल के कठोर
कारावास की सजा सुनाई और सेना से बर्खास्त कर दिया । चौधरी को तहलका के उजागर किए
हथियार सौदे में अपने व्यवसाय में अनियमितताएं बरतने और अवैध तरीके से तोहफे
स्वीकार करने का दोषी पाया गया । तहलका पोर्टल के जारी किए वीडियो टेप से मिली
जानकारियों के आधार पर डिफेंस आर्टिलेरी के डीजी लेफ्टिनेंट जनरल सी. एस. चिन्ना की
अगुवाई में सात सदस्यीय जनरल कोर्ट मार्शल (जीसीएम) ने मेजर जनरल पी. एस. के. चौधरी
को यह सजा सुनाई । आरोपी चौधरी को तहलका टेप में एक लाख रुपये नकद और एक सोने की
चेन बतौर रिश्वत लेते दिखाया गया था । २००१ में सत्ता के गलियारों व सेना में
हथियारों के दलालों को बेनकाब करने के तहलका के अभियान के तहत बिछाए जाल में चौधरी
फंस गए थे । तहलका पोर्टल ने उस समय कई वरिष्ठ अफसरों और नेताओं को अस्तित्वहीन
हथियारों की आपूर्ति करने वालों से नकदी व तोहफों की मांग करते और उन्हें लेते हुए
दिखाया था । इससे पूर्व, चंडी मंदिर स्थित जीसीएम ने इन्हीं आरोपों पर एक मेजर को
चार साल की कैद सुनाई थी और उसे सेना से बर्खास्त कर दिया गया था । अंततः सच सबके
सामने है । लेकिन उन्हें इस बात का अफसोस है कि राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण जीसीएम
का फैसला चार साल की देरी से आया है । अनिल अंबानी के नियंत्रण वाली रिलायंस एनर्जी
के उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित ७,४८० मेगावाट दादरी पॉवर प्लांट के लिए रिलायंस
इंडस्ट्रीज से गैस खरीदने को इसी महीने एक समझौते पर दस्तखत करने की उम्मीद है ।
सूत्रों ने बताया कि दादरी प्लांट के लिए गैस समझौते पर हस्ताक्षर ३ - ४ हफ्ते में
होने हैं । २०,००० करोड़ से अधिक लागत की दादरी परियोजना को विश्व के सबसे बड़े गैस
आधारित प्लांट के तौर पर बताया जा रहा है । इस प्लांट की पहली यूनिट शुरू होने पर
आरआईएल से २००८ - ०९ में गैस मिलनी शुरू हो जाएगी । आरआईएल एक पाइपलाइन के जरिए गैस
की आपूर्ति कृष्णा -JOIN गोदावरी के गैस फील्ड के सीमा क्षेत्र काकीनाडा से आएगी ।
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बंगाल की खाड़ी में १४ खरब घन फीट गैस भंडार खोज निकाला है ।
इसके चलते ऊर्जा उत्पादन २००८ के दूसरे छमाही में शुरू होने की उम्मीद है ।
अधिकारियों का कहना है कि रिलायंस ने अपनी गैस पहली दफा सरकारी नेशनल थर्मल पॉवर
प्लांट (एनटीपीसी) को बेची । एनटीपीसी रिलायंस से अपने गुजरात स्थित कवास और गांधार
पॉवर प्लांट के लिए ३० लाख टन गैस खरीदने को है । इसकी कीमत प्रति मिलियन ब्रिटिश
थर्मल यूनिट में २.९७ अमेरिकी डॉलर की दर से चुकाई जाएगी । संभवतः यही ऊंची कीमत
दादरी परियोजना के लिए भी होगी । गैस संबंधी औपचारिक समझौते दादरी परियोजना को लेकर
चल रही अनिश्चितता पर विराम लग जाएगा । रिलायंस के मालिकाना हक को लेकर चले द्वंद्व
के कारण इस परियोजना को खासे कठिन दौर से गुजरना पड़ा है । आरआईएल ने तब कुछ निवेश
योजनाओं और आरईएल को गैस आपूर्ति को लेकर सवाल उठाए थे । हालांकि महीनों बाद सुलह -
सफाई होने पर आरईएल के वार्षिक बैठक में ८ जून को अनिल अंबानी ने कहा था कि दादरी
प्लांट को आरआईएल से गैस मिलेगी । दरअसल इस परियोजना को अभी भी एक बड़ी बाधा पार
करनी है । वह है प्रोजेक्ट के लिए ऋण देने वाले अंतर -JOIN संस्थागत बैंक समूहों और
वित्तीय संस्थानों की ओर से हरी झंडी । इसी प्रिंट आउट पर यात्रा की जा सकती है.
भारतीय रेल खान - पान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) के प्रबंध निदेशक ने कहा है कि
इसी महीने से यह सुविधा लोगों को मुहैया करा दी जाएगी. रेलवे में इंटरनेट टिकटिंग
(ई टिकटिंग) की शुरुआत वर्ष २००२ में हुई थी. अभी तक इंटरनेट व मोबाइल द्वारा
क्रेडिट कार्ड के जरिए आरक्षित टिकट की बुकिंग होती है. इसके अलावा आईटीजेड कार्ड
के जरिए भी टिकट बुक होती है. लेकिन, इन तमाम माध्यमों के जरिए टिकट आने का इंतजार
करना होता है. इंटरनेट पर टिकट बुक कराने के बाद इसकी २९ डिलीवरी के लिए २४ से ७२
घंटे तक का इंतजार करना पड़ता है. लोगों को इसी समस्या से बचाने के लिए प्रिंट आउट
टिकट को वैध किया जा रहा है. इसकी स्वीकृति रेलवे बोर्ड ने प्रदान कर दी है. अब
टिकट का प्रिंट आउट निजी कंप्यूटर से या फिर साइबर कैफे से तत्काल ही प्राप्त किया
जा सकता है. टिकट के इसी प्रिंट आउट के जरिए यात्री ट्रेन में सफर कर सकते हैं. ऐसा
इसलिए किया जा रहा है ताकि प्रिंट आउट टिकट का दुरुपयोग नहीं हो सके. आईआरसीटीसी के
प्रबंध निदेशक एम. एन. चोपड़ा का कहना है कि आने वाले १५ - २० दिनों में यह सुविधा
लोगों को मुहैया करा दी जाएगी. उम्मीद है कि इससे ई - टिकटिंग पहले के मुकाबले अधिक
लोकप्रिय होगी. अभी इंटरनेट के जरिए देश भर में प्रतिदिन लगभग ६ हजार टिकट बुक होती
है लेकिन, इस सुविधा के बाद यह आंकड़ा ५० हजार तक पहुंच सकता है. वोल्कर मुद्दे पर
संसद की कार्यवाही में उत्पन्न गतिरोध को दूर करने के लिए स्पीकर सोमनाथ चटर्जी
द्वारा आमंत्रित सर्वदलीय बैठक में रक्षामंत्री प्रणव मुखर्जी और जनता दल - यू के
प्रभुनाथ सिंह आपस में उलझ पड़े और दोनों के बीच खासी नोक - झोंक हो गई. मामला तब
गरमाया जब मुखर्जी ने कड़े शब्दों में इस बात पर नाराजगी जताई कि सदन में उन्हें
बोलने तक नहीं दिया गया. दोनों ही आपस में इस कदर उलझ पड़े कि एक - दूसरे की सुनने
को तैयार ही नहीं थे. इस पर संसदीय कार्यमंत्री प्रियरंजन दासमुंशी और वित्तमंत्री
पी. चिदंबरम ने मामले को शांत करने की कोशिश की. स्पीकर सोमनाथ ने भी नेताओं को
समझाया. सिवान के विवादास्पद सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन द्वारा मुजफ्फरपुर स्थित
आरडीएस कॉलेज में एलएलबी की दूसरे वर्ष की परीक्षा में '1 शामिल होने '2 के
मद्देनजर उनके और दस अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया गया है । डीआईजी (तिरहुत
रेंज) गुप्तेश्वर पांडे ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि शहाबुद्दीन,
आरडीएस कॉलेज के प्रिंसिपल मोहम्मद तौहीद आलम, बी. आर. अंबेडकर यूनिवर्सिटी के
परीक्षा नियंत्रक उपेंद्र मिश्रा और आठ अन्य के खिलाफ काजी मोहम्मदपुर थाने में
एफआईआर दर्ज कराई गई है । पांडे ने बताया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा
४२० (धोखाधड़ी), ४६८, धारा ४७० (फर्जी दस्तावेज) और ४७१ (फर्जी दस्तावेज का सही
दस्तावेज के रूप में इस्तेमाल) समेत विभिन्न धाराओं के तहत उन लोगों के खिलाफ
प्राथमिकी दर्ज की गई है । उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक जांच में यह बात
सामने आई है कि शहाबुद्दीन खुद एलएलबी की परीक्षा देने नहीं आए थे, बल्कि एडमिट
कार्ड, अटेनडेंस शीट व अन्य फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उनके बदले किसी और ने उनकी
कॉपी लिखी । उल्लेखनीय है कि सिवान के पुलिस प्रमुख के रूप में शहाबुद्दीन के खिलाफ
'1 अभियान '2 शुरू करने वाले रतन संजय इस मामले की जांच कर रहे हैं । रतन संजय इस
समय मुजफ्फरपुर के एसपी हैं । उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की समग्र जांच की जा
रही है । दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त
कार्रवाई के दौरान मंगलवार तड़के सहारनपुर में रणवीर राठी गिरोह के कुख्यात बदमाश
जनमेजय को मार गिराया । मारा गया बदमाश जिले में ही तैनात एक सिपाही के घर में ठहरा
हुआ था, जिसे उसका रिश्तेदार बताया गया है । रणवीर राठी गिरोह के इस बदमाश की यूपी,
हरियाणा और दिल्ली पुलिस को कई मामलों में तलाश थी । जनमेजय के खिलाफ़ हत्या, लूट,
अपहरण और जबरन धन वसूली के १७ मामले थे । स्पेशल सेल के संयुक्त आयुक्त कर्नल सिंह
ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मारा गया बदमाश जनमेजय उर्फ़ मोनी मेरठ के गांव
कलंजरी का रहने वाला था । दिल्ली पुलिस से निलंबित होकर गिरोह चलाने वाले कुख्यात
रणवीर राठी गिरोह का जनमेजय शातिर अपराधी था । रणवीर राठी के पुलिस के हाथों
मुठभेड़ में मारे जाने के बाद जनमेजय के हाथों में राठी गिरोह की कमान थी । रणवीर
राठी ने तीन साथियों के साथ मिलकर मार्च में दक्षिणी दिल्ली के एक व्यापारी को धमकी
देकर बड़ी रकम की मांग की थी । इस मामले की जांच के दौरान स्पेशल सेल की टीम ने १०
मई को कालिंदी कुंज में एक मुठभेड़ के बाद रणवीर राठी को मार गिराया और गिरोह के दो
सदस्य सिंहराज और कर्मवीर को गिरफ़्तार कर लिया था । स्पेशल सेल को तभी से जनमेजय
की तलाश थी, क्योंकि व्यापारी को धमकी देकर धन की मांग वही कर रहा था । स्पेशल सेल
के डीसीपी अजय कुमार ने बताया कि शाखा के एसीपी राजवीर सिंह को सूचना मिली थी कि
जनमेजय को सहारनपुर में देखा गया है । एसीपी तत्काल इंस्पेक्टर ललित मोहन, हृदयेश
भूषण और गोविंद शर्मा की टीम को लेकर सहारनपुर पहुंचे । जनमेजय के सहारनपुर के जफ़र
नवाज़ मोहल्ले के एक मकान में छिपे होने की सूचना थी । यह इलाका थाना मंडी क्षेत्र
में पड़ता है । स्पेशल सेल की टीम ने मंडी थाने के प्रभारी निरीक्षक आलोक सिंह के
साथ बताए गए मकान में छापा मारा । पुलिस ने जनमेजय को समर्पण के लिए ललकारा तो उसने
गोली चला दी । पुलिस की ओर से बचाव में चलाई गई गोली से जनमेजय की मौत हो गई ।
ज्वाइंट सीपी कर्नल सिंह ने बताया कि जनमेजय जिस मकान में ठहरा था उसमें सहारनपुर
(यूपी) में तैनात यूपी पुलिस के दो सिपाही रहते हैं । जनमेजय इनमें से एक की पत्नी
का रिश्तेदार था । सिंह ने बताया कि जनमेजय का रिश्तेदार सिपाही कांवड़ लेने गया है
। मकान में रहने वाले दूसरे सिपाही और एक सिपाही की पत्नी से पूछताछ की जा रही है ।
जनमेजय सोमवार की शाम को ही बाइक से वहां पहुंचा था । पुलिस ने जनमेजय की बाइक और
घटनास्थल से .३० बोर की एक रिवाल्वर बरामद की है । बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट
में शपथ दाखिल कर केंद्रीय मंत्री मोहम्मद तसलीमुद्दीन के खिलाफ़ आपराधिक मामलों को
वापस लेने के अपने अपने फैसले को सही ठहराया. राज्य सरकार ने कहा कि अभियोजन द्वारा
मामले को साबित करने की संभावना नहीं थी. जस्टिस एन संतोष हेगड़े, जस्टिस बीपी सिंह
और जस्टिस एसबी सिन्हा की बेंच ने बुधवार को मामले की सुनवाई दो हफ्ते के लिए टाल
दी तथा बिहार सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर संबंधित पक्षों को
अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने की अनुमति दे दी. खंडपीठ ने तसलीमुद्दीन के खिलाफ़
मामले वापस लेने में बिहार सरकार द्वारा दिखाई गई 'जल्दबाजी' पर भी सवाल किया था.
विधि विभाग द्वारा राज्य सरकार की ओर दाखिल शपथ में साफ़ कहा गया है कि 'मामले
(तसलीमुद्दीन के खिलाफ़) को आगे बढ़ाने का कोई लाभ नहीं है, क्योंकि इसमें अभियोजन
को सफलता मिलने के आसार नहीं हैं. इस मामले को आगे बढ़ाना अदालत के कीमती समय को
बर्बाद करना होगा. हालांकि यह मामला अदालत में १९९६ से लंबित था. बिहार सरकार
द्वारा तसलीमुद्दीन के खिलाफ़ आपराधिक मामलों को जल्दबाजी में वापस लेने पर एतराज़
जताते हुए अदालत ने पिछले साल छह सितंबर को निचली अदालत को इस मुद्दे पर आगे सुनवाई
करने से रोक दिया था. बिहार सरकार ने अपनी शपथ में कहा कि मामला राजनैतिक बदले की
भावना से किया गया है. अररिया पुलिस ने अपनी फाइनल रिपोर्ट में कहा है कि साक्ष्य
अभियोजन का समर्थन नहीं करते. उल्लेखनीय है कि १४ अप्रैल १९९६ को अररिया थाने में
तसलीमुद्दीन व १२ अन्य के खिलाफ़ प्राथमिकी दर्ज हुई थी और भारतीय दंड संहिता की
धारा - १४७, १४८, ३०७ और अन्य धाराओं के तहत आरोप लगाए गए थे. १९९९ में सीजेएम
अररिया ने अपराध का संज्ञान लिया और गैर जमानती वारंट जारी किया जो तामील नहीं हुआ.
वित्त विधेयक पर बहस और मतदान में हिस्सा लेने के लिए भाजपा के नेतृत्व में राजग ने
सोमवार को एक दिन के लिए अपना बहिष्कार वापस ले लिया । राजग ने यूपीए सरकार पर
विपक्ष के प्रति शत्रुतापूर्ण व प्रतिशोधात्मक रवैया रखने के कारण तीन दिवसीय संसद
- बहिष्कार की घोषणा की थी । लेकिन राजग मंगलवार से संसद का बेमियादी बहिष्कार फिर
से शुरू करेगा । पूर्व प्रधानमंत्री और राजग के चेयरमैन अटल बिहारी वाजपेयी की
अध्यक्षता में राजग संसदीय दल की डेढ़ घंटे तक चली बैठक के बाद लोकसभा में भाजपा की
उपनेता सुषमा स्वराज ने पत्रकारों को बताया कि तमाम मुद्दों पर यूपीए सरकार का
संतोषजनक जवाब न मिलने के कारण हमें तीन दिवसीय संसद बहिष्कार का निर्णय लेना पड़ा
। मंगलवार से हमारा बेमियादी बहिष्कार जारी रहेगा । भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय
कुमार मल्होत्रा के मुताबिक़, विपक्ष ने इसलिए चर्चा में हिस्सा लिया ताकि उस पर
पिछली बार की तरह बजट में हिस्सा न लेने का आरोप न लग सके । बहिष्कार के मुद्दे पर
विचार करने के लिए मंगलवार को फिर सभी राजग सांसदों की बैठक बुलाई गई है । संसद में
बहिष्कार के फैसले पर विचार करने के लिए सोमवार को राजग के सभी सांसदों की बैठक हुई
। इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर कहा गया कि वे सरकार के रवैये के
खिलाफ सदन का बहिष्कार जारी रखेंगे । राजग के संसद के बहिष्कार का मक़सद इसी
व्यवहार के प्रति विरोध जताना है । भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि
केंद्र सरकार ने गतिरोध खत्म करने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया है । प्रधानमंत्री
ने दोनों सदनों में विपक्ष के नेता व राजग अध्यक्ष से फोन पर बात की है । पर यह
बातचीत महज औपचारिक थी । सरकार की तरफ से व्यवहार में परिवर्तन का कोई आश्वासन नहीं
मिला है । राजग के बहिष्कार को जायज़ ठहराते हुए मल्होत्रा ने कहा कि पूर्व की राजग
सरकार के दौरान कांग्रेस भी ११ दिन तक राज्यसभा का बहिष्कार कर चुकी है । राजग के
सांसदों की बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि सरकार का विपक्ष के प्रति
विरोधात्मक व्यवहार उन्हें कतई मंजूर नहीं है । संसदीय लोकतंत्र में विपक्ष की अहम
भूमिका होती है और हम उस भूमिका को निभाने के लिए हर वक्त तैयार हैं । राजग सांसदों
की बैठक में पारित प्रस्ताव में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर भी निशाना साधा गया है
। प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रधानमंत्री इतने असंवेदनशील हो गए हैं कि राजनीतिक
आचरण के स्थापित मानदंडो को त्यागकर उनके लिए केवल अपनी कुर्सी बचाना महत्वपूर्ण है
। फ्रांस के बाद नीदरलैंड द्वारा यूरोपीय संघ के प्रस्तावित संविधान को खारिज किए
जाने के बाद दूसरी बार पराजय का सामना कर रहे यूरोपीय नेताओं ने २५ सदस्यीय संघ के
भविष्य को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विचार करने का आह्वान किया है. तीन दिन पहले
फ्रांस में ५५ प्रतिशत मतदाताओं द्वारा प्रस्तावित संविधान के खिलाफ़ मत देने के
बाद बुधवार को नीदरलैंड में कराए गए जनमत संग्रह के शुरुआती नतीजों में ६२ प्रतिशत
मतदाताओं ने संविधान को खारिज कर दिया. इससे पहले लातविया के सांसदों ने सर्वसम्मति
के साथ संविधान को मंजूरी दे दी थी, लेकिन फ्रांसीसी और डच मतदाताओं द्वारा
प्रस्ताव के खिलाफ़ जाने से संविधान खटाई में पड़ गया है. यूरोपीय संविधान को लागू
करने के लिए संघ के सभी २५ देशों की मंजूरी जरूरी है. वहीं इटली के प्रधानमंत्री
सिलवियो बरलूसकोनी ने कहा कि नीदरलैंड और फ्रांस की ओर से संविधान को खारिज करने के
बाद किसी के पास यूरोप के भविष्य को लेकर कोई जवाब नहीं है. उन्होंने कहा कि यह ऐसे
सवाल हैं, जो हम अपने आप से कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज ऐसा कोई भी व्यक्ति
नहीं है, जिसके पास ऐसा कोई जवाब हो, जो सबके लिए वैध हो. फ्रांस के राष्ट्रपति जाक
शिराक ने कहा कि नीदरलैंड का फैसला यूरोपियन प्रौजेक्ट के घटनाक्रम को लेकर
उम्मीदें, सवाल और चिंताएं पैदा करता है. शिराक के कार्यालय से जारी बयान में दोनों
देशों की ओर से संविधान को खारिज करने के नतीजों का विश्लेषण करने का आह्वान किया
गया है, लेकिन बहुत से लोगों का मानना है कि संविधान की पुष्टि के लिए दबाव बनाने
का कोई मतलब नहीं है. प्रस्ताव का समर्थन करने वाले जर्मन विपक्ष नेता बूटर बोस ने
कहा कि उनका मानना है कि कहानी खत्म हो चुकी है और दो महत्वपूर्ण देशों ने प्रस्ताव
खारिज कर दिया है. सरकार ने मंगलवार को कहा कि पेंशन विधेयक लाने से पहले इस पर
संसद में और बाहर व्यापक चर्चा कराई जाएगी. इसके साथ ही सरकार ने निजी क्षेत्र के
लिए पेंशन फंड खोलने से इसके दुरुपयोग का खतरा बढ़ने को लेकर आशंका दूर करने की
कोशिश की. वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने प्रश्नकाल के दौरान राज्यसभा में कहा कि
करीब ९ - १० राज्यों ने नई पेंशन स्कीम को स्वैच्छिक रूप से अपनाया है और उनके
अनुभवों से पता चलता है कि इसका उनकी अर्थव्यवस्थाओं पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ा
है. उन्होंने कहा कि यह आशंका सही नहीं है कि पेंशन फंड निजी क्षेत्र के लिए खोलने
से इसके दुरुपयोग का खतरा बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि पेंशन निधि नियमन विकास
प्राधिकरण सुनिश्चित करेगा कि एक नियमन व्यवस्था हो. उन्होंने कहा कि पेंशन क्षेत्र
में विदेशी शेयर की भागीदारी के संबंध अभी तक कोई फैसला नहीं किया गया है. वित्त
मंत्री पी. चिदंबरम इस साल मार्च से पहले सरकारी कंपनियों में विनिवेश के ज़रिए
पांच हज़ार करोड़ रुपये जुटाने का मंसूबा बांधे बैठे हैं. लेकिन वाम दलों ने साफ़
कर दिया है कि वे वित्तमंत्री की योजना की हवा निकालने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे.
वामदलों ने मार्च में अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश की भारत की यात्रा का
विरोध करने का फैसला किया है. वाम समन्वय समिति की सोमवार को यहां हुई बैठक में यह
फैसला किया गया. वामदलों ने पेंशन फंड को निजी हाथों में सौंपे जाने की यूपीए सरकार
की तैयारियों को भी करारा झटका दिया है. वामदलों ने दोटूक लहजे में कह दिया है कि
पेंशन फंड को निजी हाथों में देने की सरकार की योजना का जोरदार विरोध किया जाएगा.
बैठक के बाद अमर उजाला से बातचीत करते हुए आरएसपी के अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य
अबनी राय ने कहा कि लाभ में चल रही सरकारी कंपनियों की इक्विटी बेचे जाने का विरोध
किया जाएगा. इसी मुद्दे पर फैसला लेने के लिए आज वाम समन्वय समिति की बैठक हुई थी.
वामदल यूपीए सरकार व वाम समन्वय समिति की अगली बैठक में संसाधन जुटाने से संबंधित
अपना प्रस्ताव यूपीए सरकार को सौंपेंगे. माकपा व भाकपा के महासचिव क्रमशः प्रकाश
करात व ए. बी. वर्द्घन ने यह जानकारी दी. बैठक अगले हफ़्ते होने की संभावना है.
बैठक में दिल्ली व मुंबई हवाईअड्डों के निजीकरण का मामला भी उठाया जायेगा. राय के
मुताबिक पेंशन फंड को निजी हाथों में सौंपना एक खतरनाक कदम होगा. हम कभी इसकी
इजाज़त नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि वामदलों ने आज की बैठक में दिल्ली और मुंबई
हवाई अड्डे के निजीकरण के मुद्दे पर भी विचार किया. लेकिन इस पर फैसला यूपीए और वाम
समन्वय समिति की साझा बैठक के लिए टाल दिया गया. वामदल बुश की यात्रा के खिलाफ़
जनमानस में माहौल बनाने के लिए देश भर में अभियान चलाएंगे. बुश की यात्रा के दौरान
एक विशाल विरोध मार्च का भी आयोजन किया जाएगा. विश्व भर में करोड़ों टीवी दर्शकों
की उत्सुकता भरी निगाह के बीच मिस ऑस्ट्रेलिया जेनिफर हॉकिंस को मिस यूनिवर्स -
२००४ का ताज पहनाया गया । करीब दो घंटे चले कार्यक्रम में विभिन्न देशों की ८०
सुंदरियों के बीच २० वर्षीय हॉकिंस को सर्वश्रेष्ठ आंका गया । भारत की तनुश्री
दत्ता अंतिम १० प्रतिभागियों में ही स्थान बना पाई । हॉकिंस ने कहा कि जीत के बारे
में उसने सपने में भी नहीं सोचा था । सौंदर्य की यह शीर्ष प्रतियोगिता क्विटो के
कन्वेंशन सेंटर में मंगलवार देर रात शुरू हुई । करीब ७५०० विशिष्ट दर्शकों की
मौजूदगी में विश्व की सर्वश्रेष्ठ सुंदरी के चयन की कवायद शुरू हुई । हर चरण के बाद
लोगों की सांसे थमने लगतीं । टीवी पर लुत्फ उठा रहे दर्शक अपने देश व क्षेत्र की
सुंदरी की प्रतियोगिता में स्थिति के बारे में व्यग्र रहे । फाइनल में पहुंचने वाली
पांच प्रतिभागियों में मिस पेराग्वे यानिना गोंजालेज और मिस त्रिनिदाद व टोबैगो
डेनियल जोंस भी शामिल थीं । गोंजालेज और जोंस क्रमशः तृतीय व चतुर्थ उप विजेता
घोषित की गईं । तीन उपविजेताओं की घोषणा हो जाने के बाद मुक़ाबला हॉकिंस और फिनेजी
में बचा था । उत्तेजना के इस चरम पर इन दोनों प्रतिभागियों ने अंतिम परिणाम की
घोषणा के पूर्व एक - दूसरे को बांहों में भर लिया । पांच फुट ११ इंच लंबी, नीली
आँखों वाली हॉकिंस को मिस यूनिवर्स - २००३ एमीलिया वेगा ने ताज पहनाया । हॉकिंस ने
अपनी बेलौस मुस्कान और हाथ हिलाकर दर्शकों का अभिवादन किया । मॉडलिंग, नृत्य और
कोरियोग्रॉफी से ताल्लुक रखने वाली हॉकिंस सफॉग के अलावा फिल्में देखने और
ऑस्ट्रेलियाई बैले की शौकीन हैं । उन्हें परिवार के साथ छुट्टियाँ बिताना, पिता के
साथ फुटबाल देखना और पढ़ना भी उन्हें अच्छा लगता है । सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर
आभूषण डिजाइनर बन गयी हैं । लता के नाम से यह ब्रांड बाजार में आभूषण उतारेगा । लता
ने कहा कि हीरा से उनका लगाव वर्षो पुराना है । बचपन से ही वे हीरे की चमक से
प्रभावित रही हैं । लता ने तो इतना तक कहा कि गायन के बाद अगर उनका सबसे अधिक लगाव
किसी चीज से रहा है तो वह है हीरा । एडोरा डायमंड्स के लिए डिजाइनर बनने की योजना
कैसे सूझी, यह पूछे जाने पर लता ने कहा कि एक दिन वे एडोरा के स्टोर में खरीदारी कर
रही थीं । अचानक एडोरा के निदेशक प्रबीर चटर्जी मेरे सामने आए और उन्होंने मुझे
आभूषण डिजाइनर बनने का प्रस्ताव रखा । मुझे उनका यह प्रस्ताव पसंद आया । मैंने उसी
समय अपनी स्वीकृति दे दी । इसके बाद लता ने प्रबीर को अपने द्वारा तैयार कुछ डिजाइन
दिखाए जिन्हें प्रबीर ने पसंद कर लिया । लता ने कहा कि उनके द्वारा डिजाइन आभूषण
भारतीय बाजार में जल्द ही उपलब्ध होने जा रहे हैं । इन आभूषणों पर लेजर तकनीक के
जरिए उनका नाम भी लिखा जाएगा । यह लिखावट हस्ताक्षर के रूप में होगी । लता ने बताया
कि उनके पिता भी आभूषण के शौकीन हुआ करते थे । यह अलग बात है कि सीमित आय होने के
कारण वे अपने शौक को पूरा नहीं कर पाते थे । लता ने बताया कि गायिका बनने के बाद ही
उन्होंने आभूषण पहनना शुरू किया । लता ने बताया कि १९४९ से हीरे के प्रति उनका लगाव
काफी बढ़ गया । उनके आदर्श गायक के. एल. सहगल के भाई की कई हीरा कारोबारियों से जान
- पहचान थी । मैं सहगल साहब के भाई के माध्यम से हीरे के आभूषण खरीदने लगी । लता ने
बताया कि जब कभी वे पेरिस, टोक्यो, लंदन या अन्य शहरों में होती हैं तो हीरा
दुकानों को खंगालना नहीं भूलतीं । उन्होंने अतीत में खोते हुए बताया कि मैंने एक
बार अपने राखी भाई शिवाजी गणेशन से उनके लिए हीरे की चूड़ियां लाने को कहा था ।
नवनिर्वाचित कांग्रेसी विधायकों की राय जानने के बाद दिल्ली लौटे पर्यवेक्षकों ने
देर शाम अपनी रिपोर्ट कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंपी । कांग्रेस के जाट
विधायकों ने जाट मुख्यमंत्री पद के लिए दबाव बढ़ा दिया है लेकिन भजनलाल समर्थक अब
भी पुख्ता दावा पेश करने में लगे हैं । सोनिया गांधी की ओर से बृहस्पतिवार तक
मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला कर लेने की संभावना है । सीएम पद के लिए भजन खेमें और
उसके विरोधी खेमें दिन भर सक्रिय रहे । मुख्यमंत्री पद के लिए प्रदेशाध्यक्ष भजन
लाल, भूपेंद्र सिंह हुडा, बीरेंद्र सिंह, कुमारी शैलजा और रणदीप सुरजेवाला का नाम
प्रमुख तौर पर जहां चर्चा में था वहीं बुधवार को शमशेर सिंह सुरजेवाला का नाम भी
चर्चा में आ गया । इसकी पुष्टि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भी की । हरियाणा में
विधानसभा चुनाव जीतने के बाद अब कांग्रेस के लिए सीएम का चयन प्रमुख चुनौती बना हुआ
है । कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष भजन लाल का पलड़ा आंकड़ों और तजुर्बे के लिहाज से भारी
है यह शुरू से ही माना जा रहा है । लेकिन भजन विरोधी खेमें में शुमार सात सांसदों
सहित हुड्डा खेमे के विधायकों ने बीते रोज चंडीगढ़ में पर्यवेक्षकों के सामने मुखर
विरोध कर अपना संदेश हाईकमान को देने का प्रयास किया । सीएम पद की दौड़ में मंजिल
तक पहुंचने का खेल बुधवार को अंतिम चरण में दिखाई दिया । भजन खेमे के एक जाट नेता
द्वारा विरोधी खेमे में शामिल होने की चर्चाएं भी दिन भर रहीं । तो तटस्थ चले आ रहे
एक किसान नेता के भजन खेमे को समर्थन दिए जाने की बातें भी देर शाम तक सियासी
गलियारों में बनी हुई थीं । हरियाणा के लिए तैनात किए गए केंद्रीय पर्यवेक्षक पीएम
सईद, अशोक गहलोत और जनार्दन द्विवेदी ने शाम करीब साढ़े चार बजे पार्टी अध्यक्ष
सोनिया गांधी से मुलाकात की । जो करीब आधे घंटे तक चली । मीडिया से बातचीत में
हरियाणा के प्रभारी और तीन पर्यवेक्षकों में से एक जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि
उन्होंने विधायकों की राय से संबंधित रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष को सौंप दी है ।
हरियाणा का मुख्यमंत्री कौन होगा यह निर्णय सोनिया गांधी ही करेंगी । उधर हुड्डा और
भजन खेमे के विधायक बुधवार को भी दिल्ली में जमे रहे । सूत्रों ने बताया कि सीएम पद
के दावेदार हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष भजन लाल ने संसद में पार्टी अध्यक्ष सोनिया
गांधी से मुलाकात की । सूत्रों ने कुछ और दावेदारों द्वारा सोनिया से मुलाकात किए
जाने की बात कही है । लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी । सीएम पद की दौड़ एक बार फिर
जाट बनाम गैर जाट के केंद्र बिन्दु पर सिमट चुकी है । माना जा रहा है कि भजन विरोधी
खेमा पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी के समक्ष यह साबित करने में जुटा हुआ है कि
प्रदेश में कांग्रेस की जीत में जाटों का भारी योगदान है । लिहाजा नेतृत्व के लिए
इसी वर्ग को प्राथमिकता दी जाए । दस जनपथ के लिए फैसला करना आसान नहीं रह गया है ।
भजन समर्थकों का तर्क है कि भजन लाल हरियाणा में गैर जाटों के निर्विविवाद
कांग्रेसी नेता हैं । फिलहाल दस जनपथ के सामने सभी गुटों के समर्थक मौजूद थे । उनका
कहना है कि ऐक्टिंग क्लास में इसकी बारीकियों को नहीं समझ पाने का उन्हें काफी दुख
है । मैंने बीएससी की डिग्री तो ली लेकिन अब तक इसका सदुपयोग नहीं कर पाया ।
ग्रेजुएशन के बाद यदि अभिनय के किसी कोर्स में दाखिला ले लिया होता, तो कैरियर के
शुरुआती दौर में मुझे उतनी दुश्वारियों का सामना नहीं करना पड़ता । आज की तुलना में
तब ऐक्टिंग सिखाने वाली संस्थानों की काफी कमी थी । कोर्स करने पर मुझे अपनी
कमजोरियों पर विजय पाने में मदद मिलती । अमिताभ बच्चन का मानना है अभिनय का कोर्स
करने से कलाकार के अंदर की कला को निखारने में मदद मिलती है । बॉलीवुड स्टार आमिर
खान का कहना है कि उन्हें भी अभिनय का कोर्स नहीं करने का बेहद दुख है । उनका भी
मानना है कि ऐक्टिंग स्कूल में अभिनय क्षमता को निखारने में मदद मिलती है । इस मौके
पर मौजूद बॉलीवुड के दिग्गज निर्देशक यश चोपड़ा व सुभाष घई ने बताया कि ऐक्टिंग
स्कूल की यह परियोजना अनुपम खेर का एक सपना है जिसे साकार करने के लिए वे पिछले कई
वर्षो से प्रयासरत थे । अभिनय में कैरियर बनाने के इच्छुक लोगों के लिए यहां तीन
महीने का कोर्स शुरू किया गया है । फूलों की घाटी को विश्व धरोहर घोषित करने की
कवायद शुरू हो गई है । इस सिलसिले में संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था इंटरनेशनल
यूनियन फॉर कंजरवेशन ऑफ नेचर (आईयूसीएन) के द्विसदस्यीय वैज्ञानिक दल ने आज घाटी का
अध्ययन शुरू कर दिया है । सर्वे कार्य तीन दिन तक चलेगा । यदि इस घाटी को विश्व
धरोहर की मान्यता दी गई तो यह इस तरह की मान्यता वाला भारत का छठा क्षेत्र होगा ।
वल्र्रर्ड हैरिटेज की मान्यता मिलने पर घाटी में पर्यटकों की संख्या तेजी से
बढ़ेगी, ऐसा लोगों का मानना है । अध्ययन दल के सदस्य के रूप में डा. आईकलग्रीन और
सुश्री जैरजीनापई कल नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क के मुख्यालय जोशीमठ पहुंचे थे । आज
उन्होंने फूलों की घाटी का सर्वे शुरू किया । नंदा देवी पार्क के प्रभागीय
वनाधिकारी ए. के. बैनर्जी भी उनके साथ दौरे पर हैं । वर्ष १९३८ में ब्रिटिश
पर्वतारोही फ्रैंक स्मिथ ने भ्यूंडार के ऊपरी हिस्से में यह घाटी खोजी और देखते ही
देखते इसकी ख्याति पूरी दुनिया में फैल गई । लोगों का रुझान इसकी ओर बढ़ा तो वहां
फूलों के बजाय प्लास्टिक कचरा भरने लगा । लंबे समय तक शासन ने भी इस ओर ध्यान नहीं
दिया । तीन वर्ष पूर्व नंदादेवी राष्ट्रीय पार्क के प्रभागीय वनाधिकारी ए. के.
बैनर्जी ने अपने स्टाफ तथा ग्रामीणों के सहयोग से वहां प्लास्टिक कचरा हटाने की
मुहिम शुरू की । ईको विकास समिति भ्यूंडार के बैनर तले लामबंद हुए ग्रामीणों ने भी
इसमें अहम भूमिका निभाई और गत वर्ष फूलों की घाटी से चौदह हजार बोरी प्लास्टिक कचरा
निकाला गया । इस मुहिम का विश्वव्यापी प्रचार हुआ । इसी से प्रभावित होकर विश्व में
प्रकृति संरक्षण का अभियान चला रही अंतर्राष्ट्रीय संस्था आईयूसीएन ने दो वैज्ञानिक
घाटी में भेजे हैं । इस घाटी को वर्ष १९८२ में राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था
। वर्ष २००० में इसे नंदादेवी वायोस्फेयर रिजर्व के अधीन किया गया । यह सीमांत
क्षेत्र में नंदादेवी वायोस्फेयर के बाद दूसरा कोर जोन हुआ । राष्ट्रीय पार्क
प्रशासन के मुताबिक देश में अभी तक काजीरंगा तथा मानस (असम), क्येलादेव पक्षी विहार
(राजस्थान), सुंदर वन (बंगाल) तथा नंदा देवी (उत्तरांचल) विश्व धरोहर घोषित किए जा
चुके हैं । सुनामी प्रभावित राज्यों में अब बचाव और राहत अभियान का सारा फोकस
पुनर्वास और महामारी रोकने पर है । केंद्र ने सुनामी से बुरी तरह प्रभावित कार
निकोबार के लिए आपात चिकित्सा सुविधाओं के साथ डॉक्टरों का दल भेजा है । केंद्र
सरकार ने तीन प्रभावित राज्यों तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और केरल के लिए आपदा प्रबंधन
सचिव ए. के. रस्तोगी की अध्यक्षता में दस - दस सदस्यीय दलों का गठन किया है । ये दल
नुकसान और पुनर्निर्माण का आकलन करेंगे । इसमें सरकार सुनामी के कहर से हुए नुकसान
तथा राहत व बचाव कार्यो की जानकारी विपक्ष समेत सभी दलों को देगी । समझा जाता है कि
केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने आज शाम प्रधानमंत्री के साथ इस बारे में विचार
किया । गौरतलब है कि मनमोहन सिंह ने इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा बताया है, लेकिन
उन्होंने इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की है । सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट सचिव बी. के.
चतुर्वेदी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में प्रभावित
राज्यों में केंद्रीय दल भेजने का फैसला किया गया । ये टीम ४ जनवरी से तीनों
राज्यों का तीन दिन का दौरा करेंगी । इन तीनों ही टीमों के प्रमुख रस्तोगी होंगे ।
सरकार उन्हें जाल और नौकाएं उपलब्ध कराने के लिए तुरंत कदम उठा रही है । सिंह ने
प्रभावित इलाकों में महामारी फैलने की आशंका को सिरे से खारिज कर दिया । केंद्र
सरकार ने रविवार को अधिकृत तौर पर ९१४५ लोगों के मरने और पांच हजार से ज्यादा लोगों
के लापता होने की पुष्टि भी की है । तमिलनाडु के नागपट्टिनम में पल - पल बीतने के
बाद तबाही का भयावह रूप सामने आ रहा है । अकेले यहीं मृतक संख्या छह हजार पहुंच
चुकी है । जिले के दो सौ किमी लंबे तटीय इलाकों के ९८ राहत शिविरों में अब भी ८५
हजार लोग शरण लिए हुए हैं । लोगों के मन में आज भी सुनामी का खौफ समाया हुआ है ।
इसी वजह से लोगों ने त्रासदी के हफ्ते भर बाद भी गांव लौटने से इनकार कर दिया ।
अंडमान निकोबार में राहत और बचाव का काम देख रहे गृहराज्य मंत्री श्रीप्रकाश
जायसवाल ने रविवार को कहा, मृतकों की गिनती से ज्यादा अब बचे लोगों तक राहत
पहुंचाना जरूरी है । सेना के तीनों अंगों के जवान युद्ध स्तर पर राहत अभियान में
जुटे हुए हैं । नौसेना के जहाजों और वायुसेना के हेलीकॉप्टरों और विमानों से राहत
सामग्री जरूरतमंदों तक पहुंचाई जा रही है । कांग्रेस ने झारखंड में शिबू सोरेन की
सरकार बनाने के बाद अब बिहार में राजद नेतृत्व की सरकार बनवाने के प्रयास तेज कर
दिए हैं । बिहार के राज्यपाल को कांग्रेस ने राजद के समर्थन में सौंप दिया है,
लेकिन इस कोशिश में यूपीए को एक बनाए रखने के लिए कांग्रेस के रणनीतिकारों को एड़ी
चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है । राजद को समर्थन की चिट्ठी लिखे जाने से पासवान को
तगड़ा झटका लगा है । बिहार में पासवान के साथ तालमेल करके लड़ने वाली कांग्रेस ने
आज राजद को समर्थन तो भेज दिया, लेकिन उससे राम विलास पासवान भड़क गए हैं ।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कहने पर बिहार के प्रभारी हरिकेश बहादुर ने रांची
से ही यह आरजेडी को भेज दिया है । कांग्रेस ने राजद के नेतृत्व में सरकार के गठन की
कोशिशों के तहत आज राजद को समर्थन की चिट्ठी जारी करके एक नया मोरचा खोल दिया है ।
राजद और कांग्रेस अब इस कोशिश में लग गए हैं कि राजद को एक बार राज्यपाल बूटासिंह
किसी तरह सरकार बनाने का आमंत्रण दे दें तो वह अपना बहुमत भी किसी तरह साबित कर
देंगे । अब तक के संख्याबल पर गौर किया जाए तो बिहार में कांग्रेस के १० विधायकों
के साथ ही वामदलों के चार व एनसीपी के तीन और बीएसपी के दो विधायकों का समर्थन
आरजेडी के ७४ विधायकों को मिल रहा है जो करीब ९४ होता है । यह संख्या राजग के ९२ से
ज्यादा बैठती है । इसके साथ ही वह राज्य में सबसे बड़ा मोरचा होने के निकट पहुंचता
है । चुनाव बाद की इस रणनीति में चुनाव पूर्व तालमेल में अहम भूमिका निभाने वाले
अर्जुनसिंह और माखनलाल फोतेदार की भी राय ली जा रही है लेकिन सारा आपरेशन दस जनपथ
से संचालित हो रहा है । रांची में बैठे हरिकेश बहादुर भी इस आपरेशन में लगे हुए हैं
। कांग्रेस के समर्थन का पत्र जारी करने के बाद रामविलास पासवान के लिए भी पीछे
वापसी का रास्ता खुल गया है । कांग्रेस की कार्रवाई से साफ हो गया है कि पासवान के
सभी विकल्प समाप्त हो गए हैं क्योंकि वह भाजपा और राजद के बगैर १३२ विधायकों की
सरकार बनाने की बात कर रहे थे, जो कांग्रेस के इस समर्थन के बाद समाप्त हो गई है ।
लेकिन, निष्पक्ष चुनाव के लिए दृढ़प्रतिज्ञ निर्वाचन आयोग इस (राजनीतिक तिकड़ी) पर
सख्त प्रहार करने में कोई चूक नहीं कर रहा है । आयोग के निर्देश पर शनिवार को उनके
तथा चार अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई । इधर उत्तर प्रदेश के निर्वाचन आयोग
ने पंचायत चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए बिजनौर के डीएम
को तत्काल हटाने के निर्देश दिए हैं । उनके स्थान पर वरिष्ठतम अधिकारी को वहां
तैनात करने को कहा है । इसी घटना के मद्देजनर आयोग ने शुक्रवार को बिजनौर के
दारानगर गंज क्षेत्र में प्रदेश के गन्ना राज्यमंत्री स्वामी ओमवेश तथा पूर्व आईएएस
आर. के. सिंह के भ्रमण पर रोक लगा दी थी । इसके अलावा जालौन में जिला एवं क्षेत्र
पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के मतदान के दौरान हिंसा के बाद भाजपा सांसद भानु प्रताप
वर्मा के खिलाफ भी पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है । दो टीमें दिल्ली तथा लखनऊ भी
भेजी गई हैं । लेकिन भाजपा सांसद अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं । शनिवार को
पुलिस ने उनकी मार्शल जीप नंबर यूपी - ९२ - डी - २६२६ सीज कर ली और रिवाल्वर का
लाइसेंस निलंबित करने का नोटिस दिया । शनिवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शशिकांत
उपाध्याय ने सपा प्रत्याशी शिशुपाल सिंह यादव की हत्या के प्रयास तथा कई मतदान
केंद्रों में मतपेटियों में पानी व स्याही डालने के आरोप में भाजपा सांसद, उनके गनर
शिवकरन सिंह तथा दिरावटी से भाजपा के जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी बिहारीलाल उर्फ
मुलायम सिंह निरंजन के विरूद्ध गैरजमानती वारंट जारी किया था । इधर भाजपा का कहना
है कि सत्ता की हनक और सपाहियों के दबाव के तहत सांसद व अन्य लोगों पर फर्जी
मुकदमें लगाए गए हैं । पुलिस अधीक्षक डा. के. एस. प्रताप कुमार ने बताया कि सपा
भानुप्रताप वर्मा के गनर शिवकरन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया था ।
शिवकरन सिंह ने अभी तक अपनी आमद पुलिस लाइन में दर्ज नहीं कराई है । बिहार में जमुई
जिले के खेड़ा थाने में दर्ज एफआईआर में जयप्रकाश यादव, उनके भाई विजय प्रकाश,
निलंबित थाना प्रभारी मुकेश्वर प्रसाद, निर्दलीय प्रत्याशी अशोक राम और राजद
कार्यकर्ता बटोली यादव को नामजद किया गया है । जमुई के एसपी अरविंद कुमार ने बताया
कि जयप्रकाश यादव तथा निलंबित थाना प्रभारी के खिलाफ विजय प्रकाश को अवैध रूप से
छुड़ाने की साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है । राजधानी समेत उत्तर
भारत के अधिकतर क्षेत्रों को शनिवार रात झमाझम बारिश ने तर - बतर कर दिया । बादल
देर रात तक गरज - गरज कर बरसते रहे । जिससे राजधानी का पारा तीन डिग्री सेंटीग्रेट
नीचे तक लुढ़क गया । आने वाले चौबीस घंटों के दौरान राजधानी में अच्छी बारिश होने
की संभावना है । बारिश के साथ चलने वाली तेज हवाओं ने मौसम सुहावना बना दिया ।
मूसलाधार बारिश से सड़कों पर जगह - जगह पानी भर गया जिससे यातायात व्यवस्था
प्रभावित रही । हरियाणा से मिली खबर के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में शनिवार को
अचानक हुई बारिश से मंडियों में बिक्री के लिए पहुंचे धान को काफी नुकसान हुआ ।
किसानों ने आरोप लगाया कि समय पर धान खरीद न होने के कारण किसानों की यह हालत हुई
है । ढेरियों को ढंकने के लिए भी पूरे प्रबंध नहीं किए गए । हिमाचल प्रदेश की ऊंची
चोटियों पर बर्फबारी और मध्यम व निचले इलाकों में बारिश से जाड़े जैसा मौसम बन गया
। शिमला और उसके आसपास के इलाकों में जमकर बरसात हुई । शनिवार की रात अचानक आई तेज
बारिश ने राजधानी के मौसम को खुशनुमा बना दिया । मौसम विभाग के एक वैज्ञानिक के
मुताबिक सामान्य तौर पर अक्तूबर के महीने में इस तरह की बारिश नहीं होती है । इस
तूफान की दिशा उत्तरी और उत्तर पूर्व थी । शनिवार को ही दिन में दिल्ली और हरियाणा
के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनना शुरू हो गया था । इसलिए कच्छ की खाड़ी में बने
तूफान की नमी को हरियाणा और दिल्ली के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र ने अपनी ओर
खींचना शुरू कर दिया । देर रात साढ़े आठ बजे के करीब दिल्ली और उत्तरी भारत के
अधिकतर शहरों में तेज बारिश शुरू हो गई । जम्मू कश्मीर, पंजाब, राजस्थान और उत्तर
प्रदेश के कुछ उत्तरी - पश्चिमी इलाकों में भी बारिश होने के समाचार मिले हैं ।
मौसम विभाग के मुताबिक अगले चौबीस घंटों तक बारिश जारी रहेगी । जिससे तापमान में
कमी आएगी । शनिवार की रात बारिश से पहले राजधानी का तापमान २७ डिग्री सेंटीग्रेट था
। लेकिन तेज बारिश होने की वजह से राजधानी का तापमान ३ डिग्री सेंटीग्रेड नीचे
लुढ़ककर २४ डिग्री सेंटीग्रेट पर पहुंच गया । तेज बारिश के साथ राजधानी में करीब ८०
किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं । हालांकि इससे अभी तक किसी जान
- माल के नुकसान का पता नहीं चल पाया है । शांति व अहिंसा के देवदूत महात्मा गांधी
की जयंती के दिन शनिवार को नागालैंड और असम आतंकवादी हमलों से थर्रा उठे । नागालैंड
के वाणिज्यिक शहर दीमापुर में सुबह हुए सिलसिलेवार दो जबरदस्त बम विस्फोट में २६
लोगों की मौत हो गई और १०० से ज्यादा लोग घायल हो गए । केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज
पाटिल ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पूर्वोत्तर की ताजा स्थिति की
जानकारी दी । पाटिल रविवार को नागालैंड पहुंच रहे हैं । नागालैंड में हुए विस्फोट
भीड़भाड़ वाले दीमापुर स्टेशन और हांगकांग बाजार में किए गए । दीमापुर पुलिस
कंट्रोल रूम में तैनात इंस्पेक्टर सी. कुकी ने बताया कि पहला विस्फोट ९.३० मिनट पर
दीमापुर रेलवे स्टेशन पर हुआ । इस विस्फोट में १२ लोग मारे गए और ६० अन्य घायल हो
गए । स्टेशन पर उस समय काफी भीड़भाड़ थी क्योंकि कुछ ही देर में गुवाहाटी व अपर असम
के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेन आने वाली थी । प्लेटफॉर्म पर काफी संख्या में छात्र
भी थे, जो असम के कर्बी आंगलांग जिले से बोकाजान जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर
रहे थे । पुलिस के मुताबिक प्रवेश द्वार के पास हुआ विस्फोट इतना जबरदस्त था कि
स्टेशन मास्टर का कार्यालय, रिजर्वेशन काउंटर व पूछताछ काउंटर पूरी तरह नष्ट हो गए
। इस विस्फोट में प्लेटफॉर्म की छत भी उड़ गई । इस हादसे में घायल एक व्यक्ति ने
बताया कि विस्फोट के बाद घटनास्थल पर मानव अंग बिखरे पड़े थे और पूरे प्लेटफॉर्म पर
खून के छींटे नजर आ रहे थे । इसके कुछ मिनट बाद ही दूसरा विस्फोट हांगकांग बाजार
में हुआ । इस विस्फोट में १० लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और ४० अन्य घायल हो गए
। पुलिस के अनुसार बाद में चार घायलों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया । उन्होंने इन
हादसों की जांच के लिए नागालैंड के कमिश्नर टी. एन. मानेन की अध्यक्षता में तीन
सदस्यीय जांच दल का गठन कर दिया है । पुलिस के अनुसार भारी हथियारों से लैस
एनडीएफबी के पांच आतंकियों ने राज्य के धुबरी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग ३१ पर
मकरीजोरा साप्ताहिक बाजार पर शाम ५.३० बजे धावा बोलकर ११ लोगों को मार डाला और चार
अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया । ठीक उसी समय इसी जिले में अंगारकाटा में
ग्रेनेड से हमला कर चार लोगों को मौत के घाट उतार दिया । जिले में एक अन्य हमले में
एनडीएफबी के आतंकियों ने गुवाहाटी से बिहार जा रहे एक ट्रक को निशाना बनाया और तीन
लोगों को घायल कर दिया । राज्य के मोरीगांव जिले में एक पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड
फेंककर आतंकियों ने एक व्यक्ति को मार डाला व एक अन्य को घायल कर दिया । एक अन्य
घटना में राज्य के चिरांग जिले में शांतिपुर बाजार इलाके में इसी संगठन ने आज सुबह
जबरदस्त बम विस्फोट कर दो लोगों को मार डाला और अन्य १६ को जख्मी कर दिया । इस हमले
में १० से ज्यादा लोग घायल हो गए । इसी जिले के अभयपुरी में आतंकियों ने ग्रेनेड से
हमला कर मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को मार डाला । राज्य के कर्बी आंगलांग जिले के
दिफू में आतंकियों ने ट्रेन पर गोलीबारी कर सीआरपीएफ के एक जवान को मार डाला । ये
आतंकी एक पुल को उड़ाने की योजना बना रहे थे । दिल्ली में हाईफाई फैशन का केंद्र एम
जी - वन मॉल पर बृहस्पतिवार को भी दिन भर फैशन डिजाइनर प्रदर्शन करते रहे और दूसरी
ओर एमसीडी के हथौड़े चलते रहे । दिल्ली उच्च न्यायालय ने महरौली - गुड़गांव रोड
(एम. जी. रोड) पर बने मॉल मालिकों और नामीगिरामी फैशन डिजाइनरों को फिलहाल कोई राहत
देने से इन्कार कर दिया है । मॉल मालिकों की याचिका पर शुक्रवार को भी सुनवाई होगी
। न्यायमूर्ति विजेंद्र जैन और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की खंडपीठ के समक्ष एम. जी.
रोड पर बने मॉल के शोरूम मालिकों ने याचिका दायर कर निगम द्वारा मॉल तोड़ने के
नोटिस पर रोक लगाने की मांग की थी । याचिका में कहा गया है कि मॉल अवैध नहीं है
लेकिन निगम ने इन्हें अवैध ठहराते हुए तोड़ने का नोटिस जारी कर दिया है । अतः निगम
की कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगाई जाए, मगर खंडपीठ ने रोक लगाने से इन्कार कर
दिया । अब निगम दस्ते हथौड़ों की मदद से इस आलीशान मॉल को गिराने में जुटे हैं ।
निगम दस्तों ने इस कार्रवाई के दौरान गैस कटर की मदद से मॉल के पिलर को भी काटने की
कोशिश की गई लेकिन निगम इन्हें काटने में नाकाम रहा । इसका कारण लेंटर की मोटाई
अधिक होना बताया गया है । इसके बाद छतों को तोड़ा गया । शुक्रवार को भी एम. जी. -
वन पर कार्रवाई जारी रहेगी । मॉल के कर्मचारियों, फैशन डिजाइनर रोहित गांधी और
सुनित वर्मा ने कार्रवाई के खिलाफ प्रदर्शन कर विरोध प्रकट किया । इनका कहना था कि
नगर निगम अधिकारियों ने पैसा खाकर पिछले पांच साल में मॉल का निर्माण कराया है और
इनको चलाने के लिए उनके पास निगम की अनुमति भी है । इन कागजातों को भी फैशन
डिजाइनरों ने दिखाया । देर शाम इन लोगों ने प्रेस सम्मेलन को भी संबोधित किया,
जिसमें इन लोगों का कहना था कि आने वाले दो सप्ताह में फैशन वीक आने वाला है जिस पर
इस कार्रवाई का सीधा असर पड़ेगा । व्यवसायी रतन पांडे का कहना था कि शीला दीक्षित
सरकार फैशन डिजाइनरों को बड़ी मछलियां बताकर निशाना बना रही है । पुलिस ने
पाकिस्तान में रह रहे कुख्यात आतंकवादी रंजीत सिंह उर्फ नीटा के एक साथी को बैंक
डकैती के आरोप में गिरफ्तार किया है । पुलिस का दावा है कि वह भी आतंकी गतिविधियों
में संलिप्त रहा है । गिरफ्तार उग्रवादी अतरजीत सिंह लाहौर (पाकिस्तान) और बैंकाक
(थाइलैंड) में रह चुका है । उसका संबंध बब्बर खालसा से रहा है । पुलिस ने उससे
पूछताछ करके महत्वपूर्ण सुराग हासिल किए हैं । पकड़े गए आतंकवादी से पुलिस दिल्ली
के सिनेमा हाल में हुए बम कांड के सिलसिले में भी पूछताछ कर रही है । आतंकी ने
पंजाब के मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के अभियुक्तों को हथियार और पैसे
पहुंचाने की बात स्वीकार की है । एसपी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस को इस
उग्रवादी से महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं । जलबेड़ा स्थित पंजाब नेशनल बैंक की
शाखा से १ मार्च को ४,२९,००० रुपये की लूट हुई थी । अतरजीत इसमें शामिल था । उसे
छावनी के बस स्टैंड पर दबोच लिया गया । पुलिस सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार
उग्रवादी जम्मू - कश्मीर के आरएसपुरा हलके का निवासी है । वह जिस स्कूल में पढ़ता
था, उसी स्कूल में नीटा का भाई बलविंद्र भी पढ़ता था । इस कारण उसकी पहचान नीटा से
भी हो गई । जम्मू - कश्मीर में भगोड़ा घोषित होने के बाद नीटा मुंबई चला गया । नीटा
वहां अपना गिरोह बनाकर अपराध करता रहा । उसे चार साथियों के साथ मुंबई पुलिस ने
पकड़ा था । इसके बाद जम्मू पुलिस ने भी रिमांड पर लेकर बरकत और नीटा से पूछताछ की
थी । अतरजीत ने पूछताछ में बताया कि जब इन लोगों को मुंबई पुलिस न्यायालय में पेशी
के बाद वापस कौलपुर जेल ला रही थी, तो वे हिरासत से भाग निकले थे । कुछ दिनों बाद
मुंबई पुलिस ने इनमें से तीन को तो पकड़ लिया, लेकिन नीटा और उसका एक साथी पिंका
पुलिस के हाथ नहीं आया । नीटा भागकर नेपाल चला गया । वहां उसकी साली रहती थी और
वहां से वह पाकिस्तान चला गया । अतरजीत के खिलाफ १९९७ में बम ब्लास्ट का केस दर्ज
हुआ और इसके बाद वह नेपाल भाग गया । फोन से संपर्क करने पर नीटा ने उसे पाकिस्तान
बुलाया । पाकिस्तान जाने के लिए वह दिल्ली गया । वहां बलवीर की सहायता से उसने
थाईलैंड का वीजा लिया और बैंकाक चला गया । बैंकाक से उसने दिल्ली का टिकट लिया
लेकिन, कराची में डोमेस्टिक एयरपोर्ट पर उतर गया । यहां से बब्बर खालसा का कुख्यात
आतंकवादी महल सिंह बब्बर उसे नीटा के पास लाहौर ले गया । अतरजीत ने स्वीकार किया कि
१९९७ में बैसाखी के मौके पर नीटा ने जम्मू लौटते वक्त उसे एक एके - ४७, नौ मैगज़ीन,
७ - ८ पैकेट आरडीएक्स, डेटोनेटर, वायरलेस सेट और अन्य सामग्री दी थी । पाकिस्तान के
दो एजेंटों ने उसे सीमा पार कराई थी । यह सामान उसने जम्मू के ही एक व्यक्ति के
हवाले कर दिया था । सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र और राज्य सरकारों से शराब
पर पूर्ण पाबंदी लगाने पर गंभीरता से विचार करने को कहा । अदालत ने मौजूदा हालात पर
चिंता जताते हुए कहा कि वास्तव में अब अधिक से अधिक युवाओं को शराब की लत लगती जा
रही है । जस्टिस एस. बी. सिन्हा और जस्टिस पी. के. बालासुब्रह्मण्यम ने कहा कि
भारतीय संविधान के अनुच्छेद ४७ के तहत शासन पर जिम्मेदारी डाली गई है कि वह राज्य
में शराब के सेवन में कमी लाने की कोशिश करे । खंडपीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि अब
वह सही समय आ गया है जब राज्यों और केंद्र सरकार को अनुच्छेद ४७ के लक्ष्य को हासिल
करने के लिए गंभीरता से कदम उठाने पर विचार करना होगा । सर्वोच्च अदालत ने बॉम्बे
हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ के अंतरिम आदेश के खिलाफ महाराष्ट्र की अपील की सुनवाई
के दौरान सरकार को यह सुझाव दिया । अदालत ने राज्य में एक शराब निर्माता से लाइसेंस
शुल्क लेने पर रोक लगा दी थी । खंडपीठ ने हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार कर दिया ।
कहा कि संविधान के अनुच्छेद ४७ के अनुसार राज्य को पौष्टिकता के स्तर को बढ़ाने और
लोगों के जीवन स्तर को सुधारने का दायित्व निभाना चाहिए । खासकर इस बात का भी
उल्लेख है कि राज्य को चिकित्सकीय उपयोग को छोड़कर स्वास्थ्य के लिए हानिकारक नशीले
पेय और नशीली दवाओं के सेवन पर पाबंदी लगानी चाहिए । इसी तरह अनुच्छेद ३७ के अनुसार
राज्य की नीतियों संबंधी नीति निर्देशक तत्व में कहा गया है कि इन नीतियों को किसी
अदालत के जरिए लागू नहीं किया जा सकता । लेकिन वह देश के सुशासन के लिए किसी मौलिक
दायित्व से कम नहीं हैं । इसलिए यह राज्य का कर्तव्य है कि वह इन सिद्धांतों को
लागू करने के लिए कानून बनाए । खंडपीठ ने कहा कि यह घृणित सच्चाई है कि देश की युवा
पीढ़ी शराब के नशे की गिरफ्त में आती जा रही है । इस कड़वी सच्चाई पर अदालत संज्ञान
ले सकती है । कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती ने वार्ता के जरिये
अयोध्या मसला सुलझाने की दिशा में एक बार फिर मदद की पेशकश की है । बुधवार को
उन्होंने कहा कि यदि नई केंद्र सरकार चाहे तो इस मामले को सुलझाने की दिशा में वह
एक बार फिर अपनी सेवा दे सकते हैं । गौरतलब है कि राजग सरकार के समय शंकराचार्य ने
दोनों समुदायों के नेताओं से बातचीत करके अयोध्या विवाद सुलझाने की कोशिश की थी
लेकिन बात नहीं बन पाई थी । जम्मू - कश्मीर के डोडा जिले में उग्रवादियों ने रविवार
को एक ग्रामीण की गोली मारकर हत्या कर दी । आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक़ उग्रवादी
मोहम्मद रफीक़ को किशतवाड़ तहसील स्थित उनके घर से उठाकर ले गए और यातना देने के
बाद उसे गोली मार दी । पुलिस ने रफीक़ का शव बरामद कर उसके परिवार वालों को सौंप
दिया है । वहीं उग्रवादियों ने राजौरी शहर में रविवार को सेना के एक क़ाफिले पर
ग्रेनेड से हमला किया । आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ग्रेनेड के फटने से कोई
ज़ख्मी नहीं हुआ । पुलिस ने बताया कि उग्रवादियों ने राजौरी के अति सुरक्षित डीसी
कालोनी के निकट ग्रेनेड से हमला किया । इस कालोनी में जिला प्रशासन और पुलिस के
उच्च अधिकारी रहते हैं । मानव अंगों की तस्करी का भारत एक बहुत बड़ा मुख्य बाजार बन
चुका है । ऐसा माना जा रहा है कि मरने के बाद अंगों के दान किए जाने की प्रक्रिया
में कमी आने से तस्करी के बाजार में वृद्धि हुई है । इस धंधे में गरीबों के अलावा
अंगों के जरूरतमंदों का भी जमकर शोषण हुआ है । सरकार ने अंगों की तस्करी रोकने के
लिए मानव अंग ट्रांसप्लांटेशन कानून वर्ष १९९४ में बनाया था । सरकार ने स्वेच्छा से
दान देने वालों के लिए राहें आसान बनाने की बात कही थी । लेकिन नए शोधों में यह बात
स्पष्ट हो गई कि कानून के कई बिंदु लोगों को काफी निराश करने वाले लगे । दिल्ली
विश्वविद्यालय के कानून विभाग के एक प्रोफेसर ने इस दिशा में अध्ययन करके कुछ
निष्कर्ष निकाले । 'ऑर्गन ट्रांसप्लांट इन इंडिया ए सोशियो लीगल स्टडी' में कहा गया
है कि कानून की धारा (५) (द्ब) में कहा गया है कि किसी भी लावारिस शरीर से उसकी
मृत्यु के ४८ घंटे के बाद ही अंग को निकाला जा सकता है, जबकि इतने समय के बाद शरीर
को चिकित्सकीय रूप से बेकार भी माना जाता है । इसके अलावा अंग के प्रत्यारोपण की
प्रक्रिया का संचालन केवल वही अस्पताल कर सकता है, जिसे कानून के तहत मान्यता
प्राप्त कमेटी द्वारा अधिकृत किया गया हो । शोध के निष्कर्ष अंजू वली टिक्कू ने
प्रोफेसर एस. सी. रैना के निर्देशन में निकाले हैं. कानून में यह कहा गया है कि
किसी व्यक्ति की (ब्रेन) डेथ होने के बाद उसके शरीर के अंग को निकाला जा सकता है,
लेकिन इस बारे में डॉक्टर की रिपोर्ट मिलने के बाद ही कार्रवाई संभव हो सकेगी ।
हालांकि इस पूरी प्रक्रिया में काफी देर हो जाती है । इससे यही साबित होता है कि
कानून अंग के प्रत्यारोपण को रोक सकता है, जबकि दूसरी ओर लोग अपने अंगों को
स्वेच्छा से दान करने की बात करते हैं । शोध में कहा गया है कि हर साल सड़क
दुर्घटनाओं में ६० हजार लोग मरते हैं, जिनमें से २० हजार लोगों की ब्रेन डेथ होती
है । अगर समय पर इन लोगों से प्राप्त अंगों को संरक्षित कर लिया जाए तो देश में
तस्करी के व्यापार को रोका जा सकता है । भारत में इस वक्त एक लाख लोगों पर क़रीब ६
प्रतिशत लोग किडनी के प्रत्यारोपण की चाहत रखते हैं । यूरोपीय देशों में विज्ञान के
विभिन्न विषयों के शोधकर्ताओं की संख्या हाल के वर्षों में घटती गई है । यही वजह है
कि यूरोपीय देशों ने अब भारत की तरफ देखना शुरू कर दिया है । माना जाता है कि भारत
वैज्ञानिक प्रतिभाओं से समृद्ध देश है । ब्रिटेन, इटली और नीदरलैंड्स ने स्पष्ट
संकेत दिए हैं कि वे वर्क परमिट के नियमों में परिवर्तन कर भारतीय शोधकर्ताओं के
लिए अपने दरवाजे खोल रहे हैं । जर्मनी भी जल्द ही इसी तरह का रुख अपनाने वाला है ।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इन देशों ने भारत सरकार से कहा है कि अब वर्क परमिट
की जरूरत नहीं है । भारतीय शोधकर्ता किसी भी संस्थान में जाकर ५ वर्ष तक काम कर
सकते हैं । जर्मनी के चांसलर गैरहार्ड श्रोएडर का भारत का दो दिवसीय दौरा बुधवार से
शुरू होने वाला है । इस दौरे के समय श्रोएडर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र
में सहयोग बढ़ाने पर विशेष बल देंगे । वे भारत से अनुरोध कर सकते हैं कि शोधकर्ताओं
को जर्मनी भेजा जाए । अधिकारियों ने कहा कि अधिकतर यूरोपीय देशों में शोधकर्ताओं की
कमी है । ये देश मानव संसाधन विकास को संपत्ति का दर्जा देते हैं । सूचना
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की विशिष्टता को दुनियाभर में मान्यता मिल ही
चुकी है । श्रोएडर के दौरे के समय भारत और जर्मनी के सहयोग से एक विज्ञान सर्कल का
उद्घाटन किया जाएगा । २००१ से हर साल इस तरह आयोजन किया जाता रहा है । पूर्व
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने पिछले साल जर्मनी का दौरा किया था । श्रोएडर
२००१ में भारत के दौरे पर आए थे । २००२ में जर्मनी में चुनाव होने के कारण विज्ञान
सर्कल का आयोजन नहीं किया गया था । श्रोएडर के दौरे के समय एक वेबसाइट भी शुरू की
जाएगी, जिसमें दोनों देशों के वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और संस्थानों के बीच संपर्क
क़ायम करने की कोशिश की जाएगी । सुप्रीम कोर्ट को बुधवार को सूचित किया गया कि
लगातार अवैध खनन से अरावली पहाड़ियों के पर्यावरण व हरियाली को क्षति पहुँचाई जा
रही है । जबकि हरियाणा में खनन पर पूरी तरह से प्रतिबंध है । जस्टिस वाई. के.
सब्बरवाल के नेतृत्व वाली खंडपीठ को वरिष्ठ अधिवक्ता रंजीत कुमार ने अरावली पर्वत
से खनन से निकाली गई सामग्री को ले जा रहे सैकड़ों ट्रकों की तस्वीर साक्ष्य के तौर
पर दिखाई । खंडपीठ ने फोटो वाला यह साक्ष्य हरियाणा सरकार की ओर से आए सॉलीसिटर
जनरल जी. ई. वाहनवटी को सौंपने का निर्देश दिया । वाहनवटी ने आश्वासन दिया कि
हरियाणा में खनन कार्य पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू है और इसका उल्लंघन करने वालों
के खिलाफ़ एक कार्य - योजना तैयार की जा रही है । वाहनवटी ने आश्वासन दिया कि अवैध
खनन पर नज़र रखने के लिए सरकार गुड़गांव के उपायुक्त की बनाई त्रिस्तरीय कार्य -
योजना पर विचार कर रही है । अरावली पर्वत अधिनियम राजस्थान के रेगिस्तान को मैदानी
इलाकों में आगे बढ़ने से रोकने के बंध के तौर पर काम करता है । भाजपा ने कहा है कि
यूपीए सरकार के गोधरा कांड की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन केंद्रीय
मंत्रिमंडल द्वारा उठाया गया शर्मनाक कदम है । इससे गोधरा कांड के उन हत्यारों को
बल मिलेगा, जिन्होंने निर्दोष रेलयात्रियों को जिंदा जला दिया था । भाजपा महासचिव
अरुण जेटली ने कहा कि लालू यादव और उनके सहयोगी इस तरह की मांग बहुत पहले उठा चुके
थे पर उस पर प्रधानमंत्री और यूपीए मंत्रिमंडल की मुहर लग जाना चिंता का विषय है ।
भाजपा को इस बात का अचरज है कि उच्चतम न्यायालय के अवकाशप्राप्त न्यायाधीश इन हाउस
समिति की टर्म ऑफ रेफरेंस को देखते हुए भी उसकी अध्यक्षता करने के लिए किस प्रकार
राजी हो गए । क्या इस तरह की समिति नियुक्त करने से पूर्व उच्चतम न्यायालय के मुख्य
न्यायाधीश से संपर्क किया गया । जेटली ने कहा कि उच्चस्तरीय समिति के टर्म ऑफ
रेफरेंस इस बात के सूचक हैं कि सरकार ने गोधरा कांड के लिए कारसेवकों और संघ के
स्वयंसेवकों को दोषी मान कर बदले की भावना से कार्यवाही शुरू की है । यह समिति इस
तथ्य को नकार देती है कि गोधरा कांड की विस्तृत जांच पुलिस द्वारा की जा चुकी है और
इस बात का पता लगाया जा चुका है कि गोधरा कांड की योजना अमन गेस्ट हाउस में इस
दुर्भाग्यपूर्ण घटना से एक दिन पहले बनाई गई थी । इस घटना के लिए दोषी लोगों की
पहचान भी कर ली गई है । इसके बावजूद जस्टिस यू. सी. बनर्जी की अध्यक्षता में एक
उच्चस्तरीय समिति का गठन करना और उसे इस बात का पता लगाने के लिए कहना है कि
(साबरमती एक्सप्रेस के कोच संख्या एस - ६ में भीड़ क्यों थी, इनमें से अधिकांश लोग
बेटिकट क्यों थे, और इन रेलयात्रियों के व्यवहार ने आग की घटना को किस प्रकार हवा
दी) अपने आप में शर्मनाक है । प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री
पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि सरकार अमेरिका से यूनियन कार्बाइड के पूर्व चैयरमैन
वारेन एंडरसन के प्रत्यार्पण के लिए दोबारा प्रयास कर सकती है । चव्हाण ने
बृहस्पतिवार को एक चैनल के कार्यक्रम में कहा कि एंडरसन के प्रत्यार्पण के प्रयास
विफल रहे हैं । उन्होंने कहा कि यदि दोबारा मुकदमा चलाने को लेकर संभावना बनती है,
तो उन्हें पूरा विश्वास है कि सरकार एंडरसन के प्रत्यार्पण के लिए प्रयास करेगी ।
इसमें कोई शक नहीं है कि यह लापरवाही का नतीजा है । मामले को आगे बढ़ाने में सरकार
की आशंका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यूनियन कार्बाइड ने एंडरसन को
भारत को न सौंपने के हर संभव प्रयास किए थे । भारत सरकार अपने पहली बार के प्रयासों
में विफल रही थी, लेकिन अब यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह दोबारा कोशिश करे और
एंडरसन को वापस लाए और उस पर मुकदमा चलाए । अमेरिकी अदालत के मामले को दोबारा शुरू
किए जाने योग्य बताने और गैर सरकारी संगठनों की भारत सरकार की ओर से इस मुद्दे को
दोबारा उठाने की मांग पर उन्होंने कहा कि सरकार की प्रस्तावित योजना के बारे में वह
कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं । चव्हाण ने कहा कि वे एक चीज बता सकते हैं कि
सरकार चाहती है कि दोषियों को सजा हो । उन्होंने कहा कि इस बारे में विधि अधिकारी
आगे फैसला करेंगे । उन्होंने कहा कि भारत सरकार के पास ऐसा कोई रास्ता नहीं है, जो
किसी अमरीकी कॉरपोरेशन को मुआवज़ा बढ़ाने के लिए बाध्य कर सके । मुआवज़े की राशि
भारतीय अदालतों द्वारा तय की गई थी और उसे बाद में बरकरार रखा गया । इसमें कोई शक
नहीं है कि मुआवज़ा काफी कम है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व युवा सांसद राहुल
गांधी एक बार फिर एक मंच पर साथ नजर आ सकते हैं । पार्टी प्रवक्ता के मुताबिक अभी
तक चुनाव कार्यक्रमों को अंतिम रूप नहीं दिया गया है । बिहार प्रदेश इकाई लगातार
राहुल गांधी को चुनाव प्रचार में शामिल करने की मांग कर रही है । प्रदेश कांग्रेस
की दलील है कि राहुल के जरिए युवाओं को पार्टी के साथ जोड़ा जा सकता है । पर
सुरक्षा कारणों से राहुल का अकेले चुनाव प्रचार में जाना संभव नहीं है । पार्टी
सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी चाहती हैं कि राहुल की अपनी छवि
बने । ऐसे में वह खुद अपने साथ राहुल गांधी को चुनाव प्रचार में ले जाना नहीं चाहती
। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बिहार में कई जनसभाओं को संबोधित करने का कार्यक्रम
है । ऐसे में राहुल गांधी प्रधानमंत्री के साथ जनसभाओं में हिस्सा ले सकते हैं ।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का चार संयुक्त जनसभाओं को संबोधित करने का
कार्यक्रम है । इन सभाओं में शरद पवार, राजद सुप्रीमो लालू यादव व सीपीएम के वरिष्ठ
नेता भी मौजूद रहेंगे । इसके अलावा कांग्रेस अध्यक्ष कई अन्य जनसभाओं को भी संबोधित
करेंगी । जम्मू - कश्मीर के पुलवामा जिले में सेना के जवानों ने बुधवार को मस्जिद
में शरण लेने वाले पांच आतंकियों को मार गिराया । आतंकियों ने सुरक्षा बलों के साथ
मुठभेड़ के बाद मस्जिद में शरण ले ली थी । यह जानकारी रक्षा विभाग के प्रवक्ता ने
दी । प्रवक्ता ने बताया कि पुलवामा जिले के खिलांगुंड गांव में आज आतंकियों के
खिलाफ तलाशी अभियान चलाया जा रहा था । इसी दौरान एक मकान में छुपे आतंकियों ने
जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी । सैन्य कार्रवाई में मस्जिद को किसी तरह के नुकसान
की खबर नहीं है । आधिकारिक सूत्रों के अनुसार अभियान में सैन्य दल का नेतृत्व करने
वाले कर्नल रैंक के एक अफसर को हल्की चोटें लगी हैं । सैन्य प्रवक्ता ने बताया कि
जवानों ने आतंकियों से बार - बार आत्मसमर्पण की अपील की, लेकिन उन्होंने ऐसा करने
से इनकार कर दिया और लगातार फायरिंग करते रहे । मस्जिद को किसी तरह की क्षति न
पहुंचे इसे ध्यान में रखकर जवानों ने काफी देर तक किसी तरह की कार्रवाई नहीं की ।
आतंकियों से समर्पण कराने के लिए गांव के वरिष्ठ नागरिकों की मदद भी ली गई, लेकिन
आतंकी फायरिंग करते रहे । इसके बाद जवानों ने मस्जिद पर धावा बोला और पांचों
आतंकियों को मार गिराया । अभी आतंकियों की पहचान अथवा उनके गुट के बारे में किसी
तरह की जानकारी नहीं मिल पाई है । रांची में शिबू सोरेन को सरकार बनाने का न्योता
मिलते ही ये सभी विधायक गायब हो गए थे । शुरुआत में इन विधायकों के जद (यू) व भाजपा
के विधायकों के साथ विमान में दिल्ली जाने की बात कही गई थी । पर हवाई अड्डे पर
सुरक्षा बंदोबस्त देख भाजपा ने अपना इरादा बदल दिया । इसके पहले कि किसी को खबर
मिलती यह सभी विधायक सड़क के रास्ते झारखंड की सीमा से बाहर निकल गए । वरिष्ठ
पार्टी नेता प्रमोद महाजन ने बताया कि इन सभी निर्दलीय विधायकों को सड़क के रास्ते
दुर्गापुर होते हुए खड़गपुर पहुंचाया गया । वहां से सभी विधायक ट्रेन के जरिए
भुवनेश्वर पहुंचे । वहां से करीब ढाई बजे उड़ान भरने वाले यात्री विमान के जरिए
दिल्ली पहुंचे । दिल्ली हवाई अड्डे पर पुलिस इन विधायकों के लिए परेशानी का सबब न
बने इसके लिए वरिष्ठ पार्टी नेता वेंकैया नायडू व प्रमोद महाजन हवाई अड्डे पर
पहुंचे । बकौल महाजन, वे इन विधायकों की अगुआई करने के लिए हवाई अड्डे पर नहीं गए
थे बल्कि उन्हें वहां से निकालकर गुजरात भवन पहुंचाने की जिम्मेदारी को अंजाम देने
के लिए वहां पहुंचे थे । गौरतलब है कि आज विधायकों के रांची से दिल्ली पहुंचने को
लेकर भी कम से कम तीन थ्योरी विभिन्न प्रचार माध्यमों के जरिए सामने आई थीं । इन
खबरों में तीन अलग - अलग रास्ते बताए गए थे और सभी विधायकों के यहां पहुंचने तक सही
स्थिति की जानकारी किसी को नहीं थी । अयोध्या में विवादित ढांचा गिराए जाने के
मामले की जांच कर रहे लिब्रहान आयोग ने शुक्रवार को इस घटना के बारह साल बाद बयानों
को दर्ज करने का काम पूरा कर लिया । इस प्रक्रिया की आखिरी कड़ी में पूछताछ के
दौरान प्रमुख गवाह व उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का बयान
दर्ज किया गया । लिब्रहान आयोग के समक्ष कल्याण ने इस प्रकरण में केंद्र के
तत्कालीन नरसिंह राव की सरकार पर भी सवालिया निशान लगाया । हालांकि बाद में अमर
उजाला से विशेष बातचीत में भाजपा नेता कल्याण सिंह ने अपने पुराने उग्र तेवर में
कहा कि बाबरी प्रकरण पर आडवाणी के बयान पर वे कुछ नहीं कहना चाहते । कल्याण सिंह ने
कहा कि ६ दिंसबर की घटना हिंदुओं के लिए गर्व का दिन है । आयोग का बढ़ाया गया
कार्यकाल जून में ही खत्म हो रहा है । इसके चलते आयोग ने शुक्रवार को ६ दिसंबर,
१९९२ की घटना के मुख्य गवाह कल्याण सिंह का बयान दर्ज करने के साथ जांच की
कार्यवाही पूरी कर ली । जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को सम्मन देने
और लाल कृष्ण आडवाणी को गवाह के तौर पर दोबारा बुलाने की याचिका पर आयोग के अध्यक्ष
जस्टिस एमएस लिब्रहान ने कहा कि इन बातों पर वे अंतरिम रिपोर्ट लिखने के दौरान
विचार करेंगे । अगर आयोग को लगा कि उन्हें बुलाने की जरूरत है तो वे ऐसा करेंगे ।
अन्यथा अंतरिम रिपोर्ट में लिखा जाएगा कि उन्हें बुलाने की आवश्यकता नहीं थी ।
हालांकि अपना बयान दर्ज कराने के साथ ही कल्याण ने सवाल उठाया कि क्या अयोध्या में
विवादित राम जन्मभूमि व बाबरी ढांचे के विध्वंस में भाजपा व विहिप की साजिश को
केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व वाली पी. वी. नरसिंह राव सरकार का समर्थन हासिल था ।
उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से की गई जिरह के दौरान आयोग को बताया कि वे
दिवंगत व्यक्ति राव के खिलाफ गलत नहीं कहना चाहते । कल्याण उत्तर प्रदेश के
महाधिवक्ता वीरेंद्र भाटिया के इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि भाजपा, विहिप व संघ
परिवार ने नरसिंह राव के नेतृत्व वाली केंद्र की सरकार के समर्थन में विवादित ढांचे
को गिराने की साजिश रची थी । राज्य सरकार के इस मत से भाजपा के वरिष्ठ नेता कल्याण
सिंह सहमत हैं कि केंद्र व राज्य में कांग्रेस की सरकार रहते हुए विवादित स्थल का
ताला खोला जाना ही, राम मंदिर आंदोलन को बढ़ावा देने का सबब बना । १९८९ में
कांग्रेस के ही शासनकाल में मंदिर का शिलान्यास भी कराया गया जिससे मंदिर आंदोलन ने
और जोर पकड़ लिया । बाद में अमर उजाला से बात करते हुए भाजपा नेता कल्याण सिंह ने
कहा कि बाबरी ढांचा सालों से करोड़ों हिंदुओं की भावनाओं को आहत कर रहा था और यह
जनभावना इतनी प्रबल हुई कि लोगों ने खुद ही विवादित ढांचा गिरा दिया । निजी कॉलेजों
में आरक्षण खत्म करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर सरकार के रुख को लेकर
नाराजगी जताने के बाद शनिवार को प्रधान न्यायाधीश जस्टिस आर. सी. लाहोटी ने कहा कि
अगर सरकार के अन्य अंग अपनी सीमाओं का अतिक्रमण करते हैं तो न्यायपालिका उनके पर
कतर सकती है । यहां शनिवार को आयोजित एक सेमिनार में उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के
तीन अंगों कार्यपालिका, विधायिका और न्यायपालिका को संविधान के प्रावधानों के तहत
काम करना चाहिए । इनमें अगर कोई भी अपनी हदों से आगे जाता है तो न्यायपालिका उसके
पर कतर सकती है । उन्होंने कहा कि यह न्यायपालिका का दायित्व है कि वह यह सुनिश्चित
करे कि विधायिका द्वारा तैयार कानून संविधान के प्रावधानों के अनुरूप हो ।
न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच समन्वय पर विशेष जोर देते हुए जस्टिस लाहोटी ने
कहा कि लोकतंत्र के तीनों अंगों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन गौरवपूर्ण तरीके
से करना चाहिए और समाज के सभी वर्गो के हितों के लिए एक - दूसरे को मजबूत करना
चाहिए । न्याय मिलने में देरी के सवाल पर प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि आपसी सहमति और
मध्यस्थता जैसे विवादों के निस्तारण के वैकल्पिक तरीकों पर एक स्वतंत्र एजेंसी का
गठन होना चाहिए । इससे अदालतों में पहुंचने वाले मामलों की संख्या में भी खासी कमी
आएगी । इस बारे में उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि कैलिफोर्निया में करीब ४६
फीसदी मामले वैकल्पिक तरीकों से हैंडल किए जाते हैं, जिनमें से ९४ फीसदी केसों में
विवाद हल हो जाता है । प्रधान न्यायाधीश ने पुराने पड़ चुके कानूनों और न्यायिक
प्रणाली के ओवरहॉल के लिए कोई ठोस कदम न उठाए जाने पर खेद जताया । उन्होंने कहा कि
पुलिस सुधार आयोग की सिफारिशें बिना किसी उचित कार्रवाई के धूल चाट रही हैं ।
जस्टिस लाहोटी ने उम्मीद जतायी कि न्यायिक सेवा पर शेट्टी आयोग की सिफारिशें जल्द
ही लागू हो जाएंगीं । सभी राज्य सिद्घांत रूप में इन्हें लागू करने पर सहमत हैं ।
इस मौके पर जस्टिस लाहोटी के सुझाव को तत्काल स्वीकार करते हुए मध्य प्रदेश के
मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने राज्य में जजों को प्रतिवर्ष किताबें खरीदने के लिए तीन
हजार रुपये देने की घोषणा की । गौर ने कहा कि अगले साल से यह राशि चार हजार रुपये
कर दी जाएगी । प्रदेश के राज्यपाल बलराम जाखड़ ने प्रधान न्यायाधीश की इस राय से
सहमति व्यक्त की कि कार्यपालिका और न्यापालिका एक - दूसरे के पूरक हैं और उनमें
समन्वय होना जरूरी है । प्रधान न्यायाधीश ने न्याय प्रणाली में सुधार और
न्यायपालिका से समन्वय बढ़ाने के लिए गौर और राज्य के कानून मंत्री नरोत्तम मिश्रा
के प्रयासों की भी सराहना की । अपने संबोधन में गौर ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा
छोटे - मोटे ८० हजार मामलों को वापस लिए जाने का फैसला किया गया था, जिनमें से ५०
हजार मामले वापस भी हो चुके हैं । इससे न्यायालयों के सामने लंबित पड़े मामलों को
निपटाने में सहायता मिलेगी । यहां धार्मिक स्मारक भोजशाला में शुक्रवार को पूजा और
नमाज अदा करने को लेकर हुए विवाद के बाद हिंसा पर उतारू भीड़ को खदेड़ने के लिए
पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े । प्रशासन ने स्थिति नियंत्रण
में होने का दावा किया है । हालांकि पथराव के कारण डीआईजी प्रमोद फलनीकर और एक
सिपाही मनोज सैनी समेत कई लोग घायल हो गए । बसंत पंचमी के कारण भोजशाला के आसपास
काफी भीड़ थी । जबकि जुम्मा होने के कारण यहां मुसलमान भी नमाज पढ़ने आए थे । इस
भोजशाला पर हिंदू और मुसलमान अपना - अपना दावा जताते रहे हैं । यह इमारत संरक्षित
स्मारक घोषित की जा चुकी है । जबकि मुसलमानों को दोपहर १ से ३ बजे तक जुम्मे की
नमाज पढ़ने की छूट दी गई । इसी तरह अन्य दिनों में हिंदू मंगलवार को भोजशाला में
पूजा करते हैं और मुसलमान जुम्मे को भोजशाला परिसर में आकर नमाज पढ़ते हैं ।
भोजशाला में बसंत पंचमी मनाने एकत्र कुछ श्रद्धालुओं ने मुसलमानों को अंदर जाने से
रोक दिया । कुछ देर के लिए पथराव भी हुआ । जिला कलेक्टर आर. के. गुप्ता ने बताया कि
पथराव कर रहे लोगों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने फौरन लाठीचार्ज कर दिया । इसके बाद
कर्फ्यू लगाने की घोषणा कर दी गई । कर्फ्यू की घोषणा होते ही लोग घरों को लौट गए और
जो सड़क पर या इधर - उधर थे, उन्हें पुलिस ने पहुंचा दिया । इसके बाद प्रशासन की
पहल पर अल्पसंख्यक समुदाय के १५ सदस्य भोजशाला में गए और जुम्मे की नमाज़ अदा की ।
नमाजियों के लिए प्रशासन द्वारा भोजशाला की छत पर अस्थाई टेंट लगाए गए थे । नमाज़
होने के बाद जब पूरी तरह शांति हो गई तो कर्फ्यू भी उठा लिया गया । इस बीच मध्य
प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती ने दिल्ली में एक बयान में कहा कि भोजशाला
में शांति बनाए रखने के लिए सभी लोग कानून - व्यवस्था का सम्मान करें । उमा पहले
इसी भोजशाला के मुद्दे पर कई बार आंदोलन कर चुकी हैं । लेकिन आज उन्होंने कहा कि
यहां पर शांति रहनी चाहिए और आज का दिन बिना घटना के गुजरना चाहिए । 'टेंडर' फाइलों
पर हस्ताक्षर करने के एवज में रिश्वत लेने के आरोप में बृहस्पतिवार को रोहतक में
भारत संचार निगम लिमिटेड के महाप्रबंधक चंद्रशेखर को सीबीआई की टीम ने रंगे हाथों
पकड़ लिया । सीबीआई ने यह कार्यवाही शिकायत के आधार पर की । सूत्रों से मिली
जानकारी के अनुसार रोहतक दूरसंचार जिले के अंर्तगत आने वाले कलानौर व तोशाम उपमंडल
में जमीन के अंदर केबल दबाने के लिए बृहस्पतिवार को टेंडर होने थे । इन टेंडरों को
पास करने के लिए महाप्रबंधक ने मैसर्ज हरेराम हरेकृष्णा कंपनी से ५० हजार रुपये की
राशि बतौर रिश्वत मांगी थी । इन दोनों कार्यों में बृहस्पतिवार को एक का टेंडर होना
था । महाप्रबंधक ने टेंडर कंपनी से २० हजार लाने के लिए बृहस्पतिवार शाम को सवा चार
बजे का समय निर्धारित किया । टेंडर कंपनी ने महाप्रबंधक के रिश्वत मांगे जाने की
शिकायत सीबीआई के चंडीगढ़ कार्यालय को बुधवार को कर दी थी । शिकायत मिलने के बाद
सीबीआई के चंडीगढ़ कार्यालय ने १२ सदस्यीय टीम का गठन करके बुधवार को ही रोहतक
रवाना कर दिया । बताया जाता है कि बुधवार रात में ही सीबीआई की टीम आयकर विभाग के
विश्राम गृह में पहुंच गई थी । बृहस्पतिवार सुबह ही टीम ने शिकायतकर्ता कंपनी को २०
हजार के नोटों पर पाउडर लगाकर दे दिया था । पूर्व निर्धारित योजना के तहत ठीक सवा
चार बजे आर्य नगर स्थित महाप्रबंधक के कार्यालय में टेंडर अलॉट कराने वाली कंपनी के
एक व्यक्ति ने महाप्रबंधक चंद्रशेखर को पाउडर लगे २० हजार रुपये पकड़ा दिए । उक्त
व्यक्ति ने २० हजार रुपये जैसे ही महाप्रबंधक को दिए, वहां पहले से मौजूद सीबीआई की
टीम ने महाप्रबंधक को उसी समय पाउडर लगे नोटों समेत गिरफ्तार कर लिया । इसी समय
सीबीआई की एक अन्य टीम ने महाप्रबंधक के सेक्टर - १ स्थित आवास पर छापा मारा, जहां
से ३२ लाख रुपये नगद मिले । जिस समय सीबीआई की टीम महाप्रबंधक के कार्यालय पर
पहुंची उस समय दूरसंचार निगम के कर्मचारी ड्यूटी खत्म करके अपने घर जा रहे थे ।
कार्यालय पर पहुंचते ही टीम ने सबसे पहले गेटकीपर को मुख्य द्वार को बंद करने के
आदेश दिए । टीम ने महाप्रबंधक को रंगे हाथों पकड़ने के बाद उस रिकॉर्ड की भी जांच
पड़ताल गहनता से की, जिसके आधार पर रिश्वत देने के बाद केबल दबाने वाली कंपनी को
काम अलॉट होना था । टीम रिकॉर्ड को भी अपने साथ ले गई है । जब महाप्रबंधक कार्यालय
से चंद्रशेखर को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार किया, ठीक उसी समय उनके आवास पर पांच
सदस्यीय टीम ने विभिन्न अलमारियों से ३२ लाख रुपये बरामद किए । घर पर छापामारी के
समय महाप्रबंधक की पत्नी व बच्चे मौजूद थे । समाचार लिखे जाने तक सीबीआई की टीम
गिरफ्तार किए गए महाप्रबंधक के साथ उनके कार्यालय में मौजूद थी । बताया जाता है कि
महाप्रबंधक को रात में ही चंडीगढ़ ले जाया जाएगा । समाचार लिखे जाने तक सीबीआई की
टीम हुडा स्थित दूरसंचार के कार्यालय में मौजूद थी । जेसिका लाल हत्या मामले में
प्रमुख गवाह रहे मॉडल से अभिनेता बने शयान मुंशी को कोलकाता एअरपोर्ट पर गिरफ्तार
कर लिया गया । वह परिवार सहित बैंकॉक जाने की तैयारी कर रहा था । बाद में उसे जमानत
मिल गई, लेकिन अदालत ने मुंशी को निर्देश दिया है कि वह देश न छोड़े । बाद में
उन्हें जिला एवं सत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया । उत्तरी २४ परगना के पुलिस
अधीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि मुंशी परिवार समेत देश छोड़ने की कोशिश कर रहा था
। गौरतलब है कि मुंशी ने दिल्ली पुलिस के लुक आउट नोटिस को दिल्ली हाईकोर्ट में
चुनौती दी थी, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया । कोर्ट के आदेश की कॉपी पाने में हुई
देरी के चलते मुंशी को शनिवार को अदालत में पेश करने में देरी हुई । उल्लेखनीय है
कि २९ - ३० अप्रैल १९९९ की रात मॉडल जेसिका लाल की हत्या कर दी गई थी । इस मामले
में सात साल तक चली सुनवाई के दौरान तीन प्रमुख गवाह अभिनेता शयान मुंशी, करन
राजपूत और शिव दास अपनी गवाही से मुकर गए थे । अब मामला एक बार फिर खुला है और
मुंशी और तमाम गवाहों से पूछताछ होनी है । सूत्रों के अनुसार, मुंशी से उसका
पासपोर्ट भी ले लिया गया है, ताकि वह विदेश न जा सके । जेसिका लाल हत्याकांड में
शयान मुंशी की गवाही बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि हत्या की एफआईआर उसी ने लिखवाई थी
। एफआईआर हिंदी में थी । अदालत में जब पूछताछ हुई, तो मुंशी यह कहते हुए मुकर गया
था कि उसे हिंदी आती ही नहीं, तो वह हिंदी में कैसे एफआईआर लिख या लिखवा सकता है ।
मुंशी के मुकरने से एफआईआर कमजोर पड़ गयी थी, जिसके चलते जेसिका लाल हत्याकांड के
तमाम दोषी बरी हो गए । अब मुंशी से पुलिस और अदालत में फिर पूछताछ होनी है । वहीं
मुंशी की पत्नी प्रिया राय चौधरी ने कहा कि उनके पति ने कुछ भी गलत नहीं किया है ।
उन्होंने कहा कि हम लोग हनीमून मनाने बैंकॉक जा रहे थे । हमें इस तरह मुंशी के
खिलाफ लुक आउट नोटिस की चीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं थी । पुलिस सूत्रों के
मुताबिक, मुंशी को आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने दिल्ली पुलिस के नोटिस पर पकड़ा ।
वह अपने परिवार समेत कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे
से बैंकॉक जाने के लिए इंडियन एयरलाइंस का हवाई जहाज़ पकड़ने जा रहे थे । इसी बीच
कागज़ी जांच के दौरान आव्रजन विभाग के अधिकारियों ने उसे पकड़ लिया । आव्रजन विभाग
के अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने मुंशी के खिलाफ नोटिस जारी किया था,
जिसके बिना पर उन्हें गिरफ्तार किया गया है । मुंशी को एअरपोर्ट पुलिस के जिम्मे कर
दिया गया । गिरफ्तारी की जरूरत नहीं थीः दिल्ली पुलिस ने शनिवार को एक बयान जारी कर
कहा कि इस मामले में मुंशी को गिरफ्तार करने की जरूरत नहीं थी । उनके खिलाफ लुक आउट
नोटिस जारी करने का आशय सिर्फ यह सुनिश्चित करना है कि वह जेसिका लाल हत्या मामले
में जांच के लिए भारत में मौजूद रहे । दिल्ली पुलिस ने कहा कि वह उनकी गिरफ्तारी
नहीं चाहती थी । इस संबंध में कोलकाता पुलिस से कहा गया था कि वह मुंशी को जांच में
शामिल होने के संबंध में सूचित करे । बयान में कहा गया है कि यदि मुंशी विदेश जाना
चाहते थे तो उन्हें दिल्ली पुलिस को सूचित करना चाहिए था । आइए नज़र डालते हैं कि
ये अंग्रेज कितना सच बोल रहे हैं? अगर उनका इरादा सिर्फ भारत घूमने का ही था, तो
उन्होंने सिर्फ उन्हीं स्थलों को क्यों चुना, जो १८५७ के प्रथम स्वाधीनता संग्राम
से जुड़े हैं । ये सिर्फ उन्हीं स्थानों पर गए, जो हमारी क्रांति के प्रतीक स्थल
हैं । झांसी और लखनऊ जाने का कार्यक्रम सबसे पहले यह दल मेरठ गया, जहां से १८५७ में
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन का बिगुल फूंका गया था । वहां इस दल ने सेंट जोंस चर्च
में पादरी को शिलालेख सौंपा, जिसमें यह लिखा था कि हम बहादुरी से लड़ कर अपनी जान
देनेवाले पूर्वजों को याद करते हैं । उसके बाद वे राजधानी दिल्ली आए । दिल्ली में
हुमांयू का मक़बरा और लाल क़िला गए । हुमांयू के मक़बरे में ही बहादुरशाह ज़फर को
बंदी बनाया गया था । ये लोग अपने साथ लाया शिलालेख लालकिले पर लगाना चाहते थे, पर
मामले की नज़ाकत को देखते हुए यह शिलालेख पादरी को सौंप दिया । यहां से यह दल आगरा
गया । आगरा फोर्ट में भी इन्होंने वही किया । उन्होंने लेफ्टिनेंट गर्वनर रसेल
कॉल्विन की कब्र पर चुपचाप फूल चढ़ाए, जबकि वहां फूल - मालाएं लाने की मनाही थी ।
अब इनका झांसी और लखनऊ जाने का कार्यक्रम है । तीन युवक गुज़िशता शनिवार को यह दल
ग्वालियर में अपना तय कार्यक्रम नहीं मना सका । यह लोग मुरार में जड़ेरुआ डैम के
पास स्थित अंग्रेजों की कब्रगाह पहुंचे, जहां पूर्व अंग्रेज सैनिकों की कब्रें हैं
। विरोध के मद्देनज़र उन लोगों ने वहां कब्रों पर फूल चढ़ा कर श्रद्धांजलि तो
अर्पित नहीं की, पर वहां खड़े होकर शिलालेख पढ़ते और फोटो खींचते रहे । यह दल
सिंधिया राजपरिवार का संग्रहालय व ग्वालियर फोर्ट देखने भी पहुंचा । इस दौरान
खुफिया विभाग और सेना के अधिकारी सादे लिबास में उन पर नज़र रख रहे थे । खुफिया
विभाग के एक अधिकारी ने 'अमर उजाला' को बताया कि मध्यप्रदेश में इनकी पूरी
गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है और पल - पल की इनकी रिपोर्ट से उच्चाधिकारियों को
अवगत कराया जा रहा है । इधर गाज़ियाबाद में हिंडन के किनारे अंग्रेजों की कब्र
तोड़ने के मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है । रोमन कैथोलिक के सबसे
बड़े धर्मगुरु पोप जॉन पॉल द्वितीय के निधन पर भारत ने तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की
घोषणा की है । सभी सरकारी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और किसी तरह का
कोई समारोह नहीं होगा । दुनिया के कोने - कोने से लोग वहां अंतिम दर्शन को पहुंच
रहे हैं । इटली के प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति ने भी लाइन में खड़े होकर उनके अंतिम
दर्शन किए । आम लोगों ने सेंट पीटर बेसीलिका में श्रद्धांजलि दी । लंबी बीमारी के
बाद ८४ वर्षीय पोप का निधन रविवार तड़के हो गया था । वेटिकन ने अब अधिकृत रूप से
कहा है कि पोप का निधन सेप्टिक और हार्ट अटैक से हुआ । हालांकि अभी उनके अंतिम
संस्कार की तारीख घोषित नहीं हुई है लेकिन यह कार्यक्रम ६ अप्रैल को आयोजित हो सकता
है । अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के अंत्येष्टि में शामिल होने की संभावना है
। पोप के निधन से भारत में शोक की लहर दौड़ गई है । भारत सरकार ने अपनी सद्भावना
प्रकट करते हुए रविवार को तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है । गृह मंत्रालय
ने यह घोषणा की । केंद्र की घोषणा के बाद कुछ राज्यों ने भी तीन दिन के शोक की
घोषणा कर दी है । राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने शोक प्रकट करते हुए कहा कि
मैं पोप के निधन से बहुत दुःखी हूं । विश्व ने एक महान धर्मगुरू और एक राष्ट्रपुरुष
खो दिया है । जिसने अपनी पूरी जिंदगी जरूरतमंदों और शोषितों के उत्थान के लिए कार्य
किया । उन्होंने इस धरती पर शांति के लिए अथक मेहनत और समानता व इंसाफ पर आधारित
अंतर्राष्ट्रीय समाज के लिए काम किया । उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत ने कहा कि
वह शांति के मसीहा, मानवता, गरीबों व शोषित लोगों के नेता थे । उनके निधन से हमने
एक ऐसा धार्मिक नेता खो दिया है जो पूरी दुनिया को अपना घर मानता था । प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने अपने शोक संदेश में कहा कि वह आम आदमी के पोप थे जिसने ऐतिहासिक
परिवर्तन के लिए कैथोलिक चर्च का नेतृत्व किया । वह पिछले तीन दशकों से ऐसे लौह
पुरुष बन गए थे जिसमें गजब का नैतिक बल था । उन्होंने जिस तरह मदर टेरेसा को संत की
पदवी दी, इससे वह भारतीयों के दिलों में बस गए । वह चर्च की सीमा से निकलकर सभी
धर्मो के आम आदमी के भी प्रेरणास्त्रोत बने । वह सही मायने में मानववादी थे ।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी पोप के निधन पर आज गहरे शोक का इजहार किया है
। पार्टी प्रवक्ता ने आज यह जानकारी दी । कोलकाता स्थित मिशनरीज ऑफ चेरिटी की
सुपीरियर जनरल सिस्टर निर्मला पोप के अंतिम संस्कार में भाग लेने वेटिकन सिटी
जाएंगी । उन्होंने एमसी मुख्यालय में आयोजित विशेष मास के बाद पत्रकारों को यह
जानकारी दी । उन्होंने पोप के निधन को ईश्वरीय इच्छा बताई । सिस्टर ने कहा कि
पवित्र पिता अब परमपिता परमेश्वर के पास चले गए हैं । इस बीच वेटिकन सिटी में पोप
के अंतिम दर्शन के लिए तांता लगा हुआ है । उनकी पार्थिव देह फिलहाल मसीही महल में
रखी गयी है । जहां दुनिया के कोने - कोने से लोग पहुंच रहे हैं । अंतिम दर्शन के
लिए लाइन में लगे ज्यादातर लोग कार्डिनल, पास्टर, आर्कबिशप, सरकारी अधिकारी या फिर
राष्ट्राध्यक्ष हैं । जिसमें इटली के राष्ट्रपति कार्लो एजीगिलियो सियॅम्पी,
प्रधानमंत्री सिल्वियो बेरूसलोनी और उनके मंत्री खास हैं । ऐसे लोगों को हवालात की
हवा खिलाना आपके लिए आसान हो जाएगा । केंद्र सरकार के सूचना तकनीक विभाग की एजेंसी
सीडैक ने ऐसा एलेक्ट्रॉनिक टूल विकसित किया है जिसकी मदद से आप भी डिटेक्टिव बन
जाएंगे और धमकाने वाला खुद डरा हुआ होगा । ईमेल ट्रेसर नाम की यह सुविधा बुधवार से
सीडैक की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी । ईमेल के जरिए होने वाली दूसरी वारदातों के साथ
ही अश्लील तस्वीरें भेज कर महिलाओं को परेशान करने के मामले भी पिछले कुछ समय में
काफी बढ़ गए हैं । लेकिन सेंटर फॉर डेवलपमेंट इन एडवांस कंप्यूटिंग (सीडैक) के
अधिकारियों का कहना है कि ईमेल ट्रेसर के जरिए ऐसे लोगों पर अंकुश लगाना बहुत आसान
हो जाएगा । इसके लिए आपको सिर्फ इतना करना होगा कि सीडैक, तिरुअनंतपुरम की वेबसाइट
ईआरडीसीआईटीवीएम. ओआरजी पर जा कर रिसोर्स सेंटर फॉर साइबर फोरेंसिक का बटन क्लिक
करें । ईमेल करने वाले उस गुमनाम शख्स के बारे में सारी जानकारियां आपके सामने
होंगी । इन जानकारियों के आधार पर आप आसानी से पुलिस में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं
। सीडैक के कार्यकारी निदेशक राजन टी. जोसफ ने तिरुअनंतपुर से टेलीफोन पर हुई
बातचीत में कहा कि आप पुलिस के पास न भी जाना चाहें तो एक जवाबी मेल भेज दें कि
मैंने तुम्हारे बारे में ये जानकारियां जुटा ली हैं । और नहीं माने तो पुलिस में
शिकायत करा दें । जोसफ कहते हैं कि बहुत कम आंकें तो भी ६० फीसदी मामलों में तो
गुमनामी का फायदा उठा कर परेशान करने वाला व्यक्ति चुप हो ही जाएगा । क्योंकि उसे
पता चल चुका होगा कि वह अब कानून के शिकंजे से दूर नहीं है । सीडैक ने इस टूल के
मूल स्वरूप को २००३ में जांच एजेंसियों की मदद के लिए तैयार किया था । इसी का
इस्तेमाल कर सीबीआई ने पिछले कुछ सालों के दौरान कई मामले सुलझाए हैं । सीबीआई में
साइबर अपराधों के क्षेत्र में काम करने वाले एक अधिकारी बताते हैं कि जांच एजेंसी
के लिए यह काम अब ज्यादा मुश्किल नहीं रहा । ईमेल के हेडर पर दिए गए आईपी नंबर को
प्रोग्राम में डाल कर इंटरनेट सेवा प्रदाता यानि आईएसपी का पता लगाया जाता है ।
सीबीआई अधिकारी बताते हैं कि इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत ईमेल भेजने वाले के बारे
में विस्तृत जानकारी उपलब्ध करवाना आईएसपी के लिए अनिवार्य है । पाकिस्तान के
वैज्ञानिक अब्दुल क़ादिर ख़ान और सुलतान बशीरुद्दीन महमूद ने ओसामा बिन लादेन समेत
अल क़ायदा के कई नेताओं के साथ बैठकें की थीं । पाकिस्तानी साप्ताहिक 'द फ्राइडे
टाइम्स' ने यह सनसनीखेज दावा किया है । अखबार के मुताबिक जब अमेरिकी खुफिया एजेंसी
सीआईए ने महमूद के काबुल स्थित दफ्तर (यूटीएन उम्मा तमीरे नऊ) की तलाशी ली तो
उन्हें वहां कहुटा लैब में बड़े पैमाने पर परमाणु हथियार बनाने के आंकड़े और उनके
रख - रखाव के बारे में जानकारियां मिलीं । वहां पर यूटीएन और लश्कर - ए - ताइबा
समेत कई आतंकी संगठनों से हुए - व्यवहार का भी ब्योरा मिला । रिपोर्ट के मुताबिक
पाकिस्तान परमाणु ऊर्जा आयोग के पूर्व निदेशक व ए. क्यू. ख़ान के करीबी महमूद को
यूटीएन के मुख्यालय से २३ अक्तूबर, २००१ को गिरफ्तार किया गया था । महमूद ने ज़ाहिर
तौर पर तो यहां अफगानिस्तानियों की मदद के लिए दफ्तर खोला था, लेकिन छिपे तौर पर वह
परमाणु हथियारों का धंधा कर रहे थे । बुलेटिन ऑफ एटॉमिक साइंटिस्ट के हवाले से दिए
इस लेख में कहा गया कि खान, महमूद व अन्य वैज्ञानिकों ने लश्कर ए ताइबा के कई
समारोहों में शिरकत की । खान आतंकी हफीज़ सईद के नेतृत्व वाले लश्कर के जलसे में
शामिल हुए । लश्कर ने प्रतिबंधित किए जाने के बाद से अपना नाम जमात - अल - दावा कर
लिया है । पत्र में कहा गया कि महमूद पाकिस्तान के खुशाब प्लांट में यूरेनियम
संवर्द्धन में लगे रहे और ख़ान को लादेन समेत अल - क़ायदा के बड़े आतंकियों के साथ
बैठक करने के लिए भी जाना जाता है । 'द फ्राइडे टाइम्स' ने कहा कि महमूद को उस
धार्मिक उन्मादी के तौर पर जाना जा सकता है, जिसका मानना है कि पाकिस्तान को
प्लूटोनियम बढ़ाना चाहिए और उसे केवल अपने पास न रखते हुए सभी इस्लामी देशों को
पहुंचाना चाहिए । जिससे वह इज़राइल व पश्चिमी देशों को चुनौती दे सके । भारतीय
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ के बीच १६ -
१७ अप्रैल को करीब चार घंटे तक द्विपक्षीय बातचीत होने की संभावना व्यक्त की गई है
। समझा जाता है कि दोनों देशों के शीर्ष अधिकारी इस महत्वपूर्ण मुलाक़ात का एजेंडा
तय करने के वास्ते जल्द मिलेंगे । सूत्रों के मुताबिक़ परदे के पीछे से कूटनीतिक
क़वायद करने के लिए यूपीए सरकार द्वारा नियुक्त पाकिस्तान में भारत के पूर्व
उच्चायुक्त एस के लांबा मुशर्रफ के करीबी तथा पाकिस्तानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद्
के सचिव तारिक़ अजीज़ से मुलाक़ात करेंगे । हालांकि इस मुलाक़ात के लिए समय और
स्थान का चयन अभी नहीं हुआ है । पर सूत्रों का कहना है कि यह मुलाक़ात दुबई में हो
सकती है । प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मनमोहन और
मुशर्रफ के बीच संभावित बातचीत की निश्चित तिथि तय नहीं की गई है । मुशर्रफ भाजपा
अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के साथ - साथ अन्य विपक्षी नेताओं से भी मिलना चाहते हैं ।
भारत सरकार को इस बैठक पर कोई आपत्ति नहीं है और इस संबंध में भी तैयारी की जा रही
है । अधिकारी ने बताया कि आखिरकार पिछली राजग सरकार ने ही पाकिस्तान के साथ शांति
प्रक्रिया के दौर की शुरुआत की थी और वर्तमान सरकार उसी दौर को आगे बढ़ा रही है ।
सूत्रों ने यह भी बताया है कि मुशर्रफ ऑल पार्टी हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं से
भी मुलाक़ात कर सकते हैं । हालांकि अभी इस संबंध में पाकिस्तान सरकार ने कोई
औपचारिक पेशकश नहीं की है । हुर्रियत नेताओं के साथ चल रही शांति वार्ता पर
प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उस अधिकारी ने बताया कि बातचीत संतोषजनक दौर में पहुंच
गयी है । दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और जल्द ही इसके सकारात्मक परिणाम
सामने आने वाले हैं । पांच एक दिवसीय क्रिकेट मैच खेलने के लिए भारत आ रही
श्रीलंकाई क्रिकेट टीम का दौरा अनिश्चितकाल तक के लिए टल गया है । भारतीय क्रिकेट
कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने श्रीलंका के क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से दौरे की
पुष्टि नहीं किए जाने के बाद २२ अप्रैल से ४ मई के बीच होने वाली इस सिरीज को आज
स्थगित करने का फैसला किया । एक दिवसीय क्रिकेट मैचों की यह सिरीज अब दोनों पक्षों
की ओर से तारीख पर सहमति होने के बाद कराई जाएगी । बीसीसीआई के संयुक्त सचिव गौतम
दासगुप्ता ने बोर्ड के दौरों, कार्यक्रम और फिक्चर तय करने से संबंधित समिति की
यहां हुई बैठक के बाद पत्रकारों को यह जानकारी दी । उन्होंने कहा कि सिरीज़ की
पुष्टि करने में श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड (एसएलसी) की असमर्थता तथा वहां क्रिकेट
प्रशासन में हुए घटनाक्रम के मद्देनज़र समिति ने यह कदम उठाया है । समिति ने महसूस
किया कि ये मैच दोनों पक्षों के बीच तारीख पर सहमति होने तक स्थगित कर दिए जाने
चाहिए । बैठक की अध्यक्षता बीसीसीआई के उपाध्यक्ष कमल मोरारका ने की । अस्वस्थता की
वजह से सचिव एस के नायर बैठक में उपस्थित नहीं हो सके । गौरतलब है कि श्रीलंका के
खेल मंत्रालय ने वित्तीय अनियमितताओं के कारण एसएलसी को निलंबित कर दिया है । इसके
अलावा एसएलसी ने भ्रष्टाचार के आरोपी क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष थिलंगा
सुमाथिपाला को पिछले महीने नई दिल्ली में हुई आईसीसी एक्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक
में शामिल होने की इजाजत भी दे दी थी । हालांकि सुमाथिपाला ने ताज़ा चुनाव में फिर
जीत हासिल कर ली । उन्होंने सरकार द्वारा किए गए निलंबन को कोर्ट में चुनौती भी दे
रखी है । सरकार इस वित्तीय वर्ष के दौरान पांच कंपनियों के शेयर बेचने की प्रक्रिया
जल्द ही शुरू करेगी । इस बारे में सूत्रों ने बताया कि सरकार भारत हेवी
इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड का १० फीसदी व मारुति उद्योग लिमिटेड का ७.५ फीसदी शेयर
बेचने का इरादा पहले जता चुकी है । इसके साथ ही तीन अन्य कंपनियां जिनके शेयर बेचे
जाने की योजना है वे हैं हिंदुस्तान जिंक, शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और
इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड । इन कंपनियों के शेयर बेचे जाने के प्रस्ताव को जल्द ही
आर्थिक मामले के कैबिनेट समिति के सामने रखा जाएगा । सरकारी कंपनियों के शेयर बेचकर
जुटाया गया फंड राष्ट्रीय निवेश कोष में जाएगा । फंड में से ७५ फीसदी राशि का
इस्तेमाल सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं में किया जाएगा व बाकी राशि से सार्वजनिक
क्षेत्र के उपक्रमों की सहायता की जाएगी । हिंदुस्तान जिंक में विनिवेश के बाद इस
कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी अब मात्र २९.५४ फीसदी ही रह गई है । सरकार ने इस
कंपनी के शेयर कई टुकड़ों में बेचे हैं । जबकि इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड में सरकार
की हिस्सेदारी ९०.४० फीसदी है । इसकी कीमत २२०० करोड़ है । विनिवेश विभाग ने इस
कंपनी के १५ फीसदी शेयर बेचने की सिफारिश की थी । एससीआई के १५ फीसदी शेयर बेचने के
बाद इस कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी ८०.१२ से घटकर ६५.१२ रह जाएगी । इस कंपनी के
१५ फीसदी शेयर बेचने पर सरकार को ६४० करोड़ की राशि प्राप्त होगी । वर्ष २००५ - ०६
के दौरान सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के शेयरों को बेचकर ५००० से ७००० करोड़ रुपये
जुटाने की योजना बनाई है । इसके साथ ही वित्तमंत्री चिदंबरम ने अगले पांच साल में
सरकारी कंपनियों के शेयर बेचकर ५०,००० से ७०,००० करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा
है । सात वर्षीय बालिका से दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर देने के मामले में बुधवार को
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मानसा की अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए अभियुक्त
अमृत सिंह को मौत की सजा दिए जाने के फैसले को बरकरार रखा है । न्यायमूर्ति प्रीतम
पाल व न्यायमूर्ति एम. एस. गिल की खंडपीठ ने अपने २३ पृष्ठों के आदेश में कहा कि
उन्हें ऐसा कोई कारण नजर नहीं आता कि अभियुक्त के साथ रहम बरता जाए । साक्ष्य साबित
कर रहे हैं कि अभियुक्त ने बर्बरता व अमानवीय ढंग से बालिका के साथ दुष्कर्म करने
के बाद उसकी हत्या की । गांव रामगढ़ शाहपुरिया निवासी दूसरी कक्षा में पढ़ने वाली
सात वर्षीय बालिका राजप्रीत कौर उर्फ रूबी तीन नवंबर २००३ को अपनी सहेली अमनप्रीत
कौर के घर खेलने के लिए गई । अमन का घर खेतों में बना था । खेलने के बाद अमन आधे
रास्ते तक अपनी सहेली राजप्रीत को छोड़ने आई । देर शाम तक राजप्रीत के घर न पहुंचने
पर घर वालों ने उसे ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिली । बाद में राजप्रीत का शव अभियुक्त
अमृत के खेतों में नग्न अवस्था में मिला । बालिका के अंग खून से सराबोर थे और उसके
हाथ में बाल थे । गले पर भी निशान थे । गांव के ही एक व्यक्ति गुरमेल सिंह ने कहा
कि उसने बच्ची को अमृत के साथ देखा था । पुलिस ने अमृत के घर पर दबिश दी, लेकिन वह
नहीं मिला । बाद में गांव के पंच कर्मजीत सिंह ने अमृत को पुलिस के सामने पेश किया
। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में आया कि बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया और ज्यादा खून बह
जाने के कारण उसकी मौत हो गई । मानसा के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश ने आरोप साबित हो
जाने पर अमृत को १९ मार्च २००५ को मौत की सजा सुनाई । फैसले के खिलाफ अमृत ने
हाईकोर्ट में अपील दायर की । अपील में अमृत के वकील ने कहा कि पुलिस ने उसे घटना के
दूसरे ही दिन पकड़ लिया था । असल आरोपी के न मिलने पर उसके खिलाफ झूठा केस बना दिया
गया । इसके अलावा उनके खेत आबादी के समीप हैं और ऐसी जगह पर बालिका से दुष्कर्म
करना संभव नहीं है । पंजाब सरकार के वकील ने कहा कि गांव का युवक गुरमेल सिंह
स्वतंत्र गवाह है और उसने बच्ची को अभियुक्त के साथ देखा था । ऐसे में आरोप साबित
होता है । दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने निचली अदालत के
फैसले को सही ठहराते हुए मौत की सजा बनाए रखने का आदेश दिया । रक्षा मंत्री प्रणब
मुखर्जी के अनुसार पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी शिविरों का संचालन जारी है जिसके
चलते जम्मू - कश्मीर में आंतकवादियों की घुसपैठ बढ़ी है । पाकिस्तान द्वारा
नियंत्रण रेखा पर सेना में कोई कटौती नहीं की गई है । राज्यसभा में प्रभा ठाकुर के
सवाल के जवाब में मुखर्जी ने कहा कि इस साल के पहले पांच महीनों में घुसपैठ में कमी
आई थी लेकिन जून - जुलाई के दौरान इसमें वृद्धि दर्ज की गई है । वर्ष के आरंभ में
बर्फ ज्यादा होने के कारण आतंकवादियों की घुसपैठ में कमी आती है लेकिन जब बर्फ पिघल
जाती है तो घुसपैठ बढ़ जाती है । यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान ने आतंकवादी
शिविरों की बात स्वीकार की है मुखर्जी ने कहा कि कोई भी देश यह कभी स्वीकार नहीं
करता । लेकिन हमारी जानकारी के अनुसार पाकिस्तान से आतंकवादियों को संरक्षण दिया जा
रहा है । रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि वायुसेना के पायलेटों के निजी
एयरलाइंसों में जाने पर रोक लगाने की सरकार की कोई योजना नहीं है । उन्होंने कहा कि
पिछले दो सालों के दौरान लगभग दो सौ पायलेटों ने समय पूर्व सेवानिवृत्ति ली है
लेकिन नौकरी छोड़ने वाले ज्यादातर पायलेट ऐसे थे जिन्होंने अपनी सेवा के बीस साल
पूरे कर लिए थे । राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान टी. टी. वी. दिनकरन द्वारा पूछे
गये सवाल के जवाब में मुखर्जी ने कहा कि वायुसेना में पायलेटों को मिलने वाली
सुविधाएं बेहद सीमित हैं जबकि कार्य जटिल है । प्रोन्नति के अवसर भी कम हैं । इतने
पायलेटों के नौकरी छोड़ने के बावजूद वायुसेना के पास पायलेटों की कोई कमी नहीं है ।
इसलिए उनके निजी एयरलाइंसों में जाने पर रोक लगा पाना सरकार के लिए संभव नहीं होगा
। उन्होंने कहा कि एनडीए से निकलते समय हम पायलेटों से उम्मीद करते हैं कि वे बीस
साल सेना को देंगे जिस पर ज्यादातर पायलेट अमल कर रहे हैं । माकपा के नीलोत्पल बसु
के सवाल के जवाब में मुखर्जी ने कहा कि सरकार इस समस्या के समाधान के लिए नागरिक
उड्डयन मंत्रालय के अधिकारियों से बातचीत करेगी । उन्होंने कहा कि वायुसेना में
अफसरों की कमी को दूर करने के लिए भी सरकार विशेष भर्ती अभियान शुरू कर रही है ।
सीबीआई ने आज कहा कि वह अंडरवर्ल्ड सरगना अबू सलेम की प्रेमिका और बॉलीवुड की पूर्व
अभिनेत्री मोनिका बेदी के पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के लिए दबाव डालेगी ताकि उसके
खिलाफ फर्जी पासपोर्ट के मामले में मुकदमा चलाया जा सके । सीबीआई सूत्रों के
मुताबिक जांच एजेंसी प्रधानमंत्री की स्वदेश वापसी के बाद मोनिका बेदी के पत्र का
जवाब देगी । गौरतलब है कि मोनिका ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर क्षमा याचना की है
। यह सीबीआई निदेशक को भेजा गया है । सूत्रों के मुताबिक मोनिका को क्षमा करना पूरी
तरह से सरकार पर निर्भर है । अब तक की जांच से पता चला है कि मोनिका ने साना कमाल
मलिक के नाम पर हैदराबाद से फर्जी पासपोर्ट हासिल किया था । इसी पासपोर्ट के जरिये
वह अबू सलेम के साथ भारत से भाग निकली थी । उसे अच्छी तरह से पता था कि यह अपराध है
। मोनिका पर भारतीय दंड संहिता और पासपोर्ट अधिनियिम की विभिन्न धाराओं के तहत
मुकदमा चलाया जाएगा । सूत्रों ने बताया कि सीबीआई ने मोनिका बेदी की आशंकाओं को
खारिज करते हुए कहा है कि उसके खिलाफ १९९३ के मुंबई बमकांड को लेकर कोई मामला नहीं
चलाया जाएगा । लेकिन इस मामले में अबू सलेम पर मुकदमा चलेगा । फर्जी पासपोर्ट के
जरिये पुर्तगाल में दो साल की सजा काटने के बाद मोनिका को लिस्बन में हिरासत में
रखा गया है । हाईकोर्ट के, उसे भारत प्रत्यर्पित किए जाने के आदेश को उसने चुनौती
दी है । उसकी अपील अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है । नौसेना प्रमुख एडमिरल अरुण
प्रकाश ने कहा कि भारतीय नौसेना को समुद्र के भीतर परमाणु क्षमता से लैस करना एटमी
हमले की जवाबी कार्रवाई या 'सेकेंड स्ट्राइक कंपीटेंस' के लिए बेहद जरूरी है ।
उन्होंने आगाह किया कि पनडुब्बी निर्माण में किसी तरह की और देरी से तैयारियों पर
विपरीत असर पड़ सकता है । प्रतिष्ठित पत्रिका 'इंडियन डिफेंस रिव्यू' को दिए गए एक
इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत के परमाणु सिद्धांत मसौदे में सेना के तीनों
अंगों को एटमी क्षमता से लैस करने पर बल दिया गया है । एयर डिफेंस शिप या टाइप ७५
पनडुब्बी के निर्माण में देरी के सवाल पर उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि समय
निकलता जा रहा है और हमारी नौसेना के तैयारी के स्तर पर इसका असर कई सालों तक महसूस
किया जाएगा । उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट '७५ परमाणु पनडुब्बी' हमारी पोत निर्माण
क्षमता पर सवालिया निशान है । नौसेना प्रमुख ने कहा कि हमें मझगांव डॉक्स लिमिटेड
में निर्माण शुरू कर देना चाहिए । इसके अलावा फैसला लेने में देरी होने से निर्माण
की लागत बढ़ जाती है । बहरहाल, उन्होंने कहा कि नई सरकार इन जरूरतों से अच्छी तरह
वाकिफ है और हमें उम्मीद है कि जल्द ही इस दिशा में कार्य शुरू हो जाएगा । नौसेना
प्रमुख ने कहा कि स्वदेशी पोत निर्माण के काम ने अब गति पकड़ ली है और विभिन्न
शिपयार्डो में १९ पोत निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं । उन्होंने बताया कि इसमें
दो अत्याधुनिक फ्रिगेट तथा प्रोजेक्ट '१७ शिवालिक क्लास का स्टील्थ फ्रिगेट', '१५ए
दिल्ली क्लास केफालोआन शिप' और एयर डिफेंस शिप शामिल हैं । जर्मनी के दो नागरिक
पवित्र गंगा नदी से जुड़ी सभ्यता और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं की जानकारी के
मद्देनजर अनूठे मिशन पर निकले हैं । उनका कहना है कि उनके इस मिशन से जर्मनी और
भारत के बीच सांस्कृतिक रिश्ता और मजबूत होगा । वे यह जानना चाहते हैं कि गंगा
भारतीयों के बीच इतनी लोकप्रिय क्यों है? जर्मन नागरिक पीर और गिल पटना से गोमुख के
लिए रवाना हुए । गोमुख उत्तरांचल में वह स्थल है जहां से गंगा का उद्भव होता है ।
ये दोनों एक हाथी और एक ऊंट पर सवार होकर ६० दिनों की गंगा यात्रा पर निकले हैं ।
उनका उद्देश्य है गंगा की सभ्यता और संस्कृति से रूबरू होना । भारतीय जनमानस पर
गंगा के अमिट प्रभाव से वाकिफ होना । उन्होंने गोमुख के लिए रवाना होने से पहले
मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि गंगा से जुड़ी सदियों पुरानी कहानी ने उनके
कल्पना लोक को खूब प्रभावित किया है । पवित्र गंगा नदी भारत की आत्मा है । हमें
मालूम है कि लोग इस नदी में डुबकी लगा कर खुद को धन्य समझते हैं । गंगा को भारत की
जीवन रेखा और पहचान बताने वाले ये दोनों जर्मन अपनी इस अनोखी यात्रा के दौरान
सैकड़ों लोगों से मिलकर उनकी राय जानना चाहेंगे । गंगा से प्रभावित गिल ने कहा कि
जब कभी मैं पवित्र गंगा नदी के बारे में कहानियां सुनता हूं, तो मैं कल्पना लोक में
खो जाता हूं । मैं अब अपनी आंखों से इस सभ्यता और संस्कृति को निहारना चाहता हूं ।
अपनी इस यात्रा के दौरान वे दोनों पटना, वाराणसी, इलाहाबाद, हरिद्वार, ऋषिकेश और
गंगोत्री से होकर गुजरेंगे । इन सभी शहरों का प्राचीन इतिहास रहा है । पीर ने कहा
कि गंगा को अपनी आंखों से देखने का मेरा सपना पूरा हो गया है । गृह मंत्री शिवराज
पाटिल ने बृहस्पतिवार को लोकसभा को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार मणिपुर में ऑल
नागा स्टूडेंट्स ऐसोसिएशन ऑफ मणिपुर की ओर से आयोजित आर्थिक नाकेबंदी से निपटने के
लिए राज्य सरकार को हर संभव मदद मुहैया कराएगी । पाटिल ने राज्य की स्थिति को लेकर
भाजपा और अन्य के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जवाब में कहा कि राज्य सरकार का पहला
विकल्प स्थिति संभालना है । यदि वह ऐसा करने में विफल रहती है, तो हम पड़ोसी
राज्यों के उपलब्ध मार्ग से जरूरी वस्तुएं भेजने की कोशिश करेंगे । यहां तक कि हवाई
मार्ग के जरिए भी वस्तुएं भेजी जा सकती हैं । उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर राज्यों
में कई आदिवासी जनजातियां हैं, जिनकी कई समस्याएं और मुद्दे हैं । लोगों की
संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए हमें एक ऐसा तरीका निकालना होगा, जो उनकी
परेशानियों और मतभेदों को कम कर सके । एक ऐसा तरीका जिससे किसी को भी नुकसान नहीं
पहुंचे । असम की २९ वर्षीय एक एचआईवी पॉजीटिव महिला राजनीति के क्षेत्र में अहम
भूमिका निभाने की तैयारी में है । महंता पूर्वी असम के नागौन जिले की बरहामपुर
विधानसभा सीट से किस्मत आजमाने वाले हैं । महंता फिलहाल इसी क्षेत्र से विधायक हैं
। गोस्वामी ने कहा कि मैं कांग्रेस के टिकट पर इस क्षेत्र से चुनाव लड़ूंगी । मेरे
लिए यह बहुत बड़ी चुनौती है, लेकिन मैं महंता को कड़ी टक्कर दूंगी । मैं एचआईवी
पॉजीटिव हूं, लेकिन मैं चाहती हूं कि इस राज्य से एड्स और एचआईवी संक्रमण का
नामोनिशान खत्म हो । मैं लोगों को एचआईवी एड्स से मुक्ति दिलाने के लिए चुनाव लड़
रही हूं । उन्होंने बताया कि कई कांग्रेसी नेताओं ने उन्हें चुनाव लड़ने के लिए
उत्साहित किया । बरहामपुर विधानसभा क्षेत्र के कामपुर शहर की रहने वाली गोस्वामी ने
कहा कि इस शहर के लोग भी उन्हें इस चुनावी दंगल में उतारना चाहते थे । जब उन्होंने
चुनाव लड़ने का फैसला कर लिया तो इस शहर के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी ।
गोस्वामी ने एचआईवी पॉजीटिव होने की बात आज तक किसी से नहीं छिपाई । १९९४ में
वैवाहिक जीवन की शुरुआत करने वाली गोस्वामी को शादी के तुरंत बाद पता चल गया था कि
उसके पति बीमार हैं । उन्होंने बताया कि उनके पति को अक्सर बुखार, दर्द आदि रहता था
। १९९६ में उनकी मौत हो गयी, लेकिन तब तक मैं एचआईवी पॉजीटिव हो चुकी थी । वे एड्स
कंट्रोल सोसायटी से बतौर परामर्शदाता जुड़ी हुई हैं । पाकिस्तान के पूर्व विदेश
सचिव रियाज एच. खोखर अपनी शाहखर्ची के कारण विवाद के घेरे में आ गए हैं । २००३ में
उनके एक सात दिवसीय विदेश दौरे पर सरकार के खाते से २१.९ लाख रुपये खर्च हुए थे ।
सीनेट में पेश की गई एक रिपोर्ट में कहा गया है कि खोखर की इस विदेश यात्रा पर
अप्रैल, २००३ से मई, २००५ की अवधि में विदेश मंत्रालय के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी की
विदेश यात्रा की तुलना में काफी अधिक खर्च किया गया । उल्लेखनीय है कि खोखर की
विदेश यात्रा पर हुए भारी - भरकम खर्च का मुद्दा सीनेटर स्माइल बुलेदी ने सदन में
उठाया था । स्माइल बुलेदी जमियत उलेमा इस्लाम के सांसद हैं । यह पार्टी छह दलों
वाले मुत्तहिदा मजलिस - ए - अमल के घटक दलों में से एक है । बुलेदी द्वारा पूछे गए
प्रश्न के उत्तर में इस रिपोर्ट को पेश किया गया । डेन अखबार के मुताबिक खोखर की
लंदन - हेग - जेनेवा यात्रा पर रोजाना औसतन ३,१३,००० रुपये खर्च हुए । जब इस बारे
में विदेश विभाग के प्रवक्ता जलील अब्बास जिलानी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे
इस यात्रा के बारे में मुकम्मल ब्यौरा जुटा रहे हैं । 'डेन' अखबार के मुताबिक उनकी
इस यात्रा पर औसत से अधिक खर्च किया गया । यहां तक कि किसी भी विदेश सचिव को मिलने
वाली यात्रा सुविधाओं से कहीं अधिक यात्रा सुविधाएं दी गई । अप्रैल, २००३ से फरवरी,
२००५ के बीच उन्होंने ३१ बार विदेश दौरे किए । इस पर देश को ५७.७ लाख रुपया खर्च
करना पड़ा । विदेश मंत्री खुर्शीद मोहम्मद कसूरी अपने विदेश दौरों पर खर्च करने के
मामले में खोखर से पीछे रहे । उन्होंने भी फरवरी, २००५ तक ३१ विदेशी दौरे किए थे,
लेकिन उनके कुल दौरों पर ४३ लाख रुपये ही खर्च हुए । कसूरी की अमेरिका यात्रा पर १२
लाख रुपये खर्च हुए थे । नेपाल सरकार ने समर्पण करने वाले माओवादी उग्रवादियों की
बड़ी संख्या को देखते हुए आत्मसमर्पण की अवधि बढ़ा दी है । सरकार ने आत्मसमर्पण की
अवधि बढ़ाकर अक्तूबर के दूसरे हफ्ते तक कर दी है । इससे ज्यादा से ज्यादा उग्रवादी
सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर सकेंगे । इस बात की जानकारी नेपाल के गृह
मंत्रालय की ओर से दी गई है । पिछले साल सरकार द्वारा आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी
उग्रवादियों को आम माफी दिए जाने की घोषणा के बाद से १०६१ उग्रवादियों ने स्थानीय
प्रशासन व सुरक्षाबलों के सामने हथियार डाले हैं । इसके लिए माओवादियों को उग्रवादी
गतिविधियों को छोड़कर राष्ट्र की मुख्यधारा से जुड़ने की शर्त रखी गई है । नेपाल
में १९९६ से जारी माओवादी हिंसा में १०,००० से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं ।
भारतीय फिल्म निर्माताओं और निर्देशकों का कहना है कि केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड
उनकी रचनात्मकता को कुंठित करने में लगा हुआ है । यूं तो भारत में सेंसर बोर्ड नहीं
है, लेकिन यही प्रमाणन बोर्ड ही इसकी भूमिका में है । निर्देशकों का कहना है कि
प्रमाणन बोर्ड को अड़ंगा लगाने की आदत हो गई है । यूं तो भारत में कोई सेंसर बोर्ड
नहीं है, लेकिन प्रमाणन बोर्ड ही यह भूमिका निभाता रहा है । इसकी अनुमति के बगैर
फिल्में नहीं दिखाई जा सकती । आए दिन फीचर और गैर फीचर फिल्मों पर सेंसर की कैंची
चलती रहती है । प्रोड्यूसर - निर्देशक - पटकथा लेखक मनु रेवाल की छोटे बजट की फिल्म
(चाय - पानी ईटीसी) को प्रमाणन बोर्ड के कारण परेशानी झेलनी पड़ी । सेंसर बोर्ड ने
फिल्म के कई दृश्यों पर आपत्ति जताई । अब यह फिल्म अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव
में दिखाई जाने वाली फिल्मों की सूची में शामिल है । इसी तरह सर्वोदय नेता जयप्रकाश
नारायण पर आधारित एक फिल्म को भी सेंसर की कैंची झेलनी पड़ी । इस फिल्म को दूरदर्शन
पर दिखाए जाने की योजना पर प्रमाणन बोर्ड ने पानी फेर दिया । जाने - माने फिल्म
निर्माता आनंद पटवर्द्धन की फिल्म (वार एंड पीस) पर भी सेंसर बोर्ड ने आपत्ति जताई
। अब यह फिल्म महोत्सव में दिखाई जा रही है । पटवर्द्धन ने नेशनल फिल्म डवलपमेंट
काउंसिल की पत्रिका (सिनेमा इन इंडिया) के साथ साक्षात्कार में कहा कि जिस फिल्म पर
घोर आपत्ति जताई गई थी, उस फिल्म ने पिछले साल सर्वश्रेष्ठ नान - फिक्शन फिल्म का
पुरस्कार जीता । उन्होंने कहा कि सेंसर बोर्ड फिल्म निर्माताओं की रचनात्मकता को
कुंठित करता रहा है । पटवर्द्धन को अपनी फिल्म में २१ दृश्यों की कटौती करने को कहा
गया था, जिससे उन्होंने इंकार कर दिया । दूसरे कई फिल्म निर्माताओं का कहना है कि
सेंसर बोर्ड को बिना वजह नुक्ताचीनी करने की आदत हो गई है । फिल्मों के प्रदर्शन
में अड़ंगा लगाना उसकी आदत बन गई है । केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राज्य - केंद्र
संबंधों पर एक नए आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है । गृह राज्य मंत्री माणिकराव
होदलया गावित ने बुधवार को राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि आयोग का एक काम
एक केंद्रीय कानून क्रियान्वयन एजेंसी के गठन की जरूरत के अध्ययन से जुड़ा होगा ।
इस एजेंसी को राष्ट्रीय सुरक्षा के गंभीर खतरों वाले अंतर - राज्य या
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति के अपराधों की जांच का अधिकार होगा । गृह राज्य मंत्री
श्रीप्रकाश जायसवाल ने कहा कि एक्स, वाई, जेड और जेड प्लस सुरक्षा अति विशिष्ट
लोगों को दी जाती है । खतरे का आकलन करने के बाद एजेंसियों की ओर से लोगों की
सुरक्षा के लिए कवर मुहैया कराया जाता है । उन्होंने कहा कि अति विशिष्ट लोगों की
सुरक्षा के लिए सीआईएसएफ की पहचान केंद्रीय एजेंसी के रूप में की गई है । गृह राज्य
मंत्री एस. रघुपति ने कहा कि सरकार गैर नागरिकों को पहचान जारी करने की वांछनीयता
और औचित्य पर अंतः और अंतर मंत्रीय विचार - विमर्श कर रही है । उन्होंने कहा कि यदि
यह योजना पूरे देश में लागू करने का फैसला किया जाता है, तो सरकार इस पर राष्ट्रीय
सहमति बनाने की कोशिश करेगी । एक अन्य सवाल के जवाब में रघुपति ने कहा कि सरकार का
भारतीय नागरिकों का एक राष्ट्रीय रजिस्टर तैयार करने और देश के नागरिकों को बहु
उद्देश्यीय राष्ट्रीय पहचान जारी करने का प्रस्ताव है । उन्होंने कहा कि इस कार्य
की पेचीदगियों को देखते हुए १२ राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के कुछ चुने हुए
उप जिलों में प्रयोग के तौर पर एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार किया गया है । गोधरा जांच
आयोग ने वकील मुकुल सिन्हा द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है जिसमें पूर्व
राष्ट्रपति के. आर. नारायणन को तलब किए जाने की मांग की गई थी । आयोग ने कहा कि
गुजरात दंगों के बारे में मीडिया में दिए गए बयान के सिलसिले में नारायणन को तलब
किए जाने की कोई आवश्यकता नहीं है । हालांकि उसने यह स्वीकार किया कि २० मई, २००२
के हलफनामे में हस्ताक्षर उसी के हैं । सिन्हा की याचिका खारिज करते हुए आयोग ने
कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को नारायणन द्वारा लिखे पत्र को आयोग
के पास भेजा जा सकता है । गौरतलब है कि नारायणन ने मीडिया के साथ साक्षात्कार में
कहा था कि उन्होंने वाजपेयी को कई पत्र लिखे जिनमें दंगों के दौरान त्वरित कार्रवाई
के लिए अनुरोध किया गया था और सेना की तैनाती के सुझाव भी दिए गए थे । आयोग ने
वाजपेयी को भी तलब किए जाने संबंधी सिन्हा के आवेदन को ठुकरा दिया । आयोग ने उसे २०
मई का हलफनामा दिखाया जिस पर उसके हस्ताक्षर थे । उससे पूरे हलफनामे को पढ़ने के
लिए कहा गया । हलफनामा पढ़ने के बाद जाहिरा ने इस बात का खंडन किया कि हलफनामे में
उल्लेखित बातें उसकी हैं । मगर, उसने यह माना कि हस्ताक्षर उसी के हैं । जाहिरा ने
स्पष्ट किया कि उसने इस आयोग के समक्ष कभी भी कोई हलफनामा दायर नहीं किया, बल्कि १३
अप्रैल, २००५ को उसने केवल एक आवेदन दायर किया था जिसमें उससे पूछताछ की कार्यवाही
रोकने की मांग की गई थी क्योंकि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित पड़ा है । जाहिरा
ने आगे बताया कि उसने ३१ अप्रैल, २००४, २० मार्च, २००५ और १२ अप्रैल, २००५ को
सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया था । उसने आवेदन के साथ तीनों हलफनामों की
प्रतियां भी संलग्न की थीं । उसने यह भी दावा किया कि बेस्ट बेकरी कांड के सिलसिले
में दो मार्च, २००२ को वडोदरा पुलिस द्वारा दर्ज की गई शिकायत के बारे में भी उसे
कोई जानकारी नहीं है । लेकिन, उसने यह कबूल किया कि शिकायत पर हस्ताक्षर उसी के हैं
। पूछताछ के दौरान जाहिरा ने असहयोगात्मक रवैया ही अख्तियार किया हुआ था और वकील
मुकुल सिन्हा द्वारा किए गए कई सवालों का उसने जवाब नहीं दिया । एक अति महत्वपूर्ण
फैसले में सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा की निर्वाचन प्रक्रिया पर शुक्रवार को रोक लगा
दी । यह रोक १४ जून तक प्रभावी रहेगी और इसके बाद अदालत की दूसरी अवकाशकालीन पीठ
मामला देखेगी । संसद के ऊपरी सदन की ६५ सीटों के द्विवार्षिक व उप चुनाव के लिए
प्रक्रिया आज से ही शुरू होनी थी । अदालत ने खुले मतदान की नई प्रक्रिया व संबंधित
राज्य का निवासी होने की बाध्यता खत्म करने को चुनौती देने वाली एक याचिका के आधार
पर चुनाव आयोग को पक्षकार बनाते हुए उसे नोटिस जारी कर दिया । वरिष्ठ पत्रकार व
राज्यसभा के पूर्व सदस्य कुलदीप नैयर ने राजग सरकार द्वारा राज्यसभा चुनाव
प्रक्रिया में किए गए संविधान संशोधन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है । शुक्रवार
को न्यायमूर्ति रूमा पाल और न्यायमूर्ति बी. एन. अग्रवाल की पीठ ने केंद्र सरकार की
उस प्रार्थना को ठुकरा दिया जिसमें कहा गया था कि चुनाव आयोग का जवाब आने तक अदालत
कोई अंतरिम आदेश न जारी करे । अदालत ने यह संज्ञान लेते हुए कि चुनाव आयोग चुनाव के
संबंध में राष्ट्रपति को अनुरोध भेज चुका है और अधिसूचना के साथ चुनाव प्रक्रिया आज
से ही शुरू होनी थी, अपना अंतरिम आदेश जारी कर दिया । अदालत ने कहा कि यदि अधिसूचना
गजट में प्रकाशित न हुई हो तो यह प्रकाशित न की जाए और यदि यह प्रकाशित हो चुकी हो
तो इस पर अमल न किया जाए । अदालत में व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए नैयर ने अपनी
याचिका में कहा कि खुले वोट की प्रक्रिया संविधान में उल्लेखित मतदान की गोपनीयता
के मूल सिद्धांत की धज्जी उड़ाना है । राजग सरकार ने राज्यसभा चुनाव में विधायकों
द्वारा विहिप का उल्लंघन कर धड़ल्ले से क्रॉस वोटिंग रोकने के लिए संविधान संशोधन
कर खुले मतदान की व्यवस्था कर दी थी । तत्कालीन विपक्ष कांग्रेस ने भी इसका समर्थन
किया था । नैयर ने कहा कि राज्यसभा प्रत्याशी के लिए उस राज्य का निवासी होने की
बाध्यता खत्म करना भी संवैधानिक व्यवस्था के मूल ढांचे पर प्रहार है । संविधान का
मत है कि संसद के ऊपरी सदन का सदस्य संबंधित राज्य के विधानसभा और विधान परिषद
सदस्यों का प्रतिनिधि होगा । गौरतलब है कि राज्यसभा की खाली सीटों के लिए कम से कम
तीन केंद्रीय मंत्री भी दावेदार हैं । ये मंत्री किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैँ और
उन्हें छह महीने के भीतर यह अर्हता पूरी करनी है । राज्यसभा के कुल २४५ सदस्यों में
से एक तिहाई हर दूसरे साल रिटायर हो जाते हैं । क्या पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मीर
जफरुल्ला खान जमाली के सत्ता में गिने - चुने दिन रह गए हैं । दि फ्राइडे टाइम्स के
संपादक नजम सेठी के 'जमाली के गिने - चुने दिन रह गए हैं' शीर्षक संपादकीय के
अनुसार जमाली मुशर्रफ की कृपा खो चुके हैं । जिन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए
मुशर्रफ ने उन्हें प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बिठाया था, उसमें जमाली विफल रहे हैं
। मुशर्रफ नहीं चाहते कि पाकिस्तान में दो सत्ता केंद्र बने रहें । अखबार के अनुसार
पाकिस्तान में यह चर्चा जोर पकड़ती जा रही है कि मुशर्रफ जल्द ही जमाली के सामने
ऐसे हालात पैदा कर देंगे कि उन्हें हटना पड़ेगा । जमाली की कार्यशैली मुशर्रफ को
पसंद नहीं है । मुशर्रफ को जमाली के सलाहकार भी पसंद नहीं हैं । मुशर्रफ को लगता है
कि जमाली उनके संवैधानिक फैसलों से उपजे हालात का समाधान ढूंढ़ने में अब तक विफल
रहे हैं । जॉर्ज डब्लू. बुश को दोबारा अमेरिकी राष्ट्रपति चुने जाने पर बृहस्पतिवार
को राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उन्हें बधाई दी ।
राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले दिनों में भारत और अमेरिकी रिश्ते
और सुधरेंगे । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कट्टरवाद और आतंकवाद को कुचलने की हमारी
सरकार की नीति होनी चाहिए । उन्होंने बुश को भारत आने का निमंत्रण भी दिया । बधाई
संदेश में राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने सरकार और भारत की जनता की ओर से
कहा है कि हमें विश्वास है कि आपके मजबूत नेतृत्व में हमारे आपसी रिश्ते और मजबूत
होंगे । सिंह ने दोनों देशों के बीच रिश्तों को और व्यापक रूप देने के लिए आर्थिक
रोडमैप बनाने पर भी बल दिया । इसके साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति को भारत आने
का निमंत्रण दिया और कहा कि यह द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने में मील का पत्थर
साबित होगा । पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के एक स्कूल में एक अध्यापिका के
बुर्का पहन कर आने पर विवाद अंततः खत्म हो गया है । विद्यालय प्रबंधन ने बुधवार को
कह दिया कि उसे संस्थान में बुर्का पहन कर आने में कोई आपत्ति नहीं है । इस
शिक्षिका ने हाल में एक शिक्षक से विवाह के बाद मुस्लिम धर्म अपनाया है । आनंदमणि
गल्र्रर्स हाईस्कूल के सचिव अल्लाह रक्खा शेख ने बुधवार को इन खबरों का खंडन किया
कि सुष्मिता मंडल से सुमैया परवीन बनी अध्यापिका को साड़ी पहन कर आने को कहा गया ।
उन्होंने कहा कि सुमैया ने बुर्का पहनकर कोई नियम नहीं तोड़ा है । स्कूल की टीचर
इंचार्ज गौरी घोष ने कहा कि कुछ अध्यापिकाओं ने परवीन से कहा था कि वह अन्य की तरह
साड़ी पहन कर आए तो ठीक रहेगा लेकिन यदि परवीन बुर्का ही पहनना चाहती है तो उन्हें
कोई दिक्कत नहीं है । मंगलवार को पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री कांति बिस्वास ने
कहा था कि सरकार अपेक्षा करती है कि अध्यापक सलीके से और भद्र तरीके से कपड़े पहनें
। हालांकि परवीन के मामले में प्रश्न पर उनका कहना था कि इस विषय पर कोई नियम नहीं
बनाया जा सकता । सुरक्षा परिषद में स्थाई सीट पाने की आकांक्षा रखने वाले चार देश
(जी ४) संयुक्त राष्ट्र के इस शीर्ष निकाय के विस्तार के मुद्दे पर पाकिस्तान व
इटली के नेतृत्व वाले समूह के साथ अपने मतभेद दूर करने में विफल रहे हैं । जी ४ में
भारत भी शामिल है । भारत, जापान, जर्मनी और ब्राजील के इस जी ४ ने महत्वपूर्ण सह
प्रायोजकों व सदस्य देशों के साथ इस मुद्दे पर परामर्श जारी रखा है । परामर्श में
उनके द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार पर प्रस्ताव की योजना शामिल
है । इन देशों को उम्मीद है कि जून के तीसरे सप्ताह तक यह प्रस्ताव पेश हो जाएगा ।
जी ४ देशों और पाकिस्तान व इटली के नेतृत्व वाले यूनाईटेड फॉर कानसेंसस (यूएफसी) के
बीच शुक्रवार को आयोजित एक बैठक में उनके बीच मतभेद दूर नहीं किए जा सके । यूएफसी
सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यों की सीट के विस्तार का विरोध कर रहा है । बैठक
संयुक्त राष्ट्र महासभा के अध्यक्ष जीन पिंग के संयोजकत्व में बुलाई गई थी । इसमें
जी ४ देशों ने कहा कि यूएफसी ने कोई नया प्रस्ताव नहीं दिया, जिस पर बातचीत की जा
सके । बैठक के बाद पिंग ने संवाददाताओं को बताया कि मैंने दोनों समूहों से २१ जून
के पहले कोई कदम जल्दबाजी में नहीं उठाने का अनुरोध किया है । उन्होंने कहा कि मध्य
सितंबर में संयुक्त राष्ट्र के विश्व नेताओं की निर्धारित बैठक के दौरान पेश किए
जाने वाले उनके द्वारा तैयार मसौदा दस्तावेज पर तब तक वह परामर्श करना चाहते हैं ।
जी ४ के राजनायिकों ने कहा कि पिंग के सुझाव के मुताबिक उनका प्रस्ताव २१ जून तक
मतदान के लिए नहीं रखा जाना चाहिए, लेकिन वह उन्हें इसे पेश करने से मना नहीं कर
रहे हैं । यूएफसी को चीन का समर्थन प्राप्त है । पिंग के आमंत्रण के बावजूद वह बैठक
में शामिल नहीं हुआ । पिंग ने कहा, वह चाहेंगे कि दोनों समूहों के देशों के बीच
सहमति पर पहुंचने के लिए विचार - विमर्श जारी रहे । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने
जाने - माने रक्षा विशेषज्ञ के. सुब्रमण्यम की अध्यक्षता में वैश्विक सामरिक घटनाओं
के अध्ययन के लिए एक कार्यबल का गठन किया है । कार्यबल दुनिया में सामरिक क्षेत्र
में होने वाले विभिन्न बदलावों पर नजर रखेगा और छह महीने के भीतर सरकार को अपनी
रिपोर्ट सौंप देगा । विभिन्न क्षेत्रों के सात विशेषज्ञों को कार्यबल का सदस्य
बनाया गया है । उदय भास्कर कार्यबल के सदस्य सचिव का काम भी देखेंगे । कार्यबल
राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के अधीन कार्य करेगा । एयर - इंडिया बम कांड सुनवाई में
बचाव पक्ष ने गवाह पर फर्जी क्रेडिट कार्ड बेचने, गैरकानूनी ढंग से दवाइयां बेचने,
आव्रजन घोटाला व फर्जी शादी इत्यादि अनेकों आपराधिक आरोप लगाए हैं । इससे उसकी
गवाही पर विश्वास करना मुश्किल हो गया है । गवाह ने इन आरोपों का ब्योरा खुद दे
डाला । अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के मामले में बृहस्पतिवार को सुनवाई के दौरान गवाह
रामेंद्र सिंह भांधेर को उस समय कटघरे में खड़ा कर दिया जब बचाव पक्ष के वकील जो
बेलोस ने उसकी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगाते हुए उससे कुछ सवाल पूछे । लेकिन
जस्टिस इयान ब्रूस जासफेन के बार - बार कहने पर उसे मुंह खोलना पड़ा । भांधेर ने
बताया कि वह ड्राइविंग मामले में कनाडा में अभियुक्त था । अमेरिका में तस्करी के
मामले में ३२,००० डॉलर के साथ सीमा रेखा पार करते पकड़ा गया था । गौरतलब है कि
भांधेर १९८५ में एअर इंडिया के जेट (विमान कनिष्क) में मध्य आकाश में हुए बम
विस्फोट के मामले में गवाह है । विस्फोट में करीब ३८५ लोग मारे गए थे । कृषि लागत
एवं मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने लगातार तीसरे साल धान का समर्थन मूल्य न बढ़ाने की
सिफारिश की है । इसके अनुसार सीएसीपी ने सरकार से २००४ - ०५ के लिए धान का न्यूनतम
समर्थन मूल्य ५५० रुपये प्रति क्विंटल रखने का सुझाव दिया है । जबकि तिलहन और दलहन
के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की अनुशंसा की गई है । सरकारी सूत्रों के अनुसार
सीएसीपी ने खरीफ मौसम के लिए धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य की सिफारिश कर दी है ।
इसके अनुसार धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य पिछले तीन सालों की तरह ही ५५० रुपये
प्रति क्विंटल रखा गया है जबकि तिलहन और दलहन के न्यूनतम समर्थन मूल्य में मामूली
बढ़ोत्तरी की सिफारिश की गई है । सूत्रों के मुताबिक सीएसीपी का कहना है कि धान का
मूल्य स्थिर कर देने से पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में किसान दूसरी फसलों की ओर
आकर्षित होंगे और यह कृषि के लिए हितकर साबित होगा । गौरतलब है कि इन दोनों राज्यों
में धान की पैदावार बढ़ाने के लिए भूमिगत पानी के अंधाधुंध इस्तेमाल के कारण जलस्तर
और नीचे चला गया है । यूपीए सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) में किए गए
वादों को पूरा करने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों ने २००४ - २००५ के बजट में वित्त
मंत्रालय से ३० हजार करोड़ रुपये की अतिरिक्त बजटीय सहायता देने की मांग की है ।
बहरहाल, वित्त मंत्रालय, मंत्रालयों की योजनाओं की संभावनाओं का पता लगाने के बाद
ही आबंटन बढ़ाए जाने के पक्ष में है । लेकिन, मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार वित्त
मंत्री पी. चिदंबरम केंद्रीय मंत्रालयों को बजटीय सहायता बढ़ाए जाने के हक में नहीं
हैं । चिदंबरम को सबसे ज्यादा चिंता इस बात की है कि आबंटन में इजाफा करने से
राजकोषीय घाटे पर दबाव बढ़ेगा । धन की कमी से जूझ रहे वित्त मंत्री सीएमपी के वादों
पर अमल करने के दूसरे तरीकों पर भी विचार कर रहे हैं । इसके तहत पहले से चली आ रही
योजनाओं के बजाय नई स्कीमों को धन मुहैया करवाया जाएगा । याना के लिए १ सितंबर
त्यौहार का दिन था । स्कूल के अंतिम साल के पहले दिन वह खुशी - खुशी घर से निकली,
लेकिन उसकी खुशियां उस समय गम में बदल गई, जब हथियारबंद चेचेन आतंकियों ने उसे जिम
में बंद कर दिया । वहां उसके साथ सैकड़ों लोग बंधक बनाए गए थे । दुबली - पतली १५
वर्षीय याना ने बताया कि नकाबपोशों ने उन लोगों को चिल्लाकर जिम के भीतर जाने को
कहा था । याना उन बच्चों में से एक थी जिन्हें नकाबपोशों ने स्कूल के जिम में बंधक
बना रखा था । इनमें दो महिलाएं भी शामिल थीं । अब भी यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो
पाया है कि जिम में कितने लोगों को बंधक बनाया गया था । याना ने कहा कि हमारे
प्रिंसिपल का कहना था कि स्कूल लिस्ट के अनुसार वहां १२०० बच्चे थे, लेकिन जिम के
भीतर छात्रों की संख्या इससे कम थी । बच्चों के अलावा वहां उनके परिजन भी थे ।
अपहर्ताओं ने विस्फोटक लगाकर जिम को तारों से घेर दिया था । वे बार - बार बंधकों को
तारों से दूर रहने की हिदायत दे रहे थे, क्योंकि अगर कोई भी बंधक गलत तार को छू
देता तो जोरदार विस्फोट होता और सबकी मौत तय थी । अगले दो दिन तक महिलाओं और बच्चों
को जिम में थोड़ा बैठने और सोने का मौका मिला । पुरुषों को स्कूल में रखा गया था ।
इनमें से कुछ को अपहर्ताओं ने गोली मार दी थी, जबकि कुछ को ऊपर ले गए थे । याना ने
कहा कि हम वहां बैठे हुए थे । काफी संख्या में बच्चे रो रहे थे । मैं वहां बैठी थी
और सोच रही थी कि मैं घर कैसे पहुंच पाऊंगी । कैसे मैं अपनी मां से मिलूंगी और कैसे
खाना खाऊंगी । अपहर्ताओं में दो महिलाएं भी थी, लेकिन याना ने उन्हें बंधक बनाये
जाने के दिन के बाद से नहीं देखा । उसने बताया कि अपहर्ता ने बच्चों को खाना खाने
की इजाजत नहीं दी थी । अपहर्ताओं ने एक बार कहा कि हम बाथरूम जा सकते हैं । इसके
बाद सभी बाथरूम के पास जमा हो गए और भीतर जाने के लिए धक्का - मुक्की करने लगे । इस
पर अपहर्ताओं ने छत की ओर फायरिंग की और सभी को अपनी जगह पर बैठा दिया । याना ने
बताया कि अपहर्ता खुद को चेचेन बता रहे थे । उनका कहना था कि वे चेचेन्या से रूसी
सेना की वापसी की मांग कर रहे हैं । वे कह रहे थे कि सेना की वापसी के साथ ही वे
हमें रिहा कर देंगे । तीसरे दिन के सुबह याना निढाल हो गई । जिम का माहौल काफी
दमघोंटू था और बच्चे लगातार रो रहे थे । दोपहर बाद करीब २.३० बजे (आईएसटी) एक
जोरदार विस्फोट ने बिल्डिंग को हिला दिया । छत टूट कर बंधकों के ऊपर गिरने लगी । एक
अपहर्ता ने हमें अपने पीछे पास के कैफेटेरिया में आने को कहा । इसके बाद दूसरा
विस्फोट हुआ और आग लग गई । याना ने बताया कि वह अपना सिर घुटनों पर रख कर बैठी थी
और उसके हाथ सिर पर थे । सिर ऊपर उठाने पर मैंने देखा कि हमारे लोग वहां पहुंच चुके
थे । वे फायरिंग कर रहे थे । उनमें से तीन लोग हमें सुरक्षा दे रहे थे, जबकि चौथा
हमें बाहर निकाल रहा था । याना को तुरंत एक कार से अस्पताल ले जाया गया । सुनामी
प्रभावित इलाकों में जिंदगी रफ्ता रफ्ता पुराने ढर्रे पर लौट रही है, लेकिन अब भी
लोग सहम जाते हैं । खासतौर से बच्चे सदमे में हैं और रात में अचानक उठ बैठते हैं ।
इसके अलावा 6 लाख 41 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा चुका
है । एक दल बुरी तरह प्रभावित अंडमान निकोबार भी भेजा जा रहा है । प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह के भी अंडमान जाने की संभावना है । अंडमान - निकोबार द्वीप समूह पर बचे
लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के बाद सेना ने लापता लोगों की तलाश शुरू कर
दी है । सेना की एकीकृत कमान के मुखिया वाइस एडमिरल रमन पुरी के मुताबिक घने जंगलों
की वजह से सेना के जवान पैदल व हैलीकॉप्टर के जरिए जिंदा बचे लोगों की तलाश कर रहे
हैं । मंगलवार को जारी किए गए सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 26 दिसंबर को आई सुनामी
लहरों के बाद 5914 लोग लापता हैं जबकि 9571 लोगों की मौत हो चुकी है । अकेले कच्छाल
द्वीप के 4657 लोग लापता हैं । पोर्टब्लेयर में राहत अभियान में जुटे एक अधिकारी ने
बताया कि अब लोगों के विस्थापन के बजाय उनके घरों तक राहत पहुंचाई जा रही है । इससे
अंडमान निकोबार के विभिन्न द्वीपों से हजारों लोगों को राजधानी पोर्टब्लेयर में
बनाए गए राहत शिविरों में लाया गया था । सुनामी के कहर से जिंदा बच गए लोगों के लिए
जिंदगी पहले जैसी आसान नहीं रही । ज्यादातर राहत शिविर स्कूलों में बनाए गए हैं ।
यहां लोग प्लास्टिक की शीटों पर सो कर रात काट रहे हैं । पीने के पानी की भी खासी
दिक्कत है । मनोवैज्ञानिक स्तर पर इसका व्यापक असर हुआ है । राहत शिविर बने
पोर्टब्लेयर के एक हाई स्कूल के प्रिंसिपल सुशील सिंह ने कहा, बच्चे भयभीत हैं । वे
रात में भूकंप की आशंका में उठ जाते हैं और फिर भागने लगते हैं । हम फुटबाल और
क्रिकेट वगैरह के जरिये उनका ध्यान बंटाने की कोशिश कर रहे हैं । हालांकि इन
एजेंसियों का कहना है कि इससे जरूरतमंदों तक राहत नहीं पहुंच पा रही है । ब्रिटेन
के अंतर्राष्ट्रीय संगठन एक्शन एड के दक्षिण भारत के क्षेत्रीय प्रबंधक सरोज दास ने
कहा कि सारी दुनिया इस विपदा से निपटने में मदद करना चाहती है । बम धमाकों की
गुत्थी सुलझाने में माथापच्ची कर रही दिल्ली पुलिस मुंबई तक जा पहुंची है और इसके
पीछे डी - कंपनी और आईएसआई की साज़िश का पता लगाने की कोशिश में जुट गई है ।
ख़ुफ़िया एजेंसी के सूत्रों ने भी धमाकों के पीछे दाऊद एंड कंपनी की साज़िश से
इनकार नहीं किया है । दरअसल मुंबई बम धमाकों के दौरान भी विस्फ़ोटकों में
इलेक्ट्रॉनिक टाइमर के प्रयोग किए गए थे । डीटीसी बस विस्फ़ोट में ऐसे ही टाइमर का
प्रयोग किया गया । दिल्ली के सरोजनी नगर - पहाड़गंज के भीड़ भरे बाजार और
गोविंदपुरी में डीटीसी बस में बम धमाकों के पीछे आईएसआई की साज़िश तो साफ़ नज़र आ
रही है । मगर हादसे के सात दिन गुज़रने के बाद भी स्पेशल सेल और ख़ुफिया एजेंसियां
किसी संगठन का नाम लेने से कतरा रहे हैं । जांच एजेंसियां लश्कर, हिजबुल, जैश,
अलबदर, अलमंसूरियन, बब्बर खालसा और खालिस्तान कमांडो फोर्स की कारगुज़ारी मानकर
उनकी भूमिका की जांच कर रही है । सूत्रों का कहना है कि डी - कंपनी भी अब जांच के
दायरे में आ गई है । इसके पीछे कई कारण गिनाए जा रहे हैं । ख़ुफिया एजेंसियों का
मानना है कि दुबई को लश्कर का एक बड़ा केंद्र बनाने में दाऊद गिरोह की सक्रिय
भूमिका रही है । कोलकाता में अमेरिकन सेंटर पर हमला करने वाला आफ़ताब अंसारी भी
उसके लिए काम कर चुका है । बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद मुंबई में जब
श्रृंखलाबद्ध विस्फ़ोट हुए तो वहां दो बातें प्रमुख रूप से सामने आई थीं कि बसों
में हुए विस्फ़ोटों में इलेक्ट्रॉनिक टाइमर लगाया गया था और जिन स्थानों पर
आरडीएक्स विस्फ़ोट हुए वहां बिलकुल दिल्ली की तर्ज़ पर तबाही हुई थी । दिल्ली
धमाकों की कई बातें हैं जो डी - कंपनी पर शक का आधार बन रही हैं । सूत्रों का कहना
है कि आईएसआई के लिए काम करने वाला दाऊद अकेला ऐसा शख़्स है जो अपने स्थानीय संपर्क
की मदद से विस्फ़ोटक रखवा सकता है । अपराध शाखा की एक टीम उच्चाधिकारियों के
निर्देश पर मुंबई पहुंचकर इन्हीं बिन्दुओं पर काम कर रही है । डी - कंपनी के लिए
काम करने वाले बदमाशों से पूछताछ की जा रही है कि दाऊद की ऐसी किसी साज़िश की
उन्हें भनक है अथवा नहीं । ख़ुफिया सूत्र अब दुबई में भी डी - कंपनी के संपर्क
सूत्रों को टटोलकर इन संभावनाओं का पता लगाने में जुट गए हैं । गैरपारंपरिक ऊर्जा
मंत्रालय के प्रचार अभियान से सौर ऊर्जा चालित उपकरणों की मांग गांवों कस्बों तक
पहुंच गई है । लोग सौर ऊर्जा चालित लालटेन खोजते फिर रहे हैं, पर कस्बे की बात तो
दूर दिल्ली में भी ऐसी कोई दुकान नहीं है, जहां सौर ऊर्जा चालित उपकरण बिकते हों ।
अपारंपरिक ऊर्जा राज्यमंत्री विलास मुत्तेमवार स्वीकार करते हैं कि अभी तक ऐसी
व्यवस्था नहीं बन पाई है । पर शीघ्र ही सोलर उपकरण के लिए हर जिले में एक रिटेल
आउटलेट की व्यवस्था कर दी जाएगी । इन दुकानों में शिक्षित बेरोज़गार युवकों को
रोज़गार भी दिया जाएगा । पर उन्होंने ऐसे रिटेल आउटलेट खोले जाने के लिए कोई समय
सीमा देने से इनकार कर दिया । ग़ौरतलब है कि सौर ऊर्जा चालित उपकरणों की मांग बढ़
रही है । बंगलोर के ७० फ़ीसदी घरों में सोलर गीज़र लगे हैं । पुणे का ५० फ़ीसदी
परिवार किसी न किसी रूप में सौर ऊर्जा चालित उपकरण का इस्तेमाल कर रहा है । इन
नगरों के उपभोक्ता सीधे कंपनियों से संपर्क साधते हैं । इन कंपनियों को अपारंपरिक
ऊर्जा मंत्रालय सब्सिडी भी देती है । इस वजह से अपारंपरिक ऊर्जा चालित उपकरण
अपेक्षाकृत महंगे होते हैं । सौर ऊर्जा के सभी जगह उपलब्ध होने से इससे संबंधित
उपकरणों की मांग ज़्यादा है । सौर ऊर्जा का उपयोग सरकारी दायरे से बाहर नहीं निकल
पा रहा है । देश में अब तक १० लाख सौर रोशनी प्रणालियां लगाई जा चुकी हैं । पर यह
सब कुछ सरकारी प्रयास है । आम आदमी के लिए सोलर उपकरण अब भी दुर्लभ हैं ।
मुत्तेमवार के अनुसार वर्षों पूर्व आदित्य सोलर शॉप नाम से सौर ऊर्जा उपकरणों की
दुकानें खोली गई थीं । पर उस समय सोलर उपकरणों की मांग न के बराबर थी । इसलिए
दुकानें बंद हो गईं । सरकार इन्हें पुनर्जीवित करने पर विचार कर रही है । उल्लेखनीय
है कि सौर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भारत का विश्व में तीसरा स्थान है ।
श्रीलंका की राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतंग पांच दिन की यात्रा पर बृहस्पतिवार सुबह
नई दिल्ली पहुंची । वे भारतीय नेताओं के साथ द्विपक्षीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों
के साथ - साथ लिट्टे से जारी शांति वार्ता पर भी विचार - विमर्श करेंगी । कुमारतुंग
यहां पहुंचने के बाद बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलीं । दोनों
नेताओं ने द्विपक्षीय और आर्थिक सहयोग के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की । बैठक के
दौरान, श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने मनमोहन सिंह को लिट्टे के साथ चल रही शांति
प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी । दोनों पक्षों ने माना कि हाल के दिनों में भारत
- श्रीलंका रिश्तों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है । इसके साथ ही दोनों देशों ने
मछली व रक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं के संबंध में भी चर्चा की । बैठक
के दौरान श्रीलंका की तरफ़ से विदेश मंत्री लक्षमण कादिरगमार और भारत में श्रीलंका
के उच्चायुक्त मंगल मूनसिंघे शामिल थे जबकि मनमोहन सिंह के साथ विदेश मंत्री नटवर
सिंह, सुरक्षा सलाहकार जे. एन. दीक्षित और श्रीलंका में भारत की उच्चायुक्त निरुपमा
राव थे । अपनी यात्रा के दौरान कुमारतुंग राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम और
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगी । साथ में विपक्ष के नेता लाल कृष्ण
आडवाणी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाकात करेंगी । गौरतलब है कि
यूपीए सरकार बनने के बाद श्रीलंका की राष्ट्रपति की यह पहली भारत यात्रा है । इससे
पहले वह पिछले साल अप्रैल में भारत आई थीं । लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने
शुक्रवार को संकेत दिया कि नानावटी आयोग की रिपोर्ट और उस पर कार्रवाई रिपोर्ट
सोमवार को संसद में पेश की जा सकती है । नानावटी आयोग ने १९८४ के सिख विरोधी दंगों
की जाँच की है । यह मुद्दा आज जब भाजपा के उप - नेता वी. के. मल्होत्रा ने सदन में
उठाया तो चटर्जी ने कहा कि उन्होंने गृहमंत्री शिवराज पाटिल से बात की है और
उन्होंने उन्हें बताया है कि सोमवार को इसे पेश कर दिया जाएगा । नानावटी आयोग की
सिफारिशों को कार्रवाई रिपोर्ट के तहत केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने इसे बीती रात मंजूर
कर लिया । इसलिए सदन को उन हजारों लोगों के प्रति भी शोक प्रकट करना चाहिए । भाजपा
सांसद ने कहा कि तहलका रक्षा घोटाले के मामले की जाँच करने वाले फूकन आयोग की
सिफारिशों को सरकार ने नामंज़ूर कर दिया । उसे यही रवैया नानावटी रिपोर्ट के मामले
में नहीं रखना चाहिए । बिहार में ९ महीने में दूसरी बार चुनाव कराने के लिए भारतीय
जनता पार्टी (भाजपा) ने केंद्र की यूपीए सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है । पटना में
पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाजपा के महासचिव प्रमोद महाजन ने कहा कि इस बार
बिहार में जनता ने राजग को सत्ता देने का मन बना लिया है । लोजपा के रामविलास
पासवान की आलोचना करते हुए महाजन ने कहा कि उनकी क्षमता १० से २० विधायकों को
जिताने भर की है । यह संख्या सरकार गठन के लिए पर्याप्त नहीं है । महाजन ने कहा कि
इस बात में भी संदेह है कि पासवान चुनाव के बाद अपने विधायकों को एकजुट रख पाएंगे ।
महाजन ने कहा कि उन्हें पासवान के मुस्लिम मुख्यमंत्री की मांग पर कोई आपत्ति नहीं
है लेकिन पहले वे समर्थ सरकार देने में सक्षम तो हों । महाजन ने कहा कि उनका सोचना
है कि नितिश कुमार में एक अच्छे प्रशासक व नेता का गुण मौजूद है । यह पूछे जाने पर
कि राजग ने नितिश को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार क्यों चुना? महाजन ने कहा कि हमने
अपने कप्तान को क्षमता के आधार पर चुना है । महाजन ने लालू यादव द्वारा मंगलवार को
जारी किए गए सेक्युलर डेमोक्रेटिक फ्रंट (एसडीएफ) के घोषणा को हल्का और झूठ का
पुलिंदा करार दिया है । महाजन ने कहा कि इस बार चुनाव का मुख्य मुद्दा विकास होगा ।
इसलिए उन्होंने राज्य की जनता से ऐसी सरकार चुनने को कहा है जो अच्छी सरकार दे सके
। जनता दल (यू) द्वारा दलित मुसलमानों को अनुसूचित जाति व जनजाति का दर्जा दिए जाने
के प्रस्ताव के बारे में महाजन ने कहा कि संविधान में सिर्फ सामाजिक व शिक्षा के
आधार पर पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए आरक्षण का प्रावधान है । इसमें धर्म के आधार
पर आरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं है । लेकिन महाजन ने मुसलमानों के उत्थान के लिए १०
सूत्री कार्यक्रम शुरू किए जाने के प्रस्ताव से सहमति जताई । यूपीए सरकार देशभर में
मल्टीमीडिया प्रदर्शनी और सेमीनार आयोजित कर विभिन्न मंत्रालयों और विभागों की
उपलब्धियों को जनता के सामने लाएगी । केंद्रीय जहाजरानी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग
मंत्री टी. आर. बालू ने शनिवार को यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी ।
उन्होंने बताया कि इस पहल के लिए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय सबसे उपयुक्त
एजेंसी है, जो अन्य सभी विभागों के सहयोग से इस काम को अंजाम देगा । सांसद एवं जन
शिकायतों पर स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष सुदर्शन नचिप्पन ने कहा कि इस
प्रदर्शनी एवं सेमीनार में कई बैंक और जहाजरानी, राजमार्ग, स्वास्थ्य, दूरसंचार
क्षेत्र की कंपनियां भी भाग लेंगी । इस दौरान होने वाली चर्चा नौकरशाही से ज्यादा
जनता पर केंद्रित होगी । कावेरी डेल्टा के किसानों की सिंचाई आवश्यकता की गंभीरता
को देखते हुए तमिलनाडु में सत्ताधारी अन्नाद्रमुक के साथ विपक्ष भी सक्रिय हो गया
है । उन्होंने शनिवार को अपने प्रयासों में तेजी लाते हुए केंद्र सरकार से आग्रह
किया कि वह कर्नाटक से कावेरी नदी में पानी छुड़वाए । जबकि राज्य की मुख्यमंत्री
जयललिता ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से अपील की है कि कावेरी नदी प्राधिकरण की
बैठक बुलाई जाए ताकि कावेरी जल विवाद ट्रिब्यूनल के अंतरिम आदेश के पालन के संदर्भ
में विचार - विमर्श हो सके । जयललिता ने इस मसले पर प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा
है । सांसद उनसे अपील करेंगे कि कर्नाटक से पानी जल्द जारी कराया जाए ताकि कुरवई
धान की फसल बर्बाद न होने पाए । द्रमुक अध्यक्ष एम. करुणानिधि ने अपने गठबंधन के
नेताओं की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि तमिलनाडु के किसानों को समय से पानी
हासिल हो इसके पहले प्रयास के तहत पूर्व मंत्री दुरई मुरुगन को बंगलोर भेजा जा रहा
है । जल बंटवारे का फैसला लागू कराने के लिए दबाव बनाने के सवाल पर करुणानिधि ने
कहा कि मामले को जटिल बनाने से बचा जाना चाहिए । हमारी पहली और तात्कालिक
प्राथमिकता जरूरतमंद किसानों को पानी मुहैया कराना है । प्रधानमंत्री को जयललिता के
बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यदि इससे हमारी मुहिम को बल मिलता है तो
स्वागत है । तमिलनाडु के मेट्टूर में बना स्टेनली जलाशय राज्य में कावेरी का मुख्य
संग्रहण क्षेत्र है और पानी की कमी के कारण इसे दो साल से निर्धारित तिथि १२ जून को
नहीं खोला जा सका है । कर्नाटक के पानी न छोड़ने की वजह से जलाशय में इसकी कमी है ।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने उम्मीद जताते हुए कहा है कि कश्मीर
समस्या का समाधान तीन साल के अंदर निकाल लिया जाएगा । कारगिल युद्ध के बारे में
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के दावे को गलत बताते हुए कहा कि इस युद्ध
में पाकिस्तान की अपेक्षा भारत को ज्यादा नुकसान उठाना पड़ा था । शरीफ ने कहा था कि
कारगिल युद्ध में भारत के साथ लड़े गए दो पूर्व युद्धों से भी ज्यादा पाकिस्तानी
सैनिक मारे गए थे । भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह ने पिछले दिनों बयान में कहा था
कि कश्मीर समस्या के समाधान की हमें कोई जल्दबाजी नहीं है । मुशर्रफ इस पर
प्रतिक्रिया जता रहे थे । मुशर्रफ ने 'पाकिस्तानी दैनिक - डेन' के साथ एक
साक्षात्कार में यह बातें कही हैं । नटवर सिंह से उनकी मुलाकात के बारे में मुशर्रफ
ने कहा कि उन्होंने कश्मीर समस्या के समाधान के लिए भारत के सामने कोई समय सीमा
रखने के लिए नहीं कहा है । उन्होंने कहा कि कश्मीर समस्या के समाधान के मुद्दे पर
वार्ता में प्रगति के बगैर दोनों देश विश्वास बढ़ाने के अन्य उपायों पर आगे नहीं
बढ़ सकते । पूर्व प्रधानमंत्री मीर जफरूल्लाह खान जमाली के इस्तीफे के बारे में
पूछे गए सवाल पर मुशर्रफ ने कहा कि उन्होंने इसके लिए कोई दबाव नहीं डाला । यह
फैसला पाकिस्तान की सत्ताधारी पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग का था । मुशर्रफ ने
उम्मीद जताई कि मनोनीत प्रधानमंत्री शौकत अजीज देश को अच्छा प्रशासन देने में सक्षम
होंगे । इराक में पाकिस्तानी फौज भेजने के बारे में उन्होंने कहा कि इस मसले पर
सरकार अपने विकल्प बंद नहीं करना चाहती है । मुशर्रफ ने कहा कि उन्होंने यह कभी
नहीं कहा कि इराक में अपनी सेना भेजेंगे लेकिन यह भी नहीं कहा कि वहां अपनी सेना
कभी नहीं भेजेंगे । मुशर्रफ ने कहा कि अगर मुस्लिम देश या भारत इराक में अपनी सेना
भेजते हैं तो पाकिस्तान भी पीछे नहीं रहेगा । मुशर्रफ ने कहा कि उन्होंने कभी आतंकी
संगठनों को बढ़ावा नहीं दिया । उन्होंने जोर देकर कहा कि वे पाकिस्तान में किसी
प्रकार के धार्मिक आतंकवाद के प्रसार के सख्त विरोधी हैं । सिर से जुड़ी जुड़वां
बहनों - सबा और फराह - की मां राबिया खातून को डॉक्टरों और अल्लाह पर भरोसा है । १०
वर्षीया सबा और फराह की मां राबिया ने कहा कि अगर डॉक्टर कह रहे हैं कि इन दोनों को
अलग किया जा सकता है तो उनकी बात को कैसे काटा जा सकता है । अमेरिका के जाने - माने
न्यूरो सर्जन बेंजामिन कार्सन ने यह बयान देकर कि इन दोनों बच्चियों को ऑपरेशन के
जरिए अलग किया जा सकता है, राबिया की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं । सोमवार को इन दोनों
लड़कियों की एंजियोग्राफी रिपोर्ट को राबिया सुखद खबर मानती है । उन्होंने कहा कि
एंजियोग्राफी रिपोर्ट हमारे लिए रमजान से पहले अल्लाह का उपहार बनकर आई है । अगर सब
कुछ ठीक - ठाक रहा तो मैं सबा और फराह को इस त्रासद जिंदगी से मुक्त होते देख सकती
हूं । राबिया के पति पटना रेलवे स्टेशन के पास दुकान चलाते हैं । राबिया ने कहा कि
हम अल्लाह से दुआ करते हैं कि ऑपरेशन सफल हो । सब कुछ अल्लाह की मर्जी पर ही निर्भर
करता है । राबिया अबूधाबी के युवराज शेख मोहम्मद बिन ज़येद अल नह्यन के प्रति अपना
आभार प्रकट करते थकती नहीं । उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी डॉक्टर सबा और फराह को
अलग करने में सफल होते हैं तो इसका सबसे अधिक श्रेय अल नह्यन को जाएगा. मेरी आर्थिक
स्थिति ऐसी नहीं है कि इस जटिल ऑपरेशन पर लाखों रुपये खर्च कर सकूं । अगर अल नह्यन
ऑपरेशन का खर्च वहन करने के लिए आगे नहीं आते तो हम इन दोनों बहनों का इलाज कैसे
करा सकते थे । उन्होंने कहा कि यह भी चमत्कार से कम नहीं है कि यहां से हजारों
किलोमीटर दूर रह रहे नह्यन को मेरी इन दोनों बेटियों की तकलीफ का अहसास हो गया ।
मुझे उम्मीद है कि एक दिन इन दोनों की जिंदगी में चमत्कार होगा और दोनों शारीरिक
रूप से एक - दूसरे से जुदा हो जाएंगी । इराक मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका
और ब्रिटेन ने एक संशोधित प्रस्ताव रखा है जिसमें कहा गया है कि इराक में अंतरिम
सरकार को ३० जून तक सत्ता सौंपी जा सकती है । पहले के प्रस्ताव में कहा गया था कि
गठबंधन सेना को वापस भेजने का अधिकार नए संविधान के तहत चुनी गई सरकार को होगा । यह
सरकार ३१ जनवरी, २००६ तक सत्ता में आएगी । इराक में अमेरिकी हस्तक्षेप को समाप्त
करने के लिए अब भी सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव की जरूरत है । लेकिन अमेरिका व
ब्रिटेन द्वारा दिए गए संशोधित प्रस्ताव के अनुसार इराक में अमेरिकी अभियान को
अंतरिम सरकार की मांग के बाद ही समाप्त किया जा सकता है । इस सिलसिले में इराक के
विदेश मंत्री होश्यार जेबारी ने भी कहा था कि गठबंधन सेना की वापसी का अधिकार इराक
की अंतरिम सरकार के पास होना चाहिए । इस बात की मांग सुरक्षा परिषद के कुछ सदस्यों
ने भी की है । इराक की अंतरिम सरकार द्वारा देश से गठबंधन सेना की वापसी की मांग
करने की संभावना बहुत कम है । क्योंकि विदेश मंत्री जेबारी ने बृहस्पतिवार को ही
सुरक्षा परिषद को संबोधित करते हुए इराक में गठबंधन सेना को कुछ और दिनों तक रुकने
की वकालत की थी । ऐसा न होने पर उन्होंने इराक में गृह युद्ध की आशंका जताई थी ।
गेहूं की खरीद के मामले में राज्यों की सहकारी एजेंसियां सबसे आगे हैं । अभी तक
सहकारी एजेंसियों ने राज्यों और केंद्र सरकार की सभी एजेंसियों से सबसे ज्यादा खरीद
की है । उत्तर प्रदेश में भी सहकारी एजेंसियों ने गेहूं की सबसे ज्यादा खरीद की है
। रबी सीजन के बाद राज्य और केंद्र सरकार की एजेंसियां गेंहू की खरीद करती हैं ।
लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने गेंहू खरीदने के लिए राज्यों को छूट प्रदान कर दी थी
। अभी तक गेहूं उत्पादक राज्यों में करीब १.४७ करोड़ टन गेहूं की खरीद हुई है ।
इसमें सबसे ज्यादा खरीद पंजाब में हुई है जबकि हरियाणा दूसरे स्थान पर है ।
केंद्रीय खाद्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में अभी तक महज ५.३
लाख टन गेहूं की खरीद हुई है । जो उसके उत्पादन को देखते हुए काफी कम है । इस साल
यूपी में २.४ करोड़ टन गेहूं की पैदावार हुई है । सहकारी एजेंसियों द्वारा विभिन्न
राज्यों में अभी तक ४३.३० लाख टन गेहूं की खरीद की गई है, जो अन्य एजेंसियों की
तुलना में सबसे ज्यादा है । भारतीय खाद्य निगम महज २२.२५ लाख टन गेंहू की खरीद कर
पाया है । जबकि राज्य सरकारों ने २१.४० लाख टन ही गेहूं की खरीद की है । इसके अलावा
राज्य भंडारण निगम ने १५.२० लाख टन गेंहू खरीदा है । आंकड़ों के मुताबिक सहकारी
एजेंसियों के मामले में पंजाब राज्य सबसे आगे है । यहां अभी तक २४ लाख टन से ज्यादा
गेहूं की खरीद हुई है । जबकि हरियाणा में १६.७३ लाख टन गेहूं राज्य की सहकारी
एजेंसियों द्वारा खरीदा गया है । इसके अलावा उत्तर प्रदेश में इन एजेंसियों ने १.८६
लाख टन गेहूं खरीदा है । चौंकाने वाली बात यह है कि गेहूं की खरीद के मामले में
कृषि उत्पादों का कारोबार करने वाली कंपनियां भी पीछे नहीं हैं । यह कंपनियां अभी
तक १६ लाख टन से ज्यादा गेहूं की खरीद कर चुकी हैं । जबकि राज्यों की खस्ताहाल
भंडारण निगमों का प्रदर्शन इस बार भी फीका रहा है । गेंहू उत्पादक राज्यों के
भंडारण निगमों ने १५ लाख टन गेहूं खरीदा । ९२वीं भारतीय विज्ञान कांग्रेस में उस
समय मतभेद उभर आए जब शीर्ष टैक्नोक्रेट सैम पैत्रोदा ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक
अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) के विकेंद्रीकरण की जोरदार वकालत की । इससे असहमति जताते
हुए सीएसआईआर के महानिदेशक आर ए माशेकर ने इस संस्थान को रोल मॉडल करार दिया ।
पैत्रोदा ने मंगलवार शाम 'भारतीय विज्ञान २१वीं शताब्दी में' विषय पर अपने विचार
रखते हुए वृहद सीएसआईआर के पूर्ण विकेंद्रीकरण की मांग कर डाली । उन्होंने कहा कि
परिषद का आकार बहुत बड़ा और जटिल है । यदि हम सचमुच और वैज्ञानिक पैदा करना चाहते
हैं तथा देश को २१वीं सदी में शीर्ष क्रम में देखना चाहते हैं तो हमें कुछ जरूरी
कदम उठाने ही होंगे । पैत्रोदा ने कहा, हमें सिर्फ पांच वैज्ञानिकों की जरूरत नहीं
है । हमें पांच सौ शीर्ष वैज्ञानिक चाहिए । पैत्रोदा की टिथी पर प्रतिक्रिया व्यक्त
करते हुए डॉ माशेकर ने कहा कि सीएसआईआर अपने ३८ लेबोरेटरी, ३७ एक्सटेंशन सेंटर और
२२ हज़ार कर्मियों के बूते आज रोल मॉडल बना हुआ है । यह संस्थान इस बात की मिसाल है
कि कैसे वृहद संस्थान प्रभावी और सफल तरीके से काम कर सकते हैं । उन्होंने कहा कि
सीएसआईआर दुनिया के दस श्रेष्ठ संस्थानों में से है । इसे दुनिया भर में मान्यता
प्राप्त है । मंगलवार को अपने संबोधन में देश में दूरसंचार क्रांति के सूत्रधार
माने जाने वाले सैम पैत्रोदा ने वैज्ञानिकों से अपील की है कि वे आम इंसान को ध्यान
में रखकर नयी तकनीकी का विकास करें । पनीर अमीरों का आहार है, लेकिन ईंट तो सभी की
ज़रूरत है । उन्होंने कहा कि देश में हर साल हज़ारों लोग मलेरिया की चपेट में मारे
जाते हैं, लेकिन इस बीमारी पर अधिक शोध नहीं हो रहा है । वजह यह है कि यह ग़रीबों
की बीमारी है । जम्मू - कश्मीर में आतंकियों द्वारा समय - समय पर घातक हमले किए
जाने के बावजूद सुरक्षाबलों को राज्य में हिंसक घटनाओं में कमी लाने में महत्वपूर्ण
सफलता मिली है । राज्य में पिछले तीन साल में हिंसक घटनाओं की संख्या में उल्लेखनीय
कमी आई है । सरकारी आंकड़ों के मुताबिक राज्य में हिंसक घटनाओं में ५० फीसदी तक की
कमी आई है । वर्ष २००३ में राज्य में जहाँ ३४०१ आतंकी घटनाएं हुई थी वहीं इस साल
सिर्फ १४१५ आतंकी घटनाएं हुई है । आंकड़ों के मुताबिक जहां वर्ष २००३ में आतंकी
घटनाओं में २७१६ लोग मारे गए थे वहीं २००५ में १३१३ लोग मारे गए हैं । मृतकों की
संख्या में आम नागरिक, सुरक्षाबल और आतंकियों की संख्या शामिल है । वर्ष २००४ में
राज्य में २५६५ आतंकवाद संबंधी हिंसक घटनाएं हुई थीं और २०३९ लोग मारे गए थे ।
राज्य में सुरक्षाबलों को आतंकियों के ख़िलाफ़ भी बड़ी कामयाबियाँ मिली ।
सुरक्षाबलों ने हिज़बुल मुजाहिदीन, लश्कर - ए - ताइबा, जैश - ए - मोहम्मद और हरकत -
ए - जेहाद - ए - इस्लामी के कई कमांडरों को निपटाने में सफलता प्राप्त की ।
सुरक्षाबलों के अभियान का सबसे बड़ा नुक़सान हिज़बुल मुजाहिदीन को उठाना पड़ा । इस
अभियान के दौरान इस आतंकी संगठन को अपने १० वरिष्ठ कमांडरों से हाथ धोना पड़ा ।
वर्ष २००३ के दौरान १००० स्थानीय व ४७० विदेशी आतंकी मुठभेड़ में मारे गए । जबकि इस
साल यह आंकड़ा ५१६ और १४१ है । वर्ष २००४ में ६८७ स्थानीय व २८९ विदेशी आतंकी
सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए थे । आतंकियों द्वारा समय - समय पर बड़ी वारदात करने
के बावजूद राज्य में सुरक्षाबलों की स्थिति मज़बूत है । वर्ष २००३ में आतंकियों के
ख़िलाफ़ अभियान में जहाँ ३८४ जवान व अधिकारी मारे गए थे वहीं इस साल यह संख्या घटकर
१७३ पर थमी जबकि वर्ष २००४ में यह संख्या ३३० थी । आम नागरिकों के ख़िलाफ़ भी आतंकी
हिंसक घटनाओं में ५० फीसदी तक की कमी आई है । उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम
सिंह यादव द्वारा कांग्रेस और केंद्र सरकार पर फ़ोन टैपिंग का आरोप मढ़ने के बाद अब
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता ने भी केंद्र के ख़िलाफ़ मोरचा खोल दिया है ।
उन्होंने भी आरोप लगाया है कि केंद्र उनके फ़ोन टैप करा रहा है । बृहस्पतिवार को
सपा नेता अमर सिंह ने प्रदेश सचिवालय में जयललिता से मुलाक़ात की । इसके बाद एक
बयान जारी कर तमिलनाडु की मुख्यमंत्री ने कहा कि 'मैं अब तक इस बात को सार्वजनिक
करने से बचती रही क्योंकि मुझे मालूम था कि केंद्र इसे सिरे से नकार देगा 'उन्होंने
कहा कि अब जबकि अमर सिंह ने इस बात के पुख़्ता सबूत पेश कर दिए हैं कि विपक्षी नेता
के फ़ोन टैपिंग के पीछे केंद्र का हाथ है तो इस मामले की तुरंत निष्पक्ष जाँच कराई
जानी चाहिए और इस (षड्यंत्र) का पर्दाफ़ाश करने के लिए पूरे प्रकरण की विस्तृत जाँच
होनी चाहिए । बहरहाल, बयान में जयललिता ने यह भी कहा है कि केंद्र को तुरंत इसकी
ज़िम्मेदारी ले लेनी चाहिए । जयललिता ने इस कथित टैपिंग मामले को स्तब्ध करने वाला
और अनुचित कहा है । उन्होंने आगे कहा कि यह देखकर बहुत ही आश्चर्य हो रहा है कि
केंद्र सरकार अपने राजनीतिक विरोधियों से कसर निकालने में किस ह़द तक नीचे गिर सकती
है । मुख्यमंत्री ने कहा कि 'यह बहुत ही गंभीर और अपमानजनक मुद्दा है जो संविधान
में उल्लेखित बोलने की स्वाधीनता और जीने के अधिकार का सरासर उल्लंघन है इससे यह
सवाल पैदा होता है कि अगर यह अमर सिंह के साथ हो सकता है तो ऐसा किसी भी विपक्षी
नेता के साथ हो सकता है । मुकेश अंबानी और उनके छोटे भाई अनिल अंबानी के बीच
मालिकाना ह़क़ को लेकर चल रही जंग के समाप्त होने के आसार दिखाई दे रहे हैं । माना
जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच समझौते की ठोस रूपरेखा तैयार कर ली गई है और
उम्मीद है कि अगले छह हफ़्तों के भीतर इसे औपचारिक स्वरूप प्रदान कर दिया जाएगा ।
समझौते की घोषणा चार - छह हफ़्ते में की जा सकती है । हालाँकि ग्रुप की कंपनियों के
पुनर्गठन तथा कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने में छह माह का समय लग सकता है । जानकार
सूत्रों के मुताबिक सरकार रिलायंस से जुड़े घटनाक्रमों पर निगाह रखे हुए है ।
सूत्रों का मानना है कि देश के कॉर्पोरेट इतिहास में मालिकाना ह़क़ को लेकर छिड़े
इस सबसे ज़बरदस्त विवाद को सुलझाने के मक़सद से पिछले एक माह के दौरान समझौता
प्रक्रिया में तेज़ी आई है । मीडिया रिपोर्टो में कहा जा रहा है कि रिलायंस कैपिटल
किसके हिस्से में जाएगा, इसको लेकर भ्रम की स्थिति है, लेकिन सूत्रों ने संकेत दिया
है कि यह कंपनी अनिल के हिस्से में जा सकती है । साथ उन्हें रिलायंस एनर्जी और
रिलायंस इंफोकॉम भी मिल सकता है, जिसके अध्यक्ष मुकेश अंबानी हैं । दोनों पक्षों के
बीच जिन मुद्दों पर व्यापक सहमति बनी है, उसके तहत पिछले कुछ साल में रिलायंस ग्रूप
ने जो नए व्यवसाय शुरू किए हैं, वे छोटे भाई अनिल को दिये जाएंगे जबकि मुख्य कंपनी
रिलायंस इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड (आरआईएल) और पेट्रोकेमिकल उपक्रम आईपीसीएल पर मुकेश का
मालिकाना हक़ बरक़रार रहेगा । देश के सबसे बड़े कॉर्पोरेट हाउस में समझौते के लिए
की जा रही पहल पर वित्त मंत्री पी चिदंबरम की निगाह है । पिछले पखवाड़े उन्होंने
कहा था कि अंबानी बंधु समझौते की ओर बढ़ रहे हैं और पारिवारिक विवाद में सरकार को
हस्तक्षेप करने की ज़रूरत नहीं है । चिदंबरम ने कहा कि दोनों भाई समय - समय पर
मुझसे बात करते रहते हैं और मैं उन्हें विवाद जल्द सुलझाने की सलाह देता हूँ । ऐसा
लगता है कि जल्द ही वे इसका हल ढूँढ़ लेंगे । वित्त मंत्रालय के अलावा कंपनी मामलों
का मंत्रालय भी इस विवाद से जुड़े घटनाक्रमों पर नज़दीकी नज़र रखे हुए है । सूत्रों
के मुताबिक दोनों भाइयों ने बीती बातों को भुलाने की सरकार से इच्छा जताई है ।
बहरहाल, सूत्रों का यह भी कहना है कि समझौते के मुद्दे पर मुकेश और अनिल के बीच
औपचारिक बैठक नहीं हुई है । लेकिन समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के बाद इस संबंध
में औपचारिक घोषणा से पहले अंबानी बंधुओं की मुलाक़ात हो सकती है । बेस्ट बेकरी
मामले की प्रमुख गवाह जाहिरा शेख और सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ द्वारा एक
दूसरे पर लगाए गए आरोप - प्रत्यारोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित
उच्चाधिकार प्राप्त समिति बुधवार से अपना काम शुरू कर देगी । सूत्रों ने मंगलवार को
इस बात की जानकारी दी है । शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार जनरल बी. एम. गुप्ता की
अध्यक्षता वाली इस समिति में दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त कंवलजीत सिंह देओल भी
शामिल हैं । समिति ने दोनों पक्षों के वकीलों को कल अपने सामने हाजिर होने के लिए
नोटिस भेजा है । जांच का मकसद चार महीने में यह पता लगाना है कि जाहिरा और तीस्ता
में आखिर सच कौन बोल रहा है । स्थिति को 'नाजुक' बताते हुए न्यायमूर्ति अरिजीत
पसायत और एच के सेमा की खंडपीठ ने शीर्ष अदालत के रजिस्ट्रार जनरल को दिल्ली पुलिस
के महानिरीक्षक स्तर के किसी अधिकारी की मदद लेने का निर्देश दिया था । उसने शीर्ष
अदालत में दाखिल जाहिरा के बयानों और तीस्ता के हलफनामों के आधार पर जांच करने को
कहा । आदेश मिलने के बाद रजिस्ट्रार जनरल ने पुलिस कमिश्नर के के पॉल से परामर्श
किया और देओल को इस जिम्मेदारी के लिए चुना गया । गौरतलब है कि जाहिरा समय - समय पर
अपने बयानों से पीछे हटी है और अपने अंतिम बयान में उसने आरोप लगाया है कि तीस्ता
ने उस पर दबाव डाला और बेस्ट बेकरी मामले को विदेशों में बेचकर पैसे कमाए । तीस्ता
के वकील ने आरोप लगाया कि बडोदरा के स्थानीय भाजपा और विहिप नेताओं ने बयान बदलने
के लिए जाहिरा को भारी रकम देने का लालच दिया । यह सेवा शुरू होने के दो दिन पहले
मंगलवार को बारामूला जिले में इसके मार्ग पर एक शक्तिशाली विस्फोट हुआ जिसमें सात
लोग जख्मी हो गए । जबकि सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने इसी जिले में श्रीनगर -
मुजफ्फराबाद मार्ग से दो आईईडी बरामद कर बड़ा हादसा टाल दिया । इनका वजन १३०
किलोग्राम है । अधिकारियों का मानना है कि इसकी कोई जरूरत नहीं है । प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ७ अप्रैल को बस को मुज़फ्फराबाद रवाना करेंगे । आतंकवादियों ने कुछ दिन
पहले बस यात्रियों को धमकाने के बाद अब दोनों बसों के ड्राइवरों को चेतावनी दी है ।
चार आतंकी संगठनों ने एक बयान में कहा है कि राज्य सड़क परिवहन निगम के दोनों बस
चालकों का बॉयोडाटा हासिल कर लिया गया है और यदि वे बस लेकर गए तो अपनी जान से
खिलवाड़ करेंगे । अल नसरीन, सेव कश्मीर मूवमेंट, अल अरिफीन और फरजंदान ए मिल्लत की
ओर से जारी इस बयान में किसी के दस्तखत नहीं हैं । इस बीच जम्मू कश्मीर के अखनूर
सेक्टर में सेना के जवानों ने घुसपैठ की कोशिश आज तड़के नाकाम कर दी लेकिन इस
कार्रवाई में दो जवान शहीद हो गए । इनमें अल बद्र का एक स्वयंभू डिवीजनल कमांडर
शामिल है । बारामूला जिले के पट्टन क्षेत्र में आज सुबह साढ़े ग्यारह बजे एक बस शेड
के नीचे हुए आईईडी विस्फोट में सात लोग जख्मी हो गए । ये लोग एक बस का इंतजार कर
रहे थे । आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इसके पहले सुबह पौने नौ बजे पलहालन इलाके
में बीएसएफ की एक टुकड़ी ने सड़क के किनारे दो आईईडी बरामद किए । पॉलिथीन बैग में
रखे इन विस्फोटकों का वजन क्रमशः ७० किलोग्राम व ६० किलोग्राम है । सुरक्षा बलों ने
इन्हें डिफ्यूज कर दिया । विस्फोट और आईईडी बरामदगी के ये दोनों घटनास्थल श्रीनगर -
मुज़फ्फराबाद बस सेवा के मार्ग में हैं । इनमें से दो पत्रकार दिल्ली में तैनात हैं
। पाकिस्तानी टीवी जिओ और एआरवाई के अलावा प्रिंट मीडिया के दो पत्रकार भी नियंत्रण
रेखा के इस पार भारत में इस मौके को कवर करेंगे । इस्लामाबाद से मिली खबर में कहा
गया है कि मुज़फ्फराबाद से श्रीनगर आने वाली बस में यात्रा की ३० लोगों को अनुमति
दे दी गई है । इनमें पाक अधिकृत कश्मीर और लाहौर हाई कोर्ट के दो पूर्व जज शामिल
हैं । बिहार विधानसभा चुनाव में यूपीए को एकजुट रखने की कोशिशें लगभग खत्म हो गई
हैं । कांग्रेस ने ऐलान किया है कि वह लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के सभी
उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ेगी । पासवान के अलग चुनाव लड़ने की सूरत में लोजपा
के साथ कोई रियायत नहीं बरती जाएगी । वैसे अंतिम कोशिश के तहत कांग्रेस अध्यक्ष
सोनिया गांधी जल्द ही रामविलास पासवान से मुलाकात करेंगी । कांग्रेस महासचिव व
बिहार के प्रभारी दिग्विजय सिंह ने कहा है कि रामविलास पासवान हमारे साथ होंगे अथवा
विरोध में, बीच का कोई रास्ता नहीं निकाला जाएगा । पासवान के अलग चुनाव लड़ने पर
उनके सभी उम्मीदवारों के खिलाफ कांग्रेस चुनाव लड़ेगी । रविवार को पासवान ने यह
कहते हुए कांग्रेस को फ्रैंडली फाइट की दावत दी थी कि वह पूर्व विधायकों के खिलाफ
अपने उम्मीदवार नहीं उतारेंगे, लेकिन कांग्रेस ने इस पेशकश को नामंजूर कर दिया है ।
किसी भी राज्य में यह गठबंधन नहीं है । खुद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने केरल
में वामदलों को अपना सबसे बड़ा विरोधी कहा है । वैसे वामदल पासवान की इस दलील से
सहमत नहीं हैं । उनका कहना है कि वामदल यूपीए का बाहर से समर्थन कर रहे हैं, जबकि
पासवान सरकार में शामिल हैं । पासवान अगर अलग होकर चुनाव लड़ते हैं तो उन्हें सरकार
से अलग हो जाना चाहिए । दिग्विजय सिंह ने कहा कि चुनाव प्रचार के लिए बिहार में
संयुक्त प्रचार समिति बनाई जाएगी । इसके साथ - साथ संयुक्त घोषणा जारी करने पर भी
विचार किया जा रहा है । हालांकि माकपा को इस पर कुछ एतराज है । यह पूछे जाने पर कि
क्या पासवान से समझौते के सभी रास्ते बंद हो गए हैं, सिंह ने कहा कि रायबरेली दौरे
से लौटने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एक बार उनसे मुलाकात करेंगी ।
'अमृतापुरी' के अधिकांश सुनामी पीड़ितों के लिए माता अमृतानंदमयी का नाम अपना - सा
है । २६ दिसंबर की सुबह सुनामी के कहर ने यहां १४४ लोगों को निगल लिया । इनमें से
अधिकांश महिलाएं और बच्चे थे । यहां मछुआरे समुद्र के बिल्कुल करीब तट पर रहते थे ।
एक कब्रगाह में तो ४६ शव दफनाए गए हैं । इससे सटे दूसरी कब्रगाह में ६० शव दफनाए गए
हैं । माता, पिता, बहनें, भाई और सगे - संबंधी रोज यहां इकट्ठे होते हैं और
मोमबत्तियां जलाकर लहरों के शिकार अपने प्रियजनों के लिए दुआएं करते हैं । यहां से
कुछ ही दूरी पर किसी चट्टान की तरह माता आनंदमयी मठ खड़ा है । लहरें मठ के अहाते से
भी टकरायी होंगी, लेकिन उसे कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा । 'अम्मा' के सैकड़ों भक्त
उस दिन मठ के अंदर मौजूद थे । अम्मा की निगरानी में तुरंत मठ खाली कर दिया । ६० साल
बाद लौटे सुनामी ने तटीय केरल में १५० लोगों की जानें ली हैं । राज्य के कोल्लम और
अलपुझा जिले सर्वाधिक प्रभावित हैं । इनमें अजीक्कल और पूनतरातुरूतु क्षेत्र भी
शामिल है । अल्लापट में ४२ से ज्यादा मौतों की खबर है । राहत शिविरों में रहने वाले
अधिकांश लोग बेघर हो गए हैं । वे नहीं जानते सरकारी सहायता कब तक उन तक पहुंचेगी ।
अधिकारियों ने दौरा करके उनकी समस्याओं को नोट किया है । एक केंद्रीय दल ने हाल ही
में गांव का दौरा किया है, लेकिन ग्रामीणों की आस अम्मा पर ही टिकी है । राहत
शिविरों में मठ के लोग भोजन उपलब्ध करा रहे हैं । शरणार्थियों के लिए मठ की ओर से
रोजाना १,००० किलो उपमा, १,५०० लीटर दाल और २,००० किलो चावल पकाया जाता है । दुनिया
भर के श्रद्धालुओं की ओर दान में दिए गए कपड़े भी बांटे जा रहे हैं । आश्रम ने अपना
राहत अभियान केरल के कोच्चि और तिरुअनंतपुरम जैसे इलाकों में भी शुरू किया है । देश
भर के ३०,००० हजार बेघर लोगों के लिए मकान बनाने का काम करने वाले मठ ने सुनामी
पीड़ितों के आश्रितों के बारे में सोच रहा है । पीड़ितों के लिए मकान बनाने और अन्य
प्रकार की सहायता के लिए अम्मा ने १०० करोड़ की मदद की घोषणा की है । मठ ने चेन्नई
के कुड्डालोर और नागापट्टनम में भी राहत शिविरों की स्थापना की है । अम्मा के
निर्देश पर अमृत विश्वविद्यालय के चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर ब्रह्मचारी अभयमित्र चैतन्य
के नेतृत्व में अनेक ब्रह्मचारी चेन्नई पहुंचकर राहत के काम में लग गये हैं ।
मंगलवार का दिन भारत के लिए हर मायने में शुभ साबित हुआ । पाकिस्तान के खिलाफ़
दूसरे एक दिवसीय मैच में उसने जहां ५८ रनों से जीत हासिल की, वहीं उसे महेंद्र सिंह
धोनी के रूप में एक नया स्टार बल्लेबाज मिल गया । कैरियर का मात्र पांचवां मैच खेल
रहे धोनी की बेखौफ़ पारी के आगे पाकिस्तानी आक्रमण बौना नजर आया । भारत ने आज पहले
बल्लेबाजी करते हुए धोनी के १२३ गेंदों पर १४८ रनों की बदौलत ५० ओवरों में नौ विकेट
पर ३५६ बनाए, जो पाकिस्तान के खिलाफ भारत का सबसे बड़ा स्कोर है । मैन ऑफ मैच धोनी
ने अपनी पारी में १६ चौके और चार दमदार छक्के भी लगाए । इससे पहले उनका अधिकतम
स्कोर १२ रन था । जवाब में खेलने उतरी पाकिस्तान की पूरी टीम ४४.१ ओवरों में २९८ रन
बनाकर आउट हो गई । भारत ने शनिवार को खेला गया पहला एक दिवसीय मैच ८७ रनों से जीता
था । इस जीत से भारत ने वनडे सीरीज में २ - ० की बढ़त हासिल कर ली है । कप्तान सौरव
गांगुली ने आज २३ वर्षीय धोनी पर भरोसा जताते हुए उन्हें प्रोन्नत कर तीसरे नंबर पर
खेलने भेजा । इसके बाद जो कुछ हुआ वह इतिहास बन गया । एसीए - वीडीसीए का छोटा
ग्राउंड, तेज आउटफील्ड और बल्लेबाजों के लिए माकूल पिच पर धोनी पाकिस्तानी
गेंदबाजों पर कहर बनकर टूट पड़े । भारत की ओर हमेशा की तरह आज भी वीरेंद्र सहवाग ने
कमान संभाली और मात्र ४० गेंदों पर दो छक्के और १२ चौके की मदद से ७४ रन बनाकर बड़े
स्कोर की नींव रख दी । दूसरे विकेट के लिए दोनों बल्लेबाजों ने ९६ रनों की साझीदारी
की । सहवाग ने अपनी एक्सप्रेस पारी में मात्र २६ गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया ।
राणा नवीद - उल - हसन की गेंद पर उनका कैच सलमान बट्ट ने लपका । इस बीच धोनी टॉप
गियर में आ चुके थे । मात्र ८८ गेंदों पर जब उन्होंने शतक पूरा किया तो दीर्घाओं
में मौजूद २६,००० दर्शकों ने इस उभरते हुए स्टार का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत
किया । कप्तान सौरव गांगुली एक बार फिर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे और नौ रन बनाकर
सामी की गेंद पर आउट हो गए । धोनी का साथ देने आए उप कप्तान राहुल द्रविड़ ने सधे
हुए अंदाज में पारी की शुरुआत की और युवा साथी बल्लेबाज को आजादी से खेलने का पूरा
मौका मुहैया कराया । चौथे विकेट पर दोनों बल्लेबाजों ने १३४ गेंदों पर १४९ रन जोड़
दिए । द्रविड़ ने ५७ गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया । धोनी ने मैच के ४०वें ओवर
में अफरीदी को जमकर मार लगाई और दो छक्के तथा एक चौके की मदद से १८ रन बटोर लिए ।
इसके बाद उमस भरी गरमी में लंबी पारी खेलने के बाद अधीर हो चुके धोनी ४२वें ओवर में
मोहम्मद हफीज की गेंद पर शोएब मलिक को कैच थमा बैठे । धोनी ने पाकिस्तान के खिलाफ
१४१ रन के सर्वश्रेष्ठ व्यक्तिगत स्कोर को भी छोड़ दिया । इससे पहले यह रिकॉर्ड
सौरव गांगुली (एडीलेड, २०००) तथा सचिन तेंदुलकर (रावलपिंडी, २००४) के नाम था ।
पाकिस्तान टीम के कप्तान रज्जाक पर काफी नाराज दिखे । बहरहाल, कप्तान की विदाई से
पाक को जो झटका लगा, उससे वह अंत तक नहीं उबर सका । इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी)
ने पाकिस्तान को वाघा सीमा से होकर छूट के साथ ३२०,००० टन डीजल की बिक्री की पेशकश
की है । ४.१६ अरब डॉलर लागत वाली प्रस्तावित भारत - ईरान पाइपलाइन के जरिए
प्राकृतिक गैस आयात की योजना के तहत सस्ते मूल्य पर गैस खरीद के लिए मोल - भाव करने
को भारत पाकिस्तान के साथ साझा प्रयास करने की तैयारी भी कर रहा है । पेट्रोलियम
मंत्री मणिशंकर अय्यर रविवार को लाहौर से इस्लामाबाद रवाना हुए । संभावना जताई जा
रही है कि वे पाकिस्तान को भारत से निर्यात की नकारात्मक सूची से डीजल को हटाने का
अनुरोध करेंगे । पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री हुमांयू अख्तर खान के साथ मुलाकात के
दौरान वे इस विषय पर चर्चा करेंगे । ६ से ८ जून तक अय्यर पाकिस्तान की सरकारी
यात्रा पर हैं । पाकिस्तान में डीजल आयात को बढ़ावा देने के मकसद से आईओसी अपने
उत्पादों को वर्तमान मूल्य स्तर से कम पर बेचने को इच्छुक है । अधिकारियों ने यह
जानकारी देते हुए बताया कि सौदा भारतीय रिफाइनरियों में उत्पादन लागत के अनुसार
करने की तैयारी है । पाकिस्तान कुवैत से सालाना २५ लाख टन डीजल का आयात करता है ।
लाहौर - मुल्तान इलाके में उसके पास कोई रिफाइनरी नहीं है । वह आयातित उत्पादों को
सड़क या रेल द्वारा कराची की रिफाइनरियों से हासिल करता है । उन्होंने कहा कि आईओसी
जमीनी मार्ग से सीमा पार डीजल का निर्यात कर सकता है और सीधे लाहौर पहुंचा सकता है
। डीजल को पानीपत रिफाइनरी से पाइप द्वारा जालंधर पहुंचाया जा सकता है और वहां से
सड़क और रेल द्वारा लाहौर भेजा जा सकता है । कंपनी ने जुलाई से छह महीने की अवधि के
बीच ३२०,००० टन डीजल बेचने की पेशकश की है । अय्यर पाकिस्तान से बातचीत के दौरान
ईरान से सस्ते दर पर गैस आयात के लिए पाकिस्तान और भारत को साथ आने की जरूरत पर भी
जोर देंगे । अधिकारियों ने कहा कि अय्यर तुर्कमेनिस्तान - अफगानिस्तान - पाकिस्तान
पाइपलाइन की प्रगति और भारत तक इसके विस्तार की संभावनाओं का आकलन भी करेंगे ।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने बॉलीवुड अदाकारा करिश्मा कपूर को चार महीने की बेटी समीरा
को अपने साथ विदेश नहीं ले जाने का आदेश दिया है । करिश्मा के पति संजय कपूर ने
अदालत में याचिका दायर कर समीरा को विदेश ले जाने पर रोक लगाने की गुहार लगाई थी ।
संजय कपूर की याचिका पर न्यायमूर्ति मुकुल मुदगल ने करिश्मा को नोटिस जारी करते हुए
उन्हें आदेश दिया कि वह पति की लिखित सहमति के बगैर अपनी बेटी को देश से बाहर नहीं
ले जाएं । मालूम हो कि करिश्मा ने २००३ में दिल्ली के उद्योगपति संजय कपूर से शादी
की थी लेकिन इसके डेढ़ साल बाद ही दोनों के रिश्ते बिगड़ गए और मामला तलाक तक जा
पहुंचा । तब यह भी खबर आई थी कि करिश्मा ने तलाक के पेपर पर दस्तखत करने के एवज में
संजय से ७ करोड़ रुपये मांगे थे । संजय कपूर ने अपनी याचिका में कहा है कि उन्हें
यह पता चला है कि करिश्मा समीरा को लेकर अमेरिका जाने की योजना बना रही हैं । इसके
लिए उनकी इजाजत नहीं ली गई । संजय ने अपनी याचिका में यह भी कहा है कि सभी कानूनों
को ताक पर रखकर उनकी नाबालिग बेटी का पासपोर्ट जारी किया गया । इसे जारी करने से
पहले मुंबई के पासपोर्ट कार्यालय ने उनकी सहमति नहीं ली थी । इस मामले में अदालत ने
केंद्र और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) को नोटिस जारी किया है । संजय की
याचिका पर अगली सुनवाई १२ अगस्त को होगी जिसमें उन्होंने कहा था कि आरपीओ ने अवैध
रूप से उनकी नाबालिग बेटी के नाम पासपोर्ट जारी किया है जबकि उनकी बेटी के घर के
पते के रूप में नई दिल्ली का पता दर्ज है । संजय ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्रालय
को लिखकर मामले की जांच के लिए कहा है । होंडा मोटर्स के प्रमुख टाकेयो फुकुई ने
शुक्रवार को यहां कहा कि गुड़गांव में होंडा की फैक्टरी में श्रमिक अशांति के
बावजूद भारत चीन के मुकाबले कम जोखिम वाला देश है । उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए है
क्योंकि भारत में चीन से अधिक राजनीतिक पारदर्शिता और चीन से कम जापान विरोधी
भावनाएं हैं । होंडा मोटर्स के अध्यक्ष टाकेयो फुकुई ने जापानी मीडिया को दिए
साक्षात्कार में कहा कि चीन अपने पूरे आर्थिक विकास के साथ उस दौर की शुरूआत में
पहुंच गया है जब वह कार निर्यात करने के लिए उत्पादन का गढ़ बनना शुरू हो गया है ।
फुकुई ने गुड़गांव में हौंडा की मोटर साइकिल फैक्टरी में श्रमिकों के असंतोष पर कहा
कि वे स्वीकार करते हैं कि भारत में प्रायः हड़तालें होती हैं । लेकिन अब हड़ताल का
दौर अब मंद हो गया है और यूनियन से बातचीत का माहौल बन गया है । फुकुई ने कहा कि
भारत में चीन के मुकाबले कम जोखिम है । भारत में राजनीतिक पारदर्शिता है और जापान
के प्रति तटस्थ भाव है । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की मूल हिन्दूवादी
विचारधारा में एक बड़ा परिवर्तन नजर आ रहा है । कभी अति संवेदनात्मक रहे राम मंदिर
निर्माण के मुद्दे को संघ के भविष्य में बनने वाले एजेंडे में कोई जगह मिलने की
उम्मीद नहीं है । आरएसएस की विचारधारा में यह क्रांतिकारी परिवर्तन ऐसे समय में हुआ
है जब वह अपने राजनीतिक संगठन भाजपा को वापस हिन्दूवादी एजेंडे की तरफ लाने के लिए
जी - तोड़ कोशिश कर रहा है । आरएसएस प्रमुख के एस सुदर्शन का लिखा पत्र संघ परिवार
के कट्टरपंथियों के अलावा भाजपा सहित संघ से जुड़े अन्य संगठनों के लिए भी
हैरतअंगेज है । अपने चार पन्नों के हस्तलिखित पत्र में सुदर्शन ने आरएसएस और इसके
सहायक संगठनों के भविष्य के एजेंडों को उजागर किया । अधिकारिक रूप से यह आरएसएस के
वरिष्ठ कार्यकर्ताओं यानि स्वयंसेवकों को आरएसएस के दूसरे प्रमुख एम. एस. गोलवल्कर
की जन्मशती के अवसर पर आयोजित समारोहों के बारे में जानकारी देने के लिए लिखा गया ।
गुरूजी के नाम से संघ परिवार में जाने जाने वाले गोलवल्कर की जन्मशती के साथ ही २४
फरवरी से वर्ष भर के समारोहों का आयोजन शुरू होगा । अपने पत्र में सुदर्शन ने कहा
कि संघ परिवार से जुड़े सभी संगठनों के लिए कुछ सामान्य कार्यक्रम हैं । इन
कार्यक्रमों में पूरे देश में जिला स्तर पर आयोजित होने वाले हिन्दू सम्मेलन भी
शामिल हैं । सुदर्शन ने इन सम्मेलनों में आरएसएस के कार्यकर्ताओं को चार विषयों में
से एक विषय को लेने के निर्देश दिए । इन विषयों में भारत के बदलते जनसांख्यिकी
प्रोफाइल, स्वदेशी, सामाजिक न्याय और गुरूजी का दर्शन शामिल हैं । पत्र में समान
नागरिक संहिता और भारत के संविधान से जम्मू - कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले
अनुच्छेद ३७० को हटाने की बात भी नहीं की गई है । हाल के दिनों तक राम मंदिर
निर्माण के अलावा हिन्दुत्व के एजेंडे में ये दोनों मुद्दे प्रधानता से उठाए जाते
रहे हैं । आरएसएस प्रवक्ता राम माधव से जब इन महत्वपूर्ण विषयों को हटाने के बारे
में पूछा गया तो उन्होंने जवाब दिया कि क्या आप इन मुद्दों से इतर नहीं सोच सकते ।
प्रत्येक कार्यक्रम में समान मुद्दे नहीं रखे जा सकते । वेनेजुएला के राष्ट्रपति
ह्यूगो चावेज फ्रियाज ने शनिवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थाई सीट के
भारत के दावे की जोरदार वकालत की है । इसके साथ ही उन्होंने भारत की तेल, गैस और
ऊर्जा की जरूरतों को पूरा करने का प्रस्ताव भी रखा है । भारत और वेनेजुएला ने
विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के लिए छह महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं ।
भारत की तीन दिन की यात्रा पर आए चावेज ने कहा कि अमेरिका ने तीन वर्ष पूर्व उनके
देश के खिलाफ़ युद्ध छेड़ा था और अब वह उनकी हत्या करवाना चाहता है । इसके साथ ही
उन्होंने बताया कि इराक के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया कि अमेरिका ने पिछले
वर्ष इराक के फालुजा में हमले के दौरान मस्टर्ड और नर्व गैस का इस्तेमाल किया था ।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात के बाद चावेज ने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस
में कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को और अधिक लोकतांत्रिक बनाने और
विकासशील देशों के अधिकार, सुरक्षा और उनकी वकालत के लिए भारत को इसका सदस्य बनाया
जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को लोकतांत्रिक होना चाहिए और आज की
जरूरतों को महसूस करते हुए सुरक्षा परिषद का विस्तार किया जाना चाहिए । माना जा रहा
है कि इससे पहले प्रधानमंत्री सिंह और चावेज की बातचीत के दौरान दोनों देशों ने
द्विपक्षीय मसलों के साथ - साथ अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रमों पर विस्तृत चर्चा की ।
बैठक के दौरान दोनों नेताओं की मौजूदगी में दोनों देशों ने छह समझौतों पर हस्ताक्षर
किए और एक संयुक्त बयान जारी किया । प्रेस कांफ्रेंस में चावेज ने आरोप लगाया कि
अमेरिका ने पिछले तीन वर्ष से उनके देश के खिलाफ़ युद्ध छेड़ रखा है और उनकी हत्या
करवाना चाहता है । चावेज ने कहा कि यदि उन्हें कुछ होता है, तो इसके लिए अमेरिका के
राष्ट्रपति बुश जिम्मेदार होंगे । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति बिल
क्लिंटन के समय उनके देश के अमेरिका के साथ अच्छे संबंध थे । इसके साथ ही उन्होंने
बताया कि इराक के स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया कि अमेरिका ने पिछले वर्ष फालुजा
में हमले के दौरान मस्टर्ड और नर्व गैस का इस्तेमाल किया था । हालांकि चावेज के इस
दावे पर अमेरिका या इराक ने तत्काल कोई प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं की है और इराकी
अधिकारियों की ओर से भी कभी इस तरह की रिपोर्ट को सार्वजनिक नहीं किया गया है ।
उन्होंने कहा कि इराक की मौजूदा सरकार के स्वास्थ्य मंत्री फालुजा पर हमले की अपनी
जांच रिपोर्ट में मस्टर्ड और नर्व गैस के इस्तेमाल के संकेत दिए हैं । भारतीय
क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने शनिवार को कहा कि भारत - पाक क्रिकेट सिरीज़
के किसी एक मैच को देखने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को आमंत्रित
कर उसे (बेहद खुशी) होगी । दोनों देशों के बीच सिरीज़ अगले हफ्ते से शुरू हो रही है
। लेकिन यदि मुशर्रफ १२ अप्रैल को मोटेरा स्टेडियम में आयोजित चौथे भारत - पाक एक
दिवसीय मुकाबले को देखने का फैसला करते हैं तो वह उनका स्वागत करने के लिए तैयार है
। जीसीए के अध्यक्ष नरहरि अमीन ने कहा कि हालांकि भारत और पाकिस्तान के बीच किसी
मैच को देखने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति को न्योते की जरूरत नहीं है, जैसा कि
एक पाकिस्तानी अखबार ने कहा है । लेकिन यदि वह जोर देते हैं तो यह फैसला भारत सरकार
या बीसीसीआई को करना होगा कि वह (जनरल मुशर्रफ) किस मैच को देखना चाहते हैं ।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी टीम को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी । बीसीसीआई के
सचिव एस. के. नायर ने शनिवार को कहा कि वह पाकिस्तान के राष्ट्रपति हैं । हमें
उन्हें आमंत्रित कर खुशी होगी, लेकिन प्रोटोकॉल मामलों को सरकार और विदेश मंत्रालय
देखते है । लिहाजा पाकिस्तान के राष्ट्रपति को आमंत्रित करने के मुद्दे पर फैसला
केंद्र को करना है । पाकिस्तान से मिली रिपोर्टो में कहा गया है कि मुशर्रफ भारत
आकर दोनों देशों के बीच सिरीज़ के किसी एक मैच को देखने के इच्छुक हैं । नायर ने
कहा उन्होंने इस बारे में अभी प्रेस रिपोर्टें ही देखी हैं, जिसमें मुशर्रफ ने भारत
आने की इच्छा जताई है । इस संबंध में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से सूचना नहीं
मिली है । वहीं, अहमदाबाद में जीसीसी अध्यक्ष ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि
आमतौर पर गुजरात में अन्य लोगों के साथ हम राज्यपाल, मुख्यमंत्री और आईएएस और
आईपीएस अधिकारियों को आमंत्रित करते हैं । यदि पाकिस्तान के राष्ट्रपति यहां आते
हैं तो हमें बेहद खुशी होगी । मैच के दौरान पाक समर्थकों को सुरक्षा उपलब्ध कराने
के सवाल पर अमीन ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है । लेकिन इस
संबंध में समय से सूचना मिल गई तो हम पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध करा सकेंगे ।
उन्होंने कहा कि हम करीब २,५०० समर्थकों के लिए प्राथमिकता के आधार पर एक स्टैंड को
आरक्षित रखेंगे । उन्होंने कहा कि मैच के दौरान एहतियात के तौर पर स्टेडियम के भीतर
प्लास्टिक की बोतलें आदि नहीं ले जाने दिया जाएगा । अमीन ने कहा कि जीसीए ने हर
गैलरी के सामने पीने के पानी, नाश्ते और भोजन के लिए पर्याप्त व्यवस्था की है । रेल
मंत्री लालू प्रसाद यादव ने भारतीय रेल को नंबर वन बनाने की प्रतिज्ञा की है ।
उन्होंने रेलवे से भ्रष्टाचार मिटाने का संकल्प दोहराते हुए रेलनेट के व्यवसायीकरण
के संकेत दिए । रेल भवन में रेल मंत्री लालू यादव को भारतीय रेल वित्त निगम और
इंडियन रेलवे कंस्ट्रक्शन कंपनी (इरकक) द्वारा लाभांश चेक सौंपा गया । इस अवसर पर
रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे के दोनों उपक्रमों ने विदेशों में अपनी सेवा देकर लाभ
अर्जित किया है । रेलवे के अन्य उपक्रम भी विदेशों में अपनी सेवा देकर लाभ अर्जित
करें यह प्रयास किया जाएगा । रेल मंत्री ने कहा कि अगर राजग सरकार चुनाव में हारकर
सत्ता से बाहर नहीं हुई होती तो रेलवे का अब तक विनिवेश हो चुका होता । उन्होंने
स्पष्ट किया कि, किसी भी हाल में भारतीय रेल देश का पैसा विदेशों में नहीं जाने
देगा । इसके लिए सबसे पहले रेलवे अपने लिए आयातित सामान की ज़रूरतों को कम करेगा और
इसके लिए देश में ही उत्पादन होगा । उन्होंने कहा कि आयात नहीं होने पर कुछ दिक्कत
तो होगी लेकिन इसे सहन किया जाएगा । भारतीय रेल को विश्व की नंबर वन रेलवे बनाने की
भीष्म प्रतिज्ञा करते हुए लालू यादव ने कहा कि रेलवे से भ्रष्टाचार पूरी तरह से
मिटा कर ही दम लेंगे । उन्होंने रेलनेट के व्यवसायीकरण के संकेत दिए और कहा कि
सूचना प्रौद्योगिकी के इस ज़माने में रेलनेट के व्यवसायीकरण के विकल्पों की तलाश की
जाएगी । तहलका मामला सीबीआई को सौंपने और उत्तर - पूर्वी राज्यों में हाल की हिंसा
के लिए मनमोहन सरकार की आलोचना को उन्होंने सिरे से नकार दिया । सात महीनों लम्बी
जद्दोजहद और हजारों प्रतिभागियों से पार पाने के बाद शनिवार को हुए देश के सबसे
बड़े और सर्वाधिक लोकप्रिय टेलेंट हंट कार्यक्रम (इंडियन ऑइडल) का ताज आख़िरकार
महाराष्ट्र के अभिजीत सांवत ने जीत लिया । इस प्रतियोगिता के फाइनल को लेकर देशभर
के करोंड़ों लोगों में ज़बरदस्त उत्साह था । फाइनल का आयोजन दक्षिण मुबंई के
महालक्ष्मी स्टूडियो में किया गया । टेलिविजन इतिहास के सर्वाधिक लोकप्रिय
कार्यक्रमों में अपना नाम दर्ज करा चुके इस शो के फाइनल में मुबंई के अभिजीत सांवत
का मुक़ाबला भिलाई के अमित साना से था । हालाँकि दोनों ही गायक प्रतियोगिता के
फाइनल दौर में गाना गा चुके हैं लेकिन इन के लिए वोटिंग शनिवार यानि ५ मार्च तक
होनी थी । प्रतियोगिता के लिए स्टूडियो में स्टेज को बेहद खूबसूरती से सजाया गया था
। स्टेज के सामने दर्शकों में सामने बैठे थे दोनों गायकों के समर्थक दर्शक । बिहार
विधानसभा चुनावों से अपराधियों को दूर रखने के लिए पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को
महत्वपूर्ण क़दम उठाए । कोर्ट ने प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वह फरवरी तक फ़रार
अपराधियों की सूची उपलब्ध कराए ताकि इन लोगों को नामांकन भरने के समय ही गिरफ़्तार
किया जा सके । कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश जस्टिस नरेंद्र राय और जस्टिस एस. एन.
हुसैन की पीठ ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) की बिहार इकाई की एक जनहित याचिका
पर सुनवाई के दौरान कहा, 'कानून तोड़ने वालों को क़ानून निर्माता बनने की इजाज़त
नहीं दी जानी चाहिए कोर्ट ने ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह
अपराधियों के ख़िलाफ़ जारी गिरफ़्तारी वारंट तुरंत तामील करे । कोर्ट ने सुनवाई के
दौरान मौजूद आईजी (प्रशासन) नीलमणि को निर्देश दिए कि वह पुलिस अधीक्षकों को
निर्देश दें कि वे दो दिन के भीतर (७ जनवरी तक) फ़रार अपराधियों की सूची तैयार करें
और इसे ज़िला निर्वाचन अधिकारियों को सौंप दें ताकि ऐसे लोगों को गिरफ़्तार किया जा
सके । कोर्ट ने ऐसे लोगों की भी सूची मांगी है, जिनके ख़िलाफ़ संपत्ति ज़ब्ती के
आदेश लंबित हैं । कोर्ट ने कहा कि फ़रार अपराधियों को गिरफ़्तार करने से राज्य में
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने में मदद मिलेगी । इसके साथ ही कोर्ट ने राज्य के
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के. सी. साहा से कहा है कि वह ७ जनवरी तक निष्पक्ष और
स्वतंत्र चुनाव कराने के वास्ते ह़लफ़नामा दें । सुनवाई के दौरान आईजी नीलमणि ने
बताया कि राज्य में १५ हज़ार ऐसे अपराधी फ़रार हैं, जिनके ख़िलाफ़ गिरफ़्तारी वारंट
और संपत्ति ज़ब्ती के आदेश जारी किए गए हैं । नीलमणि ने अपराधियों की ज़िलावार सूची
तैयार करने के लिए कोर्ट से समय मांगा, लेकिन कोर्ट ने उन्हें सिर्फ ७ जनवरी तक ही
समय दिया है । आईएमए ने अपनी याचिका में फिरौती के लिए डॉक्टरों के अपहरण और उनकी
हत्याओं की ओर भी ध्यान दिलाया है । पुलिस सूत्रों के मुताबिक़ रैपिड एक्शन फोर्स,
बिहार मिलिट्री पुलिस (बीएमपी) तथा स्पेशल टॉस्क फोर्स की मदद के लिए सीआरपीएफ की
११ और बीएसफ की १५ टुकड़ियां तैनात की गई हैं । ये टुकड़ियाँ एमसीसी, पीपुल्स वार
और रणवीर सेना जैसे अतिवादी संगठनों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रही हैं । मूल्य
वर्द्घित कर (वैट) के प्रावधानों के मुताबिक़ नई बिलिंग सिस्टम को लागू करने की
तैयारियों के मद्देनजर चार दिनों तक बंद रहने के बाद देश भर में सेना की करीब १०
हज़ार कैंटीन मंगलवार को दोबारा खुल गईं । लेकिन, क़ीमतों में अधिक वृद्घि के कारण
कैंटीनों में ग्राहकों की संख्या नगण्य रही । थोड़े - बहुत लोग जो दुकानों में गए
थे, वे भी ख़ाली हाथ लौटते दिखाई दिए । इसकी वजह भी बिल्कुल स्पष्ट थी । इन दुकानों
में शराब वैट से पहले की क़ीमत के मुक़ाबले २५ से ३५ प्रतिशत अधिक क़ीमत पर बिक रही
थी । उपभोग की अन्य आवश्यक वस्तुओं की क़ीमत भी लगभग २० से ३० प्रतिशत अधिक थी ।
रक्षा अधिकारी इस बात से ख़फ़ा थे कि उन्हें भी खुले बाज़ार के ग्राहकों की भांति
शराब एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं के लिए अधिक क़ीमत चुकानी पड़ेगी । रॉयल चैलेंज
व्हिस्की की क़ीमत पहले २८७ रुपये थी जो बढ़कर ३४० रुपये हो गई । ब्लेंडर्स प्राइड
की क़ीमत भी ३२० रुपये से बढ़कर ३८४ रुपये हो गई । ट्रिपल एक्स की भी क़ीमत ७६ से
बढ़कर ९० रुपये पहुँच गई । महिला आरक्षण विधेयक पर जारी गतिरोध को तोड़ने के
मद्देनजर सरकार नए प्रस्ताव लाकर आम सहमति बनाने के प्रयास में जुट गई है । नए
प्रस्ताव में लोकसभा और विधानसभा की सीटें बढ़ाने का प्रावधान है । भाजपा ने तो इस
प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है, लेकिन यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही
माकपा और भाकपा ने अपनी असहमति जताई है । महिला आरक्षण बिल पर गृहमंत्री से चर्चा
के बाद, भाजपा प्रवक्ता सुषमा स्वराज ने कहा कि पार्टी हर हाल में महिलाओं को
लोकसभा और विधानसभा में आरक्षण देने की पक्षधर है । अब यह ज़िम्मेदारी सरकार की है
कि वह अपने सहयोगी दलों को राज़ी करे और जल्द से जल्द इस बिल को पास करे । लेकिन
सरकार की सहयोगी पार्टी माकपा ने कहा कि संसद के चालू सत्र में संबंधित विधेयक को
मूल रूप में पेश किया जाए । पार्टी ने कहा कि नए प्रस्ताव पर अमल करने में क़ाफ़ी
समय लगेगा । केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल इस मुद्दे पर विचार - विमर्श के लिए
शुक्रवार को अलग - अलग पार्टियों के नेताओं से मिले । पाटिल ने सरकार की ओर से
सुझाव पेश करते हुए कहा कि संसदीय व विधानसभा सीटों की संख्या बढ़ाए जाने को लेकर
दशकों से लंबित मुद्दे को नए प्रस्ताव के ज़रिए सुलझाया जा सकता है । भारतीय जनता
पार्टी (भाजपा), माकपा और भाकपा के नेताओं के साथ हुई वार्ता के दौरान गृहमंत्री
शिवराज पाटिल के अलावा रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी और संसदीय कार्यमंत्री गुलाम नबी
आज़ाद भी मौजूद थे । वार्ता के दौरान इन पार्टियों ने भी कहा कि जनसंख्या वृद्धि के
कारण कई लोकसभा क्षेत्रों की जनसंख्या २० से २५ लाख तक हो गई है । इसलिए इन संसदीय
क्षेत्रों को फिर से निधार्रित किए जाने की आवश्यकता है । सूत्रों ने बताया कि
पार्टियों ने इस बात को स्पष्ट किया कि वे वर्तमान ढर्रे पर ही सीटों के आरक्षण का
समर्थन करेंगे । वार्ता में भाजपा दल का नेतृत्व लालकृष्ण आडवाणी ने किया जबकि
भाकपा के नेताओं में गुरुदास गुप्ता, एस. सुधाकर रेड्डी और डी. राजा शामिल थे ।
सरकार की ओर से महिला आरक्षण बिल के लिए चार प्रस्ताव आए हैं । पहले प्रस्ताव में
लोकसभा और विधान सभाओं की ३३ फीसदी सीटें बढ़ाने का सुझाव है । दूसरे प्रस्ताव में
देश की ३३ फीसदी लोकसभा और विधान सभा क्षेत्रों में दो सदस्य चुनने का सुझाव है ।
तीसरे प्रस्ताव में वर्तमान लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों में ३३ फीसदी सीटें
महिलाओं के लिए आरक्षित करने का सुझाव है । चौथा प्रस्ताव चुनाव आयोग द्वारा दिया
गया है जिसमें हर राजनीतिक दल के लिए महिला उम्मीदवारों को ३३ फीसदी टिकट देना
अनिवार्य होगा । सुनामी के कहर से लोगों को हमेशा के लिए बचाने की योजना के तहत
केंद्र सरकार समुद्र के तटों पर आम के बाग लगाने अथवा दीवार बनाने पर विचार कर रही
है । केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा से बचाव को लेकर
केंद्र से लेकर राज्य व ज़िला स्तर तक आपदा प्रबंधन प्राधिकरण बनाए जाएंगे । लोकसभा
में माकपा के वासुदेव आचार्य के प्राकृतिक आपदाओं को लेकर उठाई चर्चा का आज जवाब
देते हुए पाटिल ने कहा कि सरकार इस बारे में हर ज़रूरी क़दम उठाएगी । उन्होंने इस
साल अब तक बाढ़ से हुए नुक़सान का ब्योरा भी सदन को दिया । उन्होंने बताया कि
महाराष्ट्र की हाल की बाढ़ से हुई तबाही के अलावा अभी तक देश के विभिन्न राज्यों
में १६१ ज़िले प्रभावित हुए । इनमें १८७६७ गाँव पानी से डूबे और १५८१ लोग और १७०८७
पशु बाढ़ की वजह से मारे गए व ४ लाख मकान क्षतिग्रस्त हुए । पाटिल ने कहा कि
राज्यों से बाढ़ की तबाही को लेकर रिपोर्टें आने लगी हैं । मध्यप्रदेश से अभी माँगा
जाना बाक़ी है । उन्होंने कहा कि सरकार राज्यों को हर संभव मदद करेगी । विदेश
मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने सोमवार को कहा कि भारत ने सरबजीत की नागरिकता
की आधिकारिक पुष्टि कर दी है । अब देखना है कि पाकिस्तान में कानूनी प्रक्रिया किस
तरह से इस मसले का हल निकालती है । पिछले दिनों भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों ने
पाकिस्तान की जेल में कैद सरबजीत से मुलाकात की थी । इन अधिकारियों की रिपोर्ट को
पंजाब सरकार को भेजा गया था । इसके बाद पंजाब सरकार ने उपलब्ध दस्तावेज़ों के आधार
पर सरबजीत की नागरिकता पर मोहर लगाई । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आज सरबजीत
मामले में मुख्य गवाह के अपने बयान से मुकरने पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन यह ज़रूर
कहा कि भारत ने सरबजीत की पहचान कर दी है । अब पाक सरकार के जवाब का इंतज़ार है ।
गौरतलब है कि सरबजीत मामले के मुख्य गवाह ने रविवार को बयान दिया था कि वह सरबजीत
को नहीं पहचानता है । उसने १९९० में लाहौर बम विस्फोट कांड के मामले में पुलिस और
सरकारी वकील के दबाव में ही सरबजीत के ख़िलाफ़ गवाही दी थी । मुख्य गवाह के इस बयान
से सरबजीत की रिहाई की आशा बढ़ गई है । 'राष्ट्रध्वज तिरंगा' छपे परिधानों के
इस्तेमाल पर रोक हटाने संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट ने आज मंज़ूरी दे दी । इसके तहत
आम जनता विशेष रूप से खिलाड़ी अपनी वर्दी और दूसरे कपड़ों में तिरंगे का इस्तेमाल
कर सकेंगे । लेकिन, अंडरगारमेंट और कमर से नीचे पहने जाने वाले कपड़ों पर तिरंगे का
इस्तेमाल पहले की तरह प्रतिबंधित रहेगा । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता
में हुई कैबिनेट की बैठक में वैदिक मंत्रोच्चार, संस्कृत थियेटर कोटियत्तम, रामलीला
और आदिवासी नृत्य व संगीत जैसी सांस्कृतिक धरोहरों की हिफाज़त करने संबंधी प्रस्ताव
को भी मंज़ूरी दे दी । कैबिनेट ने टीवी चैनलों के अपलिंकिंग संबंधी नियमों का
प्रस्ताव मंत्रियों के 'समूह जीओएम' को सौंप दिया । इसके ज़रिए सरकार न्यूज़ चैनलों
पर प्रत्यक्ष विदेश निवेश (एफडीआई) को लेकर छाई धुंध साफ़ करना चाहती है ।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद केंद्रीय सूचना और प्रसारण मंत्री एस जयपाल रेड्डी ने
पत्रकारों को बताया कि मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय 'गौरव अवमानना प्रतिबंध' अधिनियम
१९७१ में संशोधन को मंज़ूरी दे दी । प्रस्तावित संशोधन में अंडरगारमेंट या कमर के
नीचे पहने जाने वाले किसी भी परिधान में तिरंगे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा ।
इसी तरह तकिये, ग्लोव्स, रूमाल या नेपकीन में एम्ब्रायडरी या किसी भी तरह से तिरंगा
अंकित करना वर्जित होगा । कुछ वर्ष पहले तिरंगे के इस्तेमाल को उदार बनाते हुए
केंद्र ने राष्ट्रध्वज के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने पर विचार किया था । इसी के
तहत २००३ में राष्ट्रध्वज की अवमानना को दंडनीय अपराध घोषित किया गया । इसके साथ ही
बताया गया कि किन कृत्यों को राष्ट्रध्वज का अपमान माना जाएगा । सन् २००० में गठित
राष्ट्रध्वज समिति ने अपनी रिपोर्ट में राष्ट्रध्वज संहिता भारत - २००२ को अंतिम
रूप दिया था । २६ जनवरी २००२ से इसे लागू कर दिया गया । इसके तहत कुछ प्रतिबंधों के
साथ आम जनता, निजी संगठनों और शैक्षणिक संस्थानों द्वारा तिरंगे के प्रदर्शन पर रोक
हटा दी गई थी । जयपाल रेड्डी ने बताया कि कैबिनेट ने परोक्ष सांस्कृतिक धरोहरों के
संरक्षण संबंधी यूनेस्को समझौते को मंज़ूरी दे दी है । रेड्डी के मुताबिक यह पहल
करने वाला भारत पहला देश है । उनके मुताबिक लुप्त हो रहे आदिवासी नृत्य - संगीत के
साथ ही अन्य सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित किया जाएगा । दुनिया भर में फैले
श्रद्धालुओं तक पहुँच बनाने की कोशिश के तहत श्री माता वैष्णो देवी मंदिर बोर्ड
जल्द ही श्रद्धालुओं के घर तक प्रसाद पहुँचाने के लिए ई - वैष्णोदेवी प्रसाद ऑनलाइन
परियोजना शुरू करेगा । एसएमवीडीएसबी के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रोहित
कंसल ने कहा कि हम दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए उनके घर तक प्रसाद पहुँचाने के
लिए स्पीड पोस्ट के ज़रिए जल्द ही ऑनलाइन माता वैष्णोदेवी प्रसाद बुकिंग परियोजना
शुरू करेंगे । कंसल ने बताया कि प्रसाद ऑनलाइन बुक किया जाएगा और कीमत क्रेडिट
कार्ड के ज़रिए चुकानी होगी । इसके लिए १०१ रुपये और ५१ रुपये भुगतान करना होगा ।
इसके अलावा श्रद्धालुओं को स्पीड पोस्ट का किराया भी देना होगा । उन्होंने बताया कि
योजना अभी परीक्षण स्तर पर है और ऑनलाइन बुकिंग के अलावा श्रद्धालु १०१ रुपये
ड्राफ्ट के साथ ई - मेल के ज़रिए भी प्रसाद पा सकते हैं । अल - कायदा से जुड़े
आतंकियों के पास से बरामद किए गए 'हिदायतनामा' में अरबियों और अफ़ग़ानियों को
निर्देश दिए गए हैं कि वे पंजाबियों पर भरोसा न करें । उर्दू और अरबी में लिखा यह
हिदायतनामा हरकत - उल - मुजाहिदीन 'अलामी एचएमए' के आतंकी मुर्तज़ा के पास से मिला
। इसे हाल ही में कराची से गिरफ़्तार किया गया है । उस पर अलक़ायदा से संबंध और
पाकिस्तान में आतंकियों को हथियार पहुँचाने का आरोप है । हिदायतनामा में अरब और
अफ़ग़ान आतंकियों को पंजाबियों पर भरोसा न करने के लिए कहा गया है । इसमें कहा गया
है कि अधिकतर ख़ुफ़िया अधिकारी पंजाब से ही हैं । इसमें यह भी निर्देश दिए गए हैं
कि उन्हें सार्वजनिक स्थलों पर कैसा व्यवहार करना है और गिरफ़्तारी के बाद कैसा
रुख़ अपनाना है । इसकी शुरूआत शहीद की अवधारणा से होती है और इसमें कहा गया है कि
प्रत्येक मुस्लिम का यह पहला लक्ष्य होना चाहिए । ट्रैफिक पुलिस और पुलिस से उलझने
की भी मनाही की गई है और संयम बनाए रखने की सलाह दी गई है । 'अमर उजाला' के जम्मू
संस्करण का बुधवार को यहाँ एक सादे समारोह में शुभारंभ हुआ । निदेशक मनु आनंद और
उनकी धर्मपत्नी चाँदनी आनंद ने विधिवत पूजन - अर्चन के साथ छपाई की शुरूआत की । इस
अवसर पर मौजूद 'अमर उजाला' परिवार के सदस्यों के साथ जम्मू - कश्मीर के मानिंद
लोगों ने भी हवन में हिस्सा लिया । जम्मू, 'अमर उजाला' की सेवा यात्रा का चौदहवाँ
पड़ाव है । १८ अप्रैल १९४८ को आगरा से शुरू हुआ हिन्दी पत्रकारिता का ये सफ़र हर
रोज़ बुलंद हुआ है । आगरा के अलावा अमर उजाला के बरेली, मेरठ, मुरादाबाद, कानपुर,
वाराणसी, इलाहाबाद, झाँसी, देहरादून, नैनीताल, नई दिल्ली, जालंधर और चंडीगढ़ से भी
संस्करण प्रकाशित होते हैं । हिन्दी हृदय प्रदेश के एक करोड़ से अधिक लोगों का
सबेरा हर रोज़ 'अमर उजाला' से शुरू होता है । अब तक जम्मू में 'अमर उजाला' का वितरण
जालंधर से छपकर होता था । इस भौगोलिक दूरी के बावजूद सिर्फ़ तीन वर्ष में ही यह
अख़बार जम्मू की सबसे बुलंद आवाज़ बन गया है । राष्ट्रीय पाठक सर्वेक्षण के
प्रामाणिक आंकड़े भी इसे इस इलाक़े का सबसे अधिक बिक्री वाला अख़बार साबित करते हैं
। निदेशक मनु आनंद के अनुसार जम्मू से छपाई शुरू होने के बाद 'अमर उजाला' अब सबसे
पहले ख़बर देने के साथ ही साथ सबसे पहले पाठकों के हाथ तक भी पहुँचेगा । आपको यह
जानकर हैरानी हो सकती है कि एक ऐसा गाँव भी है जहाँ ज़हरखुरानों की फसल तैयार होती
है । इसका इतना असर है कि आसपास के कई और गाँव भी इसी नक्शेकदम पर चल पड़े हैं । कम
मेहनत और अधिक फायदे का 'यह धंधा' हर किसी को लुभा रहा है । ये ट्रेन में होने वाले
हर तरह के अपराध का हुनर रखते हैं । यदि किसी ने विरोध की कोशिश की तो किसी भी हद
तक जाने में नहीं हिचकते । जेब काटना, सामान पार कर देना, ज़हरखुरानी और ट्रेन
डकैती, जो भी संभव हुआ, कर गुज़रते हैं । इस गाँव से दस - दस युवकों की टीमें अपने
अभियान पर निकलती हैं । बुज़ुर्ग अपराधी बच्चों को भी छोटे - मोटे अपराध में लगाते
हैं । हौसला अफ़ज़ाई के लिए रुपये - पैसे का ढेर सारा लालच दिया जाता है ।
दिलदारनगर स्टेशन को बतौर पाठशाला इस्तेमाल करते हैं । दिल्ली - हावड़ा रूट पर
मुगलसराय से ६० किलोमीटर आगे पटना की ओर दिलदारनगर स्टेशन है । इसी से सटा रेलवे
लाइन के ठीक किनारे उसिया गाँव है । इस गाँव में पहुँचते ही सन्नाटा, भुखमरी और
अशिक्षा का आतंक दिखाई पड़ जाएगा । इस गाँव का मुख्य व्यवसाय अपराध है । मेन रूट के
किनारे गाँव होने के कारण इनका प्राथमिक विद्यालय दिलदारनगर स्टेशन है । तकरीबन
पचास साल से यहाँ के लोग ट्रेनों में होने वाले अपराधों में प्रवृत्त हैं । ये
ट्रेनों में होने वाले सभी तरह के अपराधों में माहिर होते हैं । वे इस ग़ैरक़ानूनी
धंधे में कई पीढ़ियों से जुड़े हैं । इन्हें अपने काले धंधे के प्रति कोई शर्म -
हया नहीं है । पुलिस की तो छोड़िए, यहाँ सुधार के लिए कोई भी संस्था हिम्मत नहीं
जुटा पाई । एसपी रेलवे एस के रॉय के अनुसार उसिया के अलावा दिलदारनगर में भी इस तरह
के अपराधियों की तादाद बढ़ रही है । स्योराई, जमनिया और ढीना गांव की युवा पीढ़ी
में इस अपराध के प्रति रुझान बढ़ा है । रेलवे पुलिस इस गाँव में शिकंजा कसने की
फिराक में है । एक साल पहले तक जीआरपी उसिया चौकी इंचार्ज रहे एस एन शुक्ला
इलाहाबाद जंक्शन में एसएसआई हैं । वह बताते हैं कि जहाँ गाँव के गाँव चोर हों वहाँ
शिकंजा कसना मुश्किल होता है । लोकसभा में रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की अगुवाई
वाले राजद के दो बाहुबली नुमाइंदों की मुश्किलों का दौर शुरू हो गया है । दूसरी ओर
राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सलाह पर राजद के एक
और नुमाइंदे केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव का मंत्री परिषद से इस्तीफा
मंजूर कर लिया । शहाबुद्दीन को रविवार को मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट संजय जैन के आवास
पर विशेष अदालत में पेश किया गया । जैन ने राजद के इस बाहुबली सांसद की जमानत
याचिका खारिज कर उन्हें दो दिन के ट्रांजिट रिमांड पर बिहार पुलिस को सौंप दिया ।
शहाबुद्दीन को उनके गृहनगर सीवान ले जाया जा रहा है, जहां उन्हें स्थानीय अदालत में
पेश किया जाएगा । शहाबुद्दीन को उनके दिल्ली स्थित सरकारी आवास से शनिवार को बड़े
नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया गया था । उनके खिलाफ हत्या और अपहरण सहित ३४
आपराधिक मामले दर्ज हैं । बिहार पुलिस उनके खिलाफ आठ गैर - जमानती गिरफ्तारी वारंट
जारी कर चुकी है । दूसरी तरफ एक पखवाड़े से पुलिस को चकमा दे रहे केंद्रीय जल
संसाधन राज्यमंत्री जयप्रकाश नारायण यादव का इस्तीफा राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल
कलाम ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सलाह पर स्वीकार कर लिया । इससे पहले
प्रधानमंत्री ने इस्तीफा मंजूर कर उसे राष्ट्रपति के पास भेजा था । जयप्रकाश ने
शनिवार को शहाबुद्दीन की गिरफ्तारी के कुछ ही देर बाद अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री के
पास भेज दिया था । जयप्रकाश विवादास्पद हालात में यूपीए सरकार से इस्तीफा देने वाले
तीसरे मंत्री हैं । उनसे पहले झारखंड मुक्ति मोरचा के शिबू सोरेन और कांग्रेस नेता
जगदीश टाइटलर भी इस्तीफा दे चुके हैं । जमुई की अदालत ने २४ अक्टूबर को जयप्रकाश,
उनके भाई और जमुई से राजद प्रत्याशी विजय प्रकाश, खेड़ा थाने के प्रभारी मुक्तेश्वर
प्रसाद, निर्दलीय प्रत्याशी अशोक राव और राजद कार्यकर्ता बटोही यादव के खिलाफ गैर -
जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे । यादव पर अपने भाई विजय प्रकाश को अवैध तरीके
से पुलिस हिरासत से छुड़ाने का आरोप है । अगले ही दिन २५ अक्टूबर को उन्होंने अदालत
में जमानत की अर्जी दाखिल की थी, जिसे खारिज कर दिया गया । गौरतलब है कि विजय
प्रकाश को अपने निर्वाचन क्षेत्र जमुई में मतदान के दौरान उस समय गिरफ्तार किया गया
था, जब वह हथियार, शराब की पेटियां और नकदी लेकर खुलेआम घूम रहे थे । गैर - जमानती
वारंट जारी होने के दो हफ्ते बाद पुलिस ने जयप्रकाश की गिरफ्तारी के लिए शुक्रवार
को उनके आवास पर छापे मारे थे लेकिन केंद्रीय मंत्री हत्थे नहीं चढ़े । केंद्र
सरकार ने सीमा सुरक्षा बल को जम्मू और कश्मीर में आतंकवादी रोधी अभियानों से हटाकर
वहां सीआरपीएफ की तैनाती को फिलहाल टाल दिया है । यह फैसला हाल में श्रीनगर - जम्मू
राष्ट्रीय राजमार्ग पर आतंकी हमले में २९ लोगों के मारे जाने में सीआरपीएफ की अपने
लोगों की 'मानवीय भूल' स्वीकार करने के बाद लिया गया है । आधिकारिक सूत्रों ने
बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी इस आदेश का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया
गया है । हालांकि यह माना जा रहा है कि सीआरपीएफ की तैनाती फिलहाल रोकने के पीछे २३
मई को राजमार्ग में विस्फोटक की खोज करने में उसका नाकाम रहना है । इन्हीं
विस्फोटकों के धमाके से एक बस में सफर कर रहे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के
अधिकारियों और उनके परिजनों की मौत हुई थी । सूत्रों का कहना है कि घाटी में
आतंकवाद रोधी अभियानों की शुरुआत करने से पहले सीआरपीएफ ऐसे हालात का मुकाबला करने
के लिए और अधिक प्रशिक्षण हासिल करना चाहता है । सीआरपीएफ ने अपनी गलती स्वीकार
करते हुए इसे 'मानवीय भूल' माना है । इसके कारणों की जांच चल रही है लेकिन यह माना
गया कि सड़क मार्ग खोलने से पहले उन विस्फोटकों का पता लगाने में चूक हुई ।
उन्होंने बताया कि अब तक सीआरपीएफ ने घाटी में छह स्थानों पर बीएसएफ की जगह ले ली
है । लेकिन अब केंद्र के नए दिशा - निर्देशों के मुताबिक यथास्थिति बहाल रखी जाएगी
। बीएसएफ की जगह सीआरपीएफ की तैनाती की प्रक्रिया गत वर्ष नवंबर में शुरू हुई थी और
इसके अगले सप्ताह तक पूरे होने की उम्मीद जताई जा रही थी । बीएसएफ को वापस सीमाओं
की रक्षा के लिए भेजा जाना है । केंद्रीय गृह सचिव अनिल बैजल ने जम्मू और कश्मीर के
विशेष सचिव बी बी मिश्रा, सीमा सुरक्षा बल के महानिरीक्षक अजय राज शर्मा और
सीआरपीएफ प्रमुख जी के सिन्हा के साथ इस सिलसिले में लगातार कई बैठकें करने के बाद
यह फैसला लिया गया है । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ विदेशी मूल के
मुद्दे पर जंग जारी रखते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो लोग
मातृभूमि से संबंध नहीं रखते हैं, उन्हें राष्ट्रीय सम्मान के उपदेश देने से बचना
चाहिए । मोदी ने मंगलवार की रात को यहां एक चुनावी रैली में कहा कि विदेशी व्यक्ति
को हमें स्वाभिमान के बारे में उपदेश नहीं देना चाहिए । मंगलवार को सोनिया, एनसीपी
प्रमुख शरद पवार और आरपीआई नेता रामदास अठावले की संयुक्त रैली को मल्टी स्टार शो
करार देते हुए मोदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने अपना वोट बैंक बचाने के लिए
मुस्लिमों के आरक्षण की घोषणा की है, जिसका भाजपा विरोध करेगी । गुजरात के
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में कांग्रेस - एनसीपी के पांच साल के
कार्यकाल के दौरान कीमतें आसमान छूने लगी हैं । किसानों द्वारा आत्महत्या की घटना
में वृद्धि हुई और आदिवासी इलाकों में सैकड़ों बच्चों की कुपोषण की वजह से मौत हो
गई है । मोदी राज्य में १३ अक्तूबर को होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए नासिक से
भाजपा उम्मीदवार डॉ डी एस अहीर और अन्य उम्मीदवारों के प्रचार के सिलसिले में शहर
में हैं । सीबीआई निदेशक व मल्टी डिसिप्लनरी मॉनिटरिंग एजेंसी (एमडीएमए) के प्रमुख
ने सुप्रीम कोर्ट में मद्रास हाईकोर्ट के श्रीलंका के २ नागरिकों को छोड़ने के आदेश
को चुनौती दी है । दोनों पर १९९१ में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या में
प्रमुख भूमिका निभाने का आरोप है । सीबीआई निदेशक ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष
अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर कर हाईकोर्ट के २५ अप्रैल के आदेश को चुनौती देते हुए
कहा है कि अभियुक्त लिंगम और वसंतन ने राजीव गांधी की हत्या में महत्वपूर्ण भूमिका
निभाई थी । इन्हें छोड़ा जाना बहुत गलत है । एसएलपी में कहा गया है कि सिट और
एमडीएमए की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया था कि दोनों लिट्टे से बहुत नजदीक से
जुड़े हुए हैं । एसएलपी के जरिए हाईकोर्ट के फैसले पर स्थगनादेश (स्टे) मांगा गया
है । लिंगम और वसंतन इस समय चेंगलपट्टू के श्रीलंकाई शरणार्थी कैंप में हैं, जहां
उन्हें विदेशी अधिनियम के तहत हिरासत में लिया गया है । दोनों पर बिना वैध दस्तावेज
भारत में घुसने का आरोप है । सीबीआई की अपील में कहा गया कि जैन आयोग की कार्यवाही
रिपोर्ट पर अमल करते हुए केंद्र सरकार ने सीबीआई में एमडीएमए का गठन किया था । जिसे
राजीव गांधी हत्याकांड में शामिल २१ अभियुक्तों की भूमिका की जांच के लिए कहा गया
था । हालांकि २१ अभियुक्तों पर आधारित कार्यवाही रिपोर्ट में लिंगम और वसंथन के नाम
नहीं थे । लेकिन जब एमडीएमए सभी अभियुक्तों की भूमिका की जांच कर रहा था तो पता चला
कि दोनों की राजीव गांधी हत्याकांड में खास भूमिका रही है । राजीव गांधी के हत्यारे
काने शिवरासन से लिंगम ने कई दौर की गुप्त बातचीत की । यह वही काना शिवरासन है
जिसने सिट की टीम से घिरने के बाद खुदकुशी कर ली थी । एमडीएमए ने जांच में पाया कि
१ मई १९९१ को कोडाईकराई में लिट्टे के जो ९ लोग पहुंचे, उन्होंने सबसे पहले लिंगम
से ही मुलाकात की थी । इसमें काने शिवरासन के अलावा धनु उर्फ अनबू, शुभा उर्फ
नित्य, नीरू उर्फ गोकुल, सुतिंदरराजा उर्फ संथान, शंकर उर्फ कोनेशवरन, विजयनंदन
उर्फ हरिया, रुबन उर्फ सुरेश और ड्राइवर अन्ना उर्फ कीर्ति शामिल थे । दूसरे
अभियुक्त वसंथन की भूमिका के बारे में सीबीआई ने कहा है कि श्रीपेरुमबदूर में २१ मई
१९९१ को राजीव गांधी की हत्या के बाद जब सारे हत्यारे फरार हो गए तो इसी व्यक्ति ने
शिवरासन, शुभा और नीरू को बंगलोर में मकान दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाई थी ।
गोरखा नेशनल लिब्रेशन फ्रंट (जीएनएलएफ) प्रमुख सुभाष घीसिंग ने अपने सुर बदल लिए
हैं । उन्होंने कहा कि अगर सरकार एक अलग राज्य (गोरखालैंड) की उनकी असली मांग को
मानने को तैयार नहीं है तो फिर उन्हें पर्वतीय क्षेत्र दार्जिलिंग को जनजातीय दर्जा
देना होगा । २५ मार्च को अपना कार्यकाल पूरा कर चुके दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल
के कार्यवाहक प्रशासक घीसिंग ने यहां रविवार की शाम संवाददाताओं को बताया कि
दार्जिलिंग को जनजातीय क्षेत्र के रूप में घोषित करना गोरखाओं में एकता लाएगा । यह
गोरखालैंड की दिशा में बढ़ने का अगला कदम होगा । घीसिंग ने संविधान के अनुच्छेद ३७१
(जे) का विरोध किया । जिसके तहत डीजीएचएस का चुनाव राज्य चुनाव आयोग कराएगा ।
उन्होंने कहा कि अगर झारखंड और छत्तीसगढ़ अलग राज्य हो सकते हैं तो दार्जिलिंग
क्यों नहीं हो सकता । उन्होंने कहा कि पड़ोसी देश बांग्लादेश ने चटगांव में चकमा
जनजाति को ढाका में स्वायत्तता दे रखी है और वे शांति से रह रहे हैं । अगर केंद्र
और राज्य सरकार उन्हें स्वायत्तता नहीं दे सकती तो बेहतर होगा कि वे बांग्लादेश में
रहें । उल्लेखनीय है कि २३ मार्च को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव
भट्टाचार्य ने विधानसभा में कहा था कि घीसिंग काउंसिल का कार्यकाल खत्म होने के बाद
भी उसके अकेले प्रशासक होंगे । गौरतलब है कि १९८८ में दार्जिलिंग संधि पर हस्ताक्षर
के बाद घीसिंग गोरखालैंड की मांग से बचते रहे । डीजीएचएस के चुनाव सितंबर में होने
हैं । यह लेनदेन उस अधिकारी और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल अयूब खान के बीच हुआ था ।
इस किताब को लिख रहे हैं पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और उसी सैन्य तानाशाह
अयूब खान के पुत्र गौहर अयूब खान । गौहर ने दावा किया कि भारत सरकार को भी मालूम है
कि यह करतूत किस फौजी अधिकारी की थी, लेकिन वह मामले पर पर्दा डाल रही है । गौहर
अयूब खान ने कहा कि वे भारत को उस पूर्व अधिकारी के बारे में संकेत दे चुके हैं,
जिसने १९६५ के युद्ध की योजना पाकिस्तान को बेची थी । अगर भारत सरकार जान - बूझकर
अनजान बनती है तो यह उसकी समस्या है । उन्होंने कहा कि वक्त आने पर वे इस पूर्व
अधिकारी के नाम का खुलासा कर देंगे । उनका दावा है कि जब पिछले महीने उन्होंने इस
अधिकारी की इस करतूत का रहस्योद्घाटन किया था तो भारत सरकार ने उस व्यक्ति से
पूछताछ की थी । भारत सरकार उस व्यक्ति के नाम का खुलासा करना नहीं चाहती । उन्होंने
कहा कि दिसंबर में उनकी पुस्तक बाजार में आ जाएगी और इस पूरे मामले का पर्दाफाश हो
जाएगा । उन्होंने बताया कि पुस्तक में इस व्यक्ति की भूमिका पर खास प्रकाश डाला
जाएगा । गौहर ने कहा कि पूरी दुनिया को उस व्यक्ति के नाम का खुलासा होने का इंतजार
है । फिलहाल मैं पुस्तक को अंतिम रूप देने में लगा हूं और लोगों को अंदाजा लगाने
दीजिए कि वह व्यक्ति कौन है, जिसने १९६५ के युद्ध की भारतीय योजना २० हजार रुपये
में उनके पिता को बेच दी थी । हाल ही में खान ने आरोप लगाया था कि भारतीय सेना के
पूर्व ब्रिगेडियर ने उनके पिता को २० हजार रुपये में भारत - पाक युद्ध की योजना
बेची थी । उन्होंने दावा किया था कि यह रकम लंदन में चुकाई गई थी । खान का दावा है
कि यह पूर्व अधिकारी अभी भी भारत में रह रहा है । वह भारतीय सेना से उच्च पद से
निवृत्त हुआ है । उल्लेखनीय है कि भारत सरकार खान के दावे को बेबुनियाद करार दे
चुकी है । उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर उन्होंने यह आक्षेप लगाया है, उसे भारतीय
बेहद सम्मान की नजरों से देखते हैं । शायद यही वजह है कि भारत सरकार को इस व्यक्ति
के चेहरे से नकाब हटने का डर सता रहा है । पटना के पूर्व जिलाधिकारी गौतम गोस्वामी
से पूछताछ के बाद सतर्कता ब्यूरो ने बुधवार को उन्हें विशेष सतर्कता अदालत के समक्ष
पेश किया । कोर्ट ने उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि अगले १४ दिन और बढ़ाने के आदेश
दिए गए । सतर्कता जांच ब्यूरो ने गोस्वामी के आत्मसमर्पण करने के एक दिन बाद एक
जुलाई को पांच दिन के लिए न्यायिक हिरासत में ले लिया था । इसके बाद बुधवार दोपहर
को गोस्वामी को विशेष सतर्कता जज जितेंद्र मोहन शर्मा के समक्ष पेश किया गया । जहां
जज ने उनकी हिरासत की अवधि १९ जुलाई तक बढ़ाने के आदेश पारित किए । ब्यूरो के
अधिकारियों ने कहा कि गोस्वामी ने कोई जानकारी नहीं दी है, लेकिन बाढ़ पीड़ितों की
राहत के लिए धनराशि के घोटाले में उनके शामिल होने के हमारे पास पर्याप्त सुबूत हैं
। ब्यूरो के वकील पी. पी. सिंह के अनुसार सतर्कता अधिकारी गोस्वामी की ओर से सहयोग
न मिलने की वजह से आगे की पूछताछ के लिए हिरासत में लेने के लिए एक बार अदालत जाने
की योजना बना रहे हैं । पाकिस्तान द्वारा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को दूर
करने तथा कश्मीर में सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने के आरोप से बरी होने का दावा
करते हुए राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा कि वैश्विक राजनीति में अब उनके देश को
'महत्व' दिया जा रहा है । उन्होंने देशवासियों से अनुरोध किया है कि वे मदरसा तथा
ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों को समर्थन देना बंद कर दें । रविवार को संयुक्त अरब
अमीरात की राजधानी अबू धाबी में एक बैठक को संबोधित करते हुए मुशर्रफ ने कहा कि
पाकिस्तान अफगानिस्तान में दखल देने, कश्मीर में सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देने
और परमाणु प्रौद्योगिकी बेचने के आरोपों से बरी हो चुका है । उन्होंने कहा कि हमने
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की चिंताओं को दूर कर दिया है और पूरा विश्व हमारे रुख को
स्वीकार कर रहा है तथा वैश्विक राजनीति में अब हमें महत्व दिया जा रहा है । मुशर्रफ
ने कहा कि दुर्भाग्य से हमें कट्टरपंथ जैसी समस्या का सामना करना पड़ रहा है, जो एक
दूसरे से लड़ रहे हैं । मारने वाले भी मुस्लिम हैं और जो मर रहे हैं वे भी मुस्लिम
ही हैं । उन्होंने पाकिस्तानी जनता से अनुरोध किया कि वे ऐसे संगठनों की निंदा करें
तथा कट्टरपंथी हिंसा और नफरत को बढ़ावा देने वाले तत्वों को समर्थन देना बंद कर दें
। 'गल्फ न्यूज' में प्रकाशित रिपोर्ट में उन्हें यह कहते हुए उद्धृत किया गया है कि
कृपया अपने लोगों, संबंधियों और परिवार के सदस्यों से नफरत फैलाने वाले तत्वों और
मदरसों का समर्थन न करने का आग्रह करें । आप उनकी मदद न करें और नफरत को बढ़ावा
देने की उनकी नीति का शिकार न बने । कांग्रेस समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद राज
बब्बर के समर्थन में खुलकर आ गई है । कांग्रेस ने कहा है कि राज बब्बर काफी दिनों
से सपा के अंदर चल रहे अंतर्विरोध के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहे हैं । पर बात को
निरंतर अनसुना किए जाने पर उन्हें खुलेआम मोर्चा संभालना पड़ा । पार्टी का कहना है
कि राज बब्बर की नाराजगी से सपा नेताओं का परेशान होना लाजिमी है । पार्टी उनसे
समाजवाद के पक्ष में नारा लगवाती रही है । कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि समाजवाद
सैफई गांव तक ठहर कर रह गया है । सैकड़ों लोगों की आबादी वाले इस गांव पर करोड़ों
रुपये खर्च किए जा रहे हैं । दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश में करोड़ो लोग जरूरी चीजों के
लिए तरस रहे हैं । सपा पूंजीपतियों की पार्टी बन कर रह गई है । सैफई का इस्तेमाल इन
पूंजीपतियों द्वारा पिकनिक स्पॉट के रूप में किया जा रहा है । कांग्रेस ने कहा है
कि सपा नेताओं की दिलचस्पी फिल्मी दुनिया में ज्यादा और जनहित के कामों में कम है ।
पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु संघवी ने सपा नेताओं से राज बब्बर के गुस्से की वजह
मालूम की है । उन्होंने कहा कि समाजवाद की चादर ओढ़कर सपा नेता गलत कार्यो को
छुपाने की कोशिश कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि समाजवाद का यह रूप दुनिया के सामने आ
चुका है । उन्होंने कहा कि नेहरू, गांधी व लोहिया के समाजवाद पर यकीन करने वाले लोग
जल्द ही सपा के समाजवाद के खोखले नारों को नकार देंगे । सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान
हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली दो बड़ी सॉफ्ट ड्रिंक कंपनियों पेप्सी और
कोका - कोला की याचिकाओं को सोमवार को खारिज कर दिया । हाई कोर्ट ने अपने आदेश में
दोनों कंपनियों को सॉफ्ट ड्रिंक कंटेनरों पर उनके उत्पाद में मिलाए गए कीटनाशकों की
मात्रा प्रिंट करने को कहा था । सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि उपभोक्ता को यह जानने
का पूरा अधिकार है कि वह क्या उपभोग कर रहा है । पेप्सी फूड लिमिटेड और हिंदुस्तान
कोका - कोला बिवरेजेज प्रा. लिमिटेड की ओर से दायर विशेष अनुमति याचिकाओं को खारिज
करते हुए चीफ जस्टिस आर. सी. लाहोटी, जस्टिस डी. एम. धर्माधिकारी और जी. पी. माथुर
वाली खंडपीठ ने दोनों कंपनियों को हाई कोर्ट में अपील करने को कहा कि वे किस सीमा
तक उनके निर्देशों का पालन कर सकते हैं । इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट
के आदेश पर दो सप्ताह तक टाल दिया है । दोनों कंपनियों की ओर से उनके वकील वरिष्ठ
अधिवक्ता अरुण जेटली और हरीश साल्वे ने जब कहा कि कंटेनरों पर यह अंकित किया जा
सकता है - उत्पाद में कीटनाशक के थोड़े अंश हो सकते हैं लेकिन यह निर्धारित मानकों
से काफी कम होंगे । इस पर अदालत ने कहा कि यह तो हाई कोर्ट ही बताएगा कि निर्देशों
का पालन किस हद तक होना है । हाई कोर्ट ने आदेश में ३ नवंबर तक इन दोनों कंपनियों
और अन्य सभी कारबोनेटेड बिवरेज कंपनियों को बोतलों और कंटेनरों पर रसायनों और
कीटनाशकों समेत उत्पादों की सामग्री और उनके मिश्रण की जानकारी देने को कहा था ।
सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि हाई कोर्ट की ओर की गई कार्रवाई जनहित में है और
उन्हें हाई कोर्ट का यह आदेश अकारण या असंवैधानिक नजर नहीं आता है । खंडपीठ ने
दोनों कंपनियों को राजस्थान हाई कोर्ट से संपर्क करने को कहा है । कोर्ट का कहना है
कि यदि उनके द्वारा कंटेनरों पर प्रिंट की जाने वाली कीटनाशकों की मात्रा से
संबंधित उनकी याचिका पर सुनवाई नहीं की जाती है, तो वे सुप्रीम कोर्ट में अपील कर
सकते हैं । उन्होंने कहा कि सॉफ्ट ड्रिंक में काम आने वाले पानी और चीनी में
कीटनाशकों का अंश रहता है । उन्होंने अपनी दलील में कहा कि कृषि में कीटनाशकों का
गहन इस्तेमाल चीनी में कीटनाशकों की उच्च मात्रा की मौजूदगी का नतीजा है । कोर्ट ने
कंपनियों से कहा कि आप अपनी प्रिंटलाइन में दर्शा सकते हैं कि सॉफ्ट ड्रिंक में
इस्तेमाल की गई चीनी में कंपनी ने कीटनाशकों का इस्तेमाल किया है । प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह अगले साल की शुरूआत में पाकिस्तान जाएंगे । इसके अलावा दोनों देश अपने
सबसे प्रमुख बैंकों की शाखाएं एक - दूसरे के देश में खोलेंगे । पाकिस्तान में
भारतीय उच्चायुक्त शिव शंकर मेनन ने सोमवार को कराची में बताया कि प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह अगले साल की शुरूआत में पाकिस्तान आने के इच्छुक हैं । मेनन ने उप
उच्चायुक्त टी. सी. ए. राघवन के साथ उद्योगपतियों से मुलाकात के बाद बताया कि भारत
पाकिस्तान के १०० छात्रों को भारत में पढ़ने के लिए छात्रवृत्ति देने पर विचार कर
रहा है । मेनन ने हाल में दक्षिणी सिंध प्रांत का दौरा करके कराची में नाजिम
नाइमातुल्ला खां से भी रविवार को मुलाकात कर भारतीय वाणिज्य दूतावास खोलने के बारे
में भी विचार - विमर्श किया । भारत करांची में जल्दी ही अपना कॉन्सलेट खोलना चाहता
है । मेनन ने बताया कि मुंबई में पाकिस्तानी कॉन्सलेट खोले जाने के लिए पाकिस्तान
सरकार को शहर की कई जमीनें दिखाई गई हैं । लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हो पाया है ।
दरअसल पाकिस्तान इस काम के लिए मुंबई स्थित जिन्ना हाउस मांग रहा है । हालांकि
उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे को सुलझाए बगैर अन्य मुद्दों को सुलझाने से आपसी
विश्वास नहीं बहाल होगा । उन्होंने कहा कि भारतीय पक्ष भी शांति प्रक्रिया को आगे
बढ़ाने का इच्छुक है । भारत और दक्षिण अफ्रीका ने मंगलवार को दोनों देशों के बीच
संयुक्त मंत्रालय आयोग (जेएमसी) की बैठक के अंतिम दिन प्रत्यर्पण संधि और आपसी
कानूनी मदद पर समझौते के दस्तावेजों का आदान - प्रदान किया । आयोग की दो दिवसीय छठी
बैठक में संचार एवं सूचना तकनीक और मानव संसाधन विकास के क्षेत्रों में दो उप
समितियां गठित करने का फैसला किया गया । इसके साथ ही दोनों देशों ने दक्षिण अफ्रीका
में ११ सितंबर १९०६ को महात्मा गांधी द्वारा शुरू किए गए सत्याग्रह आंदोलन के अगले
वर्ष शताब्दी समारोहों के आयोजन के लिए संयुक्त पहल करने पर भी सहमति जताई । विदेश
राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह और दक्षिण अफ्रीका के उप विदेश मंत्री अजीज पहद की
संयुक्त अध्यक्षता में आयोजित बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने प्रत्यर्पण संधि और
आपसी कानूनी मदद पर समझौते की पुष्टि के दस्तावेजों का आदान - प्रदान किया । बैठक
के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने के लिए भारत और दक्षिण
अफ्रीका के बीच वरीयता व्यापार समझौते (पीटीए) को जल्द लागू करने की जरूरत पर भी
जोर दिया । बैठक में सिंह ने जोर देते हुए कहा कि भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच
संयुक्त राष्ट्र सुधारों से जुड़े अधिकांश मुद्दों पर विचारों की समानता है ।
उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा कि अफ्रीकन यूनियन जी - ४ के शीघ्र विस्तार के
प्रस्ताव से सहमत होगा, जिसके तहत महाद्वीप के हित में विकासशील देशों को स्थाई
सदस्यों के रूप में शामिल किया जा सकेगा और दक्षिण अफ्रीका इस दिशा में भारत के साथ
काम करेगा । न्यायिक प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने
बुधवार को न्यायपालिका को कंप्यूटरीकृत किए जाने के अभियान की शुरूआत की । इसके तहत
प्रधानमंत्री ने अवकाश प्राप्त वरिष्ठ जज को लैपटॉप भेंट किया । इस अवसर पर प्रधान
न्यायाधीश आर. सी. लाहोटी ने कहा कि न्यायपालिका द्वारा इस योजना को पूरी तरह से
अपना लिए जाने के बाद बिना कागज के अदालत में काम हो सकेगा । भारतीय न्यायपालिका को
कंप्यूटरीकृत करने की प्रक्रिया पांच साल में पूरी होगी और इस योजना पर ८५४ करोड़
रुपये का खर्च आएगा । इस योजना के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा
कि आज प्रौद्योगिकी की मदद से इस क्षेत्र में हमारी कुछ समस्याओं का समाधान हो सकता
है । कई अन्य देशों में प्रौद्योगिकी का उपयोग न्यायपालिका के क्षेत्र में किया जा
रहा है । लेकिन भारतीय न्यायपालिका इस प्रौद्योगिकी का पूरी तरह से फायदा उठाने में
कामयाब नहीं रहा है । इस समारोह में प्रधान न्यायाधीश रमेश चंद्र लाहोटी व केंद्रीय
कानून व न्याय मंत्री हंस राज भारद्वाज उपस्थित थे । इस अभियान की शुरूआत
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जस्टिस जी. सी. भरुचा को एक लैपटॉप देकर की । जस्टिस
भरुचा की सिफारिश पर ही इस योजना की शुरुआत की गई है । उत्तरांचल व हिमाचल में हुई
भारी बारिश से यमुना नदी उफान पर है । इसका जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और इसके साथ
ही हरियाणा में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है । जलस्तर में वृद्धि से यमुना नदी पर
बनी पनबिजली इकाइयों में उत्पादन ठप हो गया है । राज्य के कई गांवों में बाढ़ का
पानी भर गया है । मांडेवाला तटबंध का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है । रादौर
के मॉडल टाउन करेहड़ा में बाढ़ के पानी में डूबते तीन में से दो बच्चों को तो बचा
लिया गया, लेकिन एक लापता है । यमुना पार डेरे में फंसे पांच लोगों का भी पता नहीं
चल पाया है । घाटी में बाढ़ की वजह से बगलिहार परियोजना की एक सुरंग के बह जाने की
खबर है । उत्तर प्रदेश में गंगा और यमुना उफान पर हैं । यमुना नदी में उफान से
सैकड़ों एकड़ गन्ना, चारा, धान, सब्जी की फसलें जलमग्न हो गईं हैं । यमुना किनारे
बसे गांव लाल छप्पर, संधाला, संधाली, करेहड़ा, गुमथला, बागवाली, जठलाना, उन्हेड़ी
आदि दर्जनों गांवों में पानी घुस गया है । मॉडल टाउन करहेड़ा के महीपाल व लाल छप्पर
के किसान शेर सिंह व उनके नौकर काला, काका व एक बिहारी मजदूर यमुना पार डेरे पर फंस
गए थे । इनके बारे में कोई सूचना नहीं है । करेहड़ा के तीन बच्चे अंकुर, संदीप व
प्रशांत यमुना नदी में बाढ़ का पानी देखने के लिए गांव लाल छप्पर की ओर जा रहे थे
कि सड़क पर अधिक पानी होने की वजह से डूबने लगे । ग्रामीणों ने अंकुर व संदीप को
बाहर निकाल लिया लेकिन तीसरी कक्षा में पढ़ने वाले १२ वर्षीय प्रशांत का कुछ पता
नहीं चल सका । गांव मॉडल टाउन करेहड़ा के किसान धर्मपाल, नरेश, ऋषि, पीतांबर,
घनश्याम व कृष्ण दत्त ने बताया कि बाढ़ के कारण फसलों को भारी क्षति हुई है । टापू
कमालपुर के बाहरी हिस्से में भी पानी घुस गया । यहां नदी के किनारे में करीब १००
फीट का कटाव हुआ । जलस्तर बढ़ने व गाद आने से पूर्वी व पश्चिमी यमुना नहर और हाइडल
लिंक चैनल को बंद कर दिया गया है । हथनीकुंड बैराज से पानी को यमुना नदी की ओर मोड़
दिया गया है । पानी में काफी मात्रा में गाद आने से वैस्टर्न यमुना कैनाल हाइडल
प्रोजेक्ट की ६४.४ मेगावाट विद्युत उत्पादन क्षमता के चारों बिजली घरों में उत्पादन
ठप्प हो गया है । यमुना नदी की बाढ़ से मांडेवाला तटबंध का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त
हो गया है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि कमजोर वर्ग के लोगों को
नौकरी में आरक्षण देने के लिए कॉरपोरेट सेक्टर को (स्वेच्छा से) पहल करनी चाहिए ।
उन्होंने यह भी कहा कि निजी क्षेत्र में आरक्षण को टाला नहीं जा सकता ।
प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों को आश्वासन देते हुए कहा कि सरकार कर ढांचे को और
तार्किक बनाएगी । पूर्वोत्तर में हुई आतंकी घटनाओं के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने
बांग्लादेश से अनुरोध किया कि वह उग्रवादी गुटों को अपनी धरती से भारत विरोधी
कार्रवाई की अनुमति न दें । उन्होंने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए केंद्र सरकार
ने एक ठोस नीति बनाई है । बढ़ती कीमतों पर मनमोहन सिंह ने कहा कि यह दौर लंबा नहीं
चलेगा तथा सरकार कीमतों पर अंकुश लगाने की दिशा में काम कर रही है । उन्होंने कहा
कि देर से आए मानसून और तेल के दामों में बढ़ोतरी के कारण कीमतें बढ़ीं हैं और जल्द
ही इस पर काबू पा लिया जाएगा । तहलका मामले की जांच कर रहे फूकन आयोग को भंग करने
के फैसले को सही ठहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार बदला लेने की नीयत
से काम नहीं कर रही है । एक दिन के दौरे पर महाराष्ट्र पहुंचे प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे । निजी क्षेत्र में आरक्षण के
सवाल पर उन्होंने कहा कि कॉरपोरेट सेक्टर इस दिशा में (स्वेच्छा से) पहल कर सकते
हैं । प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार
की अध्यक्षता वाले मंत्री समूह से निजी क्षेत्रों से बातचीत करने को कहा है ।
प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण के विरोध के सवाल पर सिंह ने कहा कि इसे कोई भी नहीं
टाल सकता, क्योंकि यह अब राष्ट्रीय नीति बनने जा रही है । पूर्वोत्तर में हाल में
हुई आतंकी घटनाओं के मद्देनजर प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ आतंकी गुटों के
बांग्लादेश में शरण लेने की सूचना से हम चिंतित हैं । प्रधानमंत्री ने कहा कि
उन्होंने व्यक्तिगत रूप से यह मुद्दा बांग्लादेश के नेताओं से उठाया है । उन्होंने
कहा कि हमें उम्मीद है कि कोई भी पड़ोसी मित्र देश अपनी धरती से इस तरह की
कार्रवाइयों को अंजाम देने की अनुमति नहीं देगा । फूकन आयोग को भंग करने के फैसले
को उचित ठहराते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन साल के कार्यकाल में आयोग अपनी
रिपोर्ट नहीं दे सका । आयोग ने तीन माह कार्यकाल बढ़ाने की मांग की थी । लेकिन इस
बात की कोई गारंटी नहीं थी कि उसके बाद भी आयोग रिपोर्ट दे देता । उन्होंने कहा यह
कहना गलत है कि सरकार बदले की नीयत से काम कर रही है । मनमोहन सिंह ने कहा कि
सोनिया गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी के जनाधार में भारी बढ़ोतरी हुई है ।
उन्होंने इस धारणा को बेबुनियाद बताया कि उनकी सरकार में दो सत्ता केंद्र हैं ।
उत्तर रेलवे ने सीमा पार से आने वाले पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमियों को अटारी से
चंडीगढ़ तक लाने के लिए प्रस्तावित दो विशेष ट्रेनें रविवार को रद्द कर दीं । ये
ट्रेनें मंगलवार को मोहाली में भारत और पाकिस्तान के बीच शुरू हो रहे पहले टेस्ट के
मद्देनजर आज चलाई जाने वाली थीं । उत्तर रेलवे के प्रवक्ता के मुताबिक शनिवार रात
लाहौर के नजदीक एक रेल हादसा हो जाने के कारण लाहौर से अटारी आने वाली ट्रेन रद्द
करनी पड़ी । इसीलिए पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमी लाहौर से अटारी नहीं आ सके । लिहाजा,
अटारी से चंडीगढ़ के लिए चलाई जाने वाली दो विशेष ट्रेनों को रद्द करना पड़ा ।
उन्होंने कहा कि लाहौर - अटारी ट्रेन रद्द करने के पीछे दर्शकों की पर्याप्त संख्या
का न होना भी कारण हो सकता है । पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमियों के भारत आने को लेकर
शुरू से विवाद रहा है । पाकिस्तानी क्रिकेट बोर्ड ने मोहाली टेस्ट के लिए पंजाब
क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा भेजे गए ७५०० टिकटों में से ४५०० वापस भेज दिए थे । केवल
तीन हजार टिकट ही कराची, इस्लामाबाद और लाहौर में बिक पाए । अंबाला के डिवीजनल
रेलवे मैनेजर (डीआरएम) आर. के. टंडन ने बताया कि लाहौर से अटारी के बीच ट्रेन चलाने
में पाकिस्तान द्वारा असमर्थता जताने के कारण विशेष ट्रेनों को रद्द करना पड़ा ।
टंडन के मुताबिक पाकिस्तान ने लाहौर - अटारी संपर्क ट्रेन को नहीं चलाए जाने के
पीछे 'तकनीकी' कारण बताए हैं । एक पाकिस्तानी रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार रात लाहौर
के नजदीक कोटमोल चांद तथा श्रीरामपुर स्टेशनों के बीच एक पैसेंजर ट्रेन के पटरी से
उतर जाने के कारण लाहौर - अटारी ट्रेन रद्द करनी पड़ी है । इस हादसे में छह
यात्रियों की मौत हो गई और ४० अन्य घायल हो गए । पटरियों की मरम्मत और डिब्बों को
हटाने के लिए इस लाइन पर यातायात रोक दिया गया । गौरतलब है कि उत्तर रेलवे ने
पाकिस्तानी मेहमानों के स्वागत के लिए चंडीगढ़ और अटारी रेलवे स्टेशनों पर खास
इंतजाम किए थे । उनके लिए विशेष स्वागत केंद्र खोले गए थे । लोकसभा चुनाव में हार
के बाद भारतीय जनता पार्टी ने अपने संगठन में मामूली फेरबदल को अंजाम दिया है ।
पार्टी अध्यक्ष एम. वेंकैया नायडू ने रविवार को ७८ सदस्यीय नई राष्ट्रीय
कार्यकारिणी घोषित की । इसमें २० नये सदस्यों के अलावा १३ महिलाओं को भी मौका दिया
गया है । ११ सदस्य अनसूचित जाति एवं जनजाति का भी प्रतिनिधित्व करते हैं । वरिष्ठ
भाजपा नेता कल्याण सिंह, सुशील मोदी और मुख्तार अब्बास नकवी को पार्टी में
उपाध्यक्ष पद दिया गया है । वहीं अरुण जेटली व राजनाथ सिंह को पार्टी महासचिव बनाया
गया है । सुधींद्र कुलकर्णी को वेंकैया नायडू का सचिव बनाया गया है । वरिष्ठ भाजपा
नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने रविवार को सूची जारी करते हुए कहा कि
संगठन में सभी राज्यों से सभी वर्ग के लोगों को बराबर प्रतिनिधित्व का मौका मिला है
। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी करुणा शुक्ला को महिला मोरचा का
अध्यक्ष बनाया गया है । मध्य प्रदेश से सांसद शिवराज सिंह चौहान को बोर्ड तथा चुनाव
समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है । अनिता आर्य को महासचिव पद से हटाकर सदस्यों
की श्रेणी में रखा गया है । संजय जोशी संगठन के महासचिव की भूमिका में पूर्ववत
रहेंगे । वेंकैया ने संसदीय बोर्ड और केंद्रीय चुनाव समिति को दोबारा तैयार किया है
। पूर्व केंद्रीय मंत्री जुआल ओरम को उड़ीसा भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया है । वहीं
शाहनवाज हुसैन को सचिव का दर्जा मिला है । तमिलनाडु के सुकुमार नांबियार को नया
कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है । वेंकैया ने पार्टी के कुछ मोरचों में नए अध्यक्ष
नियुक्त किए हैं । वहीं पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर की जिम्मेदारी महाराष्ट्र
प्रदेश इकाई को सौंप दी गई है । मुख्तार अब्बास नकवी को मुख्यालय प्रभारी की
अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंप दी गई है । संसदीय बोर्ड में वेंकैया नायडू के अलावा अटल
बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, जसवंत सिंह, प्रमोद महाजन,
सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, शिवराज सिंह चौहान और संजय जोशी हैं । वहीं केंद्रीय
चुनाव समिति में इनके अलावा राजनाथ सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी, बाबूलाल मरांडी,
थावरचंद गहलोत, प्यारेलाल खंडेलवाल और सुशील मोदी को भी शरीक किया गया है । छह
आईआईएम संस्थानों के निदेशकों ने फीस कटौती पर चार माह से जारी विवाद को विराम देते
हुए रविवार को फीस ढांचे पर एक साझा प्रस्ताव तैयार किया । इस प्रस्ताव को वह आगामी
८ जून को केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय के समक्ष रखेंगे । भाजपा नीत सरकार
द्वारा फीस १५०,००० से ३०,००० करने पर उपजे विवाद का कोई सर्वसम्मत हल निकालने के
लिए छहों आईआईएम (भारतीय प्रबंधन संस्थान) के निदेशकों ने यहां पांच घंटे तक बैठक
की । उन्होंने जरूरतमंद छात्रों के लिए वजीफे देने का भी प्रस्ताव पारित किया ।
लेकिन प्रस्ताव के बारे में फिलहाल कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया । इस बैठक के
बाद आईआईएम (अहमदाबाद) निदेशक बकुल ढोलकिया ने यहां संवाददाताओं को बताया कि आम राय
से छहों निदेशकों ने एक प्रस्ताव तैयार किया है जिस पर ८ जून को मानव संसाधन विकास
मंत्रालय के सचिव से विचार - विमर्श किया जाएगा । इस प्रस्ताव को फिर छहों आईआईएम
के बोर्डो के सामने भी विचार करने और पारित करने के लिए पेश किया जाएगा । ढोलकिया
ने स्वायत्तता और फीस कटौती के समाधान के बारे में किसी सवाल का जवाब देने से इनकार
कर दिया । हालांकि ढोलकिया के साथ - साथ अन्य आईआईएम के निदेशकों ने भी यह नहीं
स्पष्ट किया कि समान फीस ढांचा इस मुद्दे का समाधान है या फिर यह प्रस्ताव का एक
हिस्सा भर है । ढोलकिया ने बताया कि इस प्रस्ताव पर विचार करने के लिए सभी आईआईएम
के बोर्डो की बैठक १९ जून को होगी । बैठक में अहमदाबाद आईआईएम के निदेशक ढोलकिया के
अलावा, कोलकाता के शेखर चौधरी, बंगलौर के प्रकाश आपटे, लखनऊ के देवी सिंह, कोझिकोडे
के कृष्ण कुमार और इंदौर के एस. पी. पराशर शामिल हुए । केंद्र सरकार ने सार्वजनिक
क्षेत्र के उपक्रमों "पीएसयू" के कर्मचारियों के मूल वेतन में महंगाई भत्ते (डीए)
का विलय करने का प्रस्ताव रखा है । लेकिन इसके लिए पहले वेतनमान की समीक्षा करने को
एक कमेटी गठित करनी होगी । सरकारी सूत्रों ने बताया कि पब्लिक एंटरप्राइजेज विभाग
ने केंद्रीय कैबिनेट को एक नोट भेजा है । कैबिनेट इस विषय पर अगले हफ्ते चर्चा
करेगा । हालांकि उन्होंने बताया कि मूल वेतन में महंगाई भत्ते के विलय को केवल
उन्हीं पीएसयू में लागू किया जाएगा जो कि बढ़े हुए वेतन को देने में सक्षम हैं ।
चूंकि सरकार इस मकसद के लिए कोई अतिरिक्त कोष जारी नहीं करने वाली है । सरकार यह
कदम बड़े पीएसयू जैसे एनटीपीसी लिमिटेड, स्टील ऑथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड, कोल
इंडिया लिमिटेड और नेशनल हाइड्रो इलेक्ट्रिक पॉवर कॉरपोरेशन के कर्मचारी डीए का मूल
वेतन में विलय नहीं करने पर १२ सितंबर से हड़ताल पर जाने की चेतावनी दे चुके हैं ।
सूत्रों ने बताया कि एक अन्य प्रस्ताव में पीएसयू कर्मचारियों के वेतनमान में
बढ़ोतरी का प्रस्ताव मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में भेजा गया है । बुधवार
को दिल्ली उच्च न्यायालय में यह तथ्य उजागर हुआ कि सोनिया की नागरिकता संबंधी एक
जनहित याचिका की फाइल को राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने पिछले वर्ष अप्रैल में
मंगवाया था । गौरतलब है कि वर्ष १९९८ में तत्कालीन राष्ट्रपति के आर नारायणन ने
सरकार गठन पर परामर्श के लिए सोनिया गांधी को बुलाया था और राष्ट्रपति द्वारा दिए
गए उस आमंत्रण के खिलाफ राष्ट्रीय मुक्ति मोरचा ने वर्ष १९९९ में एक जनहित याचिका
दायर की थी । याचिका में एक विदेशी मूल के व्यक्ति को किसी संवैधानिक पद ग्रहण करने
के लिए बुलाने पर आपत्ति करते हुए उसे संविधान के खिलाफ बताया गया है । बुधवार को
उसी लंबित याचिका पर सुनवाई के समय वरिष्ठ वकील पी एन लेखी ने बताया कि राष्ट्रपति
कलाम ने याचिका संबंधी कोर्ट के दस्तावेज मंगवाए थे । लेखी ने इस मुकदमे को बहुत
महत्वपूर्ण बताते हुए अदालत से कहा कि किसी कार्य दिवस वाले शनिवार को अदालत को इस
मुकदमे की विशेष सुनवाई करनी चाहिए । उन्होंने बताया कि किसी भी विदेशी मूल के
व्यक्ति को सरकार या किसी पार्टी को चलाने की अनुमति देना संविधान के खिलाफ है । अब
दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मुकदमे की विशेष सुनवाई के लिए २३ जुलाई शनिवार का दिन
तय किया है । राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम के नारायणन ने कहा कि पाकिस्तानी
राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को टेस्ट क्रिकेट देखने का न्योता देने के मुद्दे पर
सरकार सर्वसम्मति से कोई फैसला लेगी । वह स्वदेश निर्मित ५४० मेगावाट क्षमता के
भारी जल आधारित परमाणु ऊर्जा संयंत्र में रविवार को आयोजित एक कार्यक्रम में मौजूद
थे । नारायणन ने कहा कि मैंने पढ़ा है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति मुशर्रफ ने भारत
आकर टेस्ट मैच देखने की इच्छा जताई है । लेकिन सरकार इस मुद्दे पर सर्वसम्मति बनाने
के बाद ही कोई फैसला करेगी । अब यही बिछुड़ी बेटी ऐतिहासिक श्रीनगर - मुजफ्फराबाद
बस में सवार होकर घर आएगी । उसके स्वागत के लिए फातिमा बेगम के परिवार ने जोरदार
इंतजाम किया है । पूरा परिवार अपनी इस लाड़ली बेटी के स्वागत की तैयारी में मशगूल
है । ७५ वर्षीया फातिमा बेगम की आंखों में खुशी के आंसू हैं और यही हाल उनके दो
पुत्रों का है । पूरी तैयारी उस लड़की के लिए की जा रही है जो १९८० में सीमा पार कर
पाक अधिकृत कश्मीर चली गई थी और कभी दोबारा भारत नहीं लौटी । पूरा परिवार भावुक हो
उठा है । इस लड़की के स्वागत में घर की तस्वीर ही बदल दी गयी है । घर की रंगाई -
पुताई की जा रही है । यहां तक कि घर के फर्श और पर्दे भी बदल दिए गए हैं । घर में
नई कुर्सियां लगाई गई हैं और इस लड़की को उपहारों से लादने की भी भरपूर व्यवस्था की
गयी है । फातिमा बेगम ने आंखों में खुशी के आंसू लिए हुए इस संवाददाता से बातचीत
करते हुए कहा कि यह उनके लिए अविश्वसनीय घटना लग रही है । मेरी पुत्री अपने तीन
बच्चों के साथ २५ वर्षो बाद घर आ रही है । फातिमा को तब अपनी बेटी की सूरत देखने का
मौका मिला जब बीबीसी ने विभाजित परिवारों के लिए एक वीडियो कांफ्रेंस करवाई ।
फातिमा ने कहा कि वे अपनी बेटी हफीजा के स्वागत में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहती है ।
फातिमा बताती है कि दशकों पहले उनके पति गुलाम कादिर नज़र के भाई मोहम्मद अब्दुल्ला
नौकरी की तलाश में मुजफ्फराबाद चले गए थे । तब देश विभाजन की बात चल रही थी । ८० के
दशक में मोहम्मद अब्दुल्ला हफीज़ा को मुजफ्फराबाद लेकर चले गए । वहीं हफीज़ा की
शादी ख्वाज़ा सलाहुद्दीन नज़र से कर दी गयी । हफीजा की शादी के वक्त उनकी मां
फातिमा मौजूद नहीं थीं । फातिमा की गैर - मौजूदगी में यह शादी संपन्न हुई । फातिमा
ने कहा कि वे पहली बार अपनी नतिनियों और नाती को देखेंगी । उस मिलन की कल्पना कर वे
रोमांचित हो उठती हैं । केंद्रीय रक्षामंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा है कि यूपीए
सरकार पोटा कानून को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है । उन्होंने कहा कि यह गठबंधन
सरकार के न्यूनतम साझा कार्यक्रम का एक हिस्सा भी है । पोटा कानून को पिछली राजग
सरकार ने आतंकवाद से निपटने व आतंकी गतिविधियों पर लगाम के लिए लागू किया था ।
चेन्नई हवाईअड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में प्रणव मुखर्जी ने कहा कि पोटा कानून
समाप्त करने के लिए अभी कोई समय सीमा तय नहीं है । उन्होंने कहा कि संसद द्वारा
मंजूरी के बाद इस कानून को समाप्त किया जाएगा । प्रणव मुखर्जी करुणानिधि की पोती की
शादी में शामिल होने चेन्नई आए हैं । श्रीलंका में शांति प्रक्रिया में भारत की
भूमिका के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मुखर्जी ने कहा कि वहां के विदेश
मंत्री लक्ष्मण कादीरगमर ने उनके साथ मुलाकात के दौरान कुछ प्रस्ताव रखे थे । उस
प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विचार करेंगे और बाद में इस मुद्दे पर फैसला
लिए जाने की संभावना है । इसके लिए गहन विचार विमर्श और तैयारियों की जरूरत होती है
। कारगिल युद्ध के संदर्भ में १३ मई की सूचना और २५ मई के अभियान के बारे में, कोई
शक किया जाना ठीक नहीं है । इसमें कोई शक नहीं है कि कारगिल युद्ध में शुरूआती दौर
में थलसेना को विस्मय और परेशानियों का सामना करना पड़ा था । थलसेना को जिस वक्त
अभियान शुरू करना था, तब तक यह अंदाज नहीं था कि समग्र खतरा किस तरह का है ।
क्योंकि, सामान्य घुसपैठ इस इलाके में नई बात नहीं थी । क्योंकि, जिन्हें भी थलसेना
की कार्यप्रणाली और युद्ध के दिनों में की जाने वाली तैयारी के बारे में जानकारी
है, वे इस तरह की बात नहीं कह सकते कि थलसेना समय पर तैयार नहीं थी । कारगिल की
सफलता थलसेना और वायुसेना की समन्वित सफलता है । लेकिन, इसमें थलसेना की भागीदारी
अपने आप में महत्वपूर्ण है । केवल वायुसेना के लिए यह संभव नहीं था कि वह अपने बूते
पर दुश्मन को मार भगाए । १३ मई को वायुसेना का हमले के लिए तैयार होना और थलसेना की
तैयारी में २५ मई तक का समय लगने में कुछ भी गलत नहीं है । वायुसेना को हमले की
तैयारी में ज्यादा से ज्यादा दो दिन का समय लग सकता है । जबकि, थलसेना को कारगिल
जैसी परिस्थितियों में कम से कम दो सप्ताह का समय चाहिए । विगत बरसों में युद्ध की
रणनीति में व्यापक बदलाव आया है । अब, यदि हमला करने जा रहे हैं तो दुश्मन के एक
सैनिक के मुकाबले सात - आठ गुना अधिक सैनिकों की जरूरत पड़ सकती है । कारगिल के
वक्त कश्मीर घाटी में सेना मौजूद थी । लेकिन, दूसरे स्थानों से सेना लाने की जरूरत
थी । २० - २२ मई के बीच सैनिक कारगिल पहुंच गए थे । लेकिन, कारगिल जैसे अत्याधिक
ऊंचाई वाले क्षेत्र में सैनिकों को तत्काल युद्ध के लिए नहीं भेजा जा सकता था ।
उन्हें सात - आठ दिन का समय माहौल से सामंजस्य बैठाने के लिए देना जरूरी था ।
कारगिल भेजे गए सैनिकों के साथ अस्पताल, संचार नेटवर्क और राशन की व्यापक व्यवस्था
करनी थी । मोरचे पर पानी बड़ी समस्या थी । सैनिकों को पानी भी ढोना पड़ा । घायल
सैनिकों को लाने के लिए स्ट्रेचर जैसे उपकरण भी ले जाने पड़े । युद्ध के लिए जिस
जगह पर यह तंत्र खड़ा किया गया, वहां पगडंडियां तक नहीं थीं । ऐसे में जो लोग उस
वक्त के राजनीतिक और सैन्य नेतृत्व पर टिथी कर रहे हैं उन्हें या तो सही जानकारी
नहीं है या फिर वे अपनी जानकारी से हटकर बात कह रहे हैं । कारगिल जैसे हालात में
भारतीय थल सेना ने वायुसेना के साथ मिलकर जो परिणाम हासिल किए, वे बेहद आशाजनक थे ।
इतनी ऊंचाई के क्षेत्र में लड़कर जीतने का माद्दा भारतीय सेना में ही है । जहां तक,
सही टारगेट तक न पहुंचने की बात है तो उसके लिए तकनीकी पक्ष को देखना होगा । टारगेट
का पता लगाने के लिए डिजिटल मैप नहीं थे । ऊंचे पहाड़ों के बीच गहरी खाइयों और छोटी
घाटियों की वजह से राडार अपनी पूरी क्षमता से कार्य नहीं कर पा रहे थे । फिलहाल,
कुछ बातों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है । मसलन, एमआई - १७ जैसे सामरिक विमानों
का नियंत्रण वायुसेना की बजाय थलसेना के पास होना चाहिए । युद्ध में शामिल हो रहे
वायुसेना और थलसेना के बीच और बेहतर समन्वय बनना चाहिए । कारगिल के संदर्भ में एक
बात यह भी ध्यान रखने वाली है कि थलसेना को अंतर्राष्ट्रीय बार्डर क्रॉस करने की
अनुमति नहीं थी । क्योंकि, तब पूरा मामला अंतर्राष्ट्रीय हो जाता । कारगिल में
भारतीय वायु सेना और थल सेना ने जो कार्य किया, दुनिया में वैसा दूसरा उदाहरण नहीं
है । पूर्व उप प्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल को पांचवी पुण्यतिथि पर बृहस्पतिवार को
इंडियन नेशनल लोकदल के नेताओं ने भावभीनी श्रद्धांजलि दी । इनेलो के अध्यक्ष और
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने उनकी समाधि संघर्ष स्थल पर जाकर
श्रद्धांजलि अर्पित की । इनेलो की ओर से देवीलाल की पुण्यतिथि पर दिल्ली, हरियाणा
और उत्तर भारत में प्रार्थना सभाएं आयोजित की गईं । देवीलाल को श्रद्धांजलि देने
वालों में पूर्व राज्यपाल सुल्तान सिंह, अकाली दल के अध्यक्ष प्रकाश सिंह बादल,
इनेलो के महासचिव अजय सिंह चौटाला और राज्यसभा सांसद तरलोचन सिंह समेत कई प्रमुख
नेता शामिल थे । पंजाब में बुधवार को मंत्रिमंडल के पुनर्गठन के बावजूद इसके स्वरूप
को लेकर अमरिंदर और भट्ठल खेमों के बीच जबर्दस्त खींचतान जारी है । खुद को सारी
कवायद से दूर रखे जाने, अपने समर्थकों को जानबूझकर मंत्रिमंडल से बाहर करने और अपने
गुट को प्रतिनिधित्व न दिए जाने से नाराज उप - मुख्यमंत्री राजेंद्र कौर भट्ठल
लगातार दिल्ली में डेरा डालकर हाईकमान से नियमित संपर्क में हैं । नए मंत्रियों के
बीच विभागों के बंटवारे पर केंद्रीय नेताओं से विचार करने के लिए खुद मुख्यमंत्री
अमरिंदर सिंह भी आज अपरान्ह अपने खास समर्थकों सहित दिल्ली पहुंच गए हैं । खुद को
अलग - थलग किए जाने से नाराज चल रहीं भट्ठल ने बुधवार दोपहर कांग्रेस अध्यक्ष
सोनिया गांधी के समक्ष अपना पक्ष रखा । हालांकि उन्होंने मुलाकात के बारे में आगे
कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । लेकिन सूत्रों का कहना है कि भट्ठल ने सोनिया को
मंत्रिमंडल के पुनर्गठन में अमरिंदर सिंह द्वारा की गई कथित नाइंसाफी का ब्योरा
दिया । भट्ठल के करीबी सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सोनिया गांधी के समक्ष
मंत्रिमंडल के पुनर्गठन में अपने करीबियों की जानबूझकर उपेक्षा किए जाने का आरोप
लगाते हुए अमरिंदर द्वारा पुनर्गठन के लिए प्रयुक्त पैमाने पर भी आपत्ति की । उनका
तर्क है कि जब लोकसभा चुनाव में राज्य के ८० फीसदी क्षेत्रों में पार्टी पिछड़ गई
तो विधायकों की भूमिका तय करने की गुंजाइश नहीं बचती । सूत्रों के अनुसार, सोनिया
से मुलाकात में भट्ठल ने लोकसभा चुनाव में अपने क्षेत्रों से पिछड़ने वाले विधायकों
को मंत्री बनाने के लिए अपनाए गए चयन के तरीके पर भी आपत्ति जताई । भट्ठल खेमे का
आरोप है कि अमरिंदर ने ऐसा करते समय अपने करीबी विधायकों को प्राथमिकता दी जबकि कई
वरिष्ठ विधायकों को जानबूझकर मंत्री नहीं बनाया गया । हालांकि भट्ठल अभी तक मीडिया
के सामने कुछ भी कहने से बच रही हैं लेकिन उनके करीबी सूत्रों का कहना है कि यदि
हाईकमान ने उनकी नहीं सुनी तो मामला आने वाले दिनों में तूल भी पकड़ सकता है ।
उल्लेखनीय है कि इसी मामले में भट्ठल ने मंगलवार को अहमद पटेल, अंबिका सोनी और
मोतीलाल वोरा के सामने भी अपना पक्ष रखा था । हालांकि उनकी बेटी गुरकंवल कौर को आज
राज्य मंत्री बनाया गया है । हाईकमान के सामने अपनी स्थिति साफ करने और नए
मंत्रियों को विभागों के बंटवारे पर विचार करने के लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी
बुधवार दोपहर दिल्ली पहुंच गए । शाम तक वह कपूरथला हाउस में अपने करीबी सहयोगियों
लाल सिंह, प्रताप बाजवा, सुरेंद्र सिंगला एवं राणा सोढ़ी के साथ विचार - विमर्श
करते रहे । उनकी अंबिका सोनी के अलावा पार्टी के किसी बड़े नेता से मुलाकात नहीं हो
पाई । इस काम के लिए किंग जार्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के सीनियर मेडिकल छात्रों का
एक गिरोह परिसर में सक्रिय है । यह गिरोह एमबीबीएस के छात्र - छात्राओं से २५ से ५०
हजार रुपयों तक वसूल कर उन्हें परीक्षाओं में बिना मेहनत के पास कराने का ठेका लेता
है । इसके लिए गिरोह के लोग सीनियर शिक्षकों को धमकी तक देते हैं । ऐसे ही मामले
में मिली धमकी से घबरा कर दो वरिष्ठ शिक्षक तो अवकाश लेकर शहर से बाहर तक चले गए
हैं । मामले का खुलासा इस संबंध में गठित वरिष्ठ शिक्षकों की उच्च स्तरीय जांच
कमेटी की पड़ताल में सामने आया है । करीब आधा दर्जन से अधिक शिक्षक इस गिरोह की
करतूतों के शिकार हो चुके हैं । इस मामले में कई पहुंच वाले परिवारों के नाम सामने
आने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तय करने को लेकर प्रशासन उधेड़बुन में
फंसा है । इस बाबत निर्णय लेने के लिए नौ जून को जांच कमेटी की एक बैठक बुलाई गई है
। मेडिकल विश्वविद्यालय में शिक्षकों को मिलने वाली धमकी व उनके साथ बढ़ती अभद्रता
की घटनाओं की जांच करने के लिए डेढ़ माह पूर्व कुलपति ने मेडीसिन विभाग के
विभागाध्यक्ष प्रो. सी. जी. अग्रवाल के नेतृत्व में १५ सदस्यीय एक उच्च स्तरीय जांच
कमेटी गठित की थी । जिसे तीन माह के अंदर आधा दर्जन से अधिक शिक्षकों को मिली धमकी
के मामले की पड़ताल का जिम्मा सौंपा गया था । इस समिति की अब तक हुई करीब छह बैठकों
में जो जानकारी सामने आई वह चौंकाने वाली है । समिति से जुड़े सूत्र बताते है कि
छात्रों ने अपने बयानों में इस बात का खुलासा किया है कि परिसर में संगठित तौर पर
कुछ सीनियर छात्रों का ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो मेडिकल छात्रों को बिना मेहनत के ही
सलाना वार्षिक परीक्षाओं में पास कराने का ठेका लेता है । इस गिरोह के लोग छात्र -
छात्राओं की आर्थिक पृष्ठभूमि का पता लगा कर उनसे पास कराने के लिए २५ से ५० हजार
रुपए तक वसूल लेते हैं । ये सीनियर छात्र परीक्षा के बाद उनके बताए छात्र को अच्छे
नंबर देने के लिए शिक्षकों को धमकाते हैं । सूत्र बताते हैं कि इस गिरोह का संचालन
जे. आर. एक व दो स्तर के कुछ दबंग जूनियर डाक्टरों के हाथ में है । ये लोग एमबीबीएस
तीसरे व चौथे वर्ष के कुछ छात्रों की मदद से परिसर में बीते काफी समय से अपना यह
गोरखधंधा फैलाए हुए हैं । इस गिरोह के लोगों ने हाल ही में एनाटॉमी विभाग के
विभागाध्यक्ष प्रो. ए. के. सहाय को माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव के नाम पर घर में
घुस कर धमकाया था, जिससे भयभीत हो कर डा. सहाय शहर छोड़ कर मुम्बई चले गए हैं ।
इसके अलावा एस. पी. एम. विभाग के डा. इदरीस व डा. मसूद और कैंसर विभाग के प्रो. एम.
सी. पंत सहित आधा दर्जन से अधिक वरिष्ठ चिकित्सकों को नंबर बढ़ाने के नाम पर धमकाया
जा चुका है । इस मामले में जांच समिति के सामने ऐसे सीनियर छात्रों के नाम सामने आ
रहे हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की रुपरेखा तय करने को लेकर प्रशासन भी हिचकिचा रहा
है । इस मामले में नौ जून को इस उच्च स्तरीय कमेटी की होने वाली बैठक के ऊपर सबकी
निगाहें लगी हुई हैं । जांच कमेटी में प्रो. अग्रवाल के अलावा डा. एस. एन. कुरील,
डा. रमाकांत, डा. अशोक चंद्रा, डा. जे. बी. सिंह, डा. एस. के. दास, डा. एस. सी.
तिवारी व डा. सी. एस. सैम्बी सहित पंद्रह शिक्षक शामिल हैं । हरियाणा में अभी तक
मानसून भले ही नहीं पहुंचा है, लेकिन मंगलवार की रात झज्जर में कलालों के मकबरों
में निर्देशक केतन मेहता ने जमकर बारिश कराई । बिजली की कौंध और झमाझम बारिश के बीच
मेहता ने अपनी फिल्म 'द राइजिंग' के कई सीन शूट किए । आमिर खान ने मंगलवार की रात
मंगल पांडे के रूप में अन्य कलाकारों के साथ यहां रात भर शूटिंग की । मंत्रणा को
लेकर ही रात भर शूटिंग होती रही । सुबह साढ़े चार बजे शॉट ओके होने के बाद शूटिंग
का काम थम गया । इससे पहले शाहबाज खान व दूसरे साथियों द्वारा कंपनी के साथ लड़ाई
और ३१ मई को आजादी की योजना बनाने के शॉट फिल्माए गए । दूधिया लाइटों की रोशनी में
पूरी तरह से नहाए मकबरों के ऊपर से गिरता झमाझम पानी लोगों को बरबस अपनी ओर आकर्षित
कर रहा था । हालांकि पिछले दिनों की अपेक्षा रात ठंडी थी । दर्शकों की संख्या भी
पहले से कम थी । आमिर ने भी अपने चाहने वालों को निराश नहीं किया । शूटिंग देखने के
लिए मंगलवार की रात पहुंचने वाले खास लोगों में झज्जर के डीसी महेंद्र कुमार
सपरिवार वहां पहुंचे और करीब साढ़े ११ बजे तक शूटिंग देखी । उन्होंने आमिर के साथ
फोटो भी खिंचवाए । अन्य अधिकारियों व उनके परिवार के सदस्यों की भी आमिर को नजदीक
से देखने की चाहत पूरी हुई । शूटिंग पूरी होने पर आमिर खान के साथ लगान व गुलाम
फिल्म में काम कर चुके तथा 'द राइजिंग' में वी. सिंह की भूमिका निभा रहे अमीन भाई
का ३६वां जन्मदिन सेट पर ही मनाया गया । अमीन भाई के साथ आमिर ने केक काटा और यूनिट
के सदस्यों ने अमीन को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं । केक शूटिंग में हथियार के रूप
में इस्तेमाल किए जा रहे करीब एक फुट लंबे चाकू से काटा गया । यूनिट के करीब सौ
सदस्यों ने उन्हें बधाई दी । अमीन के मुताबिक 'द राइजिंग' अब तक करीब ९५ फीसदी पूरी
हो चुकी है । झज्जर के बाद फिल्म की शूटिंग लद्दाख तथा नूंह में की जाएगी । इसके
बाद यूनिट सितंबर में एक बार फिर झज्जर लौटेगी । यहां एक कव्वाली का फिल्मांकन किया
जाएगा । वैसे तो यहां फिल्म की शूटिंग छह दिनों तक चली है, लेकिन फिल्म में दुजाना
और झज्जर के सीन कुल मिलाकर ३ से ४ मिनट के ही होंगे । आमिर खान ने यहां दर्शकों के
साथ फोटो खिंचवाई । आमिर ने पास खड़े एक फोटोग्राफर को बुलाया और महिला के साथ फोटो
खींचने तथा महिला को फोटो देने को कहा । दिल्ली - लाहौर बस पर पथराव के बाद इसकी
सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठने शुरू हो गए हैं । भारत - पाक रिश्तों में सुधार के
बाद शुरू हुई बस सेवा के संचालन में पूर्व की व्यवस्था नहीं अपनाई जा रही है । सदा
- ए - सरहद दिल्ली - लाहौर बस जैसे ही पंजाब में दाखिल होती है राजपुरा के शंभु
बैरियर के पास से हरियाणा पुलिस उसका साथ छोड़ देती है । वहां से पंजाब पुलिस की दो
जिप्सी उसके स्वागत के लिए तैयार रहती हैं, जिसमें से एक बतौर एस्कार्ट व दूसरी
बतौर सुरक्षा लग जाती है । एस्कार्ट पुलिस जिप्सी का मकसद इस बस को रास्ता दिखाना व
आगे होने वाले हर खतरे को भांपना है, जबकि पीछे वाली जिप्सी का मुख्य मकसद इसकी
सुरक्षा है । चूंकि राजपुरा पटियाला में पड़ता है, इसलिए स्थायी तौर पर पटियाला
पुलिस इसकी सुरक्षा में लग जाती है, जो इस बस को राज्य के अंतिम छोर यानि बाघा
बार्डर तक छोड़कर आती है, जबकि एस्कार्ट जिप्सी प्रत्येक जिले में बदलती रहती है ।
बस के सतलुज पुल क्रास करने के साथ ही लुधियाना की एस्कार्ट उसका साथ छोड़ देती है
और जालंधर की एस्कार्ट जिप्सी उसके आगे लग जाती है । हालांकि रास्ते में फगवाड़ा भी
पड़ता है, जो जिला कपूरथला का एक हिस्सा है, लेकिन जिला जालंधर पुलिस की एस्कार्ट
इस जिले में भी अपना दायित्व निभाती है । तत्कालीन सभी एसएसपी ने अपने एसएचओ को
आदेश जारी कर बस के गुजरने के समय अपने क्षेत्र में उसके साथ चलने के आदेश दिए थे ।
इस तरह से बस की सुरक्षा में अतिरिक्त पुलिस लग जाती थी । मसलन अगर बस पीएपी चौक पर
होती तो कैंट पुलिस का एसएचओ उसकी सुरक्षा के लिए वहां तैनात रहता था । चुगिट्टी
चौक पर आते ही थाना आठ के एसएचओ पुलिस बल के साथ बस को अपने थाने की हद तक छोड़कर
आते थे । इसका मुख्य कारण था कि हर थाना के एसएचओ को अपने इलाके के संवेदनशील
स्थानों का पता रहता था, जिस कारण बस को कोई नुकसान नहीं हो पाता था । लेकिन समय
बीतने के साथ - साथ यह प्रकिया खत्म हो गई और बस की सुरक्षा पटियाला पुलिस के हवाले
ही रह गई । मंगलवार को फगवाड़ा में हुई घटना भी इसी प्रकिया की एक खामी का नतीजा है
। अगर इलाका एसएचओ इस बस को हद के बाहर ही रोक लेता तो शायद यह हादसा नहीं हो पाता
। तीन भारतीय सहित सात ट्रक ड्राइवरों की रिहाई के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे
शेख दुलइमी ने कहा है कि अगर भारतीय फिल्मी सितारे खासकर अमिताभ, धर्मेंद्र व आशा
पारिख बंधकों को आजाद करने की टेलीविजन पर अपील करें तो उन्हें तत्काल रिहा कर दिया
जाएगा । रविवार को फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने कहा कि अगर उनसे इस बारे में
औपचारिक रूप से कहा जाता है तो वे अपहर्ताओं से एक बार नहीं सौ बार अपील करने को
तैयार हैं । अमिताभ ने कहा कि वे इस देश के नागरिक हैं और इस देश के लिए कुछ भी कर
सकते हैं । दूसरी तरफ आशा पारिख ने कहा है कि अगर उनके अपील करने से बंधकों की
रिहाई हो सकती है तो वे ऐसा करने के लिए तैयार हैं । हिंदी फिल्मों के दीवाने इराकी
कबाइली नेता दुलइमी ने अंग्रेजी साप्ताहिक 'आउटलुक' से बातचीत में कहा कि अगर
बॉलीवुड के सितारे बंधकों की रिहाई की अपील करें तो अपहर्ताओं पर इसका सकारात्मक
असर पड़ेगा । दुलइमी ने बताया कि आशा पारिख उनकी पसंदीदा अदाकारा हैं । उन्होंने तो
यहां तक कहा कि अगर वे खुद मुझे फोन करें तो बंधक आज ही रिहा कर दिए जाएंगे ।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि अगर वह कुछ कहती हैं तो इसका अपहर्ताओं पर प्रभाव
पड़ेगा । दुलइमी का यह इंटरव्यू पत्रिका के ताजा अंक में प्रकाशित किया गया है ।
दुलइमी कहते हैं कि अपहर्ता इराकी शहर फलूजा की जनता के लिए धन चाहते हैं, जिसे
अमेरिका ने बमों से तबाह कर दिया है । फलूजा में २५० महिलाओं व बच्चों की मौत हो गई
है । अपहर्ता उनके परिवार वालों के लिए क्षतिपूर्ति चाहते हैं । दुलइमी संकट को
लंबा खींचने के लिए कुवैत एंड गल्फ लिंक (केजीएल) कंपनी को भी दोषी मानते हैं,
जिसके लिए ये ड्राइवर काम करते थे । उनका कहना है कि अगर संकट के शुरुआती दिनों में
केजीएल ने अपना नुमाइंदा हमसे बातचीत के लिए बगदाद भेज दिया होता, तो बंधकों की
रिहाई हो गई होती । मालूम हो कि इस्लामिक सीक्रेट आर्मी - होल्डर्स ऑफ ब्लैक बैनर्स
नामक आतंकी संगठन ने २१ जुलाई को तीन भारतीय सहित सात ट्रक ड्राइवरों का अपहरण कर
लिया था । भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह अगले महीने पाकिस्तान का दौरा करेंगे ।
यहां वे एक क्षेत्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेने के साथ ही पाकिस्तानी नेताओं से
बातचीत करेंगे । यह जानकारी सोमवार को एक अधिकारी ने दी । कार्यक्रम के अनुसार सिंह
२० और २१ जुलाई को इस्लामाबाद में सार्क देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में
हिस्सा लेंगे । सार्क के अन्य सदस्य देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका, भूटान,
नेपाल और मालदीव हैं । पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मसूद खान ने कहा कि भारतीय
विदेश मंत्री पाकिस्तानी नेताओं से मिलेंगे, लेकिन इसके बारे में अभी कार्यक्रमों
को अंतिम रूप नहीं दिया गया है । वे परमाणु युद्ध के खतरे को कम करने के उपायों पर
विचार करेंगे । इस बैठक के अगले दौरे में नई दिल्ली में ही २७ - २८ जून को दोनों
देशों के विदेश सचिव और विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ नौकरशाह मिलेंगे । खान ने बताया
कि सिंह और पाक विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी के २१ - २२ जून को बींजिंग में मिलने की
उम्मीद है । बिहार में राष्ट्रपति शासन लगने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपनी
रणनीति पर नए सिरे से विचार शुरू कर दिया है । भाजपा, जनता दल (यू) और लालू प्रसाद
यादव राष्ट्रपति शासन के लिए लोक जनशक्ति पार्टी के नेता राम विलास पासवान को दोषी
ठहरा रहे हैं । दूसरी ओर पासवान व राजग दोनों ही केंद्र से गुहार कर रहे हैं कि
राष्ट्रपति शासन परोक्ष रूप से लालू का राज न बनने पाए । बिहार के राज्यपाल सरदार
बूटा सिंह से मिलकर आने वाले सभी नेता खुश हैं कि वे तो उनकी बात से सहमत हैं ।
लेकिन बूटा सिंह वास्तव में क्या करेंगे यह कांग्रेसी ही जानते हैं । या यह कहना
ज्यादा ठीक होगा कि सोनिया गांधी जानती हैं । रामविलास पासवान पर हमला करके वह
कांग्रेस पर दबाव डाल रहे थे कि वह पासवान को लाइन पर लाए । दूसरे उन्होंने कुछ
कानूनविदों से सलाह ली और एक प्रतिवेदन लेकर दिल्ली आए थे । उनकी मांग थी कि
विधानसभा का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी राबड़ी देवी कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनी
रहें । उनका तर्क था कि गुजरात में विधानसभा भंग होने के बाद चुनाव आयोग ने चुनाव
देर से कराए तो नरेंद्र मोदी कार्यवाहक मुख्यमंत्री बने रहे । लेकिन केंद्र सरकार
का कहना था कि नई विधानसभा को निलंबित करते ही विधायी अधिकार संसद में निहित हो
जाते हैं और प्रशासनिक अधिकार राज्यपाल के पास आ जाते हैं । ऐसे में राबड़ी देवी को
कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनाए रखना संवैधानिक रूप से संभव नहीं है । लालू अपनी इस
मांग को न माने जाने से खफा हैं । लालू को करीब से जानने वालों का मानना है कि
राष्ट्रपति शासन में अपनी पसंद के सलाहकार नियुक्त कराने के लिए वह पेशबंदी कर रहे
हैं । लालू यादव व राजग दोनों ही इस बात पर सहमत हैं कि पासवान की पीठ पर कांग्रेस
का हाथ है । पासवान कांग्रेस के उकसावे पर खेल रहे हैं । एक लालू यादव पर दबाव बना
रहे और दूसरे राष्ट्रपति शासन में कांग्रेस अपना जनाधार बढ़ाने का प्रयास करे । यही
वजह है कि राज्यपाल बूटा सिंह राजद के अलावा सबसे कह रहे हैं कि वह निष्पक्ष ढंग से
शासन चलाएंगे और पुरानी व्यवस्था को बदलेंगे । पासवान और राजग दोनों का मानना है कि
लालू यादव को कम करके आंकना गलत होगा । राष्ट्रपति शासन में वह अपने २५ सांसदों की
ताकत के बूते पर कांग्रेस से अपनी बात मनवाते रहेंगे । भाजपा के एक नेता ने लालू की
केंद्र सरकार पर असर का उदाहरण देते हुए कहा कि आठ महीने पहले रेलवे बोर्ड में एक
मेंबर स्टाफ का पद खाली हुआ था । लालू यादव ने इसके लिए जिसका नाम भेजा उसे
नियुक्ति संबंधी कैबिनेट की समिति ने नामंजूर कर दिया । लेकिन हाल ही में उन्होंने
कैबिनेट कमेटी के फैसले को बदलवा लिया । इसलिए, लालू यादव की असली ताकत उनके
सांसदों की संख्या है जिसकी कांग्रेस उपेक्षा नहीं कर सकती । भाजपा - जनता दल यू ने
अब पासवान की आस छोड़ दी है । उनके नेताओं का मानना है कि लालू यादव की पासवान
विरोधी मुहिम को हवा दी जाए । इससे पासवान समर्थकों और उनके विधायकों पर दबाव
बढ़ेगा । राजग का मानना है कि इस विधानसभा में कोई सरकार बनी भी तो वह अल्पजीवी ही
होगी । राजग आगे की लड़ाई की तैयारी कर रहा है । उसके रणनीतिकारों का मानना है कि
इसके लिए लालू विरोधी खेमे से पासवान को हराना जरूरी है । इसके लिए बहुत जल्दी ही
राजग नेता बिहार में आम सभाओं का सिलसिला शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं । मुंबई
के उपनगर बांद्रा में टर्नर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक की शाखा के एक लॉकर से
शुक्रवार को १२ हथगोले, दो कारबाइन और बड़ी मात्रा में गोला बारूद बरामद किया गया ।
बैंक रिकॉर्ड के मुताबिक सितंबर १९८४ में अरुण रोनाल्डो विज के नाम लॉकर आवंटित
किया गया था लेकिन उसे १९९० के बाद से नहीं खोला गया । फिलहाल पुलिस इस मामले की
तहकीकात कर रही है । अधिकारियों ने बताया कि बैंक के नियमों के मुताबिक लॉकर खोला
गया तो उसमें पाउडर से भरा एक थैला मिला जिसे जांच के लिए फॉरेंसिक लेबोरेट्री भेज
दिया गया है । लॉकर से मिले पासबुक पर चंडीगढ़ का पता है । पासबुक में दर्ज स्थानीय
पते पर जब पुलिस पहुंची तो पाया कि वह सही नहीं था । मुंबई क्राइम ब्रांच के
अधिकारियों का कहना है कि चूंकि इस लॉकर को १९९० के बाद से नहीं खोला गया था और
पासबुक पर चंडीगढ़ का पता दर्ज है इससे आशंका है कि ये हथियार उस वक्त रखे गए होंगे
जब पंजाब में आतंकवाद चरम पर था । मुंबई के पुलिस आयुक्त ए एन राय ने कहा, हालांकि
इस मामले में लॉकर लेने वाले व्यक्ति की पहचान के बारे में किसी प्रकार का निष्कर्ष
निकालना जल्दबाजी होगी । लेकिन यह महत्वपूर्ण है कि १९८४ में ही बैंक खाता खोलकर
लॉकर लिया गया था । नक्सल विरोधी अभियान में शहीद हुए जवानों के परिवार वालों को
विशेष बीमा योजना के तहत १० लाख रुपये दिए जाएंगे । छत्तीसगढ़ में हाल के नक्सली
हमले में मारे गए नागालैंड सशस्त्र पुलिस के जवानों के परिजनों को राज्य सरकार ने
भी ५ लाख रुपये देने की घोषणा की है । इस हमले में नागालैंड सशस्त्र पुलिस के घायल
जवानों को ५० - ५० हजार रुपये दिये जाएंगे । केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार इस
हमले के दोषी नक्सलियों को पकड़ने के लिए अभियान तेज कर दिया गया है । छत्तीसगढ़
सरकार ने सुरक्षा खर्च योजना (एसआरई) के तहत जिस अनुग्रह राशि का भुगतान किया है,
केन्द्र सरकार उसकी प्रतिपूर्ति करेगी । छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के हमले में
नागालैंड सशस्त्र पुलिस के नौ जवान शहीद हो गए थे । इन जवानों के शवों को सीमा
सुरक्षा बल के विशेष विमान से दीमापुर ले जाया गया । बिहार की जेलों से चलाई जा रही
अपराधिक गतिविधियां रोक पाने में नाकाम रहने पर पटना हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य
सरकार को कड़ी फटकार लगाई । कोर्ट ने आदेश दिया कि राज्य पुलिस के बजाय एक घंटे के
भीतर अर्द्ध सैनिक बल बेऊर जेल में तलाशी अभियान चलाए । इसका नतीजा भी निकला । बेऊर
जेल में तलाशी के दौरान चार मोबाइल फोन जब्त किए गए, जिसमें से एक मोबाइल चर्चित
सांसद पप्पू यादव का भी है । इसके अलावा वहां ऐसे लोग काफी संख्या में पाए गए जो
पप्पू यादव से मिलने आए थे । सरकारी सूत्रों ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के घंटे
भर बाद ही बिहार मिलिटरी पुलिस (बीएमपी) ने पटना स्थित अति सुरक्षित बेऊर जेल की
तलाशी ली । बुधवार को ली गई तलाशी के दौरान पप्पू यादव के मोबाइल सहित चार मोबाइल
और कुछ वीसीडी बरामद की गई । आईजी जेल दीपक कुमार सिंह द्वारा बेऊर जेल के औचक
निरीक्षण के दौरान काफी संख्या में लोग पाए गए जो मधेपुरा से राष्ट्रीय जनता दल के
सांसद पप्पू यादव से मिलने आए थे । कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश नागेंद्र राय व
न्यायाधीश एस एन हुसैन की दो सदस्यीय खंडपीठ ने पटना स्थित बेऊर जेल की स्थानीय
जिला सत्र न्यायाधीश की निगरानी में बीएमपी द्वारा तलाशी कराने का आदेश दिया था ।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने
राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, गृह सचिव और आईजी जेल से राज्य की जेलों में
तत्काल तलाशी शुरू कराने का आदेश दिया था । इसके साथ ही कोर्ट ने मीडिया से इस
अभियान की गोपनीयता बनाए रखने के लिए यह समाचार जल्दी न जारी करने का अनुरोध भी
किया था । अदालत ने राज्य में आपराधिक गतिविधियों में हो रही बढ़ोत्तरी के संबंध
में सरकार की ओर से दिए गए जवाब से असंतोष प्रकट करते हुए कहा कि राज्य में प्रशासन
नाम की कोई चीज नहीं है । राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है ।
इसके साथ ही अदालत ने पटना, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर, और बक्सर जेलों की सुरक्षा
के लिए सीआईएसएफ तैनात करने के लिए राज्य सरकार को केंद्र सरकार से अनुरोध करने को
कहा है । लाख प्रयासों और अरबों खर्च करने के बावजूद उत्तर प्रदेश में पोलियो का
कहर थम नहीं रहा है । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने फिरोजाबाद में दो और हाथरस
में एक बच्चे के पोलियोग्रस्त होने की पुष्टि की है । इसके साथ ही राज्य में इस साल
पोलियो रोगियों की संख्या बढ़कर सात हो गयी है । डब्ल्यूएचओ और यूनीसेफ के
विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि अगर इस माह होने वाले राउंड में बच्चे फिर दवा पीने
से छूटे तो अगस्त - सितम्बर में महामारी सिर उठा सकती है, क्योंकि संक्रमण का सबसे
ज्यादा खतरा मानसून के बाद होता है । उत्तर प्रदेश में पिछले साल १३४ बच्चे पोलियो
की चपेट में आये थे । हालांकि इस बार सात नए मामले आये हैं इससे केन्द्र सरकार
संतुष्ट नहीं है । क्योंकि नये रोगियों के आने का खतरा अब ज्यादा बढ़ गया है ।
पिछले साल भी ज्यादातर मामले बरसात के बाद सामने आये थे । इसलिए २६ जून को होने
वाले राउंड पर सरकार विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है । पोलियो कार्यक्रम के प्रभारी
और डब्ल्यूएचओ विशेषज्ञ डॉ शोबन सरकार के अनुसार फिरोजाबाद में पोलियो रोगियों का
मिलना गंभीर चिंता का विषय है, क्योंकि पिछले दो - तीन सालों से जिला शून्य स्तर
कायम किये हुए था । इसी के चलते सरकार का पूरा ध्यान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य
जिलों पर लगा रहा । इस साल की शुरुआत में अलीगढ़, बागपत, बिजनौर तथा रामपुर में
पोलियो का एक - एक रोगी पाया गया था । हाथरस में गत माह एक बच्चा पोलियोग्रस्त पाया
गया । डॉ सरकार के अनुसार अब तक देश भर में पोलियो के कुल १८ नए रोगी प्रकाश में
आये हैं । उत्तरांचल के हरिद्वार जिले में पोलियो का एक मामला सामने आया है । ये
ज्यादातर मामले पी - १ विषाणु के संक्रमण के पाये गये हैं । इसलिए इन राज्यों में
मोनोवेलेंट टाई वन वैक्सीन पिलायी जाएगी । यह टीका पी - १ विषाणु का सफाया करने के
लिए विशेष रूप से बनाया गया है । पहले जो टीका दिया जा रहा था, वह तीनों तरह के पी
- १, पी - २ तथा पी - ३ विषाणुओं को मारने में प्रभावी माना जा रहा है । लेकिन अब
खुद सरकार महसूस कर रही है कि पी - १ विषाणु पर उक्त दवा प्रभावी नहीं थी । गौरतलब
है कि २००५ तक देश को पोलियो मुक्त बनाये जाने का लक्ष्य रखा गया था । डॉ सरकार के
अनुसार इन दो बड़े राज्यों की मुस्लिम जनता में दवा को लेकर भ्रम फैलना गंभीर चिंता
का विषय है । इसके चलते लोग बच्चों को दवा नहीं पिला रहे हैं । इसी कारण कई अफ्रीकी
देशों में भी पोलियो की बीमारी सिर उठा रही है । जो अब १७ और देशों में भी पैर पसार
चुका है । ब्रिटेन के गृह मंत्री चार्लस क्लार्क ने और आतंकी हमलों की आशंका जताई
है । क्लार्क ने कहा कि बृहस्पतिवार को ताबड़तोड़ धमाके कर परिवहन सुविधाओं को
निशाना बनाने वाले आतंकवादी फिर हमला कर सकते हैं । शुक्रवार को लंदन में
मेट्रोपोलिटन पुलिस कमिश्नर इयान ब्लेयर ने भी यही खतरा दोहराया । रसेल स्क्वॉयर के
पास भूमिगत मेट्रो में विस्फोट के बाद अभी मलबा पूरी तरह नहीं हटाया जा सका है ।
यहां एक डिब्बे में कई शव फंसे होने की आशंका जताई गई है । इस सुरंग के ढहने का
खतरा बना हुआ है, इसी वजह से राहत एवं बचाव कार्य बाधित है । पुलिस कमिश्नर ने कहा
कि मृतकों की संख्या अंतिम रूप से १०० पार कर जाने के आसार कम हैं । घायलों में से
३५० को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है । विस्फोट में जख्मी २२ लोगों की
हालत अब भी नाजुक बनी हुई है । लंदन में कड़ी सुरक्षा के बीच बसों और कई भूमिगत
मेट्रो का संचालन फिर शुरू हो गया है लेकिन यात्रियों के चेहरों से दहशत झलक रही थी
। सुबह - सुबह राजधानी के तीन प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर संदिग्ध वस्तु की आशंका के
बाद आनन - फानन में खाली करा लिया गया । यूस्टन भूमिगत स्टेशन पर सबसे पहले खतरे की
घंटी बजी । मौके पर पहुंची पुलिस ने भूमिगत हिस्से की व्यापक तलाशी ली लेकिन कुछ
नहीं मिला । इसके थोड़ी ही देर बाद लीवरपूल स्ट्रीट और चैरिंग क्रॉस में भी यही
दृश्य दोहराए गए । गृहमंत्री क्लार्क ने कहा है कि कल हुआ हमला मुस्लिम आतंकियों या
आत्मघाती हमलावरों की करतूत है, इस संबंध में अभी अंतिम रूप से कुछ नहीं कहा जा
सकता । पुलिस कमिश्नर ने दोहराया कि हमले का तौर तरीका अल कायदा आतंकियों जैसा ही
है । हमलों में लगभग साढ़े चार किलो वाले उच्च विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया ।
इसे झोले में रख कर बहुत आसानी से छिपाया जा सकता है । भूमिगत मेट्रो में इन्हें
फर्श पर रख दिया गया था । विस्फोट के तरीके को लेकर चल रही अटकलों पर ब्लेयर ने कहा
कि रसेल स्क्वॉयर समेत कई भूमिगत मेट्रो इतने गहरे हैं कि इनमें विस्फोटकों को
सेलफोन के जरिए तो डेटोनेट नहीं किया सकता । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और ब्रिटिश
प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर के बीच बृहस्पतिवार को उदयपुर के मैजस्टिक उदय विलास होटल
में हुई बातचीत मुख्यतः आतंकवाद पर ही केंद्रित रही । यद्यपि, दोनों नेताओं ने
पर्यावरण, संयुक्त राष्ट्र और नाभिकीय ऊर्जा के शांतिपूर्ण इस्तेमाल जैसे मसलों पर
भी बातचीत की । दोनों नेता अलग - अलग विमानों से उदयपुर पहुंचे । वार्ता के बाद
ब्लेयर ने इसे बहुत ही अच्छा करार दिया । मनमोहन ने कहा कि यह बैठक भारतीय पर्यटन
के लिए एक शानदार विज्ञापन रही । बाद में ब्लेयर ने अपने भारत दौरे की समाप्ति पर
मनमोहन के साथ नई दिल्ली में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया । दोनों
नेताओं ने आतंकवाद को पतित सिद्घांतों से उत्पन्न बुराई करार देते हुए कहा कि इसका
किसी भी धर्म से कोई संबंध नहीं है । मनमोहन ने कहा कि 'आतंकवाद का कोई धर्म नहीं
है, आतंकियों का कोई धर्म नहीं है और वे किसी भी धर्म के मित्र नहीं हैं आतंकियों
को ऐसे अल्पसंख्यक करार दिया जो सभ्य सिद्घांतों को मिटाने पर तुले हैं । उन्होंने
कहा कि ये बुराई के सिद्घांत से उत्पन्न हुए हैं । ये लोग इस्लाम को विकृत कर रहे
हैं । इस वैश्विक बुराई से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा । ब्लेयर ने कहा
कि अधिकांश मुस्लिम आतंकवाद के खिलाफ हैं । हाल में मिस्र, इराक अथवा अफगानिस्तान
में हुए विस्फोटों में मारे गए अधिकतर लोग मुस्लिम ही हैं । ब्लेयर के विचारों से
सहमति व्यक्त करते हुए मनमोहन ने कहा कि आतंकवाद से निपटने के लिए हर तरफ से अभियान
व अधिकतम सहयोग की जरूरत है । आतंकवाद के अलावा दोनों नेताओं ने संयुक्त राष्ट्र
सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता, ऊर्जा सुरक्षा और द्विपक्षीय व्यापार
संबंधों पर भी चर्चा की । मनमोहन ने बताया कि दोनों देशों ने आपसी व्यापार और निवेश
को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त आर्थिक आयोग बनाया है । ब्रिटेन भारत को नाभिकीय
ऊर्जा के नागरिक इस्तेमाल के क्षेत्र में भी मदद करने को तैयार हो गया है । इसके
अलावा दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त रूप से प्रयास करेंगे
। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत और ब्रिटेन नागरिक उड्डयन, फिल्मों का संयुक्त रूप
से निर्माण और बौद्घिक संपदा अधिकार के क्षेत्र में भी मिलकर काम करेंगे । दोनों
देशों ने वायु सेवा से संबंधित एक समझौते पर भी दस्तख्त किए हैं । ब्रिटेन ने भारत
के साथ अकादमिक और शैक्षिक आदान - प्रदान के लिए एक करोड़ पौंड की घोषणा की है ।
यूके - इंडिया एजुकेशन इनीशिएटिव की शुरुआत करते हुए ब्लेयर ने यह घोषणा की ।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन
के निधन पर अमेरिकी दूतावास में रखी शोक - पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए । सिंह ने
रीगन को विश्व हस्ती और भारत का मित्र बताया । संभवतः यह पहला मौका है जब भारतीय
प्रधानमंत्री ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के निधन पर इस तरह का आचरण किया है ।
प्रधानमंत्री ने शोक - पुस्तिका में लिखा कि राष्ट्रपति रीगन के निधन से दुनिया ने
विश्व स्तर के राजनेता को खो दिया है, जिन्होंने इतिहास में अपनी अमिट छाप छोड़ी ।
सिंह ने कहा कि हम भारत के मित्र को सलाम करते हैं । उन्होंने दो बड़े लोकतांत्रिक
देशों के संबंधों को मजबूती प्रदान करने में काफी योगदान दिया । सिंह ने रीगन के
परिवार और अमेरिका के लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट की । अमेरिका ने भारत को
पैट्रियॅट पैक - २ एंटी - मिसाइल प्रणाली समेत तमाम अत्याधुनिक हथियार देने की
पेशकश की है । इनमें नेटवर्क सेंट्रिक पूर्व चेतावनी, बैटलफील्ड कंट्रोल और कमांड
प्रणाली भी शामिल है । इन अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों का प्रस्ताव भारत के साथ सामरिक
साझेदारी बढ़ाने की अमरीकी विदेश मंत्री कोंडलीजा राइस की घोषणा को अमलीजामा पहनाने
के तहत किया गया है । अमरीकी दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमरीका
वास्तविकता से रूबरू होते हुए भारत - अमरीकी संबंधों का सामरिक रिश्ता फिर से बनाने
की कोशिश कर रहा है । आने वाले कुछ हफ्तों में दोनों देशों के बीच और करीब आने के
मौके हैं । विदेश मंत्री के. नटवर सिंह वाशिंगटन जाने वाले हैं और अमरीकी पेसिफिक
कमान एडमिरल विलियम जे. फालोन भी भारत आने वाले हैं । अधिकारियों ने बताया कि एक
उच्च स्तरीय अमरीकी प्रतिनिधि दल ने हाल ही में भारतीय रक्षा अधिकारियों के सामने
पैट्रियाट पैक - २ मिसाइल रोधी प्रणाली का प्रदर्शन किया था । इससे पहले टेक्सास
में मिसाइल रोधी प्रणाली का सजीव प्रदर्शन किया गया था । उन्होंने कहा कि भारत के
१२६ बहुउपयोगी युद्धक विमानों की खरीद की योजना को लेकर अमरीकी उड्डयन में लॉकहीड
मार्टिन व बोइंग के बीच होड़ रहेगी । उन्हें उम्मीद है कि वह युद्धक फाल्कन व एफ -
१८ विमानों की खरीद का करार हासिल कर लेंगे । चूंकि यह दोनों ही किस्म के विमान
आधुनिक तकनीकों पर खरे उतरने के बावजूद काफी सस्ते हैं । अधिकारियों ने कहा कि
अमरीकी सशस्त्र सेना ने दो देशों की सेनाओं के बीच सीधे संबंधों को नया आयाम देने
की पेशकश करते हुए कैलीफोर्निया में जून में कंपनी स्तर की दो संयुक्त सैन्य अभ्यास
करने की बात कही है । भारतीय वायुसेना की इच्छा पर संयुक्त अभ्यासों में एफ - १६ व
हवाई पूर्व चेतावनी वाले विमानों को भी शामिल करने की इच्छा पूरी होने के संदर्भ
में अमरीकी अधिकारियों ने कहा कि पश्चिम बंगाल में कलाइकुंडा बेस पर नवंबर में
अभ्यास होना है । अमरीकी संसद ने ११ सितंबर के हमले की जांच कमीशन की रिपोर्ट पर
सभी १५ एजेंसियों से समन्वय बनाने वाले इंटेलीजेंस बिल को पास कर दिया है । कमीशन
द्वारा दिए गए सुझाव में कहा गया था कि सभी जांच व खुफिया एजेंसियों में बेहतर
तालमेल, उड्डयन क्षेत्र की व्यापक सुरक्षा, सीमा सुरक्षा और सशंकित आतंकियों के
खिलाफ कड़ी कार्रवाई के लिए इंटेलीजेंस जार बनाया जाना चाहिए । सदन के अध्यक्ष
डेविड ड्रीर ने कहा कि अमरीका अब दुबारा ११ सितंबर जैसी वीभत्स त्रासदी नहीं झेले
इसके लिए हमें बेहतर कदम उठाने की जरूरत है । हालांकि पेंटागन के विरोध के मद्देनजर
बिल के मूल स्वरूप में कुछ बदलाव किए गए । केंद्र सरकार सीमांत लाभ कर (एफबीटी) से
संबंधित विसंगतियों की समीक्षा कर रही है । कर्मचारियों के मेडिकल रिइंबर्समेंट और
लीव ट्रेवल एलाउएंस (एलटीए) पर एफबीटी जारी रखने की भी समीक्षा की जा रही है ।
वित्तमंत्री पी. चिदंबरम के सलाहकार पार्थसारथी शोम ने कहा है कि उद्योग चैंबरों से
व्यापक विमर्श के बाद सरकार एफबीटी की समीक्षा के निष्कर्षो को सार्वजनिक करेगी ।
प्रमुख उद्योग चैंबर एसोचैम द्वारा एफबीटी पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए
शोम ने कहा कि एफबीटी से संबंधित विसंगतियों के चलते बड़ी संख्या में नियोक्ताओं ने
अपने कर्मचारियों पर इसका बोझ डाल दिया है । वर्तमान में चिकित्सा लाभ व एलटीए पर
एफबीटी लागू है और सरकार के लिए यह एक गंभीर मुद्दा है । हालांकि उन्होंने एफबीटी
पर हाल ही में जारी किए गए सर्कुलर से इन्हें हटाने की कोई समय सीमा नहीं बताई ।
उन्होंने कहा कि एफबीटी पर मौजूदा सर्कुलर में स्पष्ट किया गया है कि कर्मचारियों
को होने वाली सिर्फ आय पर कर लगाया गया है और उनके किसी भी खर्च पर एफबीटी के तहत
कोई कर नहीं लगाया जाएगा । शोम ने कहा कि एफबीटी के तहत सिर्फ वैसे खर्चों पर कर
लगाया गया है जिन्हें नियोक्ता अपने लाभ के उद्देश्य से महत्वपूर्ण पद व प्रभाव पर
बैठे व्यक्ति की आवभगत पर खर्च करता है । उन्होंने कहा कि एफबीटी लागू करने से
पूर्व सरकार ने कर्मचारियों की उन सभी आय का गहराई से विश्लेषण किया, जिन पर कर
देने से बचने के लिए नियोक्ता कर्मचारियों के खातों में डाल देते हैं । उन्होंने
कहा कि इस तरह की आय को कर के दायरे में लाने के लिए वित्त मंत्रालय ने एफबीटी को
लागू किया है । उन्होंने कहा कि इसका तात्पर्य यह नहीं है कि एफबीटी की आगे समीक्षा
नहीं की जाएगी । सरकार इस मामले में सुझावों के लिए तैयार है । शिकायत के उचित पाए
जाने पर उसे दूर किया जाएगा । यह पूछे जाने पर कि क्या कंपनियों के उचित व्यापारिक
खर्च जिन्हें वे अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए करती हैं, एफबीटी के दायरे से बाहर
कर दिया जाएगा, उन्होंने कहा कि एफबीटी के तहत सिर्फ वास्तविक आय को रखा गया है ।
वर्ष २००४ - ०५ के लिए वार्षिक सूचना रिटर्न (एआईआर) फाइल करने की आखिरी तिथि ३१
अगस्त, २००५ है । यह रिटर्न इलेक्ट्रानिक फॉर्म के जरिए दाखिल किया जाना है । वित्त
मंत्रालय ने इस संबंध में तकनीकी व्यवस्था पूरी कर ली है । इस संबंध में जानकारी
आयकर विभाग और एनएसडीएल की वेबसाइट पर उपलब्ध है । वार्षिक सूचना रिटर्न के जरिए
करदाता को किसी वित्त वर्ष के दौरान विभिन्न उद्देश्यों के लिए किए गए बड़े
भुगतानों की जानकारी देनी होगी । करदाता को बचत खाते में जमा 10 लाख या उससे अधिक
की रकम की जानकारी, क्रेडिट कार्ड कंपनी को दो लाख रुपये या उससे अधिक के भुगतान की
जानकारी, दो लाख रुपये या उससे अधिक की म्यूचुअल फंड यूनिटों की खरीद की जानकारी,
किसी कंपनी के बॉन्ड या डिबेंचर की खरीद पर 5 लाख रुपए या उससे अधिक के भुगतान की
जानकारी, किसी कंपनी के आईपीओ में एक लाख रुपए या उससे अधिक के निवेश, तीस लाख रुपए
या उससे अधिक की अचल संपत्ति की खरीद - बिक्री और 5 लाख या उससे अधिक के आरबीआई
रिलीफ बॉन्ड की खरीद की जानकारियां एआईआर के जरिए देनी होगी । उल्लेखनीय है कि
वित्त अधिनियिम २००४ के जरिए आयकर अधिनियिम १९६१ में एक नई धारा २८५ बीए का समावेश
किया गया था । इस धारा के मुताबिक निर्दिष्ट एजेंसियां नियमित अंतराल पर उच्च मूल्य
वाले वित्तीय कारोबार की सूचना सरकार को देंगी । यह सूचना इलेक्ट्रॉनिक रूप में पैन
नंबर की जानकारी के साथ एनएसडीएल या टिन फैसिलिटेशन सेंटर के जरिए दी जाएगी । टैक्स
इन्फार्मेशन नेटवर्क इन आंकड़ों का संग्रह कर आयकर विभाग को भेज देगा । अपने घर के
ख्वाब को किस्तों में पूरा करना भी आम आदमी के लिए आसान नहीं रहेगा । एचडीएफसी और
आईडीबीआई के बाद एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी (एलआईसीएचएफ) ने भी सभी अवधियों के
होम - लोन पर मौजूदा ब्याज दर में आधा फीसदी वृद्धि करने की घोषणा कर दी है । यह
वृद्धि १० फरवरी से लागू होगी । एलआईसीएचएफ के निदेशक और मुख्य कार्यकारी एस. के.
माथुर ने बुधवार को कहा कि कंपनी ने अपनी बॉटमलाइन दरों की सुरक्षा के लिए होम लोन
की ब्याज दरों में ०.५ प्रतिशत की वृद्धि की है । उन्होंने कहा कि ऐसा करना जरूरी
हो गया था क्योंकि कंपनी के कोष की औसत लागत सात प्रतिशत हो गई है । इस वृद्धि से
कंपनी के सभी अवधियों के होम लोन पर न्यूनतम ब्याज दर ८.२५ प्रतिशत हो गई है ।
दूसरी तरफ आईसीआईसीआई बैंक के रिटेल बैंकिंग प्रमुख वी. वैद्यनाथन ने कहा कि होम
लोन में प्रस्तावित बढ़ोतरी चालू वित्त वर्ष के अंत तक कभी भी की जा सकती है ।
उन्होंने कहा कि ऑटो लोन की ब्याज दरों में भी ०.२५ से ०.५० फीसदी की बढ़ोतरी की जा
सकती है । हालांकि, हो सकता है कि पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड पर लागू दरों में
बढ़ोतरी नहीं की जाए । उन्होंने कहा कि जमा लागत में बढ़ोतरी का भार ग्राहकों पर
डालने के अलावा बैंक के पास कोई विकल्प नहीं है । गौरतलब है कि रिजर्व बैंक द्वारा
मौद्रक नीति की तीसरी तिमाही की समीक्षा में रेपो और रिवर्स रेपो दर बढ़ाए जाने के
बाद एचडीएफसी बैंक ने होम लोन की ब्याज दरें बढ़ा दी थीं । होम लोन पर ब्याज दर
बढ़ाने में आईडीबीआई पीछे नहीं रहा । रिवर्स रेपो रेट वह दर है जिस पर बैंकों को
आरबीआई के पास जमा अतिरिक्त रकम पर ब्याज मिलता है । भारतीय मूल के लोगों (पीआईओ)
को वीजा मंजूरी में देरी की वजह से सरकार उन्हें 'वीजा - ऑन - एराइवल' मुहैया कराने
को एक विकल्प के रूप में विचार कर रही है । विदेशी भारतीय मामलों के राज्यमंत्री
जगदीश टाईटलर ने बताया कि भारत भ्रमण के लिए हर वर्ष विश्व में हमारे दूतावासों को
हजारों आवेदन मिलते हैं । बहरहाल, विभिन्न देशों में कर्मचारियों की कमी और अन्य
कारणों से केवल कुछ सैकड़ों को ही वीजा मंजूरी मिलती है । इसके विकल्प के तौर पर हम
लोग 'वीजा - ऑन - लाइन' की मंजूरी के लिए संबंधित मंत्रालयों से बातचीत करेंगे । वह
यहां रविवार शाम एक समारोह में बोल रहे थे । शंकराचार्य की जमानत याचिका पर सुनवाई
के दौरान कोर्ट ने करारी टिथी भी की है । जस्टिस आर. बालासुब्रह्मण्यन ने कहा, 'मैं
खुद को यह कहने से रोक नहीं पा रहा हूं कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए दस्तावेज
प्रथम दृष्टया पर्याआधार उपलब्ध करा रहे हैं कि याचिकाकर्ता एक ऐसे अपराध में दोषी
प्रतीत होता है, जिसमें उसे मौत या आजीवन कारावास की सजा हो सकती है कांची कामकोटि
के पूर्व एकाउंटेंट व वरदराजा पेरुमल मंदिर के मैनेजर शंकररमन की ३ सितंबर को हुई
हत्या के मामले में ११ नवंबर को शंकराचार्य को गिरफ्तार किया गया था । बाद में
कांचीपुरम के ज्यूडिशयल मजिस्ट्रेट ने उन्हें १० दिसंबर तक न्यायिक हिरासत पर भेज
दिया था । बुधवार को सुनवाई के दौरान जज ने कहा कि अपराध दंड संहिता की धारा ४३७
(१) (आई) की वजह से शंकराचार्य को जमानत नहीं दी जा सकती । उन्होंने कहा कि
हाईकोर्ट को धारा ४३९ के तहत जमानत देने का अधिकार है, लेकिन वह ४३७ (१) (आई) को भी
नजरअंदाज नहीं कर सकते । गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने इस मामले में शंकराचार्य की पहली
जमानत याचिका २० नवंबर को खारिज कर दी थी । जज ने शंकराचार्य की ओर से पेश वरिष्ठ
वकील आई. सुब्रमण्यन के इस तर्क को खारिज कर दिया कि कानून हाईकोर्ट या सेशन कोर्ट
को अपराध दंड संहिता की धारा ४३९ के तहत जमानत देने से नहीं रोकता । सुनवाई के
दौरान बुधवार को बिहार के बाहुबली सांसद पप्पू यादव के मामले का जिक्र भी आया ।
सुब्रमण्यन ने कहा कि पप्पू यादव के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को इस मामले
में लागू नहीं किया जा सकता । लेकिन, जज ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील
के. टी. एस. तुलसी की दलीलों को मान लिया । तुलसी ने कहा कि पप्पू यादव के मामले
में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को नजीर मानना चाहिए । जज ने कहा कि मौजूदा
परिस्थितियों में वह इससे अलग नहीं जा सकते यदि आरोपों के समर्थन में प्रथम दृष्टया
पर्याप्त दस्तावेज और सामग्री है । जज ने हत्या के इरादे पर प्रकाश डालते हुए कहा
कि अभियोजन पक्ष के मुताबिक शंकराचार्य किसी भी कीमत पर शंकररमन को रास्ते से हटाना
चाहते थे । जज ने कहा कि अभियोजन पक्ष द्वारा पेश दस्तावेजों में शंकररमन द्वारा
शंकराचार्य को लिखे पत्र भी शामिल हैं जिनसे पता चलता है कि आचार्य उसे किसी भी तरह
खत्म करना चाहते थे । सुनवाई के दौरान तुलसी ने बताया कि जांच एजेंसी के पास
शंकराचार्य के खिलाफ पर्याप्त कानूनी सबूत हैं । इनमें सह - अभियुक्त काथिरवन का
इकबालिया बयान भी शामिल है । अभियोजन पक्ष के पास दो गवाहों का रिकॉर्डेड बयान भी
है जिसमें उन्होंने खुलासा किया है कि हमलावर को शंकराचार्य के साथ उनके कार्यालय
में देखा गया था । एक गवाह ने कहा है कि हत्या से कुछ दिन पहले शंकररमन ने कहा था
कि यदि उसे कुछ होता है तो इसके लिए शंकराचार्य ही जिम्मेदार होंगे । तुलसी ने कहा
कि शंकररमन की यह आशंका मृत्युपूर्व बयान जैसी है । इसे सबूत माना जाना चाहिए । जज
ने इस बात पर भी गौर किया कि अभियोजन पक्ष ने ऐसे टेलीफोन नंबरों का भी पता लगाया
है जिनके जरिये हमलावरों और शंकराचार्य के बीच बात होती थी । इनमें से एक ऐसी कॉल
का ब्योरा भी है, जो हत्या के कुछ देर बाद की गई थी । जज ने इस पर भी गौर किया कि
कम से कम चार गवाहों ने हमलावरों की शिनाख्त की है और उन्हें भुगतान करने के लिए
बैंकों से रकम निकाली गई थी । सुनवाई के दौरान जज ने एक बार यहां तक कहा, कि रिमांड
आदेश की स्याही सूखी भी नहीं थी कि याचिकाकर्ता जमानत के लिए कोर्ट पहुंच गया ।
जस्टिस बालासुब्रह्मण्यन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न आदेशों को ध्यान में
रखकर इस मामले के टिकने या न टिकने पर कोई विचार व्यक्त नहीं कर रहे हैं । नेपाल
नरेश ज्ञानेंद्र द्वारा लोकतांत्रिक सरकार की बरखास्तगी और सत्ता पर कब्जे को लेकर
दुनिया भर में हुई तीखी प्रतिक्रिया के बाद अब नेपाल की शाही सरकार अंतर्राष्ट्रीय
समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है । खासतौर से उसे भारत व पश्चिमी देशों पर भरोसा
है । इसी सिलसिले में भारत आए नेपाली विदेश मंत्री रमेशनाथ पांडेय ने कहा कि उन्हें
उम्मीद है कि ये देश राजा को माओवादियों के खिलाफ जारी जंग और लोकतंत्र की रक्षा के
उनके प्रयासों का समर्थन करेंगे । छापामार तरीके से किए गए इस प्रदर्शन के दौरान
सैकड़ों लोगों को हिरासत में ले लिया गया । काठमांडू में पिछली सरकार के दो
मंत्रियों और पांच पूर्व सांसदों समेत दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया गया ।
प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और पोस्टर थामे राजशाही के खिलाफ नारे लगा रहे थे ।
नेपाल के शिक्षा एवं खेल मंत्री राधाकृष्ण मैनाली ने काठमांडू में कुछ पत्रकारों से
चर्चा करते हुए कहा कि सत्ता अधिग्रहण के बाद विभिन्न देशों द्वारा नेपाल पर लगाया
गया प्रतिबंध हमारी कूटनीतिक विफलता है । दूसरी ओर नेपाली विदेश मंत्री रमेशनाथ
पांडे ने मंगलवार को विदेश मंत्री के. नटवर सिंह से मुलाकात के बाद कहा, 'मुझे
विश्वास है कि हमारी बातचीत से दोनों देशों में समझ बढ़ी है । इससे सहयोग का दायरा
बढ़ेगा'। नरेश के १ फरवरी को सत्ता पर कब्जे के बाद यह किसी भी नेपाल मंत्री की
पहली भारत यात्रा है । जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने भारत से सैन्य मदद बहाल
किए जाने की गुहार की है, तो वह यह सवाल टाल गए । तीन दिन की यात्रा पर भारत आए
नेपाली विदेश मंत्री ने दावा किया कि नरेश को नेपाली जनता का पूरा समर्थन हासिल है
। इसके उलट नटवर सिंह ने पांडे से कहा कि राजा ज्ञानेंद्र के कदमों से नेपाल का
संकट और गहरा गया है । नटवर सिंह ने नेपाल में भारतीय साझा उपक्रमों को हो रही
परेशानी का मुद्दा भी उठाया । गौरतलब है कि देउबा सरकार की बरखास्तगी के बाद मोबाइल
टेलीफोन सेवाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया था । सरकार ने एक नेपाली संचार कंपनी को
सेवा बहाल करने की छूट दे दी है, लेकिन भारत की भागीदारी वाली यूनाइटेड टेलिकॉम
लिमिटेड कम्पनी (यूटीएल) की टेलीफोन सेवा अब भी पूरी तरह बाधित है । यही हाल भारतीय
समाचार टीवी चैनलों का है । नेपाल के सर्वाधिक प्रतिष्ठित पत्रकारों में से एक कनक
मणि दीक्षित को भारत में पिछले सप्ताह दो गोष्ठियों में हिस्सा लेना मंहगा पड़ा ।
'हिमाल', 'हिमाल साउथ एशियन' और पाक्षिक पत्रिका 'हिमाल खबर पत्रिका' के संपादक ४९
वर्षीय दीक्षित को सोमवार की शाम हिरासत में ले लिया गया । हालांकि बाद में उन्हें
छोड़ दिया गया । हमारे बीच प्यार की भावनाएं जगाने वाला शुक्र ग्रह एक काली बिंदी
की तरह धरती और सूर्य के बीच आहिस्ता - आहिस्ता गुजर गया । करोड़ों लोगों ने
मंगलवार को दुर्लभ खगोलीय नजारे को देखा । १२२ साल बाद सौरमंडल के इस सबसे चमकीले
तारे को ६ घंटे तक सूर्य के चेहरे पर बाएं से दाएं सरकते देखने के लिए देश भर के
विज्ञान केंद्रों व प्लेनेटोरियम में इतने लोग जमा हुए कि उत्सव का माहौल बन गया ।
जिन्होंने विशेष चश्मे खरीदे, उन्होंने खुले आसमान में इसका दीदार किया । बाकी
लोगों ने टेलीविजन से संतोष किया । सूर्य, शुक्र और पृथ्वी के बीच यह स्थिति फिर ६
जून, २०१२ में बनेगी लेकिन उसके बाद अगली सदी में ही दोबारा यह दृश्य दिखेगा ।
हालांकि दिल्ली में धूल भरी आंधी ने मजा किरकिरा कर दिया । चंडीगढ़, जयपुर, कोलकाता
व चेन्नई में भी बादलों की अठखेलियों के कारण शुक्र के ट्रांजिट के ज्यादातर समय तक
लोग आसमान में कुछ नहीं देख पाए । विदेशों में भी करोड़ों लोगों ने शुक्र को सूर्य
के पटल पर नजर आने और फिर धीरे - धीरे उसकी सतह से होते हुए जाते देखा । भारत के
अलावा अन्य एशियाई देशों, अफ्रीका, यूरोप, आस्ट्रेलिया और अमेरिका के पूर्वी हिस्से
के लोगों ने अपने - अपने तरीके से इस खगोलीय घटना का आनंद उठाया । भारत में इस
नजारे को देखने के लिए अमेरिका से विज्ञानियों की एक टीम आई थी । लेकिन धूल भरी
आंधी ने उनकी और शहरवासियों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया । इसके बावजूद लोगों का
उत्साह कम नहीं हुआ । शाम को आसमान साफ हुआ तो उनकी खुशी देखने लायक थी । अमेरिकी
टीम के सदस्य और नॉर्थ डकोटा यूनिवर्सिटी से अंडरग्रेजुएट विष्णु कांपुरू ने बताया
कि तेज हवाओं के कारण उनका टेंट उड़ गया और कीमती उपकरणों को संभालने में काफी
परेशानियों का सामना करना पड़ा । इस टीम के अन्य सदस्य टिमोथी आर. यंग ने बताया कि
दुनिया भर से विज्ञानियों द्वारा जुटाए गए आंकड़ों के अध्ययन से भविष्य में शुक्र
जैसे छोटे ग्रहों की खोज करने में मदद मिलेगी । इस मौके पर उन उपकरणों को भी टेस्ट
किया गया, जिनसे छोटे ग्रहों को ढूंढा जा सकता है । उन्होंने बताया कि इस अवसर का
इस्तेमाल सूर्य व धरती के बीच दूरी नापने के लिए भी किया गया । राजधानी के अलावा
जयपुर, चेन्नई, बंगलोर व कोलकाता में प्लेनेटोरियम स्कूली बच्चों से अटे रहे । युवा
व बुजुर्ग भी इसे देखने में पीछे नहीं रहे । हालांकि विशेषज्ञों ने नंगी आंखों से
इस घटना को न देखने की चेतावनी दी थी, लेकिन कई लोगों ने इसे सीधे भी देखा । खगोलीय
रूप से यह घटना सूर्य ग्रहण की ही तरह है लेकिन चूंकि शुक्र बहुत छोटा है इसलिए यह
सूर्य की किरणों को रोक नहीं पाता और उसकी सतह पर बिंदी की तरह नजर आता है । गौरतलब
है कि इससे पहले छह बार यह घटना रिकॉर्ड की गई है । यह ट्रांजिट २४३ साल में चार
बार होता है । आठ साल बाद दिसंबर में शुक्र का ट्रांजिट होता है, जबकि १२१.५ साल
बाद जून में ट्रांजिट होता है । भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) में फीस कटौती के
मामले में सभी छह संस्थानों के बीच बनी सहमति से मंगलवार को मानव संसाधन विकास
मंत्रालय को अवगत करा दिया गया । फिलहाल मंत्रालय ने इस बारे में चुप्पी साध रखी
है, लेकिन समझा जाता है कि सरकार फीस कटौती न करके इस मसले को हल करने की तैयारी कर
रही है । ऐसी स्थिति में गरीब छात्रों को जरूरत के आधार पर छात्रवृत्ति और कम ब्याज
पर ऋण जैसी सुविधाएं दी जा सकती हैं । माना जा रहा है कि यह मसला सुलझने के पहले
किसी तरह का विवाद न खड़ा हो, इसी वजह से मंत्रालय ने सभी निदेशकों को मुंह बंद
रखने की सलाह दी है । मंत्रालय के अधिकारियों ने भी इस मसले पर चुप्पी साध रखी है ।
पर इस तरह के संकेत मिल रहे हैं कि प्रबंधन संस्थानों की स्वायत्तता बरकरार रखने के
नाम पर सरकार फीस कटौती नहीं करने को तैयार हो सकती है । गरीब छात्रों के लिए
आवश्यकतानुसार छात्रवृत्ति का प्रावधान किया जा सकता है । ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं
कि प्रबंधन संस्थानों को एक समान फीस रखने का अर्जुन सिंह का प्रस्ताव मंजूर नहीं
है । गौरतलब है कि ३१ मई को आईआईएम अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान अर्जुन सिंह ने
यह सुझाव दिया था कि सभी छह संस्थानों में एक समान फीस होनी चाहिए । सभी छह प्रबंधन
संस्थानों के निदेशकों ने मंगलवार सुबह मानव संसाधन विकास मंत्रालय में सचिव एस.
सी. त्रिपाठी से मुलाकात की । करीब डेढ़ घंटे चली बैठक में निदेशकों ने मंत्रालय को
६ जून को अहमदाबाद में हुई बैठक में बनी राय से अवगत कराया । बैठक से बाहर आने के
बाद सभी निदेशकों ने सचिव के साथ हुई चर्चा की जानकारी देने से साफ इनकार दिया ।
उनका सिर्फ यही कहना था कि वे इस चर्चा से खुश हैं । अब सब कुछ प्रबंधन संस्थानों
के बोर्ड की बैठकों में लिए जाने वाले फैसले पर निर्भर है । इसके बाद २५ जून तक इस
मसले पर आम राय से कोई निर्णय ले लिया जाएगा । मंत्रालय के सचिव के साथ आज की बैठक
में आईआईएम - अहमदाबाद के निदेशक बाकुल ढोलकिया, आईआईएम - कोलकाता के निदेशक शेखर
चौधरी, आईआईएम - लखनऊ के निदेशक देवी सिंह, आईआईएम - कोझीकोड के निदेशक कृष्ण
कुमार, आईआईएम - इंदौर के निदेशक एस. पी. पराशर और आईआईएम - बंगलोर के निदेशक पी.
जी. आप्टे शामिल हुए । दागी मंत्रियों के मामले पर भाजपा की अगुआई में विपक्ष ने
मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में हमलावर जैसा रुख अपनाया । सत्तापक्ष ने भी खूब
मोर्चा संभाला । हंगामे के कारण आज कार्यवाही नहीं चल सकी । जहां राज्यसभा में सुबह
शोरशराबे के बाद दिन भर के लिए कार्यवाही स्थगित कर दी गई वहीं लोकसभा में दो बार
ऐसा करना पड़ा । इस गतिरोध को तोड़ने के लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने विपक्ष के
नेता लालकृष्ण आडवाणी से भी मुलाकात की लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ । विपक्ष दागी
मंत्रियों के इस्तीफे पर अड़ा हुआ है । संसदीय कार्यमंत्री गुलाम नबी आजाद से मिलकर
निकले भाजपा प्रवक्ता वी. के. मल्होत्रा ने दोटूक शब्दों में कहा कि इस संसद की
कार्यवाही तब तक सुचारु रूप से नहीं चलेगी जब तक दागी मंत्री पद से हटा नहीं दिए
जाते । इसमें रघुनाथ झा और रामकृपाल यादव प्रमुख थे । इसके बाद राजग सांसद भी
नारेबाजी पर उतर आए । राजग सांसद नारे लगा रहे थे - चारा चोर, खजाना चोर, गद्दी
छोड़ । भाजपा की ओर से विरोध का नेतृत्व अशोक प्रधान और सत्यनारायण जटिया कर रहे थे
। नारेबाजी के दौरान अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने राजग सांसदों से कहा कि उन्होंने
जार्ज फर्नॉडिस को बोलने की अनुमति दी है । लेकिन शोर शराबा जारी रहा लेकिन अध्यक्ष
ने कार्यवाही स्थगित नहीं की और राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा शुरू करवा दी ।
कांग्रेस की ओर से पवन कुमार बंसल ने बोलना शुरू कर दिया लेकिन हंगामा जारी रहा ।
इस दौरान कांग्रेस के नेता प्रियरंजन दासमुंशी भाग - भाग कर व्यवस्था कर रहे थे ।
राजग सांसदों की आधे घंटे की नारेबाजी के बावजूद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित नहीं
हुई तो ममता बनर्जी आगे आईं और अध्यक्ष के आसन के नजदीक पहुंचकर उन्होंने विरोध का
नेतृत्व किया । इसके बाद कार्यवाही दोपहर तक स्थगित हुई । इसके बाद सदन फिर बैठा
लेकिन शोर शराबे के कारण जल्द स्थगित कर दिया गया । शोर - शराबे के कारण आज फिर
राज्यसभा की कार्यवाही नहीं चल सकी । विपक्ष ने, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को
बुलाकर नेता प्रतिपक्ष की बात सुनवाने की, मांग के बाद सभापति भैरों सिंह शेखावत को
सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ी । आज सुबह सदन की कार्यवाही जब
शुरू हुई तो सभापति ने सत्ताधारी दल को धन्यवाद प्रस्ताव रखने के लिए कहा ।
कांग्रेस की ओर से जब कर्ण सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव रखने का प्रयास किया तो विपक्ष
ने मांग उठानी शुरू कर दी कि सदन की कार्यवाही वहीं से शुरू होनी चाहिए जहां से कल
खत्म की गई थी । उनकी मांग थी कि कल नेता प्रतिपक्ष जसवंत सिंह को बोलने का मौका
नहीं दिया गया, वह अपनी कुछ बातें प्रधानमंत्री के सामने रखना चाहते थे । इसलिए अब
सदन में प्रधानमंत्री को आकर पहले नेता प्रतिपक्ष की मांग सुननी चाहिए और उसके बाद
ही आज की कार्यवाही आगे बढ़ाई जा सकती है । सुषमा स्वराज ने कहा कि जब हम सरकार में
थे तो नेता प्रतिपक्ष मनमोहन सिंह की बात ध्यान से सुना करते थे, लेकिन आज
सत्ताधारी दल विपक्ष को बोलने का मौका ही नहीं दे रहा है । सुषमा स्वराज लगातार
अपनी मांग दोहराती रहीं कि सदन में प्रधानमंत्री को बुलाया जाए और वह नेता
प्रतिपक्ष की बात सुनें । सत्ताधारी बेंच से भी सांसद होहल्ला करते रहे । आनंद
शर्मा लगातार शोर कर रहे थे । सत्ताधारी दल ने जब सदन की गरिमा का प्रश्न उठाया तो
स्वराज ने कहा कि उन्हें पता है कि सदन की गरिमा क्या होती है । उनका कहना था कि
अगर हमारा समाधान नहीं हुआ तो सदन की कार्यवाही आगे नहीं चलेगी । अमेरिका के रक्षा
मंत्री डोनाल्ड रम्सफील्ड बुधवार की रात नई दिल्ली पहुंचे । जॉर्ज डब्लू बुश के
दोबारा राष्ट्रपति निर्वाचित होने के बाद यह रम्सफील्ड की पहली विदेश यात्रा है ।
बृहस्पतिवार को उनकी रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी से मुलाकात के दौरान भारत की ओर से
पाकिस्तान को हथियारों की आपूर्ति पर चिंता जताए जाने की उम्मीद है । इसके अलावा वह
विदेश मंत्री के नटवर सिंह से भी मिलेंगे । उनकी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से भी
मिलने की उम्मीद है । भारतीय रेल के इतिहास में लालू पहले ऐसे मंत्री हैं जिनके
मंत्रालय द्वारा जारी मीनू को लेकर रेल अफसर हलकान हो रहे हैं । शुद्ध शाकाहारी
लालू यादव बगैर चीनी के नींबू की चाय पीना पसंद करते हैं । नाश्ते में उन्हें चने
का सतुआ और साथ में खड़ा प्याज चाहिए । शाम के नाश्ते में उन्हें चना, मकई, चावल व
बादाम का भूजा चाहिए । रेल मंत्रालय ने रेलमंत्री की चाय, नाश्ता, दोपहर का खाना,
उसके बाद का नाश्ता तथा रात के खाने का मीनू सभी प्रमुख स्टेशनों को जारी किया है ।
इसके बाद सुबह के नाश्ते में वे चने का सत्तू, नींबू तथा छिला हुआ खड़ा प्याज लेते
हैं । रेलमंत्री के दिन का भोजन सादगी भरा मगर जायकेदार है । दिन के भोजन में
उन्हें कटहल की मसालेदार (लटपटी) सब्जी चाहिए । मसाला और तेल कम से कम हो । अन्य
सब्जियां, जो लालू के मीनू में शामिल हैं उनमें कोहड़ा, लौकी, चने की दाल और कद्दू
की सब्जी, सहजन, नेनुआ तथा भिंडी की सूखी सब्जी है । इसके साथ बड़े दाने की मसूर और
अरहर की दाल, तवे की रोटी, लाल किला या सोनाचुर ब्रांड का चावल, शुद्ध देशी घी और
साथ में सिर्फ छिला हुआ खड़ा प्याज चाहिए । दोपहर के खाने के बाद लालू भूजा खाना
पसंद करते हैं । लालू को पकौड़ी भी काफी पसंद है । गोभी व प्याज की पकौड़ी बहुत चाव
से खाते हैं । मौसम की अन्य सब्जियों तथा पनीर का पकौड़ा भी चलेगा । रेलमंत्री रात
में भी दिन वाले मीनू के हिसाब से ही खाना खाते हैं । लालू की ट्रेन पहुंचने पर
उनके पसंदीदा भोज्य उनको मिल सके, इसकी मुकम्मल व्यवस्था बड़े स्टेशनों पर की जा
रही है । वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर भी रेलमंत्री का यह मीनू पहुंच चुका है ।
दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी के ढलान पर सफाई के लिए १०० स्वयंसेवियों का दल
सितंबर में प्रस्थान करने की योजना बना रहा है । चीन के एक दैनिक अखबार में
प्रकाशित खबर के अनुसार एवरेस्ट की ढलान पर बिखरे करीब ६१५ टन कूड़े - कचरे की सफाई
के लिए स्वयंसेवियों ने कमर कस ली है । इस अभियान में उन्हें समुद्र तल से करीब
२२,००० फीट ऊपर की ऊंचाई पर जाना पड़ेगा । चाइना एसोसिएशन फॉर साइंटिफिक
एक्सपेडिएशन के मुताबिक कूड़े - कचरे की वजह से एवरेस्ट के पारिस्थितिक संतुलन को
खतरा पैदा हो गया है । एवरेस्ट सफाई अभियान दल के अध्यक्ष गावो डेंग्याई के अनुसार
पिछले कई वर्षो के दौरान पर्वतारोहियों द्वारा बिखेरे गए कूड़े कचरे से इस पर्वत
चोटी का पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित हुआ है । डेंग्याई के अनुसार १९२१ व १९६० के
दौरान ८८४८ मीटर ऊंचे एवरेस्ट पर चढ़ने वालों की संख्या केवल १५ थी, जबकि अब इस
क्षेत्र में हर साल २०,००० से ज्यादा लोग जाने लगे हैं । तेल घोटाले में घिरे
केंद्रीय मंत्री नटवर सिंह ने मंगलवार को चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वे संसद में
अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब देंगे । बकौल उनके, वे कोई कायर नहीं हैं । यह बात
नटवर ने अपने आवास पर राजस्थान से आए समर्थकों को संबोधित करते हुए कही । इससे पहले
उनके समर्थकों को उनके आवास तक न आने देने की कोशिश भी हुई, इस पर डीसीपी अनीता राय
और नटवर के पुत्र जगत सिंह के बीच तीखी बहस भी हुई । नटवर ने कहा कि उनके घर पर
जुटी समर्थकों की भीड़ किसी तरह का शक्ति प्रदर्शन नहीं है । वे कोई ऐसा काम नहीं
करेंगे, जिससे खुद उनको या समर्थकों को अपना सिर झुकाना पड़े । उन्होंने किसी जांच
से न डरने का ऐलान करते हुए कहा कि रिलायंस, टाटा व किर्लोस्कर का भी नाम रिपोर्ट
में आया है । इसलिए, सभी को अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए । नटवर ने कहा कि
कांग्रेस एक महान पार्टी है, जिसका संबंध महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और
राजेंद्र प्रसाद से रहा है । उन्होंने सरकारी निवास पर जुटे समर्थकों से सवालिया
अंदाज में कहा कि क्या ऐसी पार्टी तेल बेच सकती है । वे इस विशाल पार्टी के सदस्य
हैं । इस प्रकार के आरोप लगाने वालों को खुद अपने आप पर शर्मिंदा होना चाहिए । नटवर
सिंह के बेटे जगत सिंह ने भी जांच पर पूरा भरोसा जताया । जगत सिंह के मुताबिक, यह
पूरा प्रकरण भारतीय जनता पार्टी और अन्य लोगों का षड्यंत्र है । इन अन्य लोगों का
नाम बताने से उन्होंने इनकार कर दिया । पर शायद उनका इशारा कांग्रेस में अपने
विरोधियों की तरफ था । पिता के समर्थन में जुटे लोगों के बारे में उनका कहना था कि
क्षेत्र के लोगों को उनके परिवार से काफी प्यार है । ये लोग उनके बंगले में जमा थे,
जहां से एकाएक सात रेसकोर्स रोड स्थित प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ गए । मगर,
समर्थकों में से कुछ ने माना कि वे नटवर सिंह के बेटे जगत सिंह के कहने पर ही यहां
जमा हुए थे । प्रधानमंत्री आवास के सामने प्रदर्शन भी जगत सिंह के कहने पर ही हुआ ।
जबकि नटवर सिंह खुद इस बात के पक्ष में नहीं थे । गृहमंत्री शिवराज पाटिल एक बार
फिर निशाने पर नजर आ रहे हैं । कभी उनको अपने ही सहयोगी चुनौती देते दिखाई देते
हैं, तो कभी विभिन्न संगठन उनकी सत्ता को चुनौती दे रहे होते हैं । बुधवार को रक्षा
मंत्री प्रणव मुखर्जी ने नवंबर में जम्मू कश्मीर में घुसपैठ में इजाफे की बात कही ।
इसके पहले बुधवार को शिवराज पाटिल संसद में बयान दे चुके हैं कि घुसपैठ में कमी आई
है । सियासी हलकों में माना जा रहा है कि प्रणव ने यह बयान देकर पाटिल पर परोक्ष
रूप से चोट की है । केंद्रीय गृहमंत्री के रूप में पाटिल वह सम्मान हासिल नहीं कर
पा रहे, जो उस पद पर बैठे व्यक्ति को मिलना चाहिए । बताया जाता है इसमें उनके
मंत्रिमंडल के सहयोगी साथियों की खासी अहम भूमिका है । हाल में नागा विद्रोही
दिल्ली में जुटे थे । नागा नेताओं ने गृहमंत्री से मिलने और बातचीत में आनाकानी की
। अपनी जिद पर कायम रहते हुए उन्होंने पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की
और उनके कहने पर शिवराज पाटिल से मिलने को तैयार हुए । ऐसा पहली बार नहीं हुआ है ।
हुर्यित नेता भी गृहमंत्री से कश्मीर समस्या पर बातचीत करने से इनकार कर चुके हैं ।
उन्होंने शिवराज पाटिल की जम्मू - कश्मीर यात्रा के दौरान भी उनसे दूरी बनाए रखी थी
। हुर्यित नेताओं की इस 'जुर्रत' से खफा पाटिल ने हुर्यित नेताओं के पाकिस्तान के
इशारे पर चलने की बात कही थी । मणिपुर को लेकर पाटिल की कोशिशों पर वामपंथियों ने
काफी लानत - मलानत की थी । हालात यहां तक पहुंच गए कि यूपीए समन्वय समिति की एक
बैठक में पाटिल को खुद सफाई देने जाना पड़ा था । तब जाकर वामपंथी शांत हुए । इसके
पहले प्रधानमंत्री अमेरिका यात्रा पर गए थे, तो प्रभार रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी
को सौंप गए थे । अब तक परंपरा यह रही है कि प्रधानमंत्री के बाद गृहमंत्री नंबर दो
माने जाते रहे हैं । पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने यह परंपरा तोड़ते हुए रक्षा
मंत्री प्रणव मुखर्जी को ज्यादा तरजीह दी । प्रधानमंत्री की अनुपस्थिति में रक्षा
मंत्री ने ही देश का कामकाज संभाला था । सर क्रीक क्षेत्र में भारत - पाकिस्तान के
संयुक्त पुन: सर्वेक्षण पर कच्छ के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई है ।
उनका कहना है कि भारत सरकार का यह निर्णय एक और भयंकर भूल है । कच्छ से भाजपा के
सांसद पुष्पदान गाधवी ने विदेश मंत्री नटवर सिंह को पिछले बृहस्पतिवार को एक पत्र
भेज कर मांग की है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए ३ जनवरी से ९९ किलोमीटर
लंबी उत्तर - पश्चिमी समुद्री सीमा पर दोबारा शुरू हुए सर्वेक्षण को बंद कराएं ।
उनका कहना है कि एक हफ्ते लंबा यह सर्वेक्षण इस क्षेत्र में १९१४ में बांबे
प्रेसीडेंसी के अधीन कच्छ व सिंध में हो चुका है । उस समय ६७ खंभे लगाए गए थे
जिसमें से ५६ खंभे अब भी मौजूद हैं । भारत - पाकिस्तान की द्विपक्षीय वार्ता के
एजेंडे में इस मुद्दे को शामिल ही नहीं किया जाना चाहिए था । पूर्व सांसद,
इतिहासकार व शाही परिवार के अस्सी वर्षीय सदस्य हिम्मत सिंह जडेजा ने कहा कि कच्छ
के विभिन्न दलदली इलाकों में समुद्री क्षेत्र का आकार व सीमा ज्वार और बारिश के
दिनों तेज बहाव के कारण बदलता रहता है । दुर्भाग्यवश क्रीक की पहरेदारी कर रही
बीएसएफ और अन्य सरकारी एजेंसियों को इन तथ्यों की जानकारी ही नहीं है । जडेजा ने
कहा कि ब्रिटिश शासन में तत्कालीन बांबे राज्य में प्रस्ताव नंबर ११९२ के तहत सर
क्रीक को २४ फरवरी, १९१४ में ही चिन्हित कर दिया गया था । कच्छ व सिंध प्रांत के
बीच हुए इस समझौते को प्रस्ताव के साथ वास्तविक नक्शे समेत प्रकाशित किया गया था ।
उन्होंने कहा कि इस नक्शे में दिखाई गई रेखा दोनों क्षेत्रों को दो भागों में
विभक्त करती है । उत्तर की ओर जाती रेखा कराची जिले के तत्कालीन जत्ती व बदिन
तहसीलों की सीमा रेखा बताती है । उन्होंने कहा कि १९४७ में विभाजन के समय भारत और
पाकिस्तान दोनों ने ही सर क्रीक को चिन्हित करने वाले १९१४ के इस प्रस्ताव को
स्वीकार कर लिया था । इसलिए इसे यथावत ही स्वीकार किया जाना चाहिए । जडेजा ने कहा
कि पाकिस्तान ने जब पहली बार सर क्रीक पर दावा किया था, उसी समय भारत को इसे खारिज
कर देना चाहिए था । सर क्रीक पर पाकिस्तान के दोबारा सर्वेक्षण कराने की मांग को
निराधार बताते हुए जडेजा ने कहा कि यह इस मसले का अंतर्राष्ट्रीयकरण करने की उसकी
साजिश है । भारत सरकार को पाकिस्तान के झांसे में दोबारा नहीं आना चाहिए । अंडमान
द्वीप समूह के निकट हिंद महासागर में जलस्तर बढ़ने की खबर से द्वीप के लोग घबराए
हुए हैं । मौसम विभाग का कहना है कि १२ जनवरी तक अंडमान के निकट हिंद महासागर का
जलस्तर एक मीटर तक बढ़ा रहेगा । हालांकि स्थानीय प्रशासन ने कहा है कि स्थिति से
निपटने के लिए सभी तैयारियां कर ली गईं हैं । अंडमान का प्रशासन सुनामी हादसे से
प्रभावी ढंग से निपटने के बाद अब ज्वार - भाटा से निपटने की तैयारी में जुट गया है
। १२ जनवरी तक अंडमान निकोबार द्वीप समूह के आसपास हिंद महासागर में पानी का जलस्तर
एक मीटर बढ़ने की खबर से द्वीप के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों में घबराहट है
। एकीकृत रक्षा कमान के मुख्य मौसम विज्ञानी सलिल मेहता ने इस घटना का संबध सुनामी
हादसे से होने का खंडन किया है । उन्होंने कहा कि सोमवार से जलस्तर में वृद्धि शुरू
हो जाएगी लेकिन जलस्तर १२ जनवरी के बाद सामान्य स्तर पर आ जाएगा । जलस्तर बढ़ने के
बारे में उन्होंने कहा कि यह एक अनजान प्रक्रिया है । लेकिन द्वीप के लोगों को इसका
अनुभव पहली बार होगा । समुद्र थोड़ा बहुत अशांत रह सकता है । ये झटके मध्यम से
हल्के दर्जे के थे । इन झटकों की तीव्रता ५ से ६.२ रिक्टर स्केल के बीच थी । मेहता
ने इन झटकों से किसी प्रकार के खतरे की आशंका से इनकार किया है । मेहता ने कहा कि
सुनामी हादसे के बाद आने वाले भूकंप के झटकों का केंद्र समुद्र के अंदर भूमि के
काफी नीचे रहने के कारण इसका कोई ज्यादा असर नहीं हुआ । मेहता ने इन घटनाओं को
सामान्य घटना बताया । उन्होंने यह नहीं बताया कि ये झटके कब तक आते रहेंगे । शनिवार
को पोर्ट ब्लेयर में भूकंप के पांच झटके महसूस किए गए । आखिरी झटका तब महसूस किया
गया जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह राजभवन में मीडिया को संबोधित कर रहे थे । सिक्खों
के जुलूस से दिल्ली में ट्रैफिक जाम पर सिक्ख समुदाय में बहस शुरू हो गई है । कुछ
सिक्ख नेता तो इस पर चिंतित नजर आते हैं जबकि बाकी इसे प्रशासनिक अक्षमता मानते हैं
। ऐसे लोगों का कहना है कि इस दिशा में प्रशासन को ही कुछ करना चाहिए । कुछ सिक्ख
नेता इस पर बैठक बुलाकर विचार करना चाहते हैं । सिक्खों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) का कहना है कि वह धार्मिक ही नहीं बल्कि
राजनीतिक और सामाजिक अवसरों पर निकलने वाले जुलूस के कारण जाम पर बहस को तैयार है ।
वह चाहती है कि समस्या का समाधान हो । अमृतसर स्थित इस संस्था के महासचिव सुखदेव
सिंह भौर कहते हैं कि सरकार को चाहिए कि वह धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक दलों के
नेताओं की बैठक बुलाकर इस तरह के अवसरों पर निकलने वाले जुलूसों पर समान नियम बनाए
। यह सभी के लिए अच्छा होगा । किसी एक गुट या समुदाय विशेष के लिए यह नहीं होना
चाहिए । बल्कि सभी को बताया जाना चाहिए कि उनके प्रदर्शन या जुलूस से कोई बाधा नहीं
पहुंचनी चाहिए । मालूम हो कि पिछले मंगलवार को गुरु गोबिंद सिंह के जन्मदिन पर
निकले जुलूस के कारण राजधानी खासकर कनॉट प्लेस की यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा
गई थी । मीडिया में इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली कि पहले से भीड़भाड़
वाले इलाकों में पीक समय में इतने बड़े पैमाने पर जुलूस निकालने का औचित्य क्या है
। कुछ सिक्ख नेता इस पर चिंतित नजर आते हैं कि इस जुलूस के कारण सड़क पर तीन - चार
किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई । हर दस मिनट पर जुलूस रुकने पर गतका खेलने
वाली टीम रुक कर आधे घंटे तक अपने कौशल का प्रदर्शन करती है । मंजीत सिंह कलकत्ता
सुझाव देते हुए कहते हैं कि इस तरह के कार्यक्रम गुरुद्वारों के प्रांगण तक ही
सीमित होने चाहिए । जिससे जुलूस के आगे बढ़ने में कोई बाधा नहीं आए । जुलूस सिक्खों
की पुरानी परंपरा का हिस्सा हैं । दिल्ली सिक्ख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
(डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना, जिनके नेतृत्व में पिछले हफ्ते का जुलूस
निकला था, ने ट्रैफिक जाम के लिए प्रशासनिक अक्षमता को जिम्मेदार ठहराया । सिक्खों
का ही जुलूस कोई अकेला नहीं है । इसके अलावा तमाम राजनीतिक जुलूस और प्रदर्शन से भी
जाम लगते हैं । यहां तक कि वीआईपी आवागमन से भी जाम लगता है । लेकिन यह सब खराब
ट्रैफिक प्रबंधन का नतीजा है । उन्हें कोई दोष देने वाला नहीं है । डीएसजीएमसी के
वरिष्ठ सदस्य मंजीत सिंह का कहना है कि यह मामला सिर्फ खराब ट्रैफिक प्रबंधन का
नहीं है । जिस धर्म की स्थापना कुछ मूल्यों और सिद्धांतों के लिए की गई, उस सिक्खी
को हर समाज में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है । अपने परंपरागत जुलूस से समझौता करने
के बजाय उनकी जगह बदल दी जाए । हमें लोगों के लिए उदाहरण बनकर दिखाना होगा कि
व्यवहार में यह धर्म क्यों अन्य से अलग है । धर्म यह नहीं कहता कि हम अन्य लोगों के
लिए परेशानी बनें । उनका सुझाव है कि जब भीड़ न रहती हो तो सुबह सवेरे जुलूस निकाला
जा सकता है । दिल्ली अकाली दल के प्रमुख अवतार सिंह हित का भी सुझाव है कि सरकार
सभी दलों व धार्मिक नेताओं की बैठक बुलाकर इस मसले का हल निकाले । जबकि एसजीपीसी
सदस्य हरिन्दर पाल सिंह तो इस मुद्दे पर सिक्ख विद्वानों से बैठक की योजना बनाने
में जुटे हुए हैं । इन खबरों के बीच कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान को
श्रीलंका में सरकार ने लिट्टे आतंकियों के प्रभाव वाले क्षेत्रों में जाने से रोक
दिया, अन्नान ने इच्छा जताई है कि वे श्रीलंका दोबारा आना चाहते हैं और यहां के सभी
क्षेत्रों को देखना चाहते हैं । श्रीलंका की दो दिवसीय यात्रा के अंत में संवाददाता
सम्मेलन संबोधित करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासाचिव कोफी अन्नान ने कहा कि उन्हें
उम्मीद है कि वे यहां लौटेंगे । वे श्रीलंका के सभी क्षेत्रों को देखना चाहते हैं
जिससे यहां शांति प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद मिल सके । पत्रकारों द्वारा
लिट्टे प्रभावित इलाके में उनके जाने पर सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के संबंध में
पूछे गए सवाल पर अन्नान ने ये बातें कहीं । इससे संबंधित खबरें रविवार को श्रीलंका
के अखबारों में प्रकाशित हुई हैं । 'द संडे लीडर' नामक समाचार की रिपोर्ट के
मुताबिक राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंगा ने अन्नान को लिट्टे प्रभावित इलाके में
जाने से रोका । उनका मानना था कि आतंकी इसका राजनीतिक फायदा उठा सकते हैं । हरियाली
और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर यह द्वीप समूह सुनामी लहरों से हुई तबाही का मूक
गवाह बनकर रह गया है । इस प्रलय में जीवित बच गए लोगों को बार - बार आने वाले भूकंप
के झटके सिहरा जाते हैं । समुद्री तूफान में सब कुछ गंवाने के बाद अब उन्हें नए
सिरे से जिंदगी शुरू करनी है । इसके लिए उन्हें मदद की जरूरत है और प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह उन्हें यही भरोसा देकर गए हैं । प्रधानमंत्री का बेहद व्यस्त कार्यक्रम
था । वे शनिवार की सुबह ही चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर रवाना हो गए थे । उनके
अधिकारियों को संदेश स्पष्ट था कि पीएम सुनामी से हुई तबाही का पूरा ब्योरा जानना
चाहते हैं । इससे भी महत्वपूर्ण बात यह थी कि वह पीड़ितों से उनकी समस्याएं और
सरकार से उनकी अपेक्षाओं के बारे में सुनना चाहते थे । लिहाजा वह अधिक से अधिक राहत
शिविरों का दौरा करना चाहते थे । कार निकोबार एयर बेस पर विमान के उतरते ही रनवे से
सटे टेंटों की लंबी कतार नजर आती है । ये सेना के जवानों के अस्थायी निवास हैं ।
रनवे के एक किनारे अब भी मलबे का ढेर पड़ा है । फिलहाल इस एयर बेस से अभी एएन - ३२
और अन्य छोटे विमान ही उड़ान भर सकते हैं । २६ दिसंबर की याद करते हुए एक अधिकारी
बताता है कि उस दिन चमकदार धूप खिली थी । अधिकारी तट के किनारे जागिंग करने या
खेलने में मशगूल थे । इस बीच लहरें उठी और पहले कहीं ज्यादा आगे तक आई और बाद में
वापस चली गई । इसके बाद समुद्र शांत दिखा, इसलिए किसी ने ध्यान नहीं दिया । अधिकारी
ने बताया कि कुछ ही मिनट बाद गर्जना करती लहरें लौटने लगी और उनकी ऊंचाई बढ़ने लगी
। हमने सतर्कता बरतनी चाही, लेकिन यह सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि बचाव के लिए हमें
मौका ही नहीं मिला । सुनामी से तबाह हुए दो मकानों को देखकर ऐसा लगता है कि जैसे
उनकी पहली मंजिल को सफाई से काटकर जमीन पर रख दिया गया हो । बहुत से वायुसैनिक और
उनके परिवार के सदस्य लापता लोगों की सूची में हैं और उनकी तलाश की जा रही है ।
पिछले कुछ दिनों में २१ लोगों को खोज निकाला गया है । लिहाजा यह भी उम्मीद बंधी है
कि कुछ लोग अभी घने जंगलों में फंसे होंगे । प्रधानमंत्री ने सेना की जमकर सराहना
की । हवाई अड्डे पर कतारबद्ध खड़े सैनिकों से प्रधानमंत्री ने कहा कि देश को आप पर
गर्व है । राहत कैंप की ओर रवाना होते समय मनमोहन सिंह को पता चला कि पूरा मलक्का
गांव सुनामी की भेंट चढ़ गया । तूफान में बच गए लोगों के घावों पर मरहम लगाते हुए
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुख की इस घड़ी में पूरा देश आपके साथ है । उन्होंने यह भी
आश्वासन दिया कि उनके पुनर्वास में हर संभव मदद दी जाएगी । उन्होंने कहा कि सुनामी
में मारे गए लोगों के परिजनों को प्रधानमंत्री राहत कोष से एक लाख रुपये की मदद दी
जाएगी । प्रधानमंत्री घने जंगलों में बसे कंकणा गांव भी गए और यहां के आदिवासियों
को मदद का भरोसा दिलाया । मनमोहन सिंह ने ११ घंटे के व्यस्त कार्यक्रम में तूफान
प्रभावित कैंपेल बे का दौरा किया । उत्तरांचल से आई अध्यापिका कुसुम ने उन्हें
बताया कि उचित चिकित्सा व्यवस्था न होने से एक गर्भवती महिला को कितनी दिक्कतें पेश
आई । यहां बहुत से लोग पंजाब से आकर भी बसे हैं । इसमें पूर्व सैनिकों की संख्या
ज्यादा है । उन्होंने बताया कि पिछले ३५ सालों में उन्होंने जो कुछ बनाया था, सब
कुछ तूफान की भेंट चढ़ गया । आंखों में आंसू लिए परमजीत कौर हाथ जोड़कर
प्रधानमंत्री से अपने परिवार को पंजाब में बसाने का निवेदन करती हैं । वह अब यहां
नहीं ठहरना चाहती । आप उम्मीद न खोएं । कुछ शहरों में रात का तापमान न्यूनतम से
नीचे चल रहा है । हरियाणा में करनाल व अंबाला अभी सबसे ठंडे चल रहे हैं जबकि
राजधानी दिल्ली में रविवार तड़के कोहरे का असर देखा गया, लेकिन इससे उड़ानें
प्रभावित नहीं हुई । हालांकि इसकी वजह से कुछ ट्रेनों का परिचालन जरूर रद्द कर दिया
गया । यहां न्यूनतम तापमान १.२ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया, जो सामान्य स्तर
से दो डिग्री नीचे था । उत्तर प्रदेश, पंजाब, गुजरात, तमिलनाडु व पश्चिम बंगाल के
कुछ शहर ठंड व कोहरे से प्रभावित हैं । इसी तरह हरियाणा व पंजाब में कुछ स्थानों पर
छींटे पड़ने की उम्मीद है । राजधानी दिल्ली में सुबह लगभग पांच बजे पालम इलाके में
कोहरे के कारण देख पाने में कठिनाई हो रही थी । एयरपोर्ट सूत्रों ने बताया कि
उड़ानों के समय पर इसका प्रभाव नहीं पड़ा । मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि
दिल्ली में आज न्यूनतम तापमान ६.५ डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया जो इस मौसम के
हिसाब से सामान्य है । यहां अधिकतम तापमान २१.२ डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया ।
कोहरे के कारण रद्द होने वाली ट्रेनों में दिल्ली से फर्रुखाबाद की ओर जाने वाली
कालिंदी एक्सप्रेस, अंबाला से इलाहाबाद की ओर जाने वाली ऊंचाहार एक्सप्रेस,
फर्रुखाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाली कालिंदी एक्सप्रेस, सियालदह से दिल्ली की ओर
जाने वाली लाल किला एक्सप्रेस और इलाहाबाद से अंबाला की ओर जाने वाली ऊंचाहार
एक्सप्रेस हैं । मौसम विभाग ने अगले दो दिनों में हिमाचल के कुछ भागों में हल्की
बारिश और पंजाब व हरियाणा के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या गरज के साथ छींटे
पड़ने की संभावना व्यक्त की है । व्यापारियों ने अप्रैल से मूल्य संवर्द्धित कर
(वैट) लागू करने के खिलाफ २९ मार्च से चार दिन की हड़ताल करने की धमकी दी है । अखिल
भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष संदीप बंसल ने बुधवार को एक दिन की सांकेतिक
हड़ताल के बाद संवाददाताओं को बताया कि वह पूरे भारत में २९ मार्च से १ अप्रैल तक
९६ घंटे का बंद रखेंगे । इस दौरान मेडिकल स्टोर समेत सभी दुकानें बंद रहेंगी ।
सरकार को यह चेतावनी देते हुए वैट लागू होने से महंगाई बढ़ेगी उन्होंने राज्य सरकार
से इस नई टैक्स प्रणाली को नहीं लागू करने की अपील की । उन्होंने कहा कि वह किसी भी
हद तक लड़ेंगे लेकिन वैट को स्वीकार नहीं करेंगे । अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं
तो सरकारों के लिए मुश्किल दिन शुरू होने वाले हैं । उन्होंने बताया कि व्यापारी
सभी जिला मुख्यालयों पर १६ मार्च को प्रदर्शन करेंगे । जम्मू - कश्मीर में शनिवार
को आए भूकंप से वैष्णों देवी मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ है । इस बारे में एक
अधिकारी ने बताया कि माता के दर्शन के लिए यात्रा बगैर किसी बाधा के जारी है । माता
वैष्णों मंदिर बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुनीत कुमार ने कहा कि
भूकंप से मंदिर को कोई नुकसान नहीं हुआ है । नवरात्र के दौरान वैष्णों देवी के
दर्शन के लिए प्रतिदिन ४०,००० श्रद्धालु पहुंच रहे हैं । श्रद्धालु सामान्य तरीके
से मंदिर पहुंच रहे हैं । उन्होंने कहा कि नवरात्र के दौरान अब तक १.५ लाख
श्रद्धालुओं ने माता का दर्शन किया है । लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने पाकिस्तान
में आए विनाशकारी भूकंप में मारे गए लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है ।
पाकिस्तान की सीनेट के अध्यक्ष मोहम्मद मियां समरू और नेशनल असेंबली के स्पीकर
चौधरी आमिर हुसैन को अलग - अलग भेजे गए संदेश में चटर्जी ने भूकंप से हुई मौतों और
तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया है । चटर्जी ने भारत की संसद और नागरिकों की ओर से
दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि संकट की इस घड़ी में पूरा देश उनके साथ है । लोक सभा
सचिवालय से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक चटर्जी ने भेजे शोक संदेश में कहा है 'मुझे
पूरा विश्वास है कि पाकिस्तान के लोग एकजुट होकर इस दुख का मुकाबला करेंगे
राष्ट्रीय महिला आयोग अब गांवों की ओर चल पड़ा है । इसमें पूर्वोत्तर राज्यों के
गांवों को प्राथमिकता में रखा गया है । इसी योजना में ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का
दाखिला स्कूल में करवाने की भी कवायद शुरू की गई है । आयोग का दावा है कि एक साल के
अंदर यह काम पूरा कर लिया जाएगा और रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी । ग्रामीण क्षेत्र
की महिलाओं को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और कानूनी अधिकार के लिए जागरूक बनाने और
उनके प्रति होने वाली हिंसा और अपराध की रोकथाम के लिए आयोग ने देशभर के राज्य
महिला आयोग, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग जिला अदालत, पंचायत, आंगनबाड़ी और गैर
सरकारी संस्थाओं की मदद ली है । जिन राज्यों में आयोग नहीं है, वहां महिला विकास
विभाग को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है । इसी दौरान यह सर्वे भी होगा कि कितने बच्चों
का दाखिला स्कूल में नहीं हो पाया है और उनके स्कूल नहीं जाने या स्कूल छोड़ने की
क्या वजह है । इस दौरान जन अभियोग की सुनवाई होगी और मामलों को वहीं निबटाने का
प्रयास किया जाएगा । इस योजना के तहत उत्तर पूर्वी राज्यों को भी प्राथमिकता में
रखा गया है । जानकारी के मुताबिक आयोग में देश के तमाम राज्यों से महिलाओं के प्रति
होने वाले अपराध या अन्य मामले दर्ज होते हैं, लेकिन उत्तर - पूर्वी राज्यों में से
असम को छोड़कर अन्य किसी भी राज्य से मामले न के बराबर आते हैं । जनवरी २००१ से ३१
मई तक अन्य राज्यों के दर्जनों मामले दर्ज हो चुके हैं, वहां अब तक असम से केवल सात
मामले दर्ज हुए हैं । इस योजना के तहत यह भी जांच पड़ताल की जाएगी कि आखिर किन
वजहों से इन राज्यों के मामले आयोग तक नहीं पहुंच पाते हैं? पाकिस्तान ने कहा है कि
जम्मू - कश्मीर में बगलिहार पनबिजली परियोजना पर गतिरोध दूर करने के लिए हुई वार्ता
की असफलता का दोनों देशों के बीच चल रही वार्ता प्रक्रिया पर सीधे तौर पर असर नहीं
पड़ेगा, लेकिन इसका परोक्ष प्रभाव पड़ सकता है । पाकिस्तान के विदेश विभाग के
प्रवक्ता मसूद खान ने बीबीसी से एक साक्षात्कार में बताया कि वार्ता प्रक्रिया पर
बगलिहार का मुद्दा सीधे तौर पर तो कोई प्रभाव नहीं डालेगा । उन्होंने कहा कि दोनों
देश आपसी भरोसा बढ़ाने का वातावरण बनाने का प्रयास कर रहे थे । हमें अविश्वास घटाने
और भरोसा बढ़ाने वाले उपायों के साथ कठिन मुद्दों को सुलझाना चाहिए । उन्होंने कहा
कि हमें पिछले साल के मई में ही पता चल गया था कि यह मुद्दा वार्ता के जरिए इसलिए
नहीं सुलझ सकता है क्योंकि तकनीकी पहलुओं और आपत्तियों पर भारत सरकार सकारात्मक
रवैया नहीं अपना रही है । एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि वार्ता द्वारा इस
मुद्दे को सुलझाना हमारी प्राथमिकता थी और हमने इसकी पूरी कोशिश भी की । अपनी
आपत्तियों को हमने भारत के सामने रख दिया और सब कुछ साफ कर दिया था । उन्होंने कहा
कि पाकिस्तान ने नवंबर में ही यह तय किया था कि द्विपक्षीय वार्ता द्वारा मसला नहीं
सुलझने पर विश्व बैंक के सामने इसे रखा जाएगा । उन्होंने कहा कि हाल में हुई वार्ता
के नतीजों को ध्यान में रखकर ही हम अगला कदम उठाएंगे । कृषि योग्य भूमि पर सुनामी
लहरों के असर का पता लगाने के लिए तमिलनाडु के कुड्डालोर जिले में पहली बार मिट्टी
का परीक्षण किया गया है । समुद्र के पानी का रिसाव मिट्टी के करीब ९० सेंटीमीटर
नीचे तक हुआ है । भूमि को दोबारा कृषि योग्य बनाने में चार साल तक लग सकते हैं ।
जिले के कृषि अधिकारी डॉक्टर के. इलांगो ने रविवार को बताया कि करीब ५७ किलोमीटर
दूरी तक समुद्र तटीय इलाके के कई गांवों में खारेपन की जांच के लिए कृषि योग्य भूमि
का परीक्षण किया गया है । इलांगो ने बताया कि सुनामी द्वारा की गई क्षति का पता
लगाने के लिए इस जिले में पहली बार मिट्टी का परीक्षण किया गया है । उन्होंने यह भी
बताया कि कई गांवों में खारेपन की मात्रा बहुत ज्यादा दर्ज की गई है । 'यह खारेपन
की सर्वाधिक मात्रा है और इस स्थिति में खेत में धान की फसल नहीं उगाई जा सकती ।
खेती की दृष्टि से भूमि को फिर से उर्वरक बनाने के लिए पूरी मिट्टी को दोबारा
स्वच्छ पानी से धोना होगा और इस काम में कम से कम चार साल लग जाएंगे इलांगो समेत १०
वैज्ञानिकों ने सुनामी प्रभावित ४५ तटीय गांवों से लगभग सौ अलग - अलग स्थानों से
मिट्टी के ९१ नमूने और पानी के १४ नमूने इकट्ठा किये । गौरतलब है कि २६ दिसंबर को
आई भीषण प्राकृतिक आपदा में इस जिले में करीब ६०० लोग मारे गए थे और ६६८.७५
हेक्टेअर कृषि योग्य भूमि को नुकसान पहुंचा था । इलांगो ने कहा कि मैं अब भी हैरत
में डालने वाले इन आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा हूं और जिला कलेक्टर गगनदीप सिंह को
स्थिति से जल्द ही अवगत कराऊंगा । उन्होंने आगे कहा कि चूंकि हमें मौजूदा हालात की
जानकारी है, इसलिए इससे निपटने के लिए युद्घस्तर पर कार्यवाही की जाएगी । तिब्बती
संगठनों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से चीन के प्रधानमंत्री वेन जिआबाओ के साथ
तिब्बत के मुद्दे पर बात करने की अपील की है । 'कोर ग्रुप ऑफ तिब्बतन कॉज़' का कहना
है कि केंद्र सरकार को तिब्बत को स्वायत्ता दिलाने के लिए चीनी प्रधानमंत्री से
बेहद साफ अल्फाज़ में बात करनी चाहिए । भारत के तिब्बत समर्थक सर्वदलीय संसदीय संघ
ने प्रधानमंत्री को लिखकर वेन जिआबाओं के साथ इस मुद्दे पर बातचीत करने की मांग की
है । उन्होंने चीनी प्रधानमंत्री से भी दलाई लामा से इस मुद्दे पर बात करने की अपील
की है । चीन के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के वक्त तिब्बत विषय पर हुए सेमिनार
में हिस्सा लेते हुए पूर्व विदेश सचिव लखन महरोत्रा ने कहा कि कोई भी सरकार तिब्बत
के महत्व को नजरअंदाज नहीं कर सकती । रक्षा के लिहाज से तिब्बत की स्वतंत्रता भारत
के लिए जरूरी है । उन्होंने कहा कि तिब्बत समस्या का हल उसी वक्त निकल सकता है जब
चीनी नेतृत्व दलाई लामा में आस्था जताए । तिब्बत में बिछाई जा रही रेलवे लाइन पर
चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि यह रेलवे लाइन भारत के लिए बड़ा खतरा बन सकती है ।
पूर्व विदेश सचिव ने कहा कि रेलवे लाइन का काम पूरा होने के बाद चीनी सेना आसानी के
साथ अपने हथियार भारतीय सीमा तक ला सकती है । इस वक्त चीन को बख्तरबंद गाडियां व
टैंक जैसे हथियारों को लाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है । बकौल
महरोत्रा, चीन के साथ भी भारत के अच्छे रिश्ते रहे हैं । पर तिब्बत की संस्कृति
हमारे काफी करीब है । इसलिए, चीन के प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान इस विषय को
मजबूती के साथ उठाया जाना चाहिए । पूर्व एयर मार्शल रमेश चंद्र वाजपेयी का कहना है
कि चीन तिब्बत में विकास के नाम पर सैनिक तैयारियों में जुटा है । भारत को चीन पर
दलाई लामा के साथ बाचतीत करने के लिए दबाव डालना चाहिए । क्योंकि, दलाई लामा अब
तिब्बत के लिए स्वायत्ता की मांग कर रहे हैं । वाजपेयी ने कहा कि तिब्बत की
स्वायत्ता उस १७ सूत्री शर्तो में शामिल थी जो चीन व तिब्बत के प्रतिनिधियों के बीच
चीन के कब्जे के बाद हुआ था । पर बाद में चीन सरकार ने इन शर्तो का पालन करने से
इनकार कर दिया । नेपाल के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को
हालात की नजाकत को समझना चाहिए । नेपाल सरकार जिस तरह चीन के साथ रिश्ते बना रही है
। वे भविष्य में भारत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं । इस मौके पर संसद सदस्य
मोहन सिंह ने कहा कि हमारी सरकारें चीन के प्रति लगातार नरम रूख अपनाती जा रहीं हैं
। जबकि उन्हें हिंदी - चीनी भाई - भाई के नारे का सबक मिल चुका है । मोहन सिंह ने
कहा कि केंद्र सरकार तिब्बत के बारे में सार्वजनिक रूप से कुछ भी कहने के लिए तैयार
नहीं है । क्योंकि वह समझती है कि तिब्बत के बारे में कोई भी बयान उसके चीन के
रिश्तों पर असर डाल सकते हैं । पर सरकार को तिब्बत की हकीकत से मुंह नहीं मोड़ना
चाहिए । तिब्बत पर चीन के कब्जे के साथ ही हमारी सीमाएं चीन से मिल गई हैं । चीन
सरकार के तिब्बत में रेलवे लाइन बिछाने के काम को पूरा होने के बाद हमें अपनी
सीमाओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करनी पड़ेगी । केंद्र सरकार का दावा है कि
सार्वजनिक वितरण प्रणाली और केन्द्र सरकार द्वारा चलायी जा रही कई कल्याणकारी
योजनाओं के लिए सरकार के गोदामों में समुचित गेहूँ का स्टॉक मौजूद है । यह जानकारी
बृहस्पतिवार को केंद्रीय खाद्य सचिव एस. के. टुटेजा ने दी । उन्होंने कहा कि २००४ -
०५ में सरकार द्वारा १६७.९ लाख टन गेहूँ की खरीद की जाएगी । इससे बफर स्टॉक में २०
लाख टन गेहूँ की वृद्धि होगी । केंद्रीय पूल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली और खुले
बाजार की जरूरत को देखते हुए केंद्र के पास समुचित गेहूं उपलब्ध है । इस साल
केन्द्र सरकार के पास बफर नियमों के मुताबिक १८८ लाख टन गेहूं उपलब्ध होगा । जबकि
बफर नियमों के मुताबिक १७१ लाख टन गेहूं केंद्र सरकार के पास होना चाहिए । उन्होंने
स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने केंद्रीय पूल से अभी तक किसी भी देश के लिए गेहूँ
के निर्यात का निर्णय नहीं लिया है । टुटेजा ने बताया कि सरकारी एजेंसियों द्वारा
गेहूँ की खरीद ३० जून तक की जाएगी । गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले लोगों को वितरित
किए जाने वाले गेहूं की कीमतों में परिवर्तन करने की मीडिया में छपी कुछ खबरों पर
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस बारे में फिलहाल कोई विचार नहीं किया है । फरीदाबाद
जिले के होडल कस्बे में डीएवी स्कूल के एक छात्र आनंद कुमार उर्फ गोलू के अपहरण का
मामला प्रकाश में आया है । बुधवार को अपहर्ताओं ने उसके घर फोन कर १५ लाख रुपये की
फिरौती मांगी । बदमाशों का फोन आने के बाद से गोलू के परिवार के लोग दहशत में हैं ।
पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है । गौरतलब है कि होडल के
सैनिक कॉलोनी निवासी किशन सिंह फौजी सेना में कार्यरत हैं । वे इस समय नासिक में
तैनात हैं । मूल रूप से होडल के सौंध गांव के रहने वाले किशन सिंह के पिता और अन्य
भाई सौंध में ही रहते हैं । किशन सिंह का छोटा पुत्र आनंद उर्फ गोलू होडल के डीएवी
स्कूल में कक्षा चार का छात्र है । वह सोमवार को स्कूल पढ़ने गया था, पर उसके बाद
से लौटकर घर नहीं आया । वह स्कूल पैदल ही जाता था और दोपहर दो बजे छुट्टी होने पर
घर लौटता था । सोमवार की रात तक जब वह लौटकर घर नहीं आया तो मंगलवार को उसके
परिजनों ने इसकी सूचना होडल पुलिस को दी । परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी
का मामला दर्ज कर लिया । पुलिस के अनुसार बुधवार दोपहर करीब १२.३० बजे गोलू के सौंध
स्थित घर पर अपहर्ताओं ने फोन कर उसके अपहरण की सूचना देते हुए १५ लाख रुपये की
फिरौती मांगी । अपहर्ताओं ने धमकाया कि अगर फिरौती नहीं दी तो 'कुछ भी' हो सकता है
। फिरौती की रकम अलवर (राजस्थान) के पास पहुंचाने के लिए कहा गया है । फोन आने के
बाद पुलिस ने गुमशुदगी के मामले को अपहरण के मामले में बदल दिया है । बताया गया है
कि सौंध में जिस नंबर पर अपहरणकर्ताओं का फोन आया उसमें कालर आईडी लगा हुआ है,
लेकिन उसमें वह नंबर नहीं आया जिससे अपहरणकर्ताओं ने फोन किया था । सौंध स्थित घर
पर फोन आने से समझा जा रहा है कि वहां का नंबर अपहर्ताओं ने गोलू से पूछा है या फिर
इस घटना में किसी परिचित का ही हाथ है । अपहरण की खबर सुनकर गोलू के सभी रिश्तेदार
उसके सैनिक कॉलोनी स्थित घर पर एकत्र हो गए हैं । इन टीमों में सीआईए पलवल के
इंस्पेक्टर नवीन सहगल को भी लगाया गया है । इन टीमों ने आस - पास कुछ स्थानों पर
छापे भी मारे हैं लेकिन अभी तक कुछ हाथ नहीं आ सका है । पुलिस अपहृत बच्चे को मुक्त
कराने के लिए पूरे प्रयास कर रही है । भारत - पाक के बीच सूत्र का काम कर रही
समझौता एक्सप्रेस वाघा से अटारी तक भगवान भरोसे चल रही है । इस ट्रेन में करीब एक
महीने से कोई गार्ड तैनात नहीं है । ट्रेन में ड्यूटी करने वाले गार्डो का वीजा एक
माह से खत्म हो गया है, मगर अब तक पाक सरकार इस मामले में खामोशी अख्तियार किए हुए
है । उल्लेखनीय है कि किसी भी रेलगाड़ी के लिए गार्डो की भूमिका अहम होती है ।
गाड़ी को रवाना होने वाले स्टेशन से लेकर गंतव्य तक पहुंचाने की जिम्मेदारी गार्ड
पर होती है । सफर के बीच अगर किसी खतरे का अंदेशा होता है तो वह इस बाबत ड्राइवर को
भी सचेत करता है । विभाग के एक पदाधिकारी के अनुसार गार्ड का यह अहम किरदार समझौता
एक्सप्रेस जैसी संवेदनशील गाड़ी से गायब है । सूत्रों की मानें तो वाघा से अटारी तक
सफर करने वाली इस गाड़ी के गार्डो का वीजा ३१ दिसंबर को खत्म हुआ था, मगर इसके बाद
नहीं बनाया गया । दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत लाहौर से दिल्ली व दिल्ली
से लाहौर तक चलने वाली इस गाड़ी में छह - छह महीने तक वाघा - अटारी व अटारी - वाघा
तक दोनों देशों के गार्ड बारी - बारी से ड्यूटी करते हैं । नए साल में यह
जिम्मेदारी पाकिस्तान के गार्डो पर है । उनका वीजा ३१ दिसंबर २००४ को खत्म हो गया,
जिस कारण वे वाघा से अटारी तक नहीं आने पाते । सूत्रों का कहना है कि इस संदर्भ में
पाक सरकार को कई बार सूचित भी किया जा चुका है, मगर किसी तरह की पहल नहीं की गई ।
भारतीय अधिकारियों का कहना है कि हालांकि यह सारा सफर मात्र एक - डेढ़ किलोमीटर का
है, मगर दो देशों की सरहदों का मामला होने के कारण हजारों किलोमीटर से भी ज्यादा
संवेदनशील व अहमियत रखता है । रक्षा सामग्री खरीद घोटाले के संबंध में सुप्रीम
कोर्ट में दूसरा हलफनामा दायर करने के केंद्र के फैसले पर जॉर्ज फर्नाँडिस ने कड़ी
नाराजगी जताई है । उन्होंने आरोप लगाया है कि यूपीए सरकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया
गांधी के दबाव में काम कर रही है । शुक्रवार को वामदलों के साथ हुई बैठक के दौरान
उन्होंने रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी से जवाब तलब किया । फर्नाँडिस ने शनिवार को
कहा कि इस मामले में उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है । राज्यसभा चुनाव पर लगी रोक को
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को हटा दिया । इसके बाद चुनाव आयोग ने २८ जून को राज्यसभा
चुनाव कराने की घोषणा कर दी । आयोग के नए कार्यक्रम में सभी प्रत्याशी १७ जून तक
नामांकन करेंगे । उसके बाद नामांकन की जांच होगी । २१ जून को नाम वापसी का अंतिम
दिन होगा और २८ जून को चुनाव कराया जाएगा । कांग्रेस ने शीर्ष कोर्ट के फैसले का
स्वागत किया है । इससे पहले कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चुनावों के लिए
राष्ट्रपति द्वारा जब अधिसूचना जारी की जा चुकी है और निर्वाचन प्रक्रिया भी शुरू
हो चुकी है, तो अब स्टे जारी रखने की जरूरत नहीं है । कोर्ट ने कहा कि नामांकन में
प्रत्याशियों से यह घोषणा करा ली जाए कि वह किस प्रदेश का निवासी है और कहां से
चुनाव लड़ना चाहता है । जस्टिस के. जी. बालाकृष्णन और जस्टिस पी. वी. रेड्डी की
खंडपीठ ने निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार द्वारा राज्यसभा के चुनावों पर कोर्ट
द्वारा गत ४ जून को लगाए गए स्टे को हटाने की मांग करने वाली याचिकाओं पर सभी
पक्षों को सुनने के बाद अपने पूर्व के आदेश में संशोधन करके स्थगनादेश को हटाया ।
केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम ने कहा कि स्थगनादेश हटा
देना चाहिए क्योंकि चुनाव कानून के अनुसार ही कराए जा रहे हैं । निर्वाचन आयोग की
तरफ से वकील एस. मुरलीधर ने कहा कि एक बार चुनाव प्रक्रिया शुरू हो जाए तो संविधान
के अनुच्छेद - ३२९३२९ बी बी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट सहित कोई भी अदालत चुनाव
प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकती । चुनाव पुरानी व्यवस्था से कराए जाने की
मांग कर, नई व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने वाले याची एवं वरिष्ठ पत्रकार कुलदीप
नैय्यर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र सच्चर ने कहा कि नई व्यवस्था के अनुसार
गोपनीय मतदान प्रणाली की व्यवस्था लागू करना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है ।
पूर्व सांसद इंद्रजीत की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता फाली एस. नारीमन ने कहा कि चुनाव
प्रक्रिया जारी रखी जाए । खंडपीठ ने सभी पक्षों को सुनने के बाद अपने पूर्व के आदेश
में संशोधन कर स्थगनादेश हटा कर राज्यसभा की ६५ सीटों के लिए होने वाले चुनाव के
लिए रास्ता प्रशस्त किया । नैय्यर ने समादेश याचिका से मांग की थी । पूर्व व्यवस्था
के अनुसार राज्यसभा के लिए प्रत्याशी का उसी राज्य का निवासी होने की शर्त उचित थी
और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम में संशोधन करके प्रत्याशी को उसी राज्य का निवासी होने
की शर्त हटा कर केवल मतदाता होने की व्यवस्था कर दी गई थी । तमिलनाडु के कई शोध
संस्थानों में वृक्षों से ईंधन तैयार करने की महत्वाकांक्षी परियोजना पर तेजी से
अमल हो रहा है । इन संस्थानों के वैज्ञानिक जात्रोपा प्रजाति के पेड़ों से ईंधन
तैयार करने में जुटे हैं । जात्रोपा का तेल वाहनों में इस्तेमाल होने वाले डीजल और
पेट्रोल का उपयुक्त विकल्प साबित हो सकता है । तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय के
शोधकर्ता भी इस मिशन में जुट गए हैं । विश्वविद्यालय के बायो - इनर्जी विभाग के
वैज्ञानिकों ने इस सप्ताह किसान दिवस के मौके पर डीजल और पेट्रोल के जिन १४
विकल्पों को प्रदर्शित किया, उनमें इस पेड़ से निकला तेल भी शामिल था ।
विश्वविद्यालय ने अपने परिसर में डेढ़ लाख रुपये की मदद से बायो - ईंधन प्लांट
लगाया है । यह प्लांट जात्रोपा से निकले द्रव्य को ईंधन में तब्दील करने में लगा
हुआ है । विश्वविद्यालय के सूत्रों के मुताबिक जात्रोपा से निकले तेल में सल्फर की
मात्रा काफी कम होती है । ऐसे में यह तेल पर्यावरण के काफी अनुकूल है । ग्लाइसेरोल
और बायोगैस इसका बाइप्रोडक्ट है । शोधकर्ताओं के मुताबिक फिलहाल इस प्लांट से हर
रोज २५० लीटर बायो ईंधन का उत्पादन संभव है । जात्रोपा से निकले ईंधन की कीमत प्रति
लीटर करीब २० रुपये है । इधर दक्षिण रेलवे ने भी अपने रेल इंजिनों में जात्रोपा से
निकले ईंधन का इस्तेमाल करने का ऐलान किया है । सूत्रों के मुताबिक भारतीय रेलवे के
एक निकाय रिसर्च डिजाइंस एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाईजेशन ने एक भारतीय तेल कंपनी की
मदद से इस ईंधन का परीक्षण करने का फैसला किया है । यहां तक कि भारतीय रेलवे ने
जात्रोपा के पेड़ों की खेती भी शुरू कर दी है । विरुधनगर रेलवे स्टेशन के पास एक
एकड़ भूखंड पर जात्रोपा के पौधे लगाए गए थे । पिछले महीने नल्लूर रेलवे स्टेशन के
पास तीन एकड़ भूखंड पर जात्रोपा के पौधे लगाए गए । शोधकर्ताओं का कहना है कि ये
पौधे डीजल और पेट्रोल के बेहतर विकल्प बन सकते हैं । मैडम तुसाद की तर्ज पर कोलकाता
में भी एक संग्रहालय स्थापित करने की योजना है । इस पर तेजी से अमल किया जा रहा है
और अगर सब कुछ ठीक - ठाक रहा तो लगभग डेढ़ वर्ष में यह योजना साकार हो जाएगी । मैडम
तुसाद की तरह ही इस संग्रहालय में विख्यात हस्तियों की मोम प्रतिमाएं रखी जाएंगी ।
पश्चिम बंगाल सरकार के सहयोग से इस संग्रहालय का निर्माण किया जाएगा । राज्य के खेल
एवं युवा मामलों के मंत्री सुभाष चक्रबर्ती का वादा है कि यह संग्रहालय भी मैडम
तुसाद की तरह दुनिया भर में चर्चित हो जाएगा । चक्रबर्ती ने बताया कि यह संग्रहालय
अगले १८ महीनों में बनकर तैयार हो जाएगा । करीब ५० - ६० मोम प्रतिमाओं के साथ इस
संग्रहालय की शुरुआत की जाएगी । मोम प्रतिमाएं तैयार करने की जिम्मेवारी राज्य के
जाने - माने मोम मूर्तिकार सुशांत राय को दी गयी है । राय रबीन्द्रनाथ टैगोर,
नेताजी सुभाष चंद्र बोस और ईश्वर चंद्र विद्यासागर जैसे महापुरुषों की प्रतिमाएं
बना चुके हैं । बाद में वे जानी - मानी अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों की भी मूर्तियां
बनाएंगे । इनमें अब्राहम लिंकन और अलबर्ट आइंस्टीन की मूर्तियां भी शामिल होंगी ।
राज्य सरकार को उम्मीद है कि यह मैडम तुसाद संग्रहालय की तरह ही भीड़ खींचेगा ।
गौरतलब है कि हर साल करीब २५ लाख लोग मैडम तुसाद संग्रहालय में रखी मूर्तियों का
अवलोकन करते हैं । यह लंदन के सर्वाधिक भीड़खींचू स्थलों में से एक माना जाता है ।
असम में विधानसभा के दूसरे चरण का मतदान सोमवार को होगा । तीन अप्रैल को हुए पहले
चरण के चुनाव के समान इस बार भी कानून व्यवस्था की किसी बड़ी गड़बड़ी की आशंका नहीं
है । प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा ने चुनाव प्रक्रिया से पहले ही खुद को अलग कर
लिया है । इस बार उसने पहले की तरह चुनाव के बहिष्कार का आह्वान भी नहीं किया है ।
सोमवार को कुल ८२.२७ लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे । भारी सुरक्षा
के बीच होने वाले चुनावों में मतदाता विधानसभा की ६१ सीटों के लिए ४८२ उम्मीदवारों
के भाग्य का फैसला करेंगे । राज्य में ८९९५ मतदान केंद्रों पर निष्पक्ष और
शांतिपूर्ण मतदान के लिए चुनाव आयोग ने ४२००० सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया है ।
सोमवार के मतदान में जिन प्रमुख उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होगा, उनमें असम गण
परिषद (अगप) के अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के दावेदार बृंदावन गोस्वामी, दो बार
मुख्यमंत्री रह चुके और नवगठित अगप (पी) अध्यक्ष प्रफुल्ल कुमार मंहता, स्वास्थ्य
मंत्री भूमिधर बर्मन और गृहराज्य मंत्री रोकीबुल हुसैन प्रमुख हैं । मतदाताओं ने इस
बार राज्य में बुनियादी सुविधाओं को चुनावी मुद्दा बनाया है । राज्य में बुनियादी
सुविधाओं की स्थिति अच्छी नहीं है । सड़कों की स्थिति बुरी है, स्वास्थ्य सुविधाओं
की हालत खस्ता है और बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है । राज्य में उच्च शिक्षा की
सुविधाओं का अभाव है । राज्य के बारपेटा व धुबरी जिलों में भी यही स्थिति है ।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (पीएसयू) में यूपीए सरकार की विनिवेश योजना के खटाई
में पड़ने के संकेत दिखाई दे रहे हैं । सरकार द्वारा हाल ही में भेल में १० फीसदी
विनिवेश की घोषणा को लेकर वामदलों द्वारा जबरदस्त विरोध दर्ज कराए जाने के बाद
नाल्को में २० फीसदी विनिवेश की योजना के प्रति सरकार के अंदर से ही विरोध के स्वर
देखे गए । माकपा सांसद दीपांकर मुखर्जी ने भेल में सरकार की १० फीसदी हिस्सेदारी के
विरोध में प्रधानमंत्री को लिखा है । पीएसयू में सरकार की विनिवेश नीति को तब एक और
झटका लगा जब बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्टील मंत्री रामविलास पासवान ने स्टील
मंत्रालय के तहत आने वाली किसी भी कंपनी में विनिवेश की संभावना को खारिज कर दिया ।
पीएसयू में विनिवेश की नीति का सरकार के अंदर व बाहर से विरोध हो रहा है । ऐसे में
पीएसयू कंपनियों में सरकार की विनिवेश नीति को सफलता मिलने की बहुत कम संभावना
दिखाई दे रही है । गौरतलब है कि वामदलों ने भेल में सरकार की १० फीसदी हिस्सेदारी
की विनिवेश योजना के प्रति जबरदस्त विरोध दर्ज कराया है । नाल्को में २० फीसदी
विनिवेश के लिए वित्त मंत्रालय द्वारा खान मंत्रालय को लिखे गए पत्र के जवाब में
केंद्रीय खान मंत्री शीशराम ओला ने नाल्को में विनिवेश के प्रस्ताव के प्रति अपना
विरोध दर्ज कराया । ओला का तर्क था कि नाल्को लाभ कमाने वाली कंपनी है । गौरतलब है
कि वित्त वर्ष २००४ - ०५ में नाल्को का लाभ ६६ फीसदी बढ़कर १२२२ करोड़ रुपये रहा ।
वर्तमान में नाल्को में सरकार की ८७ फीसदी हिस्सेदारी है । वित्त मंत्रालय नाल्को
में २० फीसदी सरकारी हिस्सेदारी के विनिवेश से प्राप्त राशि को राष्ट्रीय निवेश कोश
(एनआईएफ) में स्थानांतरित करना चाहता था । वित्त मंत्रालय का तर्क था कि एनआईएफ का
उपयोग न्यूनतम साझा कार्यक्रम को पूरा करने के लिए किया जाएगा । लेकिन ओला के मुखर
विरोध के बाद वित्त मंत्रालय के लिए उलझन की स्थिति उत्पन्न हो गई है । वामदलों
द्वारा पीएसयू कंपनियों में विनिवेश की योजना के विरोध के पीछे कई कारण हैं ।
वामदलों को आशंका है कि पीएसयू कंपनियों में विनिवेश का लाभ निजी कंपनियों को मिलता
है, जो समान उत्पादन क्षेत्र में परिचालन कर रही हैं व पीएसयू की प्रतिस्पर्धी हैं
। इसके अलावा वामदलों को आशंका है कि पीएसयू कंपनियों के निजीकरण से पीएसयू
कंपनियों में रोजगार के अवसर कम होंगे । इस प्रकार पीएसयू कंपनियों में सरकार की
विनिवेश नीति को सरकार के अंदर व बाहर से मिले विरोध के मद्देनजर इसकी सफलता की
बहुत कम ही संभावना है । विदेश मंत्री के नटवर सिंह बृहस्पतिवार को वाशिंगटन में
अमरीकी विदेश मंत्री कोलिन पावेल से पहली बार हो रहे साबके के दौरान द्विपक्षीय
संबंधों सहित कई मुद्दों पर बातचीत करेंगे । इस बीच पाकिस्तान ने उन मीडिया
रिपोर्टो का खंडन किया जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तानी सुरक्षा सलाहकार तारिक अजीज
ने भारत की गुपचुप यात्रा की है । नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज
सरना ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया कि विदेश मंत्री कल सुबह वाशिंगटन रवाना
होंगे जहां वह भारत और अमरीका के द्विपक्षीय संबंधों में हाल के घटनाक्रमों के साथ
- साथ साझा हितों वाले क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर भी बातचीत करेंगे ।
इसी सिलसिले में आज शाम अमरीकी राजदूत डेविड मलफोर्ड ने नटवर सिंह से मुलाकात की ।
सिंह वाशिंगटन में ११ जून को अमरीका के पूर्व राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के अंतिम
संस्कार में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे । इसके बाद नटवर सिंह जिनेवा जाएंगे ।
जिनेवा से वह लंदन जाएंगे । यहां उनकी मुलाकात ब्रिटिश विदेश मंत्री जैक स्ट्रा से
होनी है । पाक दैनिक 'द न्यूज' ने रिपोर्ट छापी थी कि अजीज भारतीय उच्चायुक्त
शिवशंकर मेनन के साथ नई दिल्ली गए और वहां दीक्षित से बातचीत कर वाघा सीमा के
रास्ते लौट आए । इसके अलावा पाकिस्तानी विदेश मंत्री खुर्शीद कसूरी ने पाकिस्तान
में भारतीय उच्चायुक्त शिवशंकर मेनन से मुलाकात के दौरान बुधवार को कहा कि ईरान से
भारत तक आने वाली गैस पाइपलाइन के पाकिस्तान में पड़ रहे हिस्से की सुरक्षा की
जिम्मेदारी लेने में उन्हें बहुत खुशी होगी । भारत ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति
परवेज मुशर्रफ को भारत - पाक क्रिकेट सीरीज के किसी एक मैच को देखने के लिए न्योता
भेज दिया है । पाकिस्तान ने देर रात इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि नई दिल्ली ने मैच
देखने के लिए मुशर्रफ की यात्रा के संबंध में संपर्क किया है । लेकिन अभी इस बारे
में कोई फैसला नहीं किया गया है । पाकिस्तान के राष्ट्रपति ने न्योता मिलने पर इस
सीरीज का कोई एक मैच देखने की इच्छा जताई थी । मुशर्रफ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के
संरक्षक भी हैं । बुधवार को लंदन में विदेश मंत्री के. नटवर सिंह ने पत्रकारों से
बातचीत में कहा कि मुशर्रफ को भेजा गया आमंत्रण इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग
के पास है । सिंह ने कहा कि यह मुशर्रफ को तय करना है कि वह कब भारत जाएंगे और किस
मैच को देखना पसंद करेंगे? इस संबंध में भारत और पाकिस्तान सरकार एक दूसरे के
संपर्क में हैं । उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान के राष्ट्रपति इस सिरीज का कोई एक
मैच देखने भारत आना चाहते हैं तो हम उनका स्वागत करेंगे । यदि मुशर्रफ भारत की
यात्रा पर आते हैं तो वह मैच देखने भारत आने वाले पाकिस्तान के दूसरे राष्ट्रपति
होंगे । इससे पहले १९८७ में पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जिया उल हक दोनों
देशों के बीच एक मैच देखने भारत आए थे । रिलायंस समूह में अंबानी बंधुओं के बीच चल
रहा स्वामित्व विवाद सुलझाने की प्रक्रिया अचानक तेज होकर सुर्खियों में आ गई है ।
समूह के संस्थापक धीरुभाई अंबानी की पत्नी कोकिलाबेन ने दोनों बेटों मुकेश और अनिल
अंबानी से अलग - अलग मिल कर सलाह - मशवरा शुरू कर दिया है । गौरतलब है कि अंबानी
परिवार के शुभचिंतक व आईसीआईसीआई बैंक के अध्यक्ष के. वी. कामथ ने रिलायंस समूह का
मूल्यांकन कर विवाद सुलझाने के कुछ फार्मूले सुझाए हैं । कामथ की रिपोर्ट के बाद
कोकिलाबेन बेटों से दो - दो बार मिलने के अलावा पुत्रियों दीप्ति व नीना और उनके
पतियों से भी अलग - अलग बात कर चुकी हैं । ऐसा माना जा रहा है कि कामथ ने रिलायंस
समूह का मूल्य ८०००० करोड़ रुपये आंका है । सूत्रों के अनुसार अपनी रिपोर्ट में
कामथ ने कहा है कि समूह की विभिन्न कंपनियों की इक्विटी बांटने के साथ उनके
नियंत्रण का भी बंटवारा कर दिया जाए । कहा जा रहा है कि कामथ ने सलाह दी है कि एक
भाई को समूह की फ्लैगशिप कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) व पेट्रोकेमिकल
कंपनी आईपीसीएल दे दी जाए । जबकि दूसरे के हिस्से में रिलायंस इंफोकॉम व समूह की
अन्य कंपनियां हों । जहां तक आरआईएल का सवाल है अंबानी परिवार के लिए यह भावनात्मक
मुद्दा है और अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि मुकेश और अनिल में से कौन आरआईएल पर
काबिज होगा । कुछ दिन पहले तक दोनों भाइयों में से कोई भी इसे छोड़ने को तैयार नहीं
था । कामथ की रिपोर्ट के बाद अंबानी बंधुओं की ओर से कोई भी बयान सामने नहीं आया है
। जहां तक इक्विटी में विभाजन का सवाल है, सूत्रों के अनुसार कामथ ने मुकेश और अनिल
अंबानी को परिवार की होल्डिंग से ३० - ३० फीसदी और बाकी ४० फीसदी मां कोकिलाबेन को
देने की सिफारिश की है । कामथ द्वारा सुझाए गए दूसरे विकल्प के तहत दोनों भाइयों को
मां की सहमति से परिवार की होल्डिंग में आधा - आधा हिस्सा मिले । उन्हें समूह की
विभिन्न कंपनियों में एक निर्धारित सीमा के तहत नियंत्रण हासिल होगा । कामथ द्वारा
सुझाई गई नियंत्रण की सीमा के तहत जिस भाई के हिस्से में आरआईएल होगी वह समूह की
अन्य कंपनियां खरीद सकता है । रिलायंस समूह की कंपनियों में परिवार की इक्विटी में
फेरबदल के लिए लेनदेन की लंबी प्रक्रिया चलानी होगी । इससे अनिल और मुकेश को अपने -
अपने हिस्से वाली कंपनियों पर सीधा नियंत्रण हासिल हो सकेगा । जहां तक आरआईएल का
सवाल है । बैंकर्स ने रिलायंस इंफोकॉम की कीमत ५०००० करोड़ रुपये बताई है । मौजूदा
वित्त वर्ष के नौ महीनों में आरआईएल का लाभ ५२०० करोड़ रुपये रहा है । यही कंपनी
समूह को सबसे अधिक कैश फ्लो व लाभ उपलब्ध कराती है । जबकि इंफोकॉम को अपनी मेगा
परियोजना पूरी होने के लिए अभी १०००० करोड़ रुपये की दरकार है और इसके बाद ही यह
कंपनी प्रमोटर्स को लाभ देना शुरू करेगी । केंद्र सरकार ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम
में किए वायदे पर अमल करते हुए काम के बदले भोजन कार्यक्रम शुरु करने की पूरी
तैयारी कर ली है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह १४ नवंबर को आंध्र प्रदेश के
रंगारेड्डी जिले से इस कार्यक्रम की शुरुआत करने जा रहे हैं लेकिन इस कार्यक्रम को
लेकर अभी से विवाद खड़ा हो गया है । एक विवाद तो इसी को लेकर है कि इस कार्यक्रम की
शुरुआत आंध्र प्रदेश से ही क्यों की जा रही है । ऐसे कई राज्य हैं जो आंध्र प्रदेश
से ज्यादा पिछड़े हैं । दूसरा विवाद उन जिलों को लेकर भी है जिन्हें इस योजना में
शामिल किया गया है । कुछ बड़े राज्यों की नाराजगी की वजह यह है कि पिछड़े होने के
बावजूद वहां से ज्यादा जिलों को इस योजना में शामिल नहीं किया गया है । इसमें उत्तर
प्रदेश भी शामिल है जहां से सिर्फ १५ जिले इस कार्यक्रम में शामिल हैं । अब तकरीबन
यह तय हो गया है कि प्रधानमंत्री १४ नवंबर को आंध्र प्रदेश से ही इस योजना की
शुरुआत करेंगे । ग्रामीण विकास मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री
कार्यालय से १४ नवंबर की तारीख का प्रस्ताव आया था जिस पर मंत्रालय भी सहमत है ।
पहले इस योजना की शुरुआत झारखंड से की जानी थी । इसमें बदलाव करते हुए अब आंध्र
प्रदेश से इस योजना की शुरुआत की जा रही है । अंतिम वक्त में कार्यक्रम में हुए इस
फेरबदल को राजनीतिक चश्मे से देखा जा रहा है । हालांकि मंत्रालय इस बारे में अपनी
ओर से सफाई देने में लगा है । मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि यदि केंद्र की
भेदभाव करने की मंशा होती तो झारखंड के १४ जिलों के मुकाबले आंध्र प्रदेश के ८
जिलों को ही इस योजना में क्यों शामिल किया जाता है । विवाद जिलों की संख्या को
लेकर भी खड़ा हो रहा है । उत्तर प्रदेश से इस योजना में १५ जिलों को शामिल किया गया
है । ये जिले हैं - सोनभद्र, उन्नाव, सीतापुर, हरदोई, फतेहपुर, ललितपुर, लखीमपुर
खीरी, बांदा, चित्रकूट, मिरजापुर, कुशीनगर, महोबा, हमीरपुर और बाराबंकी । मंत्रालय
के मुताबिक जिलों के चयन के लिए योजना आयोग के सलाहकार 'ग्रामीण विकास' की
अध्यक्षता में टास्क फोर्स का गठन किया गया था । इसके अलावा श्रम विकास योजना को भी
आधार बनाया गया । २९ सितंबर को केंद्र ने राज्यों के अधिकारियों के साथ सलाह -
मशवरा कर जिलों के चयन का फार्मूला बनाया लेकिन उप्र में यह मुद्दा राजनीतिक रंग ले
रहा है । उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ समाजवादी पार्टी जिलों के चयन से नाखुश है ।
लोकसभा में पार्टी के उपनेता रामजीलाल सुमन ने केंद्र सरकार पर उप्र के साथ भेदभाव
करने का आरोप लगाया है । उनका कहना है, 'केंद्र सरकार के कामकाज का तरीका अक्सर
दोषपूर्ण दिख रहा है गरीबों के नाम पर कोई योजना शुरु की जाए तो उस पर सबसे ज्यादा
हक उत्तर प्रदेश जैसे गरीब राज्य का ही बनता है लेकिन सरकार लगातार उप्र की अनदेखी
कर रही है । बिहार और उड़ीसा को केंद्र ने विशेष आर्थिक पैकेज दिए जबकि उत्तर
प्रदेश की मांग को नजरअंदाज किया जा रहा है । राकेश शर्मा या दिवंगत कल्पना चावला
की तरह शायद अब किसी भारतीय को अंतरिक्ष की सैर करने के लिए विदेशी यान की जरूरत न
पड़े । भारत इस क्षेत्र में चुनिंदा देशों की जमात में शामिल होने की तैयारी कर रहा
है । भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष जी. माधवन नायर के मुताबिक
दो साल के भीतर भूस्थैतिक उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) श्रृंखला का मार्क - ३
यान तैयार कर लिया जाएगा । हालांकि अंतरिक्ष यात्री भेजने की फिलहाल कोई योजना नहीं
है । नायर के मुताबिक भारत मानव युक्त अंतरिक्ष अभियान के बारे में अभी विचार नहीं
कर रहा है । नायर बुधवार को यहां वाई. नायुदम्मा मेमोरियल अवार्ड ग्रहण करने के बाद
समारोह में इसरो की भावी योजनाओं पर बोल रहे थे । नायर के मुताबिक स्पेस मिशन के
लिए अंतरिक्ष यात्रियों के प्रशिक्षण तथा इसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर अच्छा खासा खर्च
आता है । जबकि इससे अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता । उन्होंने बताया कि जीएसएलवी मार्क
- ३ दो साल के भीतर तैयार हो जाएगा । यह अंतरिक्ष यात्री को अपने साथ ले जाने में
सक्षम होगा । नायर ने बताया कि अगले वर्ष एक स्पेस (कैप्सूल) यान का परीक्षण किया
जाएगा जिससे अंतरिक्ष यात्री को वापस लाने में सक्षम यान को डिजाइन करने में मदद
मिलेगी । उन्होंने कहा कि अभी उपलब्ध अंतरिक्ष यानों पीएसएलवी तथा जीएसएलवी और भावी
जीएसएलवी मार्क - ३ से भारत दूरसंवेदी उपग्रह प्रक्षेपण के मामले में पूरी तरह
आत्मनिर्भर हो जाएगा । नायर ने कहा कि प्रस्तावित 'चंद्रायन मून मिशन' इसरो के लिए
मील का पत्थर साबित होगा । इस मिशन से चंद्रमा की सतह के अध्ययन में मदद मिलेगी ।
वैसे इन योजनाओं के बीच इसरो ऐसे रॉकेट पर भी काम कर रहा है ताकि अंतरिक्ष तक पहुंच
को सस्ता बनाया जा सके । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रविवार को मलेशिया के चार दिनी
दौरे पर रवाना होंगे । पिछले एक सप्ताह में उनकी यह दूसरी विदेश यात्रा है । इस
दौरान प्रधानमंत्री पूर्व एशियाई सम्मेलन में एशियाई आर्थिक संघ की अपनी पहल को आगे
बढ़ाएंगे । वह भारत - आसियान सम्मेलन में भी भाग लेंगे, जिसमें एशियाई क्षेत्र में
आर्थिक सहयोग के नए द्वार खुलने की उम्मीद है । यात्रा के दौरान मनमोहन सिंह की
चीन, जापान और दक्षिण कोरिया के नेताओं के साथ व्यापक द्विपक्षीय संबंधों पर बातचीत
होने की संभावना है । दक्षिण - पूर्वी एशिया के दस देशों का संगठन आसियान भारत और
चीन से मजबूत आर्थिक एकीकरण की उम्मीद लगाए हुए है । प्रधानमंत्री क्वालालांपुर में
होने वाले भारत - आसियान और फिर १४ दिसंबर को होने वाले पूर्वी एशियाई सम्मेलन में
भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे । पूर्वी एशियाई सम्मलेन में आसियान के सभी दस सदस्य
देशों और भारत के अलावा चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड भी
शामिल होंगे । इस सम्मेलन के एजेंडे में वैश्विक आतंकवाद से निपटने का मुद्दा भी
प्रमुख होगा । आसियान में इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, थाइलैंड,
ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कम्बोडिया शामिल हैं । 'पूर्वी एशिया समुदाय'
की अवधारणा के पीछे पूर्वी एशियाई अर्थव्यवस्था को एकीकृत करने का उद्देश्य छुपा
हुआ है । पिछले साल वियनतियेन में पूर्व - एशियाई देशों के सम्मेलन का फैसला किया
गया था । अप्रैल में भारत को भी इस शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किया गया । बाद में
आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड को भी इसमें शामिल किया गया । मलेशिया की राजधानी में
होने वाले चौथे भारत - आसियान सम्मेलन में दोनों पक्ष एक मुक्त व्यापार समझौते पर
सहमति कायम करने की कोशिश करेंगे । पिछले एक वर्ष में भारत - आसियान व्यापार में
शानदार ४०.८ फीसदी की बढ़ोतरी हुई है । नेपाल के मौजूदा हालात को देखते हुए भारत की
ओर से सैनिक मदद नहीं दी जा रही है । विदेश राज्य मंत्री ई. अहमद ने बृहस्पतिवार को
राज्यसभा में एक लिखित जवाब में कहा कि नेपाल में देउबा सरकार की बरखास्तगी और
आपातकाल लागू करने के बाद वहां की स्थिति को देखते हुए सैनिक मदद की लगातार समीक्षा
की गई है । अहमद ने कहा कि भारत नेपाल में राजनीतिक स्थिरता की बहाली और आर्थिक
समृद्धि के लिए हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है । एक अन्य सवाल के जवाब में
कोलंबो स्थित अमरीकी दूतावास की ओर से जारी आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा
कि श्रीलंका में करीब ८३० अमरीकी सशस्त्र सैनिक तैनात हैं, जिनमें ७०० नौसैनिक हैं
। विदेश राज्य मंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने कहा कि भारत को अमरीकी नेतृत्व वाले
परमाणु प्रसार सुरक्षा पहल में शामिल होने के लिए कोई औपचारिक निमंत्रण नहीं मिला
है । खाड़ी देशों में और वाणिज्य दूतावास खोले जाने की जरूरत के संबंध में उन्होंने
कहा कि सरकार क्षेत्र में रह रहे भारतीयों की मदद बढ़ाने की जरूरत से पूरी तरह
वाकिफ है, लेकिन और वाणिज्य दूतावास खोले जाने का कोई प्रस्ताव नहीं है । उन्होंने
कहा कि भारत बिना भेदभाव के प्रयासों के जरिए परमाणु हथियारों को पूरी तरह नष्ट
करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में कई बार पहल कर चुका है । भारत का कहना है कि
परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के खतरों या इनके इस्तेमाल से आतंरिक सुरक्षा और शांति
को लगातार खतरा बना हुआ है । विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि फरवरी २००४ में भारत और
पाकिस्तान के बीच समग्र वार्ता की प्रक्रिया के तहत परमाणु विश्वास कायम करने के
उपायों पर दिल्ली और इस्लामाबाद में विशेषज्ञ स्तर वार्ता के दो दौर हो चुके हैं ।
नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश के साथ असम के सीमा विवाद के हल के लिए सुप्रीमकोर्ट ने
प्रस्तावित सीमा आयोग के गठन के लिए केंद्र को तीन हफ्ते का समय दिया है । कोर्ट ने
इस अवधि में सरकार को प्रस्तावित आयोग के चेयरमैन और अन्य सदस्यों के नामों का
सुझाव देने के लिए कहा है । सीमा विवाद के हल के लिए असम द्वारा दाखिल की गई दो
अर्जियों पर सुनवाई करते हुए प्रधान न्यायाधीश वाई. के. सब्बरवाल और न्यायाधीश सी.
के. ठक्कर ने केंद्र को यह आदेश दिया । अटॉर्नी जनरल मिलन के. बनर्जी ने खंडपीठ से
कहा कि आयोग की स्थापना के संबंध में उन्हें सरकार से परामर्श करना होगा और इस
संबंध में निर्देश लेने होंगे । कोर्ट ने कहा कि संविधान में इन राज्यों की सीमाएं
पहले से परिभाषित हैं और आयोग को जमीन पर इन सीमाओं को चिन्हित करना है । मामले के
संबंध में असम का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील के. के. वेणुगोपाल ने कहा कि सीमा
संबंधी विवादों का निपटारा कोर्ट में नहीं किया जा सकता । उन्होंने कहा कि संसद
द्वारा निर्धारित व संविधान की तीसरी धारा व पहली अनुसूची में परिभाषित सीमाओं को
ध्यान में रख सीमा आयोग को इन्हें जमीन पर चिन्हित करना है । उन्होंने यह भी सुझाव
दिया कि प्रस्तावित आयोग में सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया व कुछ सेना अधिकारियों को
शामिल किया जाना चाहिए, क्योंकि इन लोगों को विवादित क्षेत्र के बारे में अच्छी
जानकारी है । मामले के संबंध में नागालैंड और अरुणाचल प्रदेश का पक्ष रखने वाले
वकील ने वर्ष १९२५ के एक कानून का हवाला दिया, जिसके तहत इन राज्यों को अधिक
क्षेत्र दिया गया है । उन्होंने कहा कि इस समस्या का राजनीतिक समाधान ढूंढ़ा जाना
चाहिए । असम सरकार ने वर्ष १९८८ व १९८९ में नागालैंड व अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ दो
दीवानी अर्जियां दाखिल कर इन राज्यों पर उसके सैकड़ों वर्ग किलोमीटर क्षेत्र अपने
कब्जे में कर लेने का आरोप लगाया था । घात लगा कर किए गए उग्रवादी हमले में तीन
जवान शहीद हो गए जबकि दो अन्य गंभीर रूप से जख्मी हैं । थोउबल जिले में यह हमला
रविवार को उस वक्त हुआ जब असम राइफल्स की एक टुकड़ी गश्त कर रही थी । आधिकारिक
सूत्रों ने बताया कि असम राइफल्स की पैट्रोलिंग पार्टी वायथू क्षेत्र में राष्ट्रीय
राजमार्ग संख्या ३९ से गुजर रही थी, उसी वक्त जोरदार विस्फोट हुआ । धमाका होते ही
उग्रवादियों ने अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं । हमले में तीन जवान मौके पर
ही मारे गए । अन्य जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया । अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि
इस कार्रवाई में कितने उग्रवादी मारे गए या जख्मी हुए । गौरतलब है कि शनिवार रात
यहां एक जिले में सरकारी भवनों में आग लगा देने के बाद तनाव काफी बढ़ गया है । इस
स्थिति को देखते हुए भारतीय सेना के जवान रविवार को दिन भर मणिपुर की सड़कों पर
गश्त लगाते रहे । मणिपुर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जी. सी. डबास ने बताया कि
शनिवार की देर रात सेनापति जिले के कुछ इलाकों में आगजनी की घटनाएं हुई । लेकिन
राज्य के किसी अन्य भाग से हिंसा की कोई खबर नहीं मिली है । इस घटना के कारण
उत्पन्न तनाव को देखते हुए सेना व पुलिस के जवानों को अलर्ट कर दिया गया है और वे
राज्य के चार जिलों - उखरूल, सेनापति, तामांगलोंग और चंडेल में लगातार गश्त लगा रहे
हैं । इन जिलों में शनिवार को नागा विद्रोहियों ने आंदोलन करते हुए कम से कम २०
सरकारी भवनों में आग लगा दी थी । पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमारी सेना किसी भी
तनावपूर्ण स्थिति का मुकाबला करने के लिए तैयारी में है । ऑल नागा स्टूडेंट्स
यूनियन (आसू) ने २० जून से मणिपुर में अनिश्चितकालीन नाकेबंदी कर दी है । वे जरूरी
सामान व दवा लाने वाले ट्रकों को राज्य में घुसने से मना कर रहे हैं । गौरतलब है कि
मणिपुर सरकार व यहां के मैती समुदाय इस क्षेत्र के विभाजन का विरोध कर रहे हैं ।
फिलहाल एनएससीएन - आईएम नई दिल्ली में शांति वार्ता में व्यस्त हैं । जनता दल (यू)
के वरिष्ठ नेता जॉर्ज फर्नांडीज ने ३० साल पहले कोला कंपनियों को खदेड़ा था ।
वर्तमान में यह काम बाबा रामदेव अपने तरीके से कर रहे हैं । जॉर्ज ने रामदेव पर
विवाद खड़ा करने के लिए वामपंथी नेताओं को कठघरे में खड़ा किया है । जॉर्ज ने
रामदेव की आयुर्वेदिक दवाओं के विरोध को बहुराष्ट्रीय कंपनियों की साजिश करार दिया
है । कोला कंपनियों के खिलाफ जनमानस तैयार करने के लिए उन्होंने रामदेव की भूरि -
भूरि तारीफ की है । उन्होंने कहा कि आपको याद होगा कि वर्ष १९७७ में जनता सरकार में
जब मैं उद्योग मंत्री था तो मैंने कोला कंपनियों को किस तरह भारत से भागने पर मजबूर
कर दिया था । आज वही काम बाबा कर रहे हैं । उनके आह्वान पर लोग कोल्ड ड्रिंक और
फास्ट फूड छोड़ रहे हैं । उन्होंने कहा कि रामदेव ने योग के जरिए देश में स्वास्थ्य
क्रांति लाई है । उन्होंने आम जनता को स्वस्थ रहने के लिए योग का रास्ता अपनाने के
लिए प्रेरित किया है । रामदेव पर हमला करने के लिए उन्होंने वामपंथी नेताओं की जमकर
आलोचना की है । वामपंथी नेताओं पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन
में इन्होंने अंग्रेजों का साथ दिया और नेताजी सुभाषचंद्र बोस को गद्दार करार दिया
। आज ये लोग भारतीय चिकित्सा पद्धति को नष्ट करने पर तुले हुए हैं । गोवा के
राज्यपाल एस. सी. जमीर को वापस बुलाने की मांग को दोहराते हुए भंग राज्य विधानसभा
के बर्खास्त मुख्यमंत्री मनोहर सिंह पारिकर ने बृहस्पतिवार को कहा है कि चार मार्च
को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगने के बावजूद राज्यपाल लगातार 'कांग्रेस एजेंट' के
रूप में काम कर रहे हैं । भाजपा राज्य इकाई के अध्यक्ष राजेंद्र आरलेकर के साथ यहां
पार्टी मुख्यालय में उन्होंने पत्रकारों को कहा कि गोवा में निष्पक्ष राज्यपाल
नियुक्त करने के लिए राष्ट्रपति से आग्रह किया है । पारिकर पार्टी के राष्ट्रीय
नेताओं से बातचीत के लिए शुक्रवार को नई दिल्ली जाएंगे । वहां पार्टी नेताओं के साथ
वह राज्यपाल जमीर की बर्खास्तगी के फैसले के खिलाफ अंतरिम राहत के संदर्भ में पिछले
सप्ताह उच्च अदालत की सलाह पर सुप्रीम कोर्ट में अपील की अर्जी को अंतिम रूप देंगे
। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया पर
बोर्ड की सभी बैठकों में भाग लेने पर रोक लगा दी गई है । यह फैसला सोमवार को किया
गया । डालमिया पर १९९६ विश्व कप खातों में अनियमितता बरतने का आरोप है । बीसीसीआई
सूत्रों के मुताबिक बोर्ड की अनुशासनात्मक समिति द्वारा इस बारे में कोई फैसला लिए
जाने तक निलंबन जारी रहेगा । काले धन पर रोक लगाने के लिए नकद - निकासी पर कर लगाने
के बाद वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने मठों और मंदिरों का रुख किया है । ट्रस्टों की
अकूत संपदा पर वित्त मंत्रालय की कड़ी नजर है । चिदंबरम् ने आज राज्यसभा को बताया
कि सरकार शुक्रवार को एक कर संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश करने जा रही है । उनके
मुताबिक शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र से जुड़ी अनेक धर्मादा संस्थाएं हैं, जिनकी
आय बहुत ज्यादा हो सकती है । चिदंबरम ने बताया कि विधेयक का मसौदा सांसदों को
वितरित करने के बाद इसे संसद की स्थायी समिति को सौंप दिया जाएगा । उन्होंने कहा,
'इस मसले पर हमें सदन का समर्थन और सहयोग चाहिए । यह मामला बड़ा नाजुक है और मैं इस
पर सावधानीपूर्वक तथा संवेदना के साथ कार्य करना चाहता हूं चिदंबरम इस बात से अच्छी
तरह वाकिफ हैं कि मठों और मंदिरों को प्राप्त कर छूट को समाप्त करना और उन्हें कर
के दायरे में लाना इतना आसान नहीं होगा । पर भाजपा और विश्व हिंदू परिषद ऐसे किसी
भी कदम का पुरजोर विरोध करती रही हैं । उल्लेखनीय है कि वित्तीय प्रबंधन नियंत्रण
अधिनियम के तहत वर्ष २००८ तक सरकार को वित्तीय घाटा कम करके शून्य के स्तर पर ले
जाना है । सरकार को राजस्व चाहिए । ऐसे में नई - नई सेवाओं को कर के दायरे में लाने
और कर छूट प्राप्त निकायों पर कर लगाने के सिवा कोई चारा नहीं है । चिदंबरम ने कहा
कि बहुत सारे निकाय शिक्षा और स्वास्थ्य के जरिए धर्मादा कार्यों में लिप्त हैं और
इस तरीके से इन निकायों ने अकूत संपदा एकत्र कर ली है । इसी के मद्देनजर इन
संस्थाओं को आयकर अधिनियम की धारा ८० जी के अंतर्गत कर छूट दी जाती है । पर ये
संस्थान धन एकत्र करने और काला धन को सफेद करने के साधन बन गए हैं । एक अनुमान के
अनुसार भारत में कुल ५ लाख ट्रस्ट हैं, जिनमें कुल मिलाकर ५ लाख करोड़ रुपए
संग्रहित हैं । यह धन कमोबेश आयकर से मुक्त है । ऐसे में चिदंबरम की नजर इस धन पर
जाना स्वाभाविक है । चिदंबरम ने कहा है कि शादी - ब्याह पर किए जाने वाले खर्च पर
कर नहीं लगाया जाएगा । उन्होंने कहा कि टैक्स व्यवस्था में संतुलन बनाए रखने की
जरूरत है । यदि कर विभाग को ज्यादा अधिकार दे दिए जाएं तो आपकी आजादी प्रभावित होगी
और आप ही उसका विरोध करने लग जाएंगे । उन्होंने कहा कि पंडाल और शामियाने पर सर्विस
टैक्स लगा दिया गया है । इससे शादी - ब्याह और जलसे में भोजन की आपूर्ति करने वाले
आउटडोर कैटरर्स की आमदनी का अंदाजा बखूबी लगा लिया जाएगा । आतंकवाद के खिलाफ जंग
में कई देशों ने हाथ मिलाए । राजधानी के विज्ञान भवन में विश्व आतंकवाद विरोधी दिवस
के मौके पर आयोजित समारोह में विभिन्न देशों के राजनायिकों ने एक स्वर में कहा कि
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सब एक हैं । इस मौके पर दुनिया के अनेक हिस्सों में
आतंकवादी हमलों में मारे गए निर्दोष लोगों को एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी
गई । देश व विदेश में आतंकवाद का सामना करते हुए शहीद हुए भारतीय जवानों की विधवाओं
व बच्चों को सम्मानित किया गया । इस मौके पर जुलाई में हुए अयोध्या के आतंकवादी
हमले का सामना करने वाले सीआरपीएफ के जवान सुरेंद्र मोहन, धर्मवीर सिंह, निर्मल
चंद, वीजोटो टिंयी, संतो देवी, नंद किशोर, सुल्तान सिंह व ओमप्रकाश को स्मृतिचिह्न
देकर सम्मानित किया गया । तीन मीडियाकर्मियों फिरदौस अहमद, एम. ए. भट्ट व एजाज अहमद
को भी उनकी वीरता के लिए पुरस्कृत किया गया । अब वक्त आ गया है कि आतंकवाद के खिलाफ
एक भूमंडलीय नीति तैयार हो, जिसमें सभी देश भागीदार हों । बिट्टा ने उन देशों के
खिलाफ सभी देशों से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की जो आतंकवादियों को पनाह देते हैं
और आतंकवादी गतिविधियों को शह देते हैं । टाइम्स समूह की चेयरमैन इंदू जैन ने कहा
कि आतंकवाद वास्तव में युवाओं की अपरिमित शक्ति है । आज आवश्यकता यह सोचने की है कि
युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक रचनात्मकता में कैसे बदला जाए । इस मौके पर ब्रिटिश
उच्चायुक्त माइकेल ऑर्थर मुख्य अतिथि थे । समारोह में पंजाब के पूर्व डीजीपी के.
पी. एस. गिल भी मौजूद थे । पाकिस्तान से ट्रेनिंग लेकर आए हिजबुल मुजाहिदीन के
खूंखार आतंकी अली मोहम्मद को पुलिस ने गिरफ्तार किया है । अली मोहम्मद को महाराणा
प्रताप अंतर्राज्यीय बस टर्मिनल के समीप गिरफ्तार किया गया । अली के कब्जे से आधा
किलोग्राम आरडीएक्स जब्त किया गया है । यह आरडीएक्स उसे दिल्ली में मौजूद एक अन्य
आतंकी तक पहुंचाना था । हालांकि, स्वयं अली को उस आतंकी का नाम पता मालूम नहीं है ।
आरडीएक्स की सप्लाई लेने के लिए अली के साथी को बस अड्डे पर आना था, लेकिन वह वहां
नहीं पहुंचा और अली मोहम्मद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया । अली पाकिस्तान में
हथियारों की ट्रेनिंग लेने के बाद पाक अधिकृत कश्मीर स्थित हिजबुल के मुख्यालय भी
गया था । जहां उसकी मुलाकात कई हिजबुल कमांडरों से हुई । शुक्रवार सुबह आतंकी अली
मोहम्मद जम्मू से आने वाली बस से उतरा । कुछ देर बस अड्डे पर इंतजार के बाद वह बाहर
निकल आया और रिंग रोड की ओर पैदल चलने लगा । निगम बोध घाट के समीप पहुंचने पर पुलिस
टीम ने उसे दबोच लिया । चेकिंग के दौरान अली मोहम्मद से आरडीएक्स मिला । उपायुक्त
के मुताबिक, अली मोहम्मद जम्मू और कश्मीर के सोपोर जिले का निवासी है । २००१ में
उसने जम्मू - कश्मीर पुलिस के एक जवान की ऑटोमेटिक राइफल व तीन कारतूस चुरा लिए थे
। इसके बाद उसने राइफल की मदद से एक व्यापारी से ६० हजार रुपये लूटे । इसी दौरान
उसका संपर्क बारामूला के हिजबुल कमांडर शाकिर हुसैन से हुआ । शाकिर ने अली मोहम्मद
को कई अन्य कश्मीरी युवकों के साथ हथियारों की ट्रेनिंग लेने के लिए पाकिस्तान भेज
दिया । यहां मनसेरा बॉर्डर के समीप 'जंगल मंगल' कैंप में उसे व अन्य युवकों को तीन
महीने तक हथियारों की ट्रेनिंग दी गई । २००१ में ट्रेनिंग लेने के बाद वह दो वर्ष
तक जम्मू - कश्मीर में आतंकवाद फैलाता रहा, लेकिन २००३ में उसे गिरफ्तार कर लिया
गया । कुछ महीने बाद जेल से छूटने के बाद हिजबुल कमांडर ने उसे ५० हजार रुपये देकर
नेपाल भेज दिया । अली मोहम्मद कई बार नेपाल से दिल्ली व भारत के अन्य हिस्सों में
आया । काफी समय तक वह दिल्ली के आरकेपुरम में रहा है । पुलिस अली के उन साथियों की
तलाश में जुटी है, जिन्हें वह आरडीएक्स देने के लिए दिल्ली आया था । दिल्लीवासियों
के लिए बृहस्पतिवार का दिन काफी सुहावना रहा । यहां दिन में गुनगुनी धूप निकलने से
तापमान ऊपर खिसक गया । शाम के समय राजधानी में बारिश हुई, जिससे हल्की ठंड रही ।
मनाली में बर्फबारी ने पिछले २५ साल का रिकार्ड तोड़ दिया । राष्ट्रीय राजधानी में
आज दिन में धूप निकली, जिससे यहां का अधिकतम तापमान ०.६ डिग्री ऊपर खिसक कर २५.२
डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान १३.२ डिग्री रहा । वैसे दिल्ली
में शाम के समय बारिश हुई, जिससे थोड़ी ठंड बढ़ गई । जम्मू - श्रीनगर राष्ट्रीय
राजमार्ग आज चौथे दिन भी बंद रहा । करीब छह सौ वाहन बर्फबारी में फंसे हुए हैं । ये
पिछले सप्ताह हिमस्खलन में बर्फ में दब गए थे । यहां वाहनों में फंसे करीब तीन हजार
यात्रियों को प्रशासन ने आसपास के गांवों में शरण दिलाई है । हिमाचल प्रदेश में भी
लाहौल, स्पीति और पिन बर्फ की सफेद चादर से ढके हुए हैं । राज्य के कम ऊंचाई वाले
इलाकों में बर्फबारी में कमी से यहां के लोगों को थोड़ी राहत मिली है । भारत -
तिब्बत और कुल्लू - मनाली मार्ग को आंशिक तौर पर खोला गया है । शिमला, मशोबरा और
भंतूर में आज न्यूनतम तापमान २.२ डिग्री रहा । मनाली में बृहस्पतिवार को पिछले २५
वर्षो का बर्फ गिरने का रिकॉर्ड टूट गया है । हिमपात से पूरा रिसॉर्ट बर्फ की चार
फुट मोटी चादर से आच्छादित हो गया है । मनाली के पास सोलांग नाला और बहांग क्षेत्र
में सबसे ज्यादा पांच फीट बर्फबारी हुई । पिछले दो हफ्ते से यहां भारी बर्फबारी की
वजह से न्यूनतम तापमान शून्य से १२ डिग्री नीचे चला गया है । मौसम विभाग ने यहां
अगले २४ घंटे में आंधी - तूफान की आशंका जताई है । अमृतसर का तापमान सबसे कम ६
डिग्री सेल्सियस रहा । सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के बहुचर्चित बेस्ट बेकरी हत्याकांड
के मामले में चश्मदीद गवाह जाहिरा शेख द्वारा बयान बदलने के मामले में सच्चाई का
पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है । अदालत ने कहा कि संबंधित
समिति चार महीने के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी । अदालत ने कहा कि निचली अदालत
में चल रही सुनवाई जारी रहेगी । अदालत ने रजिस्ट्रार जनरल को मामले की जांच करने का
निर्देश दिया है । अदालत ने यह भी कहा कि यह पता लगाया जाय कि तीस्ता अदालत को
गुमराह कर रही हैं या जाहिरा अपना बयान बदल रही है । इस मामले में सुनवाई करते हुए
न्यायमूर्ति अरिजीत पसायत व न्यायमूर्ति एच. के. सेमा की खंडपीठ ने कहा कि
रजिस्ट्रार जनरल दिल्ली पुलिस के पुलिस महानिरीक्षक पद के किसी भी अधिकारी की इस
जांच में मदद ले सकते हैं । अदालत ने कहा कि यह पता चलना काफी जरूरी है कि कौन सच
बोल रहा है और इस पूरे मामले में सच्चाई क्या है? उल्लेखनीय है कि हाल ही में
जाहिरा शेख ने अदालत में एक हलफनामा दाखिल कर कहा था कि यह उसका पहला हलफनामा है व
इससे पहले दाखिल हलफनामे में उसके हस्ताक्षर नहीं हैं । तीस्ता सीतलवाड़ की ओर से
कहा गया कि मामला सीबीआई को सुपुर्द किया जाना चाहिए । उल्लेखनीय है कि जाहिरा शेख
ने तीस्ता सीतलवाड़ पर आरोप लगाया है कि उस पर दबाव डालकर बयान दिलवाया गया था और
सीतलवाड़ ने आरोपों से इनकार किया है । लेकिन मुकाबले से पचास करोड़ (१.११ करोड़
डॉलर) की राशि जुटाकर क्रिकेटर अपने मकसद में कामयाब हो गए । हार - जीत से परे मानव
हित में खेले गए मैच में ७०,१०१ दर्शकों ने स्टेडियम में पहुंचकर इस नेक काम में
अपना सहयोग दिया । विकेटकीपर कुमार संगकारा ने पांच शिकार बनाए । लेकिन बाकी के
बल्लेबाज 'भारत की दीवार' राहुल द्रविड़ (७५ नाबाद) का साथ नहीं दे सके । एशियाई
टीम ३९.५ ओवर में २३२ बनाकर मुकाबले को ११२ रनों से हार गई । भारतीय तटरक्षकों ने
आज एक बड़े बचाव अभियान को अंजाम देते हुए लहरों में बहकर भारतीय क्षेत्र के एक
द्वीप में शरण लिए ३५ बंगलादेशी मछुआरों की जान बचाई । एक नाव में सवार ये मछुआरे
पोर्टब्लेयर से उत्तर नारकोंडम द्वीप पर उतर गए थे । रक्षा सूत्रों ने बताया कि
यहां से भारतीय तटरक्षक जहाज 'अक्कादेवी' ने उन्हें बचाया । उन्होंने बताया कि इन
बांग्लादेशी मछुआरों ने तीन नावों को जोड़कर २८ दिसंबर को एक नौका बनाई थी । इनमें
से दो समुद्र की लहरों के कारण बह गई और वे एक नाव पर सवार होकर बचे । द्वीप पर
उतरने के बाद उन्होंने स्थानीय पुलिस को सूचना दी, जिसने अंडमान और निकोबार कमांड
को सचेत कर दिया । गश्त पर निकले तटरक्षकों के जहाज ने उन्हें बचाया । पोर्ट ब्लेयर
ले जाकर उन्हें इलाज और भोजन दिया जा रहा है । लाभ के पद को लेकर उठे बवाल के बाद
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी दोबारा राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) का अध्यक्ष
पद नहीं संभालना चाहतीं । उन्होंने अपनी यह इच्छा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी
बता दी है । पार्टी अध्यक्ष के इस फैसले के बाद ही सरकार ने एनएसी को छूट वाली
श्रेणी में शामिल न करने का फैसला किया है । पार्टी के अंदर यह राय भी शिद्दत से
उभर रही है कि इस पद पर किसी सांसद को न बैठाया जाए । लाभ के पद के मुद्दे पर सपा
नेता जया बच्चन की राज्यसभा सदस्यता खत्म होने के बाद सोनिया गांधी विपक्ष के
निशाने पर थीं । सोनिया ने एक बार फिर त्याग का रास्ता चुना और २३ मार्च को एनएसी
के अध्यक्ष पद और लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया । पर बहस अभी तक जारी है ।
विपक्ष का आरोप है कि एनएसी लाभ के पद के दायरे में आता है । इसीलिए फजीहत से बचने
के लिए सोनिया गांधी ने अपने पद से इस्तीफा दिया । लाभ के पद के मुद्दे पर कांग्रेस
फिर विपक्ष को मात देने की तैयारी में है । सरकार संशोधित विधेयक में छूट हासिल
करने वाले पदों की फेहरिस्त में एनएसी को शामिल नहीं करेगी । ताकि, विपक्ष सोनिया
गांधी पर एक बार फिर निशाना न साध सके । पार्टी के वरिष्ठ नेता के मुताबिक, एनएसी
के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के बाद कांग्रेस अध्यक्ष दोबारा इस पद को नहीं संभालेंगी
। पर पार्टी के कई रणनीतिकार उनके इस फैसले से सहमत नहीं थे । पार्टी रणनीतिकारों
की दलील है कि सोनिया गांधी के एनएसी की अध्यक्ष न बनने से संस्था का वजन कम हो
जाएगा । देश में इस वक्त एनएसी सबसे ताकतवर सलाहकार समिति है । इसलिए, उन्हें यह पद
संभालना चाहिए । पर सोनिया गांधी खुद को विवादों से दूर रखना चाहती हैं । इसीलिए,
उन्होंने एनएसी का अध्यक्ष पद दोबारा न संभालने का फैसला किया है । कांग्रेस की
राष्ट्रीय अध्यक्ष और जिले की सांसद सोनिया गांधी सोमवार को बछरावां पहुंचीं । वे
अपने साथ लाई ४९६ करोड़ रुपए की योजनाओं का पिटारा । यह पिटारा उन्होंने यहां राजीव
जीवन रेखा चिकित्सा शिविर का शुभारंभ करने के बाद दयानंद महाविद्यालय में आयोजित
समारोह में खोला । उन्होंने जिले के लोगों को 'इंदिरा युग' की वापसी के संकेत देते
हुए कहा कि यह सब तो बानगी भर है । इसके बाद बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम
के उन्होंने कुछ गांवों का दौरा किया और गरीबों का दुख दर्द बांटा । इस दौरान
उन्होंने जिला अस्पताल के आधुनिकीकरण के लिए १० करोड़ रुपए देने की भी घोषणा की ।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा बेरोजगारों और महिलाओं के लिए संचार क्षेत्र में कई
योजनाएं जल्द ही अमलीजामा पहनेंगी । उन्होंने बताया कि समसपुर पक्षी विहार, सलोन और
डलमऊ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा । राजीव जीवन रेखा चिकित्सा
शिविर का उद्देश्य गरीबों को पूरी सेवा देना है । उन्होंने विश्वास जताया कि राजीव
गांधी फाउंडेशन तथा इंपैक्ट इंडिया फाउंडेशन एवं संजय गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की ओर
से एक महीने के लिए बछरावां में आयोजित इस शिविर का छह हजार मरीज फायदा उठाएंगे ।
एक हजार लोगों को ऑपरेशन की सुविधाएं मिलेगी । शिविर में संजय गांधी संस्थान लखनऊ
के डाक्टरों की विशेष भूमिका होगी । बछरावां रेलवे स्टेशन पर राजीव जीवन रेखा
निःशुल्क चिकित्सा शिविर का उद्घाटन करने के बाद वहां आयोजित जनसभा में गांधी ने
कहा कि यह सुविधा अभी तक केवल अमेठी के लोगों को ही मिलती थी पर अब रायबरेली के लोग
भी इस सेवा का लाभ उठा सकेंगे । विकलांगों को सेवा और सहायता की खास जरूरत बताते
हुए उन्होंने कहा कि जल्द ही महावीर संस्थान, जयपुर की ओर से विकलांगों को कृत्रिम
पैर देने के लिए रायबरेली में कैंप लगाया जाएगा । सुनामी की चपेट में आए लोगों को
श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि इस आपदा का सामना करने के लिए सभी को सहयोग
करना चाहिए । समारोह में पूर्व विधायक सुरेंद्र बहादुर सिंह ने सुनामी पीड़ितों के
लिए पांच लाख का चेक सोनिया को भेंट किया । इसके बाद सोनिया गांधी हरचंदपुर के
फरीदपुर और बछरावां में पश्चिम गांव गई, जहां उन्होंने गांव वालों की दुख तकलीफ
सुनी । इसके बाद आईटीआई गेस्ट हाउस पहुंची । भाजपा के शीर्ष नेता अटल बिहारी
वाजपेयी ने राष्ट्रीय सलाहकार परिषद (एनएसी) को गैर जरूरी बताते हुए इसे भंग करने
का सुझाव दिया है । उन्होंने कहा कि प्रमोद महाजन के निधन के बाद भाजपा को एक
'लक्ष्मण' की जरूरत है । महाजन का कोई विकल्प नहीं है । वाजपेयी ने बृहस्पतिवार को
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में एनएसी को औचित्यहीन करार दिया । गौरतलब है
कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एनएसी की अध्यक्ष थीं । लेकिन लाभ के पद संबंधी
विवाद में उन्हें इस पद के साथ लोकसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देना पड़ा था ।
कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार के सत्ता में आने के बाद न्यूनतम साझा
कार्यक्रम पर निगरानी रखने के लिए एनएसी का गठन किया गया था । गत दिनों भारत
सुरक्षा यात्रा के दौरान भाजपा के पूर्व अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने भी एनएसी को
समाप्त करने का सुझाव दिया था । बोडो अलगाववादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ
बोडोलैंड (एनडीएफबी) ने आगामी 15 अक्तूबर से एकतरफा संघर्ष विराम की घोषणा करने के
दो दिन बाद रविवार को इस फैसले पर पुनर्विचार करने की धमकी दी है । उनका कहना है कि
केंद्र और असम सरकार ने अगर समय रहते उन्हें जवाब नहीं दिया तो संघर्ष विराम के
फैसले को वे वापस ले लेंगे । शनिवार की रात एनडीएफबी के प्रवक्ता एस. सरजारंग के
स्थानीय मीडिया को भेजे ई - मेल के मुताबिक केंद्र और असम को उनके प्रस्ताव पर
ध्यान देना चाहिए । ऐसा नहीं करने पर वह अपने संघर्ष विराम के फैसले पर फिर से
विचार करेंगे । इसके अलावा प्रतिबंधित संगठन ने उनके खिलाफ जारी सभी अभियानों को
रोकने को कहा । एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में आत्मसमर्पण कर चुके बोडो लिबरेशन
टाइगर्स के पूर्व अध्यक्ष और अब बोडोलैंड टेरीटोरियल काउंसिल के प्रमुख एच.
मोहिलारी ने कहा कि बीटीसी को एनडीएफबी और सरकार के बीच शांति वार्ता में शामिल
होना चाहिए क्योंकि यह एक संवैधानिक निकाय है । एडीएफबी के प्रस्ताव का स्वागत करते
हुए मोहिलारी ने कहा कि सरकार को इस पर सकारात्मक रुख अपनाना चाहिए । उल्लेखनीय है
कि केंद्र सरकार ने बोडो क्षेत्र में दो साल पूर्व उग्रवादियों के आत्मसमर्पण करके
बीटीसी बनाने के बाद गत फरवरी में बीएलटी के साथ सहमति पर दस्तखत किए थे । ऑल बोडो
क्रिश्चियन कोआर्डिनेशन कमेटी ने आज एनडीएफबी के संघर्ष विराम का स्वागत किया ।
वहीं एबीसीसीसी ने एक बयान में कहा कि हिंसा के बजाय शांति वार्ता ही किसी समस्या
का समाधान हो सकता है । केंद्र व राज्य सरकार को इस प्रस्ताव पर सकारात्मक रवैया
अपनाना चाहिए । मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के निलंबन की दिल्ली
में जैसे ही घोषणा हुई, इधर उनके समर्थकों ने भी निष्ठाओं के तर्क बदलने शुरू कर
दिए । हाल तक मध्य प्रदेश की राजनीति पर एकतरफा दबदबा रखने वाली उमा भारती के बागी
बनने पर उनके धुर समर्थकों में से भी कोई उनके घर फटका तक नहीं । मुख्यमंत्री
बाबूलाल गौर के खेमे के लिए तो यह अब तक की सबसे शानदार दीवाली है । विजयवर्गीय ने
'अमर उजाला' को बताया कि उमा भारती जैसी नेता, जिनके हजारों लाखों कार्यकर्ता
समर्थक हों, के खिलाफ यदि पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का फैसला किया है तो यह
पार्टी अध्यक्ष का साहसिक फैसला है । आज उमा भारती के प्रोफेसर कॉलोनी, सिविल लाइंस
स्थित बंगले पर एक वीरानगी दिन भर छाई रही । कुछ माह पहले तक उमा भारती के नाम पर
आंखे तरेरने वाले समर्थकों को जैसे सांप सूंघ गया । हाल ही में इंदौर की सांसद
सुमित्रा महाजन के इस्तीफे की अनदेखी करने और उमा भारती जैसी लोकप्रिय नेता को
निकाल देने वाले भाजपा नेतृत्व के खिलाफ बोलने की हिम्मत उनके प्रबल समर्थकों में
भी नहीं दिखाई दी । मध्य प्रदेश सरकार में उनके कट्टर समर्थक मंत्रियों की संख्या
आधा दर्जन से कम नहीं है । कैलाश विजयवर्गीय, हरनाम सिंह राठौर, ढाल सिंह बिसेन और
सुनील नायक जैसे तमाम समर्थकों में से अकेले सुनील नायक ने उनके खिलाफ हुए फैसले पर
पुनर्विचार का आग्रह किया । केंद्रीय श्रम मंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सभी
केंद्रीय श्रम आयुक्तों को न्यूनतम मजदूरी अधिनियम को कड़ाई से लागू करने का आदेश
दिया है । उन्होंने कहा कि आर्थिक बदलावों को देखते हुए कर्मचारियों और मजदूरों के
हितों की अनदेखी नहीं की जानी चाहिए । राव बुधवार को उप मुख्य श्रम आयुक्त और
क्षेत्रीय श्रम आयुक्तों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे । दो दिवसीय सम्मेलन में
राव ने कहा कि सभी आयुक्तों और क्षेत्रीय आयुक्तों को यह सुनिश्चित करना होगा कि
सेंट्रल इंडस्ट्रीयल रिलेशन मशीनरी एक्ट के तहत कर्मचारी को अधिनियम के तहत मजदूरी
दी जाए । अगर ऐसा नहीं किया जा रहा तो उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए जो इस
एक्ट का पालन नहीं कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि इस एक्ट के तहत अधिकारियों का
दायित्व बनता है कि श्रम नियमों को सही तरह से लागू कराए । राव ने कहा कि वर्तमान
में आर्थिक माहौल बदल रहा है और इसके लिए तैयार रहने की जरूरत है । मुस्लिम समुदाय
के नेताओं ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे अफवाहों पर कतई ध्यान न दे और ईद का
त्यौहार आपसी भाईचारे के साथ मनाएं । तमाम समुदाय के लोगों की आस्था के केंद्र
दरगाह पिरान कलियर शरीफ के सज्जादानशीं शाह मंसूर एजाज साबरी ने घटना की कड़े
शब्दों में निंदा की । उन्होंने कहा आतंकवादी इस तरह की कार्रवाईयों को अंजाम देकर
देश में अशांति फैलाना चाहते हैं । लेकिन उन्हें अपने मकसद में कामयाब नहीं होने
दिया जाएगा । मंगलौर शहरकाजी मुफ्ती मासूम अली ने अजमेर शरीफ में हुई आतंकवादी घटना
की निंदा करते हुए लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है । उन्होंने कहा
इस्लाम धर्म किसी भी तरह की आतंकवादी कार्रवाई की इजाजत नहीं देता है । उनका कहना
है जो लोग बम विस्फोट जैसा घिनौना काम करते हैं । किसान संगठनों का कहना है कि
वित्तमंत्री ने बैठक में व्यापारिक घरानों के प्रतिनिधियों और अंतर्राष्ट्रीय
संगठनों के अधिकारियों को बुलाया था जिनका देश की कृषि और किसानों से कोई वास्ता
नहीं है । वामदलों के किसान संगठन भारतीय किसान सभा के महासचिव अतुल कुमार अंजान और
कांग्रेस के किसान संगठन भारत कृषक समाज के कार्यकारी अध्यक्ष कृष्णवीर चौधरी ने
बुधवार को कहा कि वित्तमंत्री किसानों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं हैं ।
जबकि मंगलवार को वित्तमंत्री द्वारा बजट पूर्व बुलाई गई बैठक में किसान और उनके
संगठनों के प्रतिनिधि नहीं थे । इस बैठक में कॉरपोरेट घरानों और अंतर्राष्ट्रीय
संस्थानों के प्रतिनिधियों को किसान और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों का दर्जा
देकर देश के साथ दगाबाजी की है । कृष्णवीर चौधरी ने कहा कि जब से केन्द्र में यूपीए
की सरकार बनी है, तब से देश भर में तकरीबन 6 हजार से ज्यादा किसान आत्महत्या कर
चुके हैं । उन्होंने कहा कि विभिन्न उद्योग संगठन किसानों पर टैक्स लगाने के पक्ष
में हैं । मंगलवार की बैठक में कारगिल बीज कंपनी व अन्य व्यापारिक घरानों के
प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था । चौधरी ने प्रधानमंत्री से किसानों की बैठक बुलाने
की मांग की । उन्होंने वित्तमंत्री पर आरोप लगाया कि वह यूपीए सरकार की नीतियों को
नुकसान पहुंचाने के लिए कार्य कर रहे हैं । पाकिस्तान का पंजाब प्रांत जेहादियों की
भर्ती का सबसे बड़ा अड्डा है । इसके साथ सिंध भी काफी तेजी के साथ आतंकियों का
मुख्य स्रोत बनता जा रहा है । एक प्रमुख विचारक के अनुसार पाकिस्तान के 50 फीसदी से
ज्यादा जेहादी पंजाब प्रांत से होते हैं । अब तक 8,000 से ज्यादा पाकिस्तानी जेहादी
भारत के जम्मू - कश्मीर प्रांत में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए हैं
जबकि 4000 से ज्यादा जेहादी अफगानिस्तान में अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन सेना
के हाथों मारे गए । इसके अलावा सिपाह - ए - साहबा नामक कट्टरवादी संगठन के 28 में
से 14 केंद्र पंजाब में हैं । पंजाब के 5500 धार्मिक शिक्षण संस्थान इन जेहादियों
की भर्ती में मदद पहुंचा रहे हैं । इनमें से 1500 देवबंदी विचारधारा के हैं ।
रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब में ही जमात - ए - इस्लामी जैसे कट्टरवादी संगठन के सौ से
ज्यादा धार्मिक शिक्षण संस्थान चल रहे हैं । पैसा और सामाजिक सुरक्षा इन लोगों को
जेहाद की ओर खींचती हैं । इधर पाकिस्तान का सिंध प्रांत भी जेहादियों की भर्ती का
एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है । अभी हाल के समय में सिंध के 500 से ज्यादा आतंकी
कश्मीर में सुरक्षा बलों के हाथों मारे गए हैं । इनमें 123 लश्कर - ए - ताइबा, 115
हरकत उल मुजाहिदीन, 103 हिजबुल मुजाहिदीन, 70 जैश, 59 अल - बदर और 30 लश्कर - ए -
इस्लाम नामक आतंकी संगठन के सदस्य थे । सरकार ने आपत्तिजनक अश्लील वीडियो दिखाए
जाने के मामले में कठोर फैसला करते हुए एमटीवी और चैनल - वी समेत छह टीवी चैनलों को
माफी मांगने का निर्देश दिया है । रविवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ
अधिकारी ने बताया कि मामले को लेकर सभी चैनलों से हुई अलग - अलग बातचीत के बाद
निर्णय लिया गया कि इन चैनलों को प्रसारण के माध्यम से दर्शकों से माफी मांगनी
चाहिए । एमटीवी और चैनल - वी के अलावा आईटीवी, बी4यू, एमएच1 और ईटीसी को भी संबंधित
निर्देश दिए गए हैं । मंत्रालय ने चैनलों को निर्देश दिया है कि वे प्रसारण के
दौरान स्क्रॉल के माध्यम से दर्शकों को कहें कि, 'सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने
कार्यक्रम प्रस्तुति की आचार संहिता की अवहेलना के लिए चैनलों को चेतावनी दी है ।
चैनल भविष्य में ऐसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होने का वचन देता है अधिकारी ने
बताया कि केबल टेलीविजन नेटवर्क 'रेग्यूलेशन' एक्ट के तहत चैनलों को यह निर्देश
जारी किया गया है । अफगानिस्तान में इंडियन एयरलाइंस के विमान के अपहरण के छह साल
बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस बात के
संकेत दिए हैं कि उन्होंने मौलाना मसूद अजहर सहित सभी आतंकियों की रिहाई का विरोध
किया था । भारत सुरक्षा यात्रा के छठे दिन आडवाणी ने मुस्लिमों से अयोध्या में राम
मंदिर बनाने में मदद की अपील की । आडवाणी ने कहा कि मैं इतने दिनों बाद कंधार विमान
अपहरण मामले पर कुछ नहीं बोलना चाहता । इस बारे में मुझे उस वक्त जो कहना था उसे
मैंने सरकार से कह दिया था । उन्होंने कहा कि तत्कालीन विदेश मंत्री जसवंत सिंह तीन
आतंकियों को अपने साथ कंधार लेकर गए तब वह सरकार के फैसले का पालन कर रहे थे ।
हालांकि आडवाणी ने यह स्पष्ट तौर पर नहीं बताया कि सरकार से उन्होंने इस मामले में
क्या कहा था । आडवाणी कोयम्बटूर विस्फोट के मामले में जेल में बंद मदनी को रिहा
करने के बारे में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे । मालूम हो कि उसे रिहा करने
के लिए सर्वसम्मति से सभी विधायकों ने केरल विधान सभा में एक प्रस्ताव पेश किया है
। इसके साथ ही आडवाणी ने जैन धर्म के लोगों को अल्पसंख्यक समुदाय में रखने की मांग
को त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों में अनुसूचित जाति और
जनजाति को कानूनी रूप से आरक्षण देने के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बहस होनी
चाहिए । पैगंबर मोहम्मद साहब की जयंती ईद - मिलाद - उन - नबी के मौके पर मुसलमानों
को बधाई देते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि भारत की अखंडता को मजबूत बनाने के
लिए हिंदू - मुस्लिम एकता जरूरी है । मैं दोनों समुदायों के बीच एकता, सौहार्द,
मैत्री और आपसी समझ बढ़ाने में अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं ।
आडवाणी ने मुसलमानों से अयोध्या में मंदिर बनाने में मदद करने की अपील की । आडवाणी
ने कहा कि भारत आंतकवाद की गंभीर समस्या से जूझ रहा है और घुसपैठ के कारण देश की
आंतरिक सुरक्षा खतरे में है । लेकिन यूपीए सरकार इन सबसे बेखबर है । कांग्रेस की
सरकार ने आम लोगों की भलाई के लिए कुछ नहीं किया है । आडवाणी ने यह भी कहा कि 1990
में उन्होंने जो राम रथ यात्रा शुरू की थी वह मंडल कमीशन की घोषणा का जवाब नहीं था
। उन्होंने कहा कि शैक्षिक संस्थानों में आरक्षण का कोटा बढ़ाने के मामले में सरकार
की ओर से प्रस्ताव आने के बाद ही भाजपा अपना विचार व्यक्त करेगी । विदेश मंत्री
नटवर सिंह ने रविवार को कहा कि भारत के लिए इस्राइल से संबंधों का बड़ा महत्व है
लेकिन इससे फलस्तीन के साथ रिश्तों पर कोई असर नहीं पड़ेगा । इसके अलावा नटवर ने
गुटनिरपेक्ष आंदोलन में जबरदस्त सुधार किए जाने की पैरवी की । 'नेहरूवाद के नए
आयाम' विषयक गोष्ठी में विदेश मंत्री नटवर सिंह ने संवाददाताओं से कहा कि पी. वी.
नरसिंहराव के कार्यकाल में ही भारत ने इस्राइल में अपना प्रतिनिधि भेजा था । अब
वहां पर हमारे दूतावास और राजदूत हैं । लेकिन इससे फलस्तीन के साथ हमारे रिश्तों पर
कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा । इससे पूर्व नेहरू सेंटर द्वारा आयोजित 'नेहरूवाद के नए
आयाम' विषय पर अपना व्याख्यान देते हुए नटवर ने कहा कि भारत के पहले प्रधानमंत्री
जवाहर लाल नेहरू चाहते थे कि गुटनिरपेक्ष आंदोलन (नाम) बदलती परिस्थितियों के साथ
कायम रहे । उन्होंने जोर देकर कहा कि अब नाम में बहुत बड़े स्तर पर सुधार की जरूरत
है । नटवर ने कहा कि इसमें ऐसे ही फेरबदल की जरूरत है जो ब्रिटेन के प्रधानमंत्री
टोनी ब्लेयर ने अपनी लेबर पार्टी के लिए किया । उन्होंने कहा कि नेहरू जी ने भारत
को एक स्वतंत्र विदेश नीति दी । उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय एजेंडे में शांति को
सर्वोपरि रखा । इसीलिए अब नेहरुवाद अधिक प्रासंगिक हो गया है । चुनाव के दौरान
हिंसक घटनाओं में हो रही वृद्धि पर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल
बिहारी वाजपेयी ने कहा कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक हो सकता है । दीन दयाल
उपाध्याय की पुण्य तिथि के अवसर पर भाजपा कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वाजपेयी ने कहा कि हमने अपने लिए ही संसदीय
लोकतंत्र को चुना है । वाजपेयी ने कहा कि हम मतदान के द्वारा सत्ता को बदल सकते हैं
। यह सत्ता की लड़ाई है इसे शांतिपूर्ण चुनाव के जरिए लड़ा जाना चाहिए । वाजपेयी ने
बिहार का उदाहरण देते हुए कहा कि यह राज्य एक चिंता का विषय है कि वहां कैसे
शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराया जाए? वाजपेयी ने कहा कि यह सोचने की बात है कि
चुनावी हिंसा में बढ़ोतरी क्यों हो रही है? उन्होंने कहा कि यह सिर्फ कानून
व्यवस्था का मसला नहीं है । वाजपेयी ने चेतावनी देते हुए कहा कि चुनावी हिंसा में
बढ़ोतरी लोकतंत्र के लिए खतरनाक बात है । शुरुआत में तेजी दिखाने वाला मानूसन बिहार
से आगे नहीं बढ़ पा रहा है । छह जून को बिहार पहुंचा मानूसन वहीं ठिठक गया है ।
मौसम विभाग ने ताजा आंकलन में दावा किया है कि आगामी १७ जून तक इसके आगे बढ़ने के
कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं । इसके चलते उत्तर भारत में अगले एक सप्ताह तक तेज लू
का प्रकोप जारी रहने की संभावना व्यक्त की गई है । मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर
से मानसून के कमजोर पड़ने के बाद बंगाल की खाड़ी में मानसून के प्रसार के लिए कम
दबाव क्षेत्र निर्मित नहीं हो रहा है । विभाग के अनुसार इन दिनों दिल्ली समेत
उत्तरी राज्यों में राजस्थान से उत्पन्न होने वाली तेज गर्म हवाओं का प्रकोप चल रहा
है । अभी उत्तर भारत में तापमान ४१ से ४३ डिग्री सेल्सियस के बीच चल रहा है जिसके
४५ डिग्री तक पहुंचने की आशंका जतायी जा रही है । विभाग ने १ - ७ जून के बीच हुई
बारिश के आंकड़ों के हवाले से कहा है कि उत्तरी राज्यों में सिर्फ पंजाब, हरियाणा,
दिल्ली और चंडीगढ़ में ही औसत से कम बारिश हुई है । जबकि जम्मू, हिमाचल प्रदेश,
उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान में ठीक ठाक बारिश हो गई है । विभाग के
अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में अब तक ६०.५५ मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि इस अवधि तक
औसत बारिश ११.९ मिलीमीटर ही हो पाती है । यानि अब तक वहां औसत से ४०८ फीसदी ज्यादा
बारिश हुई है । इसी प्रकार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ९.२ मिमी के मुकाबले अब तक
२८.२० मिमी बारिश हुई जो २०७ फीसदी अधिक है । उत्तरांचल में १९.९ मिमी की तुलना में
४३.३९ मिमी बारिश हुई जो ११९ फीसदी ज्यादा है । बारिश के हिसाब से फिसड्डी राजस्थान
के पूर्वी हिस्से में ४.९ मिमी की तुलना में २२.३३ मिमी बारिश हो चुकी है जो ३५९
फीसदी अधिक है । जबकि पश्चिमी राजस्थान में औसत से १ फीसदी कम बारिश हुई है । इसके
उलट पंजाब में ५.४ मिमी के मुकाबले ४.१७ मिमी बारिश हुई है जो औसत से २३ फीसदी कम
है । हरियाणा, चंडीगढ़ तथा दिल्ली में ६.६ मिमी के मुकाबले अभी तक ३.२३ मिमी वर्षा
हुई है जो औसत से ५१ फीसदी कम है । केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह
ने इन आरोपों का खंडन किया है कि वामपंथी यूपीए सरकार के नीति निर्धारण में दवाब की
राजनीति कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि जो यह सोचते हैं कि इन मामूली विवादों के
कारण सरकार गिर जाएगी वे दिन में सपने देख रहे हैं । पत्रकारों द्वारा इस संबंध में
प्रश्न पूछे जाने पर अर्जुन सिंह ने कहा कि वामपंथी दल सरकार को बाहर से समर्थन दे
रहे हैं । यह एक खुला समर्थन है । उन्होंने कहा कि वामपंथी दल जो अच्छा सोचते हैं
वही वे कहते हैं । लेकिन वे सरकार पर कोई दवाब नहीं डाल रहे हैं । योजना आयोग
द्वारा कई सलाहकार समितियों को भंग किए जाने के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने कहा
कि वामपंथियों को इस बारे में जो कहना था उन लोगों ने कहा लेकिन सरकार ने वही फैसला
लिया जो उसे लेना चाहिए । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा विपक्षी पार्टियों पर
सरकार गिराने की साजिश रचने के आरोप लगाए जाने के बारे में पूछे जाने पर अर्जुन
सिंह ने कहा कि यह सही और स्वाभाविक भी है । क्योंकि उनके पास इसके अलावा कोई
एजेंडा भी तो नहीं है । भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की नई दिल्ली में
सोमवार को एक बैठक होने वाली है जिसमें पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी
मुख्यमंत्रियों को सुशासन का पाठ पढ़ाएंगे । पार्टी मुख्यालय में होने वाली बैठक
में मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत के एजेंडे में सुशासन के अलावा नक्सली हिंसा,
वैट, धर्मान्तरण पर रोक आदि शामिल हैं । मुख्यमंत्रियों को खासतौर पर आगाह किया
जाएगा कि वह संगठन और सरकार के बीच तालमेल बिठाकर चलें । इस बैठक में पूर्व
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी भी मौजूद रहेंगे । इन तीनों राज्यों में भाजपा की
साझा सरकार है । पार्टी मुख्यमंत्रियों को सुशासन देने के लिए आगाह करेगी ताकि
चुनावी मोर्चे पर भी पार्टी को मजबूती मिल सके । इसके अलावा आडवाणी की अध्यक्षता
में होने वाली बैठक में सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले पर आगे की कार्रवाई पर विचार
किया जाएगा जिसमें गोहत्या पर सम्पूर्ण प्रतिबंध के फैसले को बरकरार रखा गया है ।
भाजपा शासित राज्यों खासकर छत्तीसगढ़, झारखंड और मध्य प्रदेश में धर्मान्तरण चरम पर
है । हालांकि वहां कानून बनाए गए हैं, लेकिन वे प्रभावी नहीं हो रहे हैं । इसलिए
पार्टी मुख्यमंत्रियों से कोई ऐसा तंत्र तैयार करने को कहेगी जिससे इस पर प्रभावी
रोक लग सके । मध्य प्रदेश में हाल में उमा भारती प्रकरण के बाद पार्टी सरकार और
संगठन के बीच तालमेल के उपायों पर भी चर्चा करेगी । पूर्व में पार्टी ने फैसला लिया
था कि भाजपा शासित राज्य वैट लागू नहीं करेंगे, लेकिन अब इसे लागू हुए नौ - दस
महीने हो चुके हैं और इस पर पार्टी की भावी रणनीति क्या होगी, यह भी बैठक में तय
होने की उम्मीद है । अगर मुख्यमंत्री वैट को व्यापारियों के हित में बताते हैं तो
फिर आलाकमान राज्यों को इसे लागू करने के लिए क्लिन चिट दे सकता है । भाजपा ने
शुक्रवार को एफडीआई के मसले पर माकपा पर दोहरी बातें करने का आरोप लगाया । पार्टी
ने कहा कि संसद के बजट सत्र के दौरान वह दूरसंचार और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में
एफडीआई सीमा बढ़ाने के मुद्दे पर माकपा की भूमिका पर नजर रखेगी । भाजपा के वरिष्ठ
नेता मुरली मनोहर जोशी ने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हम देखना चाहते हैं
कि संसद के बजट सत्र के दौरान माकपा की क्या भूमिका रहती है । हमें यह भी देखना है
कि क्या वे इस मुद्दे पर यूपीए सरकार से समर्थन वापस लेते हैं? दूरसंचार जैसे
प्रमुख क्षेत्रों में एफडीआई बढ़ाने के माकपा के विरोध को लेकर पूछे गए सवाल के
जवाब में जोशी ने कहा कि यदि उन्होंने इसका विरोध किया है और इसके बावजूद कांग्रेस
नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को समर्थन देना जारी है, तो यह गलत है । इस मौके पर जोशी
ने माकपा पर एफडीआई के मसले पर दोहरी बातें करने का आरोप भी लगाया । पश्चिम बंगाल
के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य का कहना है कि एफडीआई भूमंडलीकरण का हिस्सा है
। जोशी ने सवालिया अंदाज में कहा कि क्या उन्होंने अपनी आर्थिक नीतियां बदल दी हैं?
यदि ऐसा है, तो पार्टी को यह स्पष्ट करना चाहिए । रिश्तों में सुधार की कोशिशों को
एक नया आयाम उस वक्त मिला, जब पाकिस्तान ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण घोषणा में कहा
कि वह जल्द ही ४४९ बंदियों को भारत को सौंपेगा । इनमें ४०८ मछुआरे हैं, जो धोखे से
पाकिस्तान की समुद्री सीमा में पहुंच गए थे । पाक सरकार ने कहा है कि वीजा नियमों
का उल्लंघन करने वाले ४१ बंदी भी इसमें शामिल हैं । वहीं, भारत ने पाकिस्तान को २५
अपराधियों की एक सूची सौंपी है, जिसमें अंडरवर्ल्ड के दाउद इब्राहिम का नाम भी
शामिल है । दोनों देशों के बीच इस्लामाबाद में हो रही गृह सचिव स्तर की वार्ता में
ये फैसले लिए गए । पाक ने यह भी दावा किया कि आतंकवाद को मिटाने के लिए उसने
पर्याप्त कदम उठाए हैं । वार्ता के अंतिम दिन पाकिस्तान के इस दावे के बावजूद भारत
ने स्पष्ट कर दिया कि सीमा पार से घुसपैठ रोके बिना सार्थक बातचीत नहीं हो सकती ।
इसमें अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कश्मीर मसला सुलझने की
चिंता किए बिना व्यापार को बढ़ाया जाए या फिर उसके हल होने का इंतजार किया जाए?
भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद और नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के लिए हुई इस
वार्ता में पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारत के इस आरोप का खंडन किया कि वह मुस्लिम
आतंकियों को भारतीय सीमा में घुसपैठ करा रहे हैं । पाकिस्तानी अधिकारियों ने भारतीय
गृह सचिव धीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में यहां आए आठ सदस्यीय प्रतिनिधिदल को आश्वासन
दिया कि कश्मीर में आतंकवाद को वे समर्थन नहीं दे रहे । मेजबान गृह सचिव तारिक
महमूद ने पाकिस्तानी दल का नेतृत्व किया । पाकिस्तानी अफसरों ने कहा कि आतंकवाद को
रोकने के लिए अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ी है । हालांकि भारत ने सीमा पार से
घुसपैठ पर अपनी चिंताओं से पाकिस्तान को अवगत करा दिया है । दोनों पक्षों ने नशीली
दवाओं की तस्करी रोकने के उपायों पर भी चर्चा की । भारतीय दल का नेतृत्व वाणिज्य
सचिव दीपक चटर्जी और पाकिस्तानी दल की अगुवाई मेजबान वाणिज्य सचिव तस्नीम नूरानी ने
की । उम्मीद की जाती है कि पाकिस्तान भारत को सर्वोच्च वरीयता प्राप्त देश का दर्जा
देने पर विचार करेगा । गौतरलब है कि पिछले ११ महीनों में भारत - पाकिस्तान के बीच
३८ करोड़ डॉलर का व्यापार हुआ है । दोनों देशों में व्यापार की संभावनाओं के
मद्देनजर यह बहुत कम है । दिल्ली उच्च न्यायालय ने एक अहम फैसले में कहा है कि
ट्रस्ट की संपत्ति के साथ लेन - देन के किसी प्रकार के व्यवहार से पहले अदालत की
अनुमति लेनी जरूरी है । इसे किसी को देने या जब्त करने के लिए भी पहले अदालत की
स्वीकृति लेनी होगी । ये आदेश गिरिजाघरों, मंदिरों और वक्फ समेत सभी धार्मिक
ट्रस्टों पर भी लागू होगा । अदालत ने अशोक मेहरा नाम के व्यक्ति की याचिका पर
सुनवाई के दौरान ये आदेश दिए । याचिका में मेहरा ने अदालत से दिल्ली के वेस्ट पटेल
नगर इलाके में अपनी जमीन की पैमाइश पर बदलाव करने से रोके जाने की मांग की थी । यह
जमीन उसने सर्वदेशिक आर्य सभा से खरीदी थी और वहां आज - कल प्राइमरी स्कूल चल रहा
है । दरअसल वेस्ट पटेल नगर में २०० वर्ग गज की यह जमीन लाहौर के दिवंगत लाल पूरन
चंद्र नायर की विधवा चंद्रवती को ९९ साल की लीज पर दी गई थी । ६ अप्रैल १९५० को
भारत के तत्कालीन गर्वनर जनरल ने चंद्रवती को यह जमीन सौंपी थी । याची के मुताबिक
चंद्रवती ने २२ मई, १९६२ को एक वसीयत बनाई जिसमें इस संपत्ति को भी उनकी इस्टेट के
तौर पर शामिल किया गया । दिल्ली के जिला जज ने प्रोबेट मंजूर की और प्रशासन ने इस
संपत्ति को सर्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष रामगोपाल शॉलवाले के जरिए इस
ट्रस्ट के नाम दर्ज किया । इस तरह रामगोपाल सभी अधिकारों के साथ इस संपत्ति के
प्रशासक बन गए और इस संपत्ति के बारे में कोई भी निर्णय लेने के वह अधिकारी बन गए ।
इसके बाद सभा ने इस संपत्ति को लीज पर एक प्राइमरी स्कूल को दे दिया । १७ नवंबर,
१९८४ को उन्होंने उसी संपत्ति को पंजीकृत सेल डीड के साथ याची अशोक मेहरा को बेच
दिया । लेकिन जब वह पैमाइश के लिए भूमि - प्रशासकों के पास पहुंचे तो उनकी अर्जी को
खारिज कर दिया गया । कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है ।
अमेरिका पर आतंकी हमले के तीन साल बाद भी ओसामा बिन लादेन व अल - जवाहिरी, अल कायदा
द्वारा किए जाने वाले हमले के लिए आदेश जारी करते हैं । अमेरिकी सेना के एक वरिष्ठ
कमांडर ने यह बात कही है । अमेरिकी कमांडर ने कहा कि अफगानिस्तान में पिछले महीने
एक अमेरिकी सुरक्षा कंपनी में हुए कार बम विस्फोट में अल कायदा के ही हाथ होने की
संभावना है । वह एक आत्मघाती हमला था । मेजर जनरल एरिक ओलसन ने कहा कि अल कायदा के
वरिष्ठ आतंकी अफगानिस्तान में सक्रिय हैं । वे अमेरिकी सैनिकों पर हमले की योजना
बनाते हैं और कभी कभी हमले के लिए निर्देश भी देते हैं । ओलसन अफगानिस्तान में
अमेरिकी सैनिक अभियान के कमांडर हैं । ओलसन ने कहा कि यह पुष्ट रूप से नहीं कहा जा
सकता कि हमले का निर्देश लादेन या जवाहरी ही दे रहे हैं । लेकिन पाकिस्तानी सीमा के
नजदीक विदेशी आतंकियों की गतिविधियों को देखते हुए यह अनुमान लगाया जाता है कि
आतंकियों की कमान इन भगोड़े आतंकियों के हाथों में हो सकती है । दावोस में वर्ल्ड
इकोनॉमिक फोरम की बैठक के दौरान भारत ने जिस जोरदार तरीके से अपना पक्ष पेश किया और
पूरी बैठक में छाया रहा, उसने दुनिया भर के लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है ।
बीबीसी ने तो वैश्विक भारतीयों के बारे में जानने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा सर्वे
तक करा दिया । सर्वे में पाया गया कि भारतीय नागरिकों का एक ऐसा वर्ग तेजी से बढ़ा
है, जो जागरूक है और जिसमें आगे बढ़ने की तीव्र इच्छा शक्ति है । 'ग्लोबल इंडियन
सर्वे' के नाम से कराए गए सर्वे में जानने की कोशिश की गई कि आखिर भारतीय उप
महाद्वीप के लोगों का व्यवहार और विचार आज विश्व का चर्चित मुद्दा क्यों बन गया है
। सर्वे में वैश्विक भारतीयों के बीच मीडिया का उपयोग, उत्पात और ब्रांड संबंधी
पसंद, सांस्कृतिक विशेषता और उनकी अंतर्राष्ट्रीय रुचि के बारे में जानने पर विशेष
तवज्जो दी गई । हाल ही में जारी सर्वे रिपोर्ट में वैश्विक भारतीयों को चार वर्गो
में बांटा गया है । पहला ग्लोबीजेन यानि सशक्त अंतर्राष्ट्रीय विचार - व्यवहार वाले
भारतीयों, दूसरा ग्लोबेट्यूड्स यानि सशक्त अंतर्राष्ट्रीय विचार और कमजोर व्यवहार
वाले भारतीयों, तीसरे वर्ग में ग्लोबेहैव यानी कमजोर अंतर्राष्ट्रीय विचार लेकिन
मजबूत व्यवहार वाले भारतीयों और चौथे वर्ग में लोकाजेन यानी कमजोर अंतर्राष्ट्रीय
आचार - विचार वाले भारतीयों को रखा गया है । सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक ग्लोबीजेन
वर्ग के लोगों की संख्या मुंबई में ३५ फीसदी, हैदराबाद में २० फीसदी, नई दिल्ली में
१६ फीसदी, चेन्नई में नौ फीसदी और कोलकाता और बंगलोर में आठ फीसदी पाई गई ।
ग्लीबीजेन लोगों में से ५७ फीसदी लोगों का मानना था कि भारत अगले दशक तक हर मामले
में चीन से आगे निकल जाएगा और एशिया का सबसे शक्तिशाली राष्ट्र होगा । करीब ७१
फीसदी लोग इस बात से सहमत थे कि भारत काम करने के लिए सबसे अच्छी जगह है और ६६
फीसदी लोगों को भरोसा था कि सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद भारत में बीपीओ
क्षेत्र तेजी से बढ़ेगा । ५५ फीसदी ग्लोबीजेंस का मानना था कि अगले १० वर्ष में
भारत ओलंपिक खेल कराने के लिए होने वाले मतदान में बाजी मारने में सफल रहेगा । ऐसे
६६ फीसदी लोगों का मानना है कि भारत बिना बाहरी सहायता के अपनी घरेलू समस्याओं से
निबटने में सक्षम है । ६० फीसदी लोग इस बात से सहमत थे कि भारत में हो रहे विकास से
गरीबों को फायदा मिलेगा । आर्थिक प्रगति को भारत की विश्व शक्ति बनाने की चाबी
बताते हुए ये लोग शिक्षा, जनसंख्या नियंत्रण और सूचना तकनीकी को सबसे ज्यादा अहम
मानते हैं । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर ने यहां के एक मध्यकालीन
बौद्ध मठ में शांति के लिए प्रार्थना की । गुरशरण कौर ने कहा कि दुनिया में हर जगह
शांति कायम होनी चाहिए । मैंने विश्व शांति के लिए प्रार्थना की है । कौर ने अपनी
जम्मू - कश्मीर यात्रा को यादगार बताया । उन्होंने कहा कि दुनिया में शांति और
सुकून की बहाली के अलावा उन्होंने ईश्वर से कुछ और नहीं मांगा है । मैं हमेशा यह
मानती हूं कि शांति के बगैर दुनिया का चहुंमुखी विकास नहीं हो सकता । हर व्यक्ति को
शांति के माहौल में जीने का अधिकार मिलना चाहिए । उन्होंने यहां से १८ किलोमीटर दूर
ऐतिहासिक थिक्से बौद्ध मंदिर में शांति के लिए प्रार्थना की । इस बौद्ध विहार की
स्थापना १४वीं शताब्दी में की गई थी । गुरशरण कौर को यहां की प्राकृतिक सुंदरता ने
गहरे रूप से प्रभावित किया । उन्होंने कहा कि लेह और लद्दाख की प्राकृतिक सुंदरता
ने उन्हें अभिभूत कर दिया है । मैंने इससे पहले कभी इतने खूबसूरत पहाड़ नहीं देखे
थे । यहां के लोग बेहद मेहनती और ईमानदार हैं । यहां भ्रष्टाचार का कोई अस्तित्व
नहीं है । मैं चाहती हूं कि पूरे भारत में लेह - लद्दाख जैसा माहौल बना रहे ।
चांगसाम शेराब जांगपो ने १४वीं शताब्दी में थिक्से बौद्ध विहार की स्थापना की थी ।
यहां करीब १०० बौद्ध भिक्षु रहते हैं । यह बौद्ध मठ एक तिब्बती बौद्ध पंथ के
सर्वाधिक महत्वपूर्ण धर्मस्थलों में से एक है । यह बौद्ध मठ एक पहाड़ी पर स्थित है
। यह जगह बर्फ से ढके पहाड़ों से घिरी हुई है । सलवार - कमीज और काला ओवरकोट पहनीं
गुरशरण कौर ने यहां के बौद्ध भिक्षुओं के साथ करीब २० मिनट बिताए । भिक्षुओं ने
उन्हें इस मठ के इतिहास के बारे में जानकारी दी । इसके बाद उन्होंने बौद्ध विहार के
गर्भगृह का दर्शन किया । उन्होंने ४० फुट ऊंची बौद्ध प्रतिमा के सामने बैठकर
प्रार्थना की । उनकी यात्रा को देखते हुए सुरक्षा का कड़ा बंदोबस्त किया गया था ।
गुरशरण कौर अपने पति मनमोहन सिंह के साथ जम्मू - कश्मीर के तीन दिवसीय दौरे पर हैं
। फर्जी मुठभेड़ में सोहराबुद्दीन शेख के मारे जाने के प्रकरण में आंध्र प्रदेश की
क्या भूमिका है, अब गुजरात की सीआईडी टीम इसी बात की जांच कर रही है । पुलिस आईजी
गीता जौहरी के नेतृत्व में जांच टीम यह पता लगाने पर पूरा जोर लगाएगी कि नवंबर २००५
में शेख और उसकी पत्नी कौसर बी की धरपकड़ और उसकी पहचान करने में गुजरात के
आतंकवादरोधी दस्ते (एटीएस) की क्या आंध्र प्रदेश से किसी पुलिसकर्मी ने मदद की थी ।
इसी बात की पड़ताल के लिए आईजी गीता जौहरी बुधवार की रात अहमदाबाद से हैदराबाद
पहुंची । वह अपने इस अभियान के तहत हैदराबाद पुलिस के आला अफसरों से मिलेंगी ।
हालांकि स्थानीय पुलिस ने जांच को लेकर अपनी जबान बंद कर रखी है । हैदराबाद के
पुलिस आयुक्त बलविंदर सिंह ने संवाददाताओं को बताया कि गुजरात पुलिस ने उनसे ठहरने
और यातायात की व्यवस्था करने को कहा था जोकि उन्होंने करा दी है । गिरफ्तार किए गए
गुजरात के पुलिसकर्मियों, एटीएस इंस्पेक्टर एन. एच. दाभी और कांस्टेबल अजय परमार और
संतराम शर्मा को भी यहां लाया गया है । ये तीनों एटीएस टीम का हिस्सा थे । ये तीनों
गिरफ्तार किए गए एसपी राजकुमार पांडयन के नेतृत्व में शेख को तलाशने हैदराबाद आए थे
। उल्लेखनीय है कि पांडयन को दो अन्य आईपीएस अफसरों वंजारा और दिनेश कुमार के साथ
गिरफ्तार किया गया है । सीआईडी टीम शहर के बाहरी इलाके में स्थित चंद्रयानगुट्टा
में सीआरपीएफ की मेस में भी जाएगी । बताया जाता है कि यहां तब सीआरपीएफ में तैनात
रहे गुजरात कैडर के आईपीएस ई. राधाकृष्णन ने शेख की धरपकड़ के लिए पांडयन से
मुलाकात की थी । आईजी जौहरी यहां स्थित संगीता ट्रैवल्स के दफ्तर भी जाएंगी । इसी
ट्रैवेल एजेंसी की मदद से शेख और उसकी पत्नी कौसर बी महाराष्ट्र के सांगली जिले में
घूमने गए थे । उल्लेखनीय है कि कर्नाटक में २२ नवंबर २००५ को हैदराबाद - मुंबई
हाईवे पर गुजरात एटीएस की टीम ने एक निजी बस को रोककर इस दंपति को उससे उतार लिया
था । आंध्र प्रदेश सरकार ने साफ किया है कि फर्जी मुठभेड़ में पुलिस की कोई भूमिका
नहीं है । निकाह के फौरन बाद शौहर और बीवी को एक 'हिदायतनामा' दिया जाएगा । यह
हिदायतनामा हिंदी, उर्दू व अंग्रेजी में होगा । ताकि, लोग आसानी से समझ कर उस पर
अमल कर सके । तलाक के दुरुपयोग को रोकने के लिए निकाह की तरह मेहर के लिए अलग से
'करार' का प्रारूप भी तैयार किया जा रहा है । शादी के वक्त चार गवाहों की मौजूदगी
में दोनों पक्षों को इस करार पर दस्तखत करने होंगे । 'मॉडल निकाहनामा' तैयार करने
की कवायद में जुटे ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने 'हिदायतनामे' का ड्रॉफ्ट
तैयार कर लिया है । ढाई पेज के इस हिदायतनामे को तैयार करने में बोर्ड की मुस्लिम
महिला सदस्यों ने अहम भूमिका निभाई है । महिला सदस्यों के दबाव में बोर्ड ने मेहर
को रुपये के बजाए सोने या चांदी के रूप में तय करने का प्रस्ताव किया है । महिला
सदस्यों का कहना था कि वक्त के साथ - साथ महंगाई बढ़ती है, जिसकी वजह से रुपया
कमजोर होता जाता है । जबकि सोना - चांदी की कीमत समय के साथ बढ़ती है । लिहाज़ा,
मेहर नकद रुपये की जगह उतनी ही कीमत के सोने या चांदी के वजन के रूप में तय की जानी
चाहिए । कुछ जगहों पर अब भी मेहर चांदी में तय किया जाता है । बोर्ड में कुल २०१
सदस्य हैं, जिसमें महिला सदस्यों की तादाद २५ है । बोर्ड के कालीकट में होने वाले
सम्मेलन में इस प्रस्ताव को रखा जाएगा । सम्मेलन में यह प्रस्ताव अगर पारित हो जाता
है तो बोर्ड निकाह कराने वाले काजियों को हिदायत जारी करेगा । हिदायतनामा में बोर्ड
ने यह प्रस्ताव भी किया है कि निकाह होते ही, शौहर पर आधी मेहर वाजिब हो जाएगी ।
मेहर को किसी भी सूरत में माफ नहीं किया जा सकता । यह शौहर पर कर्ज है और उसे हर
सूरत में अपनी बीवी को अदा करना होगा । कई बार शौहर अपनी बीवी से मेहर माफ करा लेते
हैं । जिसकी इस्लाम कतई इजाजत नहीं देता । बोर्ड की महिला सदस्य हसीना हाशिया का
कहना है कि 'हिदायतनामा' लागू हो जाने से तलाक का दुरुपयोग काफी हद तक रुक जाएगा और
महिलाओं में सामाजिक सुरक्षा की भावना पैदा होगी । बोर्ड के एक वरिष्ठ सदस्य का
कहना है कि तलाक के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए मॉडल निकाहनामा में शौहर को तलाक
देने से पहले काजी की राय लेने का प्रस्ताव किया गया है । इसके लिए बोर्ड तमाम बड़े
शहरों में 'दारूल कजा' खोलने पर भी विचार कर रहा है । प्रस्ताव में महिलाओं को भी
तलाक लेने का हक दिया गया है लेकिन, कई महिला सदस्यों को इस अधिकार पर एतराज है ।
पिछले सप्ताह कानपुर में हुई बोर्ड की बैठक में भी 'मॉडल निकाहनामे' पर विचार किया
गया लेकिन कई प्रस्तावों पर मतभेदों की वजह से कोई फैसला नहीं हो सका । बोर्ड की
महिला सदस्यों को उम्मीद है कि कालीकट के सम्मेलन में हिदायतनामे को मंजूरी मिल
जाएगी । संघर्षपूर्ण मुकाबले में जीत दर्ज करने के साथ ही भारत की स्टार टेनिस
खिलाड़ी सानिया मिर्जा हैदराबाद ओपन के फाइनल में पहुंच गई हैं । सानिया पहली बार
किसी डब्लूटीए टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं । फाइनल में जगह बनाने के लिए
बोंदारेंको को एक भी गेंद हिट नहीं करनी पड़ी । उन्हें अंतिम चार के मुकाबले में
जर्मनी की अना - लिना ग्रोनेफेल्ड से भिड़ना था लेकिन खिताब की प्रबल दावेदार दूसरी
सीड लिना चोटिल होने के कारण कोर्ट पर नहीं उतर सकीं । बृहस्पतिवार को अमेरिका की
मार्टिना नवरातिलोवा के साथ युगल मैच में वह अपना दायां घुटना चोटिल करा बैठी थीं ।
आंध्र प्रदेश टेनिस कांप्लेक्स में दमदार टेनिस देखने की उम्मीद लेकर आए दर्शकों को
निराशा का सामना नहीं करना पड़ा । पिछले महीने १८ वर्ष की होने वाली सानिया ने पहला
सेट बगैर खास दिक्कत के जीत लिया लेकिन दूसरे सेट में उनका प्रदर्शन उतार - चढ़ाव
भरा रहा । साल के पहले गैंरड स्लैम टूर्नामेंट आस्ट्रेलियन ओपन के तीसरे दौर में
जगह बनाकर सत्र का शानदार आगाज करने वाली सानिया ने पहले सेट के चौथे गेम में
किरिलेंको की सर्विस भंग कर सेट ६ - ४ से अपने नाम कर लिया । दूसरे सेट में भी
सानिया ने दमदार शुरुआत करते हुए ३ - ० की बढ़त बना ली । पर इसके बाद जल्दबाजी में
मैच खत्म करने की हड़बड़ी में वह कई बेजा गलतियां कर बैठीं और रूसी खिलाड़ी को
वापसी का मौका दिया । नौवें गेम में उन्होंने अपनी सर्विस पर लगातार दो डबल फाल्ट
कर अपनी प्रतिद्वंद्वी को अंक तोहफे में दे डाला । ११वें गेम में भी सानिया खुद पर
काबू नहीं रख पाई और फिर अपनी सर्विस तुड़वा बैठीं । इस मौके पर लगा कि सानिया मैच
पर से अपनी पकड़ खो चुकी हैं । पर १२वें गेम में उन्होंने रूसी खिलाड़ी की सर्विस
पर दो बेहतरीन विनर्स और सेट प्वाइंट बचाते हुए सेट को टाइब्रेकर में खींच लिया ।
यहां पर भी आठवीं सीड किरिलेंको ४ - २ से शुरुआती बढ़त लेने में सफल रहीं लेकिन
सानिया ने लगातार पांच अंक अर्जित कर उनकी उम्मीदों को पूरा नहीं होने दिया और
खिताबी दौर में जगह बना ली । सानिया इस टूर्नामेंट में टखने के जख्मी होने के
बावजूद उतरी थीं । घरेलू टूर्नामेंट होने के कारण रोज वह दर्द निवारक लेकर खेल रही
हैं । लेकिन अब उन्होंने अगले हफ्ते कोलंबिया में होने वाले डब्लूटीए टूर्नामेंट से
नाम वापस ले लिया है । उन्होंने कहा कि वह अब कोई जोखिम मोल लेना नहीं चाहती ।
बहरहाल वह अपने खेल से संतुष्ट थीं । अगुल व पानोवा को क्वार्टर फाइनल में जर्मनी
की लिना व मार्टिना नवरातिलोवा पर वाकओवर दिया गया था । भारतीय जनता पार्टी अब
उत्तर प्रदेश में पार्टी की दशा पर ध्यान देगी । पार्टी अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी
ने शनिवार को पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों की बैठक में कहा कि उत्तर प्रदेश पर
ध्यान देना बहुत जरूरी है । राज्य में पार्टी की हालत खराब होती जा रही है ।
उन्होंने बैठक में राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह से उत्तर प्रदेश के बारे
में पूछा । कल्याण सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बारे में कहने को बहुत सी बातें
हैं । इसके लिए अलग से बैठक होनी चाहिए । आडवाणी उनकी बात से सहमत थे । उन्होंने
कहा कि उत्तर प्रदेश और बिहार में पार्टी की हालत के बारे में विचार करना जरूरी है
। बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं । उत्तर प्रदेश में अभी चुनाव तो नहीं है
पर कुछ करना जरूरी है । आडवाणी की इस बात से उत्तर प्रदेश के नेता उत्साहित और
आशंकित दोनों हैं । आशंका का कारण यह है कि पिछले पखवाड़े की घटना के बाद पार्टी
में समीकरणों के बदलने के संकेत हैं । राज्य में पार्टी को फिर से खड़ा करने के लिए
आडवाणी किसे चुनेंगे इससे पता चलेगा कि हाल के घटनाक्रम में विभिन्न नेताओं की
भूमिका को उन्होंने किस तरह लिया है । क्या अब समर्थकों को पुरस्कृत करने का दौर
चलेगा? किसी को इस सवाल का जवाब पता नहीं है । उत्तर प्रदेश में हाल में हुए लोकसभा
और विधानसभा के उपचुनावों में पार्टी ज्यादातर जगहों पर चौथे और पांचवें नम्बर पर
रही । तमिलनाडु में भाजपा राज्य इकाई के महासचिव एच. राजा ने कहा है कि कानूनी
नोटिस का जवाब नहीं देने पर उन्होंने तमिलनाडु पाठ्यक्रम समिति के खिलाफ कानूनी
कार्रवाई का प्रस्ताव पेश किया है । राज्य में १२वीं कक्षा की इतिहास की पाठ्य
पुस्तक के एक अंश को हटाने के संबंध में सोसाइटी को कानूनी नोटिस भेजा गया था । इस
अंश में महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ
(आरएसएस) से संबद्घ बताया गया है । राजा ने बताया कि एक हफ्ते का समय दिए जाने के
बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर हम अगले सप्ताह अदालत का दरवाजा खटखटाना
चाहते हैं । कानूनी नोटिस के जरिए पाठ्य पुस्तक से आपत्तिजनक अंश को हटाने की मांग
की गई थी । पाठ्य पुस्तक के अंश में आरएसएस को महात्मा गांधी की हत्या का जिम्मेदार
बताया गया है । राजा के मुताबिक गोडसे हिंदू राष्ट्र दल से संबद्घ था और गांधी की
हत्या के समय आरएसएस का कार्यकर्ता नहीं था । पाकिस्तान ने बृहस्पतिवार को कथित तौर
पर अपने यहां निर्मित परमाणु हथियार ढोने में सक्षम क्रूज मिसाइल का परीक्षण किया
है । सतह से छोड़ी जाने वाली यह मिसाइल ५०० किलोमीटर तक वार कर सकती है । पाकिस्तान
की इस मिसाइल की तुलना भारत की ब्रह्मोस मिसाइल से की जा सकती है । हत्फ - ७ बाबर
मिसाइल के सफलतापूर्वक छोड़े जाने के बाद पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने
कहा कि यह उनके देश के परमाणु कार्यक्रम के लिए 'मील के पत्थर' की तरह है ।
उन्होंने कहा कि देश के विज्ञानियों व इंजीनियरों ने दुर्लभ तकनीक हासिल करके देश
का गौरव बढ़ाया है । भारत का नाम लिए बगैर मुशर्रफ ने कहा कि यह मिसाइल भविष्य की
चुनौतियों व पड़ोसियों के रणनीतिक विकास से निपटने में पूरी तरह से सक्षम है । बयान
में मिसाइल छोड़े जाने का समय व इसका परीक्षण कहां किया गया, यह नहीं बताया गया ।
पाकिस्तान ने इस मिसाइल परीक्षण की सूचना भारत को नहीं दी क्योंकि दोनों देशों के
बीच मिसाइल परीक्षणों की सूचना एक दूसरे देश को दिए जाने को लेकर हुए समझौते में
क्रूज मिसाइल शामिल नहीं है । पाकिस्तान की इस मिसाइल की तुलना भारत के ब्रह्मोस
मिसाइल से की जा रही है । लेकिन पाकिस्तानी मिसाइल सुपरसोनिक नहीं है । तेलुगु देशम
पार्टी (टीडीपी) के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को कहा कि समाजवादी पार्टी
अगर केंद्र सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाती है तो वह उसका समर्थन करेंगे ।
कांग्रेस पर विभिन्न राज्यों में राज्यपालों के दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में इस मुद्दे पर एक
सर्वदलीय वाद - विवाद आयोजित कराया जाना चाहिए । उन्होंने कहा कि राज्यपाल पद के
औचित्य पर एक लम्बी बहस की जरूरत है । नायडू ने कहा कि व्यक्तिगत रूप से वह महसूस
करते हैं कि भारत में राज्यपाल जैसे पद की कोई खास जरूरत नहीं है । इसके अलावा कुछ
ऐसे भी नेता हैं, जिनका मानना है कि राज्यपाल के कार्यालय को नियंत्रित करने की
जरूरत है, लेकिन वे भी इस मुद्दे पर एक राष्ट्रीय बहस छेड़ने की जरूरत समझते हैं ।
उल्लेखनीय है कि नायडू इन दिनों खाद्य - कृषि प्रदर्शनी में हिस्सा लेने लखनऊ आए
हुए हैं । उन्होंने मुख्यमंत्री मुलायम सिंह के आवास पर एक संवाददाता सम्मेलन को भी
सम्बोधित किया । कई मुद्दों पर समाजवादी पार्टी के विचारों का समर्थन करते हुए
नायडू ने कहा कि ईरान के खिलाफ भारत का निर्णय परंपरागत रूप से सही नहीं है,
क्योंकि भारत ने इसके तहत अपनी व्यापार नीति तथा गुटनिरपेक्ष नीति को भी धक्का
पहुंचाया है । नायडू ने कहा कि यह सिर्फ अमेरिका समर्थित कदम है, जिस पर भारतीय
सरकार अमल कर रही है । इसके साथ ही नायडू ने पुष्टि करते हुए कहा कि यदि समाजवादी
पार्टी अंततः ईरान पर मतदान कराए जाने के मुद्दे पर संसद में अविश्वास प्रस्ताव
लाती है, तो वे उसका ही समर्थन करेंगे । विवादित फिल्म 'दाविंची कोड' के प्रदर्शन
पर रोक लगाने के लिए दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा । ऑल
इंडिया क्रिश्चिन्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर इस फिल्म
के प्रदर्शन और वह उपन्यास जिस पर यह फिल्म आधारित है, उसके प्रसारण पर तब तक के
लिए रोक लगाने की मांग की है जब तक कि मामले से संबंधित सुनवाई पूरी नहीं हो जाती ।
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में फिल्म के कुछ हिस्से को ईसाई धर्म की
भावनाओं के खिलाफ बताया गया है । मक्का मस्जिद में हुए बम विस्फोटों की सीबीआई जांच
सोमवार से शुरू हो गई । इस विस्फोट में ११ लोगों की जान चली गई थीं । जांच एजेंसी
के सदस्यों ने मामला दर्ज कर सिटी पुलिस के उच्च अधिकारियों से इस संबंध में चर्चा
की । पुलिस कमिश्नर बलविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस अधिकारी एस. पी. जक्खड़ की
अगुवाई में जांच दल यहां पहुंचा और खोजबीन की प्रक्रिया शुरू की । १८ मई को मस्जिद
में बम विस्फोट के बाद राज्य सरकार ने इस घटना की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे ।
आंध्र प्रदेश सरकार ने इस जांच के आदेश दिए थे । विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट रमेश
रेड्डी ने हैदराबाद कलेक्ट्रेट में जांच की शुरूआत की । रैन बाजार के इंस्पेक्टर
माला रेड्डी समेत पुलिस अधिकारियों और प्रशासन ने मजिस्ट्रेट को कई रिकार्ड उपलब्ध
कराए । एआईएमआईएम एमपी असादुदीन आवैसी ने भी मजिस्ट्रेट से मिलकर फायरिंग को बेवजह
बताते हुए सबूत के तौर पर कुछ दस्तावेज जमा किए । अमेरिका अभी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर
पर हुए आतंकी हमले के सदमे से उबर नहीं पाया है । तभी तो वाशिंगटन के प्रतिबंधित
एयरजोन में एक छोटे से प्लेन के घुस आने से व्हाइट हाउस समेत सभी बड़े मंत्रालयों
के दफ्तरों में अफरा - तफरी मच गई और सुरक्षा अधिकारियों ने अति महत्वपूर्ण लोगों
को सुरक्षा में ले लिया । वाशिंगटन के इस सुरक्षा जोन में व्हाइट हाउस के अलावा
वित्त विभाग, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट और अन्य कई महत्वपूर्ण दफ्तर आते हैं । कुछ ही
देर में कई एफ - १६ हेलीकॉप्टर वाशिंगटन के आकाश में मंडराते देखे गए जो इस विमान
को घेरे में लेने का प्रयास कर रहे थे । आखिरकार इसे काबू में कर लिया गया । बाद
में पता चला कि विमान गलती से प्रतिबंधित एयरजोन में घुस आया था । चीनी उद्योग से
जुड़े विभिन्न पक्षों के लिए यह अच्छा समय है । गन्ने की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर
किसान खुश हैं तो स्टॉक मार्केट में चीनी मिलों के शेयरों के अच्छे प्रदर्शन से
चीनी मिलों में उत्साह है । किसानों को सरकारी मूल्य से करीब 20 फीसदी ज्यादा गन्ने
की कीमत मिली है । लेकिन, चीनी उपभोक्ताओं की जेब पर भारी पड़ रही है । वर्तमान में
उपभोक्ताओं को 22 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी खरीदनी पड़ रही है । उत्तर प्रदेश
में राज्य सरकार द्वारा गन्ने की तय की गई कीमत से ज्यादा मूल्य किसानों को मिला है
। कुछ साल पहले तक गन्ने की उचित कीमत नहीं मिलने से किसानों को खेतों में ही गन्ना
जलाना पड़ता था । वर्तमान गन्ना सीजन में उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ने की कीमत
प्रति कुंतल 115 रुपए और 120 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित की थी । लेकिन प्रदेश में
चीनी मिलों द्वारा अपनी क्षमता बढ़ाने और गन्ने की कमी के कारण किसानों को ज्यादा
कीमत देनी पड़ी । इसके अलावा खांडसारी और गुड़ बनाने वालों का दबाव भी चीनी मिलों
पर था । क्योंकि, गन्ने के सीजन के शुरू होते ही इन उत्पादकों ने किसानों को 125
रुपये से लेकर 130 रुपए प्रति कुंतल की कीमत देनी शुरू कर दी । इसके बाद चीनी मिलों
ने गन्ने की कीमत 140 रुपए प्रति कुंतल कर दी । चीनी क्षेत्र की कंपनी त्रिवेनी
इंजीनियरिंग और इंडस्ट्रीज के कॉरपोरेट अफेयर्स के उपाध्यक्ष तरूण सहानी का कहना है
कि पिछले 24 महीनों से शुगर स्टॉक काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं । निवेशकों ने
उत्तर प्रदेश की चीनी मिलों के स्टॉक ज्यादा खरीदे हैं । क्योंकि ये कंपनियां काफी
अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं । अंतर्राष्ट्रीय बाजार में चीनी की कीमत 180 डॉलर प्रति
टन से बढ़कर 440 डॉलर हो गयी है । आंकड़ों के मुताबिक यूरोपीय देश में इस साल 50
लाख टन की कमी है । इसके अलावा थाईलैंड समेत कई देशों में चीनी का उत्पादन कम होने
के कारण भारतीय चीनी की विश्व में मांग बढ़ रही है । स्टॉक मार्केट के जानकार विपुल
वर्मा का कहना है शुगर स्टॉक में ग्रोथ रेट काफी ज्यादा है । क्योंकि भारतीय
अर्थव्यवस्था का आधार मजबूत है । विश्व बाजार में चीनी की मांग बढ़ी है । पिछले कुछ
समय में शुगर स्टॉक में 125 से 150 फीसदी तक उछाल आया है । वर्मा को उम्मीद है कि
आने वाले सीजन में शुगर स्टॉक का बेहतर प्रदर्शन जारी रहेगा । मध्य प्रदेश में
नेतृत्व परिवर्तन की खबरों से बेपरवाह मुख्यमंत्री बाबू लाल गौर ने कहा है कि निकट
भविष्य में उनके पद को कोई खतरा नहीं है । मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया 'मैंने
केंद्रीय नेतृत्व से बात की है और उन्होंने मुझे अपने पद पर बने रहने के लिए कहा है
उन्होंने यह भी कहा कि 14 वर्षो के बाद उत्तर प्रदेश के अपने पैतृक गांव ओड़ीपुर
नागौर जाना राम के वनवास काटकर अयोध्या लौटने के समान है । उन्होंने कहा कि मुझे
मीडिया के माध्यम से इस बात की जानकारी मिली । बुधवार को भोपाल में पत्रकारों से
बातचीत करते हुए गौर ने कहा कि 'नेतृत्व परिवर्तन की खबरें महज अफवाह हैं और इस तरह
की खबरों पर कोई ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए मैं ऐसी खबरों की कोई परवाह नहीं करता
क्योंकि राजनीति में इस तरह की खबरें अक्सर उड़ती रहती हैं । उन्होंने आगे कहा कि
पार्टी महासचिव अरूण जेटली ने भी इस तरह की खबरों का खंडन किया है । मुख्यमंत्री ने
दावा किया कि उन्हें केंद्रीय नेतृत्व का पूरा समर्थन हासिल है । उन्होंने आगे कहा
कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने मुझे पद पर बने
रहने और अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए कहा है । बहरहाल, जब उनसे यह पूछा गया कि
क्या वे अगले विधानसभा चुनावों तक मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे तो उन्होंने कहा कि
जब तक भाग्य मेरे साथ है तब तक मैं पद पर बना रहूंगा । गौर ने कहा कि वे पार्टी के
वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार संपर्क में हैं । उन्होंने मुझे बिहार विधानसभा चुनाव
प्रचार में हिस्सा लेने के लिए कहा है । भारत ने भूकंप प्रभावित पाक अधिकृत कश्मीर
(पीओके) में पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने की पेशकश की है । इससे पहले भारत भूकंप
पीड़ितों की सहायता के लिए पाक को 2.5 करोड़ डॉलर की सहायता का वादा कर चुका है ।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा यहां 19 नवंबर को आयोजित
अंतर्राष्ट्रीय मंत्रीस्तरीय सम्मेलन में भाग लेने के लिए भेजे गए निमंत्रण को भारत
ने स्वीकार कर लिया है । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अजीज को भेजे गए पत्र में
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान में पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने की इच्छा
जताई है । अजीज को लिखे पत्र में प्रधानमंत्री ने कहा है कि पाक भूकंप प्रभावित
क्षेत्रों में भारत पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने का इच्छुक है व इस संबंध में उसे
पाकिस्तान के जवाब की प्रतीक्षा है । भाजपा उपाध्यक्ष एम. वेंकैया नायडू ने शनिवार
को कहा कि वोल्कर पैनल रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों में यूपीए सरकार की ओर से जांच
के आदेश में विश्वसनीयता की कमी है । जांच प्रमुख जस्टिस आर. एस. पाठक के सामने कई
तरह की कानूनी और काम के तरीकों की बाधाएं हैं । उन्होंने कहा कि धन के आदान -
प्रदान की एक व्यवस्थित पड़ताल जरूरी है । इसके लिए विदेशी सरकारों की मदद से
भारतीय अधिकारियों द्वारा एक आपराधिक जांच होनी चाहिए । वेंकैया ने दावा किया कि
पाठक आयोग सुबूत एकत्र नहीं कर पाएगा । भाजपा उपाध्यक्ष ने कहा कि यूपीए सरकार को
स्पष्ट करना चाहिए कि वोल्कर रिपोर्ट को बकवास करार देने के बाद उसे जांच के आदेश
देने में इतना लंबा समय क्यों लगा । केसरी मेमोरियल जर्नलिस्ट ट्रस्ट की ओर से
आयोजित एक समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले ही
नटवर सिंह को क्लीन चिट दे दी गई है । उन्होंने जानना चाहा कि ऐसी स्थिति में यह
जांच किस लिए कराई जा रही है । उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह ने कहा कि नटवर सिंह के खिलाफ सुबूत पर्याप्त नहीं हैं और उन्हें आश्वासन दिया
कि एक बार आरोप साफ हो जाने के बाद उन्हें मंत्री पद वापस दे दिया जाएगा । नायडू ने
दावा किया कि नटवर सिंह संयुक्त राष्ट्र अमेरिका और वोल्कर पैनल समेत सभी के बारे
में अनाप - शनाप बयानबाजी कर रहे हैं । फरीदाबाद के सेक्टर - 31 थाना क्षेत्र में
करीब दस बदमाशों ने एक सिगरेट कंपनी के गोदाम में डकैती डालकर 55 लाख रुपये की कीमत
के सिगरेट के 280 कार्टन उड़ा लिए । इस वारदात की सूचना मिलते ही फरीदाबाद पुलिस ने
फौरन दिल्ली व उत्तर प्रदेश पुलिस को घटना से अवगत कराया । दिल्ली पुलिस ने सभी
थानों, चौकियों व दिल्ली में गश्त करने वाली पुलिस टीमों को घटना की जानकारी दी ।
इसके बाद दिल्ली पुलिस टाटा 407 की तलाश में जुट गई और गाड़ी सहित बदमाशों को
पकड़ने में सफल रही । सेक्टर - 27 'ए' के प्लॉट नंबर पांच में आईटीसी कंपनी का
सिगरेट का गोदाम है । गोदाम पर दयाराम चौकीदार के रूप में कार्यरत है । रात के समय
चौकीदार अपनी ड्यूटी पर तैनात था । दयाराम ने बताया कि रविवार रात डेढ़ बजे करीब दस
हथियारबंद बदमाश उनके गोदाम में आए । बदमाशों ने उसके हाथ, पैर व मुंह को बांधकर एक
कमरे में बंद कर दिया । दयाराम के ऊपर बदमाशों ने रजाई डाल दी । बदमाश अपने साथ
टाटा 407 लेकर आए थे । उन्होंने टाटा 407 को गोदाम के गेट पर लगाकर उसमें सिगरेटों
से भरे कार्टन भर लिए । बदमाश रात के डेढ़ बजे से लेकर तीन बजे तक इस वारदात को
अंजाम देते रहे । इसके बाद बदमाश 280 सिगरेट के कार्टन एक ट्रक में भरकर फरार हो गए
। चौकीदार दयाराम ने बताया कि बदमाशों के पास पिस्तौल व चाकू आदि हथियार थे । उनकी
संख्या करीब दस थी । दयाराम ने सुबह किसी तरह अपने हाथ - पैर खोलकर करीब सात बजे
घटना की सूचना गोदाम के प्रबंधक सुबोदीप चक्रवर्ती को दी । प्रबंधक ने पुलिस को इस
घटना से अवगत कराया । डीएसपी कृष्ण मुरारी ने घटनास्थल का स्वयं मुआयना किया । इसके
बाद पुलिस ने सभी थानों व चौकियों को अलर्ट कर दिया । पुलिस ने बदमाशों का सुराग
लगाने के लिए दिल्ली व उत्तर प्रदेश की पुलिस से संपर्क साधा । सेक्टर - 31 पुलिस
ने गोदाम के मैनेजर की शिकायत पर भादंस की धारा 458 व 380 के तहत मामला दर्ज किया ।
पुलिस ने अभी केवल चोरी का मामला दर्ज किया है । लेकिन डीएसपी कृष्ण मुरारी का कहना
है कि यह मामला डकैती का है । प्रबंधक के मुताबिक डकैती डालकर ले गए सामान की कीमत
करीब 55 लाख रुपये है । कंपनी के गोदाम में इंडिया किंग सहित कई महंगे ब्रांडों की
सिगरेट थीं । पूर्व राज्यपाल पी. सी. एलेक्जेंडर ने अपनी आत्मकथा में कांग्रेस के
चंद 'स्वयंभू' नेताओं पर दखलंदाजी कर 2002 के राष्ट्रपति चुनाव में कांग्रेस की
प्रत्याशिता पर विराम लगाने का आरोप लगाया है । उनका कहना है कि ऐसे नेताओं की गलत
सलाह से ही कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के नेतृत्व में पार्टी ने ऐसा कदम उठाकर
खुद के पैरों पर कुल्हाड़ी मार ली । कभी गांधी परिवार के बहुत करीबी रहे व इंदिरा
गांधी और राजीव गांधी के साथ काम कर चुके एलेक्जेंडर ने दावा किया कि कुछ कांग्रेस
नेताओं और राजग के कुछ छोटे दलों की तल्ख बयानबाजी से उनके राष्ट्रपति बनने की
संभावना पर पानी फिर गया । पी. सी. एलेक्जेंडर ने अपनी किताब 'थ्रू द कॉरिडोर ऑफ
पावर' में कहा है कि पार्टी में सोनिया गांधी के राजनीतिक हितों के कुछ स्वयंभू
हितैषियों ने ही राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस का पत्ता साफ कर दिया । और अंततः
कोई और रास्ता नहीं बचने पर कांग्रेस को एपीजे अब्दुल कलाम को ही राष्ट्रपति पद के
लिए स्वीकार करना पड़ा । अपनी तल्ख बयानबाजियों से भरी आत्मकथा में एलेक्जेंडर ने
कहा कि 2002 के राष्ट्रपति चुनाव में उनकी उम्मीदवारी कुछ कांग्रेस नेताओं की जोड़
- तोड़ के कारण खारिज हो गई । ये वो नेता थे जिनके पार्टी आलाकमान से भी करीबी
संबंध थे । उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के चुनाव के बाद जब राजग को यह कहने का मौका
मिला कि उनके प्रत्याशी कलाम को सभी राजनीतिक दलों ने कबूल किया है तब कांग्रेस ने
खुद को ठगा महसूस किया । हर्पर कॉलिंस द्वारा प्रकाशित किताब में उन्होंने दावा
किया कि आखिर में कांग्रेस को मजबूरन राजग के प्रत्याशी को समर्थन देना पड़ा । यह
समर्थन भी दो दिन की देरी से 'हां' से 'ना' और फिर वापस 'हां' में तब्दील हुआ ।
1981 में इंदिरा गांधी के समय में पीएमओ में आने के लिए सिविल सेवा से इस्तीफा देने
वाले एलेक्जेंडर ने कहा कि अगर कांग्रेस ने कोई समझौता नहीं करने वाले विपक्ष राजग
का साथ नहीं दिया होता तो उप राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस के किसी उपयुक्त
प्रत्याशी पर राजग का समर्थन मिल जाता । यह पहली बार हुआ कि राष्ट्रपति और उप
राष्ट्रपति दोनों ही पदों के लिए कांग्रेस की मर्जी नहीं चली । बदलते जमाने के
हिसाब से भारत को इलेक्ट्रॉनिक युद्धक सामग्री और हथियारों से लैस करने का निर्णय
लिया गया है । रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि इसके लिए परंपरागत
हथियारों पर पकड़ थोड़ी कम की जाएगी । इसके साथ ही रक्षा मंत्री ने बताया कि भारत
को फ्रांस से रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन का भी प्रस्ताव मिला है । उन्होंने
कहा कि विजय केलकर कमेटी की रिपोर्ट का दूसरा भाग इस महीने के अंत में या फिर अगस्त
में सौंप दिया जाएगा । इलेक्ट्रॉनिक युद्धक सामग्री अधिक उपयुक्त और सटीक है ।
जरूरत के मुताबिक अब तकनीकों को संशोधित व परिवर्धित कर उत्पादन की गुणवत्ता को
बढ़ाया जाएगा । इस अभियान को चलाने के लिए सरकार युद्धक सामग्री और उपकरण मुहैया
कराने के सभी स्रोतों का इंतजाम करेगी । रक्षा सामग्रियों के रक्षा उत्पादन और
विदेशी रक्षा तकनीकों के हस्तांतरण की आवश्यकता पर बल देते हुए रक्षा मंत्री ने कहा
कि सरकार को उम्मीद है कि विजय केलकर कमेटी की रिपोर्ट का दूसरा हिस्सा संभवतः इस
महीने के आखिर में या फिर अगस्त में सौंप दिया जाएगा । इसके बाद ही रक्षा उत्पादन
के क्षेत्र में निजी कंपनियों की वृहत्तर भागीदारी की नीति को लागू करने के संबंध
में कोई फैसला होगा । केलकर कमेटी से सरकार ने यह जानना चाहा है कि 2001 में निजी
कंपनियों को रक्षा उत्पादन के लिए आमंत्रित करने के बावजूद बड़ी कंपनियों ने ढीली
प्रतिक्रिया क्यों दिखाई थी । रक्षा मंत्री मुखर्जी ने कहा कि भारत को फ्रांस से
रक्षा उपकरणों के संयुक्त उत्पादन का प्रस्ताव मिला है । संयुक्त उत्पादन से मिलने
वाले हथियारों का दोनों देश इस्तेमाल करेंगे । उन्होंने बताया कि सरकार इस प्रस्ताव
पर विचार कर रही है और इस पर कोई भी फैसला फ्रांस से स्कार्पियो पनडुब्बी हासिल
करने के बाद लिया जाएगा । पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा है कि
कश्मीर के मामले में पाकिस्तान एकतरफा रियायत नहीं देगा । उन्होंने कहा कि कश्मीर
समस्या के समाधान के लिए दोनों देशों को लचीला रुख अपनाना पड़ेगा । पाक अधिकृत
कश्मीर के नेताओं के साथ एक बैठक में सोमवार को मुशर्रफ ने कश्मीर समस्या के समाधान
के लिए नियंत्रण रेखा को स्थायी सीमा के रूप में स्वीकार करने की संभावना से भी
इनकार किया । उन्होंने कहा कि कश्मीर मुद्दे के समाधान के प्रयासों पर भारतीय
नेतृत्व की ओर से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं और इस दिशा में भारत के किसी भी
लचीले रुख का पाकिस्तान भी सकारात्मक जवाब देगा । एक आधिकारिक न्यूज एजेंसी ने
मुशर्रफ के हवाले से कहा है कि दोनों देशों के लचीलेपन, साहस और दृढ़ता के फलस्वरूप
कश्मीर समस्या का समाधान हो सकता है जो कश्मीर की जनता समेत सभी को स्वीकार्य होगा
। उन्होंने कहा कि अगर भारत लचीलापन दिखाता है तो इसके लिए पाकिस्तान भी तैयार
रहेगा । यह लचीलापन कभी भी एकतरफा नहीं होगा । हाल ही में शुरू हुई श्रीनगर -
मुजफ्फराबाद बस सेवा को मुशर्रफ ने आपसी विश्वास कायम करने का एक प्रशंसनीय उपाय
बताया । बहरहाल, इस बैठक में पाक अधिकृत कश्मीर के राष्ट्रपति जनरल (रिटायर्ड) अनवर
खान, पाक अधिकृत कश्मीर के प्रधानमंत्री सिकंदर हयात, जम्मू - कश्मीर लिबरेशन फ्रंट
(जेकेएलएफ) के नेता अमानुल्लाह खान और पाक अधिकृत कश्मीर के हुर्रियत नेताओं ने
हिस्सा लिया । राजग ने बिहार विधानसभा भंग करने के विरोध में 25 जून को प्रस्तावित
अपनी रैली स्थगित कर दी है । हालांकि इस दिन राज्य में काला दिवस मनाया जाएगा ।
चुनाव आयोग ने राज्य में अक्तूबर - नवंबर में चुनाव कराने का निर्णय ले लिया है ।
राज्य के राजग संयोजक नवल किशोर यादव ने संवाददाताओं को बताया कि पहले उनको यह लगा
था कि चुनाव आयोग ने बिहार में जुलाई में चुनाव कराने की उनकी मांग मान ली है ।
यादव ने कहा कि 25 जून को राजग के कार्यकर्ता पूरे राज्य में इस दिन को काला दिवस
के तौर पर मनाएंगे । राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में उस दिन विरोध - प्रदर्शन
होगा । जद (यू) के अध्यक्ष जॉर्ज फर्नॉडिस व नितिश कुमार समेत राजग के कई बड़े नेता
पटना में विरोध - प्रदर्शनों में हिस्सा लेंगे । राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव को
'लोकतंत्र की हत्या' का जिम्मेदार ठहराते हुए यादव ने कहा कि राज्य के लोग उन्हें
और यूपीए के अन्य नेताओं को इसके लिए कभी माफ नहीं करेंगे । पूर्वी उत्तर प्रदेश
समेत देश के कई भागों में महामारी का रूप ले रही जापानी एन्सेफलाइटिस बीमारी की
भयावहता की गूंज शुक्रवार को लोकसभा में भी सुनाई दी । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं
परिवार कल्याण मंत्री अंबुमणि रामदास ने कहा कि सरकार इस बीमारी पर अंकुश लगाने के
लिए अब टिशू कल्चर टीका का उत्पादन शुरू करेगी । यह टीका अभी चीन में तो है पर भारत
में उपलब्ध नहीं है । उन्होंने कहा कि मरीज की ठीक से देखभाल की जानी जरूरी है ।
सुअरों से फैलने वाली इस बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है कि लोग गंदगी से बचाव करें
। उन्होंने सदन को बताया कि मंत्रालय में अधिकारियों से कह दिया गया है कि इस
बीमारी के उन्मूलन के लिए कार्यक्रम बनाएं । उन्होंने कहा कि बीमारी को रोकने के
लिए राज्य सरकारों की पहली व सर्वाधिक जिम्मेदारी है । इनमें से 367 की मौत हो गई ।
इससे पहले महंत योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश और
बिहार में इस बीमारी ने अब भयानक रूप ले लिया है । इन इलाकों के लोग पिछले 28 सालों
से इस बीमारी से बेहाल हैं । अकेले बीआरडी मेडिकल कालेज में अब तक 75 लोग भर्ती हो
चुके हैं व 15 की मौत हो चुकी है । इस बीमारी से बच्चे विकलांग भी हो जाते हैं ।
सरकार को इस बीमारी की पहचान के लिए वहां लैब स्थापित करनी चाहिए । उन्होंने कहा कि
इस बीमारी को रोकना अकेले राज्य सरकार के बस में नहीं है । यदि ऐसा होता तो लोग
पिछले तीन दशकों से बेमौत नहीं मारे जाते । इसलिए केंद्र को पोलियो उन्मूलन की तरह
इसके लिए भी व्यापक कार्यक्रम बनाना चाहिए । जिस मुस्लिम वोट के लिए संयुक्त
प्रगतिशील गठबंधन सरकार कोई कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती उसी वोट बैंक के नुमाइंदे
यूपीए के नेताओं से दोटूक बात करना चाहते हैं । झारखंड में यूपीए के फैसलों से भी
मुस्लिम नेता काफी नाराज हैं । बिहार व झारखंड के नतीजों के लिए मुस्लिम नेतृत्व
सेकुलर पार्टियों को जिम्मेदार मानता है । उसके मुताबिक खंडित जनादेश सेकुलर
पार्टियों के बीच छिड़ी एक - दूसरे को नीचा दिखाने की जंग का नतीजा है । यूपीए के
घटक दलों के बीच अगर बेहतर तालमेल हुआ होता तो शायद तस्वीर दूसरी होती । विधानसभा
चुनाव में सेकुलर वोट बैंक को एकजुट करने की कवायद करने वाली ऑल इंडिया मिल्ली
काउंसिल यूपीए के रवैये से काफी खफा है । काउंसिल के महासचिव डॉक्टर मंजूर आलम के
मुताबिक, वह जल्द ही सेकुलर पार्टियों के नेताओं से मिलकर इस मुद्दे पर अपनी
नाराजगी जताएंगे ताकि फिर ऐसी गलती न दोहराई जाए । वह मुस्लिम वोटों के विभाजन को
अस्थाई मानते हैं । बिहार चुनाव को काफी करीब से देखने वाले कमाल फारूखी कहते हैं
कि बिहार या किसी अन्य राज्य में होने वाले चुनाव में मुस्लिम वोटों में विभाजन
नहीं होगा । गठबंधन में सभी पार्टियों को एक - दूसरे का सम्मान जरूरी होता है । पर
झारखंड में जिस तरह कांग्रेस ने झामुमो के साथ समझौता किया उससे राजद का नाराज होना
लाजिमी था । तकरीबन सभी सीटों पर गठबंधन पार्टियों के उम्मीदवार एक - दूसरे के
सामने चुनाव लड़ रहे थे । ऐसे में सेकुलर वोटों का बंटवारा तय था । फारूखी सेकुलर
वोटों के बंटवारे को रोकने के लिए सरकार से बात करना चाहते हैं । उन्होंने कहा कि
भविष्य में होने वाले चुनाव में भी अगर यूपीए में शामिल पार्टियों ने यही गलती
दोहराई तो मुस्लिम समाज एक पार्टी को वोट करने के लिए मजबूर हो जाएगा । झारखंड में
यूपीए के कदम से मुस्लिम नेता ज्यादा खफा हैं । राज्यपाल के फैसले को गलत ठहराते
हुए उनका कहना है कि वहां शुरुआत में ही राज्यपाल सिब्ते रजी को एनडीए को सरकार
बनाने के लिए बुलाना चाहिए था । जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी इसके
लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हैं । उनका कहना है कि जम्हूरियत को मजबूत करने
का नारा देने वाली पार्टियों ने ये कदम उठाए हैं । इससे उनकी ईमानदारी पर भी
सवालिया निशान लगा है । झारखंड में जो हुआ वह जम्हूरियत पर धब्बा है । पटना
हाईकोर्ट ने बृहस्पतिवार को बिहार सरकार से जेलों में संख्या से अधिक कैदियों की
समस्या को हल करने और कैदियों के अपहरण और फिरौती का अवैध धंधा चलाने के लिए जेल से
बाहर अपने साथियों से संपर्क रोकने के लिए जैमर लगाने के उपायों पर 27 जनवरी तक
विस्तृत रिपोर्ट मांगी है । चीफ जस्टिस जे. एन. भट्ट और जस्टिस आर. एन. प्रसाद वाली
खंडपीठ ने राज्य सरकार से जेलों में अधिक कैदियों की समस्या हल करने और जन सुविधाएं
बेहतर करने के लिए केंद्र की ओर से दिए जाने वाले धन के इस्तेमाल पर रिपोर्ट देने
को कहा है । खंडपीठ ने स्वयंसेवी संस्था कौंसिल फॉर प्रोटेक्शन ऑफ पब्लिक राइट्स
एंड वेल्फेयर की याचिका पर यह निर्देश दिए । हुर्रियत कांफ्रेंस का नरमपंथी धड़ा 17
अप्रैल को पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ से मुलाकात करेगा । इसके चेयरमैन
मीरवाइज उमर फारूख ने मंगलवार को यह बात कही । हुर्रियत कार्यकारिणी की यह बैठक
मुशर्रफ से बातचीत का एजेंडा तय करने और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से वार्ता करने
के लिए रणनीति बनाने पर आयोजित की गई थी । बैठक में हुर्रियत के मीरवाइज धड़े ने
फिर अपने नेताओं को राजनीतिक और आतंकवादी नेताओं से कश्मीर मुद्दे पर वार्ता के लिए
पाकिस्तान व पाक अधिकृत कश्मीर जाने की इजाजत देने का राग अलापा । उसने मुशर्रफ से
मुलाकात के बाद अपने नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलने की इच्छा भी
जताई । फारूख ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि दिल्ली आने पर हम मुशर्रफ से
मिलना चाहते हैं । उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने हमें अपने उच्चायोग के माध्यम से 17
अप्रैल को शाम चार बजे मुशर्रफ से मिलने का न्योता दिया है । प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह के दफ्तर से अभी हमें कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला है । उन्होंने कहा कि हम
दोनों देश के नेताओं से मिलकर उन्हें यह बताने का मौका चाहते हैं कि वार्ता
प्रक्रिया में कश्मीर के प्रतिनिधियों को शामिल किए बिना कश्मीर मुद्दे का स्थाई,
सम्मानजनक और न्यायोचित समाधान नहीं निकल सकता है । लोन ने बैठक शुरू होने के कुछ
मिनट पहले इसके बहिष्कार का फैसला किया । उन्होंने कहा कि मैं चाहता हूं कि मुशर्रफ
से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल को व्यापक बनाने के लिए इसमें शबीर अहमद शाह और
यासीन मलिक जैसे नेताओं को भी शामिल किया जाए । गौरतलब है कि इस पृथकतावादी संगठन
में कार्यकारिणी समिति के सदस्य संगठनों की संख्या पिछले कुछ सालों में घटकर सात से
चार हो गई है । अभी इसमें मीरवाइज की अवामी एक्शन कमेटी, प्रोफेसर अब्दुल गनी भट की
मुस्लिम कांफ्रेंस, मौलाना अब्बास अंसारी का इतेहादुल मुसलमीन और बिलाल गनी लोन की
पीपुल्स कांफ्रेंस शामिल हैं । अगर पीपुल्स कांफ्रेंस इससे अलग हो जाती है तो
हुर्रियत का कश्मीर का प्रतिनिधित्व करने का दावा ही बेमानी हो जाएगा । हालांकि
हुर्रियत के चेयरमैन मीरवाइज उमर फारूख ने कहा है कि हम जल्दी ही मतभेद दूर करने की
कोशिश करेंगे । उन्होंने कहा है कि नई दिल्ली जाने वाले प्रतिनिधिमंडल की घोषणा एक
- दो दिन में कर दी जाएगी । केंद्र सरकार जल्द ही उन राज्यों पर नकेल कसने जा रही
है, जो अकसर उवर्रकों की कमी की शिकायत सरकार से करते हैं । सरकार का कहना है कि
राज्य सरकारें पहले अपने यहां उर्वरकों की वितरण व्यवस्था और गोदामों की स्थिति
सुधारें । प्रत्येक फसल सीजन के दौरान कई राज्यों में अक्सर उर्वरकों की कमी की
समस्या सामने आती है और इसके लिए राज्य सरकारें केंद्र को जिम्मेदार ठहराती हैं ।
जबकि सीजन शुरू होने से पहले राज्यों से जितनी उर्वरकों की मांग आती है उतनी सप्लाई
केंद्र सरकार कर देती है । लेकिन राज्य सरकारें यह जानकारी नहीं देतीं कि राज्य ने
कितना उर्वरक किसानों को वितरित किया और सीजन समाप्त होने के बाद उनके पास कितना
बचा? खरीफ सीजन में उत्तर प्रदेश, हरियाणा और कर्नाटक समेत कई राज्यों ने उर्वरकों
की कमी की शिकायत की थी । मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक इस खरीफ सीजन के दौरान
देश भर में करीब ६४.३२ लाख टन यूरिया, १७.२६ लाख टन डीएपी और १२.४९ लाख टन एमओपी
राज्यों को उपलब्ध कराया गया । हालांकि राज्यों ने केंद्र को इस सीजन के लिए
उर्वरकों की दोगुनी मांग की थी । उवर्रक मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक
राज्य सरकारें इस बारे में नहीं बताती कि सीजन के दौरान जो उवर्रक केंद्र सरकार ने
आवंटित किया वह किसानों तक कितना पहुंचा । उनका कहना है कि अक्सर राज्य ज्यादा
उर्वरकों की मांग करते हैं जबकि उसकी खपत कम होती है । इसलिए केंद्र सरकार अब इस
बात पर ज्यादा ध्यान दे रही है कि राज्यों को आवंटित उर्वरकों का सही तरीके से
इस्तेमाल किया जाए । उनका कहना है कि सीजन शुरू होने के साथ ही किसानों से ये
शिकायतें मिलती रहती हैं कि उन्हें सरकारी दामों में उवर्रक नहीं मिल रहा है ।
केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय ने इन शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए लिखा है । मंत्रालय
का कहना है कि राज्य सरकारें उवर्रकों के वितरण और गोदामों के रखरखाव पर ध्यान दें
। किसानों को उवर्रक मिलें, इसके लिए अपनी वितरण एजेंसी पर नजर रखें । असम के
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने कहा कि राज्य से उग्रवाद की समस्या समाप्त कर शांति
स्थापित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा से
सीधी बात करने के पक्ष में हैं । हम किसी दूसरी या तीसरी पार्टी से बात करने के
पक्ष में नहीं हैं । लेकिन उनके द्वारा नामित ग्रुपों से बात करने से कोई फायदा
नहीं है । गोगोई ने कहा कि हम इंदिरा गोस्वामी से भी यह बात कह चुके हैं । असम
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ता के लिए बातचीत का दरवाजा हमेशा खुला हुआ है ।
गोस्वामी ने उल्फा के पांच नेताओं को जेल से छोड़ने की शर्त पर उनसे बहिष्कार वापस
लेने के लिए बात करने की पेशकश की है । सिर्फ माकपा ने इस प्रस्ताव का विरोध किया ।
यह अलग बात है कि भारतीय सांसद इन देशों के सांसदों के मुकाबले आधा समय भी संसद को
नहीं दे पाते हैं । ललित सूरी द्वारा २९ जुलाई को रखे गये सांसदों के वेतन, भत्ते
और पेंशन अधिनियम २००४ में संशोधन संबंधी निजी विधेयक पर हुई चर्चा के दौरान पक्ष -
विपक्ष के सांसदों ने इस बात का खूब रोना रोया कि उनका मासिक वेतन महज १२ हजार
रुपये है जो सरकारी क्लर्क की तनख्वाह से भी कम है । उन्हें जनता की सेवा के लिए भी
आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं हैं । पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त रह चुके एम. एस. गिल ने
ब्रिटेन के सांसदों के वेतन और सहूलियतों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार को
सांसदों की सुविधाओं के लिए तत्काल ३० - ४० करोड़ रुपये मंजूर करने चाहिए जिससे
उनके लिए कार्यालय भवन बनाए जाएं । भाजपा के कृपाल परमार ने कहा कि सिर्फ ४ - ५
फीसदी सांसद ही आर्थिक रूप से सक्षम हैं । जो सांसद दिल्ली के बाहर अपने क्षेत्र
में कार्य कर रहे हैं उन्हें विषम परिस्थितियों में कार्य करना पड़ता है । उन्होंने
कहा कि सांसदों को वाहन खरीदने के लिए एक लाख रुपये का ऋण दिया जाता है लेकिन इस
राशि से सिर्फ आटोरिक्शा ही खरीदा जा सकता है । माकपा के दीपांकर मुखर्जी ने इस
प्रस्ताव का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि पहले सांसदों को अपनी छवि सुधारनी चाहिए ।
सांसदों की छवि जनता के बीच खराब है और यह अच्छा नहीं लगता कि हम अपना वेतन बढ़ाने
की मांग करें । उन्होंने कहा कि सहूलियतें मिलनी चाहिए लेकिन हमें यह भी देखना
चाहिए कि आज निजीकरण के चलते बाजार में न्यूनतम मजदूरी ४० रुपये तक नीचे जा चुकी है
। हमें पहले ऐसे लोगों की चिंता करनी चाहिए । फागुनी राम ने सवाल उठाया कि १२ हजार
रुपये महीने में सांसद अपने क्षेत्र की जनता की सेवा कैसे कर पाएगा । ईमानदारी से
कार्य करने वाले सांसदों की स्थिति बाद में यह हो जाती है कि उन्हें कफन के लिए
कपड़ा नसीब नहीं हो पाता । सैफुद्दीन सोज ने कहा कि संसद भवन के भीतर उन्हें अपने
सम्मानित मेहमान को बिठाने तक की सुविधा नहीं मिलती । हरियाणा के मुख्यमंत्री
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने घोषणा की है कि गुड़गांव के आईएमटी मानेसर की तर्ज पर
फरीदाबाद में भी औद्योगिक मॉडल टाउनशिप तथा निजी क्षेत्र में विशेष आर्थिक जोन
(एसईजेड) की स्थापना की जाएगी । उन्होंने ईडीसी (एक्स्टर्नल डेवलपमेंट चार्ज)
समाप्त करने की उद्योगपतियों की मांग भी स्वीकार की । हुड्डा शुक्रवार को दिल्ली के
एक होटल में फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (एफआईए) द्वारा आयोजित समारोह में यहां
के उद्योगपतियों को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि फरीदाबाद के औद्योगिक
विकास के लिए जो होना चाहिए था, वह नहीं हुआ । मुख्यमंत्री ने कहा कि फरीदाबाद के
औद्योगिक आधारभूत ढांचे को मजबूत बनाया जाएगा तथा बदरपुर का एलिवेटिड फ्लाई ओवर इस
वर्ष के अंत तक आरंभ हो जाएगा । उन्होंने कहा कि गुड़गांव के बाद फरीदाबाद को भी
मेट्रो से जोड़ा जाएगा तथा इसके लिए फिजिबिलिटी सर्वे करवाने के आदेश दिए गए हैं ।
बिजली के क्षेत्र में भी फरीदाबाद में २५ अगस्त को गैस पर आधारित १०५० मेगावाट
क्षमता की एक बिजली परियोजना का शिलान्यास किया जाएगा । यह परियोजना एक निजी कंपनी
एबल लॉयड को सौंपी गई है तथा यह दो वर्षो में पूरी हो जाएगी । उन्होंने बताया कि
एसईजेड को केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है । इसके अलावा दिल्ली
मार्ग पर एक बाईपास भी बनाया जाएगा । इस बारे में दिल्ली सरकार से बातचीत हो चुकी
है । उद्योग जगत की दिक्कतों को निपटाने और नए उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए
सरकार ने संयुक्त कार्यदल का गठन किया है । इसमें अधिकारी और उद्योग जगत के
प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है । मुख्यमंत्री ने कहा कि जून २००५ में घोषित नई
औद्योगिक नीति के बाद से अब तक एचएसआईडीसी को औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए
२५०० आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनसे राज्य में दो हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा ।
इससे पूर्व फरीदाबाद इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रधान एच. आर. गुप्ता ने मुख्यमंत्री
का स्वागत करते हुए नोएडा की तर्ज पर फरीदाबाद में भी विकास अभिकरण बनाने तथा ईडीसी
समाप्त करने की मांग रखी । इसमें ईडीसी समाप्त करने की बात पर मुख्यमंत्री ने
संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए कि वे इस मामले पर बैठक बुलाकर इसे निपटाएं ।
उद्योगपति के. सी. लखानी ने फरीदाबाद में उचित पेयजल आपूर्ति तथा यहां के विकास के
लिए पांच सौ करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की । क्रिकेटरों और सट्टेदारों से
कथित संबंध के बारे में डांस बार गर्ल तरन्नुम से सोमवार को पूछताछ की गई । आयकर
अधिकारियों ने हाल ही में एक छापे के दौरान उसकी लाखों रुपये की संपत्ति जब्त की थी
। पुलिस का कहना था कि तरन्नुम से रविवार को पूछताछ की गई । उसके मोबाइल फोन से यह
खुलासा हुआ कि उसके संबंध सट्टेबाजों से हैं । आयकर विभाग ने मुंबई पुलिस को उसकी
भूमिका के बारे में जांच करने को कहा था । राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
सोमवार को एक दिन के दौरे पर मुंबई पहुंचे । हवाई - अड्डे पर उनकी अगवानी के लिए
मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख, उप - मुख्यमंत्री आर. आर. पाटिल, अन्य मंत्री और
वरिष्ठ नौकरशाह मौजूद थे । कलाम हवाई - अड्डे से सीधे राजभवन गए । अपने दौरे के
दौरान राष्ट्रपति ने मालाबार हिल के निकट सह्याद्री गेस्ट हाऊस में वरिष्ठ
नौकरशाहों के साथ बैठक कर २६ जुलाई को आई बाढ़ के बाद महानगर और राज्य के अन्य
भागों के हालातों का जायजा लिया । बाद में उन्होंने वार्डन रोड स्थित आवास पर जाने
- माने कार्टूनिस्ट आर. के. लक्ष्मण से मुलाकात की । उन्होंने वरली में नेहरू
केंद्र में श्री राजराजेशवरी भरत नाट्य कला मंदिर के हीरक जयंती समारोह के उद्घाटन
कार्यक्रम में भी भाग लिया । कलाम ने होटल ग्रेंड हयात में स्वास्थ्य शोध पर
वैश्विक मंच का भी उद्घाटन किया । इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ए. रामदास
और मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख भी मौजूद थे । राष्ट्रपति सोमवार देर रात नई दिल्ली
लौट जाएंगे । पश्चिम बंगाल की राजधानी में बृहस्पतिवार को एक घर में छापा मारकर
सेना और सीआईडी ने संयुक्त रूप से राज्य में अब तक का सबसे बड़ा हथियारों का जखीरा
पकड़ा है । इसमें भारी तादाद में बारूदी सुरंगें और गोली - बारूद भी शामिल हैं । यह
ऐसा जखीरा है जिसे देखकर किसी युद्ध की तैयारी का अंदेशा होता है । सेना से अपने
आयुधों की इस बड़ी चोरी को सुरक्षा में सेंध लगाए जाना स्वीकार किया है । इस
सिलसिले में सेना के एक लांस नायक समेत तीन लोगों और मकान मालिक को गिरफ्तार कर
लिया गया है । सेना के प्रवक्ता आर. के. दास ने बताया कि आज जब्त किया गया हथियारों
का यह भंडार ऐसा लगता है जैसे किसी युद्ध के लिए तैयार किया गया हो । कोलकाता में
स्थित एक मकान से ५४३ नॉन मटैलिक मॉडल की बारूदी सुरंगें और १४ एंटी पर्सनल बारूदी
सुरंगें मिली हैं । इसके अलावा, बहुत उन्नत किस्म के घातक गोली - बारूद का भंडार भी
है । इसमें विशेष किस्म की ९ मिमी की ६९१ गोलियां, ७.६२ की ३४० गोलियां, .३०३ की ५८
गोलियां और इनसास की ५.५६ की तीन गोलियां बरामद की गईं हैं । प्रवक्ता ने बताया कि
ये हथियार पश्चिम बंगाल में ही माओवादियों को भेजे जा रहे थे । दास के अनुसार ये
बारूदी सुरंगें और गोलियां पश्चिम बंगाल के २४ परगना जिले के ईशपुर में स्थित
ऑर्डिनेंस फैक्टरी में बनी हैं । इस मामले में यहां पश्चिमी कमान मुख्यालय में
तैनात सेना के लांस नायक और तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है । इसके अलावा
जिस मकान से हथियारों का जखीरा मिला उसके मकान मालिक की भी गिरफ्तारी हुई है । एक
सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि लांस नायक यहीं का रहने वाला है और उसका तबादला
तीन महीने पहले ही जम्मू कश्मीर से यहां किया गया है । उसका संबंध गिरफ्तार किए गए
मकान मालिक से है । जब दास से पूछा गया कि एक ऑर्डिनेंस फैक्टरी से आखिर कितने गोली
- बारूद की तस्करी हो सकती है, तो सेना के प्रवक्ता ने स्वीकार किया कि सेना की
सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाई गई है । ढाई महीने के शिशु को सांस लेने में हुई
दिक्कत के कारण उसकी जान बचाने के लिए बंगलोर जा रहे विमान को वापस दिल्ली मोड़
दिया गया । विमान संख्या आईसी - ८०३ के कैप्टन एमपीएस गिल को जब नन्हें यात्री
मोहम्मद हासन की तकलीफ के बारे में पता चला तो उन्होंने बिना समय गंवाए विमान को
वापस दिल्ली की तरफ मोड़ दिया । पायलट के इस निर्णय पर किसी भी यात्री ने आपत्ति
नहीं की और सुबह लगभग आठ बजे विमान इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतर
गया । सूत्रों के अनुसार, विमान में सवार अन्य यात्रियों ने पायलट के इस फैसले की
जमकर सराहना की कि उसने एक जान बचाने में मदद की । विमान ने दिल्ली से सुबह ६.१५
बजे उड़ान भरी थी । बच्चे के पिता अब्दुल जब्बार और मां फिरोजा जब्बार ने चालक दल
का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया । गौरतलब है कि पिछली २९ जुलाई को भी एक नवजात की
जान बचाने के लिए इंडियन एयरलाइंस ने दिल्ली से बंगलोर जा रही एक फ्लाइट को
हैदराबाद में उतार लिया था । भारत और पाकिस्तान ने जम्मू - कश्मीर में भूकंप
पीड़ितों की मदद के लिए संयुक्त राहत कार्यक्रम चलाने के मकसद से शनिवार को टीथवाल
में नियंत्रण रेखा पर तीसरा प्वाइंट खोल दिया । सत्र अदालत ने सोमवार को शंकररमन
हत्या के मामले के मुख्य आरोपी कांची शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती और कनिष्ठ
शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती की अदालत में पेशी न होने पर मामले की सुनवाई १९
दिसंबर तक टाल दी । प्रधान जिला एवं सत्र अदालत न्यायाधीश एम. चिन्नापांडी ने
आरोपियों की अनुपस्थिति के बारे में उनके वकीलों द्वारा दिए गए ब्योरे को स्वीकार
कर लिया और मामले की सुनवाई टाल दी । सोलह साल के शाहिद को ये दो दिन याद रहेंगे जब
भारत और द. अफ्रीका के स्टार खिलाड़ियों ने इनकी गेंदबाजी की तारीफ की और कंधा
थपथपा कर भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं । ये वो पल थे जो इन्हें रोमांचित करके जेहन
में समा गए । जिन दिग्गजों के पास बड़े - बड़े फटक नहीं पाते उनकी तारीफ और
आशीर्वाद कितनों को मिल पाता है? यह एक परंपरा रही है कि जब भी यहां मैच होता है तो
दोनों टीमों की नेट प्रैक्टिस के समय ग्रीनपार्क में अभ्यास करने वाले इन लड़कों को
गेंदबाजी करने का मौका दिया जाता है । जिसको यह मौका मिल जाए वही अपने ग्रुप का
हीरो बन जाता है । इसका पूरा फायदा उठाकर दाएं हाथ के सीमर मोहम्मद शाहिद ने इतनी
सधी गेंदबाजी की कि इरफान और सहवाग के डंडे उड़ा दिए । इनकी तालियां पाकर निहाल हुए
शाहिद ने शाम को अकेले अभ्यास करने आए भारतीय कप्तान को इतना परेशान किया कि उनके
मुंह से वाह निकल पड़ी । सबेरे सौरव ने खुद शाहिद को अपने पास बुलाया और फिर
गेंदबाजी करने को कहा । इस दौरान इस प्रतिभाशाली गेंदबाज ने तीन बार कप्तान के डंडे
उड़ाकर उन्हें भौंचक्का कर दिया । सौरव ने उसकी जमकर तारीफ की और अपने साथियों से
मिलवाया । जब भाषा की समस्या आड़े आई तो सरल स्वभाव के द. अफ्रीकी खिलाड़ियों ने
इशारों में उसे समझाया । शाहिद ने बताया कि इन पलों में उसके शरीर में झुरझुरी होती
रही । कुछ पुराने लोगों को याद आ गया कई साल पहले का वो समय जब इसी तरह देशी -
विदेशी टीमें तब के लोकल हीरो गोपाल शर्मा की प्रशंसा करतीं थीं जिन्होंने बाद में
टेस्ट कैप भी पहनी । शाहिद के पिता यहां एक टेनरी में मुंशी हैं और पूरा परिवार
गांव में रहता है । केंद्र सरकार ने आतंकवादी संगठनों को सख्त संदेश देते हुए कहा
कि जम्मू - कश्मीर में सभी तबकों से शांति प्रक्रिया पर वार्ता की जाएगी लेकिन जो
लोग इसको रोकने की कोशिश करेंगे उनके साथ कड़ाई से निपटा जाएगा । कांग्रेस के
नेतृत्व वाली सरकार, एक हाथ में लड्डू और दूसरे हाथ में लाठी की नीति अपनाएगी के
सवाल पर जायसवाल ने कहा कि वह केवल यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि अलगावादियों से बात
करने का मतलब उनकी कमजोरी नहीं समझा जाए । कश्मीर मामलों के प्रभारी जायसवाल ने
हुर्रियत कांफ्रेंस से बातचीत शुरू करने के मामले में कहा कि वह इसमें कोई संकोच
नहीं कर रहे । वार्ता बहुत जल्द शुरू होगी । दरअसल, वार्ता के जरिए सभी समस्याओं के
निराकरण का मंत्र कांग्रेस का ही दिया हुआ है । यहां तक कि पूर्ववर्ती राजग सरकार
ने भी जम्मू - कश्मीर में सभी अलगाववादियों से बात करके कांग्रेस की नीति को ही आगे
बढ़ाया था । हालांकि उन्होंने यह दावा भी किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली राजग सरकार
के राज्य के अलगाववादियों से बातचीत के नतीजे अच्छे नहीं निकले । गृह राज्यमंत्री
ने कहा कि यूपीए सरकार कश्मीर मुद्दे पर एक आम राय बनाकर जम्मू कश्मीर और देश के
हित में काम करेगी । जो भी लोग इस मसले पर बातचीत करना चाहेंगे उनसे वार्ता की
जाएगी । एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पुलिस बल को आधुनिक हथियारों से
लैस करने के लिए बजट में ही इसके लिए आवश्यक प्रावधान बनाने होंगे । उन्होंने कहा
कि मंत्रालय पुलिस बल को आधुनिक हथियारों में प्रशिक्षित करने के लिए भी एक
प्रशिक्षण केंद्र बनाने पर काम कर रहा है । विदेश मंत्री नटवर सिंह की १५ फरवरी से
शुरू हो रही अफ़गानिस्तान व पाकिस्तान की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान जहां काबुल
में व्यापार बढ़ाने पर चर्चा होगी वहीं इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच चल रही
शांति प्रक्रिया में प्रगति की समीक्षा की जाएगी । द्विपक्षीय बातचीत के लिए किसी
भारतीय विदेश मंत्री की १७ साल में यह पहली पाकिस्तान यात्रा होगी । अपनी यात्रा के
बारे में विदेश मंत्री नटवर सिंह ने सकारात्मक परिणाम की उम्मीद जताई है । इससे
पहले १९८८ में तत्कालीन विदेश मंत्री नरसिंह राव ने पाकिस्तान की यात्रा की थी । उस
समय राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे । नटवर सिंह अपनी यात्रा के पहले चरण में मंगलवार
को अफ़गानिस्तान की संक्षिप्त यात्रा पर काबुल जाएंगे । काबुल में वह राष्ट्रपति
हामिद करजई व विदेश मंत्री अब्दुल्ला के साथ बातचीत करेंगे । दोनों देशों के बीच
वार्ता का मुद्दा आपसी व्यापार बढ़ाना होगा । बाद में वह उसी दिन पाकिस्तान के लिए
रवाना हो जाएंगे जहां वह वहां के विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी सहित अन्य
नेताओं के साथ बातचीत करेंगे । बगलिहार परियोजना को सुलझाने के लिए पाकिस्तान
द्वारा वर्ल्ड बैंक से हस्तक्षेप करने के अनुरोध पर भारत ने पाक से अपनी आपत्ति
जताई है । भारत का कहना है कि पाकिस्तान का यह कदम न्यायोचित नहीं है । जब नटवर से
पाकिस्तान की प्रस्तावित यात्रा के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें
सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है । नटवर ने जोर देते हुए कहा कि तीनों देशों को इस
परियोजना पर तेजी से काम करना चाहिए । नटवर, खुर्शीद के बीच प्रस्तावित बातचीत में
जिस मुद्दे पर कोई नतीजा निकलने की संभावना है वह है श्रीनगर - मुजफ्फराबाद
प्रस्तावित बस सेवा । सिंह ने कहा कि यूपीए सरकार पिछले साल मई महीने में सत्ता में
आई । उसके बाद से ही प्रत्येक महीने किसी न किसी मुद्दे पर दोनों देशों के बीच
बातचीत होती रही है । उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच इतनी ज्यादा बातचीत पहले
कभी नहीं हुई । उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने बुधवार को ताजमहल को
वक्फ संपत्ति घोषित करते हुए वक्फ के रूप में ही उसका पंजीकरण किए जाने का निर्देश
दिया है । लेकिन भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) ने इस फैसले को चुनौती देने का
निर्णय लिया है । ताज की व्यवस्था अभी तक एएसआई ही देख रही है । मुगल बादशाह
शाहजहां ने १६३२ से १६५४ के बीच इसका निर्माण अपनी पत्नी मुमताज महल के लिए कराया
था । इसे दुनिया भर में मोहब्बत की बेमिसाल यादगार के रूप में जाना जाता है । वक्फ
बोर्ड ने यह फैसला इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर सुनाया । वक्फ बोर्ड के चेयरमैन
हाफिज उस्मान ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि आगरा स्थित ताजमहल, उससे जुड़ी
मस्जिद और मकबरा जो एक दीवार से घिरे हैं, सभी वक्फ संपत्ति हैं और यह आवश्यक है कि
वक्फ कानून १९९५ के तहत ही उनका पंजीकरण किया जाए । हालांकि उस्मान ने अपने फैसले
में यह भी कहा कि ताजमहल के प्रबंधन के बारे में फैसला बाद में सुनाया जाएगा ।
उन्होंने इसकी तारीख अभी मुकर्रर नहीं की है । उन्होंने बोर्ड के मुख्य कार्यकारी
अधिकारी (सीईओ) को निर्देश दिया कि वे केंद्र व राज्य सरकार के संबंधित मंत्रालयों
और यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अधिकारियों की बैठक बुलाकर इस वक्फ संपत्ति
ताजमहल की प्रबंध योजना तय करें । विश्व प्रसिद्ध ताजमहल की कस्टोडियन एएसआई ने इस
फैसले को ताज के हित में नहीं बताया है । वह इस फैसले को उचित न्यायिक मंच पर
चुनौती देगा । आगरा सर्किल के एएसए एस. के. शर्मा फैसला सुनाए जाने के समय बोर्ड के
कार्यालय में मौजूद थे । उन्होंने इमामबाड़ा और फतेहपुर सीकरी का उदाहरण देते हुए
कहा कि धार्मिक दखलंदाजी के चलते ही इन स्थानों के संरक्षण का काम एएसआई नहीं कर
सकी । इलाहाबाद हाईकोर्ट में इरफान बेदार नामक व्यक्ति ने एक याचिका दायर कर कहा था
कि ताजमहल एक वक्फ संपत्ति है और उसे इसका मुतवल्ली (केयरटेकर) घोषित किया जाए ।
इसके बाद हाईकोर्ट ने एएसआई को नोटिस देकर जवाब मांगा । अपने जवाब में एएसआई ने
इसका विरोध करते हुए कहा कि ताज एक संरक्षित धरोहर है, जिसका प्रबंधन केंद्र सरकार
में निहित है । इसलिए वक्फ बोर्ड इसमें दखल नहीं दे सकता । एएसआई के इस जवाब पर
हाईकोर्ट ने वक्फ बोर्ड से इसकी सुनवाई को कहा । इस्तेमाल करने वाले के लिए ताज
वक्फ की परिभाषा में आता है । इतिहास में दर्ज है कि ताजमहल मुगल और ब्रिटिश काल
में बतौर वक्फ संपत्ति दर्ज था । चेयरमैन उस्मान ने अपने फैसले में इसका उल्लेख
किया है । मुगल शासक शाहजहां जब तक जिंदा रहा, वही इसका मुतवल्ली भी था । उन्होंने
भारतीय संविधान के हवाले से कहा कि धार्मिक आजादी के तहत भी वक्फ बोर्ड को ऐसा करने
का अधिकार है । वे अदालत में इसे चुनौती देंगे । बिहार में तीसरे चरण का मतदान खत्म
हो गया है और अब चौथे और अंतिम चरण के लिए राजनीतिक दल जमकर प्रचार अभियान चलाने की
रणनीति बना रहे हैं । राजद, एनडीए और लोजपा ने मुस्लिम और अति पिछड़ी जातियों को
मनाने के लिए प्रचार युद्ध छेड़ दिया है । राज्य के सभी दल स्थानीय समाचार में
विज्ञापन देकर खुद को मुस्लिमों और पिछड़ों का हितैषी बता रहे हैं । जद (यू) ने
विज्ञापन देकर मतदाताओं से कहा है कि राजद की सरकार ने अति पिछड़ी जातियों को सत्ता
में पर्याप्त भागीदारी नहीं दी है । राजद ने इसके जवाब में रविवार को एक बड़ा
विज्ञापन देकर उन 71 नेताओं के नाम बताए हैं जो इस समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और
जिन्हें पिछले एक दशक में राज्यपाल, सांसद और विधायक बनाया गया है । इस विज्ञापन
में लालू प्रसाद ने मतदाताओं को यह बताने की कोशिश की है कि वह मुस्लिमों और पिछड़ी
जातियों के असल हमदर्द हैं । विज्ञापन में राजद ने अपनी उपलब्धियां गिनाते हुए 'तीर
वाले वीर', नीतीश कुमार 'की विश्वसनीयता पर सवाल उठाया है । वहीं दूसरी ओर जद (यू)
ने अपने विज्ञापन में लालू को 'लालटेन वाले नेताजी' बताते हुए कहा है कि उन्होंने
गरीबों और वंचित लोगों की बात कर खुद को और अपने परिवार को दौलतमंद बनाने का काम
किया है । मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री
गेगांग अपांग को बुधवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में और मजबूती मिल गई । यहां
कुल 13 निर्दलीयों में से 11 ने उन्हें अपना समर्थन दिया । 11 स्वतंत्र विधायकों ने
मंगलवार देर रात एक होटल में अरुणाचल डेमोक्रेटिक लेजिस्लेचर फोरम बनाया और अपांग
के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को पांच साल के लिए अपने पूरे समर्थन की घोषणा कर
दी । सूत्रों ने बताया कि फोरम अध्यक्ष आर. के. खिरमे ने राज्य की कांग्रेस सरकार
बनाने में उभरती राजनीतिक प्रक्रिया पर खासी चर्चा के बाद यह निर्णय लिया । फोरम ने
इस बारे में अपांग और सीडब्लूसी सदस्य रमेश चेन्नीथाला को सूचित कर दिया । नवगठित
फोरम एआईसीसी पर्यवेक्षकों, ऑस्कर फर्नॉडिस व असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगई का भी
आह्वान करेगा । भारत के पांच दिवसीय दौरे से लौटने के बाद देउबा ने रविवार की रात
पत्रकारों से कहा कि हम हर तरीके से माओवादियों के साथ वार्ता करने के पक्ष में हैं
। लेकिन यदि हमारा लक्ष्य पूरा नहीं होता है, तो हम सेना का इस्तेमाल कर सकते हैं ।
देउबा ने कहा कि भारत ने माओवादी आतंकवाद समेत नेपाल की समस्याओं के हल में सहयोग
देने का आश्वासन दिया है । उन्होंने कहा कि माओवादियों से निपटने के लिए भारत ने
सद्भावना और सहानुभूति प्रकट की है । मैं अपने इस दौरे से संतुष्ट हूं । उन्होंने
कहा कि मैंने महसूस किया है कि पूर्व प्रधानमंत्रियों समेत भारतीय नेता नेपाल की
समस्या को लेकर चिंतित हैं । अभिनेता सलमान खान द्वारा दायर याचिका पर बॉम्बे
हाईकोर्ट ने 28 जुलाई तक अपना फैसला सुरक्षित रखा है । याचिका में सलमान ने निचली
अदालत के उस फैसले को खारिज करने की अपील की है, जिसमें अभिनेता के खिलाफ चल रहे
हिट एंड रन केस की सुनवाई बंद कमरे में करने की अपील को ठुकरा दिया गया था । सलमान
खान के ऊपर अपनी कार से कुचल कर एक व्यक्ति को मार डालने और चार अन्य को घायल करने
का मामला चल रहा है । इस मामले की सुनवाई बंद कमरे में कराने के लिए उन्होंने पहले
निचली अदालत और अब हाईकोर्ट में याचिका दायर की है । उनकी याचिका पर बुधवार को
सुनवाई के बाद जस्टिस विजया ताहिलरमानी ने अपना फैसला सुरक्षित रखा है । इससे पूर्व
निचली अदालत ने 17 जून को सलमान की याचिका को खारिज कर दिया था । अदालत ने कहा था
कि बंद कमरे में सुनवाई आमतौर पर बलात्कार और जघन्य अपराध में पीड़ितों और गवाहों
की पहचान छुपाने के लिए की जाती है, लेकिन सलमान के मामले में ऐसा कुछ भी नहीं है ।
कांग्रेस का मानना है कि भाजपा ऐसे मुद्दों की तलाश में लगी है जिनके जरिए वह समाज
में तनाव पैदा कर सके । उल्लेखनीय है कि भाजपा शासित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में
आतंकवाद से निपटने के लिए पोटा जैसा कानून बनाने के लिए कहा गया है क्योंकि केंद्र
पोटा समाप्त करने की दिशा में काम कर रहा है । दरअसल भाजपा ने इसके जरिए कांग्रेस
के पोटा समापन के जरिए मुस्लिम मतदाताओं को लुभाने के प्रयास के खिलाफ मोरचा खोला
है और अपने परंपरागत मतदाताओं को संबोधित करने की कोशिश की है । ऐन महाराष्ट्र
चुनावों से पहले कांग्रेस पोटा हटाकर मुस्लिम मतदाताओं को एक संदेश देना चाहती है ।
पाठ्य पुस्तकों के मसले पर भी कांग्रेस शासित राज्यों ने डटकर केंद्र सरकार का
विरोध किया था और एनसीईआरटी की किताबों को लागू करने से इन्कार तक कर दिया था । अब
कांग्रेस के सामने कमोबेश वही स्थिति आ खड़ी है, जब भाजपा ने राज्य सरकारों को आतंक
से निपटने के लिए पोटा जैसा कानून बनाने के लिए कहा है । कांग्रेस प्रवक्ता आनंद
शर्मा के मुताबिक, पहली बार केंद्र और राज्य अलग - अलग कानून बनाने जा रहे हैं
क्योंकि कांग्रेस शासित राज्य सरकारों ने अंत तक पोटा का विरोध किया लेकिन केंद्र
ने कानून बना दिया तो उन्होंने उसके खिलाफ कोई कानूनी प्रयास नहीं किया । कांग्रेस
ने भी इसका विरोध इसलिए किया कि उसमें पर्याप्त संरक्षण उपाय नहीं किए गए थे ।
कांग्रेस इस मामले में भी बचाव की मुद्रा में है कि पोटा हटाकर केंद्र सरकार
सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं कर रही है । शर्मा के मुताबिक 'कांग्रेस व यूपीए की
सरकार आतंकवाद से सख्ती से निपटने को प्रतिबद्ध है लेकिन वह पोटा के पक्ष में नहीं
है कांग्रेस का कहना है कि उसके इस मामले में कोई राजनीतिक मतभेद नहीं हैं । केंद्र
की नीति है कि बढ़ती जनसंख्या को रोकने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए ।
चंडीगढ़ - चेन्नई एक्सप्रेस में सोमवार को एक बड़ा हादसा टल गया । गाड़ी की जनरल
बोगी में अचानक धुआं व चिंगारियां निकलने लगीं । बाद में गाड़ी को जगाधरी स्टेशन पर
काफी देर रोक कर फॉल्ट दूर किया गया । सोमवार सुबह करीब सवा नौ बजे चंडीगढ़ -
चेन्नई एक्सप्रेस (6034) जब जगाधरी वर्कशाप से कुछ ही आगे निकली थी कि पीछे से
दूसरे जनरल डिब्बे की सवारियों ने बोगी के नीचे धुआं निकलता देखा । सवारियों ने चेन
खींच कर गाड़ी को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वैक्यूम प्रेशर काम न करने की वजह से
गाड़ी नहीं रुकी । इस पर यात्रियों ने जोर - जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया । शोर
सुनकर गार्ड ने वॉकी - टॉकी पर बात कर जगाधरी आउटर से पहले गाड़ी रुकवाई । गाड़ी
में सवार यात्रियों ने बताया कि जब गाड़ी अंबाला से कुछ आगे निकली थी तभी से कुछ
दुर्गंध आ रही थी । रेल के गार्ड व तकनीकी कर्मचारी ने जांच में पाया कि इस बोगी के
ब्रेक पहिए से चिपक जाने की वजह से पहिया जाम हो गया था । चमड़ा रगड़ खाने के बाद
धुआं छोड़ रहा था । आउटर से धीरे - धीरे गाड़ी को जगाधरी स्टेशन पर ले जाया गया ।
जहां करीब 10 - 15 मिनट में सुधार कार्य कर लिया गया । गाड़ी को आगे - पीछे चलाकर
देखा गया और तसल्ली होने के बाद ही उसे आगे रवाना किया गया । कर्मियों का कहना था
कि ज्यादा चिंगारियां निकलने से बोगी आग भी पकड़ सकती थी या फिर डी - रेलिंग का भी
अंदेशा था । बोफोर्स तोप घोटाले में गांधी परिवार के करीबी क्वात्रोची को क्लीन चिट
देने के मामले में भाजपा ने केंद्रीय कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज को बर्खास्त
करने की मांग की है । पार्टी का सुझाव है कि इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो
(सीबीआई) तत्काल ब्रिटेन के क्राउन प्रोसीक्यूटर को लिखकर सरकार की सिफारिश को रद्द
करने को कहे । पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की इस मामले पर चुप्पी पर हैरानी
जताते हुए जवाब देने की मांग दोहराई है । भाजपा महासचिव अरुण जेटली ने संवाददाता
सम्मेलन में मीडिया में प्रकाशित खबरों के हवाले से कहा कि सीबीआई के पास
क्वात्रोची के खिलाफ अभियोग चलाने के लिए पर्याप्त दस्तावेज उपलब्ध हैं तथा उसके
दोनों खातों का बोफोर्स दलाली से संबंध स्थापित करने के लिए भी अलग से सुबूत मौजूद
हैं । सीबीआई चाहती थी कि मंत्रालय के विधि अधिकारी के साथ उसका अपना अधिकारी भी
जाए पर उसका अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया । ऐसा फैसला किसने किया? सुरेश पचौरी
कार्मिक मंत्रालय के राज्यमंत्री हैं । प्रधानमंत्री ही इस विभाग के कैबिनेट मंत्री
हैं । इसलिए इस बात का खुलासा होना जरूरी है कि क्या प्रधानमंत्री की अनुमति से यह
फैसला लिया गया । यदि ऐसा हुआ तो इस मामले में प्रधानमंत्री भी अपनी जिम्मेदारी से
बच नहीं सकते । यदि उन्हें इस मामले की जानकारी नहीं थी तो यह गंभीर मामला है । और
यह सवाल पैदा होता है कि कानून मंत्री ने किसके कहने पर ऐसा किया । जेटली ने आरोप
लगाया कि क्या यह अभियुक्त की सहायता किये जाने का खुला प्रयास है । उन्होंने कहा
कि आज तक ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी अभियुक्त को बरी करने की पहल खुद सरकार करे
लेकिन इटली के अभियुक्त क्वात्रोची के मामले में ऐसा यूपीए सरकार ने कर दिखाया है ।
जेटली ने कहा कि सीबीआई को इस मामले में निष्पक्ष कार्य करने दिया जाए । सीबीआई
क्राउन प्रासीक्यूटर सरकार के फैसले के खिलाफ अपील करे । केंद्रीय खुफिया एजेंसियां
और मुंबई पुलिस दुबई से प्रत्यर्पित एक भारतीय नागरिक से पूछताछ करने में जुटी हैं
। अख्तर हुसैन नामक इस भारतीय पर आरोप है कि वह देश की गोपनीय परमाणु जानकारियों को
अरब देशों को बेचने की कोशिश कर रहा था । पैंतीस वर्षीय अख्तर हुसैन को शनिवार की
देर रात दुबई से मुंबई प्रत्यर्पित किया गया था । उत्तर पश्चिम मुंबई स्थित छत्रपति
शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विमान उतरने के तुरंत बाद मुंबई पुलिस ने उसे
अपनी हिरासत में ले लिया । संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) सत्यपाल सिंह ने रविवार को
बताया कि दुबई पुलिस की सूचना पर मुंबई पुलिस ने इस भारतीय व्यवसायी को हिरासत में
लिया है । दुबई पुलिस ने बताया था कि अख्तर को भारतीय परमाणु कार्यक्रम के गोपनीय
दस्तावेजों को बेचने के प्रयास के आरोप में गिरफ्तार किया गया था । बहरहाल, दुबई से
इस बारे में पूरा ब्योरा मिलने के बाद यह तय किया जाएगा कि अख्तर के साथ क्या
कार्रवाई की जाए । इस प्रक्रिया में एक या दो दिन लग सकते हैं । तब तक पुलिस अख्तर
से पूछताछ करती रहेगी । इस बीच मुंबई पुलिस हुसैन के बारे में और अधिक जानकारी
जुटाने के लिए दुबई पुलिस से आधिकारिक चैनल से संपर्क साधने की कोशिश कर रही है ।
हुसैन को हवाई अड्डे के आव्रजन क्षेत्र में रोक रखा है और उसे अभी गिरफ्तार नहीं
किया गया है । खुफिया विभाग के अधिकारी पिछले कई घंटों से उससे पूछताछ कर रहे हैं ।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि खुफिया एजेंसियां पिछले कुछ समय से हुसैन पर निगाह रखे
हुए थी । रिपोर्टो में कहा गया है कि उसका भाई जिसका नाम संभवतः डॉ. अहमद हुसैन या
डॉ. आबिद हुसैन है, देश के किसी परमाणु शोध संस्थान में कार्यरत है । डीएई के एक
अधिकारी ने बताया कि और अधिक ब्योरा जुटाने के लिए सुरक्षा अधिकारियों की एक टीम
ट्रांबे स्थित भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र का दौरा कर चुकी है । लेकिन संस्थान में
कायर्रत कोई अहमद हुसैन या आबिद हुसैन नामक अधिकारी अभी तक नहीं पाया गया । वहीं
दुबई स्थित इस भारतीय व्यवसायी को गिरफ्तार करने के बाद दुबई के पुलिस प्रमुख
लेफ्टिनेंट जनरल दहाई खलफाम तामिम ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि
अख्तर ने ९० के दशक के शुरुआत में परमाणु जानकारियां बेचने का प्रयास किया था ।
इसके बाद उसकी निगरानी की जा रही थी । बाद में उसने यूएई स्थित कई दूतावासों से भी
संपर्क साधा था । बहरहाल, जांच में यह पुष्टि हो चुकी है कि उसके पास कोई परमाणु
सामग्री या संवेदनशील दस्तावेज नहीं थे । इसके बाद उसे भारत प्रत्यर्पित करने का
फैसला किया गया, जिससे भारत सरकार उसके खिलाफ उचित कार्रवाई कर सके । हाल में
स्कूली बच्चों के ताबड़तोड़ अपहरणों ने हजारों मासूमों से उनका बचपन छीन लिया ।
स्कूलों व घरों में इन बच्चों को हर रोज 'ये करो और ये न करो' की लंबी फेहरिस्त
रटाई जाती है । स्कूलों में तो नियमित रूप से सुरक्षा अभ्यास कराए जाने लगे हैं ।
चिंतित माताएं और टीचर 'अजनबियों से बात मत करो, किसी से चॉकलेट मत लो' जैसी अनेक
घुट्टियां पिलाती हैं । स्कूली बच्चों के ताबड़तोड़ अपहरणों से मां - बाप और स्कूल
प्रशासन की रातों की नींद हराम तो है लेकिन पाबंदियों से खतरा पैदा हो गया है कि
बच्चे अपना मूल स्वभाव ही खो बैठेंगे । मनोवैज्ञानिकों के अनुसार इस तरह तो
स्वाभाविक रूप से उनकी परवरिश में भी खलल पड़ेगा । दो साल के बच्चे की मां सुप्रिया
शर्मा का कहना है कि आज जो हालात हैं उनमें इस बात की क्या गारंटी है कि उनके बच्चे
दिन ढले घर पहुंचेंगे । इसलिए बच्चों को समझाना पड़ता है । प्रख्यात मनोवैज्ञानिक
डॉ. समीर पारेख का कहना है कि बच्चों के लिए सुरक्षा तैयारियां जरूरी हैं । लेकिन
इन्हें सही तरीके से अंजाम दिया जाना चाहिए । बच्चों को उनके पाठ्यक्रम में जीवन
रक्षक तकनीक सिखाई जानी चाहिए । लेकिन यहां अधिकतर मां - बाप और अध्यापक तब ऐसा
करते हैं जब कोई घटना होती है । हालांकि न्यू स्टेट एकेडमी की प्रधानाचार्या डॉ.
संगीता भाटिया ने कहा कि अधिकतर प्री - स्कूलों में इस तरह का प्रशिक्षण बच्चों को
दिया जाता है । उसमें उन्हें किसी भी अजनबी से बात न करने और कोई भी संपर्क न रखने
की सीख दी जाती है । स्कूल के बाहर भी सुरक्षा के लिए अभिभावक और अध्यापक स्थानीय
पुलिस से संपर्क साधे हुए हैं । बच्चों को बताया जा रहा है कि उनके संग ऐसा हादसा
पेश आने पर वह वहां से भाग जाएं, या फिर शोर मचाएं या अपहर्ता का हाथ काट लें आदि ।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय का केंद्रीय दर्जा फिर से बहाल करके उसका गौरव लौटने की
कोशिशों में जुटे मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह अगले हफ्ते इलाहाबाद का
दौरा करने वाले हैं । अपने धुर विरोधी और पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली
मनोहर जोशी समेत इलाहाबाद के पूर्व छात्र रहे करीब २० प्रमुख लोगों को लिखने के बाद
अर्जुन सिंह का इरादा अब विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जे के बारे में वहां के
शिक्षकों तथा अन्य प्रमुख लोगों की राय जानने का है । अर्जुन सिंह इलाहाबाद
विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा दिलाने से संबंधित विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र
में पारित कराने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं । लेकिन इलाहाबाद विश्वविद्यालय को
केंद्रीय दर्जा मिलने की स्थिति में उससे संबद्ध कॉलेजों की स्थिति क्या होगी, यह
अभी साफ नहीं है । इसी बारे में राय मशवरा करने के लिए अर्जुन सिंह इलाहाबाद जा रहे
हैं । अपने एजेंडे को पूरी तेजी से लागू करने में जुटे अर्जुन सिंह का अगला लक्ष्य
अब इलाहाबाद विश्वविद्यालय को केंद्रीय दर्जा दिलाने संबंधी विधेयक को संसद में
लाना है । अर्जुन सिंह के मानव संसाधन विकास मंत्री बनने के तुरंत बाद ही इलाहाबाद
विश्वविद्यालय के कुलपति जनक पांडे के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने
उनसे मुलाकात की थी । अर्जुन सिंह ने इस प्रतिनिधिमंडल को यह आश्वासन दिया था कि वह
अपने विश्वविद्यालय (अर्जुन सिंह भी इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं) को
केंद्रीय दर्जा अवश्य दिलाएंगे और इस संबंध में जल्द ही विधेयक लाने का इरादा भी
जताया था । हालांकि वह पूर्व में कह चुके हैं कि विधेयक का मसौदा करीब - करीब वही
होगा जिसे जोशी ने संसद में पेश किया था । इसी मसले का समाधान तलाशने के उद्देश्य
से अर्जुन सिंह १७ - १८ अगस्त को इलाहाबाद दौरे पर जा रहे हैं । इस दौरान वह
इलाहाबाद से सांसद रेवतीरमण सिंह के साथ भी विचार - विमर्श करने वाले हैं । चूंकि
मामला विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों का है तो अर्जुन सिंह की प्राथमिकता संबद्ध
कॉलेजों के प्रबंधतंत्र के साथ - साथ संबद्ध कॉलेजों की एसोसिएशन के अध्यक्ष
राममुनि पांडे के साथ व्यापक विचार - विमर्श करना है । वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय
शिक्षक संघ के अध्यक्ष पी. एन. मेहरोत्रा तथा अन्य पदाधिकारियों से तो मिलेंगे ही ।
विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ भी विचार - विमर्श करेंगे । उन्हें सभी
विश्वविद्यालयों के डीन तथा सदस्यों की कार्यकारी समिति के साथ भी मुलाकात करनी है
। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बयान ने विश्व हिंदू परिषद के नेताओं
को तिलमिला दिया है । जहां विहिप के अंतर्राष्ट्रीय महासचिव प्रवीण तोगड़िया ने
वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी को राजनीति से संन्यास ले लेने की सलाह दी है । वहीं
विहिप के उपाध्यक्ष गिरिराज किशोर ने कहा कि वाजपेयी ने गुजरात दंगों के लिए
नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री पद से हटाने की बात कहकर बहुत बड़ी गलती की है ।
उन्होंने भाजपा की दोहरी नीति पर तंज करते हुए कहा कि जब जनता को चुनाव दो सेक्युलर
पार्टियों के बीच करना था तो उसने नंबर वन पर कांग्रेस को चुना । अब वाजपेयी अपनी
नाकामी छुपा रहे हैं । उन्होंने कहा कि वाजपेयी और आडवाणी दोनों ही मुस्लिम
तुष्टीकरण में लगे हुए हैं बल्कि कई मायने में तो कांग्रेस से भी आगे निकल गए हैं ।
इन सबका नतीजा यह हुआ कि भाजपा के साथ जो परंपरागत हिंदू मतदाता था वह भी दूर हो
गया तोगड़िया ने यह प्रतिक्रिया वाजपेयी के मनाली में दिए उस बयान पर की है जिसमें
भाजपा की हार के लिए गुजरात के दंगों को जिम्मेदार ठहराया गया है । तोगड़िया को इस
बात पर भी खासी नाराजगी है कि भाजपा में कई नेता नरेंद्र मोदी को भाजपा की हार के
लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं । फिर उन राज्यों में भाजपा क्यों जीती तोगड़िया की राय
में 'सच्चाई यह है कि वाजपेयी और आडवाणी दोनों ही विफल रहे हैं और दोनों सच्चाई को
स्वीकार नहीं करना चाहते । अब अच्छा यह होगा कि वे राजनीति से संन्यास ले लें और
हिंदुओं के साथ उन्होंने जो द्रोह किया है उसका प्रायश्चित करें । अपनी असफलता का
ठीकरा गुजरात के दंगों के सिर फोड़ना चाहते हैं वाजपेयी और आडवाणी से अब तोगड़िया
का भरोसा मंदिर के मामले में भी उठ गया लगता है । 'ये क्या मंदिर बनाएंगे? जो
मुस्लिम तुष्टीकरण में लग गए हैं । हिंदुओं का अपमान स्वीकार नहीं किया जाएगा । अब
उसके नतीजे उन्हें भोगने ही होंगे वह राजग की आने वाली दुर्दशा को देख सकते हैं ।
उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा नेताओं को गुजरात दंगे याद हैं
और वह गोधरा कांड भूल गए । उन्होंने कहा कि राजग ने जब हिन्दुत्व और रामजन्म भूमि
मुद्दों को छोड़ दिया तो उससे नाराज हिंदुओं ने कांग्रेस को वोट दिया । उन्होंने
कहा कि जब हिंदू मतदाताओं को चुनाव दो सेक्युलर पार्टियों के ही बीच करना था तो
उन्होंने पहले नंबर की सेक्युलर पार्टी को चुना । उन्होंने कहा कि किसी को भी हार
आसानी से हजम नहीं होती और यही भाजपा के भी साथ हो रहा है । राष्ट्रीय स्वयंसेवक
संघ प्रमुख के. एस. सुदर्शन की राजनीति की तुलना वेश्याओं के कपड़े बदलने से कर
कांग्रेस को हमला करने का एक और मुद्दा दे दिया है । कांग्रेस ने सुदर्शन के इस
बयान पर कड़ा एतराज जताया है । पार्टी का कहना है कि संघ प्रमुख को राजनीतिक दल या
राजनेताओं को इस तरह का सर्टीफिकेट देने का कोई नैतिक या वैधानिक अधिकार नहीं है ।
संघ को प्रजातंत्र विरोधी करार देते हुए कांग्रेस ने कहा है कि उसका संवैधानिक
प्रजातंत्र में कोई विश्वास नहीं है । भाजपा नेतृत्व पर गफलत में रहने का आरोप
लगाते हुए कांग्रेस ने कहा है कि प्रमुख विपक्षी दल को आगे का रास्ता ही नहीं सूझ
रहा है । यह जनतंत्र के लिए चिंता का विषय है । कांग्रेस का मानना है कि लोकतंत्र
में राजनीतिक दल व राजनेताओं की अहम भूमिका है । कई दल व नेताओं ने इस जिम्मेदारी
को बखूबी अंजाम दिया है । इससे यह बात साबित होती है कि संघ का संवैधानिक
प्रजातंत्र में कोई विश्वास नहीं है । उन्होंने कहा कि संघ का सांस्कृतिक संगठन
होने का दावा पूरी तरह झूठा है । संघ वक्त - वक्त पर राजनीति में नीति निर्धारण में
अपना मत व्यक्त करता रहा है । भाजपा की अगुआई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन
(राजग) सरकार के समय संघ हर नीति निर्धारण में अहम किरदार निभाता रहा है । भाजपा
शासित राज्यों के मुख्यमंत्री अभी भी संघ कार्यालय जाकर निर्देश लेते हैं । क्योंकि
उनका रिपोर्ट कार्ड संघ ही तैयार करता है । उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में संघ
की विचारधारा का कोई स्थान नहीं है । भाजपा पर निशाना साधते हुए पार्टी प्रवक्ता ने
कहा कि अंतर विरोध व अंतर कलह से घिरा विपक्षी दल अपनी भूमिका निभाने में विफल रहा
है । संसद के सत्र के दौरान गैरहाजिरी और उसके बाद आपसी कलह के चलते अपेक्षित
भूमिका नहीं निभा पा रहा है । वह जनता से जुड़े मुद्दे उठाने और उन पर चर्चा करने
में पूरी तरह नाकाम रहा है । केंद्रीय गृह मंत्रालय नक्सलियों पर सीधे नजर रखने के
लिए एक अलग विंग बनाने जा रहा है । नक्सल प्रभावित सभी राज्यों को इससे निपटने के
लिए कार्य योजनाएं तैयार करनी होंगी । इसके अलावा राज्य सरकारें अपने खुफिया तंत्र
को मजबूत बनाएंगी । आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के लिए राज्यों को
पुनर्वास नीति भी तैयार करनी होगी । नक्सलवाद के मुद्दे पर प्रभावित राज्यों के
मुख्य सचिवों व पुलिस प्रमुखों की शुक्रवार को यहां हुई बैठक में यह तय किया गया ।
बैठक में गृह मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे । गृह मंत्रालय ने राज्यों को
पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए केंद्र से मिल रहे पैसे का समय पर सदुपयोग करने को कहा
है । बैठक के बाद गृह सचिव वी. के दुग्गल ने कहा कि गृह मंत्रालय में प्रस्तावित
विंग नक्सलियों की निगरानी करेगा । उन्होंने कहा कि राज्यों को अपने खुफिया तंत्र
को और मजबूत बनाने तथा खुफिया सूचनाओं का आदान - प्रदान करने को कहा गया है ।
उन्होंने माना कि बीते साल नक्सली घटनाओं में इजाफा हुआ, पर उन्होंने यह भी कहा कि
इस साल इस समस्या से कड़ाई से निपटा जाएगा । गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा कि
नक्सलवाद से निपटने के लिए केंद्र के संबंधित इलाकों में सामाजिक व आर्थिक विकास की
नीति पर कड़ाई से पालन करना होगा । केंद्र इस समस्या से निपटने के लिए राज्यों को
हर संभव सहायता देगा । इस बैठक में केंद्रीय ग्रामीण विकास, पंचायतीराज और आदिवासी
मंत्रालयों के प्रतिनिधि भी बुलाए गए थे । क्योंकि इन्हीं के माध्यम से ग्रामीण
क्षेत्रों में ज्यादातर विकास कार्य चलाए जाते हैं । राज्यों ने सुरक्षा संबंधी
व्यय योजना को साल 2006 के बाद भी जारी रखने का अनुरोध किया । इस योजना के तहत ही
राज्यों को हर साल 40 - 45 करोड़ रुपये दिए जाते हैं । दुग्गल ने कहा कि मंत्रालय
इस मामले को कैबिनेट में ले जाएगा । यह भी तय हुआ कि राज्य 10 - 10 इंडिया रिजर्व
बटालियनों का गठन करेंगे । केंद्र प्रत्येक बटालियन के लिए 25 करोड़ रुपये देगा ।
राज्यों की पुलिस को बेहतर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा । गृह सचिव ने एक सवाल के जवाब
में कहा कि छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खिलाफ लोगों का जनजागरण अभियान एक अच्छा कदम
है । उन्होंने माकपा का नाम लिए बिना कहा कि कुछ राजनीतिक दलों ने मंत्रालय से कहा
कि यह अभियान लोगों के हित में नहीं है । बहरहाल, सरकार इस अभियान को चलाने वाले
लोगों को सुरक्षा देगी । बैठक में बिहार, झारखंड, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र,
आंध्रप्रदेश, उत्तरांचल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, हरियाणा व
कर्नाटक के अधिकारी शामिल हुए । इन अफसरों की समिति को समन्वय केंद्र नाम दिया गया
है । यह 19वीं बैठक थी । इससे पहले हैदराबाद की बैठक में किए फैसलों की प्रगति की
भी आज समीक्षा की गई । महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के साथ ही बुधवार को तीन लोकसभा
और 39 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव सम्पन्न हो गया । महाराष्ट्र विधानसभा की 288
सीटों के लिए मतदान छिटपुट घटनाओं के बीच अपेक्षाकृत शांतिपूर्ण तरीके से हुआ ।
उत्तर प्रदेश के मैनपुरी लोकसभा क्षेत्र में चुनावी हिंसा में दो लोग मारे गए जबकि
अतरौली विधानसभा क्षेत्र में एक व्यक्ति हिंसा का शिकार हुआ । मतगणना 16 अक्तूबर को
होगी । सारे नतीजे दोपहर तक आ जाएंगे । हालांकि महाराष्ट्र में मतदान धीमी गति से
शुरू हुआ लेकिन दिन बीतते ही वोटिंग की रफ्तार तेज हो गई । चुनाव आयोग के अनुसार
राज्य में 55 - 60 फीसदी तक वोट पड़े । राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी यू पी एस मदान
ने भी 55 फीसदी से ज्यादा वोट पड़ने की संभावना जताई है । राज्य के 38 जिलों में
फैले 64 हजार से ज्यादा मतदान केंद्रों पर सुबह साढ़े सात बजे से शाम साढ़े पांच
बजे तक वोट डाले गए । हालांकि नक्सलियों ने राज्य में चुनाव बहिष्कार की धमकी दी
थी, लेकिन इसका खास असर नहीं पड़ा । पुलिस के अनुसार विदर्भ के गढ़चिरौली में तीन
अलग - अलग घटनाओं में दो पुलिसकर्मी घायल हो गए । जिले के परसलगोटा इलाके में
बारूदी सुरंगें हटा रही पुलिस पार्टी पर नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी ।
इसमें कोई घायल नहीं हुआ । जवाबी गोलीबारी के बाद नक्सली भाग गए । दो अन्य घटनाओं
में बीनागुड़ी के जंगलों में और कासंसुर में नक्सलियों ने पुलिस के गश्ती दल व
पोलिंग पार्टी पर हमला कर दिया । इनमें एसआरपीएफ के वीरेंद्र कुमार तिवारी और
सीआरपीएफ के संतोष जायसवाल जख्मी हो गए, जिन्हें गढ़चिरौली के अस्पताल में दाखिल
कराया गया है । बहरहाल, उत्तर प्रदेश में चुनाव से जुड़ी हिंसा में तीन लोग मारे गए
। मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के इस्तीफा देने से खाली हुए मैनपुरी लोकसभा
क्षेत्र में सुबह लगभग पौने नौ बजे गुटीय संघर्ष में दो लोग मारे गए । एक हमलावर को
गिरफ्तार कर लिया गया । एक जगह पर पोलिंग पार्टी के एक प्रत्याशी के पक्ष में काम
करने की शिकायत भी चुनाव आयोग को मिली है । इस पोलिंग पार्टी को निलंबित कर दिया
गया है । वहां पुनर्मतदान का फैसला चुनाव अधिकारी की अंतिम रिपोर्ट आने के बाद होगा
। राज्य में लोकसभा की एक सीट और विधानसभा की कुल 12 सीटों के लिए हुए उपचुनाव में
कड़ी सुरक्षा के बीच लगभग 45 - 50 फीसदी मतदाता घरों से बाहर निकले । जम्मू -
कश्मीर में विधानसभा की चार सीटों के लिए हुए उपचुनाव में कहीं सामान्य तो कहीं
मामूली वोटिंग हुई । पहलगाम की प्रतिष्ठित सीट के लिए मात्र 19 फीसदी मतदाता वोट
डालने निकले । यहां से राज्य के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद विधानसभा में
पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं । बटमालू विधानसभा क्षेत्र में 12 फीसदी वोट पड़े ।
हालांकि बसोली व अखनूर विधानसभा क्षेत्रों में 58 - 60 फीसदी मतदान होने की सूचना
मिली है । बिहार की मधेपुरा लोकसभा सीट के लिए हुए उपचुनाव में लगभग 50 फीसदी वोट
पड़े । कर्नाटक की बीदर लोकसभा सीट पर मतदान प्रतिशत 40 फीसदी रहने की संभावना है ।
देश में सबसे ज्यादा 80 फीसदी वोट गोवा की एक और नागालैंड की तीन विधानसभा सीटों के
लिए हुए उपचुनाव में पड़े । दिल्ली की दो विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में
वोटरों ने उत्साह नहीं दिखाया और सिर्फ 37 फीसदी मतदाता ही घरों से बाहर निकले ।
मणिपुर में चुनाव बहिष्कार के आह्वान और 24 घंटे की आम हड़ताल के कारण सामान्य
जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ । उग्रवादियों की धमकी के बावजूद राज्य की एक
विधानसभा सीट पर हुआ उपचुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया । अन्य राज्यों में
आंध्र प्रदेश में 40 - 55 फीसदी, पंजाब में 65 फीसदी, असम में 60 फीसदी, राजस्थान
में 60 - 65 फीसदी और गुजरात में 45 फीसदी मतदान होने की संभावना है । भाजपा की
वरिष्ठ नेता उमा भारती को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की कुर्सी दोबारा सौंपे
जाने की कोई संभावना नहीं है । सच तो यह है कि पार्टी आलाकमान मुख्यमंत्री बाबूलाल
गौर के शासन से संतुष्ट है । गौर को संघ का भी आशीर्वाद प्राप्त है । इसलिए पार्टी
राज्य की सत्ता उमा भारती को सौंप कर राज्य में कोई बखेड़ा खड़ा करने के मूड में
नहीं है । भाजपा महासचिव अरुण जेटली उमा को कुर्सी सौंपे जाने की खबरों का खंडन कर
चुके हैं । जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद महाजन के सामूहिक रूप से फैसले लिये
जाने संबंधी बयान से भी यह साफ होता है कि पार्टी में उमा भारती को दोबारा राज्य की
सत्ता सौंपे जाने पर सहमति नहीं बन पायी है । हुबली की एक अदालत द्वारा एक मामले
में उमा की गिरफ्तारी का आदेश दिए जाने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा
देना पड़ा था । पार्टी के नेताओं का मानना है कि वह मामला ही खत्म हो गया है तो
मुख्यमंत्री पद पर उनकी वापसी का आधार बनता है । इधर पार्टी और आम जनता को गौर यह
संदेश देने में सफल रहे हैं कि वह उमा से बेहतर मुख्यमंत्री हैं । यहां तक कि गौर
की केंद्र की संप्रग सरकार से भी अच्छी पटरी बैठ रही है । पार्टी नेताओं का मानना
है कि अगर उमा भारती मुख्यमंत्री बनीं तो शायद ही केंद्र से बेहतर सहयोग मिल पाये ।
गौर की दूसरी खूबी यह है कि उन्होंने पार्टी और सरकार के बीच अच्छा तालमेल बिठाया
है । वह नियमित रूप से पार्टी कार्यालय भी जाते हैं तथा विधायकों, सांसदों के जरिये
उठायी जाने वाली समस्याओं के निराकरण में विशेष दिलचस्पी लेते हैं । उमा खेमे के
विधायकों से भी अब उनकी पटरी बैठने लगी है । लेकिन भाजपाध्यक्ष आडवाणी के घर पर
महासचिवों की बैठक में उमा की वापसी पर फैसला होने की बात कैसे मीडिया में आ गयी,
इस पर पार्टी के नेताओं को आश्चर्य है । पार्टी सूत्रों के अनुसार ऐसा कोई फैसला
नहीं हुआ था अलबत्ता इस मुद्दे पर चर्चा हुई थी । जिसमें यह तय हुआ था कि फिलहाल
वहां नेतृत्व परिवर्तन की कोई जरूरत नहीं है । वैसे, अब भाजपा आलाकमान यह जरूर
जानने की कोशिश कर रहा है कि मीडिया में यह खबरें जारी किये जाने के पीछे आखिर
किसका हाथ है । गांव थिलौड में रविवार रात नाबालिग छात्रा को अगवा कर सामूहिक
दुष्कर्म किए जाने का मामला प्रकाश में आया है । छात्रा अचेत अवस्था में एक झोपड़ी
में मिली । पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है । अब तक किसी की गिरफ्तारी
नहीं हो पाई है । छात्रा के पिता फौज में हैं और वे रविवार को ही छुट्टी बिताने के
बाद ड्यूटी पर गए थे । पीड़िता के चचेरे भाई द्वारा पुलिस में की गई शिकायत के
अनुसार उसकी बहन रीता (काल्पनिक नाम) थिलौड - बादलवाला मार्ग पर खेत में स्थित अपने
मकान में सो रही थी । तभी तीन युवक उसे उठाकर वहां से थोड़ी दूर स्थित एक झोपड़ी
में ले गए । वहां तीनों ने उसके साथ दुष्कर्म किया । सुबह उठने पर जब परिजनों को
लड़की नहीं मिली, तो आसपास में उसकी तलाश की गई । तलाशी के दौरान लड़की झोपड़ी के
अंदर बेहोशी की हालत में मिली । पुलिस ने तीनों युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया
है । पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है । केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन
सरकार अब देश के डॉक्टरों को दुनिया में हो रही नई खोजों और शोधों के प्रति जागरूक
करना चाहती है । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अम्बुमणि रामदास ने कहा है कि डॉक्टरों
को हर पांच साल पर एक इम्तहान पास करना होगा । इसके आधार पर ही उनके रजिस्ट्रेशन का
नवीकरण होगा । वर्तमान व्यवस्था में एक बार ही पंजीकरण कराना होता है । रजिस्ट्रेशन
के नवीकरण के लिए आईएमसी अधिनियम २००२ में संशोधन किया जाएगा । डा. रामदास ने कहा
कि अमेरिका सहित दुनिया के कई देशों में इस तरह की व्यवस्था है तो भारत में क्यों
नहीं हो सकती । उनके मुताबिक इससे देश में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर में सुधार होगा
। हर पांच साल पर होने वाली यह परीक्षा भारतीय चिकित्सा संघ (इंडियन मेडिकल
एसोसिएशन) के तत्वाधान में होगी । इस मुद्दे पर डॉक्टरों में तीखी प्रतिक्रिया हुई
है । अमर उजाला ने इस बारे में चिकित्सा जगत के कुछ प्रतिनिधियों से बात की । कुछ
डॉक्टर इसे जायज ठहरा रहे हैं, तो कुछ इसे गलत बता रहे हैं । डॉ. रामदास ने अपने
बयान में कहा है कि डॉक्टरों को अपने पंजीकरण के नवीकरण के लिए प्रत्येक पांच वर्ष
में जांच परीक्षा देनी होगी । चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में प्रत्येक दिन कुछ न
कुछ रिसर्च होती रहती है । नई - नई तकनीक का आविष्कार होने से ही लोगों का इलाज
संभव हो सका है । सर गंगाराम अस्पताल के नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. डी. एस.
राणा ने डॉ. रामदास के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह तो अच्छी बात
है । डॉक्टरों को अपने विषय के बारे में जानकारी तो होनी ही चाहिए । यह लोगों के
जीवन से जुड़ा हुआ विषय है । डॉक्टरों की थोड़ी सी लापरवाही से मरीज की जान जा सकती
है । अमेरिका जैसे देश में तो एक प्रांत का रजिस्ट्रेशन दूसरे राज्य में मान्य नहीं
होता है । जबकि भारत में एक प्रदेश में पंजीकरण कराकर देश के किसी कोने में डॉक्टर
प्रेक्टिस कर सकता है । डॉक्टरों के पास आधुनिकतम जानकारी मापने का कोई पैमाना तो
होना ही चाहिए । इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ. विनय अग्रवाल का मानना है
कि इस तरह का बयान पिछले साल भी डॉ. रामदास ने दिया था, लेकिन अमल नहीं किया गया ।
जांच परीक्षा तो आधुनिकतम जानकारी की ली जाएगी, लेकिन भारत में डॉक्टरों को ऐसी
सुविधा तो उपलब्ध है ही नहीं । उन्होंने कहा यह बात भी सच है कि डॉक्टरों को जिस
चीज के लिए लाइसेंस दिए जा रहे हैं, उन्हें उसकी जानकारी तो होनी चाहिए । लेकिन
सरकार का भी कुछ दायित्व बनता है । हार्ट केयर फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. के. के.
अग्रवाल का कहना है कि जब एक भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को बार - बार
परीक्षा नहीं देनी पड़ती है, तो डॉक्टरों को बार - बार परीक्षा देने का क्या औचित्य
है । रक्षा वैज्ञानिक अगले साल भारत की अत्याधुनिक बैलिस्टिक मिसाइल 'अग्नि' का
परीक्षण करेंगे । इस मिसाइल के पावर प्लांट का निर्माण कंपोजिट मैटेरियल से किया
जाएगा जिससे इसका वजन काफी हो जाएगा । अग्नि परियोजना के निदेशक अविनाश चंद्र ने
बृहस्पतिवार को बताया कि दो घरेलू निजी उद्योगों से रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन
(डीआरडीओ) को इंजन प्राप्त हुए हैं । रक्षा वैज्ञानिक इस इंजन को अग्नि मिसाइल में
लगाने में जुटे हैं । उन्होंने कहा कि रॉकेट मोटर को जोड़ने का काम शुरू कर दिया
गया है । इसे विकसित करने का काम दो निजी उद्योगों को सौंपा गया है । उन्होंने
बताया कि ऐसा पहली बार किया गया है । एक साल के अंदर हम लोग इस नए कंपोजिट पावर
प्लांट से युक्त अग्नि को प्रक्षेपित करने में सक्षम होंगे । उन्होंने कहा कि इस
इंजन को तैयार कर लेने के बाद भारत उन देशों के समूह में शामिल हो जाएगा जिनके पास
आधुनिकतम तकनीक है । फिलहाल अमेरिका और रूस ऐसे दो देश हैं जिनके पास यह तकनीक है ।
अग्नि मध्यम दूरी तक मार करने वाली (इंटरमीडियट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल - आईआरबीएम)
मिसाइल है जिसमें दो चरण वाले ठोस ईधन और पोस्ट बूस्ट व्हैक्ल (पीबीवी) लगे हैं ।
वर्ष १९८३ में स्वदेशी मिसाइल प्रोग्राम के तत्कालीन प्रमुख ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
के नेतृत्व में एकीकृत निर्देशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम की शुरुआत के बाद
१९८९ में अग्नि के पहले तकनीकी स्वरूप को प्रक्षेपित किया गया था । अग्नि की मारक
क्षमता २,००० किलोमीटर है और यह पारंपरिक और परमाणु हथियारों को ले जाने में सक्षम
है । एंटी - बैलिस्टिक मिसाइल के हमलों के खतरों का जिक्र करते हुए चंद्र ने कहा कि
दुश्मनों को दुविधा में रखने के लिए डीआरडीओ इंटीग्रेटिंग इंटेलिजेंट डिकॉय नामक
तकनीक पर काम कर रहा है । उन्होंने कहा कि मिसाइल में हथियारों के साथ कुछ डमी
हथियार भी भेजे जाएंगे । ऐसे में दुश्मनों को हमले से बचने के लिए सभी हथियारों को
नष्ट करना होगा या जब तक वे असली हथियार की पहचान कर पाएंगे तब तक वह अपना काम कर
चुका होगा । पेट्रोलियम मंत्रालय छोड़ने के कुछ महीनों बाद मणिशंकर अय्यर ने
बृहस्पतिवार को मंत्रालय में वरिष्ठ नौकरशाहों के काम के तरीकों को लेकर जमकर फटकार
लगाई । यहां एक सेमीनार में अय्यर ने स्वीकार किया कि पेट्रोलियम मंत्रालय के
अधिकारियों और उनके बीच छत्तीस का आंकड़ा था । हालांकि इस मौके पर उन्होंने किसी
अधिकारी का नाम नहीं लिया । अय्यर को इस वर्ष जनवरी में पेट्रोलियम मंत्रालय से हटा
कर पंचायत राज और खेलकूद मंत्रालय दे दिया गया था । अपना राजनयिक कैरियर छोड़ कर
राजनीति में आए अय्यर ने कहा कि मंत्रालय में काफी मतभेद थे । वहां के वरिष्ठ आईएएस
अधिकारी विदेश सेवा से आए एक मंत्री की बात नहीं सुनना पसंद नहीं करते थे । इस मौके
पर मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव (अंतरराष्ट्रीय सहयोग) तालमीज अहमद की अप्रत्यक्ष
रूप से चर्चा करते हुए अय्यर ने कहा कि पेट्रोलियम मंत्रालय से एक आईएफएस अधिकारी
को हटाने के बाद उन्हें मंत्रालय से हटाया गया । पेट्रोलियम मंत्रालय और सार्वजनिक
क्षेत्र की तेल कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों में विस्तृत नजरिए की कमी का आरोप
लगाते हुए पंचायती राज मंत्री ने कहा कि उनकी ओर से सार्वजनिक क्षेत्र की तेल
कंपनियों के एकीकरण और पुनर्गठन के सुझाव के लिए गठित तेल सलाहकार समिति को समाप्त
करना इसका सुबूत है । उन्होंने कहा कि बदलते हुए भौगोलिक - राजनीतिक परिदृश्य में
पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय में आपसी समझ होना जरूरी है । सुप्रीम कोर्ट
ने ऑल इंडिया पोस्ट ग्रेजुएट मेडीकल टेस्ट में उत्तीर्ण हुए छात्रों को राहत देते
हुए २१ अप्रैल से काउंसिलिंग शुरू कर ३१ मई तक पूरे कर लेने का निर्देश दिया ।
टेस्ट परीक्षा के दौरान चेन्नई केंद्र पर गलत तरीके अपनाने वाले २० छात्रों को
काउंसिलिंग में शामिल किए जाने से रोक दिया गया । केंद्र ने टेस्ट परीक्षा को रद्द
करने के प्रस्ताव को आज वापस ले लिया । तीन हजार सीटों के लिए लगभग ४ हजार छात्रों
की काउंसिलिंग होनी है । खंडपीठ ने कहा कि २१ अप्रैल से काउंसिलिंग शुरू करके ३१ मई
तक पूरी कर ली जाए । खंडपीठ ने सरकार की यह बात स्वीकार कर ली कि यदि अन्य छात्रों
के खिलाफ कोई सामग्री या साक्ष्य पाया जायेगा तो उन्हें भी अलग कर दिया जाये ।
मामले में सी. बी. आई. की जांच जारी है । कन्नड़ अभिनेता राजकुमार के अंतिम संस्कार
से पहले उनके प्रशंसकों ने बृहस्पतिवार को जमकर उत्पात मचाया । मरने वालों में एक
पुलिस कांस्टेबल भी शामिल है । कांतिरवा स्टूडियो में आज राजकुमार का पार्थिव शरीर
पंचतत्व में विलीन हो गया । उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान से किया गया ।
इससे पहले राजकुमार का पार्थिव शरीर जनता के दर्शनार्थ कांतिरवा स्टेडियम में रखा
गया था । इस दौरान वहां जुटे उनके प्रशंसक बेकाबू हो गए और पथराव शुरू कर दिया ।
उन्होंने स्टेडियम के अंदर और बाहर खड़े वाहनों को निशाना बनाया तथा पुलिस पर भी
पथराव किया । उपद्रवियों ने कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री बी. एस. येदीयुरप्पा को भी
नहीं बख्शा । उनके साथ भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव अनंतकुमार भी थे, लेकिन वह इस
पथराव में बाल बाल बच गए । कन्नड़ सुपरस्टार को आज हजारों लोगों ने नम आंखों से
अंतिम विदाई दी । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उनके निधन पर गहरा दुख जताते
हुए उन्हें महान कलाकार बताया । पुलिस ने बताया कि सबसे ज्यादा खराब स्थिति
सिद्धलिंगैया सर्किल में थी । लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने के बावजूद जब
स्थिति नियंत्रण में नहीं आई तो पुलिस को फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति की
मौत हो गई । जबकि एक अन्य व्यक्ति अंतिम संस्कार स्थल के बाहर हुई फायरिंग में मारा
गया । तीसरे व्यक्ति के बारे में यह पता नहीं चल सका है कि वह फायरिंग में या भीड़
की हिंसा में मारा गया । भड़के प्रशंसकों ने दो सरकारी बसे फूंक दीं और कई वाहनों
को नुकसान पहुंचाया । उन्होंने स्टेडियम के अंदर और बाहर तैनात पुलिस के जवानों पर
भी पथराव किया । कांतिरवा स्टूडियो में राजकुमार का अंतिम संस्कार किए जाने से पहले
वहां पर जुटे प्रशंसकों को तितर - बितर करने के लिए पुलिस को कई राउंड आंसू गैस के
गोले दागने पड़े । स्टूडियो में घुसने के लिए बेताब सैकड़ों प्रशंसकों ने पुलिस से
धक्कामुक्की की और उसके बाद पथराव शुरू कर दिया । राजकुमार के अंतिम संस्कार के लिए
उनके बेटे शिव राजकुमार, पुनीत राजकुमार और राघवेंद्र राजकुमार के कांतिरवा
स्टूडियो पहुंचने से कुछ मिनट पहले सैकड़ों प्रशंसक स्टूडियो परिसर में घुस गए ।
तनाव बढ़ता देख राजकुमार की पत्नी पर्वतम्मा राजकुमार को कड़ी पुलिस सुरक्षा में
स्टूडियो में ले जाया गया । इससे पहले कांतिरवा स्टेडियम से निकाली गई करीब १० किमी
लंबी शोक यात्रा में प्रशंसकों ने जमकर बवाल किया । कई जगहों पर पथराव किया गया तथा
कुछ पुलिस वाहनों समेत कई वाहनों को नुकसान पहुंचाया गया । स्टूडियो परिसर में दो
निजी वाहनों और एक शामियाने में आग लगा दी गई । बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को जेल
में तीन दिन काटने के बाद बृहस्पतिवार को जमानत मिल गई । एक स्थानीय अदालत ने खान
को दो लाख रुपये के निजी मुचलके और एक - एक लाख की दो सिक्योरिटी पर जमानत पर रिहा
करने के निर्देश दिए । जमानत मिलने के बाद भी सलमान ने जेल में ही दोपहर को दाल -
रोटी खाई और होटल के लिए रवाना होने से पहले जेल अधीक्षक एम. एल. चौहान से मुलाकात
की । इस मौके पर सलमान ने तो जेल के बाहर इंतजार कर रहे मीडिया कर्मियों से कोई बात
नहीं की, लेकिन उनकी बहन अलविरा ने ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का शुक्रिया जरूर अदा
किया । अलविरा और सलमान के भाई सोहेल बुधवार को अपने भाई की शीघ्र रिहाई के लिए
प्रार्थना करने अजमेर स्थित दरगाह गए थे । कैटरीना कैफ ने कहा कि वह बहुत खुश हैं ।
सोहेल ने कहा कि यह पूरे परिवार के लिए अच्छी खबर है । उन्होंने बताया कि उनकी मां
को भी मुंबई में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है । इससे पहले सलमान को जिला एवं सत्र
न्यायाधीश जी. एस. सुराना द्वारा जमानत दिए जाने की सूचना मिलते ही अदालत के बाहर
सुबह से ही जुटे प्रशंसकों में खुशी की लहर दौड़ गई । पुलिस को भीड़ को नियंत्रित
करने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी और हल्का लाठीचार्ज भी करना पड़ा । सिंतबर १९९८
में चिंकारा को मारने के लिए पांच वर्ष सजा मिलने पर जेल भेजे गए ४० वर्षीय अभिनेता
की जमानत के मामले में अभियोजन और बचाव पक्ष की लंबी दलीलों के बाद अदालत ने फैसला
दिया । उस समय सलमान अदालत में मौजूद नहीं थे । जबकि इससे पहले सलमान शिकार के एक
अन्य मामले में अपील करने के सिलसिले में सुबह अदालत के समक्ष पेश हुए थे । शिकार
के इस मामले में सलमान को एक वर्ष की सजा दी गई है । कटरा में भक्तों की अत्यधिक
भीड़ जमा होने के कारण मां वैष्णव देवी की यात्रा को लगातार दूसरे दिन रविवार की
शाम कुछ घंटों के लिए स्थगित कर दिया गया । कटरा स्थित पंजीकरण केंद्र से शाम सवा
छह बजे के करीब ३१ हजार दर्शनार्थियों को यात्रा पर्ची जारी की जा चुकी थी । इसके
बाद भी जब श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ने लगी तो माता वैष्णव देवी श्राइन बोर्ड की
ओर से पंजीकरण रोक दिया गया । उसके बाद जारी की गई प्रतीक्षा सूची के अनुसार लगभग
दस हजार श्रद्धालु अपनी बारी के इंतजार में बेस कैंप कटरा में डेरा डाले हुए हैं ।
कटरा में पंजीकरण बंद किए जाने की सूचना मिलते ही जम्मू में शाम साढ़े छह बजे
यात्रियों को रोक दिया गया । अनुमान के मुताबिक साप्ताहिक छुट्टी और कल पड़ रही
संक्रांति के कारण कटरा में तकरीबन ७०,००० भक्त पहुंच चुके हैं । यह भीड़ छटते ही
भक्तों का जत्था आगे कूच करेगा । रविवार को दोपहर बारह बजे तक श्रद्धालुओं का
आंकड़ा सोलह हजार पार कर चुका था । पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष अब तक यह संख्या
चार लाख से अधिक तक पहुंच जाने का अनुमान है । पंजीकरण कक्ष के प्रबंधक आरएस जम्वाल
के अनुसार यात्रियों की बढ़ोतरी का यह क्रम अभी कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना
है । उल्लेखनीय है कि गत शनिवार को भी यात्रा इन्हीं कारणों से स्थगित किए जाने के
बाद आज दोबारा शुरू की गई थी । विपक्षी पार्टी ने मुंबई के नॉर्थ - वेस्ट संसदीय
सीट के लिए होने वाले उप चुनाव में गैंगस्टर के साथ अभिनेता संजय दत्त की कथित
नजदीकियों को जमकर भुनाने का फैसला किया है । इस सीट से संजय दत्त की बहन प्रिया
दत्त चुनाव लड़ रही हैं । इस साल मई में सांसद और केंद्रीय मंत्री सुनील दत्त का
निधन हो जाने के कारण यह सीट रिक्त हो गई थी, जिसके कारण उप चुनाव कराना जरूरी हो
गया था । सीबीआई अपनी पूछताछ में मुंबई में १९९२ में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की
साजिश में सलेम और संजय दत्त की भूमिका के बारे में जानकारी हासिल करना चाहती है ।
भाजपा ने अपने चुनाव अभियान में इस मुद्दे को उठाने का फैसला किया है । फिलहाल संजय
शूटिंग के लिए विदेश गए हैं और बताया जाता है कि वह १६ नवंबर से चुनाव अभियान में
शिरकत करेंगे । माना जा रहा है कि इस दौरान वह अपनी छोटी बहन के समर्थन में उत्तर -
पश्चिम मुंबई में फिल्म स्टारों के एक शो का भी आयोजन करेंगे । मुंबई के भाजपा
अध्यक्ष विनोद तावड़े ने बातचीत में कहा कि यदि संजय दत्त ने चुनाव अभियान में भाग
लिया तो हम जमकर विरोध करेंगे । जनता को इस बात का पूरा हक है कि वह संजय दत्त से
यह पूछे कि बम विस्फोट में उनकी क्या भूमिका थी, जिसमें बहुत से निर्दोष लोग मारे
गए थे । उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार कार्यक्रम की घोषणा के बाद संजय दत्त के
खिलाफ रणनीति पर विचार किया जाएगा । बहरहाल, शिवसेना नेता इस मुद्दे पर अभी कुछ
नहीं कह रहे हैं । सेना प्रमुख ने संजय दत्त को जमानत दिलाने में मदद की थी ।
शिवसेना के एक विधायक ने कहा कि संभव है कि इस मुद्दे पर हम दत्त पर खुलकर हमला न
करें । लेकिन देर सबेर हमें इस मुद्दे पर गौर करना ही पड़ेगा । सुप्रीम कोर्ट ने
शुक्रवार को राष्ट्र गान से सिंध शब्द हटाने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी ।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने याचिका कर्ता संजीव भटनागर पर कोर्ट का समय बर्बाद
करने के लिए दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया । प्रधान न्यायाधीश आर. सी. लाहोटी और
जस्टिस पी. के. बालासुब्रह्मण्यम वाली खंडपीठ ने याचिका खारिज कर दी । इस याचिका
में भटनागर ने रविंद्र नाथ टैगोर लिखित जन गण मन से सिंध शब्द हटाने की मांग की थी
। याची की दलील थी कि सिंध पाकिस्तान में एक प्रांत का नाम है । इसलिए भारतीय
राष्ट्र गान में इसके नाम को शामिल करने पर अंतर्राष्ट्रीय विवाद पैदा हो सकता है ।
भटनागर ने सिंध शब्द के विकल्प के रूप में कश्मीर जैसे शब्द बताए हैं । ऑल इंडिया
सिंधी काउंसिल की ओर से पेश जाने माने वकील राम जेठमलानी ने कहा कि यह याचिका झूठे
और गैर जिम्मेदाराना बयानों से भरी है, जो पाकिस्तान के हित में है । उन्होंने कहा
कि राष्ट्र गान के साथ छेड़छाड़ से अन्य शब्दों को भी हटाने या जोड़ने का विवाद
पैदा हो जाएगा । इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर ३ जनवरी को केंद्र को नोटिस
जारी किया था और संबंधित पक्षों की दलीलें सुनने के बाद २७ अप्रैल को अपना फैसला
सुरक्षित रखा था । केंद्र सरकार ने काम के बदले अनाज कार्यक्रम को १५० पिछड़े जिलों
में लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत निर्धनतम वर्ग को
खाद्यान्न सुरक्षा उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
की अध्यक्षता में बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक में ४००० करोड़ रुपये की इस योजना
को मंजूरी दी गई । समझा जाता है कि सार्वजनिक उपक्रमों का बकाया निपटाने के लिए ५३०
करोड़ रुपये के पैकेज के प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिल सकी है । जबकि नालको के ४०९१
करोड़ के पैकेज को मंजूर कर लिया गया है । सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट ने गृह
मंत्रालय में मणिपुर के लिए एक विशेष सलाहकार के पद को मंजूरी दे दी है । राष्ट्रीय
इस्पात नीति पर कैबिनेट में विचार - विमर्श नहीं हो पाया । इस नीति को फिलहाल टाल
दिया गया है । लोगों और शेयर धारकों की राय जानने के लिए इसके मसौदे को सबसे पहले
वेबसाइट पर जारी किया जाएगा । इसके अलावा आज सुरक्षा मामलों पर कैबिनेट की समिति
(सीसीएस) की भी बैठक हुई । इसमें स्क्रैप आयात नीति, असम व नागालैंड में हाल की
हिंसा को देखते हुए भारत - बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने और सीमा पार आतंकवाद पर
चर्चा हुई । 'काम के बदले अनाज योजना' के तहत उत्तर प्रदेश के पिछड़े जिलों को भी
शरीक किया गया है । इसके अलावा उड़ीसा, छत्तीसगढ़, झारखंड, महाराष्ट्र और मध्य
प्रदेश के जिलों को भी शरीक किया गया है । हालांकि सरकार ने महाराष्ट्र चुनावों को
देखते हुए इसकी औपचारिक घोषणा नहीं की लेकिन सरकारी सूत्रों के मुताबिक 'काम के
बदले अनाज' के अलावा जिन अन्य मुद्दों पर इस बैठक में चर्चा हुई है उनमें जम्मू
कश्मीर व उत्तर पूर्व की स्थिति पर भी विचार किया गया है । समझा जाता है कि जम्मू
कश्मीर की यात्रा में प्रधानमंत्री कई उदार घोषणाएं करने वाले हैं । प्रधानमंत्री
की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति ने कबाड़ में आ रहे विस्फोटक को
देखते हुए स्क्रैप आयात नीति पर विचार किया । सूत्रों ने बताया कि वित्त मंत्रालय
ने सभी बंदरगाह पर केवल (श्रेडेड कतरन) स्क्रैप के आयात की अनुमति पर रजामंदी दी है
। गृह मंत्रालय के मुताबिक स्क्रैप से राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई आंच नहीं आनी चाहिए
। बैठक में रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी, गृह मंत्री शिवराज पाटिल और वित्त मंत्री
पी. चिदंबरम भी मौजूद थे । सुरक्षा समिति ने जम्मू - कश्मीर की तर्ज पर भारत -
बांग्लादेश सीमा के १५० गज के भीतर बाड़ लगाने के प्रस्ताव पर चर्चा की । भारत -
बांग्लादेश की ४०९६ किलोमीटर लंबी सीमा में से २८५ किलोमीटर में बाड़ का प्रस्ताव
है । भारत के इस प्रस्ताव का बांग्लादेश विरोध करता रहा है । भारत व इटली के बीच
सोमवार को द्विपक्षीय सहयोग के नए युग का सूत्रपात हुआ । दोनों देशों के बीच
अंतरिक्ष, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहित छह समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए । समझौतों
पर हस्ताक्षर किए जाने के दौरान भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व इटली के
राष्ट्रपति कार्लो एजिग्लियो सियांपी मौजूद थे । इसके बाद दोनों नेताओं ने समान
हितों वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय व अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार विमर्श किया ।
इटली के राष्ट्रपति कार्ल एजेग्लियो सियांपी व भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने
मुलाक़ात के दौरान आपसी संबंधों को बढ़ाने पर जोर दिया । इन दोनों नेताओं के बीच
दिल्ली के हैदराबाद हाउस में मुलाक़ात हुई । सियांपी ने अपनी भारत यात्रा को
महत्वपूर्ण बताया है । उल्लेखनीय है कि २० वर्षो के बाद इटली के किसी राष्ट्रपति की
यह पहली भारत यात्रा है । सियांपी ने पत्रकारों को बताया कि यात्रा के दौरान उन्हें
भारत जैसे शांतिप्रिय देश के साथ संबंध बढ़ाने का मौका मिलेगा । सोमवार को ही
राष्ट्रपति भवन में सियांपी की आधिकारिक रूप से आगवानी की गई । इस अवसर पर मनमोहन
सिंह व उनके मंत्रिमंडल के अन्य मंत्री भी उपस्थित थे । दोनों देशों के राष्ट्रगान
के बीच सशस्त्र सेनाओं द्वारा सियांपी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया । सियांपी के साथ
उनकी पत्नी फ्रेंका, इटली के वरिष्ठ मंत्री तथा व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल
भारत आया हुआ है । इस दल में इटली के विदेश मंत्री जियान फ्रेंको फिनी तथा शिक्षा
मंत्री लेतजिया मोराती शामिल हैं । मंगलवार को सियांपी इटली - इंडिया बिजनेस फोरम
का उद्घाटन करेंगे । फोरम का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई), फिक्की तथा इटली
के एक औद्योगिक संघ द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है । इस सम्मेलन में भारत और
इटली के करीब २०० कंपनियों के कार्यकारी अधिकारी भाग ले रहे हैं । नक्सलियों ने
रविवार रात अपनी साजिश को अंजाम देने से पहले जहानाबाद जेल में दहशत का माहौल पैदा
कर दिया था । उन्होंने गार्डों से जबर्दस्ती वार्डो के ताले खुलवाए और जेल में बम
फिट करने की बात कहते हुए कैदियों से भाग जाने को कहा । इतना सुनना था कि कैदियों
में भगदड़ मच गई । शहर के लोगों ने पूरी रात बेचैनी में गुजारी और पौ फटते ही
हजारों लोगों का हुजूम जेल के मुख्य दरवाजे पर आ जमा हुआ । भीड़ में कुछ लोग जेल
में बंद अपने संबंधियों के बारे में जानकारी लेने का प्रयास कर रहे थे और सुरक्षा
की बदइंतजामी के लिए जेल अधिकारियों को कोस रहे थे । भीड़ में शामिल शिक्षक
वीरेंद्र शर्मा ने मौजू सवाल उठाया, जब लोग कानून की गिरफ्त में भी सुरक्षित नहीं
हैं, तो कहां मिलेगी सुरक्षा । बिरजू नाम के एक कैदी ने बताया कि सभी हमलावर नक्सली
पुलिस की वर्दी पहने हुए थे । बिरजू ने बताया कि उस वक्त कैदी खाना खा रहे थे लेकिन
अचानक धमाकों और फायरिंग की आवाजों से माहौल में दहशत फैल गई । एक अन्य कैदी सुदामा
ने बताया कि 'भाकपा माओवादी' विद्रोहियों ने पहले दो संतरियों को गोली से उड़ा दिया
और फिर कई वार्डो के ताले खुलवाकर लोगों से भागने को कहा । एक नक्सली हाथ में
लाउडस्पीकर लिए कह रहा था जेल के अंदर बड़ा बम फिट कर दिया गया है, जो बस फटने ही
वाला है । इतना सुनते ही जेल में भगदड़ मच गई । कैदी जेल के मुख्य दरवाजे की ओर
दौड़े और अंधेरे में गायब हो गए । बिरजू के मुताबिक, इसके बाद नक्सलियों ने बाकी
बचे कैदियों से बड़े शर्मा के बारे में जानकारी ली और उसे वार्ड से निकालकर गोली
मार दी । नक्सली सरकार - विरोधी और पुलिस विरोधी नारे भी लगा रहे थे । बिरजू ने इस
संवाददाता के सामने सवाल उठाया कि हम जेल में हैं क्योंकि हम कानून का सम्मान करते
हैं । यदि हम भागना चाहते, तो क्या आपको लगता है कि कोई पुलिस वाला हमको रोक लेता ।
जैसे ही वह अपनी झोपड़ी से बाहर निकला, तो देखा कि खाकी वर्दी पहने कुछ लोग गोलियां
चला रहे हैं । इन लोगों ने उसे अपनी झोपड़ी के अंदर ही रहने को कहा । पुलिस लाइन और
जेल के बीच सड़क किनारे झोपड़ी में रहने वाला मिथिलेश उन्हें पुलिसकर्मी समझकर अंदर
चला गया । लेकिन, वे नक्सली थे । त्रिपुरा में सर्वेक्षण का काम कर रहे गैस अथॉरिटी
ऑफ इंडिया लिमिटेड (गेल) की सहयोगी कंपनी के तीन कर्मचारियों की मंगलवार की सुबह
आतंकवादियों ने हत्या कर दी । इस हत्याकांड में कथित रूप से नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ
त्रिपुरा के विश्वमोहन गुट के आतंकवादियों का हाथ माना जा रहा है । गेल ने कहा है
कि कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे पर राज्य सरकार के साथ बातचीत की जा रही है ।
गेल के मुताबिक यह तीनों कर्मचारी त्रिपुरा के तालीमुरा के भास्कर पारा इलाके में
स्थित गैस फील्ड में सर्वेक्षण का काम कर रहे थे । अपना ग्राहक आधार मजबूत करने के
लिए एयरटेल ने मंगलवार को एक और पेशकश की । अब पोस्टपेड प्लॉन के ३०० रुपये महीना
किराया देने वालों को दोहरा फुल टॉक टाइम मिलेगा । एयरटेल की मूल कंपनी भारती का
कहना है कि इस प्लॉन से जो ग्राहक अभी तक प्रिपेड सेवा का इस्तेमाल कर रहे हैं वे
इस प्लॉन को चुनेंगे । भारती की घोषणा के मुताबिक ३०० रुपये पोस्टपेड प्लॉन वाले
ग्राहक को पहली बार (और सिर्फ एक बार) २५० रुपये सदस्यता शुल्क और २५० रुपये
एक्टीवेशन शुल्क देना होगा । इस पर उसे ६०० रुपये का टॉक टाइम मिलेगा । यानि पहली
बार जब कनेक्शन लिया जाएगा तो उस समय तो ८०० रुपये देने होंगे लेकिन अगले महीने से
३०० रुपये रेंट के देने होंगें, पर उस पर टॉक टाइम ६०० रुपये का मिलेगा । इस प्लॉन
पर सभी लोकल कॉल दरें १.९९ रुपये प्रति मिनट और एसटीडी कॉल दरें २.९९ रुपये प्रति
मिनट होंगी । यह वही टैरिफ है जो एयरटेल अपने लाइफ टाइम कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं से
वसूल रहा है । इस प्लॉन पर कोई क्लिप (फोन करने वाले के नंबर की पहचान) शुल्क नहीं
लगेगा । यह प्लॉन दोनों मौजूदा और नए पोस्टपेड ग्राहकों के लिए है । एयरटेल के
प्रिपेड ग्राहक चाहें तो वे अपने मौजूदा नंबर को इस प्लॉन में बदल सकते हैं ।
केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के प्रमुख पद से हटाने से नाराज प्रख्यात अभिनेता
अनुपम खेर ने इसके लिए माकपा नेता हरकिशन सिंह सुरजीत को जिम्मेदार बताते हुए
उन्हें अदालत में घसीटने का फैसला किया है । खेर ने बृहस्पतिवार को सुरजीत को नोटिस
भेज कर उनके खिलाफ लगाए आरोप ४८ घंटे में वापस लेने या मानहानि के मुक़दमे के लिए
तैयार रहने को कहा है । पार्टी ने कहा कि खेर बहुत अच्छे और व्यस्त अभिनेता हैं ।
सरकार के इस फैसले को उन्हें अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन दिखाने के मौके के रूप में लिया
जाना चाहिए । गौरतलब है कि बुधवार को खेर को पद से हटाकर उनकी जगह शर्मिला टैगोर को
सेंसर बोर्ड का प्रमुख बना दिया था । पद से हटाए जाने के एक दिन बाद खेर ने
बृहस्पतिवार को यहां पत्रकारों से कहा कि माकपा के मुखा 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' में
सुरजीत ने उन पर हिंदूवादी संगठनों के एजेंडे पर काम करने और भगवाकरण की प्रक्रिया
में लिप्त होने का आरोप लगाया है । खेर ने कहा कि उन्हें इस पर कड़ी आपत्ति है ।
खेर ने बताया कि उनके वकील माजिद मेमन ने सुरजीत को भेज कर अगले ४८ घंटों में
सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा है । उन्होंने अपनी बर्खास्तगी पर सरकार से
स्पष्टीकरण मांगा है । खेर ने कहा कि मैं अपनी बर्खास्तगी की प्रतिक्रिया में
कानूनी कदम उठाने जा रहा हूं । मुझे इस पद से अपमानजनक तरीके से हटाया गया है । खेर
खुद को आरएसएस का आदमी क़रार दिए जाने से बेहद आहत हैं । मैं मानता हूं कि किसी भी
कलाकार को किसी खास समूह या संगठन से कुत्ते की तरह नहीं बांधा जा सकता । मैं
वैचारिक रूप से स्वतंत्र हूं और मुझे आरएसएस का आदमी क़रार दिया जाना बिल्कुल गलत
है । उनकी जगह शर्मिला टैगोर को बोर्ड का अध्यक्ष बनाए जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त
करते हुए उन्होंने इस सरकारी निर्णय को निरंकुश और ग़ैर - जिम्मेदाराना क़रार दिया
। अनुपम खेर ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री एस. जयपाल रेड्डी को भी लिखकर अपनी आपत्ति
दर्ज कराने का निर्णय लिया है । खेर ने कहा कि वे सरकार की इस ग़ैर - जिम्मेदाराना
कार्रवाई को चुपचाप नहीं सहेंगे । खेर ने कहा कि उनके कार्यकाल में फैसलों पर किसी
भी सरकार ने कोई हस्तक्षेप नहीं किया, लेकिन उन्हें ऐसा बताया जा रहा है कि १९८४ के
सिक्ख विरोधी दंगों पर आधारित फिल्म को मंजूरी देने के कारण उन्हें हटाया जा रहा है
। खेर ने कहा कि सरकार बदलने के बाद उन्हें पता तो चला था कि सरकार सेंसर बोर्ड के
अध्यक्ष पद के लिए कई लोगों से बात कर रही है । बासु चटर्जी से भी सरकार ने बात की
थी । कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के पैर में बुधवार को मोच आ गई है । इसके बाद अपने
आगे का कार्यक्रम रद्द कर वे दिल्ली लौट गए । पार्टी सूत्रों ने बताया कि संजय
गांधी अस्पताल के गेस्ट हाऊस में बाथरूम जाते समय राहुल गांधी का पैर फिसल गया ।
इसी से उनके दाहिने पैर में मोच आ गई । उनका इलाज डॉ. संजय तिवारी ने किया । दर्द
के कारण चलने में परेशानी महसूस कर रहे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपने संसदीय
क्षेत्र की डॉरसी रोड पर शिलान्यास को अंजाम तो दिया । लेकिन उन्होंने भाषण नहीं
दिया और अपनी यात्रा का वहीं समापन करते हुए वापसी की तैयारी कर ली । इस बात से
गुस्साए ग्रामीणों ने राहुल गांधी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । राहुल रिबन काटने के
तुरंत बाद तत्काल अपनी कार की ओर बढ़ गए । उन्होंने वहां मौजूद लोगों को संबोधित भी
नहीं किया । लेकिन वहां मौजूद लोग इस दौरान उनके मुंह से क्षेत्र के विकास की
योजनाओं की घोषणा की आस लगाए बैठे थे । जैसे ही राहुल गाड़ी में बैठकर जाने लगे
वहां मौजूद लोगों ने 'राहुल वापस जाओ' के नारे लगाए । उसके बाद राहुल गांधी दिल्ली
के लिए कूच कर गए । पाकिस्तान के मुत्तहिदा कौमी मूवमेंट (एमक्यूएम) के नेता अलताफ
हुसैन का मानना है कि राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को सेना प्रमुख बना रहना चाहिए ।
हुसैन ने कहा कि इससे पाकिस्तान में आतंकियों, अल - कायदा, तालिबान और मजहबी
कट्टरपंथियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई जारी रह सकेगी । हुसैन ने कहा कि अगर
मुशर्रफ सेना प्रमुख का पद छोड़ देते हैं तो उनकी स्थिति कमजोर हो जाएगी । उनके
द्वारा देश में आतंकियों, अल - कायदा, तालिबान व कट्टरपंथियों के खिलाफ शुरू की गई
कार्रवाई कमजोर पड़ जाएगी । अलताफ हुसैन 'हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशीप इनिशिएटिव
कांफ्रेंस' में हिस्सा लेने इन दिनों भारत आए हुए हैं । हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान
में मुहाजिरों के अधिकारों की लड़ाई जारी रखने के लिए उन्हें पाकिस्तान छोड़ना पड़ा
। पाकिस्तान में कई बार उनकी जान लेने की कोशिश की गई । हुसैन ने कहा कि उनकी
पार्टी एमक्यूएम व राष्ट्रपति मुशर्रफ की नीतियों में कोई समानता नहीं है ।
उन्होंने कहा कि मुशर्रफ आतंकवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई के एक सहयोगी हैं और वे
उनका सिर्फ नैतिक समर्थन करते हैं । उन्होंने कहा कि इससे विभाजन के समय अलग हो गए
परिवार फिर मिल सकेंगे । इसके साथ ही उन्होंने दोनों देश की सरकारों से कराची व
मुंबई के वाणिज्य दूतावास फिर से खोलने की मांग की हैं । उन्होंने कहा कि इससे गरीब
लोगों को अपने संबंधियों से मिलने के लिए एक दूसरे देश जाने को वीजा लेने में काफी
परेशानी का सामना करना पड़ रहा है । उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि भारत व
पाकिस्तान के बीच दोस्ताना संबंध क़ायम हो और दोनों देशों के बीच सभी मसलों का हल
वार्ता के जरिए निपटाया जाए । उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा को अस्थाई तौर पर
अतंर्राष्ट्रीय सीमा में बदल दिया जाना चाहिए । वीरता पदक पाने के लिए देश के
पूर्वोत्तर हिस्से में घुसपैठियों से फर्जी मुठभेड़ की फिल्म बनाने के मामले में
शुक्रवार को उस समय नया मोड़ आ गया जब अनुशासनात्मक मामलों में ब्रिगेडियर की
खिंचाई की गई । २००३ - ०४ के दौरान ब्रिगेडियर एस. एस. राव इंफाल में ७३वें ब्रिगेड
की कमान संभाल रहे थे । उसी दौरान हुई घटना जिसमें फर्जी मुठभेड़ की फिल्म बनाने के
लिए टोमैटो कैचप का प्रयोग किया था, बटालियन कमांडर कर्नल एच. एस. कोहली कोर्ट ऑफ
इंक्वायरी का सामना कर रहे हैं । कोहली के इन आरोपों के बाद अशासनात्मक मामलों में
राव की खिंचाई की गई । जब सेना के एक अधिकारी से इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने इस
पर कोई भी टिथी करने से इंकार करते हुए कहा कि कोर्ट ऑफ इंक्वायरी ने ब्रिगेडियर से
सवाल पूछे । चुनावों में कांग्रेस का प्रचार करने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री नगमा की
राजनीतिक संभावनाओं को अंडरवर्ल्ड के साथ ताल्लुकात के आरोपों से तगड़ा झटका लगा है
और कांग्रेस ने नगमा के पार्टी की सदस्य होने तक से हाथ झटक लिए हैं । हालांकि
कांग्रेस लगे हाथ यह कहकर बचाव भी कर रही है कि केवल आरोपों के आधार पर किसी को
दोषी नहीं ठहराया जा सकता लेकिन कांग्रेस में राजनीतिक भविष्य की तलाश में लगी नगमा
को इस बात से काफी निराशा होगी कि कांग्रेस प्रवक्ता ने उनके कांग्रेस सदस्य होने
की पुष्टि करने से भी इंकार कर दिया । अब प्रचारकों की सूची में नगमा का नाम शायद
ही दिखाई दे । अपराध जगत की कुख्यात डी कंपनी के कर्ता - धर्ता दाऊद इब्राहीम के
भाई अनीस इब्राहीम के साथ नगमा के ताल्लुकात होने के आरोप उस समय सामने आए जब
सीबीआई टीम को अंडरवर्ल्ड के ही एक सदस्य ने यह जानकारी दी । उसने आरोप लगाए हैं कि
नगमा तक १० लाख रुपये हवाला के जरिए भिजवाए गए । हालांकि नगमा ने विभिन्न प्रसार
माध्यमों के जरिए इन तमाम आरोपों का खंडन किया है, लेकिन अब कांग्रेस स्टार
प्रचारकों की सूची में नगमा का नाम शायद ही रखे । कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा के
मुताबिक 'नगमा कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करती रहीं हैं और प्रचार करना किसी भी
भारतीय का अधिकार है । कांग्रेस मुख्यालय पर नगमा पिछले माह से अक्सर दिखाई देतीं
थीं । खासकर पिछले महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में नगमा ने प्रचार में सक्रिय
भूमिका निभाई थी । 'उन्हें कांग्रेस की प्रमुख प्रचारक कहना ठीक नहीं होगा । उन्हें
नागरिक के तौर पर प्रचार करने की स्वतंत्रता है और वह कांग्रेस के पक्ष में प्रचार
कर रहीं थीं लगे हाथ ही वह यह भी कहते हैं कि आरोपों के आधार पर ही नतीजे निकालना
ठीक नहीं है । मामले को अदालत व जांच एजेंसी को देखना बाकी है । नानावटी आयोग में
भी अपने नेताओं के व्यक्तियों पर आरोपों की बात करके पल्ला झाड़ने वाली कांग्रेस का
नगमा के मामले में भी वही तर्क सामने आ रहा है । कांग्रेस का कहना है कि किसी एक से
संबंध सामने आए हैं लेकिन इसे कांग्रेस से जोड़ना ठीक नहीं है । 'कांग्रेस आज
स्वच्छ राजनीति की समर्थक है और कांग्रेस नेतृत्व ने कभी राजनीति के अपराधीकरण का
समर्थन नहीं किया चुनाव आयोग ने शुक्रवार को बिहार विधानसभा चुनाव के लिए फोटो
पहचान की अनिवार्यता खत्म कर दी । अभी तक चुनाव आयोग ने 'नो फोटो आई कार्ड नो वोट'
नामक अभियान छेड़ रखा था । चुनाव आयोग के इस निर्णय से लाखों मतदाता वोट डाल पाएंगे
जिन्हें फोटो पहचान नहीं मिले हैं । गत वर्ष फरवरी में हुए बिहार विधानसभा चुनाव की
तरह मतदाता अपनी पहचान के लिए वैकल्पिक पहचान का इस्तेमाल कर सकते हैं । गौरतलब है
कि १८ अक्तूबर को बिहार विधान-सभा के पहले चरण का मतदान संपन्न होने जा रहा है । इन
विकल्पों में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड और केंद्र सरकार, राज्य सरकार
या किसी पब्लिक लिमिटेड कंपनी के द्वारा जारी पहचान को शामिल किया गया है । चुनाव
आयोग ने १५ सितम्बर तक बिहार के सभी २४३ विधानसभा क्षेत्रों में फोटो पहचान बांटने
का काम प्रशासन को सौंपा था । लेकिन अब जबकि मतदान में सिर्फ चार दिन बाकी रहे गए
हैं, इस काम को पूरा करना लगभग असंभव है । आंध्र प्रदेश पुलिस ने मुख्यमंत्री वाई.
एस. राजशेखर रेड्डी के आवास के पास दो दिन पहले हुए आत्मघाती हमले में पाकिस्तानी
खुफिया एजेंसी आईएसआई की भूमिका होने की आशंका जताई है । पुलिस महानिदेशक स्वर्णजीत
सेन ने कहा कि इसके पीछे आईएसआई की भूमिका से इंकार नहीं किया जा सकता । उल्लेखनीय
है कि बुधवार की रात मुख्यमंत्री आवास के पास हुए इस हमले में दो व्यक्तियों की मौत
हो गई थी । यह हमला बेगमपेट इलाके में सिटी पुलिस टास्क फोर्स के कार्यालय में हुआ
था । यह संदिग्ध आत्मघाती हमलावर कार्यालय में घुस आया । विस्फोट के बाद उसकी और एक
गार्ड की मौत हो गई । हमले में इस हमलावर के चिथड़े उड़ गए, लेकिन उसका सिर
सुरक्षित है । पुलिस अभी तक इस हमलावर की पहचान नहीं कर पाई है । सेन के मुताबिक इस
व्यक्ति की लाश पर एक कागज पाया गया जिसमें मुज़ाहिद्दीन ७५ लिखा हुआ था । इससे यह
संकेत मिलता है कि यह हमलावर जेहादी संगठन से जुड़ा हो सकता है । मुंबई में १७
फरवरी को आयोजित समारोह में राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम डॉक्टर गंगुभाई
हंगल, लता मंगेशकर और चार अन्य संगीतकारों को सम्मानित करेंगे । इंडियन म्यूजिक
एकॉडमी (आईएमए) के ट्रस्टी ने पत्र भेजकर डॉ. हंगल को इसकी जानकारी दी है । सम्मान
के लिए चुने गए अन्य संगीतकारों में पंडित रविशंकर, उस्ताद अली अकबर खान, पंडित
भीमसेन जोशी और पंडित किशन महाराज शामिल हैं । करदाताओं की सुविधा को ध्यान में
रखते हुए बढ़ाई गई यह समय सीमा इलेक्ट्रॉनिक व कागजी दोनों तरह के माध्यमों पर लागू
होगी । यूपीए के घटक दलों में पेट्रोलियम पदार्थो की कीमतों में मामूली बढ़ोतरी
करने पर सोमवार को सहमति बन जाने के बाद आज इसकी घोषणा किए जाने की संभावना है ।
मंगलवार को इस मसले पर प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें
कीमतों में वृद्धि पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी । अनुमान है कि १५ - १६ जून की आधी रात
से पेट्रोल व डीज़ल की कीमतों में एक से डेढ़ रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया जा
सकता है । पेट्रोलियम पदार्थो की मूल्य - वृद्धि पर घटक दलों में सहमति बनाने को
लेकर आज पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर सबसे ज्यादा सक्रिय रहे । आखिर में सभी १४
दलों ने पेट्रोलियम पदार्थो के मूल्य बढ़ाने पर हामी भर दी । हालांकि उन्होंने यह
बताने से इंकार किया कि तेल की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी की जाएगी । इससे पहले
अय्यर ने वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस मसले पर
चर्चा की और विभिन्न विकल्पों पर विचार किया । इस बैठक में पेट्रोलियम सचिव बी. के.
चतुर्वेदी और राजस्व सचिव विनीता राय भी मौजूद थीं । वित्त मंत्रालय से जुड़े
सूत्रों के मुताबिक़ पेट्रोलियम मंत्रालय का प्रस्ताव है कि पेट्रो पदार्थो पर सीमा
शुल्क कम किया जाए । लेकिन, वित्त मंत्रालय बजट से पूर्व पेट्रो पदार्थो के सीमा
शुल्क में कटौती को लेकर ज्यादा उत्साहित नहीं है । सरकारी तेल कंपनियाँ भी
अंतर्राष्ट्रीय क़ीमत का खामियाजा वहन करने से कतरा रही हैं । यदि सीमा - शुल्क में
कटौती न की जाए और सरकारी कंपनियां सहयोग न करें तो पेट्रो पदार्थो की क़ीमत में ५
से ६ रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि करनी पड़ेगी । यूपीए गठबंधन सरकार के सहयोगी
दलों, खासतौर से वामपंथी दलों को यह क़तई मंजूर नहीं होगा । इसलिए पेट्रोलियम
मंत्रालय के पास बहुत थोड़े विकल्प बच जाते हैं । वर्तमान में डीज़ल पर २० फीसदी और
केरोसिन तेल व एलपीजी पर १० फीसदी की दर से सीमा - शुल्क वसूला जाता है ।
दीर्धकालीन नीति के रूप में पेट्रोलियम मंत्रालय अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रही
है । वर्तमान में पेट्रो पदार्थो पर क़ीमत के आधार पर आयात - शुल्क लगाया जाता है ।
विचार किया जा रहा है इसकी जगह प्रति लीटर के हिसाब से निश्चित कर लगाया जाए । ऑयल
पूल एकाउंट की योजना पर भी विचार किया जा रहा है ताकि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में तेल
की क़ीमत में हो रहे उतार - चढ़ाव के मद्देनज़र भारत में तेल की क़ीमत बढ़ाने की
जरूरत न पड़े । इस समय अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की क़ीमत ४२ - ४३ डॉलर
के आस - पास चल रही है । पिछले २१ वर्षो के दौरान यह अधिकतम मूल्य है । पिछले ५
महीने के दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के मूल्य में तक़रीबन ७ डॉलर
प्रति बैरल की वृद्धि के बावजूद राजनीतिक कारणों से पेट्रोलियम पदार्थो के मूल्य
में वृद्धि नहीं की गई । इससे सरकारी तेल कंपनियों को तक़रीबन ९०० करोड़ का घाटा हो
चुका है । केरोसिन तेल और एलपीजी की क़ीमत में २००२ से अभी तक किसी प्रकार की
वृद्धि नहीं की गई है । इससे केवल २००४ - ०५ में तेल कंपनियों को १४००० करोड़ की
चपत लगने की संभावना है । वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने सोमवार को आर्थिक मामलों में
यूपीए सरकार की राह में वामदलों के रोड़े अटकाने की बात को दरकिनार कर दिया ।
उन्होंने कहा कि वामदल केवल अपने विचारों को रखते हैं जिसका पूरा ध्यान रखा जाता है
। कांग्रेस के मुखपत्र 'वीकशनम' दैनिक के पुर्नस्थापना समारोह में चिदंबरम ने
संवाददाताओं को बताया कि वामदलों की अपनी विचारधारा है और वे उसका आदर करते हैं ।
इसी तरह कांग्रेस का भी अपने विकास का एक अपना मॉडल है और वामदलों को उसका आदर करना
चाहिए । वित्त मंत्री ने कहा कि वामदलों ने अब गैर नवरत्न कंपनियों में विनिवेश को
स्वीकार करना शुरू कर दिया है । वामदलों के गतिरोध के बावजूद सरकार नागरिक उड्डयन,
टेलीकॉम और बैंकिंग सेक्टर में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) पर आगे बढ़ना शुरू
कर सकती है । निर्णय विचार - विमर्श के बाद ही लिए जा रहे हैं । सरकार ने उन्हें कई
मुद्दों पर मनाने में कामयाबी भी हासिल की है । चिदंबरम ने कहा कि पश्चिम बंगाल
सरकार ने इस मामले में अधिक दूरगामी नीति अपनाई है । इससे राज्य में निवेश भी शुरू
हो गया है । इसके अलावा पूरे देश में निवेश में बढ़ोतरी हुई । खासकर कर्नाटक और
महाराष्ट्र में इसमें खासा इजाफा हुआ । भारत और पाकिस्तान के बीच शांति प्रक्रिया
जारी है । इसके साथ ही १९७१ की लड़ाई के बाद से बंद हुसैनीवाला - कसूर सीमा के
लोगों के दिलों में इसके फिर खुलने की हसरत जाग गई है । सीमावर्ती भारतीय क्षेत्र
हुसैनीवाला और पाकिस्तानी कस्बे कसूर के लोगों ने इस सीमा को खोलने की पुरजोर मांग
की है । अलबत्ता दोनों देशों के राजनीतिक गलियारों में भी इस सीमा को एक बार फिर
खोलने की थोड़ी - बहुत चर्चा होने लगी है । भारतीय सीमा फिरोजपुर और इस क्षेत्र के
सबसे करीबी पाकिस्तानी कस्बे कसूर के लोगों ने मिलकर इस सीमा को खुलवाने का बीड़ा
उठाया है । फिरोजपुर में हुई एक बैठक में दोनों कस्बों के प्रतिष्ठित लोगों ने
शिरकत की । इन लोगों ने एक संयुक्त कमेटी गठित की है । यह कमेटी अपने - अपने देशों
की सरकारों को सड़क मार्ग खोलने के लिए मनाएगी । कसूर से पाकिस्तानी सांसद चौधरी
मंजूर अहमद का कहना है कि भारत एक विकसित होता बाजार है और पाकिस्तान को इसका लाभ
लेना चाहिए । पाकिस्तान में पिछले हफ्ते जी - २० की बैठक के दौरान हुई बैठकों में
वाणिज्य मंत्री कमलनाथ और पाकिस्तान के वाणिज्य मंत्री हुमायूं अख्तर खान ने भी
पाया कि सड़क मार्ग से व्यापार बढ़ाने और पाकिस्तान से मिली अनुमति की पांच आवश्यक
वस्तुओं के अलावा भी और सामग्रियों के आदान - प्रदान की जरूरत है । इसके लिए हर
हालत में सीमा को कुछ और जगहों से खोलना लाजिमी हो गया है । किसी जमाने में सबसे
सक्रिय व्यापारिक केंद्र रहा फिरोजपुर अमृतसर से पिछड़ गया है । चूंकि वहां दोनों
देशों के बीच आयात - निर्यात के लिए वाघा सीमा खुली हुई है । फिरोजपुर के सांसद
जोरा सिंह मान ने कहा कि वे इस मुद्दे को शीघ्र ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के
समक्ष रखेंगे । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को साफ किया है कि बिहार
में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी गैर भाजपा दलों से चुनावी समझौता
करेगी । इसके साथ ही पार्टी बिहार में गैर भाजपा दलों का एक वृहद गठजोड़ बनाने का
प्रयास करेगी । गोवा मसले को सुलझाने के लिए पार्टी ने तारिक अनवर और छगन भुजबल को
गोवा भेजा है । ताकि विभिन्न विकल्पों पर विचार विमर्श किया जा सके । यह जानकारी
मंगलवार को पार्टी के प्रवक्ता डीपी त्रिपाठी ने पत्रकारों को दी । उन्होंने कहा कि
बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए पार्टी कई विकल्पों पर विचार कर रही है और सभी
समान विचारधारा के दलों से इस मसले पर बातचीत चल रही है । बिहार में एनसीपी गैर
भाजपा दलों के साथ चुनावी गठजोड़ करेगी । त्रिपाठी ने कहा कि कई राजनीतिक दलों के
नेता पार्टी में आने के इच्छुक हैं । और पार्टी इस बारे में सोच रही है । उन्होंने
कहा कि उत्तर प्रदेश के कई कांग्रेसी नेता भी एनसीपी में शामिल होना चाहते हैं ।
भाजपा नेता वरूण गांधी और शिवसेना सांसद सुरेश प्रभु के एनसीपी में आने की अटकलों
पर त्रिपाठी पत्रकारों के सवालों को टाल गए । उन्होंने कहा कि कई नेताओं से इस बारे
में बातचीत चल रही है और फिलहाल उन लोगों के नामों का खुलासा करना उचित नहीं है ।
पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि सूरत में हुए पार्टी के अधिवेशन में कई राजनीतिक दलों के
नेताओं ने हिस्सा लिया और इससे एक बात साफ हो गई है कि यूपीए गठबंधन के सभी दलों के
बीच बेहतर समन्वय है । गोवा में एनसीपी के विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल करने
के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम विकल्पों की तलाश कर रहे हैं । त्रिपाठी ने बताया कि
चुनाव से पहले इस बारे में सहमति बनी थी कि जिन विधायकों ने इस्तीफा दिया है और अगर
चुनाव के बाद वे जीतते हैं तो उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा । अभी इस
बारे में बातचीत चल रही है । केरल में करुणाकरण को पार्टी में शामिल करने के सवाल
पर त्रिपाठी ने कहा कि केरल में पार्टी सीपीएम की अगुआई वाले गठबंधन के साथ है और
सीपीएम से बातचीत करने के बाद ही इस बारे में कोई फैसला किया जाएगा । कश्मीर पर
फूंक - फूंककर कदम रख रहे भारत व पाकिस्तान और नजदीक आते दिख रहे हैं । पाकिस्तान
ने आज इसका संकेत देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री शौकत अजीज की भारत यात्रा के दौरान
दोनों देश जनरल परवेज मुशर्रफ के कश्मीर प्रस्ताव पर विचार करेंगे । कल ही भारतीय
विदेश मंत्री नटवर सिंह ने कहा था कि पाकिस्तानी राष्ट्रपति का प्रस्ताव औपचारिक
रूप से मिले तो इस पर विचार हो सकता है । पाकिस्तान के विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद
कसूरी ने बीबीसी से बातचीत के दौरान नटवर सिंह के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते
हुए कहा, हमारे प्रधानमंत्री शौकत अजीज भारत जा रहे हैं, जहां इस पर बातचीत होगी ।
शौकत अजीज दक्षेस के निवर्तमान अध्यक्ष के रूप में तीन दिवसीय यात्रा पर २३ नवंबर
को भारत आ रहे हैं । अजीज ने रविवार को कहा कि वह भारत यात्रा के दौरान
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ कश्मीर समेत विभिन्न मसलों पर बात करेंगे । कसूरी
ने कहा कि उन्होंने भारतीय विदेश मंत्री को पाकिस्तान आमंत्रित किया है । इसके बाद
हम ढाका में मिलेंगे और हमारे विदेश सचिवों की मुलाकात भी प्रस्तावित है ।
इस्लामाबाद में पाकिस्तानी विदेश विभाग के प्रवक्ता ने नटवर सिंह के बयान का स्वागत
करते हुए कहा कि कश्मीर मसले के समाधान की ओर यह सकारात्मक और रचनात्मक कदम है । या
फिर इस पर दोनों देशों का संयुक्त नियंत्रण हो या वहां संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव के
मुताबिक रायशुमारी करा ली जाए । कसूरी ने कहा कि पाकिस्तान चाहता है कि भारत खुले
दिमाग से सामने आए और ऐसा समाधान तलाशा जाए जिसे इतिहास में निर्णायक मोड़ के रूप
में याद किया जाए । उन्होंने कहा, हम उम्मीद करते हैं कि यह संभव होगा । हमने पिछले
वर्ष इस पर काफी मेहनत की है । दोनों देशों को यह तय करना होगा कि हम अब रिवर्स
गियर का इस्तेमाल न करें । यह पूछने पर कि इसका क्या यह मतलब निकाला जाए कि
पाकिस्तान संयुक्त नियंत्रण के लिए तैयार है, कसूरी ने कहा कि इस पर टिथी करने के
लिए उचित व्यक्ति नहीं हैं । यदि मैं इस पर कुछ कहूंगा तो इसकी तुरंत प्रतिक्रिया
होगी । मैं ऐसी गलती नहीं करना चाहता । कसूरी ने स्वीकार किया कि कश्मीर पर भारत और
पाकिस्तान के बीच गुप्त वार्ताएं हो रही हैं और इस पर प्रगति हो रही है । उन्होंने
कहा कि अच्छी बात यह है कि यह बातचीत पत्रकारों और छायाकारों के सामने नहीं हो रही
है । उन्होंने बताया कि यह बातचीत भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जे. एन.
दीक्षित और पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार तारिक अज़ीज़ के बीच हो रही है
। कसूरी ने कहा कि यदि प्रस्ताव भारत और पाकिस्तान को मंजूर हो और कश्मीरी इसे
खारिज कर दें तो क्षेत्र में कभी भी शांति कायम नहीं हो सकती । उन्होंने कहा कि यह
अच्छी बात है कि भारतीय गृह मंत्रालय हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान भेजने पर विचार
कर रहा है । पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ के कश्मीर मामले में हाल
के प्रस्ताव का केंद्रीय विदेश मंत्री के. नटवर सिंह के स्वागत करने पर हुर्रियत की
बांछें खिल गई हैं । हुर्रियत कांफ्रेंस के नरमपंथी घटक ने रविवार को कहा कि भारत व
पाकिस्तान ने सही ट्रैक पर अच्छी शुरुआत की है । अमलगम के अध्यक्ष मीरवायज उमर
फारुक ने जामा मस्जिद में यहां कहा कि हुर्रियत कांफ्रेंस सिंह के उस बयान का
स्वागत करती है जिसमें कहा गया था कि कश्मीर पर मुशर्रफ के ताजा प्रस्ताव पर भारत
विचार करेगा । उन्होंने कहा कि भारत व पाकिस्तान ने अब सही दिशा में अच्छी शुरुआत
की है । मीरवायज ने केंद्र से इस मामले पर और लचीला रुख अपनाने का आग्रह किया जिससे
इस मुद्दे का स्थाई समाधान निकल सके । उन्होंने उम्मीद जताई कि यूपीए सरकार का
रवैया कश्मीर के मामले में हुर्रियत के प्रस्ताव समेत अन्य प्रस्तावों पर और नरम
होगा । फारूक ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि हुर्रियत नेतृत्व को राज्य में शांति
प्रक्रिया को और बढ़ाने के लिए पाकिस्तान यात्रा की अनुमति दे दी जाएगी ।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कश्मीर समस्या के समाधान के लिए तीसरे पक्ष की
मध्यस्थता की संभावना को पूरी तरह से खारिज कर दिया । उन्होंने कहा कि दोनों देश
ऐसे समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं जो दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो ।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को आंध्र प्रदेश के रंगा रेड्डी जिले के अलूर
गांव में काम के बदले अनाज योजना की शुरुआत के बाद पत्रकारों से बातचीत में यह बात
कही । इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह और एस. जयपाल रेड्डी, आंध्र
प्रदेश के राज्यपाल सुशील कुमार शिंदे, मुख्यमंत्री वाई. एस. राजशेखर रेड्डी और
राज्य के मंत्री और विधायक मौजूद थे । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि कश्मीर
समस्या के समाधान के लिए किसी तीसरे पक्ष के दखल की कोई आवश्यकता नहीं है । दोनों
देश के बीच जारी वार्ता में कुछ सफलता मिली है । बाद में एक जनसभा को संबोधित करते
हुए प्रधानमंत्री सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में काम के बदले अनाज योजनाओं में
और सुधार किया जाएगा । शहरों की ओर पलायन को रोकने के लिए बाद में इसे रोजगार
गारंटी योजना में तब्दील किया जा सकता है । प्रधानमंत्री ने कहा कि यूपीए सरकार के
न्यूनतम साझा कार्यक्रम में ग्रामीण विकास पर ज्यादा जोर दिया गया है । उन्होंने
कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पंचायती राज संस्थानों को मजबूत
करना उनकी सरकार की प्राथमिकता में शामिल है । प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपिता
महात्मा गांधी के ग्रामस्वराज के सपनों को साकार करने के लिए केंद्र सरकार ग्रामीण
स्वास्थ्य योजना शुरू करने जा रही है । सरकारी सूत्रों के मुताबिक काम के बदले अनाज
कार्यक्रम को पहले देश के अत्याधिक पिछड़े डेढ़ सौ जिलों में चलाया जाएगा । इस
कार्यक्रम के अंतर्गत मजदूरों को प्रत्येक व्यक्ति प्रति दिन पांच किलो अनाज दिया
जाएगा । न्यूनतम मजदूरी का २५ फीसदी नकद दिया जाएगा । केंद्र सरकार इस कार्यक्रम के
तहत राज्यों को अतिरिक्त मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनाज और नकदी मुहैया
कराएगी । जल संरक्षण, सूखा राहत, भूमि विकास, बाढ़ नियंत्रण और सड़कों से ग्रामीण
सड़कों को जोड़ने जैसे कार्यों को रोजगार सृजन के मद्देनजर लिया जाएगा । इस
कार्यक्रम के अंतर्गत आंध्र प्रदेश के आठ जिले आदिलाबाद, महबूबनगर, रंगारेड्डी,
खम्माम, वारंगल, नालगोंडा, अनंतपुर और कड्डपा को लाया जाएगा । 'द गॉड ऑफ स्मॉल
थिंग्स' किताब के लिए बुकर अवार्ड जीतकर सुर्खियों में आने वाली अरुंधति राय ने
प्रतिष्ठित साहित्य अकादमी पुरस्कार लेने से इनकार कर दिया है । वजह साफ करते हुए
उन्होंने कहा कि भारत के अमेरिकी लाइन पर चलने के कारण मसलन औद्योगिक श्रमिकों से
बर्बरता की नीति, बढ़ता हुआ सैन्यकरण और आर्थिक नव उदारवादी नीतियों से खफा होकर ही
यह पुरस्कार ठुकरा दिया है । अरुंधति ने अकादमी के सचिव के. सचिदानंदन को फैक्स
भेजकर पुरस्कार न लेने की घोषणा की है । पिछले हफ्ते साहित्य अकादमी की जूरी ने
वर्ष २००५ के लिए उनकी पुस्तक 'दि अल्जेब्रा ऑफ इंफाइनाइट जस्टिस' को यह सर्वोकृष्ट
साहित्यिक पुरस्कार देने की घोषणा की थी । यह राजनीतिक लेखों का संग्रह है । पुस्तक
में संग्रहित लेख १९९८ और २००१ के बीच लिखे गए हैं और उनमें भारत सरकार की नीतियों
की तीखी आलोचना की गई है । अरुंधति ने पुरस्कार देने के फैसले के लिए अकादमी के इस
वर्ष के निर्णायक मंडल के प्रति आभार जताते हुए कहा है कि उनके दिल में जूरी और इस
पुरस्कार से सम्मानित लेखकों के प्रति सम्मान है । लेकिन सरकार की वर्तमान नीतियों
के विरोधस्वरूप मैंने इस पुरस्कार को अस्वीकार कर दिया है । अरुंधति ने जारी एक
विज्ञप्ति में बताया है कि बड़े बांधों के निर्माण, परमाणु हथियारों, बढ़ते
सैन्यकरण और आर्थिक उदारवाद की भारत सरकार की नीतियों का वह विरोध करती हैं । उनका
कहना है कि अब भी सरकार अपनी इन नीतियों के लिए प्रतिबद्ध है और सरकार किसी भी कीमत
पर इन्हें लागू करना चाहती है । उन्होंने कहा है कि सरकार की गलत नीतियों की वजह से
किसान आत्महत्या कर रहे हैं । लोगों को उनके ठिकाने से विस्थापित किया जा रहा है ।
गुड़गांव में श्रमिकों की पुलिस द्वारा बर्बर पिटाई, मणिपुर में बड़े बांध का विरोध
कर रहे दर्जनों लोगों की हत्या, और उड़ीसा में स्टील प्लांट का विरोध कर रहे लोगों
की हत्या जैसी घटनाएं सरकार के इस रुख के प्रमाण हैं । इसके अलावा 'दि अल्जेब्रा ऑफ
इंफाइनाइट जस्टिस' में न्यूयॉर्क और वाशिंगटन में ११ सितंबर २००१ को हुए हमलों के
बाद की अमेरिकी विदेश नीति की आलोचना की गई है । अरुंधति को १९९७ में उनके पहले
उपन्यास 'दि गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स' के लिए बुकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था ।
लेकिन हम लोग उन्हें अपने फैसले पर फिर से विचार करने के लिए कहेंगे क्योंकि यह
संस्था बौद्धिक और सांस्कृतिक रूप से स्वायत्त है लेकिन इसे धन सरकार से मिलता है ।
उन्होंने कहा कि पुरस्कार के लिए अरुंधति की जगह किसी और का चयन नहीं किया जाएगा ।
संसद के बजट सत्र को सुचारु ढंग से चलाने के लिए लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने
बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाई है । संसद का बजट सत्र बृहस्पतिवार से शुरू होगा ।
इस बार बजट सत्र के हंगामेदार होने की ज्यादा संभावना है । लोकसभा अध्यक्ष संसद का
नया सत्र शुरू होने से पहले हर बार सर्वदलीय बैठक बुलाने की औपचारिकता निभाते हैं ।
अध्यक्ष सभी दलों से सदन की कार्यवाही सुचारु तौर से चलाने के लिए सहयोग मांगते हैं
। लेकिन इस बार विपक्ष व खुद सरकार की सहयोगी पार्टियों के रुख को देखते हुए बजट
सत्र के दौरान सदन में शोर - शराबा व हंगामा ज्यादा होने की संभावना है । इसलिए
चटर्जी चाहते हैं कि सभी दलों से सदन को सुचारु ढंग से चलाने के मसले पर बात की जाए
। इधर संसद से बर्खास्त सांसदों का मामला भी अब अदालत में है । लोकसभा अध्यक्ष इस
मामले में अदालत के नोटिस का जवाब नहीं देने का फैसला कर चुके हैं । इस बारे में वे
सभी दलों के नेताओं और सभी विधानमंडलों के पीठासीन अधिकारियों की बैठक बुलाकर
समर्थन पा चुके हैं । सिर्फ भाजपा का रुख कुछ अलग है । अब अध्यक्ष को अपने इस फैसले
की सूचना सदन को देनी है । अध्यक्ष सदन से भी समर्थन चाहते हैं । जबकि सरकार को इस
बार बजट भी पेश करना है । इन तमाम बातों को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी
बुधवार को सभी दलों के नेताओं से मिलेंगे । हालांकि इससे पहले वे प्रधानमंत्री डा.
मनमोहन सिंह के अलावा यूपीए और एनडीए के नेताओं से अलग - अलग मिल चुके हैं ।
अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू. बुश से मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
द्वारा परमाणु समझौते पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की शिकायत किए जाने
पर देश में सियासी बवाल पैदा हो गया है । भाजपा ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त
की है । पार्टी ने कहा है कि प्रधानमंत्री ने देश की अंदरूनी राजनीति की विदेशी
धरती पर चर्चा न करने की परंपरा को तोड़ा है । सरकार को बाहर से समर्थन दे रही
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने भी भाजपा के सुर में सुर मिलाते हुए प्रधानमंत्री की
टिथी को बेवजह बताया है । कांग्रेस ने प्रधानमंत्री का पूरा बचाव करते हुए भाजपा की
इस बात के लिए आलोचना की है कि उसने तथ्यों को जाने बिना ही बात का बतंगड़ बना दिया
। प्रधानमंत्री ने बुधवार सुबह न्यूयॉर्क में बुश से ३० मिनट तक मुलाकात की ।
प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारू ने इस बैठक की मीडिया को जानकारी दी ।
बारू ने बताया कि मनमोहन ने बुश से कहा कि भारतीय संसद द्वारा समर्थित भारत -
अमेरिका परमाणु समझौते की वाजपेयी द्वारा आलोचना करने से उनको हैरानी हुई । भाजपा
ने कहा कि प्रधानमंत्री ने घरेलू राजनीति को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उठाकर देश की
राजनीति में एक नई कुप्रथा को जन्म दिया है, जिसके घातक परिणाम होंगे । भाजपा
कार्यकारिणी की बैठक से ठीक पूर्व प्रधानमंत्री के इस बयान से भाजपा को सरकार को
घेरने का एक नया मुद्दा मिल गया है । भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा
कि अब तक भारतीय राजनीति में यह स्वस्थ परंपरा रही है कि कोई भी नेता विदेश में
घरेलू राजनीतिक मुद्दों को नहीं उठाता है । लेकिन डॉ. सिंह ने वाजपेयी के खिलाफ
अमेरिका में टिथी करके इस परंपरा को तोड़ दिया है । उन्होंने कहा कि वाजपेयी
प्रधानमंत्री रहते हुए कितनी बार विदेश गए, लेकिन उन्होंने कभी भी घरेलू राजनीतिक
मुद्दों को नहीं उठाया । उन्होंने कहा कि मनमोहन के बयान से विश्व समुदाय में देश
की छवि धूमिल हुई है । इसे लेकर पार्टी देशव्यापी प्रदर्शन की रणनीति भी तय करेगी ।
मनमोहन के बयान पर आपत्ति व्यक्त करते हुए भाकपा महासचिव ए. बी. बर्धन ने कहा कि
किसी ने संसद में अथवा उसके बाहर क्या कहा, इसको बुश को बताने की क्या जरूरत है ।
ये हमारे मामले हैं । इस पर पूरा फैसला हमारा ही होगा । पर, संजय बारू के बातचीत का
खुलासा करने पर पार्टी के पास कोई जवाब नहीं है । खासकर उस वक्त जब विदेश मंत्रालय
ने दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत से संबंधित अपने बयान में इसका कोई जिक्र नहीं
किया है । पार्टी का कहना है कि इसका जवाब खुद संजय बारू ही दे सकते हैं । पार्टी
प्रवक्ता जयंती नटराजन ने इस बारे में सफाई देते हुए कहा कि हो सकता है राष्ट्रपति
बुश ने खुद प्रधानमंत्री से इस तरह का सवाल किया हो और मनमोहन सिंह ने जवाब हां में
दिया हो । हालांकि, हर बार की तरह कांग्रेस ने दोहराया कि भाजपा बेवजह गैरजरूरी
बातों को तूल देती है । यह प्रश्न किए जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री को
अंतर्राष्ट्रीय मंच पर इस तरह की बातें उठानी चाहिए । उनका कहना था कि हकीकत किसी
से छुपी नहीं है । जयंती ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अगर ऐसा कहा है तो यह गलत नहीं
है । रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने भी प्रधानमंत्री के बयान को पूरी तरह सही करार
दिया है । माकपा नेता सीताराम येचुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सच बोलकर कोई गलत
काम नहीं किया । बंदूक के साथ अब माओवादी खुद को एक और संघर्ष के लिए तैयार कर रहे
हैं । माओवादियों ने एक सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का गठन कर इस संघर्ष को अंजाम तक
पहुंचाने का ऐलान किया है । इसके तहत माओवादी नुक्कड़ नाटक और क्रांतिकारी गीत गाकर
लोगों को यह समझाने की कोशिश कर रहे हैं कि वे ही उनके शुभचिंतक है । झारखंड के
नक्सलवाद प्रभावित जिलों में माओवादियों के ये नाटक अब आम हो चले हैं । झारखंड के
लगभग सभी जिले माओवादी हिंसा की चपेट में हैं । इनमें २८ पुलिसकर्मियों सहित १०
लोगों की जान गई और माओवादी १८५ हथियार लूटकर ले गए । सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जरिए
आदिवासियों में माओवादी अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं । प्रशासन भी माओवादियों के इन
मंसूबों को समझ गया है । नक्सलियों की लड़ाई का मुकाबला करने के लिए पुलिस भी बंदूक
छोड़कर नुक्कड़ नाटक करने पर उतर आई है । लोगों को समझाने के लिए पुलिस ने भी
नुक्कड़ नाटक तैयार किया है । इस नाटक में एक नौजवान की जिंदगी को दर्शाया गया है ।
इसके जवाब में माओवादियों ने भी एक नाटक तैयार किया है । इस नाटक मे डाल्टनगंज के
स्कूल का जिक्र किया गया है । माओवादियों का दावा है कि यह स्कूल उन्होंने बनवाया
है और इसकी प्रबंध समिति में वही शामिल है । झारखंड सरकार एक बार इस स्कूल में ताला
भी लगा चुकी है । पर बाद में अदालत के हस्तक्षेप और स्थानीय दबाव की वजह से सरकार
को झुकना पड़ा । रांची के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने स्वीकार किया कि माओवादियों
का सांस्कृतिक प्रकोष्ठ आदिवासी इलाकों में काफी असरदार हो रहा है । माओवादियों के
मजबूत होने की वजह से दो गुटों का आपस में विलय होना भी है । नगर के शाही कटरा के
मैदान में बृहस्पतिवार को भरत मिलाप के आयोजन के लिए बज रहे लाउडस्पीकर को समुदाय
विशेष के कुछ लोगों द्वारा जबरिया बंद कराए जाने के विरोध में शुक्रवार की सुबह
हिंसा भड़क उठी । सड़क पर उतरे दोनों पक्षों के लोगों ने जमकर बवाल किया । इस दौरान
एक युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई । मारपीट और छुरेबाजी में दर्जनों लोग जख्मी
हो गए । स्थिति को नियंत्रित करने में एक सीओ समेत छह पुलिसकर्मी और पीएसी के जवान
भी घायल हुए हैं । उपद्रवियों ने चार दर्जन से अधिक दुकानों में तोड़ - फोड़ व लूट
- पाट के साथ ही उन्हें आग के हवाले कर दिया । मामले की गंभीरता को देखते हुए शहर
में कर्फ्यू लगा दिया गया है । तनावपूर्ण स्थिति के बीच दर्जनों लोगों को पुलिस ने
गिरफ्तार किया है । उपद्रवियों ने बलिया - शाहगंज पैसेंजर पर पथराव के साथ फायरिंग
भी की है । पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर तोड़ - फोड़ कर भाग रहे एक युवक को गोली मार
दी । उसकी मौत हो गई है । नगर के शाही कटरा के मैदान में बृहस्पतिवार की रात्रि
रामलीला मेला समिति की ओर से भरत मिलाप किया जाना था । शाम को समुदाय विशेष के
लोगों ने कार्यक्रम स्थल पर पहुंचकर वहां बंद करने के लिए समिति के लोगों से कहा ।
समिति के लोग तैयार नहीं हुए तो समुदाय विशेष के लोगों ने जबरिया लाउडस्पीकर बंद
करा दिया । इससे भरत मिलाप कार्यक्रम नहीं हो सका । इसी बात पर समिति के
पदाधिकारियों ने शुक्रवार की सुबह लगभग साढ़े छह बजे संस्कृत पाठशाला के समीप
नारेबाजी शुरू कर दी । उधर माता पोखरा पर भी नारेबाजी होने लगी । तीन दर्जन
मोहल्लों की दुकानों व रिहायशी मकानों में जमकर लूट - पाट हुई । उपद्रवी दुकानों को
लूटने के साथ ही उनमें आग लगा रहे थे । उपद्रवियों ने उसे पकड़कर गोली मार दी थी ।
इसकी सूचना मिलते ही नगर में कर्फ्यू लगा दिया गया । हालांकि इसके बाद भी छुरेबाजी,
पथराव, लूट - पाट व आगजनी की घटनाएं होती रही । नगर के अलहदादपुरा मुहल्ला स्थित एक
धार्मिक स्थल पर पथराव किया गया । उपद्रवियों ने सदर चौक और सलाहाबाद स्थित कई
दुकानों को आग के हवाले कर दिया । लूट - पाट व आगजनी में लगभग ढाई करोड़ से अधिक की
क्षति हुई । एक मिनी बस को भी जला दिया गया । पुलिस उपद्रवियों को काबू करने के लिए
हाथ पांव मारती रही, लेकिन वे पुलिस के नियंत्रण में नहीं आ सके । घटना में
क्षेत्राधिकारी मुहम्म्दाबाद गोहना समेत आधा दर्जन पुलिस व पीएसी के जवान भी जख्मी
हुए हैं । शहर में कर्फ्यू लगने के बाद गिरफ्तारियों का दौर जारी है । शाम को बलिया
- शाहगंज पैसेंजर जैसे ही मऊ स्टेशन पर पहुंची उपद्रवियों ने न सिर्फ उस पर
पत्थरबाजी की, बल्कि फायरिंग कर दहशत फैलाने की कोशिश भी की गई, जिसे जीआरपी के
जवानों ने निष्फल कर दिया । उधर पुलिस ने रेलवे स्टेशन पर तोड़ - फोड़ कर भाग रहे
एक युवक महताब को गोली मार दी । उसने दम तोड़ दिया । कांची के शंकराचार्य जयेंद्र
सरस्वती की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं । पहले हत्या का मामला दर्ज
हुआ और अब उन पर मंदिर से कीमती आभूषण और शिवलिंग चुराने का आरोप लगाया गया है । इस
मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए शंकराचार्य ने अग्रिम जमानत के लिए मद्रास
हाईकोर्ट में गुहार लगाई है । माना जा रहा है कि शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई हो
सकती है । शंकराचार्य ने कहा है कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे और आधारहीन हैं ।
तिरुवरुर जिले के पेरियाकुडी स्थित शिव मंदिर के एक पूर्व कर्मचारी सुरेश ने
शंकराचार्य और आठ अन्य लोगों के खिलाफ आभूषण और शिवलिंग चोरी करने का आरोप लगाया है
। कोट्टुर पुलिस में शिकायत दर्ज कराने वाले सुरेश ने कहा है कि इस साल १२ नवंबर को
आचार्य की मौजूदगी में शिवलिंग और कीमती 'नवरत्न हीरे' सहित अन्य आभूषण गायब हो गए
। यह मंदिर पेरियाकुडी में है और यह शंकाराचार्य का जन्म स्थान है । संयोग से
शंकराचार्य के पिता का भी जन्म इसी गांव में हुआ था । सूत्रों के मुताबिक जयेंद्र
सरस्वती पूजा करने मंदिर गए थे और वह वहां पांच मिनट तक रुके थे । सुरेश ने अपनी
शिकायत में कहा है कि शंकराचार्य के आदेश पर ही उनके सहयोगियों ने पीतम (पीठिका) के
नीचे दबे आभूषणों को निकाल लिया । उस दिन गांव और उसके अगल - बगल के लोग उनसे
आशीर्वाद लेने आए थे । उन्होंने कहा कि आभूषणों की चोरी के बारे में उन्हें कोई
जानकारी नहीं है और उन्हें यह भी पता नहीं है कि आखिर चोरी किसने की । कांग्रेस को
इस बात पर कोई ऐतराज नहीं है कि प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने अपना पहला
साक्षात्कार आरएसएस के मुखा 'पांचजन्य' को दिया है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष भी
निकाला जा रहा है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह विचारधारा के टकराव में पड़े बिना
सभी वर्गो को साथ लेकर चलना चाहते हैं । लेकिन इस तारीफ ने कांग्रेस को बचाव की
मुद्रा में ला दिया है और कांग्रेस को सफाई देनी पड़ रही है । कांग्रेस प्रवक्ता
जयंती नटराजन को आज इस मामले में बचाव करना पड़ा कि प्रधानमंत्री अन्य पत्रकारों की
तरह ही तरुण विजय को मिलने का समय दिया था, जिसे उन्होंने साक्षात्कार की तरह लिख
दिया है । उन्हें सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ पार्टी की लड़ाई जारी रहने का
संकल्प भी जाहिर करना पड़ा । उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता के खिलाफ पार्टी के
संघर्ष में कोई कमी नहीं आएगी । नटराजन ने कहा कि पांचजन्य में जिसे संपादक तरुण
विजय द्वारा लिया गया साक्षात्कार कहा जा रहा है, वास्तव में तरुण विजय सामान्य तौर
से मिलने वाले संपादकों की तरह ही दस मिनट के लिए प्रधानमंत्री से मिले थे । दस
मिनट में उनकी प्रधानमंत्री से जो बात हुई उसे ही छाप दिया गया है । पार्टी को इस
बात में कोई आपत्ति नजर नहीं आती । नटराजन ने इस साक्षात्कार को लेकर सोनिया गांधी
की नाराजगी की जानकारी होने से इनकार किया । रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा
लालकृष्ण आडवाणी पर लगाए आरोपों के बारे में प्रवक्ता ने कहा कि अगर उन पर आरोप लगे
हैं तो उन्हें इनका जवाब देना चाहिए । दो बच्चों के कानून के सवाल पर कांग्रेस
प्रवक्ता ने कहा कि इसे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भी देख रही हैं क्योंकि यह
काफी गंभीर मसला है । इसलिए इसके सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है । सांसदों को
सतर्क और मंत्रियों को तत्पर रखने के लिए लोकसभा स्पीकर सोमनाथ चटर्जी ने एक योजना
बनाई है, जिसे वह अगले सप्ताह से लागू करने वाले हैं । योजना के अनुसार स्पीकर
प्रश्नकाल के दौरान चर्चा के लिए निर्धारित २० प्रश्नों को बिना बारी के उठाएंगे ।
उन्होंने स्पीकर की अनुमति के बगैर पंजाब में कांग्रेस सरकार के खिलाफ किए गए एक
प्रदर्शन का मुद्दा उठाया था । मंगलवार को प्रश्नकाल के बाद स्पीकर ने कहा कि वह यह
सुनिश्चित करने के लिए योजना बना रहे है कि सवाल करने वाले सभी सांसद सदन में मौजूद
रहे और जिन मंत्रियों को जवाब देना हो वह अपने उत्तर के साथ तैयार रहें । इस मुद्दे
पर भाजपा के उपनेता वी. के. मल्होत्रा ने सुझाव दिया कि स्पीकर को इस मुद्दे को
पहले संसदीय सलाहकार समिति के सामने रखना चाहिए । इस पर स्पीकर ने कहा कि वह इस
मुद्दे पर सभी से उचित तरीके से सलाह - मशविरा करेंगे । सदन की कार्यवाही स्थगित
होने की वजह से समय के नुकसान पर गंभीर चिंता जताते हुए चटर्जी ने कहा कि सदन की
कार्यवाही में पारदर्शिता लाने के लिए वह अगले सप्ताह से प्रत्येक मंगलवार सदन में
इस बात की घोषणा करेंगे कि कितना समय बेकार गया । उन्होंने सांसद से कहा कि आपको
अपने सवाल की पूर्व सूचना देनी चाहिए । सांसद ने चंडीगढ़ में पार्टी की रैली को
पुलिस द्वारा बलपूर्वक रोके जाने का मामला उठाया था । इसके बाद अकाली दल सांसद सदन
के बाहर चले गए । बिहार में बृहस्पतिवार को पटाखे की दो फैक्ट्रियों में हुए
जबरदस्त विस्फोट में कम से कम ३२ लोगों की मौत हो गई । विस्फोट में लगभग ५० लोगों
के घायल होने की खबर है । दोनों फैक्ट्रियां राजधानी पटना से ५० किलोमीटर दूर
खुशरुपुर के मियां टोली में स्थित हैं । जिला मजिस्ट्रेट बी. राजेंद्र ने घटना में
३२ लोगों की मौत होने और २४ लोगों के घायल होने की पुष्टि की है । फतुहा अस्पताल के
चिकित्सा अधिकारी आर. एन. पी. सिन्हा ने बताया कि २५ घायलों को पटना के नालंदा
मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल में भेज दिया गया है । बख्तियारपुर, फतुहा व पटना के अन्य
अस्पतालों में भी लगभग २५ घायलों का इलाज चल रहा है । घटना में मरने वाले लोगों में
पांच महिलाएं व १० बच्चे शामिल हैं । राजेंद्र ने बताया कि दोनों फैक्ट्रियों के
मालिक मोहम्मद हकीम को गिरफ्तार कर लिया गया है । घटना में मरने वालों में हकीम के
परिवार के सात सदस्य भी शामिल हैं । डीआईजी (पटना रेंज) आर. सिंह ने कहा कि ऐसा
लगता है कि बिजली के शार्टसर्किट के चलते फैक्ट्री में आग लगने से विस्फोट हुए ।
घटना के चश्मदीद व मियां टोली के निवासी आफताब ने बताया कि पहले हमने बड़े धमाके की
आवाज सुनी । उसके बाद हुए कई विस्फोटों से आसपास की जमीन थर्रा गई । घटना के बाद
स्थानीय लोगों द्वारा जान बचाने के लिए भागने से अफरा तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई
। घटना के दूसरे चश्मदीद नागेंद्र गोस्वामी ने बताया कि धमाके की आवाज से धरती हिल
गई व आकाश धुएं से भर गया । पाकिस्तान की जेल में बंद सरबजीत की रिहाई के मामले में
पाक ने नरमी के संकेत दिए हैं । न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के बीच हुई बातचीत में सरबजीत की रिहाई के
मुद्दे पर चर्चा हुई । निजी टीवी चैनलों के मुताबिक विदेश सचिव श्याम सरन ने दोनों
नेताओं के बीच चार घंटे से अधिक समय तक चली बैठक में सरबजीत की रिहाई के मामले पर
बातचीत की जानकारी दी । उन्होंने कहा कि मुशर्रफ ने इस मामले पर विचार करने का भारत
को भरोसा दिया है । बृहस्पतिवार को दोनों नेताओं ने बातचीत के बाद एक साझा बयान पर
हस्ताक्षर किए जिसे मनमोहन सिंह की मौजूदगी में मुशर्रफ ने पढ़कर सुनाया । हालांकि
इसमें सरबजीत मामले का कोई जिक्र नहीं था । बुधवार को सरबजीत की रिहाई को तब एक
झटका लगा था जब पाक सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तान में पांच स्थानों पर हुए बम विस्फोट
के लिए सरबजीत को सुनाई गई मौत की सजा को बहाल रखते हुए कहा था कि मृत्युदंड पूरी
तरह सही है और उसे इस मामले में किसी तरह की रियायत नहीं दी जा सकती । जस्टिस
मोहम्मद नवाज अब्बासी ने अपने फैसले में मौत की सजा को सही ठहराया था । बिहार समेत
कुछ राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की मजूबरी में राजग के घटक दलों ने मतभेद
भुला दिया है । हिंदुत्व पर एक तरह से भाजपा के सुर में सुर मिलाते हुए राजग ने
जहां अयोध्या मामले का हल बातचीत के जरिए निकालने की बात की है, वहीं उसने देश के
धर्मनिरपेक्ष ढांचे के प्रति भी प्रतिबद्धता दोहराई है । जद (यू) की मांग पर सोमवार
को बुलाई गई राजग की बैठक में राजग को एकजुट रखने का फैसला करते हुए कहा गया कि
कांग्रेस - वामपंथी गठबंधन का यही एकमात्र विकल्प है । हालांकि यह बैठक हिंदुत्व
मुद्दे पर भाजपा से स्पष्टीकरण मांगने के लिए बुलाई गई थी । डेढ़ घंटे चली बैठक में
अधिकांश समय आगामी विधानसभा चुनाव पर चर्चा होती रही । अयोध्या विवाद का बातचीत के
जरिए समाधान करने का प्रस्ताव पारित करने के बाद राजग के घटक दल गठबंधन को और मजबूत
करने, बिहार में एंटी लालू फ्रंट बनाने और आंतरिक सुरक्षा एवं महंगाई जैसे मुद्दों
पर यूपीए सरकार को घेरने की रणनीति बनाने में जुटे रहे । इस तरह राजग की बैठक में
तकरीबन एक सप्ताह बाद रांची में आयोजित होने वाली भाजपा कार्यकारिणी की बैठक का
एजेंडा तैयार किया गया । राजग ने आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर सभी विवादों
को दरकिनार कर गठबंधन को और अधिक मजबूत करने का प्रस्ताव पारित किया । बिहार
विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए राजग ने लालू विरोधी ताकतों से एकजुट होने का
आह्वान किया है । राजग का इशारा लोक जनतांत्रिक पार्टी की ओर है । भाजपा के
हिंदुत्व पर वापस जाने की अटकलों के बीच बैठक के बाद राजग संयोजक जॉर्ज फर्नाडिस ने
कहा कि हम अयोध्या मामले में हमेशा से अदालती फैसले के पक्ष में रहे हैं, लेकिन
न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी के कारण राजग बातचीत के जरिए इसका समाधान चाहता
है । सरकार इस प्रयास में तेजी लाए ताकि समस्या का शीघ्र निपटारा हो सके । राजग का
विश्वास है कि अयोध्या विवाद के शीघ्र निपटारे से राष्ट्रीय एकता और अखंडता को
बढ़ावा मिलेगा और भारत सामाजिक रूप से मजबूत होगा । पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी
वाजपेयी के निवास पर संपन्न इस बैठक में वाजपेयी के अलावा भाजपा से लालकृष्ण
आडवाणी, जसवंत सिंह, वेंकैया नायडू और विजय कुमार मल्होत्रा, जद यू के नितीश कुमार,
शरद यादव और जार्ज फर्नॉडिस, अकाली दल बादल के एस. एस. ढींढसा, बीजू जनता दल के
अर्जुन चरण सेठी, तृणमूल कांग्रेस के दिनेश त्रिवेदी और इंडियन फेडरल डेमोक्रेटिक
पार्टी के पी. सी. थॉमस ने भाग लिया । राजग द्वारा पारित प्रस्ताव में आंतरिक
सुरक्षा के मसले पर यूपीए सरकार को घेरने की कोशिश की गई है । राजग ने पाकिस्तान के
साथ संबंध सामान्य बनाने के सिलसिले में सरकार द्वारा किए गए प्रयासों का स्वागत
करते हुए कहा है कि जम्मू कश्मीर के मामले में प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री द्वारा
दिए गए बयान संसद में पारित प्रस्ताव से बिलकुल अलग है । एक सवाल का जवाब देते हुए
पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह कहना कि 'सभी विकल्प
खुले हैं' और विदेश मंत्री का यह वक्तव्य कि सरकार मुशर्रफ के फार्मूले पर विचार
करेगी, संसद में सर्वसम्मति से पारित प्रस्ताव से मेल नहीं खाते हैं । देश में
तकरीबन १८ करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें स्वस्थ रहने के लायक भोजन नहीं मिल पाता है ।
वहीं करीब २२ करोड़ लोग ऐसे हैं जो अधिक खाने की वजह से गंभीर बीमारियों की चपेट
में आ रहे हैं । यह बताना हैरत में डालने वाला हो सकता है कि देश में होने वाली कुल
मौतों में से ५३ फीसदी की जड़ में खान - पान ही मूल वजह है । चिकित्सा विज्ञानियों
का सुझाव है कि इन समस्याओं से निपटने के लिए राष्ट्रीय आहार नियमावली बनायी जाए ।
ताकि स्वस्थ रहने लायक भोजन हासिल किया जा सके । केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में
पोषण सलाहकार बी. के. तिवारी के अनुसार देश में २५ फीसदी आबादी उच्च आय वर्ग, ४०
फीसदी मध्यम आय वर्ग और लगभग ३५ फीसदी निम्न आय वर्ग की है । जबकि निम्न तबके की ३५
फीसदी आबादी में लगभग १८ करोड़ लोग ऐसे हैं जो अत्यधिक गरीब हैं । उनके पास पोषण
योग्य भोजन भी उपलब्ध नहीं है । नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रीशन (एनआईएन) हैदराबाद
के पूर्व निदेशक डा. मोहन राव ने बताया कि कुपोषण और अति पोषण दोनों समस्याओं से
निपटने की गंभीर चुनौती खड़ी हो गई है । खाद्यान्न की उपलब्धता के बावजूद उसका
समुचित वितरण नहीं हो रहा है । डा. राव का सुझाव है कि सरकार राष्ट्रीय स्वास्थ्य
मिशन के तहत हर परिवार के एक सदस्य को रोजगार सुनिश्चित कराए । जबकि धनी तबके को
आगाह कराने के लिए आहार नियमावली बनाने की जरूरत है । कुछ साल पहले एनआईएन ने देश
भर के ४५० खाद्यान्नों को चिह्नित किया था । लेकिन अब इसमें कई और खाद्य पदार्थ
जुड़ गए हैं । तेज रफ्तार के कारण समय से पूर्व केरल तट पर झमाझम बारिश के साथ
पहुंचा मानसून हवाओं के बदले रुख से गुम हो गया । अब हवाओं के दोबारा बदलते रुख से
मानसून की वापसी अगले सप्ताह तक होने की संभावना बन रही है । अलबत्ता बारिश की
मात्रा और मानसून की रफ्तार दस्तक के वक्त जैसी नहीं रहेगी अर्थात बारिश कम मात्रा
में होगी । गत २५ मई को केरल के तटवर्ती इलाकों में झमाझम बारिश के साथ मानसून ने
समय से ६ दिन पहले आगाज किया था । समय से पूर्व मानसून की मेहरबानी को देखते हुए
किसानों ने बुआई शुरू कर दी । मौसम विभाग भी यही भविष्यवाणियां कर रहा था कि मानसून
जोरदार रहेगा और जून से सितंबर के बीच ९३ फीसदी बारिश होगी । लेकिन, हवाओं के बदले
रूख ने लोगों की उम्मीदों और मौसम विभाग की भविष्यवाणियों पर पानी फेर दिया । हवा
के झोंकों के बीच मानसून इस कदर गुम हो गया कि उसके दोबारा लौटने की उम्मीद ही
समाप्त होने लगी । दिल्ली स्थित मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हवाओं का
रूख मानसून के अनुकूल हो रहा है । इससे मानसून के दोबारा लौटने की उम्मीद जगी है ।
अगले एक सप्ताह में मानसून दोबारा लौट सकता है । आईएमडी पुणे के अधिकारियों के
मुताबिक मानसून की तेजी और बारिश का प्रतिशत हवा की गति पर निर्भर है । मानसून समय
पूर्व हवा की गति के कारण ही पहुंचा और हवा का रूख बदलने के साथ ही यह गुम भी हो
गया । अब दोबारा मानसून के अनुकूल हवा का रूख होने लगा है । इससे मानसून की वापसी
की उम्मीद तो है लेकिन, मानसून की गति और बारिश की मात्रा कम होने की आशंका भी है ।
अर्थात, विभिन्न स्थानों पर यह देरी से पहुंचेगी और बारिश भी कम होगी । झारखंड की
राजधानी रांची से लगभग २३० किलोमीटर दूर गिरिडिह जिले में माओवादी विद्रोहियों ने
रविवार को रेल पटरी को उड़ा दिया । पुलिस महानिदेशक जे. बी. महापात्रा ने यह
जानकारी दी है । महापात्रा ने बताया कि राज्य के कई हिस्से माओवादियों से प्रभावित
हैं । विद्रोहियों ने चंदोरो और चौधरी बंद रेलवे स्टेशन के बीच सुबह ७ बजे लगभग एक
मीटर रेलवे पटरी उड़ा दी । लगभग ६ घंटों तक रेल सेवा बाधित रहने के बाद पटरी ठीक कर
ली गई । उस लाइन पर रेल सेवा फिर से शुरू हो गई है । माओवादी अपने तीन नेताओं की
पिछले सप्ताह हुई गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं । इस बीच बीहड़ जंगलों में
माओवादियों से लोहा ले रही पुलिस को इन दिनों मच्छरों का सामना भी करना पड़ रहा है
। सीमावर्ती बोकारो और धनबाद जिलों की झुमरा पहाड़ियों के आसपास तैनात पुलिसकर्मी
इन दिनों मच्छरों से पैदा होने वाली मलेरिया जैसी बीमारियों का सामना कर रहे हैं ।
झुमरा सबसे खतरनाक पहाड़ियों में से एक है, जहां पर मच्छरों का जबर्दस्त आतंक है ।
राज्य पुलिस ने यहां पर एक सुरक्षा शिविर लगा रखा है । इस शिविर में केन्द्रीय
रिजर्व पुलिस बल के भी जवान तैनात हैं । झुमरा में तैनात एक पुलिसकर्मी ने कहा कि
किसी भी वक्त माओवादी विद्रोही हमारे शिविरों पर हमला कर सकते हैं लेकिन हम सबसे
अधिक आतंकित मच्छरों से हैं । मच्छरों के काटने के बाद दर्जनों पुलिसकर्मी मलेरिया
के शिकार हो चुके हैं । बोकारो के पुलिस अधीक्षक एम. एस. भाटिया ने कहा कि डेंगू और
मलेरिया को ध्यान में रखते हुए मच्छरों से होने वाली बीमारियों से मुकाबले के लिए
हमने सभी व्यवस्थाएं की हैं । हम लोग दवाइयों का छिड़काव कर रहे हैं । अपने
राजनीतिक भविष्य को मजबूती प्रदान करने में जुटे भाजपा के दो पूर्व दिग्गज उमा
भारती और मदनलाल खुराना सीलिंग मुद्दे पर एकजुट नजर आए । राजधानी में सीलिंग और
अवैध निर्माण के खिलाफ जारी अभियान पर विरोध जताते हुए दोनों नेताओं ने जंतर - मंतर
पर उपस्थित प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया । इसके लिए राजनीतिक पार्टियां काफी हद
तक जिम्मेदार हैं । उमा भारती ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी का मौजूदा समय में कोई
वजूद नहीं है । यह पार्टी अपनी सभी विचारधाराओं की तिलांजलि दे चुकी है । राजधानी
में सीलिंग के खिलाफ जारी अभियान पर उमा भारती ने कहा कि इस मुद्दे पर भाजपा को
मदनलाल खुराना का साथ देना चाहिए । प्रदर्शनकारियों को संबोधित करने के बाद दोनों
नेताओं ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा । इस दौरान संसद मार्ग पुलिस थाने पर दोनों
नेताओं को हिरासत में रखा गया । मदनलाल खुराना ने कहा कि कुछ समय से हाईकोर्ट के
आदेश से दिल्ली सरकार और दिल्ली नगर निगम द्वारा जिस तरह से बड़े पैमाने पर
अनाधिकृत रूप से बने भवनों व मकानों को गिराया जा रहा है, उसके कारण दिल्ली के
हजारों परिवार बर्बाद व बेघर हो रहे हैँ । दुकानों एवं व्यावसायिक संस्थानों की
सीलिंग के कारण इनमें कार्य कर रहे लाखों लोग बेरोजगार हो रहे हैं । खुराना ने
आग्रह किया इस संबंध में केंद्र सरकार यथाशीघ्र दिल्ली को बचाने के लिए अध्यादेश
जारी करे । उन्होंने इस संबंध में महाराष्ट्र के उल्हास नगर का उदाहरण दिया । इसके
अलावा, दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा मिलना चाहिए । केंद्र में एनडीए की वाजपेयी
सरकार द्वारा दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने संबधी बिल जो संसद में पेश हुआ
है, उसे स्वीकृति मिलनी चाहिए । अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के इस अभियान से
धूमकेतु के रहस्यों को जानने में मदद मिलेगी । रविवार को सूर्य निकलने से पहले ही
जब स्पेस कैप्सूल पहली बार धूमकेतु की धूल के नमूने लेकर सुदूर रेगिस्तान में उतरा
तो नासा के विज्ञानियों की खुशी का ठिकाना नहीं था । नासा के स्टारडस्ट
स्पेसक्राफ्ट को सात साल पहले धूमकेतु के लिए रवाना किया गया था । यह वर्ष २००४ में
वहां पहुंचा और सतह से धूलकणों को इकट्ठा कर कैप्सूल में डाल दिया जो रविवार को
सकुशल धरती पर पहुंच गया । नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर के कार्लटन एलेन ने कहा,
वास्तव में यह मिशन का सुखद अंत है । बाद में हेलीकॉप्टर पर सवार विज्ञानियों ने
रेगिस्तान में उस जगह को ढूंढ़ निकाला जहां कैप्सूल को उतारा गया था । विज्ञानियों
का कहना है कि धूमकेतु के धूल के नमूने से ग्रहों की उत्पत्ति के रहस्यों के बारे
में जानने में सहूलियत होगी । स्टारडस्ट के सात साल अंतरिक्ष में रहने के दौरान
वाइल्ड - २ नामक धूमकेतु से वर्ष २००४ में अंतरिक्षीय नमूने एकत्र किए गए ।
अंतरिक्ष यान में लगे टेनिस के रैकेट के आकार के एक उपकरण के जरिए धूलकणों को एकत्र
कर एल्युमीनियम के कनस्तर में डाला गया । विज्ञानियों ने बताया कि यह कैप्सूल
रविवार की सुबह २९,००० मील प्रति घंटे की गति से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश
किया । जब यह रेगिस्तान में उतर रहा था तब १००,००० फीट की ऊंचाई पर कैप्सूल का पहला
पैराशूट खुला । इस मिशन का प्रबंध नासा के जेट प्रोपल्शन लेबोरेट्री ने किया था और
इस पर २१ करोड़ २० लाख डॉलर (तकरीबन १० अरब रुपये) की लागत आई है । नासा के मुताबिक
इस नमूने से धूमकेतु की रासायनिक संरचना और ब्रह्मांड के निर्माण की शुरुआती
प्रक्रिया के बारे में विज्ञानियों को अहम जानकारी मिल सकेगी । इससे पहले २००४ में
अध्ययन के लिए सोलर विंड पार्टीक्लस लेकर आ रहा नासा का जेनेसिस प्रॉब डुगवे
प्रोविंग ग्राडंड में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था । मालूम हो कि १९९९ में प्रक्षेपित
स्टारडस्ट ने ४.८ अरब किलोमीटर की दूरी तय की और सूर्य का तीन बार चक्कर लगाया ।
वोटों की गिनती से ऐन पहले पेशबंदी कर रही बसपा को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के
नतीजे आते ही सांप सूंघ गया । यह पार्टी जहां सरकार गठन में अहम रोल की उम्मीद कर
रही थी, वहां उसका खाता तक नहीं खुला । लोकसभा चुनाव में पार्टी के अच्छे प्रदर्शन
के बाद विधानसभा चुनाव में उसके औंधे मुंह गिरने की वजहें असरदार उम्मीदवारों का
अभाव, अलग विदर्भ राज्य का चुनावी मुद्दा न बनना और उसका अकेले चुनाव लड़ना मानी जा
रही हैं । इस चुनाव ने यह भी साफ कर दिया है कि बसपा के साथ दलितों की राजनीति करने
वाली अन्य पार्टियों के लिए महाराष्ट्र में अभी बहुत ज्यादा गुंजाइश नहीं बन पाई है
। चंद महीने पहले ही हुए लोकसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन काबिल - ए - गौर रहा था
। खास तौर पर विदर्भ व मराठवाड़ा में उसने चुनावी नतीजों पर खासा असर डाला था । इन
दोनों क्षेत्रों की करीब १० संसदीय सीटों पर बसपा के चलते कांग्रेस व एनसीपी को हार
का मुंह देखना पड़ा था । बसपा को लोकसभा चुनाव में कुल मिलाकर ३.०६ फीसदी वोट मिले
और कुछ क्षेत्रों में तो उसे काफी अच्छे वोट मिले । सिर्फ विदर्भ व मराठवाड़ा की
बात करें तो बसपा को १० से १५ फीसदी वोट मिले । विदर्भ व मराठवाड़ा के तहत ११३
विधानसभा क्षेत्र आते हैं । लोकसभा चुनाव में बसपा ने अच्छी संख्या में उच्च जाति
के उम्मीदवार उतारे थे जिन्होंने अपने असर से अच्छे मत हासिल किए । नतीजों ने यह भी
साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश के उलट महाराष्ट्र में अभी सिर्फ अपने बूते सीटें
निकालना बसपा व दूसरी दलित राजनीति करने वाली पार्टियों के बस की बात नहीं है ।
सिर्फ दलित वोट सीटें निकालने के लिए काफी नहीं है । ये पार्टियां गठबंधन करके ही
आगे बढ़ सकती हैं । जानकारों के मुताबिक यही वजह थी कि मायावती की रैलियों में भीड़
उमड़ने के बावजूद वह वोटों में तब्दील नहीं हो सकीं । बसपा के कामयाब न होने की
तीसरी वजह अलग विदर्भ राज्य का चुनावी मुद्दा न बनना भी बताया जा रहा है । विभागों
के लिए लंबी खींचतान के बाद शनिवार को कर्नाटक में धर्म सिंह के नेतृत्व वाले
कांग्रेस - जनता दल (एस) मंत्रिमंडल का विस्तार किया गया । सिंह ने दोनों दलों से
पांच - पांच विधायकों को मंत्री बनाया है । मंत्रिमंडल में शामिल किए गए १०
मंत्रियों में ९ कैबिनेट स्तर के और एक राज्य मंत्री है । यह सत्र १६ जून तक चलेगा
। १० जून को नए सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी । नए मंत्रियों को कर्नाटक के राज्यपाल
टी. एन. चतुर्वेदी ने कड़ी सुरक्षा के बीच एक समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ
दिलाई । मंत्रिमंडल में कांग्रेस से शामिल होने वाले मंत्री हैं एम. मल्लिकार्जुन
खड़गे, प्रकाश हुक्केरी, के. श्रीनिवास गौड़ा, एस. आर. मोरे और तनवीर सेठ । जनता दल
(एस) से जिन लोगों को मंत्री बनाया गया है वे हैं पी. जी. आर. सिंधिया, एम. पी.
प्रकाश, पूर्व प्रधानमंत्री व जद (एस) के अध्यक्ष एच. डी. देवीगौड़ा के बेटे एच.
डी. रिवाना, डी. मंजुनाथ और मीराजुद्दीन पटेल । इन में से तनवीर सेठ को छोड़ सभी
कैबिनेट स्तर के मंत्री हैं । सेठ को राज्यमंत्री बनाया गया है । कर्नाटक के पहले
मंत्रिमंडल विस्तार में विभागों के बंटवारे को लेकर दोनों दलों में काफी खींचतान
हुई । इस मुद्दे पर दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के बीच बातचीत के बाद यह विस्तार
संभव हो पाया है । इससे पहले दिल्ली से बंगलौर पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में
धर्म सिंह ने कांग्रेस से मंत्रिमंडल में शामिल होने वाले नेताओं का नाम बताया ।
मंत्रिमंडल विस्तार में देरी के बारे में पूछे जाने पर सिंह ने बताया कि इस सिलसिले
में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से विचार विमर्श किया गया । सोनिया कर्नाटक के
राजनीतिक हालात पर नजर रखे हुई थी । धरम सिंह ने कहा कि विभागों को लेकर दोनों दलों
के बीच समझौता हो गया है । मंत्रियों में विभागों का बंटवारा सोमवार को किया जाएगा
। सिंह ने इस बात का संकेत दिया कि जल्द ही मंत्रिमंडल का दूसरा विस्तार भी किया
जाएगा । धर्म सिंह ने कहा कि सरकार को न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) के तहत
चलाया जाएगा । सीएमपी के लिए एक समिति गठित की जाएगी । गुजरात पुलिस मंगलवार को
अहमदाबाद के निकट मारे गए लश्कर - ए - ताइबा के चार आत्मघाती आतंकियों के कब्जे से
बरामद किए गए सेटेलाइट फोन से महत्वपूर्ण सूचनाएं इकट्ठा करने में जुटी है । पुलिस
अधिकारी अब भी कह रहे हैं कि आतंकियों में मारी गई लड़की के बारे में जानकारी नहीं
मिल पाई है । पुलिस अपराध विभाग के संयुक्त आयुक्त पी. पी. पांडेय ने पत्रकारों को
बताया कि मारी गई महिला आतंकी की पहचान की पुष्टि नहीं हो पाई है । मीडिया रिपोर्टो
में कहा गया है कि मारी गई लड़की मुंबई के किसी कॉलेज की छात्रा है । पांडेय ने कहा
कि जांच का काम अभी जारी है । पांडेय ने मीडिया की उस रिपोर्ट जिसमें सुरक्षा
एजेंसियों का हवाला दिया गया है, का खंडन किया जिसमें लड़की की पहचान इसरतजहां के
रूप में की गई है और वह मुंबई की खालसा कॉलेज की छात्रा बताई गई है । नाम न बताने
की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि सेटेलाइट फोन में दर्ज नंबरों की जांच की जा रही
है । इससे आतंकियों के संबंध में महत्वपूर्ण सूचनाएं मिल सकतीं हैं । सेटेलाइट फोन
की जांच के लिए उसे फोरेंसिक विभाग भेजा गया है । संगठन ने कहा कि गुजरात पुलिस का
आतंकी मामलों की जांच का रिकार्ड भी काफी खराब रहा है । इसलिए यह मुठभेड़ फर्जी
होने के बारे में भी संदेह पैदा करती है । ईरानी परमाणु कार्यक्रम को विश्व शांति
के लिए खतरा करार देते हुए पूर्व इस्राइली प्रधानमंत्री एहुद बराक ने कहा है कि
भारत ईरान को सैन्य परमाणु ताकत बनने से रोकने में महत्वपूर्ण रोल अदा कर सकता है ।
मध्यपूर्व की स्थिति पर व्याख्यान देते हुए भी उन्होंने यह बात कही । उन्होंने कहा
कि भारत, चीन और रूस मिलकर तेहरान को परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनने से रोक सकते
हैं । बराक ने कहा कि भारत विश्व बिरादरी के बीच महत्वपूर्ण रोल अदा कर रहा है ।
भारत प्रमुख देश है और वह ईरान को परमाणु ताकत बनने से रोकने में अपने प्रभाव का
इस्तेमाल कर सकता है । उन्होंने कहा कि ईरानी परमाणु कार्यक्रम विश्व शांति के लिए
बहुत बड़ा खतरा है । उन्होंने कहा कि इसकी अधिक संभावना है कि परमाणु हथियार
आतंकवादियों के हाथ लग जाए । बाद में उन्होंने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि
वे भारत की इसके लिए तारीफ करते हैं कि उसने अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी
में ईरान के खिलाफ वोट डाला । उन्होंने कहा कि भारत - इस्राइल संबंध तेजी से
प्रगाढ़ होता जा रहा है । इस्राइल भारत के साथ अपने रिश्ते को उच्च प्राथमिकता देता
है । उन्होंने अहमदीनेजाद के नेतृत्व वाली मौजूदा ईरानी सरकार को कट्टरपंथी और
अड़ियल करार दिया । बराक ने कहा कि अमेरिका ने इराक में भारी गलती की है । उन्होंने
चेतावनी देते हुए कहा कि इराक में उसकी उपस्थिति से समस्या पैदा होगी जिसका
मध्यपूर्व के देशों पर बुरा असर पड़ेगा । इराक में अमेरिकी सैनिकों को मिली जीत के
बाद अमेरिका वहां रहकर भारी भूल कर रहा है । उसे यह समझना चाहिए कि इराक में सभी
समुदाय के लोग चुनाव के बाद इराकी सरकार का समर्थन नहीं करेंगे । इराक में अमेरिका
की विफलता से मध्यपूर्व के देशों पर इसका बुरा असर पडेगा । इस्राइली इतिहास के
सर्वाधिक सफल सैन्य प्रमुख रह चुके बराक ने अहमदीनेजाद के उस बयान को भी
दुर्भाग्यपूर्ण बताया जिसमें उन्होंने इस्राइल का विश्व नक्शे से अस्तित्व मिटाने
की बात कही थी । विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के अंतर्राष्ट्रीय सचिव प्रवीण तोगड़िया
को अज्ञात व्यक्ति ने पत्र भेजकर जान से मारने की धमकी दी है । शहर के पालदी
क्षेत्र में स्थित विहिप मुख्यालय में भेजा गया । यहां बृहस्पतिवार को पत्रकारों के
साथ बातचीत में पुलिस की विशेष सुरक्षा शाखा के अधिकारी ने बताया कि विहिप मुख्यालय
को गुजराती भाषा में लिखा हुआ पोस्ट - कार्ड मिला है जो ११ जून को लिखा गया । जिसके
माध्यम से जून अंत से पहले डॉ. तोगड़िया को जान से मारने की धमकी दी गई है ।
अधिकारी ने बताया कि उक्त पत्र मिलने के बाद पुलिस ने तोगड़िया के इर्द - गिर्द
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है । वह अल्पसंख्यकों के विरुद्ध भड़काऊ भाषण देने की वजह
से उन्हें सबक सिखाना चाहता है । जिसमें यह भी लिखा है कि तोगड़िया जोरदार धमाके
में मारे जाएंगे । जिसको गंभीरता से लेते हुए विहिप कार्यालय सचिव अभयसिंह जाला ने
तुरंत इसकी सूचना गुजरात के गृहमंत्री अमित शाह को दी । गृहमंत्री ने तोगड़िया की
सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस आयुक्त कार्यालय को उचित व्यवस्था करने का
निर्देश दिया । वर्ष २००७ तक ३६९५५ मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन के लक्ष्य को
पूरा करने के लिए सरकार सभी बिजली परियोजनाओं की प्रगति पर करीबी नजर रखेगी । बिजली
सचिव आर. वी. शाही ने कहा कि सरकार बिजली क्षमता की बढ़ोतरी में कोई चूक नहीं चाहती
है । उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा बिजली परियोजनाओं पर करीबी नजर रखने के साथ ही
ईधन की आपूर्ति से संबंधित वर्तमान अड़चनों को दूर करेगी । शाही ने कहा कि क्षमता
विस्तार में कोई चूक न हो इसके लिए हम मौजूदा परियोजनाओं पर करीबी नजर रखने के साथ
ही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के निरंतर
संपर्क में हैं । उन्होंने कहा कि देश में बिजली की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित
करने के लिए सरकार ने रणनीति तैयार की है । इसके तहत बिजली संयंत्रों को ईधन की
आपूर्ति की बाधाओं को दूर करने, विभिन्न स्तरों पर परिवहन की व्यवस्था करने व
आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के उपाय किए जायेंगे । उन्होंने कहा कि
वर्ष २०१२ तक देश को सक्षम बनाना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि ५.६ करोड़ घरों में
अभी भी बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है । पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, उड़ीसा,
असम व उत्तर प्रदेश के ८० फीसदी ग्रामीण घरों में बिजली नहीं है । शाही ने कहा कि
पूंजी के निवेश से ग्रामीण विद्युतीकरण की गति में तेजी लाए जाने की जरूरत है ।
इसके लिए समयबद्घ लक्ष्यों को पूरा करने के लिए केंद्र द्वारा ९० फीसदी अनुदान के
साथ ही केंद्रीय पीएसयू का सहयोग व राज्यों की एजेंसियों की सहायता ली जानी चाहिए ।
उन्होंने बिजली की चोरी रोकने की जरूरत पर बल दिया । सांख्यिकी मंत्रालय के मुताबिक
४४ बिजली परियोजनाएं जिन पर काम चल रहा है । इसमें से ३९ परियोजनाएं ११वीं योजना
अवधि के पहले वर्ष तक पूरी हो जायेंगी । कुछ समस्याओं के चलते पांच परियोजनाएं समय
पर पूरी नहीं हो सकेंगी । इराक के पूर्व शासक सद्दाम हुसैन ने १९९० के दशक के मध्य
में ही अमेरिका और ब्रिटेन को आतंकवादी हमले होने की चेतावनी दी थी । उन्होंने अपने
सहयोगियों के साथ एक बैठक में कहा था कि आतंकवादी इन हमलों में जनसंहारक हथियारों
का इस्तेमाल भी कर सकते हैं । एबीसी न्यूज को मिले खुफिया टेप में इस बात का खुलासा
हुआ है । अमेरिकी अधिकारियों ने इन टेपों की विश्वसनीयता की पुष्टि की है । टेप में
सद्दाम को अपने राष्ट्रपति कार्यालय में यह बात कहते हुए दिखाया गया है । हालांकि,
इसमें वह इराक द्वारा किसी ऐसे हमले से इनकार रहे हैं । एबीसी के मुताबिक, टेप में
संयुक्त राष्ट्र निरीक्षकों के हाथ में इराक के अवैध हथियार कार्यक्रम के आंकड़ों
को नहीं लगने देने के बारे में सद्दाम के परिवार को बात करते हुए दिखाया गया है ।
एबीसी ने कहा है कि वह बाद में इन टेपों को दिखाएगा । टेपों में सद्दाम को यह कहते
हुआ सुना जा सकता है, आतंकवाद आ रहा है और मैंने अमेरिकियों को यह बात दो अगस्त के
काफी पहले बता दी है । यह बात मैंने ब्रिटेन को भी बताई है । टेप में सद्दाम ने कहा
है, आने वाले दिनों में आतंकवाद जनसंहारक हथियारों से लैस होगा । एबीसी का कहना है
कि यह टेप १९९० के दशक के मध्य में रिकॉर्ड किया गया है । ऐसा लगता है कि 'दो
अगस्त' से आशय दो अगस्त १९९० को कुवैत पर इराकी हमले की तारीख से है । सद्दाम अभी
युद्ध अपराध के आरोप में बगदाद में मुकदमे का सामना कर रहे हैं । टेप में सद्दाम
अनुमान लगा रहे हैं कि जनसंहारक हथियार के साथ आतंकवादी हमलों को रोक पाना बेहद
मुश्किल होगा । हालांकि, टेप में उन्होंने यह भी कहा है कि इराक ऐसे हमले नहीं
करेगा । एबीसी ने कहा है, ये टेप सद्दाम हुसैन द्वारा खुद उनके राष्ट्रपति कार्यालय
में रिकॉर्ड किए गए थे । इनका अनुवाद एफबीआई के लिए संयुक्त राष्ट्र निरीक्षण टीम
के सदस्य बिली टिएर्नी कर रहे हैं । उन्होंने ही एबीसी को यह टेप उपलब्ध कराया है ।
जिस बैठक में सद्दाम आतंकवादी हमले का अनुमान व्यक्त कर रहे थे, उनके पूर्व उप -
प्रधानमंत्री तारिक अजीज ने कहा है कि आतंकवाद में शामिल होने का इराक पर गलत आरोप
लगाया जा रहा है । एबीसी न्यूज द्वारा जारी टेप के सारांश के मुताबिक अजीज ने कहा,
सर जैविक हथियार बनाना बहुत आसान है । एबीसी के मुताबिक अजीज ने कहा, यह काम कोई
देश नहीं करेगा और किसी सरकार पर ऐसा आरोप लगाना बेवजह है । एबीसी ने कहा है, इस
टेप का प्रसारण उसके वर्ल्ड न्यूज टूनाइट और नाइटलाइन कार्यक्रम में किया जाएगा ।
इसमें जनसंहार के हथियार के बारे में जानकारी छुपाने के इराक के प्रयास का भी
खुलासा होता है । एबीसी ने इस टेप को वर्ष १९९५ में अप्रैल महीने के आखिरी हफ्ते या
मई में रिकॉर्ड किया गया बताया है । इसमें एक बैठक में सद्दाम और उनके वरिष्ठ
सलाहकार संयुक्त राष्ट्र की टीमों द्वारा जैविक हथियार कार्यक्रम की जांच के बारे
में चर्चा कर रहे हैं । इसके पहले इराक सरकार इन हथियारों की मौजूदगी से इनकार कर
चुकी थी । टेप में सद्दाम के दामाद हुसैन कामेल को यह कहते सुना गया है, हमारे पास
मौजूद सभी चीजों का हम खुलासा नहीं कर सकते हैं । हुसैन ने कहा है, हथियारों के
प्रकार, आयात की गई सामग्री की मात्रा, उत्पादन की मात्रा और इस्तेमाल की गई
सामग्री की मात्रा के बारे में हम उन्हें जानकारी नहीं दे सकते हैं । अमेरिकी
अधिकारी यह कबूल करते हैं कि ये टेप सही हैं । इन टेपों को दो खाड़ी युद्घों के बीच
तैयार किया गया था । एबीसी के मुताबिक, उन्होंने अपने स्रोतों के जरिए १२ घंटों के
ये टेप हासिल किए । मुंबई की एक अदालत ने चर्चित डांस बार गर्ल तरन्नुम खान तथा दो
अन्य सट्टेबाजों को जुआ खेलने के आरोप में २६ सितंबर तक के लिए पुलिस हिरासत में
भेज दिया । अदालत ने इन तीनों की जमानत याचिकाओं को भी खारिज कर दिया । शुक्रवार को
दोपहर में तीनों को अदालत में पेश किया गया । गौरतलब है कि आयकर विभाग के छापे के
दौरान भारी मात्रा में नकदी और संपत्तियों में निवेश संबंधी दस्तावेजों के बरामद
होने के बाद तरन्नुम सुर्खियों में आई थी । जांच के दौरान आयकर अधिकारियों को बार
गर्ल के मोबाइल में सट्टेबाजों और कुछ श्रीलंकाई क्रिकेटरों के टेलीफोन नंबर मिले
थे । इसके बाद मामले की जांच पुलिस ने अपने हाथ में ले ली थी । पुलिस ने एक सप्ताह
तक चली गहन पूछताछ के बाद तरन्नुम को गिरफ्तार किया है । इन तीनों के खिलाफ आपराधिक
साजिश रचने और सट्टेबाजी में शामिल होने का मामला दर्ज किया गया है । पुलिस ने इस
मामले में पहली बार सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कानून के प्रावधानों का इस्तेमाल
किया है । एक टीवी इंटरव्यू में तरन्नुम ने यह स्वीकार किया था कि वह सट्टेबाजी के
धंधे में शामिल थी और कुछ श्रीलंकाई क्रिकेटरों के साथ कथित संबंधों के कारण पुलिस
उसकी जांच कर रही थी । पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के सट्टेबाजी में
लिप्त होने के बारे में उसके पास ठोस साक्ष्य है । एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी
(भाजपा) के लिए १३ का नंबर अशुभ साबित हुआ । महाराष्ट्र विधानसभा का चुनाव १३
अक्तूबर को हुआ और भाजपा - शिवसेना के राज्य में सत्ता हासिल करने की आशा धूल में
मिल गई । भाजपा - शिवसेना ने १३ अक्तूबर को चुनाव टालने के लिए चुनाव आयोग से
अनुरोध भी किया था । लेकिन आयोग ने इनके अनुरोध को ठुकरा दिया । भाजपा - शिवसेना ने
१३ अक्तूबर को सर्व पितृ अमावस्या होने के कारण चुनाव की तिथि बढ़ाने का अनुरोध
किया था । सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश एस. एन. वरियावा द्वारा रेल मंत्री लालू
प्रसाद के खिलाफ चारा घोटाले में चल रहे मामले के ट्रायल कोर्ट जज को बदलवाने के
प्रयास का रहस्योद्घाटन किए जाने के बाद इस मुद्दे पर राज्यसभा में बुधवार को
विपक्षी सदस्यों ने बहिर्गमन किया । हालांकि सरकार का कहना था कि वह पूरे मामले की
जांच करवाएगी । भाजपा के सदस्य बलबीर पुंज का कहना था कि न्यायपालिका के कामकाज में
दखल देने की कोशिश की जा रही है । शून्य काल के दौरान पुंज ने यह मामला उठाया ।
इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने एक दूसरे पर आरोप - प्रत्यारोप लगाना
शुरू कर दिया । सदन में हंगामे का माहौल बन गया । राज्यसभा के सभापति भैरोंसिंह
शेखावत ने मामला शांत करने की कोशिश की लेकिन विफल रहे । कानून मंत्री हंसराज
भारद्वाज ने अपने जवाब में कहा कि न्यायपालिका में दखल देने वाले किसी भी व्यक्ति
से गंभीरता से निपटा जाएगा । उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी । देश
के हजारों निजी गैर अनुदान प्राप्त और अल्पसंख्यक कॉलेजों के मामले में सुप्रीम
कोर्ट ने बुधवार को प्रबंधन कोटे की सीटें निर्धारित करने और इनके उम्मीदवारों के
चयन के तरीके पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है । चीफ जस्टिस आर. सी. लाहोटी, जस्टिस
वाई. के. सब्बरवाल, जस्टिस डी. एम. धर्माधिकारी, जस्टिस अरुण कुमार, जस्टिस जी. पी.
माथुर, जस्टिस तरुण चटर्जी और जस्टिस पी. के. बालासुब्रमण्यम वाली सात सदस्यीय
खंडपीठ ने शैक्षणिक संस्थानों की ओर से पांच जजों वाली खंडपीठ के आदेश का
स्पष्टीकरण मांगने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रखा । याचिका कर्ताओं में
से एक ऑल इंडिया मेडिकल एंड इंजीनियरिंग कॉलेज एसोसिएशन ने याचिका में प्रबंधन कोटे
के लिए विभिन्न राज्यों में अलग से प्रवेश परीक्षा कराए जाने की बजाय अखिल भारतीय
प्रवेश परीक्षा कराने की मांग की है । याचिका में कहा कि अलग - अलग परीक्षाएं
आयोजित करने की वजह से प्रबंधन कोटे की तीन लाख से अधिक सीटें अभी भी खाली पड़ी हैं
। जबकि गैर अनुदान प्राप्त और अल्पसंख्यक कॉलेजों का कहना है कि प्रबंधन कोटे की
सीटें संस्थान द्वारा ही तय की जाती रही हैं और राज्य सरकार का कहना है कि कोटे का
निर्धारण सरकार द्वारा तय किया जाना चाहिए । भारतीय वायु सेना की बर्खास्त फ्लाइंग
ऑफिसर अंजलि गुप्ता ने राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्लू) से अपनी बर्खास्तगी के
मामले में फिर से जांच की गुहार लगाई है । उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय
दिशा निर्देशों के तहत इसकी जांच की जाए । मालूम हो कि भ्रष्टाचार और वरिष्ठ
अधिकारियों का आदेश नहीं मानने के आरोप में उन्हें दोषी पाए जाने पर जनरल कोर्ट
मार्शल के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था । गुप्ता का कहना है कि सैन्य अदालत
ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की जांच के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशाखा मामले
में दिए गए दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया । गुप्ता ने आज राष्ट्रीय महिला आयोग
की अध्यक्ष गिरिजा व्यास से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा । व्यास ने उन्हें
कर्नाटक राज्य मानवाधिकार और वायु सेना की ओर से की गई जांच की रिपोर्ट मंगाने का
आश्वासन दिया है । मालूम हो कि गुप्ता ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर यौन उत्पीड़न
का आरोप लगाया है । सैन्य अदालत ने उन्हें पांच मामलों में दोषी पाए जाने के बाद ८
दिसंबर को सेवा से बर्खास्त कर दिया था । मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज
महल की याद में ताजमहल क्या बनाया कि यह प्रेम की अमर निशानी बन गई, लेकिन सब -
इंस्पेक्टर मोहम्मद इस्माइल अपनी पत्नी मुमताज के लिए मुमताज हवा महल बनाने के कारण
निलंबित कर दिए गए हैं । मुजफ्फरपुर के सब - इंस्पेक्टर इस्माइल को पत्नी के लिए
ताजमहल के समान कृति बनाने की प्रेरणा ताजमहल से ही मिली । इस्माइल की पत्नी मुमताज
जिंदा हैं और पत्नी से अपने प्रेम के प्रदर्शन के लिए सब - इंस्पेक्टर ने सकरा थाने
में मुमताज हवा महल तैयार कर दिया । इस्माइल इसी थाने में तैनात हैं । लेकिन पत्नी
से प्रेम के प्रदर्शन का उनका यह तरीका उनके लिए परेशानी का सबब बन गया । हाल ही
में डीआईजी गुप्तेशवर पांडे ने उन्हें निलंबित कर दिया । इस्माइल को थाने में
मुमताज हवा महल बनाने के लिए निलंबित किया गया है । मोहम्मद इस्माइल ने इस बिल्डिंग
में स्थित अपने कार्यालय को छह महीने पहले मुमताज हवा महल का रूप दिया था । विशेष
तौर पर सजाए गए इस कमरे में दो विशाल दरवाजे हैं, जिनसे कमरे में ताजी हवा आती रहती
है । इस कमरे को बिल्कुल ताजमहल के रंग से रंगा गया है । मुमताज हवा महल की दीवारें
२४ फीट ऊंची हैं और आसपास कई तरह की चिड़ियों की मौजूदगी से यह और भी आकर्षक लगता
है । मोहम्मद इस्माइल ने इस कमरे की सजावट पर काफी खर्च किया है । वैसे जिस स्थान
पर अभी मुमताज हवा महल मौजूद है, वहां पिछले साल तक झंडातोलन हुआ करता था । बहरहाल,
विभागीय कार्रवाई ने सब - इंस्पेक्टर के हौसले पस्त कर दिए हैं । वह अपने निर्माण
का नाम मुमताज हवा महल से बदल कर रत्नालय करने पर सहमत हो गए हैं, जिससे कि उनके
खिलाफ आगे कोई कार्रवाई न हो । पिछली जुलाई में बॉंबे हाई स्थित ओएनजीसी के तेल
कुएं में आग लगने की घटना की जांच के लिए सरकार ने पूर्व पेट्रोलियम सचिव टी. एन.
आर. राव की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति के गठन की घोषणा की है । समिति को अपनी
रिपोर्ट सौंपने के लिए छह माह का समय दिया गया है । राव के अलावा ऑयल इंडिया के
पूर्व चेयरमैन रिटायर्ड मेजर जनरल एस. सी. एन. जठार और कोस्ट गार्ड के महानिदेशक
समिति के सदस्य होंगे । पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के मुताबिक समिति
दुर्घटना की परिस्थितियों और इसके बाद किए गए बचाव कार्यो की जांच करेगी । इसके
अलावा समिति समुद्र में स्थित तेल एवं गैस सुविधाओं की सुरक्षा को और पुख्ता करने
के उपाय भी सुझाएगी । गौरतलब है कि मुंबई हाई स्थित ओएनजीसी के एमएचएन प्लेटफार्म
पर गत २७ जुलाई को समुद्र सुरक्षा नामक एक जहाज के टकराने से आग लग गई थी । उस समय
प्लेटफार्म पर ३८३ कर्मचारी मौजूद थे । राहत एवं बचाव कार्यो के तहत इनमें से ३६१
लोगों को बचा लिया गया था, जबकि ११ लोगों के मारे जाने की पुष्टि की गई थी । इसके
अलावा ११ लोग लापता बताए गए थे । पंजाब में प्रकाश सिंह बादल विरोधी अकाली खेमे
एसजीपीसी चुनावों में हुई कथित गड़बड़ियों को लेकर एक मंच पर आ गए हैं । पंथक
मोर्चे के नेतृत्व में पांच अकाली नेताओं के एक शिष्टमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री
शिवराज पाटिल से मिलकर ११ जुलाई को हुए एसजीपीसी चुनाव में हुई गड़बड़ियों के चलते
उन्हें तत्काल रद्द कराने और नए सिरे से चुनाव प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है
। पूर्व सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा के नेतृत्व में पाटिल से मिलने गए इस
प्रतिनिधिमंडल में चरण सिंह लोहाडा, बलदेव सिंह मान, करनैल सिंह पंजौली और परमजीत
सरना जैसे बादल विरोधी अकाली नेता शामिल थे । बाद में एक पत्रकार सम्मेलन में इन
नेताओं ने आरोप लगाया कि गुरूद्वारा चुनाव के आयुक्त जे. एस. शेखों बादल के एक
पूर्व मंत्री जनमेजा सिंह शेखों के भाई हैं और उन्होंने बादल के इशारे पर चुनावों
में जमकर धांधलियां कीं । उन्होंने कहा कि मतदाता सूचियों में गड़बड़ियां की गईं और
बादल के कहने से जमकर भेदभाव बरता गया व धक्कामुक्की की गई । उन्होंने गृह मंत्री
से आग्रह किया कि ११ जुलाई को हुए चुनाव को रद्द करके नए सिरे से स्वतंत्र और
निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं । एसवाईएल के मसले पर भाजपा के रुख की कड़ी आलोचना करते
हुए इन नेताओं ने कहा कि भाजपा को इस संवेदनशील मसले पर भड़काऊ बयानबाजी से बाज आना
चाहिए वरना दोनों राज्यों का माहौल बिगड़ सकता है । उन्होंने अकाली दल सुप्रीमो
प्रकाश सिंह बादल से इस मसले पर भाजपा के साथ अपने संबंधों का खुलासा करने की मांग
की । पंथक नेताओं ने पंजाब के पक्ष का समर्थन करते हुए कहा कि यह मामला अब सुप्रीम
कोर्ट में विचाराधीन है और इस पर कोई राजनीति करने की बजाय सभी का दर्द समझ कर
दोनों पक्षों के साथ व्यावहारिक हालात को देखकर न्याय होना चाहिए । यूनाइटेड किंगडम
ने भारत व यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) का प्रस्ताव रखा
है । आज यहां यूके के व्यापार मंत्री इयान पीयरसन के साथ मुलाकात के बाद
संवाददाताओं से बातचीत करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ ने यह
जानकारी दी । इस प्रस्ताव के बारे में उन्होंने कहा कि व्यापार को बढ़ाने वाले
प्रत्येक विचार के लिए भारत के दरवाजे खुले हुए हैं । कमलनाथ ने कहा कि विश्व के
साथ भारत के व्यापार में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और इसे और बढ़ाने के सभी अवसरों
पर विचार किया जाना चाहिए । इस मौके पर कमलनाथ ने यूके द्वारा भारतीय उत्पादों को
अपने बाजार में प्रवेश से रोकने के लिए लगाई जा रही गैर - शुल्कीय व्यापार बाधाओं
का भी जिक्र किया । उन्होंने कहा कि यूके को व्हिस्की की परिभाषा में बदलाव करना
चाहिए ताकि भारतीय व्हिस्की वहां बिक सके । गौरतलब है कि अभी तक यूके में भारतीय
व्हिस्की रम व जिन की परिभाषा के तहत बिक रही है । इसके अलावा कमलनाथ ने भारतीय
दवाओं, अकाउंटेंट फर्मों और कानून की डिग्री को यूके में मान्यता देने का मुद्दा भी
उठाया । बैठक के दौरान पीयरसन ने यूके के बैंकों को भारत में प्रवेश देने और शराब
पर लगी उच्च शुल्क दरों के मुद्दों को उठाया । इस मौके पर दोनों पक्षों ने विश्व
व्यापार संगठन (डब्लूटीओ) वार्ता के चालू दोहा दौर को वर्ष २००६ के आखिर तक समाप्त
कर लेने पर सहमति व्यक्त की । सरकार ने भारतीय मानक ब्यूरो को राष्ट्रीय पूछताछ
केंद्र के रूप में नामित किया है । इसका मकसद व्यापार से संबंधित तकनीकी बाधाओं को
दूर करने में मदद करना है । विश्व व्यापार संगठन के समझौते के तहत सरकार ने यह कदम
उठाया है । केंद्रीय उपभोक्ता मामलों के राज्य मंत्री तसलीमुद्दीन ने राज्य सभा में
एक सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रीय पूछताछ केंद्र के रूप में ब्यूरो तकनीकी
विनियमों और मानकों से संबंधित प्रश्नों का जवाब देता है । उन्होंने कहा कि देश में
सूचना केंद्र के रूप में काम कर रहा ब्यूरो विश्व व्यापर संगठन के अन्य सदस्यों को
व्यापार की तकनीकी बाधाओं को हल करने में मदद कर रहा है । केंद्र सरकार ने न्यूनतम
साझा कार्यक्रम (सीएमपी) के तहत संचालित की जाने वाली और आम जनता से जुड़ी अपनी
स्टार योजनाओं की कड़ी निगरानी करने का फैसला किया है । इसका जिम्मा योजना आयोग को
सौंपा गया है । इस कड़ी में योजना आयोग ने ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनएचआरएम) की
निगरानी के लिए एक विशेषज्ञ समूह गठित कर दिया है । योजना आयोग के सूत्रों के
अनुसार प्रधानमंत्री के निर्देश पर यह फैसला किया गया है । दसवीं योजना की मध्यावधि
समीक्षा (एमटीए) की प्रगति रिपोर्ट में इन कदमों का जिक्र किया गया है । राष्ट्रीय
ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन इस साल के शुरू में आरंभ किया गया था और कई राज्यों में यह
लागू हो चुका है । अब इस पर निगरानी रखने के लिए आयोग की सदस्य सईदा हामिद की
अध्यक्षता में विशेषज्ञों का एक कोर ग्रुप बनाया गया है । जिसमें सरकार और
स्वयंसेवी संगठनों के विशेषज्ञों को भी शामिल किया जा रहा है । ग्रुप को ३१ जनवरी
२००६ तक अपनी रिपोर्ट देनी है । ग्रुप एक साल के दौरान मिशन की सफलता व असफलता का
लेखा - जोखा तैयार करेगा । अगले वित्तीय वर्ष से पहले ही स्वास्थ्य मंत्रालय और
योजना आयोग मिलकर खामियों को दुरुस्त करेंगे । सूत्रों के अनुसार न्यूनतम साझा
कार्यक्रम के तहत शुरू की गईं योजनाओं की सफलता को लेकर सरकार आशंकित बताई जाती है
। सरकार का मानना है कि योजनाओं का मकसद तो अच्छा है और बजट की भी कमी नहीं है
लेकिन ये क्रियान्वयन में खरी उतर पाएंगीं, इसका सरकार को भरोसा नहीं है । यही कारण
है कि पिछले दिनों सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई राष्ट्रीय सलाहकार परिषद
(एनएसी) की बैठक में ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की सफलता पर संदेह व्यक्त किया गया है
और स्वास्थ्य मंत्रालय को इसके लिए फटकार लगाई गई कि यह योजना शुरू तो हो गई है
लेकिन इसके लक्ष्य ही स्पष्ट नहीं हो रहे हैं । इसलिए उसे फिर से लक्ष्यों को
परिभाषित करने को कहा गया । सरकार की एक और महत्वपूर्ण योजना है शहरी नवीनीकरण मिशन
। इस योजना को पिछले सप्ताह कैबिनेट की मंजूरी के लिए लाया गया था लेकिन बताया जाता
है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह शहरी विकास मंत्रालय द्वारा तैयार योजना के ड्राफ्ट
से संतुष्ट नहीं हो पाए थे जिस कारण उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त
मंत्रालय के एक - एक संयुक्त सचिव को इस योजना का नया ड्राफ्ट तैयार करने के लिए
शहरी विकास मंत्रालय को मदद करने का निर्देश दिया है । इन दोनों योजनाओं के शुरू
होने के बाद इनकी निगरानी के लिए भी विशेषज्ञ समूह गठित होंगे । भाजपा अध्यक्ष
लालकृष्ण आडवाणी को पाकिस्तान में फ़िजां बदली हुई नजर आई थी । पर पूर्व
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को लिख कर जानना
चाहा है कि पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया हम किस कीमत पर चलाना चाहते हैं ।
पाकिस्तान पर सरकार की नीतियों पर हमला करने के लिए वाजपेयी ने पूर्व विदेश मंत्री
यशवंत सिन्हा को मैदान में उतारा । वाजपेयी ने अपने पत्र में जो कुछ कहा है वह
पाकिस्तान से लौटने के बाद आडवाणी के बयानों से मेल नहीं खाता । हुर्रियत नेताओं के
बिना पासपोर्ट - वीजा के पाकिस्तान जाने और केंद्र सरकार की ओर से उसका विरोध न
होने पर वाजपेयी ने कड़ी आपत्ति की है । याद रहे हुर्रियत नेता जब पाकिस्तान पहुंचे
तो आडवाणी वहीं थे । पर उन्होंने वहां से लौटने के बाद इस मुद्दे पर कुछ बोलने की
जरूरत नहीं समझी । पार्टी सूत्रों के मुताबिक राजग सरकार के दौरान यह तय हुआ था कि
पाकिस्तान के साथ शांति प्रक्रिया में कश्मीर के मुद्दे पर पकड़ हमेशा भारत के हाथ
में होनी चाहिए । वाजपेयी के पत्र में यूपीए सरकार की नीति पर हमला करते साफ कहा
गया कि कश्मीर मुद्दे पर एजेंडा अब पाकिस्तान तय कर रहा है । पत्र में कहा गया है
कि यूपीए सरकार ने पाकिस्तान को भारत के साथ अपनी पूर्व प्रतिबद्धता से मुकर जाने
का मौका दिया । पार्टी सूत्रों के मुताबिक वाजपेयी ने अब इस मुद्दे पर कमान संभाल
ली है । अटल बिहारी के लिखे को जारी करते हुए पूर्व विदेश मंत्री और पार्टी के नेता
यशवंत सिंहा ने बृहस्पतिवार को कहा कि भाजपा आज भी भारत - पाक शांति प्रक्रिया के
जारी रखने के पक्ष में है पर पार्टी को यूपीए सरकार द्वारा इस प्रक्रिया को आगे
बढ़ाने के तरीकों पर आपत्ति है । भारत - पाक की शांति वार्ता कश्मीर पर केंद्रित
होती जा रही है और सरकार इस मामले को कूटनीतिक तरीके से हल नहीं कर रही है ।
पाकिस्तान को इस वार्ता को सफल बनाने के लिए हिंसा बंद करनी होगी । भारत सरकार को
इस बारे में स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाना चाहिए । सिंहा ने कहा कि आज जिस तरह से पाक
सूचना मंत्री शेख राशिद पाकिस्तान में आतंकी शिविर चलाने के मामले में बेनकाब हुए
उससे तो भारत - पाक के बीच सन् २००४ में जारी साझा बयान की अवहेलना हुई है । बयान
में कहा गया था कि कश्मीर में हिंसा बंद होगी और कश्मीर हल में किसी थर्ड पार्टी की
बात नहीं होगी । सिन्हा ने कहा कि जिस तरह भारत सरकार ने हुर्रियत नेताओं को बिना
पासपोर्ट पाकिस्तान जाने की अनुमति दी वह गलत था । सिन्हा ने कश्मीर पर हुर्रियत
द्वारा त्रिपक्षीय वार्ता और अंतर्राष्ट्रीय गारंटी की मांग को खारिज करते हुए कहा,
यूपीए सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए । उन्होंने हुर्रियत को अनावश्यक महत्व
देने पर भी आपत्ति जताई । उपभोक्ता अदालत ने मेडिक्लेम पॉलिसी के एक मामले में
ओरियंटल इंश्योरेंस कंपनी को झाड़ पिलाते हुए बीमित व्यक्ति को क्लेम के भुगतान
सहित ९३,३६९ रुपये के हरजाने का निर्देश दिया है । यह पॉलिसी पति - पत्नी के
संयुक्त नाम से थी । अदालत ने कहा कि महिला यदि पिछले २० साल से गठिया की बीमारी से
ग्रस्त थीं तो इसका मतलब यह नहीं है कि वह किसी हादसे में घायल नहीं हो सकतीं ।
उसके दाहिने कूल्हे के बदले जाने को लंबी बीमारी से जोड़कर देखना उचित नहीं है ।
वादी ने अपने दावे के क्रम में जयपुर गोल्डन अस्पताल की वह रिपोर्ट पेश की थी,
जिसमें उनकी पत्नी मालती के गिर जाने के बाद कूल्हे का ऑपरेशन हुआ था । इस रिपोर्ट
में साफ कहा गया था कि मरीज को यह चोट गिर जाने की वजह से लगी है । इससे पहले जिला
उपभोक्ता अदालत ने २८ अप्रैल १९९८ को अपने फैसले में कंपनी को निर्देश दिया था कि
वह निगम दंपति को इलाज और मुकदमे पर हुए खर्च के साथ बीमा राशि का भुगतान करे ।
कंपनी ने इसके खिलाफ राज्य उपभोक्ता आयोग में अपील की थी । आयोग ने यह अपील खारिज
करते हुए कंपनी की दलील को अनुचित करार दिया । सरकार ने आईआईटी, आईआईएम और आईआईएससी
जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों को संशोधित ब्लॉक ग्रांट देने को मंजूरी देकर बड़ा तोहफा
दिया है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां हुई कैबिनेट की बैठक
में यह फैसला किया गया । गौरतलब है कि इन संस्थानों को यह ग्रांट १९९४ से दी जा रही
थी और २००२ तक लगातार दी गई । २००२ के बाद इसमें अवरोध आ गया था और पिछले साल से नई
सरकार के गठन के बाद संस्थानों ने इसकी मांग तेज कर दी थी । मानव संसाधन विकास
मंत्रालय ने इनकी यह बात संशोधन के साथ मानने का आश्वासन दिया था । अब ये संस्थान
मिलने वाले कुल अनुदान और अपने द्वारा परामर्श अथवा परियोजना कार्य के द्वारा
अर्जित राशि के बाद इस संयुक्त राशि में से कुल खर्च के बाद जितना बचा लेंगे उतनी
ही राशि इन्हें सरकार और ब्लॉक ग्रांट 'रिवार्ड' के रुप में देगी । यानी जो संस्थान
जितना बचाएगा उतना रिवार्ड पाएगा । सरकार का मानना है कि ऐसा हो जाने पर ये संस्थान
कार्यात्मक और आर्थिक रूप से और स्वायत्त हो जाएंगे । इससे इन्हें शैक्षणिक पदों को
सृजित करने और समय आधारित स्टाफ के जरिए इन्हें भरने तथा समीक्षा के बाद इसे जारी
रखने में काफी मदद मिलेगी । इसके लिए गैर योजनागत अनुदान पर निर्भर नहीं रहना
पड़ेगा । जानकारी के मुताबिक अभी ग्रांट की व्यवस्था ५ वर्ष के लिए है और यह सत्र
२००५ - ०६ से लागू होगी । छठवें साल इसकी समीक्षा होगी और फिर आगे के पांच सालों के
लिए इसका निर्धारण होगा । केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट
टैक्सेज) के अध्यक्ष एम. एस. दरदा ने कहा है कि सरकार फिंरज बेनेफिट टैक्स (एफबीटी)
को वापस नहीं लेगी, मगर प्रक्रिया को और सरल बनाया जाएगा । एफबीटी को वर्ष २००४ -
०५ के बजट में पेश किया गया था । शुक्रवार को बंगाल चेंबर ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री
में आयोजित एक कार्यक्रम में दरदा ने कहा कि "एफबीटी को वापस लिए जाने की कोई
संभावना नहीं है दरदा ने कहा कि एफबीटी में जटिलताओं के मद्देनजर बोर्ड को असंख्य
सुझाव मिल रहे हैं । उन्होंने आगे कहा कि आयकर विभाग ने प्रक्रियाओं को दुरुस्त
किया है ताकि अनुमानित व्यय के बारे में पता लगाया जा सके । विभाग सभी बड़े सौदों
का ब्योरा रखेगा । बोर्ड के अध्यक्ष ने कहा कि वार्षिक सूचना रिटर्न (एटीआर) को
लागू किए जाने से आयकर विभाग को इस तरह के सभी बड़े सौदों के बारे में पता लगाने
में मदद मिल रही है । उन्होंने बताया कि पिछले कई वर्षो से कुल राजस्व संग्रह की
तुलना में प्रत्यक्ष कर का अनुपात बढ़ रहा है । पिछले वित्तीय वर्ष के आंकड़ों के
मुताबिक यह फिलहाल लगभग ५० प्रतिशत है । दरदा ने कहा कि विश्व भर में अप्रत्यक्ष
करों के मुकाबले प्रत्यक्ष कर संग्रह ज्यादा है । अब भारत में भी ऐसा ही हो रहा है
। उन्होंने बताया कि इस वर्ष १० नवंबर तक का राजस्व संग्रह लगभग ७१ हजार ४६४ करोड़
रुपये है, जबकि पिछले वर्ष इसी समयावधि के दौरान यह राशि ५६ हजार ९९४ करोड़ रुपये
थी । सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को मेडिकल और इंजीनियरिंग और अन्य व्यावसायिक
प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों छात्रों को चेताया । कोर्ट ने स्पष्ट
किया है कि उसने किसी भी गैर सहायता प्राप्त निजी कॉलेज और संस्थान को संयुक्त
प्रवेश परीक्षा (सीईटी) कराने के लिए अधिकृत नहीं किया है । जस्टिस के. जी.
बालाकृष्णन और जस्टिस पी. पी. नाओलेकर की खंडपीठ ने छात्रों को चेताया कि ऐसी किसी
भी प्रवेश परीक्षा में बैठने का खतरा वह अपनी जिम्मेदारी पर ही उठाएं । खंडपीठ ने
स्पष्ट किया कि २००६ - २००७ के लिए व्यावसायिक कॉलेजों में प्रवेश के लिए कॉमन
टेस्ट लेने के लिए किसी संगठन को अधिकृत नहीं किया गया है । उल्लेखनीय है कि खंडपीठ
ने केंद्र को अपने इस आदेश का प्रचार करने का निर्देश दिया । तमिलनाडु के एक
फार्मेसी कॉलेज के चेयरमैन की दायर एक अवमानना याचिका में आरोप लगाया गया था कि ऑल
इंडिया मेडिकल एण्ड इंजीनियरिंग कॉलेजेस एसोसिएशन ने सीईटी परीक्षा कराने संबंधी
विज्ञापन अखबारों में प्रकाशित किया है । इन विज्ञापनों में दावा किया गया है कि
सुप्रीम कोर्ट ने अखिल भारतीय स्तर पर परीक्षा आयोजित कराने की अनुमति दे दी है ।
खंडपीठ ने एआईसीईटी के वकील प्रवीण पारिख को अवमानना याचिका का जवाब दाखिल करने को
कहा है । ऑल इंडिया मेडिकल एंड इंजीनियरिंग कॉलेजेस एसोसिएशन ने कहा कि वह उनके
खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर एक औपचारिक जवाब दायर करेगी । भाजपा के नेतृत्व वाले
विपक्ष ने बुधवार को कहा कि केंद्र की यूपीए सरकार वामपंथियों के दबाव में काम कर
रही है । उसने कांग्रेस नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार पर विकास के मामले में विपक्ष
शासित राज्यों की उपेक्षा का आरोप भी लगाया । लोकसभा में आम बजट पर बहस में भाग
लेते हुए उसका मानना था कि यूपीए सरकार सिर्फ अपने गठबंधन सहयोगियों व समर्थन देने
वाले दलों के शासन वाले राज्यों का ही पक्ष ले रही है । भाजपा के बी. के. देव का
कहना था कि सबसे गरीब राज्यों में एक होने के बावजूद उड़ीसा को विशेष पैकेज उपलब्ध
नहीं कराया जा रहा है । उन्होंने कहा कि केंद्र वामपंथियों के दबाव में फैसले कर
रहा है । सत्ता पक्ष और वाम दलों के सदस्यों द्वारा बार - बार रुकावट डालने से
नाराज तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी ने लोकसभा से इस्तीफा देने की धमकी दी ।
उन्होंने वाम दलों और पश्चिम बंगाल वाम मोर्चा सरकार पर दोहरा मानदंड अपनाने का
आरोप लगाया । कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री का आरोप था कि वाजपेयी सरकार की नीतियों
के कारण अमीर और गरीब के बीच की खाई बढ़ी । भाकपा के पी. करुणाकरन ने संसाधन बढ़ाने
पर जोर दिया । सपा के रामजी लाल सुमन ने कहा कि कृषि क्षेत्र को सुरक्षा दिए बिना
इसे विदेशी प्रतियोगिता के लिए खोल दिया गया । इससे ऋण भुगतान की किसानों की क्षमता
ही खत्म हो गई । उन्होंने उत्तर प्रदेश के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग भी की ।
बसपा के मोहम्मद शहीद ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में झुग्गी में रहने वालों के
लिए विशेष पैकेज की मांग की । भाजपा की करुणा शुक्ला ने गरीबों की जरूरतों का ध्यान
नहीं रखने के लिए सरकार की आलोचना की । कांग्रेस के अजय माकन ने छठे वेतन आयोग की
रिपोर्ट लागू नहीं करने के लिए पूर्ववर्ती राजग सरकार की आलोचना की । द्रमुक की
राधिका सेलवी ने १०,००० रुपये की निकासी पर ०.१ प्रतिशत टैक्स हटाने की मांग की ।
विधानसभा उप चुनावों में कांग्रेस का पलड़ा भारी रहा । शनिवार को मिले नतीजों के
मुताबिक कांग्रेस ने १३ सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि भाजपा के हिस्से में सात सीटें
आईं । वहीं उत्तर प्रदेश में सपा - रालोद गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ११
सीटों में से आठ पर कब्जा जमाया । चुनाव आयोग द्वारा करछना सीट की मतगणना रोकने के
कारण उत्तर प्रदेश में कुल ११ सीटों के ही नतीजे मिल सके । उप चुनावों के लिए
बुधवार को मतदान हुआ था । कांग्रेस ने दिल्ली की बलजीत नगर व राजौरी गार्डेन सीट पर
अपना कब्जा बरकरार रखा । जम्मू - कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने
पहलगाम सीट से जीत हासिल की है । वह १७ साल बाद राज्य की विधानसभा में प्रवेश
करेंगे । यूपी से मिले नतीजों के मुताबिक गाजियाबाद में सपा के सुरेंद्र कुमार
मुन्नी ने कांग्रेस के सतीश त्यागी को ११,४५८ मतों से हराया । अहिरौरी में सपा के
श्याम प्रकाश ने बसपा के प्रभाष कुमार को १०,५७३ मतों से पराजित किया । वहीं रालोद
ने बघरा सीट पर कब्जा बरकरार रखा है । सिंचाई मंत्री अनुराधा चौधरी के इस्तीफे से
रिक्त हुई सीट पर रालोद के परमजीत सिंह मलिक ने कांग्रेस के पंकज मलिक को ३,७०१
मतों से हराया । अतरौली में भाजपा की प्रेमलता देवी ने सपा के अशोक कुमार को १०,५६४
मतों से पराजित किया । अलीगढ़ जिले की इस सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह
अपनी नाक बचाने में सफल रहे, लेकिन बगल की इगलास सीट पर बसपा के मुकुल उपाध्याय ने
रालोद के चौधरी मलखान सिंह को ११,१२० मतों से हराया । सैदपुर में सपा के राजनाथ
यादव ने भाजपा के डा. महेंद्र नाथ पांडेय को १८,५८७ मतों से पराजित किया । सिद्धौर
में सपा के राम मगन ने बसपा की धर्मी देवी को १४,०५३ मतों से हराया । मड़ियाहूं से
सपा की श्रद्धा यादव ने बसपा के अमित कुमार यादव को कड़े मुकाबले में ४,८९८ मतों से
पराजित किया । इसी तरह मिल्कीपुर में सपा के रामचंद्र ने बसपा के आनंद सेन को
३५,०१८ मतों के अंतर से हराया । मुजेहना में सपा की नंदिता शुक्ला ने बसपा के राम
पाल सिंह को ५०,६४१ मतों से पराजित किया । वहीं इलाहाबाद पश्चिम में बसपा के राजू
पाल ने सपा के खालिद अजीम उर्फ अशरफ को ४,८२४ मतों से हराया । बसपा ने यह सीट सपा
से छीनी है । भाजपा अकाली दल के संयुक्त उम्मीदवार महिंदर पाल मान को दूसरे स्थान
से संतोष करना पड़ा । जम्मू - कश्मीर के पहलगाम विधानसभा क्षेत्र में मुख्यमंत्री
मुफ्ती मोहम्मद सईद ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी रफी अहमद मीर
को ५१७४ वोटों के अंतर से हराया । हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने ११ साल बाद कांगड़ा
जिले की गुलेर विधानसभा सीट पर जीत हासिल की । उत्तरांचल के द्वारहाट विधानसभा
क्षेत्र के उपचुनाव में उक्रांद के पुष्पेश त्रिपाठी 'पंकज' ने अपने निकटतम
प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के महेश नेगी को ५०६४ मतों से हराया । मध्य प्रदेश में
सत्तारूढ़ भाजपा को झटका देते हुए कांग्रेस ने बालाघाट विधानसभा सीट पर जीत हासिल
की । लेकिन मोहता सीट भाजपा के खाते में गई । आंध्र प्रदेश में एमआईएम प्रत्याशी
मोहम्मद मोअज्जम खान आसिफनगर से जीते, जबकि सिद्दीपेट सीट पर टीआरएस का कब्जा
बरकरार रहा । पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ वाम मोर्चा ने कोलकाता की जोड़ाबागान,
श्यामपुकुर और इन्टाली सीटों पर अपना दबदबा कायम रखा । गोवा में कांग्रेस के गढ़
में सेंध लगाते हुए भाजपा ने पोइनगुइनिम विधानसभा सीट पर जीत दर्ज की । नागालैंड
में विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने दो सीटों पर कब्जा कायम रखा, जबकि नागालैंड पीपुल्स
फ्रंट से उसे एक सीट गवांनी पड़ी । बेस्ट बेकरी कांड में बार बार बयान बदलने और
अदालत की अवमानना के मामले में एक साल कैद की सजा पाई जाहिरा शेख ने एक बार फिर रुख
बदल लिया है । बृहस्पतिवार को जाहिरा के एक बार फिर बयान बदलने के बाद अदालत ने उसे
२० मार्च तक हिरासत में रखने का फैसला किया है, क्योंकि गुजरात पुलिस अभी वहां नहीं
है । आज जज अभय थिप्से की अदालत में पेशी के दौरान जाहिरा रोने लगी । मैं वडोदरा
जाना चाहती हूं इस पर जज ने भोईवाडा लॉकअप के पुलिसकर्मियों से जाहिरा को उपलब्ध
कराई जा रही सुविधाओं के बारे में पूछताछ की । जाहिरा भोईवाडा में बंद है । पूछताछ
के दौरान ही जाहिरा ने एक महिला कांस्टेबल की ओर इशारा करते हुए कहा कि मैडम हमेशा
मुझ पर चिल्लाती रहती हैं । 'इस पर कांस्टेबल ने अदालत को बताया कि जाहिरा
मांसाहारी भोजन और नमाज के लिए दुप्पटा मांग रही थी । उन्होंने पुलिस को निर्देश
दिया कि वह जहीरा को लॉकअप में नमाज अदा करने और घर का खाना उपलब्ध कराने की अनुमति
दे । जाहिरा अदालत में करीब पौन घंटे रही और अधिकांश समय उसे आंसू पोछते देखा गया ।
अदालत ने भोईवाडा पुलिस से यह भी कहा कि वह जाहिरा के साथ सख्ती से पेश न आए और उसे
घर के भोजन, नमाज अदा करने की छूट जैसी सुविधाएं दी जाएं । कोर्ट ने पुलिस से यह भी
कहा कि वह यह ध्यान रखे कि जाहिरा के साथ उस आरोपी की तरह बरताव नहीं किया जाए,
जिससे पुलिस पूछताछ कर रही हो । भारतीय जनता पार्टी से दूरी बनाते हुए तृणमूल
कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में अगले विधानसभा चुनाव से पहले स्वतंत्र रुख अपनाने का
फैसला किया है । गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधान सभा चुनाव में एक साल से कम का
समय बाकी है । तृणमूल कांग्रेस के रुख से उसके साथ चुनावी तालमेल की संभावनाओं को
लेकर कांग्रेस असमंजस में है । तृणमूल वर्तमान में राज्य में माकपा के नेतृत्व वाली
वाम मोर्चे की सरकार की 'जनता विरोधी नीतियों' और 'विफलताओं' से संबंधित विभिन्न
मुद्दों पर आंदोलन शुरू करना चाहती है । विधानसभा में विपक्ष के तृणमूल नेता पंकज
बनर्जी ने बताया कि राज्य की वाम मोर्चा सरकार के खिलाफ आंदोलन जारी रख हम अपने
रास्ते पर चलना चाहते हैं । इस वर्ष जून में नगर निगम के चुनाव में स्वतंत्र रुख
अपनाने से तृणमूल को काफी सफलता मिली थी और उसने ४२ सीटों पर जीत हासिल की थी ।
भाजपा के साथ चुनावी तालमेल के बावजूद तृणमूल ने स्थानीय चुनावों में भाजपा से दूरी
बनाए रखी थी । बांग्लादेश राइफल्स के महानिदेशक मेजर जनरल जहांगीर आलम चौधरी ने
बीएसएफ सेक्टर कमांडर और डीआईजी आर. कूलने से गाछुआपाड़ा स्थित बीएसएफ शिविर में
सीमा की स्थिति पर चर्चा के लिए शिष्टाचार बैठक की । कूलने ने रविवार को चौधरी के
भारत के मुख्य स्तंभ संख्या ११२४ के उपस्तंभ संख्या ४ के पास पहुंचने पर गर्मजोशी
के साथ स्वागत किया । दोनों पक्षों के बीच करीब आधे घंटे की बैठक के दौरान बीडीआर
प्रमुख और बीएसएफ सेक्टर कमांडर ने दोनों देशों के बीच सीमा समस्या पर बातचीत की ।
बांग्लादेश लौटने से पहले चौधरी और कूलने ने पत्रकारों से कहा कि उनकी बैठक
फायदेमंद रही । उन्होंने कहा कि कुछ स्थानीय एवं छोटी - मोटी समस्याओं को छोड़ कर
बीडीआर और बीएसएफ के बीच मैत्रीपूर्ण संबंध रहे हैं । दोनों देशों के बीच किसी तरह
का तनाव नहीं है । बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी व रेल मंत्री लालू
प्रसाद यादव १, अणे मार्ग को खाली करने की जल्दबाजी में नहीं दिखते । हालांकि
जबरदस्ती बंगला खाली कराए जाने के बारे में उन्हें नोटिस भेजा जा चुका है । ऐसे में
बिहार की राजग सरकार बंगला खाली कराने के लिए कड़े कदम उठाने पर विचार कर रही है ।
राज्य के भवन निर्माण मंत्री मोनाजिर हुसैन ने कहा कि अब हमारे पास जबरदस्ती बंगला
खाली कराने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है । उन्होंने कहा कि अब काफी हो चुका है,
हमने अब तक मर्यादित ढंग से व्यवहार किया है । लेकिन १५ सालों से सरकार चलाने के
बाद लालू व राबड़ी को नियमों व कानूनों की जानकारी होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि
बंगला खाली कराने के लिए १३ दिसंबर को भेजे गए नोटिस में दी गई समय सीमा भी बीत
चुकी है । इसके अलावा अशुभ माने जाने वाली खरमास की अवधि भी १४ जनवरी को समाप्त हो
गई । उन्होंने कहा कि १, अणे मार्ग सरकार के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न नहीं है ।
शनिवार को लालू व राबड़ी ने कहा था कि खरमास अभी समाप्त हुआ है । हम नए बंगले में
स्थानांतरित होने के लिए शुभ दिन के बारे में पंडितों से परामर्श करेंगे । डांस बार
मालिकों ने महाराष्ट्र सरकार के पाबंदी संबंधी फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती
दी है । महाराष्ट्र सरकार ने अपने फैसले में एक कानून के तहत डांस बार चलाने पर
पाबंदी लगा दी है । डांस बार मालिकों के समूह 'आहार' ने अपनी याचिका में कहा कि
मुंबई पुलिस (संशोधित) विधेयक, २००५ के लागू होने से करीब १० लाख लोग बेरोजगार हो
जाएंगे । 'आहार' का नेतृत्व कर रहे मंजीत सिंह अबरोल ने कहा कि याचिका की स्वीकृति
पर बुधवार को सुनवाई होगी । गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी करने के
साथ ही यह कानून १४ अगस्त से प्रभावी हो गया । कश्मीर मुद्दे पर शुक्रवार को नई
दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कश्मीर मुद्दे के स्थाई समाधान की उम्मीद
में जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के अध्यक्ष यासीन मलिक के दो सदस्यीय
प्रतिनिधि दल से बातचीत की । प्रधानमंत्री ने मलिक को केंद्र के इस मुद्दे को खुले
दिमाग से देखने का भरोसा दिलाया । उन्होंने कहा कि दशकों से चली आ रही समस्या को
खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर जनता की राय को शुमार किया जाएगा । जबकि मलिक ने
सार्थक वार्ता के लिए इसमें आतंकी नेताओं को भी शामिल करने की बात कही । जबकि
केंद्र से बातचीत को लेकर अलगाववादी हुर्रियत कांफ्रेंस के नेताओं की राय अभी
स्पष्ट नहीं है । वहीं, हुर्रियत के नरमपंथी गुट को अभी इस पर कोई फैसला लेना बाकी
है । नई दिल्ली में शुक्रवार की शाम को प्रधानमंत्री के आधिकारिक निवास पर जेकेएलएफ
सुप्रीमो यासीन मलिक और महासचिव गुलाम रसूल डार ने कश्मीर मुद्दे को लेकर
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से एक घंटा गहन वार्ता की । प्रधानमंत्री ने मलिक से पहली
मुलाकात में कहा कि कश्मीर में माहौल उम्मीदों से भरा है । यह राज्य में स्थाई और
कभी न खत्म होने वाली शांति को स्थापित करने का मौका है । बातचीत में प्रधानमंत्री
के साथ गृह मंत्री शिवराज पाटिल, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम. के. नारायणन और गृह
सचिव वी. के. दुग्गल ने भाग लिया । वार्ता में कश्मीर मुद्दे पर केंद्र के मध्यस्थ
एनएन वोहरा और प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव टी. के. ए. नायर भी मौजूद थे ।
प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार संजय बारू ने बैठक के बाद संवादाताओं को बताया कि
प्रधानमंत्री इस वार्ता प्रक्रिया में सभी पुरुषों और महिलाओं की सहमति चाहते हैं
जिससे लोगों की पीड़ा दूर हो सके । जबकि मलिक ने बैठक में कहा कि बातचीत असरदार तभी
होगी जब इसमें आतंकी नेताओं को भी शामिल किया जाएगा । उन्होंने आज की बातचीत को
वार्ता प्रक्रिया के बजाय सलाह - मश्विरा कहा । कश्मीर मुद्दे पर मनमोहन सिंह ने
मलिक से पहले पिछले महीने पीपुल्स कांफ्रेंस के सज्जाद लोन से बातचीत की थी । यह
वार्ता अब २५ फरवरी को होगी । हालांकि इसकी कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है ।
हुर्रियत कांफ्रेंस के कट्टरपंथी धड़े के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी ने केंद्र की
राउंड टेबिल कांफ्रेंस में शिरकत करने से साफ इनकार कर दिया । उनका मानना है कि इस
कवायद से कोई फायदा नहीं । जबकि मीरवायज उमर फारुक के नेतृत्व वाले हुर्रियत
कांफ्रेंस के नरमपंथी धड़े ने राउंड टेबिल कांफ्रेंस में शिरकत करने पर फैसला लेने
के लिए बैठक सोमवार को बुलाई है । मुंबई पुलिस के एनकाउंटर स्पेशलिस्ट रहे दया नायक
के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले पर हस्तक्षेप करने से
मना कर दिया है । मालूम हो कि इससे पहले आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में
बॉम्बे हाईकोर्ट ने दया नायक की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी । जस्टिस
अरिजीत पसायत और जस्टिस एस. एच. कपाड़िया की खंडपीठ ने कहा कि अगर दया नायक संबंधित
ट्रायल कोर्ट के समक्ष आत्मसमर्पण करते हैं तो उसी दिन जमानत याचिका पर फैसला कर
लिया जाए । खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेश पर हस्तक्षेप नहीं करने के
फैसले का यह मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए कि जमानत याचिका के गुणों (मेरिट) पर टिथी
की गई है । मालूम हो कि बॉम्बे हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद नायक ने १३
फरवरी को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था । आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति
रखने के मामले में हाईकोर्ट ने ८ फरवरी को नायक और उनके कथित सहयोगी राजेंद्र पडाते
की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज कर दी थी । अदालत ने उन लोगों को आत्मसमर्पण के
लिए एक हफ्ते का वक्त दिया था । हालांकि कोर्ट ने नायक की पत्नी कोमल नायक को
अग्रिम जमानत दे दी थी । नायक अपने एक दशक के कैरियर में ८३ खुंखार अपराधियों को
अपनी गोली से निशाना बना चुके हैं । उन पर आय के ज्ञात स्रोत से अधिक संपत्ति जमा
करने का आरोप है और उन पर भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है ।
मुंबई पुलिस की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक नायक
के पास ४० लाख की संपत्ति है जो उनकी आय के ज्ञात स्रोत से २०० फीसदी अधिक है ।
प्रदेश में हुई अलग - अलग वारदातों में दो आतंकवादियों समेत चार लोगों की मौत हो गई
। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, बारामुला जिले के सोपोर इलाके के सागीपोरा गांव में
शुक्रवार की रात सुरक्षा बलों के साथ हुई मुठभेड़ में दो अज्ञात आतंकवादी मार गिराए
गए । मारे गए आतंकवादियों के पास से दो एके - ४७ रायफल, आठ मैगजीन और दो यूबीजीएल
बरामद किए गए । उधर एक अन्य वारदात में बारामुला जिले के ही संबल इलाके में
आतंकवादियों ने आतंकवाद विरोधी समूह के सदस्य गुलाम अहमद हाजम उर्फ गमगीन की गोली
मार कर हत्या कर दी । गमगीन वर्ष १९९५ में आतंकवादी गतिविधियों के विरोध में बनाए
गए इक्यावन समूह से जुड़े थे । इसके साथ ही सोपोर इलाके में अज्ञात आतंकियों ने
पिछली रात पब्लिक कॉल ऑफिस में ऑपरेटर को गोली मार कर हत्या कर दी । बशरत अहमद शेख
को तब गोली मारी गई, जब वे अपनी दुकान में बैठे हुए थे । केंद्र सरकार ने दुग्ध
क्षेत्र की तर्ज पर मछली उद्योग के विकास की योजना बनाई है । राष्ट्रीय डेयरी विकास
बोर्ड की तरह मछली उद्योग के लिए भी राष्ट्रीय बोर्ड के गठन को कैबिनेट की मंजूरी
मिल गई है । बोर्ड मछली उद्योग के लिए नए पाठ्यक्रम तैयार करेगा ताकि उद्योग की
जरूरतों के लिए पर्याप्त संख्या में प्रोफेशनल की फौज तैयार की जा सके । सरकार ने
कुछ महीने पहले केंद्रीय मत्स्य विकास बोर्ड के गठन का फैसला किया था । इस बोर्ड को
बनाने के पीछे सरकार की मंशा यह थी कि राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड की तर्ज पर मछली
उद्योग के लिए भी एक प्रशासनिक ढांचा तैयार हो सके । इसके साथ ही मछली पालकों को
तमाम तरह की रियायतें दी जाएं । दरअसल विदेशी बाजार में मछली की बढ़ती मांग और निजी
कंपनियों की इस क्षेत्र में रूचि बढ़ने के कारण सरकार ने यह फैसला किया है । सरकार
के पास प्रोफेशनल की काफी कमी है जिसके कारण इस उद्योग को नई दिशा नहीं मिल पायी है
। इस बोर्ड के गठन के बाद राष्ट्रीय दुग्ध विकास बोर्ड की तर्ज पर ही नए प्रोफेशनल
तैयार किए जाएंगे और प्रबंधन की शिक्षा भी शुरू की जाएगी । मसलन प्रोफेशनल को मछली
उत्पादन से लेकर उसके वीनने की शिक्षा दी जाएगी । इसके अलावा वैल्यू एडेड प्रोडक्ट
के लिए भी प्रोफेशनल को तैयार किया जाएगा । ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किसी भी
प्रतिस्पर्धा के लिए भारतीय प्रोफेशनल तैयार रहें । फिलहाल सरकार ने अगले छह साल के
लिए इस योजना के तहत २१०० करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दी है । इस बोर्ड को
एक गवर्निंग बॉडी संचालित करेगी । केन्द्र सरकार का मानना है कि इस बोर्ड के बन
जाने से देश में मछली उत्पादन में काफी वृद्धि होगी और विदेशी मुद्रा कमाने में यह
योजना काफी कारगर होगी । इस योजना के अंतिम वर्ष देश में मछली उत्पादन बढ़कर ३९ लाख
टन हो जाएगा । इसके साथ ही इससे प्रत्यक्ष और परोक्ष तौर पर ३५ लाख लोगों को रोजगार
मिलेगा और बोर्ड की सालाना आमदनी तकरीबन ९५ करोड़ रुपये होगी । सभी मत्स्य पालक
संस्थाओं को इस बोर्ड के तहत लाया जाएगा । एक स्थानीय अदालत ने मंगलवार को राजद
सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन से संबंधित मामले की सुनवाई ३ जून तक स्थगित कर दी ।
गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व सीवान के जिलाधिकारी सी. के. अनिल ने शहाबुद्दीन को
नोटिस देते हुए १७ मई को अपने समक्ष पेश होने का निर्देश दिया था । इसमें कहा गया
था कि १८ फरवरी २००५ के बाद उनकी आपराधिक गतिविधियां कथित तौर पर जारी रहने के कारण
बिहार अपराध नियंत्रण कानून के तहत उन्हें क्यों नहीं जेल भेज दिया जाए । इसी मामले
में सांसद के वकील इष्ट देव तिवारी और बी. सिंह ने मंगलवार को डीएम जयमंगल से
पासवान की अदालत के समक्ष कहा कि इसके लिए सांसद को थोड़ा वक्त दिया जाना चाहिए ।
जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया । पूर्वोत्तर राज्य असम में गुवाहाटी से ५२०
किलोमीटर दूर डिकोम के पास एक तेल कुएं में लगी आग शुक्रवार रात और प्रचंड हो गई ।
अधिकारियों का मानना है कि इस आग पर काबू पाने में अमेरिकी विशेषज्ञों और स्थानीय
अग्निशमन कर्मचारियों को कम से कम दो दिन और लगेंगे । ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल)
के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आग अभी भी प्रचंड रूप धारण किए हुए है । तेल कुएं
में गुरुवार को आग लगी थी । यह कुआं ओआईएल का ही है । ओआईएल के महाप्रबंधक जे. के.
तालुकदार ने कहा कि आग पर काबू पाने में हमें कुछ दिन और लगेंगे । हम अमेरिकी
विशेषज्ञों द्वारा बताई गई मशीनें मंगा रहे हैं और कम से कम दो दिनों में आग पर
काबू पा लिया जाएगा । पहले इस कुएं से तेल बहना शुरू हुआ था । उसके बाद इसमें आग लग
गई थी । स्थिति पर नियंत्रण की भरपूर कोशिश की जा रही है । इस काम में सहयोग देने
के लिए अमेरिका से दो विशेषज्ञ आए हैं । दोनों अमेरिकी विशेषज्ञ ह्यूस्टन स्थित
बूट्स एंड कूट्स इंटरनेशनल वेल कंट्रोल इंक से जुड़े हुए हैं । इस कंपनी को इस तरह
की आपदाओं पर काबू पाने का लंबा अनुभव है । यह अमेरिकी कंपनी तेल एवं गैस कुओं में
आग लगने की घटनाओं से निपटने के लिए जानी जाती है । दोनों विशेषज्ञ शुक्रवार को ही
घटनास्थल पर पहुँच गए और उन्होंने हालात का जायजा लिया । ओआईएल के प्रवक्ता प्रशांत
बरकाकाटी ने कहा कि दोनों अमेरिकी विशेषज्ञों ने आग बुझाने के लिए किए जा रहे
प्रयासों का जायजा लिया । उन्होंने कहा कि वे दोनों विशेषज्ञ आग बुझाने के लिए जेट
कटिंग तकनीक का इस्तेमाल करेंगे । इसके तहत पास के एक टैंक से काफी उच्च दबाव पर आग
की लपटों पर पानी छोड़ा जाता है । इस टैंक में ९,००० किलोलीटर पानी भरा जाएगा ।
वहीं धान के खेतों में भी तेल फैल गया है । इससे प्रदूषण का खतरा काफी बढ़ गया है ।
स्थानीय लोगों ने आंखों में जलन और पेट में गड़बड़ी की भी शिकायत की है । 'जी' के
थ्रिलर 'टाइम बम' को अब दिल्ली हाईकोर्ट की जांच में पास होना होगा । हॉलीवुड के
प्रोड्यूसर 'ट्वंटिएथ सेंचुरी फॉक्स फिल्म कॉरपोरेशन' ने शुक्रवार को आरोप लगाया है
कि यह सीरियल '२४' शीर्षक से चल रहे उनके एक मौजूदा सीरियल की नक़ल है । इस मामले
में न्यायमूर्ति बी. डी. अहमद ने जी टेलीफिल्म लिमिटेड को एक नोटिस जारी किया है ।
फॉक्स ने आरोप लगाया है कि 'टाइम बम' उनके टीवी सीरियल '२४' पर आधारित है । '२४'
में एमी अवार्ड नोमिनी कीफर स्युदरलैंड ने अभिनय किया है । २० जून को 'जी' के इस
थ्रिलर की लाँच पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए अदालत ने इस घरेलू टीवी कंपनी से
अपना जवाब और हलफनामा सोमवार को या उसके पहले दाखिल करने को कहा । पैसा लेकर संसद
में सवाल पूछने संबंधी रिश्वत कांड की जांच कर रही लोकसभा की विशेष समिति ने शनिवार
से आरोपी सांसदों की सुनवाई शुरू कर दी । इस रिश्वत कांड के आरोपी १० सांसदों में
से तीन आज जांच समिति के सामने पेश हुए । कांग्रेस के पवन कुमार बंसल की अध्यक्षता
वाली इस विशेष समिति ने संसद भवन परिसर में पूरी गोपनीयता के साथ इन सांसदों का
पक्ष सुना । आज राष्ट्रीय जनता दल के मनोज कुमार और भाजपा के एम. के. अन्ना पाटिल व
बसपा के नरेन्द्र कुशवाहा समिति के सामने पेश हुए । बाकी आरोपी सांसदों को भी
सिलसिलेवार बुलाया जाएगा । समिति की रविवार को भी बैठक होगी । समिति को २१ दिसंबर
सुबह साढ़े दस बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट देनी है । इस संबंध में कोबरा
पोस्ट डॉट कॉम के अनिरुद्ध बहल समेत तीन रिपोर्टरों को भी बुलाया गया है । शनिवार
शाम को शुरू हुई समिति की बैठक पूरी तरह से गोपनीय ढंग से हुई । बैठक के दौरान संसद
भवन परिसर में मीडिया के जाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई । टाडा अदालत ने
शनिवार को प्रदीप जैन हत्या के मामले में अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम की पुलिस हिरासत
की अवधि ३ जनवरी तक बढ़ा दी । इससे पहले, मुंबई पुलिस के आतंकवादी विरोधी दस्ते
(एटीएस) ने अदालत से कहा कि उन्हें इस बात की जांच करने की जरूरत है कि क्या जैन की
हत्या में काम में लिए गए हथियार १९९३ में बम विस्फोटों के लिए देश में तस्करी कर
लाये गये हथियारों की खेप का हिस्सा थे । विशेष जज पी. वी. बावकर ने विशेष सरकारी
वकील उज्जवल निकम की याचिका पर सलेम की पुलिस हिरासत जनवरी तक बढ़ाने के आदेश दिए ।
सलेम की हिरासत बढ़ाए जाने की मांग करते हुए निकम ने अपनी दलील में कहा कि पूछताछ
के दौरान सलेम से पता चला है कि प्रदीप जैन हत्याकांड में गिरफ्तार सह आरोपी रियाज
सिद्दकी बम विस्फोटों से पहले हथियार सौंपने के लिए उसे फिल्म अभिनेता संजय दत्त के
घर ले गया था । केंद्र सरकार देश के २८ छोटे शहरों (नॉन मेट्रो) के हवाई अड्डों को
अंतर्राष्ट्रीय स्तर का करने की योजना पर सरकार काम कर रही है । वर्ष २००५ में
फिलहाल १० ऐसे शहरों के हवाई अड्डों पर काम किया जा रहा है और २००७ तक सभी २८ छोटे
शहरों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डे बना दिए जाएंगे । इसके लिए ५००० करोड़
रुपये की आवश्यकता होगी । इसकी पूर्ति हुडको व एचडीएफसी जैसे संस्थानों के जरिए की
जाएगी । सरकार नागरिक उड्डयन नीति का मसौदा तैयार कर रही है और ३१ दिसंबर तक इसे
पूरा कर लिया जाएगा । नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने आर्थिक संपादकों
के सम्मेलन में बताया कि इन हवाई अड्डों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का इसलिए भी बनाया
जा रहा है ताकि जब आगे चलकर अंतर्राष्ट्रीय स्तर के हवाई अड्डों की जरूरत पड़े तो
नए सिरे से बनाना नहीं पड़े । पटेल ने कहा कि इस दौरान विसंगतियाँ दूर करने के
प्रयास भी किए जाएंगे । जैसे दिल्ली में ही घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के
बीच करीब पांच किलोमीटर का फासला है, जबकि दुनिया के अन्य किसी भी देश में ऐसा नहीं
है । पटेल ने कहा कि ऐसे तमाम शहरों में कनेक्टिविटी सुधारी जाएगी, जहां अब तक
उड़ानें नहीं हैं । उन्होंने देहरादून का उदाहरण देते हुए कहा कि राजधानी होने के
बावजूद वहां कनेक्टिविटी नहीं है । नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में द्विपक्षीय निवेश
को बढ़ावा देने की काफी संभावनाएं हैं, क्योंकि विदेशी पर्यटकों के मामले में
भारतीय कंपनियों की भागीदारी २५ फीसदी ही है । अगले तीन साल में सीटों व यात्रियों
को ले जाने की क्षमता में सौ फीसदी की वृद्धि होने की संभावना है । पटेल ने आश्वस्त
किया कि सरकार अब इंडियन एयरलाइंस व एयर इंडिया को लेकर एकदम स्पष्ट है । नागरिक
उड्डयन नीति का मसौदा ३१ दिसंबर तक तैयार कर लिया जाएगा । एयर इंडिया के पुनर्गठन
पर काम चल रहा है । अगले दो माह में बोर्ड की बैठक होने वाली है जिसमें इन
कार्यक्रमों को हरी झंडी दी जाएगी । पटेल ने माना कि पिछले पंद्रह साल से इंडियन
एयरलाइंस में फ्लीट की खरीदी का कोई फैसला नहीं किया गया है, क्योंकि इन दोनों
सार्वजनिक उपक्रमों के भविष्य को लेकर भ्रम बना हुआ था । पिछली सरकार ने तो बोलियां
लगाने की भी तैयारी कर ली थी, लेकिन यह सरकार इन दोनों के बारे में निश्चिंत है कि
इनका विकास किया जाएगा । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा कि बनर्जी समिति की
रिपोर्ट से संघ परिवार और गुजरात की मोदी सरकार की कलई खुल गई है । भाकपा के सचिव
डी. राजा ने कहा कि जांच समिति ने साबरमती एक्सप्रेस आग को दुर्घटनावश बताया है ।
लेकिन यह पहले दिन से स्पष्ट हो गया था कि दुर्घटना की वजह से हुई कार सेवकों की
मौत को संघ परिवार भुनाने की साजिश रच रहा है । इसके जरिए अल्पसंख्यकों के खिलाफ
घृणा का वातावरण तैयार किया गया । करीब एक दशक पहले चर्चा में आई जेवीजी ग्रुप ऑफ
कंपनी के मालिक वी. के. शर्मा को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है । शर्मा को
मंगलवार शाम चिराग दिल्ली इलाके से गिरफ्तार किया गया । उसने १९८९ से १९९७ के दौरान
जेवीजी ग्रुप के नाम से करीब दर्जन भर कंपनियां खोली थीं । इनमें तीन हजार करोड़
रुपये से अधिक का निवेश किया गया । पुलिस के मुताबिक शर्मा की इन कंपनियों में कई
राजनीतिकों ने करोड़ों रुपये लगाए, लेकिन जल्द ही 'जेवीजी फाइनेंस' जैसी कंपनियाँ
रातों - रात बंद हो गईं और हजारों निवेशकों के करोड़ों रुपयों का आज तक कुछ पता
नहीं लगा । शर्मा का बड़ा भाई भी ऐसी ही कंपनियों के जरिए निवेशकों से धोखा करने के
आरोप में जेल में है । वी. के. शर्मा को दिल्ली, लुधियाना, कोलकाता व मुंबई पुलिस
समेत करीब आधा दर्जन राज्यों की पुलिस ढूंढ़ रही थी । मुंबई में उसके खिलाफ
पुलिसकर्मी पर हमला करने का आपराधिक मामला दर्ज है । जिसके चलते शर्मा की गिरफ्तारी
की सूचना दिल्ली पुलिस ने मुंबई पुलिस को दे दी है । जानकारी के मुताबिक नई दिल्ली
जिला पुलिस के सब इंस्पेक्टर विनोद कुमार को सूचना मिली थी कि शर्मा दक्षिण दिल्ली
में आने वाला है । प्राप्त जानकारी के आधार पर एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया
। पुलिस टीम ने मंगलवार शाम चिराग दिल्ली इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया । नई
दिल्ली जिला पुलिस उपायुक्त अनिता रॉय के मुताबिक, वी. के. शर्मा से पूछताछ में पता
लगा है कि १९८९ तक वह एक मामूली कांट्रेक्टर था और ढाई तीन हजार रुपये महीने ही कमा
पाता था । इनमें जेवीजी टाइम्स, जेवीजी पेट्रो केमिकल्स, जेवीजी स्टील, जेवीजी फूड,
जेवीजी डिपार्टमेंटल व जेवीजी फाइनेंस कंपनियां मुख्य थीं । पुलिस के मुताबिक वी.
के. शर्मा निवेशकों को बहुत कम अवधि में रुपये दोगुने - तिगुने करने का झांसा देता
था । इस तरह से उसने निवेशकों को लगभग ४५० करोड़ रुपये की चपत लगाई । डीसीपी अनिता
रॉय के मुताबिक मामले की जाँच के बाद यह राशि इससे बढ़कर कई गुना हो सकती है ।
शर्मा इन दिनों पुलिस से नजरें बचाकर गुड़गांव व आस - पास के इलाकों में प्रॉपर्टी
का धंधा कर रहा था । यहां भी उसने एक ही प्रॉपटी कई - कई लोगों को बेच दी थी ।
तीसरे टेस्ट मैच से ठीक पहले कप्तान राहुल द्रविड़ के बीमार पड़ने से भारतीय टीम को
करारा झटका लगा है । वर्ष १९९६ में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट कैरियर का आगाज करने
वाले द्रविड़ अब तक लगातार ९४ टेस्ट खेल चुके हैं और यह पहला मौका होगा, जब वह
टेस्ट मैच नहीं खेल पाएंगे । उनकी ग़ैर मौजूदगी में टीम की कमान वीरेंद्र सहवाग को
सौंपी गई है । वीरू के लिए यह सबसे बड़ी चुनौती होगी क्योंकि उन्हें ऐसे समय में
टीम की कमान सौंपी गई है जब उनका बल्ला रूठा हुआ है । द्रविड़ के बाहर होने के साथ
ही उत्तर प्रदेश के मध्यक्रम के बल्लेबाज मोहम्मद कैफ़ और मुंबई के सलामी बल्लेबाज
वसीम जाफर को बारह खिलाड़ियों की टीम में शामिल किया गया है । मोटेरा स्टेडियम में
भी वह तीसरे टेस्ट को जीतने के इरादे से उतरेगा । टीम के मीडिया मैनेजर एम.
बालादित्य ने संवाददाताओं से बातचीत में बताया कि डॉक्टरों ने द्रविड़ का मुआयना
करने के बाद कहा है कि उन्हें कमजोरी से उबरने के लिए एक दिन लगेगा । लगातार
उल्टियों के कारण वह काफी कमजोर हो गए हैं । वह कब तक मैदान पर उतरेंगे, इस बारे
में उनके स्वास्थ्य में सुधार की स्थिति को देखने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा । इस
समय वह सिर्फ जूस और पेय पदार्थ ले रहे हैं । उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा है
कि अगले चौबीस घंटे में वह सामान्य हो जाएंगे लेकिन इससे पहले उन्हें ठोस आहार लेना
होगा । बहरहाल, अचानक टीम की बागडोर संभालने की जिम्मेदारी सहवाग के लिए चुनौती
साबित होगी क्योंकि वह खुद खराब फार्म से जूझ रहे हैं । चेन्नई टेस्ट के दौरान वह
अपनी संक्षिप्त पारी में महज ३६ रन पर आउट हुए थे, जबकि बीमार होने के कारण वह
दूसरे टेस्ट मैच में नहीं खेले थे । उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को तबियत खराब होने
के कारण द्रविड़ अभ्यास सत्र में भी नहीं आए थे । उस समय मीडिया को बताया गया कि
उन्हें हल्का बुखार है । लेकिन शनिवार की सुबह खबर आई कि उन्हें अहमदाबाद के
राजस्थान हॉस्पिटल में दाखिल करवाया गया है । इस बारे में बालादित्य ने बताया कि
रात को ग्यारह बजे द्रविड़ ने अपनी सेहत खराब होने की शिकायत की । वह हल्की सर्दी
के साथ सिर, बदन और गले में दर्द भी महसूस कर रहे थे । इसके अलावा उन्हें कई
उल्टियाँ भी हुईं । उनकी खराब हालत को देखते हुए एंटीबॉयोटिक भी दी गई लेकिन इससे
कोई असर नहीं पड़ा । इसके बाद साढ़े ग्यारह बजे उन्हें अस्पताल ले जाया गया । उपचार
के बाद राहुल खुद को काफी सहज महसूस कर रहे थे । गौरतलब है कि दूसरे टेस्ट मैच से
पहले ही द्रविड़ वायरल के शिकार हो गए थे और टेस्ट में उनके खेलने पर संदेह के बादल
मंडराने लगे थे । लेकिन अंतिम समय में डॉक्टरों ने उन्हें खेलने के लिए हरी झंडी दे
दी थी । द्रविड़ पूरी तरह से स्वस्थ नहीं हो सके और अहमदाबाद पहुंचने के बाद वह फिर
बीमार पड़ गए । उत्तर प्रदेश के पर्यटन मंत्री कोकब हमीद ने कहा कि अलीगढ़ मुस्लिम
विश्वविद्यालय का अल्पसंख्यक चरित्र बनाए रखना आवश्यक है । उन्होंने कहा कि इसे
बदलने की कोशिश हो रही है । हमीद ने कहा कि ऐसी कोशिशें अल्पसंख्यकों के साथ एक
साजिश का नतीजा हैं । हमीद अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन के
महासचिव भी हैं । हमीद ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा विश्वविद्यालय
को अल्पसंख्यक संस्था का दर्जा दिया जाना सही कदम था । लेकिन कुछ ताकतें इसका विरोध
कर रही हैं । चीफ जस्टिस वाई. के. सब्बरवाल ने बार के गिरते स्तर पर गंभीर चिंता
व्यक्त की है । चीफ जस्टिस ने यहां एक कार्यक्रम में कहा कि कुछ लोग जज के आसन पर
अपने आदमियों को बैठाने के लिए न्यायाधीशों की चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने की
कोशिश करते हैं । इनमें ऐसे लोग भी हैं, जिनका न्यायपालिका से कोई लेना - देना नहीं
है । जस्टिस सब्बरवाल ने सोमवार रात 'लोकतंत्र में बार की भूमिका' विषय पर वी. एन.
काटजू स्मृति वार्षिक व्याख्यानमाला में कहा, 'ऐसा माहौल बन रहा है जिसमें बिना
गॉडफादर के आप न्यायपालिका के सदस्य नहीं बन सकते । यदि इसे नहीं रोका गया, तो
सोचिये हमारी न्यायपालिका का स्तर क्या होगा कार्यक्रम में विधि मंत्री एच. आर.
भारद्वाज भी मौजूद थे । लेकिन अब बदले माहौल में, कुछ कामयाब वकील तो बड़ी विनम्रता
से आसन पर बैठने का प्रस्ताव ठुकरा रहे हैं, जबकि कुछ लोग जज बनने के लिए इस कदर
आतुर हैं कि इसके लिए बाकायदा अभियान छेड़ देते हैं । ऐसे लोग जिनका जजों की चयन
प्रक्रिया से कोई लेना - देना नहीं है, इन लोगों का बायोडाटा लेकर आते हैं और बताते
हैं कि यही जज बनने के लिए सबसे उपयुक्त प्रत्याशी हैं । चीफ जस्टिस सब्बरवाल ने
कहा कि बार के इस गिरते स्तर को रोकना होगा । उन्होंने जजों को सलाह दी कि वे
ईमानदारी और सत्यनिष्ठा ही अपना गॉडफादर बनाएं । उन्होंने कहा कि कुछ ऐसी ही स्थिति
वकीलों को वरिष्ठ अधिवक्ता बनाए जाने के मामले में भी है । बहिष्कार की माओवादियों
की अपील और कड़ी सुरक्षा के बीच सोमवार को पश्चिम बंगाल के तीन जिलों में ४५
विधानसभा सीटों के लिए मतदान होंगे । माओवादी हिंसा से प्रभावित तीन जिलों पश्चिमी
मिदनापुर, पुरुलिया और बांकुरा में प्रथम चरण के मतदान के दौरान २२७ उम्मीदवारों की
किस्मत का फैसला होगा । सोमवार को पश्चिम मिदनापुर में २१ विधानसभा क्षेत्रों,
पुरुलिया में ११ और बांकुरा में १३ क्षेत्रों के लिए मतदान होगा । इनमें से आठ
विधानसभा क्षेत्रों की सीमा झारखंड से मिलती है । इन क्षेत्रों में माओवादियों का
सर्वाधिक प्रभाव है । प्रथम चरण के चुनाव में जिन प्रमुख लोगों के भाग्य का फैसला
होना है, उनमें राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सूर्यकांत मिश्र (नारायणगढ़), लघु सिंचाई
मंत्री नंदगोपाल भट्टाचार्य (दांतन) और तैराक बुला चौधरी खासे चर्चित हैं । बुला
माकपा के टिकट पर नंदनपुर से चुनाव लड़ रहीं हैं । उधर माओवादी दलों के चुनाव
बहिष्कार को देखते हुए सुरक्षा के जबर्दस्त इंतजाम किए गए हैं । आधिकारिक सूत्रों
के मुताबिक केवल पश्चिम मिदनापुर में ही बीएसएफ और सीआरपीएफ की २५० कंपनियां लगाई
गई हैं, जबकि बांकुरा और पुरुलिया में क्रमशः १६१ और १५१ कंपनियों के अर्धसैनिक बल
तैनात किए गए हैं । इन सीटों पर वाम मोर्चा ने कुल ४३ उम्मीदवार खड़े किए हैं,
जिनमें से माकपा के ३५ उम्मीदवार हैं । तृणमूल कांग्रेस ने ३९ उम्मीदवार उतारे हैं
। चार सीटों पर भाजपा चुनाव लड़ रही है । कांग्रेस ने ३६ उम्मीदवार उतारे हैं और छह
सीटें झारखंड मुक्ति मोर्चा के लिए तथा दो सीट पीडीएस के लिए छोड़ी हैं । राज्य के
प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी शांतिपूर्ण मतदान को लेकर आश्वस्त हैं । उनका कहना है
कि सुरक्षा बलों की बेहतर तैनाती के कारण माओवादियों के चुनाव बहिष्कार का खास असर
नहीं होगा । चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, सुदूर इलाकों में मतदान कर्मियों को
विमान से मतदान स्थल पर पहुंचाया जाएगा । कुल ७९११ मतदान केंद्र बनाए गए हैं । इन
केंद्रों पर ६८०८०७२ मतदाता मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे । अफसरों की कमी से जूझ
रही सेना ने फैसला किया है कि प्री - स्टाफ ट्रेनिंग जैसे काम में लगे योग्य अफसरों
की जगह रिटायर्ड फौजियों की सेवाएं ली जाएं ताकि काबिल अफसरों को फील्ड ड्यूटी में
तैनात किया जा सके । पश्चिमी कमान में आयोजित मीडिया सेमिनार के समापन के बाद
पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल जे. जे. सिंह ने
यह खुलासा किया । जे. जे. सिंह ने कहा कि इस योजना पर काम शुरू हो गया है और कई
रिटायर्ड फौजी अफसरों को प्री - स्टाफ ट्रेनिंग स्कूल में मिलिटरी, हिस्ट्री और
करंट अफेयर्स आदि विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है । फौज में अफसरों की कमी
की बात स्वीकार करते हुए जे. जे. सिंह ने कहा कि यदि ऑडिटर जनरल की सिफारिशों के
अनुरूप जेंटलमेन कैडेट्स की भरती का कोटा दस फीसदी बढ़ा भी दिया जाए तो अफसरों की
कमी पूरी होने में दस से बारह साल का वक्त लगेगा । उन्होंने कहा कि तब तक सेना को
फौजी इंतजामात से ही काम चलाना होगा । उन्होंने कहा कि अकादमियों में सीमित
सुविधाएं हैं जिन्हें एकदम नहीं बढ़ाया जा सकता । उन्होंने कहा कि रिटायर्ड फौजियों
को ट्रेनिंग जैसे काम सौंपने के शुरुआती नतीजे बहुत उत्साहजनक निकले हैं । रिटायर्ड
फौजियों ने सेना के आमंत्रण पर बहुत उत्साह दिखाया है और वे बड़ी अच्छी तैयारी के
साथ ट्रेनिंग के काम में जुट गए हैं । उन्होंने कहा कि फिलहाल बहुत से ऐसे काबिल
अफसरों की पोस्टिंग एनसीसी और प्री - स्टाफ ट्रेनिंग स्कूल्स में है जो फील्ड में
अच्छा काम कर सकते हैं । इनकी जगह रिटायर्ड फौजियों की तैनाती में कोई हर्ज नहीं है
। उन्होंने कहा कि सेना ने रिटायर्ड फौजियों की सेवाएं लेने का फैसला लंबे सोच
विचार के बाद किया है । अफसरों की कमी के साथ जंग जैसी स्थिति से निपटने के बारे
में उन्होंने कहा कि उनकी राय में सेना को युद्घ के समय और शांति के समय अफसरों और
जवानों की तैनाती के लिए अलग - अलग रणनीति अपनानी चाहिए । उन्होंने कहा कि इन
रणनीतियों पर अमल के लिए सेना को ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करना होगा क्योंकि जंग की
स्थिति आ पड़ने पर ट्रेनिंग और इस किस्म की दूसरी पोस्टिंग पर तैनात किन योग्य
अफसरों को तत्काल फील्ड ड्यूटी पर तैनात किया जा सकता है । इन अफसरों को हिदायत दी
जानी चाहिए कि वे फील्ड ड्यूटी के लिए हर वक्त तैनात रहें ताकि आपातकाल में उनकी
तत्काल उपलब्धता सुनिश्चित हो सके । उन्होंने कहा कि इसी तरह सेना के पास यह
डेटाबेस भी तैयार होना चाहिए कि ऐसी परिस्थितियों में फील्ड ड्यूटी पर जाने वाले
अफसरों की जगह कौन से रिटायर्ड फौजी लेंगे । इन रिटायर्ड फौजियों को भी हर वक्त
तैयार रहने की हिदायत होनी चाहिए । श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी हुक्मनामे
के जरिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को मैरिज हाल में ले जाने पर रोक
लगा दी गई है । हुक्मनामे का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ़ धारा २९५ - ए के तहत
कार्रवाई करने की चेतावनी भी दी है । सिंह सभा की बैठक में इसकी समीक्षा की गई ।
सिंह सभा के महासचिव जगमीत सिंह मीत ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा पारित
आदेशों के मुताबिक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को अब किसी भी कीमत पर
किसी मैरिज पैलेस में नहीं ले जाया जा सकता । हुक्मनामा जारी कर संगत को सचेत किया
गया है कि इसका उल्लंघन करने वाले के खिलाफ अकाल तख्त साहिब की ओर से कार्रवाई की
जाएगी । हुक्मनामे में यह भी कहा गया है कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप
की बेअदबी करने वाले के खिलाफ धारा २९५ - ए के तहत कानूनी कार्रवाई अमल में लाई
जाएगी । इसके जरिए अकाल तख्त साहिब के सिंह साहिबानों ने संगत के साथ ही सभी सिख
जत्थेबंदियों, मैरिज पैलेस के संचालकों, गुरुद्वारा कमेटियों के प्रबंधकों, सिंह
सभाएं, सेवा सोसायटियों, ग्रंथी सिंहों और रागी जत्थों को श्री गुरु ग्रंथ साहिब के
पावन स्वरूप की बेअदबी से बचने की चेतावनी दी गई है । मुंबई जैसे शहर में जमीन
खरीदना कोई साधारण बात नहीं । रिलायंस इंडस्ट्रीज ने मंगलवार को कई बड़ी कंपनियों
को पीछे छोड़ते हुए बांद्रा - कुर्ला कांप्लेक्स के लिए ७.५ एकड़ प्लाट का सौदा
हासिल किया । प्लॉट के लिए अनिल अंबानी की नवगठित कंपनी एडीएई ने भी निविदा भरी थी
। लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक व अनिल के बड़े भाई मुकेश की निविदा सबसे अधिक
पाई गई । उन्होंने ११०४.११ करोड़ रुपये की निविदा के जरिए प्लॉट हासिल कर लिया है ।
मुकेश की बोली अनिल की बोली की तुलना में ९३ करोड़ रुपये अधिक पाई गई । मुंबई
मेट्रोपोलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी ने निविदा के नतीजे घोषित किए । प्लॉट में
कंवेंशन व एग्ज़िबिशन सेंटर की स्थापना की जाएगी । डीएलएफ समूह द्वारा लगाई गई बोली
दूसरे स्थान पर रही । हालांकि रिलायंस के अधिकारियों ने सौदे के बारे में कोई टिथी
करने से इन्कार कर दिया । वर्ष १९९९ - ०३ के दौरान भारतीय सेना के पास उच्च क्षमता
वाली तोपों के गोलों की भारी मात्रा में कमी थी । इसमें वह अवधि भी शामिल है, जब
ऑपरेशन पराक्रम के दौरान सीमा पर सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था । इसे पूरा
करने के लिए ३९०.३६ करोड़ रुपये की सैन्य खरीद की जरूरत आन पड़ी । नियंत्रक एवं
महालेखा परीक्षक (कैग) की एक रिपोर्ट में यह बात कही गई है । रिपोर्ट के मुताबिक
गोलों की कमी खासी लापरवाही की बात थी । आयुध कारखानों में तोप के गोलों के निर्माण
की प्रदर्शन ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि सेना मुख्यालय को इस कमी की लगातार
जानकारी थी । धन की कमी के आधार पर उसने ऑर्डनेंस फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) से जरूरत
से कम मात्रा में गोलों की आपूर्ति का ऑर्डर दिया । रिपोर्ट में उसने बोर्ड द्वारा
१५५ एमएम गोलों की निर्धारित मात्रा की आपूर्ति में विफल रहने, १२५ एमएम के गोलों
में दोष और १३० एमएम की तोपों को १५५ एमएम में उन्नत बनाने की बात भी कही । संसद
में मंगलवार को पेश इस रिपोर्ट में इन दावों को खारिज किया गया है । इसमें पाया गया
है कि सेना के पास इस अवधि के दौरान प्रत्येक साल स्टोर्स सब हेड के तहत उल्लेखनीय
बचत थी । वह इस बचत के खर्च करने के लिए अग्रिम भुगतान कर रही थी । रिपोर्ट में
सेना की दलील को यह कहते हुए भी खारिज कर दिया है कि अगस्त १९९९ से सितंबर २००३ के
बीच उसने ३९०.३६ करोड़ रुपये मूल्य के गोलों का आयात आंशिक रूप से जरूरतें पूरी
करने को किया । रिपोर्ट के मुताबिक, आपूर्ति को गैर महत्वपूर्ण बताने के अपने दावे
के समर्थन में सेना मुख्यालय कोई दस्तावेजी साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा पाया है ।
रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि रक्षा मंत्रालय जांच करे कि क्यों जरूरत से कम
गोलों की खरीद के ऑर्डर दिए गए । पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कश्मीर
समस्या के समाधान में अमेरिका से मदद करने का राग फिर अलापा है । मुशर्रफ का कहना
है कि इस समस्या का हल निकले बिना इस क्षेत्र में शांति संभव नहीं है । वहीं
अमेरिका ने पाकिस्तान को एफ - १६ लड़ाकू विमान देने का कोई आश्वासन नहीं दिया है ।
अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस के साथ मुलाकात में पाकिस्तानी राष्ट्रपति
परवेज मुशर्रफ ने कहा कि विवादास्पद कश्मीर मुद्दे के हल हुए बगैर दक्षिण एशिया
क्षेत्र में सामान्य स्थिति की कल्पना नहीं की जा सकती । अमेरिकी विदेश मंत्री राइस
ने दक्षिण एशिया में शांति स्थापना के लिए मुशर्रफ द्वारा किए जा रहे प्रयासों की
सराहना की । इसके अलावा दोनों नेताओं ने आपसी हित के अंतर्राष्ट्रीय मसलों पर विचार
विमर्श किया । अमेरिका की ओर से जारी एक सरकारी बयान में कहा गया है कि अमेरिका
पाकिस्तान के साथ दोस्ताना संबंध को जारी रखना चाहता है । वहीं पाकिस्तान को उम्मीद
थी कि अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस की पाक यात्रा के दौरान एफ - १६ विमानों
की आपूर्ति के मुद्दे पर सकारात्मक प्रगति होगी, लेकिन राइस ने पाकिस्तान को फिर
मायूस किया है । राइस ने दोनों मुल्कों के बीच रक्षा सहयोग में बढ़ोत्तरी का
आश्वासन देने के बावजूद एफ - १६ विमान मुहैया कराने से इनकार किया । परवेज मुशर्रफ
और कोंडोलीजा राइस की बातचीत के एजेंडे में एफ - १६ युद्घक विमानों की आपूर्ति का
मामला प्रमुख रूप से शामिल था । मुशर्रफ ने राइस से एफ - १६ की आपूर्ति का आश्वासन
चाहा । उन्होंने राइस को बताया कि पाकिस्तान की रक्षा जरूरतों को देखते हुए उसे एफ
- १६ मुहैया कराया जाए । उन्होंने भारतीय उप - महाद्वीप में शक्ति संतुलन बनाए रखने
के लिए पाकिस्तान को एफ - १६ दिए जाने की वकालत की । उन्होंने अमेरिका से यह अपील
भी की कि वह पाकिस्तान को एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र की मान्यता दे
। ऑनलाइन न्यूज एजेंसी के मुताबिक मुशर्रफ ने कहा कि अब वक्त आ गया है कि पाकिस्तान
को एटमी क्लब में शामिल कर लिया जाए । राइस ने दक्षिण एशिया को लेकर मुशर्रफ के
विजन की जमकर तारीफ की । उन्होंने कहा कि मुशर्रफ ने दक्षिण एशिया में शांति और
स्थायित्व को बढ़ावा देने के लिए जो कदम उठाए हैं, वे सराहनीय है । एफ - १६ के
मुद्दे पर उन्होंने कोई आश्वासन तो नहीं दिया, लेकिन इतना जरूर कहा कि अमेरिका एफ -
१६ के मुद्दे पर पाकिस्तान की चिंताओं को समझता है और इस मुद्दे का हल जल्द निकाल
लिया जाएगा । उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के सामाजिक - आर्थिक उत्थान में अमेरिका
सराहनीय योगदान देता रहेगा । हम रक्षा सहयोग को भी बढ़ावा देना चाहते हैं ।
उन्होंने आतंकवाद - विरोधी मुहिम में पाकिस्तान की भूमिका की भी जमकर तारीफ की ।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के आधुनिकीकरण के लिए मुशर्रफ ने जो कदम उठाया है, वह
सराहनीय है । पाकिस्तान को उन्होंने मुस्लिम दुनिया के लिए आदर्श राष्ट्र करार दिया
। बेस्ट बेकरी कांड की सुनवाई के दौरान नसीबुल्ला शेख वडोदरा पुलिस को दिए गए अपने
बयान से मुकर गया है । विशेष अदालत में गवाही देते हुए मामले की मुख्य गवाह जाहिरा
शेख के भाई ने कहा कि उसे दो वर्ष पहले दंगों के दौरान बेस्ट बेकरी को आग लगाने
वालों के चेहरे याद नहीं हैं । सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर इस मामले की दुबारा
सुनवाई कर रही अदालत में पेश होने वाला नसीबुल्ला पांचवा चश्मदीद गवाह है । इससे
पहले चार गवाहों ने अदालत में कुछ अभियुक्तों की पहचान की है । नसीबुल्ला ने पुलिस
को दिए अपने बयान में कुछ अभियुक्तों का नाम लिया था । गवाह ने न्यायाधीश अभय
थिप्से की अदालत को बताया कि उसे किसी ने पीछे से सिर पर चोट मारी और वह बेहोश हो
गया था । बाद में उसे अखबारों से पता चला कि बेकरी को जला दिया गया था । अभियोजन
पक्ष की वकील मंजुला राव द्वारा पूछने पर उसने कहा कि वह उन लोगों को नहीं जानता,
जिनके नाम उसके पुलिस बयान में दर्ज हैं । पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शौकत अजीज ने
अपनी प्रस्तावित अमेरिका यात्रा शायद भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के वहां
जोरदार स्वागत को देखते हुए स्थगित की है । बुश प्रशासन द्वारा मनमोहन सिंह की
अमेरिका में जोरदार स्वागत के कारण अजीज दोनों नेताओं के बीच तुलना किए जाने से
बचना चाहते थे । अजीज द्वारा अपनी अमेरिका यात्रा स्थगित किए जाने पर एक पाकिस्तानी
दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका में दोनों नेताओं के स्वागत में
संभावित अंतर को भांपते हुए यह यात्रा स्थगित की गई है । अजीज की अमेरिका यात्रा
मनमोहन सिंह की यात्रा के १० दिनों बाद होनी थी । पाकिस्तानी अधिकारियों ने यह
स्वीकार किया है कि दोनों नेताओं की यात्रा के बाद लोग उनके स्वागत की तुलना करते ।
अजीज की अमेरिका यात्रा स्थगित करने को वहां के राजनयिक इस नजरिए से देख रहे हैं कि
अमेरिका - भारत के बीच बढ़ते संबंध को लेकर पाकिस्तान ने अमेरिका से अपना अनौपचारिक
विरोध जताया है । पाकिस्तानी दैनिक 'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका द्वारा
पाकिस्तान को गैर नाटो सहयोगी का दर्जा दिए जाने के बावजूद वहां भारत के
प्रधानमंत्री को ज्यादा एहमियत दिया जाना पाकिस्तान को खटक सकता था । अब निकट
भविष्य में अजीज के अमेरिका यात्रा की संभावना कम है । राष्ट्रपति जनरल परवेज
मुशर्रफ संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक में शामिल होने सितंबर में न्यूयॉर्क
जाएंगे । इंटरनेट सर्च इंजन गूगल ने भारत की उपग्रह तस्वीरों को लेकर भारत सरकार की
चिंता को गंभीरता से लिया है और गूगल ने इस मुद्दे पर भारत सरकार से वार्ता की
इच्छा जताई है । अति महत्वपूर्ण भारतीय प्रतिष्ठानों की तस्वीरें गूगल की वेबसाइट
पर उपलब्ध होने को भारतीय सुरक्षा हलके में चिंता का विषय माना जा रहा है । यहां तक
कि भारतीय राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम भी गूगल अर्थ द्वारा खींची गयी इन
तस्वीरों पर चिंता जता चुके हैं । उनका कहना है कि इससे इन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा
खतरे में पड़ सकती है । आतंकवादी इन तस्वीरों का इस्तेमाल अपनी आतंकवादी योजना के
लिए कर सकते हैं । गूगल की प्रवक्ता डेबी फ्रोस्ट ने कहा कि गूगल ने गूगल अर्थ एवं
गूगल मैप्स के बारे में भारत सरकार की चिंता को गंभीरता से लिया है । गूगल सरकारों
के साथ संवादों का स्वागत करता रहा है । हम भारत सरकार से बातचीत को इच्छुक हैं ।
भारत सरकार की आपत्तियों पर हम गौर करना चाहते हैं । गौरतलब है कि इस अग्रणी सर्च
मशीन पर गूगल अर्थ द्वारा खींची गयी उपग्रह तस्वीरें उपलब्ध हैं । यह सर्च मशीन
उपग्रह तस्वीरों की सेवा भी मुहैया करा रही है । उन्होंने कहा कि इस वेबसाइट पर
दुनिया के कई प्रतिष्ठानों की तस्वीरें उपलब्ध हैं । हम इनकी सुरक्षा को लेकर
आपत्ति जताए जाने पर सक्रियता दिखाते हैं । उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में
इन तस्वीरों का इस्तेमाल जंगल में आग लगने की घटना से लेकर राहत एवं बचाव जैसे
आपातकालीन कार्यो में किया जाता रहा है । उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न
हिस्सों की उपग्रह तस्वीरें हमारे पास मौजूद हैं । इन तस्वीरों को तैयार करने के
पीछे विभिन्न आपात चुनौतियों से निपटने का उद्देश्य छिपा हुआ है । ये तस्वीरें
सुनामी और हरीकेन जैसी आपदाओं से निपटने में भी कारगर भूमिका निभाती हैं । गूगल के
एक सूत्र ने आईएएनएस को बताया कि इंटरनेट पर गूगल द्वारा उपलब्ध कराई गयी ये
तस्वीरें एक - दो साल पुरानी हैं । उल्लेखनीय है कि गूगल के अलावा माइक्रोसॉफ्ट
टेरासर्वर, नेशनल ज्योग्राफिक मैप मशीन और यूएस जूलॉजीकल सर्वे आदि की वेबसाइटों पर
भी ऐसी तस्वीरें उपलब्ध हैं । शहर के बाहरी इलाके में स्थित गच्चीबोवली स्टेडियम
में २१ जनवरी से शुरू हो रहे कांग्रेस महाधिवेशन के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
किए जाएंगे । तीन दिन के इस महाधिवेशन में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी,
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, उनके मंत्रिमंडल सहयोगी, कांग्रेस शासित राज्यों के
मुख्यमंत्री और बड़ी संख्या में विशिष्ट व्यक्ति शामिल होने वाले हैं । आंध्रप्रदेश
पुलिस ने हाल में आईएसआई समर्थित आतंकवादी संगठनों के साथ संबंध वाले गिरफ्तार पांच
आतंकवादियों से मिली जानकारी को देखते हुए सुरक्षा की कड़ी व्यवस्था की है । इसके
साथ ही पुलिस माओवादियों की ओर से संभावित गड़बड़ियों और अनुसूचित जाति के वर्गीकरण
को लेकर मादिगा रिजर्वेशन पोरटा समिति (एमआरपीएस) और माला महानाडु की ओर से किए
जाने वाले आंदोलन की योजना के बारे में खुफिया जानकारी को भी गंभीरता से ले रही है
। शहर पुलिस आयुक्त ए. के. मोहंती ने कहा कि पुलिस बल की विभिन्न शाखाओं से लिए गए
विभिन्न पदों के १५००० से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया जा रहा है । इसके अलावा
आंध्रप्रदेश स्पेशल पुलिस की सशस्त्र पुलिस की ५० पलटनें तैनात की जा रही हैं ।
राज्य के गृह मंत्री के. जना रेड्डी ने कहा कि आतंकवादियों द्वारा महाधिवेशन को
निशाना बनाए जाने की अफवाहों को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं
। इसके अलावा रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट, बस स्टैंड, होटलों और अन्य स्थानों की
सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई जाएगी । पाक अधिकारियों ने तालिबान नेता मोहम्मद यासिर को
गिरफ्तार किया है । वह तालिबान प्रमुख मुल्ला उमर का सहयोगी बताया जाता है । गृह
मंत्री आफताब खान शेरपाओ ने बताया कि यासिर पाकिस्तान में वांछितों की सूची में था
। उससे पूछताछ की जा रही है । तालिबान ने यासिर को तालिबान सूचना और सांस्कृतिक
विभाग का प्रमुख नियुक्त किया था । वह अफगान के जेहादी नेता अबदुर्राब रसूल सैयाफ
के इत्तेहाद - ए - इस्लामी से जुड़ा था । बहरहाल, सैयाफ द्वारा अफगान राष्ट्रपति
हामिद करजई को समर्थन देने की घोषणा के बाद यासिर तालिबान लड़ाकों के संगठन में
शामिल हो गया । यह पूछे जाने पर कि तालिबान नेता को अमेरिका के हवाले कर दिया जाएगा
। इस पर उन्होंने कहा कि इस पर टिथी करना अभी उचित नहीं होगा । इसके बारे में कुछ
भी कहा नहीं जा सकता । वाम दलों की मांग के बीच पेट्रोलियम मंत्री मणिशकंर अय्यर ने
शुक्रवार को स्पष्ट किया कि पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में वृद्धि वापस नहीं ली
जाएगी । राजधानी में केरल इंस्टीट्यूट ऑफ लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से आयोजित
कार्यशाला के मौके पर उन्होंने पत्रकारों से कहा कि हमारी सरकार फैसले वापस नहीं
लेती है । जो कुछ भी फैसला किया गया है, वह लागू किया जा रहा है । कीमतों में
वृद्धि के फैसले की आलोचना के बारे में उन्होंने कहा कि आलोचना बंद हो जाएगी । वाम
दलों के विरोध के बारे में अय्यर ने कहा कि उन्हें थोड़ी बहुत आलोचना से कोई समस्या
नहीं है । उन्होंने कहा कि जल्द ही कच्चे तेल की नीति की समीक्षा की जाएगी । इससे
पहले वाम दलों के नेताओं ने प्रधानमंत्री से मिल कर कीमतों में वृद्धि वापस लेने की
मांग की । शहर के माकपा सचिव बाबू राव ने सरकार से कीमतों में वृद्धि वापस लेने की
मांग की । असम में विधानसभा चुनाव के बमुश्किल दो माह रह गए हैं, लेकिन भाजपा
उम्मीदवार रामेश्वर तेली चुनाव प्रचार में तेजी लाने के बजाय चुनाव आयोग की नाराजगी
दूर करने के प्रयास में लगे हुए हैं । चुनाव आयोग की गाज उन पर न गिरे, इसके लिए वे
उसके दिशा निर्देशों पर सख्ती से अमल कर रहे हैं । यही हाल अन्य उम्मीदवारों का है
। असम में अगले महीने होने वाले चुनाव को लेकर आयोग ने कड़े निर्देश जारी किए हैं ।
आचार सहिंता का उल्लंघन करने वालों को आयोग ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है ।
रामेश्वर तेली यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके चुनाव अभियान के दौरान ऐसी कोई
गलती न हो जिसके लिए उन्हें आयोग को स्पष्टीकरण देना पड़े । पूर्वी असम के
दुलियाजान विधानसभा क्षेत्र से विधायक तेली दूसरी बार चुनाव लड़ रहे हैं । उन्होंने
बताया कि पिछले कुछ दिनों से चुनाव अभियान तेज करने के बजाय मैं अपने समर्थकों
द्वारा दीवारों पर मेरे नाम के लगाए गए पोस्टरों को हटाने में व्यस्त हूं । आयोग ने
इन पोस्टरों को हटाने का आदेश दिया है । तेली और उनके समर्थक दीवारों पर लगे
पोस्टरों को हटाने का काम कर रहे हैं । उनके हाथ में सफेद पेंट का एक डिब्बा एवं
ब्रश है । वे दीवार पर उनके नाम से छपे नारों आदि को मिटाने में लग जाते हैं । तेली
ने कहा कि दीवारों पर काफी पहले से मेरे नाम के नारे और भाजपा के चुनाव चिन्ह छपे
हुए हैं । उन्होंने कहा कि अगर किसी ने पोस्टरों को लेकर मेरी शिकायत आयोग से कर दी
तो आयोग मेरी खिंचाई करेगा । हाल ही में राज्य के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बारे
में विपक्ष ने आयोग से शिकायत की थी । गोगोई भी चुनाव आयोग के निर्देशों का पालन
करने में कोई कमी नहीं कर रहे हैं । ऐन लोकसभा चुनाव से पहले शरद पवार का साथ
छोड़ने वाले पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा ने बुधवार को कहा कि वे राष्ट्रवादी
कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में लौट रहे हैं । संगमा ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष
सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने से इन्कार करने के बाद वे कारण खत्म हो गए हैं,
जिनकी वजह से उन्होंने पार्टी छोड़ी थी । संगमा ने यहां एनसीपी मुख्यालय पर
पत्रकारों से कहा कि उन्होंने विदेशी मूल की सोनिया गांधी के प्रधानमंत्री बनने के
मुद्दे पर एनसीपी छोड़ी थी, लेकिन उन्होंने प्रधानमंत्री बनने से इन्कार कर दिया ।
लिहाजा, अब किसी तरह का मतभेद नहीं है । देश में एनसीपी की अपनी अलग पहचान है ।
तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में पिछला लोकसभा चुनाव जीतने वाले संगमा ने
कहा कि एनसीपी में उनकी वापसी में अब सिर्फ कुछ तकनीकी अड़चनें हैं । उन्होंने कहा
कि वह उचित समय की प्रतीक्षा में है उसके बाद वे एनसीपी में शामिल हो जाएंगे ।
पिछले १८ वर्ष से विवादों में घिरा बोफोर्स तोप दलाली मामला एक बार फिर खबरों में
है । सीबीआई ने बोफोर्स के कलपुर्जे खरीद मामले में प्राथमिक जांच शुरू कर दी है ।
सीबीआई के मुताबिक तत्कालीन रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नॉडिस के कार्यकाल के दौरान
कलपुर्जो की खरीदारी में लापरवाही बरती गई थी । सीबीआई ने शनिवार को प्रारंभिक जांच
के तीन मामले दर्ज किए हैं । इनमें से एक के मुताबिक स्वीडन के सेल्सियस सिस्टम को
१५५ एमएम के फील्ड होवित्जर के ४८९ कलपुर्जे की खरीदारी के ठेके की प्रक्रिया को २४
अगस्त १९९९ को अंतिम रूप दिया गया । इन कलपुर्जो की कुल कीमत ९७.६५ करोड़ रुपये थी
। बाद में जांच पड़ताल में पाया गया कि कंपनी ने १९९९ में कलपुर्जो के जो मूल्य तय
किए थे उस दर से बहुत अधिक कीमत पर इनकी खरीदारी के ठेके दिए गए । इसकी वजह से
सरकार को ६.७३ करोड़ रुपये अतिरिक्त व्यय करने पड़े । सीबीआई के मुताबिक रक्षा
मंत्रालय ने अधिक दर पर सौदा तय करने की कोई वजह नहीं बताई है । जांच एजेंसी ने
आरोप लगाया है कि सरकार ने कंपनी को ठेका देने में ठीक से बातचीत नहीं की और
मंत्रालय ने ठेके में संशोधन कर दिया जिससे सरकार पर ९.६१ करोड़ रुपये का अतिरिक्त
बोझ पड़ा । रक्षा मंत्रालय ने डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स पावर यूनिट, टॉक्र्यू मोटर,
पंप, प्रेशर वेसेल, सिलेंडर, सस्पेंशन यूनिट, लेइंग वॉल्व, कंट्रोल पैनल सी ३१,
रैमर, ब्रश किट और लेवलिंग डिवाइस की खरीदारी के ठेके दिए थे । राष्ट्रीय किसान
आयोग के अध्यक्ष डॉ. स्वामीनाथन ने कहा है कि कृषि क्षेत्र में मूलभूत ढांचे में
कमी से किसानों की समस्याएं बढ़ी हैं । उन्होंने कहा कि ऋण की सुविधा, बीज, पानी,
बिजली, तकनीक और बाजार के न होने से किसानों को कई तरह की समस्याओं से जूझना पड़
रहा है । इंडियन सोसाइटी ऑफ एग्रोफिजिक्स (आईएसएपी) द्वारा आयोजित डॉ. बीपी
घिल्डियाल मेमोरियल लेक्चर में मुख्य अतिथि के तौर पर स्वामीनाथन ने कहा कि
एग्रोफिजिक्स में डॉ. घिल्डियाल के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता है । डॉ.
घिल्डियाल ने देश में एग्रोफिजिक्स की नींव रखी थी और वह इंडियन सोसाइटी ऑफ
एग्रोफिजिक्स के संस्थापक अध्यक्ष थे । उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसानों की
समस्याओं के पांच कारण हैं । इसमें भूमि सुधार प्रक्रिया रोकना, समय से ऋण न मिलना,
पानी की कमी, विस्तारीकरण, शिक्षा और बेहतर बाजार ढांचा का न होना है । लिहाजा इन
समस्याओं को दूर करने के लिए कारगर कदम उठाने की जरूरत है । स्वामीनाथन ने कहा कि
पिछले कुछ सालों में किसानों की समस्याएं बढ़ी हैं । किसानों को जमीन में जैव
उर्वरा की कमी से जूझने के साथ ही माइक्रोन्यूट्रेंट, पोषक तत्वों में कमी, सिंचाई
में पानी और तकनीक की कमी से दो - चार होना पड़ रहा है । उन्होंने कहा कि कृषि
मंत्रालय ने बाजार की नीतियों में बदलाव करने के लिए कई तरह के कदम उठाए हैं और आने
वाले समय में इसका फायदा किसानों को मिलेगा । केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर
एपीएमसी एक्ट में संशोधन कर रही है । इससे किसान अपने उत्पाद को स्थानीय मंडी के
अलावा अन्य मंडियों में भी बेच सकेंगे । हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल)
दक्षिण अमेरिकी बाजार में प्रवेश के उद्देश्य से चिली को अपने एडवांस लाइट
हेलीकॉप्टर (एएलएच) ध्रुव के निर्यात करने के प्रयास में है । एचएएल के अध्यक्ष
अशोक के. बवेजा ने शनिवार को यहां पत्रकारों से कहा कि उन्होंने चिली में एएलएच
ध्रुव का प्रदर्शन किया है, जिसकी काफी अच्छी प्रतिक्रिया मिली है । उन्होंने कहा
कि अभी हमारी सबसे बड़ी शक्ति है कि हम काफी प्रतिस्पर्धी हैं और आगे जरूरत प्रयास
करने की है । बवेजा ने कहा कि शुरुआती दौर में चिली को हेलीकॉप्टर निर्यात करने के
तौर पर हम दक्षिण अमेरिका के बाजार में पैठ बनाने के लिए सक्रिय हैं । एएलएच ध्रुव
के अंतर्राष्ट्रीय संस्करण की मार्केटिंग के लिए भारत और इस्राइल एयरक्राफ्ट
इंडस्ट्रीज (आईएआई) के बीच समझौता है और पिछली जुलाई को चिली में इसकी एक महीने की
परीक्षण उड़ान पूरी की गई है । उन्होंने बताया कि चिली के इस ऑर्डर के लिए एचएएल की
बेल हेलीकॉप्टर्स और यूरोकॉप्टर के साथ प्रतिस्पर्धा है । वर्ष २००७ में होने वाले
विश्व कप में भारतीय टीम को कामयाबी के शिखर तक ले जाने का जिम्मा राहुल द्रविड़ के
भरोसेमंद कंधों पर होगा । भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने राहुल द्रविड़ को अगले
विश्व कप तक के लिए टीम की कप्तानी सौंपने की अचानक घोषणा कर सभी को चौंका दिया ।
यह घोषणा ऐसे समय में की गई, जब द्रविड़ का सौंवा टेस्ट मैच खेलने से ठीक पहले
सम्मान किया गया । अब तक कोई सिरीज़ शुरू होने से पहले ही टीम और कप्तान की घोषणा
की जाती रही है । दरअसल इस असमय घोषणा के पीछे बोर्ड की मंशा मिस्टर भरोसेमंद में
आत्मविश्वास बढ़ाना है, जैसा कि चयन समिति के अध्यक्ष किरण मोरे ने 'अमर उजाला' से
बातचीत में कहा । इस बारे में पूछे जाने पर मोरे ने कहा कि पहले यह घोषणा मोहाली
में की जानी थी लेकिन मुंबई में द्रविड़ के लिए खास मौका होने के कारण अभी कर दी गई
। उन्होंने कहा कि बोर्ड द्रविड़ में आत्मविश्वास भरना चाहता है । टीम के अन्य
खिलाड़ियों के लिए भी यह अच्छा है क्योंकि उन्हें पता रहेगा कि विश्व कप तक उनका
लीडर कौन है । उन्होंने इसे सही मायने में अच्छा फैसला बताया । फिलहाल बोर्ड के इस
फैसले से एक बात तो साफ है कि अगले दो साल तक उसकी योजनाओं में किसी तरह का बदलाव
नहीं आएगा । इस फैसले से कोच ग्रेग चैपल की योजनाओं पर भी मुहर लगती है । असल में
इस फैसले के साथ बोर्ड ने यह भी बताने की कोशिश की है कि वह राजनीति से हट कर सिर्फ
क्रिकेट पर ध्यान दे रहा है । समारोह में सचिन तेंदुलकर को १३२वां टेस्ट खेलकर सबसे
ज्यादा टेस्ट खेलने वाला भारतीय खिलाड़ी बनने और अनिल कुंबले को ५०० टेस्ट विकेट
पूरे करने के लिए चांदी की प्लेट और ट्रॉफी दी गई । कार्यक्रम के तुरंत बाद बोर्ड
के सचिव निरंजन शाह ने द्रविड़ की अगले साल तक कप्तानी की घोषणा कर दी । उन्होंने
बताया कि शुक्रवार की रात को चयनकर्ताओं की बैठक हुई, जिसमें यह फैसला हुआ ।
द्रविड़ की कप्तानी के सफर में यह घोषणा खासी रोचक है । इससे पहले चयनकर्ताओं ने
पिछले साल अगस्त में श्रीलंका में त्रिकोणीय सिरीज़ में सौरव गांगुली को हटा कर
राहुल को कप्तानी सौंपी थी । लेकिन जिंबाब्वे में गांगुली की वापसी के साथ ही राहुल
को कप्तानी से हटना पड़ा था । इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सिरीज़ में राहुल
को पूरी तरह से कप्तानी सौंपी गई । उनके नेतृत्व में भारत ने श्रीलंका को टेस्ट
सिरीज़ में २ - ० से हराने के अलावा वनडे मैचों की श्रृंखला ६ - १ से जीती थी ।
श्रीलंका की सिरीज़ के बाद भारत ने उनकी कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ़ पांच
वनडे मैचों की सिरीज़ २ - २ से ड्रा खेली थी । पाकिस्तानी दौरे पर भी टीम उनकी
कप्तानी में वनडे सिरीज़ जीत कर लौटी । अमेरिकी सरकार के दो आपदा राहत विशेषज्ञ
जम्मू कश्मीर में भूकंप प्रभावित इलाकों में सहायता सामग्री का वितरण करके लौटे हैं
। इन विशेषज्ञों के अनुसार जम्मू और कश्मीर के भूकंप प्रभावित लोगों को ठंड का मौसम
करीब आने के कारण शीघ्र सहायता की जरूरत है । उन्हें सिर छिपाने के लिए छत, गरम
कपड़े और दूसरी जरूरी चीजें तत्काल मुहैया कराई जानी चाहिए । यूनाइटेड स्टेट्स
एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी) आपदा राहत विशेषज्ञों ने जम्मू कश्मीर
के चार दिवसीय दौरे से लौट कर बताया कि उन्होंने वहां देखा कि खराब मौसम और दुर्गम
स्थलों तक पहुंचने में कठिनाई के कारण आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने की प्रक्रिया
में देरी हो रही है । विशेषज्ञों का यह दल आपात जरूरतों के मूल्यांकन के लिए घाटी
गया था । 'सेव द चिल्ड्रेन' और अमेरिकी सरकार की साझेदारी में उनकी ओर से पहला राहत
पैकेज भूकंप प्रभावित जम्मू कश्मीर में वितरित किया गया । इसके तहत अमेरिकी
विशेषज्ञों ने कंबल और गरम जैकेट बांटे । अमेरिकी सरकार ने यूएसएआईडी कार्यालय के
जरिए ८ अक्तूबर को आए भूकंप प्रभावित इलाके में तत्काल प्रभाव से एक लाख डॉलर की
मदद जारी की है । इसकी आधी रकम ५०,००० डॉलर प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष में
गए हैं । बाकी ५० हजार डॉलर सीधे राहत कार्य में लगाए गए हैं । जबकि सेव द
चिल्ड्रेन के सीधे राहत प्रयासों के तहत ५ लाख डॉलर निवेश किए गए हैं । भाजपा के
नेतृत्व स्तर पर जारी संकट थमने का नाम नहीं ले रहा है । वरिष्ठ भाजपा नेता मदन लाल
खुराना ने एक बार फिर पार्टी के मौजूदा नेतृत्व के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंक
दिया है । उन्होंने कहा है कि पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ पार्टी में
बढ़ रहे विरोध के चलते भाजपा विभाजन के करीब पहुंच गई है । उन्होंने कहा कि गुजरात
के पूर्व मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल ने मुझे पार्टी का नेतृत्व करने के लिए कहा है ।
खुराना ने कहा कि गुजरात, बिहार व झारखंड के वरिष्ठ भाजपा नेता पार्टी नेतृत्व
द्वारा अपनी उपेक्षा से दुखी हैं । उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि
पार्टी नेतृत्व के खिलाफ जल्द विद्रोह होगा । किसी का नाम बताए बगैर खुराना ने कहा
कि मैं आडवाणी के करीब रहने वाले लोगों के अंतर्गत काम नहीं कर सकता हूं । ये लोग
एयरकंडीशन कमरों में बैठ पार्टी अध्यक्ष के फैसलों को प्रभावित करते हैं । यह पूछे
जाने पर कि क्या वे पार्टी को छोड़ेंगे, उन्होंने कहा कि वे अपनी भावी योजनाओं के
बारे में निर्णय लेने के लिए आरएसएस नेतृत्व से मिलने जा रहे हैं । खुराना ने कहा
कि बिहार व झारखंड में पार्टी की स्थिति बदतर हो चुकी है । शत्रुघ्न सिन्हा, यशवंत
सिन्हा, बाबूलाल मरांडी व रामटहल चौधरी जैसे नेताओं का धैर्य चूक गया है । १३ अगस्त
को मरांडी, मुंडा, चौधरी, यशवंत सिन्हा व २० अन्य नेताओं की बैठक रांची में हुई थी
। इन नेताओं का धैर्य सीमा पार कर चुका है । खुराना ने कहा कि शत्रुघ्न सिन्हा ने
नितीश कुमार के नेतृत्व में काम करने से इनकार कर दिया है । खुराना ने कहा कि
आडवाणी के साथ रहने वाले लोग पार्टी को गर्त में पहुंचा रहे हैं । उन्होंने कहा कि
हमने अपनी पूरी जिंदगी पार्टी को मजबूत बनाने के प्रयास किए हैं । पार्टी की अवनति
देख मैं काफी दुखी हूं । पिछले वर्ष के अंत में खुराना राजस्थान के राज्यपाल पद से
इस्तीफा दे कर सक्रिय राजनीति में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली लौट आए थे । गौरतलब है
कि खुराना ने सिर्फ एक माह पहले आडवाणी से इस्तीफे की मांग की थी । उन्होंने कहा था
कि पार्टी अपने सिद्घांतों से भटक गई है व इसे निजी लिमिटेड कंपनी की तरह चलाया जा
रहा है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की प्रस्तावित तीन - दिवसीय पूर्वोत्तर यात्रा
को लेकर क्षेत्र के लोग काफी उत्साहित हैं । उन्हें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री
पूर्वोत्तर भारत में अमन - चैन की स्थायी बहाली के लिए साहसिक पहल करेंगे ।
प्रधानमंत्री शनिवार से पूर्वोत्तर के दौरे पर होंगे । प्रधानमंत्री शनिवार को
मणिपुर की राजधानी इंफाल पहुंचेंगे । वहां से वे रविवार को असम के गुवाहाटी शहर
जाएंगे । सोमवार को प्रधानमंत्री गुवाहाटी में प्रथम भारत - एशियन कार रैली को हरी
झंडी दिखाकर रवाना करेंगे । इस ऐतिहासिक कार रैली को यादगार बनाने की पुरजोर तैयारी
की गयी है । इंफाल से निकलने वाले अग्रणी अंग्रेजी दैनिक इंफाल फ्री प्रेस के
संपादक प्रदीप फंजाबम ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की यात्रा
को लेकर लोग उत्साहित हैं । लोगों को भरोसा है कि प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर में
शांति बहाली की ठोस पहल करेंगे । उन्हें यह भी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री जम्मू -
कश्मीर की तरह पूर्वोत्तर में भी सैनिकों की संख्या में कटौती का ऐलान कर सकते हैं
। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री दशकों पुराने सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून में
संशोधन या इसके समापन का ऐलान करते हैं तो इससे मणिपुर के लोगों में शुभ संकेत
जाएगा । अपनी मणिपुर यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री ऐतिहासिक कांगला फोर्ट को राज्य
सरकार को समर्पित करने वाले हैं । फिलहाल यह किला असम राइफल्स का मुख्यालय है । इसे
मणिपुर के लोग अपनी सांस्कृतिक व ऐतिहासिक धरोहर मानते हैं । यह किला १८९१ तक
मणिपुर के शाही परिवार का प्रवास हुआ करता था । स्थानीय लोग वर्षो से इस किले को
असम राइफल्स से मुक्त कराने की कोशिश करते रहे हैं । एक विश्लेषक ने कहा कि
प्रधानमंत्री से कुछ सकारात्मक पहल की उम्मीद की जा रही है । उन्होंने कहा कि अगर
प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर के विकास के लिए आर्थिक पैकेज का ऐलान करते हैं तो इससे
लोग खुश होंगे । असम से प्रकाशित अग्रणी अखबार असमिया खबर के संपादक अतानू भुयन ने
कहा कि प्रधानमंत्री से इतनी उम्मीद तो की जा सकती है कि वे आतंकवादियों से शांति
वार्ता की ठोस पहल करेंगे । माहौल पूरी तरह बदला हुआ था । हर सदस्य को यह मलाल था
कि अब बहस के दौरान कविताएं और महान साहित्यकारों के विचारों का उल्लेख सुनने को
नहीं मिलेगा । लगभग हर मुद्दे पर बहस करने वाले सदस्य आपस में अनुभव बांट रहे थे ।
कुछ शिकायतें भी हुई । किसी ने कहा कि यहां मौजूद लोगों की याद राख में दबी चिंगारी
की तरह है, जो हवा के साथ सुलग जाएगी, तो दूसरे की शिकायत थी कि सदन में रूल बुक
में लिखी बातों पर अमल कम होता है । हो भी क्यों न आखिर उनके सात साथी विदा हो रहे
थे । राज्यसभा सदस्यों ललित भाई मेहता, सविता शारदा, चंद्रकला पांडेय, जीवन राय,
सरला महेश्वरी, शंकर राय चौधरी और एडवार्डो फ्लेरियो का गुरूवार को कार्यकाल खत्म
हो गया । जबकि अहमद पटेल, अवनी राय और चित्रवृत मजूमदार दोबारा चुन लिए गए हैं ।
सदन में चंद्रकला पांडेय अपनी कविताओं और सरला महेश्वरी प्रेमचंद सहित महान
साहित्यकारों के उद्धरण के लिए मशहूर थीं । इस मौके पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने
कहा कि इन सभी सदस्यों ने चर्चा के दौरान महत्वपूर्ण विचार रखे । इससे बहस की
गुणवत्ता में इज़ाफा हुआ । विदाई के दौरान सविता शारदा की आंख से आंसू छलक आए ।
उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि राज्यसभा में आते हुए उन्होंने सूरतवासियों से
एयरपोर्ट बनवाने का वायदा किया था । पर तमाम कोशिशों के बावजूद इसमें सफ़ल नहीं हो
सकी । इसलिए, प्रधानमंत्री उनके इस वायदे को पूरा करने की कोशिश करें । चंद्रकला
पांडेय ने भी आंसुओं को छुपाने की पूरी कोशिश की । पर उनके शब्दों से हकीकत झलक रही
थी । बशीर बद्र के शेर को उन्होंने दुष्यंत कुमार के नाम से पढ़ दिया । उनका कहना
था कि साथी सदस्यों की याद राख में दबी चिंगारी की तरह हमेशा उनके पास रहेगी । सरला
महेश्वरी ने अपने जज्बात पर काबू रखते हुए प्रधानमंत्री से महिलाओं को ३३ फीसदी
आरक्षण देने की मांग की । उनका कहना था कि ५० फीसदी जनता को अलग रखकर सामाजिक न्याय
में देरी कई अराजकताओं को जन्म दे सकती है । जनरल राय चौधरी ने कहा कि सदन में रूल
बुक में लिखी इस बात पर अमल नहीं होता कि जब कोई अपनी बात कह रहा हो, तो सभी चुप
रहकर उसकी बात सुने । जीवनराय और ललितभाई मेहता ने भी अपने अनुभव रखे । केंद्र
सरकार ने जम्मू कश्मीर के माकपा विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी की सुरक्षा को लेकर
मुफ्ती सरकार को जून में आगाह कर दिया था । तारीगामी का आरोप है कि राज्य सरकार ने
उन्हें केंद्र के निर्देश के अनुरूप सुरक्षा मुहैया नहीं कराई । सूत्रों ने बताया
कि मंगलवार सुबह श्रीनगर में आतंकी हमले के तत्काल बाद केंद्र ने पता लगाने की
कोशिश की कि आतंकी अत्यधिक सुरक्षा वाले तुलसीबाग इलाके में किस तरह प्रवेश कर गए ।
माना जाता है कि माकपा महासचिव प्रकाश करात ने भी केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल
से बात कर उन्हें तारीगामी तथा अन्य माकपा पदाधिकारियों की सुरक्षा को लेकर अपनी
चिंता से अवगत कराया । तारीगामी आतंकी संगठनों खासकर हिजबुल मुजाहिदीन की हिट -
लिस्ट में शामिल हैं । जिसके बाद केंद्र ने उन्हें 'जेड प्लस' सुरक्षा उपलब्ध कराने
के निर्देश राज्य सरकार को दिए थे । सूत्रों ने बताया कि नियमों के मुताबिक एक
व्यक्तिगत सुरक्षा अधिकारी के अलावा १४ सशस्त्र सुरक्षा कर्मी हर समय तारीगामी के
साथ रहने चाहिए । उन्हें दो एस्कॉर्ट कार और एक पायलट कार भी मिलनी चाहिए ।
तारीगामी ने ऐसा कोई सुरक्षा कवच मिलने की बात से इनकार किया है । उन्होंने दावा
किया कि उन्हें बारूदी सुरंग या आईडीई से उड़ाने की साजिश की जानकारी खुफिया
एजेंसियों ने दी थी । हालांकि इस पर केंद्र की सभी चेतावनियों को राज्य प्रशासन ने
अनसुना कर दिया । जेट एयरवेज के खिलाफ इसी नाम की एक अमेरिकी कंपनी के शिकायत करने
पर अमेरिकी प्रशासन की मांगी गई जानकारियों के बारे में मंत्रिमंडल के बीच विचार -
विमर्श जारी है । यह जानकारी बृहस्पतिवार को लोकसभा को दी गई । नागरिक उड्डयन
मंत्री प्रफुल्ल पटेल ने प्रश्नकाल के दौरान बताया कि अमेरिकी प्रशासन के सामने
समान नाम वाली अमेरिकी कंपनी के जेट एयरवेज के खिलाफ कुछ आपत्तियां दर्ज करने के
बाद अमेरिका भारत की प्रतिक्रिया चाहता है और उसने इस बारे में कुछ जानकारियां
मांगी हैं । उन्होंने बताया कि अमेरिकी सरकार को इस बारे में जानकारी विदेश
मंत्रालय के ज़रिए दी जाएगी । ग्रामीण क्षेत्र में हर घर को साल में कम से कम १००
दिन का रोजगार दिलाने से संबंधित राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी बिल बृहस्पतिवार
को लोकसभा में पेश किया गया । सभी सदस्यों ने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर इसका स्वागत
किया । ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने इस बिल को सदस्यों के विचारार्थ
पेश किया । पिछले साल पेश किए मूल बिल में इस बार सरकार ने कई संशोधनों को शामिल
किया है । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि यूपीए सरकार ने इस बिल को पेश
कर पार्टी द्वारा अपने चुनाव घोषणा के एक प्रमुख वायदे को पूरा किया है । बिल में
कई संशोधन किए गए हैं, जिनमें पांच साल के अंदर इसे पूरे देश में लागू करने,
न्यूनतम मजदूरी ६० रुपये तय करने और राज्यों को इसके लिए अग्रिम तौर पर राशि मुहैया
करवाने आदि का प्रावधान शामिल है । सोमवार को चर्चा पूरी होने के बाद इसे लोकसभा की
मंजूरी मिल जाने की उम्मीद है । बिल में पंचायती राज संस्थाओं को और अधिकार देने का
भी प्रावधान किया गया है । बिल पेश करते हुए रघुवंश प्रसाद सिंह ने बताया कि पहले
चरण में देश के दो सौ जिलों को इस योजना में शामिल किया गया है । उन्होंने बताया कि
चार सालों के अंदर देश के सभी ६०२ जिलों में योजना लागू हो जाएगी । बिल में यह
प्रावधान भी किया गया है कि यदि किसी घर को रोजगार नहीं मिल पाता है तो उसे
बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा । यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रोजगार गारंटी बिल पर
चर्चा के बहाने सरकार और कांग्रेस पार्टी की जमकर पीठ थपथपाई । बाजारवादी नीति पर
चलने वाली सरकार के लिए यह सफाई का भी मौका था । सोनिया ने इसका पूरा फायदा उठाते
हुए कहा कि यह आर्थिक सुधारों का मानवीय चेहरा है । सोनिया बृहस्पतिवार को लोकसभा
में पूरी तैयारी के साथ आई थीं । उन्होंने कहा कि गरीबों के हित में यह बिल एक
ऐतिहासिक कदम है । उनके भाषण की पहली ही लाइन थी - 'आज हम कांग्रेस की घोषणा के
सबसे महत्वपूर्ण वायदे को पूरा कर रहे हैं भाषण के दौरान उन्होंने कई बार कांग्रेस
पार्टी की तारीफ की । उन्होंने कहा कि इस बिल पर पहली बार चर्चा गुवाहाटी में
कांग्रेसी मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में हुई और फिर अगले साल २००३ में श्रीनगर में
कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में भी इस पर चर्चा हुई । पति राजीव गांधी और
सास इंदिरा गांधी का नाम भी उन्होंने लोगों को याद दिलाया । उन्होंने कहा कि १९८०
में इंदिरा जी भूमिहीन लोगों के लिए ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्यक्रम लायीं । फिर
१९८७ में राजीव गांधी जवाहर रोजगार योजना लाए । यह उसी सिलसिले को बढ़ाने वाला कदम
है । सोनिया गांधी ने पार्टी की तारीफ में जितने पुल बांधे हों, लेकिन पार्टी के
सांसदों का आचरण कुछ और ही दिखा रहा था । सोनिया के भाषण को ध्यान में रखते हुए
पार्टी के अधिकांश सदस्य सदन में मौजूद थे । बार - बार मेज थपथपाकर स्वागत कर रहे
थे । विपक्ष की ओर से जरा सी आवाज उठते ही अपने शोर से उसे दबा दे रहे थे । तुरंत
सभी उठ खड़े हुए और आपस में हंसी - ठिठोली का दौर शुरू हो गया । दस मिनट के अंदर
सदन में सत्ता पक्ष की ओर से मुश्किल से दस - पंद्रह सदस्य बचे । हालांकि उनमें
सोनिया भी थीं । भाषण के बाद भी वे आधे घंटे से ज्यादा बैठी रहीं । कर्नाटक की धरम
सिंह सरकार में चल रहा असंतोष बुधवार को बगावत में बदल गया । कांग्रेस नेतृत्व वाली
राज्य की गठबंधन सरकार में शामिल जनता दल (एस) के प्रमुख एवं पूर्व प्रधानमंत्री
एच. डी. देवगौड़ा के पुत्र एच. डी. कुमारस्वामी ने पिता के खिलाफ विद्रोह करते हुए
पार्टी के ४० से अधिक विधायकों के साथ सरकार से अलग होने का ऐलान कर दिया । मुख्य
विपक्षी दल भाजपा ने कुमारस्वामी को समर्थन देने की घोषणा कर दी । शाम को
कुमारस्वामी के नेतृत्व में दोनों दलों के नेताओं ने राज्यपाल टी. एन चतुर्वेदी के
समक्ष राज्य में वैकल्पिक सरकार के गठन का दावा पेश किया । देर रात राज्यपाल ने
मुख्यमंत्री धरम सिंह को राजभवन बुलाया । मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से कुमारस्वामी
गुट पर कार्रवाई नहीं करने का आग्रह करते हुए विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए
३१ जनवरी तक का समय मांगा । हालांकि राज्यपाल ने इस बारे में कोई आश्वासन नहीं दिया
। मुख्यमंत्री के साथ राजभवन जाने वालों में उप मुख्यमंत्री एम. पी. प्रकाश,
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, विधि मंत्री एच. के. पाटिल और
वरिष्ठ जद (एस) नेता पी. जी. आर. सिंधिया भी थे । इससे पहले धरम सिंह ने कैबिनेट की
आपात बैठक बुलाकर हालात की समीक्षा की । फिलहाल कर्नाटक की उथल - पुथल से राजधानी
के राजनीतिक अखाड़े में भी हलचल मच गई । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रक्षा मंत्री
प्रणब मुखर्जी और गृह मंत्री शिवराज पाटिल के साथ बैठक कर राज्य के राजनीतिक हालात
पर विचार - विमर्श किया । जद (एस) प्रमुख देवगौड़ा राज्यपाल को लिखकर कह चुके हैं
कि उप मुख्यमंत्री प्रकाश ही उनकी पार्टी के नेता हैं । उनके अलावा कोई भी पार्टी
की ओर से बोलने को अधिकृत नहीं है । कांग्रेस की उम्मीदें अब इसी पर टिकी हुई हैं ।
पार्टी महासचिव अंबिका सोनी ने उम्मीद जताई है कि राज्यपाल जल्दबाजी में कोई फैसला
नहीं करेंगे । सूत्रों का कहना है कि कुमारस्वामी के दावे पर राज्यपाल कोई फैसला
लेने से पहले कानून और संविधान विशेषज्ञों की राय लेंगे । शहर के बाहर एक रिसॉर्ट
पर जद (एस) के बागी विधायकों और भाजपा विधायकों की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें
कुमारस्वामी को नेता चुना गया । इसके बाद कुमारस्वामी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष
जगदीश शत्तार और विधायक दल के नेता बी. एस. येदियुरप्पा के साथ राजभवन गए और
राज्यपाल के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश किया । कुमारस्वामी ने कहा कि राज्यपाल
ने उनके दावे पर विचार करने का आश्वासन दिया है । इससे पहले कुमारस्वामी ने भाजपा
के वरिष्ठ नेता एम. वेंकैया नायडू और अन्य भाजपा नेताओं से मुलाकात की । नायडू ने
पार्टी के विधायक दल की बैठक के बाद जद (एस) के असंतुष्ट गुट को समर्थन की औपचारिक
घोषणा कर दी । उन्होंने कहा कि पहले २० महीने के लिए जद (एस) सरकार का नेतृत्व
करेगा और उसके बाद २० महीने के लिए भाजपा नेतृत्व करेगी । उन्होंने बताया कि समर्थन
वापसी के पत्र पर जद (एस) के ४६ विधायकों ने हस्ताक्षर किये हैं । उन्होंने कहा कि
जद (एस) ने कुमारस्वामी को अपने विधायक दल का नेता चुना है और वही मुख्यमंत्री
होंगे, जबकि भाजपा के येदियुरप्पा उप मुख्यमंत्री होंगे । उधर मुख्यमंत्री धरम सिंह
और उप मुख्यमंत्री प्रकाश ने बागियों द्वारा राज्यपाल को दिये पत्र को अवैध करार
दिया है । प्रकाश ने कहा कि वही जद (एस) विधायक दल के नेता हैं और सरकार को कोई
खतरा नहीं है । हालांकि प्रकाश ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उनकी पार्टी के साथ
गलत व्यवहार किया है, जिससे जद (एस) विरोधी ताकतों को बढ़ावा मिला । जम्मू हाईकोर्ट
के निर्देश पर राज्य क्राइम ब्रांच ने अनारा मामले में जम्मू के एसएसपी व एसपी
नार्थ समेत चार वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है । क्राइम
ब्रांच ने पूर्व मिस जम्मू अनारा को अश्लील सीडी मामले में पिछले वर्ष २३ अक्तूबर
से ३ नवंबर तक हिरासत में अवैध तरीके से रखे जाने के सुबूत मिलने के बाद एफआईआर
दर्ज की है । मामले की जांच के लिए डीएसपी एस. एल. कौल को नियुक्त किया गया है ।
सूत्रों के अनुसार बैठक में निर्णय लिया गया कि एफआईआर में शामिल पुलिस अधिकारी
अपनी जमानत करवाएंगे । इससे पूर्व हाईकोर्ट ने डीजीपी गोपाल शर्मा को निर्देश दिया
था कि अनारा को अवैध तरीके से हिरासत में रखने के मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों
के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए । इस मामले में डीजीपी ने बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट में
हलफनामा दायर किया था, लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण सुनवाई के टलने के बाद आज
क्राइम ब्रांच ने आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली । क्राइम
ब्रांच ने आरपीसी की धारा ३४४ के तहत मामला दर्ज किया है । एफआईआर में कहा गया है
कि एसएसपी जम्मू डॉ कमल सैनी और एसपी नार्थ प्रभात सिंह ने अनारा गुप्ता को अवैध
तरीके से हिरासत में रखा । सूत्रों के अनुसार एफआईआर काफी लंबी है और इसमें पूरा
विवरण दिया गया है कि किस तरह से अनारा को अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया था ।
अनारा को अवैध तरीके से हिरासत में रखे जाने का सवाल मुख्य न्यायधीश की खंडपीठ ने ४
फरवरी को भी पूछा था । अतिरिक्त एडवोकेट जनरल अनिल सेठी ने पुलिस की ओर से अदालत
में बयान दिया था कि अनारा को केवल पूछताछ के लिए बुलाया जाता रहा और उसे हिरासत
में नहीं रखा गया । जिस तरह क्राइम ब्रांच मामले की जांच को लेकर अनारा को पूछताछ
के लिए रोजाना कुछ देर को बुलाती थी, उसी तरह से वूमेन सेल थाने में भी अनारा को २३
अक्तूबर से बुलाया जाता रहा । अदालत में इस बयान के १५ दिन बाद ही अनारा को अवैध
हिरासत में रखे जाने का मामला सिद्ध हो गया और क्राइम बांच ने एफआईआर दर्ज कर ली ।
सूत्रों ने बताया कि अनारा के मोबाइल फोन पर ही एसपी प्रभात सिंह से एसडीपीओ तनवीर
जिलानी और वूमेन सेल की तत्कालीन प्रभारी किरन बाला ने बातचीत की थी । इससे स्पष्ट
होता है कि अनारा २४ अक्तूबर को हिरासत में थी । पुलिस के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने
के बाद अनारा द्वारा मानहानि के लिए किया गया एक करोड़ का दावा भी पुख्ता होता लग
रहा है । हाईकोर्ट में दायर एक करोड़ के हर्जाने के दावे में अनारा ने कहा है कि
उसे दस दिन तक अवैध तरीके से हिरासत में रखा गया था । बॉलीवुड अभिनेत्री प्रीति
जिंटा और उसके बॉयफ्रेंड नेस वाडिया की दोस्ती की ट्रेन को बॉम्बे डाइंग के मालिक
नुस्ली वाडिया खानदान की हरी झंडी मिल गई है । फिल्म जगत की इस सबसे ताजा और चर्चित
दोस्ती पर नेस की मां मौरीन एन. वाडिया का कहना है कि अगर यह दोस्ती प्यार में
बदलती है और दोनों शादी करते हैं तो उन्हें कोई ऐतराज नहीं होगा । चंडीगढ़ में
ग्लैडरेग्स मेगा मॉडल एंड मैन हंट के सिलसिले में यहां पहुंची मौरीन से जब पूछा गया
कि क्या वह प्रीति को अपनी बहू बनाने को तैयार हैं तो वह खिलखिलाकर हंस पड़ीं । फिर
बोलीं - 'अभी तो दोस्ती हुई है । ग्लैडरेग्स मैगज़ीन की प्रकाशक मौरीन ने कहा कि इस
बारे में कोई भी फैसला मेरे बेटे और प्रीति को ही करना है । बेटे की दोस्ती पर बात
करते करते मौरीन यादों में खो गई । उन्होंने कहा, 'हमने भी कभी इश्क किया था, लेकिन
हमारे जमाने में प्यार के अलग ही मायने थे । पैसा, मोबाइल और लंबी गाड़ी प्यार को
परवान चढ़ाने लगे हैं बातचीत में मौरीन ने इस बात पर दुख जताया कि आजकल की युवा
पीढ़ी मेहनत किए बिना ही ऊंचा मुकाम, सफलता और पैसा हासिल करना चाहती है । मॉडलिंग
की दुनिया की तरफ आकर्षित होने वाले यंगस्टर्स का उद्देश्य मॉडलिंग से जुड़ना नहीं,
बल्कि बॉलीवुड में जाना होता है । यही हाल मेडिकल स्टूडेंट्स का भी है । माता -
पिता लाखों रुपये खर्च कर बच्चों को मेडिकल कालेज में प्रवेश तो दिला देते हैं,
लेकिन क्या वह सही मायने में डॉक्टर बनने के काबिल होते हैं, यह सोचने की भी जरूरत
है । वाडिया ने बताया कि वह मुंबई स्थित अपने दोनों अस्पतालों में चिकित्सकों की
भर्ती के लिए जब इंटरव्यू लेती हैं तो उन्हें यह बात बहुत परेशान करती है कि डॉक्टर
बन गए युवा लोगों का इलाज करने के बजाय पैसा कमाने में ज्यादा रुचि रखते हैं ।
उत्तर भारत में शनिवार को छाए घने कोहरे से जनजीवन अस्त - व्यस्त हो गया । घने
कोहरे के कारण सड़क, रेल यातायात और हवाई उड़ानों में भारी बाधा आई । दिल्ली और
आसपास के इलाकों में छाई गहरी धुंध के कारण रेल गाड़ियां और वायुयान कई घंटे विलंब
से चल रहे हैं, जिससे यात्री बेहाल रहे । उत्तर प्रदेश में धुंध के कारण अलग - अलग
दुर्घटनाओं में १७ लोगों की मौत हो गई जबकि हरियाणा में दो लोगों के मारे जाने की
खबर है । इस दौरान दो दर्जन से अधिक लोग जख्मी भी हुए हैं । इसके अलावा ग्रेटर
नोएडा के थाना सूरजपुर क्षेत्र में आज घने कोहरे के कारण सड़क पर खड़े ट्राले से दो
वाहन टकरा गए । दुर्घटना में एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो गए जिसमें दो की हालत
नाजुक है । दिल्ली का न्यूनतम तापमान शनिवार रात ९.४ डिग्री सेल्सियस रहा, जो
सामान्य से एक डिग्री अधिक है । सुबह सड़कों पर वाहन बत्तियां जला कर रेंग रहे थे ।
मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति अगले दो दिन कायम रह सकती है । दिल्ली के
डीआरएम डॉक्टर प्रदीप कुमार गोयल का कहना है कि कोहरे के कारण स्थिति काफी गंभीर हो
गई है और लगभग सभी ट्रेनें देरी से चल रही हैं । राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश
से दिल्ली आने वाली अनेक रेलगाड़ियां काफी देर से पहुंच रही हैं । अंबाला - दिल्ली
सेक्शन पर चलने वाली करीब आधा दर्जन रेलगाड़ियां अपने निर्धारित समय से एक घंटे से
लेकर १५ घंटे की देरी से चलीं । दिल्ली हवाई अड्डे से कई घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय
उड़ानें रद्द भी करनी पड़ीं । हवाई अड्डे पर छाए घने कोहरे के कारण १० मीटर से
ज्यादा देखना असंभव हो गया था । वायुयानों के देर से उड़ने के कारण हजारों
यात्रियों को हवाई अड्डे पर घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ रही है । इंडियन एयरलाइंस के
सूत्रों ने कहा है कि कोहरे के कारण उसकी ५० उड़ानों पर प्रभाव पड़ा है । इंदिरा
गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तैनात एक अधिकारी ने कहा कि लगभग सभी उड़ानें
घंटों विलंब से चल रही हैं । चंडीगढ़ जाने वाली एक उड़ान को रद्द कर दिया गया, जबकि
दुबई से दिल्ली आ रहे एक वायुयान को जयपुर उतरना पड़ा । दोपहर तक भी सुबह रवाना
होने वाली उड़ानें शुरू नहीं हो पाई थीं । निजी वायुयान कंपनी जेट एयरवेज और एयर
सहारा को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा । रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार उत्तरी
क्षेत्र में कोहरे की वजह से ट्रेनें देर से चल रही हैं । भुवनेश्वर राजधानी
एक्सप्रेस, दिल्ली - हावड़ा जनता एक्सप्रेस, दिल्ली - रक्सौल एक्सप्रेस, दिल्ली -
हटिया झारखंड एक्सप्रेस, निलांचल एक्सप्रेस, नार्थ - ईस्ट एक्सप्रेस आदि एक घंटे से
लेकर सात घंटे की देरी से चल रही हैं । ग्रेटर नोएडा में सूरजपुर पुलिस के अनुसार
शुक्रवार की रात को घना कोहरा होने के कारण मोहियापुर गांव के पास सड़क पर सीमेंट
से भरा एक ट्राला खड़ा था । सवेरे करीब छह बजे तक कोहरा न छंटने के कारण चालक
ट्राला लेकर नहीं जा सका । इसी बीच सवेरे करीब पौने सात बजे एक क्वालिस उससे टकरा
गई । इस कारण उसमें सवार लोग घायल हो गए । घायल लोग किसी तरह से कार से बाहर निकले
ही थे कि होंडा सिएलो कंपनी की एक मिनी बस स्टाफ को ला रही थी । चालक कोहरे के कारण
दोनों वाहनों को नहीं देख पाया । इस कारण मिनी बस भी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से टकरा
गई । उसमें सवार कंपनी का स्टाफ भी घायल हो गया । पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों
को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया । क्वालिस चालक प्रदीप व बस चालक प्रसाद की हालत
गंभीर है । पुलिस आरोपी ट्राला चालक की तलाश कर रही है । वाघा बॉर्डर पार करते ही
इतना प्यार और सम्मान मिला कि बचपन में भारत के बारे में बताईं गईं और पढ़ाई गई
सारी बातें बेमानी लगने लगीं । सभी बिछुड़े परिवार के ही सदस्य लग रहे हैं । यह
कहना है उन बच्चों का जो तीन हफ्ते के लिए अमन और शांति का संदेश लेकर भारत आए हैं
। नौवीं कक्षा में पढ़ रही शमा ने बताया कि पाकिस्तान में कक्षा आठ की उर्दू की
किताबों में लिखा गया है कि भारतीय अच्छे नहीं हैं । उसमें लिखा है कि हिंदू और
भारत हमारे दुश्मन हैं लेकिन उनके पिता ने उन्हें भारत आने की इजाजत दी । पाकिस्तान
से तीन हफ्ते के दौरे पर भारत आए २५ बच्चों में यहां की संस्कृति और सभ्यता जानने
का काफी उत्साह देखा जा रहा है । नौवीं कक्षा में पढ़ रही कराची की सून्हा ने बताया
कि इतिहास की किताबों में भारत के लिए काफी गलत बातें लिखी गई हैं और हमें वही
पढ़ाई भी जातीं हैं लेकिन जिसे भारत से प्यार है या फिर भारत को काफी करीब से जानने
का मौका मिला है वे कभी इन बातों को सही नहीं मानते हैं । सून्हा ने बताया कि उसके
स्कूल में वार्षिक परीक्षाएं चल रही थीं, लेकिन जैसे ही हमारी प्रिसिंपल को यह पता
चला कि वह भारत जा रही है तो उन्होंने परीक्षाएं भारत दर्शन के बाद देने की विशेष
व्यवस्था भी कर दी है । शमा ने बताया कि भारत आने की बात सुनकर उनके स्कूल की
प्रिसिंपल ने तो मना कर दिया लेकिन पिता ने उन्हें जाने की इजाजत दे दी । ग्यारहवीं
के छात्र राशिद को भारतीय बच्चों ने बताया कि भारत के इतिहास की किताबों में
पाकिस्तान के विषय में कहीं भी गलत नहीं लिखा गया है तो उसने कहा कि हमारी सरकार को
भी ऐसा ही करना चाहिए । बहरहाल, 'बियोंड बाउंडरीज क्रिकेट फॉर पीस २००४' के संदेश
के साथ यह कार्यक्रम साउथ एशियन यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के तत्वाधान में आयोजित
किया गया है जिसे 'लीपफ्रॉग' नामक दिल्ली की एक स्वयंसेवी संगठन ने प्रायोजित किया
है । इस संगठन की स्थापना अभिनेत्री नंदिता दास और उनके पति सौम्य सेन ने की है ।
पाकिस्तानी छात्रों का यह दल लगभग ३० हजार भारतीय बच्चों से मिलेगा । उत्पादन में
आई गिरावट की वजह से गेहूं की कीमत में उछाल की आशंकाओं को खारिज करते हुए सरकार ने
कहा है कि वर्तमान जरूरतों को पूरा करने के लिए देश में खाद्यान्नों का भरपूर स्टॉक
है । इसके साथ ही सरकार ने कहा कि पिछले दिनों की तुलना में गेहूं के मूल्य में भी
गिरावट दर्ज की गई है । बल्कि फरवरी माह की तुलना में इसकी दर में लगातार कमी आई है
। फरवरी माह में जहां गेहूं ९२२ रुपये प्रति कुंतल की दर से बिक रहा था वहीं इस माह
कीमत ८६४ रुपये प्रति कुंतल हो चुका है । उल्लेखनीय है कि वर्ष २००५ - ०६ में गेहूं
का उत्पादन निर्धारित लक्ष्य से करीब छह लाख टन कम हुआ था । पवार ने कहा कि सरकार
की सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए गेहूं आयात का कोई प्रस्ताव नहीं है
। हालांकि निजी क्षेत्र को आयात करने की छूट दे दी गई है । लेकिन इसके लिए पांच
फीसदी शुल्क देना होगा । इस बीच एसटीसी ने ३५ लाख टन गेहूं खरीद के लिए निविदा
आमंत्रित किया है । पवार ने कहा कि साल के शुरुआती १५ दिनों में पड़ी भारी गर्मी की
वजह से गेहूं के उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा । उन्होंने कहा कि इसी वजह से
गेहूं का उत्पादन ७१० लाख टन के निर्धारित लक्ष्य से घटकर ६९४.८० लाख टन रह गया ।
उन्होंने कहा कि गरीबी रेखा के नीचे रह रहे लोगों के लिए तय कोटे में किसी प्रकार
की कटौती करने का कोई प्रस्ताव नहीं है । गेहूं को छोड़ अन्य खाद्यान्नों के
उत्पादन पर कृषि मंत्री ने संतोष व्यक्त किया । कृषि मंत्री ने इस दौरान खाद्यान्न
उत्पादन का चौथा पूर्व आंकलन प्रस्तुत किया । इसमें वर्ष २००५ - ०६ के लिए पांच
फीसदी का इजाफा दिखाया गया है । आंकलन के मुताबिक आलोच्य वर्ष में २०८३.०० लाख टन
खाद्यान्न उत्पादन का अनुमान है । राजस्थान की पवित्र नगरी में एक जापानी महिला
पर्यटक ने एक स्थानीय होटल मालिक के बेटे पर उसके साथ बलात्कार करने और ५४ हजार
रुपये हड़प लेने का आरोप लगाया है । पीड़ित महिला योको ने मंगलवार को आगरा से अपनी
शिकायत अजमेर के एसपी को फैक्स की । पुलिस ने होटल मालिक के बेटे और चार अन्य
आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच के लिए एक टीम आगरा भेज दी है । मामले में
अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है । शिकायत में जापानी महिला ने आरोप लगाया
है कि अजमेर के एक होटल मालिक के २२ वर्षीय बेटे बबलू ने दो अप्रैल को उसे भांग
खिलाकर बेहोश कर दिया और फिर उसका बलात्कार किया । महिला का बयान दर्ज करने आगरा गए
स्टेशन हाउस अफसर सुगर सिंह राठौर ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी से महिला
के ५४ हजार रुपये हड़प करने का भी आरोप है । इस बारे में दिल्ली स्थित जापानी
दूतावास को सूचना दे दी गई है । यहां उसकी मुलाकात संजय राजू और शाहिद नाम के दो
युवकों से हुई । इन दोनों ने उसे एक अच्छे गेस्ट हाउस में ले जाने का वादा किया ।
गेस्ट हाउस पहुंचने पर उसके मालिक के बेटे और प्रबंधक बबलू ने उसके ५४,००० रुपये ले
लिए और कहा कि ये रुपये उसकी मां और कांग्रेस नेता रोशनी के पास सुरक्षित रहेंगे ।
अगले दिन बबलू ने एक पार्टी की जिसमें उसने जापानी महिला को नशीला पदार्थ मिली
लस्सी पिलाई । महिला के बेहोश हो जाने के बाद बबलू ने उसके साथ बलात्कार किया ।
अगले दिन महिला किसी तरह आगरा जाने में कामयाब हो गई । गौरतलब है कि अलवर में एक
जर्मन महिला के साथ बलात्कार के मामले में पिछले ही हफ्ते फास्ट ट्रैक अदालत ने
उड़ीसा के एक प्रमुख पुलिस अधिकारी के बेटे बी. एच. मोहंती को सात साल की सजा सुनाई
थी । रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव की कार पर वडोदरा में हुए हमले की फॉरेंसिक
रिपोर्ट किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है । बुधवार को वडोदरा पुलिस को सौंपी गई
इस रिपोर्ट में कई सवाल अनुत्तरित रह गए हैं । कई सवालों का इस रिपोर्ट में जवाब
नहीं है । लेकिन रिपोर्ट के बारे में वडोदरा के पुलिस आयुक्त दीपक स्वरूप ने कहा कि
कार पर पत्थर मारे जाने का कोई निशान नहीं है । उनका कहना है कि यह तो तय है कि कार
पर कोई पत्थर नहीं फेंका गया है । लालू ने आरोप लगाया था कि वडोदरा में बजरंग दल और
भाजपा के कार्यकर्ताओं ने उनकी गाड़ी पर पथराव किया । फॉरेंसिक विज्ञान निदेशालय को
इस मामले की फॉरेंसिक जांच का आदेश दिया गया था । वडोदरा के पुलिस आयुक्त दीपक
स्वरूप ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि फॉरेंसिक विज्ञान निदेशालय की रिपोर्ट
अधूरी है । इस रिपोर्ट में इस सवाल का उत्तर नहीं है कि लालू की कार के शीशे कैसे
टूटे थे । उन्होंने कहा कि बगैर किसी ठोस वस्तु की टक्कर से शीशा नहीं फूट सकता ।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने इस सवाल का उत्तर इस रिपोर्ट में नहीं दिया है । उल्लेखनीय
है कि इससे पहले इसी महीने निदेशालय की ओर से एक अंतरिम रिपोर्ट सौंपी गई थी । इस
रिपोर्ट में कहा गया था कि २१ अप्रैल को सायाजी हॉस्पिटल में लालू की कार पर हमला
नहीं हुआ था । तब लालू समालया ट्रेन हादसे के पीड़ितों से मिलने अस्पताल गए थे । और
अगर पथराव नहीं हुआ तो गाड़ी का शीशा टूटा कैसे । लालू ने कहा था कि मुख्यमंत्री
नरेंद्र मोदी के इशारे पर हमला किया गया । रेलवे पुलिस द्वारा दर्ज शिकायत के आधार
पर वडोदरा पुलिस ने पूरे मामले की जांच की थी । कार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा
गया था । लालू शुरू से ही यह कहते रहे हैं कि फॉरेंसिक रिपोर्ट झूठी है । वे गुजरात
सरकार पर मामले की लीपापोती का आरोप लगाते रहे हैं । आंध्र प्रदेश की पहली गठबंधन
सरकार में कांग्रेस की चुनाव पूर्व सहयोगी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) वाई.
एस. राजशेखर रेड्डी सरकार में २३ जून को शामिल होगी । टीडीपी के इन नेताओं ने अलग
राज्य के मुद्दे पर टीआरएस में शामिल होने का फैसला लिया है । टीडीपी के नेता २४
जून को टीआरएस में शामिल होंगे । मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी अपने मंत्रिमंडल का २३
जून को दूसरी बार विस्तार करेंगे । इस बारे में रेड्डी ने कहा कि वे टीआरएस के छह
सदस्यों को अपने मंत्रिमंडल में शामिल करेंगे । पहले यह मंत्रिमंडल विस्तार २१ जून
को होना था । लेकिन सहयोगी दल द्वारा विभागों की मांग को लेकर खींचतान के कारण इसे
दो दिनों के लिए बढ़ाना पड़ा । पहले की जानकारियों के मुताबिक टीआरएस को सात
मंत्रीपद दिए जाने थे । लेकिन बाद में मुख्यमंत्री राजशेखर रेड्डी ने इस बात की
पुष्टि की है कि टीआरएस के ६ सदस्यों को मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा ।
उन्होंने कहा कि इस बारे में दोनों दलों के बीच समझौता हुआ है । कांग्रेस पार्टी के
सूत्रों ने बताया कि टीआरएस ने पहले एक्साइज, बिजली, परिवहन व चिकित्सा और
स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों की मांग की थी । लेकिन अब मामले को बातचीत से
निपटा लिया गया है । इस संवाददाता सम्मेलन में टीडीपी के एक और पूर्व सांसद चंदूलाल
और पार्टी के ही पूर्व मंत्री राजेशम गौड़ भी उपस्थित थे । निजी शिक्षण संस्थानों
में आरक्षण लागू करने के लिए लाए जा रहे विधेयक को लेकर राजनीति गरमा गई है ।
विधेयक में अल्पसंख्यक संस्थानों को आरक्षण की परिधि से बाहर रखने के प्रावधान पर
एनडीए ने सख्त आपत्ति जताते हुए संसद में इसके विरोध का फैसला किया है । गठबंधन ने
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को भी अपने विचार से अवगत करा दिया है, लेकिन एनडीए के
दावे के बावजूद उसके प्रमुख घटक दल जद (यू) में इस मुद्दे पर एक राय नहीं है ।
विधेयक मंगलवार को संसद में पेश किए जाने की संभावना है । भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण
आडवाणी की अध्यक्षता में एनडीए नेताओं की सोमवार को हुई बैठक में कहा गया कि
प्रस्तावित कानून सभी संस्थानों पर लागू होना चाहिए और हमारा सर्वसम्मत निर्णय है
कि अल्पसंख्यक संस्थानों को इससे बाहर रखने वाले प्रावधान को विधेयक से निकाल दिया
जाय अन्यथा संसद में हम इसका विरोध करेंगे । लेकिन एनडीए के प्रमुख घटक दल जद (यू)
में इस मुद्दे को लेकर मतभेद है । शरद यादव का कहना है कि हम विधेयक के पक्ष में
हैं । अल्पसंख्यक संस्थाओं को आरक्षण से छूट मिलनी चाहिए । अगर विधेयक पर वोटिंग की
नौबत आती है तो वह सरकार के साथ होंगे । एनडीए बैठक के बाद भाजपा संसदीय दल के
प्रवक्ता वी. के. मल्होत्रा ने दावा किया कि विधेयक के खिलाफ सभी घटक दल एकजुट हैं,
जिसमें जद (यू) भी शामिल है । एनडीए की दूसरी मांग यह है कि सभी शैक्षिक संस्थानों
में अन्य पिछड़े वर्ग के लिए भी आरक्षण का प्रावधान होना चाहिए, जबकि प्रस्तावित
विधेयक में इस बाबत स्पष्ट प्रावधान नहीं है । बैठक में फैसला किया गया कि विधेयक
को संसद में पेश किए जाने पर एनडीए इस आशय का संशोधन लाएगा । एनडीए का कहना है कि
इसमें अल्पसंख्यक की परिभाषा स्पष्ट नहीं है । भाषाई अल्पसंख्यकों द्वारा चलाए जा
रहे कई संस्थान ऐसे हैं जिनमें बहुमत उन छात्रों का है जो बहुसंख्यक भाषाई समुदाय
के हैं । इस बीच समाजवादी पार्टी के अमर सिंह ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि
उन्होंने विधेयक पर सरकार से कुछ स्पष्टीकरण मांगे थे, जिसके जवाब मिल गये हैं तथा
पार्टी ने विधेयक का समर्थन करने का फैसला किया है । जटरोफा की खेती को प्रोत्साहन
देने के लिए केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने किसानों को प्रशिक्षण देने का फैसला
किया है । इसके लिए कम वर्षा और सिंचाई की अनुपलब्धता वाली पंचायतों की पहचान की
जाएगी । पंचायती राज मंत्री मणिशंकर अय्यर मानते हैं कि पंचायतों को इस तरह की खेती
के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए । यदि पंचायतें इसमें अपनी रूचि दिखाती हैं तो
मंत्रालय उनकी हर संभव मदद करेगा । यह किसानों को उन्नत कृषि की ओर ले जाएगा और
ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक स्वरूप विकसित करने में सहायक होगा । अय्यर के पास
पेट्रोलियम मंत्रालय होने के चलते उन्होंने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के अधिकारियों को
भी पंचायतों में प्रशिक्षण देने के लिए तैयार कर लिया है । मंत्रालय का मानना है
अय्यर के पास दोनों मंत्रालय होने के कारण इस संबंध में कोई विभागीय दिक्कत भी नहीं
आएगी । भारत में जटरोफा की खेती की तकनीक तो विकसित हो गई है, लेकिन अभी इस तरह की
खेती के प्रति किसानों का रूझान नहीं बढा है । खेती का प्रचलन न शुरू होने के कारण
जटरोफा के बीज भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं । जटरोफा की खेती कम वर्षा
वाले इलाकों में भी की जा सकती है । इसके पौधे बिना पानी और खाद के भी ५० साल तक
जीवित रह सकते हैं । बीज से तेल निकालकर कारखाने में डीजल तैयार किया जाता है ।
विदेशी मदद की पेशकश को दरकिनार करने के बाद भारत ने अब सुनामी से हुई तबाही से
उबरने के लिए विश्व बैंक और एशियन विकास बैंक (एडीबी) से मदद मांगी है । भारत को
सुनामी से तबाह हुए इलाकों में पुनर्निर्माण और ढांचागत विकास के साथ ही प्राकृतिक
आपदा से निपटने के वास्ते एहतियाती प्रणाली की स्थापना को मदद की दरकार है । दिल्ली
स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय के अधिकारियों ने इन दोनों अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं
को भारत की ओर से आग्रह मिलने की पुष्टि की है । अधिकारियों के मुताबिक इस बात का
आंकलन किया जा रहा है कि कितनी मदद की जरूरत है । इसी आधार पर पुनर्निर्माण
कार्यक्रम तैयार किया जाएगा । सूत्रों ने इस बात की भी पुष्टि की है कि संयुक्त
राष्ट्र के जनसंख्या नियंत्रण कोष (यूएनएफपीए) ने यूनीसेफ के सहयोग से भारत के
सुनामी प्रभावित इलाकों के लिए पचास लाख रुपये देने का आश्वासन दिया है । इस कोष का
इस्तेमाल चिकित्सा उपकरणों और दवाइयों की खरीद में किया जाएगा ताकि जरूरतमंदों तक
फौरन स्वास्थ्य सुविधाएं पहुँचाई जा सकें । इसी तरह यूनेस्को महाबलिपुरम समेत
सुनामी से प्रभावित देशों के विश्व स्मारकों को दुरुस्त करने में मदद कर रहा है ।
गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासचिव कोफी अन्नान ने मंगलवार को कहा था कि यह भारत
को तय करना है कि २६ दिसंबर को आई सुनामी लहरों से हुई तबाही से उबरने के लिए उसे
किस तरह की मदद की जरूरत है । सुनामी के कारण भारत में दस हजार से ज्यादा लोग मारे
गए । अन्नान से विदेश मंत्री के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी गई थी । नटवर सिंह ने
कहा था कि भारत पुनर्निर्माण के लिए की जाने वाली मदद स्वीकार कर सकता है ।
अधिकारियों ने बताया कि विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) को केरल में खाद्य
सामग्री की सप्लाई के लिए औपचारिक आग्रह मिला है । डब्यूएफपी सरकार के साथ मशविरा
कर तमिलनाडु में भी सप्लाई करने को तैयार है । गृह मंत्रालय प्रभावित इलाकों में
मौजूद यूएनडीपी आपदा प्रबंधन टीम के संपर्क में है । इसके तहत संयुक्त राष्ट्र के
दो कार्यकर्ता पॉंडिचेरी में हैं । इनके अलावा तमिलनाडु के तीन बुरी तरह प्रभावित
जिलों नागपट्टिनम, कन्याकुमारी और कुड्डालोर में एक - एक कार्यकर्ता प्रशासन को
सहयोग कर रहा है । डब्ल्यूएचओ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ काम कर रहा है ।
राहत की बात है कि सुनामी प्रभावित इलाकों में महामारी फैलने की खबर नहीं है ।
अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश की आगामी भारत यात्रा को देखते हुए कश्मीर घाटी
और जम्मू के उन गांवों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी जहां हिंदू और सिख परिवार रहते हैं ।
प्रशासन को आशंका है कि बुश की यात्रा के दौरान दुनिया का ध्यान आकृष्ट करने के लिए
आतंकवादी अल्पसंख्यकों को निशाना बना सकते हैं । उल्लेखनीय है कि वर्ष २००० में
तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन भारत आए थे तब कश्मीर में अल्पसंख्यकों की
हत्या की गई । एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि बुश की यात्रा के दौरान ऐसी घटना की
पुनरावृत्ति रोकने के लिए पर्याप्त कदम उठाएंगे । राज्य में अल्पसंख्यकों पर
आतंकवादी हमले रोकने के लिए व्यापक बंदोबस्त किया जा रहा है । २१ मार्च २००० को
क्लिंटन के नई दिल्ली में कदम रखने से कुछ घंटों पहले दक्षिण कश्मीर के
चित्तीसिंहपुरा इलाके में ३५ सिखों की हत्या कर दी गई थी । आज तक इसके लिए
जिम्मेदार अपराधियों को पकड़ा नहीं गया है । जिस तरह से आतंकवादियों ने क्लिंटन की
यात्रा के दौरान इस हत्याकांड को अंजाम दिया, उसके पीछे क्लिंटन का ध्यान कश्मीर
समस्या की ओर आकृष्ट करने या भारत सरकार की फजीहत बढ़ाने का उद्देश्य छिपा था । एक
और अधिकारी ने कहा कि आतंकवादी बुश की यात्रा के दौरान सुर्खियों में छाने का कोई
खतरनाक तरीका ईजाद कर सकते हैं । वे जम्मू - कश्मीर के किसी भी इलाके में
अल्पसंख्यकों का संहार कर बुश की यात्रा पर ग्रहण लगाने की कोशिश कर सकते हैं ।
जम्मू - कश्मीर के दर्जनों गांवों में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है । कई और गांवों की
सुरक्षा का आंकलन किया जा रहा है । भाजपा नेता उमा भारती ने मंगलवार को राजग के
संयोजक और जनता दल (यू) अध्यक्ष जॉर्ज फर्नॉडिस से मुलाकात की । दोनों नेताओं ने
बिहार में आगामी चुनाव में राजद को शिकस्त देने के मद्देनजर प्रभावी योजना पर विचार
- विमर्श किया । फर्नॉडिस के साथ ४५ मिनट की बातचीत के बाद साध्वी ने पत्रकारों को
बताया कि वह बिहार में पार्टी की सह - प्रभारी हैं । आगामी चुनाव में ज्यादा सीट
जीतकर लालू - राबड़ी को मात देने के लिए कार्य योजनाओं पर चर्चा हुई । बिहार
विधानसभा चुनाव इस साल अक्तूबर - नवंबर में होना है । इस बैठक को फर्नॉडिस द्वारा
हाल में दी गई टिथी के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है । अपनी टिथी में
फर्नॉडिस ने कहा था कि आडवाणी प्रकरण पर आरएसएस अपनी हदें लांघ रहा है । इसके बाद
भारती समेत भाजपा के कई नेताओं द्वारा इसकी आलोचना की गई थी । बहरहाल, मध्य प्रदेश
की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बैठक में इस बाबत कोई चर्चा नहीं हुई । फर्नॉडिस
वरिष्ठ नेता हैं और वह उनका सम्मान करती हैं । उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य के
प्रत्येक जिलों में कार्यक्रम और रैलियां करेगी । हालांकि जद (यू) नेता नितिश कुमार
पहले से राज्य में गठबंधन के लिए प्रचार कर रहे हैं । राज्य में राजद को मात देने
के लिए भाजपा - जद (यू) कार्य योजना के बारे में उन्होंने कहा कि हमारी कार्य योजना
पूरी तरह तैयार है । हम लोग ज्यादा सीट पर जीत हासिल करने की तैयारी में हैं । देश
भर में खतरनाक स्थिति तक पहुंच चुके भूमिगत जल के स्तर को सुधारने के लिए केन्द्रीय
जल संसाधन मंत्रालय की सलाहकार परिषद की आगामी २२ जुलाई को दिल्ली में बैठक होगी ।
इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह करेंगे । केन्द्रीय जल संसाधन मंत्री
प्रो. सैफुद्दीन सोज की अध्यक्षता में बनी इस सलाहकार परिषद की बैठक में भूमिगत जल
के स्तर को सुधारने के लिए कृत्रिम उपायों पर विचार - विमर्श होगा । विवाद बिहार के
राज्यपाल बूटा सिंह का साथ छोड़ने को तैयार नहीं है । एक विवाद सुलझता नहीं है कि
दूसरा उन्हें आ घेरता है । अब बूटा सिंह द्वारा रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को
लिखे एक सिफारिशी के मामले ने तूल पकड़ लिया है । सिंह ने लालू को लिख कर रेलवे के
दो वरिष्ठ अधिकारियों को खास पदों पर तैनात करने का आग्रह किया था । भाजपा ने मामले
को गंभीर बताते हुए सिंह को राज्यपाल पद से वापस बुलाए जाने की मांग की है । इस बीच
लालू यादव ने सिंह के बचाव में भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मामले
को बेवजह उछाला जा रहा है । सिंह ने ५ जुलाई को लालू को लिखे पत्र में चीफ मैटेरियल
मैनेजर (दक्षिण पूर्व रेलवे) विजय के. पी. मेशराम को सेंट्रल रेलवे में कंट्रोलर ऑफ
स्टोर्स के पद पर पदस्थापित करने की सिफारिश की थी । मेशराम १५ जुलाई, २००५ तक
अध्ययन के लिए अवकाश पर थे । सिंह ने भारतीय रेल सेवा के एक और वरिष्ठ अधिकारी
गिरीश भटनागर को भी सेंट्रल रेलवे के एजीएम पद पर पदस्थापित करने की सिफारिश की थी
। मीडिया को इस की जानकारी मिलते ही पूरे मामले ने विवाद का रूप ले लिया है । भाजपा
ने कहा है कि सिंह के पक्षपातपूर्ण व्यवहार का प्रतिकूल असर बिहार में विधान सभा के
आगामी चुनाव पर पड़ सकता है । एनडीए सोमवार को यह मुद्दा संसद के दोनों सदनों में
उठाएगा । भाजपा उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी ने केंद्र की यूपीए सरकार पर बूटा
सिंह की गैर - कानूनी गतिविधियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष समर्थन देने का आरोप
लगाया है । उन्होंने कहा कि भाजपा राज्य में होने वाले विधान सभा चुनाव के मद्देनजर
निर्वाचन आयुक्त को मामले से अवगत कराएगी । सिंह के व्यवहार से यह साफ हो गया है कि
वे निष्पक्ष नहीं हैं । जद (यू) ने भी सिंह को राज्यपाल पद से हटाए जाने की मांग की
है । लालू ने मामले पर टिथी करते हुए कहा है कि मुझे सिंह का पत्र मिला था, और
इसमें कोई खराबी नहीं है । उन्होंने कहा कि मैंने सिंह के पत्र पर कोई कार्रवाई
नहीं की, क्योंकि इनमें से एक अधिकारी के खिलाफ सतर्कता विभाग में जांच चल रही है ।
उन्होंने कहा कि मीडिया ने इस मामले को अनावश्यक तूल दिया है । इस बीच रेलवे बोर्ड
ने स्पष्टीकरण जारी कर कहा है कि मेशराम को २ अगस्त को दक्षिण पूर्व रेलवे में
पदस्थापित कर दिया गया है व उन्हें सेंट्रल रेलवे में स्थानांतरित करने का कोई
प्रस्ताव नहीं है । मानव संसाधन विकास मंत्रालय अब भारतीय प्रबंधन संस्थानों
(आईआईएम) को मनाने की कवायद में लग गया है । एक फरवरी को सभी छह आईआईएम के निदेशकों
की मंत्रालय ने बैठक बुलाई है । बैठक का आशय आईआईएम की स्वायत्तता को लेकर हाल में
उपजी भ्रांति को दूर करना है । वहीं आईआईएम कोझीकोड का कहना है कि विदेश में कैंपस
खोलने पर इस संस्थान ने अभी तक कोई फैसला नहीं किया है । सूत्रों के मुताबिक एक
फरवरी को यह बैठक शास्त्री भवन में दिन में १२ बजे होगी । इसमें आईआईएम की
स्वायत्तता तथा उन्हें और मजबूती प्रदान करने पर चर्चा की जाएगी । मंत्रालय के
मुताबिक वह हर हाल में उच्च शिक्षा के संस्थानों की स्वायत्तता को बनाये रखने का
पक्षधर है । मंत्रालय के एक अधिकारी के मुताबिक इस बैठक में निदेशकों से यह जानने
की भी कोशिश होगी क्या पिछले दिनों आईआईएम, बंगलोर के संबंध में लिए गए फैसले से
उनकी स्वायत्तता को ठेस पहुंची है । मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मुताबिक
सिंगापुर में आईआईएम, बंगलोर को शाखा खोलने की अनुमति न देना उनकी विवशता थी ।
अर्जुन सिंह ने कहा कि मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन में विदेश में बिजनेस स्कूल खोलने का
प्रावधान नहीं है । उन्होंने कहा कि मंत्रालय व्यवस्था का अंग है । वह इससे ऊपर
नहीं है । इसलिए अनुमति देने का सवाल ही नहीं उठता । एक संयुक्त सचिव स्तर के
अधिकारी के मुताबिक आईआईएम बंगलोर बोर्ड के चेयरमैन मुकेश डी अंबानी ने सरकार के
फैसले के पक्ष में बयान दिया है । अंबानी ने वही कहा है जो न्यायसंगत है । फिर भी
मंत्रालय एक बैठक करके उनकी बात सुनना चाहता है । उत्तर प्रदेश में घरेलू व विदेशी
पर्यटकों की संख्या में इजाफे के बावजूद राज्य सरकार पर्यटन योजनाओं के प्रति गंभीर
नहीं है । केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय का मानना है कि राज्य में पर्यटन की काफी
संभावनाएं हैं । इन स्थानों की पहचान कर उन्हें विकसित करने के लिए केंद्र आर्थिक
सहायता भी देने के लिए तैयार है । लेकिन कोशिशों के बावजूद राज्य सरकार की तरफ से
इस बारे में कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है । आंकडों के मुताबिक, वर्ष २००२ में
राज्य में आने वाले विदेशी पर्यटकों की संख्या सात लाख थी । वह २००४ में बढ़कर नौ
लाख तक जा पहुंची । इसके बावजूद राज्य सरकार इस मामले को लेकर गंभीर नहीं है ।
पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में लखनऊ - दुधवा - कटरनीघाट पर्यटन
सर्किट के अलावा कई अन्य स्थलों के विकास के लिए वित्तीय सहायता देने का फैसला किया
गया है । राज्य में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए भी कई योजनाएं हैं ।
पर राज्य सरकार ने अब तक इस बारे में कोई प्रस्ताव नहीं भेजा है । केंद्रीय पर्यटन
राज्य मंत्री रेणुका चौधरी के मुताबिक, पर्यटन के विकास की मुख्य जिम्मेदारी राज्य
सरकार की है । लेकिन केंद्र राज्य सरकार से सलाह - मशविरा कर उन्हें पर्यटन स्थलों
के विकास के लिए आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए तैयार है । राज्य में घरेलू और
विदेशी पर्यटकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है । केंद्रीय मंत्रालय इस
इजाफे को लेकर काफी उत्साहित हैं । उसका मानना है कि राज्य सरकार अगर इसे और
गंभीरता से ध्यान दे तो इसमें और इजाफा किया जा सकता है । गांव मोरखेड़ी के राजकीय
प्राइमरी स्कूल से दो युवक एक छह वर्षीय बच्चे का अपहरण कर ले गए । वहीं रोहतक से
पुलिस की विशेष टीम ने स्कूल में जाकर अध्यापकों से पूछताछ की । देर शाम तक बच्चे
के बारे में कोई सुराग नहीं मिला था । कंसाला पुलिस चौकी ने सरपंच जयसिंह के बयान
पर शिकायत दर्ज कर ली है । पुलिस ने वारदात की वजह आपसी रंजिश बताया है, लेकिन
परिजनों ने इससे इनकार किया है । बताया जाता है कि बुधवार दोपहर गांव स्थित राजकीय
प्राइमरी स्कूल में पहली कक्षा में पढ़ने वाले छह वर्षीय विक्की पुत्र बिजेंद्र
तीसरी कक्षा के एक छात्र के साथ स्कूल से बाहर आया तो पहले से मौजूद दो युवक विक्की
को उठाकर किसी वाहन में लेकर फरार हो गए । घटना का पता उस वक्त लगा जब उक्त छात्र
ने अध्यापक से बताया कि दो लड़के विक्की को लेकर भाग गए । स्कूल में घटना को लेकर
हड़कंप मच गया । स्कूल प्राचार्य ने घटना की सूचना गांव के सरपंच जयसिंह व बच्चे के
परिजनों को दी । विक्की के अपहरण की खबर गांव में आग की तरह फैल गई और दर्जनों
ग्रामीण सरपंच को लेकर स्कूल पहुंचे । सरपंच जयसिंह ने इस बारे में अध्यापकों व
बच्चों से बातचीत की । उसके बाद ग्रामीण विक्की की तलाश के लिए निकल पड़े तथा कुछ
ग्रामीण उसके परिजन सहित कंसाला पुलिस चौकी पहुंचे और पुलिस को घटना से अवगत कराया
। अपहरण की सूचना मिलते ही पुलिस ने नाकेबंदी कर वाहनों की जांच पड़ताल शुरू कर दी
। इस संबंध में कंसाला पुलिस चौकी ने सरपंच जयसिंह के बयान पर शिकायत दर्ज कर ली है
। ग्रामीणों में रोष है कि पुलिस इस मामले में केस दर्ज करने में आनाकानी कर रही है
। वहीं बुधवार शाम फिंगर प्रिंट विशेषज्ञ सुदर्शना के नेतृत्व में एक टीम स्कूल
पहुंची । टीम ने अध्यापकों से पूछताछ की । धार्मिक आधार पर आरक्षण की मांग के विरोध
में विहिप ने कहा कि इससे अलगाववाद को बढ़ावा मिलेगा । समाज एक और विभाजन की कगार
पर पहुंच जाएगा । विहिप ने रविवार को केंद्र और राज्य सरकार को नसीहत देते हुए कहा
कि वे इस तरह की मांगों पर ध्यान न दें । वहीं फायर ब्रांड नेता अशोक सिंघल ने भी
मठाधीशों और धार्मिक नेताओं से जातिवाद और छुआछूत को खत्म करने की अपील की । विश्व
हिंदू परिषद के दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन के मौके पर रविवार को एक प्रस्ताव
पारित कर धार्मिक आधार पर आरक्षण की मांग पर कड़ा विरोध जताया गया । विहिप ने कहा
कि इससे समाज में एक और विभाजन हो जाएगा । प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि अल्पसंख्य
शिक्षण संस्थान और हिंदू शिक्षण संस्थानों के बीच कानूनी और संवैधानिक असमानताओं को
खत्म किया जाना चाहिए । इसके लिए विहिप ने समान शिक्षण कानून की वकालत की । इस मौके
पर विहिप के फायर ब्रांड नेता अशोक सिंघल ने सभी मठाधीशों और देश भर के धार्मिक
नेताओं से जातिवाद और छुआछूत को खत्म करने की अपील की । एलायंस एयर बोइग - ७३७
विमान को तकनीकी खराबी के कारण छत्रपति शिवाजी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर
इमरजेंसी लैंडिंग के तहत सुरक्षित उतारा गया । विमान में ५५ यात्री सवार थे ।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार विमान (सीडी - ७१३०) ने नागपुर से उड़ान भरी थी ।
विमान के कमांडर ने हाईड्रॉलिक सिस्टम से ईंधन रिसने की रिपोर्ट की थी । हरियाणा
विधानसभा में शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सदन में वोल्कर रिपोर्ट का मसला छाया रहा
। विपक्षी इनेलो के सदस्यों ने प्रश्नकाल के दौरान सदन की कार्यवाही नहीं चलने दी
और जमकर नारेबाजी की । अध्यक्ष ने शोरशराबे के बीच सदन की कार्यवाही दो बार स्थगित
की । इसके बाद भी जब विपक्ष का हंगामा नहीं रुका तो सदन की कार्यवाही से इनेलो के
आठ सदस्यों को निलंबित कर दिया गया और इसके बाद मार्शलों ने पकड़कर विपक्षी सदस्यों
को सदन से बाहर निकाला । सत्र के अंतिम दिन विधानसभा में पहले सिओल में दिवंगत
केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पी. एम. सईद को श्रद्धांजलि दी गई । इसके बाद प्रश्नकाल शुरू
होते ही विपक्षी सदस्यों ने प्रदेश के परिवहन मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला को
निशाने पर ले लिया और हंगामा करने लगे । जब इनेलो के उपनेता सुशील इंदौरा ने एक
कागज लहराते हुए वोल्कर रिपोर्ट पर चर्चा की मांग की, तो अध्यक्ष ने कहा कि इस पर
चर्चा की अनुमति नहीं दी जा सकती । उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल को बाधित न किया जाए
। इस पर विपक्ष के सदस्यों ने दागी मंत्री इस्तीफा दें या उन्हें बर्खास्त करो के
नारे लगाने शुरू कर दिए । इस दौरान दर्शक दीर्घा में प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी
अध्यक्ष डॉ. रामप्रकाश, इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा और पूर्व मंत्री संपत
सिंह भी बैठे थे । लगातार बीस मिनट तक अध्यक्ष हरमोहिंदर सिंह चड्ढा के समझाने के
बाद भी जब विपक्ष नहीं माना तो अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही २.२० बजे १० मिनट के
लिए स्थगित कर दी । शिक्षा मंत्री फूलचंद मुलाना तो एक बार विपक्ष को समझाने वेल की
तरफ भी गए, लेकिन नारे लगाते विपक्षी सदस्य शोर - शराबा बंद करने को तैयार नहीं हुए
। इसके बाद भी विपक्षी सदस्यों के नहीं मानने पर फिर सदन की कार्यवाही २० मिनट के
लिए स्थगित करनी पड़ी । लगभग तीन बजे एक बार फिर से सदन की कार्यवाही शुरू होते ही
हंगामा शुरू हो गया । इस पर अध्यक्ष ने कहा कि मंत्री दागी नहीं हैं और मुख्यमंत्री
ने भी खड़े होकर विपक्ष को समझाने की कोशिश की, लेकिन विपक्षी सदस्य नारे लगाते रहे
। इस पर कैप्टन अजय यादव ने विपक्षी सदस्यों को निलंबित करने का प्रस्ताव रखा और
अध्यक्ष ने उसे स्वीकार करते हुए इनेलो के आठ सदस्यों को सदन की शेष कार्यवाही से
निलंबित करने का आदेश दिया । इस पर भी जब विपक्षी सदस्यों ने नारेबाजी जारी रखी तो
मार्शलों ने विपक्षी सदस्यों को पकड़कर बाहर निकाला । गांव खांडाखेड़ी के समीप
शुक्रवार को एक जीप के सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा जाने से उसमें सवार तीन
महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई । तीनों महिलाएं एक ही परिवार की थीं । इस
हादसे में १५ लोग घायल हो गए । घायलों में चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें पीजीआई
रोहतक रेफर कर दिया गया । शेष लोगों का जींद के सामान्य अस्पताल में इलाज चल रहा है
। दुर्घटना की सूचना मिलते ही हांसी के पुलिस उपाधीक्षक एवं नारनौंद थाना प्रभारी
मौके पर पहुंच गए । पुलिस ने एक घायल की शिकायत पर जीप चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर
लिया है । प्राप्त जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह गांव खांडाखेड़ी से एक ही
परिवार के १९ लोग जीप से गांव रामराय में पूर्णिमा के मौके पर पवित्र जोहड़ में
स्नान करने जा रहे थे । जीप गांव खांडाखेड़ी से थोड़ी दूर पहुंची थी कि सामने से आ
रहे एक ट्रक से बचने के प्रयास में जीप चालक संतुलन खो बैठा । इसके कारण सड़क के
किनारे खड़े ट्रक से जीप टकरा गई । टक्कर इतनी तेज थी कि चार लोगों की मौके पर ही
मौत हो गई, जबकि जीप में सवार अन्य लोग घायल हो गए । इनमें भरपाई व पवन दादी - पोता
हैं । इस हादसे में सोनू, बिमला, बबली, दानी, कृष्णा, सत्यवान, किताबो, मुकेश देवी,
वेदो, गोलू, पूनम, शांति तथा तोताराम घायल हो गए । सभी घायलों को ग्रामीणों ने
स्थानीय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने सोनू, बबली, गोलू व पूनम की हालत
गंभीर देखकर पीजीआई, रोहतक रेफर कर दिया । घटना की खबर पाकर पुलिस मौके पर पहुंच गई
। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लेना चाहा, लेकिन ग्रामीणों ने
पोस्टमार्टम कराने से मना कर दिया तथा शवों को गांव ले जाकर अंतिम संस्कार कर दिया
। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि यह अचानक हादसा हुआ है । उसके लिए वे किसी को
दोषी नहीं मानते हैं तथा वे किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं । पुलिस ने
क्रेन की मदद से जीप को ट्रक के नीचे से निकलवाकर कब्जे में ले लिया है । इस घटना
की खबर सुनकर सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण सामान्य अस्पताल में जमा हो गए । जैसे
ही यह खबर गांव खांडाखेड़ी में पहुंची तो सारे गांव में मातम छा गया । जीप गांव
खाड़ाखेड़ी निवासी तोताराम चला रहा था । अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) ने भारत
की मजबूत आर्थिक नीति की सराहना की है । आईएलओ का कहना है कि जहां विश्व के अधिकांश
विकासशील देशों में प्रति व्यक्ति आय में कमी हो रही है व आर्थिक विकास दर में उतार
- चढ़ाव देखा जा रहा है वहीं भारत एक उदाहरण के रूप में सामने आया है । रिपोर्ट के
मुताबिक १९८० के बाद वैश्वीकरण के इस दौर में आर्थिक झटकों की घटनाओं व उनकी संख्या
में वृद्धि हुई है । इसके साथ - साथ इस समय में आम लोगों को प्रभावित करने वाली
प्राकृतिक आपदाओं की भी काफी घटनाएं हुई । इस कारण रिपोर्ट में विकासशील देशों को
पूंजीगत खातों में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है । पूर्व प्रधानमंत्री राजीव
गांधी के जन्म दिवस को केन्द्रीय गैर - परम्परागत ऊर्जा स्रोत मंत्रालय शनिवार को
'राजीव गांधी अक्षय ऊर्जा दिवस' के रूप में मना रहा है । मंत्रालय ने इस मौके पर
तालकटोरा स्टेडियम में एक समारोह का आयोजन किया है । इस समारोह में प्रधानमंत्री
डॉ. मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और गैर - परम्परागत ऊर्जा स्रोत
मंत्री विलास मुत्तेमवार शामिल होंगे । केन्या के आव्रजन मंत्री लिनाह छेबी किलिमो
ने पुलिस के साथ खुद जाकर पांच भारतीय महिलाओं को एक नाइटक्लब से मुक्त कराया । इन
महिलाओं से नाइटक्लब में जबरन गाना गवाया जाता था । इस बात की जानकारी केन्या के एक
सरकारी अधिकारी ने दी है । भारतीय महिलाओं की दुर्दशा के बारे में एसएमएस मिलने के
बाद किलिमो ने मंगलवार को पार्कलैंड स्टेट स्थित नाइटक्लब में घुसकर पांचों महिलाओं
को मुक्त कराया । नैरोबी पुलिस डिवीजन के कमांडर इसाक केयोदे ने कहा कि सभी महिलाओं
की उम्र २० से २९ साल के बीच है । केयोदे ने कहा कि मंत्री भारतीय महिलाओं को
छुड़ाकर सुरक्षित स्थान पर ले गए । महिलाओं से जबरन गाना गवाने वालों के बारे में
उन्होंने कहा कि ये ऐसे लोग हैं जो महिलाओं की मजबूरी का नाजायज फायदा उठाते हैं ।
पुलिस नाइटक्लब के मालिक की तलाश कर रही है । उस पर महिलाओं को नौकरी का प्रलोभन
देने का आरोप है । मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने मंगलवार को कांग्रेस
को करारा झटका दिया । जिस पार्टी के तीन विधायकों को कांग्रेस अपने साथ मानकर
एनसीपी से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद की सौदेबाजी कर रही थी, उसने साफ कह दिया
कि कांग्रेस के साथ उसका चुनाव - पूर्व गठबंधन नहीं था । इसलिए, कांग्रेस को समर्थन
देने का सवाल ही नहीं उठता । इस तरह उसके साथ अब कुल ७५ विधायक हो गए हैं ।
कांग्रेस अब अपने ६८ विधायकों के अलावा 'आरपीआई ए' के एक और तीन निर्दलियों के
समर्थन का दावा कर सकती है । राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि सरकार का गठन २ - ३ दिन
में हो जाएगा । हालांकि नई दिल्ली में सरकार गठन को लेकर दोनों दलों के दिग्गजों के
बीच पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद दूसरे दौर की बातचीत भी टाल दी गई है ।
हमारा समर्थन उनके गठबंधन को है और हम सरकार से बाहर रहेंगे । उन्होंने कहा कि
कांग्रेस से उनकी पार्टी की चुनाव पूर्व बातचीत हुई थी, लेकिन जब हमारी सीटों की
मांग खारिज कर दी गई तो हम गठबंधन से अलग हो गए और अपने बूते चुनाव लड़ा । हमने १६
सीटों पर उम्मीदवार उतारे, जिनमें से तीन विजयी रहे । माकपा के आज के बयान से
कांग्रेस का सरकार बनाने का दावा कमजोर हुआ है । कांग्रेस ने माकपा के तीन सदस्यों
व दो निर्दलियों को अपने गठबंधन में रखकर अपनी सदस्य संख्या ७४ बताई थी । और, ७२
विधायकों वाली एनसीपी के मुकाबले खुद को बड़ा दावेदार साबित किया था । राज्यपाल ने
उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और वैकल्पिक इंतजाम होने तक उन्हें पद पर बने रहने को
कहा । बाद में मुख्यमंत्री व राज्यपाल ने उम्मीद जताई कि सरकार का गठन जल्द हो
जाएगा । लेकिन कोई प्रगति नहीं होने के कारण इसे कल तक के लिए टाल दिया गया ।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री सुशील कुमार शिंदे, केंद्रीय मंत्री प्रणब मुखर्जी व
गुलाम नबी आजाद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने इस जटिल मसले को हल करने के
लिए सोमवार की रात एनसीपी के मुखिया व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार से मुलाकात की
थी । बैंक खातों को लेकर उठे विवाद के बीच बेस्ट बेकरी कांड की मुख्य गवाह जाहिरा
शेख ने आज यहां विशेष अदालत को बताया कि उसने वडोदरा के अपने खाते में खुद पैसे जमा
कराए थे । उसने कहा कि उसने १७ मई २००३ को फास्ट ट्रैक कोर्ट में दिए गए बयान से एक
हफ्ते पहले वडोदरा के अपने एकाउंट में पैसे जमा किए थे । गौरतलब है कि जाहिरा फास्ट
ट्रैक कोर्ट में अपने पहले के बयान से मुकर गई थी । जाहिरा ने कोर्ट को बताया कि
उसने अपने भाई नफीतुल्ला के साथ बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखा जाकर अपने खाते में ३५ हजार
रुपये जमा किए थे । उसने यह भी स्वीकार किया कि उसने इससे एक वर्ष पूर्व २७ मई २००२
को इस खाते में दस हजार रुपये जमा किए थे । लेकिन जाहिरा ने मुंबई के उपनगर भायंदर
स्थित सिंडिकेट बैंक के खाते में जमा कराए गए धन के बारे में किसी भी तरह की
जानकारी से इनकार किया । अभियोजन पक्ष ने मंगलवार को कोर्ट को बताया था कि जाहिरा
के खाते में ४५ हजार रुपये जमा किए गए थे और इसके बाद ही वह बयान से मुकर गई थी ।
इसके अलावा अभियोजन ने कोर्ट को यह भी बताया था कि जाहिरा के भाई नसीबुल्ला के
सिंडिकेट बैंक के खाते में १.९० लाख रुपये जमा किए गए थे । अभियोजन पक्ष ने जाहिरा
से उस एक लाख रुपये के बारे में भी जिरह की जिसका मुंबई में बतौर मकान किराया
भुगतान किया गया था । इस रकम से किराए के दो मकानों के लिए भुगतान किया गया था । ये
मकान जाहिरा और उसके परिजनों ने मुंबई में किराए पर लिया था । देश के दो पूर्वी
राज्यों में प्राथमिक शिक्षा की बदहाली की जमकर खिंचाई करने के बाद नोबल पुरस्कार
विजेता प्रो. अमत्र्य सेन ने जन - स्वास्थ्य क्षेत्र के नकारेपन को लेकर भी राज्य
सरकारों की जमकर बखिया उधेड़ी है । उन्होंने कहा कि यह अहम क्षेत्र नकारेपन, शोषण
और सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है । स्टिंग आपरेशन के जरिये कराई जांच में उन्होंने
पाया कि राज्य सरकारों की जनस्वास्थ्य सेवाओं के ढांचे में बहुत सी खामियां हैं ।
प्रो. सेन द्वारा संचालित प्रतिचि (इंडिया) ट्रस्ट द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में
भारतीय चिकित्सा के क्षेत्र की दो व्यापक बीमारियों का खासतौर पर जिक्र किया गया है
। पश्चिम बंगाल और झारखंड की ग्रामीण जनता के बीच कराए गए सर्वेक्षण के आधार पर
तैयार की गई प्रतिचि हेल्थकेयर रिपोर्ट में डॉक्टरों की भारी फीस के कारण मरीजों के
आर्थिक रूप से बर्बाद होने का जिक्र किया गया है । रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्ज
के बोझ में दबे ग्रामीणों के अपने इलाज के लिए बची - खुची संपत्ति भी बेचनी पड़
जाती है । १३४ पेज की इस रिपोर्ट में प्रो. सेन ने कहा है कि हमने कई ऐसे केस देखे
जिसमें डॉक्टरों की फीस के कारण मरीज बर्बाद हो गए । कई बार तो ये चिकित्सक मरीजों
का गलत इलाज भी कर बैठते हैं, जैसे मलेरिया की बीमारी में सेलाइन दे देते हैं ।
करीब २४ गांवों में कराए गए सर्वे में पाया गया कि सबसे अहम समस्या जनस्वास्थ्य
सेवा का नकारापन है । उपकेंद्रों में तो हालात और भी खराब हैं । दुमका क्षेत्र के
१३ उपकेंद्रों में केवल पांच काम कर रहे हैं । जो काम कर रहे हैं, उनमें भी तमाम
अनियमितताएं हैं । क्लीनिकों में मूल सुविधाओं की भारी कमी है । दोनों जिलों में
दवाओं की उपलब्धता बहुत सीमित पाई गई । पूछने पर कुछ ग्रामीणों ने तो यहां तक कहा
कि जनस्वास्थ्य केंद्र और ब्लॉकों के कर्मचारी मरीजों को मुफ्त में बांटने के लिए
आईं दवाओं को बेचकर पैसे खड़े कर लेते हैं । इसके अलावा जनस्वास्थ्य कर्मचारी अपने
व्यवहार और लापरवाही के कारण मरीजों को निजी चिकित्सकों के पास भेजने को मजबूर कर
देते हैं । कई बार तो विभाग के कर्मचारी ही उन्हें निजी डाक्टर के यहां भेज देते
हैं । ऐसे में निराश मरीज निजी क्षेत्र में काम कर रहे नीम - हकीमों की शरण में
पहुंच जाते हैं । रिपोर्ट में कहा गया है कि विभाग लोगों को बीमारियों के प्रति
जागरूकता के काम में भी लहतलाली डालता है । सर्वे में जब ग्रामीणों से पूछा गया, तो
बहुत से ग्रामीणों का मानना था कि डिहाइड्रेशन होने पर उन्हें कम पानी पीना चाहिए ।
इसी तरह एड्स के बारे में जागरूकता फैलाने को नजरअंदाज किया जा रहा है, जबकि इस
बीमारी के भारत में तेजी से फैलने की आशंका व्यक्त की जा रही है । सेन ने कहा कि इस
क्षेत्र में भी नियमीकरण और निगरानी की माकूल व्यवस्था की जानी चाहिए, जैसे स्कूलों
में की गई है । इसके अलावा राज्य सरकारों को कर्मचारी चिकित्सकों की गतिविधियों पर
अधिक नियंत्रण और निगरानी रखनी होगी । प्रदेश की मुखिया मायावती की मंशा पर खरा
उतरने के लिए जनपद पुलिस ने कसरत शुरू कर दी है । छेड़छाड़ करने वालों के विरुद्ध
चार टीमें गठित की गई है । मुख्यमंत्री की कार्यप्रणाली से एसएसपी ने अपने
अधीनस्थों को परिचित करा दिया । शहर में रविवार को मनचलों के विरुद्ध अभियान चलाकर
शुरूआत कर दी गई । गत दिनों लखनऊ में हुई मीटिंग से लौटे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आरके
चतुर्वेदी ने पुलिस लाइन के सभागार में क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों की
मीटिंग कर मिले दिशा निर्देशों से अवगत कराया । एसएसपी ने अधीनस्थों को इनामी और
शातिर अपराधियों के विरुद्ध अभियान चलाकर तत्काल सलाखों के पीछे करने के स्पष्ट
निर्देश दिए । दलित एक्ट के दुरुपयोग रोकने की दिशा में एसएसपी ने कहा कि जांच
पड़ताल के पश्चात ही मामला दर्ज करें । एसएसपी ने कहा कि महापुरुषों की मूर्ति की
सुरक्षा का विशेष ध्यान दें । मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप एसएसपी ने छेड़छाड़ के
विरुद्ध चार टीमें गठित की । रविवार को कार्यवाहक सीओ सिटी और सीओ सदर पंकज पाण्डेय
के नेतृत्व में शहर में छेड़छाड़ करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया गया । पुलिस
ने इस दौरान बिना नंबर के चार वाहनों को भी पकड़ा । चालान कर उन्हें छोड़ दिया गया
। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने कहा है कि प्रदेश का अतिरिक्त पानी
दिल्ली को देंगे । मुलायम सिंह ने कन्या विद्या धन योजना में भाग लेने के बाद
पत्रकारों से बातचीत के दौरान ये बात कही । सिंह ने कहा कि दिल्ली हमारा पड़ोसी
राज्य है और एक अच्छे पड़ोसी होने के नाते हमें राजधानी को पानी देना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि राजधानी को कितना पानी दिया जाएगा यह राज्य में मौजूद पानी की
मात्रा को ध्यान में रखकर बाद में तय किया जाएगा । शुक्रवार को प्रदेश के सिंचाई
मंत्री मुन्ना सिंह चौहान ने दिल्ली के सोनिया विहार पानी संयंत्र को पानी देने से
इंकार कर दिया था । मुन्ना सिंह ने कहा था कि जब राज्य पानी संकट से जूझ रहा है ऐसे
में किसी अन्य राज्य को पानी देने का सवाल ही नहीं उठता है । चौहान के अनुसार यदि
दिल्ली को पानी दिया गया तो प्रदेश की सोलह हजार हेक्टेयर भूमि सिंचाई विहीन हो
जाएगी । सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को आगरा में यमुना नदी पर बैराज बनाने के मामले
में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) और उत्तर प्रदेश राज्य सरकार को अपने जवाब
चार सप्ताह में देने का निर्देश दिया । ताजमहल की मीनारों के झुकने की वजह से ताज
के लिए खतरा पैदा हो जाने को लेकर यमुना नदी पर तुरंत बैराज के निर्माण की मांग
करने वाली याचिका पर यह निर्देश जारी किया । खंडपीठ ने कहा कि चार सप्ताह में उत्तर
प्रदेश राज्य सरकार व भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण अपने पक्ष प्रस्तुत करे । लेकिन आज
तक बैराज नहीं बना, यह न्यायालय के आदेश की अवहेलना है । अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर
इंटरनेट के जरिये नशीली दवाइयों का रैकेट संचालित करने वाले आगरा स्थित डॉक्टर
बृजभूषण बंसल पैसों का लेन - देन ऑस्ट्रेलिया से करता था । बंसल ने इस मामले में एक
आरोपी की मदद से ऑस्ट्रेलिया में वेब के जरिये भुगतान पाने और रैकेट में शामिल अन्य
लोगों तक पैसा पहुंचाने के लिए एक जटिल प्रणाली विकसित कर ली थी । अधिकारियों के
मुताबिक बृहस्पतिवार को दक्षिण दिल्ली के गढ़ी से पकड़े गए प्रकाश बहल के द्वारा दी
गई जानकारी के आधार पर कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं । इस मामले में अमेरिकन
ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसी (डीईए) के सहयोग से विश्व भर में मारे गए छापों में २० लोग
पकड़े गए हैं । इनमें से छह लोगों को भारत में गिरफ्तार किया गया है । भारत में
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने डीईए का सहयोग किया । एनसीबी और डीईए के अधिकारियों
के मुताबिक रैकेट में शामिल आस्ट्रेलियाई नागरिक स्कैल्टन अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर
इस रैकेट को संचालित करने में अहम भूमिका निभाता था । स्कैल्टन ही वेबसाइट के जरिये
नारकोटिक्स, स्टेरॉयड तथा अन्य नशीली दवाओं की सप्लाई के लिए ऑर्डर लेता था । वह
क्रेडिट कार्ड से भुगतान लेता था तथा दवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित करता था और इसके
बाद भारत से दवाइयों की आपूर्ति करने वाले बंसल समेत अन्य लोगों के पास पैसे
पहुंचाता था । एनसीपी सूत्रों के मुताबिक रैकेट का भंडाफोड़ होने के बाद स्कैल्टन
यूरोप फरार हो गया है, जहां उसकी तलाश की जा रही है । इस मामले में दवाओं के मुख्य
सप्लायर बंसल को बृहस्पतिवार को आगरा से गिरफ्तार किया जा चुका है । शिवानी के पति
यतिन और ससुर किशन अग्रवाल को भी इस रैकेट में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार
किया गया है । वैलियम तथा डाइजेपाम डॉक्टरों द्वारा लिखे गए पर्चे पर ही मिलती हैं
। डीईए का 'ऑपरेशन साइबर चेज' क्राइम ड्रग इन्फोर्समेंट टास्क फोर्स (ओसीडीईटीएफ)
के एक साल तक चली लंबी जांच का नतीजा है । इसमें इंटरनेट के जरिये अमेरिका, भारत,
एशिया, यूरोप तथा कैरेबियाई द्वीप समूह से नशीली दवाओं की तस्करी करने वालों को
लक्ष्य बनाया गया । भारत और अमेरिका के अलावा सैन जोंस तथा कोस्टा रिका में भी कुछ
गिरफ्तारियां हुई हैं । सूत्रों के मुताबिक बंसल नशीली दवाओं की तस्करी भारत से
अमेरिका तथा अन्य देशों में करता था । अमेरिका में इन दवाइयों को दोबारा पैक किया
जाता था तथा इन्हें वहां और विश्व के अन्य हिस्सों में भेज दिया जाता था । संसद का
मानसून सत्र आगामी २५ जुलाई से शुरू होने की संभावना है । सूत्रों ने बताया कि आम
तौर पर जुलाई के तीसरे हफ्ते में शुरू होने वाला मानसून सत्र कुछ दिन देर से शुरू
होने की संभावना है । इसकी वजह १७ से २१ जुलाई तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के
अमेरिका की यात्रा पर होनी बताई जाती है । सूत्रों ने संकेत दिया कि आगामी सत्र २६
अगस्त तक एक महीने की अवधि तक जारी रहने की संभावना है । सदन में विपक्ष के नेता
आडवाणी ने बुधवार को केंद्र को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि उनके पास इस बात की पुख्ता
जानकारी है कि लोकसभा अनिश्चित काल तक स्थगित कर सरकार 'सोनिया बचाओ' अध्यादेश लाने
जा रही है । उन्होंने कहा कि अध्यादेश में लाभ के पद की सूची से कुछ पदों को हटा
दिया जाएगा ताकि कुछ सांसदों की सदस्यता बची रहे । आडवाणी ने कहा कि इस अध्यादेश का
उद्देश्य सोनिया को बचाना है । मालूम हो कि सोनिया गांधी राष्ट्रीय सलाहकार परिषद
की अध्यक्ष भी हैं । आडवाणी ने कहा कि भाजपा केंद्र सरकार के ऐसे किसी भी कदम का
विरोध करेगी । भाकपा ने बिहार के राज्यपाल बूटा सिंह को हटाने की मांग की है ।
पार्टी महासचिव एबी बर्धन का कहना है कि बूटा के कामकाज के तरीके और एक रेलवे अफसर
के तबादले की सिफारिश को राजग आगामी चुनाव में मुद्दा बना सकता है । भाकपा ने अपनी
मांग के समर्थन में बुधवार को बिहार बंद का आह्वान भी किया है । भाकपा नेता ने कहा
कि राजग नहीं चाहता कि बूटा को हटाया जाए । वह इस मामले को चुनाव में राजनीतिक रंग
देना चाहता है । केंद्र सरकार ने बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष बिहार के
राज्यपाल बूटा सिंह द्वारा विधानसभा भंग करने की सिफारिश के फैसले का जमकर बचाव
किया । केंद्र सरकार के महाधिवक्ता जी. ई. वाहनवटी ने कहा कि सिंह ने राजनीतिक
प्रक्रिया की शुचिता को बनाए रखने के लिए विधानसभा भंग करने की सिफारिश की ।
अटॅर्नी जनरल मिलन बनर्जी ने भी गवर्नर की कार्रवाई का यह कहकर समर्थन किया कि यह
फैसला निष्पक्ष था । उन्होंने कहा कि बूटा ने राबड़ी देवी को सरकार बनाने के लिए
नहीं बुलाया इससे इस तथ्य की पुष्टि होती है । न्यायाधीश वाई. के. सबरवाल, के. जी.
बालकृष्णन, बी. एन. अग्रवाल, अशोक भान और अरिजीत पसायत की पांच सदस्यीय खंडपीठ के
समक्ष वाहनवटी ने कहा कि सिंह ने राजनीतिक दलों को सरकार बनाने की अनुमति देकर
भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है । भंग विधानसभा के जनता दल (यू) व भाजपा विधायकों के
आरोपों का खंडन करते हुए उन्होंने कहा कि बूटासिंह ने सही निर्णय लेकर राजनीति में
भ्रष्टाचार, रिश्वत और प्रलोभन की प्रवृति को रोकने का प्रयास किया । जनता दल (यू)
व भाजपा विधायकों ने विधानसभा भंग करने की बूटा सिंह की सिफारिश को दुर्भावनापूर्ण
बताया था । वाहनवटी ने खंडपीठ के समक्ष कहा कि बूटा सिंह ने बार - बार यह बात
दोहराई है कि राजनीतिक व्यवस्था को तोड़मरोड़ कर हासिल बहुमत पर आधारित सरकार के
गठन की अनुमति देने के बजाय उन्होंने उचित समय पर लोगों को एक और अवसर देने का
फैसला किया । उन्होंने कहा कि बूटा सिंह किसी खास व्यक्ति और पार्टी को सरकार गठन
का दावा करने से रोकना नहीं चाहते थे । उन्होंने कहा कि २७ अप्रैल को अपनी रिपोर्ट
में बूटा सिंह ने स्पष्ट रूप से कहा था कि राज्य में सरकार के गठन के लिए राजनीतिक
दलों द्वारा असंवैधानिक उपायों का सहारा लिया जा रहा है । २१ मई को केंद्र को भेजी
अपनी दूसरी रिपोर्ट में सिंह ने कहा कि स्थिति और बदतर हो गई है । वाहनवटी ने कहा
कि सिंह द्वारा भेजी गई रिपोर्ट पर विचार के लिए २२ मई को केंद्र सरकार ने तुरंत
कैबिनेट की बैठक बुलाई और स्थिति को सही परिप्रेक्ष्य में समझते हुए अपनी सलाह
राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम को भेजने का फैसला किया । विधानसभा भंग करने की
बूटा सिंह की सिफारिशों के आधार के बारे में खंडपीठ द्वारा पूछे जाने पर उन्होंने
कहा कि जब संवैधानिक पद पर बैठा कोई व्यक्ति कोई निर्णय लेता है तो यह माना जाता है
कि इसके कुछ आधार रहें होंगे । गांव बहबलपुर में सोमवार को एक प्रेमी ने अपनी
प्रेमिका की गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर
ली । मामले की सूचना पाकर सदर पुलिस ने घटना की छानबीन शुरू कर दी है । घटनास्थल से
एक देसी पिस्तौल भी बरामद की गई है । शवों को पोस्टमार्टम के लिए हिसार के सामान्य
अस्पताल में लाया गया है । इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली । इससे दोनों की
मौके पर ही मौत हो गई । नारो के साथ गई महिला ने घटना के बारे में गांव के लोगों को
सूचित किया । ग्रामीणों ने इस बारे में हिसार सदर पुलिस को सूचना दी । सदर पुलिस ने
मौके पर पहुंचकर दोनों शवों का पंचनामा भर कर पोस्टमार्टम के लिए हिसार के सामान्य
अस्पताल में पहुंचाया । सूत्रों के अनुसार उकलाना के बुढ़ाखेड़ा निवासी भाल सिंह
बिशनोई पड़ोस में लुहार जाति से संबंध रखने वाली लड़की नारो से प्यार करने लगा व
युवती भी उससे प्रेम करने लगी थी । इसकी जानकारी होने पर नारो के परिजनों ने नारो
का विवाह बरवाला में कर दिया था । लेकिन नारो तीन माह पहले भाल सिंह के साथ घर से
भाग गई थी । लड़की के परिजनों ने इस बारे में हिसार के पुलिस महानिरीक्षक तथा पुलिस
अधीक्षक से मुलाकात कर आरोपी युवक के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी, परंतु
दोनों ने अदालत में विवाह रचा लिया था । प्रेमी - युगल विवाह होने के बाद वापस
बुढ़ाखेड़ा लौट गए थे । गांव के लोगों ने इस विवाह को अवैध ठहराया था । इस मामले को
लेकर गांव में पंचायत भी हुई थी और पंचायत ने इस विवाह को गलत करार देते हुए दोनों
को अलग होने के फरमान जारी कर दिए थे । इसके बाद लड़की के परिजनों ने नारो को हिसार
के समीपवर्ती गांव बहबलपुर में अपने रिश्तेदारों के यहां भेज दिया था । नारो पिछले
डेढ़ महीने से इसी गांव में रह रही थी । नारो के बहबलपुर में आ जाने से भाल सिंह
उससे मिलने की कोशिश करता रहा । बताया जा रहा है कि भाल सिंह ने तीन दिन पहले भी
नारो से मिलने का प्रयास किया था, लेकिन दोनों नहीं मिल सके थे । भाल सिंह को लगा
कि नारो उसके प्रति अब बेरुखी दिखा रही है । इसी बेरुखी की वजह से उसने नारो की
गोली मारकर हत्या कर दी और बाद में खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली । भाजपा
अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी पर हमले जारी रखने के लिए पार्टी के वरिष्ठ नेता मदनलाल
खुराना को पार्टी द्वारा सोमवार को नोटिस भेज दिया गया । पार्टी की प्रवक्ता सुषमा
स्वराज ने बताया कि पार्टी के एक कार्यकर्ता के हाथों खुराना को नोटिस भेज दिया गया
है । सुषमा ने बताया कि अपना पक्ष स्पष्ट करने के लिए खुराना को १० दिनों का समय
दिया गया है । उन्होंने बताया कि यदि खुराना निर्धारित अवधि के भीतर कारण - बताओ
नोटिस का जवाब नहीं देते हैं तो उन्हें पार्टी से निष्कासित करने की कार्रवाई की जा
सकती है । उन्होंने कहा आडवाणी के खिलाफ खुराना ने बयान देकर अनुशासन को भंग किया
है । उनकी इस हरकत से पार्टी की साख पर असर पड़ा है । इससे पहले भाजपा ने अनुशासन
के आरोप में खुराना को पार्टी से निलंबित कर दिया था । बिहार की जनता ने राजग के
नेतृत्व में जनता दल - यू को इस बार निराश नहीं किया और उसे पूर्ण बहुमत देते हुए
सरकार बनाने का मौका दे दिया है । नितीश कुमार बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे ।
वह बुधवार को सरकार बनाने का दावा औपचारिक रूप से पेश करेंगे । उन्हें बृहस्पतिवार
को दोपहर बाद शपथ दिलाई जाएगी । चुनाव की इस आंधी में लालू प्रसाद यादव की पार्टी
राजद को धूल चाटनी पड़ी । पिछले चुनाव में किंग मेकर सरीखी भूमिका में उभरे
रामविलास पासवान की लोजपा मुंह दिखाने लायक ही नहीं रही । बिहार में लालू की पार्टी
ने १५ वर्षो तक शासन किया । आठ महीना पूर्व हुए चुनाव में किसी को बहुमत न मिलने पर
तमाम विवादों के बीच राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया । उसके बाद चार चरणों में
हुए चुनाव का नतीजा मंगलवार को घोषित कर दिया गया । कुल २४३ सदस्यों वाली बिहार
विधानसभा में राजग को कुल १४२ सीटें मिली हैं । जिसमें जद - यू की ८७ सीट और भाजपा
की ५५ सीट शामिल हैं । इस तरह उसे पूर्ण बहुमत से २० सीटें ज्यादा मिली हैं । पूर्ण
बहुमत के लिए १२२ सीटों की जरूरत पड़ती है । जबकि पिछले चुनाव में कांग्रेस को १०
सीटें मिली थीं । राजद को पिछले चुनाव में ७५ सीटें मिली थीं । माकपा अपनी अकेली
सीट को बचाने में कामयाब रही । एनसीपी को भी एक सीट मिली है । लोजपा को इस बार कुल
११ सीटें मिली हैं जबकि पिछले चुनाव में २९ सीटें मिली थीं । लोजपा की पार्टनर
भाकपा ने फिर से अपनी ३ सीटों पर वापसी की है जो पिछले चुनाव में भी जीती थी । इस
जीत का सारा श्रेय जद - यू नेता नितीश कुमार को दिया गया । जिन्हें दोनों चुनावों
में राजग ने बतौर मुख्यमंत्री प्रत्याशी के रूप में पेश किया । पूर्ण बहुमत मिलने
के बाद नितीश ने कहा कि बेहतर शासन उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी । समझा जाता है
कि बृहस्पतिवार को उन्हें विधायक दल का नेता चुना जाएगा और गांधी मैदान में
मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी । राजद सुप्रीमो और रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव
ने हार स्वीकार करते हुए नितीश को इस शानदार जीत पर बधाई दी । उन्होंने बिहार की
जनता के हित में नई सरकार को पूर्ण सहयोग का वादा किया है । मार्च में हुए चुनाव
में राजद सबसे बड़े दल के रूप में उभरा था । लोजपा में दरार पड़ने और उसका एक गुट
सरकार बनाने के प्रयास में राजग में शामिल हो गया था । जिसका खामियाजा राष्ट्रपति
शासन के रूप में आया । आज नतीजे के बाद यूपीए के पार्टनरों में एक - दूसरे पर
दोषारोपों का दौर शुरू हो गया । माकपा का कहना है कि लोजपा के कारण सेकुलर वोट बंट
गए । अगर लोजपा भी राजद - कांग्रेस - माकपा गठबंधन में रहती तो आज नतीजे कुछ और
होते । इसलिए यूपीए में अब पासवान की भूमिका पर चर्चा होनी चाहिए । हालांकि भाकपा व
अन्य वामदलों ने इसका विरोध कर दिया है । पासवान ने कहा कि उनके मुस्लिम
मुख्यमंत्री वाले फारमूले का अगर राजद - कांग्रेस ने समर्थन किया होता तो नतीजे कुछ
और होते । लालू की पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी हालांकि राघोपुर से
चुनाव जीत गई हैं लेकिन कहलगांव से ७ बार चुनाव जीतने वाले बिहार प्रदेश कांग्रेस
कमेटी के अध्यक्ष सदानंद सिंह इस बार पराजित हो गए । उन्हें जद - यू के अजय मंडल ने
हराया । इसी तरह राबड़ी देवी मंत्रिमंडल में रहे रामलखन राम (खजौली), श्रीनारायण
यादव (बलिया), उपेंद्र प्रसाद वर्मा (जमालपुर), रमा देवी (मोतीहारी), विश्व मोहन
शर्मा (चनपटिया), मोहम्मद जावेद (ठाकुरगंज) और चौधरी महबूब अली कैसर (सिमरी
बख्तियारपुर) पराजित हो गए हैं । प्रमुख रूप से जीतने वालों में प्रदेश राजद
अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीकी (बहेड़ा), लोजपा महासचिव और पासवान के भाई पशुपति
कुमार पारस (अलौली), भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी चौबे (भागलपुर) और प्रदेश सपा
अध्यक्ष देवनाथ यादव (फूलपरास) हैं । मानसून के बारे में मौसम विभाग की
भविष्यवाणियां लगातार गलत साबित होती जा रही हैं । मौसम विभाग अब यह महसूस करने लगा
है कि मौसम की सटीक जानकारी जुटाने के लिए अत्याधुनिक उपकरण होना बेहद जरूरी है ।
विभाग का मानना है कि अत्याधुनिक उपकरण न होने की वजह से मानसून का सही अंदाजा नहीं
लग पा रहा है । आधुनिक उपकरणों के लिए करीब ५०० करोड़ रूपए की दरकार है । विज्ञान
एवं तकनीकी व समुद्री विकास राज्य मंत्री कपिल सिब्बल भी भारतीय मौसम विभाग का फौरन
आधुनिकीकरण करने की हिमायत में हैं । मौसम विभाग के आधुनिकीकरण के लिए धन का इंतजाम
करने के लिए कपिल सिब्बल ने प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से बात की थी ।
प्रधानमंत्री ने उन्हें पूरा प्रस्ताव तैयार कर योजना आयोग में जमा कराने के लिए
कहा है । लिहाजा, विभाग जल्द ही योजना आयोग से पांच सौ करोड़ रूपये आवंटित करने की
मांग करेगा । उन्हें उम्मीद है कि योजना विभाग मौसम विभाग के आधुनिकीकरण के
प्रस्ताव को जल्द ही अपनी मंजूरी दे देगा । सिब्बल २७ जुलाई को मनाए जाने वाले
महासागर विकास विभाग के स्थापना दिवस समारोह के बारे में संवाददाताओं से बातचीत कर
रहे थे । सिब्बल ने कहा कि विज्ञान आम आदमी की जरूरत से जुड़ना चाहिए । महासागर
विकास विभाग ने खारे पानी को पीने योग्य बनाने की तकनीक विकसित की है । इस समय पांच
हजार लीटर प्रतिदिन पानी साफ किया जा रहा है । वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि अगले
वर्ष की शुरुआत तक दस हजार लीटर प्रतिदिन पानी साफ करने की मशीन तैयार कर ली जाएगी
। पानी साफ करने पर २५ पैसे प्रति लीटर का खर्च आने का अनुमान है । इसके अलावा
समुद्र में मौजूद अलग - अलग तापमानों से बिजली पैदा करने की तकनीक विकसित करने पर
शोध किया जा रहा है । सरकार समुद्री विकास के जरिए रोजगार के अवसर पैदा करने की भी
कोशिश कर रही है । केंद्र सरकार अंधाधुंध बिजली का इस्तेमाल करने वाले शॅपिंग मॉल
समेत सभी कमर्शियल इमारतों की लगाम कसने जा रही है । इन इमारतों में अब बिजली की
फिजूलखर्ची नहीं हो सकेगी । इसके लिए केंद्र सरकार इस साल के अंत तक 'एनर्जी
एफीशेंसी बिल्डिंग कोड' लागू करने जा रही है । बिजली संकट की भयावहता को देखते हुए
केंद्र सरकार यह बिल्डिंग कानून बनाने जा रही है । विद्युत मंत्रालय के उपक्रम
'ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफीशेंसी' को यह काम सौंपा गया है । ब्यूरो के मुताबिक अभी देश
में करीब १२ फीसदी बिजली की कमी है, जबकि लगभग २३ फीसदी बिजली फिजूल में इस्तेमाल
हो रही है । इसी को ध्यान में रखकर सबसे पहले उन इमारतों पर लगाम कसी जा रही है,
जहां चकाचौंध के लिए बेवजह बिजली का इस्तेमाल होता है । इस 'एनर्जी इफीसेंसी
बिल्डिंग कोड' के तहत बड़ी कमर्शियल इमारतों को बिजली ऑडिट कराना होगा । इन इमारतों
में इस बात के प्रयास करने होंगे कि वहां सूरज की रोशनी का ज्यादा से ज्यादा उपयोग
हो । इमारत की दीवारों को इस तरह से बनाना होगा कि वहां लगे वातानुकूलित संयंत्र का
ज्यादा से ज्यादा सदुपयोग हो । इस तरह के और भी कई उपाय हैं । ब्यूरो ऑफ एनर्जी
इफीशंसी के महानिदेशक वीएस वर्मा के अनुसार इन प्रयासों से इमारतों में कम से कम २५
से ५० फीसदी बिजली बचाई जा सकेगी । उन्होंने कहा कि इस साल दिसंबर तक 'एनर्जी
इफीशंसी बिल्डिंग कोड' लागू कर दिया जाएगा । इस योजना के पहले चरण में उन शॅपिंग
मॉल समेत उन नई कमर्शियल इमारतों को लिया जाएगा, जहां कम से कम ५०० किलोवॉट बिजली
का कनेक्शन लिया गया है । कुछ समय तक यह कोड स्वैच्छिक तौर पर लागू होगा, ताकि
ब्यूरो को लोगों की प्रतिक्रिया मालूम हो जाए । इसके बाद सभी नई - पुरानी इमारतों
के लिए इसे अनिवार्य कर दिया जाएगा । ब्यूरो के प्रयासों से अब तक देश भर में कई
उद्योगों ने अपने परिसरों में बिजली बचाव के उपाय करके अपनी खपत को काफी कम किया है
। इससे उनकी सालाना करीब ९८९ करोड़ रुपये की बचत हो रही है । इनमें एक और चीज है जो
सभी को जोड़ती है । स्टार क्रिकेटरों की पत्नियां होने के बावजूद उनकी इस खेल में
ज्यादा रुचि नहीं है । राहुल द्रविड़, वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली और वीवीएस
लक्ष्मण की पत्नियां इस समय उनके साथ हैं । मास्टर ब्लास्टर सचिन की पत्नी अंजलि भी
जल्द पाकिस्तान में होंगी । भारतीय टीम के मीडिया डायरेक्टर गुरसेवक सिंह वालिया
बताते हैं कि विजेयता, शैलजा, आरती और डोना करीब पौन घंटे के लिए ही पहले दिन का
खेल देखने आई थीं । रविवार को कोई भी नहीं आया । लाहौर में भी ऐसा ही हुआ था ।
बताना जरूरी है कि भारतीय खिलाड़ियों की पत्नियों के लिए ड्रेसिंगरूम के आसपास
बैठने की व्यवस्था नहीं की गई है । बल्कि उन्हें अलग बॉक्स में बैठना पड़ता है ।
सहवाग की पत्नी आरती सबसे छोटी है और उनके लिए बाकी सभी दीदी जैसी हैं । मिसेज
लक्ष्मण कंप्यूटर साइंस में एमएस कर चुकी हैं और इन दिनों इंटीरियर डिजाइनर का
कोर्स करने में जुटी हैं । शैलजा की क्रिकेट रुचि के बारे में सभी जानते हैं । अपने
पति के कई शतक उन्होंने होटल के कमरे में ही रहने के कारण मिस किए । वैसे भी इन
दिनों उनका सारा समय अपने तीन माह के नन्हें दुलारे समित को दुलारने में ही निकल
रहा है । लाहौर की तरह फैसलाबाद में भी ठंड है । इसलिए वह उन्हें बाहर लाने से डर
रही हैं । शनिवार को वह सभी के साथ समित को लेकर इकबाल स्टेडियम आईं । उनके बैठने
की व्यवस्था ड्रेसिंगरूम से सटे वीआईपी एंक्लोजर में की गई । लेकिन खुला होने के
कारण इसमें काफी ठंड थी । लिहाजा समित के कारण उन्होंने वापस होटल लौटना ही ठीक
समझा । होटल में समित सभी के लिए खिलौना बना हुआ है । शैलजा और आरती को भी समित को
गोद में खिलाते देखा गया । सौरव की पत्नी डोना लाहौर टेस्ट मैच के बाद ही अपनी बेटी
सना के साथ पाकिस्तान पहुंच गई थीं । शरारती सना होटल में खूब मस्ती कर रही है ।
सौरव का भी अपनी बेटी के साथ बुरे दौरे में अच्छा समय बीत रहा है । लेकिन पेशे से
कलात्मक डांसर डोना की क्रिकेट में रुचि ज्यादा नहीं है । सौरव की शादी को सात साल
के करीब हो गए हैं लेकिन डोना विदेशी दौरों पर उनके साथ होते हुए भी बहुत ही कम
मौकों पर मैच देखने स्टेडियम पहुंचीं । मास्टर ब्लास्टर सचिन की पत्नी अंजलि भी
जल्द बेटी सारा और बेटे अर्जुन के साथ पाकिस्तान में होंगी । पेशे से डॉक्टर अंजलि
ने सचिन के साथ दो विश्व कप देखे हैं लेकिन उन्हें कभी किसी ने मैच के दौरान पूरा
दिन स्टेडियम में नहीं देखा । महानगर के भीड़भाड़ वाले इलाके टोपसिया स्थित एक
चमड़ा फैक्टरी में बुधवार सुबह आग लग जाने से ९ लोगों की मौत हो गई और १८ गंभीर रूप
से घायल हो गए । इस बारे में आईजी (कानून व्यवस्था) राज कनौजिया ने बताया कि आग
सुबह लगभग तीन बजे लगी । उस समय पीड़ित फैक्टरी के अंदर थे । फैक्टरी के दरवाजे बंद
होने के कारण लोग बाहर नहीं निकल सके । नौ लोगों के शवों को बरामद कर लिया गया है
और घायलों को नेशनल मेडिकल कॉलेज में भरती कराया गया है । अग्निशमन विभाग के आईजी
गोपाल भट्टाचार्य ने कहा कि फैक्टरी अवैध रूप से चलायी जा रही थी । तीसरी मंजिल पर
चल रही फैक्टरी के दरवाजे दुर्घटना के समय बाहर से बंद थे । आग लगने के कारणों का
पता नहीं चल पाया है । इस घटना के कारण इलाके में तनाव फैल गया है । स्थिति पर
नियंत्रण के लिए रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात किया गया है । मृतकों में एक महिला और
एक बच्चा भी शामिल है । सूत्रों ने बताया कि इस घटना के शिकार बने अधिकांश लोग
चमड़ा फैक्टरी परिसर में सोए हुए थे । उमा भारती के हाल के बयानों से पार्टी में
उनकी वापसी फिलहाल टल गई है । पार्टी में उन्हें वापस लेने की उपयोगिता पर बहस छिड़
गई है । पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद के मुताबिक आगामी विधानसभा चुनावों से भारती की
घर वापसी का कोई खास संबंध नहीं है । अयोध्या में उमा भारती के साथ विनय कटियार को
देख पार्टी हैरत में है । पार्टी अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी द्वारा अपनी घर वापसी के
संकेत मिलते ही उमा भारती की मुखरता बढ़ गई । अपनी वापसी को उन्होंने तकनीकी मामला
बताया और उसे राजनीति शुद्धता से जोड़ दिया । अयोध्या मामले पर भी बयान देने से बाज
नहीं आईं और शिलादान नहीं करने का प्रायश्चित तक कर डाला । अयोध्या में राम मंदिर
के चबूतरे धोए और श्रद्धालुओं के जूते साफ किए । पर मामला तब दिलचस्प हो गया जब
महंत ज्ञानदास ने भारती के प्रायश्चित को सत्ताहीन नेता का वितंडा करार दिया ।
पार्टी इस बयान पर विचार करने के लिए विवश हो गई । विनय कटियार को भारती के साथ देख
भाजपा नेता अचंभित हैं । उमा भारती सच बोलती हैं, पर उनका सच कभी कभी कूटनीति की
सीमाएं लांघ जाता है । निलंबित होने के बाद से पहली बार भारती ने बाबूलाल गौर के
बारे में कुछ कहा है । साध्वी के इस बयान से पार्टी में हलचल बढ़ गई है । इससे उनकी
घर वापसी भी प्रभावित हुई है । उल्लेखनीय है कि हुबली मामले में गिरफ्तारी का वारंट
जारी होने पर उमा भारती को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था और जब पार्टी ने
मुख्यमंत्री पद के लिए उन्हें शिवराज सिंह चौहान और बाबूलाल गौर में से किसी एक को
चुनने के लिए कहा था तो उन्होंने गौर के नाम पर मुहर लगा दी थी । पिछले दो दिनों से
मनाली और सोलंगनाला सहित समूची ऊझी घाटी में हो रही भारी बर्फबारी के चलते
राष्ट्रीय स्की ढलान में बड़ी संख्या में स्की प्रेमी अपनी स्की सहित उतर चुके हैं
। लगभग डेढ़ दशक के बाद इस वर्ष सोलंगनाला के स्की ढलान में इन दिनों लगभग पांच फुट
बर्फबारी होने के कारण स्की प्रेमियों के चेहरे खिले हुए हैं । मंगलवार को भारी
बर्फबारी के बीच वे चहकते हुए स्की का आनंद उठाते रहे । बुधवार को खिली हुई धूप में
भी उन्होंने स्कीइंग का जमकर लुत्फ उठाया । वहीं, अनेक स्थानीय लोगों ने इस बार
विंटर कार्निवल के साथ ही स्की ढलान पर पूर्व की भांति पश्चिमी हिमालय पर्वतारोहण
एवं खेल निदेशालय, मनाली के तत्वावधान में राष्ट्रीय शीतकालीन खेलों का आयोजन करने
की पुरजोर वकालत की है । अनेक लोग स्कीइंग कौशल को निखारने की खातिर लगातार अभ्यास
में जुटे हुए हैं । इनकी गतिविधियों से सोलंगनाला स्की ढलान गुलजार हो गया है ।
इसके तहत मनाली में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाना है । उन्होंने
कहा कि पूर्व की भांति इन कार्यक्रमों के साथ इस बार भी सोलंग स्की ढलान पर भारी
बर्फबारी होने के कारण शीतकालीन प्रतियोगिता का आयोजन किया जा सकता है । उन्होंने
स्वयंनिर्मित लकड़ी की स्की बनाकर इसी स्की ढलान पर स्कीइंग करना सीखा था । खासतौर
पर विंटर कार्निवल के समय इस ढलान पर शीतकालीन स्की प्रतियोगिता को देखकर इस खेल के
प्रति उनकी गहरी रुचि हुई । इसी कारण वे अच्छे स्कीयर के रूप में उभरे । उन्होंने
कहा कि पर्वतारोहण एवं खेल निदेशालय के उदासीन रवैये के कारण आज अन्य युवा
खिलाड़ियों को उनकी प्रतिभा दिखाने का मौका नहीं मिल रहा है । निदेशालय को हर वर्ष
राष्ट्रीय स्तर के शीतकालीन खेलों का आयोजन करना चाहिए । इससे जहां स्थानीय
खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा, वहीं देश के अन्य राज्यों से आए
प्रतिभावान खिलाड़ियों से कुछ सीखने का भी मौका मिलेगा । उन्होंने बताया कि इस बार
समय पर बर्फबारी होने के कारण मंगलवार को भारी बर्फबारी के बीच भी सैकड़ों स्की
प्रेमी सोलंग नाला ढलान पर स्कीइंग का आनंद लेते रहे । परशुराम पुरस्कार विजेता उमा
ठाकुर ने बताया कि स्थानीय लड़कियां भी अब इस खेल को बड़ी उत्सुकता से खेलती हैं ।
प्रदेश और राष्ट्रीय खेलों में यहां की लड़कियों ने अच्छा नाम कमाया है । उमा ठाकुर
ने कहा कि सरकार को शीतकालीन खेलों को बढ़ावा देना चाहिए । उन्होंने कहा कि पश्चिमी
हिमालय पर्वतारोहण एवं खेल निदेशालय, मनाली हर वर्ष करोड़ों रुपये का मुनाफा कमा
रहा है । निदेशालय को विंटर कार्निवल के साथ शीतकालीन खेलों का भी आयोजन करना
चाहिए, जिससे साहसिक युवा और युवतियां प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें और विंटर
कार्निवल को भी पुरानी पहचान मिले । पश्चिमी हिमालय पर्वतारोहण एवं खेल निदेशालय के
निदेशक कर्नल एच. एस. चौहान ने बताया कि इस बार समय पर मनाली और ऊझी घाटी में भारी
हिमपात हुआ है । इस कारण सोलंग स्की ढलान को स्की प्रेमियों के लिए खोल दिया गया है
। उन्होंने कहा कि २३ दिसंबर से २ जनवरी तक निदेशालय की ओर से १०० बच्चों को स्की
कोर्स कराया जा रहा है । फरवरी में सोलंग स्की ढलान पर जूनियर नेशनल प्रतियोगिता
कराने की योजना विभाग को भेजी गई है । यदि विभाग से स्वीकृति मिल जाती है तो यह
प्रतियोगिता फरवरी माह में आयोजित की जा सकती है । उन्होंने बताया कि लगभग डेढ़ दशक
के बाद दिसंबर माह में हुई बर्फबारी के कारण विंटर कार्निवल के समय शीतकालीन खेलों
का आयोजन नहीं किया जा सकता । भाजपा नेता प्रमोद महाजन पर हुए जानलेवा हमले से
राजनीतिक हलकों में सन्नाटा छा गया है । राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर सभी सियासी
नेताओं ने उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है । दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय
में मौजूद तमाम नेताओं ने प्रार्थना सभा कर उनके जल्द ठीक होने की कामना की है ।
राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने महाजन पर हुए हमले की घटना पर गहरा दुख जताते
हुए उनके जल्द स्वस्थ्य होने की कामना की है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस घटना
को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए महाजन के जल्द स्वास्थ्य लाभ के लिए उनकी पत्नी रेखा
को लिखा है । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी महाजन की पत्नी रेखा को लिखे
पत्र में कहा है कि वो इस घटना से स्तब्ध हैं । उन्होंने रेखा को भरोसा दिलाया है
कि दुख की इस घड़ी में वह उनके परिवार के साथ हैं । उन्होंने महाजन के जल्द
स्वस्थ्य हो जाने की आशा व्यक्त की है । पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने
इस घटना पर गहरा दुख जताया है । महाजन को वाजपेयी का काफी करीबी माना जाता है ।
महाजन को गोली लगने की खबर फैलते ही भाजपा मुख्यालय में सन्नाटा छा गया । मुख्यालय
में मौजूद तमाम नेताओं ने प्रार्थना सभा कर उनके जल्द ठीक होने की कामना की । भाजपा
कार्यकर्ताओं ने अपने महासचिव के जल्द ठीक होने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ शुरू
कर दिया है । अपनी रथयात्रा बीच में रोक मुंबई पहुंचे आडवाणी ने हिंदूजा अस्पताल
जाकर महाजन का हालचाल लिया । उन्होंने अस्पताल में १५ मिनट बिताए । उन्होंने कहा कि
डॉक्टरों की टीम महाजन की स्थिति में सुधार के लिए भरसक प्रयास कर रही है । शिवसेना
प्रमुख बाल ठाकरे ने महाजन के जल्द स्वस्थ होने की कामना की है । महाजन को एक सक्षम
नेता बताते हुए उन्होंने कहा है कि देश को उनके जैसे नेताओं की जरूरत है । अगर आप
समझते हैं कि कंडोम का इस्तेमाल परिवार नियोजित करने और एड्स जैसी जानलेवा
बीमारियों से बचने के लिए किया जाता है, तो यह गलत है । कंडोम अब बहुउपयोगी और बड़े
काम की चीज बन गया है । दुनिया में अपनी चमक बिखेरने वाली बनारसी साड़ी की खूबसूरती
में इसका बड़ा योगदान है । कंडोम 'लेटेक्स' का बना होता है । इसमें स्पर्मीसाइडल
(चिकनाई) होती है । बैंकाक में विश्व एड्स सम्मेलन में कंडोम के दुरुपयोग पर हुए एक
सत्र में किंग जॉर्ज मेडिकल कालेज के प्रो. रमाकांत ने अपनी जो रिपोर्ट प्रस्तुत की
उसमें कंडोम के ये नए इस्तेमाल सामने आए हैं । रिपोर्ट के मुताबिक हर साल अरबों की
संख्या में लागत से कम और मुफ्त उपलब्ध कराए जाने वाले इन कंडोम का दुरुपयोग बहुत
तेजी से बढ़ रहा है । उन्होंने बताया कि यह देखकर बड़ा ताज्जुब हुआ कि ग्रामीण
अंचलों में तो लोग शौच के लिए कंडोम में पानी भर कर ले जाते हैं । प्रो. रमाकांत की
रिपोर्ट भारत में निःशुल्क कंडोम वितरण की पूरी व्यवस्था पर ही सवालिया निशान लगाती
है । रिपोर्ट में बताया गया है कि मात्र २० से २५ फीसदी तक ही मामले में इसका सही
उपयोग हो रहा है । इसका उपयोग अन्य ऐसे कार्यो में धड़ल्ले से किया जाने लगा है,
जिसके बारे में शायद आम आदमी सोच भी नही सकता । उन्होनें बताया कि ल्युब्रीकेंट
युक्त लेटेक्स रबर से बने इन कंडोम का उपयोग सड़कों को चिकना करने के लिए भी किया
जाने लगा है । ठेकेदार निःशुल्क मिलने वाले इन कंडोम को काफी तादात में एकत्रित कर
लेते है और उन्हें हाट मिक्स प्लांट में तारकोल मिश्रित बजरी में डाल देते है ।
जिसके उपयोग से सड़क की ऊपरी सतह काफी चिकनी हो जाती है । गरमी से कंडोम फैलकर एक
वाटरप्रूफ सतह बना लेते हैं । इससे छत पूरी तरह लीकप्रूफ हो जाती है और मूसलाधार
बारिश में पानी की एक बूंद भी इसमें से रिस नहीं पाती है । विश्व स्वास्थ्य संगठन
की हाल में प्रकाशित एक रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए प्रो. रमाकांत ने बताया कि
कंडोम के सही उपयोग न होने के कारण ही भारत में सरकार के लाख प्रयास के बावजूद एच.
आई. वी. संक्रमण से ग्रसित लोगों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है । जबकि मुफ्त
बांटे जाने वाले कंडोम की लागत पर ही सरकार की करोड़ों की धनराशि हर साल खर्च होती
है । उन्होंने कंडोम के सही उपयोग को प्रयोग में लाए जाने में बरती जाने वाली
लापरवाही के लिए अशिक्षा व कंडोम के उपयोग के संबंध में भारतीय लोगों के मन में
व्याप्त भ्रांतियों को भी जिम्मेदार बताया और इसको दूर करने के लिए जागरुकता
कार्यक्रम के साथ ही शिक्षा में इसकी उपयोगिता व प्रयोग में लाने की जानकारी को
शामिल किए जाने की वकालत भी की । विदेश नीति के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी व
वामदल बृहस्पतिवार को राज्यसभा में सरकार के खिलाफ एकजुट नजर आए । दोनों ने सरकार
पर अमेरिका के सामने घुटने टेकने का आरोप लगाते हुए भारत - अमेरिका के बीच हुए
परमाणु समझौते पर सदन में बहस की मांग की, जिसका कांग्रेस ने जबरदस्त विरोध किया ।
कांग्रेस का कहना था कि भारत ने किसी भी देश के सामने घुटने नहीं टेके हैं और
परमाणु समझौता लेन - देन की भावना पर आधारित है । राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान
इस मुद्दे को उठाते हुए पूर्व विदेश मंत्री व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा ने कहा कि
ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि भारत ने अपनी विदेश नीति में बदलाव करते हुए यह सौदा किया
है । उनका कहना था कि इसमें भारत को कई जगह अपने हितों से पीछे हटना पड़ा है ।
उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस में हुई चर्चा के दौरान सांसद टॉम लेंटाज के उस वक्तव्य
का भी हवाला दिया जिसमें कहा गया था कि अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी में
वोटिंग के सवाल पर भारत को दो - टूक शब्दों में बता दिया जाए कि वह या तो अमेरिका
का साथ दे या फिर विरोधी पाले में खड़ा रहे । सिन्हा ने कहा कि भारतीय संसद इस
मामले में मूक दर्शक नहीं रह सकती और परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में द्विपक्षीय करार
के बदले देश के परमाणु ठिकानों को अंतर्राष्ट्रीय जांच के लिए नहीं खोला जा सकता ।
इसके फौरन बाद माकपा की वृंदा करात खड़ी हो गई और उन्होंने सिन्हा का समर्थन करते
हुए कहा कि सभी विदेश नीति के इस बदलाव को महसूस कर रहे हैं । उन्होंने आरोप लगाया
कि सरकार ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं । इस पर सत्ता पक्ष के सदस्य खड़े
हो गए । सरकार की तरफ से मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि
प्रधानमंत्री इस बारे में सदन को बता चुके हैं कि यह सौदा परस्पर सहयोग और आपसी
आदान - प्रदान पर आधारित है । इसके जरिए विदेश नीति में भी कोई बदलाव नहीं किया गया
है । उन्होंने कहा कि सदन अगर इस पर चर्चा करना चाहता है, तो सरकार चर्चा के लिए
तैयार है । अर्जुन सिंह ने कहा कि अमेरिकी सांसद किसी भी मंच से अपने विचार व्यक्त
करने को स्वतंत्र हैं । लेकिन इसके मायने यह नहीं हैं कि वे अपने मुल्क की राय
व्यक्त कर रहे हैं । सिंह ने अलबत्ता यह स्पष्ट किया कि वह यहां जरूर अपनी सरकार की
ओर से बोल रहे हैं । सिन्हा के बयान पर कांग्रेस सदस्यों को यह भी आपत्ति थी कि ऐसे
समय में यह मामला चर्चा में नहीं लाया जाना चाहिए, जब भारतीय विदेश सचिव की समकक्ष
अमेरिकी अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बातचीत चल रही हो । टाडा कोर्ट ने मंगलवार को
अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम का लिखित इकबालिया बयान पढ़ा । यह बयान दो सीलबंद लिफाफे
में था । टाडा जज पी. डी. कोडे ने इन लिफाफों को सलेम के वकील ओ. ए. सिद्दिकी और
सरकारी वकील उज्जवल निकम की मौजूदगी में खोला । याचिका में वकील ने मोनिका बेदी से
मिलने की अनुमति मांगी थी । मोनिका इस समय हैदराबाद के चंचलगुडा जेल में है । बत्रा
ने बताया कि केस लड़ने के लिए मुझे मोनिका के चाचा पुरुषोत्तम लाल बेदी ने रखा है ।
याचिका की सुनवाई करते हुए सत्र न्यायाधीश पी. वी. भावकर ने इस आधार पर याचिका
खारिज कर दी कि सलेम अभी भी सीबीआई हिरासत में है और इसके लिए टाडा कोर्ट में
याचिका दाखिल की जानी चाहिए । हालांकि सलेम के वकील सिद्दिकी ने इकबालिया बयान की
प्रति मांगी, लेकिन सीबीआई ने यह कहते हुए उनकी मांग को ठुकरा दिया कि अगर इस वक्त
इकबालिया बयान का खुलासा हो जाता है तो इससे जांच प्रभावित हो सकती है । सरकारी
वकील उज्जवल निकम ने दलील दी कि १९९३ के मुंबई बम धमाकों में सलेम की भूमिका की
जांच चल रही है और जब तक अतिरिक्त चार्जशीट दाखिल नहीं हो जाती है तब तक उसके बयान
का खुलासा करना उचित नहीं होगा । सीबीआई ने सलेम के वकील सिद्दिकी के उस आरोप को
निराधार बताया है जिसमें कहा गया था कि सीबीआई ने इस मामले से हट जाने के लिए उसे
धमकी दी थी । बहरहाल, जांच एजेंसी के सूत्रों ने कहा है कि इकबालिया बयान के बाद
सलेम सरकारी गवाह बन सकता है । मनोनीत जज पी. डी. कोडे ने इकबालिया बयान पढ़ने के
बाद इसे सलेम के वकील को सौंपने से इनकार कर दिया और कहा कि अदालत इस मामले में और
सलेम के वकील की मांग पर बुधवार को सुनवाई करेगी । रिमांड की अवधि बढ़ाए जाने के
लिए सलेम को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा । गौरतलब है कि चीफ मेट्रोपोलिटन
मजिस्ट्रेट ने सोमवार को अदालत में सलेम के इकबालिया बयान वाला लिफाफा पेश किया था
। समझा जाता है कि सलेम ने एक सीबीआई अधिकारी के सामने मुंबई बम धमाकों में अपनी
भूमिका स्वीकार कर ली और बाद में उसके इकबाकिया बयान को चीफ मेट्रोपोलिटन
मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया जिन्होंने इस बयान को टाडा अदालत भेज दिया ।
केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने कहा कि पूर्वोत्तर के सीमावर्ती राज्यों में
घुसपैठ रोकने के लिए सरकार लोगों को पहचान देने का कार्य शीघ्र शुरू करेगी ।
उन्होंने राज्यसभा में आईएमडीटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उत्पन्न स्थिति
पर कल और आज चली चर्चा के बाद सदस्यों द्वारा पूछे गये प्रश्नों के जवाब में यह बात
कही । पाटिल ने कहा कि आईएमडीटी एक्ट को समाप्त किए जाने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के
फैसले पर पुनर्विचार अपील दायर करने की सरकार की कोई मंशा नहीं है । इस कानून के
स्थान पर क्या व्यवस्था की जाएगी, इस पर हालांकि अनेक सुझाव आए हैं लेकिन ग्रुप ऑफ
मिनिस्टर को इस पर अंतिम फैसला लेना है । उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर की सीमा पर
तारबंदी करने का कार्य प्रगति पर है । आधी सीमा पर अभी बाड़ नहीं है । इस कार्य को
डेढ़ - दो साल के अंदर पूरा किया जाएगा । पुरानी तारबंदी पर भी फ्लश लाइट और सेंसर
लगाए जाएंगे । सीमा क्षेत्र में अनेक नदियां होने के कारण लोग नदी मार्ग से भी
घुसपैठ करते हैं, इस पर भी नजर रखने के इंतजाम किए जा रहे हैं । सीमा पर बीएसएफ की
अतिरिक्त टुकड़ियां तैनात करने के लिए भी सरकार प्रयासरत है । उन्होंने विपक्ष की
इस मांग को खारिज कर दिया कि अगर मुस्लिम वहां से घुसपैठ करते हैं तो उन्हें वापस
भेज दिया जाए और अगर कोई पीड़ित हिन्दू घुसपैठ करता है तो उसे शरणार्थी माना जाए ।
उन्होंने कहा कि धर्म या भाषा के आधार पर कानून में ऐसा प्रावधान कर पाना सरकार के
लिए संभव नहीं होगा । इससे पूर्व चर्चा में भाग लेते हुए कलराज मिश्र ने कहा कि
घुसपैठियों की बढ़ती संख्या देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है ।
इसलिए सरकार सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर तत्काल अमल करे । पटना हाईकोर्ट ने सीबीआई
से पूछा है कि बिहार में वर्ष १९९४ - १९९८ में किसानों के बीच वितरित की जाने वाली
५००० करोड़ की खाद के मामले में लगे अनियमितताओं के आरोपों की जांच न किए जाने की
वजह क्या रही । अदालत ने इस मामले में जवाब देने के लिए सीबीआई को ६ दिसंबर तक का
समय दिया है । जस्टिस नरेंद्र राय और जस्टिस नवीन सिन्हा की खंडपीठ ने यह आदेश एक
जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया । याचिका में कहा गया है कि सन् २००२ में
राज्य सरकार द्वारा इस बारे में जांच के आदेश दिए गए थे, पर कुछ नहीं किया गया ।
याची के वकील ने आरोप लगाया कि खाद के सप्लायर्स की केंद्र सरकार के अफसरों से
सांठगांठ थी । श्रमिक संघों ने ईपीएफओ के सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टी (सीबीटी) की
बैठक शीघ्र बुलाये जाने की मांग की है । संघों ने कहा है कि चालू वित्त वर्ष के
दौरान कर्मचारी भविष्य निधि पर ब्याज की दर के निर्धारण के लिए केंद्रीय श्रममंत्री
के. चंद्रशेखर राव सीबीटी की बैठक शीघ्र बुलाएं । हालांकि ईपीएफ पर ब्याज दर के
बारे में श्रमिक संघों में सहमति का अभाव है । बीएमएस के पूर्व अध्यक्ष और सीबीटी
में बीएमएस के प्रतिनिधि हसुभाई दवे, सीटू सेक्रेटेरियट के सदस्य डब्लू. आर.
वरदराजन व इंटक के अध्यक्ष जी. संजीव रेड्डी ने कहा कि ब्याज दरों व अन्य मुद्दों
पर निर्णय के लिए सीबीटी की बैठक शीघ्र बुलाई जानी चाहिए । भारतीय जनता पार्टी ने
सरकार से मांग की है कि वह अगले माह शुरू होने जा रहे बजट सत्र के दौरान केंद्रीय
कर्मचारियों के लिए नए वेतन बोर्ड का ऐलान करे । भाजपा प्रवक्ता विजय कुमार
मल्होत्रा ने मंगलवार को यहां कहा कि उनकी पार्टी वेतन बोर्ड की मांग को लेकर पहली
मार्च को हड़ताल का आह्वान करने वाले केंद्रीय कर्मचारियों के साथ है । उन्होंने
कहा कि सरकार को अभी या अगले कुछ समय के भीतर छठे वेतन आयोग का गठन करना चाहिए ।
बेहतर हो कि यह घोषणा कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से पहले बजट सत्र के दौरान कर
दी जाए । मल्होत्रा ने कहा कि सत्तारूढ़ यूपीए सरकार के कार्यकाल में मंहगाई बेहद
तेजी से बढ़ी है । इसे देखते हुए कर्मचारियों की मांग बिल्कुल जायज है । कांग्रेस
अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के संकल्प के चलते
भारत आईटी क्षेत्र में विश्व में बड़ी ताकत बन सका है । उन्होंने कहा कि राजीव ने
जब पहली बार आईटी की बात की थी तो उनकी आलोचना की गई थी । दोनापाउला में राजीव
गांधी आईटी हैबिटैट के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान सोनिया ने कहा कि इसका
इस्तेमाल देश में सामाजिक परिवर्तन के लिए प्रमुख साधन के रूप में किया जाएगा ।
यहां से पांच किलोमीटर दूर डोनापाउला में ४०० करोड़ रुपये की लागत से आईटी हैबिटैट
की स्थापना की जा रही है । गोवा सरकार की यह महत्वाकांक्षी परियोजना वर्ष मार्च,
२००८ तक पूरी हो जाएगी । इसके जरिए दस हजार लोगों को नौकरियां मिलने की संभावना है
। गोवा की अपनी दो दिवसीय यात्रा के समापन पर उन्होंने कहा कि जवाहर लाल नेहरू व
इंदिरा गांधी के प्रयासों के चलते देश में ढांचागत सुविधाओं की स्थापना हुई और इसके
चलते राजीव के आईटी अभियान को सफलता मिली । उन्होंने कहा कि वर्तमान में आईटी का
इस्तेमाल कर प्रशासन में सुधार करने के लिए किया जा रहा है । सरकार के कामकाज में
पारदर्शिता सुनिश्चित करने में आईटी का इस्तेमाल करने की संभावनाओं का पता लगाया जा
रहा है । सोनिया ने कहा कि सरकार ने क्षेत्रीय भाषाओं में जरूरी सॉफ्टवेयर विकसित
करने का काम शुरू कर दिया है । उन्होंने कहा कि पर्यटन की संभावनाओं के लिए मशहूर
गोवा आईटी क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर सकता है । साक्षरता की ऊंची
दर, कुशल श्रमशक्ति व सामाजिक भाईचारे की पुरानी परंपरा के चलते गोवा आईटी क्षेत्र
में भी कामयाबी हासिल करेगा । वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी और पार्टी
अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने ७ मार्च को विस्फोट के बाद स्थिति का जायजा लेने के लिए
बृहस्पतिवार को संकट मोचन मंदिर का दौरा किया । भाजपा नेताओं ने बनारस हिंदू
यूनीवर्सिटी कैंपस में सर सुंदरलाल हॉस्पिटल जाकर घायलों से भी मुलाकात की । पार्टी
के वरिष्ठ नेताओं एस. एस. आहलूवालिया, संतोष गंगवार और अन्य लोगों के साथ आडवाणी ने
मंदिर में पूजा - अर्चना और परिक्रमा की । आडवाणी कुछ मिनट के लिए एक पेड़ के पास
ठहरे । दो सप्ताह पहले शताब्दी पुराने मंदिर में हुए विस्फोट में यह पेड़ जल गया था
। इस मौके पर स्थानीय नेताओं और पुलिस कर्मियों ने आतंकी हमले से जुड़े विभिन्न
मुद्दों पर आडवाणी को जानकारी दी । आडवाणी और अन्य नेताओं का स्वागत करने के लिए
करीब सौ पार्टी कार्यकर्ता मंदिर में मौजूद थे । भाजपा नेता ने सर सुंदरलाल
हॉस्पिटल जाकर घायलों से मुलाकात की, जहां डॉक्टरों ने आडवाणी को घायलों की स्थिति
की जानकारी दी । इसी के साथ सभी सिनेमा हॉलों की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है । दिल्ली
में सत्यम व लिबर्टी सिनेमा में बीती रात विस्फोट के बाद सिनेमा हॉल मालिकों और
डिस्ट्रीब्यूटरों ने यह कदम उठाया है । जबकि हरियाणा, पंजाब व जम्मू में यह फिल्म
विवाद शुरू होते ही हटा ली गई थी । वेव सिनेमा के प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली के
सभी सिनेमा हॉल से इस फिल्म के प्रिंट वापस मंगा लिए गए हैं । दिल्ली गेट स्थित
'डिलाइट' सिनेमा में सोमवार को पहले शो से ही अमिताभ बच्चन व अक्षय कुमार अभिनीत
फिल्म 'वक्त' लगा दी गई । देश के अन्य प्रमुख शहरों से भी इस फिल्म को हटा लिए जाने
की पुष्टि हुई है । हिमाचल प्रदेश के हॉलों से फिल्म उतार ली गई है । मुंबई में कुछ
सिनेमा हॉल छोड़कर शेष से यह फिल्म हटा ली गई है । पश्चिम बंगाल सरकार ने अपने एक
आदेश के तहत इस फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगा दी है । कोलकाता समेत राज्य के सभी
हॉलों से यह फिल्म हट चुकी है । उत्तर प्रदेश के कानपुर, लखनऊ व वाराणसी के अलावा
तमाम शहरों में फिल्म हटा ली गई है । उत्तरांचल के प्रमुख शहरों व राजधानी देहरादून
की भी यही स्थिति है । महाराष्ट्र के पुणे में तमाम मल्टीपलेक्सेज में अब इसकी जगह
कोई और फिल्म चल रही है । दक्षिण मुंबई के नागपाड़ा इलाके में चार मंजिला इमारत के
ढहने से ११ लोगों की मौत हो गई, जबकि २४ अन्य घायल हो गए । महाराष्ट्र सरकार ने
सोमवार की देर रात हुए इस हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं । यह इमारत १०० साल से
भी ज्यादा पुरानी बताई जाती है । अग्निशमन विभाग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक
'सादाफ' नामक इस इमारत के मलबे से अब तक ३५ लोगों को निकाला जा चुका है । चौबीस
अन्य घायलों में से सात को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई ।
मौके पर पहुंचे मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने पीडब्लूडी के मुख्य इंजीनियर को
हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं । पत्रकारों से बातचीत में देशमुख ने कहा कि
मैंने महाडा (महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट ऑथॉरिटी) के उपाध्यक्ष से
घटना की अंतरिम रिपोर्ट देने के लिए कहा है, जिससे कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार
इंजीनियरों और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की जा सके । इस इमारत की हर मंजिल पर चार
फ्लैट थे । अग्निशमन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मलबा हटने के बाद ही
हताहतों की सही संख्या के बारे में जानकारी मिल सकेगी । मुख्यमंत्री घायलों को
देखने अस्पताल भी गए । उन्होंने हादसे में मरने वालों के आश्रितों को मुआवजा देने
तथा घायलों का इलाज कराने का ऐलान किया है । देश में नाबालिग लड़कियों और महिलाओं
की तस्करी में आ रही तेजी पर गंभीर चिंता जताते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सबसे अधिक
प्रभावित सात राज्यों से पूछा है कि वे इस समस्या से निपटने के लिए क्या कर रहे हैं
। स्वयंसेवी संगठन 'शक्ति वाहिनी' की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस
के. जी. बालाकृष्णन, जस्टिस तरुण चटर्जी और जस्टिस डी. के. जैन की खंडपीठ ने इन
राज्यों से कहा है कि वे राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा
महिलाओं और लड़कियों की तस्करी पर तैयार रिपोर्ट पर जवाब दें । मानवाधिकार आयोग और
महिला आयोग की रिपोर्टों के अनुसार पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, गोवा,
महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु में महिलाओं और लड़कियों की तस्करी की घटनाएं काफी
अधिक हो रही हैं । खंडपीठ ने इन राज्यों के मुख्य सचिवों से कहा है कि वे छह सप्ताह
के भीतर इस मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करें । भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष लाल
कृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को कहा कि मुख्य विपक्षी दल की ओर से ब्लैंक चैक मिलने के
बावजूद संसद के चालू सत्र में महिला आरक्षण विधेयक पेश करने में यूपीए सरकार की
विफलता से इसको लेकर सरकार की प्रतिबद्धता का खुलासा हो गया है । भाजपा संसदीय दल
के प्रवक्ता वी. के. मलहोत्रा ने यहां आडवाणी के हवाले से पत्रकारों से कहा कि
पार्टी ने सरकार की ओर से सर्वसम्मति बनाने के किसी भी तरीके के लिए गृह मंत्री
शिवराज पाटिल को अपना समर्थन जताया था । वहीं भाजपा अध्यक्ष ने यहां संसदीय दल की
साप्ताहिक बैठक को संबोधित करते हुए अफसोस जताया कि भाजपा की ओर से सत्तारूढ़
गठबंधन को ब्लैंक चैक देने के बावजूद दुर्भाग्यवश वह अंदरूनी कलह की वजह से चालू
सत्र में विधेयक पेश नहीं कर सका । उन्होंने कहा कि हम इसी सत्र में विधेयक लाना
चाहते थे, लेकिन सरकार की विफलता ने यूपीए और कांग्रेस दोनों की प्रतिबद्धता का
खुलासा कर दिया है और लोगों को बता दिया है कि महिला आरक्षण को लेकर वह केवल जबानी
बातें ही कर रहे हैं । पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की अध्यक्षता में
आयोजित इस बैठक में हाल ही में राजस्थान में संघ पंचायत समिति के चुनावों के नतीजों
पर प्रसन्नता जाहिर की गई । संसद के शीतकालीन सत्र के पहले दिन पूर्व राष्ट्रपति
के. आर. नारायणन को श्रद्धांजलि देने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही बुधवार को
पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई । इससे पहले लोकसभा में हरियाणा से नवनिर्वाचित
सांसद दिपेंद्र सिंह हुड्डा और पश्चिम बंगाल से निर्वाचित बंगश गोपाल चौधरी को शपथ
दिलाई गई । बिहार चुनाव में भारी जीत से उत्साहित विपक्ष के सदस्य संसद सत्र के
पहले दिन बेहद खुश नजर आ रहे थे वहीं सत्ता पक्ष के सदस्यों के चेहरे बुझे - बुझे
थे । संसद में आज हर किसी की नजर बिहार के भावी मुख्यमंत्री नितीश कुमार पर टिकी थी
। वह लोकसभा में सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही आ पहुंचे । सदन में उन्हें
एनडीए व सत्तापक्ष के कुछ दलों के सदस्यों से बधाई देने का सिलसिला चलने लगा ।
लेकिन कांग्रेस से किसी ने भी उन्हें बधाई नहीं दी । बिहार चुनाव में करारी शिकस्त
खा चुके राष्ट्रीय जनता दल के देवेंद्र प्रसाद सिंह यादव को छोड़कर बाकी सभी सदस्य
सदन से नदारद थे । यहां तक कि लालू प्रसाद यादव भी सदन में मौजूद नहीं थे । एनडीए
के संयोजक जॉर्ज फर्नांडीस के चेहरे पर सदन में लंबे अर्से बाद मुस्कुराहट दिखाई दी
। नए सदस्यों के शपथ लेने के तुरंत बाद नितीश कुमार सदन से चले गए । इसके बाद
लोकसभा में पूर्व राष्ट्रपति नारायणन और वर्तमान सदस्य प्रकाश बापू वी. पाटिल के
अलावा ११ पूर्व सदस्यों के निधन पर सदन ने श्रद्धांजलि अर्पित की । लोकसभा अध्यक्ष
सोमनाथ चटर्जी ने नारायणन के निधन पर दुख जताते हुए उन्हें कुशल राजनेता, राजनयिक व
गरीबों का दोस्त बताया । दिवंगत सांसद प्रकाश बापू वी. पाटिल समेत ११ पूर्व सदस्यों
- प्रो. मधु दंडवते, एच. के. एल. भगत, एस. अहमद मेंहदी, टी. तीर्थगिरि गोंडर,
महेंद्र बैठा, आर. एन. त्रिपाठी, धुलेश्वर मीणा, राजो सिंह, के. वी. सुरेंद्र नाथ,
बी. के. गढ़वी, स्वामी प्रसाद सिंह के निधन पर भी शोक जताया गया । राज्यसभा में भी
नारायणन को श्रद्धांजलि दी गई । सभापति भैरों सिंह शेखावत ने नारायणन के अलावा सदन
की पूर्व सदस्य व मशहूर लेखिका अमृता प्रीतम, तारा चरण मजूमदार, धुलेश्वर मीणा,
प्रो. बी रामचंद्र राव और आर. एस. नाइक के निधन पर संवेदना जताई । दोनों सदनों में
जम्मू - कश्मीर और पाकिस्तान में आए विनाशकारी भूकंप, दिवाली से पहले दिल्ली में
हुए विस्फोटों, आंध्र प्रदेश की रेल दुर्घटना और जार्डन की हाल की आतंकी घटना समेत
इन सभी हादसों में मारे गए व घायल हुए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए बम
धमाकों व आतंकी हमलों की निंदा की गई । दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि अर्पित करने
के लिए दोनों सदन में मौन भी रखा गया । इसके बाद दोनों सदनों की कार्यवाही पूरे दिन
के लिए स्थगित कर दी गई । उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भरती कराया गया है,
जहां उनकी हालत नाजुक बताई गई है । देर रात उन्हें एस्कॉर्ट अस्पताल ले जाने की
तैयारी थी । उनकी डाक्टर पत्नी रेणु उनके साथ हैं । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी
ने देर रात अस्पताल जाकर जोगी की तबियत के बारे में जानकारी ली । सोनिया के साथ
उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पार्टी के अन्य नेता भी शामिल थे । जोगी अप्रैल
२००४ में महासमुंद लोकसभा क्षेत्र में चुनावी दौरे के दौरान हादसे का शिकार हुए थे
जिसमें उनकी दोनों टांगे खराब हो गई थीं । तभी से वह व्हील - चेयर पर थे । इससे
पहले जोगी की बाईपास सर्जरी भी हुई थी । गौरतलब है कि इस महीने के शुरू में
छत्तीसगढ़ के कई कांग्रेसी विधायकों ने जोगी को छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधि के रूप में
केंद्रीय केबिनेट में शामिल किए जाने की मांग की थी । जोगी का पुत्र अमित एक एनसीपी
नेता की हत्या के आरोप में जेल में है । दिल्ली और मुंबई के हवाई अड्डों के निजीकरण
का विरोध कर रहे वाम दलों के सांसदों ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से इस पर रोक
लगाने और हवाई अड्डा कर्मचारियों की ओर से दिए गए वैकल्पिक प्रस्ताव पर विचार करने
को कहा । माकपा नेता नीलोत्पल बसु के नेतृत्व में सांसदों ने प्रधानमंत्री को लिख
कर कहा कि सरकार की यह पहल हमारे नजरिए में सीएमपी का उल्लंघन है । वाम दलों ने कहा
कि भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) लगातार लाभ कमा रहा है और इसका सुरक्षित कोष
२३०० करोड़ रुपये है । उन्होंने कहा कि इस मसले पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय के
विरोधाभासी बयानों में पारदर्शिता की कमी दिखाई देती है जिसकी वजह से पूरी
प्रक्रिया संदेह पैदा करती है । सांसदों ने प्रधानमंत्री से एएआई कर्मचारियों की ओर
से वैकल्पिक प्रस्ताव पर चर्चा शुरू करने का अनुरोध किया है । उन्होंने कहा कि
प्रस्तावित संयुक्त उद्यमों में निजी घरेलू एयरलाइनों की भागीदारी को लेकर अचानक
किए गए फैसले अपारदर्शिता का स्पष्ट उदाहरण है । जिसमें हवाई अड्डों के निजीकरण का
फैसला किया गया था । हालांकि इस पूरी प्रक्रिया पर वाजपेयी की घोषणा के बाद रोक लग
गई थी । फोरम ने कहा कि एएआई का कारपोरेट मिशन को अचानक दरकिनार कर दिया गया है और
दोनों प्रमुख हवाई अड्डों को निजी हाथों में सौंपने का फैसला कर लिया गया है ।
बिहार में पूर्व मध्य रेलवे के गया - कोडरमा सेक्शन पर बृहस्पतिवार सुबह नक्सलियों
ने गुरुपा स्टेशन के निकट रेल लाइन को विस्फोट से उड़ा दिया । इस घटना के कारण इस
मार्ग पर रेल यातायात कई घंटों तक प्रभावित रहा । पिछले दो दिनों में दूसरी बार
जिले में नक्सलियों ने रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया है । रेल विभाग के
सूत्रों ने बताया कि हथियारों से लैस भाकपा (माओवादी) के उग्रवादियों ने डायनामाइट
लगाकर रेल लाइन को उड़ा दिया । इस घटना के कारण नई दिल्ली - हावड़ा व नई दिल्ली -
सियालदह राजधानी एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनों को तीन घंटे तक गया स्टेशन पर रोकना
पड़ा । बाद में अप लाइन से गाड़ियों को आगे रवाना किया गया । रेल यातायात को बहाल
करने के लिए रेल पटरी की मरम्मत की जा रही है । वारदात में शामिल नक्सलियों को
पकड़ने के लिए आस - पास के इलाकों में छापे मारे जा रहे हैं । उधर पूर्व मध्य रेलवे
के गया - क्यूल सेक्शन पर संदिग्ध नक्सलियों ने बुधवार को करजारा स्टेशन में आग लगा
दी थी । म्यांमार के घने जंगलों में भारतीय सीमा के निकट म्यांमार के सैनिकों
द्वारा भारत - विरोधी गुटों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी है । इस कार्रवाई में अब
तक १५ से ज्यादा भारत - विरोधी विद्रोही मारे जा चुके हैं । नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल
ऑफ नागालैंड (एनएससीएन) के एक नेता के. मुलाटोनू ने बताया कि म्यांमार सैनिकों
द्वारा की जा रही कार्रवाई में एनएससीएन के पांच से ज्यादा कैडर मारे जा चुके हैं ।
उल्लेखनीय है कि एनएससीएन ने म्यांमार के घने जंगलों में अपने कैंप स्थापित कर रखे
हैं । मुलाटोनू ने टेलीफोन से बताया कि म्यांमारी सैनिकों द्वारा एनएससीएन के
ठिकानों पर रॉकेट और मोर्टार गोले दागे जा रहे हैं । मुलाटोनू ने दावा किया कि
एनएससीएन की जवाबी कार्रवाई में १० से ज्यादा म्यांमारी सैनिक मारे जा चुके हैं,
लेकिन म्यांमार सरकार ने इसका खंडन किया है । अब भी दोनों पक्षों के बीच लड़ाई जारी
है । उल्लेखनीय है कि भारत सरकार के आग्रह पर म्यांमारी सैनिकों ने पिछले वर्ष
दिसंबर में भारत - विरोधी तत्वों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई प्रारंभ की थी । इस
कार्रवाई में म्यांमार के १० हजार सैनिक शामिल हैं । मुलाटोनू ने यह स्वीकार किया
कि इस कार्रवाई में एनएससीएन के ६ शिविर तबाह हो चुके हैं । ताजा कार्रवाई चिंदविन
नदी के आसपास चल रही है । मुलाटोनू ने दावा किया कि एनएससीएन के चेयरमैन एस. एस.
खपलांग समेत सभी शीर्ष नेता इस कार्रवाई में सुरक्षित हैं । हालांकि मुलाटोनू का यह
भी कहना है कि हम अगले माह म्यांमार के अंदर ही अपना सिल्वर जुबली समारोह मनाने जा
रहे हैं । गौरतलब है कि एनएससीएन की स्थापना ३१ जनवरी, १९८० को हुई थी । म्यांमार
में एनएससीएन के ५० शिविर स्थापित हैं । एनएससीएन के अतिरिक्त भारत के उत्तरपूर्वी
राज्यों के चार अन्य आतंकवादी संगठनों के शिविर म्यांमार के घने जंगलों में स्थापित
हैं । इन सभी शिविरों का संरक्षण एनएससीएन द्वारा किया जाता है । एमबीबीएस में
आयुर्वेद पढ़ाए जाने की घोषणा पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. ए. रामदास चार दिन
भी कायम नहीं रह पाए । शुक्रवार देर शाम आनन - फानन में बुलाए संवाददाता सम्मेलन
में उन्होंने कहा कि आयुर्वेद को एमबीबीएस में शामिल करने जैसी कोई बात नहीं है ।
अलबत्ता एमबीबीएस छात्रों को आयुर्वेद की प्रारंभिक जानकारी देने का विचार है ।
आश्चर्य की बात यह है कि आज दोपहर को प्रगति मैदान में आरोग्य स्वास्थ्य मेले के
उद्घाटन तक वह अपनी पुरानी घोषणा पर कायम थे कि एमबीबीएस में आयुर्वेद शामिल होगा ।
लेकिन शाम तक उनके रुख में आए इस क्रांतिकारी परिवर्तन का आधिकारिक कारण ज्ञात नहीं
हो सका । सोमवार को आयुर्वेद दवा उत्पादकों के सम्मेलन में रामदास ने कहा था कि
एमबीबीएस पाठ्यक्रम में आयुर्वेद को भी शामिल किया जाएगा ताकि लोगों को आधुनिक व
परंपरागत चिकित्सा उपचार का पूरा लाभ मिले । लेकिन उन्होंने कहा कि दोनों पद्धतियों
को समाहित करने का कोई विचार नहीं है । निहित स्वार्थवश कुछ लोग इस बात को ज्यादा
तूल दे रहे हैं । लेकिन ये निहित स्वार्थ क्या हैं, इसकी जानकारी होने से उन्होंने
इंकार कर दिया । इसके लिए उन्हें आयुर्वेद में ओरिएंटेशन दिया जा सकता है । रामदास
ने कहा कि मंत्रालय एमबीबीएस पाठ्यक्रम की समीक्षा करेगा तथा इसे प्रभावी बनाने के
लिए आमूल - चूल परिवर्तन किए जाएंगे । इसका मौजूदा स्वरूप थ्योरी आधारित है जिसको
प्रैक्टिकल आधारित बनाया जाएगा । इसके लिए अगले कुछ हफ्तों के अंदर एक उच्च अधिकार
प्राप्त विशेषज्ञ समिति का गठन किया जाएगा । इसमें स्वास्थ्य मंत्रालय, एमसीआई,
डीसीआई, आईएमए तथा अन्य प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों को शामिल किया
जाएगा । यह पूछे जाने पर कि नए पाठ्यक्रम में आयुर्वेद की क्या भूमिका होगी?
उन्होंने तपाक से कहा कि जब शादी ही नहीं हुई तो बच्चे के बारे में क्या बताएं?
आईएमए ने शुक्रवार को एमबीबीएस में आयुर्वेद शामिल करने की घोषणा के खिलाफ प्रेस
कांफ्रेंस की थी और इसे घातक करार दिया था । लेकिन मंत्री ने कहा कि उन्हें इसकी
जानकारी नहीं है । एक प्रश्न के उत्तर में स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार
आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए कृतसंकल्प है । इसके लिए सीएसआईआर, आईसीएमआर तथा
आईएसएम विभागों द्वारा स्वर्णिम त्रिभुज योजना पर कार्य किया जा रहा है । इससे
आयुर्वेद के फार्मूलों पर नए सिरे से शोध होगा तथा उनकी गुणवत्ता बढ़ाई जाएगी ।
इंडियन मेडिकल एसोसिएसन (आईएमए) ने स्वास्थ्य मंत्री की ताजा घोषणा का स्वागत किया
है । महासचिव डॉ. विनय अग्रवाल ने कहा कि एमबीबीएस छात्रों को आयुर्वेद का
ओरिएंटेशन देने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है । बल्कि यह तो होना ही चाहिए । फ्रांस
में सिख छात्रों को पगड़ी बांधने पर लगाई गई पाबंदी के मुद्दे पर शिरोमणि
गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है ।
कमेटी का कहना है कि केंद्र सरकार को इस बारे में फौरन फ्रांस सरकार से बात कर
मजबूती के साथ अपना पक्ष रखना चाहिए । फ्रांस में स्थिति का अध्ययन करने के लिए
एसजीपीसी ने प्रतिनिधिमंडल को फ्रांस भेजने का भी ऐलान किया है । इस बारे में कमेटी
ने फ्रांस के राजदूत को भी लिखा है । एसजीपीसी की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने
मंगलवार को विदेश मंत्री नटवर सिंह से मुलाकात की । मुलाकात के दौरान उन्होंने नटवर
सिंह को एक ज्ञापन सौंपा । ज्ञापन में सरकार से फ्रांस में सिख छात्रों को पगड़ी
बांधने पर पाबंदी के अलावा पाकिस्तान यात्रा पर जाने वाले सिख श्रद्धालुओं की
संख्या में इजाफा व बांग्लादेश में स्थित गुरूद्वारों की मरम्मत आदि करने की इजाज़त
के लिए बांग्लादेश की सरकार से बातचीत करने की भी मांग की गई है । विदेश मंत्री से
मुलाकात के बाद बीबी जागीर कौर ने कहा कि सिख धर्म में पगड़ी का अपना महत्व है ।
जागीर कौर ने कहा कि उन्होंने विदेश मंत्री से आग्रह किया है कि सरकार फ्रांस के
सामने मजबूती के साथ अपना पक्ष रखें । उन्होंने कहा कि इस बारे में एसजीपीसी ने
भारत में फ्रांस के राजदूत को लिखा था । पर अभी तक उस का कोई जवाब नहीं मिला है ।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने पाकिस्तानी जेलों में बंद सिख युवकों का मामला भी उठाया । उनका
कहना है कि पाक जेलों में बंद ९० सिख युवकों की रिहाई के लिए भारत सरकार को
पाकिस्तान से बात करनी चाहिए । कानून और न्याय मंत्री हंसराज भारद्वाज ने आतंकवाद
से जुड़े मामलों के शीघ्र निपटारे और आतंकियों को कठोर व शीघ्र दंड देने के
प्रावधान का सुझाव दिया है । वे कानून व आतंकवाद पर आयोजित एक सेमिनार में इंडियन
कौंसिल ऑफ जूरिस्ट (आईसीजे) को संबोधित कर रहे थे । सेमिनार शनिवार को 'लॉ दिवस' के
अवसर पर आयोजित किया गया । भारद्वाज का कहना था कि आतंकवाद से जुड़े मामलों की
सुनवाई जल्द होनी चाहिए । साथ में अभियुक्तों को कठोर और शीघ्र ही दंड दिया जाना
चाहिए । विशेषज्ञों ने भारद्वाज के सुझाव को सराहा है । आईसीजी संयोजक आदिश सी.
अग्रवाल का कहना है कि सभी अपराधों और कानून के उल्लंघन के लिए कठोर और शीघ्र दंड
से संबंधित कानून अवश्य होना चाहिए । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यालय से भेजे
गए संदेश में इस बात पर जोर दिया गया कि आतंकवाद कानून व नागरिक समेत सभी के
अस्तित्व के लिए खतरा है । बांग्लादेश में पिछले सप्ताह अवामी लीग की रैली के दौरान
विस्फोट के विरोध में पार्टी द्वारा आयोजित हड़ताल के पहले दिन हुई हिंसा में 70
लोग घायल हो गए । सूत्रों के अनुसार मंगलवार को हड़ताल के पहले दिन पार्टी के
कार्यकर्ता काफी गुस्से में थे और उन्होंने सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाया ।
प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के गश्ती दल पर पथराव किया और इसमें 5 लोग घायल हो गए ।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में अवामी लीग प्रमुख शेख हसीना के घर के पास पुलिस ने
प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए आँसू गैस के गोले दागे । पुलिस कार्रवाई में
यहाँ भी 5 लोग घायल हो गए । ढाका के ही मालीबाग क्षेत्र में बमबारी में 3 लोग घायल
हो गए । सूत्रों के अनुसार दो दिनों की हड़ताल के पहले दिन कई इलाके में पटरी
उखाड़कर या जाम लगाकर ट्रेनों को जहां - तहां रोक दिया गया । हड़ताल के दौरान
कार्यकर्ताओं ने सरकारी दफ्तर, दुकानों और विरोधी पार्टी के कार्यालय पर हमला किया
। बांग्लादेश की राजधानी सहित तमाम क्षेत्रों में हड़ताल का व्यापक असर रहा और
इक्का - दुक्का गाड़ियों को छोड़कर आम तौर पर वाहन नहीं चले । बलात्कार के एक मामले
में 52 वर्षीय पीड़ित महिला ने जेल के अंदर परेड के दौरान अभिषेक कासलीवाल की
अभियुक्त के रूप में पहचान की है । कासलीवाल श्रीराम मिल्स के मालिक का बेटा है ।
पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी । सूत्रों के मुताबिक केंद्रीय
कारागार में 45 मिनट तक चली परेड में उक्त महिला ने कासलीवाल की ओर इशारा किया । इस
परेड में कासलीवाल सहित उसकी शक्ल के दस लोगों को शामिल किया गया था । इस मामले में
दो अन्य गवाह स्टीफेनी जॉर्डन और दिलीप शेट्टी ने अभियुक्त की पहचान करते हुए कहा
कि यह वही व्यक्ति है जिसने खुद को विक्की मल्होत्रा बताया था । पीड़ित महिला ने
पुलिस से अपनी शिकायत में कहा था कि बलात्कार करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम विक्की
मल्होत्रा बताया था । कोलकाता की एक एंग्लो इंडियन महिला ने कासलीवाल पर बलात्कार
का आरोप लगाया था । पुलिस ने कासलीवाल की कार से कंडोम और बाल बरामद कर फॉरेंसिक
जांच के लिए भेज दिया है । राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग ने कहा है कि बैंक बिना पूर्व
नोटिस के लोन गारंटर से पैसा नहीं ले सकता है । जस्टिस एम. बी. शाह और राज्यलक्ष्मी
राव वाली राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग की खंडपीठ ने लोन गारंटर वाई. जी.
श्रीराम शेट्टी के खाते से पैसा लेने वाले आईएनजी वैश्य बैंक की याचिका खारिज करते
हुए यह आदेश दिए । खंडपीठ ने बैंक से शेट्टी को पांच हजार रुपये देने के निर्देश
दिए । बैंक ने याचिका में कर्नाटक राज्य उपभोक्ता आयोग के उसकी इस कार्रवाई को
अन्यायपूर्ण करार देने के फैसले को चुनौती दी थी । जबकि शेट्टी 1983 - 84 में बैंक
की ओर से बंगलोर स्थित मैसर्स गौतम इंटरप्राइजेज को दिए गए 80,000 रुपये के ऋण के
गारंटर थे । जबकि शेट्टी की 40,490 रुपये और 60,735 रुपये के दो फिक्स्ड डिपोजिट की
रसीदें याची बैंक की अन्य शाखा के पास थी, जो बैंक के पास जमानत के तौर पर नहीं रखी
गई थीं और बैंक ने कंपनी की ओर से ऋण की राशि अदा न कर पाने पर इसमें से पैसा निकाल
लिया था । केरल उच्च न्यायालय द्वारा राज्य में कोका कोला और पेप्सी के उत्पादन और
बिक्री से रोक हटाने के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सीएसई ने कहा है कि शीतल
पेय अब भी स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित हैं । रिलायंस समूह को उड़ीसा में बंगाल की
खाड़ी के तटीय इलाके में गैस का भंडार मिला है । बृहस्पतिवार को कंपनी की वार्षिक
आम बैठक में रिलायंस के अध्यक्ष मुकेश अंबानी ने इस बात की घोषणा की । कंपनी को
अनुमान है कि इस इलाके में चार से पांच अरब घन फीट तक गैस का भंडार है । इस गैस के
भंडार का पता लगने से पहले कंपनी को 61 बार खुदाई करनी पड़ी थी । अंबानी ने कहा कि
कंपनी तेल व गैस खोजने के मद में अगले 24 से 30 महीनों में 2,500 करोड़ रुपये और
निवेश करेगी । खोजे गए गैस कुंए का नाम धीरुभाई - 9, 10, 11 रखा गया है । रिलायंस
समूह को यमन में भी तेल का भंडार मिला है । यमन में मिले तेल के कुंए में कंपनी की
25 फीसदी हिस्सेदारी है । इससे पहले भी कंपनी को आंध्र प्रदेश के कृष्णा गोदावरी के
तटीय इलाके में गैस का बड़ा भंडार मिला था । इस क्षेत्र में 14 अरब घन फुट गैस का
भंडार है । बिहार में होने जा रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण में यूपीए के तीन
सहयोगी 64 सीटों में से 57 पर एक दूसरे का सामना करेंगे । केंद्र सरकार में शामिल
इन सहयोगी दलों के बीच विधानसभा चुनाव के लिए पूर्ण रूप से चुनावी तालमेल नहीं हो
पाया है । बिहार में पहले चरण का चुनाव 3 फरवरी को होना है । पहले चरण के लिए 64
सीटों के लिए होने वाले चुनाव में 834 उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं । लेकिन
राजद ने कांग्रेस के लिए सिर्फ कहलगांव सीट छोड़ी है और 17 सीटों पर उसे कांग्रेस
पार्टी से मुकाबला करना पड़ रहा है । कहलगांव से कांग्रेस पार्टी के सदानंद सिंह
चुनाव लड़ रहे है । इन 17 सीटों पर राजद को पिछले चुनाव में भी हार का सामना करना
पड़ा था । राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की लड़ाई से राजद को फायदा
होगा । क्योंकि इससे राजद विरोधी वोट बंटेगा । पहले चरण के चुनाव में राजद 64 में
से 58 सीटों पर चुनाव लड़ रही है और उसने तीन सीटे भाकपा, दो सीटें माकपा और एक सीट
कांग्रेस पार्टी के लिए छोड़ी है । भाजपा ने केंद्र और केरल सरकार पर भारतीय
ड्राइवर एम. आर. कुट्टी की हत्या के लिए जिम्मेदार तालिबान के साथ निपटने में ढिलाई
बरतने का आरोप लगाया है । इसके साथ ही पार्टी ने सरकार से इस मसले पर बयान देने की
मांग की है । भाजपा संसदीय दल के प्रवक्ता वी. के. मल्होत्रा ने यहां एक प्रेस
कांफ्रेंस में कहा कि कुट्टी की हत्या चेतावनी मिलने और अपहरणकर्ताओं द्वारा समय
सीमा बढ़ाए जाने के बावजूद सरकार ने जरूरी कदम नहीं उठाए । मल्होत्रा ने कहा कि यह
बहुत दुख की बात है कि इस तरह का माहौल बनाया गया कि सरकार ने इस मसले पर ध्यान
नहीं दिया, क्योंकि कुट्टी बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन में एक ड्राइवर मात्र था ।
इसके साथ ही उन्होंने सरकार की ओर से बरती गई खामियों समेत इस मसले पर पूरा बयान
जारी करने की मांग की । उन्होंने कहा कि कुट्टी की हत्या से तालिबान का अमानवीय और
बर्बर चरित्र ज़ाहिर होता है । कुट्टी की हत्या को अत्याचारपूर्ण और क्रूरता करार
देते हुए भाजपा के केरल में प्रभारी राष्ट्रीय सचिव एल. गणेशन ने चेन्नई में एक
प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि कुट्टी के अपहरण के तुंरत बाद केंद्र की ओर से कार्रवाई
करके उसकी हत्या को रोका जा सकता था । तिरुवनंतपुरम लोकसभा उपचुनाव में पार्टी के
खराब प्रदर्शन के बाद केरल इकाई के अध्यक्ष पी. एस. श्रीधरन पिल्लै के इस्तीफे के
बारे में उन्होंने यूडीएफ और एलडीएफ पर प्रचार के अनैतिक तरीकों में लिप्त होने का
आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवार को यूडीएफ प्रत्याशी के पक्ष में
वापस लिया गया, जो पार्टी की हार की वजह बना । गणेशन ने कहा कि वह पार्टी की हार और
पिल्लै के इस्तीफे के बारे में 27 नवंबर को तिरुवनंतपुरम में भाजपा नेताओं के साथ
चर्चा करेंगे । उन्होंने कहा कि मसले को आपस में सुलझा लिया जाएगा । इस मौके पर
गणेशन ने कहा कि अगले वर्ष होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में पार्टी के अपने
बूते पर चुनाव लड़ने के स्टैंड में कोई बदलाव नहीं आया है । जनता पार्टी अध्यक्ष
डॉ. सुब्रामण्यम स्वामी के चुनावों के लिए हिंदू मोरचे के गठन के लिए काम करने के
बयान पर उन्होंने कहा कि स्वामी ने अभी तक इस प्रस्ताव पर भाजपा नेताओं से कोई बात
नहीं की है । बिहार के सिवान जिले के बिशुनपुरा - जगदीशपुर टोला गांव में शनिवार
सुबह फकीर समुदाय के एक परिवार के दस सदस्यों की हत्या कर दी गई । मृतकों में एक
महिला और तीन बच्चे शामिल हैं । सिवान के पुलिस अधीक्षक जगलाल चौधरी ने बताया कि
सभी लोगों की हत्या सोते हुए में रात में लगभग एक बजे की गई । इससे पहले आईजी
(मुख्यालय) नीलमणि ने बताया था कि इस हत्याकांड में सात महिलाएं व दो बच्चे सहित 9
लोग मारे गए हैं । चौधरी ने पीड़ित परिवार के सदस्य के हवाले से बताया कि हत्यारों
की संख्या 10 थी । सभी पैंट व बंडी पहने हुए थे । हत्यारों ने झोंपड़ी में घुस 10
लोगों की गोली मार कर हत्या कर दी । पहले बताया गया था कि इन लोगों की हत्या गला
काट कर की गई है । इनका मुख्य धंधा भीख मांगना और छोटे मोटे काम करना है । हत्यारों
की पहचान व हत्या के कारणों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है । फिर भी
पुलिस हत्या के कारणों की हर कोण से जांच कर रही है । केंद्र सरकार ने हालांकि
तपेदिक के उपचार की आधुनिक डाट्स उपचार पद्धति को सौ फीसदी आबादी तक पहुंचाने का
दावा किया है, लेकिन एड्स और तपेदिक के गठजोड़ ने स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेषज्ञों
के समक्ष गंभीर चुनौती पैदा कर दी है । केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण
मंत्री डॉ. अंबुमणि रामदास ने कहा कि राष्ट्रीय संशोधित तपेदिक नियंत्रण कार्यक्रम
के दूसरे चरण के तहत एड्स - तपेदिक के इस खतरनाक गठजोड़ पर विशेष ध्यान दिया जाएगा
। इसके लिए टीबी और एड्स की व्यापकता वाले छह प्रमुख राज्यों पर विशेष कार्यक्रम
शुरू किया जा रहा है । विश्व तपेदिक दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री रामदास ने
देश में तपेदिक की स्थिति और सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का ब्योरा रखा ।
उन्होंने कहा कि एड्स और टीबी के गठजोड़ से चुनौती खड़ी हो गई है और इसी कारण टीबी
से होने वाली मौतें बढ़ रही हैं । एड्स रोगियों यानी जिनका प्रतिरोधक तंत्र पूरी
तरह से कमजोर या खत्म हो जाता है, वह तपेदिक की चपेट में आकर मर रहे हैं । छह
राज्यों महाराष्ट्र, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मणिपुर तथा नागालैंड में यह
स्थिति भयावह है । इन राज्यों में एड्स से होने वाली सर्वाधिक मौतें टीबी की वजह से
हो रही हैं । इसके मद्देनजर संशोधित तपेदिक नियंत्रण कार्यक्रम के तहत स्वयंसेवी
संगठनों की मदद से विशेष उपचार कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है । मंत्री के अनुसार
अगले चरण में आठ अन्य राज्यों दिल्ली, गुजरात, उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश, केरल,
राजस्थान, पंजाब और पश्चिम बंगाल में भी इस तरह का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा ताकि
एड्स - तपेदिक के गठजोड़ को ध्यान में रखकर लोगों को उपचार सुविधाएं मुहैया कराई जा
सकें । रामदास ने कहा कि राष्ट्रीय संशोधित तपेदिक नियंत्रण कार्यक्रम के दूसरे चरण
के लिए हाल में सरकार ने 1156 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं । दूसरा चरण 2010 तक चलेगा
। डाट्स पद्धति में मरीज को डॉक्टरों की सीधी देखरेख में दवा खिलाई जाती है । उपचार
की इस पद्धति के प्रभावी नतीजे सामने आए हैं । उन्होंने कहा कि सरकार टीबी रोगियों
को उत्तम गुणवत्ता की उपचार सुविधाएं मुहैया कराने पर विशेष जोर देगी । हजरत
निजामुद्दीन से मुंबई के बीच चलने वाली अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस के इंजन का
कपलिंग असावटी स्टेशन के पास ट्रैक पर तेजी से दौड़ते समय निकल गया । जिससे इंजन
बोगियों से अलग हो गया और आगे निकलता चला गया, जबकि बोगियां पीछे छूट गई । घटना में
जान - माल की कोई क्षति नहीं हुई । रेलवे के आला अधिकारियों को इस बात की जानकारी
दे दी गई है । उन्होंने दुर्घटना की जांच कराने की बात कही है । हजरत निजामुद्दीन
से वाया कोटा होकर मुंबई को जाने वाली २९५४ अगस्त क्रांति राजधानी एक्सप्रेस
शुक्रवार को अपने निर्धारित समय से एक घंटा देरी से शाम छह बजे रवाना हुई ।
निजामुद्दीन से चलने के बाद इसका पहला स्टापेज मथुरा जंक्शन है । मथुरा से चलकर
ट्रेन सीधे कोटा रुकती है । ट्रेन ने ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन को शाम छह बज कर
२४ मिनट पर पार किया था । करीब पौने सात बजे ट्रेन असावटी स्टेशन के आगे पहुंची ।
इस बीच बोगियों को इंजन से जोड़ने वाले कपलिंग निकल गए और इंजन धड़धड़ाता हुआ आगे
निकल गया । गाड़ी का इंजन करीब तीन किलोमीटर दूर तक बगैर बोगियों के दौड़ता चला गया
। हालांकि कुछ देर बाद ही इस बात की जानकारी इंजन ड्राइवर को हो गई थी । इसके बाद
उसने इंजन की गति धीमी कर दी थी । बाद में पलवल स्टेशन से करीब चार किलोमीटर पहले
ट्रेन को रोका गया । पलवल स्टेशन पर यह गाड़ी करीब साढ़े सात बजे पहुंची । इसके बाद
यहां कपलिंग की मरम्मत की गई । गाड़ी को यहां से रात आठ बज कर १८ मिनट पर रवाना कर
दिया गया । राजधानी में इतनी बड़ी गड़बड़ी से दिल्ली स्थित रेल भवन भी हिल गया ।
रेलवे के आला अधिकारियों ने पलवल व फरीदाबाद स्टेशनों से ताजा स्थिति की जानकारी ली
। इस दौरान आला अधिकारियों का एक दल घटनास्थल के लिए भी रवाना हो गया । रेलवे
प्रवक्ता देवेंद्र संधू ने बताया कि रेलवे में इस तरह की घटना भले ही छोटी हो, मगर
इतने बड़े तंत्र में ऐसी घटना को पूरी गंभीरता से लिया जाता है । हमने उच्च
अधिकारियों को इस बात की जानकारी दे दी है । मामले की जांच उच्चस्तरीय जांच समिति
द्वारा की जाएगी । जम्मू - कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने बुधवार
को साफ - साफ कहा कि उदारवादी मीरवायज उमर फारूक वाले धड़े के साथ उनके गुट के विलय
का कोई सवाल ही नहीं पैदा होता । गिलानी पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शौकत अजीज से
मुलाकात करने राजधानी आए थे । गिलानी ने कहा कि उनके नेतृत्व में गठित तहरीक - ए -
हुर्रियत ही असली हुर्रियत है । इसलिए उस धड़े में उनके विलय का सवाल ही नहीं है
जिसने हुर्रियत के संविधान का उल्लंघन किया है । हुर्रियत से उनके निकलने से वह अब
साफ हो गई है । जिन लोगों ने कश्मीर मसले में धोखाधड़ी की है, उनकी इस हुर्रियत में
कोई जगह नहीं है और उन्होंने कश्मीरी अवाम का प्रतिनिधि होने का हक खो दिया है ।
उन्होंने कहा कि वर्ष २००२ में जम्मू कश्मीर चुनाव के बहिष्कार के फैसले के बावजूद
उसमें हिस्सा लेना और उसके बाद भारत सरकार से बातचीत में शामिल होना हुर्रियत की
विचारधारा और उसके संविधान के खिलाफ है । उन्होंने कहा कि कश्मीर के व्यापक हित में
उनकी हुर्रियत इन दलों को शामिल करने को तैयार है । कश्मीर को सात हिस्सों में
बांटने वाले पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ के प्रस्ताव की बाबत गिलानी ने
कहा कि इस संबंध में अजीज से पांच घंटे तक चली मुलाकात में विस्तार से बात की गई है
। अभी यह प्रस्ताव सिर्फ विचार के लिए है, लेकिन तमाम मुद्दों पर बातचीत के बाद ही
कुछ सामने आ सकेगा । एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि भारत सरकार को संयुक्त
राष्ट्र प्रस्ताव पर अमल करना चाहिए । सरकार को थोड़ा लचीला रुख अपनाते हुए इसे
कश्मीरी अवाम पर छोड़ देना चाहिए कि वे क्या चाहते हैं । दूसरे दौर में भारत -
पाकिस्तान प्रस्ताव के विभिन्न पहलुओं पर उचित मंच पर बातचीत कर सकते हैं ।
उन्होंने बताया कि पाक प्रधानमंत्री अजीज ने उन लोगों से वायदा किया है कि वे
मुशर्रफ तक उनकी बात पहुंचा देंगे । अजीज ने उन लोगों को भरोसा दिलाया है कि
पाकिस्तान कश्मीरी लोगों को हमेशा राजनीतिक समर्थन देता रहेगा । बहरहाल, अन्य गुटों
के बारे में गिलानी के इस बयान से पाकिस्तान के उन प्रयासों को झटका लगेगा, जिसके
तहत वह हुर्रियत के विभिन्न गुटों में एकता कराने की जबरदस्त मुहिम चला रहा है ।
मीरवायज के नेतृत्व में हुर्रियत का उदारवादी गुट पिछली राजग सरकार से दो दौर की
बातचीत कर चुका था जबकि मौजूदा सरकार से तीसरे दौर की बातचीत नहीं हो पाई है ।
विश्व से लुप्त हो रही गिद्ध प्रजाति के पक्षी को बचाए रखने के लिए हिमाचल के
नालागढ़ में प्रजनन केंद्र का निर्माण किया जाएगा । राज्य वन्य प्राणी विंग मुंबई
की बांबे प्नाकृतिक इतिहास समिति (बीएनएचएस) की मदद से इस प्रजनन केंद्र का निर्माण
करेगी । राज्य वन्य प्राणी विंग ने केंद्रीय वन्य प्राधिकरण (सीजैडए) की मंजूरी के
बाद इस प्रस्ताव की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा है । कुछ समय पहले तक
प्रजनन केंद्र बनाने के स्थान को लेकर काफी चर्चा की जा रही थी, जिसमें सिरमौर,
बैजनाथ व नालागढ़ को लेकर कयास लगाए जा रहे थे । सूत्रों के अनुसार, बीएनएचएस की
टीम ने दौरा कर गिद्ध प्रजनन केंद्र के लिए नालागढ़ को फाइनल कर दिया है । जिससे इस
प्रजनन केंद्र का बनना राज्य में अब तय माना जा रहा है । बता दें कि अक्तूबर माह
में केंद्रीय वन्य प्राधिकरण की टीम ने हिमाचल का दौरा करते हुए राज्य वन्य प्राणी
विंग के प्रस्तावित तीन स्थानों का दौरा किया था । जिस पर हाल ही में विंग के
केंद्रीय वन्य प्राणी प्राधिकरण से नालागढ़ में गिद्ध प्रजनन केंद्र बनाए जाने की
मंजूरी मिल गई है । सूत्रों का कहना है कि विंग ने इस प्रजनन केंद्र को बनाने के
लिए प्रोजेक्ट बनाने का कार्य शुरू कर दिया है । राज्य वन्य प्राणी विंग के
अधिकारियों का कहना है कि कुछ माह पहले केंद्रीय वन्य प्राधिकरण की टीम ने प्नदेश
का दौरा इस प्रोजेक्ट को लेकर किया था । जिसमें टीम ने विंग के प्रस्तावित तीन
स्थानों का दौरा किया था, जिसमें सिरमौर, बैजनाथ व नालागढ़ शामिल हैं । दौरे के
लगभग दो महीने के बाद केंद्रीय वन्य प्राधिकरण की टीम ने नालागढ़ में इस प्रजनन
केंद्र को बनाने की मंजूरी दे दी है । उन्होंने कहा कि अभी फिलहाल इस प्रजनन केंद्र
को बनने के लिए काफी समय लगेगा, परंतु विंग की ओर से गिद्ध प्रजनन केंद्र को बनाए
जाने के लिए प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है । आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड
(जदीद) ने एक सवालनामा तैयार किया है, जिसका खुलासा आज अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा
खां ने प्रेस वार्ता में किया । साथ में उपाध्यक्ष मौलाना सैय्यद आरिफ भी थे । उनके
सवाल कुछ यूं हैं - तौकीर मियां ने कई बरस पहले सुर्खियों में रहे नसबंदी के मामले
से बात शुरू की । उन्होंने कहा कि जब जबरदस्ती नसबंदियां की जा रही थीं तब बोर्ड
चुप रहा । आखिरकार बरेली से मुफ्ती - ए - आजम हिंद ने फतवा जारी किया । बोर्ड जवाब
दे कि इस मुद्दे पर कुछ क्यों नहीं किया । सुप्रीम कोर्ट ने शरीअत के खिलाफ फैसला
किया । बोर्ड कुछ नहीं बोला । आम मुसलमानों ने हंगामा किया तो कानून बनाकर उस फैसले
को रद्द किया गया । बोर्ड ने क्या किया । बाबरी प्रकरण बोर्ड ने इस मुद्दे पर भी
सौदेबाजी की कोशिश की । नदवा और देवबंद के लोग इसमें सबसे आगे रहे । बोर्ड की तरफ
से हुकूमत पर क्या दबाव बनाया गया । क्या भाजपा से मिलकर मुसलमानों को धोखा देने की
कोशिश नहीं की गई । अक्तूबर २००२ में सुप्रीम कोर्ट ने एक वक्त में तीन तलाक को एक
तलाक माना जबकि उलमा इसे तीन तलाक करार देते हैं । इस रूलिंग के बल पर कई बार
अदालतों ने शरीअत में दखल दिया । दो साल से ज्यादा बीत गए । बोर्ड ने दखल रोकने के
लिए क्या कोशिश की । बाबरी प्रकरण में लालकृष्ण आडवाणी को मिली सीबीआई की क्लीनचिट
पर मुलायम सरकार ने मुहर लगा दी थी । मुलायम चाहते तो दोबारा नोटिफिकेशन जारी कर
सकते थे मगर नहीं किया । बोर्ड ने कोई दबाव क्यों नहीं बनाया । मुलायम के ही दौर
में धर्मस्थल विधेयक लाया गया । बोर्ड ने कोई विरोध क्यों नहीं किया । उस मौके पर
भी बरेलवी उलमा ने विरोध की आवाज उठाई थी । किस शरीअत को माना हिंदुस्तान के ९०
फीसदी मुसलमान सुन्नी (हनफी मसलक) हैं । तो फिर शियाओं को बोर्ड में क्यों रखा गया
। शिया उलमा की बात क्या करोड़ों सुन्नी मानेंगे? बोर्ड ने किसकी शरीअत को माना ।
मेरठ के गुड़िया - आरिफ प्रकरण को सुलझाने के बजाय बोर्ड ने उसे मीडिया का खिलौना
बनाया । क्या यह जरूरी नहीं था कि इस मुद्दे पर एक बार में शरीअत का सही फैसला सुना
दिया जाता । यह पूछने पर कि पुराने बोर्ड के जिन लोगों को आप जल्द ही अपने साथ लाने
का दावा करते हैं, क्या वे २५ दिसंबर को लखनऊ की बैठक में शामिल होंगे । तौकीर
मियां ने कहा - जरूर होंगे । क्या आपको अंदाजा है कि बैठक में क्या होगा । जवाब में
उन्होंने कहा - हंगामा । जेसिका लाल, मेहर भार्गव और भाजपा नेता प्रमोद महाजन के
बीच क्या समानता है । इन लोगों पर हमले के लिए इस्तेमाल किया गया हथियार रिवाल्वर
थी । वस्तुतः आज रिवाल्वर ताकत का पर्याय बन गई है । समाज में समृद्ध व दंबग छवि के
लोग अपनी ताकत और आक्रामकता के प्रदर्शन के लिए रिवाल्वर को अपरिहार्य मानने लगे
हैं । समस्या की गंभीरता को देखते हुए विशेषज्ञों ने इस प्रवृति पर रोक लगाने की
जरूरत पर बल दिया है । उनका मानना है कि सबसे पहले हमें अवैध रूप से निर्मित
रिवाल्वरों पर अंकुश लगाना होगा । दिल्ली पुलिस की वार्षिक समीक्षा, २००५ के
मुताबिक अवैध आग्नेय शस्त्रों की उपलब्धता व उनका इस्तेमाल साल दर साल बढ़ रहा है ।
यदि इन हथियारों की उपलब्धता इतनी सुगम नहीं होती तो कई गंभीर अपराधों को अंजाम
नहीं दिया गया होता । दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि रिवाल्वर जैसे
हथियारों की तस्करी की समस्या पूरे देश में है । पिछले वर्ष शस्त्र अधिनियम के तहत
कुल ७९७५ मामले दर्ज किए गए । दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि ऐसा नहीं
है कि रिवाल्वर का लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को आसान बनाया गया है ।
प्रक्रिया बहुत ही सख्त है । नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिमिनालॉजी एंड फोरेंसिक
साइंसेज की मनोवैज्ञानिक डॉ. शुभ्रा सान्याल का कहना है कि वैसे मामलों की संख्या
तेजी से बढ़ रही है, जिनमें हमले के लिए अवैध हथियारों का इस्तेमाल किया गया ।
उन्होंने कहा कि इन हथियारों की तस्करी पर रोक लगाए जाने की जरूरत है । जेसिका लाल
हत्या मामले में बचाव पक्ष के वकील आरके नसीम का कहना है कि अधिकतर हत्याएं अवैध और
गैरकानूनी रिवाल्वरों से की जाती हैं । उन्होंने कहा कि देशी रिवाल्वर, जिसे आमतौर
पर कट्टा के रूप में जाना जाता है, की सहज उपलब्धता ने समस्या को विकट बना दिया है
। उन्होंने कहा कि समाज में समृद्ध तबके के लोगों की हत्याएं या इनके द्वारा किए गए
कत्ल की खबरें ही मीडिया में आ पाती हैं । अन्य मामले दब कर रह जाते हैं । फोरेंसिक
विशेषज्ञ जे. जे. कौशिक का कहना है कि अवैध हथियारों की तस्करी पर रोक लगाए जाने की
जरूरत है । उन्होंने कहा कि रिवाल्वर के लाइसेंस से संबंधित कानून में राजनीतिक छवि
वाले लोगों को लाइसेंस जारी करने की मनाही है, लेकिन व्यवहार में ऐसा नहीं होता ।
अमीरों की दुनिया में अनिवासी भारतीय उद्योगपति लक्ष्मी मित्तल का कद और बढ़ गया है
। मित्तल अब दुनिया के अमीर नंबर - ७ बन गए हैं । अमेरिका के रॉबसन वाटसन दुनिया के
सबसे अमीर शख्स हैं, जबकि माइक्रोसॉफ्ट के बिल गेट्स दूसरे स्थान पर हैं । संडे
टाइम्स ने दुनिया के ५० अमीरों की सूची प्रकाशित की है, जिसमें मित्तल १४.८८१ अरब
पौंड की संपत्ति के साथ सातवें स्थान पर हैं । दुनिया के ३०वें अमीर मुकेश और अनिल
अंबानी की संपत्ति ८.२ अरब पौंड आंकी गई है । वहीं सॉफ्टवेयर व्यावसायी अजीम
प्रेमजी ७.६ अरब की संपत्ति के साथ ३२वें स्थान पर हैं । सूची में पहले पायदान पर
रखे गए अमेरिका के खुदरा व्यापारी रॉबसन वाट्सन ४५.१ अरब पौंड की संपत्ति के मालिक
हैं । बिल गेट्स २८.६ अरब पौंड की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर रहे । इस नई सूची
ने एक बार फिर भारतीय व्यवसायियों की श्रेष्ठता साबित कर दी है । लक्ष्मी मित्तल को
ब्रिटेन का सबसे अमीर व्यक्ति घोषित किया गया है । हिंदुजा बंधुओं श्रीचंद और
गोपीचंद ने ३.६ अरब पौंड की संपत्ति के साथ ब्रिटेन के अमीरों में सातवां स्थान
बनाया है । चेलसी फुटबाल क्लब के मालिक रोमन अब्रामोविक १०.८ अरब पौंड की संपत्ति
के साथ मित्तल के बाद दूसरे स्थान पर हैं । अनिवासी भारतीय लॉर्ड स्वराज पॉल ४६.५
करोड़ पौंड की संपत्ति के साथ ब्रिटेन के अमीरों में १४५वें स्थान पर हैं, जबकि
ब्रिटेन की महारानी एलेज़ाबेथ द्वितीय को इस सूची में १९२ स्थान पर रखा गया है ।
ब्रिटेन के अमीरों की सूची में अन्य अनिवासी भारतीयों में अनुराग दीक्षित (इंटरनेट
गैंबलिंग, १.७ अरब पौंड), अनिल अग्रवाल (खनन, १.६८ अरब पौंड), जटानिया बंधु
(सौंदर्य प्रसाधन, ८५ करोड़ पौंड), नरेश गोयल (एयरलाइंस, ७८ करोड़ पौंड), विक्रांत
भार्गव (इंटरनेट गैंबलिंग, ५९०२ करोड़ पौंड), गुलु ललवानी (उपभोक्ता
इलेक्ट्रॅनिक्स, ४५ करोड़ पौंड), भिखु एवं विजय पटेल (फार्मास्युटिकल्स, ४४.४ करोड़
पौंड), लॉर्ड बागरी एवं परिवार (६ करोड़ पौंड), सुखपाल सिंह अहलुवालिया (१० करोड़
पौंड) और सर गुलाम नून (६.५ करोड़ पौंड) शामिल हैं । खास बात यह है कि पहली बार इस
सूची में एक जालसाज को भी रखा गया है । यह है पाकिस्तान मूल का नासर अहमद, जो १५.१
करोड़ पौंड की संपत्ति के साथ इस सूची में ३७६वें स्थान पर है । पिछले साल ही एक
अदालती मामले में खुलासा हुआ था कि अहमद ने कंप्यूटर चिप की जालसाजी से चार सालों
में १५.६ करोड़ पौंड कमाए । ३३ वर्षीय अहमद ज्यूरी द्वारा दोषी करार दिए जाने के
बाद से फरार है । पेट्रो पदार्थो की कीमत में वृद्धि के मसले पर वामपंथी दलों का
दबाव आखिर रंग लाया । सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में ५ रुपये प्रति माह की
वृद्धि का फैसला वापस ले लिया है । इस प्रकार दिसंबर माह में रसोई गैस सिलेंडर की
कीमत में किसी प्रकार की वृद्धि नहीं की जाएगी । केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को
हुई बैठक में कुछ अन्य अहम फैसले किए गए । इनमें पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस
नियामक बिल को मंत्रियों के समूह (जीओएम) के पास भेजने तथा गोधरा में साबरमती
एक्सप्रेस अग्निकांड मामले की जांच कर रही उच्च स्तरीय समिति के कार्यकाल को तीन
माह बढ़ाने जैसे निर्णय शामिल हैं । गोधरा में वर्ष २००२ में हुई इस घटना में ५९
लोगों ने जान गंवाई थी । लेकिन पार्टी ने यह भी कहा कि विश्व में कच्चे तेल की घटती
कीमतों के मद्देनजर वह चाहती है कि डीजल के दाम में भी कमी की जाए । पार्टी पोलित
ब्यूरो के सदस्य के. सीताराम येचुरी ने कहा कि यह सवाल हमारे (वाम दल) दबाव का नहीं
है । आर्थिक मामले से संबंधित मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक के बाद पेट्रोलियम मंत्री
मणिशंकर अय्यर ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने एलपीजी सिलेंडर
की कीमत में ५ रुपये की मासिक बढ़त को वापस लेने का फैसला किया है । लेकिन उन्होंने
साफ कर दिया कि इसके अलावा पेट्रो पदार्थो की कीमत के बारे में लिए गए सभी निर्णय
यथावत बने रहेंगे । यह पूछे जाने पर कि एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ५ रुपये की
मासिक बढ़त को वापस क्यों लिया गया, अय्यर ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया ।
उल्लेखनीय है कि रसोई गैस सिलेंडर की कीमत में ५ रुपये की मासिक वृद्धि को टालने का
फैसला यूपीए की समन्वय समिति की बैठक के बाद लिया गया है । चार नवंबर २००४ को
पेट्रोल की कीमत में २.२० रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत में २.१२ रुपये प्रति
लीटर की वृद्धि की घोषणा की गई थी । अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत
में कमी आने पर १५ नवंबर को पेट्रोल की कीमत में १.१६ रुपये प्रति लीटर की कमी का
ऐलान किया पर डीजल की कीमत में किसी प्रकार की रियायत नहीं दी गई । रसोई गैस
सिलेंडर की कीमत में भी किसी प्रकार की कमी नहीं की गई थी । वहीं सरकार ने
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बिल को मंत्रियों के समूह (जीओएम) के पास भेजने
का फैसला किया है । कैबिनेट की बैठक के बाद सूचना और प्रसारण मंत्री एस जयपाल
रेड्डी ने बताया कि इसमें उपभोक्ताओं के हितों के संरक्षण के लिए पेट्रोलियम और
प्राकृतिक गैस जैसे पेट्रोलियम उत्पादों के लिए नियामक बोर्ड बनाने का प्रस्ताव
दिया गया है । लेकिन इसमें कच्चा तेल शामिल नहीं है । सरकार ने गोधरा ट्रेन कांड की
जांच कर रही उच्च स्तरीय समिति के कार्यकाल को तीन माह बढ़ाने का फैसला किया है ।
बैठक में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जांच पैनल का कार्यकाल ४ दिसंबर २००४ से आगे
बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी । इसके अलावा कैबिनेट ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक
आयोग को संवैधानिक दर्जा देने और इस संबंध में संविधान में संशोधन के लिए संसद में
विधेयक लाने के एक प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी । सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को
बलात्कार व हत्या के दोषी धनंजय चटर्जी की फांसी दो दिन के लिए टाल दी । अदालत ने
यह फैसला धनंजय के भाई द्वारा दायर याचिका पर किया है । याचिका में राज्यपाल द्वारा
सजा माफी की याचिका खारिज किए जाने को चुनौती दी गई है । गौरतलब है कि धनंजय को
शुक्रवार को कोलकाता की अलीपुर सेंट्रल जेल में फांसी दी जानी थी । धनंजय की मां और
कुछ स्वयंसेवी संगठनों ने राष्ट्रपति से फांसी की सजा माफ करने का अनुरोध किया है ।
राष्ट्रपति ने इस मामले में गृह मंत्रालय की राय मांगी है । याचिकाकर्ता के वकील
कोलिन गोंसाल्वेस और पश्चिम बंगाल सरकार के स्थायी वकील तारा चंद्र शर्मा ने
संवाददाताओं को बताया कि जस्टिस केजी बालकृष्ण और जस्टिस पीवी रेड्डी की अवकाशकालीन
पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए शुक्रवार दोपहर दो बजे का समय निर्धारित किया
है । शर्मा ने अदालत से याचिका का अध्ययन करने के लिए समय मांगा था । इसे ध्यान में
रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फांसी दो दिन के लिए टाल दी है । इस मामले में धनंजय के
भाई विकास चटर्जी और विक्रमजीत बत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है ।
याचिका में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल द्वारा धनंजय की सजा माफी की याचिका को
अस्वीकार करने के आदेश को चुनौती दी गई है । याचिकाकर्ताओं ने कहा है कि राज्यपाल
ने सिर्फ अपराध की प्रकृति को ध्यान में रखा है । उन्होंने मामले में उपलब्ध तथ्यों
पर विचार नहीं किया । इसके साथ ही सजा माफी की याचिका को खारिज करने में कानूनी
प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया । इसके अलावा प्रक्रिया की खामियों की वजह से
धनंजय की फांसी की सजा पर पिछले १० सालों से अमल नहीं किया जा सका है । इससे पूर्व,
जनवरी १९९४ में सुप्रीम कोर्ट ने धनंजय को फांसी की सजा देने के कलकत्ता हाईकोर्ट
के फैसले को सही ठहराया था । गौरतलब है कि धनंजय पांच मार्च, १९९० को कोलकाता के
भवानीपुर इलाके में एक फ्लैट में कक्षा १० की नाबालिग छात्रा हितल पारेख से
दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी थी । राष्ट्रपति ने गृह मंत्रालय से इस मामले में
राय मांगी है । इसी बात को देखते हुए गृह मंत्रालय ने धनंजय की फांसी की सजा को
अगले आदेश तक रोक देने का निर्देश दिया है । भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी को खुली
चुनौती देने वाली संन्यासिन उमा भारती की आज पार्टी में वापसी हो गई । महीने भर चले
ड्रामे के बाद पार्टी ने उनका निलंबन रद्द कर दिया है पर भाजपा महासचिव के रूप में
उनकी बहाली पर पार्टी ने साफ कुछ नहीं कहा है । लेकिन, यह तय है कि भाजपा साध्वी
उमा भारती का इस्तेमाल बिहार समेत तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में करने जा रही
है । वैसे उमा भारती अभी अयोध्या में हैं । उमा ने १० नवंबर को पार्टी की बैठक में
किए गए 'व्यवहार' की पुनरावृत्ति न करने का आश्वासन दिया है । वाजपेयी ने कहा कि
बिहार विधानसभा चुनाव के अलावा पार्टी के दूसरे कामों में उनकी क्षमता का इस्तेमाल
किया जाएगा । गौर ने कहा कि इससे पार्टी को लाभ होगा । जबकि आरएसएस प्रवक्ता राम
माधव ने इसे भाजपा का अंदरूनी मामला करार दिया । वहीं उमा भारती के राजनीतिक गुरु
गोविंदाचार्य ने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया । भाजपा के पूर्व अध्यक्ष वेंकैया
नायडू ने आज पत्रकारों को उमा के निलंबन समाप्त होने की जानकारी दी । यह पूछे जाने
पर कि उमा भारती को पार्टी में क्या जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, नायडू ने कहा कि इसका
निर्णय आडवाणी करेंगे । फिलहाल उमा भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता भर वापस की
गई है । भाजपा के भीतर उथल - पुथल मचाने वाली उमा भारती इस समय अयोध्या में हैं ।
वह भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार के निवास पर शुक्रवार को विशेष पूजा में
व्यस्त रहीं । वह अभी किसी से बात नहीं करेंगी उमा भारती को पार्टी में वापस लेने
का निर्णय भाजपा और आरएसएस के शीर्षस्थ नेताओं के बीच संघ बैठक में लिया गया था ।
इस बैठक में पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी, वेंकैया नायडू और जसवंत सिंह के अलावा
संजय जोशी और मदनदास देवी मौजूद थे । मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती
ने १० नवंबर को मीडिया के सामने राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भाजपा अध्यक्ष
आडवाणी को चुनौती दी थी । उमा ने वेंकैया नायडू, प्रमोद महाजन, अरुण जेटली और
मुख्तार अब्बास नकवी जैसे दूसरी पीढ़ी के नेताओं के खिलाफ आरोपों की झड़ी लगा दी थी
। इसके फौरन बाद आडवाणी ने उमा को पार्टी महासचिव पद से हटाकर निलंबित कर दिया था ।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि भारती की ऊर्जा का उपयोग आगामी विधानसभा चुनावों में
स्टार प्रचारक के रूप में किया जाएगा । उमा भारती की घर वापसी से बिहार के नेताओं
में उत्साह की लहर दौड़ गई । पार्टी कार्यालय में उमा भारती का निलंबन रद्द किए
जाने की घोषणा के वक्त मौजूद बिहार भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह ने
कहा कि लालू के खिलाफ प्रदेश में पार्टी को एक मारक नेता की सख्त जरूरत थी । उमा
भारती सरीखा तेजतर्रार वक्ता ही लालू से होड़ ले सकता है । पर राजद अध्यक्ष लालू
प्रसाद यादव ने इसे बकवास बताया है । एक सवाल के जवाब में लालू ने कहा है कि उमा
भारती द्वारा बिहार में चुनाव प्रचार से कुछ नहीं होने वाला है । पवित्र ग्रंथ के
मानवता के संदेश को दुनिया के हर कोने और हर व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए विदेशों
में भी समारोह आयोजित किए जाएंगे । इसके लिए संस्कृति मंत्री जयपाल रेड्डी की
अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है । स्वर्ण मंदिर में समारोह शुरू होने के
तीन दिन बाद राजधानी के विज्ञान भवन में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा । इस
कार्यक्रम में विश्व के तमाम देशों के राजदूतों को आमंत्रित किया जाएगा । संस्कृति
मंत्री जयपाल रेड्डी की अध्यक्षता वाली कार्यक्रम समिति के सदस्यों के नामों के
ऐलान के बाद बृहस्पतिवार को समिति की बैठक होगी । बैठक में कार्यक्रमों को अंतिम
रूप दिया जाएगा । प्रस्तावित कार्यक्रमों के मुताबिक पाकिस्तान, लंदन, कनाडा व
न्यूयार्क सहित उन तमाम शहरों में समारोह मनाया जाएगा, जहां सिख धर्म को मानने वाले
रहते हैं । राजधानी में विज्ञान भवन में होने वाला समारोह 4 सितंबर को होगा ।
उम्मीद है कि इस समारोह की शुरुआत राष्ट्रपति करेंगे । इसके अलावा उन तमाम राज्यों
में भी समारोह किए जाएंगे, जहां के महापुरुषों की वाणी को आदिग्रंथ में शामिल किया
गया है । इनमें उत्तर प्रदेश, बंगाल, महाराष्ट्र, बिहार, राजस्थान व हरियाणा शामिल
हैं । रेड्डी की अध्यक्षता वाली कार्यक्रम समिति के गठन की बात उस वक्त सामने आई है
जब सिख नेता राष्ट्रीय समारोह समिति पर सवालिया निशान लगा चुके हैं । इन नेताओं का
आरोप था कि सरकार समारोह के प्रति कोई गंभीरता नहीं दिखा रही है । सूत्रों का कहना
है कि प्रधानमंत्री निवास पर हुई बैठक में इसलिए कोई फैसला नहीं हो पाया क्योंकि
सभी सदस्यों की राय अलग - अलग थी । पंजाब के मुख्यमंत्री ने एक यादगार व पर्यावरण
पार्क बनाने का प्रस्ताव रखा, तो दिल्ली की मुख्यमंत्री ने सिख गुरूओं की प्रतिमा
लगाने का सुझाव दिया । समिति में शामिल बुद्धिजीवी इससे सहमत नहीं थे । गुरुग्रंथ
साहिब में जिन सूफी - संतों की वाणी शामिल है, उनके प्रदेशों के लोग जश्न की शक्ल
में 30 अगस्त को अमृतसर पहुंच जाएंगे । वहां 31 को कीर्तन आदि में हिस्सा लेंगे और
एक सितंबर को अमृतसर में होने वाले प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शामिल होंगे ।
शिक्षाविद् प्रोफेसर अमरीक सिंह कहते हैं कि बहुत से लोग यह नहीं जानते कि पवित्र
गुरुग्रंथ साहिब में इन संतों की भी वाणी शामिल है । ऐसा करने से आदि ग्रंथ के
मानवता के संदेश को लोगों तक पहुंचाया जा सकेगा । लंदन में आत्मघाती हमले की साजिश
रचने वाले कुख्यात अल - कायदा आतंकी हारून राशिद असवत की अमेरिकी खुफिया एजेंसी
एफबीआई को भी सरगर्मी से तलाश है । अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने कहा है कि असवत ने
अमेरिका में अल - कायदा का प्रशिक्षण कैंप खोलने की कोशिश की थी । जानकारी के
अनुसार 30 वर्षीय असवत के माता - पिता गुजरात के रहने वाले थे । पिछले सप्ताह से
उसे 'मिस्टर बिग' का नाम दिया जा रहा है । माना जा रहा है कि लंदन में हुए आतंकी
हमले के पीछे उसी का हाथ है । कई अखबारों में तो यहां तक खबर प्रकाशित हुई है कि
असवत को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया जा चुका है । रविवार को 'दी मेल' ने एफबीआई के
हवाले से लिखा कि 7 जुलाई को लंदन में हुए धमाकों के पीछे असवत का ही हाथ है, लेकिन
उच्च पदस्थ ब्रिटिश सुरक्षा सूत्रों ने हमले में असवत के शामिल होने की बात से
इनकार किया है । रिपोर्ट के अनुसार असवत लंदन के एक कट्टरपंथी मौलवी का अनुयायी है
। एफबीआई सूत्रों के अनुसार असवत पहली बार 1999 में अमेरिकियों की नजर में आया था ।
तब वह उस्मान कासिर के साथ सिएटल आया था । कासिर स्वीडन (लेबनानी मूल) का नागरिक था
। उसे कभी ओसामा बिन लादेन का खास आदमी माना जाता था । खुफिया जांच एजेंसी ने दावा
किया है कि ये दोनों जेम्स उजामा से मिले थे, जिसने ओरेगांव के बिली में
अफगानिस्तान की तरह प्रशिक्षण कैंप खोलने का प्रस्ताव दिया था । कैंप के लिए 160
एकड़ भूमि तलाश ली गई थी । यह जमीन सिएटल के एक मस्जिद के मौलवी समी उस्मान के
रिश्तेदार की थी । असवत की यह योजना शीघ्र ही नाकाम साबित हो गई थी । इस मामले से
परिचित लोगों का कहना है कि डॉग क्राई रेंच पहुंचने पर असवत को यह जानकर काफी
निराशा हुई कि उजामा के पास गेट की चाबी नहीं है । खाने की भी व्यवस्था नहीं थी ।
इसके लिए बटेर का शिकार करना पड़ता था । परिस्थितियों से तंग आकर एक दिन असवत और
उस्मान यहां से निकल पड़े, लेकिन लालबत्ती के उल्लंघन के आरोप में एक पुलिस वाले ने
उन्हें रोक लिया । लेकिन थोड़ी देर बाद जाने भी दिया । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने
शनिवार को जम्मू - कश्मीर के नवनिर्माण का आह्वान किया । प्रधानमंत्री ने कहा कि
संविधान के दायरे में रियासत जम्मू - कश्मीर में स्वायत्तता और स्वशासन पर बात की
जा सकती है । राज्य में वर्ष 1953 से पहले की स्थिति बहाल करने पर भी सूबे के दो
बड़े दल उसे सहयोग करने को तैयार हैं । यह फारमूला महाराजा हरि सिंह और भारत सरकार
के बीच हुए समझौते पर आधारित है । प्रधानमंत्री द्वारा आज बुलाए गए गोलमेज सम्मेलन
में हंदवाड़ा की फायरिंग में मारे गए बेगुनाह लोगों के लिए दो मिनट का मौन भी रखा
गया । कश्मीर से ताल्लुक रखने वाली सियासी पार्टियों ने रियासत से फौज हटाने और
बेकसूर लोगों की रिहाई की मांग मुख्य रूप से रखी । उनका कहना था कि रियासत की
आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी राज्य पुलिस को दी जानी चाहिए । केंद्र ने जम्मू -
कश्मीर के नेताओं को बंदियों की रिहाई पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया है
। इसके लिए प्रधानमंत्री ने गृहमंत्री शिवराज पाटिल से उच्च स्तरीय दल बनाकर इस
मामले को गंभीरता से लेने को कहा है । बैठक में हिस्सा लेने वाले एक कश्मीरी नेता
ने 'अमर उजाला' से कहा कि पीडीपी व नेशनल कांफ्रेंस की मांग लगभग एक जैसी थी ।
नेशनल कांफ्रेस के नेता उमर अब्दुल्ला ने स्वयत्तता की मांग दोहराई । जबकि पीडीपी
चाहती थी कि महाराजा हरि सिंह व भारत सरकार के बीच हुए समझौते को मूल रूप में लागू
किया जाए । इसके तहत सुरक्षा, विदेश नीति व वाणिज्य भारत सरकार के पास रहे और बाकी
तमाम अधिकार सूबे की सरकार को सौंप दिए जाएं । हालांकि, नून कश्मीर व पैंथर्स
पार्टी ने पीडीपी और नेशनल कांफ्रेंस की राय से असहमति जताई है । नून कश्मीर ने
बैठक शुरू होने से पहले ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज्ञापन सौंपकर यह साफ कर
दिया था कि भारत व पाकिस्तान के बीच झगड़े का विषय जम्मू - कश्मीर नहीं है । संगठन
के नेता का कहना था कि वह राज्य के अलगाववादी नेताओं के नजरिए से भी सहमत नहीं है ।
हुर्रियत कांफ्रेस की गैर मौजूदगी में हुए इस गोलमेज सम्मेलन से सरकार यह संदेश
देने में जरूर कामयाब रही है कि उनकी नुमाइंदगी के बगैर भी समस्या का हल तलाश किया
जा सकता है । हालांकि, प्रधानमंत्री ने उम्मीद जताई कि सम्मेलन के बेहतर नतीजों को
देखकर हुर्रियत कांफ्रेस भी इस मुहिम में शामिल हो जाएगी । सम्मेलन में जम्मू -
कश्मीर के अलावा लद्दाख व कारगिल से ताल्लुक रखने वाले सियासी नेताओं ने भी हिस्सा
लिया । गोलमेज सम्मेलन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हम
कश्मीर के इतिहास में नए अध्याय का खाका तैयार करने में सफल रहे तो यह सम्मेलन
ऐतिहासिक हो जाएगा । उन्होंने नए कश्मीर के निर्माण में सभी पक्षों से सहयोग करने
की मांग करते हुए सियासत की विविधता पर ध्यान दिलाया । खुद मनमोहन सिंह के शब्दों
में 'हम सब के सोचने का तरीका एक जैसा नहीं है । कश्मीर के भविष्य के बारे में लेह
और कारगिल के लोगों के विचार श्रीनगर में रहने वाले लोगों से अलग हो सकते हैं । जो
लोग कठुआ में रहते हैं उनके सोचने का तरीका सोपोर में रहने वाले लोगो से अलग हो
सकता है लेकिन यही लोकतंत्र की शक्ति है जो भिन्नताओं को स्वीकार करती है बहरहाल,
बैठक की कामयाबी से उत्साहित सियासी पार्टियों ने अगली बैठक की जगह भी तय कर ली है
। अगली बैठक मई माह में श्रीनगर में होने की उम्मीद है । सुप्रीम कोर्ट ने बॉंबे
हाईकोर्ट के फैसले का समर्थन करते हुए कहा है कि महालक्ष्मी उपक्षेत्र संरक्षित
विरासत की श्रेणी में आता है । इसलिए वहां होरडिंग नहीं लगाए जा सकते । जस्टिस रूमा
पाल और जस्टिस ए. आर. लक्ष्मण ने अपने फैसले में कहा कि हाईकोर्ट से अलग नजरिया पेश
करने का सवाल ही नहीं उठता । चूंकि हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र
हेरिटेज कंजरवेशन कमेटी (एमएचसीसी) ने कहा है कि राज्य सरकार का इरादा इस क्षेत्र
को संरक्षित संपदा के तौर पर लेना है । खंडपीठ ने एमएचसीसी की रिपोर्ट के संदर्भ
में कहा कि इस क्षेत्र में इमारतों के निर्माण और संपत्तियों के विकास संबंधी सभी
प्रस्ताव मंजूरी के लिए उसके पास ही आए हैं । इससे ही जाहिर होता है कि महालक्ष्मी
उपक्षेत्र ग्रेड - 3 स्तर की संरक्षित विरासत है । जम्मू - कश्मीर मुद्दे पर अपने
पुराने रुख पर कायम रहते हुए भारत दो दिवसीय सचिव स्तर की वार्ता के दौरान
पाकिस्तान के साथ सैनिक व असैनिक क्षेत्रों में आपसी भरोसा बढ़ाने के उपायों
(सीबीएमएस) पर जोर देगा । भारत का मानना है कि इस से दोनों देशों के बीच बातचीत की
प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी । पिछले साल नवंबर से भारत - पाक सीमा पर
गोलियों की आवाज शांत होने के बाद पहली बार दोनों देश इस गंभीर मुद्दे पर बातचीत
करने को तैयार हैं । सूत्रों के मुताबिक सीबीएमएस के बारे में विस्तार से नहीं
बताया गया लेकिन इसके तहत जिन मुद्दों को वार्ता में शामिल किए जाने की संभावना है
उनमें कराची और मुंबई में वाणिज्य दूतावास फिर से खोलना, दिल्ली व इस्लामाबाद स्थित
उच्चायोगों में कर्मचारियों की संख्या बढ़ा कर ११० करना, श्रीनगर से मुजफ्फराबाद के
बीच बस सेवा शुरू करना और दोनों देशों द्वारा कैदियों के आदान प्रदान के अलावा
कश्मीर मुद्दा भी शामिल है । वार्ता में कश्मीर मुद्दे को शामिल किए जाने के बारे
में रूस की यात्रा पर गए विदेश सचिव शशांक ने बताया है । भारत में सरकार बदलने के
बाद दोनों देशों के बीच पहली औपचारिक उच्चस्तरीय वार्ता होने जा रही है ।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा राष्ट्र के नाम संदेश में पड़ोसी देशों के साथ
कश्मीर सहित सभी लंबित मसलों के हल के लिए बातचीत को जारी रखने की प्रतिबद्धता के
बाद २७ जून से शुरू होने जा रही वार्ता को नया जोश मिला है । वार्ता में भारत का
नेतृत्व विदेश सचिव शशांक करेंगे । इस वार्ता में मनोनीत विदेश सचिव श्याम सरन व
विदेश मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शशांक का सहयोग करेंगे । पाकिस्तान सरकार के
प्रवक्ता मसूद खान ने बताया कि वार्ता में पाकिस्तानी शिष्टमंडल का नेतृत्व वहां के
विदेश सचिव रियाज खोखर कर रहे हैं । पाक दल में विदेश मंत्रालय में दक्षिण एशिया
क्षेत्र के महानिदेशक जलील अब्बास जीलानी को शामिल किए जाने की संभावना है ।
अधिकारियों का मानना है कि इससे पहले दोनों देशों के बीच परमाणु मसले पर हुई वार्ता
की सफलता से दोनों विदेश मंत्रियों को वार्ता का मजबूत आधार मिलेगा । दोनों देशों
के बीच बातचीत शुरू करने का फैसला पिछले जनवरी महीने में इस्लामाबाद में हुए सार्क
सम्मेलन के दौरान पाकिस्तानी राष्ट्रपति मुशर्रफ और भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था । भारत में पाकिस्तान के उच्चायुक्त अजीज अहमद खान
ने एक टेलीविजन पर प्रसारित समाचार में कहा कि पाकिस्तान को कश्मीर मसले के हल को
लेकर इस वार्ता से काफी उम्मीदें हैं । दोनों विदेश सचिव चीन में दोनों देशों के
विदेश मंत्रियों द्वारा किए गए समझौतों पर भी चर्चा करेंगे । केंद्रीय गृह मंत्री
शिवराज पाटिल ने कहा है कि राज्यों के बीच चल रहे विवादों को निपटाने के लिए नये
अंतर्राज्यीय आयोग का गठन किया जाएगा । आयोग की सिफारिशों के अनुरूप विवादों के हल
के उपाय किए जाएंगे । राज्यों के विवादों को सुलझाने के लिए शीघ्र ही दिल्ली में
मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई जाएगी । गृहमंत्री ने अंतर्राज्यीय उड़ानों के लिए
राज्य सरकारों को अपनी विमान सेवा शुरू करने को हरी झंडी दे दी है । उन्होंने कहा
कि दिल्ली को एनसीआर के रूप में विकसित करने पर सहमति बन गई है । इसके लिए सेटेलाइट
शहर बसाने पर राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहमत हो गए हैं । उत्तर प्रदेश में
नोएडा के पास सेटेलाइट शहर बसाने की योजना है । चंडीगढ़ की सीमा पर सेटेलाइट शहर
बसाने पर भी सहमति बन गई है । उत्तर क्षेत्र के मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन को
संबोधित करते हुए पाटिल ने कहा कि केंद्र - राज्य संबंधों को लेकर गठित नया आयोग
अंतर्राज्यीय जल विवादों का निपटारा भी करेगा । उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन बिल
को संसद की स्थायी समिति को भेजा गया है । वह शीघ्र ही अपनी सिफारिशें सरकार को दे
देगी । यह बिल संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा । बाद में पत्रकारों से
बातचीत में पाटिल ने कहा कि सम्मेलन में क्षेत्रीय हवाई सेवा शुरू करने, पंचायती
राज संस्थाओं को मजबूती प्रदान करने व शक्तियों के हस्तांतरण, बिजली व पानी के
बंटवारे के अलावा क्षेत्रीय व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र नियोजन के अलावा सूचना के
अधिकार और फलों व फूलों की खेती पर चर्चा हुई । पंजाब पुनर्गठन कानून के मुद्दे पर
उन्होंने कहा कि इस पर दोनों प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को बातचीत करनी होगी । इस
मुद्दे पर केंद्र राज्यों की मदद को तैयार है । सतलुज - यमुना लिंक नहर के मामले
में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है । दोनों राज्यों को इस मुद्दे को बातचीत से
हल करने का प्रयास करना चाहिए । उन्होंने कहा कि महिलाओं व लड़कियों के खिलाफ बढ़ते
अपराधों को रोकने के मुद्दे पर दिल्ली में २७ व २८ अक्तूबर को दो दिवसीय सम्मेलन हो
रहा है । गृह मंत्री ने बताया कि पोलनेट योजना के समूचे देश में लागू होने से सभी
पुलिस थाने इंटरनेट से जुड़ जाएंगे । देवास और नरंजीपुर रेलवे स्टेशन के बीच इंदौर
- भोपाल पैसेंजर के दो डिब्बे शनिवार रात पटरी से उतर गए । रेलवे के सूत्रों ने
बताया कि ट्रेन आज रात ११ बजे इंदौर से रवाना हुई थी । लेकिन भोपाल पहुंचने से पहले
ही यह हादसा हो गया । दुर्घटना के ब्यौरे की प्रतीक्षा की जा रही है । पाक परस्त
आतंकियों ने पाश्विकता की सभी हदें पार करते हुए इरकान के अपहृत इंजीनियर और उसके
भाई की गला रेत कर हत्या कर दी । इरकान के इंजीनियर सुधीर कुमार पुंडीर और उसके भाई
संदीप पुंडीर के साथ अगवा किए गए अन्य दो स्थानीय लोगों को आतंकियों ने बुधवार की
रात को ही रिहा कर दिया था । हालांकि किसी भी आतंकी संगठन ने इस जघन्य कांड की
जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन सूत्रों का दावा है कि इसमें लश्कर - ए - ताइबा का
हाथ है । इरकॉन के साइट इंजीनियर सुधीर पुंडीर और उनके भाई संदीप के शव शुक्रवार की
सुबह पुलवामा कस्बे से करीब २० किलोमीटर दूर जैनपोरा के साथ सटे सागूहंदामा गांव के
बाहरी इलाके में एक नाले के साथ सटे खेतों में मिले । यह इलाका सुंगन और काच्छन
गांव के बीच है । दोनों के शव स्थानीय ग्रामीणों ने सुबह ९.३० बजे के करीब देखे और
पुलिस को बताया । पुलिस ने आधिकारिक तौर पर दोपहर २.३० बजे के करीब दोनों भाइयों के
शव बरामद होने का दावा किया । दोनों भाइयों को आतंकियों ने बड़ी निर्ममता के साथ
मौत के घाट उतारा । इसकी पुष्टि उनकी लाशों की हालत देखकर होती है । दोनों भाइयों
के हाथ - पांव रस्सियों से बांध रखे थे । इसके अलावा उनकी आंखों पर पट्टियां बंधी
हुई थीं । कमर के ऊपर का हिस्सा ही जमीन से बाहर था । आतंकियों ने तेज धारदार
हथियारों से उनके गले रेत दिए । पुलिस को उनकी सिर कटी लाशें मिलीं । घटनास्थल पर
मिले खून के धब्बों से पुष्टि होती है कि आतंकियों ने सुधीर और उसके भाई संदीप को
शुक्रवार की सुबह तड़के ही कत्ल किया । इसके अलावा जिस सूमो टैक्सी में इंजीनियर
सुधीर और उसका भाई संदीप अन्य दो लोगों के साथ थे, उसे पुलिस ने शुक्रवार की सुबह
चिचलीपोरा गांव के पास से लावारिस हालत में बरामद किया है । सुधीर और संदीप के शवों
की शिनाख्त इरकॉन में कार्यरत एक अन्य इंजीनियर फैयाज अहमद ने की । उनके साथ सूमो
चालक शब्बीर और एक स्थानीय ठेकेदार फारूक अहमद भी था । आतंकियों ने इन चारों को
रास्ते में अगवा कर लिया । आतंकियों ने इंजीनियर और उसके भाई को रिहा करने के बदले
५० लाख की फिरौती मांगी थी । वीरवार को आंतकियों ने फारूक अहमद और शब्बीर को छोड़
दिया, लेकिन इंजीनियर व उसके भाई को रिहा नहीं किया । सुरक्षाबलों को भी दोनों
भाइयों का कोई सुराग नहीं मिला । अलबत्ता, शुक्रवार की सुबह दोनों के शव मिले ।
पुलिस, सेना और अर्द्धसैनिक बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दोनों भाइयों की
हत्या के लिए जिम्मेदार आतंकियों की धरपकड़ के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया, लेकिन
देर रात गए तक उनके हाथ कोई सुराग नहीं लगा था । जद (यू) नेता जॉर्ज फर्नांडिस के
खिलाफ मामला दर्ज किए जाने और चुनाव आयोग के अधिकारी के. जे. राव की रिपोर्ट पर
केंद्रीय चुनाव आयोग रविवार को अपनी पूर्ण बैठक में विचार करेगा । मुज्जफरपुर में
अधिकारियों ने एक अस्पताल में राजग संयोजक जॉर्ज फर्नडिस द्वारा एक महिला को पैसे
देने को रिश्वत मानते हुए उनके खिलाफ केस दर्ज किया है । रिपोर्ट में सत्तारूढ़
राष्ट्रीय जनता दल के साथ - साथ अन्य दलों द्वारा चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन की
गंभीर घटनाओं का उल्लेख किया गया है । जिसे लेकर चुनाव आयोग के विशेष पर्यवेक्षक
राव ने २१ से २३ दिसंबर के बीच बिहार का दौरा किया है । चुनाव आयोग की ओर से
राष्ट्रीय जनता दल को पार्टी की मान्यता समाप्त करने की धमकी देने के बाद राजद
अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने बिहार में विधानसभा चुनाव
के लिए लागू संहिता का कभी भी उल्लंघन नहीं किया । चुनाव संहिता के उल्लंघन के
आरोपों के लिए आयोग की ओर से जारी नोटिस का निर्वाचन आयोग को जवाब देने के बाद यहां
तक कि २३ दिसंबर को पटना में होने वाली रैली भी रद्द कर दी । लालू ने कहा कि वह
आयोग को किसी तरह की परेशानी में नहीं डालना चाहते । आयोग ने चुनाव संहिता लागू
होने के बाद लालू की ओर से बिहार में ग्रामीणों को नोट बांटने पर संज्ञान लेते हुए
नोटिस जारी किया था । आतंकवादी हमलों की खुफिया रिपोर्ट के मद्देनजर गणतंत्र दिवस
समारोह के लिए राजधानी में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं । इस मौके पर
बुधवार को राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम भूटान नरेश जिग्मे सिंगे वांगचुक और
देश के प्रमुख राजनेताओं एवं सैनिक अधिकारियों की मौजूदगी में परेड की सलामी लेंगे
। दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त बी. के. गुप्ता ने यहां पत्रकारों से कहा कि
आतंकवादियों द्वारा लंबी दूरी के हथियारों को इस्तेमाल कर परेड में बाधा डालने की
खुफिया रिपोर्ट और हाल ही में कोलकाता में बड़ी संख्या में टेलीस्कोप बरामद करने के
बाद आतंकवादी प्रयासों को विफल करने के लिए सुरक्षा के विशेष उपाय किए गए हैं ।
गुप्ता ने कहा कि हमें मिली रिपोर्ट को देखते हुए पिछले वर्ष की तुलना में सुरक्षा
अधिक कड़ी कर दी है और इस बार तोड़फोड़ विरोधी उपकरण दोगुने कर दिए गए हैं । इन
उपकरणों को २० दिसंबर से ही तैनात कर दिया गया है और माइन - स्वीपर जैसे उपकरण
इस्तेमाल किए जा रहे हैं । गुप्ता ने कहा कि किसी भी हवाई हमले को रोकने के लिए
अन्य वायु रक्षा उपायों के साथ दो हेलीकॉप्टर आठ किमी. परेड मार्ग पर पूरे समय आकाश
में निगरानी करेंगे । इसके अलावा पुलिस ने विजय चौक और इंडिया गेट के बीच राजपथ पर
विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी लगाए हैं । इस सिलसिले में सीबीआई ने ३० सरकारी
अधिकारियों समेत ५० लोगों के खिलाफ आईपीसी, पासपोर्ट अधिनियम व भ्रष्टाचार निरोधक
कानून की विभिन्न धाराओं के तहत ३८ मामले दर्ज किए । इनमें सात अधिकारी यूटीआई के
हैं । इसके अलावा सेंट्रल एक्साइज, इनकम टैक्स, सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया,
बीएसएनएल, इंश्योरेंस व कस्टम विभाग के अफसरों पर गाज गिरी है । फिलहाल, सीबीआई ने
किसी को गिरफ्तार नहीं किया है । उसने अभी तक २८.७२ लाख रुपये जब्त किए हैं और ७.४३
करोड़ रुपये की चल - अचल संपति का पता चला है । फर्जी पासपोर्ट व वीजा बनाने के
धंधे में शामिल कई ट्रेवल एजेंटों के यहां भी छापे मारे गए हैं । सीबीआई को ६०
पासपोर्ट, फर्जी बैंक प्रवृष्टियां व विदेशी मुद्राएं भी मिली हैं । दिल्ली में नगर
निगम की सात यूनानी डिसपेंसरियों व उन्हें दवा आपूर्ति करने वाली नोएडा की बर्लिन
फार्मा कंपनी पर भी छापे मारे गए । यहां फंगस लगी घटिया दवाएं मिली हैं । इस
सिलसिले में सीबीआई ने नगर निगम के उप स्वास्थ्य अधिकारी वी. के. चोपड़ा, मुख्य
चिकित्सा अधिकारी वी. के. दत्ता व एम. हसन व फार्मासिस्ट एमसी शर्मा के कार्यालय व
घरों पर भी तलाशी ली । इन पाँचों के खिलाफ दर्ज किए गए मामले में बर्लिन फार्मा
कंपनी के मालिक ए. ए. अंसारी को भी नामजद किया गया है । इसी तरह आगरा में बंसल
मेडिकल कंपनी की छह दुकानों व गोदामों पर छापे मारकर लाखों की नकली दवाएं जब्त की
गईं । चंडीगढ़ में प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेंट रणवीर सिंह के घर - दफ्तर पर छापे मारे
गए और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया । आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज के
आधार पर ३७० लोगों का इमिग्रेशन क्लीयर किया । सीबीआई ने लखनऊ में स्वास्थ्य एवं
परिवार कल्याण मंत्रालय के क्षेत्रीय निदेशक जयकरण के खिलाफ दो मामले दर्ज किए और
उनके कार्यालय व आवास पर छापा मारा है । उन पर ३३ लाख रुपये के गबन का आरोप है ।
सीबीआई निदेशक उमाशंकर मिश्रा के मुताबिक, छापे की कार्रवाई उन्हीं विभागों पर की
गई, जिनसे आम आदमी का वास्ता पड़ता है । सीबीआई ने मुंबई में कस्टम के अतिरिक्त
आयुक्त पी. के. अग्रवाल के खिलाफ मामला दर्ज किया है । अग्रवाल कुछ प्राइवेट
कंपनियों के साथ मिलकर सरकार को १५ करोड़ रुपये का चूना लगाने के आरोपी हैं ।
उन्होंने इस मामले में कंपनी के लोगों से एक करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी थी ।
सीबीआई ने इंडियन कस्टम एंड सेंट्रल एक्साइज सर्विस के १९९३ बैच के अधिकारी हेमंत
कोटिकर के खिलाफ आय से अधिक संपति का मामला दर्ज किया है । मुंबई में संयुक्त
आयुक्त के पद पर तैनात इस अधिकारी के पास ४.१२ करोड़ रुपये की संपत्ति पाई गई है ।
जयपुर में आयकर विभाग के संयुक्त आयुक्त के खिलाफ भी भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया
गया है । छापों के दौरान उनके पास ६० लाख रुपये की संपति पाई गई है । गुवाहाटी में
दवाओं की अवैध खरीद फरोख्त के मामले में सीजीएचएस के संयुक्त निदेशक एम. एम. साम के
खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है । सीबीआई प्रमुख ने बताया कि शुक्रवार की इस
कार्रवाई में कस्टम एंड एक्साइज, इंश्योरेंश, प्रोविडेंट फंड, कोल इंडिया,
बीएसएनएल, प्रोटेक्टर ऑफ इमिग्रेंट, सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, स्टील अथॉरटी ऑफ
इंडिया व विभिन्न बैंकों को निशाना बनाया गया । इस कार्रवाई का खाका सीबीआई ने करीब
चार माह पहले ही तैयार कर लिया था । गांव जाखौली में लोहान तथा कादियान गोत्र के
विवाद में लोहान गोत्र के लोगों के बहिष्कार के बाद स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है ।
गाँव में लोहान समुदाय के परिवार काफी कम होने के कारण इस गोत्र के लोगों में दहशत
का माहौल है । इन लोगों ने अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है । बहिष्कार के कारण लोहान
गोत्र के परिवार के लोगों का गाँव में हुक्का - पानी से लेकर सभी प्रकार का लेन -
देन भी बंद है । इस मामले को लेकर आगामी ३१ अक्तूबर को नारनौंद में लोहान गोत्र की
महापंचायत होगी । उल्लेखनीय है कि गाँव जाखौली निवासी डॉ. रणबीर कादियान ने अपने
पुत्र सत्यवीर कादियान का रिश्ता जींद के गाँव भैण निवासी पिंकी पुत्री प्रताप सिंह
के साथ तय किया था । सत्यवीर का गोत्र कादियान है, जबकि पिंकी का गोत्र लोहान है ।
जिसके कारण लगभग एक सप्ताह पूर्व लोहान गोत्र के लोगों ने इस रिश्ते पर आपत्ति जताई
थी, लेकिन बाद में गाँव के इसी गोत्र के लोगों ने इस आपत्ति के बारे में माफी भी
माँग ली थी । फैसले के तुरंत बाद पूरे गाँव में लोहान गोत्र का बहिष्कार कर दिया
गया । इस फैसले का उल्लंघन करने वाले पर पंचायत द्वारा पाँच हजार रुपये सामान्य
श्रेणी तथा पाँच सौ रुपये पिछड़े वर्ग पर जुर्माना निर्धारित किया गया है । हालांकि
इस बात की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जुर्माने की घोषणा से गाँव में दहशत का माहौल
है तथा गाँव में कोई भी व्यक्ति लोहान गोत्र के लोगों से किसी प्रकार का कोई संपर्क
नहीं कर रहा है । गाँव में लोहान गोत्र संबंधी कोई भी व्यक्ति नहीं मिल पाया । जबकि
बहिष्कार किए जाने वाली पंचायत में मुख्य भूमिका निभाने वाले जयप्रकाश कादियान व
मनीराम कादियान ने बताया कि अभी तक किसी पर जुर्माना नहीं किया गया है तथा यदि
लोहान गोत्र मामले में लिखित में माफीनामा दे देता है तो बहिष्कार के फैसले को वापस
लिया जा सकता है । जबकि एक बार आपत्ति जताने के बाद गाँव में रह रहे लोहान गोत्र के
लोगों ने माफी भी माँग ली थी । लोहान पक्ष के लोगों का कहना है कि जब उन्हें कोई
आपत्ति नहीं है तो लिखित में देने का कोई औचित्य नहीं बनता । क्योंकि अब डिपो पर
कोई भी व्यक्ति नहीं आ रहा है । कुल मिलाकर तनावपूर्ण माहौल के चलते सभी की नजरें
आगामी ३१ अक्तूबर को नारनौंद में लोहान गोत्र की महापंचायत पर टिकी हुई हैं । इस
पंचायत के बाद ही लोहान गोत्र से संबंधित लोग कुछ कदम उठाएंगे । उधर मामले में
कादियान गोत्र के लोग लिखित में माफीनामा लेने पर अड़े हुए हैं । जबकि लोहान खाप के
प्रधान रामदिया का कहना है कि वह लड़की के पिता पर रिश्ता वापस लेने के लिए दबाव
बनाएंगे । लेकिन गाँव जाखौली में लोहान गोत्र के परिवार लिखित में माफी माँगें या न
माँगें यह फैसला उनको खुद करना है । उधर इस संबंध में गाँव की कादियान खाप के
मनीराम कादियान का कहना है कि यदि लोहान खाप द्वारा की जा रही आपत्ति को सही मान
लिया जाए तो किसी भी लड़के - लड़की का रिश्ता नहीं होगा । उन्होंने कहा कि यदि
लोहान खाप के लोग वधू पक्ष से यह कह दें कि उन्हें इस रिश्ते से कोई आपत्ति नहीं
है, तो पंचायत अपना फैसला वापस ले सकती है । मामले के संबंध में पुलिस अधीक्षक
रणबीर शर्मा का कहना है कि मामले की जाँच के आदेश थाना सदर प्रभारी को दे दिये गए
हैं तथा जाँच के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी । बसपा के बाद अब रालोद के तेवर भी
मुलायम सिंह सरकार के खिलाफ उग्र हो गए हैं । विधायकों ने विधानसभा की कार्रवाई में
शिरकत नहीं करने का ऐलान किया है । बसपा के सभी विधायकों ने दबाव बनाने के लिए
पार्टी प्रमुख मायावती को इस्तीफे सौंप दिए । राज्यपाल द्वारा अयोग्य ठहराए गए बसपा
के १३ बागी विधायकों के मंत्री पद से इस्तीफे नामंजूर करने के आदेश से संवैधानिक
संकट खड़ा हो गया है । रालोद ने भी मुलायम सरकार के खिलाफ रविवार को तेवर कडे कर
लिए । रालोद मुखिया अजीत सिंह ने सभी विधायकों को विधानसभा की कार्रवाई में हिस्सा
नहीं लेने का फरमान सुना दिया । मेरठ के विधायक रणवीर राणा का कहना है कि जिस सरकार
के पक्ष में अयोग्य ठहराए विधायक मतदान करेंगे उस सरकार या विधानसभा की कार्रवाई का
कोई औचित्य नहीं है । उनका कहना है कि मुलायम सिंह को अब सत्ता छोड़कर विधानसभा भंग
करने की सिफारिश खुद कर देनी चाहिए । उन्होंने कहा कि रालोद की नीति है कि विधानसभा
की कार्रवाई में भाग नहीं लेने से प्रदेश सरकार के साथ केंद्र सरकार पर नैतिक दबाव
बनेगा । जनता के बीच संदेश जाएगा कि मुलायम सिंह असंवैधानिक तरीके से सरकार चला रहे
हैं । रालोद और बसपा के साथ ही अब भाजपा और कांग्रेस पर भी विधायकों से इस्तीफा
दिलाने और विधानसभा की कार्रवाई से अलग करने का दबाव डाला जा रहा है । कश्मीर में
कुपवाड़ा जिले के नीलिगाम हंदवाड़ा के पास आतंकवादियों ने सेना के खोजी दस्ते पर
हमला कर दिया । मुठभेड़ में एक मेजर व तीन सैनिक शहीद हो गए । मौके पर एक नागरिक भी
मारा गया व एक अन्य घायल हो गया । आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक एक घर में कुछ
आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिलते ही मेजर ए. के. त्रिपाठी के नेतृत्व में
खोजी दस्ता ने नीलिगाम के लिए कूच किया । जैसे ही दस्ता उक्त घर के पास पहुंचा अंदर
से अंधाधुंध फायरिंग होने लगी, जिसमें मौके पर ही मेजर त्रिपाठी और तीन सैनिकों की
मौत हो गई, जबकि दो नागरिक जख्मी हो गए । सेना के प्रवक्ता ने बताया कि तलाशी
अभियान जारी है । आशंका है कि घर में दो से तीन आतंकवादी थे । एक दूसरी घटना में
आतंकवादियों ने मंगलवार रात को हाजन में पूर्व विधायक स्वर्गीय पर्रे के घर पर हमला
किया । सुरक्षा गार्ड ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन आतंकवादी भाग निकले । इसी
क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने दो आतंकियों को मार गिराया । उनके पास से दो ए के
राइफल, दो और हथियार तथा कारतूस बरामद किये गये । एक अन्य वारदात में आतंकवादियों
ने सुरक्षा बलों के कैंप पर ग्रेनेड से हमला किया । इसमें किसी के भी हताहत होने की
खबर नहीं है । अंधेरे का फायदा उठाकर आतंकी फरार हो गए । देश का आम बजट आने में अब
जबकि सिर्फ ४८ घंटे बचे रह गए हैं, वामपंथी दलों ने रविवार को यूपीए सरकार को
चेतावनी दी कि वह बजट में आम आदमी विरोधी नीतियों से बाज आए और प्रभावशाली वर्ग को
खुश करना बंद करे अन्यथा उसे नतीजा भुगतना होगा । भाकपा, माकपा और फॉरवर्ड ब्लॉक के
नेताओं ने आज कहा कि आम आदमी की कीमत पर उच्च वर्ग के लोगों को फायदा पहुंचाया जा
रहा है और सरकार आर्थिक निजीकरण का अपना एजेंडा पूरा करने में जुटी हुई है । भाकपा
के महासचिव ए. बी. बर्धन ने कहा कि रेल बजट में आम आदमी के हितों को पूरी तरह
नजरंदाज कर दिया गया । अब अगर आम बजट में भी उच्च वर्ग को खुश करने की कोशिश की गई
तो वाम दलों के पास इसके खिलाफ जाने के अलावा और कोई चारा नहीं बचेगा । भाकपा के
राष्ट्रीय सचिव शमीम फैजी ने कहा कि वाम दलों के सहयोग से चल रही मनमोहन सिंह की
सरकार अगर आम बजट में भी उच्च वर्ग को खुश करने की कोशिश करती है तो उसे आम आदमी
विरोधी माना जाएगा । फैजी ने कहा कि रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने मंत्रालय
की कमाई उच्च वर्ग पर लुटा दी है । माकपा पोलित ब्यूरो के सदस्य एम. के. पंधे ने
कहा कि वाम दलों को उम्मीद है कि यूपीए सरकार कृषि, ग्रामीण क्षेत्र, शिक्षा और
स्वास्थ्य के लिए बजट का ज्यादा हिस्सा देगी । फॉरवर्ड ब्लॉक के महासचिव देबब्रत
बिस्वास ने कहा कि सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का दो फीसदी जनस्वास्थ्य और छह
फीसदी शिक्षा के लिए आवंटित करे । यूपीए सरकार न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) में
भी ऐसा वादा कर चुकी है । न्यूज एजेंसी यूपीआई की रिपोर्ट के मुताबिक इराक में
पत्रकारिता करना सहज नहीं है । अगर आप इस देश की यात्रा करना चाहें या फिर दक्षिणी
इराक में स्थित मुस्लिम धार्मिक स्थलों को देखना चाहें या उत्तरी इराक के कुर्द
लड़ाकों से मिलना चाहें तो यह आपके लिए आसान काम नहीं है । खासकर विदेशी पत्रकारों
के लिए तो यह खासा मुश्किल है । इराक के अंतरिम प्रधानमंत्री अयाद अलावी विदेशी
पत्रकारों को देश की स्थिति की जानकारी लेने के लिए आमंत्रित कर चुके हैं । अलावी
की कोशिश है कि उत्तरी इराक की राजधानी उतरी सामरा के सुन्नी बहुल इलाके में स्थिति
को सामान्य बनाया जाए । पिछले कुछ दिनों से यहां इराकी लड़ाकों की मुठभेड़ अमेरिकी
सैनिकों से होती रही है । वहीं नजफ में इराक की पुलिस ने जुलाई से पत्रकारों के
प्रवेश पर रोक लगा दी थी । बसरा के दक्षिणी शहरों में ब्रिटिश स्वतंत्र पत्रकार
जैम्स ब्रांडॅन के अपहरण के बाद से पत्रकारों को सुरक्षा के दृष्टिकोण से इस इलाके
में आने से मना किया जाता है । अधिकांश समाचार एजेंसियां संघर्ष वाले इलाकों की
खबरों के लिए स्थानीय लोगों पर निर्भर हैं । जैम्स को एक होटल से अगवा कर लिया गया
था । वहीं अमेरिकी सैनिकों ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके यह जानकारी दी है कि
इराक पत्रकारों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से सुरक्षित नहीं है । पिछले कुछ दिनों में
दो अमेरिकियों को लड़ाकों ने बंधक बना लिया था । वहीं एक ब्रिटिश बंधक के भाई का
कहना है कि अमेरिकी अधिकारी उसके भाई की रिहाई में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं ।
फ्रांस ने भी अपने दो पत्रकारों और उनके सीरियन ड्राइवर की रिहाई के लिए लड़ाकों से
बातचीत की है । फ्रांस की ओर से कहा गया है कि बातचीत में अमेरिकी अधिकारियों की
तरफ से व्यवधान आते रहे हैं । पिछले महीनों में कम से कम १३० विदेशी लोगों को बंधक
बनाया गया है । इसमें से २० से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं । यदि आप एक जागरूक
उपभोक्ता हैं और किसी कंपनी के उत्पाद या सेवा में कोई गड़बड़ी नजर आती है तो तुरंत
उपभोक्ता अदालतों में जाने के बजाए पहले कंपनी से बात करें । हो सकता है कंपनी
तुरंत आपकी समस्या का समाधान कर दे । देश की उपभोक्ता अदालतों में काफी संख्या में
मामले लंबित हैं । हालत यह है कि लोगों को न्याय पाने के लिए सालों इंतजार करना पड़
रहा है । विशेषज्ञ मानते हैं कि मामलों के लंबित होने की मुख्य वजह अतिरिक्त
न्यायाधीशों की नियुक्ति न होने, पर्याप्त संख्या में कर्मियों की कमी और पर्याप्त
वित्तीय सहायता नहीं मिलने के साथ ही उपभोक्ता द्वारा मामूली शिकायत होने पर भी
तुरंत अदालत का दरवाजा खटखटाना भी है । हालांकि बाजार में प्रतिस्पर्धा का सामना कर
रही ज्यादातर कंपनियों ने उपभोक्ता शिकायत समिति का गठन किया हुआ है, जहां
उपभोक्ताओं की शिकायत पर तुरंत गौर किया जाता है । केंद्रीय उपभोक्ता मंत्रालय
द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन के मुख्य जांचकर्ता प्रो. श्रीराम
खन्ना बताते हैं कि हेल्पलाइन पर रोजाना तकरीबन २५० - ३०० शिकायती फोन आते हैं । १०
फीसदी मामले तो फोन पर ही परामर्श देकर सुलझा दिए जाते हैं और कुछ मामलों में
उपभोक्ताओं को कंपनी से बात करने की सलाह दी जाती है । खन्ना कहते हैं कि जब कंपनी
आपकी शिकायत पर गौर न करे तो उपभोक्ता बेशक अदालत में जाएं । केंद्रीय गृह मंत्री
शिवराज पाटिल ने सोमवार को बताया कि पिछले २६ दिसंबर २००४ को आई सुनामी समेत पिछले
एक साल में आई कई प्रमुख प्राकृतिक आपदाओं के नुकसान से उबरने के लिए देश को ३५,०००
करोड़ रुपये की जरूरत है । पाटिल ने कहा कि पिछले एक साल में भारत में आई प्राकृतिक
आपदाओं से हुई क्षति का मुकाबला करने के लिए काफी बड़ी रकम की जरूरत है । अकेले
सुनामी से हुए विनाश की भरपाई के लिए १५,००० करोड़ रुपये की दरकार है । जबकि अन्य
प्राकृतिक आपदाओं से हुई क्षति की पूर्ति के लिए तकरीबन बीस हजार करोड़ रुपये की
जरूरत है । पाटिल ने इंडियन मर्चेंट्स चैम्बर (आईएमसी) और एसोचैम के आयोजित सम्मेलन
'डिजास्टर मैनेजमेंट फॉर सेफर इंडिया' में कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थान
इस दिशा में बड़े पैमाने पर सहायता देने को तैयार हैं । उन्होंने कहा कि राज्य
सरकारें अपने संसाधनों का उपयोग करेंगी और केंद्र सरकार इसमें उनकी मदद करेगी ।
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने हाल ही में प्रदर्शनकारी शिक्षकों पर
लाठीचार्ज की घटना के लिए नितीश कुमार की सरकार पर जमकर हमला किया । शहर के गांधी
मैदान के नजदीक राजद द्वारा आयोजित धरने में राबड़ी ने नितीश सरकार को अपराधियों की
सरकार बताते हुए लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की
मांग की । राबड़ी ने कहा कि नितीश ने शनिवार को मुख्यमंत्री के रूप में एक महीने का
कार्यकाल पूरा होने पर उपहार के रूप में निदर्ष शिक्षकों के साथ बर्बरतापूर्ण
व्यवहार किया है । उन्होंने कहा कि लाठीचार्ज की घटना ने यह साबित कर दिया है कि
राज्य में अपराधियों की सरकार है । शिक्षकों पर अत्याचार के जरिए सरकार यह संदेश
देना चाहती है कि किसी भी तरह के विरोध को पुलिस की सहायता से कुचल दिया जायेगा ।
उन्होंने कहा कि हम सरकार को ऐसा करने की छूट नहीं देंगे । हम रचनात्मक विपक्ष की
भूमिका निभाना चाहते हैं । अच्छे कार्यों में सरकार की सहायता करेंगे, लेकिन गलत
कार्य के लिए हम सरकार को नहीं बख्शेंगे । उन्होंने कहा कि यदि सरकार तीन महीने में
राज्य की कानून व्यवस्था में सुधार लाने में असफल रहती है तो उनकी पार्टी राज्य में
आंदोलन शुरू करेगी । राबड़ी ने कहा कि सरकार को बने एक महीना पूरा हो चुका है,
लेकिन कोई परिवर्तन देखने में नहीं आ रहा है । अच्छे नतीजों के लिए हम सरकार को और
दो महीने का समय देंगे । नितीश कुमार और उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों पर प्रहार करते
हुए उन्होंने कहा कि वे सिर्फ बड़े वादे कर रहे हैं और राज्य में विकास योजनाओं का
शिलान्यास कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि सरकार पूर्व राजग सरकार के पदचिन्हों पर चल
रही है । राजद के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवानंद तिवारी, वरिष्ठ नेता रामचंद्र पूर्वे
व श्याम रजक ने भी सभा को संबोधित किया । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को
कहा कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के भूकंप प्रभावित लोगों की राहत के लिए नियंत्रण
रेखा पर राहत केंद्र स्थापित करने में भारत की ओर से देरी नहीं की जा रही है ।
राष्ट्रपति भवन में नए सूचना के अधिकार कानून के तहत वजाहत हबीबुल्लाह के मुख्य
सूचना आयुक्त के तौर पर शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री ने पत्रकारों से कहा कि हमारी
ओर से कोई देरी नहीं है । इससे पहले भारत ने शनिवार को पाकिस्तान के राजी होने पर
तीन स्थानों टीटवाल, कामन और चकन दा बाग में राहत केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव
रखा था । किसान नेता महेंद्र सिंह टिकैत ने सोमवार को केंद्र सरकार पर आरोप लगाया
कि वह हॉंगकॉंग में हुई विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की बैठक में भारत के ७३
करोड़ किसानों के हितों की रक्षा करने में विफल साबित हुई है । अपने चिर - परिचित
अंदाज में टिकैत ने कहा कि जब डब्लूटीओ की महत्वपूर्ण वार्ता चल रही थी तब वाणिज्य
मंत्री कमलनाथ हॉंगकॉंग में चल रही विश्व सुंदरी प्रतियोगिता में शिरकत कर रहे थे ।
भारतीय किसान आंदोलन समन्वय समिति ने कमलनाथ के चुनाव क्षेत्र छिंदवाड़ा से अभियान
छेड़ने का भी ऐलान किया । समिति की ओर से आयोजित संवाददाता सम्मेलन में टिकैत ने
कहा कि सरकार ने डब्ल्यूटीओ में रुपये में महज तीन पैसे की बात की । उन्होंने
खुलासा किया कि भारत ने कृषि निर्यात में सबसिडी खत्म करने का मामला उठाया, जिसे
मान लिया गया है । हमारे देश में ऐसी कोई सब्सिडी नहीं दी जाती, लेकिन कमलनाथ घरेलू
सब्सिडी को खत्म करने का मामला नहीं उठा पाये । उन्होंने कहा या तो सरकार विकसित
देशों की घरेलू सब्सिडी खत्म कराये या उन्हीं की तर्ज पर भारत में भी किसानों को
सब्सिडी प्रदान की जाए । टिकैत ने आरोप लगाया कि भारत सरकार को उम्मीद थी कि
अमेरिका उनको कृषि क्षेत्र के हितों की अनदेखी करने पर ३० हजार वीजा जारी कर देगा,
लेकिन अमेरिका ने बैठक के तत्काल बाद ही इस संभावना से साफ इनकार कर दिया ।
उन्होंने कहा कि अगर वीजा मिल भी गए तो कमलनाथ और अन्य नेताओं या उनके रिश्तेदारों
का ही भला होगा । इससे देश के ७३ करोड़ किसानों का कोई भला नहीं होने वाला । टिकैत
ने कहा कि डब्ल्यूटीओ वार्ता के दौरान कमलनाथ ने हॉंगकॉंग में मौजूद किसान नेताओं
से बातचीत करना भी जरूरी नहीं समझा, जबकि वह बैठक के दौरान दो दिन विश्व सुंदरी
प्रतियोगिता देखने चले गए । जो मंत्री विश्व सुंदरी प्रतियोगिता में दिलचस्पी रखता
हो उससे देश के किसानों की चिंता की उम्मीद कैसे की जा सकती है । उन्होंने केंद्र
सरकार को चंगेज खां की हुकूमत से भी बुरा करार दिया । समिति के युद्धवीर सिंह ने
कहा कि डब्ल्यूटीओ में किसानों की उपेक्षा के खिलाफ समिति ने देशभर में अभियान
चलाया । इसकी शुरुआत कमलनाथ के चुनाव क्षेत्र छिंदवाड़ा से आगामी १२ जनवरी से की
जाएगी । उन्होंने कहा कि डब्ल्यूटीओ की ३० अप्रैल को होने वाली बैठक से पहले किसान
नेता इस मुद्दे पर दिल्ली में एक बड़ी रैली भी आयोजित करेंगे । राष्ट्रवादी
कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार ने मुंबई की उत्तर - पश्चिमी लोकसभा सीट और
मालवण विधानसभा सीट के लिए कांग्रेस प्रत्याशियों को समर्थन देकर कांग्रेस आलाकमान
की मुश्किलें बढ़ा दी हैं । पवार की इस पहल को कांग्रेस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने
की कवायद माना जा रहा है । दरअसल पवार तुरा से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पीए संगमा को
यूपीए का संयुक्त प्रत्याशी बनाना चाहते हैं । लिहाजा पवार के इस कदम ने कांग्रेस
को काफी हद तक परेशानी में डाल दिया है । महाराष्ट्र में मुंबई की उत्तर - पश्चिम
सीट से कांग्रेस प्रत्याशी प्रिया दत्त चुनाव लड़ रही हैं । यह सीट केंद्रीय मंत्री
सुनील दत्त के निधन के कारण खाली हुई है । जबकि कोंकण के शेर माने जाने वाले राज्य
के राजस्व मंत्री नारायण राणे मालवण से चुनाव लड़ रहे हैं । कांग्रेस के इन दोनों
प्रत्याशियों को एनसीपी समर्थन देने को तैयार है । क्योंकि एनसीपी चाहती है कि इन
दो सीटों पर कांग्रेस को समर्थन देने के एवज में कांग्रेस पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और
एनसीपी नेता पीए संगमा को तुरा लोकसभा सीट के लिए अपना समर्थन दें । दरअसल संगमा का
सोनिया विरोध जगजाहिर है । पवार और संगमा समेत कई नेताओं ने सोनिया के विदेशी
मुद्दे पर कांग्रेस छोड़ी थी । जब पवार ने कांग्रेस से समझौता किया, तो संगमा ने
एनपीसी को छोड़कर ममता बनर्जी का हाथ थाम लिया था और सोनिया विरोध का झंडा उठाए रखा
। लिहाजा कांग्रेस संगमा को समर्थन देने के पक्ष में नहीं है । अब पवार ने कांग्रेस
प्रत्याशियों को समर्थन देकर कांग्रेस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की है ।
क्योंकि अगर कांग्रेस तुरा से संगमा को समर्थन नहीं देती है तो पवार इस बात को
सहयोगी दलों के बीच ले जाएंगे और इसका सीधा फायदा एनसीपी को होगा । हालांकि एनसीपी
के राष्ट्रीय महासचिव और प्रवक्ता डी. पी. त्रिपाठी का कहना है कि हम यूपीए की एकता
और मजबूती के लिए कार्य कर रहे हैं । इसी के तहत एनसीपी ने महाराष्ट्र में प्रिया
दत्त और राणे को समर्थन दिया है । जब हम गठबंधन की राजनीति कर रहे हैं तो हमें अपने
सहयोगी दलों का भी ख्याल रखना होगा और यही गठबंधन राजनीति का धर्म है । मनमोहन सिंह
के नेतृत्व वाली नई सरकार ने पूर्व राजनयिक और रक्षा विशेषज्ञ जे. एन. दीक्षित को
नया राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया है । पूर्व विदेश सचिव और पाकिस्तान व
श्रीलंका में भारत के उच्चायुक्त रह चुके दीक्षित ब्रजेश मिश्र का स्थान लेंगे ।
अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मिश्र काफी शक्तिशाली माने जाते थे । वहीं लोकसभा
चुनाव से पूर्व दीक्षित ने रक्षा, सुरक्षा और विदेश नीति पर कांग्रेसी एजेंडा तैयार
करने में मदद की थी । दीक्षित १९५८ में भारतीय विदेश सेवा से जुड़े थे । वे
बांग्लादेश में भारत के पहले राजदूत थे । इसके अलावा वे अफगानिस्तान, श्रीलंका और
पाकिस्तान में भी भारत के राजदूत रह चुके हैं । उन्होंने मैक्सिको, चिली, जापान और
ऑस्ट्रेलिया में राजनयिक के रूप में कार्य किया है । १९९१ में कांग्रेस के शासनकाल
में उन्हें विदेश सचिव नियुक्त किया गया । वे विदेश सेवा से १९९४ में सेवा निवृत
हुए । मौजूदा समय में वे अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के विदेश मामलों के विभाग के
उपाध्यक्ष थे । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी
(एआईसीसी) के पुनर्गठन के लिए वरिष्ठ नेताओं से मंत्रणा कर रही हैं । इससे पहले
कांग्रेस अध्यक्ष पुनर्गठन के काम को अंतिम रूप दे देना चाहती हैं । सूत्रों के
अनुसार कमेटी के पुनर्गठन में हुई देरी का कारण लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन
करने वाले राज्यों में प्रदेश संगठन को चुस्त करने में लगा समय है । इसके साथ ही
मंत्रिमंडल में सदस्यों की कमी का मसला हल करने में भी गांधी काफी व्यस्त रहीं ।
हालांकि केंद्रीय संगठन के पुनर्गठन में अब ज्यादा देर नहीं है और इसके अगले कुछ
दिनों में पूरा हो जाने की आशा है । मनमोहन सरकार में गुलाम नबी आजाद, ऑस्कर
फर्नॉडीस, कमलनाथ और नटवर सिंह जैसे एआईसीसी कार्यकर्ताओं के शामिल हो जाने के कारण
सोनिया अब संगठन को चुस्त दुरुस्त करने में अधिक समय लगाना नहीं चाहती । सूत्रों के
अनुसार, मैडम युवा नेताओं को पार्टी में ज्यादा तरजीह देना चाहती हैं और उन्हें कई
महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने से इनकार नहीं किया जा सकता । पार्टी के वरिष्ठ
नेताओं द्वारा अमेठी के युवा सांसद राहुल को राष्ट्रीय महासचिव बनाने पर जोर देने
के बावजूद सोनिया ने संकेत दिए हैं कि अभी उसे ऐसे पद नहीं दिए जा सकते । गौरतलब है
कि पहले एआईसीसी का दो दिनों का सत्र तिरुपति में आयोजित करने का फैसला किया गया
था, पर अब इसे दिल्ली में ही आयोजित किया जाएगा । देश के लगभग ३००० एआईसीसी
पदाधिकारी इस सत्र में भाग लेंगे । सत्र में अरुणाचल, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड और
हरियाणा में आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी की रणनीति और संगठन को मजबूत करने के
उपाय पर चर्चा की जाएगी । सूत्रों के अनुसार, अगले वर्ष मई या जून में एआईसीसी का
पूर्ण सत्र और सांगठनिक चुनाव कराने का भी प्रस्ताव था । मुख्यमंत्री कैप्टन
अमरिंदर सिंह की धुर विरोधी और पंजाब की उप - मुख्यमंत्री राजेंद्र कौर भट्ठल के एक
बार फिर दिल्ली पंहुचने से राज्य की सियासत का पारा जल्द ही फिर चढ़ने के आसार पैदा
हो गए हैं । अमरिंदर सिंह खेमे द्वारा लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार का ठीकरा
उनके सिर फोड़े जाने से खफा होकर कल अपरान्ह दिल्ली पंहुची भट्ठल ने दिल्ली में
बैठे केंद्रीय नेताओं के सामने अपनी सफाई देनी शुरू कर दी है । हालांकि पिछली बार
के अनुभव को देखते हुए वे इस बार मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं, लेकिन भरोसेमंद
सूत्रों का कहना है कि भट्ठल ने आज केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद, पार्टी महासचिव
अंबिका सोनी और पंजाब मामलों की प्रभारी महासचिव मोहसिना किदवई से मिलकर अपना पक्ष
रखा । भट्ठल ने हार के लिए कारण गिनाते हुए कहा कि इसके लिए मुख्यमंत्री अमरिंदर
सिंह का निरंकुश शासन और उनकी एकला चलो रे की नीति ही सबसे बड़ा कारण रही । सूत्रों
के अनुसार, भट्ठल ने केंद्रीय नेताओं को बताया कि उन्होंने तो अमरिंदर सिंह के
रवैये को देखते हुए पार्टी हाईकमान को लोकसभा चुनाव से पहले ही हार की आशंका जाहिर
की थी । पता चला है कि भट्ठल अपने दिल्ली प्रवास के दौरान पार्टी अध्यक्ष सोनिया
गांधी से मिलने की जुगत में हैं ताकि हार का ठीकरा अमरिंदर सिंह के सिर फोड़ा जा
सके । वे कुछ और केंद्रीय नेताओं से भी मिलने वाली हैं । भट्ठल खेमे को यह भी आशंका
है कि अमरिंदर केंद्रीय कानून का हवाला देकर जुलाई के पहले सप्ताह में होने वाले
मंत्रिमंडलीय फेरबदल में उनके समर्थकों को बाहर का रास्ता दिखा सकते हैं । राज्य
मंत्रिमंडल में इस समय संसदीय सचिवों को छोड़कर २५ मंत्री हैं और इनकी संख्या घटाकर
१७ तक लाई जानी है । उनके इसी रुख को देखते हुए भट्ठल ने अभी से पेशबंदी शुरू कर दी
है ताकि मंत्रिमंडल के आकार को कम करने के नाम पर उनके खेमे को कमजोर न किया जा सके
। अमरिंदर की रपट में चुनाव के दौरान भट्ठल खेमे की गतिविधियों और बसपा को मिले
वोटों में वृद्धि को मुख्य कारण बताया गया है । जबकि भट्ठल खेमा मुख्यमंत्री की
कार्यशैली को लेकर जनता में फैले रोष को मुख्य कारण के रूप में पेश कर रहा है ।
दूसरी ओर कांग्रेस हाईकमान पड़ोसी राज्यों में भारी जीत के बावजूद पंजाब में पार्टी
को मिली करारी शिकस्त को पचा नहीं पा रहा है । हालांकि इस मामले में केंद्रीय
पदाधिकारियों की अभी तक पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी से कोई औपचारिक बातचीत नहीं
हुई है, लेकिन बताया जाता है कि सोनिया केरल और पंजाब में मिली हार से काफी क्षुब्ध
हैं और समय मिलते ही वे इसकी समीक्षा कराने के भी मूड में हैं । पार्टी के एक
केंद्रीय पदाधिकारी ने माना कि लोकसभा चुनाव में पंजाब में कांग्रेस की हार का एक
बड़ा कारण कांग्रेस की अंदरुनी कलह भी है । पार्टी हाईकमान हार को लेकर दोनों खेमों
के बीच चल रही बयानबाजी से भी काफी नाराज है । सोनिया को समय मिलते ही पंजाब
कांग्रेस का अध्याय जल्दी ही खुलने के संकेत भी मिले हैं । टीम इंडिया के कोच ग्रेग
चैपल के 'उंगली विवाद' को शांत करने की कोशिश करते हुए भारतीय टीम के प्रबंधक ने
कहा है कि चैपल ने कोई अभद्र इशारा नहीं किया था । दरअसल उनकी उंगली में चोट है और
इसीलिए वह चोटिल उंगली सीधी किए हुए थे । इस बीच सूत्रों ने बताया है कि भारतीय
क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने चैपल से पूछा है कि आखिर हुआ क्या था । भारतीय टीम के
मीडिया मैनेजर विंग कमांडर एम. बालादित्य ने पत्रकारों को बताया कि उन्होंने खुद
चैपल से बात की है । चैपल ने उन्हें बताया कि बृहस्पतिवार को खिलाड़ियों को
फील्डिंग की प्रैक्टिस कराते वक्त उनकी उंगली में चोट लग गई थी । इसीलिए बस में
सवार होते हुए वह उंगली सीधी किए हुए थे । बालादित्य ने कहा कि चैपल का इरादा
अश्लील इशारा करने का नहीं था, जैसा कि मीडिया द्वारा दिखाया गया । उन्होंने कहा कि
इस घटना को गलत नजरिये से नहीं देखा जाना चाहिए और मामला यहीं खत्म हो जाना चाहिए ।
गौरतलब है कि एक टेलीविजन फुटेज में ग्रेग चैपल को बृहस्पतिवार को अभ्यास सत्र के
बाद टीम के साथ बस में सवार होते हुए पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के समर्थकों की तरफ
बीच की उंगली सीधी किए हुए दिखाया गया था । सौरव के प्रशंसक चैपल के खिलाफ नारे लगा
रहे थे । चूंकि यह फुटेज शुक्रवार को मैच के दौरान प्रसारित किया गया, लिहाजा इडेन
गार्डेन के दर्शकों में इसकी कोई प्रतिक्रिया नजर नहीं आई थी । चैपल के इशारे को
कैमरे में कैद करने वाले एक स्थानीय प्रोडक्शन हाउस ने वीडियो क्लिप को अपने
कार्यक्रम 'दस मिनट का खेल' में दिखाया था । अन्य चैनलों को भी यह क्लिप दी गई ।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लोकसभा और राष्ट्रीय सलाहकार परिषद के अध्यक्ष पद
से इस्तीफे के बाद भाकपा को छोड़कर अन्य वाम दलों ने मध्यावधि चुनाव की संभावना से
इनकार नहीं किया है । वाम दलों ने मध्यावधि चुनाव के प्रति यूपीए सरकार को चेतावनी
दी है । वाम दलों के नेताओं ने अलग - अलग इंटरव्यू में कहा है कि २० महीने पुरानी
यूपीए सरकार के लिए मध्यावधि चुनाव कराना ठीक नहीं है । भाकपा ने जोर देते हुए कहा
है कि कांग्रेस की ओर से राष्ट्र को मध्यावधि चुनाव में ढकेलने का सवाल नहीं है ।
वहीं माकपा ने कहा कि सरकार कुछ भी कर सकती है । दूसरी ओर आरएसपी और फॉरवर्ड ब्लॉक
का मानना है कि कांग्रेस सोनिया गांधी के इस्तीफे को भुनाने में कोई कोर - कसर नहीं
छोड़ेगी । भाकपा के महासचिव ए. बी. वर्द्धन ने कहा, मेरा मानना है कि कांग्रेस
मध्यावधि चुनाव नहीं कराएगी क्योंकि अभी कांग्रेस का कोई संगठनात्मक आधार नहीं है ।
मीडिया के एक वर्ग में उठ रहे मध्यावधि चुनाव के मसले पर वर्द्धन ने कहा कि यह सब
बेकार की अटकलबाजी है । माकपा के पोलित ब्यूरो सदस्य एम. के. पंधे ने कहा कि
कांग्रेस से कुछ भी उम्मीद की जा सकती है । कांग्रेस अति उत्साह और निराशा में कुछ
भी कर सकती है । लेकिन अभी हम लोगों को पांच राज्यों में होने वाले चुनाव नतीजों का
इंतजार करना होगा । आरएसपी के नेता अवनी राय और फॉरवर्ड ब्लॉक के देवव्रत विश्वास
ने भी मध्यावधि चुनाव का विरोध किया । राय ने कहा कि समूचे दक्षिण, उत्तर - पूर्व
और हिंदी बेल्ट में कांग्रेस का कोई जनाधार नहीं है । भाकपा के राष्ट्रीय सचिव शमीम
फैजी ने कहा कांग्रेस यह बात अच्छी तरह जानती है कि मध्यावधि चुनाव में उसे
पर्याप्त बहुमत मिलने की कोई संभावना नहीं है । इसके साथ ही हिंदी बेल्ट में
कांग्रेस का जनाधार अभी मजबूत नहीं हुआ है । उत्तर प्रदेश में बसपा और सपा का
जनाधार है और इनमें से कोई भी पार्टी कांग्रेस से समझौता करने को तैयार नहीं है ।
जबकि मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड में भाजपा की सरकार है । उन्होंने कहा कि
केवल दिल्ली में कांग्रेस को लोकसभा की सात सीटें हैं जहां वह अच्छा प्रदर्शन कर
सकती है । भारतीय क्रिकेट में चल रही महाभारत में एक और योद्धा के मैदान में कूदने
से सोमवार को नया मोड़ आ गया । कोच ग्रेग चैपल और कप्तान सौरव गांगुली के बीच विवाद
पर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के पूर्व अध्यक्ष राजसिंह डूंगरपुर ने
तीखे तेवर दिखाते हुए गांगुली और बोर्ड के पूर्व मुखिया जगमोहन डालमिया पर जमकर
निशाना साधा । डूंगरपुर ने चैपल - गांगुली विवाद को अपूर्व करार देते हुए कहा कि
इसका एकमात्र समाधान कप्तान का इस्तीफा है । उन्होंने कहा कि चैपल के गोपनीय ई -
मेल को मीडिया को लीक करने के लिए प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से डालमिया ही
जिम्मेदार है । कप्तान का समर्थन करने के मुद्दे पर उन्होंने भारतीय टीम के ऑफ
स्पिनर हरभजन सिंह और जिंबाब्वे दौरे पर टीम के मैनेजर रहे अमिताभ चौधरी की भी जमकर
आलोचना की । मंगलवार को होने वाली बोर्ड की समीक्षा समीति की बैठक से पहले डूंगरपुर
का यह बयान महत्वपूर्ण माना जा रहा है । डालमिया भी समिति के सदस्य हैं । इस बैठक
में कप्तान और कोच को अपना पक्ष रखने के लिए अलग - अलग बुलाया गया है । वहीं
डालमिया ने डूंगरपुर द्वारा लगाए गए आरोपों पर टिथी करने से इनकार कर दिया । चेन्नई
के निजी दौरे पर गए डालमिया ने मुंबई रवाना होने से पूर्व हवाई अड्डे पर पत्रकारों
द्वारा इस बारे में पूछे गए सवालों के जवाब में केवल इतना कहा कि मैं इस मुद्दे पर
कोई टिथी नहीं करना चाहता । तमिलनाडु के नेताजी क्रिकेट क्लब, राजस्थान और बिहार
क्रिकेट एसोसिएशनों ने सोमवार को अदालत में याचिका दाखिल कर कोलकाता हाईकोर्ट
द्वारा २३ सितंबर को सुनाए गए आदेश को चुनौती दी है । याचिका में चुनाव पर्यवेक्षक
नियुक्त किए गए दो पूर्व प्रधान न्यायाधीशों के. एन. सिंह और एम. एम. पुंछी को
हटाने को चुनौती देने के साथ ही बीसीसीआई से चुनाव ३० सितंबर से पहले कराने की मांग
की गई है । याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी । हाईकोर्ट ने अपने निर्णय में दो
पर्यवेक्षकों को हटाते हुए केवल न्यायमूर्ति एस. पी. सेन को बीसीसीआई चुनाव करवाने
का दायित्व सौंप दिया है, जबकि याचिकाकर्ता चाहते हैं कि हाईकोर्ट की एक सदस्यीय
पीठ द्वारा सुनाए गए निर्णय को ही क़ायम रखा जाए । एक सदस्यीय पीठ ने ही तीन
पर्यवेक्षकों को चुनाव कराने के लिए अधिकृत किया था । मुंबई के क्रिकेट क्लब ऑफ
इंडिया में सोमवार को आयोजित संवाददाता सम्मेलन में डूंगरपुर ने आरोप लगाते हुए कहा
कि गांगुली ने कोच को खुलेआम चुनौती देने की हिम्मत दिखाई और इसका एकमात्र कारण यही
है कि उन्हें डालमिया का पूरा संरक्षण हासिल है । गांगुली यह अच्छी तरह समझ गए हैं
कि वे कुछ भी करें, उनका कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता । बहरहाल, डूंगरपुर ने राष्ट्रीय
चयन समिति की बैठक में कोच तथा कप्तान को भी वोट डालने का अधिकार देने की वकालत की
है । गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट टीम के जिंबाब्वे दौरे के समय चैपल और गांगुली के
बीच विवाद सामने आया था । डूंगरपुर ने सवाल करते हुए कहा कि गांगुली ने कप्तानी
छोड़ने के बारे में चैपल से हुई बातचीत की चर्चा टेस्ट मैच शुरू होने से पहले क्यों
नहीं की, मैच में शतक लगाने के बाद ही यह बात क्यों कही । डूंगरपुर ने कहा कि मैं
दावे के साथ कह सकता हूं कि यदि गांगुली इस मैच में शतक न लगा पाते तो वह कोच के
साथ हुई बातचीत की चर्चा पत्रकारों से न करते । उन्होंने कहा कि बोर्ड अध्यक्ष
रणबीर सिंह महेंद्रा को इस मुद्दे पर सफाई देनी चाहिए कि गोपनीय ई - मेल डालमिया के
पास कैसे पहुंची । तमिलनाडु विधानसभा में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ । कांग्रेस
और अन्नाद्रमुक सदस्यों के बीच हाथापाई की स्थिति को देखते हुए स्पीकर ने
अन्नाद्रमुक के सदस्यों को सदन से बाहर कर दिया । अन्नाद्रमुक विधायक वी. पी.
कलईराजन, के. पांडुरंगन तथा पी. के. शेखर बाबू को कांग्रेस विधायकों की तरफ माइक
फेंकते देखा गया और एक माइक कांग्रेस विधायक सी. गणशंकरन को लग भी गया । कुछ
कांग्रेस विधायकों को गणशंकरन का बचाव करते हुए भी देखा गया । अन्नाद्रमुक के कुछ
सदस्य कांग्रेस सदस्यों की ओर पहुंच गए और स्थिति को नियंत्रण से बाहर जाते देख
स्पीकर आर. एयूदीप्पन ने उन्हें सदन से बाहर जाने का आदेश दे दिया । हंगामे के
दौरान विधायक शेखर बाबू को मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि की ओर बढ़ते हुए देखा गया,
लेकिन उन्हें मुख्यमंत्री के पास पहुंचने से पहले रोक लिया गया । स्वास्थ्य मंत्री
के. के. एस. एस. आर. रामचंद्रन तथा द्रमुक विधायक करुप्पासामी पंडियन को करुणानिधि
का बचाव करते हुए देखा गया । अन्नाद्रमुक के सदस्यों को सदन से बाहर किए जाने के
बाद स्पीकर ने कहा कि अन्नाद्रमुक सदस्यों को पूरे सत्र के लिए निष्कासित किया गया
है । एमडीएमके विधायक दल के नेता एम. कणप्पन और डीपीआई नेता सेल्वम ने स्पीकर से
अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है । मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने
कहा कि अन्नाद्रमुक सदस्यों द्वारा अपने व्यवहार पर खेद जताने पर स्पीकर उन्हें माफ
कर सकते हैं । स्पीकर ने कहा कि अगली कार्रवाई के संबंध में फैसला करने के लिए वह
शनिवार को विधायक दलों के नेताओं की बैठक करेंगे । शुक्रवार को जब सदन की कार्यवाही
शुरू हुई तो कांग्रेस सदस्य पीटर अल्फांसो राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव
पर चर्चा का जवाब दे रहे थे । अन्नाद्रमुक सदस्य लगातार बीच में बोलते रहे, वे कुछ
मुद्दा उठाना चाहते थे । इस पर अल्फांसो ने कहा कि वह अपना भाषण पूरा कर लें इसके
बाद सदस्य मुद्दा उठाएं । इस पर दोनों पक्षों में नोकझोंक शुरू हो गई । तमिलनाडु की
चेंगलपेट अदालत ने शंकररमन हत्याकांड में आज कनिष्ठ शंकराचार्य विजयेंद्र सरस्वती
की जमानत याचिका खारिज कर दी । इसी मामले में सत्र न्यायालय ने अन्य दो अभियुक्त
विजयेंद्र के भाई आर. रघु और मठ के मैनेजर सुंदर्शा अय्यर की जमानत याचिका भी
अस्वीकार कर दी है । चेन्नई की केंद्रीय जेल में बंद विजयेंद्र सरस्वती को १० जनवरी
को गिरफ्तार किया गया था । कविता प्रकरण में मुख्य आरोपी रवींद्र प्रधान अदालत में
पहले दिए अपने बयान से पलट गया । उसने कहा कि उसने पुलिस और मीडिया के सामने जो कुछ
भी बयान दिया, वह पुलिस के दबाव में दिया था । उसने अदालत को बताया कि उसे कविता के
बारे में कोई जानकारी नहीं है । इससे पहले आज मामले के मुख्य आरोपी रवींद्र प्रधान
को लेकर अदालत पहुंची सुस्त चाल चल रही मेरठ पुलिस की जमकर किरकिरी हुई । पुलिस
कोर्ट में केस डायरी पेश नहीं कर पाई, जिस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताई और प्रधान
की पुलिस रिमांड बढ़ाने की मांग को ठुकराते हुए उसे जेल भेज दिया । वैसे अदालत ने
रिमांड पर फिर से सुनवाई के लिए बृहस्पतिवार को समय दे दिया है । इस मामले के दूसरे
आरोपी त्रिलोकी सिंह को दिल्ली पुलिस ने आज यूपी के हवाले कर दिया । इससे पहले
कविता कांड में मेराजुद्दीन व चौधरी बाबूलाल इस्तीफा दे चुके हैं । इसके बाद सपा
कोटे के मंत्री किरणपाल पर नैतिकता के आधार पर अपने इस्तीफे का दबाव बढ़ गया था ।
मुख्यमंत्री द्वारा इस्तीफे की पेशकश ठुकराए जाने के बाद अब बेसिक शिक्षा मंत्री ने
जनता की अदालत में जाने का फैसला कर लिया । वे ३१ दिसंबर को रैली को संबोधित करेंगे
। उन्होंने मेरठ पुलिस की पीठ थपथपाते हुए कहा कि कविता कांड की सीबीआई जांच का
सवाल ही नहीं उठता । मेरठ पुलिस निष्पक्षता से जांच कर रही है और जांच में जिस
आरोपी का भी नाम सामने आएगा उससे पूछताछ की जाएगी । बिहार के किशनगंज कस्बे से
सितंबर में अपहृत दो नाबालिग लड़कियों को पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़
जिले से बरामद किया गया । इन लड़कियों को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के हस्तक्षेप
के बाद ही मुक्त कराया जा सका । आयोग ने यहां जारी विज्ञप्ति में बताया कि इन
लड़कियों के पिता और बीएसएफ के हेड कांस्टेबल के आयोग से मदद मांगने पर राष्ट्रीय
मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का जांच दल घटनास्थल पर भेजा गया । थाने में रिपोर्ट
दर्ज कराने के बावजूद पुलिस ने जरा भी जुंबिश नहीं ली । इसके बाद आयोग ने जांच दल
वाराणसी, अमृतसर, किशनगंज और मुंबई भेजा । जांच के दौरान टीम को विभिन्न सूत्रों से
पता चला कि अपहृत लड़कियों की शादी दूसरे समुदाय में हो गई है और वे उत्तर प्रदेश
के प्रतापगढ़ जिले में रह रही हैं । १४ और १७ दिसंबर को इन दोनों लड़कियों को बरामद
कर लिया गया और बिहार पुलिस को उचित कानूनी कार्रवाई के लिए इस बारे में सूचित कर
दिया गया । इसके बाद जांच दल ने लड़कियों के पिता को इसकी इत्तला दी और उन्हें उनकी
बेटी सौंप दी गई । अपने एक महीने के काम को 'अच्छी शुरुआत' बताने वाले और बिहार में
सुशासन का आश्वासन देने वाले मुख्यमंत्री नितीश कुमार और राज्य भवन निर्माण विभाग
ने एक अणे मार्ग में एक आधुनिक आईटी सेंटर बनाने का निर्णय किया है । इस सेंटर में
कंप्यूटर, इंटरनेट और वीडियो कांफ्रेंसिंग की भी सुविधा होगी । उन्होंने घोषणा की
कि सुशासन सुनिश्चित करने के लिए वह प्रत्येक मंगलवार को तीन घंटे के लिए प्रदेश
पार्टी मुख्यालय में कार्यकर्ताओं से मिलेंगे । भवन निर्माण मंत्री मोनाजिर हुसैन
ने मंगलवार को कहा कि 'मुख्यमंत्री की पसंद को ध्यान में रखते हुए विभाग ठीक उसी
स्थान पर एक आईटी सेंटर बनाएगा जहां फिलहाल लालू - राबड़ी का खटाल है । इस खटाल में
लालू के पालतू पशु गाय, भैंस, घोड़े और बिल्लियां भी हैं मंत्री ने आगे कहा कि
'मुख्यमंत्री का झुकाव वैज्ञानिक गतिविधियों की ओर अधिक है और नई टेकनोलॉजी में
उनकी विशेष रुचि है । इसलिए हमने एक आधुनिक आईटी सेंटर बनाने के लिए उस स्थान के
इस्तेमाल का निर्णय किया है हुसैन ने कहा है कि एक अणे मार्ग से पशुओं को हटाने के
बाद ही वहां आईटी सेंटर बनाने का काम युद्घस्तर पर शुरू किया जाएगा । देश के
नक्सलियों और नेपाल के माओवादियों के बीच लगातार बढ़ते संपर्कों ने केंद्र की चिंता
बढ़ा दी है । अर्से तक नकारने के बाद आखिरकार अब केंद्र सरकार भी मानने लगी है कि
यहां के नक्सलियों और नेपाल के माओवादियों के बीच संबंध क़ायम हैं । अब केंद्र
सरकार नक्सल समस्या को कश्मीर जैसी गंभीर समस्या मानने लगी है । केंद्रीय गृह
मंत्रालय की पहल पर इस समस्या से निपटने के लिए रणनीति तैयार करने के लिए प्रभावित
राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक 31 मार्च को यहां जुटेंगे । केंद्र सरकार
की चिंता इससे भी बढ़ी है कि नक्सली यहां नई - नई वारदातों को अंजाम देने के साथ ही
नेपाल के माओवादियों के साथ पेंगें बढ़ा रहे हैं । खास तौर पर यहां के नक्सली घायल
नेपाली माओवादियों का यहां इलाज कराने में मदद कर रहे हैं । जबकि बदले में नेपाली
माओवादियों से भारत के नक्सलियों को हथियार मिल रहे हैं । केंद्रीय गृह राज्यमंत्री
श्रीप्रकाश जायसवाल मानते हैं कि नेपाली माओवादियों से यहां के नक्सलियों द्वारा
हथियार खरीदने के सबूत मिले हैं । हालत यह है कि नक्सली संगठन अब तक 13 राज्यों के
142 जिलों में अपने पांव पसार चुके हैं । 31 मार्च की बैठक में विचार - विमर्श कर
रास्ता निकालने का प्रयास किया जाएगा । इससे पहले इन अफसरों की इसी साल 13 जनवरी को
हैदराबाद में बैठक हुई थी । वास्तव में केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में
प्रभावित राज्यों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को लेकर एक समन्वय केंद्र
बना हुआ है । यह केंद्र नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री की
अध्यक्षता में प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की स्थाई समिति के फैसलों पर अमल
करता है । इस बैठक में हैदराबाद की बैठक में तय बातों पर हुए अमल की रिपोर्ट भी पेश
की जाएगी । सीबीआई ने केंद्रीय उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त उमेश गोयल को रिश्वत
लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है । सीबीआई के प्रवक्ता जी. मोहंती ने बताया कि
नासिक में तैनात केंद्रीय उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त उमेश गोयल को रिश्वत लेने
के आरोप में रविवार को गांधीनगर से गिरफ्तार किया गया । गोयल ने उनके खिलाफ एक
मामले को बंद करने के लिए सीबीआई के एक अधिकारी को दो लाख रुपये देने का प्रस्ताव
रखा था । राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम के बिहार दौरे के मद्देनजर सुरक्षा के
कड़े बंदोबस्त किए जा रहे हैं । राष्ट्रपति 30 दिसंबर को अपनी बिहार यात्रा के
दौरान दरभंगा की ललित नारायण मिथला यूनीवर्सिटी और पटना में पटना विश्वविद्यालय के
दीक्षांत समारोह को संबोधित करेंगे । बिहार के गृह सचिव एच. सी. सिरोही ने मंगलवार
को बताया कि कलाम की यात्रा की तैयारी में प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता ।
राज्य के मुख्य सचिव जी. एस. कंग और पुलिस महानिदेशक आशीष रंजन सिन्हा सोमवार की
दोपहर दरभंगा पहुंचे । वहां उन्होंने हेलीपैड का निरीक्षण करने के साथ ही जिला
प्रशासन द्वारा की जा रही तैयारियों का जायज़ा लिया । मुख्यमंत्री नितीश कुमार खुद
दरभंगा गए और इंतजामों का जायजा लेने के बाद जिला प्रशासन को दीक्षांत समारोह का
आयोजन स्थल बदलने को कहा । पटना में एस. के. मेमोरियल हॉल में पटना विश्वविद्यालय
का दीक्षांत समारोह होगा । वहां भी राष्ट्रपति की यात्रा के मद्देनजर तैयारियां
जोरों पर हैं । उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती और उनके तत्कालीन
कैबिनेट सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामलों में जांच काफी अहम मोड़ पर पहुँच
गई है । यदि वे दोषी पाए गए तो उन्हें सलाखों के पीछे जाने से रोका नहीं जा सकेगा ।
यह बात मंगलवार को यहां प्रदेश के दो मंत्रियों किरणपाल कश्यप और धर्मपाल कश्यप ने
पत्रकारों से कही । दोनों मंत्री फतेहगढ़ साहब में शहीदी मेले में शिरकत करने के
बाद वापस जा रहे थे । उन्होंने कहा कि प्रदेश की मुलायम सिंह सरकार ने भ्रष्टाचार
के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है, लेकिन इस मामले में सरकार का नजरिया साफ है और वह
बदले की भावना से कोई कार्रवाई नहीं करेगी । उन्होंने स्पष्ट किया सिर्फ उन्हीं
लोगों पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा जो दोषी पाए जाएंगे । खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री
किरण पाल कश्यप ने बताया कि सन् 2002 - 03 में मायावती शासन के दौरान हुए अनाज
घोटाले का हाल में भंडाफोड़ हुआ है । इसमें लिप्त पाए गए राज्य और जिला स्तर के 81
नौकरशाहों को निलंबित किया जा चुका है । कश्यप ने कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में
इतने बड़े पैमाने पर नौकरशाही के खिलाफ की गई कार्रवाई का उत्तर प्रदेश में यह पहला
उदाहरण है । उन्होंने दावा किया कि सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में
भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करने के लिए अपनी नीतियों और कार्यक्रमों में आमूल
बदलाव किया है और हर स्तर पर विश्वसनीयता, जिम्मेदारी और पारदर्शिता क़ायम करने की
कोशिश की है । सरकार ने रोटी, कपड़ा, मकान, स्वास्थ्य और शिक्षा को अपनी
प्राथमिकताओं में शामिल किया है । अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश की आगामी
भारत यात्रा से दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा । यात्रा के
दौरान कृषि क्षेत्र में सहयोग के कई समझौतों पर हस्ताक्षर होंगे । बुश शुक्रवार को
हैदराबाद स्थित आचार्य एन. जी. रंगा कृषि विश्वविद्यालय के परिसर का दौरा करेंगे ।
भारत और अमेरिका ने कृषि में द्विपक्षीय सहयोग के लिए कई क्षेत्रों को चिन्हित किया
है । अमेरिकी कृषि शोध संस्थानों के साथ भारतीय शोध संस्थानों का रिश्ता दशकों
पुराना रहा है । 60 के दशक में विश्वविख्यात अमेरिकी कृषि वैज्ञानिक नॉर्मन बॉरलॉग
ने भारत में हरित क्रांति का सूत्रपात करने में उल्लेखनीय योगदान दिया था । भारतीय
कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक मंगला राय ने बताया कि बुश की यात्रा
से दोनों देशों के शोध संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों के बीच सहयोग को भारी
बढ़ावा मिलेगा । उन्होंने कहा कि जैव तकनीकी, कृषि मानव संसाधन विकास, व्यवसायीकरण
के लिए कृषि उत्पाद विकास एवं जल तकनीकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाया जाएगा । पिछले
साल नवंबर में भारतीय कृषि मंत्रालय एवं अमेरिकी कृषि विभाग के बीच एक सहमति पर
हस्ताक्षर हुआ था । करीब 23 अमेरिकी विश्वविद्यालयों ने भारत के 39 कृषि
विश्वविद्यालयों और कृषि संस्थानों के साथ सहयोग की इच्छा जताई है । गुजरात में
गोधरा दंगे के बाद पंचमहल जिले में भड़की हिंसा में मारे गए लोगों के परिवार वालों
ने सामूहिक कब्र से रिश्तेदारों के कंकाल निकालने का दावा किया है । हालांकि पुलिस
ने इस बारे में विस्तार से कोई जानकारी नहीं दी है । यह कब्र पनाम नदी के पास
लोनावाड़ा गांव में है । लोनावाड़ा के सामाजिक कार्यकर्ता सोहेल का कहना है कि
हालांकि कब्र में सामूहिक रूप से दफनाए गए शवों की वास्तविक संख्या के बारे में
उन्हें पता नहीं है । उनका कहना है कि उस कब्र की खुदाई जारी है । गुजरात के पुलिस
महानिदेशक ए. के. भार्गव का कहना है कि उन्हें कब्र की खुदाई के बारे में कोई
जानकारी नहीं है । वह फिलहाल इस बात की जांच करवाने की कोशिश कर रहे हैं । इस मामले
में पंचमहल के पुलिस अधीक्षक जे. के. भट्ट ने बताया कि वह वहां पर अधिकारियों की एक
टीम भेज रहे हैं । इस टीम से मिली जानकारी के आधार पर ही वह कुछ बता सकते हैं ।
सीतलवाड़ सुप्रीम कोर्ट सहित विभिन्न अदालतों में दंगा पीड़ितों के हक की लड़ाई लड़
रही हैं । उन्होंने कहा कि वह इस मामले को हाईकोर्ट में ले जाएंगी । तीस्ता के गैर
सरकारी संगठन के फील्ड कोऑर्डिनेटर रियाज खान का कहना है कि रिश्तेदारों ने कब्र की
खुदाई कर कई कंकाल और कपड़े निकाले हैं । उन्होंने कहा कि उन्होंने स्थानीय पुलिस
को इसकी जानकारी दे दी है । सीतलवाड़ ने कहा कि वह बुधवार को इस बारे में याचिका
दायर कर इस मामले की फिर से जांच कराने की गुहार लगाएंगी । स्वास्थ्य क्षेत्र के
लिए बीता वर्ष भारी उथल - पुथल भरा रहा । जहां साल भर बर्ड फ्लू के खतरे की तलवार
लोगों के जेहन में लटकती रही, वहीं फिल्मों में धूम्रपान पर प्रतिबंध को लेकर
उत्पन्न विवाद, एमबीबीएस में आयुर्वेद शामिल करने की रामदास की घोषणा और भारतीय
चिकित्सा परिषद विधेयक आदि को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय विवादों के घेरे में रहा ।
इन विवादों के चलते कई मर्तबा स्वास्थ्य मंत्री और मंत्रालय की छीछालेदर भी हुई
लेकिन आम लोगों में इसका प्रभाव यह पड़ा कि उनमें स्वास्थ्य के प्रति जागरुकता बढ़ी
। साल के शुरू से ही बर्ड फ्लू के खतरे की दस्तक हावी रही है । साल के अंतिम महीनों
में इसे लेकर एकबारगी भय का माहौल देश में पैदा हो गया था । इसके मद्देनजर मंत्रालय
को आनन - फानन में विदेशों से बर्ड फ्लू की दस लाख टेबलेट खरीदनी पड़ी । इस बात को
लेकर खींचतान चली कि भारतीय दवा कंपनियों को बर्ड फ्लू की दवा बनाने के लाइसेंस दिए
जाएं लेकिन साल के अंत तक इस बारे में सरकार फैसला नहीं ले पाई । स्वास्थ्य मंत्री
डॉ. ए. रामदास अपनी घोषणाओं को लेकर चर्चा में रहे । उन्होंने घोषणाएं तो बड़ी -
बड़ी कीं लेकिन पूरी वे अगले साल ही हो पाएंगी । पहले उन्होंने बिना आयोडीन वाले
नमक पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की लेकिन जनता के भारी विरोध के कारण तत्काल सरकार
यह कदम नहीं उठा पाई और अगले साल के लिए इसे लंबित रखा । बाद में उन्होंने एमबीबीएस
पाठ्यक्रम में आयुर्वेद पढ़ाने की घोषणा कर डाली तो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने
मंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया । अगले ही दिन मंत्री अपने बयान से मुकर गए ।
फिल्मों में धूम्रपान के दृश्यों पर प्रतिबंध के फैसले पर भी सूचना एवं प्रसारण
मंत्रालय के विरोध के चलते इस साल अमल नहीं हो पाया । अब आगामी एक जनवरी से इस पर
अमल होने की संभावना है । एमसीआई विधेयक को वामदलों के विरोध के बावजूद वह संसद में
पेश करने में तो सफल रहे लेकिन पारित नहीं करा सके । इसे स्टैंडिंग कमेटी के पास
भेजा गया है । सरकार की तरफ से एड्स, भ्रूण हत्या और तंबाकू को लेकर जोर - शोर से
अभियान चलाया गया । कन्या भ्रूण हत्या को लेकर तो रामदास ने यहां तक कहा कि वह
स्टिंग ऑपरेशन चलाएंगे लेकिन साल के अंत होने तक उन्होंने ऐसी कोई पहल नहीं की । इस
साल अपने ससुर डॉ राजशेखरन को विभिन्न पदों पर नियुक्त करने और गृह राज्य तमिलनाडु
के लिए विशेष योजनाएं चलाने के लिए भी रामदास खासी चर्चा में रहे । स्वास्थ्य
मंत्रालय के सरकारी कर्मचारियों के लिए सीजीएचएस सेवा को बंद करने का विवाद भी इस
साल सुलझ नहीं पाया । एम्स में शुल्क वृद्धि को लेकर भी स्वास्थ्य मंत्रालय को भारी
आलोचना का सामना करना पड़ा । राममनोहर लोहिया अस्पताल में एक डॉक्टर पर दिल का नकली
ऑपरेशन करने और दूसरे पर जूनियर डॉक्टर से दुष्कर्म करने पर भी स्वास्थ्य क्षेत्र
की सेहत पर बुरा असर पड़ा । सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के जंजगीर चम्पा जिले के
पंचायत शिक्षाकर्मियों के चयन के मामले में हाईकोर्ट के निर्णय को सही करार दिया है
। हाईकोर्ट ने दूसरी चयन सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे । सुप्रीम कोर्ट ने
कहा, यही लागू होगी । गौरतलब है कि मध्यप्रदेश पंचायत द्वारा शिक्षकों की भर्ती के
लिए चयन सूची तैयार करने के बाद नियुक्तियां दे दी गई थीं । पर बाद में कुछ
शिकायतों पर कलेक्टर ने जांच की नियुक्तियां निरस्त कर दीं । कलेक्टर के आदेश को
याचियों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी । एकल जज ने कलेक्टर के आदेश पर रोक लगा दी और
बाद में ६ अक्टूबर १९९९ को अपने फैसले में पूरी चयन प्रक्रिया तो रद्द नहीं की, पर
नियुक्ति के लिए नई सूची तैयार करने का निर्देश दिया । सुप्रीम कोर्ट ने कार्यस्थल
पर अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि
शैक्षणिक संस्थानों में अनुशासनहीनता को कदापि बर्दाशत नहीं किया जाना चाहिए ।
कार्यस्थलों पर अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है । अब समय आ गया है कि कार्यस्थलों
पर अनुशासन पर जोर दिया जाए । न्यायमूर्ति एस. बी. सिन्हा और जस्टिस पी. पी.
नायलेकर की खंडपीठ ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली होमवे गवडा
शिक्षा ट्रस्ट व अन्य की अपील स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के फैसले को रद्द कर दिया
और प्रवक्ता वैक्प्पा गावड़ा की बर्खास्तगी को उचित ठहराते हुए कहा कि उसे सही दंड
दिया गया । खंडपीठ ने अपने १८वें फैसले में कहा कि कार्यस्थल पर अपने से वरिष्ठ पर
हमला करना घोर अनुशासनहीनता है । खंडपीठ ने कहा कि पहले केवल कर्मचारियों के हितों
की रक्षा ही सर्वोपरि समझी जाती थी जिसके फलस्वरूप कार्यस्थलों पर आमतौर पर
अनुशासनहीनता बढ़ी । इसलिए आज के बदलते आर्थिक परिप्रेक्ष्य में यह उचित नहीं होगा
कि कर्मचारियों को बिना किसी दंड के अनुशासन तोड़ने की अनुमति दी जाए । संस्थान में
अनुशासन को बनाए रखना जरूरी है । सुप्रीम कोर्ट ने भागकर शादी करने वाले अल्प वयस्क
युगलों के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार करने के दिल्ली हाईकोर्ट के विवादास्पद
फैसले पर रोक लगा दी है । अदालत ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दायर याचिकाओं पर
विचार करते हुए केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और बालिका शरणगृह 'निर्मल छाया' को
नोटिस जारी किए हैं । विधि आयोग से भी मदद मांगी है । याचिकाओं में मांग की गई है
कि विवाह की न्यूनतम आयु, बाल परिभाषा और शारीरिक संबंध के लिए सहमति दे सकने की
आयु स्पष्ट रूप से निर्धारित की जानी चाहिए । चीफ जस्टिस वाई. के. सब्बरवाल, जस्टिस
सी. के. ठक्कर और जस्टिस आर. वी. रवींद्रन की खंडपीठ ने सोमवार को राष्ट्रीय महिला
आयोग और दिल्ली महिला आयोग तथा अन्य की दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिल्ली
हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी । सुप्रीम कोर्ट इस पूरे मामले में देश भर में
प्रचलित विवाह परंपराओं और पद्धतिओं को ध्यान में रखते हुए विचार करेगी । दिल्ली
हाईकोर्ट के पांच अक्टूबर, २००५ के फैसले और आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के पिछले महीने
के आदेशों के खिलाफ दायर याचिकाओं में बाल विवाह की समस्या और कन्या की विवाह योग्य
न्यूनतम आयु का मसला उठाते हुए बाल विवाह निरोधक कानून, भारतीय दंड संहिता, शरीयत,
हिंदू विवाह कानून, किशोरवय न्याय कानून और तलाक कानून के परस्पर विरोधाभासी
प्रावधानों को चुनौती दी गई है । दिल्ली हाईकोर्ट ने भाग कर शादी करने के मामले में
अवयस्क पतियों के खिलाफ कार्रवाई करने में अपनी अक्षमता व्यक्त की थी । इन मामलों
में बाल विवाह कानून, हिंदू विवाह कानून और किशोरवय न्याय कानून के तहत आरोप थे,
जिसमें बाल विवाह को अवैध माना गया है । दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा था कि कानूनी
प्रावधानों में कमी को दूर करने के लिए संसद को उचित कदम उठाने चाहिए । हाईकोर्ट ने
१५ वर्ष से अधिक आयु की अवयस्क लड़कियों द्वारा भागकर अपनी पसंद से शादी करने के
तीन मामलों की सुनवाई करते हुए कहा था कि १५ साल से अधिक आयु की अवयस्क लड़की की
शादी गैरकानूनी नहीं है, यदि यह उसकी अपनी इच्छा से हुई है और ऐसे मामले में लड़की
को जबरदस्ती नारी निकेतन नहीं भेजा जा सकता । हाईकोर्ट के मुताबिक, शादी को इस कारण
से अवैध नहीं माना जा सकता कि उसका पति १८ साल से कम आयु का है और वह १५ साल की है
। दिल्ली हाईकोर्ट ने मामलों में एफआईआर निरस्त करने और तीनों पतियों को रिहा करने
के आदेश देते हुए कहा था कि इन मामलों में अपहरण के अपराध के लिए आवश्यक तथ्य मौजूद
नहीं हैं । अदालत ने लड़कियों को नारी निकेतन से मुक्त कर उन्हें अपने पतियों के
साथ रहने की इजाजत देने के आदेश दिए थे । इनमें से एक लड़की गर्भवती है । नई पार्टी
गठित करके राजनीति की दूसरी पारी शुरू करने की कगार पर खड़ी उमा भारती ने रायबरेली
संसदीय सीट पर होने वाले उपचुनाव में सोनिया को चुनौती देने के लिए भाजपा से समर्थन
मांगा है । साध्वी ने राजनाथ सिंह को लिखकर सहयोग की अपील की है । उमा भारती ने
'अमर उजाला' को बताया कि वह सोनिया गांधी के खिलाफ अपना प्रत्याशी उतारने का निश्चय
कर चुकी हैं । प्रत्याशी के नाम की घोषणा नहीं करते हुए उमा ने कहा कि वह सोनिया के
खिलाफ महिला प्रत्याशी ही उतारेंगी । उमा ने संकेत देते हुए बताया कि प्रत्याशी
सोनिया से अधिक शिक्षित हैं । इसके लिए उन्होंने भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह को
लिखकर समर्थन भी मांगा है । संन्यासिन ने कहा कि वह अन्य दलों से भी सहयोग की अपील
करेंगी । उमा ने कहा कि वह यूपी, उत्तरांचल, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान और
दिल्ली में होने वाले सभी चुनावों में अपनी पार्टी का उम्मीदवार खड़ा करेंगी ।
उन्होंने कहा कि ३० अप्रैल तक पार्टी को झंडा और चुनाव चिह्न दोनों मिल जाएगें ।
साध्वी ने दावा किया कि ३० अप्रैल के बाद महज ९० दिन के भीतर ही वह छह राज्यों में
अपनी पार्टी का जिला स्तर तक संगठन खड़ा कर देंगी । सूत्रों के मुताबिक वह अपनी
पार्टी को वामपंथियों से सीख लेकर उसी तरह का आकार देंगी । सांसद विकास निधि का
जिक्र करते हुए उमा ने कहा कि यह सांसद विनाश निधि है । इसके स्थान पर जिला मंडल
योजना की प्रणाली शुरू होनी चाहिए । पार्टी सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को
पार्टी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी अपनी नई टीम की घोषणा करने जा रहे हैं । टीम में
ज्यादा फेरबदल की संभावना नहीं है । आडवाणी उमा भारती और अनंत कुमार को महासचिव बना
सकते हैं । ये परिवर्तन कुछ समय बाद किए जाने की संभावना है । इधर कुछेक समाचार में
पार्टी के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी की टिप्पणियों को पार्टी ने गंभीरता से
लिया है । डॉ. जोशी ने कहा है कि उन्हें आडवाणी के अध्यक्ष बनने की सूचना टीवी के
माध्यम से मिली । जबकि पार्टी सूत्रों का कहना है कि संघ से जुड़े भाजपा के संगठन
महामंत्री संजय जोशी ने खुद फोन कर मुरली मनोहर जोशी को इस परिवर्तन की सूचना दी थी
। उनके अलावा वेंकैया नायडू ने भी उन्हें इस घटनाक्रम से अवगत करा दिया था ।
उल्लेखनीय है कि इस दौरान डॉ. जोशी दिल्ली से बाहर थे । पार्टी सूत्रों का कहना है
कि कार्यकारिणी में राजनाथ सिंह को प्रमुखता से स्थान मिलेगा । इस बात के साफ संकेत
राष्ट्रीय परिषद की बैठक में दे दिए गए । राजनाथ सिंह को बैठक में मंच के संचालन की
जिम्मेदारी सौंपी गई थी । मीडिया में इस तरह की खबरें आ रही थीं कि प्रमोद महाजन को
पदाधिकारियों की सूची से हटाया जा सकता है, लेकिन पार्टी सूत्रों का कहना है कि वे
अपने पद पर डटे रहेंगे । पर इतना तय है कि भाजपा की इस टीम में अरुण जेटली लालकृष्ण
आडवाणी के प्रिय पात्र रहेंगे । आस्ट्रेलिया के सबसे धनाढ्य व्यक्ति, मीडिया मुगल
और डे - नाइट क्रिकेट के जनक कैरी पैकर का सोमवार को निधन हो गया । वह ६८ वर्ष के
थे । सिडनी स्थित पैकर के चैनल नाइन टेलीविजन स्टेशन के मुताबिक, उनकी पत्नी रोजलिन
ने एक बयान जारी कर कहा है कि पैकर ने अपने सिडनी स्थित आवास में अंतिम सांस ली ।
उनकी मृत्यु पर आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड समेत कई लोगों ने शोक
व्यक्त किया है । मंगलवार को जारी बयान में कहा गया है कि आखिरी समय उनकी पत्नी और
बच्चे जेम्स और ग्रेटेल उनके पास थे । हालांकि बयान में इस बात का जिक्र नहीं किया
गया है कि लगभग पांच अरब डॉलर मूल्य की परिसंपत्ति के मालिक पैकर की मृत्यु किन
कारणों से हुई । गौरतलब है कि वर्ष १९९० में सिडनी में पोलो खेलने के दौरान पैकर को
दिल का दौरा पड़ा था । प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने अपने शोक संदेश में उन्हें एक
महान आस्ट्रेलियाई बताया । धन कुबेर होने के बावजूद वह आम आदमी की भाषा बोलते थे ।
उनके मीडिया प्रतिद्वंद्वी रूपर्ट मरडोक ने कहा कि १७ दिसंबर, १९३७ को जन्मे पैकर
हमारी पीढ़ी के सबसे सफल व्यवसायी थे । इस उपकरण का नाम 'हमाम' है । ऐसी ही देसी
तकनीक पर आधारित न जाने कितने उपकरण हैं जो इस पहाड़ी अंचल में इलेक्ट्रॉनिक
उत्पादों पर अभी भी भारी पड़ रहे हैं । कुछ अति दुर्गम स्थानों पर भी इन उपकरणों की
कार्यक्षमता और विशेषता इन्हें आज के आधुनिक बाजारों में भी अपनी अलग पहचान बनाए
रखने में सहायक सिद्ध हो रही है । अंतर्राष्ट्रीय कुल्लू दशहरे में आए सैलानियों को
भी देसी तकनीक पर आधारित ये उपकरण खासा रिझा रहे हैं । हालांकि यहां दशहरा मेले में
आए इन उपकरणों के कारीगरों व कारखाना मालिकों का मानना है कि बड़े - बड़े नामों
वाली कंपनियों के अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब से बाजार में उतरे हैं, तब से
खासतौर से शहरों में उनके उत्पादों की बिक्री में कमी आई है लेकिन वे इस बात से
खासे संतुष्ट हैं कि पूर्णतः देसी तकनीक पर आधारित इन उपकरणों का किफायत और परिणाम
के मामले में अभी भी बड़ी कंपनियां कोई तोड़ नहीं निकाल सकी हैं । कुल्लू के सरवरी
बाजार में पीडब्लूडी में अपर अभियंता की नौकरी छोड़ कर ऐसे ही उपकरणों के निर्माण
कार्य में लग गए देवभूमि शीट मेटल इंडस्ट्री के मालिक रामकिशन शर्मा दावा करते हैं
कि पहाड़ों में खासतौर से बर्फ के मौसम में जब सर्दी का प्रकोप चरम पर होता है और
पारा कई डिग्री नीचे लुढ़क जाता है तो ऐसे में इलेक्ट्रॉनिक भी फेल हो जाते हैं ।
काम आता है सिर्फ देसी तकनीक आधारित 'बुखारी' । इसी तरह 'हमाम' सिर्फ छह मिनट में
22 लीटर पानी गरम करने की क्षमता रखता है । इसके बारे में शर्मा बताते हैं कि इसमें
सिर्फ छह मिनट तक रद्दी या कोयला डालकर आग की व्यवस्था करनी होती है । शिवा शीट
मेटल के मालिक मनीराम के मुताबिक इन उपकरणों की उपयोगिता के कई बड़े होटलवाले भी
कायल हैं, जिन्होंने अपने यहां इस तरह के उपकरण लगाए हैं । इससे उनकी कला के प्रति
रुचि भी ग्राहकों के सामने जाहिर होती है और काम भी निकल जाता है । रामकिशन शर्मा
बताते हैं कि समय के साथ साथ कारीगरों ने तकनीक को और उन्नत किया है । इसी का
हिस्सा है छह खानों (बर्नरों) वाला चूल्हा, जिसे हिमाचल में तंदूर के नाम से जाना
जाता है । विशेष किस्म के लोहे से बने इस चूल्हे में खाना बनाने के साथ - साथ ही
ढेर सारा पानी गरम करने की भी सुविधा है । देसी तकनीक पर आधारित उपकरण बनाने वाले
इन कारीगरों को पक्का विश्वास है कि चाहे इलेक्ट्रॉनिक बाजार में कितने ही
अत्याधुनिक उपकरण आ जाएं लेकिन उनके उपकरण सदैव बाजार में अपनी उपस्थिति बनाए
रखेंगे । जहां तक इन उपकरणों की कीमत की बात है तो ये आकार के अनुसार 350 से लेकर
2000 रुपये तक में उपलब्ध होते हैं । इसलिए कम आयवर्गवालों तक भी सीधी पहुंच रखते
हैं । गोल्डमैन के मुताबिक रावण की गर्दन में 9 रत्नों का एक ऐसा हार था जिससे उसके
सिर के 9 प्रतिबिम्ब बनते थे और इससे लगता था कि वह 10 सिरवाला है । इसी तरह
गोल्डमैन के पास रामायण की कई आश्चर्यजनक गुत्थियों के जवाब हैं । गोल्डमैन बर्कले
विश्वविद्यालय में संस्कृत के प्रोफेसर हैं । उन्हें भारतीय इतिहास और परंपरा का
गहरा बोध है । गोल्डमैन ने कहा कि प्राचीन काल के विद्वान रामायण जैसे ग्रंथों के
आख्यानों और कथाओं का वैज्ञानिक आंकलन करते थे । रामायण या दूसरे ग्रंथों में
वर्णित करामाती कहानियों का वे वैज्ञानिक आधार ढूंढ़ा करते थे । उन्होंने कहा कि
सभी के पीछे वैज्ञानिक आधार है । उनके मुताबिक रामायण की कहानियों पर अविश्वास करने
की कोई वजह नहीं है । उन्होंने रामायण की कई आश्चर्यजनक घटनाओं की गुत्थियां सुलझाई
हैं । हनुमान को लक्ष्मण के लिए संजीवनी बूटी लाने के लिए कितनी रफ्तार से उड़ान
भरनी पड़ी थी या कुंभकरण कितने महीने तक सोता था जैसे सवालों का वे उत्तर ढूंढ़ते
रहे हैं । उन्होंने 'बंदर कितनी तेजी से उड़ान भरते थे और राक्षस कितने समय तक सोते
थे' विषय पर आयोजित एक व्याख्यान में कई अनुत्तरित प्रश्नों का उत्तर देने की कोशिश
की । उन्होंने कहा कि नागोजी भट्ट, गोविंद राज, महेश्वर तीर्थ, सत्यतीर्थ और माधव
योगेन्द्र जैसे प्राचीन विद्वानों ने पुरा कथाओं और आख्यानों की आश्चर्यजनक घटनाओं
को विज्ञान की कसौटी पर कसने की कोशिश की थी । उन्होंने कहा कि इन विद्वानों ने राम
- रावण युद्घ से संबद्ध घटनाक्रम का चंद्र पंचांग के आधार पर हिसाब - किताब लगाया
है । इसके आधार पर उन्होंने यह जानने की कोशिश की है कि कुंभकरण और मेघनाद के वध
में कितने समय का फासला था और राम - रावण युद्ध कब तक चला । उन्होंने कहा कि कुछ
प्राचीन विद्वानों ने यह निष्कर्ष निकाला है कि हनुमान ने संजीवनी बूटी लाने के लिए
लगभग 660 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भरी थी । हनुमान सबसे पहले पर्वत
के साथ लंका आए थे । मिशन पूरा होने के बाद उन्होंने उस पर्वत को फिर मूल जगह पर
स्थापित कर दिया । बिहार की एक दलित और अशिक्षित महिला के न्यूयॉर्क में संयुक्त
राष्ट्र के एक सेमिनार में हिस्सा लेने का स्वप्न उस समय चकनाचूर हो गया, जब समय पर
उनका पासपोर्ट नहीं बन सका । पासपोर्ट समय पर नहीं मिलने से हताश गिरिजा ने अब
न्यूयॉर्क जाने का निर्णय रद्द कर दिया है, क्योंकि वीजा और टिकट लेना अभी बाकी है
। चार बच्चों की मां लगभग 50 वर्षीया गिरिजा अति पिछड़ी जाति मुसहर समुदाय से आती
हैं, जो चूहा खाने के लिए ग्रामीण समाज में जाना जाता है । संयुक्त राष्ट्र सेमिनार
में हिस्सा लेकर वे बिहार की पहली और देश की पांचवीं ग्रामीण महिला बन जाती ।
भोजपुरी भाषा में अपनी परेशानियां बताते हुए गिरिजा ने कहा कि मैंने संबंधित
अधिकारियों के पास पहुंचकर समय पर पासपोर्ट हासिल करने की कोशिश की, लेकिन मुझे
सफलता नहीं मिली । गिरिजा की इस स्थिति के लिए मुसहर विकास मंच के अध्यक्ष चंद्रका
मांझी ने लाल फीताशाही को जिम्मेदार ठहराया । माझी ने कहा कि यद्यपि स्थानीय मीडिया
ने गिरिजा को काफी महत्व दिया । लेकिन अधिकारियों के लिए वह महत्वहीन रही । गौरतलब
है कि समाज की दलित और वंचित महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए गए प्रशंसनीय कार्यो
के लिए उन्हें संयुक्त राष्ट्र ने यह अवसर प्रदान किया था । डीजल, पेट्रोल व रसोई
गैस के दाम भले आसमान छूने लगें, लेकिन लालू के राज्य में प्लेटफॉर्म टिकट का मूल्य
कम होने जा रहा है । आगामी सितंबर माह से यह टिकट तीन रुपये की जगह दो रुपये में
मिलेगा । वजन तौलने वाली मशीन से मिलने वाले इस प्लेटफार्म टिकट का डिजाइन एकदम नया
होगा, जिसमें यात्री का वजन व भाग्य भी अंकित होगा । फिलहाल, इसके लिए मशीन खरीदने
की प्रकिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही इन्हें उत्तर रेलवे के प्रमुख स्टेशनों पर
प्रायोगिक तौर पर चलाने के बाद स्थायी रूप से स्थापित कर दिया जाएगा । गौरतलब है कि
पूर्व रेल मंत्री नितीश कुमार ने गत वर्ष अगस्त में यह घोषणा की थी कि रेल
यात्रियों को नए डिजाइन के प्लेटफॉर्म टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे । इस योजना का
उद्देश्य था कि टिकट खिड़कियों पर यात्रियों की भीड़ कम की जाए । इसके लिए यह तय
किया गया कि प्लेटफार्म पर लगीं वजन तौलने वाली मशीनों से ही लोगों को प्लेटफॉर्म
टिकट मिल जाए । अभी वजन तौलने वाली मशीन में दो रुपये का सिक्का डाल कर लोग अपना
वजन पता करते हैं । नितीश कुमार की योजना थी कि वजन टिकट को ही प्लेटफॉर्म टिकट के
रूप में मान्यता मिल जाए । आम लोगों को इसका फायदा यह होगा कि तीन की जगह दो रुपये
में प्लेटफॉर्म टिकट मिलेगा और इसी में वजन व भाग्य भी अंकित होंगे । इस योजना को
स्वीकृत करने के बाद सभी प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर इस तरह की मशीन शीघ्र लगाने की
बात की गई थी । रेलवे के अधिकारी यह मानने लगे थे कि लालू यादव, नितीश कुमार के हर
फैसले को बदल देंगे । लेकिन लालू यादव ने इस मामले में परिपक्वता दिखाई और
प्लेटफार्म टिकट के मूल्य कम करने वाली फाइल को स्वीकृति प्रदान कर दी । सूत्रों का
कहना है कि उन्होंने रेलवे अधिकारियों से कहा है कि अगस्त तक प्लेटफार्म टिकट
प्राप्त करने वाली मशीन सभी प्रमुख स्टेशनों पर लग जानी चाहिए । लालू के निर्देश के
बाद इस मशीन की खरीद की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और टेंडर भी जारी कर दिए गए हैं
। मशीन में दो रुपये का सिक्का डालकर लोग प्लेटफॉर्म टिकट प्राप्त करेंगे ।
प्लेटफार्म टिकट पर लोगों का भाग्य व वजन भी अंकित होगा । दिल्ली के मंडल रेल
प्रबंधक डॉक्टर पी. के. गोयल का कहना है कि यह योजना स्वीकृत है । उत्तर रेलवे ने
मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है । तय समय में यह मशीन प्लेटफॉर्मो पर लग
जाएगी और लोग दो रुपये में प्लेटफॉर्म टिकट प्राप्त कर सकेंगे । प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने भारत के स्वदेशी फास्ट - ब्रीडर कार्यक्रम पर निगरानी लगाए जाने की
अमेरिकी मांग को साफतौर पर ठुकरा दिया है । अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश की यात्रा
से पहले प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिलाया है कि अमेरिका के साथ प्रस्तावित
परमाणु समझौते में देश के परमाणु कार्यक्रम को प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा ।
उन्होंने यह भी साफ किया कि कौन सा परमाणु कार्यक्रम नागरिक है । प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह ने अमेरिका के साथ प्रस्तावित परमाणु समझौते पर सोमवार को लोकसभा में
सरकार का पक्ष रखा । उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत की ऊर्जा जरूरतों को ध्यान में
रख कर किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि नागरिक और सैन्य परमाणु कार्यक्रम को एक -
दूसरे से अलग करने के कार्यक्रम पर बातचीत जारी है । अभी यह भी तय होना है कि
नागरिक कार्यक्रम के तहत आने वाले ठिकानों के लिए क्या सुरक्षा मानदंड अपनाए जाएं ।
इसलिए अभी इन सब के बारे में सारा ब्यौरा देना उचित नहीं होगा । प्रधानमंत्री ने
कहा कि नागरिक और सैन्य कार्यक्रम को अलग - अलग करने की योजना परमाणु सिद्धांत के
अनुरूप होगी, जिसमें विश्वसनीय न्यूनतम परमाणु प्रतिरोधक क्षमता की बात कही गई है ।
समझौते में 'अन्योन्यता' पर जोर देते हुए उन्होंने वाशिंगटन को याद दिलाया कि 18
जुलाई को हुए समझौते के दौरान उसने 'कुछ वादे' किए थे, जिन्हें अभी तक पूरा नहीं
किया जा सका है । तारापुर रियेक्टर के लिए आयातित ईधन की सप्लाई भी इन्हीं वादों
में एक है । प्रधानमंत्री ने पहली बार प्रस्तावित पृथक्करण योजना की रूपरेखा पेश
करते हुए कहा कि विभिन्न चरणों में हमारे कई तापीय परमाणु रियेक्टरों की नागरिक
सुविधाओं के रूप में पहचान कर उन्हें आईएईए निगरानी में रखा जाएगा जो हमारी तापीय
परमाणु ऊर्जा का 65 प्रतिशत होगा । उन्होंने कहा कि हम केवल उन्हीं परमाणु सुविधाओं
को निगरानी में रखेंगे, जिनकी पहचान हमारी निरोधक क्षमता को नुकसान पहुंचाए बगैर और
आर. एंड डी. प्रयासों को बाधित किए बगैर नागरिक परमाणु कार्यक्रम के रूप में हो
सकती है । गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने यह बयान ऐसे मौके पर दिया है, जब एक मार्च
से बुश का तीन दिनी भारत दौरा शुरू होने वाला है और इस मुद्दे पर अमेरिकी विदेश उप
मंत्री निकोलस बन्र्स और भारतीय विदेश सचिव श्याम सरन के बीच वार्ता चल रही है ।
उच्च शिक्षण संस्थानों में आरक्षण का मसला अब केंद्रीय मंत्रिमंडल तक पहुंच गया है
। केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह ने कैबिनेट में इस मुद्दे को उठाकर
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की मुश्किलें बढ़ा दी । प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर अपने
मंत्रिमंडल के सदस्यों को सार्वजनिक रूप से कोई टिथी न करने की सलाह देने का मन बना
रहे थे । पर इससे पहले ही मानव संसाधन मंत्री ने इस मुद्दे को उठाकर मंत्रिमंडल के
सदस्यों में बहस तेज कर दी । कैबिनेट की बैठक के बाद अर्जुन सिंह ने उच्च शिक्षण
संस्थाओं में आरक्षण के मुद्दे पर प्रधानमंत्री के साथ मतभेद से इनकार किया । यह
बयान देकर मानव संसाधन मंत्री ने प्रधानमंत्री को भी इस बहस में शामिल कर लिया है ।
जबकि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर खुली बहस की वकालत कर चुके हैं । बकौल अर्जुन सिंह,
इस तरह की सभी बातें बेबुनियाद हैं । केंद्रीय तकनीक एवं विज्ञान मंत्री कपिल
सिब्बल के बयान पर उन्होंने कोई टिथी नहीं की । कपिल सिब्बल के बयान के बारे में
किए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति लड़ाई को सार्वजनिक करना चाहता
है, वह उसे नहीं रोक सकते । पर उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है । आरक्षण के बारे में
किए गए प्रश्नों के जवाब उन्होंने यह कहते हुए टाल दिया कि चुनाव तक कुछ नहीं
बोलेंगे । सिब्बल ने हनोवर में अर्जुन सिंह की इस मुहिम का यह कहते हुए विरोध किया
था कि इस फैसले से भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता पर नकारात्मक असर
पड़ेगा । सरकार में मंत्रियों के बीच बढ़ती खींचतान से प्रधानमंत्री काफी चिंतित
हैं । क्योंकि, इसका सीधा असर सरकार की साख पर पड़ता है । मंत्रियों के आपसी झगड़े
का हवाला देकर विपक्ष यह साबित कर देगा कि प्रधानमंत्री का अपने सहयोगियों पर ही
कोई बस नहीं है । इसलिए, प्रधानमंत्री ने वरिष्ठ मंत्रियों की सार्वजानिक रूप से
बयानबाजी पर परहेज बरतने का मन बनाया था । पर मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह ने
उनकी मुश्किलों में और इजाफा कर दिया । वीरप्पन को मार गिराने के बाद स्पेशल टास्क
फोर्स ने तस्कर के हथियार, गोलाबारूद और कथित खजाने को नहीं खोजने का फैसला किया है
। एसटीएफ प्रमुख और तमिलनाडु के डीजीपी विजयकुमार ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री धर्म
सिंह और उप - मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से मुलाकात के बाद यहां पत्रकारों से कहा कि
मेरा काम पूरा हो गया है । अब यह स्थानीय पुलिस का काम है कि वह मामले की जांच करे
और आगे छानबीन करे । विजयकुमार ने कहा कि एसटीएफ ने वीरप्पन गिरोह का खात्मा कर
दिया है । हो सकता है कि वीरप्पन की मदद करने वाले कुछ बाकी रह गए हों । उन्हें
पुलिस देख सकती है । वीरप्पन और उसके गिरोह के साथ एसटीएफ की मुठभेड़ को लेकर लगाई
जा रही अटकलों के बारे में उन्होंने कहा कि ऐसी बातें अक्सर इस तरह के अभियानों के
दौरान उठती हैं । उन्होंने बताया कि ऑपरेशन कुकून की छह महीने पहले योजना बनाई गई
थी । इसे पिछले दो महीनों में और तेज कर दिया गया था और इसका नतीजा सामने है ।
तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता की प्रशंसा करते हुए विजयकुमार ने कहा कि उन्होंने
एसटीएफ पर पूरा भरोसा बनाए रखा । उन्होंने कभी भी इसको लेकर मुझ पर दबाव नहीं बनाया
। इस मौके पर विजयकुमार ने वीरप्पन को फर्जी मुठभेड़ में मारने के उसकी पत्नी
मुत्तुलक्ष्मी के आरोप को आधारहीन बताया । इस मौके पर एसटीएफ कर्नाटक के प्रमुख
ज्योति प्रकाश मीरजी को भी सम्मानित किया गया । देर रात मुंढल के निकट एक केंटर के
पलटकर गड्ढे में गिर जाने के कारण सात मजदूर मर गए तथा २० अन्य घायल हो गए । तीन
घायलों की स्थिति गंभीर बताई जाती है, जिन्हें रोहतक मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया
गया है । पुलिस के अनुसार दुर्घटना तब हुई, जब चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और
गाड़ी आठ फुट गहरे गड्ढे में गिर गई । वाहन में कुल ३२ लोग सवार थे । सभी मजदूर
दिल्ली के छतरपुर के रहने वाले थे तथा सिरसा से अपने घर लौट रहे थे । तीन घायलों को
हांसी के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है तथा अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद
छुट्टी दे दी गई । दुर्घटना के बाद ड्राईवर फरार हो गया । पिछले पंद्रह दिनों से
श्रीनगर का न्यूनतम तापमान शून्य से चार - पांच डिग्री नीचे होने के कारण विश्व
प्रसिद्ध डल झील में पानी की सतह पर बर्फ जमना शुरू हो गई है । स्थानीय लोगों के
अलावा पर्यटक भी इस इंतजार में हैं कि कब इसका पानी पूरी तरह से जम जाए और वे इस पर
चलने का आंनद ले सकें । इससे पहले डल का पानी पूरी तरह जनवरी १९९९ में जम गया था ।
सर्दियों के दिनों में डल के जमने का इंतजार कश्मीर के लोगों के अलावा पर्यटकों को
भी रहता है । पर्यटक इस विश्व प्रसिद्ध झील के जमने की यादों को अपने साथ ले कर
कश्मीर से वापस लौटना चाहते हैं । पिछले पंद्रह दिनों से श्रीनगर का न्यूनतम तापमान
शून्य से चार - पांच डिग्री नीचे रहने के कारण डल के पानी की सतह पर बर्फ की परत
जमना शुरू हो गई है । लेकिन यह परत इतनी ठोस नहीं है कि इस पर फिलहाल चला जा सके ।
इस परत को देख कर लोगों को उम्मीद बंधने लगी है कि बर्फबारी के साथ ही झील का पानी
पूरी तरह से जम जाएगा और १९९९ के बाद एक बार फिर वे इस पर पैदल चलने और मोटर साईकिल
चलाने का मजा ले सकेंगे । डल झील में शिकारा चलाने वाले ६० वर्षीय अब्दुल रहमान ने
बताया कि जनवरी १९९९ में हुई बर्फबारी के बाद दो जनवरी को डल पूरी तरह से जम गई थी
। उस समय यहां का तापमान शून्य से सात डिग्री नीचे पहुंच गया था । इससे पहले
श्रीनगर में सबसे कम तापमान २९ फरवरी १९४० को रिकार्ड किया गया था । उस दिन यहां का
तापमान शून्य से २२ डिग्री नीचे रिकार्ड किया गया था । उन्होंने बताया कि एक बार डल
का पानी इतना अधिक जम गया था कि इस पर जीप भी चली थी । उन्होंने गुजरे सालों को याद
करते हुए बताया कि उस समय बख्शी गुलाम मोहम्मद प्रधानमंत्री थे और शायद यह १९६२ या
६३ की बात है । डल जमने का अगर सबसे ज्यादा इंतजार कश्मीर में किसी को रहता था तो
शायद वह पूर्व मुख्यमंत्री डा. फारूक अब्दुल्ला ही होंगे । राजनीति में आने से पहले
अपने लड़कपन के दिनों में डल जमने के साथ ही अपनी यजदी मोटरसाइकिल के साथ उस पर
घूमने के लिए पहुंच जाते थे । एक बार तो उन्होंने डल पर क्रिकेट का मैच भी आयोजित
किया था । लोगों को अब इंतजार है तो बर्फबारी का जिसके साथ ही इस बार डल के पूरी
तरह से जमने की उम्मीद है । और शायद एक बार फिर फारूक अब्दुल्ला का मन डल पर मोटर
साइकिल चलाने के लिए मचल जाए । अमेरिकी नेतृत्व वाले गठबंधन ने सोमवार को इराक की
अंतरिम सरकार को सत्ता सौंपने के बाद इराक की नई सरकार ने शपथ ले ली । आतंकी हमलों
की आशंका को देखते हुए गठबंधन ने निर्धारित समय से दो दिन पहले अंतरिम सरकार को
सत्ता सौंपने का फैसला किया । इराक में अमेरिकी गवर्नर एल. पॉल ब्रेमर ने भारी
सुरक्षा के बीच एक समारोह में इराक के अंतरिम प्रधानमंत्री ईयाद अलावी को सत्ता
हस्तांतरण संबंधी कानूनी दस्तावेज सौंपे । सत्ता हस्तांतरण के करीब दो घंटे बाद
ब्रेमर अमेरिका के लिए रवाना हो गए । वहीं, ऑस्ट्रेलिया और जॉर्डन ने अमेरिकी
गठबंधन सेना द्वारा इराक को सत्ता सौंपने का स्वागत किया है । अमेरिकी नेतृत्व वाली
गठबंधन सेना द्वारा सोमवार को इराक की अंतरिम सरकार को सत्ता हस्तांतरित करने के
बाद इराक की नई सरकार के सदस्यों ने एक समारोह में अपने हाथों में कुरान लेकर पद व
गोपनीयता की शपथ ली । इस मौके पर अलावी ने अपने भाषण में कहा कि यह एक ऐतिहासिक दिन
है । हमारा मानना है कि हम सुरक्षा स्थिति पर नियंत्रण करने में सक्षम हैं । देश की
भावी योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने इराकी लोगों से इस्लाम और मुसलमानों के
खिलाफ काम कर रहे आतंकियों से भयभीत न होने का अनुरोध किया । उन्होंने कहा कि खुदा
हमारे साथ है । अलावी ने कहा कि वे एक बार फिर आतंकी ताकतों को चेतावनी दे रहे हैं
। इस मौके पर ब्रेमर ने कहा कि जैसा आपने कहा हम उससे सहमत हैं कि आप सत्ता संभालने
के लिए तैयार हैं । उन्होंने कहा कि मैं इराक के भविष्य को लेकर विश्वस्त हो कर देश
छोड़ूंगा । औपचारिक रूप से सुसज्जित एक कमरे में आयोजित इस समारोह में ब्रेमर अलावी
और राष्ट्रपति गाजी अल - यावर के साथ बैठे थे । अल - यावर ने कहा कि हम गठबंधन सेना
को धन्यवाद देना चाहते हैं । अमेरिकी नेतृत्व वाली गठबंधन सेना के प्रेस ऑफिस के
निदेशक रॉबर्ट टप्पन ने ब्रेमर के इराक छोड़ने की पुष्टि करते हुए कहा कि ब्रेमर दो
बजे देश छोड़ चुके हैं । इराक के उप प्रधानमंत्री बारहम सालेह ने सशस्त्र
सुरक्षाकर्मियों के बीच ब्रेमर को विदा किया । ब्रेमर ने अमेरिका के सैनिक विमान सी
- 130 से रवाना होने से पहले सालेह से हाथ मिलाया और वहां मौजूद पत्रकारों से बिना
कोई बात किए वह रवाना हो गए । ब्रेमर पिछले वर्ष मई से इराक में थे । वहीं, जॉर्डन
के विदेश मंत्री मारवान मुआशेर ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि उनका देश
इराक की नई सरकार की हर संभव मदद करने के लिए तैयार है । भारतीय प्रबंध संस्थान
(आईआईएम) फीस कटौती के मसले को सुलझाने की प्रक्रिया के अंतिम चरण के तहत मानव
संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह कल एक बार फिर इन प्रबंधन संस्थानों के अध्यक्षों और
निदेशकों से मुलाकात करने वाले हैं । अब कल की बैठक में वह अर्जुन सिंह को अपने
फैसले से अवगत कराएंगे । अर्जुन सिंह की आईआईएम के निदेशकों और अध्यक्षों के साथ कल
हो रही बैठक के बाद पूर्व मानव संसाधन विकास मंत्री मुरली मनोहर जोशी के उस आदेश को
वापस ले लिए जाने की संभावना है जिसके तहत इन प्रबंधन संस्थानों की फीस घटाकर ३०
हजार रुपये कर दी गई थी । इस बारे में मानव संसाधन मंत्रालय को औपचारिक तौर पर
जानकारी भी दी जा चुकी है । जानकारी के मुताबिक अब प्रबंधन संस्थानों की तरफ से
अपनी अंतिम रिपोर्ट मानव संसाधन मंत्री को सौंपी जाएगी । ऐसे में माना जा रहा है कि
प्रबंधन संस्थानों के निदेशकों और अध्यक्षों के साथ बैठक के बाद यह विवाद पूरी तौर
पर खत्म हो जाएगा । नई सरकार फीस घटाने संबंधी आदेश वापस लेने की घोषणा कर सकती है
। वर्षों बाद भी 'ऐ मेरे वतन के लोगों......' गाने को सुनकर किसी भी भारतीय की
आंखों में पानी आ सकता है । एक करार के तहत इस गाने की रॉयल्टी भारत - चीन युद्ध
में घायल सैनिकों, शहीद जवानों की विधवाओं व आश्रितों की सहायता के लिए व्यय होनी
थी । पर म्यूजिक कंपनी सारेगामा की ओर से ब्योरा नहीं मिलने पर इस गाने को लिखने
वाले हिंदी के प्रख्यात कवि व गीतकार स्वर्गीय प्रदीप की बेटी मितुल प्रदीप ने
मुंबई हाईकोर्ट में एक याचिका दायर कर इस म्यूजिक कंपनी से इसका पूरा हिसाब - किताब
मांगा है । जनहित याचिका दायर कर अदालत से 'सारेगामा इंडिया लिमिटेड' कंपनी को इस
गाने से मिली रॉयल्टी को सेना के जवानों व उनकी विधवाओं के कल्याणार्थ केंद्र सरकार
के कोष में जमा करने के लिए भी निर्देश जारी करने की मांग की है । मुंबई हाईकोर्ट
के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश ए. पी. शाह व न्यायमूर्ति एस. यू. कामदार की खंडपीठ
याचिका पर अगली सुनवाई ३० जून को करेगी । दरअसल १९६२ में भारत - चीन युद्ध के बाद
घायल सैनिकों व युद्धपीड़ितों के कल्याणार्थ फिल्म जगत ने एक कार्यक्रम पेश करने का
फैसला किया था । इस कार्यक्रम के लिए खासतौर पर संगीतकार सी. रामचंद्रन ने कवि
प्रदीप से यह भावपूर्ण गीत 'ऐ मेरे वतन के लोगों, जरा आंख में भर लो पानी' लिखवाया
था । सी. रामचंद्रन ने ही इसे स्वरबद्ध किया था और स्वर दिया था लता मंगेशकर ने ।
इसके लिए सभी कलाकारों ने कोई पैसा नहीं लिया । इस कार्यक्रम के गानों की
रिकार्डिंग सारेगामा कंपनी ने की थी । याचिका में यह भी कहा गया कि कवि प्रदीप,
म्यूजिक कंपनी सारेगामा इंडिया व संगीतकार सी. रामचंद्रन के बीच यह सहमति हुई थी कि
इस गाने के रिकॉर्ड व कैसेट से जो आमदनी होगी बतौर रॉयल्टी युद्ध में अपंग हुए
सैनिकों, विधवाओं व अनाथ बच्चों के कल्याणार्थ केंद्र सरकार के कोष में जमा कराई
जाएगी । अमूमन दस फीसदी रॉयल्टी देने वाली कंपनी ने तब इस देशभक्ति से ओतप्रोत गाने
पर १५ फीसदी रॉयल्टी देना मंजूर किया था । हालांकि इस पर कोई लिखित करार नहीं हुआ
लेकिन कंपनी ने जारी किए रिकार्डों पर यह नोट दर्ज था कि 'इस गाने के रिकार्डों की
बिक्री से मिलने वाली आय की सारी रॉयल्टी सीमा पर शहीद हुए जवानों के आश्रितों व
युद्धपीड़ितों के लिए इस्तेमाल होगी याचिका - कर्ता ने शिकायत की है कि इसके बाद
स्वर कोकिला लता मंगेशकर ने लंदन स्थित रायॅल अल्बर्ट हॉल में भी इसी गीत को गाया
था व सारेगामा कंपनी ने रिकार्डिंग की थी । लेकिन इसके बाद जारी कैसेटों व
रिकॉर्डों से पहले वाली सूचना भी गायब थी । जनहित याचिका द्वारा केंद्र सरकार व
सारेगामा कंपनी से रॉयल्टी के भुगतान के संबंध में हलफनामे दायर करने की निर्देशिका
की मांग की है । कश्मीर मुद्दे पर केंद्र सरकार से वार्ता के कारण हुर्रियत के
नरमपंथी नेताओं को निशाना बनाए जाने की आशंका के बीच संगठन के नेता मीरवाइज फारूक
ने कहा कि हम में से ही कुछ लोग शांति प्रक्रिया में बाधा पैदा कर रहे हैं ।
पत्रकारों से बातचीत में मीरवाइज ने कहा कि शांति प्रक्रिया को आगे न बढ़ने देने
वाले अलगाववादी उनके जैसे परिवार के लोगों को निशाना बना रहे हैं । उन्होंने कहा कि
कश्मीर मुद्दे व भारत पाकिस्तान वार्ता पर उनके रुख के कारण ही उन पर व उनके परिवार
पर हमले तेज कर दिए गए हैं । मीरवाइज के चाचा व आवामी एक्शन कमेटी के नेता मौलवी
मुश्ताक को श्रीनगर में 29 मई को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी । इससे 7 जून को
उनकी मौत हो गई । इस महीने के शुरू में मीरवाइज के घर पर भी हमला किया गया ।
मीरवाइज फारूक ने कहा कि इन हमलों की भारत, पाकिस्तान और यूनाइटेड जिहाद काउंसिल ने
निंदा की है । उन्होंने कहा कि हमने इन हमलों के जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के
लिए भारत और पाक सरकार से मदद मांगी है । फारूक ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि
दोनों सरकारें हमलावरों का पता लगाने में उनकी मदद करेंगी । इन हमलों के तथ्यों का
पता लगाने के लिए उनकी पार्टी आवामी एक्शन कमेटी का एक प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान
जाएगा । इस प्रतिनिधिमंडल में उनकी पार्टी के तीन - चार वरिष्ठ सदस्य होंगे । फारूक
ने कहा कि उनकी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल के पाकिस्तान दौरे का कोई राजनीतिक मकसद
नहीं है । फारूक ने रविवार को भारत आए पाकिस्तान के विदेश सचिव रियाज खोखर से
मुलाकात की और प्रदेश के हालात व अलगाववादियों को एकजुट करने पर चर्चा की । दोनों
के बीच चली एक घंटे की बैठक में उन पर व उनके परिवार पर हुए हमलों पर भी चर्चा हुई
। दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा
७४ प्रतिशत से घटाकर ४९ करने को मंत्रियों के समूह (जीओएम) ने सोमवार को मंजूरी दे
दी । रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी की अध्यक्षता में जीओएम ने दिल्ली और मुंबई हवाई
अड्डों के पुनर्गठन और आधुनिकीकरण के लिए संयुक्त उद्यमों में अधिसूचित भारतीय
विमान कंपनियों की १० प्रतिशत भागीदारी के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी । भारतीय
हवाई अड्डा प्राधिकरण के कम से कम ४० प्रतिशत कर्मचारी तीन वर्ष के लिए
प्रतिनियुक्ति पर नई संयुक्त उद्यम कंपनी में तैनात किए जाएंगे । जबकि शेष कर्मचारी
प्राधिकरण में ही रहेंगे । जीओएम में केंद्रीय विधि मंत्री एच. आर. भारद्वाज,
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल और केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम
शामिल हैं । मुंबई को गोवा से रेल के जरिए जोड़ने वाले कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन
लिमिटेड (केआरसी) ने हरियाणा को स्काई - बस - मेट्रो (एसबीएम) के निर्माण का
प्रस्ताव किया है । इससे मानेसर और गुड़गांव को नई दिल्ली से जोड़ा जाएगा । टाउन
एंड कंट्री प्लानिंग और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने सोमवार को
यहां बताया कि उप महाप्रबंधक एम. श्रीनिवास के नेतृत्व में एसबीएम के एक
प्रतिनिधिमंडल ने महत्वाकांक्षी परियोजना का खाका हरियाणा राज्य औद्योगिक विकास
निगम (एचएसआईडीसी) और लोक निर्माण (इमारत और सड़क) से जुड़े अन्य विभागों के
अधिकारियों के समक्ष पेश किया । श्रीनिवास ने कहा कि इस प्रणाली से लगभग एक लाख
यात्री एक घंटे में सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से सफर कर सकेंगे । हर मिनट
में सेवा उपलब्ध होगी । श्रीनिवास ने कहा कि इस प्रणाली के तहत डिब्बों को एक ही
ट्रैक पर चलाया जाएगा और इनके पटरी से उतरने व टकराने का भी कोई खतरा नहीं रहेगा ।
उन्होंने कहा कि भूमिगत परिवहन की अपेक्षा यह अधिक सुरक्षित है । आतंकी हमले और आग
लगने की घटनाओं के मामले में भी यह अधिक सुरक्षित है । उन्होंने बताया कि इस पर
मेट्रो की लागत से एक तिहाई कम खर्चा आएगा जो मौजूदा समय में तीन सौ करोड़ रुपये
प्रति किलोमीटर है । उन्होंने कहा कि इससे मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम की लागत
में कमी हो जाएगी । यह प्रणाली ध्वनि और वायु प्रदूषण बचाव की दृष्टि से भी काफी
कारगर है । आधिकारिक प्रवक्ता ने बताया कि केआरसी ने गोवा के मारगांव में इसका एक
नमूना भी तैयार किया है । जिसके चलते मारगांव में मेट्रो प्रोजेक्ट को हरी झंडी भी
मिल गई है । केआरसी के प्रबंध निदेशक बी. राजाराम ने उम्मीद जताई कि मारगांव में
स्काई बस परियोजना पूरी हो जाने पर इस तकनीक से संबंधित लगाए जा रहे कयासों पर
विराम लग जाएगा । हिमाचल प्रदेश में दो हजार से ज्यादा दिहाड़ीदार व नियमित
कर्मचारियों की फौज साहब बहादुरों की खिदमत में जुटी हुई है । अफसरों के घरों की
ड्यूटी पर तैनात इस अमले पर सरकार पांच करोड़ रुपये सालाना खर्च कर रही है । कई
अफसरों के घरों में तो कपड़े धोना भी इनकी ड्यूटी में है । सरकारी मुलाजिमों से
बेगारी लेने में लोक निर्माण विभाग व आईपीएच सबसे ऊपर हैं । सचिवालय में बैठकर
सरकार चलाने वाले कई प्रमुख सचिव व सचिव जैसे आला अफसर भी बेगार लेने वालों में हैं
। बेगारी की इस बीमारी से पुलिस भी मुक्त नहीं है । लेकिन, इसका सर्वाधिक दुरुपयोग
सरकारी बोर्ड व निगमों में हो रहा है । प्रदेश में दो हजार से ज्यादा सरकारी
मुलाजिम इस समय अफसरों के घरों पर ड्यूटी बजा रहे हैं । जिन कर्मचारियों से बेगारी
ली जाती है उनमें दिहाड़ीदारों की संख्या सर्वाधिक है । सरकारी कर्मचारियों से
बेगारी लेने का यह सिलसिला अधिकतर सरकारी विभागों में धड़ल्ले से चल रहा है ।
सरकारी कर्मियों से बेगारी लेने में लोनिवि सबसे ऊपर है । लोनिवि में बेगारी कर रहे
कर्मचारियों की तादाद एक हजार से ज्यादा है । इनमें से अधिकतर बेलदार हैं । इनमें
से अधिकतर बेलदार व पंप आपरेटर हैं । वन विभाग में भी रेंजर से लेकर ऊपर तक के
अफसरों के घरों में फारेस्ट वर्कर के नाम पर तैनात दिहाड़ीदार साहबों की खिदमत में
हैं । इन अफसरों के घरों में एक से लेकर तीन तक कर्मचारी तैनात हैं । पुलिस विभाग
के हाल भी बहुत बेहतर नहीं हैं । कुछ अपवादों को छोड़कर वहां भी बेगारी का बोलबाला
है । अलबत्ता पुलिस अफसरों के घरों में काम करने वाले वर्दीधारी होने से उनकी ठसक
ही अलग होती है । पुलिस उपाधीक्षक से लेकर ऊपर तक सारे अफसरों के घरों में तैनात ये
पुलिसकर्मी सब्जी लाने, खाना बनाने से लेकर मेम साहब का हर हुक्म बजाने तक का सारा
काम करते हैं । स्टेटस सिंबल के चक्कर में कुछ बड़े अफसरों के घरों में तीन - तीन
पुलिसकर्मी तैनात हैं । दिलचस्प तथ्य यह है कि फाइलों पर नियम, कानूनों की लीक पर
चलने वाले अधिकतर आईएएस अफसरों के घरों पर भी यही आलम है । अलबत्ता इनमें से कुछ
अफसरों के घरों पर तैनात कर्मी दिन में अपने दफ्तर में दिखते हैं । 'अमर उजाला'
द्वारा की गई जांच में सचिवालय में तैनात सिर्फ आधा दर्जन वरिष्ठ आईएएस ही ऐसे
निकले जिनके घरों में सरकारी मुलाजिम काम नहीं कर रहे हैं । सबसे बुरी स्थिति
निगमों व बोर्ड में है । इनमें से अधिकतर की भर्ती फील्डमैन के पद पर की गई है ।
खोजबीन के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि वन निगम व आपूर्ति निगम के दो पुराने एमडी
तबादला होने के बाद भी पुराने दिहाड़ीदार को घरों में रखे हुए हैं । हैरतअंगेज तथ्य
यह है कि ये दिहाड़ीदार कुछ प्रभावशाली पर गैर सरकारी लोगों के घरों में भी ड्यूटी
बजा रहे हैं । एक कांग्रेस सांसद के घर की देखरेख में लोनिवि के दो दिहाड़ीदार जुटे
रहते हैं । वामदलों और वित्त मंत्रालय के दोतरफा दबाव के बीच आखिरकार कर्मचारी
भविष्य निधि के न्यासी बोर्ड ने शनिवार को २००४ - ०५ के लिए ईपीएफ पर ९.५ फीसदी
ब्याज देने का फैसला किया है । वाम दल जहां ब्याज दर बढ़ाने पर जोर दे रहे थे, वहीं
वित्त मंत्रालय ने इससे होने वाले घाटे की पूर्ति के लिए सब्सिडी देने से इनकार कर
दिया था । आम सहमति के अभाव में कर्मचारी भविष्य निधि के न्यासी बोर्ड (सीबीटी) ने
यह फैसला बहुमत के आधार पर किया । श्रम मंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा है कि इससे
होने वाले घाटे को सीबीटी के विशेष आरक्षित निधि (एसआरएफ) से पूरा किया जाएगा ।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के इतिहास में यह दूसरा मौका है, जब उसे विशेष
आरक्षित निधि से धन लेना पड़ रहा हो । इससे पहले राजग सरकार के कार्यकाल में २००३ -
०४ के दौरान ईपीएफ पर ९ फीसदी ब्याज दर के ऊपर ०.५ फीसदी गोल्डन जुबली बोनस देने के
लिए एसआरएफ से धन निकाला गया था । इससे पूर्व वित्त मंत्रालय ने यह कहते हुए ९.५
फीसदी ब्याज के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया था कि वह ९२७ करोड़ सब्सिडी उपलब्ध
कराने में असमर्थ है । वास्तव में वित्त मंत्रालय को यह भय था कि इस मांग को
स्वीकार कर लेने पर अन्य लघु बचत योजनाओं पर भी ब्याज की दर बढ़ाने की मांग होने
लगेगी । शेष ८.६७ फीसदी राशि राज्यों को विकासात्मक ऋण के रूप में उपलब्ध कराई गई
है । सीबीटी की बैठक के दौरान एक विचार यह भी उभर कर सामने आया कि वर्ष २००४ - ०५
के दौरान कुछ समय के लिए विशेष जमा योजनाओं में ब्याज की दर को बढ़ा कर ९.५ फीसदी
कर दिया जाए । ऐसा करने पर सब्सिडी की आवश्यकता नहीं रह जाएगी । इस प्रस्ताव पर
सर्वसहमति नहीं बन पाई तथा इसे अस्वीकार कर दिया गया । प्रारंभ में यह अनुमान लगाया
था कि वर्ष २००४ - ०५ के दौरान ईपीएफ में जमा राशि पर ब्याज से आमदनी ५९१९.४२ करोड़
रहेगी तथा ९.५ फीसदी का ब्याज देने पर सीबीटी को ९२७ करोड़ का घाटा होगा । लेकिन,
बकाया राशि की वसूली में वृद्धि होने के कारण वास्तविक आमदनी ६१६८.९८ करोड़ रही ।
इस प्रकार ९.५ फीसदी ब्याज पर घाटा कम होकर ७१६.०७ करोड़ रह गया । सीबीटी के विशेष
आरक्षित निधि से इस घाटे को पूरा करने के पश्चात इस कोष में २३३.९७ करोड़ रुपये और
बने रहेंगे । शनिवार की सुबह जब सीबीटी की बैठक प्रारंभ हुई तो श्रमिक संगठनों के
नेता काफी तीखे तेवर में दिखे । सीटू के महासचिव एम. आर. वर्द्धराजन ने बैठक के
प्रारंभ में कहा कि यूं तो उनकी मांग १२ फीसदी ब्याज दर की है, लेकिन किसी भी
स्थिति में ९.५ फीसदी से कम ब्याज स्वीकार नहीं करेंगे । उन्होंने यह विश्वास जताया
कि प्रधानमंत्री वादा खिलाफी नहीं करेंगे । केंद्र सरकार ने शनिवार को औपचारिक रूप
से असम के सबसे शक्तिशाली अलगाववादी संगठन उल्फा को शांति वार्ता के लिए निमंत्रण
दिया है । सरकार और उल्फा ने बातचीत के माध्यम के लिए ज्ञानपीठ पुरस्कार से
सम्मानित इंदिरा गोस्वामी को चुना है । केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने
बताया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस संबंध में उल्फा को पत्र भेज दिया गया
है । गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार इस पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.
के. नारायणन के हस्ताक्षर हैं तथा यह सीधे उल्फा के चेयरमैन अरंबद राजखोआ को भेजा
गया है । सूत्रों ने बताया कि इस को असम की प्रसिद्ध लेखिका इंद्रा गोस्वामी को
सौंप दिया गया है । गोस्वामी ने स्वीकार किया कि उन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय का
पत्र मिल गया है । लेकिन उन्होंने कहा, मैं इस में लिखी हुई बातों को सार्वजनिक
नहीं करुंगी । गोस्वामी ने इतना कहा कि उसकी भाषा काफी उत्साहजनक तथा सकारात्मक है
। उन्होंने कहा, मैंने इस को उल्फा के चेयरमैन राजखोआ को ई - मेल के द्वारा भेज
दिया है । मुझे आशा है कि राजखोआ जल्द ही इसका जवाब दे देंगे । गौरतलब है कि दो
महीने पहले ही राजखोआ ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को लिखकर केंद्र सरकार के साथ
शांति वार्ता करने की इच्छा व्यक्त की थी, लेकिन राजखोआ ने इसके साथ यह शर्त भी
जोड़ दी थी कि बातचीत में उल्फा की स्वतंत्रता या संप्रभुता की मुख्य मांग पर भी
बातचीत की जाए । असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने केंद्र सरकार द्वारा उल्फा को
शांति वार्ता के लिए भेजे गए पत्र की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे राज्य में जारी
हिंसा के स्थायी खातमे की आशा बढ़ गई है । गौरतलब है कि दो दिन पहले ही केंद्र
सरकार ने असम के एक अन्य अलगाववादी संगठन नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड
(एनडीएफबी) के साथ संघर्ष विराम के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं । गुजरात के पंचमहल
जिले के लुनावड़ा गांव में सामूहिक कब्र में बड़ी संख्या में नरकंकालों के मिलने की
खबर ने एक बार फिर देश का ध्यान गुजरात दंगों की ओर खींचा है । इस मामले को गंभीरता
से लेते हुए केंद्र ने जहां राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी, वहीं राष्ट्रीय
मानवाधिकार आयोग ने गुजरात के डीजीपी और सीबीआई निदेशक से इस बारे में दो हफ्ते के
अंदर रिपोर्ट तलब की है । सीबीआई की चार सदस्यीय टीम और एफएसएल की टीमों ने भी
सामूहिक कब्र का मुआयना किया है । याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई होगी । उन्होंने
कहा कि प्रशासन के पास 34 दंगा पीड़ितों की सूची है जिसमें से 28 को यहां दफनाया
गया था । उन्होंने कहा कि दंगा पीड़ितों के परिजनों का यह बयान गलत है कि हमने उनसे
सहयोग नहीं किया । हमसे शिनाख्त के लिए परिजनों ने कई बार मुलाकात की है । 34 शवों
में से छह की पहचान कर ली गई थी । इसलिए 28 को सामूहिक कब्र में दफनाया गया । वर्ष
2002 में आठ शवों को निकालकर परिजनों को सौंपा गया । इसके बाद प्रशासन को कोई आवेदन
नहीं मिला । वहीं केंद्र में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने कहा है कि गुजरात में इनसानी
जिंदगी से खिलवाड़ का इससे क्रूर उदाहरण कोई और नहीं हो सकता । कांग्रेस महासचिव
जनार्दन द्विवेदी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बारे में राज्य सरकार से
रिपोर्ट तलब की है । कांग्रेस की मीडिया अध्यक्ष अंबिका सोनी ने कहा कि मुख्यमंत्री
नरेंद्र मोदी लोगों के बीच भय पैदा कर शासन चला रहे हैं । गुजरात के डीजी ए. के.
भार्गव ने कल बताया कि गांधीनगर की फॉरेंसिक विज्ञान लैबोरेट्री (एफएसएल) भविष्य
में किसी विवाद से बचने के लिए नरकंकालों का डीएनए परीक्षण करेगी । इसके लिए सीबीआई
के चार अफसरों और एफएसएल अधिकारियों के दलों ने आज सामूहिक कब्र का मुआयना किया ।
इस मामले में क्या कार्रवाई होगी यह बात गुजरात हाईकोर्ट की बृहस्पतिवार को होने
वाली सुनवाई के बाद ही सामने आ पाएगी । इधर गुजरात हाईकोर्ट के जस्टिस वी. के. बुच
की अदालत में पंडरावड़ा गांव के निवासी अमीन हबीब रसूल ने याचिका दायर की । याचिका
में दावा किया गया कि पनमा नदी के किनारे सामूहिक कब्र में मिले कंकाल उन लोगों के
हैं, जो वर्ष 2002 में गोधरा बाद के दंगों के दौरान पंडरावडा गांव में हुए संहार का
शिकार बने थे । इस मामले में एक अन्य याचिका 'सिटीजंस फॉर जस्टिस एंड पीस' नाम के
एनजीओ ने दाखिल की है । इन याचिकाओं में मुख्य रूप से मांग की गई है कि कंकालों के
सैंपल को तत्काल सील कर डीएनए टेस्ट के लिए हैदराबाद की रेडहिल लेबोरेट्री भेजा जाए
। सील करने की कार्रवाई दंगा पीड़ितों के रिश्तेदारों के समक्ष हो और उन्हें मामले
का शिकायतकर्ता और गवाह माना जाए । याचिका में आरोप लगाया गया है कि कब्र में
कंकालों के साथ कपड़े भी मिले थे, जो इस बात का सबूत है कि लाशों को दफन करने से
पहले उनका ठीक तरह से पोस्टमार्टम नहीं कराया गया । आमतौर पर पोस्टमार्टम में शव के
ऊपर से कपड़े हटा दिए जाते हैं और फिर उसे सफेद चादर में बांधा जाता है । याचिका
में दावा किया गया है कि एक मार्च, 2002 को पंडरवडा संहार के मामले में स्थानीय
थाने में दर्ज एफआईआर में आठ लोगों के मरने की बात कही गई है, जबकि सामूहिक कब्र
में कम से कम 26 लोगों के कंकाल मिले हैं । गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने
मंगलवार को गृह मंत्री शिवराज पाटिल से मुलाकात कर आईएएस और आईपीएस की तर्ज पर
राष्ट्रीय स्तर पर एक खुफिया सेवा शुरू करने का अनुरोध किया । पाटिल के साथ आधे
घंटे की बैठक के बाद मोदी ने पत्रकारों से कहा कि पड़ोसी देशों की गतिविधियों को
ध्यान में रखते हुए हमें आईएएस और आईपीएस की तरह ही देश में खुफिया सेवा शुरू करनी
चाहिए । मोदी ने कहा कि इस सेवा में उच्च शिक्षा प्राप्त और प्रशिक्षित लोगों को
शामिल किया जाना चाहिए और इसका पूरे देश में नेटवर्क स्थापित किया जाना चाहिए ।
इससे काफी मदद मिल सकेगी । उन्होंने बताया कि पाटिल ने उनके सुझाव की सराहना की है
। पाटिल के साथ मुलाकात को शिष्टाचार बैठक बताते हुए मोदी ने कहा कि उन्होंने
गुजरात के 1600 किमी लंबे समुद्री तट की सुरक्षा के लिए 400 करोड़ रुपये के तटीय
विकास की योजना दी है । उन्होंने कहा कि यह योजना सीमा विकास योजना की तर्ज पर होनी
चाहिए ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिल सके । मोदी ने कहा कि उनकी पाटिल के
साथ गहन बैठक हुई है और गृह मंत्री ने उनके प्रस्तावों को काफी ध्यान से सुना है ।
गृह मंत्री ने राज्य के तटीय इलाकों के दौरे के निमंत्रण को भी स्वीकार कर लिया है
। हालांकि इस मौके पर मोदी ने हाल में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए लश्कर - ए - ताइबा
के चार आतंकवादियों के बारे में किसी सवाल का जवाब देने से इनकार कर दिया । केंद्र
की यूपीए सरकार द्वारा राजग शासनकाल में नियुक्त राज्यपालों को बदले जाने की कोशिश
के बावजूद राजस्थान के मुख्यमंत्री मदन लाल खुराना ने अपने पद से इस्तीफा देने से
इनकार किया है । खुराना ने कहा कि उन्होंने भी ऐसी बातें सुनी हैं कि गृह मंत्रालय
के वरिष्ठ अधिकारियों ने कुछ राज्यपालों को इस्तीफा देने के लिए फोन कर कहा है
लेकिन उन्हें अब तक इस सिलसिले में कोई फोन कॉल प्राप्त नहीं हुई है । यह पूछे जाने
पर कि क्या केंद्र में सरकार बदलने पर राज्यपालों को इस्तीफा दे देना चाहिए खुराना
ने कहा कि वे इस प्रश्न का जवाब नहीं दे सकते हैं क्योंकि वे एक संवैधानिक पद पर
हैं । सोमवार को दिल्ली जाने के कारण के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि
इसके पीछे कोई कारण नहीं है । जिले के गांव लाखनमाजरा में पारिवारिक रंजिश में एक
ही परिवार के चार सदस्यों की गोली मारकर और गंड़ासे से काटकर हत्या कर दी गई ।
परिवार का एक सदस्य सिर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे गंभीर हालत में पीजीआई
में दाखिल कराया गया है । मृतकों में दो महिलाएं व तीन वर्ष का एक बच्चा शामिल है ।
अभियुक्तों के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है । पुलिस ने मौके से छह खाली कारतूस
बरामद किए हैं । घटना के विरोध में मंगलवार को लाखनमाजरा बाजार पूरी तरह बंद रहा ।
पुलिस के देरी से पहुंचने पर गुस्साए ग्रामीणों ने आधे घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग
जाम रखा । महम पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है । पुलिस ने शवों को
पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई भेज दिया है । प्राप्त जानकारी के अनुसार लाखनमाजरा के
बुढ़ानपाना में सोमवार रात करीब १२ व एक बजे के बीच दो मोटरसाइकिलों पर सवार
हथियारबंद चार व्यक्ति आए । इससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई । हमलावरों ने इन
पर भी हमला बोल दिया । हमलावरों ने सीमा को चारपाई में बांधकर पेट्रोल छिड़ककर जला
दिया । सीमा गर्भवती थी । हमलावरों ने सीमा को जिंदा जलाया या फिर पहले मारकर फिर
जलाया, इस बात को लेकर संदेह बना हुआ है । पुलिस का कहना है कि इसका पता
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा । हमलावरों ने राहुल के सिर में गोली
मारकर छत से नीचे फेंक दिया । इससे उसका सिर फट गया और उसकी मौत हो गई । फिर
हत्यारों ने अमरदीप के सिर में दो गोलियां मारी और गंड़ासे से भी वार किया । अमरदीप
खुद को हमलावरों से बचाते हुए घर की छत पर बने एक कमरे में छुप गया । हमलावर उसे
मरा समझकर छोड़ गए । गांव के लोगों को इस घटना का तब पता चला जब सामने के मकान की
छत पर सो रही महिला ने आग की लपटें देखकर चिल्लाना शुरू किया । महिला की आवाज सुनकर
सबसे पहले रणबीर का भाई रणधीर घर से बाहर आया । रणधीर ने हमलावरों को ललकारा पर वे
मोटरसाइकिलों पर सवार होकर फरार हो गए । फिर वह छत पर बने कमरे के अंदर दाखिल हुआ,
जहां अमरदीप घायल अवस्था में पड़ा था । रणधीर ने पुलिस को बताया कि अमरदीप बिना कुछ
बोले ही उसके सीने से लिपट गया तथा रोने लगा । घटना के तत्काल बाद ही बड़ी संख्या
में ग्रामीण इकट्ठे हो गए । उसके बाद ग्रामीणों ने अमरदीप को रात में ही पीजीआई में
भर्ती कराया । सूचना के बावजूद महम थाना पुलिस लगभग दो घंटे बाद मौके पर पहुंची ।
मौके पर डॉग स्क्वायड व फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम को भी बुलाया गया, जहां से
उंगलियों के निशान लिए गए । इस घटना को लेकर गांव में पूरी तरह सन्नाटा छाया हुआ है
और कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है । हमलावर कौन थे, इसका पता नहीं लग सका है ।
पुलिस इस घटना को पारिवारिक रंजिश का नतीजा मानकर जांच कर रही है । वहीं घटनास्थल
पर पुलिस के देर से पहुंचने को लेकर मंगलवार सुबह करीब ७ बजे ग्रामीणों ने राजमार्ग
पर करीब आधा घंटे तक जाम लगाया । पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने
जाम खोला । सतलुज - यमुना लिंक नहर मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर
सिंह के बयान पर भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई है । पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री
के इस तरह के बयानों से देश की एकता को खतरा पैदा हो सकता है । अमरिंदर सिंह ने एक
समाचार से बातचीत में कहा था कि अदालत का फैसला अगर राज्य सरकार के खिलाफ जाता है
तो 'पंजाब में आतंकवाद दोबारा पैदा हो जाएगा भाजपा अध्यक्ष वेंकैया नायडू ने
मंगलवार को संवाददाताओं को संबोधन में कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस बयान से
देश की एकता को ठेस पहुंची है । मुख्यमंत्री का यह बयान उस वक्त आया है जब मामला
अदालत में विचाराधीन है । लिहाजा, इसे अदालत के मामले में हस्तक्षेप के रूप में
देखना चाहिए । वहीं, इस तरह के बयान देकर अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं
। भाजपा अमरिंदर के इस बयान की कड़ी आलोचना करती है । नायडू ने कहा कि कांग्रेस के
भीतर इसी तरह की राजनीति के चलते ही १९८० में खालिस्तानी आतंकवाद ने जन्म लिया था ।
जिसकी राष्ट्र को भारी कीमत अदा करनी पड़ी थी । कांग्रेस अध्यक्ष को चाहिए कि वह
पंजाब के मुख्यमंत्री को इस तरह के बयान देने से रोकें । भाजपा ने उम्मीद जताई है
कि पंजाब में दोबारा आंतकवाद नहीं भड़केगा, जिसकी वजह से राष्ट्र को भारी कीमत
चुकानी पड़ी थी । काले धन को अचल संपत्ति में लगाना अब आसान नहीं होगा । क्योंकि
ऊंची दर वाली ऐसी हर संपत्ति पर आयकर विभाग की निगाह रहेगी । सब रजिस्ट्रार अब तीस
लाख या उससे अधिक की संपत्ति की रजिस्ट्री तभी कर सकेंगे जब खरीदने और बेचने वाले
दोनों ही आयकर विभाग द्वारा अनिवार्य रूप से लागू किए गए फार्म को भरकर देंगे ।
इसमें दोनों के पैन नंबर सहित संपत्ति का पूर्ण विवरण देना होगा । कुछ महीने पहले
सरकार ने ऐसी संपत्ति का स्टेटमेंट भेजने की जिम्मेदारी सब रजिस्ट्रार को दी थी
लेकिन अब यह व्यवस्था बदल दी गई है । अब फार्म भराया जाएगा और इस फार्म को सब
रजिस्ट्रार आयकर विभाग के सतर्कता आयुक्त को भेजेगा । सोमवार से सब रजिस्ट्रार आयकर
विभाग द्वारा जारी की गई गाइड लाइन के मुताबिक काम करेंगे । आयकर विभाग ने पूर्व
में यह व्यवस्था कर रखी थी कि बीस लाख या उससे अधिक की संपत्ति खरीदने पर अनुमति
लेनी होगी । करीब चार साल पहले यह व्यवस्था समाप्त कर दी गई । उसके बाद संपत्ति के
क्रय - विक्रय पर आयकर विभाग का नियंत्रण खत्म सा हो गया था । आयकर विभाग ने एक बार
फिर अचल संपत्ति की खरीद - फरोख्त पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है । सहायक आयुक्त
स्टाम्प विजय देव शर्मा ने बताया कि हाल ही में आयकर विभाग की ओर से सब
रजिस्ट्रारों को पत्र जारी किया गया है । इसमें यह कहा गया है कि तीस लाख या उससे
अधिक कीमत वाली संपत्ति की रजिस्ट्री तभी की जाए जब खरीददार और बेचने वाला
निर्धारित फार्म भरकर देगा । इस फार्म में पैन नंबर के अलावा संपत्ति और लेन - देन
का पूर्ण विवरण देना होगा । यह फार्म सब रजिस्ट्रार आयकर विभाग के सतर्कता आयुक्त
को भेजेंगे । सब रजिस्ट्रार पुनीत उपाध्याय का कहना है कि अब तक आयकर विभाग ने केवल
स्टेटमेंट भेजने की व्यवस्था की थी लेकिन अब इसमें परिवर्तन कर दिया गया है । इसे
बकायदा एक्ट में शामिल कर लिया है । सब रजिस्ट्रार फार्म को भेजने का काम करेगा ।
बिना इस फार्म के दिए रजिस्ट्री नहीं हो सकेगी । इस व्यवस्था को सोमवार से सभी सब
रजिस्ट्रार कार्यालयों में लागू करा दिया जाएगा । यह विवरण सालाना भेजा जाएगा ।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा जनवरी २००४ से मार्च २००४ तक पांच लाख या उससे अधिक
की संपत्ति की, जो रजिस्ट्री हुई हैं उनका विवरण आयकर विभाग की स्थानीय सतर्कता
शाखा ने मांगा था । यह विवरण भिजवा दिया गया है । अभी २००४ के शेष नौ माह का विवरण
और भेजना बाकी है । मोबाइल सेवा देने वाली निजी क्षेत्र की कंपनी एयरटेल ने पश्चिमी
उत्तर प्रदेश और उत्तरांचल के लिए नया पैकेज ऑफर किया है । जबकि एयरटेल से अन्य पर
लोकल कॉल व एसटीडी 2 रुपये 90 पैसे प्रति मिनट होगी । कंपनी की एक विज्ञप्ति में
कहा गया है कि लोकल व राष्ट्रीय स्तर पर एयरटेल से एयरटेल पर एसएमएस करने पर 30
पैसे लगेंगे । इसके अलावा कंपनी ने एक और शुरुआती ऑफर दिया है जिसके तहत 331 या
उससे ज्यादा के पहले रिचार्ज पर उपभोक्ता को 50 रुपये का अतिरिक्त टॉक टाइम मिलेगा
। एयरटेल एडवांटेज पैकेज के नाम से दिए गए इस ऑफर में 50 रुपये का अतिरिक्त टॉक
टाइम एक्टीवेशन की तारीख से 7 दिन के लिए वैध होगा । इसके अलावा इस पैकेज के तहत
एयरटेल से एयरटेल पर सभी आउट गोइंग लोकल कॉल 30 पैसे प्रति मिनट होगीं । इस पर
अतिरिक्त 25 रुपये प्रोसेसिंग चार्ज के लिए जाएंगे । ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर
से आयोजित मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन में खुद मुलायम सिंह यादव तो नहीं आए लेकिन
उन्होंने केंद्र के सामने उत्तर प्रदेश की ओर से मांगों का पुलिंदा जरूर रख दिया ।
उ.प्र. ने केंद्र सरकार को यह अहसास दिलाने की कोशिश की है कि यदि गांवों के तेज
विकास का लक्ष्य हासिल करना है तो केंद्र को राज्यों की आर्थिक मदद के लिए आगे आना
होगा । उ.प्र. ने केंद्र के सामने 18 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के विशेष पैकेज की
मांग रखी है । इसके अलावा केंद्र से ग्रामीण विकास की दूसरी योजनाओं के लिए भी
आर्थिक मदद देने का आग्रह किया गया है । पंचायती राज मंत्री बलराम यादव और ग्राम्य
विकास राज्य मंत्री राजपाल त्यागी मुलायम सिंह की जगह सम्मेलन में राज्य का
प्रतिनिधित्व कर रहे हैं । सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मुलायम का लिखित भाषण पढ़ा
गया । उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार सामाजिक और आर्थिक पिछड़ापन दूर करने के लिए
संसाधनों में वृद्धि का प्रयास कर रही है । वर्ष 2004 - 05 के बजट में पिछले वर्ष
की तुलना में करों से आय में 17 फीसदी की बढ़ोतरी का लक्ष्य रखा गया है । इसके
बावजूद संसाधनों की कमी को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार से 18,230 करोड़ रुपये
वित्तीय सहायता की मांग की है । अपने भाषण में मुलायम सिंह ने बेरोजगारी खत्म करने
में केंद्र की सहायता पर भी जोर दिया है । उन्होंने कहा कि इस समय बेरोजगारी देश की
सबसे विकट समस्या है और इसने अब भयावह रूप ले लिया है । केंद्र सरकार के न्यूनतम
साझा कार्यक्रम में भी बेरोजगारी की समस्या को प्रमुख स्थान दिया गया है । इस संबंध
में राज्य ने प्रस्ताव भेजा था कि शिक्षित बेरोजगारों का उत्साह बनाए रखने तथा
उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए बेरोजगारी भत्ता देना आवश्यक है ।
उन्होंने कहा कि यदि देश की इस सबसे गंभीर समस्या को शीघ्र हल करने के लिए प्रभावी
कदम नहीं उठाए तो समाज में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है । मुलायम ने राज्य
सरकार के विभिन्न कार्यक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि गरीबी उन्मूलन तथा ग्रामीण
समृद्धि के लिए बहुआयामी प्रयास आवश्यक होंगे । उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा
योजनाओं को सरल बनाकर इनका विस्तार करना होगा । ऋण उपलब्ध कराने के वर्तमान ढांचे
को भी सुगम बनाना होगा तथा बैंकों को समाज के कमजोर तबकों के व्यापक हितों को ध्यान
में रखने के लिए प्रोत्साहित करना होगा । उन्होंने ऋण देने में बैंकों की हिचक पर
भी गंभीर चिंता जताई । उन्होंने ऋण वितरण को प्रोत्साहित करने के लिए ऋण का 10
फीसदी रिस्क फंड के रूप में उपलब्ध कराने पर भी बल दिया । उ.प्र. सरकार का सुझाव है
कि गरीबों के ऋण पर ब्याज की दर में कमी लानी चाहिए । कश्मीर घाटी में सुरक्षाबलों
ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए लश्कर - ए - ताइबा के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है ।
इस कार्रवाई के तहत लश्कर के दो आतंकी मारे गए और 20 गिरफ्तार कर लिए गए । इन
आतंकियों का मुबंई स्टॉक एक्सचेंज सहित दिल्ली व अन्य शहरों में कई महत्वपूर्ण
ठिकानों पर हमले की योजना थी । एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि 15 जून को
अहमदाबाद में जो चार आतंकी पुलिस मुठभेड़ में मारे गए थे उनका संबंध भी इन आतंकियों
से था । जम्मू - कश्मीर के पुलिस महानिदेशक गोपाल शर्मा ने पत्रकारों को बताया कि
इन आतंकियों की मुंबई के स्टॉक एक्सचेंज व दिल्ली, अहमदाबाद और पुणे में महत्वपूर्ण
ठिकानों पर हमले की योजना थी । इसके अलावा इनके निशाने पर कई नेता व वरिष्ठ पुलिस
अधिकारी भी थे । श्रीनगर पुलिस के विशेष जांच दल को पता लगा है कि इन आतंकियों का
संबंध अहमदाबाद में 15 जून को मुठभेड़ में मारे गए चार आतंकियों से भी था । गोपाल
शर्मा ने बताया कि अहमदाबाद में मारा गया आतंकी बाबर, घाटी से ही वहां भेजा गया था
। उन्होंने कहा कि और जानकारी प्राप्त करने के लिए हम मामले की जांच कर रहे हैं ।
गोपाल शर्मा ने बताया कि इन आतंकियों को पिछले तीन दिनों के दौरान श्रीनगर के
विभिन्न इलाकों से पकड़ा गया है । ये आतंकी कुछ बड़े लोगों की हत्याओं में शामिल थे
। इन्हीं आतंकियों ने हुर्रियत नेता मीरवायज मौलवी फारूक के चाचा मौलवी मुस्ताक
अहमद की हत्या की थी । इनके अलावा ये अनेक विस्फोटों और आत्मघाती हमलों में शामिल
थे । शर्मा ने बताया कि लश्कर नेटवर्क के 20 आतंकी गिरफ्तार किए गए हैं । इसके
अलावा सोमवार रात रवलपुरा इलाके में पुलिस द्वारा आतंकी ठिकाने पर कार्रवाई के
दौरान दो पाकिस्तानी आतंकी मारे गए । इस कार्रवाई में पांच पुलिसकर्मी भी घायल हो
गए । आतंकी से आत्मसमर्पण करने को कहा गया लेकिन उसने सुरक्षाबलों पर गोली चलानी
शुरू कर दी । सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया व दूसरा अंधेरे
का फायदा उठाकर भाग गया । मारे गए आतंकी की पहचान अबु शाना के रूप में की गई है ।
घटनास्थल से एक ए के राईफल, एक वायरलेस सेट व विस्फोटक बरामद किया गया है ।
कांग्रेस शासित राज्यों में मंत्रियों की संख्या में कटौती का अब तक कोई फार्मूला
सामने नहीं आया है और इस मामले में बनी तीन सदस्यीय समिति की बैठक एक - दो दिन में
होने की संभावना है । यह समिति राज्यों के मुख्यमंत्रियों और प्रभारी महासचिवों को
भी इस बैठक में शरीक करने जा रही है । मुख्यमंत्रियों और प्रभारी महासचिवों से
प्रस्ताव मिलने के बाद उन पर विचार किया जाएगा । कांग्रेस कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा,
महासचिव अंबिका सोनी और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल इस समिति के सदस्य
हैं । समिति अगले एक - दो दिन में ही मुख्यमंत्रियों व राज्य के प्रभारियों से
मिलकर ऐसा रास्ता निकालने में लगी हुई है जिसके जरिए मंत्रियों की कटौती की जा सके
। कई राज्यों में आशंकित मंत्रियों ने तो इस पर सवाल भी खड़े करना शुरू कर दिए हैं,
क्योंकि इस तरह असंतुष्ट खेमों के मंत्रियों को निशाना बनाया जा सकता है । छवि का
तर्क मंत्रिमंडल से हटाए गए मंत्रियों के खिलाफ उलटा पड़ सकता है । कई राज्यों में
मुख्यमंत्रियों के समर्थक मंत्रियों पर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं । ऐसी स्थिति
में उन्हें अपने समर्थकों को बचाना काफी मुश्किल हो जाएगा । लोकसभा चुनाव में जिन
मंत्रियों के क्षेत्रों से कांग्रेस का उम्मीदवार हारा है, उन मंत्रियों को भी हटाए
जाने पर विचार किया जा रहा है । इस मुद्दे पर भी खासा विवाद है । दिल्ली में डेरा
डाले ऐसे ही एक मंत्री का तर्क है कि यदि राज्य में ६० - ७० फीसदी विधानसभा
क्षेत्रों से कांग्रेस पीछे रही है तो सबसे पहले मुख्यमंत्री को हटाया जाना चाहिए ।
आलाकमान फिलहाल किसी भी मुख्यमंत्री को हटाए जाने के पक्ष में नहीं है । कांग्रेस
को हटाए गए मंत्रियों में से कई को जगह देने के लिए राज्य इकाईयों में भी फेरबदल
करना पड़ सकता है । कुछ मंत्रियों को प्रदेश संगठन में महत्वपूर्ण पद देकर राजी किए
जाने की कोशिशें भी की जा रहीं हैं । कुछ राज्यों के तो मुख्यमंत्री सीधे ही
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के संपर्क में हैं और इस बात की संभावना है कि इस
समिति के सामने वे अपने अंतिम सुझावों के साथ ही आ सकते हैं, जिन्हें यथावत स्वीकार
किया जा सकता है । विश्व के सर्वाधिक भ्रष्ट देशों में भारत को ९०वां स्थान मिला है
। बुधवार को जारी वार्षिक अंतर्राष्ट्रीय भ्रष्टाचार सूचकांक में लगातार चौथे साल
पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश को सर्वाधिक भ्रष्ट देश बताया गया है । ट्रांसपेरेंसी
इंटरनेशनल (टीआई) ने सूचकांक बनाने के इस काम को अंजाम दिया । भारत भी बांग्लादेश
से ज्यादा पीछे नहीं है । शून्य से दस के स्केल पर भारत ने इस वर्ष २.८ अंक अर्जित
करके ९०वां स्थान पाया । हालांकि भ्रष्टाचार के क्षेत्र में भारत में थोड़ा सुधार
हुआ है । वर्ष २००२ में यह आंकड़ा २.१ था । इस श्रेणी में भारत का साथ देने वाले
देश जैसे जांबिया, मलावी, मोजांबिक, नेपाल, रूस और तंजानिया हैं । इस सूचकांक में
टीआई ने सरकारी कामकाज में रिश्वत और इससे संबंधित कारणों से गंवाई गई रकम के
सांख्यिकी आंकड़े दिए गए हैं । भारत में भ्रष्टाचार के कारण आयकरदाताओं पर ७ अरब
डॉलर का बोझ है । पूरे विश्व में भ्रष्टाचार से ४०० अरब डॉलर रकम का नुकसान हुआ है
। जबकि विकासशील देशों को भ्रष्टाचार में टॉपर माना गया है । बांग्लादेश इस समस्या
से सबसे अधिक प्रभावित है । उसे सबसे कम रैंक १४५ मिला है और सूचकांक अंक है १.५ ।
बुधवार को यहाँ रिपोर्ट जारी करते हुए टीआई के अध्यक्ष एडमिरल (अवकाश प्राप्त) आर.
एच. तहिलयानी ने बताया कि गरीब देशों में भ्रष्ट्राचार बहुत अधिक है । और फिनलैंड,
स्वीडन व सिंगापुर जैसे अमीर देशों के मुकाबले यहाँ भ्रष्टाचार ज्यादा है । फिनलैंड
को ९.७ अंक के साथ सबसे कम भ्रष्ट देश माना गया । जबकि नाइजीरिया ने इससे थोड़ा ही
बेहतर प्रदर्शन करके १४४ रैंक के साथ १.६ अंक अर्जित किए हैं । रिपोर्ट के अनुसार
भ्रष्टाचार के क्षेत्र में पड़ोसी देश चीन ने ७१वाँ रैंक हासिल कर ३.४ अंक सुरक्षित
किए हैं । जबकि वह २.१ अंकों के साथ १२९वें स्थान पर है । 'टेनिस एल्बो' की सर्जरी
कराने के बाद मास्टर बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर क्या फिर से अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म को
वापस पाने में कामयाब होंगे । या फिर वह गेंदबाजों के लिए हव्वा बने 'विस्फोटक
सचिन' की छाया मात्र ही साबित होंगे । इस मुद्दे पर देश के क्रिकेट प्रशंसकों के
बीच चर्चा काफी गरम है । सभी को सचिन के २२ गज की पिच पर लौटने का इंतजार है । इस
पर भी बोर्ड के प्रमुख मेडिकल विशेषज्ञ के यह कहने से सवालिया निशान लग गया है कि
'टेनिस एल्बो' से उबरना खिलाड़ियों पर अलग - अलग निर्भर करता है । बीसीसीआई के
चिकित्सा सलाहकार डॉ. अनंत जोशी ने कहा, 'यह एक अलग तरह की समस्या है । कुछ खिलाड़ी
जल्दी ठीक हो जाते हैं लेकिन यह बात सभी पर लागू नहीं होती है बहरहाल, मशहूर हड्डी
विशेषज्ञ जोशी ने कहा कि वह तेंदुलकर के उबरने के बारे में सीधे तौर पर कोई टिथी
करने की स्थिति में नहीं हैं क्योंकि पिछले काफी समय से उन्होंने सचिन को नहीं देखा
है । जोशी ने कहा, 'वह इंग्लैंड चले गए और वहाँ उन्होंने सर्जरी करा ली लेकिन
उन्होंने बताया कि सभी तरह के इलाज फेल हो जाने के बाद सचिन की सर्जरी जरूरी थी ।
डॉ. जोशी ने कहा, 'मुझे कहा गया है कि वह सर्जरी के बाद अच्छी तरह से इस समस्या से
उबर रहे हैं । तेंदुलकर के सभी तरह के शॉट खेलने में सक्षम होने की बात पर जोशी ने
कहा, 'सचिन की बगैर जांच किए मेरे लिए इस पर टिथी करना बेमानी होगा भारतीय
क्रिकेटरों के हमेशा चोटिल रहने की समस्या के बारे में बोर्ड के चिकित्सा सलाहकार
ने कहा, 'यह समस्या समूचे विश्व के क्रिकेटरों की है । आजकल खिलाड़ी अधिकांशतः
चोटिल होते हैं क्योंकि मैचों की संख्या और प्रतिस्पर्धा में बढ़ोत्तरी हुई है तेज
गेंदबाजों के अधिक चोटिल होने की बात स्वीकारते हुए जोशी ने कहा, 'पेसरों को समय -
समय पर आराम की जरूरत होती है लेकिन भारत में यह आराम नहीं मिल पाता है आंध्र
प्रदेश में शिक्षा एवं सरकारी नौकरियों में मुसलमानों के लिए पाँच प्रतिशत आरक्षण
के मामले पर सुनवाई को आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने २ अगस्त तक के लिए टाल दिया है ।
आरक्षण देने के सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर मंगलवार को सुनवाई का
कोई निष्कर्ष नहीं निकल सका । न्यायमूर्ति बी सुदर्शन रेड्डी, न्यायमूर्ति जे.
चलमेश्वर, न्यायमूर्ति गुलाम मोहम्मद, न्यायमूर्ति ए. गोपाल रेड्डी और न्यायमूर्ति
के. सी. भानू की पूर्ण पीठ ने सुनवाई को दो अगस्त तक के लिए टाल दिया । वरिष्ठ वकील
रामचंदर राव, मजलिस - ए - इत्तेहादुल मुस्लमीन के वकील असादुद्दीन ओवैसी, कांग्रेस
के पूर्व मंत्री मोहम्मद जानी और टीडीपी के लाल जान बाशा ने बताया कि उन्होंने
अदालत के समक्ष अपना पक्ष रखा कि राज्य की ८० प्रतिशत मुस्लिम आबादी सामाजिक,
आर्थिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़ी हुई है और सरकारी नौकरियों में उनका प्रतिशत
नगण्य है । राव ने कहा कि 'अगर किसी दूसरे संप्रदाय की पिछड़ी जाति के किसी व्यक्ति
को आरक्षण मिल सकता है तो आखिर अल्पसंख्यक समुदाय (मुस्लिम) के किसी व्यक्ति को यह
सुविधा क्यों नहीं मिलनी चाहिए उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में मुसलमानों को सिर्फ
अल्पसंख्यक समुदाय के होने के कारण ही आरक्षण देने की जरूरत नहीं है, बल्कि इसलिए
भी कि वे पिछड़े वर्गो का एक बहुत बड़ा हिस्सा हैं । राव ने कहा कि आरक्षण देने के
लिए सरकार का फैसला मुसलमानों की स्थिति के मद्देनजर संग्रह किए गए आंकड़ों पर
आधारित है और सरकार द्वारा पिछड़े वर्गो के लिए गठित आंध्र प्रदेश आयोग से मशविरा
आवश्यक नहीं है । बहरहाल, याचिका कर्ताओं की ओर से अदालत में मौजूद हुए वकील डी.
वी. सीताराम मूर्ति ने कहा कि 'अल्पसंख्यक कल्याण रिपोर्ट' को पीठ के समक्ष पेश
किया गया था । इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने मुसलमानों को आरक्षण देने का फैसला
लिया था । ओवैसी और उर्दू दैनिक मुंसिफ के प्रमुख संपादक खान लतीफ खान ने उम्मीद
जताई है कि अदालत मुसलमानों के साथ न्याय करेगी । उन्होंने कहा कि सरकार के इस
फैसले से सामाजिक एवं आर्थिक दृष्टि से पिछड़े मुसलमानों की स्थिति सुधरेगी । एक
सत्र अदालत ने फिल्म निर्देशक मधुर भंडारकर की गिरफ्तारी पर बुधवार तक के लिए रोक
लगा दी है । एक मॉडल व अभिनेत्री से दुष्कर्म के आरोप के मामले में अदालत ने पुलिस
को यह हिदायत दी । भंडारकर की अग्रिम जमानत की याचिका पर बुधवार को ही अदालत के
फैसले की उम्मीद है । हालांकि मंगलवार को इस पर बहस हुई जो बुधवार को भी जारी रहेगी
। इससे पूर्व अदालत ने भंडारकर को बुधवार तक के लिए गिरफ्तार नहीं करने के पुलिस को
निर्देश दिए थे । भंडारकर ने उन पर लगाए गए दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने
के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उनकी फिल्म में रोल हासिल करने के लिए दबाव
बनाने की कोशिश है । जबकि अभिनेत्री का आरोप है कि भंडारकर ने उसे फिल्म में लेने
और उससे शादी करने का वादा करके १६ दफा उसका यौन उत्पीड़न किया । पदभार ग्रहण करने
के बाद जम्मू - कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्रों में अपने पहले दौरे पर सोमवार को
रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने कहा कि पाकिस्तान को सभी विवादों को खत्म करने के
लिए पूरी ईमानदारी से प्रयास करने होंगे । उन्होंने भारत - पाक सीमा पर सेना की
तैनाती में कटौती से भी साफ इन्कार किया । उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की तादाद
में कोई हेरफेर नहीं होगी । रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी ने संवाददाताओं के सवालों
का जवाब देते हुए कहा कि पाकिस्तान से बातचीत शुरू होने के कारण यह मतलब कतई नहीं
है कि हम अपने देश की संप्रभुता के बारे में किसी और देश की राय मानेंगे । उरी -
मुजफ्फराबाद और सुचेतगढ़ - सियालकोट मार्ग खोले जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि
सीमा पर सेना की कटौती नहीं होगी । रक्षा बजट में कटौती के बारे में पूछे जाने पर
उन्होंने ८ जुलाई को आने वाले आम बजट तक इंतजार करने को कहा । इससे पूर्व उन्होंने
सीमा पर जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की शांति पहल पर पाकिस्तान को पूरी
ईमानदारी से जवाब देना चाहिए । भारत जम्मू - कश्मीर समेत क्षेत्र में शांति,
स्थिरता और प्रगति जैसे सभी मुद्दों पर बातचीत के लिए तैयार है । यहां जवानों की
हौसला अफजाई करते हुए उन्होंने कहा कि सीमा पार से आतंकी गतिविधियों को रोकने के
लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे । उन्होंने कहा कि सीमा पार से आतंकियों की घुसपैठ
बंद होनी चाहिए । रक्षा मंत्री ने सीमा पर तैनात भारतीय जवानों के साथ 'बड़ा खाना'
खाया । सेना प्रमुख एन. सी. विज और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें नियंत्रण रेखा
के हालात और घुसपैठ रोकने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जानकारी दी । दागी
मंत्रियों के मुद्दे पर राजग केंद्रीय रेल मंत्री लालू यादव के रेल बजट का बहिष्कार
कर सकता है । इस मसले पर अंतिम निर्णय राजग की ४ - ५ जुलाई को होने वाली बैठक में
लिया जाएगा । भाजपा की आज की इस बैठक में जनता दल (यू) नेता नीतिश कुमार भी मौजूद
थे । बैठक में भाजपा के शीर्ष नेताओं की पूरी जमात मौजूद थी । इसमें अटल बिहारी
वाजपेयी, लालकृष्ष आडवाणी, जसवंत सिंह, अरुण जेटली, मुख्तार अब्बास नक़वी, विजय
कुमार मल्होत्रा, सुषमा स्वराज, एसएस आहलूवालिया और यशवंत सिन्हा शामिल थे । जबकि
कुछ अन्य नेताओं की राय थी कि यदि बहिष्कार न किया जाए तो विरोध का कोई और तरीका
ढूंढा जाए । भाजपा प्रवक्ता यशवंत सिन्हा का कहना था कि दागी मंत्रियों के सवाल पर
सरकार को घेरने का संदेश अच्छा गया है । उनका कहना था कि अभी इस मसले पर कोई अंतिम
फैसला नहीं लिया गया है । राजग की बैठक में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा । दागी
मंत्रियों की सूची में सबसे पहला नाम लालू प्रसाद यादव का है । बैठक में इस मामले
पर भी चर्चा हुई और पार्टी नेताओं ने प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति के साथ हुई बातचीत
की जानकारी रखी । बैठक में तय हुआ कि पार्टी राज्यपालों को हटाए जाने के मुद्दे को
जोर शोर से उठाएगी, लेकिन इस पर कोई आंदोलन की योजना नहीं है । भाजपा प्रवक्ता
यशवंत सिन्हा ने गोवा के राज्यपाल केदारनाथ साहनी को हटाए जाने के प्रयासों की कड़ी
निंदा की । उनका कहना था कि साहनी पर लगाए गए आरोप फर्जी हैं । उन्होंने कहा कि
राज्यपालों को थोक में हटाए जाने की परंपरा बंद होनी चाहिए । उत्तरी ग्रिड गुरुवार
को फेल होते - होते बचा । अनपरा - ओबरा ४०० के. वी. पारेषण लाइन में आई गड़बड़ी के
कारण अनपरा व ओबरा बिजलीघरों की ज्यादातर इकाइयां एकाएक बंद हो गई । राजधानी लखनऊ
समेत पूरे प्रदेश की बत्ती बंद करके जैसे - तैसे ग्रिड को बचाया गया । हालत यह हो
गई कि बिजली की उपलब्धता शून्य पर जा पहुँची । बाद में जैसे - तैसे चार सौ मेगावाट
बिजली की व्यवस्था करके वीआईपी एरिया और जरूरतमंद एरिया को बिजली दी गई । पूरे यूपी
में दस घंटे तक लगातार हाहाकार मचा रहा । बिजली मंत्रालय की बैठक में हिस्सा लेने
गए पावर कारपोरेशन के सीएमडी दीपक सिंघल दिल्ली से लगातार स्थिति का जायजा लेकर
अधिकारियों को जरूरी निर्देश देते रहे । सवेरे नियमित कटौती कराई गई जो पांच घंटे
रही । सवेरे नौ बजे से दोपहर ढाई बजे तक भी बिजली नहीं आई तो शक्ति भवन में फोन
खड़कने शुरु हो गए । तभी पता लगा कि दोपहर करीब १.२० बजे अनपरा - ओबरा ४०० के. वी.
पारेषण लाइन के ओबरा छोर पर सर्किट ब्रेकर में गड़बड़ी होने से यह लाइन निष्क्रिय
हो गई । इस बिजलीघर की नौ नंबर इकाई पहले से बंद है । अनपरा - ओबरा के साथ ही ४००
के. वी. की अनपरा - मऊ व अनपरा - उन्नाव लाइन भी ट्रिप हो गई । जिससे आपूर्ति
व्यवस्था बुरी तरह लड़खड़ा गई । जिस समय गड़बड़ी हुई, उस समय बिजलीघरों में लगभग
२,१०० मेगावाट उत्पादन हो रहा था जो एकाएक शून्य पर पहुँच गया । पावर अधिकारी बताते
हैं कि ग्रिड पर केवल चार सौ मेगावाट ही बिजली बची थी जो लगभग शून्य वाली स्थिति थी
। उत्पादन में एकाएक १,४०० मेगावाट की कमी होने से ग्रिड की फ्रीक्वेंसी ४८.३
हर्ट्ज तक जा पहुँची जो ४९.५ रहनी चाहिए । शक्ति भवन स्थित नियंत्रण में अफरा -
तफरी मच गई । लखनऊ के नींबू पार्क और एसजीपीजीआई पारेषण उपकेंद्रों को छोड़कर पूरे
प्रदेश में बिजली की आकस्मिक कटौती कर दी गई । कानपुर और मेरठ जैसे सर्वाधिक खपत
वाले जिलों में कटौती का दायरा सर्वाधिक रहा । आपात कटौती शाम पौने सात बजे तक जारी
रही । संकट को देखते हुए शाम सवा सात बजे से रात के सवा ग्यारह बजे तक मतपेटियों की
सुरक्षा की खातिर कटौती का आदेश वापस ले लिया गया । शाम को अनपरा की २१० मेगावाट की
एक तथा ओबरा की २०० मेगावाट की १३ नंबर इकाई को चालू भी कर दिया गया किंतु तकनीकी
गड़बड़ी के कारण अनपरा की ५०० मेगावाट क्षमता की चार नंबर तथा २१० मेगावाट क्षमता
की दो नंबर इकाई को फिलहाल चलाना संभव नहीं होगा । इसकी वजह से अगले तीन - चार दिन
तक प्रदेश में बिजली संकट बरकरार रहने के आसार हैं । केंद्रीय प्रशासनिक ट्रिब्यूनल
(कैट) ने मंगलवार को गुजरात सरकार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आर. बी. श्रीकुमार की
मुख्य याचिका में संशोधन का जवाब देने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है । श्रीकुमार
ने अपनी याचिका में सील कवर तरीके को चुनौती दी है । इसकी वजह से राज्य सरकार ने
उनकी पदोन्नति रोक दी थी । राज्य सरकार के वकील ने जवाब देने के लिए समय माँगा था ।
इसके बाद कैट ने मामले की अगली सुनवाई १६ सितंबर तय की है । राज्य सरकार को
श्रीकुमार की मुख्य याचिका का जवाब देना है । इसमें उनके वकील आनंद याज्ञनिक ने सील
कवर तरीके को चुनौती दी थी । राज्य सरकार ने श्रीकुमार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज
होने के बावजूद उन्हें पहले तीन बार पदोन्नति दी थी । जबकि राज्य सरकार ने वरिष्ठ
पुलिस अधिकारी को पदोन्नत न करने के अपने फैसले को श्रीकुमार के खिलाफ पिछले १५
वर्ष से भुज में आपराधिक मामला दर्ज होने के आधार पर सही ठहराने की कोशिश की थी ।
श्रीकुमार के वकील का कहना है जब गुजरात सरकार ने पहले तीन बार पदोन्नत करते समय
लंबित आपराधिक मामले पर विचार नहीं किया, तो इस बार यह मामला इतना महत्वपूर्ण क्यों
माना जा रहा है । कैट ने २२ अगस्त को मुख्य याचिका के साथ एक संशोधन मसौदा स्वीकार
किया था और गुजरात सरकार की श्रीकुमार को याचिका दायर करने की अनुमति न देने की
याचिका खारिज कर दी थी । गोधरा के बाद के दंगों के शुरुआती समय में राज्य खुफिया
ब्यूरो के प्रमुख श्रीकुमार ने कैट के समक्ष पदोन्नति न देने के फैसले को चुनौती दी
है और आरोप लगाया है कि गोधरा पैनल के समक्ष गवाही देते समय राज्य सरकार के कहने पर
न चलने की वजह से मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उन्हें निशाना बनाया गया है ।
जनता दल (यू) ने कहा है कि भाजपा से कुछ मुद्दों पर मतभेद होने के बावजूद दोनों
दलों के गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा । पार्टी का कहना है कि दोनों दलों के बीच
स्वस्थ मतभेद है । जनता दल (यू) संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष शरद यादव ने शुक्रवार को
कहा कि हमारे बीच पैदा हुए मतभेद का यह मतलब नहीं है कि हम भाजपा से अलग हो रहे हैं
। शरद यादव गैर सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित
जनजाति और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को आरक्षण के लिए संविधान संशोधन और संसद से
दागी मंत्रियों के निष्कासन को लेकर दोनों पार्टियों के बीच पैदा हुए मतभेद पर
संवाददाताओं के सवालों का जवाब दे रहे थे । दागी मंत्रियों के मुद्दे पर उन्होंने
कहा कि भाजपा उनके खिलाफ कार्रवाई करना चाहती थी । लेकिन कार्रवाई की प्रक्रिया को
लेकर हम लोगों के बीच विवाद था । यादव ने स्वीकार किया कि इन दोनों मसलों पर भाजपा
और जनता दल (यू) की राय अलग - अलग थी । उन्होंने कहा कि जनता दल (यू) केंद्र में
भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का एक हिस्सा था । जब संवाददाताओं ने लालकृष्ण
आडवाणी के उस बयान पर उनका पक्ष जानना चाहा जिसमें उन्होंने कहा था कि राम मंदिर के
निर्माण के बगैर भाजपा का मिशन अधूरा है तो यादव ने कहा कि एनडीए का मत है कि अदालत
के फैसले या बातचीत के जरिए इस समस्या का समाधान निकाला जाना चाहिए । आडवाणी द्वारा
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा के मुद्दे पर पूछे गए एक सवाल के
जवाब में यादव ने कहा कि यह भाजपा का आंतरिक मामला है । शिवसेना के पूर्व नेता राज
ठाकरे ने शुक्रवार को भाजपा के वरिष्ठ नेताओं अटल बिहारी वाजपेयी व एल. के. आडवाणी
से मुलाकात की । मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि मैं वाजपेयी व आडवाणी का आशीर्वाद
लेने यहां आया था । राज ने अपने चचेरे भाई व शिवसेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्घव
ठाकरे से मतभेद के बाद पार्टी छोड़ दी थी । भाजपा के रजत जयंती समारोह के अंतिम दिन
उन्होंने वाजपेयी व आडवाणी से मुलाकात की । नए राजनीतिक दल गठित करने से पूर्व राज
अगले महीने से राज्यव्यापी अभियान शुरू कर रहे हैं । उन्होंने कहा कि वाजपेयी व
आडवाणी से मुलाकात का नए दल के गठन से कोई संबंध नहीं है । उन्होंने कहा कि दोनों
वरिष्ठ नेता हैं और उनके प्रति आदर प्रकट करने के लिए मैंने उनसे मुलाकात की है ।
मुलाकात के दौरान भाजपा के साथ किसी तरह के गठजोड़ पर चर्चा होने से उन्होंने इनकार
किया । यह पूछे जाने पर कि क्या वे बृहस्पतिवार की रात शिवसेना नेता मुरली मनोहर
जोशी की भाजपा रैली में आकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करने को कोई महत्व
देते हैं, उन्होंने कोई टिथी करने से इनकार कर दिया । उन्होंने मीडिया से उन्हें इस
तरह के मुद्दों में नहीं घसीटने के लिए कहा । समाजवादी पार्टी के नेता अमर सिंह ने
बृहस्पतिवार को कहा कि यदि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा लोकसभा की सीट से
दिया गया इस्तीफा त्याग है तो उन्हें दोबारा चुनाव नहीं लड़ना चाहिए । हाल ही में
लाभ के पद को लेकर उत्पन्न विवाद के बाद सोनिया ने लोकसभा की सीट व राष्ट्रीय
सलाहकार परिषद के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था । यहां असम गण परिषद की चुनावी
रैली को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि सोनिया को अपने वैसे सभी सांसदों को
इस्तीफा सौंप देने का निर्देश देना चाहिए, जिन पर लाभ के पद पर होने के आरोप हैं ।
उन्होंने कहा कि सोनिया अपने इस्तीफे को त्याग बता रही हैं । उन्होंने कहा कि
लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किए जाने के डर से उन्होंने इस्तीफा दिया ।
उन्होंने कहा कि सोनिया को इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि उनकी पार्टी ने समाजवादी
पार्टी से राज्यसभा की पूर्व सदस्य जया बच्चन के लाभ के पद पर होने को लेकर झूठा
मामला दाखिल किया था । सभी के लिए समान कानून का जिक्र करते हुए तेलगुदेशम पार्टी
के प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने रैली में कहा कि हम सोनिया पर हमला नहीं कर रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि हमने सिर्फ राष्ट्रपति के जरिए मामला चुनाव आयोग को भेजा था ।
बिहार के सीवान से राजद सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन एक बार फिर विवादों से घिर गए हैं
। एक आपराधिक मामले में स्थानीय अदालत ने उनके खिलाफ गैर - जमानती वारंट जारी कर
दिया है । पुलिस अधीक्षक रतन संजय ने सोमवार को बताया कि पुलिस को राजद सांसद के
खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट की एक प्रतिलिपि मिली है । इसे जल्द ही तामील कराया
जाएगा । आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक तामीली के लिए वारंट की प्रतिलिपि राज्य के
गृहसचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त और अन्य राज्यों के संबंधित पुलिस अधिकारियों को भेज
दी गई है । भाकपा माले के दो कार्यकर्ता जंगम शाह और शिवनाज पासवान के अपहरण मामले
में कई समन भेजे जाने के बावजूद अदालत के समक्ष पेश नहीं होने पर अतिरिक्त जिला जज
चतुर्थ बी. के. राय ने शनिवार को सांसद शहाबुद्दीन के खिलाफ वारंट जारी कर दिया ।
मौजूदा समय में सांसद पर 40 आपराधिक मामले दर्ज हैं । अल - कायदा के मोस्ट वांटेड
आतंकियों में शुमार अहमद खलफान घैलानी को पाकिस्तान के गुजरात शहर से गिरफ्तार किया
गया है । तंजानिया के मूल निवासी इस आतंकी के सिर पर केन्या और तंजानिया के अमेरिकी
दूतावासों में बम विस्फोट करने के आरोप में ढाई करोड़ डॉलर का इनाम घोषित था । अल -
कायदा आतंकी को पकड़े जाने की जानकारी पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने दी
है । राष्ट्रपति मुशर्रफ के हवाले से एक पाकिस्तानी दैनिक में प्रकाशित रिपोर्ट के
मुताबिक इस कट्टर आतंकी को पिछले रविवार को 15 घंटे की मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार
किया जा सका । इस अभियान में आतंकी की उजबेक पत्नी और उसके परिवार के अन्य सदस्यों
के अलावा दो दक्षिण अफ्रीकी नागरिक भी पकड़े गए हैं । इस अभियान के तहत 14 लोगों को
गिरफ्तार किया गया है । राष्ट्रपति मुशर्रफ ने पकड़े गए आतंकी का नाम नहीं बताया
लेकिन 'द पाकिस्तान अब्जर्वर' नामक दैनिक ने एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि यह
और कोई नहीं कुख्यात अहमद खलफान घैलानी है । घैलानी 1998 में तंजानिया और केन्या के
अमेरिकी दूतावासों में किए गए बम विस्फोट मामले में वांछित था । इन विस्फोटों में
अनेक लोग मारे गए थे । पाकिस्तानी गृहमंत्री फैसल सालेह हयात ने पकड़े गए आतंकी की
पहचान घैलानी के रूप में की है और कहा है कि यह अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के खिलाफ
लड़ाई में एक बड़ी जीत है । हयात ने कहा कि उससे पूछताछ कर यह पता किया जाएगा कि
पाकिस्तान में उसके तार किन और आतंकियों से जुड़े हैं । उन्होंने कहा कि घैलानी को
पूरी तरह पूछताछ के बाद ही अमेरिका भेजा जाएगा । घैलानी अमेरिकी खुफिया एजेंसी
एफबीआई के मोस्ट वांटेड आतंकियों में से था और अमेरिकी सरकार ने उसके सिर पर ढाई
करोड़ डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था । घैलानी मार्च 2003 में पकड़े गए खालिद शेख
मोहम्मद के बाद पाकिस्तान में पकड़ा जाने वाला सबसे प्रमुख अल कायदा आतंकी है ।
घैलानी की उम्र 30 साल से कुछ ज्यादा है और उसे 'फूफी' व 'अहमद द तंजानियन' के नाम
से भी जाना जाता है । एयर इंडिया के विमान से शिकागो जा रहे सभी 335 यात्री शनिवार
सुबह उस समय बाल - बाल बच गए जब विमान फिसलकर रनवे के बाहर चला गया और उसका नोज
व्हील कीचड़ में फंस गया । मुंबई एयरपोर्ट पर इस घटना के बाद दोपहर तक उसे बंद कर
दिया गया और वहां आने वाली सभी उड़ानों को पुणे में उतरने के लिए कहा गया । बारिश
के कारण एयरपोर्ट को दो दिन तक बंद रखने के बाद बृहस्पतिवार को खोला गया था । यह
हादसा शनिवार की सुबह 7 बजे उस समय हुआ जब भारी बारिश हो रही थी । बोइंग 747 - 400
उड़ान बंगलोर से आई थी । मुंबई में इसमें और यात्रियों को सवार होना था और इसका
क्रू (स्टॉफ) भी बदला जाना था । केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफ्फुल पटेल ने
दिल्ली में बताया कि शुरुआती सूचना में बताया गया है कि गीले रनवे पर हवाई जहाज को
फिसलने से बचाने के लिए पायलट ने पूरे ब्रेक का इस्तेमाल नहीं किया । उन्होंने
बताया कि पायलट ने अंदाज लगाया कि रनवे खत्म होने से पहले हवाई जहाज रुक जाएगा ।
ऐसा हुआ लेकिन हवाई जहाज का नोज व्हील रनवे से कुछ फुट की दूरी तक चला गया ।
बहरहाल, यात्रियों को फौरन टर्मिनल तक लाया गया और उन्हें एक अन्य उड़ान बोइंग 767
- 400 से दोपहर 12 बजकर 5 मिनट पर शिकागो के लिए रवाना कर दिया गया । एयर इंडिया के
प्रवक्ता जितेंद्र भार्गव ने यह जानकारी दी । जबकि हादसे के शिकार विमान को 90 मिनट
के भीतर ही वहां से निकालकर हैंगर में खड़ा कर दिया गया है । एक ही दिन पाकिस्तान
सरकार को संसद में दो बार पराजय का मुंह देखना पड़ा । इस पराजय से नाराज एक मंत्री
ने जहां संसद का वाकआउट किया, वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन में आई दरार भी सार्वजनिक हो
गई है । पराजय के बावजूद पाकिस्तान सरकार को इस्तीफा देने की जरूरत नहीं है । यह
पराजय धन विधेयक के ऊपर नहीं हुई है । सोमवार को पाकिस्तानी सरकार को उस समय
शर्मिंदगी उठानी पड़ी, जब सरकार द्वारा पेश किया गया एक बिल संसद में पराजित हो गया
। इसके तुरंत बाद स्थानीय संस्थाओं के चुनावों को लेकर होने वाली एक बहस को
पाकिस्तान सरकार रुकवाने में असफल रही । विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया है कि इन
चुनावों में भारी धांधली की गई है । पाकिस्तानी समाचार पत्र डॉन के अनुसार 342
सदस्यीय संसद में सरकार की पराजय के समय प्रधानमंत्री शौकत अजीज तथा सत्ताधारी
पाकिस्तान मुस्लिम लीग (पीएमएल) के प्रमुख शुजात हुसैन संसद में उपस्थित नहीं थे ।
संसदीय कार्य मंत्री शेर अफगान खान नियाजी पीएमएल के कुछ सदस्यों के साथ संसद से
वाकआउट कर गए । ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने सोमवार को चेताया कि फ्रांस के
यूरोपीय यूनियन (ईयू) के नए संविधान और संधित को खारिज करने के बाद से यूरोप के
भविष्य पर गंभीर सवालिया निशान लग गया है । उन्होंने कहा कि अब ब्रिटेन इस संधि की
स्वीकार्यता के लिए अपने यहां जनमत संग्रह तभी कराएगा जब यह संधि अपने अंतिम रूप
में हो । इटली में छुट्टी मना रहे ब्लेयर ने बुधवार को इस दस्तावेज के भाग्य का
फैसला करने के लिए नीदरलैंड में होने वाले जनमत संग्रह या फिर जून मध्य में यूरोपीय
यूनियन के नेताओं के तिमाही सम्मेलन होने से पूर्व बहुत सोच - विचार करने की बात
कही है । डोमेस्टिक प्रेस एसोसिएशन के मुताबिक नीदरलैंड में होने वाले जनमत संग्रह
पर कुछ दिन गहन विचार - विमर्श कर लिया जाए । जून मध्य में होने वाली यूरोपीय
यूनियन के नेताओं की बैठक में हो चुके जनमत संग्रह के निर्णयों को लागू करने पर
चर्चा होगी । फ्रांस के 55 फीसदी मतदाताओं के इस नए दस्तावेज को खारिज करने के एक
दिन बाद सैन गिमिगनानो स्थित टस्कन होटल में टोनी ब्लेयर ने कहा कि वह उम्मीद करते
हैं कि नीदरलैंड इस दस्तावेज का समर्थन करेगा । इससे भी ज्यादा जरूरी सवाल अब यूरोप
के भविष्य को लेकर यह उठता है कि यूरोपीय अर्थव्यवस्था का भविष्य क्या होगा और
भूमंडलीयकरण व तकनीकी परिवर्तनों का सामना यूरोपीय देश कैसे करेंगे । भारत अपनी
सीमा में बंगलादेशी घुसपैठ रोकने के लिए जल्द ही अमेरिका से खोजी सेंसर और फ्लडलाइट
मंगा सकता है । जल्द ही भारतीय गृह मंत्रालय की एक टीम इन उपकरणों की खरीदारी के
सिलसिले में अमेरिका की यात्रा करने वाली है । सीमा सुरक्षा बल के एक वरिष्ठ
अधिकारी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि गृह मंत्रालय विशेषज्ञों की एक
टीम अमेरिका रवाना करने वाला है । अमेरिका के न्यू मैक्सिको स्थित सांडिआ नेशनल
लेबोरेटरीज से इन अत्याधुनिक उपकरणों की खरीददारी की जाएगी । अधिकारी ने बताया कि
खोजी व टोही उपकरणों की मदद से घुसपैठियों पर नजर रखना बिल्कुल आसान हो जाएगा ।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका घुसपैठ रोकने के लिए सांडिआ नेशनल लेबोरेटरीज द्वारा
विकसित सेंसरों का इस्तेमाल करता रहा है । भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य इस
संस्थान के विशेषज्ञों से भी घुसपैठ के विभिन्न पहलुओं पर बातचीत करेंगे । 4095
किलोमीटर लंबी भारत - बांग्लादेश सीमा के अधिकांश हिस्से की बाड़बंदी नहीं की गई है
। ऐसे में बांग्लादेशियों के लिए भारतीय सीमा में प्रवेश करना आसान हो गया है ।
इलाके की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि घुसपैठ पूरी तरह रोकना आसान नहीं है । अधिकारी
ने बताया कि असम और त्रिपुरा में अंतर्राष्ट्रीय सीमा को इन अत्याधुनिक सेंसरों से
लैस किया जा सकता है । अधिकारी ने यह भी बताया कि गृह मंत्रालय सीमा के उन
असुरक्षित इलाकों में फ्लडलाइट लगाना चाहता है, जहां से होकर रात में घुसपैठिए भारत
में प्रवेश करते रहे हैं । ऐसे सीमांत इलाकों को चिन्हित किया जा रहा है ।
पूर्वोत्तर में बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण जनसंख्या का स्वरूप तेजी से बदलता जा
रहा है । पूर्वोत्तर में कानून व्यवस्था के लिए वे चुनौती भी बनते जा रहे हैं ।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि एशियाई अर्थव्यवस्थाओं के एकीकरण से यह
शताब्दी एशिया के नाम हो सकती है । उन्होंने सिंगापुर की कंपनियों से भारत में
बुनियादी ढांचा क्षेत्र में बढ़ - चढ़कर निवेश करने की अपील की है । लूंग ने भारतीय
नौकरशाही को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि यह बहुत ही जटिल है और विदेशियों के लिए
इसे समझने में बहुत समय लगता है । इसके अलावा बैंकिंग क्षेत्र में सिंगापुर की
कंपनियों को भारत ७४ प्रतिशत शेयर की अनुमति देगा । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने
सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सिएन लूंग के सम्मान में बुधवार रात हैदराबाद हाउस में
दिए गए एक भोज में कहा कि सिंगापुर की कंपनियां भारत में बुनियादी ढांचा क्षेत्र
में सुधार में प्रभावशाली भूमिका निभा सकती हैं । हम देश में बुनियादी ढांचे के
विकास में सिंगापुर की कंपनियों की मदद चाहते हैं । इस भोज में वित्त मंत्री पी.
चिदंबरम, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री कमलनाथ और गृहमंत्री शिवराज पाटिल सहित कई
वरिष्ठ मंत्रियों ने हिस्सा लिया । दूसरे क्षेत्रों की हस्तियां भी इस भोज में
शामिल हुई । इनमें उद्योगपति रतन टाटा, सुनील मित्तल, मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा
और अभिनेत्री रानी मुखर्जी भी शामिल थे । प्रधानमंत्री ने ली के साथ व्यापक आर्थिक
सहयोग समझौते (सीईसीए) पर हस्ताक्षर के बाद अपने बयान में कहा कि आर्थिक क्षेत्र
में दोनों देशों के बीच सहयोग की भरपूर गुंजाइश है । उन्होंने कहा कि हमारी
कंपनियां भी शहरी विकास, आवास और निर्माण क्षेत्रों से जुड़ी परियोजनाओं में
सिंगापुर की कंपनियों के साथ साझेदारी के लिए तैयार हैं । सीईसीए १ अगस्त से लागू
हो जाएगा । प्रधानमंत्री ने सीईसीए को दोनों देशों के रिश्ते में मील का पत्थर करार
दिया । उन्होंने उम्मीद जताई कि इस समझौते से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में और
सामंजस्य स्थापित होगा । मनमोहन सिंह ने एशियन देशों के साथ भारत के रिश्ते को
मजबूत बनाने में सिंगापुर की भूमिका की भी जमकर सराहना की । राष्ट्रपति एपीजे
अब्दुल कलाम ने संयुक्त राष्ट्र (यूएन) में सुधार पर जोर देते हुए कहा है कि बदलाव
से यह ज्यादा लोकतांत्रिक व पारदर्शी बनेगा । जबकि एक अन्य कार्यक्रम में उन्होंने
वैज्ञानिकों का आह्वान किया कि वे सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और उपग्रह संचार के
जरिए भूकंप की भविष्यवाणियों पर अनुसंधान करें जिससे लोगों को समय रहते सचेत किया
जा सके । भारत इस शोध में पूरी मदद देने को तैयार है । आइसलैंड के राष्ट्रपति
ओलाफुर रैगनार ग्रिमसन द्वारा कलाम के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में कलाम ने कहा
कि भारत - आइसलैंड में बहुआयामी लोकतंत्र, मानवाधिकार और सामाजिक पर्यावरण में
सहिष्णुता व आजादी जैसी कई बातें व सामाजिक मूल्य समान हैं । हमारा विश्वास है कि
संयुक्त राष्ट्र के ढांचे में सुधार की सख्त जरूरत है जिससे इसे मौजूदा दौर की
हकीकतों के हिसाब से और लोकतांत्रिक व पारदर्शी बनाया जा सके । उन्होंने आइसलैंड की
इस बात के लिए सराहना की कि वह सैद्धांतिक रूप से लगातार इस बात पर कायम है और
समर्थन दे रहा है कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट मिले ।
एक अन्य कार्यक्रम में कलाम ने आइसलैंड के वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि
सूचना प्रौद्योगिकी व उपग्रह संचार का इस्तेमाल भूकंप संबंधी भविष्यवाणियों के लिए
किया जाना चाहिए । उन्होंने दोनों देशों के लिए आपदा प्रबंधन में भारतीय उपग्रहों
की मदद लेने को भी कहा । उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन कार्यक्रम में सूचना
प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल जीआईएस, रिमोट सेंसिंग, उपग्रह संचार और इंटरनेट के रूप
में बड़ी भूमिका निभा सकता है । गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले बुजुर्गों को
शारीरिक, मानसिक और आर्थिक सुरक्षा देने के लिए कानून बनाने के प्रस्ताव पर सभी
राज्यों ने अपनी मुहर लगा दी है । सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने इस
कानून को अमलीजामा पहनाने से पहले सभी राज्यों से इस संबंध में उनके सुझाव और सहमति
माँगी थी । मंत्रालय की ओर से चलाई जा रही सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए
बुलाई गई समीक्षा बैठक में सभी राज्यों ने आज इस कानून पर अपनी सहमति दे दी ।
सम्मेलन में ज्यादातर राज्यों ने इस बात पर जोर दिया कि कानून को लागू करने के बाद
इससे संबंधित शिकायतों के निपटारे के लिए जिले के बजाए सब डिवीज़न स्तर पर ही
ट्रिब्यूनल स्थापित किए जाएं । सम्मेलन में आए विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने
कहा कि दूर - दराज या हाशिए के गाँवों में रहने वाले बुजुर्गो के लिए जिला केंद्र
तक आना व्यवहारिक रूप से संभव नहीं होगा । ऐसे में इस कानून की व्यापकता नहीं रह
जाएगी । राज्यों ने इस कानून को हिमाचल प्रदेश पेरेंट्स मेंटेनेंस की तर्ज पर ही
बनाए जाने की वकालत की । सभी राज्यों में साठ साल के बाद बुजुर्गो को समान रूप से
पेंशन सुविधा दी जाए । सम्मेलन को संबोधित करते हुए सामाजिक न्याय और अधिकारिता
मंत्री मीरा कुमार ने कहा कि यह कानून बुजुर्गो के लिए उस सामाजिक कवच की तरह काम
करेगा जिससे उन्हें स्वास्थ्य, आवास और वित्तीय और सहचर संबंधी सहायता मिलेगी । इन
जरूरतों को परिवार और राज्य सरकारों को पूरा करने का प्रावधान होगा । माकपा ने
शनिवार को भारत - अमेरिका परमाणु समझौते पर अपनी आपत्ति जताई है । माकपा ने कहा कि
भारत को चार पक्षों को लेकर सतर्क रहना चाहिए । विशेषकर, बहुआयामी अभियानों और
परमाणु परस्पर सिद्धांत में इसकी भागीदारी को लेकर, पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य और
वरिष्ठ नेता सीताराम येचुरी ने यहां पोलित ब्यूरो की बैठक के समापन पर पत्रकारों से
कहा कि प्रधानमंत्री के स्पष्टीकरण के बावजूद भारत को सतर्क रहना होगा । संयुक्त
बयान के कुछ पक्षों को लेकर हमारी आशंका अभी भी बनी हुई है । हालांकि पूर्व
मुख्यमंत्री ज्योति बसु ने प्रधानमंत्री के बयान को सही करार दिया था । पोलित
ब्यूरो की दो दिवसीय बैठक में बसु, पार्टी महासचिव प्रकाश करात और बुद्धदेब
भट्टाचार्य और बृंदा करात समेत पोलित ब्यूरो के अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया ।
येचुरी ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी की राय भाजपा से अलग है, जो एक परमाणु भंडार
बनाना चाहती है । उन्होंने कहा कि हम केवल शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए परमाणु
ऊर्जा के इस्तेमाल की वकालत करते हैं । भारत पर अमेरिकी दबाव के बारे में आशंकाओं
के अलावा प्रधानमंत्री के बयान की चर्चा करते हुए येचुरी ने डॉ सिंह को याद दिलाना
चाहा कि पिछले अनुभवों से पता चलता है कि अमेरिका एक विश्वसनीय सहयोगी नहीं रहा है
। उन्होंने कहा कि इस बारे में बुश ने केवल एक बयान दिया है, जबकि उन्हें अमेरिकी
कांग्रेस का समर्थन जुटाना बाकी है । येचुरी ने कहा कि भारत को अपनी स्थिति पर कायम
रहना चाहिए जैसा कि प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा है । उन्होंने कहा कि यही
वजह है कि उनकी पार्टी देश के राजनीतिक एवं आर्थिक हित में इस मसले पर चर्चा चाहती
है । कौन बनेगा पोप जॉन पॉल (द्वितीय) का उत्तराधिकारी, यह सवाल पोप के अस्पताल में
भर्ती होने के साथ ही वेटिकन और अन्य चर्च में फिर पूछा जाने लगा है । इसमें एशिया,
अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका के कई नाम उत्तराधिकारी के रूप में शामिल हैं । इसमें एक
भारतीय आर्कबिशप का नाम भी बतौर उत्तराधिकारी लिया गया है । प्रतिष्ठित
अंतर्राष्ट्रीय साप्ताहिक पत्रिका 'बिजनेस वीक' ने इससे संबंधित एक लेख प्रकाशित
करते हुए कहा है कि मदर टेरेसा के मित्र और मुंबई के आर्कबिशप डिवॉन डॉयज भी इस पद
के प्रबल उत्तराधिकारी हैं । इस लेख का शीर्षक है :- अगला पोप क्यों एक आश्चर्य हो
सकता है? इस संबंध में जब मुंबई में डॉयज के कार्यालय से टिथी मांगी गई तो उसने इस
लेख को 'बकवास' कहकर खारिज कर दिया । उनके कार्यालय ने कहा कि इस विषय पर आर्कबिशप
साक्षात्कार नहीं देते । पत्रिका के मुताबिक जॉन पॉल के देहावसान होने की स्थिति
में 'द कॉलेज ऑफ कॉर्डिनल्स' पोप का चुनाव करेगा । क्योंकि नए पोप को दुनिया भर में
१.१ बिलियन कैथोलिक्स को नेतृत्व देना है । लेख में इस बात को रेखांकित किया गया है
कि जॉन पॉल ने १२० कॉर्डिनल्स में से ११५ को खुद नियुक्त किया है जिन्हें अगले पोप
का चयन करना है । पोप के उत्तराधिकारियों में नाईजीरिया के कट्टरवादी फ्रांसिस
एरियांजे, गरीबों के बीच काम करने वाले भारतीय आर्कबिशप डियॉज व होंडूरन ऑस्कर
रोड्रिग्ज माराडिगा के नाम प्रमुख हैं । एक अन्य समाचार पत्र 'द ऑस्ट्रेलियन' ने इस
प्रकरण पर अपनी टिथी में कहा है कि नए पोप के लिए भाषा और मीडिया की जानकारी भी
महत्वपूर्ण बात होगी । क्योंकि विश्व परिदृश्य को देखते हुए ऐसे पोप की जरूरत है जो
बहुभाषाई हो । उदाहरण के तौर पर माराडिगा, स्पैनिश, अंग्रेजी, इटैलियन, फ्रेंच,
पुर्तगीज, जर्मन और ग्रीक भाषाएं बोलना जानते हैं । जबकि भारत के डॉयज १६ भाषाएं
बोल सकते हैं । इसलिए इन नामों को अगले पोप के उत्तराधिकारी के रूप में महत्वपूर्ण
माना जा रहा है । राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या २४ (दिल्ली - लखनऊ) और ५८ (दिल्ली -
हरिद्वार) की खराब स्थिति का मामला राज्यसभा में उठा । कांग्रेस सांसद हरीश रावत ने
कहा कि इन्हें राष्ट्रीय राजमार्ग कहकर संबोधित करना अपमानजनक है । केंद्र सरकार
अगर उत्तरांचल और पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को सुधारना चाहती
है, तो वर्तमान पंचवर्षीय योजना में ही इन दोनों राजमार्गों को छह लेन में बदलने का
काम शुरू किया जाए । ताकि, उत्तर प्रदेश व उत्तरांचल में रहने वाले लोगों सहित
करोड़ों धार्मिक व देशी - विदेशी पर्यटकों को परेशानी से उबारा जा सके । राज्यसभा
में विशेष उल्लेख के तहत इस मामले को उठाते हुए हरीश रावत ने कहा कि यह राजमार्ग
पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तरांचल की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण है ।
बढ़ते यातायात और सड़कों की खराब स्थिति की वजह से इन पर जाम लगा रहता है । इसके
चलते गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ व हरिद्वार की यात्रा पर जाने वाले करोड़ों
श्रद्धालुओं को कष्ट उठाना पड़ता है । हरीश रावत ने कहा कि वर्ष में दो बार कांवड़
यात्रियों की वजह से राजमार्ग ५८ को पंद्रह - पंद्रह दिनों के लिए बंद करना पड़ता
है । राजमार्ग बंद होने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश व उत्तरांचल के आर्थिक विकास की
धड़कन भी बंद हो जाती हैं । केंद्र सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए । सीबीआई ने
शुक्रवार को भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ देशव्यापी छापे मारे । इसके तहत दिल्ली,
उत्तर प्रदेश, चंडीगढ़, मुंबई, कोलकाता, राजस्थान और चेन्नई समेत ५४ शहरों में करीब
१९८ स्थानों पर छापे मारे गए । जिसमें ८० लाख की नकदी बरामद हुई और अवैध रूप से
अर्जित १४ करोड़ से अधिक की संपत्ति का पता चला । जांच एजेंसी ने ७० सरकारी अफसरों
के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने, अमानत में खयानत, घूस लेने और जालसाजी व आपराधिक
षड्यंत्र रचने के ५८ मामले दर्ज किए । इनमें संयुक्त सचिव स्तर के चार अधिकारी भी
शामिल हैं । जिनको आज निशाना बनाया गया उनमें वित्त, रक्षा, स्वास्थ्य, संचार और
मानव संसाधन विकास मंत्रालय से संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल हैं । दिल्ली में
आठ अफसर सीबीआई के लपेटे में आए । जिनमें दिल्ली पुलिस भी शामिल है । पैसा लेकर
पंचायत समितियों में नियुक्ति करने के आरोपों में फंसे पंजाब के पूर्व पंचायत
मंत्री निर्मल सिंह कहलां के अमृतसर स्थित आवास, राजस्थान के जयपुर में आयकर
अधिकारी आर. पी. मीणा के आवास व सूर्या होटल समेत तीन स्थानों पर छापे की कार्रवाई
हुई । मीणा के घर से जयपुर में एक करोड़ के बंगले के अलावा पैडर रोड पर सवा करोड़
की कीमत के १८ फ्लैटों के कागजात मिले । देश की आर्थिक राजधानी में देर रात तक २५
स्थानों पर छापे की कार्रवाई की गई । कोलकाता में बीएसएनएल के एक अधिकारी और स्टेट
बैंक के एक क्लर्क समेत होम्यो संस्थान के निदेशक के आवास पर छापों के अलावा पश्चिम
बंगाल में १५ जगह छापे मारे गए । विशाखापट्टनम में छापे के दौरान १२ रेलवे वैगन
गायब करने के घोटाले का खुलासा हुआ । सीबीआई निदेशक उमाकांत मिश्र ने देशव्यापी
छापों की जानकारी मीडिया को दी । छापों के दौरान अफसरों के बैंक खातों और लॉकरों का
भी पता चला । मगर अवकाश के कारण बैंक - लॉकर में जमा धन व आभूषणों की सूची तैयार
नहीं हो सकी । कांग्रेस ने कहा है कि बिहार के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामजतन सिन्हा
के पार्टी छोड़ने से कोई असर नहीं पड़ेगा । पार्टी का कहना है कि राजद व कांग्रेस
का गठबंधन कोई नई बात नहीं है । दोनों एक साथ मिलकर कई चुनाव लड़ चुके हैं ।
लिहाजा, राजद के साथ संबंधों में नई बात नहीं है । कांग्रेस ने जाति का नाम लिखकर
उम्मीदवारों की सूची जारी करने से भी इनकार किया है । पार्टी का कहना है कि यह उसका
आंतरिक दस्तावेज है और वह नहीं कह सकती कि मीडिया तक कैसे पहुंचा । कांग्रेस
प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि रामजतन सिन्हा के पार्टी छोड़ने से चुनाव
परिणामों पर किसी तरह का असर नहीं पड़ेगा । क्योंकि, राजद के साथ उसका गठबंधन काफी
पुराना है । जाति का नाम लिखकर उम्मीदवारों की फेहरिस्त जारी करने का जिक्र करते
हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने इस तरह की कोई सूची जारी नहीं की । बकौल सिंघवी,
यह आंतरिक दस्तावेज था और सभी मजहब और जातियों को प्रतिनिधित्व देने के लिए अंदरूनी
बैठकों में इस्तेमाल किए जाने वाले कागजों पर उम्मीदवार की जाति लिखी जाती है ।
उनका कहना था कि इसे ज्यादा गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए । रालोद प्रमुख चौधरी
अजित सिंह तो तेलंगाना के समर्थन में पहले से खड़े रहे हैं लेकिन यूपीए सरकार में
मंत्री के. चंद्रशेखर राव ने मायावती को भी समर्थन में खुलकर आगे आने के लिए राजी
कर लिया है । सोमवार को राव ने मायावती से मुलाकात की जिसके बाद मायावती तेलंगाना
मुद्दे पर राव का साथ देने को राजी हो गई हैं । तेलंगाना मुद्दे पर यूपीए के भीतर
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी जैसे सहयोगी का दवाब झेल रही कांग्रेस के लिए
चंद्रशेखर राव का यूपीए के बाहर गोलबंदी की कोशिश मुश्किल बढ़ा सकती है । तेलंगाना
मुद्दे पर यूपीए और इसके सहयोगियों के बीच दांव - पेंच तेज हो गए हैं । हरियाणा और
पंजाब के गठन का हवाला देते हुए पवार ने यह साबित करने की भी कोशिश की कि तेलंगाना
का गठन विकास के लिए जरूरी है । पवार ने यूपीए नेतृत्व को यह याद दिलाया कि यूपीए
के गठन के दौरान अलग तेलंगाना राज्य को लेकर सहमति बनी थी । लेकिन कांग्रेस की
चिंता यहीं खत्म नहीं होती है । चंद्रशेखर राव ने अब यूपीए के बाहर भी तेलंगाना को
लेकर गोलबंदी शुरू कर दी है जिससे यूपीए के भीतर बखेड़ा खड़ा हो सकता है । सूत्रों
के मुताबिक चंद्रशेखर राव ने बसपा प्रमुख मायावती से सोमवार की शाम उनके घर जाकर
मुलाकात की और मायावती ने राव को साथ खड़े रहने का भरोसा दिया है । राव की बीते
हफ्ते रालोद प्रमुख अजित सिंह से भी मुलाकात हुई बताई जाती है । अजित सिंह तो आज
पवार के साथ मिलकर सीडी जारी करने आने वाले थे, लेकिन उन्हें किसी कार्यक्रम में
भाग लेने मथुरा जाना पड़ा । अब वे अगले महीने हैदराबाद में तेलंगाना को लेकर होने
वाले कार्यक्रम में शिरकत करेंगे । बसपा और रालोद के इस तरह समर्थन में आगे आने से
कांग्रेस के लिए इसलिए भी परेशानी बढ़ सकती है क्योंकि यूपीए के सहयोगी वाम दल छोटे
राज्य के गठन के खिलाफ हैं । चंद्रशेखर राव पहले से वाम दलों के निशाने पर हैं और
उनका इस तरह यूपीए के बाहर जाकर लामबंदी करना वामदलों की नाराजगी बढ़ा सकता है ।
दुनिया के ज्यादातर मुल्क भारतीय पर्यटकों की आवभगत में कोई कोर - कसर नहीं छोड़ना
चाहते । उनकी कोशिश रहती है कि ज्यादा से ज्यादा भारतीय पयर्टक घूमने के लिए उनके
मुल्क आएं । इसकी वजह भारतीयों का खर्चीलापन है । सैर - सपाटे के लिए विदेश जाने
वाले भारतीय अन्य देशों के पर्यटकों के मुकाबले ज्यादा धन खर्च करते हैं । सिंगापुर
टूरिज्म बोर्ड के मुताबिक, आमतौर पर भारतीय पर्यटक प्रतिदिन तीन हजार सिंगापुर डॉलर
खर्च करता है । लिहाजा, भारतीय पर्यटकों को लुभाने व बेहतर टूर पैकेज उपलब्ध कराने
के लिए सिंगापुर टूरिज्म बोर्ड ने राजधानी में अपना क्षेत्रीय कार्यालय खोला है ।
बोर्ड के उपाध्यक्ष लिमन्यो चेन का कहना है कि नए कार्यालय के खुलने से सिंगापुर
जाने वाले भारतीय पर्यटकों की संख्या में दस फीसदी से ज्यादा का इजाफा होगा ।
कांग्रेस भले ही बार - बार कहे कि यूपीए बिहार में मतदान से पहले किसी को
मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में प्रोजेक्ट नहीं करेगा लेकिन राजद सुप्रीमो
लालू प्रसाद यादव इससे बेफिक्र हैं । उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार
कौन होगा? सब साफ है । स्पष्ट रूप से उनका इशारा अपनी पत्नी एवं बिहार की पूर्व
मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर है । लालू ने 18 अक्टूबर को होने वाले प्रथम चरण के
चुनाव के लिए राजद के 51 प्रत्याशियों की सूची भी जारी कर दी है । लालू ने शुक्रवार
को यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में अपने चिर - परिचित अंदाज में कहा कि हर कोई समझता
है कि यूपीए की ओर से मुख्यमंत्री पद का दावेदार कौन होगा । किसी को कोई शक है क्या
। उन्होंने कहा कि यूपीए सहयोगी राजद, कांग्रेस और राकांपा चार अक्टूबर को न्यूनतम
साझा कार्यक्रम 'सीएमपी' की घोषणा करेंगे और इसी के आधार पर चुनाव लड़ा जाएगा । एक
सवाल पर उन्होंने कहा कि विकास और सांप्रदायिक सौहार्द गठबंधन के चुनावी मुद्दे
होंगे । सांप्रदायिक सौहार्द के मामले में हमारी सरकार का रिकॉर्ड पूरी तरह साफ रहा
है । लालू ने कहा कि 20 - 25 फीसदी निर्धनों को अभी तक फोटो पहचान - नहीं मिले हैं
। चुनाव आयोग या तो सभी को पहचान उपलब्ध कराए अथवा वैकल्पिक दस्तावेजों के आधार पर
उन्हें वोट डालने की अनुमति प्रदान करे । लोजपा नेता रामविलास पासवान के इस आरोप पर
कि वह सरकारी नौकरियों में दलित मुस्लिमों को आरक्षण दिलाने के हिमायती नहीं हैं,
लालू ने कहा कि हम सीएमपी में इस मुद्दे पर अपना नज़रिया पेश करेंगे । हम दलित
मुस्लिमों को आरक्षण दिलाने के लिए संविधान में संशोधन किए जाने के हामी हैं । लालू
ने राजद के जिन 51 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की है, उनमें सात मुस्लिम और दो
महिलाएं हैं । जबकि फॉरवर्ड ब्लॉक का लोजपा से चुनावी गठबंधन है । इस बारे में पूछे
जाने पर लालू ने कहा कि फॉरवर्ड ब्लॉक का बिहार में कोई अस्तित्व नहीं है और हम सभी
पार्टियों को समायोजित करना चाहते हैं । हालांकि निजी तौर पर उन्होंने स्वीकार किया
कि नालंदा सीट पर जनता दल (यू) प्रत्याशी श्रवण सिंह की पराजय सुनिश्चित करने की
रणनीति के तहत यह सीट रामनरेश के लिए छोड़ी गई है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने
धार्मिक आधार पर देश के एक और विभाजन या सीमा फिर से तय करने की संभावना को दृढ़ता
से खारिज कर दिया है । उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जम्मू कश्मीर को और स्वायत्तता
देने पर विचार कर रही है । प्रधानमंत्री ने दोहराया कि दोनों देशों के बीच सभी
विवादित मसलों के शांतिपूर्ण हल के लिए जरूरी है कि पाकिस्तान अपनी धरती से
आतंकियों के ढांचे को ध्वस्त करे । उन्होंने दुख जताया कि पाकिस्तान ने आतंकी
प्रशिक्षण शिविर खत्म करने की दिशा में कुछ खास नहीं किया । मनमोहन सिंह सोमवार को
यहां विदेशी पत्रकारों से रू-ब-रू थे । उन्होंने दोटूक कहा, मुझे सीमाओं के
पुनर्निर्धारण पर बातचीत करने के लिए जनादेश नहीं मिला है और इन्हीं सीमाओं के
अंतर्गत दोनों देशों को शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए उचित माहौल बनाना
होगा । इसके लिए काम करने के नए तरीके की जरूरत है । प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया
कि दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क बढ़ाकर बहुत कुछ किया जा सकता है ।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि पाकिस्तान आतंकवादी शिविरों को उखाड़ने संबंधी अपनी
प्रतिबद्धता को जल्द पूरा करे । उन्होंने कहा, अगर संसद पर हुए हमले की तरह कोई
हमला होता है या आरएसएस के मुख्यालय और अन्य जगहों पर हमले होते हैं, तो उससे संवाद
की पूरी प्रक्रिया ही उलट सकती है । प्रधानमंत्री ने कहा कि कश्मीर समस्या का
समाधान पिछले ५७ वर्ष में नहीं हो पाया है, अतः इसके समाधान के लिए कोई समय सीमा
निर्धारित करना 'अवास्तविक' होगा । करीब एक घंटे चले सवाल - जवाब में उन्होंने कहा
कि दोनों देशों की शांति प्रक्रिया आगे बढ़ रही है । आज ऐसा सकारात्मक माहौल है कि
'मूल मसलों' पर विचार किया जा सकता है । हम सभी मसलों पर विचार के लिए तैयार हैं,
उन पर भी जिन्हें राष्ट्रपति मुशर्रफ जम्मू कश्मीर का 'मुख्य मुद्दा' कहते हैं ।
प्रधानमंत्री ने बताया कि मुशर्रफ के सामने उन्होंने पहली और सबसे महत्वपूर्ण पूर्व
- शर्त यह रखी थी कि आतंकवादी तत्वों को पूरी तरह से नियंत्रण में रखा जाए ।
प्राथमिक सदस्यता से निलंबन के भाजपा के फैसले से तेजतर्रार साध्वी उमा भारती को
तगड़ा झटका लगा है । अब उनके लहजे में तल्खी और तेवर में तेजी नहीं है । 'नई उमा'
भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को पिता
समान बता रही हैं । साध्वी ने अपने द्वारा उठाए गए पार्टी से आंतरिक लोकतंत्र के
मुद्दे पर बातचीत करने की पेशकश भी की । हालांकि उन्होंने बुधवार को भी भगवा ध्वज
के साथ अयोध्या की 'राम - रोटी पदयात्रा' जारी रखी । बकौल साध्वी, 'इस ध्वज को ऊंचा
करने के लिए मैंने बहुत मेहनत की है और अब इसे भ्रष्ट लोगों के हाथ से छीनने के लिए
दृढ़प्रतिज्ञ हूं साध्वी ने अपने निलंबन और नोटिस के बारे में प्रतिक्रिया व्यक्त
करते हुए कहा कि 'व्यक्तिगत दुश्मनी' और गैर - जिम्मेदाराना बयानबाजी से ऊपर उठकर
इस मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है । उन्होंने वाजपेयी और आडवाणी को पितातुल्य बताते
हुए उनसे इस मुद्दे को सांगठनिक - विधिक रूप में लेने और गंभीरता से विचार करने का
आग्रह किया । अयोध्या मार्च के दौरान पत्रकारों के सामने बड़ी सावधानी से लिखे अपने
बयान को पढ़ते हुए उमा ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत की गुंजाइश है ।
वाजपेयी और आडवाणी से आशीर्वाद मांगते हुए साध्वी ने दीनदयाल उपाध्याय के बताए
मार्ग पर चलने का दावा किया । उमा ने कहा कि उन्होंने कभी पद के लिए काम नहीं किया
। संघ के लोग विचारधारा, व्यवहार, सही कार्यप्रणाली और नई पीढ़ी को सत्ता हस्तांतरण
की बात करते हैं, जिसका वे समर्थन करती हैं । उन्होंने कहा कि उन्हें नोटिस का जवाब
तैयार करने के लिए अयोध्या में मार्च पूरा करने के बाद कुछ समय चाहिए होगा । 'राम -
रोटी पदयात्रा' के बाद नई पार्टी बनाने की बात से इनकार करते हुए उमा ने कहा कि यह
गैर - राजनीतिक पदयात्रा है, जिसे वे और पार्टी महासचिव अरुण जेटली आंध्र प्रदेश के
करीमनगर से शुरू करने वाले थे । इस कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए एक बैठक भी
हुई थी । बकौल उमा, लेकिन आडवाणी ने मेरे खराब स्वास्थ्य पर 'एक पिता की तरह चिंता'
जताते हुए यात्रा स्थगित कर दी थी । यह पूछे जाने पर कि क्या उनके लिए दिल्ली का
रास्ता अयोध्या से होकर जाता है, साध्वी ने कहा कि उनके जीवन का हर रास्ता अयोध्या
से होकर जाता है । भारती ने कहा कि आदर्शो की बात करने वाले पार्टी नेताओं के दोहरे
मापदंडों की वजह से ये हालात बने हैं । पदयात्रा के दौरान पार्टी ध्वज का इस्तेमाल
नहीं करने की भाजपा महासचिव प्रमोद महाजन की चेतावनी पर उमा ने कहा, 'यह कैसे हो
सकता है । मुझे इस झंडे को साथ लेकर चलने का पूरा अधिकर है । मैंने कभी पार्टी के
झंडे, इसके चिह्न और भगवा रंग का उल्लंघन नहीं किया यह पूछे जाने पर कि क्या उनके
लिए दिल्ली का रास्ता अयोध्या से होकर जाता है, उमा ने कहा कि मेरे जीवन के सारे
रास्ते अयोध्या से होकर ही गुजरते हैं दागी मंत्रियों के सवाल पर संसद में भाजपा का
मुकाबला करने के लिए कांग्रेस अब पिछले सत्र की तरह ही भाजपा के वरिष्ठ नेताओं को
निशाना बनाती रहेगी । खासकर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाया
जाने की संभावना है, जिन्हें कांग्रेस ने सबसे बड़ा दागी करार दिया है । कांग्रेस
बेस्ट बेकरी से लेकर बिलकिस कांड तक नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने की तैयारी में
जुटी है । कांग्रेस ने कहा मोदी और उमा भारती को आरोपित होने के बावजूद मुख्यमंत्री
बनाया गया है । कांग्रेस के मुताबिक भाजपा ने पिछले सत्र में प्रधानमंत्री को
मंत्रिपरिषद का परिचय नहीं कराने दे कर प्रजातांत्रिक परंपराओं को तोड़ा है । भाजपा
ने इस तरह की घोषणा की है वह दागी मंत्रियों के खिलाफ संसद की कार्यवाही नहीं चलने
देगी । दागी मंत्रियों के सवाल पर पिछले सत्र में भी सदन की कार्यवाही को बार - बार
स्थगित करना पड़ा था । कांग्रेस प्रवक्ता आनंद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री को
मंत्रिपरिषद का परिचय देने से वंचित किया गया और इस तरह भाजपा ने साबित कर दिया कि
प्रजातंत्र से जुड़े सिद्धांतों में उसका कोई भरोसा नहीं है । शर्मा ने कहा कि १९९८
और १९९९ में वाजपेयी ने अपने मंत्रिपरिषद का परिचय कराया था और उनके मंत्रिमंडल में
ऐसे कई वरिष्ठ मंत्री थे जिनके खिलाफ गंभीर मामले थे । वाजपेयी ने इन मंत्रियों का
बचाव भी किया था । कांग्रेस को इस बात का पूरा अहसास है कि बजट सत्र में भी विपक्ष
और खासकर भाजपा की ओर से दागी मंत्रियों का सवाल जोर शोर से उठाया जाएगा और इससे
निपटने के लिए भाजपा के ही प्रमुख नेताओं को निशाना बनाया जाएगा । पिछले सत्र में
भी लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती के मामले उठाए गए थे । लेकिन अब
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए भाजपा को निशाने पर लिया जाएगा ।
कांग्रेस प्रवक्ता ने बुधवार को इस मामले में जूदेव का भी हवाला दिया है । शर्मा ने
कहा कि भाजपा का रवैया पाखंडपूर्ण है, क्योंकि उन्होंने हाल ही में दिलीप सिंह
जूदेव को राज्यसभा का टिकट देकर संसद सदस्य बनाया है । तमाम आरोपों के बाद भी
उन्हें मुख्यमंत्री बनाया गया है । गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ
छिड़ी मुहिम को पार्टी आलाकमान ने काफी गंभीरता से लिया है । मोदी से नाराज नेता
जहां राजधानी में डेरा डालकर भाजपा नेतृत्व पर दबाव बनाने में जुटे हुए हैं । लेकिन
पार्टी इस वक्त मोदी को हटाने का जोखिम नहीं उठाना चाहती । बहरहाल, अध्यक्ष लाल
कृष्ण आडवाणी के साथ बृहस्पतिवार को होने वाली मुलाकात के दौरान गुजरात के असंतुष्ट
नेता विधायकों की नाराजगी के बारे में भाजपा नेतृत्व को अवगत कराएगें । यह पहला
मौका है जब पार्टी अध्यक्ष औपचारिक रूप से अंसतुष्ट नेताओं से मुलाकात कर रहे हैं ।
पार्टी अध्यक्ष से मुलाकात के लिए दिल्ली पहुंचे वरिष्ठ भाजपा नेता केशुभाई पटेल,
सुरेश मेहता व काशीराम राणा ने आपस में मुलाकात कर रणनीति तैयार की । इन सभी नेताओं
का कहना था कि वह विधायकों की नाराजगी को पार्टी नेतृत्व के सामने रखेंगे । माना जा
रहा है कि आडवाणी की अंसतुष्ट नेताओं से मुलाकात के दौरान गुजरात में प्रदेश
अध्यक्ष की नियुक्ति पर सहमति हो जाएगी । लेकिन प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति दिल्ली
में 6 अप्रैल से हो रही पार्टी की राष्ट्रीय समिति की बैठक के बाद ही होगी । उसके
साथ ही मंत्रिमंडल का विस्तार भी होगा । विधायक काफी समय से विभिन्न निगमों के
अध्यक्ष पदों को भरने की भी मांग करते रहे हैं । मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने
मंगलवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी से मुलाकात की थी । मुलाकात के
दौरान वाजपेयी ने मोदी को सभी को साथ लेकर चलने की हिदायत दी । वाजपेयी की इस
हिदायत को पार्टी में काफी अहमियत दी जा रही है । क्योंकि वाजपेयी कई मौके पर मोदी
को कटघरे में खड़ा कर चुके हैं । इसके अलावा संघ भी लगातार दबाव बनाए हुए है ।
पार्टी की मुश्किल यह है कि गुजरात में उसके पास इस समय नरेंद्र मोदी का ऐसा कोई
विकल्प नहीं है जो लोकप्रियता की दृष्टि से उनसे आगे या उनके बराबर हो । पार्टी की
कोशिश है कि किसी तरह असंतुष्ट नेता व मुख्यमंत्री के बीच सुलह - सफाई कराई जाए
ताकि पार्टी को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे । मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा की
पहल पर शनिवार सुबह करीब तीन सौ होंडा श्रमिक अपने काम पर लौट गए । इससे पहले
शुक्रवार देर रात होंडा के श्रमिकों और प्रबंधन के बीच दिल्ली में समझौता हो गया ।
समझौते के बाद मुख्यमंत्री हुड्डा शनिवार सुबह गुड़गांव स्थित होंडा कंपनी पहुंच गए
। उनकी उपस्थिति में सभी श्रमिक अपने काम पर वापस लौटे । इस मौके पर हुड्डा ने
श्रमिकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे पुरानी बातें भुलाकर उत्पादन कार्य में जुट
जाएं । मुख्यमंत्री ने श्रमिकों को अपना भाई बताते हुए भरोसा दिलाया कि उनके सामने
किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी । उन्होंने कहा कि शनिवार से प्रदेश में
श्रमिक एवं सरकार के बीच सुधरे संबंध का एक नया अध्याय शुरू हुआ है । गौरतलब है कि
सोमवार को श्रमिकों और पुलिस में हिंसक झड़प हो गई थी । इसमें सैकड़ों श्रमिक और कई
पुलिसकर्मी घायल हो गए थे । इसके बाद विवाद और गहरा गया था । मजदूर नेता सुरेश गौड़
के नेतृत्व में शुक्रवार को होंडा के श्रमिकों ने सोनिया गांधी से मुलाकात की ।
सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद इस प्रकरण में नया मोड़ आ गया । शुक्रवार देर रात
प्रदेश सरकार के प्रयासों के परिणामस्वरूप होंडा मोटर साइकिल्स एंड स्कूटर्स इंडिया
लिमिटेड के श्रमिकों तथा प्रबंधन के बीच दिल्ली में समझौता हो गया । इस समझौते पर
मुख्यमंत्री हुड्डा व श्रम एवं रोजगार विभाग के वित्तायुक्त तथा प्रधान सचिव
प्रोमिला इस्सर की उपस्थिति में कंपनी के प्रबंधन के तीन प्रतिनिधियों के साथ ही
श्रमिक यूनियन के नेताओं ने भी हस्ताक्षर किए । समझौता होने के बाद शनिवार सुबह
मुख्यमंत्री हुड्डा खुद ही मजदूरों को फैक्टरी में दाखिल कराने पहुंच गए । वे करीब
8.30 बजे सुबह मानेसर स्थित होंडा मोटरसाइकिल्स एंड स्कूटर्स इंडिया लिमिटेड के
संयंत्र के गेट पर पूरे लाव लश्कर के साथ पहुंचे । उनके संयंत्र तक पहुंचने से पहले
ही वहां करीब तीन सौ होंडाकर्मी एकत्रित हो चुके थे । मुख्यमंत्री की मौजूदगी में
सभी श्रमिक फैक्टरी परिसर में गए । कुछ असामाजिक तत्व औद्योगिक माहौल खराब करने की
कोशिश में हैं । जिसके परिणामस्वरूप प्रबंधन व मजूदर विवाद टकराव में बदल गया ।
मुख्यमंत्री ने कंपनी प्रबंधकों और कर्मचारियों के नेताओं को प्रदेश के हित में
सौहार्दपूर्ण समझौता करने पर मुबारकबाद दी । हुड्डा ने श्रमिकों पर दंगा भड़काने,
जानलेवा हमला करने एवं सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने को लेकर किए गए मुकदमे के
बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में बताया कि न्यायिक जांच में जो दोषी पाया
जाएगा उसे दंडित किया जाएगा । मजदूरों को संबोधित करने के बाद मुख्यमंत्री ने होंडा
परिसर में समझौते की निशानी के रूप में एक पौधा लगाया । इस मौके पर कंपनी के
अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूकिहीरो ओशिया, सामान्य मामलों के निदेशक
माद्यायोकी काटो व मानव संसाधन व आईआर विभाग के प्रबंधक विवेक विश्वनाथ भी मौजूद थे
। समझौते के मुताबिक कंपनी के चार बरखास्त यूनियन नेता सहित आंदोलन में भाग लेने
वाले सभी श्रमिकों को शनिवार से काम पर ले लिया गया । बरखास्त यूनियन नेताओं से एक
माफीनामा भी लिया गया है । समझौते के अनुसार मजदूर एक साल तक कोई मांग कंपनी के
सामने नहीं रखेंगे और अनुशासित तरीके से अपना काम करेंगे । नौकरी पर लौटने के बाद
वे 50 प्रतिशत अग्रिम वेतन ले सकते हैं । घायल मजदूर अग्रिम के साथ छुट्टी भी ले
सकेंगे । समझौते के मुताबिक श्रमिकों ने प्रबंधन को अब तक जितनी मांगे दी हैं
उन्हें वापस लेना होगा । मजूदरों एवं प्रबंधन के बीच इसको लेकर भी सहमति बनी है कि
यदि श्रमिक पूर्ण सहयोग देंगे, अच्छा व्यवहार करेंगे तथा अनुशासित रहेंगे और
निर्धारित उत्पादन देंगे तब ही एक वर्ष बाद उनके वेतन में वृद्धि होगी । समझौते के
अनुसार कंपनी की आंतरिक समीक्षा प्रक्रिया जारी रहेगी और कोई टेस्ट नहीं होगा । 22
जून 05 को निकाले गए 35 श्रमिकों को वापस लेने पर विचार किया जाएगा । उन्हें वापस
नहीं लिया गया है । कांट्रैक्ट मजदूरों की संख्या यथावत रहेगी । कर्मचारी भविष्य
निधि (ईपीएफ) की ब्याज दर पर श्रमिक संगठनों और सरकार के बीच सहमति न बन पाने के
कारण बुधवार को इस पर कोई निर्णय नहीं लिया जा सका । वर्ष २००४ - ०५ के लिए ईपीएफ
ब्याज दर पर कोई आम सहमति न बन पाने के कारण फिलहाल इस मामले को बजट आने तक टाल
दिया गया है । अब केंद्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) की बैठक १३ जुलाई को फिर होगी ।
बेशक इन दोनों वर्षो के लिए ९.५ फीसदी ब्याज दर की सिफारिश सीबीटी ने की थी । लेकिन
वित्त मंत्रालय ने अब तक इस संबंध में अधिसूचना जारी नहीं की है । ऐसे में २००२ -
०३ के लिए तो अंशधारकों के खाते में ९.५ की दर से ब्याज की राशि जमा हो चुकी है
जबकि २००३ - ०४ के लिए ब्याज राशि को जमा नहीं कराया गया है । सीबीटी की बैठक के
बाद पत्रकारों से बातचीत में केंद्रीय श्रम मंत्री शीशराम ओला ने कहा कि ब्याज दरों
को लेकर व्यापक चर्चा हुई । लेकिन आमसहमति न बन पाने के कारण कोई निर्णय नहीं लिया
जा सका । वैसे भी बजट आने के बाद जो तस्वीर सामने आएगी उसे देखते हुए ब्याज दर तय
करने की बात सामने आई । अब सीबीटी की बैठक १३ जुलाई को फिर बुलाई गई है । बहरहाल,
श्रम मंत्री ने इस बारे में कुछ भी स्पष्ट करने से इनकार कर दिया कि सरकार ईपीएफ
ब्याज दर में क्या बदलाव कर सकती है? सीबीटी की वित्त एवं निवेश समिति ने चालू
वित्त वर्ष के लिए ८ फीसदी ब्याज दर की सिफारिश की है । यानी इसके ऊपर ब्याज दर
देना वित्त मंत्रालय के रुख पर निर्भर करता है । हालांकि सूत्रों के मुताबिक सरकार
८.५ से ९.० तक ब्याज दर आसानी से दे सकती है । इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त धन की
भरपाई रिजर्व फंड से की जा सकती है । वामपंथी श्रमिक संगठन और भारतीय मजदूर संघ
जहां १२ फीसदी ब्याज दर की मांग कर रहे हैं वहीं कुछ संगठन चाहते हैं कि ९.५ की
ब्याज दर बरकरार रहनी चाहिए । सीबीटी में शामिल भारतीय मजदूर संघ के प्रतिनिधि
हंसुभाई दवे के मुताबिक सरकार १२ फीसदी ब्याज दर दे सकती है । श्रम मंत्री ने बताया
कि पिछली सरकार के कार्यकाल में वित्त मंत्रालय द्वारा अतिरिक्त धन देने से साफ मना
कर दिए जाने के कारण पिछले दो वर्षो की ब्याज दर के बाबत ही अधिसूचना जारी नहीं हुई
है । वर्ष २००२ - ०३ के लिए ९.५ की फीसदी से ब्याज दर अंशधारकों के खाते में जमा कर
दी गई है । लेकिन वर्ष २००३ - ०४ के बारे में अभी कुछ तय नहीं है । पिछली सरकार ने
इस वित्तीय वर्ष में ९.५ फीसदी ब्याज दर (जिसमें ०.५ फीसदी बोनस शामिल है) देने का
ऐलान किया था । लेकिन वित्त मंत्रालय की तरफ से अनुमति न मिलने के कारण इसकी
अधिसूचना जारी नहीं की गई है । इस बात पर भी भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि करीब तीन
करोड़ अंशधारकों के खाते में वर्ष २००३ - ०४ के लिए क्या ब्याज दर जमा होगी ।
हालांकि सूत्रों ने इसमें किसी तरह की कमी आने की संभावना से इनकार किया है । दरअसल
करीब १८ लाख ऐसे अंशधारकों को इसी दर से ब्याज दिया जा चुका है जो या तो
सेवानिवृत्त हुए हैं या फिर उनके साथ किसी हादसे के कारण ईपीएफ राशि का भुगतान करना
पड़ा है । पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर ने आतंकी हमले के जोखिम को कम करने के
लिए ४.१६ अरब डॉलर वाले ईरान - भारत गैस पाइपलाइन को पाकिस्तान की घनी आबादी वाले
इलाकों से ले जाने का सुझाव दिया है । पेट्रोलियम मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया
कि भारतीय सीमा पर गैस की डिलीवरी के लिए ईरान के साथ करार जून में अय्यर के दौरे
के वक्त होगा । पाकिस्तान से गुजरने वाली ७६० किमी लंबी ट्रांजिट पाइपलाइन के लिए
ईरान पाक सरकार से अलग से करार करेगा । परियोजना सलाहकार बीएचपी बिलिटन ने पहले गैस
को मुल्तान से जैसलमेर के निकट किसी स्थान पर लाने का सुझाव दिया था । लेकिन, अय्यर
ने इस मार्ग पर कम आबादी होने के चलते पाइपलाइन पर आतंकी हमले की आशंका जताई है ।
अधिकारियों ने बताया कि २,६०० किमी लंबी पाइपलाइन के जरिए गैस की आपूर्ति वर्ष २०१०
तक शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है । भारत को आपूर्ति होने से पहले तक
गैस का स्वामित्व नेशनल ईरानियन गैस एक्सपोर्ट कंपनी (एनआईजीईसी) के पास ही रहेगा ।
अय्यर गैस की आपूर्ति के लिए भूमि के इस्तेमाल पर पाकिस्तान को दिए जाने वाले
ट्रांजिट शुल्क सहित ट्रांजिट व्यवस्था की रूपरेखा तैयार करने के लिए मई के दूसरे
पखवाड़े में पाकिस्तान का दौरा करेंगे । सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में बुजुर्गों
की देखभाल, भरण - पोषण और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक विधेयक पेश करने
वाली है । सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय बुजुर्गों की समस्याओं पर ज्यादा
ध्यान दे रहा है । सरकार ऐसा विधेयक पेश करना चाहती है जिससे कि उम्र दराज
व्यक्तियों के परिवार वाले उन्हें आवास, वस्त्र और उनकी देखरेख में किसी प्रकार की
कोताही नहीं बरतें । मालूम हो कि १ अक्तूबर को विश्व बुजुर्ग दिवस मनाया जाता है ।
सूत्रों के मुताबिक बुजुर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले विधेयक में एक
प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव है । एसडीओ (सिविल) रैंक के अधिकारी को प्राधिकरण का
प्रमुख बनाया जाएगा । यह प्राधिकरण निश्चित समय में माता - पिता की देखभाल और भरण -
पोषण जैसे दावों का निपटारा करेगा । प्राधिकरण की कार्यवाही में किसी वकील की
भागीदारी नहीं होगी । इस मामले में जिलाधिकारी के पास अंतिम अधिकार होगा ।
प्राधिकरण के फैसले के खिलाफ कोई भी पक्ष एक बार जिलाधिकारी के पास अपील कर सकता है
। सूत्रों के मुताबिक सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की पहल पर दूसरे
मंत्रालयों और विभागों ने वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए कई प्रकार की रियायतें
देने का प्रस्ताव दिया है । वित्त मंत्रालय ने आयकर में छूट देने के साथ ही वरिष्ठ
नागरिकों के लिए आकर्षक बचत योजनाओं की शुरुआत की है । डाकघरों में उन्हें बचत
योजनाओं पर नौ फीसदी की दर से ब्याज दिया जाता है । कारोबार में इजाफा करने के लिए
मशहूर कंपनियां अपना 'ब्रांड एंबेसडर' बनाती रही हैं । इस दौड़ में अब केंद्रीय
मंत्रालय भी शामिल हो गए हैं । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की मशहूर
टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा को स्वास्थ्य से जुड़े विज्ञापनों में 'ब्रांड
एंबेसडर' की तरह पेश करने के बाद केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय भी 'ब्रांड एंबेसडर' की
तलाश में जुट गया है । पर्यटन मंत्रालय की सबसे बड़ी मुश्किल यह है कि वह कोई ऐसा
चेहरा तलाश नहीं कर पा रहा है, जिसे दुनिया के सामने संपूर्ण भारत की तस्वीर के रूप
में पेश किया जा सके । उनकी दलील है कि 'ब्रांड एंबेसडर' की नियुक्ति से देश में
पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा । पर्यटकों के साथ बर्ताव के बारे में भी पर्यटन स्थलों के
आसपास रहने वाले लोगों को जागरूक किया जा सकता है । पर मुश्किलें हैं कि खत्म होने
का नाम ही नहीं ले रही हैं । 'ब्रांड एंबेसडर' के लिए कई मशहूर फिल्मी सितारों के
नाम पर विचार भी किया गया । पर इन सितारों के किसी न किसी पार्टी के साथ जुड़े होने
की वजह से मंत्रालय नाम तय करने में हिचक रहा है । पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग भी
फिल्मी सितारे को 'ब्रांड एंबेसडर' बनाने के हक में नहीं हैं । उनका कहना है कि
एंबेसडर का किसी राजनीतिक पार्टी से कोई रिश्ता नहीं होना चाहिए । जबकि ज्यादातर
फिल्मी सितारे किसी न किसी पार्टी से जुड़े हुए हैं । खेल जगत की कई मशहूर हस्तियां
भी ब्रांड एंबेसडर की दौड़ में शामिल हैं । पर इनमें से कोई ऐसा चेहरा नहीं है,
जिसे संपूर्ण भारत के रूप में दुनिया के सामने पेश किया जा सके । हालांकि, पर्यटन
उद्योग से जुड़े कई लोगों ने सचिन तेंदुलकर व शतरंज की दुनिया के बादशाह कहे जाने
वाले विश्वनाथ आनंद सहित कई नाम सुझाए हैं । पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय इसके लिए
भी तैयार नहीं है । पर्यटन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि पर्यटन उद्योग
को बढ़ावा देने के लिए 'ब्रांड एंबेसडर' बेहद जरूरी है । निजी कंपनियों के प्रोडक्ट
की मार्केटिंग के लिए 'ब्रांड एंबेसडर' का फार्मूला बेहद कामयाब रहा है । इसीलिए
लोगों में पर्यटन के प्रति जागरूकता लाने और देश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए
पर्यटन राज्य मंत्री ब्रांड एंबेसडर बनाना चाहती हैं । बकौल उनके, पर्यटन के लिए
ब्रांड एंबेसडर एक या विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े ज्यादा लोग भी हो सकते हैं ।
ब्रांड एंबेसडर के लिए मंत्रालय पैसा खर्च करने के लिए भी तैयार है । छावनी बब्याल
रोड स्थित सेना के सब एरिया यूनिट से कुछ महत्वपूर्ण फाइलें अचानक गायब हो गई हैं ।
इनमें सेना की कुछ फाइलें भी हैं, जिन पर दुश्मन देशों की नजरें गड़ी रहती हैं ।
फाइलों के गायब होने से सैन्य अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है । इस संबंध में
सेना पुलिस ने छावनी के थाना सदर में बृहस्पतिवार की देर शाम फाइलें चोरी जाने की
रिपोर्ट दर्ज करा दी । पुलिस सूत्रों के मुताबिक आर्मी के सब एरिया यूनिट के दफ्तर
से फाइलों का गुम होना आश्चर्यजनक बात है । सेना पुलिस ने अपने दम पर पूरी छानबीन
करने के बाद मामला सिविल पुलिस को सौंपा है । पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के
अनुसार पिछले एक - दो दिन से सेना के कार्यालय से कई फाइलें गायब हैं । जब बैठक के
दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने फाइलों की बाबत जानकारी चाही तो ढूंढ़ने पर ये अपने
स्थान पर नहीं मिलीं । सेना के अधिकारियों को जब फाइलें निश्चित स्थान पर नहीं
मिलीं तो उनके हाथ - पांव फूल गए । ऐसे में उच्चाधिकारियों को इस संबंध में सूचना
दी गई । इसके बाद मामले में पूछताछ शुरू हुई । जानकारी के अनुसार सेना पुलिस ने
मामले की तह तक जाने की कोशिश की, लेकिन अभी तक गायब हुई फाइलों के बारे में कोई
जानकारी नहीं मिल पाई है । कुछ संवेदनशील फाइलों के कारण सेना के अधिकारियों ने
मामले को गुप्त रखने को कहा है । संवेदनशील छावनी क्षेत्र से पहले भी कई दफा
संदिग्ध लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है । ऐसे में पिछले वर्ष सितंबर माह में भी
पंजाब के मलेरकोटला जिले से एक पाकिस्तानी व्यक्ति को काबू किया गया था, जिससे
छावनी सैन्य क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण जानकारी बरामद हुई थी । सेना के अधिकारियों
ने एफआईआर में लिखवाया है कि मंगलवार की देर शाम किसी अज्ञात व्यक्ति ने सब एरिया
के कार्यालय का शीशा तोड़कर चोरी की । कुछ फाइलें गायब हैं, जो कि महत्वपूर्ण बताई
हैं । भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय जोशी को विवादास्पद सीडी के मामले
में मध्यप्रदेश की पुलिस ने क्लीन चिट दे दी है । पुलिस का कहना है कि वीडियो में
हेरफेर किया गया है । पुलिस आईजी (सीआईडी) एमपी द्विवेदी ने यहां कहा कि हैदराबाद
की फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट के मुताबिक संजय जोशी की फोटो और सीडी में दिखाए गए
व्यक्ति में मिलान नहीं हुआ । इसलिए ऐसा लगता है कि इलेक्ट्रानिक उपकरणों के जरिए
जोशी को ब्लैकमेल करने और धमकाने की कोशिश के तहत यह किया गया है । द्विवेदी ने कहा
कि हैदराबाद के सेंट्रल फोरेंसिक साइंस लैबोरेट्री की रिपोर्ट तीन दिन पहले मिली ।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि सीडी में डिजिटल हेरफेर किया गया है । इससे सीडी में
निरंतरता नहीं है और तस्वीरें भी ऊपर - नीचे उछलती नजर आई हैं । उन्होंने बताया कि
तस्वीरों में होंठ कतई नहीं हिलते नजर आए । यह पूछे जाने पर कि क्या संजय जोशी को
क्लीन चिट दे दी गई है, द्विवेदी ने कहा कि सीडी में उस आदमी के पीछे जल रही लाइट
का मकसद उसकी छवि को एकदम धुंधला करना था जिससे उसकी पहचान लगभग असंभव हो जाए ।
उन्होंने कहा कि इस सीडी में फोरेंसिक परीक्षण के दौरान दो अन्य व्यक्तियों की
मौजूदगी भी बताई गई है । उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिसंबर में मुंबई में भाजपा की
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के समय इस सेक्स सीडी का विवाद उठने के कारण भाजपा
के महासचिव के पद से संजय जोशी ने इस्तीफा दे दिया था । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
और पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ १७ अप्रैल को दिल्ली में कश्मीर समेत दोनों
देशों के बीच सभी लंबित मुद्दों पर बातचीत करेंगे । मनमोहन सिंह ने इस बात पर जोर
दिया है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी मुद्दे पर भारत के रुख में कोई बदलाव नहीं आया
है । जम्मू कश्मीर के मामले में हमें व्यवहारिक व यथार्थवादी नजरिया रखना होगा ।
मॉरिशस दौरे पर उनके साथ गए पत्रकारों से बातचीत में प्रधानमंत्री ने कहा कि जब दो
राजनीतिक नेता मिलते हैं तो वे सिर्फ मौसम पर ही बातचीत को सीमित नहीं रख सकते । यह
बात उन्होंने इस सवाल के जवाब में कही कि जब मुशर्रफ १७ अप्रैल को दिल्ली में
क्रिकेट मैच देखने आएंगे तो क्या उनसे कश्मीर मुद्दे पर भी बात होगी । पिछले साल
जनवरी में मुशर्रफ की इस्लामाबाद में वाजपेयी से और सितंबर में न्यूयॉर्क में उनसे
मुलाकात के समय जारी दो बयानों के हवाले से मनमोहन ने कहा कि अभी तक हमने जो कहा
है, हम उस पर कायम हैं । सितंबर के बाद भारत - पाकिस्तान की बातचीत से काफी कुछ
हासिल हुआ है । द्विपक्षीय बातचीत का एक दौर पूरा हो चुका है और दूसरा शुरू होने
वाला है । प्रधानमंत्री ने मॉरिशस के एक प्रमुख दैनिक समाचार 'ली मारिसिशियन' को
दिए गए साक्षात्कार में कहा कि जम्मू कश्मीर मामले पर हमें व्यवहारिक व यथार्थवादी
नजरिया रखना होगा । दोनों देशों के बीच राजनीतिक वातावरण और मनोबल बढ़ रहा है ।
भारत - पाकिस्तान के बीच आतंकवाद और हिंसा का वातावरण खत्म करने के लिए शांति
प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए । यह और भी मजबूत हो सकती है अगर हम लोग नियंत्रण रेखा
पर तनाव को काबू करने में सफल रहे । इस बीच भारतीय पत्रकारों से उन्होंने कहा कि
श्रीनगर - मुजफ्फराबाद बस सेवा में आने वाली सारी बाधाएं दूर कर दी गई हैं और पहली
बस ७ अप्रैल को रवाना हो जाएगी । दोनों देशों के लोग चाहते हैं कि हम आगे बढ़ें और
दोस्ती को एक नया आयाम दें । दोनों देशों के लोगों में आपसी मेलजोल को बढ़ावा दिए
जाने की वकालत करते हुए मनमोहन ने कहा कि इस संबंध में कल उनकी पाकिस्तानी
प्रधानमंत्री शुजात हुसैन से भी बातचीत हुई है । यह पूछे जाने पर कि क्या पाकिस्तान
को एफ - १६ दिए जाने के अमरीकी निर्णय से भारत - पाक शांति बहाली प्रक्रिया को झटका
लगा है, प्रधानमंत्री ने जवाब दिया कि वह सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि यह मामला
ऐसे समय आया जब दोनों देशों में यह प्रक्रिया जारी थी । हमें इससे निराशा हुई है ।
प्रधानमंत्री ने मॉरिशस को भारत के लिए उपयोगी भागीदार और दोस्त भी बताया ।
उन्होंने कहा फ्रीका में प्रवेश के लिए मॉरिशस हमारे लिए प्रवेश द्वार के समान है ।
मॉरिशस कई मायने में भारत के लिए उपयोगी है । सीरीज के तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच
में भारतीय टीम सांसत में फंस गई है । लाहौर और फैसलाबाद में पटरी से उतरी
रावलपिंडी एक्सप्रेस करांची में चल पड़ी है और पहले दो टेस्ट में रनों का अंबार
लगाने वाले भारतीय महारथियों के सस्ते में निपट जाने से मुश्किलें और बढ़ा दी हैं ।
इन्होंने अगर मंगलवार को पहले दिन जैसा जौहर दिखा दिया तो ही मैच का रुख पलट सकता
है, वरना आज तो मैच का रुख मेजबानों के पक्ष में दिख रहा था । सोमवार सुबह जब खेल
शुरू हुआ तो शुरुआती पहले घंटे में भारतीय बल्लेबाजों ने बेहतरीन खेल का मुजाहिरा
किया । दूसरी पारी में पाक बल्लेबाजों ने जिम्मेदारी का परिचय दिया और मैच को लगभग
अपनी पकड़ में कर लिया । सोमवार सुबह पूर्व कप्तान सौरव गांगुली व युवराज सिंह ने
बहुत अच्छी बैटिंग की । लेकिन गांगुली अब्दुर रज्जाक के झांसे में आ गए और शॉट पिच
गेंद पर फुल शॉट खेल फाइन लेग पर अपना विकेट कुर्बान कर दिया । उसके बाद युवराज भी
चलते बने । धुरंधर धोनी भी बाहर जाती गेंद को छेड़ बैठे । नतीजा हुआ कि कद्दावर
बल्लेबाजों से लवरेज भारतीय पारी २३८ रन पर ढेर हो गई । सात रन की बढ़त के साथ पाक
बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में संभलकर खेलना शुरू किया । ओपनर इमरान फरहत और सलमान
बट ने शानदार हाफ सेंचुरी बनाई । पाक को अब तक १८० रनों की बढ़त मिल चुकी है । कुल
मिलाकर स्थितियां भारत के काबू के बाहर होती जा रही हैं । वैसे सोमवार को करांची के
नेशनल स्टेडियम में सुरक्षा बलों की सक्रियता भी देखते बनती थी । इस अचानक हुई घटना
से वहां तैनात सुरक्षाकर्मी सकते में आ गए । रविवार देर रात इस मसले पर एक
आपातकालीन बैठक भी हुई और इसी के साथ ही करांची के स्टेडियम को किले में तब्दील कर
दिया गया । बोतलबाजी की घटना के बाद सोमवार को स्टेडियम में सुरक्षा और कड़ी कर दी
गई । खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए एटीएफ की दो अतिरिक्त कंपनियां ग्राउंड पर तैनात
कर दी गई । मैदान के भीतर किसी को भी बोतल या अन्य सामग्री ले जाने की इजाजत नहीं
दी गई । सोमवार को गहन तलाशी के बाद ही दर्शकों को अंदर जाने दिया गया । भाजपा के
भीतर नेतृत्व को लेकर दूसरी पीढ़ी का संघर्ष उस वक्त उजागर हो गया, जब भाजपा
अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी की टीम से ऐन आखिर में साध्वी उमा भारती का नाम गायब हो
गया । लेकिन, तमाम अटकलों के बावजूद नई कार्यकारिणी में प्रमोद महाजन महासचिव के
रूप में बरकरार हैं । महासचिवों की सूची में केवल एक नया नाम है, कर्नाटक के सांसद
अनंत कुमार का । आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर हरियाणा से सांसद कृष्ण सिंह
सांगवान को उपाध्यक्ष के पद से नवाजा गया है । उत्तर प्रदेश से कल्याण सिंह
उपाध्यक्ष, राजनाथ सिंह महासचिव और कलराज मिश्रा को कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया
है । वाजपेयी और फिर वैंकया के साथ रहे सुधींद्र कुलकर्णी को सचिव बनाया गया है ।
आडवाणी ने अपनी टीम में उपाध्यक्ष और महासचिव का एक - एक पद खाली रखा है । वरुण
गांधी, लोकसभा चुनाव के समय भाजपा में शामिल होने वाली नजमा हेपतुल्ला, और पूर्व
केंद्रीय मंत्री आरिफ मोहम्मद खान तथा 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी, 'तुलसी' स्मृति
ईरानी और नवजोत सिंह सिद्धू को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित के रूप
में शामिल किया गया है । यशवंत सिन्हा, अरुण जेटली और मुख्तार अब्बास नकवी पार्टी
के प्रवक्ता बने रहेंगे । नकवी ने आज भाजपा की नई कार्यकारिणी की सूची जारी की ।
उन्होंने कहा कि महासचिव और उपाध्यक्ष के दोनों रिक्त पद शीघ्र ही भर लिए जाएंगे ।
उमा भारती ने महासचिव का पद संभालने के लिए शर्तों की झड़ी लगा दी थी । सूत्रों का
कहना है कि प्रमोद महाजन को पार्टी में शामिल किया जाना उमा भारती को गवारा नहीं था
। भारती की नजर में महाजन लोकसभा में पार्टी की हार, उत्तर प्रदेश में पार्टी की
दयनीय स्थिति और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में पार्टी की पराजय के कसूरवार हैं ।
उनका इससे भी बड़ा गुनाह है उमा भारती की तिरंगा यात्रा को महाराष्ट्र में तरजीह
नहीं देना । उमा भारती को शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी भी खटक रही थी । आडवाणी की
टीम में भाजपा के पूर्व राज्यपालों को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाया गया
है । यूपीए सरकार द्वारा गुजरात के राज्यपाल पद से हटाए गए कैलाशपति मिश्र को
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में शामिल किया गया है । इसी तरह राजस्थान के राज्यपाल के पद
से इस्तीफा देकर दिल्ली की 'सेवा' के लिए लौटे खुराना को पार्टी में उपाध्यक्ष का
पद दिए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही थी । पर उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारिणी की
सदस्यता से संतोष करना पड़ा है । अटल बिहारी वाजपेयी और मुरली मनोहर जोशी सहित
यशवंत सिन्हा और वेंकैया नायडू को ७९ सदस्यीय पार्टी कार्यकारिणी में शामिल किया
गया है । कार्यकारिणी में उमा भारती और सुषमा स्वराज भी हैं । दिल्ली के पूर्व
गवर्नर विजय कपूर को भी कार्यकारिणी में शामिल किया गया है । उत्तर प्रदेश के
अध्यक्ष पद से हटाए गए विनय कटियार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में विशेष आमंत्रित के
तौर पर शामिल किया गया है । पार्टी के पूर्व कोषाध्यक्ष सुकुमार नांबियार भी
कार्यकारिणी में मौजूद हैं । उनकी जगह वेद प्रकाश गोयल को पार्टी का कोषाध्यक्ष
बनाया गया है । पार्टी के कुल २४ पदाधिकारियों में केवल दो महिलाएं शामिल हैं ।
महासचिव के पद पर कोई महिला नहीं है । कार्यकारिणी में १२ महिलाएं शामिल हैं,
जिसमें से दो महिलाएं विशेष आमंत्रित के रूप में शामिल की गई हैं । मुख्तार अब्बास
नक़वी ने कहा कि पार्टी की संसदीय समिति, केंद्रीय चुनाव समिति और अनुशासन समिति
आदि का शीघ्र ही गठन कर लिया जाएगा । गुप्तचर ब्यूरो को शनिवार दोपहर ही राजधानी के
बाजारों में बम विस्फोट करने की साजिश का पता चल गया था लेकिन पुलिस लाखों की भीड़
में बम को तलाश नहीं पाई और शाम को दिल्ली धमाकों से दहल गई । खुफिया विभाग के उच्च
पदस्थ सूत्रों का मानना है कि यह साजिश पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ने तैयार
की है और संभवतः लश्कर, जैश और सिख आतंकी संगठनों ने इसे अंजाम दिया । गुप्तचर
ब्यूरो ने शनिवार सुबह ही एक मोबाइल फोन की कॉल को इंटरसेप्ट किया था । इंटरनेशनल
कॉल आधुनिक तकनीक के जरिए हुई थी जिसमें आईएसडी की जगह एसटीडी नंबर खुफिया विभाग की
पकड़ में आ गया था । गुप्तचर एजेंसी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक दोपहर करीब
१.१५ बजे दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों को बाजारों में विस्फोटक छिपे होने की
जानकारी दे दी गई थी । धनतेरस की पूर्व संध्या और साप्ताहिक अवकाश के कारण बाजारों
में भीड़ उमड़ी हुई थी । ऐसे में विस्फोटक की तलाश वाकई चुनौतीपूर्ण कार्य था ।
इसके बावजूद पुलिस ने तत्काल बाजारों में विस्फोट सामग्री की तलाश शुरू कर दी ।
पहाड़गंज के मुख्य बाजार में धमाके के समय भी कुछ दूरी पर पुलिस डॉग स्क्वॉड की मदद
से विस्फोटक तलाश रही थी । राजधानी में बमों के धमाके होने के बाद भी पुलिस ने इस
बात पर चुप्पी साध ली है कि किस सूचना के आधार पर उसने विस्फोट की तलाश शुरू की?
खुफिया एजेंसी के सूत्रों का कहना है कि बम धमाकों के जिम्मेदार लोग अथवा उनके साथी
संभवतः शहर में ही छिपे हैं । दूसरी ओर खुफिया सूत्रों का यह भी दावा है कि बम
ब्लास्ट की साजिश के पीछे पूरी तरह आईएसआई का दिमाग है । सूत्रों का मानना है कि एक
गुमनाम आतंकी संगठन द्वारा धमाकों की जिम्मेदारी लिया जाना जांच भटकाने की कोशिश भी
हो सकता है । अब तक की जांच में खुफिया एजेंसी के सामने लश्कर - ए - ताइबा और बब्बर
खालसा संगठन के नाम सामने आए है । सूत्रों का यह भी दावा है कि राजधानी और इसके आस
- पास बब्बर खालसा ने अपने कुछ ठिकाने बना लिए थे । संभवतः इनमें से कुछ को नष्ट
नहीं किया जा सका था । पुलिस ने आईबी से जानकारी मिलने के बाद ही समूची दिल्ली में
पीसीओ से की गईं अंतर्राष्ट्रीय कॉलों का विवरण जुटाना शुरू कर दिया था । मोबाइल
फोन कंपनियों से भी ऐसी कॉल के विवरण जुटाने के लिए मदद मांगी गई जिसमें
अंतर्राष्ट्रीय कॉल में स्थानीय नंबर डिसप्ले किए जा रहे हों । बॉलीवुड सुपरस्टार
अमिताभ बच्चन अपने सुरक्षा इंतजाम को लेकर परेशान नहीं हैं । अभी कुछ दिनों पहले ही
उनके सुरक्षा बंदोबस्त में कमी की गई है । इन बातों से अलग वे भारतीय सिनेमा की
विदेशों में बढ़ती लोकप्रियता से काफी खुश हैं । अमिताभ बच्चन ने कहा कि सरकारें
अपनी तरह से मूल्यांकन करती हैं । सरकार के मूल्यांकन के अनुसार मुझे सुरक्षा
बंदोबस्त की जरूरत नहीं है इसलिए इसे कम कर दिया गया है । इसमें मुझे कोई परेशानी
नहीं है । अमिताभ पुरानी फिल्मों की रीमेक के ऊपर विवाद को अच्छा नहीं मानते । उनका
कहना है पश्चिमी देशों में भी फिल्मों की रीमेक होती रहती है । इस मामले में जिसे
जो करना है उसमें कोई दखल नहीं देना चाहिए । उन्होंने कहा कि शोले फिल्म 'द
मैग्नीफिसेंट सेवन' फिल्म से प्रेरित थी और 'मैग्नीफिसेंट सेवन' 'समुराई' नामक
फिल्म की रीमेक थी । सुरक्षा बंदोबस्त कम करने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने
कहा कि इससे मुझे किसी भी तरह का धक्का नहीं लगा है । यह सरकार और प्रशासन की पहल
पर की गई है । मुझे इस बारे में कुछ नहीं कहना है । लंबे समय तक विदेशों से वापसी
के अपने अनुभव के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा कि मैं लंदन में दो फिल्मों की
शूटिंग के लिए गया था । उसके बाद फिल्म महोत्सव के सिलसिले में टोरंटो गया । वहां
भारतीय फिल्मों को मिल रही पहचान से उन्हें काफी खुशी हुई है । उन्होंने देश की
वित्तीय स्थिति पर गंभीर चिंता जताई है । उन्होंने आगाह किया है कि अगर बढ़ते
वित्तीय घाटे पर जल्द काबू न पाया गया तो आर्थिक प्रगति प्रभावित हो सकती है ।
बृहस्पतिवार को लखनऊ में एलआईसी 'बीमा गोल्ड' पॉलिसी की शुरुआत करते हुए
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'देश की वित्तीय हालत के बारे में मैं बहुत चिंतित हूं,
क्योंकि केंद्र व राज्यों का सम्मिलित वित्तीय घाटा राष्ट्रीय आय का 9 - 10 प्रतिशत
हो गया है' । उन्होंने आगे कहा कि अगर घाटे पर काबू न पाया गया तो देश का आर्थिक
विकास पंगु हो सकता है । नए अवसरों का लाभ उठाने के लिए आवश्यक आत्मविश्वास का
हममें अक्सर अभाव रहता है । जोखिम की बाबत हम कुछ ज्यादा ही चिंता करने लगते हैं ।
मैं सभी भारतीयों से 'बड़ा' सोचने और अपनी रचनात्मक क्षमता का भरपूर उपयोग करने की
अपील करता हूं मनमोहन सिंह ने इस संबंध में राज्यों से अपनी प्रतिबद्घताओं को पूरा
करने की अपील की है । इसके अलावा उन्होंने कुछ राज्य विद्युत बोर्ड में बढ़ते
नुकसान पर भी चिंता जताई है । इस नुकसान के परिणामस्वरूप आर्थिक संकट उत्पन्न हो
सकता है । प्रधानमंत्री ने सभी राजनीतिक दलों से इस बात की अपील की है कि वे देश की
बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के उपायों व साधनों के बारे में सोचें । उन्होंने
कहा, "कुछ राज्यों में विद्युत बोर्ड ठीक से काम नहीं कर रहे हैं । प्रत्येक वर्ष
25 से 30 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है । ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली नहीं
पहुंच पाई है और किसान इसका भरपूर उपयोग करने में समर्थ नहीं हैं प्रधानमंत्री ने
कहा कि अगर देश को प्रगति करनी है तो राज्य विद्युत बोर्ड की कार्यप्रणाली में
सुधार करना पड़ेगा और पारेषण व वितरण घाटे को रोकना पड़ेगा । उन्होंने कहा कि गरीब
किसानों को मुफ्त बिजली दी जा सकती है, लेकिन वित्तीय घाटा अगर इसी तरह बढ़ता रहा
तो संकट उत्पन्न हो सकता है । बचत पर विशेष रूप से जोर देते हुए उन्होंने कहा कि
बचत राशि का उपयोग ढांचागत सुविधाओं के विकास में किया जा सकता है । उन्होंने बताया
कि इस संदर्भ में सरकार ने 'भारत निर्माण' ग्रामीण ढांचागत सुविधा विकास कार्यक्रम
तैयार किया है, जिस पर अगले चार सालों में एक लाख 74 हजार करोड़ रुपये खर्च किए
जाएंगे । पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने द्रमुक संस्थापक अन्नादुरई का
जन्मदिवस देश भर में मनाए जाने की बात क्या कही, एम. करुणानिधि ने उनकी तारीफ में
कसीदे पढ़ने शुरू कर दिए हैं । केंद्र की यूपीए सरकार में शामिल द्रमुक के अध्यक्ष
करुणानिधि ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह बयान वाजपेयी के अच्छे
राजनीतिक संस्कारों को दर्शाता है । मैं कह सकता हूं कि वाजपेयी ने यह बयान
तमिलनाडु विधानसभा के चुनावों को ध्यान में रखकर नहीं दिया है । तीन साल पहले जब हम
एक ही प्लेटफार्म पर थे, तब भी उन्होंने द्रविड़ आंदोलन और अन्नादुरई के योगदान के
बारे में बहुत कुछ कहा था । काबिलेजिक्र है कि भाजपा नेतृत्व वाली पूर्व राजग सरकार
में भी द्रमुक शामिल थी । बॉलीवुड के फिल्म अभिनेता आमिर खान की दावत में शनिवार
रात नामी - गिरामी फिल्मी सितारों ने शिरकत की । नववर्ष की पूर्व संध्या और आमिर की
किरण राव से शादी के कारण पार्टी में दावत उड़ाने आए मेहमान कुछ ज्यादा ही खुश नजर
आ रहे थे । इन मेहमानों में फिल्म अभिनेत्री रानी मुखर्जी से लेकर अभिनेता अनिल
कपूर तक मौजूद थे । यहां के पुराने पारसी बंगले मेहरबाई हाउस में आयोजित इस पार्टी
में सारी रात जश्न चलता रहा । पत्रकारों की आवाजाही बराबर लगी रही । यह पार्टी आमिर
की दूसरी शादी की खुशी में आयोजित की गई थी । बहरहाल, उनकी दुल्हन किरण राव के लिए
तो यह पहली ही पार्टी थी । आमिर अपनी पहली पत्नी रीना को तलाक दे चुके है । फिल्म
लगान के सेट पर उनकी किरण से मुलाकात हुई थी जो उस समय फिल्म निर्देशक आशुतोष
गौरीकर की सहायक थीं । विवाह से पहले दोनों के बीच रोमांस का लंबा दौर चला । जिस
बंगले में पार्टी चल रही थी, उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई थी । आमिर के
व्यक्तिगत सुरक्षाकर्मी पत्रकारों और फोटोग्राफरों को अंदर नहीं जाने दे रहे थे ।
सूत्रों के मुताबिक महाबलेश्वर से अतिरिक्त पुलिस बल मंगाकर यहां तैनात किया गया था
। सूत्रों ने बताया कि पंचगनी में इस पूरे तीन दिन आमिर को किसी भी तरह के तनाव -
खिचाव से दूर बहुत रिलैक्स हालत में देखा गया । इस दौरान दिन में वह अपने दोस्तों
के साथ ज्यादातर क्रिकेट और टेनिस खेलते रहे । इस बहाने उन्होंने लगान फिल्म के उन
बीते दिनों को याद किया जब वह इसी तरह क्रिकेट खेलते थे और जहां किरण राव ने उनके
जीवन में जगह बनाई । लेकिन किरण और उनकी शादी 28 दिसंबर, 2005 को मुंबई में हुई ।
हालांकि, किरण से उनकी शादी विवादों से बच नहीं सकी है । अभी 29 दिसंबर को ही
प्लॉजो होटल के बाहर उनके सुरक्षाकर्मियों और मीडियाकर्मियों के बीच झड़प हो गई ।
इस होटल में आमिर अपने परिवार और मित्रों के साथ ठहरे हुए थे । बाद में पुलिस ने
सुरक्षाकर्मियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की । इस शादी में कल तब रंग में भंग पड़ा जब
स्वागत समारोह स्थल पर एक मजदूर पेड़ से गिर गया और बुरी तरह घायल हो गया । बाद में
उसे अस्पताल पहुंचाया गया । मजदूर स्थानीय निवासी था । आमिर ने अपनी शादी को इतना
गोपनीय बना डाला है कि पार्टी में आने वाले मेहमान तक अंदर की कोई खबर देने को
तैयार नहीं हैं । बहरहाल, पंचगनी के बाद अब सभी की नजरें बंगलोर पर होंगी । वहां
किरण राव का मायका है । आमिर - किरण बंगलोर जा रहे हैं, जहां किरण के माता - पिता
ने उनके लिए पार्टी आयोजित की है । सौरमंडल के दूसरे सबसे बड़े ग्रह शनि के रहस्यों
का पता लगाने के लिए प्रक्षेपित किया गया अमेरिकी - यूरोपीयन कैसिनी - हूयजेंस
अंतरिक्ष यान शनि की कक्षा में पहुंच गया है । शनि के वलयों (रिंग्स) को
सफलतापूर्वक पार करने के बाद कैसिनी ने इस विशालकाय ग्रह का चक्कर लगाना शुरू कर
दिया है । यह घोषणा बृहस्पतिवार को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा द्वारा की गई ।
नासा के एक अधिकारी ने बताया कि पासाडेना स्थित नासा की जेट प्रोपलशन लैब को भारतीय
समय के अनुसार बृहस्पतिवार सुबह ९.४२ बजे कैसिनी से संकेत मिला कि वह अपने इंजनों
को बंद कर रहा है । अधिकारी ने बताया कि यह संकेत मिलते ही मिशन के सूचना नियंत्रण
में लगे दर्जनों इंजीनियर खुशी से उछल पड़े और कैसिनी की इस सफलता के लिए एक -
दूसरे को बधाई दी । कैसिनी पिछले सात साल में ३.५ अरब किलोमीटर की दूरी तय कर शनि
की कक्षा में पहुंचा है । यह अपने अनुमानित समय से करीब १० मिनट पहले शनि की कक्षा
में पहुंचा । कैसिनी पहली मानव निर्मित वस्तु है जो सौरमंडल के दूसरे सबसे बड़े
ग्रह की कक्षा में चक्कर लगाएगा । सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह बृहस्पति है । शनि की
कक्षा में प्रवेश करने के बाद फिलहाल कैसिनी ग्रह के सबसे नजदीक रहेगा । अपने अगले
चार साल के अभियान के दौरान कैसिनी शनि के इतना करीब कभी नहीं आएगा । शनि के सबसे
करीबी बिंदु पर होने के कारण कैसिनी ने इस ग्रह के बारे में अध्ययन का अवसर मुहैया
कराया है । इस समय कैसिनी शनि से २० हजार किलोमीटर की दूरी पर है । ३.३ अरब डॉलर के
इस अभियान के लिए अमेरिकी और यूरोपीयन स्पेस एजेंसियों ने धन मुहैया कराया है ।
कैसिनी अगले चार साल में शनि और उसके ज्ञात ३१ चंद्रमाओं का चक्कर लगाएगा । कैसिनी
को १९९७ में अंतरिक्ष में भेजा गया था । द प्लनेटरी सोसायटी की पहल पर कैसिनी में
६,१६,४०० लोगों के हस्ताक्षर वाला डीवीडी भी रखा गया है । इसमें 'स्टार ट्रैक द
नेक्स्ट जेनेरेशन' के अभिनेता पैट्रिक स्टीवर्ट और चक नोरिस के हस्ताक्षर भी शामिल
हैं । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने शनिवार को 'इस्लाम के पुनर्जागरण'
के लिए मुस्लिम देशों में सहयोग का आह्वान किया है । उन्होंने कहा कि इन देशों को
अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल गरीबी मिटाने और मुट्ठी भर उग्रवादियों की करतूत से
पैदा अपनी नकारात्मक छवि को सुधारने में करना चाहिए । अज़ीज़ पहले इस्लामिक आर्थिक
मंच को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने कहा कि मुस्लिम देशों में आगे बढ़ने की
पर्याप्त क्षमता है । इन देशों के सामने इस क्षमता को समृद्धि में बदलने की चुनौती
है । उन्होंने इन देशों में सहयोग का आह्वान करते हुए कहा, इस्लाम के पुनर्जागरण के
लिए हमें काफी मेहनत करने की जरूरत है । इस्लाम को आतंकवाद से जोड़कर देखा जाना
मौजूदा दौर में हमारे लिए बड़ी चुनौती है । दो दिवसीय सम्मेलन के उद्घाटन के अवसर
पर अज़ीज़ ४४ देशों के प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे । इनमें से ज्यादातर
इस्लामिक सम्मेलन संगठन (ओआईसी) के सदस्य हैं । अज़ीज़ ने इस मौके पर कहा, हमें
कट्टरपंथी और उग्रवादी समझा जा रहा है । मुट्ठी भर उग्रवादियों के कारण हमारी छवि
खराब हो रही है । हम यह नकारात्मक छवि अपनी क्षमताओं को पूरा इस्तेमाल करके और
मुस्लमानों का जीवन स्तर सुधार कर ही ठीक कर सकते हैं । अज़ीज़ ने कहा, मुस्लिम जगत
फिलस्तीन और कश्मीर जैसे विवादों का सामना कर रहा है । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री
ने इस अवसर पर मुस्लिम जगत की तरक्की के लिए एक १० सूत्री खाका पेश किया । इनमें इन
देशों के बीच एकता को बढ़ावा देना, जनता की भागीदारी से बेहतर शासन व्यवस्था,
उदारीकरण व निजीकरण, स्वास्थ्य व शिक्षा पर जोर, अंतर्राष्ट्रीय पूंजी को बढ़ावा
देने के लिए विश्व स्तर के पूंजी बाजार का निर्माण, सार्वजनिक व निजी क्षेत्र के
बीच साझेदारी, इस्लामिक विकास बैंक के पुनर्गठन, ओआईसी के पुनर्गठन और इस्लाम के
पुनर्जागरण के लिए ज़रूरी बौद्धिक वातावरण का निर्माण शामिल है । ऑस्ट्रेलिया के
खिलाफ ६ अक्तूबर से शुरू हो रही टेस्ट सीरीज के पहले दो मैचों के लिए घोषित १५
सदस्यीय टीम में सचिन तेंदुलकर को भी शामिल किया गया है । इसके अलावा जहीर खान,
मोहम्मद कैफ और मुरली कार्तिक की वापसी हुई है । लेकिन दिल्ली के तेज गेंदबाज आशीष
नेहरा अपना स्थान बरकरार रखने में नाकाम रहे । हालांकि चयनसमिति को सौंपी रिपोर्ट
में सचिन की चोट में तेजी से सुधार होने की बात कही गई है । लेकिन अभी भी उन्हें
पूरी तरह फिट घोषित नहीं किया गया है । छह अक्तूबर से शुरू हो रहे बंगलोर टेस्ट से
पहले सचिन को फिटनेस टैस्ट से गुजरना होगा । इसके बाद ही उनके खेलने पर कोई निर्णय
होगा । इस बैठक में भारतीय कप्तान सौरव गांगुली और कोच जॉन राइट भी मौजूद थे ।
चयनसमिति ने सिरीज के लिए किसी नए चेहरे को मौका नहीं दिया है । विकेट कीपर के रूप
में युवा दिनेश कार्तिक की बजाय पार्थिव पटेल पर फिर भरोसा जताया गया है । लेफ्ट
आर्म स्पिनर मुरली कार्तिक दुबारा जगह बनाने में सफल रहे । मुंबई के अजीत अगरकर को
तीसरे तेज गेंदबाज के रूप में शामिल किया गया है । केंद्र सरकार ने ग्लोबल ट्रस्ट
बैंक में गड़बड़ी की संयुक्त संसदीय कमेटी (जेपीसी) से जांच कराने से बुधवार को
लोकसभा में इनकार कर दिया । हालांकि यह भी कहा कि इस माह के आखिर तक एक आपराधिक
मामला दर्ज कराया जा रहा है और इसमें लिप्त एक भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा ।
ग्लोबल ट्रस्ट बैंक के तबाह हो जाने से उत्पन्न स्थिति के बारे में ध्यानाकर्षण
प्रस्ताव पर वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि इस हालात के लिए जिम्मेदार लोगों
को सजा मिलेगी । सरकार मामले की तह तक जाएगी । इस महीने के पूरा होते - होते
आपराधिक मामला दर्ज करा दिया जाएगा । इस मामले की छानबीन के लिए संयुक्त संसदीय
समिति के गठन की मांग खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि यह मांग तब जायज होती जब
सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी होती और कोई कार्रवाई नहीं कर रही होती । पाकिस्तान के
राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ ने बुधवार को नए प्रधानमंत्री शौकत अजीज की अगुवाई
वाले ३२ सदस्यीय मंत्रिमंडल को शपथ दिलाई । नए मंत्रिमंडल में १२ नए मंत्रियों को
शामिल किया गया है, जबकि २० सदस्य पिछले मंत्रिमंडल के ही हैं । पाकिस्तान टीवी की
खबरों के मुताबिक, अधिकारियों ने कहा है कि मंत्रियों के विभागों की अभी घोषणा नहीं
की गई है । उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्ष में पाकिस्तान की अर्थ व्यवस्था को
मजबूती प्रदान करने वाले शौकत अजीज वित्त मंत्री के पद पर भी बने रहेंगे, जबकि
विदेश विभाग का दायित्व खुर्शीद महमूद कसूरी के हाथों में रहेगा । बहरहाल,
मंत्रिमंडल में जिन नए चेहरों को शामिल किया गया है उनमें आईएसआई के पूर्व प्रमुख
जावेद अशरफ काजी भी हैं । काजी मुशर्रफ के एक विश्वासपात्र सहयोगी हैं और १९९९ में
जब मुशर्रफ ने सत्ता हथिया ली थी उस समय वह रेल मंत्री भी रह चुके हैं । अधिकारियों
के मुताबिक, कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं । काजी को आतंरिक मामलों का
मंत्री बनाया जा सकता है । फिलहाल यह विभाग फैसल सालेह हयात के पास है । सिक्किम की
डेमोक्रेटिक फ्रंट सरकार की प्रशंसा करने के कारण केंद्रीय पंचायती राज मंत्री मणि
शंकर अय्यर को शनिवार को अपनी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं के आक्रोश का सामना करना
पड़ा । अय्यर को कार्यकर्ताओं ने काले झंडे दिखाए और उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की ।
कुछ कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस भवन की दीवारों पर अय्यर विरोधी पोस्टर लगाए थे ।
सिक्किम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एसपीसीसी) के उपाध्यक्ष मेजर टी. ग्यात्सो ने
पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य में पंचायती राज प्रणाली की तारीफ करने के
कारण पार्टी की कार्यकारी समिति ने अय्यर के कार्यक्रमों का बहिष्कार करने का
निर्णय लिया है । उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को सिक्किम की तीन दिवसीय यात्रा पर
आने के तुरंत बाद आसांगथांग में एक ग्राम सभा को संबोधित करते हुए अय्यर ने राज्य
में पंचायती राज प्रणाली की जमकर तारीफ की थी । उन्होंने कहा था कि यहां की पंचायती
राज प्रणाली अन्य राज्यों के लिए एक उदाहरण हो सकती है । बहरहाल, ग्यात्सो ने कहा
कि 'अय्यर के बयान से हम वाकई बहुत आहत हैं क्योंकि हम जमीनी हकीकत को जानते हैं ।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले गरीब इस प्रणाली से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं
क्योंकि भ्रष्टाचार के कारण केंद्र द्वारा चलाई जा रही कल्याण योजनाओं का लाभ उनको
नहीं मिल पा रहा है उन्होंने आगे कहा कि 'सत्तारूढ़ सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट की
तारीफ करने का मतलब उन कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का मजाक उड़ाना है जो सत्ता में वापस
आने के लिए कठोर परिश्रम कर रहे हैं । साहित्य अकादमी के स्वर्ण जयंती समारोह में
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को पांच युवा लेखकों को पुरस्कृत किया । मराठी
रचनाकार नामदेव ढसाल को लाइफ टाइम एचीवमेंट अवार्ड प्रदान किया गया । कन्नड़
साहित्यकार यू. आर. अनंतमूर्ति, राजस्थानी कथाकार विजयदान देथा व रूस के हिंदी लेखक
प्रो. ई. पी. चेलिशेव सहित छह रचनाकारों को अकादमी की नई फेलोशिप प्रदान की गई । इस
अवसर पर नौ फेलो रचनाकारों को भी सम्मानित किया गया । राजधानी स्थित विज्ञान भवन
में सोमवार को साहित्य अकादमी द्वारा स्वर्ण जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह
का उद्घधाटन प्रधानमंत्री ने किया । उन्होंने अकादमी की स्वर्ण जयंती को देश के
सांस्कृतिक इतिहास का अहम पड़ाव बताया । प्रधानमंत्री ने पांच दशकों तक देश की
विभिन्न भाषाओं के प्रोत्साहन में अकादमी की उल्लेखनीय भूमिका की जमकर प्रशंसा की ।
उन्होंने कहा कि विभिन्न भाषाओं को एक मंच प्रदान करके अकादमी ने अनेकता में एकता
की अद्वितीय मिसाल कायम की है । प्रधानमंत्री ने सभी साहित्यकारों को अंग वस्त्र व
ताम्र पत्र प्रदान किया । पंजाबी कवि व लेखिका अमृता प्रीतम को भी नई फेलोशिप दी गई
। स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण वह समारोह में शामिल नहीं हो सकीं । उनकी ओर से
उनकी पौत्री शिल्पी क्वात्रा ने पुरस्कार ग्रहण किया । विख्यात मराठी लेखक नामदेव
ढसाल को लाइफटाइम एचीवमेंट पुरस्कार (ढाई लाख रुपये और प्रशस्ति पत्र) प्रदान किया
गया । पांच युवा लेखकों को भी पुरस्कृत (चालीस हजार रुपये व प्रशस्ति पत्र) किया
गया । पुरस्कार पाने वालों में बांग्ला रचनाकार मंदाक्रांता सेन, अंग्रेजी रचनाकार
रणजीत होस्केटे, हिंदी लेखिका नीलाक्षी सिंह, कन्नड़ रचनाकार अब्दुल रशीद व मलयालम
साहित्यकार एस. सितारा शामिल हैं । इनके अलावा अकादमी के नौ मौजूदा महत्तर सदस्यों
(फेलो) का भी अभिनंदन किया गया । इनमें कुर्रतुलऐन हैदर, गोविंद विनायक करंदीकर,
कृष्णा सोबती, विद्यानिवास मिश्र, डी. जयकांतन, एन. खेलचंद्र सिंह, गुंटूरू
शेषेंद्र शर्मा, नीलमणि फूकन व जी. सी. पांडे शामिल हैं । इस मौके पर विख्यात
रचनाकार राजा राव, राजेंद्र शाह, रहमान राही व रामनाथ शास्त्री का भी अभिनंदन किया
जाना था, पर वे समारोह में मौजूद नहीं थे । सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन
(सीबीएसई) द्वारा आयोजित दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं मंगलवार से देश भर में शुरू
हो गई । इन परीक्षाओं में दस लाख से ज्यादा छात्र - छात्राएं हिस्सा ले रहे हैं ।
जबकि सुनामी प्रभावित इलाकों में बोर्ड अप्रैल अथवा मई - जून के बीच परीक्षा आयोजित
करेगा । सीबीएसई अधिकारियों ने बताया कि इन परीक्षाओं के लिए १० लाख ७ हजार
परीक्षार्थियों ने फार्म भरे थे । इस वर्ष परीक्षा देने वाले छात्रों में ६.८ फीसदी
का इजाफा हुआ है । सीबीएसई चेयरमैन अशोक गांगुली ने बताया कि इस वर्ष परीक्षा में
बैठने वाले छात्रों का रिकॉर्ड टूट गया है । बोर्ड ने इस वर्ष विकलांग व नेत्रहीन
छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था की है । कुछ परीक्षा केंद्र खाड़ी देशों में भी बनाए
गए हैं । नकल रोकने के लिए बोर्ड ने कई उड़न दस्तों का गठन किया है । अपने बचाव में
सांसद महोदय दलीलें दे रहे हैं, इससे संसद की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई हैं ।
विजयेंद्र सिंह का कहना है कि फर्जी स्टीकर के जरिए उन्होंने कई बार संसद और संसदीय
एनेक्सी में प्रवेश किया है । दूसरी ओर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश
जायसवाल ने कहा कि अगर संसदीय सचिवालय से गृह मंत्रालय को मामले की जांच करने
संबंधी पत्र मिलता है, तो केंद्र सरकार जरूर कार्रवाई करेगी । मर्सिडीज कार (डीएल,
6सी - 3124) में फर्जी स्टीकर लगाकर संसद में प्रवेश उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का
जायजा लेने के लिए किया था । इसके लिए वह सुरक्षा अधिकारियों को ही जिम्मेदार
ठहराते हैं । दरअसल, असली स्टीकर लगी कार (डीडीवाई - 97) के खराब होने के बाद दूसरी
कार के लिए उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों से स्टीकर मांगा था । पर उन्होंने यह कहते
हुए इनकार कर दिया कि केवल एक स्टीकर जारी किया जाता है । भीलवाड़ा के राजघराने से
ताल्लुक रखने वाले विजयेंद्र सिंह की कार पर स्टीकर की रंगीन फोटो कॉपी और उस पर
अंडरवियर और बनियान बनाने वाली कंपनी का होलोग्राम लगा था । यह पोल उस वक्त खुली जब
संसदीय एनेक्सी में खड़ी मर्सिडीज गाड़ी पर लगे स्टीकर पर सुरक्षाकर्मी की नजर पड़ी
। यह स्टीकर सामान्य स्टीकरों के मुकाबले कुछ ज्यादा गहरा था । ध्यान से देखने के
बाद उस पर लगा होलोग्राम भी नकली पाया गया । बस फिर क्या था । फौरन ही आला
अधिकारियों को तलब कर लिया गया और मामले की जांच शुरू हो गई । जांच के दौरान पहली
नजर में ही सांसद महोदय दोषी पाए गए । इन सांसद महोदय को यह भी याद नहीं रहा कि
फर्जी स्टीकर का सहारा लेकर ही 13 दिसंबर 2001 को आतंकवादियों ने संसद में प्रवेश
किया था और सुरक्षाकर्मियों ने अपनी जान देकर लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर की
हिफाजत की थी । उसके बाद सुरक्षा बंदोबस्त को चाक - चौबंद बनाने के लिए तमाम
तामझामों पर 200 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा चुके हैं । पर फर्जी स्टीकर के
जरिए प्रवेश कर उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था की इस पूरी कवायद पर ही सवालिया निशान
लगा दिया है । सरकार ने बृहस्पतिवार को इस बात की घोषणा की कि स्वर्णिम चतुर्भुज
योजना के तहत दिल्ली - मुंबई राजमार्ग का काम पूरा हो गया है । शिपिंग, रोड,
ट्रांसपोर्ट व हाईवे मंत्री टी. आर. बालू ने प्रश्नकाल के दौरान राज्यसभा में बताया
कि दिल्ली - मुंबई राजमार्ग का काम पूरा हो गया है । उन्होंने कहा कि स्वर्णिम
चतुर्भुज योजना के तहत अब तक कुल 5,008 किमी काम हो चुका है । एक सवाल के जवाब में
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत किए जा रहे काम का जायजा लेने के लिए जनता के
प्रतिनिधि पूरी तरह से स्वतंत्र हैं । अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू बुश के आगमन
पर राजधानी दिल्ली में असाधारण सुरक्षा व्यवस्था की गई हैं । खासकर चाणक्यपुरी और
लुटियन बंगलो वाले क्षेत्र में तो हालात कुछ ऐसे हैं कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता
। बुश बुधवार रात को ही दिल्ली पहुंच चुके हैं । अतिरिक्त पुलिस और अर्द्ध सैनिक बल
को उन स्थानों के आसपास तैनात किया गया है, जहां बुश को जाना रहेगा या जहां वह
ठहरेंगे । वैसे उनके ठहरने का इंतजाम मौर्य शेरटन होटल में किया गया है । जबकि इसके
ठीक बगल में स्थित ताज पैलेस होटल पर अमेरिकी और भारतीय सुरक्षा अधिकारियों का
कब्जा है । अमेरिकी गुप्तचरों ने पिछले दो महीने से राजधानी में डेरा डाला हुआ है ।
इन गुप्तचरों ने मौर्य शेरटन होटल को लगभग सील कर दिया है । यहां पर किसी भी खतरे
का सामना करने और निगरानी के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं । दोनों होटलों को
जनता के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है । दिल्ली पुलिस ने नागरिकों के अलावा
परीक्षा देने वाले छात्रों से कहा है कि वे अपने परीक्षा केंद्रों पर सुबह साढ़े आठ
बजे ही पहुंच जाएं । जिससे उन्हें किसी असुविधा का सामना न करना पड़े । हालांकि
परीक्षा सुबह दस बजे शुरू होगी । बुश का काफिला जिन रास्तों से होकर गुजरेगा, वे आम
जनता के लिए लगभग बंद रहेंगे । राष्ट्रपति भवन में सरकारी स्वागत के बाद बुश को
राजघाट जाना है । भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टरों ने सुरक्षा जांच के मद्देनजर आज
राजधानी के विभिन्न इलाकों में उड़ान भरी । जिसमें संसद परिसर, राजघाट, होटल और
लुटियन बंगलो के क्षेत्र शामिल हैं । कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने कुछ अस्पतालों का
भी दौरा किया, जिससे आपातकालीन स्थिति में विभिन्न सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सके
। अमेरिका से ही कुछ कारें और चार हेलिकॉप्टर मंगाए गए हैं । बुश इन अमेरिकी कारों
में ही दिल्ली का सफर करेंगे । बहरहाल, अमेरिकी गुप्तचरों ने उन तरीकों और साधनों
पर बात नहीं की, जिसके जरिए वे बुश का बचाव करेंगे । जब बुश की यात्रा का फैसला
वाशिंगटन में लिया गया था तो उस वक्त 250 गुप्तचर मौजूद थे । इनमें 15 देशों में
कार्यरत गुप्तचर भी शामिल हैं । इन लोगों ने इसके बाद दिल्ली और हैदराबाद का कई बार
दौरा किया था । बिहार के दो केंद्रीय मंत्रियों लालू यादव व रामविलास पासवान द्वारा
सार्वजनिक रूप से एक दूसरे के खिलाफ आरोप - प्रत्यारोप से दुखी प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह ने बुधवार को दोनों नेताओं से अलग अलग बातचीत की । मंगलवार रात विदेशयात्रा से
लौटने के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस मामले में दखल देने का संकेत दिया था
। बुधवार को मनमोहन सिंह ने दोनों नेताओं को अलग अलग बुलाकर एक दूसरे के खिलाफ़
संयम बरतने व आरोप - प्रत्यारोप से बचने की सलाह दी । भारतीय जनता पार्टी द्वारा
बृहस्पतिवार को इस मामले को संसद में उठाने की रिपोर्टों के बाद प्रधानमंत्री ने यह
काम किया । विपक्षी पार्टियां दोनों केंद्रीय नेताओं को मंत्रिमंडल से हटा कर एक
दूसरे के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच कराने की मांग कर रही है । संसदीय कार्य
मंत्री गुलाम नबी आजाद ने भी बुधवार को संसद के केंद्रीय कक्ष में रेल मंत्री लालू
यादव से मुलाकात की । कांग्रेस का कहना है कि क्षेत्रीय राजनीति के तहत बिहार के
दोनों केंद्रीय मंत्रियों द्वारा एक दूसरे के खिलाफ आरोप - प्रत्यारोप लगाने के
कारण मनमोहन सरकार की छवि पर खराब असर पड़ रहा है । पार्टी के प्रवक्ता आनंद शर्मा
ने कहा कि इस तरह के मसले को यूपीए की समन्वय समिति की बैठक में उठाया जाना चाहिए ।
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए लालू प्रसाद ने
कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री से पासवान को लेकर विरोध दर्ज कराया है । लेकिन
पासवान मंत्रिमंडल की बैठक के बाद पत्रकारों से बात किए बगैर चले गए । इससे पहले
पासवान ने इन बातों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इन्हें बिहार तक ही सीमित
रहने देना चाहिए केंद्र में नहीं घसीटना चाहिए । पासवान ने लालू व रघुवंश प्रसाद
सिंह पर महीनों से उन पर निशाना साधने व उनके कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने व
पार्टी विधायकों के घर छापे डलवाने का आरोप लगाया है । पासवान ने कहा कि यह सब
बातें देखते हुए वे कैसे चुप रह सकते हैं । दूसरी ओर लालू ने पासवान पर माफिया,
अपराधियों व अंडरवर्ल्ड को संरक्षण देने का आरोप लगाया है । पाकिस्तान क्रिकेट
बोर्ड (पीसीबी) के चेयरमैन ने इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट
कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से आगामी टेस्ट और एक दिवसीय श्रृंखला के लिए प्रस्तावित
एक या दो आयोजन स्थलों पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है । पीसीबी अध्यक्ष
शहरयार खान ने मंगलवार को बताया कि उन्होंने दुबई में बीसीसीआई के प्रतिनिधि जगमोहन
डालमिया से प्रस्तावित कार्यक्रम में एक या दो आयोजन स्थलों को बदलने का आग्रह किया
है । पाकिस्तानी टीम २५ फरवरी को तीन टेस्ट और पांच एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय मैच
खेलने भारत दौरे पर आ रही है । इन मैचों का आयोजन मोहाली, अहमदाबाद, बंगलोर, कोचीन,
विशाखापत्तनम, दिल्ली, जमशेदपुर और कानपुर में कराया जाएगा । फिलहाल पीसीबी
अहमदाबाद में मैच के आयोजन को लेकर ज्यादा चिंतित है । गुजरात में दंगों के दौरान
अहमदाबाद में जमकर हिंसा हुई थी । पाक बोर्ड को आशंका है कि वहां मैच के आयोजन से
इस श्रृंखला को राजनीतिक रंग दिया जा सकता है । इसके अलावा माना जा रहा है कि
पीसीबी को दिल्ली के फिरोजशाह कोटला ग्राउंड पर भी एतराज है । इस मैदान में बड़े
पैमाने पर सुधार किया जा रहा है और पाक बोर्ड को अप्रैल में एक दिवसीय मैच के आयोजन
तक मैदान के तैयार होने में संदेह है । हालांकि खान ने इन दोनों आयोजन स्थलों का
नाम नहीं लिया । उन्होंने कहा कि इनका नाम लेना उचित नहीं होगा, लेकिन यह स्पष्ट है
। पाक विदेश मंत्रालय ने भी बोर्ड को अहमदाबाद में मैच न खिलाने की सलाह दी है ।
शहरयार खान ने खुलकर नहीं कहा, मगर उनका संदेश यही है कि पाकिस्तानी टीम उन जगहों
पर मैच नहीं खेलना चाहती, जिनके कारण इस बहुप्रतीक्षित श्रृंखला को राजनीतिक रंग दे
दिया जाए । उन्होंने कहा कि मैंने आगामी दौरे के बारे में चर्चा की तथा प्रस्तावित
स्थलों के बारे में डालमिया को अपनी राय से अवगत करा दिया है । उन्होंने बीसीसीआई
से बातचीत करने के बाद मुझे सूचित करने का आश्वासन दिया है । मुझे पूरा भरोसा है कि
हम इस मुद्दे को बातचीत कर सुलझा लेंगे और कोई समस्या पेश नहीं आएगी । बीसीसीआई में
डालमिया के पास फिलहाल कोई पद नहीं है । लेकिन सोमवार को दुबई में हुई एशियाई
क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) की बैठक में वे भारतीय प्रतिनिधि के रूप में शिरकत कर रहे
थे । खान ने कहा कि वे जल्द ही सोहेल खान और पीसीबी क्रिकेट ऑपरेशंस जीएम जाकिर खान
से मुलाकात करेंगे । सोहेल और जाकिर ने हाल ही में भारत में मैच आयोजन स्थलों का
दौरा किया था । उन्होंने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान द्वारा प्रस्तावित बदलाव मामूली
हैं और इससे कार्यक्रम पर कोई असर नहीं पड़ेगा । अंबानी बंधुओं में वर्चस्व की जंग
थमने के बाद रिलायंस एनर्जी के निवेशकों के लिए बुधवार को एक और अच्छी खबर आई ।
रिलायंस एनर्जी की ओर से आज आधिकारिक रूप से बताया गया कि कंपनी के बोर्ड ने उत्तर
प्रदेश में बिजली वितरण के क्षेत्र में उतरने की सहमति दे दी है । उत्तर प्रदेश में
पांच विद्युत वितरण कंपनियों में हिस्सेदारी के लिए अंतर्राष्ट्रीय निविदाओं में
रिलायंस एनर्जी भी हाथ डालेगी । दूसरी ओर आज कुछ खबरों में कहा गया है कि रिलायंस
एनर्जी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनिल अंबानी ने विभिन्न विद्युत परियोजनाओं
में १४००० करोड़ रुपये के निवेश के बारे में रिलायंस इंडस्ट्रीज को पिछले वित्तीय
वर्ष में सूचित किया था । दावा किया गया है कि मुकेश अंबानी की अध्यक्षता वाली
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने इसके लिए मंजूरी देने के साथ वित्तीय मदद को भी रजामंदी दे
दी थी । सूत्रों ने कहा कि रिलायंस एनर्जी ने २० अक्तूबर को एक बैठक में मुकेश
अंबानी व रिलायंस इंडस्ट्रीज के निदेशकों को आमंत्रित किया था । इसमें अन्य
प्रोजेक्ट समेत दादरी में ३५०० मेगावाट की बिजली परियोजनाओं के बारे में विस्तृत
जानकारी दी गई थी । गौरतलब है कि ऐसी खबरें थीं कि उत्तर प्रदेश में ११००० करोड़
रुपये की दादरी बिजली परियोजना के लिए रिलायंस एनर्जी ने मुकेश को भरोसे में लिए
बगैर घोषणा कर दी थी । कहा गया कि दोनों भाईयों में मनमुटाव भी इसी वजह से हुआ । आज
बताया गया कि रिलायंस एनर्जी में परिवर्तित होने से पहले २९ जनवरी, २००४ को बीएसईएस
ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के समक्ष १४००० करोड़ रुपये की निवेश योजना पेश की थी । इस
बैठक में रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी भी मौजूद
थे । सूत्रों के मुताबिक इस बैठक से ठीक पहले मुकेश ने अनिल व १२ निदेशकों के साथ
अलग से बैठक की थी । इसमें बीएसईएस और रिलायंस दिल्ली पॉवर प्राइवेट लिमिटेड को
मुकेश ने रिलायंस इंडस्ट्रीज से ५००० करोड़ रुपये निवेश / कर्ज का प्रस्ताव किया था
। पूरे विश्व में इंटरनेट से जुड़े कंप्यूटरों पर नए तरह का एक बैगल वायरस काफी
तेजी से फैल रहा है । यह जानकारी म्यूनिख की एक पत्रिका ने दी है । नया वायरस बैगल,
एआई खुद को संक्रमित कंप्यूटर के ई - मेल से जोड़ लेता है और उसके ऐड्रस बुक में
दर्ज सभी ई - मेल पतों पर पहुंच जाता है । यह वायरस अन्य कई वायरसों से अलग है । यह
कुछ एंटी वायरस स्कैनरों समेत कंप्यूटरों के कुछ सुरक्षा उपायों को बंद करने में
सक्षम है । एंटी वायरस बनाने वालों द्वारा बैगल, एआई कहा जाने वाला यह वायरस तब तक
आपके कंप्यूटर को संक्रमित नहीं करेगा, जब तक कि आप अपना ई - मेल अटैचमेंट नहीं
खोलते हैं । लोगों को धोखा देने के लिए अटैचमेंट का नाम इस तरह का रखा जाता है कि
किसी को संदेह न हो । अपने कंप्यूटर को इस वायरस से संक्रमित होने से बचाने का सबसे
बढ़िया तरीका है कि आप तब तक अपना ई - मेल अटैचमेंट न खोलें, जब तक कि आपको अच्छी
तरह से यह पता नहीं हो कि इसे किसने भेजा है और अटैचमेंट में क्या है? देश में बर्ड
फ्लू के मद्देनजर अमेरिका के राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू. बुश भारत के जायकेदार बटर
चिकन का लुत्फ नहीं उठा पाएंगे । राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की तरफ से कल
रात दिये जाने वाले भोज में चिकन की कोई भी डिश शामिल नहीं की गई है । अलबत्ता
नॉनवेज के शौकीन बुश, उनकी पत्नी लॉरा बुश और प्रतिष्ठित मेहमानों को भारत के लजीज
मटन कबाब, मटन कोरमा और फिश करी से ही काम चलाना पडेगा । राष्ट्रपति भवन ने अपने
प्रभावशाली मेहमानों के खाने का मीनू तैयार कर लिया है । इसमें कई देशी डिशों के
साथ - साथ बुश की पसंद के कुछ अमेरिकी व्यंजनों को भी शामिल किया गया है । इनमें एक
प्रमुख डिश है रेड केवेज एंड पाइन एप्पल विद फ्रेश सिजनिंग । यह मूलतः स्वीट डिश है
। इसके अलावा अमेरिका में प्रचलित मशहूर ब्रॉकली सूप भी मीनू में शामिल है । भारतीय
स्वीट डिश में मूंग की दाल का हलवा शामिल किया गया है । बुश के राष्ट्रपति भवन में
आगमन के मद्देनजर मुगल गार्डन कल से तीन दिन के लिए बंद कर दिया गया है । हालांकि
इसकी वजह मेंटीनेंस बतायी गयी है । यह बात कश्मीर मुद्दे पर आयोजित सम्मेलन में भाग
लेने वाले भारत व पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) के प्रतिनिधिमंडल में शामिल
प्रतिनिधियों ने कही । सम्मेलन में शामिल होने आए पीओके सुप्रीमकोर्ट के चीफ जस्टिस
अब्दुल माजिद मलिक ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सम्मेलन की रिपोर्ट भारत व
पाकिस्तान के नीति निर्धारकों को सौंपी जाएगी । इसमें उनसे दोनों देश के बीच जारी
शांति प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया जाएगा । हालांकि उन्होंने कहा कि
सम्मेलन में प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कश्मीर समस्या के संभावित समाधान के बारे
में कोई चर्चा नहीं की । इस सम्मेलन में भारत व पीओके के ४५ प्रतिनिधियों ने हिस्सा
लिया । सीडीआर की सुशोभा बर्वे ने कहा कि सम्मेलन का मुख्य लक्ष्य दोनों देश के बीच
जारी शांति प्रक्रिया को मजबूत करना था । डीपीजी की राधा कुमार ने कहा कि सम्मेलन
में कश्मीर समस्या के समाधान को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई । बर्वे ने कहा कि श्रीनगर
में आयोजित होने वाला यह पहला सम्मेलन था जिसमें पीओके, बाल्टिस्तान, गिलगिट और
उत्तरी इलाके के प्रतिनिधियों ने भाग लिया । धार्मिक स्वतंत्रता के लिए विख्यात देश
फ्रांस के पब्लिक स्कूलों में विशिष्ट धार्मिक प्रतीकों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध
चिंता का विषय है । मानवाधिकार पर संयुक्त राष्ट्र आयोग की प्रतिनिधि असमां जहांगीर
ने फ्रांस की यात्रा के बाद इस संबंध में चिंता जताई है । उन्होंने कहा है कि मुझे
विश्वास है कि अंततः फ्रांसीसी समाज में इस तरह के प्रतिबंध समाप्त हो जाएंगे,
क्योंकि मानवाधिकारों को लेकर फ्रांस पूर्ण रूप से प्रतिबद्घ है और मानवाधिकार
फ्रांसीसी गणतंत्र का आधार है । जहांगीर ने कहा है कि धार्मिक प्रतीकों से संबंधित
कानूनों का सकारात्मक पक्ष भी है, क्योंकि इसके तहत प्रत्येक बालिका की स्वतंत्रता
पर भी विचार किया गया है । बालिका सिर पर जबरदस्ती इस्लामिक स्कार्फ बांध दिए जाने
के परिणामों को समझने में असमर्थ होती है । उन्होंने कहा कि खासकर ऐसे कानून
धार्मिक मान्यताओं की स्वाभाविक अभिव्यक्ति को रोकते हैं, हालांकि सिख बच्चों के
मामले में यह महत्वपूर्ण है । जहांगीर ने कहा कि दीर्घकाल में धार्मिक प्रतीकों के
इस्तेमाल से संबंधित कानूनों के अप्रत्यक्ष नतीजों को लेकर मेरी चिंता है ।
उन्होंने वैसे मामलों का उदाहरण दिया, जहां ऐसे कानूनों के क्रियान्वयन से लोगों को
खासकर मुस्लिम युवतियों को प्रताड़ित किया गया । उन्होंने कहा कि कई लोगों का मानना
है कि इस तरह की प्रताड़ना से प्रभावित व्यक्तियों व उनसे संबंधित लोगों में
कट्टरवाद की प्रवृति बढ़ सकती है । इसके अलावा कार्य स्थल या यूनिवर्सिटी में या
स्कूल के बाहर जब महिलाएं कथित इस्लामिक स्कार्फ पहनती हैं तो इससे धार्मिक
असहिष्णुता की प्रवृति फैलती है । उन्होंने कहा कि ९० के दशक के उत्तरार्द्घ में
धार्मिक विषयों से संबंधित कई कदम उठाए जाने से धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार का
हनन हुआ है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने स्थिति को बेहतर बनाने के लिए कदम
उठाना शुरू कर दिया है । जहांगीर अपनी फ्रांस यात्रा के दौरान सरकार व न्यायपालिका
के अधिकारियों, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों, मुख्य धार्मिक समुदायों व गैर
सरकारी संगठनों से मिलीं । एमडीएमके महासचिव वाइको और आठ अन्य लोगों के खिलाफ पोटा
मामला वापस लेने के तमिलनाडु सरकार के आदेश की प्रति की मांग करते हुए विशेष अदालत
ने बुधवार को अपना फैसला ३ सितंबर तक टाल दिया है । सरकारी वकील जयकुमार ने अदालत
से अपील की कि उनके पास राज्य सरकार के आदेश की प्रति नहीं है, लेकिन वह अदालत को
प्रति उपलब्ध करा देंगे । इससे पहले २६ अगस्त को पोटा जज एल. राजेंद्रन ने अभियोजन
पक्ष की ओर से दायर याचिका पर फैसला सुनाने की आज की तारीख तय की थी । जबकि बुधवार
को मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकीलों जी. देवदास और के. एस. दिनकरन ने
सीआरपीसी की धारा ३१७ के तहत याचिका दायर कर वाइको की अदालत में व्यक्तिगत पेशी की
छूट की मांग की । वाइको इस समय नवचेतना यात्रा पर हैं । सरकारी वकील ने अपनी याचिका
में केंद्रीय पोटा पुनरीक्षण समिति का हवाला दिया । समिति का कहना है कि सहानुभूति
की अभिव्यक्ति और भाषाई एवं पारंपरिक रिश्तों को लेकर श्रीलंकाई तमिलों के लिए
समर्थन को प्रतिबंधित लिट्टे के समर्थन के रूप में नहीं देखा जा सकता है । बिहार के
राज्यपाल बूटा सिंह ने बृहस्पतिवार को मुजफ्फरपुर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में
अनुपस्थित चिकित्सकों को तुरंत निलंबित करने के आदेश दिए हैं और जिलाधिकारी को बिना
चिकित्सक वाले स्वास्थ्य केंद्रों में निजी चिकित्सकों को नियुक्त करने को कहा है ।
राज्यपाल ने जिलाधिकारी एस. के. मिश्रा को प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत
कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं और बुधवार को सीतामढ़ी जिले में नौका हादसे में
मारे गए व्यक्ति के नजदीकी रिश्तेदार को ५०००० मुआवजा देने की घोषणा की । सीतामढ़ी
जिले में बागमती नदी में नौका डूब जाने से पांच लोग मारे गए थे । पश्चिम चंपारण
जिले के सुस्ता में नेपाल और भारत के किसानों के बीच किसानों में संघर्ष के बारे
में एक सवाल पर उन्होंने अधिकारियों को सीमा पर स्तंभ लगाने के निर्देश दिए ।
बारामुला जिले में सोपोर की एक मस्जिद में छिपे आतंकियों की गोली से जम्मू - कश्मीर
पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के दो पुलिसकर्मी शहीद हो गए । रक्षा सूत्रों ने
बुधवार को यह जानकारी दी । सूत्रों के मुताबिक खुफिया जानकारी के आधार पर ५२वीं
राष्ट्रीय राइफल के जवान और स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के पुलिसकर्मियों ने छनखन - सोपोर
गांव की एक मस्जिद में छिपे आतंकियों को पकड़ने के लिए पूरे गांव को घेर लिया ।
राष्ट्रीय राइफल के जवान मस्जिद के बाहर थे जबकि राज्य पुलिस की टीम मस्जिद के अंदर
घुसी । इसी बीच वहां छिपे आतंकियों की गोली लगने से दो पुलिसकर्मी घायल हो गए जिनकी
बाद में मौत हो गई । सदियों से मानव के मन में यह सवाल रहा है कि क्या इस असीम
अंतरिक्ष में हम अकेले हैं या ब्रह्मांड के किसी ग्रह पर जीवन किसी भी स्वरूप में
मौजूद है । अभी तक तो विज्ञानियों को इस सवाल का नकारात्मक ही जवाब मिला है लेकिन
दो ग्रहों की ताजा खोज ने विज्ञानियों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं । इन पृथ्वी सरीखे
ग्रहों में जीवन की उम्मीद है । ये दोनों ग्रह पृथ्वी से १५ - २० गुना ज्यादा बड़े
हैं । अंतरिक्ष विज्ञानियों ने हमारे सौर मंडल से बाहर अंतरिक्ष में सूर्य के अलावा
५५ कैंसरी नामक तारे की परिक्रमा करने वाले ग्रहों के एक नए वर्ग का पता लगाया है ।
अमेरिकी अंतरिक्ष अध्ययन केंद्र नासा के मुताबिक पिछले एक सप्ताह के दौरान अंतरिक्ष
विज्ञानियों ने इन ग्रहों की खोज की है । इस खोज से अंतरिक्ष में पृथ्वी के समान
किसी दूसरे ग्रह के मौजूद होने की संभावना प्रबल हो गई है । कारनेगी इंस्टीट्यूट ऑफ
वाशिंगटन के विज्ञानी पॉल बटलर के अनुसार हमारे पास पृथ्वी जैसे किसी दूसरे ग्रह के
अस्तित्व की जानकारी फिलहाल नहीं है, लेकिन इस नई खोज से उम्मीद जाग उठी है कि
अंतरिक्ष में पृथ्वी के समान कोई दूसरा ग्रह मौजूद हो सकता है । खोजे गए दो नए ग्रह
पृथ्वी जैसे हैं । अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के मुख्यालय पर आयोजित एक
संवाददाता सम्मेलन में अंतरिक्ष विज्ञानियों ने बताया है कि नए ग्रहों का द्रव्यमान
वरुण (नेपचून) के बराबर होगा और व्यास हमारी पृथ्वी की तुलना में दो - तीन गुना
ज्यादा होगा । हालांकि ये नए ग्रह पिछले कुछ दशक के दौरान हमारे सौरमंडल के बाहर
खोजे गए अन्य ग्रहों से भिन्न हैं । पिछले कुछ समय में १०० से ज्यादा ग्रहों की खोज
की जा चुकी है । माना जा रहा है कि ये गैस के गोले हैं । इसलिए इन पर पृथ्वी के
समान जीवन की उम्मीद नहीं की जा सकती है । लेकिन ५५ कैंसरी के नए ग्रहों के
परिक्रमा पथ को देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि उन पर हमारी पृथ्वी के समान जीवन
संभव है । अगर विज्ञानी सौरमंडल के बाहर तारों की परिक्रमा करने वाले पृथ्वी के
बराबर द्रव्यमान के किसी दूसरे ग्रह का पता लगा पाते हैं तो उसकी संबंधित तारे से
दूरी की गणना करने के बाद वहां के तापमान का अध्ययन किया जाएगा । ताकि पता चल सके
कि क्या वहां जीवन के लिए आवश्यक पानी और सतह इस रूप में मौजूद है जहां जीवन संभव
हो सके । टैक्सास यूनिवर्सिटी की अंतरिक्ष विज्ञानी डॉक्टर बारबरा मैकार्थर के
अनुसार इससे पहले ५५ कैंसरी तारे के चारों ओर परिक्रमा करने वाले तीन अन्य ग्रहों
का पता लगाया जा चुका है । विज्ञानियों का अंदाजा है कि तारों की ओर पड़ने वाले इन
ग्रहों के हिस्से का तापमान ३७७ सेल्सियस होगा । यानि पृथ्वी से बाहर जीवन की
संभावनाओं के प्रति अभी हताश होने की जरूरत नहीं है । ऑप्टिकल फाइबर के जरिए अब
जम्मू व कश्मीर के लेह में भी आधुनिकतम संचार सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी । केंद्रीय
संचार मंत्री दयानिधि मारन बुधवार को लेह में आप्टिकल फाइबर पर आधारित सुविधाओं का
उदघाटन करेंगे । यह राज्य में आईटी सुविधाएं पहुंचाने के केंद्र सरकार के प्रयासों
का नतीजा है । श्रीनगर से लेह तक के दुरूह रास्ते में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने का काम
बीएसएनएल ने सेना और सीमा सड़क संगठन के साथ मिल कर पूरा किया है । बुधवार को नई
सुविधा के उदघाटन के मौके पर मारन के अलावा जम्मू - कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती
मोहम्मद सईद व कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे । पुलिस ने बृहस्पतिवार को चार
वरिष्ठ अलगाववादी नेताओं को अनंतनाग जिले के खानाबल इलाके में हिरासत में ले लिया ।
इन लोगों को स्थानीय निकाय चुनाव विरोधी अभियान चलाने पर गिरफ्तार किया गया । माकपा
ने शनिवार को कहा कि राजग गंभीर राजनीतिक संकट में है । राजग के सहयोगी घटकों में
कुछ गठबंधन से अलग होने पर विचार कर रहे हैं । ऐसी स्थिति में पार्टी के विस्तार के
लिए खाली जगह भरना जरूरी है । येचुरी ने कहा कि शुक्रवार को देश की मौजूदा राजनीतिक
स्थिति पर पोलित ब्यूरो द्वारा पारित एक प्रस्ताव पर केंद्रीय समिति द्वारा विचार -
विमर्श किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि राजग विपक्ष की भूमिका प्रभावशाली तरीके
से नहीं निभा पाया है और यही वजह है कि यूपीए गठबंधन को बाहर से समर्थन दे रहे वाम
दलों को सरकार को जन विरोधी नीति से रोकने के लिए पहल करनी पड़ी । २९ सितंबर को कई
बड़े कर्मचारी संगठनों की ओर से प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी हड़ताल को पूरा समर्थन
जताते हुए येचुरी ने कहा कि भोजन और रोजगार के मुद्दे पर जल्द ही सभी राज्यों में
एक बड़ा अभियान छेड़ा जाएगा । बिहार में विधानसभा चुनावों के बारे में उन्होंने कहा
कि राजद और कांग्रेस दो बड़ी धर्मनिरपेक्ष ताकतें हैं और इसलिए यह सुनिश्चित करना
उनकी जिम्मेदारी है कि सांप्रदायिक ताकतों के फायदे में धर्मनिरपेक्ष वोट बंटे नहीं
। उन्होंने कहा कि केंद्रीय समिति एक मुद्दे पर विचार कर रही है कि धर्मनिरपेक्ष
मतों को किस तरह विभाजित होने से रोका जा सके । उनकी पार्टी इस संबंध में हर संभव
प्रयास करेगी और सभी धर्मनिरपेक्ष दलों से बात करेगी । उन्होंने कहा कि यह सभी
लोगों को महसूस करना होगा कि बिहार में लालू प्रसाद की पार्टी सबसे बड़ा
धर्मनिरपेक्ष दल है । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर
अय्यर से शुक्रवार सुबह श्रीलंका की राष्ट्रपति चंद्रिका कुमारतुंग ने मुलाकात की ।
दोनों नेताओं ने श्रीलंका में जारी शांति प्रक्रिया समेत द्विपक्षीय और क्षेत्रीय
विकास के मुद्दों पर विचार - विमर्श किया । सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति चंद्रिका
कुमारतुंग के साथ आधे घंटे बात - चीत की । इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय
मसलों पर बात - चीत की । श्रीलंका की राष्ट्रपति तीन दिन की सरकारी यात्रा पर
बृहस्पतिवार को यहां पहुंची । बृहस्पतिवार रात वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से
मिलीं । उन्होंने प्रधानमंत्री को लिट्टे के साथ जारी शांति प्रक्रिया के बारे में
बताया । दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार
- विमर्श किया । लिट्टे के साथ संयुक्त सुनामी सहायता अभियान के बारे में भी चर्चा
हुई । माकपा महासचिव प्रकाश करात भी बुधवार को श्रीलंकाई राष्ट्रपति से मिले ।
सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक जम्मू कश्मीर में जून माह में सीमा पार से
घुसपैठ में इजाफा हुआ । खासतौर पर विदेशी आतंकवादी राज्य में वारदात को अंजाम देने
के लिए घुसे । गृह मंत्रालय में दाखिल रिपोर्ट में कहा गया कि करीब ६० आतंकी पिछले
महीने राज्य में घुसे । इसमें से ज्यादातर घुसपैठ उत्तर कश्मीर के कुपवाड़ा इलाके
से हुई । मई में ३७ आतंकवादियों की घुसपैठ की जानकारी दी गई है । यह रिपोर्ट हाल ही
में हुए कार बम विस्फोट के परिप्रेक्ष्य में दाखिल की गई है । रिपोर्ट में कहा गया
है कि राज्य में भारी बर्फबारी के बीच ये आतंकी घाटी में घुसने में सफल रहे ।
बर्फबारी से सीमा पर लगी बाड़ ढक गई थी इस वजह से इसमें प्रवाहित किया जाने वाला
करंट रोक दिया गया था । सीमा में घुसने के बाद वे उत्तर कश्मीर के ऊंचे इलाके लोलाब
में पहुंच गए । वहां कुछ विदेशी आतंकी देखे गए थे । सेना और अर्धसैनिक बलों को इस
बारे में सूचित कर दिया गया था । बिहार विधानसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही कांग्रेस
ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन को एकजुट रखने की आखिरी कोशिश शुरू कर दी है ।
कांग्रेस ने लोक जनशक्ति पार्टी को साफ कर दिया है कि उसे अगले सप्ताह के अंत तक
चुनावी गठबंधन के बारे में अंतिम फैसला करना होगा । लोजपा को लेकर माकपा ने भी
कांग्रेस पर दबाव तेज कर दिया है । माकपा का कहना है कि अगर तय तिथि तक केंद्रीय
मंत्री रामविलास पासवान यूपीए के बैनर तले चुनाव लड़ने का ऐलान नहीं करते तो उन्हें
केंद्रीय मंत्रिमंडल से अलग कर दिया जाना चाहिए । कांग्रेस की यूपीए को एकजुट करने
की तमाम कोशिशों के बावजूद पासवान मुस्लिम मुख्यमंत्री की शर्त पर कोई नरमी बरतने
को तैयार नहीं है । जबकि, कांग्रेस सहित बाकी घटक दल उनकी इस शर्त से सहमत नहीं हैं
। उनकी दलील है कि इस विषय पर विचार चुनाव नतीजों के बाद किया जाएगा । इसके साथ -
साथ पहले की तरह कांग्रेस भी लोजपा के साथ कोई नरमी बरतने के लिए भी तैयार नहीं है
। पार्टी महासचिव व बिहार के प्रभारी दिग्विजय सिंह साफ कर चुके हैं कि लोजपा को
यूपीए या एनडीए में से एक का चुनाव करना होगा । पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के
मुताबिक, पासवान को दस सितंबर तक का समय दिया गया है । कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया
गांधी अगस्त के अंत तक ही गठबंधन के बारे में फैसला चाहती थी पर केंद्रीय मंत्री
पासवान के कहने पर इस समय सीमा को दस दिन के लिए बढ़ाया गया है । सूत्रों के
मुताबिक पासवान को यूपीए के साथ चुनाव लड़ने की सूरत में केंद्रीय मंत्रिमंडल में
उनका कद बढ़ाने की भी पेशकश की गई । पासवान ने अभी तक इस बारे में कोई जवाब नहीं
दिया है । बिहार में धर्मनिरपेक्ष सरकार का गठन न होने के लिए वामदल पासवान को
जिम्मेदार ठहराते रहे हैं । राज्यसभा सांसद सीताराम येचुरी सरकार से पासवान को
मंत्रिमंडल से बाहर करने की कई बार सार्वजानिक मांग कर चुके हैं । मुस्लिम
मुख्यमंत्री की शर्त पर अड़कर अगर पासवान यूपीए से अलग विधानसभा चुनाव में उतरते
हैं, तो वामदलों का सरकार पर रामविलास पासवान को हटाने का दबाव बढ़ जाएगा ।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा कि सेना बैरक में ही है सिर्फ वे
सरकार को समर्थन व दिशा निर्देश देने के लिए बाहर हैं । सेना राजनीति में हस्तक्षेप
देना बंद कर बैरक में लौट जाए । पाकिस्तानी विपक्षी दलों की मांग पर मुशर्रफ ने
उनके आरोपों को खारिज करते हुए यह बातें कही । शनिवार को क्वेटा कमान व स्टाफ कॉलेज
के शताब्दी समारोह के उद्धधाटन अवसर पर राष्ट्रपति मुशर्रफ ने कहा कि सरकार जनता के
चुने हुए प्रतिनिधि चला रहे हैं । मुशर्रफ ने कहा कि वे अपने अनुभव से सिर्फ
प्रशासन को समर्थन व दिशा निर्देश दे रहे हैं । लेकिन कुछ लोगों का कहना है कि
सत्ता पर उनका नियंत्रण नहीं है । उन्होंने कहा कि जो इस तरह की बातें करते हैं
उन्हें सत्ता के बारे में कोई जानकारी नहीं है । मुशर्रफ ने कहा कि शौकत अजीज काफी
अच्छी तरह से सरकार चला रहे हैं । मुशर्रफ ने कहा कि पाकिस्तान सुरक्षा से जुड़े
मुद्दों पर कोई समझौता नहीं करेगा । यह सही है कि हमारे पास संसाधनों की कमी है
जिसके कारण पाक नौसेना व वायुसेना को कुछ समस्याएं आ रही हैं । संसदीय समिति द्वारा
हलके लड़ाकू विमान (एलसीए) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की खामियों का पता लगाने के
लिए डीआरडीओ के प्रदर्शन के परीक्षण पर जोर दिए जाने के मद्देनजर रक्षा मंत्री
प्रणव मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि जरूरतों के आधार पर एलसीए तेजस को बेड़े में
शामिल करने के सभी प्रयास किए जा रहे हैं । मुखर्जी ने कहा कि एलसीए का गहन परीक्षण
जारी है और ये परीक्षण सेना द्वारा बताए गए कड़े मानकों को पूरा करने के उद्देश्य
से किए जा रहे हैं । अपने मंत्रालय से जुड़ी संसदीय सलाहकार समिति को संबोधित करते
हुए मुखर्जी ने आश्वासन दिया कि देसी लड़ाकू विमान को विकसित करने की प्रक्रिया
जारी है और इस पर सही तरीके से काम चल रहा है । रक्षा मंत्री ने इस बात के भी संकेत
दिए कि सरकार सुरक्षा और जरूरतों के मुताबिक अंतर्राष्ट्रीय बाजार से हथियार और
उपकरण खरीदेगी । भारतीय वायुसेना ने सरकार से कहा है कि उसके लिए १२६ बहुउपयोगी
लड़ाकू विमानों को बेड़े में शामिल करना बहुत ही जरूरी है, क्योंकि वर्ष २००६ - ०७
तक मिग - २१ को चरणबद्ध तरीके से बेड़े से बाहर करना है । ऐसे में वायुसेना की
संचालन क्षमता को बनाए रखने के लिए ऐसा करना बहुत ही जरूरी है । रक्षा मंत्री ने
संसद सदस्यों से कहा कि तेजस का विकास एअरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (एडीए) ने किया
है । इसके साथ ही उन्होंने कहा कि तेजस सशस्त्र सेनाओं को आत्म निर्भर बनाने के लिए
जरूरी रक्षा तकनीक को पूरा करने में सक्षम है । रक्षा मंत्री का यह बयान रक्षा से
जुड़ी संसदीय समिति द्वारा एलसीए जैसी परियोजनाओं की खांमियों का पता लगाने के लिए
डीआरडीओ के प्रदर्शन का आंकलन कराने की अपील करने के एक दिन बाद आया है । सुरक्षा
संबंधी मामलों में केंद्र सरकार को सलाह देने वाली सर्वोच्च संस्था राष्ट्रीय
सुरक्षा परिषद (एनएससी) के कामकाज से असंतुष्ट केंद्र सरकार ने इस परिषद की कार्य
प्रणाली और स्वरूप में परिवर्तन करने का फैसला किया है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
के साथ मॉरिशस दौरे पर गए एक वरिष्ठ अधिकारी ने पत्रकारों को बताया कि भारत सरकार
परिषद के लिए निश्चित दिशा निर्देश जारी करने पर विचार कर रही है । अगले दो महीने
के अंदर परिषद के कामकाज में पूरी तरह परिवर्तन कर दिया जाएगा । अधिकारी ने कहा कि
अगर आप गौर करें तो पाएंगे कि एनएससी नागालैंड या अन्य किसी अतिवादी गुट के साथ चल
रही शांति प्रक्रिया में शामिल नहीं है । ये ऐसे मुद्दे हैं जिन पर हम विचार करेगें
। गौरतलब है कि परिषद का अध्यक्ष प्रधानमंत्री होता है । इस समय मनमोहन सिंह एनएससी
के अध्यक्ष हैं । सुरक्षा संबंधी मामलों पर गठित कैबिनेट कमेटी और एनएससी का गठन
लगभग एक समान है । जहां एनएससी सुरक्षा संबंधी मामलों में सैद्घांतिक विचार -
विमर्श अपनाती है, वहीं कैबिनेट कमेटी द्वारा निर्णय का कार्यान्वयन किया जाता है ।
सूत्रों ने बताया है कि जून में एनएससी की होने वाली बैठक में महत्वपूर्ण फेरबदल
किया जाएगा । इस बैठक में अन्य कई मुद्दों पर चर्चा होगी । हालांकि सरकारी
अधिकारियों ने इन मुद्दों के बारे में विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया है ।
अमेरिका द्वारा भारत को एफ - १६ और एफ - १८ लड़ाकू विमान देने की पेशकश पर
प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार दूसरे देशों से मिले
प्रस्ताव पर भी विचार - विमर्श कर रही है । भारत को स्वीडन, फ्रांस और रूस ने
अत्याधुनिक लड़ाकू विमान बेचने की पेशकश की है । सरकारी अधिकारियों द्वारा इन
प्रस्तावों पर विचार किया जा रहा है । भारत सरकार ऐसे किसी भी मुद्दे पर लड़ाकू
विमानों के निर्माण संबंधी तकनीकी के हस्तांतरण और सह - उत्पादन पर विशेष जोर देगी
। इराक में मंगलवार को एक कार बम धमाके में कम से कम १२ लोग मारे गए । राजधानी
बगदाद में विद्रोहियों ने तेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी को उड़ा दिया । हमले
के वक्त वह अपने कार्यालय जा रहे थे । तेल सह - उत्पाद वितरण कंपनी के महानिदेशक
हुसैन अली अल फतल को पश्चिम बगदाद के एक इलाके में बुधवार को गोली मार दी गई ।
सूत्रों के अनुसार, उन्हें काफी समय से धमकियां मिल रही थीं । हालांकि अपहर्ताओं ने
उनके साथ पकड़े दो इराकी गार्ड को मुक्त कर दिया है । इराकी विद्रोहियों की
शरणस्थली फालुजा में तेज अमेरिकी हमले की निंदा करते हुए बगदाद यूनिवर्सिटी में
इंटरनेशनल स्टडीज के प्रोफेसर नबील मोहम्मद ने कहा कि यह उचित नहीं है कि होने वाले
चुनाव को लोकतांत्रिक करार दिया जाए । अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, फालुजा पर अल
कायदा से जुड़े विद्रोही नेता अबु मुसाब अल जरकावी की मजबूत पकड़ है और कार बम
धमाके व विदेशी नागरिकों के अपहरण में उनकी ही भूमिका होती है । भारतीय अंतरिक्ष
अनुसंधान केंद्र (इसरो) ने ग्रामीण जनता को उनकी जरूरत की सभी जानकारियां उपलब्ध
कराने के लिए गांवों में ग्रामीण संसाधन केंद्र (वीआरसी) की स्थापना की योजना बनाई
है । इसरो के अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने बुधवार को कहा कि अंतरिक्ष तकनीक की मदद से
गांवों में लोगों को एक ही सेंटर से कई तरह की जानकारियां मिल सकेंगी । जयपुर में
२४वें भारतीय अंतरिक्ष सुदूर संवेदी सम्मेलन में नायर ने कहा कि इन केंद्रों पर
कंप्यूटर टर्मिनल लगाए जाएंगे जिसके जरिए गांववालों को भूमि, राजस्व, कृषि, मौसम और
ऋण संबंधी सूचनाओं की जानकारी दी जा सकेगी । उन्होंने कहा कि इसरो ने तमिलनाडु के
चुनिंदा गांवों में इस योजना की सफल शुरुआत की है । इस सम्मेलन का उद्घाटन राजस्थान
की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने किया । नायर ने मुख्यमंत्री से कहा कि अगर
उनकी सरकार भूमि और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराती है तो इसरो इस तरह के केंद्र
खोलने को तैयार है । पिछले दिनों एडुसेट और रिसोर्ससेट नामक उपग्रहों के सफल
प्रक्षेपण पर उन्होंने कहा कि यह गांवों के लोगों को महत्वपूर्ण जानकारियाँ उपलब्ध
कराने व उन्हें शिक्षित करने में अहम भूमिका निभा सकता है क्योंकि वहाँ अशिक्षित
लोग स्कूल नहीं जा पाते हैं । सुनामी पीड़ितों की मदद में जुटे फिल्म अभिनेता विवेक
ओबेरॉय कुड्डालोर के देवनामपट्टिनम गाँव को 'प्रोजेक्ट होप' के जरिए संवारने के बाद
वह अब पॉंडिचेरी के कराईकल गांव को सजाएंगे । सुनामी पीड़ितों को उबारने में दो
बड़े प्रस्ताव व तीन फिल्में खोने के बाद हालांकि अब विवेक ने अपने फिल्म
निर्माताओं को राहत की सांस देते हुए फिल्मों की शूटिंग १५ अप्रैल से शुरू करने का
ऐलान किया है । विवेक ने यहां चेन्नई प्रेस क्लब में बताया कि वह प्रोजेक्ट होप के
जरिए पट्टिनाचेरी के कराईकल गांव को एक नया रंग - रूप देकर २१वीं सदी का गांव
बनाएंगे । देवनामपट्टिनम के लिए किए अपने वादे न पूरे करने के आरोपों का खंडन करते
हुए विवेक ने कहा कि कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के लिए उनके प्रयासों को कलंकित
करने की कोशिश कर रहे हैं । ये वे लोग हैं जो उनके साथ इस काम में धन के लालच व
कट्टरपंथी भाव से आना चाहते थे । उन्होंने कहा कि देवनामपट्टिनम के निर्माण कार्य
में दानकर्ताओं के पीछे हटने और जमीन आवंटित होने में हुई देरी के कारण पिछले तीन
महीनों में उन्हें दो बड़े फिल्म प्रस्तावों को छोड़ना पड़ा । हालांकि विवेक का
कहना है कि दो बड़े फिल्म प्रस्ताव व तीन फिल्में गंवाने के बाद अब वह अपने फिल्म
निर्माताओं को आश्वस्त करना चाहते हैं । उन्होंने १५ अप्रैल से अपनी फिल्मों की
शूटिंग फिर से शुरू करने की घोषणा की । देवनामपट्टिनम गांव को गोद लेकर उसमें राहत
- पुनर्वास का काम करने के बाद अब विवेक ने कराईकल का रुख किया है । २६ दिसंबर को
सुनामी से उजड़े इस गांव को पॉंडिचेरी प्रशासन, खासकर लेफ्टिनेंट गवर्नर एम. एम.
लखेड़ा व प्रोजेक्ट होप के संयुक्त प्रयासों से आधुनिक बनाने की कवायद शुरू हो गई
है । १० से ११ करोड़ की लागत वाली इस परियोजना में सरकार ने २५ एकड़ की भूमि
चिन्हित कर ली है । इस जगह पर ३०० सुव्यवस्थित मकान बनने हैं । विवेक ने कहा कि वह
कोई काम - चलाऊ काम नहीं करना चाहते । इसलिए मकानों के बनते ही दूसरे चरण में ३६००
वर्ग फुट क्षेत्र में हरे - भरे बगीचे बनाए जाएंगे । एक सहकारी ग्राम समाज बनाते
हुए गांव में स्कूल, खेल के मैदान, स्वास्थ्य केंद्र, बस स्टॉप, पंचायत कार्यालय व
सामुदायिक हाल आदि की सुविधाएं दी जाएंगी । जम्मू कश्मीर में मारे गए पांच लोगों
में हिजबुल मुजाहिद्दीन के दो शीर्ष आतंकी और एक विशेष पुलिस अधिकारी भी हैं । मारे
गए आतंकियों में इस साल जून के दौरान पुलवामा में कार बम धमाके का सरगना भी है । इस
धमाके में १५ लोगों की जानें गईं थीं । वहीं, शनिवार दोपहर बारामूला के सोपोर में
शक्तिशाली आईईडी धमाके में तीन जवान घायल हो गए । पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक शनिवार
तड़के पुलवामा जिले के जैनापोरा के निकट सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के संयुक्त दल
ने धमाके के सरगना हिज्ब आतंकी आदिल पठान को मार गिराया । वह पीर पंजाल क्षेत्र का
स्वयंभू कमांडर था । वह पाकिस्तानी नागरिक है । जबकि ऊधमपुर जिले में महोरे के
डुंगा - देड्डी गांव के पास तलाशी के दौरान शीर्ष हिज्ब आतंकी इजाज अहमद बाली उर्फ
सजाद को मार गिराया । वह तृंगा गांव का रहने वाला है । वहीं, डोडा जिले में
किशतवाड़ के डछान क्षेत्र में डुंग - डूरु और सौरबाठी के बीच आतंकियों ने लोगों के
समूह पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं । इस दौरान एक एसपीओ और दो नागरिकों की मौत हो गई
। उन लोगों की शिनाख्त पंझधार के एसपीओ मदन लाल और सरकारी हायर सेंकेण्ड्री स्कूल
का चपरासी तारा चंद और तृंगई - डछान के सोनौल्ला के रूप में की गई । केंद्र सरकार
द्वारा १९८४ के दंगा पीड़ितों को हाल में दिए गए मुआवजे को भाजपा अध्यक्ष राजनाथ
सिंह ने 'ऊंट के मुंह में जीरा' करार दिया । उन्होंने कहा कि केंद्र की यूपीए सरकार
का रवैया दंगा पीड़ित सिख परिवारों के प्रति ठीक नहीं है । वह उनके जख्मों को बड़े
हल्के में ले रही है । किसानों ने भी लगे हाथों उन्हें भरोसा दिलाया कि हम भी इस
बार आपकी सरकार बनाने का 'जुगाड़' करेंगे । उन्होंने अपना धरना अकाली नेता सुखदेव
सिंह ढींढसा द्वारा इस मुद्दे पर सरकार से बातचीत करने के आश्वासन के बाद समाप्त
किया । रविवार को गुरुद्वारा बंगला साहिब में संवाददाताओं से बातचीत में राजनाथ
सिंह ने कहा कि १९८४ के दंगा पीड़ितों को ७१५ करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना
समुद्र में एक बूंद गिराने के जैसा है और इससे स्पष्ट होता है कि सरकार पीड़ित सिख
परिवारों के दुखों के प्रति गंभीर नहीं है । उन्होंने ८४ के दंगे को आजाद भारत के
इतिहास की सबसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया । उन्होंने कहा कि सरकार ने जो मुआवजा
दिया है वह बहुत कम है । सरकार को चाहिए कि वह पीड़ित परिवारों को नौकरी भी दे ।
भाजपा अध्यक्ष के साथ शिरोमणि अकाली दल नेता अवतार सिंह हिट और ओंकार सिंह थापर भी
थे । राजनाथ सिंह ने सबसे पहले गुरुद्वारा में मत्था टेका । यहाँ उन्हें सिरोपा
भेंट किया गया । सीमा पार से घुसपैठ की कोशिश का मुंहतोड़ जवाब देते हुए सुरक्षा
बलों ने शनिवार को तड़के हुई मुठभेड़ में छह आतंकियों को मार गिराया । इस मुठभेड़
में सुरक्षा बलों के तीन जवान भी शहीद हो गए । इसके अलावा अनंतनाग जिले में सेना के
वाहन पर ग्रेनेड हमला कर आतंकियों ने २३ लोगों को जख्मी कर दिया । सूत्रों के
अनुसार कुपवाड़ा जिले के मचियाल सेक्टर में सेना ने घुसपैठ की कोशिश को नाक़ाम कर
दिया । शुक्रवार रात से चल रही इस मुठभेड़ में सेना ने कल रात तीन आतंकियों को मार
गिराया था । आज तड़के और तीन आतंकी हलाल कर दिए गए । इस तरह कल रात से अब तक छह
आतंकी मारे जा चुके हैं । कुपवाड़ा के अलावा बारामुला जिले के बांदीपोरा इलाके के
रिशिपोरा में भी सेना ने तीन आतंकियों को मार गिराया । आज सुबह सेना के तलाशी
अभियान के दौरान हुई इस मुठभेड़ में सेना के तीन जवान भी शहीद हो गए । सूत्रों ने
बताया कि तलाशी अभियान अब भी जारी है । सूत्रों के अनुसार अनंतनाग के दियालगाम
इलाके में आज सुबह हिज्बुल मुजाहिद्दीन के आतंकी मोहम्मद मक़बूल वागे उर्फ यासिर का
शव बरामद किया गया । जबकि आतंकियों ने अनंतनाग के कुलगाम इलाक़े में स्पेशल पुलिस
अफसर बिलाल अहमद की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी । कुलगाम इलाके के कटरासू में
आतंकियों ने एक लड़की को घर में घुसकर मार डाला । यह विस्फोट जम्मू - कश्मीर बैंक
के कॉरपोरेट कार्यालय के बाहर मुख्य सड़क पर सुबह सवा नौ बजे हुआ । इसमें घायल पांच
लोगों की हालत गंभीर बताई गई है । घटना के बाद सुरक्षा बलों ने इलाक़े को घेर लिया
और आतंकियों को ढूंढने के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया लेकिन कोई कामयाबी नहीं मिली
। फंडों की ज़बरदस्त लिवाली के चलते मुंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का संवेदी
सूचकांक ९८ अंक की भारी बढ़ोतरी दर्ज कर ६७८५ अंक के नए रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ ।
निफ्टी सूचकांक ३६ अंक बढ़कर २१२९ अंक पर बंद हुआ । जानकारों के मुताबिक़ बजट पेश
होने से पहले तक कई घरेलू फंड इसके प्रावधानों को लेकर सशंकित थे । लेकिन, बजट पेश
होने पर स्पष्ट हो गया है कि कम से कम शेयर बाज़ार के दृष्टिकोण से इसमें कोई विशेष
नकारात्मक प्रावधान नहीं है । इसके मद्देनज़र बाजार से हफ्तों तक दूर रहने वाले
घरेलू व विदेशी फंड शेयरों में भारी निवेश कर रहे हैं । इसी वजह से शेयर बाज़ारों
में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है । घरेलू व विदेशी फंडों का रुख भांपते हुए छोटे
निवेशकों ने भी ख़रीदारी बढ़ा दी । चौतरफा लिवाली के चलते तक़रीबन सभी क्षेत्रों के
शेयरों में बढ़ोतरी देखी गई । अपनी विवादास्पद टिथी के मद्देनज़र भाजपा उपाध्यक्ष
मुख्तार अब्बास नक़वी ने मंगलवार को पार्टी अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी से मुलाक़ात
की और टिथी से उपजी भ्रांतियों को दूर करने का प्रयास किया । आडवाणी ने नक़वी को
विवादास्पद बयानों से बचने की सख्त नसीहत दी है । उन्होंने पार्टी अध्यक्ष को
आश्वासन दिया कि वह भविष्य में इस तरह के बयानों से परहेज करेंगे । उल्लेखनीय है कि
नक़वी ने शुक्रवार को रामपुर में कहा था कि अगले चुनावों में भाजपा का नेतृत्व
दूसरी पंक्ति का कोई नेता करेगा । बहरहाल, पार्टी सूत्रों के मुताबिक़, समझा जाता
है कि लगभग आधे घंटे की मुलाक़ात में नक़वी ने आडवाणी को इस बात से अवगत कराने का
प्रयास किया कि वह अपनी टिथी से 'कोई विवाद अथवा भ्रांति पैदा नहीं करना' चाहते थे
'और जो कुछ भी हुआ वह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है । 'नक़वी ने आडवाणी के नेतृत्व में
अपना पूरा विश्वास जताया है । उनके एक क़रीबी सहयोगी ने बताया कि 'ऐसा लगता था कि
नक़वी की टिथी से आडवाणी खुश नहीं थे । इसीलिए सभी मुद्दों को रफा - दफा करने के
लिए नक़वी आडवाणी से आमने - सामने मिलना चाहते थे । दोनों के बीच विचार - विमर्श के
बाद अब यह अध्याय हमेशा के लिए बंद हो गया है पाकिस्तानी नागरिकों के प्रति मानवीय
रुख अपनाते हुए भारत ने बृहस्पतिवार को पाक के २० और बच्चों का मुफ्त चिकित्सीय
उपचार करने का फैसला किया है । भारत के इस फैसले के बाद यह सुविधा पाने वाले पाक के
बच्चों की संख्या बढ़कर ६० हो जाएगी । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना ने
कहा कि भारत सरकार ने पाकिस्तानी बच्चों के एक और बैच को मुफ्त इलाज की मंजूरी दे
दी है । इस योजना से पाकिस्तान के जरूरतमंद और गंभीर रूप से बीमार बच्चे भारत में
बेहतर मुफ्त इलाज करा सकेंगे । पिछले वर्ष शुरू की गई इस योजना के तहत भारत सरकार
की ओर से बच्चे और उसके एक अभिभावक का विमान किराया और रहने का खर्चा मुहैया कराया
जाता है । भारत की ओर से पाकिस्तान के साथ विश्वास क़ायम करने के उपायों के तहत यह
योजना इस्लामाबाद स्थित भारतीय उच्चायोग के माध्यम से लागू की जा रही है । सोनीपत
जिले के गोहाना कस्बे में दलितों के घर जलाए जाने की घटना के तीन दिन बाद सरकार ने
वहाँ के जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को हटा दिया है । मेवात की उपायुक्त नीरजा
शेखर सोनीपत की नई उपायुक्त होंगी, जबकि पानीपत के पुलिस अधीक्षक राजेंद्र सिंह को
सोनीपत पुलिस की कमान सौंपी गई है । अन्य २१ आरोपियों को गिरफ्तार करने के प्रयास
जारी हैं । उल्लेखनीय है कि गोहाना में गत बुधवार को दलितों के घर जलाए जाने की
घटना के बाद से ही अनेक दलित संगठनों ने जिले के डीसी और एसपी को हटाने की मांग की
थी । शनिवार को जारी सरकारी आदेश के अनुसार गोहाना के डीएसपी रौनकीराम को भी बदल
दिया गया है । उनके स्थान पर बहादुरगढ़ (झज्जर) के डीएसपी अरुण नेहरा को गोहाना
भेजा गया है । सीआईडी के डीएसपी रिसाल सिंह को अरुण नेहरा के स्थान पर बहादुरगढ़ का
डीएसपी लगाया गया है । सोनीपत से हटाए गए उपायुक्त ए. के. गोयल, पुलिस अधीक्षक अनिल
कुमार और डीएसपी रौनकी राम को फिलहाल कोई पोस्टिंग नहीं दी गई है । सोनीपत भेजे गए
राजेंद्र सिंह के स्थान पर पानीपत के नए एसपी की पोस्टिंग अभी होनी है । एक और आदेश
के तहत सरकार ने कराधान विभाग के वित्तायुक्त एल. एस. एम. सालिंस को वन विभाग के
वित्तायुक्त का अतिरिक्त प्रभार दिया है । उन्होंने कहा कि गोहाना कांड को अंजाम
देने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है । अन्य २१ आरोपियों को
गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं । इस बीच सोनीपत के पुलिस अधीक्षक (निवर्तमान)
अनिल राव ने बताया कि वाल्मीकि बस्ती में आग लगाने व लूटपाट करने के आरोप में नामजद
रामपाल पुत्र धूप सिंह निवासी नूरन खेड़ा तथा राजेश पुत्र दयानंद निवासी छतेहरा को
गिरफ्तार कर उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश किया गया । कोर्ट ने
उन्हें १० सितंबर तक रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया । उन्होंने बताया कि बस्ती की
सुरक्षा के लिए समता चौक, गोहाना पर पुलिस चौकी स्थापित की गई है । उन्होंने बताया
कि शुक्रवार को अनाज मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय के सामने दो लाइसेंसी बंदूकें
बरामद की गई हैं । ये बंदूकें आगजनी के दौरान वाल्मीकि बस्ती निवासी रामलाल तथा
शिवलाल के घरों से लूटी गई थीं । बिहार में १८ अक्तूबर से चार चरणों में विधानसभा
चुनाव कराने की चुनाव आयोग की घोषणा का स्वागत करते हुए राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद
यादव ने कहा कि उनकी पार्टी 'जंग के लिए तैयार है अररिया में एक सरकारी कार्यक्रम
में भाग लेने गए रेल मंत्री लालू प्रसाद ने फोन पर हुई बातचीत में कहा कि मैं १८
अक्तूबर से राज्य में चार चरणों में चुनाव कराने की आयोग की घोषणा का स्वागत करता
हूं । राजद संघर्ष के लिए हमेशा तैयार रहता है । बहरहाल, लालू ने यह भी कहा कि
बेहतर होता यदि चुनाव की तारीखों की घोषणा करने से पहले चार अक्तूबर से शुरू हो रहे
रमज़ान के पवित्र माह का भी ध्यान रखा जाता । उन्होंने कहा कि रमज़ान के दौरान
प्रशासन कानून - व्यवस्था जैसे मसलों में व्यस्त रहता है । उन्होंने कहा कि राजद
बिहार में आगामी चुनाव में सांप्रदायिक और फासिस्ट ताकतों को मात देने के लिए पूरी
तरह तैयार है । लालू ने कहा कि आयोग को स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए प्रभावी
कदम उठाने चाहिए । हिमाचल प्रदेश और कश्मीर के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भारी
बर्फबारी की वजह से उत्तरी भारत के अधिकांश हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है
वहीं पंजाब और हरियाणा के मैदानी भागों में बारिश होने से जनजीवन अस्त - व्यस्त हो
गया । कड़ाके की सर्दी की वजह से भटिंडा और अमृतसर में दो लोगों की मौत हो गई ।
जबकि राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को बादल छाए रहने के कारण पारा सामान्य से पांच
डिग्री सेल्सियस अधिक रिकॉर्ड किया गया, लेकिन कोहरे की वजह से दृश्यता सीमा में
कमी दर्ज की गई । जम्मू - श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बर्फ को हटाकर आज दोपहर
बाद से सड़क यातायात व्यवस्था आंशिक रूप से बहाल कर दी गई । मौसम विभाग के मुताबिक
दिल्ली में बादल की वजह से तापमान सामान्य से ५ डिग्री अधिक १२.२ डिग्री सेल्सियस
रिकॉर्ड किया गया । लेकिन पिछली रात बारिश होने से दिल्लीवासियों को घने कोहरे का
कहर झेलना पड़ा । कोहरे के कारण दृष्टि सीमा घटकर ३०० मीटर दर्ज की गई । इसके कारण
हवाई यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा लेकिन कई ट्रेनों के परिचालन को रद्द करना पड़ा
या उन्हें देरी से रवाना किया गया । बर्फीली हवाओं के कारण शिमला का तापमान सामान्य
से एक डिग्री कम १.२ डिग्री रिकॉर्ड किया गया । शहर में २०.३ एमएम बारिश हुई ।
चंडीगढ़ में ४.७ एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई हालांकि न्यूनतम तापमान सामान्य से ४
डिग्री बढ़कर ११ डिग्री सेल्सियस हो गया । भटिंडा से मिली रिपोर्ट के अनुसार शहर के
उधम सिंह मार्केट में मंगलवार को सुखबीर सिंह नाम के एक व्यक्ति का शव पड़ा मिला ।
जबकि अमृतसर में एक अज्ञात भिखारी की ठंड की वजह से मौत हो गई । जम्मू - कश्मीर के
कई हिस्सों में भारी बर्फबारी के कारण बिजली की आपूर्ति में बाधा आने से राज्य
अंधेरे में डूबा हुआ है । सूत्रों के मुताबिक बर्फबारी के कारण घाटी का देश के अन्य
हिस्सों से संपर्क टूट गया था लेकिन मंगलवार को श्रीनगर हवाई अड्डे पर तीन विमान
उतरे । सूत्रों के मुताबिक जम्मू - श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फंसे ६० से अधिक
वाहनों को सड़क पर फिसलन की वजह से धीरे - धीरे जाने की इजाजत दी गई है । सुप्रीम
कोर्ट ने भूकंप से बचाव की व्यवस्था के बग़ैर शहरों में बन रही तमाम ऊंची बहुमंजिला
इमारतों से खतरे के संबंध में एक जनहित याचिका पर केंद्र सरकार को दो सप्ताह में
शपथ पर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा । हालांकि केंद्र ने शुक्रवार को अदालत को
बताया कि वह देश के शहरी इलाकों में सुरक्षित निर्माण कार्य के लिए राष्ट्रीय भवन
संहिता बनाने की तैयारी कर रही है । केंद्र सरकार की ओर से न्यायालय को एडीशनल
सॉलीसिटर जनरल गोपाल सुब्रह्मण्यम् ने आश्वासन दिया कि विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों
के लिए एक राष्ट्रीय भवन संहिता होगी जिसके अनुसार भवन निर्माण हो । इसके लिए
प्रयास किया जाएगा । १८ फरवरी २००५ को न्यायालय ने जनहित याचिका पर शहरी विकास
मंत्रालय, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, दिल्ली विकास प्राधिकरण और भारतीय मानक
ब्यूरो सहित कई तक़नीकी संस्थाओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था । मुख्य
न्यायाधीश वाई. के. सब्बरवाल, जस्टिस सी. के. ठक्कर, जस्टिस आर. वी. रवींद्रन और
जस्टिस लोकेश्वर सिंह पांटा की खंडपीठ ने एक स्वयंसेवी संस्था सोसाइटी फॉर सेफ
स्ट्रकचर की जनहित याचिका पर विचार करने के समय केंद्र सरकार से कहा कि दो सप्ताह
में विस्तृत रिपोर्ट शपथ पर पेश करे और चार सप्ताह बाद याचिका पर सुनवाई की जाएगी ।
जनहित याचिका से मांग की गई है कि भूकंप रोधी व्यवस्था के बग़ैर बन रही बहुमंजिला
इमारतों के निर्माण को रोका जाए क्योंकि ये मानव जीवन के लिए असुरक्षित हैं ।
सुप्रीम कोर्ट ने ४ वर्षीया बालिका के साथ बलात्कार कर उसकी हत्या करने वाले एक
अपराधी को कारण बताओ नोटिस जारी करके पूछा है कि उसे आजीवन कारावास की जगह मृत्यु
दंड की सजा क्यों न दी जाए । सत्र अदालत ने इस मामले को दुर्लभ से दुर्लभतम मामला
मानते हुए मृत्यु दंड की सजा दी थी पर राजस्थान हाईकोर्ट की जोधबपुर पीठ ने मृत्यु
दंड की सजा को आजीवन कारावास की सजा में तब्दील कर दिया था । राजस्थान हाईकोर्ट के
फैसले को चुनौती देने वाली राजस्थान सरकार की विशेष अनुमति याचिका पर अदालत ने
संबंधित अपराधी को नोटिस जारी किया है । अभियुक्त इस समय गंगानगर की जिला जेल में
बंद है । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अल्पसंख्यकों को भरोसा दिलाया है कि यूपीए
सरकार उनके हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है । धार्मिक आधार पर अल्पसंख्यकों
के अलावा भाषाई अल्पसंख्यकों का भी सरकार पूरा ख्याल रखेगी । प्रधानमंत्री ने इस
संबंध में दो राष्ट्रीय आयोग गठित किए जाने की घोषणा भी की है । वहीं, मानव संसाधन
विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने अल्पसंख्यकों को उनके और सरकार के बीच संवाद बहाल होने
का भरोसा दिलाया । उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को अब उनके
मंत्रालय से किसी तरह की शिकायत नहीं रहेगी । अल्पसंख्यकों के कल्याण और शिक्षा पर
आज मानव संसाधन मंत्रालय की ओर से एक सेमिनार का आयोजन किया गया । सेमिनार का
उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि यूपीए सरकार ने शिक्षा के
जरिए लोगों को सामाजिक और आर्थिक स्तर पर सशक्त बनाने के महत्व को समझा है । इसीलिए
सीएमपी में भी शिक्षा पर विशेष जोर दिया गया है । प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी
सरकार अल्पसंख्यकों के सशक्तिकरण में आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए हर संभव उपाय
करेगी । इसी क्रम में दो राष्ट्रीय आयोगों का गठन किए जाने की बात भी उन्होंने कही
। मनमोहन सिंह ने कहा कि पहला आयोग अल्पसंख्यक व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों को
सीधे केंद्रीय विश्वविद्यालयों से संबद्ध करने के संबंध में होगा । दूसरा आयोग
धार्मिक और भाषाई स्तर पर अल्पसंख्यकों के सामाजिक व आर्थिक रूप से पिछड़े तबके के
कल्याण के लिए होगा । इसका उद्देश्य इस तबके को शिक्षा और रोज़गार में आरक्षण के
जरिये लाभान्वित करना होगा । प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास एवं वित्त
निगम के काम - काज को सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए उसे आवंटित की जाने वाली
धनराशि को बढ़ाने की घोषणा की । वहीं, उर्दू को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता भी जताई
। अर्जुन सिंह द्वारा मानव संसाधन विकास मंत्री बनने के बाद लिए गए निर्णयों पर
संतोष जताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक यह भरोसा कर सकते हैं कि उनके
हित सक्षम हाथों में सुरक्षित हैं । वहीं, अर्जुन सिंह ने अपने पूर्ववर्ती मुरली
मनोहर जोशी का नाम तो नहीं लिया पर उनकी नीतियों को निशाना बनाने में कोई कसर नहीं
छोड़ी । उन्होंने इस सिलसिले में एक अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान को डीम्ड
यूनिवर्सिटी का दर्जा देने के मसले को दो साल तक लटकाए रखे जाने का ज़िक्र किया ।
अर्जुन सिंह ने कहा कि अब अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को इस तरह अलग - थलग पड़ने
का खतरा नहीं रहेगा । लेकिन मायावती इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुईं । सेमिनार
में होने वाले विचार - विमर्श के निष्कर्षों के आधार पर सरकार अल्पसंख्यकों के
शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए आवश्यक उपाय करने के प्रयास करेगी । मौसम विभाग ने
शनिवार को कहा कि स्थितियाँ अगले तीन - चार दिनों में मानसून के दिल्ली और उत्तरी -
पश्चिमी भारत के अन्य हिस्सों की ओर बढ़ने में सहायक हैं । भारतीय मौसम कार्यालय
(आईएमडी) के अधिकारी बी. पी. यादव ने बताया कि पिछले १५ दिन से मानसून कमजोर पड़
गया था, लेकिन इसके प्रवाह में बदलाव से इसके मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं ।
उन्होंने कहा कि इस समय मानसून सामान्य दिशा में सामान्य गति से आगे बढ़ रहा है और
यदि सब कुछ इसी तरह चलता रहा तो अगले तीन - चार दिनों में दिल्ली और उत्तरी -
पश्चिमी भारत के अन्य इलाकों में मानसून पहुंच जाएगा । इसके साथ ही यादव ने कहा कि
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में अगले एक - दो दिन में मानसून पूर्व बारिश और तूफान की
उम्मीद है । आईएमडी के सफदरजंग कार्यालय के डॉक्टर आर. डी. सिंह ने बताया कि
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कुछ हिस्सों को
छोड़कर देश के अन्य हिस्सों में मानसून पहुंच चुका है । सिंह ने बताया कि बंगाल की
खाड़ी के उत्तरी - पश्चिमी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है और इसके उत्तर
- पश्चिम दिशा में बढ़ने की उम्मीद है । कम दबाव का यह क्षेत्र मानसून को गर्मी की
मार झेल रहे इन इलाकों में पहुंचाएगा । यादव ने बताया कि गंगा के मैदानी इलाकों और
उत्तरी - पश्चिमी भारत में पश्चिमी हवाएं (पछुआ) चल रही हैं । वैसे पिछले दो दिनों
में उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में पूर्वी हवाएं (पूर्वा) चल रही हैं, जिससे
मानसून के मजबूत होने के संकेत मिल रहे हैं । दूसरा सकारात्मक संकेत यह है कि
हिमालय के पहाड़ी इलाकों की ओर बढ़ा मौसमी मानसून दक्षिण की ओर मुड़ गया है ।
उन्होंने बताया कि उत्तरी - पश्चिमी भारत में अधिकांश बारिश बंगाल की खाड़ी के
उत्तरी हिस्से में बने हवा के कम दबाव के क्षेत्र के कारण हुई है, लेकिन पिछले दो
साल से इस तरह का कम दबाव का क्षेत्र नहीं देखा गया । बहरहाल, इस समय बंगाल की
खाड़ी के उत्तरी - पश्चिमी हिस्से में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है और इसके उत्तरी
- पश्चिमी दिशा में बढ़ने की उम्मीद है । इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के
बिहार, झारखंड, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ में अगले दो दिन में बारिश होने की संभावना है
। जहां तक दिल्ली में बारिश का सवाल है तो यह कम दबाव के इस क्षेत्र के घनीभूत होने
पर निर्भर है । जून के महीने में देहरादून में ८० - ८५ मिलीमीटर बारिश हुई, जो कि
सामान्य से अधिक है । राज्य के कुमायूं में अभी तक बारिश नहीं हुई है । इन
क्षेत्रों में कुछ दिनों में मानसून के पहुंचने की उम्मीद है । अमेरिका के
राष्ट्रपति चुनाव में जॉर्ज डब्लू बुश की जीत की खबर से भारतीय मुस्लमान काफी निराश
हैं । उनका मानना है कि बुश की जीत से अमन पसंद लोगों को निराशा हुई है । फतेहपुरी
मस्जिद के शाही इमाम डॉक्टर मुफ्ती मुकर्रम का कहना है कि बुश के दूसरे कार्यकाल
में इंसाफ पसंदी की उम्मीद की जा सकती है । क्योंकि, उन्हें यह अहसास हो गया कि
इराक के मुद्दे पर डेमोक्रेट उम्मीदवार जॉन केरी ने उन्हें कटघरे में खड़ा करने में
कोई कमी नहीं छोड़ी । बुश ने अगर इस बार अपनी नीतियों को जारी रखा तो, अगले चुनाव
रिपब्लिकन के लिए मुश्किल हो जाएंगे । जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी
का कहना है कि बुश की जीत के करीब पहुंचने से साफ है कि अमेरिकियों पर आतंकवादी
हमलों का खौफ बरकरार है । लिहाजा, बुश को इससे सबक लेना चाहिए । बुश ने अगर वही
नीतियां जारी रखीं जिन्हें दुनिया नकार चुकी है, तो इससे दुनिया में फिर जंग के
हालात पैदा होंगे । इसमें दो राय नहीं हैं कि बुश की जीत से मुस्लमान और तमाम
दुनिया के अमन पसंद लोगों को मायूसी हुई है । मिल्ली कॉउसिंल के सदस्य कमाल फारूखी
का कहना है कि बुश की जीत मुस्लमानों के हक में नहीं है । दुनिया में अमन के लिए
जरूरी है कि अमेरिका मुस्लमानों के बारे में अपनी राय में बदलाव करे । वरना, इराक
के बाद इरान पर हमला नजदीक है । लिहाजा, अब वक्त आ गया है कि पूरी दुनिया के अमन
पसंद देश अमेरिका को नीतियों में बदलाव करने का दबाव बनाए । हालांकि, बुश की जिद्द
को देखते हुए इसकी उम्मीद बहुत कम है । अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में जॉर्ज डब्लू
बुश की जीत से भारत और अमेरिका के संबंधों को बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी । इससे
समय की भी बचत होगी और दोनों देशों के बीच तालमेल यथावत रहेगा । अमेरिका में भारत
के पूर्व राजदूत ललित मान सिंह और नरेश चंद्र की यही राय है । ललित मान सिंह का
मानना है कि राष्ट्रपति बुश के दोबारा व्हाइट हाउस में आने से दोनों देशों के बीच
रणनीतिक साझेदारी की नीति जारी रहेगी । उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि भारत और
अमेरिका के बीच राजनीतिक वार्ता को और गति मिलेगी । इस चुनाव में रिपब्लिकन और
डेमोक्रेटिक पार्टियों के बीच आउटसोर्सिंग मुद्दे पर जमकर बहस हुई । केरी के लिए तो
यह महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा बन गया था । इस बारे में ललित मान सिंह ने कहा कि बुश
का मानना है कि भारत के साथ व्यापारिक रिश्ते में किसी प्रकार का कोई तनाव नहीं आना
चाहिए । नरेश चंद्रा ने कहा कि बुश के दोबारा राष्ट्रपति बनने से दोनों देशों को
संबंधों में बदलाव की जरूरत नहीं होगी और इससे समय की बचत होगी । उन्होंने कहा कि
परमाणु अप्रसार मुद्दे पर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट के विचारों में ज्यादा अंतर नहीं
है । पाकिस्तान, उत्तरी कोरिया और चीन द्वारा परमाणु अप्रसार संधि के उल्लंधन पर
क्लिंटन और बुश दोनों की ही नीतियां निराश करने वाली रही हैं । अमर उजाला को मिले
एक समाचार में कार्यालय को बम से उड़ाने और संपादक को जान से मारने की धमकी दी गई
है । समाचार में इसे अलकायदा का ऐलान कहा गया है । जो पूरा हिंदी में है । समाचार
में कहा गया है कि अगर सानिया मिर्जा मुजफ्फरनगर आई तो उसको भी उड़ा दिया जाएगा ।
इस धमकी भरे पत्र से उलेमा इत्तेफाक नहीं रखते । देवबंद के उलेमा का कहना है कि अमर
उजाला से उनको कोई शिकायत नहीं है । अमर उजाला की भूमिका निष्पक्ष रहती है । अमर
उजाला को यह शुक्रवार को डाक से प्राप्त हुआ । खत के ऊपर अलकायदा का ऐलान लिखा है ।
अगर तुमने उलेमा से माफी नहीं मांगी तो इसके लिए निर्दोष लोगों की जान के जिम्मेदार
अमर उजाला के संपादक होंगे । मुजफ्फरनगर में सानिया मिर्जा आई तो बम से उड़ा दी
जाएगी । अगर तुमने माफी नहीं मांगी तो दिल्ली बम धमाकों की तरह मुजफ्फरनगर की
बस्तियां उड़ेंगी । हमारा मिशन एसजी एमजी है । हमारे मिशन के सभी लोग अपने मिशन की
कामयाबी के लिए फैल चुके हैं । इस धमकी भरे खत से उलेमा नाइत्तेफाकी रखते हैं ।
उलेमा ने इसे गलत मानसिकता वाले लोगों की हरकत बताया है । मेरठ के नायब शहरकाजी
जैनुर राशिदीन ने कहा कि अमर उजाला हमेशा निष्पक्ष ढंग से बात कहता है । मिल्ली
कौंसिल के महासचिव कारी शफीकुर्रहमान ने कहा कि अमर उजाला सच्चाई को उठाता है । नगर
के उलेमा अखबार की और अधिक कामयाबी के लिए दुआ करते हैं । दारुल उलूम वक्फ के फतवा
विभाग के नायब प्रभारी मुफ्ती एहसान कासमी का कहना है कि मीडिया के फायदों को नजर
अंदाज नहीं किया जा सकता है । उन्होंने कहा कि उन्हें भी आज तक अमर उजाला अखबार से
कोई तकलीफ नहीं पहुंची है । अमर उजाला अखबार ने हमेशा ऐसे मुद्दों से परहेज किया है
। जिनसे माहौल में कड़वाहट पैदा हो । मुफ़ती एहसान अमर उजाला की तरक्की के लिए दुआ
करते है । मुजफ्फरनगर के उत्तर प्रदेश इमाम संगठन के प्रदेश अध्यक्ष मुफ्ती
जुल्फिकार का कहना है कि अमर उजाला बहुत मयारी और स्टेटस वाला अखबार है । इसने
हमेशा अपनी जिम्मेदारियों को समझा है । शहर काजी जहीर आलम ने कहा कि अमर उजाला सभी
को साथ लेकर चलता है । इस धमकी भरे पत्र मिलने की खबर मिलते ही समूचा प्रशासन हिल
गया । आईजी मेरठ जोन ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया । एसएसपी और एसपी सिटी ने भी
अमर उजाला कार्यालय आकर पूरे मामले की पड़ताल की और सुरक्षा इंतजाम किए । कोहरे के
कारण अब रेलगाड़ियां लेट नहीं होंगी । इसके लिए ट्रेन चालकों को आधुनिकतम स्क्रीन
प्रणाली से लैस किया जाएगा । इससे ड्राइवरों को आगे के सिग्नल देखने की मशक्कत नहीं
करनी पड़ेगी । इस बात का खुलासा राजधानी के दौरे पर आए रेल राज्यमंत्री एम. आर.
वेलू ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान किया । उन्होंने कहा कि देश में बुलेट
रेलगाड़ियां जल्द पटरियों पर दौड़ती नजर आएंगी । वेलू ने वरिष्ठ रेल अधिकारियों के
साथ आरडीएसओ के कार्यकलापों का निरीक्षण किया । उन्होंने वहां की सभी आठ
प्रयोगशालाओं का निरीक्षण कर उनकी बेहतरी के लिए सुझाव प्राप्त किए । उन्होंने कहा
कि आरडीएसओ देश की एकमात्र ऐसी प्रयोगशाला है जहां ट्रेन चालकों तथा स्टेशन
मास्टरों को मनोवैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण दिया जाता है । उत्कृष्ट कार्य
निष्पादन के लिए आरडीएसओ को एक लाख रुपए का पुरस्कार प्रदान किया । वेलू ने कहा कि
आरडीएसओ को मंत्रालय से मिलने वाली सुविधाओं तथा आधुनिकीकरण के लिए इस वर्ष ६०
करोड़ रुपए का बजट पास किया गया है । इसका परीक्षण किया जा चुका है । उन्होंने
बताया कि इंजन में अत्याधुनिक स्क्रीन लगाने का सफल परीक्षण आगरा - पटियाला
रेलमार्ग पर किया जा चुका है । उन्होंने बताया कि इस प्रणाली में स्क्रीन पर चालकों
को आगे के सिग्नल नजर आएंगे, जिससे ट्रेन कोहरे की चपेट में आने के बाद भी लेट नहीं
हो सकेंगी । इस प्रणाली को इसी वर्ष से सभी ट्रेनों में लगा दिया जाएगा । वहीं,
लखनऊ महानगर के विस्तार को देखते हुए यहां भी मेट्रो रेल परियोजना शुरू करने पर रेल
मंत्रालय विचार कर रहा है । उन्होंने रेलवे की अन्य योजनाओं के बारे में कहा कि
जैट्रोफा के ईधन से दिल्ली से चंडीगढ़ व लखनऊ से इलाहाबाद मार्गों पर ट्रेन चलाना
बड़ी उपलब्धि है । वेलू ने कहा कि रेलगाड़ियों की ब्रेक प्रणाली में भी बड़ा बदलाव
करने की योजना बनाई जा चुकी है । इसमें ट्रेनों में एयर ब्रेक प्रणाली इस्तेमाल की
जाएगी । बड़े परदे पर अपने अभिनय की धमक छोड़ चुके शोले के वीरू अब एक मुसीबत में
घिर गए हैं । भाजपा के बैनर से बीकानेर के सांसद पद पर पहुंचे धर्मेद्र की
वादाखिलाफी पर यहां के छात्र भड़क उठे हैं । छात्रों ने धर्मेंद्र ही नहीं बल्कि
उनके बेटों की भी फिल्मों के प्रदर्शन को रोकने की कसम खाई है । छात्रों का कहना है
कि धर्मेंद्र ने लोकसभा के चुनाव के दौरान बीकानेर यूनिवर्सिटी को ढ़ाई करोड़ रुपये
देने के साथ - साथ फीस में बढ़ोत्तरी को कम करने का वादा किया था । जो वह अपने
संसदीय क्षेत्र के साथ - साथ पूरी तरह से भूल चुके हैं । वीरू द्वारा की वादाखिलाफी
के बाद छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है । अपनी इस मांग को लेकर सड़कों पर उतर
चुके विश्वविद्यालय के छात्रों ने अपने नेता के द्वारा किए गये इन वायदों को याद
दिलाने के लिए चिट्ठी भी लिखी थी जिसमें छात्रों ने आंदोलन करने की धमकी भी दी थी ।
लेकिन जवाब में धर्मेंद्र ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई भी वायदा नहीं किया था ।
धर्मेद्र ने यूनिवर्सिटी को आर्थिक मदद देने की बात को मनगढ़ंत बताया । उनके इस
जवाब से खफा छात्रों और यहां के लोगों का कहना है कि धर्मेंद्र जो वायदे से मुकर
सकते हैं लेकिन हम को उनका वायदा याद है । अब विश्वविद्यालय के छात्रों ने ठान लिया
है कि इलाके में धर्मेंद्र और उनके दोनों बेटों सनी देयोल और बॉबी देयोल की फिल्में
नहीं चलने देंगे । अगर कोई सिनेमाघर इस के खिलाफ उनकी फिल्मों का प्रदर्शन करेगा तो
तोड़ - फोड़ करेंगे । लोगों का यह भी कहना है कि धर्मेंद्र संसदीय क्षेत्र की
समस्याओं की ओर ध्यान नहीं देते । इस विरोध प्रदर्शन से बीजेपी अब बचाव की मुद्रा
में आ गयी है और एक स्थानीय बीजेपी विधायक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि लोगों
की माँगे जायज हैं और इस मसले पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से बात की जाएगी ।
छात्रों का कहना है कि राजस्थान में बीजेपी की ही सरकार है और अगर धर्मेंद्र चाहते
तो बीकानेर विश्वविद्यालय में फीस में कमी के साथ ही कुछ मदद दिला सकते थे ।
छात्रों को यहां के स्थानीय लोगों का भी समर्थन प्राप्त है । जो धीरे - धीरे उग्र
रूप लेता जा रहा है । प्रदेश के दो प्रमुख महानगर शुक्रवार को दिन भर नफरत के शोलों
में झुलसते रहे । मेरठ में बृहस्पतिवार रात एक विवाह समारोह के दौरान छेड़छाड़ को
लेकर हुए विवाद ने विकराल रूप ले लिया । दो समुदाय के बीच जमकर पथराव और गोलीबारी
हुई । हालात पर काबू पाने को पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और फायरिंग की ।
पुलिस ने अभी तक दस युवकों को गिरफ्तार किया है । भारी तादाद में पुलिस के साथ
पीएसी और आरएएफ शहर के संवेदनशील इलाकों में तैनात कर दी गई हैं । उग्र भीड़ ने तीन
रोडवेज बस फूंकने के साथ ही दो दर्जन से भी ज्यादा गाड़ियां तोड़ डालीं और रेलवे
यातायात ठप कर दिया । भीड़ पर काबू पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज और हवाई फायरिंग
करनी पड़ी । देर शाम प्रमुख गृह सचिव आलोक सिन्हा ने दावा किया कि मेरठ में स्थिति
पूरी तरह शांतिपूर्ण एवं नियंत्रण में है । वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी
स्थिति पर नजर रखे हुए हैं । सिन्हा ने बताया कि शादी समारोह में गोली लगने से घायल
राकेश बाल्मीकि के लिए मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने तत्काल ५० हजार रुपये की
सहायता मंजूर की है । प्रमुख सचिव ने बताया कि इलाहाबाद में दो बच्चों के शव मिलने
के बाद फैले तनाव और आगजनी की घटनाओं पर भी नियंत्रण कर लिया गया है । मेरठ के
पौदीवाड़ा - महमूदनगर में बाल्मीकि समुदाय की बारात में छेड़छाड़ को लेकर
बृहस्पतिवार रात पथराव और फायरिंग से शुरू हुए बवाल की आंच ने शुक्रवार को पूरे दिन
शहर की कानून - व्यवस्था चौपट कर दी । दुल्हन की विदाई के बाद शुक्रवार की सुबह
हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बाल्मीकि समुदाय के लोगों ने नारेबाजी की ।
इस पर आरोपी पक्ष ने दुस्साहसिक तरीके से मुंह पर कपड़ा बांधकर एसएसपी समेत भारी
पुलिसबल की मौजूदगी में फायरिंग कर दी, जिसमें दो लोग घायल हो गए । पुलिस ने आंसू
गैस छोड़ी और फायरिंग की । तनावपूर्ण हालात और कर्फ्यू की अफवाह के कारण तमाम
स्कूल, कालेज समय से पूर्व बंद कर दिए गए । डीएम रामकृष्ण ने शनिवार को भी सभी
शिक्षण संस्थाएं बंद करने के आदेश दिए हैं । एसएसपी राजीव सब्बरवाल ने भी माना कि
पुलिस ने फायरिंग की । मालूम हो कि महमूदनगर - पौदीवाड़ा में बृहस्पतिवार रात केला
देवी की बेटी सीमा की शादी ज्वालापुर हरिद्वार के सनी बाल्मीकि के साथ थी । चढ़त के
दौरान छेड़छाड़ एवं दूल्हे के हार से नोट खींचने को लेकर विवाद हो गया था । वरमाला
के दौरान सशस्त्र हमलावरों ने बारात पर धावा बोल दिया था और जमकर तोड़फोड़ एवं
लूटपाट की थी । घंटों चले हंगामे के बाद देर रात मामला शांत होने पर खुद एसएसपी ने
अपने सामने फेरों की रस्म अदा कराई थी और सुबह करीब सात बजे दुल्हन समेत बारात की
बस को पुलिस सुरक्षा में जिले की सीमा से बाहर छुड़वाया गया । दोनों बच्चे कुसारी
गांव के थे । दोनों के पिता चचेरे भाई हैं और बढ़ई का काम करते हैं । राकेश
विश्वकर्मा का आठ वर्षीय बेटा राजेश और सुरेश विश्वकर्मा का सात साल का पुत्र संतोष
बृहस्पतिवार शाम लगभग साढ़े पांच बजे घर के पास खेल रहे थे । अंधेरा होने के बाद भी
वे दोनों घर नहीं लौटे । शुक्रवार को जब उनकी खोजबीन की गई तो गांव से तकरीबन एक
किलोमीटर दूर खेतों के बीच बने कुंए से उनके शव मिले । आठ बजे थाने में सूचना दी गई
लेकिन पुलिस नहीं आई । इस पर गमगीन लोग क्रोधित हो उठे और दोनों बच्चों की लाश के
साथ बगहा रेलवे क्रासिंग के पास धरने पर बैठ गए । एसडीएम हंडिया अंजनी कुमार सिंह
ने जब सख्ती से पेश आने की कोशिश की तो ग्रामीण भड़क उठे । भीड़ बेकाबू हो उठी और
जाम में खड़ी गाड़ियों पर पथराव शुरू कर दिया । पीएसी ने रोकने की कोशिश की तो उसे
खदेड़ दिया । बगहा रेलवे क्रासिंग पर स्लीपर पर पुआल रखकर आग लगा दी गई । तभी भीड़
ने क्रासिंग से कुछ दूरी पर जाम में फंसी सरकारी बसों पर हमला बोल दिया । हालात पर
काबू पाने के लिए एसडीएम के आदेश पर पुलिस ने हवाई फायरिंग की । नई दिल्ली से
गुवाहाटी जा रही ब्रह्मपुत्र मेल में कथित दुष्कर्म और छेड़खानी के एक मामले ने
खासा तूल पकड़ लिया । हरियाणा पुलिस के जवानों और ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (आबसू)
से जुड़े छात्र - छात्राओं के बीच विवाद को लेकर भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत
हो गई और तीन अन्य घायल हो गए । यह घटना शुक्रवार की सुबह १० बजे असम के कोकराझार
जिले के सालाकाटी रेलवे स्टेशन पर घटी । हरियाणा पुलिस के जवानों पर छात्राओं से
दुष्कर्म और छेड़खानी का आरोप लगाया जिसके बाद मामला गरमा गया । इसके बाद भड़की
हिंसा में हरियाणा पुलिस की इंडिया रिजर्व बटालियन के जवानों की गोली से आबसू के
तीन कार्यकर्ताओं की मौत हो गई । हरियाणा पुलिस के घायल जवान राजेंद्र कुमार और
गुरमीत सिंह को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया । नतीजतन बचाव में उन्हें
गोलियां चलानी पड़ी । वहीं हरियाणा के एडीजीपी ने कहा कि कुछ लड़कों को छेड़छाड़ से
रोकने के मामले के तूल पकड़ने से वारदात हुई । इस हिंसा में सालाकोट चौकी के पुलिस
प्रभारी भी गंभीर रूप से घायल हो गए । कोकराझार के पुलिस अघीक्षक बी. के. भुयान ने
बताया कि दिल्ली - गुवाहाटी ब्रह्मपुत्र मेल में गोसाई गांव से कुछ लड़कियां सवार
हुई । वे लोग इंटर - कॉलेज यूथ फेस्टिवल में हिस्सा लेने जा रही थी । लेकिन चलती
ट्रेन में ही जवानों ने कुछ लड़कियों से कथित तौर पर दुष्कर्म और छेड़छाड़ की । ये
जवान ट्रेनिंग के लिए दीफू जा रहे थे । इस घटना के बाद लड़कियों ने मोबाइल फोन से
कोकराझार में अपने साथियों को जानकारी दी । इसके बाद ही आबसू के कार्यकर्ताओं का एक
समूह स्टेशन पर पहुंच गया । लेकिन गाड़ी वहां नहीं रुकी । इसके बाद वहां से ९
किलोमीटर दूर सालाकाटी में कार्यकर्ताओं ने रेलवे ट्रैक पर अवरोध खड़ा कर गाड़ी को
जबरन रोक लिया और जवानों को बाहर निकालने की मांग करने लगे । लेकिन जवानों ने ट्रेन
के दरवाजे और खिड़कियों को बंद कर लिया । इसके आधे घंटे बाद लगभग दस बजे जवानों ने
दरवाजा खोलकर स्टेशन पर खड़े कार्यकर्ताओं पर गोली चला दी । जिससे दो की मौत
घटनास्थल पर हो गई और एक कार्यकर्ता ने अस्पताल में दम तोड़ दिया । पुलिस अधीक्षक
ने बताया कि इसके बाद कार्यकर्ताओं की भीड़ ने तीन जवानों को ट्रेन से खींच लिया ।
इनमें से एक की हत्या कर दी गई और दो को गंभीर रूप से घायल कर दिया । पुलिस ने
बताया कि जरूरी औपचारिकता के बाद घायल जवानों सहित हरियाणा पुलिस के सभी जवानों को
दोपहर २.३० बजे ट्रेन से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया । लेकिन आबसू के
कार्यकर्ता कोकराझार और सालाकाटी थाने का घेराव कर जवानों को सौंपने की मांग कर रहे
थे । वहीं हरियाणा के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक डॉ. जॉन वी. जॉर्ज ने बताया कि
आईआरबी भौंडसी (गुड़गांव) की बटालियन में से २०० जवानों को असम राइफल्स के पास
ट्रेनिंग के लिए भेजा गया था । शुक्रवार को जैसे ही गाड़ी असम के कोकराझार जिले के
एक स्टेशन पर पहुंची तो तीन - चार लड़कियां और तीन - चार लड़के जवानों की बोगी में
घुस गए । लड़के एक लड़की के साथ छेड़छाड़ करने लगे । हरियाणा पुलिस के जवानों ने
उन्हें रोका । अगले स्टेशन पर गाड़ी के रुकने के बाद करीब २०० लोग पहुंच गए और
हरियाणा पुलिस के जवानों पर पथराव और गोलियां चलानी शुरू कर दी । बचाव में हरियाणा
पुलिस के जवानों ने भी गोलियां चला दी । प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह रूस के तीन
दिवसीय दौरे पर रविवार को मास्को के लिए रवाना होंगे । प्रधानमंत्री ऐसे वक्त भारत
- रूस शिखर सम्मेलन में शिरकत करने मास्को जा रहे हैं जब विपक्ष ने वोल्कर रिपोर्ट
को लेकर सरकार पर हमला तेज कर दिया है । छह दिसंबर को मनमोहन सिंह और रूस के
राष्ट्रपति ब्लादीमिर पुतिन आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई, द्विपक्षीय मुद्दे और
अंतर्राष्ट्रीय विकास के मसले पर बातचीत करेंगे । मनमोहन सिंह की रूस यात्रा के
दौरान चार महत्वपूर्ण करारों पर हस्ताक्षर होंगे । इनमें से एक करार रक्षा क्षेत्र
में बौद्धिक संपदा अधिकार से जुड़ा होगा । दूसरा समझौता संयुक्त रूप से उपग्रह पर
आधारित एक संचार प्रणाली के विकास से जुड़ा होगा । दोनों नेताओं की शिखर बैठक में
कई मुद्दे उठेंगे । इस बात के साफ संकेत मिले हैं कि भारत रक्षा के क्षेत्र में
खरीदारी की घोषणा नहीं करेगा लेकिन यह बात जगजाहिर है कि भारत पांचवी पीढ़ी के
लड़ाकू विमान विकसित करना चाहता है । विदेश सचिव श्याम सरन ने शनिवार को कहा कि हम
लोग मध्यम दूरी के लड़ाकू विमान और पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान की खरीदारी पर
विचार विमर्श कर रहे हैं । हालांकि हम लोग अभी इस स्थिति में नहीं हैं कि किसी
प्रकार की खरीदारी की घोषणा कर सकें । बौद्धिक संपदा अधिकार को लेकर होने वाला
समझौता २०१० तक प्रभाव में रहेगा । इससे दोनों देशों को ब्रह्मोस जैसी सुपरसोनिक
क्रूज मिसाइल संयुक्त रूप से विकसित करने में मदद मिलेगी । इससे पहले मनमोहन सिंह
ने पुतिन से मई में मुलाकात की थी । तब वे द्वितीय विश्व युद्ध में नाजी की हार की
साठवीं वर्षगांठ के मौके पर रूस में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए हुए थे ।
प्रधानमंत्री तीन दिनों तक भारत से दूर रहेंगे, लेकिन संसद में उनकी सरकार के खिलाफ
विपक्ष का आक्रामक तेवर बना रहेगा । विपक्षी नेता इराकी तेल घोटाला कांड में नटवर
सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं । सूत्रों ने
बताया कि भारत रूसी तेल क्षेत्र सखालिन एवं साइबेरिया के विभिन्न ब्लॉकों में और
हिस्सेदारी हासिल करने की कोशिश करेगा । प्रधानमंत्री अपनी यात्रा के दौरान इस
मुद्दे को भी उठा सकते हैं । ईरान से प्राकृतिक गैस आयात करने की योजना पर अमल न
करने के लिए अमेरिका द्वारा नई दिल्ली और इस्लामाबाद पर डाले जा रहे दबाव के बीच
पेट्रोलियम मंत्री मणिशंकर अय्यर की शनिवार से पाकिस्तान यात्रा शुरू हो गई । भारत
और पाकिस्तान ४.१६ अरब डॉलर की लागत वाली २६०० किमी लंबी पाइप लाइन के जरिये ईरान
से प्राकृतिक गैस आयात करने के इच्छुक हैं । ऊर्जा के क्षेत्र में दोनों देशों के
बीच पहली बार वार्ता होगी । अय्यर प्राकृतिक गैस की कीमत और पारगमन मुद्दे पर चर्चा
करेंगे । वह पाकिस्तान के पेट्रोलियम मंत्री अमानुल्ला खान जादून तथा वाणिज्य
मंत्री हुमायूं अख्तर से बातचीत करेंगे । लेकिन अमेरिका का मानना है कि थोरियम
संवर्धन तक़नीक के हस्तांतरण से भारत ऊर्जा के क्षेत्र में कमी की भरपाई कर सकता है
। अधिकारियों ने बताया कि वाशिंगटन ने संकेत दिए हैं कि वह भारत को ऊर्जा की उसकी
बढ़ती जरूरतों से निपटने के लिए परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी देने का इच्छुक है ।
अधिकारियों के मुताबिक़ इसके बदले अमेरिका चाहता है कि भारत ईरान के साथ व्यावसायिक
संबंध न रखे । अमेरिकी प्रशासन ने ईरान को अराजक देशों की श्रेणी में रखा है ।
अमेरिका पाकिस्तान पर भी दबाव डाल रहा है कि वह ईरान - पाकिस्तान - भारत के बजाय
तुर्केमिनिस्तान - अफगानिस्तान - पाकिस्तान (टीएपी) पाइप लाइन से अपनी गैस जरूरतों
को पूरा करे । गैस पाइप लाइन परियोजना भारत - पाक शांति प्रक्रिया की ही एक कड़ी
होगी । वैसे भारत कई बार इस प्रस्तावित परियोजना की सुरक्षा को लेकर आशंका प्रकट कर
चुका है । दूसरी ओर पाकिस्तान भारत को इस परियोजना की सुरक्षा का आश्वासन देता रहा
है । अय्यर पाकिस्तान से अजरबैजान, ईरान और क़तर के लिए रवाना हो जाएंगे । उनकी इस
यात्रा का उद्देश्य अजरबैजान, ईरान और क़तर से हाइड्रोकार्बन क्षेत्र में सहयोग पर
चर्चा करना होगा । महानगर में कई दिन तक होने वाली भारी बारिश के बाद उपनगरीय
रेलगाड़ियों की आवा - जाही कम होने से आक्रोशित लोगों ने लगातार दूसरे दिन रेल रोको
अभियान जारी रखा । इससे मध्य रेलवे की उपनगरीय रेल सेवा प्रभावित हुई । मध्य रेलवे
के सूत्रों के मुताबिक़ व्यस्त समय के दौरान कम रेलगाड़ियों के परिचालन के खिलाफ
लोगों ने जमकर पत्थरबाजी की । ठाणे रेलवे स्टेशन पर ज़बरदस्त भीड़ होने के कारण
ट्रेन में नहीं चढ़ पाने वाले सैकड़ों यात्रियों ने उपनगरीय रेलगाड़ियों पर पत्थर
फेंके । मुंबई पुलिस और रेलवे पुलिस ने स्टेशन से भीड़ को हटाने के लिए बृहस्पतिवार
सुबह ११ बजकर ३० मिनट तक सभी अप और डाउन रेलगाड़ियों के परिचालन पर रोक लगा दी ।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस सेक्शन पर दोपहर १२ बजे के बाद ही रेल सेवा बहाल
हो सकी । ठाणे रेलवे स्टेशन पर दो हजार लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर रेल सेवा ठप कर
दी । दरअसल मुंबई में कई दिनों तक हुई भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त - व्यस्त
हो गया है । इस बीच मध्य रेलवे सेक्शन पर लंबी दूरी की रेल सेवा बृहस्पतिवार से
शुरू हो गई । पुणे होकर दक्षिण की ओर जाने वाली पांच रेलगाड़ियों को रवाना किया गया
। पश्चिमी रेलवे सेक्शन पर विरार और वसई होकर उत्तर की ओर जाने वाली दो रेलगाड़ियों
को भी रवाना किया गया । बुधवार को मध्य रेलवे सेक्शन के मुंब्रा रेलवे स्टेशन पर
२००० लोगों ने रेलगाड़ियों को पांच घंटे से अधिक समय तक रोके रखा जिससे रेल सेवा
बाधित हुई । प्रदर्शनकारियों ने कई डिब्बों को क्षति - ग्रस्त कर दिया । असम सरकार
ने कहा कि वह प्रस्तावित शांति वार्ता के हित में जेल में बंद उल्फा केंद्रीय
कार्यकारिणी के सदस्यों को रिहा करने को तैयार है । यहाँ तक कि उल्फा या केंद्र
सरकार की ओर से उन्हें रिहा करने के ऐसे किसी प्रस्ताव पर विचार करने को राजी है ।
असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने शनिवार को यहाँ पत्रकारों से कहा कि उनकी सरकार
वार्ता के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से हाल में दिए निमंत्रण पर फैसला करने
के लिए उल्फा की केंद्रीय कार्यकारिणी बैठक में शामिल होने के लिए सदस्यों को रिहा
करने को तैयार है । राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग (एनसीसी) ने परिपक्वता की अवधि से पहले
पॉलिसी बंद करने वाले बीमा धारकों के हक़ में फैसला सुनाते हुए डाक विभाग को
ग्राहकों की पूरी रक़म लौटाने का आदेश दिया है । दरअसल डाक विभाग ने महाराष्ट्र के
तीन बीमा धारकों को यह कहते हुए पूरी रक़म लौटाने से इनकार कर दिया था कि उन लोगों
ने पूरी अवधि तक बीमा की रक़म जमा नहीं की और समय से पहले ही पॉलिसी को बंद कर दिया
। इस मामले में महाराष्ट्र राज्य उपभोक्ता आयोग के फैसले को बहाल रखते हुए जस्टिस
एस. एन. कपूर और जस्टिस बी. के. तामिनी की खंडपीठ ने डाक विभाग को दीपक शेल्का,
मारोती सावंत और हरिश सी. गोरखनाथ के पैसे लौटाने के आदेश दिए । इन तीनों ने तीन
वर्ष से अधिक समय तक पैसे जमाकर पॉलिसी बंद कर दी थी । खंडपीठ ने अपने फैसले में इन
तीनों को एक महीने के अंदर सामूहिक रूप से ३७,००० रुपये लौटाने के आदेश दिए हैं ।
खंडपीठ डाक विभाग के इस तर्क से सहमत नहीं था कि समय से पहले पॉलिसी बंद करने के
कारण तीनों ग्राहक पूरी रक़म के हक़दार नहीं हैं । खंडपीठ ने कहा कि अब हम लोगों को
उम्मीद है कि भविष्य में पॉलिसी देने से पहले डाक विभाग प्रत्येक बीमा धारकों को इस
बात की जानकारी देगा कि कितने वक्त तक पॉलिसी चलाने पर उन्हें कितनी रक़म वापस की
जाएगी । खंडपीठ ने कहा कि बीमा धारकों को पॉलिसी से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी
उपलब्ध कराई जानी चाहिए । इससे पहले राज्य उपभोक्ता आयोग ने भी तीनों ग्राहकों की
रक़म लौटाने के आदेश दिए थे । इस मामले में सर्वोच्च उपभोक्ता निकाय ने कहा कि अगर
डाक विभाग ग्राहकों को इस बाबत जानकारी देता तो उन्हें राज्य उपभोक्ता आयोग के
फैसले के संशोधन में कोई हिचकिचाहट नहीं होती । सेना प्रमुख जनरल एन. सी. विज ने
कहा कि कश्मीर में सेना आतंकवाद को कुचलकर रख देगी । जनरल विज ने कहा कि हम इसी
प्रकार आतंकियों को मौत के झटके देते रहेंगे । उन्होंने कहा कि इससे कश्मीर मसले पर
केंद्र सरकार व अलगाववादी संगठनों के बीच बातचीत और सहज रूप से हो पाएगी । जनरल विज
ने कहा कि घुसपैठ रोकने के लिए तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है । इस कारण
आतंकियों के नियंत्रण रेखा पार करने के दौरान मारे जाने की संख्या में भी वृद्धि
हुई है । जनरल विज ने कहा कि घाटी में घुसपैठ जारी है । इस बारे में जानकारी देते
हुए उन्होंने बताया कि जून से जुलाई के पहले हफ्ते तक सेना ने घुसपैठ की १२ कोशिशों
को नाक़ाम किया है । जनरल विज ने कहा कि पिछले साल इस अवधि के दौरान घुसपैठ की सात
ही घटनाएं हुई थीं । इन आतंकियों को पाकिस्तान से सहयोग मिलने के बारे में जनरल विज
ने कोई बयान नहीं दिया । उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा पर ६० किलोमीटर अतिरिक्त
क्षेत्र में बाड़ लगाई जाएगी । इन क्षेत्रों को पहले बाड़ लगाने से छोड़ दिया गया
था । जनरल विज ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर चिनाब नदी से कारगिल तक ६०० किलोमीटर
क्षेत्र में बाड़ लगाने का काम पूरा हो गया है । सेना में सेवा शर्तों को बढ़ाए
जाने के लिए बग्गा समिति की रिपोर्ट लागू किए जाने के संबंध में जनरल विज ने कहा कि
नए रक्षा मंत्री को इस सिफारिश के बारे में जानकारी दे दी गई है । केंद्र सरकार ने
माफिया सरगना दाऊद इब्राहिम के एक दर्जन से अधिक ऐसे सहयोगियों की नई सूची तैयार कर
ली है, जो मुंबई बम विस्फोट कांड के भगोड़े आरोपी हैं । सूचना के अनुसार इन
आरोपियों में से अधिकांश इस समय पाकिस्तान में हैं । उम्मीद है कि इनकी गिरफ्तारी
के लिए भारत सरकार पाकिस्तान के साथ ही खाड़ी और पश्चिमी एशिया के देशों की सरकारों
से बातचीत करेगी । यह जानकारी रविवार को आधिकारिक सूत्रों ने दी । दाऊद के
सहयोगियों की यह सूची केंद्रीय गृह मंत्री शिवराज पाटिल की सीबीआई, आईबी और
अर्द्धसैनिक खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठक के बाद
तैयार की गई है । मंत्री ने बम कांड की छान - बीन की प्रगति की समीक्षा भी की है ।
नई दिल्ली लंबे समय से पाकिस्तान पर २० से अधिक अपराधियों व आतंकियों को सौंपने के
लिए दबाव डाल रहा है । इनमें दाऊद इब्राहिम, जैश - ए - मोहम्मद प्रमुख मौलाना मसूद
अज़हर और इंडियन एयर लाइन्स के अपहृत विमान के यात्रियों की रिहाई के बदले में
छोड़े गए तीन अन्य आतंकी शामिल हैं । प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेरिका द्वारा
अंतर्राष्ट्रीय आतंकी घोषित दाऊद ने गिरफ्तारी से बचने के लिए पाकिस्तान में
प्लास्टिक सर्जरी करा ली है । ऐसा माना जा रहा है कि नई सूची में दाऊद के परिवार की
दो महिला सदस्यों शबाना इब्राहिम मेमन और रेशमा अयूब मेमन का नाम भी शामिल है ।
इनके खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स मुंबई में आरंभिक छान - बीन कर चुकी है । जांच
रिपोर्ट के अनुसार दोनों महिलाओं को साजिश की जानकारी थी और उन्होंने मार्च १९९३
में बॉंबे स्टॉक एक्सचेंज में विस्फोट के लिए हथियार और विस्फोटक लाने का काम किया
था । 'साऊथ एशिया ट्रिब्यून' में प्रकाशित खबर के अनुसार आतंकियों की नई सूची में
शामिल दाऊद के अन्य सहयोगियों में ताहेर मोहम्मद मर्चेंट, शेख करीमुल्लाह, क्षत्री
रियाज, फिरोज अब्दुल राशिद, सलीम अब्दुल गनी गाज़ी, याकूब वली मोहम्मद खान, अनवर
अहमद हाजी, अब्दुल राशिद मोहम्मद खान, शबीर सईद इस्माईल क़ादरी, सईद आरिफ और
इस्माईल हाज़ी अहमद इब्राहिम शामिल हैं । शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के
अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने सोमवार को दावा किया कि पाकिस्तान सरकार ने भारत से
सिख समुदाय के एक दल को लाहौर में ऐतिहासिक गुरुद्वारे की मरम्मत की अनुमति दे दी
है । शिरोमणि अकाली दल (दिल्ली) के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने यहां पत्रकारों से
कहा कि पाकिस्तान की पंजाब प्रांत की सरकार और वक्फ बोर्ड ने हमें लाहौर स्थित चूना
मंडी में गुरुद्वारा रामदास की मरम्मत और इसके साथ ही गुरुद्वारा ननकाना साहिब से
जुड़े कॉलेज में तीर्थ यात्रियों के लिए यात्री निवास बनाने की अनुमति दे दी है ।
सरना ने कहा कि इसके लिए भारत से २० लोगों के एक दल को मल्टीपल वीजा की मंजूरी दे
दी गई है । इस कार सेवा के लिए हम यहां से लोगों के दल भेजने की योजना बना रहे हैं
। उन्होंने कहा कि पाक सरकार के इस फैसले से दोनों देशों के संबंधों में इज़ाफा
होगा । सरना ने पाक अधिकारियों के साथ योजना को अंजाम देने के लिए पिछले सप्ताह
लाहौर की यात्रा पर गए चार सदस्यीय दल का नेतृत्व किया था । उन्होंने कहा कि हमने
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल नईम अक़बर खान, संयुक्त सचिव एजार - उल -
हसन और पाक गुरुद्वारा बोर्ड के अध्यक्ष श्याम सिंह से मुलाक़ात की और उनके साथ
मरम्मत के काम से जुड़ी जानकारियों को अंतिम रूप दिया । सरना ने कहा कि उन्होंने
मरम्मत के काम को मंजूरी दे दी है और इस बारे में कोई लिखित समझौता नहीं हुआ है ।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारे की मरम्मत का काम अमृतसर के बाबा जगतार सिंह की देख -
रेख में होगा जिसमें पाकिस्तान के वास्तुकार शामिल रहेंगे । उन्होंने कहा कि हम यह
सुनिश्चित कर रहे हैं कि ढांचे में कोई फेर - बदल न हो । उन्होंने कहा कि
गुरुद्वारे में रामदास का डिज़ाइन और वास्तु - शिल्प बरक़रार रखा जाएगा । अदालत
मानती है कि बिहार में सत्ताधारी राजद के चर्चित सांसद पप्पू यादव के बेउर जेल में
'शाही अंदाज' से आंख खुल जानी चाहिए । मंगलवार को कोर्ट ने सैद्धांतिक रूप से तय कर
दिया कि देश की सभी जेलों में मोबाइल फोन जैमर लगाए जाने चाहिए । कोर्ट ने कहा है
कि पहले सेंट्रल जेलों में यह प्रयोग शुरू किया जाए । इसके लिए अदालत ने भारत संचार
निगम लिमिटेड व रिलायंस इंफोकॉम को ११ जनवरी तक इन उपकरणों की जानकारी उपलब्ध कराने
को कहा है । राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को जमानत देने के पटना हाईकोर्ट के फैसले
के खिलाफ दाखिल अर्जी पर आज शीर्ष अदालत में सुनवाई चल रही थी । सुप्रीम कोर्ट ने
हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए पप्पू यादव को बेउर जेल भेज दिया था । माकपा
विधायक अजीत सरकार की हत्या के मामले में बंद पप्पू यादव को सीबीआई बिहार से बाहर
भेजना चाहती है । इन जेलों में वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा है । सीबीआई का कहना
है कि पप्पू के खिलाफ दर्ज छह मामले किसी एक कोर्ट को भेजे जा सकते हैं और वीडियो
कांफ्रेंसिंग से मामले की सुनवाई की जा सकती है । न्यायमूर्ति एन. संतोष हेगड़े और
न्यायमूर्ति एस. बी. सिन्हा की पीठ ने बेउर जेल में पप्पू यादव के दरबार और ७
दिसंबर को मारे गए छापे में उनके पास बरामद सेल फोन को देखते हुए जैमर लगाने का
महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर दिया । रिलायंस इंफोकॉम ने कोर्ट को बताया कि पटना की
बेउर जेल से बरामद दो मोबाइल फोन में से एक पप्पू यादव की बहन के नाम से जारी है ।
यह फोन उनकी बहन के हथियार के लाइसेंस के आधार पर जारी हुआ जबकि दूसरे का जेल से
बाहर उगाही के लिए इस्तेमाल होता था । यादव के वकील आर. के. जैन ने कहा कि उनके
मुवक्किल को बिना किसी सुबूत के बंद कर दिया गया है । अदालत उन्हें बिहार से बाहर
भेजने का विकल्प देखने के पहले जमानत का मामला निपटाए । अदालत ने इस पर भी सुनवाई
११ जनवरी को तय कर दी । जैन ने कहा कि ७ दिसंबर की घटना के बाद भी पप्पू के खिलाफ
जेल नियमावली के उल्लंघन का कोई मामला नहीं है । इस पर कोर्ट ने कहा कि इस छापे के
पहले यादव के आचरण को भी अदालत ध्यान में रखेगी । इंजन से निकला धुआं केबिन में भर
जाने के बाद बृहस्पतिवार को एक यात्री विमान को उत्तरी इंग्लैंड के हवाई अड्डे पर
इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी । उड़ान अधिकारियों ने बताया कि विमान में सवार सभी ६०
यात्री सुरक्षित हैं । बर्मिंघम से एडिनबर्ग जा रहे इस विमान को लीड्स ब्रैडफोर्ड
हवाई अड्डे पर उतरना पड़ा । घटना की जांच की जा रही है । यह घटना टोरंटो हवाई अड्डे
पर एयरबस ए ३४० के फिसलने के और जल जाने के महज दो दिन बाद ही हुई है । टोरंटो
हादसे में हैरतअंगेज तरीके से सभी २९७ यात्री व चालक दल के १२ सदस्य बाल - बाल बच
गए थे । एयरलाइन के माईक रूटर ने बताया कि धुआं गहरा होने की वजह से सावधानी बरतते
हुए विमान का मार्ग बदल दिया गया । बीबीसी पर उनके हवाले से कहा गया है कि कैप्टन
द्वारा समस्या बताने के १२ मिनट के अंदर ही विमान को उतार लिया गया । उन्होंने कहा
कि बतौर सावधानी इमरजेंसी लैंडिंग के फौरन बाद सभी यात्रियों को उतार लिया गया ।
उन्होंने बताया कि इस दौरान कोई भी जख्मी नहीं हुआ । विमान की जांच की जा रही है ।
इराक में अमेरिकी नौसेना के जवानों द्वारा इराकियों के साथ हुए अत्याचार की करीब ४०
और तस्वीरों के प्रकाश में आने के बाद अमेरिकी सेना ने जांच शुरू कर दी है । ये
तस्वीरें अबू गरीब जेल की त्रासदी की तस्वीरों से पुरानी हैं । कुछ चित्रों पर
तारीख भी दर्ज है, जिससे पता चलता है कि मई २००३ में भी इराकी कैदियों व बंधकों के
साथ अत्याचार हुआ था । हालांकि इन ४० तस्वीरों में अबु गरीब जेल में खींची गई
तस्वीरों में इतनी वीभत्सता नहीं है । इन तस्वीरों में अमेरिकी नौसैनिकों को इराकी
बंधकों पर बैठा दिखाया गया है । कुछ ऐसी तस्वीरें भी हैं, जिनमें इराकी बंधक खून से
लथपथ हैं । इन्हें इराक में शोषण की शुरुआती तस्वीरें माना जा रहा है । यह ४०
तस्वीरें एपी के संवाददाता को एक वेबसाइट पर मिली हैं । इन तस्वीरों को वेबसाइट पर
डालने वाली महिला का कहना है कि इन तस्वीरों को उसका पति इराक से नौकरी से लौटते
समय लाया था । यह साफ नहीं हुआ है कि इन तस्वीरों को खींचने वाला कौन है । अमेरिकी
सेना का कहना है कि एपी द्वारा तस्वीरें दिखाने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई
है । एपी को प्राप्त तस्वीरों से पता चलता है कि अमेरिकी सेना ने आम लोगों के घरों
पर छापा मारने के बाद बंधक बनाए गए लोगों पर बहुत अत्याचार किया था । एक चित्र में
किसी इराकी को चित लेटे दिखाया गया है और उसकी छाती पर अमेरिकी सैनिक का जूता है ।
अमेरिकी नेवी के कमांडर जेफ बेंडर ने अपने लिखित जवाब में कहा है कि इन तस्वीरों से
इराकी कैदियों और बंधकों के साथ हुए बरताव से जुड़े अनेक सवाल पैदा होते हैं । ये
तस्वीरें नेवल आपराधिक जांच सेवा को सौंप दी गई हैं और अपराध की गंभीरता तय की जा
रही है । सुनामी से हुई तबाही और मौतों के आकलन के बीच अब अंडमान निकोबार द्वीप
समूह की भौगोलिक स्थिति और पर्यावरण को हुए नुकसान का विश्लेषण भी शुरू हो गया है ।
सर्वेयरों और समुद्र अध्ययन विशेषज्ञों का एक दल १० जनवरी से इस केंद्र शासित
प्रदेश का व्यापक सर्वे शुरू कर रहा है । ये विशेषज्ञ इस बात का पता लगाएंगे कि २६
दिसंबर को आई प्रलयंकारी लहरों से इस खूबसूरत द्वीप के भूगोल पर किस तरह का असर
पड़ा? उनका जोर इस बात पर होगा कि क्या इस द्वीप समूह का नक्शा तो नहीं बदल गया? यह
पोत कार निकोबार जैसे बुरी तरह प्रभावित इलाकों में पानी के भीतर की तस्वीरें
उतारेगा । सर्वेयर जनरल ऑफ इंडिया डॉ पृथ्वीस नाग ने मंगलवार को टेलीफोन से बताया
कि अब तक उपग्रह से मिली तस्वीरों से द्वीपों के आबादी वाले इलाकों के नुकसान की ही
जानकारी मिलती है । लेकिन, इससे यह पता नहीं चलता कि क्या द्वीप खिसक गए या उनमें
किसी तरह का झुकाव हुआ? नाग ने कहा, उपग्रह से मिली तस्वीरें दिखा रही हैं कि
समुद्री लहरों ने आबादी वाले इलाकों में किस तरह तबाही मचाई । नाग ने बताया कि
द्वीप समूह के २० कंट्रोल पॉइंट के आधार पर अक्षांस और देशांतर में हुए परिवर्तन का
अध्ययन किया जाएगा । नाग के नेतृत्व में आठ सदस्यीय दल वहां जा रहा है । यह दल नेवी
के नेशनल हाइड्रोग्राफी आफिस के सर्वे शिप का इस्तेमाल करेगा और नेशनल इंस्टीट्यूट
ऑफ ओसियनग्राफी (एनआईओ) के साथ तालमेल करेगा । नाग ने बताया कि उनका दल जमीन का
सर्वे करेगा वहीं एनआईओ की टीम समुद्र का सर्वे कर सी - बेड में लहरों की स्थिरता
और दिशा का अध्ययन करेगी । उन्होंने कहा कि हमारा प्रारंभिक आंकलन है कि दानवी
लहरों के कारण अंडमान के पश्चिमी तट पर तटीय वनस्पति पूरी तरह बर्बाद हो गई । इसके
अलावा मूंगे की चट्टानों को भी नुकसान हुआ है । लेकिन, हमें इससे भी बड़ा अंदेशा
तटीय इलाकों की उवर्रता को लेकर है । हमें लगता है कि तटीय इलाकों की मिट्टी को
समुद्र के खारे पानी से भारी नुकसान हुआ है और इस वजह से यहां दोबारा वनस्पति पैदा
होना मुश्किल है । सोसायटी फॉर अंडमान निकोबार इकोलॉजी सेक्रेट्री समीर आचार्य भी
डॉ. सिमरनजीत सिंह की चिंताओं से इत्तफाक रखते हैं । उन्होंने कहा कि यदि समुद्री
पानी गहरे तक तटों की मिट्टी में घुस गया होगा तो वाकई इससे पर्यावरण को भारी
नुकसान हो सकता है । उन्होंने कहा कि इससे तट पर आकर घरौंदा बनाने वाले कछुओं और
मगरमच्छों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है । केंद्रीय मंत्रिमंडल में अगले सप्ताह
फेर - बदल होने की उम्मीद है । कांग्रेस हाईकमान सोनिया गांधी चाहती हैं कि पार्टी
के महाधिवेशन से पहले मंत्रिमंडल में बदलाव की प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए ।
ताकि सरकार से संगठन में आने वाले नेताओं को नई जिम्मेदारी सौंपी जा सकें ।
केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री जयपाल रेड्डी व केंद्रीय ऊर्जा मंत्री पी. एम. सईद
का संगठन में आना और पार्टी महासचिव अंबिका सोनी, ए. के. एंटनी व झामुमो के शिबू
सोरेन का मंत्रिमंडल में जगह पाना करीब - करीब तय माना जा रहा है । कांग्रेस चाहती
है कि सरकार में सभी राज्यों का प्रतिनिधित्व रहे । इस वक्त हिमाचल प्रदेश, पंजाब,
छत्तीसगढ़, केरल व उड़ीसा का कोई प्रतिनिधित्व नहीं है । कयास लगाए जा रहे हैं
हिमाचल प्रदेश से आनंद शर्मा को केंद्रीय राज्य मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है ।
सरकार में नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी
मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है । केंद्रीय पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय को एक किए
जाने की संभावना है । राजग सरकार के दौरान ये दोनों मंत्रालय कैबिनेट स्तर के एक ही
मंत्री के पास थे । केंद्रीय गृहमंत्री के काम - काज से वामदलों की नाराज़गी को
देखते हुए शिवराज पाटिल की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जा सकता है । यूपीए समवन्य
समिति की बैठक में वामदलों ने गृहमंत्री पर सीधा निशाना साधा था । केंद्रीय खेल एवं
युवा मामलों के मंत्री सुनील दत्त की मौत के बाद खाली हुई जगह को महाराष्ट्र से ही
भरे जाने की उम्मीद है । केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम् की नीतियों से भी
वामदल खुश नहीं हैँ । वामपंथी नेता उन्हें 'चतुर वित्तमंत्री' तक की उपाधि से भी
नवाज़ चुके हैं । पर वामदलों के तमाम दबावों को दरकिनार करते हुए कांग्रेस चिदंबरम्
को बदलने के लिए तैयार नहीं है । कांग्रेस नेताओं की दलील है कि इस तरह दबाव में
आकर वित्त मंत्री को बदलने से लोगों में अच्छा संदेश नहीं जाएगा । केंद्रीय
मंत्रिमंडल में अगले सप्ताह के मध्य में फेर - बदल होने की उम्मीद है । इसके पीछे
तर्क यह दिया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में नई जगह पाने वाले मंत्रियों को संसद के
मानसून सत्र से पहले विभाग को समझने के लिए वक्त मिल सके । क्योंकि, सत्र के दौरान
मंत्रियों को सदन में मंत्रालय से संबंधित प्रश्नों का जवाब देना होता है । वहीं,
सरकार से संगठन में लौटने वाले नेताओं को पार्टी महाधिवेशन में नई जिम्मेदारियां
सौंप दी जाएंगी । इंडियन पेट्रोकेमिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईपीसीएल) के बोर्ड की
बैठक 20 जनवरी को होने की उम्मीद है । ऐसा माना जा रहा है कि अनिल अंबानी द्वारा
आईपीसीएल के उपाध्यक्ष व निदेशक पद से सोमवार को दिए गए इस्तीफे पर इसमें चर्चा हो
सकती है । इसके तहत उपभोक्ता घर बैठे किसी भी राशि का कूपन इलेक्ट्रॉनिक तरीके से
रिचार्ज कर सकते हैं । यह विकल्प 55 रुपये से लेकर 1100 रुपये तक उपलब्ध है ।
गौरतलब है कि मुकेश अंबानी की अध्यक्षता वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल)
के बोर्ड की 21 जनवरी को बैठक होगी जिसमें तीसरी तिमाही के परिणामों की घोषणा की
जाएगी । इससे पहले रिलायंस समूह की सभी कंपनियां अपने - अपने एकाउंट पर मुहर लगाने
के लिए बैठक कर रही हैं । रिलायंस एनर्जी का बोर्ड 19 जनवरी को बैठक कर रहा है । एक
लाख करोड़ रुपये के रिलायंस समूह में अंबानी बंधुओं के बीच वर्चस्व की जंग सोमवार
को ज्यादा ही तल्ख़ हो गई थी । छोटे भाई ने मुकेश अंबानी के एक बाल सखा व आईपीसीएल
में निदेशक आनंद जैन पर निशाना साधते हुए इस कंपनी से कल इस्तीफा दे दिया था । अनिल
ने आनंद पर अंबानी परिवार में दरार डालने की साजिश रचने व उनके व्यक्तिगत चरित्र
हनन का अभियान छेड़ने का आरोप लगाया था । भाजपा शासित प्रदेशों के शिक्षा मंत्रियों
का सम्मेलन दिल्ली में 6 जून को होगा । इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश, राजस्थान,
झारखंड और गुजरात सहित सभी प्रदेश, जहां भाजपा की सरकार है, के शिक्षा मंत्री
सम्मेलन में भाग लेंगें । उन्होंने कहा कि इस तरह के सम्मेलनों से भाजपा शासित
प्रदेशों में सामान्य शिक्षा पद्घति लागू करने में मदद मिलेगी । पार्टी सूत्रों के
अनुसार, इस सम्मेलन में पूर्व मानव संसाधन मंत्री मुरली मनोहर जोशी सहित पार्टी के
कई बड़े नेता वर्तमान सरकार की शिक्षा नीति पर भी विचार करेंगे । जापान के विदेश
मंत्री तारो आसो के भारत दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा और रक्षा
सहित विभिन्न मसलों पर आपसी सहयोग को बढ़ावा देने पर रजामंदी हुई है । रक्षा मंत्री
के जापान जाने का कार्यक्रम कुछ महीनों के अंदर बन जाएगा, जबकि प्रधानमंत्री की
जापान यात्रा भी इसी साल होने की उम्मीद है । जापान के विदेश मंत्री तारो आसो और
विदेश राज्य मंत्री ई अहमद के बीच बुधवार दोपहर ढाई घंटे चली बैठक के दौरान दोनों
पक्षों के बीच विभिन्न मुद्दों पर आपसी सहमति बनी । प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री
के जापान के दौरे के अलावा यह भी तय हुआ कि विदेश, रक्षा, वित्त, व्यापार और सूचना
व संचार तकनीकी मंत्रालयों के स्तर पर लगातार मंत्रिस्तरीय संपर्क बना रहेगा ।
दोनों देश अब भारत - जापान अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी में सुरक्षा के बिंदु पर विशेष
ध्यान देंगे । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नवतेज सरना के मुताबिक माल ढुलाई के लिए
बेहद महत्वपूर्ण मुंबई - दिल्ली और दिल्ली - हावड़ा फ्रेट कॉरीडोर की परियोजना पर
भी दोनों देशों के बीच बातचीत हुई । तय हुआ कि 'जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी'
इस परियोजना की व्यावहारिकता का अध्ययन करेगी । इस परियोजना के तहत मुंबई - दिल्ली
और दिल्ली - हावड़ा के बीच के गलियारों में कंप्यूटर नियंत्रण वाली रेलगाड़ियां माल
ढुलाई कर सकेंगी । तारो आसो ने बुधवार को राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, वाणिज्य
मंत्री कमलनाथ और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम. के. नारायणन से भी मुलाकात की ।
यहां स्थित जापानी दूतावास के प्रेस सचिव के मुताबिक दोनों मंत्रियों के बीच हुई
बातचीत में सूचना और संचार तकनीकी पर भी विस्तार से चर्चा हुई । इसलिए अगर दोनों
देश मिल कर काम करें तो बहुत आगे जा सकते हैं । ईरान के परमाणु मामले को संयुक्त
राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भेजने के अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के
प्रस्ताव के पक्ष में वोट देने के मुद्दे पर भाजपा ने सरकार से सफाई मांगी है ।
वामपंथी पार्टियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए रविवार को इस मुद्दे पर विचार
करने के लिए बैठक बुलाई है । भाजपा के प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर का कहना है कि
यूपीए सरकार को विपक्षी नेताओं को बुलाकर यह जानकारी देनी चाहिए कि सरकार ने किन
हालात व किन कारणों से ईरान के खिलाफ मतदान का फैसला किया है । जनता दल (एस) ने भी
सरकार के फैसले की कड़ी आलोचना की है । पार्टी के प्रवक्ता कुंवर दानिश अली ने कहा
कि देश के लोगों की भावनाओं का ख्याल रखते हुए भारत को मतदान में हिस्सा नहीं लेना
चाहिए था । वामपंथी पार्टियों ने भी हाल ही में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिलकर
कहा था कि सरकार को इस तरह के प्रस्ताव को रोकने के लिए गुट निरपेक्ष देशों से
विचार विमर्श कर सर्वसम्मति से फैसला लेना चाहिए । और वोटिंग की स्थिति में मतदान
का बहिष्कार करना चाहिए । वामपंथियों का कहना है कि ईरान हमारा पारंपरिक मित्र देश
है और मध्य पूर्व व खाड़ी के देशों में किसी प्रकार की क्षेत्रीय अस्थिरता का हमारे
देश पर असर पड़ेगा । हमारी यही नीति है । उन्होंने कहा कि पाकिस्तान संयुक्त
राष्ट्र के प्रस्तावों की अनदेखी नहीं करेगा । हालांकि उन्होंने इस बारे में
विस्तार से कुछ भी नहीं बताया । नेपाल में राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे नेपाल के पूर्व
प्रधानमंत्री गिरजा प्रसाद कोइराला शनिवार को नई दिल्ली पहुंचे । यात्रा के दौरान
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अन्य नेताओं के साथ उनकी बातचीत की संभावना है ।
सूत्रों के मुताबिक कोइराला मेडिकल चेक - अप के लिए यहां आए हैं । बातचीत के दौरान
नेपाल में लोकतंत्र की बहाली के लिए राजा ज्ञानेंद्र पर दबाव बढ़ाने के लिए भारत से
कहेंगे । संसद भवन पर 13 दिसंबर 2001 को हुए हमले के साजिशकर्ता जैश - ए - मोहम्मद
के आतंकी मोहम्मद अफजल को मिली मौत की सजा सुप्रीम कोर्ट ने बहाल रखी है । यद्यपि,
कोर्ट ने दूसरे आतंकी शौकत हुसैन गुरु को मिले मृत्युदंड को 10 वर्ष के सश्रम
कारावास में तब्दील कर दिया । बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने मोहम्मद अफजल और शौकत
हुसैन को मृत्युदंड की पुष्टि करते हुए अकाट्य साक्ष्यों के अभाव में गिलानी और
नवजोत संधू को बरी कर दिया था । अफजल और शौकत ने हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ
सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी और दिल्ली पुलिस ने हाईकोर्ट द्वारा गिलानी और अफशां
को बरी करने के फैसले को चुनौती दी थी । लगभग छह महीने तक अपीलों पर सुनवाई करने के
बाद सुप्रीम कोर्ट ने गत 4 मई को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था । न्यायमूर्ति
पीवी रेड्डी व न्यायमूर्ति पीपी नावलेकर की खंडपीठ ने 271 पन्नों के अपने फैसले में
पाकिस्तान में आतंकी प्रशिक्षण पाने वाले अफजल की अपील खारिज कर मृत्युदंड को
बरकरार रखते हुए कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि अफजल संसद पर हुए आतंकवादी हमले के
षड्यंत्र में शामिल था । अदालत के अनुसार सभी साक्ष्यों व गवाहों के बयानों से यह
साबित होता है कि संसद पर हुए हमले में उसने मुख्य भूमिका निभाई थी । अदालत के
अनुसार अफजल ही मुख्य षड्यंत्रकारी था । संसद पर हुए हमले को दुर्लभतम की श्रेणी
में रखते हुए अदालत ने आगे कहा कि यदि अफजल को मृत्युदंड नहीं दिया गया तो सामाजिक
व राजनीतिक संरचना का ढांचा चरमरा जाएगा । अदालत के अनुसार संसद पर हमला देश की
लोकतांत्रिक व्यवस्था की सर्वोच्च संस्था पर हमला है । लिहाजा इसके मुख्य अपराधी को
फांसी से कम की सजा नहीं दी जा सकती । अदालत ने शौकत हुसैन की अपील आंशिक रूप से
स्वीकार करते हुए मृत्युदंड की सजा घटाकर भारतीय दंड संहिता की धारा - 123 के तहत
देश के खिलाफ रचे गए षड्यंत्र को छुपाने के आरोप में 10 वर्ष का सश्रम कारावास और
25 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी और जुर्माना न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त कैद
का दंड भी दिया । अदालत ने फैसले में साफ तौर पर यह भी कहा कि साक्ष्यों के अभाव
में गिलानी व नवजोत को बरी किया जा रहा है । गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस की ओर से
वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल सुब्रमण्यम और अभियुक्तों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राम
जेठमलानी ने अदालत में अपनी दलील दी थी । संसद पर हुए आतंकवादी हमले में 9 लोगों की
मौत हो गई थी और 13 लोग घायल हुए थे । इस घटना में पांच आतंकवादी भी मारे गए थे ।
देश का बैंकिंग ढांचा चरमरा रहा है । तीन सौ से अधिक शहरी सहकारी बैंक घाटे की चपेट
में हैं । राज्य सहकारी बैंकों और जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों की स्थिति भी अच्छी
नहीं है । वर्ष 2002 - 03 के आंकड़ों के मुताबिक पांच राज्य सहकारी बैंकों और 118
ज़िला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों को घाटा हुआ है । आर्थिक बदहाली के शिकार कुल 45
शहरी सहकारी बैंकों को रिजर्व बैंक ने लाइसेंस देने से या तो मना कर दिया है या
उनका लाइसेंस रद्द कर दिया है । लोकसभा में पूछे गए एक सवाल का जबाव देते हुए वित्त
मंत्री पी. चिदंबरम ने कहा कि घाटे के कारण किसी भी बैंक को बंद नहीं किया गया है ।
पर रिजर्व बैंक ने 7 ज़िला मध्यवर्ती सहकारी बैंकों - मधेपुरा - सुपौल (बिहार),
डाल्टेनगंज (झारखंड), छपरा (बिहार), सिबसागर (असम), गोंडा (उत्तरप्रदेश), रायगढ़
(छत्तीसगढ़), और दरभंगा (बिहार) को उनकी गिरती आर्थिक स्थिति के कारण लाइसेंस देने
से मना कर दिया है । चिदंबरम ने बताया कि पिछले तीन वर्षो के दौरान सेंचुरियन बैंक,
ग्लोबल ट्रस्ट बैंक और एसबीआई कमर्शियल एंड इंटरनेशनल बैंक को छोड़कर निजी क्षेत्र
के किसी भी बैंक को घाटा नहीं हुआ है । सेंचुरियन बैंक के खर्च में लगातार वृद्धि
हुई है । बैंक की माली हालत के खराब होने में इस खर्च की बड़ी भूमिका है । ग्लोबल
ट्रस्ट बैंक और एसबीआई कमर्शियल एंड इंटरनेशनल बैंक के खर्च में कमी आई है । वित्त
मंत्री ने बताया कि घाटे के बावजूद निजी या सहकारी क्षेत्र का कोई भी बैंक जनता की
जमाराशि लेकर गायब नहीं हुआ है । रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपनी गलती
सुधारते हुए शनिवार को स्पष्ट कर दिया कि वह सुरक्षा परिषद में भारत को वीटो की
शक्ति से लैस करने के पक्ष में हैं । भारत को रूस के इस रुख से झटका लगा था और
विदेश मंत्री नटवर सिंह ने संसद में बयान दे दिया था कि वीटो अधिकार के बिना स्थायी
सदस्यता उसे मंजूर नहीं होगी । पुतिन ने आज उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत, और
विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी से मुलाकात की । रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी भी
पुतिन से मिले । विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आज बताया कि शेखावत से भेंट के
दौरान पुतिन ने कहा कि भारत को यदि सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता हासिल होती है
तो उसे वीटो का भी अधिकार मिलना चाहिए । सुरक्षा परिषद में वह 'दूसरे दर्जे' के
सदस्य के तौर पर नहीं रखा जा सकता । उन्होंने कहा कि इसके बिना संयुक्त राष्ट्र में
संपूर्ण सुधार नहीं हो सकता । प्रवक्ता ने बताया कि पुतिन ने कहा कि कल उनका आशय
सुरक्षा परिषद की मूल भावना को कायम रखने से था । पुतिन ने आज कहा कि सुरक्षा परिषद
के नए सदस्यों को वीटो पावर से वंचित करना दुनिया में संयुक्त राष्ट्र का प्रभाव और
महत्व कम करना होगा । इसका उद्देश्य अमेरिका की तानाशाही के खिलाफ एक मजबूत विकल्प
तैयार करना होगा । अखबार के अनुसार पुतिन और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शुक्रवार
को त्रिपक्षीय बैठक के संबंध में विचार - विमर्श किया । रिपोर्ट में कहा गया कि
मंगलवार को लाओस में एशियन बैठक के दौरान मनमोहन ने इस मसले पर चीन के प्रधानमंत्री
वेन जियाबाओ से भी बात की थी । इसके बाद से तीनों देशों के अधिकारी आपस में कई
मुलाकात कर चुके हैं । लेकिन दोनों देशों के बीच कई रक्षा सौदों को देखते हुए इसे
महत्वपूर्ण माना जा रहा है । ब्रिटेन के सबसे धनी व्यक्ति लक्ष्मी मित्तल के
स्वामित्व वाली मित्तल स्टील कंपनी झारखंड में एक स्टील प्लांट खोलने की योजना बना
रही है । अच्छी गुणवत्ता वाले लौह अयस्क के खनन अधिकार के बदले में टाटा समेत अन्य
स्थानीय कंपनियों से प्रतिस्पर्धा के बावजूद कंपनी स्टील प्लांट खोलने की इच्छुक
है. इस नई कंपनी की उत्पादन क्षमता एक करोड़ टन होगी । उन्होंने कहा कि मित्तल
स्टील कंपनी के लिए फोर्ड एक अच्छा मॉडल है । कंपनी प्रति वर्ष ५.१ करोड़ टन स्टील
का उत्पादन करती है । 'फोर्ड ब्रांड १०० सालों के बाद आज भी मौजूद है और यह पेशेवर
ढंग से चलने वाली कंपनी है । अगर परिवार का कोई भी सदस्य इस कंपनी को चलाने का
इच्छुक है तो उसके पास एक बेहतर मौका है लंदन से प्रकाशित 'दि संडे टाइम्स' में छपी
खबर के मुताबिक, स्टील प्लांट खोलने के लिए बातचीत जारी है, लेकिन सूत्रों के
मुताबिक मित्तल का टाटा समेत स्थानीय कंपनियों से कड़ा मुकाबला है । रिपोर्ट के
अनुसार, मित्तल इस बात के लिए राहत की सांस ले सकते हैं कि आवश्यकता से अधिक
उत्पादन और उत्पादन के बदले मुनाफा पर जोर देने की जरूरत के बाबत उनकी चेतावनी को
अन्य कंपनियों ने आखिरकार गंभीरता से लिया है । उल्लेखनीय है कि इस साल के आरंभ में
स्टील का स्टॉक तेजी से कम हुआ । मित्तल के मुताबिक स्टील की मांग भी कम हुई जिसके
परिणामस्वरूप पहली बार स्टील के उत्पादन में कटौती की गई । उन्होंने कहा, 'इससे
पहले स्टील उद्योग ने उत्पादन में कटौती के बारे में कभी नहीं सोचा था, लेकिन उसे
कटौती करनी पड़ी । हमने उत्पादन में कटौती की और अन्य कंपनियों ने भी कटौती की । यह
तो मैं नहीं जानता हूं कि कटौती का यह सिलसिला कब तक चलेगा, लेकिन एक बात तो जरूर
है कि स्टील उद्योग ने पहली परीक्षा पास कर ली है । कंपनियों के इस उद्देश्य को
पूरा करने के लिए यहां के एक ज्योतिषि ने अनूठी सेवा शुरू की है । ज्योतिषी ने
कंपनियों को बायोडाटा के साथ ही नियुक्त किए जाने वाले कर्मचारी की जन्म कुंडली भी
मांगने की सलाह दी है । ताकि, जन्म कुंडली देखकर यह सुनिश्चित किया जा सके कि आवेदक
के ग्रह - नक्षत्र भी कंपनी के अनुकूल हैं । कई कंपनियों को यह सेवा उपलब्ध करा रहे
ज्योतिषी मौलिक भट्ट का कहना है कि श्रेष्ठ शैक्षिक कैरियर किसी व्यक्ति के भीतरी
झुकाव अथवा उसके पूर्वाभासी होने के बारे में कुछ नहीं बताता । जिससे जरूरी नहीं है
कि ऐसा व्यक्ति कंपनी के लिए उपयोगी ही हो । भट्ट ज्योतिषी परिवार से संबंधित हैं
और खुद विज्ञान के छात्र रहे हैं । उन्होंने बताया कि यह कार्य वह पिछले करीब एक
साल से कर रहे हैं । इस कार्य की शुरुआत उन्होंने अपने बिजनेसमैन दोस्त के लिए की
थी । वह जब भी कोई नई नियुक्ति करता था तो उनकी सलाह लेता था । भट्ट ने दावा किया
कि किसी भी उम्मीदवार के बारे में उनकी भविष्यवाणी ७० फीसदी तक सही होती है । वह
किसी प्रत्याशी के बारे में भविष्यवाणी करने से पहले लग्न, दशा व गोचर का अध्ययन
करते हैं । इसके बाद वह संबंधित कंपनी को उम्मीदवार के गुणों व कमियों के बारे में
बताते हैं । बिजनेसमैन कमल वर्मा जब भी किसी को नियुक्त करते हैं तो वह पूरी तरह
ज्योतिष पर निर्भर रहते हैं । उनको पूरा विश्वास है कि सितारे बायो - डाटा से अधिक
जानकारी देते हैं । वर्मा ने कहा कि भट्ट उनके सलाहकार हैं और अभी तक उनकी बातें
एकदम सटीक रही हैं । उनके पास आए उम्मीदवारों की कुंडली पढ़कर भट्ट द्वारा दी गई
जानकारी सही रही है और ऐसे कर्मी काम के साथ लगातार प्रगति कर रहे हैं । एक अन्य
व्यवसायी वैष्णव जैन भी जब कभी नया व्यापार शुरू करते हैं अथवा कोई नई नियुक्ति
करते हैं तो वह पूरी तरह ज्योतिष पर ही निर्भर रहते हैं । वह कहते हैं कि ज्योतिष
उनके जीवन के हर काम में उनको दिशा दिखाता आया है तो फिर सही उम्मीदवार के चयन में
इसे क्यों न इस्तेमाल किया जाए । जैन भी इस बारे में भट्ट से सलाह लेते हैं । एक
प्रमुख कैरियर सलाहकार का कहना है कि ज्योतिषी की सलाह को एकदम दरकिनार नहीं किया
जा सकता, लेकिन मात्र इसके आधार पर ही किसी की नियुक्ति करना भी उचित नहीं है ।
सेंसेक्स के उछलते ही ख्याल आता है शेयर बाजार का । सवाल यह है कि सेंसेक्स के ६३२८
की रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंच जाने पर निवेश कहां जाए - शेयर बाजार में, म्यूचुअल फंड
में या फिक्स्ड डिपॉजिट में? फार्मा कंपनियों के शेयर ऑल टाइम फेवरिट हैं, कुछ
बैंकों के शेयर अब भी अंडर वैल्यूड हैं, आप उनमें निवेश करके मुनाफा वसूल सकते हैं
। आखिर शेयर बाजार में उछाल की वजह क्या है? एआईएम इनवेस्टमेंट के सीईओ हर्षवर्धन
के मुताबिक शेयर बाजार की इस जबर्दस्त उछाल के पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों
द्वारा जबर्दस्त खरीदारी, बैंकिंग, टेकनोलॉजी और पॉवर कंपनियों के शेयरों में उफान
और सीमेंट तथा टेक्सटाइल कंपनियों के शेयरों में तेजी का हाथ है । फार्मा कंपनियों
के शेयरों में कोई खास बढ़त नहीं हुई है । मीडिया और एंटरटेनमेंट कंपनियों के शेयर
अब भी खरीददार की बाट जोह रहे हैं । इसलिए सीमेंट, फार्मा और टेक्सटाइल कंपनियों के
शेयरों में पैसा लगाया जा सकता है । बुल्स ऐंड बियर्स के प्रेसीडेंट रमेश सक्सेना
के अनुसार जब सेंसेक्स काफी ऊंचाई पर हो तो 'डे ट्रेडिंग' से भरपूर कमाई की जा सकती
है क्योंकि क्रमिक अंतराल पर, यहां तक कि दिन में कई बार मुनाफा वसूली और खरीदारी
का दौर देखने को मिलता है । उदाहरण के लिए, पीएनबी के प्रस्तावित आईपीओ को लें ।
हाल में इसके शेयर में जबर्दस्त उछाल भी आया है । पर यदि आईपीओ में प्रीमियम की
राशि सेंसेक्स को देखते हुए तय की गई तो लंबे समय के लिए निवेश करने से बचना चाहिए
। शेयर बाजार का नियम कमोवेश म्यूचुअल फंड पर भी लागू होता है । म्यूचुअल फंड की
जिन स्कीम के पोर्टफोलियो में अंडरवैल्यूड शेयर हों, उनकी खरीदारी की जा सकती है ।
यूटीआई म्यूचुअल फंड के चीफ मैनेजर जितेंद्र गब्र्याल कहते हैं - 'फंड का चयन करते
समय पोर्टफोलियो पर एक नजर अवश्य डालिए । फंड का पोर्टफोलियो भविष्य में होने वाले
लाभ की पूर्व सूचना देता है । 'सेंसेक्स में उछाल आते ही कुछ म्यूचुअल फंड लाभांश
संबंधी घोषणाओं की झड़ी लगा देते हैं । लाभांश के लालच में न फंसे । स्कीम में
निवेश तभी करें जब पोर्टफोलियो बेहतर हो । इसी तरह म्यूचुअल फंड के आईपीओ से भी
बचें । उदाहरण के लिए, यदि कोई म्यूचुअल फंड ऐसे समय में बैंकिंग स्कीम लॉंच करता
है जब बैंकिंग कंपनियों के शेयर काफी ऊंचाई पर हैं तो सेंसेक्स के गिरते ही स्कीम
का एनएवी अंकित मूल्य से कम हो जाएगा और आप अफसोस करते नजर आएंगे । निवेश संबंधी
सटीक निर्णय के लिए बाजार की तकनीकी जानकारी बहुत जरूरी है । किसी भरोसेमंद
फायनेंशियल कंसलटेंट को चुनें । देश के कई हिस्सों में सूखे के आसार उत्पन्न हो गए
हैं । अब तक मौसम विभाग सामान्य बारिश होने की अपनी भविष्यवाणी पर अड़ा हुआ था
लेकिन अब यह दावा पूरी तरह से खारिज हो गया है । देश भर में अब तक हुई बारिश औसत से
छह फीसदी कम है, जबकि विभाग का दावा था कि इसमें ५ फीसदी से ज्यादा कमी नहीं होगी ।
लेकिन तकनीकी कारणों से इन्हें अभी सूखाग्रस्त घोषित नहीं किया गया है । मौसम
विशेषज्ञों ने माना कि यदि अगला साल भी सूखा रहा तो देश के कई हिस्सों को
सूखाग्रस्त घोषित करना पड़ सकता है । इस बीच बारिश नहीं होने के कारण गर्मी ने फिर
अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया तथा कई स्थानों पर तापमान ४० डिग्री सेल्सियस से ऊपर
पहुंच गया है । मौसम विभाग के अनुसार जून से अगस्त के तीन महीनों में देश भर में
कुल ६७५.८ मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि इस अवधि के दौरान ७१७.९ मिलीमीटर औसत बारिश
होनी चाहिए । इसमें अब तक कुल छह फीसदी की कमी है । पिछले हफ्ते इसमें तीन फीसदी की
कमी थी लेकिन बीते पूरे सप्ताह बारिश न होने के कारण इसमें तीन फीसदी की और
बढ़ोत्तरी हुई है । उत्तर प्रदेश, हिमाचल, राजस्थान, उत्तरांचल, पंजाब, जम्मू
कश्मीर, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ तथा पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों में औसत से कम
बारिश हुई है । इससे इन राज्यों में कृषि को भारी क्षति होने की आशंका है । मानसून
की सबसे बुरी स्थिति उत्तरी राज्यों में रही । पश्चिमी राजस्थान में महज १४६
मिलीमीटर बारिश हुई । हालांकि यहां पहुंचकर मानसून गायब हो जाता है इसलिए यहां
हमेशा कम होती है लेकिन फिर भी २२२ मिलीमीटर वर्षा अब तक होनी चाहिए थी । इसके बाद
पश्चिमी उत्तर प्रदेश की हालत सर्वाधिक खराब है जहां औसत से २६ फीसदी कम वर्षा हुई
है । इस क्षेत्र में कुल ४६० मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है जबकि अब तक औसत ६२३
मिलीमीटर वर्षा होनी चाहिए । पिछले दो हफ्तों के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश की
स्थिति थोड़ी सुधरी है । यहां औसत ७१६ मिमी के मुकाबले ६१३ मिमी बारिश हुई है जो १४
फीसदी कम है । गत सप्ताह पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश नहीं हुई जबकि इस अवधि में
अमूमन ५३ मिमी बारिश होती है । यानी पिछला हफ्ता सौ फीसदी सूखा रहा । जबकि पूर्वी
उत्तर प्रदेश में २२ मिमी वर्षा हुई हालांकि ५६ मिमी बारिश होनी चाहिए । विभाग के
अनुसार हिमाचल प्रदेश में मानूसन के तीन महीनों में ६४० के मुकाबले ५६८ मिमी बारिश
हुई है जो औसत से ११ फीसदी कम है । उत्तरांचल में १०१६ के मुकाबले ९०८ मिमी बारिश
हुई है जो औसत से ११ फीसदी कम है । पश्चिमी राजस्थान की भांति पूर्वी राजस्थान की
स्थिति भी अच्छी नहीं है । पूर्वी राजस्थान में औसत से १७ फीसदी कम बारिश हुई है ।
यहां ५१८ के मुकाबले महज ४२९ मिमी वर्षा हुई है । पंजाब में ३३४ मिमी बारिश हुई है
जबकि इस अवधि में ३९४ मिमी बारिश होनी चाहिए जो औसत से १६ फीसदी कम है । राज्यों
में कमी का औसत २० फीसदी से ज्यादा पहुंच चुका है । लेकिन राष्ट्रीय औसत अभी छह
फीसदी तक ही पहुंचा है । दिल्ली के तापमान में औसत से चार डिग्री सेल्यिसस की
वृद्धि दर्ज की गई है । रविवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान ३७.७ डिग्री सेल्सियस
रहा । हिसार में तापमान ३८.८ डिग्री सेल्सियस रहा । मौसम विभाग ने उम्मीद जताई कि
अगले एक - दो दिन तापमान ऐसा ही रहा तो बारिश होने की संभावना बढ़ जाएगी । हरियाणा
विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं की परीक्षा में लड़कियों ने फिर अपना झंडा बुलंद
किया है । इस बार कुल ५७.७८ प्रतिशत विद्यार्थी पास हुए । लड़कियां ५९.४४ फीसदी और
लड़के ५६.६३ फीसदी पास हुए हैं । रिजल्ट की विधिवत घोषणा बृहस्पतिवार को होगी ।
परीक्षा परिणाम मोबाइल और इंटरनेट पर भी प्राप्त किए जा सकते हैं । इसके लिए बोर्ड
ने खास व्यवस्था की है । शिक्षा बोर्ड के सचिव राजीव रंजन ने बुधवार को यहां बताया
कि इस बार दसवीं का परिणाम आठ दिन पहले ही घोषित किया जा रहा है । दसवीं की परीक्षा
में कुल दो लाख ९८ हजार २६ विद्यार्थी शामिल हुए थे । इन परीक्षार्थियों में से एक
लाख ७२ हजार २२२ सफल हुए और १३०२७ की कंपार्टमेंट आई । एक लाख ७५ हजार ५७४ लड़कों
में से ९९ हजार ४३३ लड़के उत्तीर्ण हो पाए । सचिव के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों से
ताल्लुक रखने वाले ७२.२८ प्रतिशत परीक्षार्थी कामयाब रहे । ग्रामीण क्षेत्रों के
५३.३२ फीसदी परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए । नियमित विद्यार्थियों का पास प्रतिशत ५७.५९
रहा है, जबकि स्वयंपाठी परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत ५९.१२ है । सचिव ने
बताया कि पांच मई को नियमित परीक्षार्थियों के लिए विषयवार अंकों सहित दोपहर तीन
बजे से संबंधित विद्यालयों में यह रिजल्ट देखे जा सकेंगे और स्वयंपाठी
परीक्षार्थियों के लिए संबंधित जिला शिक्षा कार्यालय में दोपहर तीन बजे से रिजल्ट
पता किए जा सकेंगे । विश्वसनीय व लाभ रहित जानकारी बांटने वाली वेबसाइटों का मुख्य
अड्डा अब हमारा मुल्क बनने वाला है । गैर पेशेवर मकसद के लिए पहचानी जाने वाली डॉट
ओआरजी वेबसाइटों का प्रमुख केंद्र अब भारत ही होगा । यह फैसला भारत में बड़ी संख्या
में मौजूद गैर सरकारी और धर्मार्थ संगठनों को ध्यान में रख कर किया गया है । डॉट
ओआरजी नाम वाली वेबसाइटों का रजिस्ट्रेशन करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था 'पब्लिक
इंट्रेस्ट रजिस्ट्री' (पीआईआर) ने तय किया है कि अब भारत ही उसकी गतिविधियों का
मुख्य अड्डा होगा । यहां तक कि इन वेबसाइटों का डोमेन सर्वर भी भारत में ही बनाया
जाएगा । दुनिया के किसी भी हिस्से में शुरू होने वाली डॉट ओआरजी वेबसाइट इसी सर्वर
के जरिए काम कर सकेगी । इसका फायदा भारत से चलने वाली वेबसाइटों को अधिक मिलेगा,
क्योंकि उनकी रफ्तार बहुत तेज हो जाएगी । पब्लिक इंट्रेस्ट रजिस्ट्री (पीआईआर)
दुनिया भर में इंटरनेट वेबसाइटों के नाम का खाता - बही रखने वाली संस्था इंटरनेट
सोसाइटी (आईएसओसी) का लाभ - रहित सहयोगी संगठन है । पीआईआर के फैसले की जानकारी
इसके मुख्य कार्यकारी अधिकारी एडवर्ड विल्ज ने यहां दी । उनके मुताबिक इस फैसले से
जहां डॉट ओआरजी साइट पर आने वाला ढांचागत खर्च कम होगा वहीं भारत में रोजगार के
मौके भी बढ़ेंगे । आईटी जानकारों का मानना है कि इस बदलाव से भारतीय गैर सरकारी
संगठनों को काफी लाभ मिल सकता है । उन्हें लोगों तक पहुंचने और अपने उद्देश्यों के
लिए उनकी राय बनाने व धन जुटाने में भी मदद मिलेगी । इसके अलावा आपदाओं के समय ये
इंटरनेट के जरिए ज्यादा तेजी से काम कर सकेंगे । यूं तो डॉट ओआरजी वेबसाइट कोई भी
व्यक्ति या संस्था रजिस्टर करवा सकता है, लेकिन इसकी पहचान गैर व्यावसायिक इरादों
से काम करने वाली संस्थाओं और जानकारी पहुंचाने वाली संस्थाओं के लिए बनी है ।
वोल्कर रिपोर्ट से संबंधित नए विवादों को जन्म देने वाले क्रोएशिया में भारत के
राजदूत अनिल मथेरानी से तीन एजेंसियां इंटेलीजेंस ब्यूरो (आईबी), रिसर्च एंड
एनॉलिसिस विंग (रॉ) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूछताछ में जुटी हुई हैं । मथेरानी
बीती रात विएना से भारत आए थे लेकिन अपने आवास पर पहुंचने से पहले तीनों जांच
एजंसियां उन्हें इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से ले गई । यह अभी तक
रहस्य है कि राजधानी अथवा आसपास के किस शहर में उनसे पूछताछ चल रही है । जबकि उनके
बसंतकुंज स्थित आवास पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है । उनके परिवारिक सूत्रों
ने हालांकि कहा है कि मथेरानी से कोई पूछताछ नहीं हो रही । वे अपने मित्र के घर पर
हैं । इस बीच सरकार ने ईडी की एक उच्च स्तरीय टीम को इराक भेजने का भी निर्णय लिया
है । उस पत्रिका के पत्रकार ने जो वादा किया था, उसे उसने और उसके समूह ने तोड़ा है
। मथेरानी शनिवार की रात १०.२० बजे आस्ट्रियन एयरवेज की फ्लाइट से अंतर्राष्ट्रीय
हवाई अड्डे पर उतरे थे । वहीं से तीनों एजेंसियों के अधिकारियों ने उन्हें कवर कर
लिया और अज्ञात स्थान पर ले गए । संपर्क करने पर बसंतकुंज स्थित आवास से उनके भाई
रॉय मथेरानी ने बताया अनिल इस समय अपने आवास पर उपलब्ध नहीं हैं । वह दिल्ली में ही
हैं, लेकिन इस समय उपलब्ध नहीं होंगे । उनके पारिवारिक सूत्रों ने इन खबरों को गलत
बताया कि मथेरानी से पूछताछ की जा रही है । पूरा बयान संदर्भ से बाहर है । यही वजह
है कि दिल्ली में होने के बावजूद वे मीडिया के सामने नहीं आ रहे । क्योंकि मीडिया
में पूरी तौर पर इस बारे में अटकलबाजी की जा रही है । यह उस पत्रिका समूह द्वारा
उनकी निजता (प्राइवेसी) में सीधा दखल है । उनके आवास पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए
जाने की बाबत दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त राजेश कुमार ने बताया कि मथेरानी की
मां और परिवार के अन्य सदस्य बसंतकुंज वाले आवास में रह रहे हैं । इसलिए सुरक्षा
बढ़ाई गई है । मालूम हो कि मथेरानी ने पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह पर कांग्रेस
पार्टी के प्रभाव का गलत इस्तेमाल कर इराक में संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा चलाए गए
तेल के बदले अनाज कार्यक्रम से फायदा उठाने का आरोप लगाया था । प्रवर्तन निदेशालय
के प्रमुख सुधीर नाथ ने कहा कि एक पत्रिका में मथेरानी के साक्षात्कार के सभी
तथ्यों पर जांच - पड़ताल की जाएगी । मथेरानी के साथ पूछताछ का सिलसिला लंबा होने का
अनुमान लगाया जा रहा है । क्योंकि तीनों एजेंसियां बारी - बारी से पूछताछ कर रही
हैं । सरकार के कुछ अन्य विभाग भी आने वाले दिनों में मथेरानी से पूछताछ करेंगे ।
सूत्रों के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम विशेष निदेशक एस. के. पांडा के
नेतृत्व में इराकी अधिकारियों से बातचीत करने बगदाद रवाना होने वाली है । जनवरी,
२००१ में नटवर सिंह ने एआईसीसी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य के रूप में इराक की यात्रा
की थी । यात्रा के दौरान जिन अधिकारियों से उनकी बातचीत हुई थी, उन्हीं अधिकारियों
से यह टीम भी बातचीत करेगी । प्रवर्तन निदेशालय के एक सूत्र ने बताया कि पूरे मामले
को प्रकाश में लाने के लिए हम अधिक से अधिक लोगों से मिलकर तथ्यों को एकत्रित करने
की कोशिश करेंगे । मथेरानी ने पत्रिका से बातचीत के क्रम में कहा था कि इराक में
संयुक्त राष्ट्र द्वारा चलाए जाने वाले तेल के बदले अनाज कार्यक्रम के सिलसिले में
भारत से गए प्रतिनिधिमंडल में अपने बेटे जगतसिंह और उसके मित्र अंदलीब सहगल के साथ
नटवर सिंह भी शामिल थे । जबकि जगत सिंह ने कहा है कि अंदलीब उस प्रतिनिधिमंडल में
शामिल नहीं था । बिजली संकट के कारण राज्य में लोगों में उबाल आ गया है । बिजली की
अनियमित आपूर्ति से गुस्साए लोगों ने बृहस्पतिवार को अलग - अलग स्थानों पर जाम लगा
दिया । पलवल के पृथला में पुलिस ने लाठियां भांज कर जाम लगा रहे लोगों को खदेड़
दिया । इसके विरोध में ग्रामीणों ने पुलिस पर पथराव कर दिया । इस बीच बिजली कटौती
से गुस्साए लोगों ने बुधवार रात भिवानी के जैन चौक स्थित बिजली सबस्टेशन में जमकर
तोड़फोड़ की तथा निगम व पुलिस कर्मचारियों के साथ हाथापाई की । कुरुक्षेत्र जिले
में कई स्थानों पर लोगों ने जाम लगाया । उल्लेखनीय है कि बिजली संकट से बिफरे लोगों
ने बुधवार को भिवानी जिले में जाम लगा दिया था, जबकि रोहतक में एक जेई को बंधक बना
लिया था । बिजली संकट से नाराज पलवल के पृथला के लोगों द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग
पर जाम लगाने की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने के विरोध में ग्रामीणों ने
बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया । गौरतलब है कि पृथला के लोगों
ने मंगलवार को बिजली संकट को लेकर छह घंटे तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया
था । पुलिस ने इस मामले में बुधवार को करीब २५ लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय राजमार्ग
जाम करने, पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट पर उतारू होने और वाहन चालकों को जान से
मारने की धमकी देने की रिपोर्ट सदर थाने में दर्ज करा दी । बताया गया है कि
बृहस्पतिवार को कुछ लोगों की प्रशासन और विद्युत अधिकारियों से बात हुई, जिसमें
उन्होंने करीब १२ बजे पृथला पहुंचने का आश्वासन दिया था । लेकिन किसी अधिकारी के
नहीं पहुंचने पर करीब १२.३० बजे लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया । करीब
१.१५ बजे पुलिस ने जबरदस्ती जाम खुलवा दिया । इस पर लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू
कर दिया । पुलिस ने भी इसका जवाब पत्थरों से दिया और लाठियां भांजकर लोगों को वहां
से भगा दिया । गांव में तनाव बना हुआ है । लोगों ने अंबेडकर चौक पर तीन घंटे तक जाम
लगाए रखा । जाम की सूचना मिलने पर थाना शहर थानेसर के प्रभारी राम निवास दल - बल के
साथ मौके पर पहुंचे और जाम खुलवाने का प्रयास किया । इस पर पुलिस व गुस्साए लोगों
के बीच मामूली झड़प भी हुई । प्रदर्शनकारी महिलाएं लाठी - डंडे लेकर बीच सड़क में
खड़ी हो गईं । गुस्साए लोगों ने जाम से निकलने का प्रयास करने वाले कई नागरिकों की
धुनाई कर डाली । उन्होंने लोगों को आश्वासन देकर जाम खुलवाया । वहीं बिजली - पानी
की समस्या को लेकर भारतीय किसान यूनियन के नेता बलविंद्र सिंह बाजवा के नेतृत्व में
१४ गांवों के लोगों ने कुरुक्षेत्र - पिहोवा मार्ग स्थित भौर सैयदां बस अड्डे के
सामने सुबह छह बजे से दोपहर १२ बजे तक जाम लगाए रखा । बिजली विभाग के अधीक्षण
अभियंता एस. सी. अरोड़ा मौके पर पहुंचे और १५ अगस्त तक बिजली की सुचारु व्यवस्था
करने का आश्वासन दिया । इस बीच बिजली कटौती से गुस्साए लोगों ने बुधवार रात १२ बजे
भिवानी के जैन चौक स्थित ११ केवी इंडोर बिजली सबस्टेशन में जमकर तोड़फोड़ की तथा
निगम व पुलिस कर्मचारियों के साथ हाथापाई की । भीड़ ने सबस्टेशन के दरवाजे के शीशे
व कूलर को क्षतिग्रस्त कर दिया । कर्मचारियों ने इसकी सूचना शहर थाना पुलिस को दी ।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को काबू करने का प्रयास किया, लेकिन गुस्साए लोगों
ने पुलिस कर्मचारियों के साथ भी हाथापाई की । मौके पर पहुंचे एसडीओ महेंद्र सिंह व
अन्य लोगों ने बीच - बचाव करके मामले को शांत कराया गया । पुलिस ने इस मामले में १०
- १५ लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है । तमिलनाडु सरकार ने बुधवार को सुप्रीम
कोर्ट में मद्रास हाईकोर्ट के कांची शंकराचार्य को राधाकृष्णन हमले के मामले में
जमानत देने के फैसले को चुनौती देते हुए याचिका दायर की । प्रधान न्यायाधीश आर. सी.
लाहोटी के नेतृत्व वाली खंडपीठ के समक्ष बुधवार को शंकररमन हत्या के मामले में
शंकाराचार्य की जमानत याचिका के साथ बृहस्पतिवार को विशेष अनुमति याचिका पर सुनवाई
का अनुरोध करने पर खंडपीठ ने इससे इनकार कर दिया । खंडपीठ ने कहा कि नई याचिका पर
अलग से सुनवाई होगी । खंडपीठ ने तमिलनाडु सरकार के वकील के. टी. एस. तुलसी की दोनों
विशेष अनुमति याचिकाओं पर बृहस्पतिवार को साथ सुनवाई करने की मांग खारिज कर दी ।
तुलसी ने कहा कि याचिका को सूचीबद्ध किया जा चुका है और इस पर बृहस्पतिवार को
सुनवाई करने का अनुरोध किया जा रहा है । इससे पहले ३ दिसंबर को हाईकोर्ट ने इस
मामले में शंकराचार्य की जमानत याचिका स्वीकार कर ली थी । अय्यर को मंगलवार रात को
विशेष जांच दल ने गिरफ्तार करने के बाद आधी रात को मजिस्ट्रेट के घर पेश किया ।
मजिस्ट्रेट ने अय्यर को १९ जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए ।
विश्वनाथ अय्यर को शंकररमन की हत्या करने वाले पांचों लोगों को गिरोह के लिए पैसे
की व्यवस्था करने और बांटने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है । विशेष जांच दल
द्वारा अय्यर से मंगलवार को पूछताछ करने के बाद गिरफ्तार किया । भारतीय भूगर्भ
सर्वेक्षण (जीएसआई) के निदेशक सुजीत दासगुप्ता ने बुधवार को दावा किया कि अब से ७५
साल बाद २०८० में देश के पूर्वी तटों पर सुनामी लहरों की वापसी होगी । दासगुप्ता ने
बताया कि ३१ दिसंबर, १८८१ में अंडमान निकोबार द्वीप समूह के नीचे आए भूकंप से
उत्पन्न हुई सुनामी लहरें बंगाल की खाड़ी में ०.८ मीटर की अधिकतम ऊंचाई के साथ दर्ज
की गई थीं । जीएसआई के अनुसार १८८१ के पैटर्न वाले घटनाक्रम के ११४ से २०० सालों
में दोहराए जाने की संभावना है । इसका आधार प्लेट क्लोजर वेक्टर और जीपीएस कंवजेस
दर है । अगर जीएसआई का आकंलन सही है तो २०८० में पूर्वी तटों की चट्टानों से सुनामी
लहरें दोबारा टकरा सकती हैं, तो उन्होंने कहा कि यह बात बंगाल व उड़ीसा दोनों के
लिए संभव है । जब उनसे पूछा गया कि सुनामी लहरों ने इस बार पश्चिम बंगाल को कैसे
बख्श दिया, तो उन्होंने बताया कि सुमात्रा में आए भूकंप से समुद्र तल में उठी लहरों
का रुख दक्षिण तट पर परपेंडीकुलर था जबकि पश्चिम बंगाल तट एक्यूट एंगिल पर था ।
१८८१ की इस घटना से भी पहले १७३७ में भी ऐसा ही भूकंप आया था । इस तीव्र भूकंप का
केंद्र मिदनापुर था । दर्ज रिकार्ड के मुताबिक उस समय आए इस सुनामी कहर से तीन लाख
से अधिक लोग हताहत हुए थे । जीएसआई के निदेशक ने कहा कि जो लोग नदी किनारे बसे हैं
उन लोगों पर इतना खतरा नहीं है जितना समुद्र के किनारे बसे लोगों पर है । उन्होंने
कहा कि सुनामी लहरें आम तौर पर पूर्वी क्षेत्र में नहीं उठतीं । इसका असली गढ़
प्रशांत महासागर क्षेत्र है । जम्मू - कश्मीर पुलिस द्वारा भेजी गई अश्लील सीडी में
जो लड़की है वह पूर्व मिस जम्मू अनारा गुप्ता नहीं है । हैदराबाद स्थित फोरेंसिक
साइंस लेबोरेटरी ने सीडी की जांच के बाद बुधवार को यह घोषणा की । आंध्र प्रदेश
फोरेंसिक लेबोरेटरी (एपीएफएल) के निदेशक के. पी. सी. गांधी ने संवाददाताओं को बताया
कि हमने जम्मू - कश्मीर पुलिस द्वारा भेजी गई सामग्री की जांच की और इस नतीजे पर
पहुंचे कि सीडी में दिखाई गई लड़की अनारा गुप्ता नहीं है । यह सीडी एपीएफएल को
जम्मू - कश्मीर पुलिस द्वारा पिछले साल ३१ दिसंबर को भेजी गई थी । पुलिस ने अश्लील
फिल्म बनाने के आरोप में अनारा गुप्ता और एक केबल ऑपरेटर को ४ नवंबर, २००४ को
गिरफ्तार किया था । बाद में उन्हें जमानत पर रिहा किया गया था । आरोपों के खिलाफ
शिकायत के लिए अनारा दिल्ली जाना चाहती थी, लेकिन जम्मू - कश्मीर हाईकोर्ट ने उसे
इसकी इजाजत नहीं दी । हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अनारा ने ३ जनवरी को सुप्रीम कोर्ट
का दरवाजा खटखटाया । अनारा की ओर से सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर कर
२१ दिसंबर के हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई । एक स्थानीय कोर्ट ने
अनारा को दिल्ली जाने की इजाजत दे दी थी, लेकिन हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी ।
अनारा ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग से पुलिस उत्पीड़न और
अवैध तरीके से गिरफ्तार करने की शिकायत करने के लिए दिल्ली जाने की इजाजत मांगी थी
। हाईकोर्ट के आदेश को देखते हुए अनारा की मां दिल्ली गई और राष्ट्रीय मानवाधिकार
आयोग तथा राष्ट्रीय महिला आयोग से शिकायत की । लैब रिपोर्ट आने के बाद राज्य पुलिस
ने आज एक उच्चस्तरीय बैठक की और मामले में आगे की कार्रवाई की रणनीति तय की । उसे
पुलिस ने फंसाया है । उसने कहा कि फोरेंसिक लैब की रिपोर्ट से हमें काफी राहत मिली
है । इसके साथ ही उसने कहा कि हम पुलिस को सबक सिखाने के लिए संघर्ष जारी रखेंगे ।
वह इस मामले में केंद्रीय गृहमंत्री को लिखने वाली हैं । उन्होंने कहा कि आयोग को
इस बात की बेहद खुशी है कि हैदराबाद फोरेंसिक लैब ने बहुत जल्द इस मामले में अपनी
रिपोर्ट दे दी । उन्होंने कहा कि दायरे से बाहर होने के बावजूद आयोग ने अनारा
गुप्ता की माता राजरानी की शिकायत पर कार्रवाई की, क्योंकि हर महिला के संवैधानिक
अधिकारों की रक्षा करना आयोग का दायित्व है । फिल्मों और टीवी सीरियलों में आपने
अक्सर देखा होगा कि किसी दुर्घटनावश किसी पात्र की याद्दाश्त चली जाती है । भारतीय
जनता पार्टी के साथ भी लगता है, कुछ ऐसा ही हो रहा है । पार्टी की राष्ट्रीय
कार्यकारिणी अपनी स्थापना की स्वर्ण जयंती मनाने के लिए आज दिल्ली के अम्बेडकर
स्टेडियम के 'दीन दयाल नगर' में मिली । लेकिन, उसे लोकसभा चुनावों की हार से पहले
का सारा इतिहास शायद भूल गया है । कार्यकारिणी में आज पास प्रस्तावों से तो यही
आभास मिलता है । इसमें विचारधारा से जुड़े मुद्दों का कोई जिक्र नहीं है । पार्टी
का सारा ध्यान शासन से जुड़े मुद्दों पर है । यूपीए के आंतरिक मतभेदों में भाजपा
संभावनाएं तलाश रही है । अपने पच्चीस साल के जश्न पर पार्टी ने पीछे मुड़कर देखने
की जरूरत नहीं समझी । छह साल की सत्ता के व्यामोह से पार्टी नेतृत्व निकलने को
तैयार नहीं दिखता । सत्ता में रहते हुए उसके अपने वैचारिक परिवार के संगठनों से
दूरी लगातार बढ़ती गई । पार्टी कार्य - कर्ता की शिकायत थी कि सत्ता में आने के बाद
पार्टी अपनी मूल विचारधारा से ही अलग हो गई । विचारधारा के जो मुद्दे उसे पार्टी के
लिए काम करने के लिए प्रेरित करते थे वे तो रहे नहीं और सत्ता में उसे कांग्रेस
सरीखी भागीदारी भी नहीं मिली । उन्हें उम्मीद थी कि इस बैठक में पार्टी का शीर्ष
नेतृत्व उन्हें कोई दिशा देगा और विचारधारा के स्तर पर छह साल के कुहासे को छांटने
का प्रयास करेगा । ऐसे सभी लोगों को आज के प्रस्तावों से निराश होना स्वाभाविक है ।
छह साल की सत्ता के दौरान कार्य - कर्ता अपने नेताओं की पंचतारा संस्कृति के प्रति
प्रेम से हताश हो गए थे । पर अब तो पार्टी अध्यक्ष ही कह रहे हैं कि पंचतारा
संस्कृति में कोई हर्ज नहीं है । पार्टी की रजत जयंती मनाने के प्रस्ताव में इस बात
का जिक्र है कि देश की राजनीति में भाजपा एक विशिष्ट वैचारिक ध्रुव के रूप में खड़ी
रही । यह भी कहा गया है कि रजत जयंती हमें अवसर प्रदान करती है कि छह अप्रैल १९८०
को हमने अपने लिए जो आदर्श और लक्ष्य तय किए थे उनके प्रति फिर से समर्पण दिखाएं ।
रजत जयंती मनाने वाले और राजनीतिक प्रस्ताव में इस बात का कोई जिक्र नहीं है कि
पार्टी ने पच्चीस साल पहले जिस रास्ते पर चलने का संकल्प लिया था, वह रास्ता क्या
वही है जिस पर वह आज खड़ी है । क्या पार्टी उस समय भी मानती थी कि विचारधारा पर
आधारित संगठन के विकास की अपनी सीमाएं हैं । और क्या सत्ता के लिए विचारधारा से
विचलन आवश्यक है । जिस विचारधारा पर पार्टी गर्व करने की बात कर रही है उस पर वह आज
कहाँ खड़ी है? पार्टी की पंचतारा संस्कृति में देश के आम आदमी और आम कार्य - कर्ता
की जगह कहाँ है? गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के लिए भारत सरकार जापान से कर्ज लेगी
। यह प्लान इन शहरों में वर्ष २०३० की अनुमानित जनसंख्या को आधार मानकर तैयार किए
गए हैं । इसमें से वाराणसी के मास्टर प्लान को केंद्र सरकार ने अनुमोदित भी कर दिया
है जबकि इलाहाबाद, कानपुर और लखनऊ का प्लान अभी विचाराधीन है । गंगा में प्रदूषण के
वैसे बहुत से कारण हैं पर सबसे बड़ी वजह इसमें सीवेज और कारखानों से निकलने वाले
अवशिष्ट का गिरना है । गंगा में सर्वाधिक गंदगी फैलाने वाले इलाहाबाद, कानपुर, लखनऊ
और वाराणसी में इस समस्या से निजात पाने के लिए राज्य सरकार की पहल पर भारत सरकार
ने जापान सरकार से वित्तीय सहायता लेने का निर्णय बहुत पहले लिया था । राष्ट्रीय
नदी संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत होने वाले इस कार्य के लिए जापान बैंक फॉर
इंटरनेशनल कोऑपरेशन (जेबीआईसी) से ऋण के रूप में भारत सरकार को रक़म उपलब्ध कराई
जाएगी । इस काम पर जितनी रक़म खर्च होगी, उसका ८५ प्रतिशत भारत सरकार जापान से लिए
गए कर्ज से अनुदान के रूप में राज्य सरकार को देगी जबकि शेष १५ प्रतिशत अंश प्रदेश
सरकार को देय होगा । वाराणसी जिले के मास्टर प्लान और फिजिबिलिटी रिपोर्ट का केंद्र
सरकार ने अनुमोदन कर दिया है और प्रस्तावित कार्यों के लिए जापान सरकार तथा भारत
सरकार के बीच अनुबंध पर हस्ताक्षर भी हो चुका है । प्लान में शामिल १६ कार्यों का
इस्टीमेट जल निगम की ओर से बनाया जा रहा है । इलाहाबाद, कानपुर और लखनऊ का मास्टर
प्लान केंद्र सरकार को भेजा जा चुका है । इलाहाबाद उत्तरी के विधायक डॉ. नरेंद्र
कुमार सिंह गौर ने २० मार्च २००६ को इस मसले को विधानसभा में उठाया था । जिस पर नगर
विकास मंत्री आजम खाँ ने अपने जवाब में डॉ. गौर को यह जानकारी दी है तथा आश्वस्त
किया है कि इस बारे में केन्द्र सरकार से लगातार पत्र व्यवहार किया जा रहा है । डॉ.
गौर का कहना है कि गंगा प्रदूषण को रोकने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना के प्रति
सरकार बहुत गंभीर नहीं है । उन्होंने इस काम में और तेजी लाने की मांग की है । यानि
कंप्यूटर से लेकर नेटसर्फिंग करना उसकी हॉबी में शुमार हो तो फिर समझिए आपका काम बन
गया । इन दिनों इंटरनेट के जरिए मनमोहक खुशबू भेजने का चलन बढ़ रहा है । यह कमाल
बीते सप्ताह बाजार में आई एक साफ्टवेयर कंपनी ने किया है । साफ्टवेयर कंपनी ने
'मल्टीफ्रेगरेंस' किट बाजार में उतारी है । साफ्टवेयर कंपनी ने प्यार करने वालों के
लिए नायाब तोहफा तैयार किया है । इसके जरिए सुदूर बैठकर भी कोई व्यक्ति अपने घर में
मौजूद छोटी बच्ची से लेकर अपनी पत्नी या प्रेमिका को नेट के जरिए मनचाही सुगंध
सैकड़ों में बिना किसी खर्च के भेज सकता है । इस साफ्टवेयर के कारण स्क्रीन पर
दिखाए जाने वाले फूलों की खुशबू महसूस करने की बातें अब कागज़ी नहीं रह गई हैं,
बल्कि इनको हक़ीकत में बदल दिया गया है । कंप्यूटर साफ्टवेयर कंपनियों ने
'मल्टीफ्रेगरेंस' किट बाजार में उतारी हैं । इस किट में कई खुशबू और साफ्टवेयर दिया
जाता है, हालांकि यह किट अभी बड़े शहरों में ही आई है । अगर आपके कंप्यूटर में
यूएसबी पोर्ट है तो समझो बन गई बात । किट को यूएसबी पोर्ट से लगाइये और भेज दीजिए
अपने दोस्तों, रिश्तेदारों और प्रेमिका को मनचाही खुशबू । इसमें सिर्फ इस बात का
ख्याल रखने की जरूरत है कि ई - मेल पाने वाले के पास भी इस तरह की किट हो । जिस
खुशबू को आप सलेक्ट करके एंटर दबाएंगे, वही खुशबू ग्रीटिंग कार्ड के साथ ई - मेल
रिसीवर तक पहुँच जाएगी । अब आपको चैट करते वक्त हेलो, हाय और बाय लिखने की बात भी
पुरानी हो चली है । अनुराग भठेजा ने बताया कि याहू और अन्य कंपनियों ने नए - नए
वर्जन के मैसेंजर उपलब्ध करवाए हैं । मैसेंजर द्वारा उपलब्ध ओडीबल्स द्वारा आप
मनपसंद आवाज में हाय, हेलो और बाय कह सकते हैं । ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन की
ओर से एमबीए व समकक्ष एजुकेशनल प्रोग्राम में प्रवेश के लिए ६ फरवरी, २००५ को मैट
(मैनेजमेंट एप्टीट्यूड टेस्ट) का आयोजन किया जाएगा । इसके लिए १५ जनवरी तक आवेदन
उपलब्ध होंगे । बिजनेस मैनेजमेंट पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए मिनिस्ट्री ऑफ
ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट से मान्यता प्राप्त यह परीक्षा फरवरी, मई, सितंबर व
दिसंबर के पहले रविवार को वर्ष में चार बार अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होती है । ६
फरवरी को आयोजित होने वाले मैट का आवेदन 'एआईएमए सीएमएस' के पक्ष में नई दिल्ली में
देय ५९० रुपये का डिमांड ड्राफ्ट देने पर दिया जाता है । फेडरेशन कप फुटबाल
चैपिंयनशिप के फाइनल में रविवार को एक दुखद घटना के तहत ब्राजिलियन स्ट्राइकर
क्रिस्टियनो डि लिमा जूनियर की मैदान पर ही मौत हो गई । मुक़ाबला मोहन बागान और
डेंपो के बीच था । डेंपो स्पोर्टस क्लब के लिए क्रिस्टियनो ने दूसरा गोल दागा था ।
उन्हें मैदान पर ही चिकित्सा दी गई लेकिन इस होनहार खिलाड़ी की जान नहीं बचाई जा
सकी । हादसे के बाद दर्शक दीर्घा में सन्नाटा छा गया । डेंपो की चैंपियनशिप में
पहली खिताबी जीत के हीरो रहे २५ वर्षीय क्रिस्टियनो जूनियर पिछले साल ही भारत आए थे
। वह पहले ईस्ट बंगाल के लिए खेलते थे लेकिन इस सीजन में वह डेंपो के लिए खेलने लगे
। क्रिस्टियनो ने ४२वें मिनट में अपनी टीम के लिए पहला गोल दागा । इसके बाद ७८वें
मिनट में दूसरा गोल करने के दौरान वह गेंद को लेकर नेट की ओर आए । मोहनबागान के
गोलची सुब्रत पॉल भी गेंद की ओर लपके । क्रिस्टियनो हवा में थे और इसी दौरान संभवतः
पॉल की कोहनी उनके सीने से टकराई । वह जमीन पर चित हो गए । इसके बाद उन्हें एक निजी
अस्पताल ले जाया गया । जहाँ डॉक्टरों ने जूनियर को मृत घोषित कर दिया । होसमट
अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी सत्यप्रकाश ने बताया कि मौत का कारण
पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा । ईस्ट बंगाल के कोच सुभाष भौमिक ने यहाँ कहा कि
वह इस घटना से बेहद दुःखी हैं और इस पर कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हैं ।
भारत ने पहली बार खुलकर स्वीकार किया कि देश को परमाणु हमले का खतरा है । इसके साथ
ही केंद्र सरकार ने यह भी माना कि वह परमाणु हथियार से हमले की ऐसी किसी कोशिश को
नाक़ाम करने के लिए स्वतंत्र प्रतिरोधक क्षमता बनाने में अब नहीं चूकेगी । रक्षा
मंत्रालय की वार्षिक रिपोर्ट के मुताबिक स्वतंत्र प्रतिरोधक क्षमता बनाने के लिए
जरूरी रणनीतिक खेमेबंदी व किसी सैन्य गठबंधन की सदस्यता हासिल करनी होगी । भारतीय
सशस्त्र सेनाओं को आतंकवाद से पुख्ता सुरक्षा की चुनौतियों, निम्न तीव्रता के
संघर्ष, नाभिकीय हथियारों व मिसाइलों से हमले के खतरे का सामना करने के लिए पूरी
तरह से तैयार रहना होगा । रिपोर्ट में यह साफ - साफ कहा गया है कि पाकिस्तान
घुसपैठ, आतंकवाद, सैन्य दुस्साहस, नाभिकीय हथियार व मिसाइलों की तैनाती व धमकियों
का स्रोत रहा है । रक्षा मंत्रालय की इस रिपोर्ट में यह भी इंगित किया गया कि भारत
तेजी के साथ उत्तरी अफ्रीका से दक्षिण पूर्वी एशिया तक फैले आतंकवाद के घेरे में आ
रहा है । पाकिस्तान के साथ परस्पर विश्वास बढ़ाने के प्रयासों के तहत भारतीय सेना
ने जम्मू - कश्मीर में तैनात अपने पंद्रह हजार जवानों को अग्रिम मोर्चों से वापस
बुला लिया है । सेना के उच्च पदस्थ सूत्रों ने रविवार को इसकी जानकारी देते हुए
बताया कि वहाँ से एक ब्रिगेड और टुकड़ी वापस बुलाने के साथ - साथ कुछ ठिकानों के भी
स्थान परिवर्तित किए गए हैं । इन ठिकानों को १९९९ में 'ऑपरेशन विजय' के समय से ही
बनाया गया था और अब उन्हें पूर्व तैनाती स्थल पर भेजा जा रहा है । सूत्रों ने इस
प्रक्रिया को रूटीन की प्रक्रिया बताया है । पंजाब के मोहाली में मंगलवार से होने
वाले पहले टेस्ट मैच के लिए पाकिस्तान की क्रिकेट टीम मोहाली पहुँच गई है । उधर
पाकिस्तानी दर्शकों का भी चंडीगढ़ पहुँचना शुरू हो गया है । आज क़रीब तीन हजार
पाकिस्तानी दर्शक चंडीगढ़ पहुँचे । पाकिस्तान की टीम धर्मशाला से आज यहाँ सुबह
पहुंच गयी है । मोहाली पहुँचने के बाद पाकिस्तान की टीम सीधे पंजाब क्रिकेट
एसोसिएशन (पीसीए) स्टेडियम पहुँची और उसने नेट प्रैक्टिस की शुरुआत कर दी । भारतीय
टीम के अधिकांश सदस्य शनिवार को ही चंडीगढ़ पहुँच चुके हैं । दोनों ही टीमें
चंडीगढ़ के होटल माउंटव्यू में ठहरी हुई हैं । पुलिस ने इस होटल को पूरी तरह सील कर
दिया है । पाकिस्तानी दर्शक विशेष रेलगाड़ियों द्वारा अटारी रेलवे स्टेशन तथा वाघा
सीमा पार कर चंडीगढ़ पहुँच रहे हैं । इन जगहों से पाकिस्तानी दर्शकों को चंडीगढ़
लाने के लिए भारतीय रेलवे द्वारा विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं । पंजाब प्रशासन ने
वाघा सीमा से पाकिस्तानी दर्शकों को लाने के लिए विशेष बसों की भी व्यवस्था की है ।
पीसीए के अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया है कि इस मैच को देखने के लिए करीब
७५०० पाकिस्तानी दर्शक यहां पहुंचेंगे । पाकिस्तानी दर्शकों के स्वागत के लिए वाघा,
अटारी और अमृतसर में विशेष व्यवस्था की गयी है । इसके अलावा चंडीगढ़ के विभिन्न लोग
भी पाकिस्तानी दर्शकों को अपने यहां ठहरा रहे हैं । उल्लेखीय है कि चंडीगढ़ के
टैक्सी और ऑटो रिक्शा चालकों ने भी पाकिस्तानी दर्शकों को मोहाली स्टेडियम पहुंचाने
के लिए विशेष व्यवस्था की है । इस महत्वपूर्ण क्रिकेट मैच को देखते हुए चंडीगढ़ और
मोहाली में कड़ी सुरक्षा - व्यवस्था की गयी है । अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्लू.
बुश ने जलमे खलीलजाद को इराक में अमेरिका का नया राजदूत नियुक्त करने का फैसला लिया
है । खलीलजाद अफगानिस्तान में बुश के विशेष राजदूत रह चुके हैं । उल्लेखनीय है कि
इराक में अमेरिकी राजदूत का पद तब खाली हो गया था जब बुश ने जॉन नेग्रोपोंटे को इस
जिम्मेवारी से मुक्त कर नेशनल इंटेलीजेंस विभाग का नया निदेशक नियुक्त कर दिया । अब
नेग्रोपोंटे की जगह खलीलजाद लेंगे । अमेरिका ने कहा है कि खलीलजाद का राजनयिक
कैरियर लंबा रहा है । उन्हें इराक और उसके पड़ोसी मुल्कों के हालात की गहरी जानकारी
है । खलीलजाद ने कहा है कि वे इराक में लोकतंत्र और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए
इराकियों के साथ मिलकर काम करेंगे । अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलीजा राइस ने
खलीलजाद की नियुक्ति को परिपक्व फैसला करार दिया है । उन्होंने कहा कि इराक और
पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर नजर रखने के लिए खलीलजाद जैसे अनुभवी राजनयिक की
जरूरत है । हमें उम्मीद है कि खलीलजाद बगदाद में अमेरिका के राजनयिक मिशन को पूरा
करेंगे । पाकिस्तान के निर्वासित पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ ने राष्ट्रपति
परवेज़ मुशर्रफ के साथ किसी तरह की बातचीत या सौदेबाजी से साफ इन्कार किया है ।
शरीफ ने कहा कि ऐसा कोई भी कदम लोकतांत्रिक पाकिस्तान के लिए उनके छह वर्ष लंबे
संघर्ष पर पानी फेर देगा । फिर समझौता तो दूर की बात है । शरीफ ने कहा कि उन्हें इस
बात की कोई जानकारी नहीं है कि उनका निर्वासन समाप्त होने या स्वदेश वापसी के बारे
में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच क्या बातचीत हुई है? शरीफ का यह बयान ऐसी
रिपोर्टों के बीच आया है कि जिनमें कहा है कि मुशर्रफ ने शरीफ के साथ राजनीतिक सुलह
के लिए सऊदी शाही परिवार से मदद मांगी है । जबकि शरीफ ने मीडिया की उन रिपोर्टों की
पुष्टि की है कि उन्होंने नए पासपोर्ट के लिए आवेदन किया है । इसे उन्होंने रूटीन
मामला बताया । उन्होंने कहा कि सरकार मेरे पासपोर्ट का नवीनीकरण करके मुझ पर कोई
अहसान नहीं कर रही है । नवीनीकरण के लिए मेरा आवेदन एक नियमित प्रक्रिया है और इसके
समय और संयोग को कुछ अखबारों में प्रकाशित खबरों के साथ पूर्व नियोजित योजना के रूप
में नहीं देखा जाना चाहिए । शरीफ ने पासपोर्ट के लिए अपना आवेदन मुशर्रफ की पिछले
सप्ताह सऊदी अरब की यात्रा के समय किया था । शरीफ ने कहा कि वे मुशर्रफ के साथ
समझौता कर अपना त्याग विफल नहीं जाने देंगे । पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके और
पीएमएल - एन के लिए एक लोकतांत्रिक पाकिस्तान के लिए पूरा संघर्ष तानाशाह के साथ
समझौता करके फिज़ूल साबित होगा । संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता
से संबंधित जी - ४ के देशों का अफ्रीकी संघ द्वारा खारिज करने का यह अर्थ नहीं है
कि अफ्रीकी संघ भारतीय दावेदारी का विरोध करता है । सूत्रों का कहना है कि आंतरिक
गुटबाजी एवं कलह के कारण ही अफ्रीकी संघ ने जी - ४ के प्रस्ताव को खारिज किया है ।
विशेषज्ञों के अनुसार अफ्रीकी संघ के अंदर कई सदस्यों के बीच गहरे मतभेद विद्यमान
हैं । गौरतलब है कि लंदन में जी - ४ के देशों के साथ हुई बैठक में अफ्रीकी संघ ने
जी - ४ के साथ संयुक्त प्रस्ताव पेश करने पर सहमति व्यक्त की थी, लेकिन इथियोपिया
की राजधानी आदिस अबाबा में हुई अफ्रीकी संघ की शिखर बैठक में संयुक्त प्रस्ताव पेश
करने के विचार को सिरे से ही ठुकरा दिया गया । अफ्रीकी संघ के इस निर्णय से भारत,
जर्मनी एवं जापान की उम्मीदों पर पानी फिर गया प्रतीत होता है । भारत ने अफ्रीकी
संघ के रुख को खेदजनक करार दिया है । एक कूटनीतिक सूत्र ने बताया कि अफ्रीकी संघ के
करीब ३५ देशों ने अभी भी जी - ४ के संयुक्त प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज नहीं
किया है लेकिन वे मतदान के समय अफ्रीकी संघ द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव को ही
मानेंगे । गौरतलब है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में जी - ४ के प्रस्ताव को दो -
तिहाई बहुमत हासिल करने के लिए १२८ देशों के समर्थन की जरूरत पड़ेगी । अफ्रीकी संघ
के पीछे हट जाने से जी - ४ के प्रस्ताव पर अब संकट विद्यमान हो गया है । अफ्रीकी
संघ में ५३ देश हैं और इनका समर्थन किसी भी प्रस्ताव को पारित कराने के लिए जरूरी
है । बिहार में पटना जिले के बख्तियारपुर पुलिस थाना क्षेत्र स्थित मोहम्मदपुर गाँव
में हरियाणा के दो मजदूरों की हत्या कर दी गयी । इसके पीछे जबरन वसूली करने वाले
बदमाशों की भूमिका बताई जा रही है । इन मजदूरों की पहचान राजीव कुमार और गोपाल सिंह
के रूप में हुई है । पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इन दोनों को उस वक्त गोली
मारी गयी जब वे सोए हुए थे । अधिकारी ने बताया कि कुछ स्थानीय बदमाश इन दोनों
मजदूरों के ठेकेदार से रंगदारी टैक्स की माँग कर रहे थे । ठेकेदार ने रंगदारी टैक्स
देने से इन्कार कर दिया था । इससे नाराज होकर बदमाशों ने इन दोनों मजदूरों की हत्या
कर दी । वे दोनों मजदूर एक रेलवे परियोजना में मिट्टी खोदने वाली मशीनों के संचालन
से जुड़े हुए थे । पुलिस का मानना है कि इसके पीछे एक स्थानीय आपराधिक गिरोह की
भूमिका है । इस हत्याकांड के सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है ।
उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है । पटना प्रशासन ने मोहम्मदपुर में सशस्त्र
पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी है । अभी भी इस परियोजना में हरियाणा और पंजाब के कई
मज़दूर काम कर रहे हैं । इन सभी की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया
है । पटना के पास एक गाँव में अप्रैल में हरियाणा के दो और पंजाब के एक मजदूर की
हत्या कर दी गयी थी । ये मजदूर एक विकास परियोजना से जुड़े हुए थे । हत्यारों की
तलाश के लिए मोहम्मदपुर और उसके आसपास के इलाकों में दबिश दी जा रही है । मानव
संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह ने बुधवार को राज्य सरकारों से एकीकृत बाल विकास
सेवा (आईसीडीएस) का वैश्वीकरण सुनिश्चिचत करने के लिए स्वयं प्रतिबद्ध रहने को कहा
। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्रियों के दो दिवसीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए
सिंह ने राज्यों से सभी नागरिकों विशेषकर बच्चों को शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं
मुहैया कराने के लिए सभी प्रयास करने का अनुरोध किया । इस मौके पर उन्होंने कहा कि
यह हमारे अपने बच्चों का मामला है । हम ऐसा कर सकते हैं और हमें ऐसा करना चाहिए ।
यह सब हमारी प्रतिबद्धता, श्रम और प्रयासों से संभव हो सकेगा । उन्होंने कहा कि इस
लक्ष्य को पाने के लिए हमें सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने होंगे । यह अपनी प्रतिबद्धता
को ज़ाहिर करने और दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की भूमि पर अपनी प्रतिबद्धता के
प्रति समर्पित होने का मौका है । इसके लिए हमें हर व्यक्ति के लिए एक कार्य - योजना
तैयार करनी होगी, जिसे लागू किया जाना चाहिए । सिंह ने कहा कि केवल सही योजना से ही
लक्ष्य पाया जा सकता है और प्रयासों का नतीजा मिलेगा । उन्होंने कहा कि यह आंगन -
बाड़ी केंद्रों से जिलों, राज्यों और केंद्र स्तर पर लागू किया जाना चाहिए ।
उन्होंने कहा कि एक ऐसा तरीका तैयार किया जाना चाहिए जो इस बात की जानकारी दे सके
कि हम कहाँ गलत हैं और क्या सही उपाय किए जाने चाहिए? राज्यों और केंद्र को लगातार
इस बात का अहसास होना चाहिए कि लक्ष्य के लिए हम क्या प्रयास कर रहे हैं? इस मौके
पर मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री कांति सिंह ने कहा कि पैसा मंजूर करना अपने आप
में पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि आवंटन वास्तविक
जरूरतमंदों तक पहुँचे । देश में आगामी पाँच साल में 5 करोड़ 60 लाख रोजगारों के
सृजन के लिए राष्ट्रपति ए. पी. जे. अब्दुल कलाम ने बुधवार को आठ योजनाओं की वकालत
की है । भारत में आय और रोज़गार की सुरक्षा विषय पर आयोजित एक अंतर्राष्ट्रीय
सेमिनार का उद्घाटन करते हुए उन्होंने कहा, देश में 3 करोड़ साठ लाख लोग बेरोजगार
हैं और कृषि क्षेत्र में लगे 10 फीसदी लोगों के लिए मूल्य आधारित रोजगार के निर्माण
की जरूरत है । उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास 7 करोड़ 60 लाख लोगों के लिए लाभदायक
रोजगार की तलाश होना चाहिए । राष्ट्रपति ने कहा कि जैव ईंधन पौधों की खेती, जल
संरक्षण और बांस मिशन जैसी योजनाओं से भारी पैमाने पर लोगों को रोजगार मिल सकता है
। कलाम ने कहा कि जैव ईंधन के पौधों को बेकार पड़ी जमीन में उगाया जा सकता है ।
उन्होंने कहा कि एक करोड़ 10 लाख हेक्टेयर में इनकी खेती से 20,000 करोड़ रुपये का
राजस्व प्राप्त किया जा सकता है और एक करोड़ 20 लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है ।
उन्होंने कहा कि बांस के पौधों की खेती के विस्तार के लिए एकीकृत कार्यक्रम बांस
मिशन में 86 लाख लोगों को रोजगार मिलने के साथ 6,500 करोड़ रुपये का कारोबार हो
सकता है । राष्ट्रपति ने कहा कि परंपरागत जल स्रोतों को दोबारा जीवित करने और जल
संरक्षण से तीन - चार साल के लिए 60 लाख रोजगार के अवसरों का सृजन हो सकता है और यह
लक्ष्य पूरा हो जाने के बाद इसके रख - रखाव में भी लोगों को रोजगार मिलेगा ।
उन्होंने कहा कि कपास उत्पादन बढ़ाकर भारत दुनिया के कपड़ा कारोबार में अपनी
हिस्सेदारी 12 से बढ़ाकर 25 फीसदी कर सकता है । उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं
में विस्तार करके 600,000 डॉक्टरों और 1 करोड़ 20 लाख पारा मेडिकल कर्मचारियों को
सीधा रोजगार दिया जा सकता है । ग्रामीण ज्ञान केंद्र को उन्होंने रोजगार का एक अन्य
स्त्रोत बताया । उन्होंने कहा कि युवा उद्यमियों का हौसला बढ़ाने के लिए र्बैकों को
गाँव स्तर पर पूँजी उपलब्ध करानी चाहिए । धर्मान्तरण को लेकर बहस एक बार फिर गर्म
हो सकती है । राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की ओर से गठित विशेषज्ञों की समिति ने पाया
है कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बड़े पैमाने पर दलितों का
धर्मान्तरण हो रहा है । ये दलित बौद्ध धर्म अपना रहे हैं और इसके चलते बौद्धों की
संख्या में इजाफा भी हो रहा है । उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी के अभियान और
महाराष्ट्र में अंबेडकर के प्रभाव ने 'बौद्ध आबादी' की प्रेरणा का काम किया । तीन
सदस्यीय इस समिति के अध्यक्ष जनगणना विशेषज्ञ आशीष बोस हैं । बोस दिल्ली
विश्वविद्यालय के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकनॉमिक्स स्टडीज़ में मानद प्रोफेसर हैं ।
अन्य सदस्यों में जेएनयू के डॉ. मैरी भट्ट और डॉ. पी. एम. कुलकर्णी हैं । मुसलमानों
की बढ़ती आबादी को लेकर हालिया जनगणना रपट पर उठे विवाद को देखकर अल्पसंख्यक आयोग
ने इस समिति का गठन किया था । समिति की रपट 8 जून को जारी हो रही है लेकिन अमर
उजाला को मिली जानकारी के मुताबिक समिति ने पाया है कि देश में बौद्धों की आबादी
बढ़ रही है । यह आबादी कितनी तेजी से बढ़ रही है इसकी जानकारी नहीं मिली लेकिन
प्रोफेसर बोस के मुताबिक उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और कर्नाटक में बौद्ध धर्म के
अनुयायियों की संख्या तेजी से बढ़ रही है । ये बौद्ध मूल लामा बौद्ध न होकर दलितों
से धर्म परिवर्तन कर के बन रहे बौद्ध हैं । राजनीतिक तौर पर इन्हें अंबेडकरवादी
माना जाता है । प्रोफेसर बोस के मुताबिक धर्म परिर्वतन की मुख्य वजह दलितों का
उत्पीड़न है । वे मानते हैं कि उत्तर प्रदेश में इसकी संख्या बढ़ने में बहुजन समाज
पार्टी के अभियान की भी मुख्य भूमिका है । महाराष्ट्र के जिन जिलों में बौद्ध धर्म
का विस्तार हो रहा है वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रभाव क्षेत्र वाले हैं । दार्लंग,
लद्दाख और सिक्किम जैसे पहाड़ी इलाके जहां पहले से बौद्ध धर्म के अनुयायी बड़ी
जनसंख्या में हैं वहाँ आबादी नहीं बढ़ी । प्रोफेसर बोस के मुताबिक दलितों को यह
महसूस हो रहा है कि ईसाई बनकर वे हमेशा हिंदूवादियों के निशाने पर रहेंगे और बौद्ध
धर्म में यह खतरा बिल्कुल नहीं है । अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष तिरलोचन सिंह कहते
हैं कि यह सही है कि बौद्ध धर्म हिंदुस्तान का एक पुरातन धर्म है और इसके
अनुयायियों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है लेकिन अफसोस की बात है कि उनके
शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक विकास और बेहतरी के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है
। पिछले महीने राजस्थान में कोटा से मुंबई के एक शेयर ब्रोकर के बेटे वैभव अग्रवाल
के अपहरण के मामले में पुलिस ने दो भाईयों को गिरफ्तार किया है । संजीव और पंकज
लबानिया को धौलपुर से गिरफ्तार किया गया और कोटा लाकर अदालत में पेश किया गया ।
इससे पहले पुलिस इस मामले के मुख्य आरोपी राहुल त्यागी, उसके सहयोगी जय कुमार और
अमीषी अग्रवाल को गिरफ्तार कर चुकी है । वैभव का अपहरण 10 जून को उसके हॉस्टल से
किया गया था । पुलिस ने उसे 28 जून को गाज़ियाबाद के पटेल नगर में एक फ्लैट से खोज
निकाला था । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख के. एस. सुदर्शन ने वोटों की
खातिर मुस्लिम और ईसाई समुदाय के तुष्टीकरण में लगे नेताओं की खिंचाई की है ।
सुदर्शन यहाँ रविवार रात को आरएसएस के तीसरे अखिल भारतीय प्रशिक्षण शिविर में कार्य
- कर्ताओं को संबोधित कर रहे थे । उन्होंने आरएसएस कार्य - कर्ताओं को उन 'वोट -
भूखे' नेताओं से चौकस रहने का उपदेश दिया, जो पूरे देश को कुछ नहीं समझते हैं ।
आरएसएस प्रमुख ने यह बात किसी नेता का नाम लिए बगैर कही । उनको यह उक्ति उस समय आई
है जब आरएसएस ने पाकिस्तान में पूर्व उप - प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी द्वारा की
गई टिथी की घोर निंदा की । भाजपा अध्यक्ष ने अपनी टिथी में पाकिस्तान के जनक
मोहम्मद अली जिन्ना की छवि को 'धर्मनिरपेक्ष' और 'इतिहास निर्माता' बताकर सबको
हैरान कर दिया । सुदर्शन ने कहा कि असम में एक करोड़ बांग्लादेशी घुसपैठ कर चुके
हैं । बहरहाल, राज्य नेतृत्व इसे मानने से लगातार इंकार कर रहा है । ऐसा इसलिए किया
जा रहा है कि नेताओं की नज़र मुस्लिम वोट बैंक पर है । अयोध्या के राम जन्म - भूमि
के विवादित परिसर में बने अस्थायी मंदिर पर हुए आतंकी हमले का सूत्रधार कौन है?
क्या इसमें आईएसआई की कोई भूमिका है । ये सवाल खुफिया और सुरक्षा एजेंसिंयों को
बुरी तरह मथ रहे हैं । जाँच में शुरुआती तौर पर इस हमले में लश्कर - ए - ताइबा के
हाथ होने के संकेत मिले हैं । लेकिन खुफिया विशेषज्ञों की राय में पाकिस्तान की
खुफिया एजेंसी आईएसआई ही इस हमले के लिए जिम्मेदार है । विशेषज्ञों को इस बात की भी
आशंका है कि ऐसा ही हमला देश के किसी अन्य धार्मिक स्थल पर भी किया जा सकता है ।
मंगलवार को हुए आतंकवादी हमले के बाद अब इससे निपटने के लिए सामूहिक प्रबंधन की बहस
भी छिड़ गई है । अयोध्या में कल हुए आतंकवादी हमले में शुरुआती तौर पर सुरक्षा
एजेंसिंयों को ये संकेत मिल रहे हैं कि लश्कर - ए - ताइबा ही इसके लिए जिम्मेदार है
। सुरक्षा एजेंसी के पास एक महीने पहले से यह जानकारी थी कि लश्कर देश में कुछ
धार्मिक स्थानों को निशाना बनाने की ताक में है । इसलिए वहाँ सुरक्षा का पुख्ता
इंतजाम किया गया था । वे बताते हैं कि पिछले कुछ सालों से आईएसआई ने अपने काम करने
के तरीके में बदलाव किया है । भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही शांति वार्ता के बीच
अब वह इस तरह के हमले को खुद न करके किसी अन्य को कॉन्ट्रैक्ट दे कर सांप्रदायिक
सद्भाव बिगाड़ने के लिए हिंसक घटनाओं को अंजाम दे रही है । नाथ ने सुरक्षातंत्र में
किसी खामी से इन्कार करते हुए कहा कि देश की सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं है
। पंजाब के पूर्व पुलिस महानिदेशक के. पी. एस. गिल भी इस हमले में आईएसआई का हाथ
होने से इन्कार नहीं करते हैं । वे मानते हैं कि पाकिस्तान और भारत सरकार शांति और
सौहार्द का माहौल पैदा करना चाहती हैं लेकिन आईएसआई का अपना अलग एजेंडा है । शांति
और सौहार्द बिगाड़ने में उसकी हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका रही है । बिहार में कोसी नदी
पर 323 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले रेलवे पुल को लेकर रेल मंत्री लालू प्रसाद
और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नितीश कुमार के बीच ठन गई है । दोनों ने शनिवार को
इस पुल का श्रेय लेने का एक दूसरे पर आरोप लगाया । नितीश ने कहा है कि घटते जनाधार
के चलते लालू राजग की पिछली सरकार द्वारा किए गए कार्य का लाभ उठाने का प्रयास कर
रहे हैं । कुमार ने कोसी नदी पर निर्मली में बनने वाले विशाल रेल पुल के निर्माण
कार्य का लालू द्वारा धूमधाम के साथ शुभारंभ किए जाने को लेकर उन पर इस परियोजना का
श्रेय लेने का आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि इस परियोजना का शिलान्यास पूर्व
प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने किया था । तब पुल परियोजना की जरूरी
औपचारिकताएं भी पूरी नहीं की गई थीं । लालू ने कहा कि मिथिलांचल के लोगों को गुमराह
करके वोट जुटाने के लिए ऐसा किया गया था । इस अवसर पर लालू ने सहरसा व सियाल्दह और
सहरसा व पटना के बीच दो अक्टूबर से दो नई ट्रेन शुरू करने की घोषणा भी की । इसके
पहले उन्होंने सहरसा रेलवे स्टेशन पर सहरसा - अमृतसर जनसेवा एक्सप्रेस को झंडी
दिखाकर रवाना भी किया । मुंबई में सेंटॉर होटलों की बिक्री के मामले में नियंत्रक
एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट एक बड़ा विवाद खड़ा कर सकती है । कैग ने
शुक्रवार को संसद में पेश अपनी रिपोर्ट में कहा कि मुंबई के जुहू सेंटॉर और
एअरपोर्ट सेंटॉर होटलों की बिक्री एकमात्र बोली के आधार पर की गई थी, जबकि इसे
कंपटीटिव बिडिंग (प्रतिस्पर्धात्मक बोली) के आधार पर किया जाना चाहिए था । इस मामले
में प्रतिस्पर्धा, मूल्यांकन और आरक्षित मूल्य निर्धारण जैसे मुद्दों का लाभ नहीं
उठाया गया, जैसा कि विनिवेश मंत्रालय ने अन्य मामलों में किया था । पूर्व विनिवेश
मंत्री अरुण शौरी ने बृहस्पतिवार को बयान दिया था कि जूहु सेंटॉर के विनिवेश में
कुछ भी गलत नहीं किया गया । उनके बयान के एक दिन बाद पेश की गई इस रिपोर्ट में कहा
गया है कि संपत्तियों के बेचने की जरूरत और हालात के बीच संतुलन बनाने तथा बिक्री
से अधिकतम कीमत वसूलने के प्रयास नहीं किए गए । रिपोर्ट पेश होने के बाद शौरी ने
कहा कि इस मामले में वह किसी भी जाँच का सामना करने के लिए तैयार हैं । कैग की एक
अन्य रिपोर्ट में बारूदी सुरंग हटाने के लिए जरूरी उपकरणों की खरीद में विलंब के
लिए पूर्व की राजग सरकार की खिंचाई की गई है । कैग ने कहा कि खरीद में देरी से
'ऑपरेशन पराक्रम' के दौरान सेना के जवानों का जीवन खतरे में पड़ गया था । मार्च
2004 को समाप्त हुए वर्ष के लिए कैग ने अपनी रिपोर्ट में राजग सरकार के कार्य - काल
के दौरान इंडिया शाइनिंग अभियान पर 63.23 करोड़ रुपये खर्च करने से पूर्व संसद का
अनुमोदन न हासिल करने के लिए उसकी आलोचना की है, जबकि इस गतिविधि का वार्षिक बजट
में कोई उल्लेख नहीं किया गया था । इसी तरह पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान
न्यूयॉर्क में राजदूत का विशेष पद सृजित करने के लिए कैग ने उसे कटघरे में खड़ा
किया है । रिपोर्ट में कहा गया है कि राजग सरकार ने इसके लिए 15.95 करोड़ रुपये
खर्च किए । पिछले साल यूपीए सरकार के सत्ता में आने के बाद विशेष राजदूत भीष्म के.
अग्निहोत्री को बोरिया बिस्तर बाँधने का निर्देश देते हुए उनके कार्यालय को बन्द कर
दिया गया था । अग्निहोत्री आरएसएस के करीबी माने जाते हैं । इन होटलों की बिक्री के
लिए आरक्षित मूल्य निर्धारित करने के बारे में कैग ने कहा है कि आरक्षित मूल्य के
निर्धारण के लिए अपनाई गई पद्धति में विसंगतियाँ मौजूद थीं । बिक्री को अंजाम देने
के लिए एकमात्र बोली लगाने वाले को समय बढ़ाने और रियायत देने की निरंतर अनुमति दी
गई । उल्लेखनीय है कि विनिवेश मंत्रालय द्वारा नियुक्त किए गए विनिवेश आयोग ने
दिसंबर 1997 में एअर इंडिया के मुंबई स्थित दो होटलों जुहू सेंटॉर और एअरपोर्ट
सेंटॉर को बेचने की सिफारिश की थी, जिसे एअर इंडिया द्वारा जुलाई 1998 में स्वीकार
कर लिया गया । जुहू सेंटॉर के मामले में तीन पार्टी अयोग्य घोषित कर दी गईं और सोलह
ने बोली वापस ले ली । इस प्रकार मैदान में केवल एक खरीददार मैसर्स ट्यूलिप
हॉस्पिटेलिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड रह गया । इसी तरह एअरपोर्ट सेंटॉर के मामले
में भी केवल एक बोली - कर्ता मैसर्स बतरा हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज़ प्राइवेट लिमिटेड
रह गया । जुहू सेंटॉर की बिक्री मार्च 2002 में तय हो गई तथा 153 करोड़ रुपये वसूल
किए गए । एअरपोर्ट सेंटॉर अप्रैल 2002 में 83 करोड़ रुपये में बेच दिया गया । इसी
तरह इंडिया शाइनिंग अभियान पर कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि भारतीय संविधान के
अनुसार बजट में दिखाए गए खर्च के अतिरिक्त और किसी प्रकार का खर्च नहीं किया जाना
चाहिए और यदि करना अनिवार्य हो तो अनुपूरक माँग के रूप में उसे संसद के समक्ष
अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाना चाहिए । वित्त मंत्रालय ने सितंबर 2002 में
आर्थिक सुधारों के लाभों को उजागर करने और इन सुधारों को जनता के बीच में जागरुकता
पैदा करने के लिए प्रस्ताव तो तैयार किया पर 2003 - 04 में कोई बजट प्रावधान लाने
में असफल रहा । भारत और पाकिस्तान के लिए अड़ियल मानसिकता में बदलाव लाने की जरूरत
पर बल देते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौकत अज़ीज़ ने द्विपक्षीय संबंधों को
आगे बढ़ाने के लिए 'रणनीतिक पुनर्विचार' और 'मजबूत' फैसलों की वकालत की है । 'साउथ
एशियन जर्नल' में प्रकाशित एक आलेख में अज़ीज़ ने कहा है कि भारत और पाकिस्तान के
रिश्ते स्थायी रूप से प्रतिकूल होने के लिए अभिशप्त नहीं हैं । उन्होंने जोर देते
हुए कहा है कि दोनों पक्षों को आपसी संबंधों को नया आधार देने और सशर्त बाध्यताओं
से दूर जाने के लिए नए रास्ते खोलने होंगे । यह पूछे जाने पर कि दोनों देशों को
क्षेत्र में व्यवस्था और द्विपक्षीय समझौतों को बनाए रखने के लिए इतिहास और अनुभवों
से सीख लेनी चाहिए, उन्होंने कहा कि जम्मू और कश्मीर सहित सभी द्विपक्षीय मामलों पर
हमें स्थाई समाधान की जरूरत है । उन्होंने कहा कि कश्मीरी लोगों की आकांक्षाओं को
पूरा करने का यह उचित समय है और लोकतंत्र के इतिहास में यह एक न्यायोचित प्रयास
होगा । उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान को अच्छे पड़ोसी रिश्ते को बढ़ावा देने
की जरूरत है । अज़ीज़ ने कहा कि हमें एक दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता को
आदर देना होगा और आपसी संबंधों को संप्रभुता व बराबरी के आधार पर देखना होगा । हमें
एक - दूसरे के मामलों में दखल न देने के सिद्धांत पर काम करना होगा । हमें एक दूसरे
का भरोसा जीतने के प्रयास करने चाहिए । नवंबर की अपनी नई दिल्ली यात्रा को उपयोगी
और भारतीय नेताओं के साथ वार्ता को काफी रचनात्मक बताते हुए अज़ीज़ ने कहा कि
रिश्तों में सुधार के लिए मजबूत फैसले लेने का हौसला हम में है और पुरानी मानसिकता
से हटकर सोचना होगा, वर्ना वर्तमान मौका आसानी से चूक जाएगा । उन्होंने कहा कि
दक्षिण एशिया के आर्थिक क्षेत्र में भारत पाकिस्तान का हाथ थाम सकता है । अगर भारत
एक कदम आगे बढ़ता है तो पाकिस्तान दो कदम आगे बढ़ाएगा । पाकिस्तान से होकर गुज़रने
वाली भारत - ईरान गैस पाइप लाइन के बारे में उन्होंने कहा कि आपसी भरोसा बढ़ाने में
यह एक बड़ा कदम हो सकता है और आपसी सहयोग से हम पर्यटन, व्यापार और कई अन्य
क्षेत्रों को बढ़ावा दे सकते हैं । जापान ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह सुनामी
चेतावनी प्रणाली शीघ्र स्थापित करने के लिए भारत को तक़नीक हस्तांतरित करने और अपने
अनुभवों को बांटने के लिए तैयार है । भारत में जापान के राजदूत याशुकुनी इनोकी ने
यहाँ पत्रकारों से कहा कि विदेश से किसी तरह की मदद न लेने की भारत सरकार की स्थिति
को हम समझते हैं और उसका सम्मान करते हैं । उन्होंने कहा कि यदि भारत विदेशी मदद
लेने के लिए अपनी नीति में बदलाव करता है, तो जापान को सहयोग करने में बहुत खुशी
होगी । इनोकी ने दीर्घावधि उपायों के लिए एक क्षेत्रीय ढाँचा तैयार करने की सलाह
देते हुए कहा कि इस प्रस्ताव से भारत सरकार की स्थिति में कोई अड़चन नहीं है । हम
लोग एकजुट होकर काम करने के अच्छे प्रयास कर सकते हैं । जापानी राजदूत ने कहा कि इस
संबंध में उन्होंने प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रारंभिक दौर की बातचीत की है । भारत
ने इसमें गहरी रुचि दिखाई है । इनोकी ने कहा कि दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय
बातचीत के तहत जापान के तीन मंत्री द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने के उद्देश्य
से इस सप्ताह भारत आ रहे हैं । इनमें अर्थव्यवस्था, व्यापार एवं उद्योग मंत्री
शोयची नाकागावा, वित्त मंत्री सदाकाजू तानीगाकी और आर्थिक एवं वित्तीय नीति और निजी
डाक सेवाओं के मंत्री हेयजो ताकेनाका शामिल हैं । उन्होंने कहा कि इसके अलावा कृषि,
वन एवं मत्स्य मंत्री ताकायोशी तसुदेना भी अगले साल भारत आएंगे । इनोकी ने कहा कि
जापान के प्रधानमंत्री जुनीचीरो कोइजुमी भी इस वर्ष भारत की यात्रा पर आएंगे । उनके
भारत दौरे की तारीख अभी तय होनी बाकी है । इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और
कोइजुमी की भारत - आसियान बैठक के दौरान नवंबर में लाओस में मुलाकात हो चुकी है ।
अगले छह महीनों में इन दोनों नेताओं की अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मुलाक़ात की
संभावना है । उत्तरांचल के चमोली जिले में बादल फटने के बाद आई बाढ़ व भूस्खलन से
बद्रीनाथ धाम के आस - पास करीब ५००० तीर्थ - यात्री फंस गए हैं । गोविंदघाट -
बद्रीनाथ राजमार्ग का काफी बड़ा हिस्सा बह गया है । उत्तरांचल के मुख्य सचिव आर.
एस. टोलिया ने मंगलवार को बताया कि इन हालातों में बद्रीनाथ यात्रा २० दिन के लिए
रोक दी गई है । हालाँकि हेमकुंड साहिब और केदारनाथ जैसे अन्य पवित्र धामों के लिए
यात्रा जारी रहेगी । टोलिया ने बताया कि बद्रीनाथ धाम के आस - पास क़रीब ५००० तीर्थ
- यात्री फंस गए हैं । सीमा सड़क संगठन की सलाह पर यात्रा २० दिन के लिए रोक दी गई
है । उन्होंने बताया कि जान - माल के किसी नुक़सान की फिलहाल कोई खबर नहीं है । तीन
सौ मेगावाट क्षमता वाला विष्णुप्रयाग जल - विद्युत संयंत्र पूरी तरह सुरक्षित है ।
मुख्य सचिव ने बताया कि फंसे यात्रियों को वहाँ से निकालने के प्रयास किए जा रहे
हैं । बद्रीनाथ की ओर आ रहे सभी तीर्थ - यात्रियों से वापस घर जाने को कहा जा रहा
है । लगातार वर्षा के कारण धौली, अलकनंदा, नंदाकिनी, पिंडर, रामगंगा और मंदाकिनी
नदियों के जल - स्तर में भी वृद्धि दर्ज की गई । बारिश ने क्षेत्र में जल और
विद्युत आपूर्ति को भी प्रभावित किया । कई जगहों पर टेलीफोन लिंक फेल होने की भी
खबर है । मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह एनसीईआरटी की इतिहास की पुस्तकों की
समीक्षा के लिए बने पैनल की अंतरिम रिपोर्ट पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं ।
पाठ्यक्रम में बदलाव के बहाने हुए कथित भगवाकरण को दूर करने के बारे में वह अगले आठ
- दस दिनों में ही कोई निर्णय ले लेंगे । इतिहासविदों के तीन सदस्यीय पैनल ने तो
अपनी अंतरिम रिपोर्ट में पाठ्य - पुस्तकों को बदलने की सिफारिश की है । लेकिन
फिलहाल मंत्रालय इस सत्र में मौजूदा किताबों के ही कुछ अंशों को हटाकर पढ़ाने का
विकल्प भी खुला रखने पर विचार कर रहा है । ऐसा होने की स्थिति में शिक्षकों के लिए
पाठ्य - पुस्तकों के कुछ अंश न पढ़ाने और कुछ अलग से पढ़ाने जैसे दिशा - निर्देश भी
जारी किए जा सकते हैं । मानव संसाधन विकास मंत्रालय में सचिव बी. एस बासवान ने
मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पाठ्यक्रम की समीक्षा के लिए बने पैनल
ने अपनी अंतरिम रिपोर्ट में किताबें बदलने की सिफारिश की है । मंत्रालय में इस
रिपोर्ट पर विचार - विमर्श चल रहा है और जल्द ही कोई निर्णय ले लिया जाएगा । पैनल
ने सिफारिश की है कि किताबें अच्छी और धर्म - निरपेक्ष होनी चाहिए । मंत्रालय इस
मसले पर स्कूलों के साथ बातचीत करने की तैयारी भी कर रहा है । बासवान ने कहा कि कोई
भी निर्णय लेते समय छात्रों के हितों का पूरा ख्याल रखा जाएगा । चोट के कारण
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सिरीज़ के दो मैचों से बाहर रहे सौरव गांगुली पाकिस्तान
के खिलाफ़ १३ नवंबर को कोलकाता में होने वाले डे - नाइट मैच की कप्तानी करेंगे ।
हालाँकि उन्हें फिटनेस टेस्ट पास करना होगा । खराब प्रदर्शन के कारण टेस्ट टीम से
हटाए गए युवराज सिंह की वापसी हुई है । इरफान पठान भी टीम में हैं । बोर्ड की
प्लेटिनम जुबली के मौके पर आयोजित इस मैच के लिए १५ सदस्यीय टीम की घोषणा करते हुए
बोर्ड के सचिव रत्नाकर शेट्टी ने बताया कि बोर्ड ने गांगुली के उस पत्र को स्वीकार
करने का फैसला किया जिसमें उन्होंने खुद के फिट होने की सूचना दी है । टीम इस
प्रकार है - सौरव गांगुली (कप्तान), राहुल द्रविड़ (उप - कप्तान), वीरेन्द्र सहवाग,
सचिन तेंदुलकर, वी. वी. एस. लक्ष्मण, युवराज सिंह, मोहम्मद कैफ़, श्रीधरन श्रीराम,
हरभजन सिंह, अनिल कुंबले, ज़हीर खान, इरफ़ान पठान, आशीष नेहरा, अजीत अगरकर, दिनेश
कार्तिक (विकेट कीपर) । अंबानी बंधुओं के बीच छिड़ी कॉरपोरेट जंग के बाद अब लंदन
स्थित स्टील महारथी लक्ष्मी मित्तल और उनके भाई प्रमोद मित्तल के बीच पश्चिम
अफ्रीका में लौह अयस्क उद्योग को लेकर अप्रत्यक्ष रूप से विवाद शुरू हो गया है ।
बड़े भाई लक्ष्मी की 'मित्तल स्टील' का दावा है कि उसे लाइबेरिया स्थित दिवालिया हो
चुके लौह अयस्क उद्योग को फिर से पटरी पर लाने के लिए विशेषाधिकार दिया गया है ।
लेकिन प्रतिद्वंद्वी स्टील कंपनी ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर होल्डिंग लिमिटेड
(जीआईएचएल) द्वारा लाइबेरिया सरकार के खिलाफ़ कानूनी चुनौती पेश करने से परियोजना
में विलंब हो रहा है । यह मामला अब लागोस स्थित सुप्रीम कोर्ट में है । जीआईएचएल के
मालिक प्रमोद हैं । विश्व के सबसे बड़े स्टील निर्माता मित्तल स्टील तथा जीआईएचल
अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लौह अयस्क की कीमतें बढ़ने की संभावना के मद्देनज़र किसी भी
हालत में इस परियोजना को हथियाना चाहते हैं । मित्तल स्टील को अल्जीरिया तथा दक्षिण
अफ्रीका में अपनी मिलों के लिए कच्चे माल की जरूरत है, जबकि जीआईएचएल को अजाओकूता
स्टील मिल तथा नाइजीरिया स्थित डेल्टा स्टील कंपनी के लिए और ज्यादा संसाधन जुटाने
की दरकार है । रिपोर्टों में कहा गया है कि अदालत में मामला जाने की वजह से लाखों
डॉलर की इस परियोजना में संभावित निवेश के लिए बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है ।
प्रमोद मित्तल और उनकी सहयोगी कंपनी प्रोवाइडर लिमिटेड का दावा है कि नवंबर २००३
में लिमिन्को (लाइबेरियन माइनिंग कॉरपोरेशन) के साथ समझौते पर हस्ताक्षर होने के
बाद इस परियोजना पर उनका हक़ बनता है । वहीं मित्तल स्टील का कहना है कि परियोजना
को संयुक्त उपक्रम के जरिये विकसित करने के लिए उसने पिछले साल लाइबेरिया सरकार से
संपर्क किया था । मित्तल स्टील की एक प्रवक्ता ने बताया कि लक्ष्मी मित्तल के
खिलाफ़ फिलहाल कोई अदालती मामला नहीं है । प्रवक्ता ने यह भी कहा कि हमें लाइबेरिया
के दिवालिया हो चुके लौह अयस्क उद्योग को संयुक्त उपक्रम के जरिये पटरी पर लाने के
लिए विशेषाधिकार दिया गया है । केंद्रीय मंत्री के. नटवर सिंह ने मंगलवार को संसद
में यह पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया कि 'राष्ट्रीय जन भावना' और 'जमीनी हालात' के
मद्देनज़र इराक़ में सैनिक भेजने का कोई सवाल ही नहीं उठता । इसने यह भी कहा है कि
जॉर्ज डब्लू. बुश हिटलर की नकल कर रहे हैं । नटवर सिंह ने कहा कि फिलहाल वहाँ सेना
भेजने के लिए किसी ने भारत से संपर्क नहीं किया है । अगर कभी इराक़ में सेना भेजने
की माँग की भी जाएगी तो भारत इसका जवाब नहीं में देगा । बहरहाल, हाल ही में अमेरिकी
विदेश सचिव कॅलिन पॅवेल से वाशिंगटन में एक मुलाक़ात के दौरान दी गई टिथी के संबंध
में उन्होंने कहा कि 'मैं इस मुद्दे पर समझौता करूंगा, यह सोचना मेरी कल्पना से परे
है । उन्होंने कहा कि उन्होंने माकपा महासचिव हरकिशन सिंह सुरजीत से फोन पर बात की
थी और उनसे कहा था कि वह मुझ पर भरोसा रखें । बहरहाल, अय्यर ने कहा कि पिछले कुछ
महीनों में बदलते हालातों के बावजूद भारत और इराक़ के संबंधों पर कोई प्रभाव नहीं
पड़ा है । उन्होंने कहा कि दक्षिण इराक़ के बसरा क्षेत्र के आस - पास के इलाकों में
दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से तेल भंडार का पता लगाया जाएगा । इराक के मौजूदा
सूरत - ए - हाल के संबंध में भाकपा के पी. के. वासुदेवन नायर ने कहा कि हालाँकि
अमेरिका ने इराक़ में 'कठपुतली - सरकार' की स्थापना कर दी है, पर गठबंधन सैनिक अभी
भी वहाँ डटे हैं और यह चिंता का विषय है । उन्होंने कहा कि यह शर्म की बात है कि
२१वीं सदी में इराक़ में प्रताड़ना का दौर चल रहा है । उन्होंने कहा कि 'बुश हिटलर
की नकल कर रहे हैं । ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर इस घटना से पहले सबसे
लोकप्रिय नेता थे, पर अब सबसे अलोकप्रिय बन गए हैं । भाकपा नेता ने कहा कि भारत को
इराक़ के लोगों से सहानुभूति रखनी चाहिए । अमेरिका पर स्वार्थ - सिद्धि का आरोप
लगाते हुए नायर ने कहा कि उसकी नज़र विश्व के दूसरे सबसे बड़े तेल उत्पादक देश की
प्रचुर तेल संपदा पर है । नायर ने आरोप लगाया कि सोवियत संघ के विघटन के बाद
अमेरिका अपने आप को दुनिया का दादा समझने लगा है । इराक़ में सामूहिक विनाश के
हथियारों का हौवा खड़ा कर बिना पूरी जानकारी के अमेरिका ने उस पर कहर बरपाया । पर
अब तक इराक़ की जनता खुद को अमेरिकी आतंक से मुक्त नहीं मानती है । वोल्कर कमेटी पर
भारत में मचे तूफान का जो भी नतीजा निकले लेकिन इस रिपोर्ट को लिखने वाले पॉल
वोल्कर ने एक सनसनीखेज रहस्योद्घाटन में कहा है कि वे अपनी रिपोर्ट की भाषा में
परिवर्तन को तैयार हो गए हैं जिसमें संयुक्त राष्ट्र के महासचिव कोफी अन्नान के
पुत्र कोजो अन्नान के कारोबार का जिक्र है । वोल्कर ने इराकी तेल के बदले अनाज
योजना में ६४ अरब अमेरिकी डॉलर के घोटाले की जाँच की है । वोल्कर ने कहा कि उन्हें
यह पता नहीं था कि १८ महीने लंबी जाँच से इस विश्वस्तरीय संस्था का घोटाला कहाँ तक
खुलेगा और वह इसके नेता महासचिव कोफी अन्नान की कुर्सी हिलाने के इतने नज़दीक पहुँच
जाएंगे । 'लॉस एंजिल्स टाइम्स' को दिए गए इंटरव्यू में वोल्कर ने कहा कि हालाँकि
इसमें शुरुआत से ही इतना दम था । लेकिन यह जैसे ही जारी हुई, उन्हें आभास हुआ कि
अन्नान का काम उनके शब्दों के कारण अधर में लटक गया है । तब मैंने खुद को असहज पाया
। इस अख़बार के मुताबिक़ सितंबर २००५ में इस रिपोर्ट के मसविदे के प्रकाशन से चंद
घंटे पहले कोफी अन्नान और उनके वकील ने वोल्कर से कहा कि वह कोजो अन्नान के कारोबार
पर रिपोर्ट में प्रयोग की गई भाषा को बदलें । क्योंकि कोफी और उनके वकील का मानना
था कि रिपोर्ट में जिस भाषा का इस्तेमाल किया गया है, उससे संयुक्त राष्ट्र महासचिव
को बाध्य होकर इस्तीफा देना पड़ेगा । वोल्कर ने अखबार को बताया कि वे तैयार हो गए ।
क्योंकि वह सारी प्रक्रिया का मामूली हिस्सा था । बहरहाल, सितंबर में रिपोर्ट जारी
करने से पहले वोल्कर कोफी अन्नान और उनके वकील से इस मुद्दे पर बातचीत के लिए मिले
। वोल्कर ने बताया कि हमने रिपोर्ट में जिस भाषा का इस्तेमाल किया, उसमें कहा गया
था कि संयुक्त राष्ट्र के मानक पर अन्नान की क्षमता खरी नहीं उतरती । इसके आगे इसी
तरह की कुछ और बातें उसी भाषा में थीं । वोल्कर से यह बातचीत पिछले बृहस्पतिवार को
की गई थी, जिस दिन भारत के विदेश मंत्री नटवर सिंह और कांग्रेस पार्टी का नाम आया
था । वोल्कर से पूछा गया था कि क्या कोजो ने अपने पिता के संबंधों का इस्तेमाल अपनी
कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए किया था । वोल्कर ने कहा, आज दिन तक मुझे इसकी कोई
जानकारी नहीं है । अन्नान के वकील ग्रेगरी क्रेग ने कहा कि इस रिपोर्ट के नतीजे पर
तो कार्रवाई अलग से होगी, क्योंकि कोफी ने प्रबंधन संबंधी मुद्दों की जानकारी ली है
। लेकिन वे अपने पुत्र के बर्ताव की जिम्मेदारी नहीं ले सकते, क्योंकि उसकी उन्हें
जानकारी ही नहीं थी । कुल मिलाकर वोल्कर मान गए । यद्यपि उन्हें इस बात पर शक़ था
कि अन्नान 'कोटेसना' की निविदा के बारे में वाकई नहीं जानते लेकिन वोल्कर इस बात से
सहमत थे कि अन्नान ने कोटेसना की निविदा पास कराने के लिए किसी प्रभाव का इस्तेमाल
नहीं किया । किसी संयुक्त राष्ट्र महासचिव को कुर्सी से गिराने का कोई तुक़ भी नहीं
था । वोल्कर ने कहा कि जांच के दौरान किसी ने उन्हें बताया भी नहीं कि निविदा की
सारी प्रक्रिया पर किसी ने प्रभाव डालने की कोशिश की या इस पर विचार भी किया गया ।
इस तरह का कोई सुबूत भी नहीं मिला । लालू प्रसाद यादव ने रेल बजट में आम लोगों का
पूरा ख्याल रखा है । पैलेस ऑन व्हील्स की तर्ज पर उन्होंने 'विलेज ऑन व्हील्स'
चलाने का ऐलान किया है । इस ट्रेन में पैलेस ऑन व्हील्स की तरह शानो - शौकत भरे
सफ़र का अहसास तो नहीं होगा लेकिन, आप कम खर्च में भारत दर्शन के साथ - साथ चारों
धाम की यात्रा के सपने को साकार कर सकते हैं । रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने अपने
पहले रेल बजट में आम लोगों के लिए खास ट्रेन चलाने का वायदा किया है । उनका कहना है
कि छोटे शहरों व गाँवों में रहने वाले लोगों को ट्रेन के जरिये पर्यटन की कोई
सुविधा नहीं मिलती । सामान्य शयनयान श्रेणी के डिब्बों वाली यह टूरिस्ट स्पेशल
ट्रेन 'पैलेस ऑन व्हील्स' की तरह ही चलाई जाएगी । यात्रियों को एक जगह एकत्रित कर
उनके वहन करने योग्य किराये पर ऐतिहासिक महत्व व धार्मिक स्थानों की सैर कराई जाएगी
। इसमें यात्रियों को पूरा पैकेज दिया जाएगा । ताकि, पर्यटन के दौरान उन्हें किसी
तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े । यादव का कहना है कि टूरिस्ट ट्रेन में लोगों
की भावनाओं का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा । पैलेस ऑन व्हील्स के यात्रियों को
ऐतिहासिक महत्व के स्थानों का दर्शन कराती है । अभिजात्य व उच्च वर्ग के पर्यटकों
के लिए चलाई जाने वाली पैलेस ऑन व्हील्स अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में अपना सफर शुरू
करती है । दिल्ली कैंट से चलकर राजस्थान के पर्यटन स्थलों और आगरा के ताजमहल का
दर्शन कराती हुई यह वापस दिल्ली पहुँचती है । ईरान और उत्तरी कोरिया को परमाणु
तक़नीक हासिल कराने में पाकिस्तानी वैज्ञानिक ए. क्यू. खान के नेटवर्क की खास
भूमिका रही है । यह कहना है अमेरिका का, जो सऊदी अरब और अन्य अरब देशों को परमाणु
तक़नीक बेचने में खान नेटवर्क की भूमिका का पता लगा रहा है । खान के संदिग्ध परमाणु
ग्राहकों की सूची को आश्चर्य में डाल देने वाली बताते हुए टाईम पत्रिका के हाल के
अंक में कहा गया कि पाकिस्तान की परमाणु शोध प्रयोगशाला का प्रमुख होने के नाते खान
ने एक दशक से भी अधिक समय में पूरे विश्व की यात्रा की । इस दौरान वे अफ्रीका, मध्य
एशिया और मध्य पूर्व गए । पत्रिका का कहना है कि अमेरिका और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु
ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) के जाँच - कर्ताओं का मानना है कि खान ने सऊदी अरब, मिस्र और
सूडान, आइवरी कोस्ट और नाइजीरिया जैसे अफ्रीकी देशों की भी यात्रा की । पत्रिका के
अनुसार खान की इन यात्राओं का उद्देश्य अभी तक स्पष्ट नहीं है, लेकिन खुफिया
अधिकारियों का मानना है कि सऊदी अरब और मिस्र परमाणु तक़नीक की तलाश में हैं और कई
अफ्रीकी देश कच्चे यूरेनियम संपन्न हैं । टाईम के अनुसार जाँच से पता चला है कि खान
के नेटवर्क की ईरान और उत्तरी कोरिया को मदद करने में अहम भूमिका रही है । पत्रिका
के अनुसार अमेरिका की ओर से परमाणु बाजार के इस घोटाले को उजागर करने में रूचि रखने
के बावजूद अमेरिका और आईएईए को खान से सीधे पूछताछ करने की अनुमति नहीं दी गई ।
पत्रिका ने सूत्रों का हवाला देते हुए कहा कि पिछले वर्ष दिसंबर में व्हाइट हाउस
में एक बैठक के दौरान राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज़
मुशर्रफ से कहा था कि उनका मानना है कि खान ने अपने सभी घृणित सौदों को स्वीकार
नहीं किया है । मुशर्रफ ने इस पर सहमति जताई थी, लेकिन किसी भी ग़ैर पाकिस्तानी को
खान से पूछताछ की अनुमति देने से इन्कार कर दिया था । बिहार के पुलिस प्रमुख आशीष
रंजन सिन्हा ने शुक्रवार को कहा कि लोजपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री राम विलास
पासवान को जेड श्रेणी की सुरक्षा के तहत दी गई बिहार पुलिस कमांडो की सेवा वापस
नहीं ली जाएगी । सिन्हा ने यहां एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि बिहार में विधानसभा
चुनावों को देखते हुए विशिष्ट व्यक्तियों को दी गई सुरक्षा की समीक्षा की जा रही है
। उन्होंने कहा कि हम पासवान की सुरक्षा में तैनात कमांडो नहीं हटाएंगे । सिन्हा के
साथ इस मौके पर मुख्य सचिव जी एस कंग और गृह सचिव एच सी सिरोही भी मौजूद थे ।
पासवान ने बृहस्पतिवार को उनके कमांडो वापस लेने के राज्य प्रशासन के प्रस्ताव पर
कड़ी नाराजगी जताई थी और चुनावों में डीजीपी की भूमिका संदिग्ध होने का आरोप लगाया
था । कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि महात्मा गांधी के ऐतिहासिक दांडी मार्च की
७५वीं बरसी के मौके पर आयोजित मार्च से राज्य में पार्टी की स्थिति सुधरी है ।
कांग्रेसी नेताओं को इस मार्च के जरिए राज्य के लोगों से संपर्क का सुनहरा अवसर
मिला । दांडी मार्च की बरसी के मौके पर आयोजित मार्च को सफल बनाने में कांग्रेसियों
की भूमिका की महात्मा गांधी के परपौत्र तुषार गांधी भरपूर सराहना करते हैं । वैसे
तुषार गांधी को भी शुरू में इसका अंदाजा नहीं होगा कि इस मार्च से कांग्रेसियों को
राजनीतिक फायदा मिलेगा । उन्होंने कहा कि कांग्रेसियों की मदद से यह मार्च काफी सफल
रहा । मार्च को काफी पब्लिसिटी मिली और बापू के संदेश को जन जन तक पहुंचाया गया ।
कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि इस मार्च में कांग्रेसियों की जबरदस्त भागीदारी से
जनता में पार्टी की छवि निखरी है । कांग्रेसी नेताओं को इस मार्च के बहाने जनसंपर्क
का सुनहरा अवसर मिला । कांग्रेस ने गांधी के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करने में कोई
कसर नहीं छोड़ी । प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता हँसमुख पटेल ने कहा कि इससे लोगों
में कांग्रेस की धर्मनिरपेक्ष छवि निखरी है । उन्होंने कहा कि दांडी मार्च के समापन
में करीब तीन लाख लोगों ने हिस्सा लिया । पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने गुटबाजी
को भुला कर इस कार्यक्रम में बढ़ - चढ़कर हिस्सा लिया । हमें लोगों तक गांधीवादी
संदेश पहुंचाने का मौका मिला । अब जनसंपर्क का हमारा अनुभव भी गहरा हो गया है । हम
भविष्य में इस तरह के कई और जनसंपर्क अभियान चलाएंगे । पर्यवेक्षकों का कहना है कि
इस मार्च के दौरान कांग्रेसियों ने भाजपा का जिक्र करने से परहेज कर लोगों में यह
संदेश दिया कि वह गांधीवादी विरासत को लेकर भाजपा या किसी अन्य पार्टी से टकराव
नहीं चाहती है । इससे पार्टी की छवि सुधरी है । चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ की
भारत यात्रा से पहले निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा ने कहा है कि
चीनी और तिब्बती एक - दूसरे की सांस्कृतिक विशिष्टता का आदर करते हैं । उन्होंने यह
भी कहा कि अब चीन का हृदय परिवर्तन होता जा रहा है । यूं तो दलाई लामा ने वेन
जियाबाओ को एक एकाधिकारवादी देश का नेता करार दिया, लेकिन उन्होंने जियाबाओ को
पूर्ववर्ती चीनी प्रधानमंत्रियों की तुलना में अधिक व्यावहारिक, उदार और दूरदर्शी
नेता भी करार दिया । जियाबाओ ९ अप्रैल को भारत की यात्रा पर आ रहे हैं । अपने चार -
दिवसीय भारत दौरे के दौरान वे भारतीय नेताओं से सीमा विवाद और अन्य द्विपक्षीय
मसलों पर बातचीत करेंगे । वे नयी दिल्ली में 'चीनी सांस्कृतिक माह' का भी उद्घाटन
करेंगे । उन्होंने इसे चीनियों का हृदय परिवर्तन करार दिया । ७० वर्षीय इस
अहिंसावादी तिब्बती नेता ने यह भी कहा कि वे चीन से अलगाव की बात नहीं कर रहे हैं
बल्कि वे तो चीनी संविधान के दायरे में ही तिब्बत समस्या का हल चाहते हैं । दलाई
लामा ने कहा कि मैं तिब्बती समस्या का सार्थक और मान्य हल ढूंढ़ने की कोशिश में हूं
। मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं कि मेरा दृष्टिकोण अलगाववादी नहीं है । मैं चीनी
संविधान के तहत ही तिब्बती समस्या का समाधान निकाले जाने के पक्ष में हूं ।
उन्होंने कहा कि चीन तिब्बत को व्यापक स्वायत्तता देकर इस समस्या के समाधान का
रास्ता साफ कर सकता है । दलाई लामा ने भारत और चीन के रिश्ते में आ रहे सुधार की भी
प्रशंसा की । उन्होंने कहा कि भारत और चीन सर्वाधिक आबादी वाले देश हैं । इन दोनों
देशों के बीच रिश्ते में सुधार से करोड़ों लोगों का भला होगा । उन्होंने यहां
वेटिकन दूतावास में एक शोक पुस्तिका पर हस्ताक्षर कर पोप जॉन पॉल द्वितीय के निधन
पर गहरा दुख प्रकट किया । 
