इसके अतिरिक्त गुग्गुल कुंड, भीम गुफा तथा भीमशिला भी दर्शनीय स्थल हैं । आधा किमी
की दूरी पर भैरवनाथ मंदिर है, जहाँ केवल केदारनाथ के पट खुलने और बंद होने के दिन
ही पूजन किया जाता है । भैरव का स्थान उत्तराखंड में क्षेत्रपाल अथवा भूमिदेव के
रूप में महत्वपूर्ण है । यह सोनप्रयाग से 5 किमी आगे और केदारनाथ में 6 किमी पहले
(पैदल) पड़ने वाला एक अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थ एवं विश्राम स्थल है । इसकी ऊँचाई
केवल 1982 मीटर है । यहाँ गर्म पानी और ठंडे पानी के दो बहुत ही उत्तम कुंड हैं ।
यहाँ गौरी मंदिर है, जो कुछ छोटा है और प्राचीन नहीं है । जनश्रुति है कि इसी स्थान
पर पार्वती ने महादेव को पाने के लिए तपस्या की थी । मंदिर में गौरी और पार्वती की
धातु की मूर्तियाँ हैं । दूसरा मंदिर राधाकृष्ण का है, जिसे कृष्ण भक्तों का नूतन
प्रयास समझा जाना ही उत्तम होगा । मंदिर के गर्भगृह में नारायण भगवान की सुंदर
मूर्ति है । अन्य मूर्तियों में भू - देवी तथा लक्ष्मी की मूर्तियाँ उल्लेखनीय हैं
। यहाँ अनेक कुंड भी हैं । इनके नाम ब्रह्म कुंड, रुद्र कुंड और सरस्वती कुंड हैं ।
इस मंदिर में अखंड धूनी जलती रहती है । किंवदंती है कि यह वही अग्नि है, जिसको
साक्षी कर शिव ने पार्वती से विवाह किया था । पार्वती का मायका अर्थात हिमालय नरेश
का निवास (संभवतः ग्रीष्म निवास) भी यही बताया जाता है । भारतीय सेना करती है
व्यवस्था । दीपावली महापर्व के दूसरे दिन (पड़वा) के दिन शीत ऋतु में मंदिर के
द्वार बंद कर दिए जाते हैं । 6 माह तक दीपक जलता रहता है । बंद करते समय मंदिर में
भारतीय सेना द्वारा उपस्थित श्रद्धालुओं को भोज दिया जाता है । भोज का खर्च भारतीय
सेना उठाती है । पुरोहित ससम्मान पट बंद कर भगवान के विग्रह एवं दंडी को 6 माह तक
पहाड़ के नीचे ऊखीमठ में ले जाते हैं । सेना के जवान भगवान के विग्रह को पालकी में
बैंडबाजे से लाते हैं । प्रायः 10 किमी पैदल यात्रा करनी पड़ती है । करोड़ों
श्रद्धालुओं की आस्था के प्रतीक केदारनाथ के कपाट खुलने का समय भी मई माह में होता
है । तब उत्तराखंड की यात्रा आरंभ होती है । इंदौर में जिस प्रकार से शेरोंवाली माँ
की पूजा आस्था तथा विश्वास के साथ की जाती है उसी विश्वास के साथ कोलकाता में काली
माँ की पूजा की जाती है । जिस प्रकार शेरोंवाली माँ के मंदिर में जगराता होता है,
उसी प्रकार काली माँ के मंदिर में जगराता होता है । इसी कारण कोलकातावासी माँ काली
के भक्त हैं तथा उनके शक्ति रूप को मानते हैं । काली मंदिर में दर्शन किए बिना
कोलकाता की सैर अधूरी मानी जाती है । हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्थित काली मंदिर
सन 1855 में बनाया गया था । इस पुरानी इमारत में दुर्गादेवी तथा शिव की मूर्ति की
स्थापना की गई है । रानी राशमोनी में स्थित इस पौराणिक मंदिर में प्रवेश करने के
लिए आपको उपस्थित भक्तजन की भीड़ का सामना करना पड़ेगा । माँ महाशक्ति के बारे में
अनेक कथाएँ प्रचलित हैं । एक कथा के अनुसार देवी सती ने जब अपने पिता दक्ष के यहाँ
अपमानित होकर यज्ञ में स्वयं को भस्म कर लिया तब क्रोध में आकर यज्ञ ध्वंस के समय
भगवान शिव ने तांडव नृत्य किया । इस समय माता सती के शरीर के अंश कहीं - कहीं धरती
पर गिरे । कहते हैं कि उनके पाँव के अंश कोलकाता में जहाँ माँ काली का मंदिर बना
है, वहाँ गिरे थे । इन अंशों ने पत्थर का रूप धारण किया था । इसी की पूजा - अर्चना
की जाती है । एक और कथा भी प्रचलित है कि भागीरथी नदी के तट पर एक भक्त ने पाँव के
अँगूठे के आकार का पत्थर पाया था जो स्वयंभू लिंग था और नकुलेश्वर भैरव का प्रतीक
था । भक्त इसे जंगल में ले गया और माँ काली की पूजा करने लगा । कोलकाता स्थित
प्रसिद्ध काली माँ का मंदिर बहुत ही भव्य है । इस मंदिर की दीवारों पर बनाई गई
टेराकोटा की चित्रकला के अवशेष यहाँ दिखाई देते हैं । मंदिर के पुजारी काली माँ की
मूर्ति को स्नान कराते हैं जिसे स्नान यात्रा के नाम से जाना जाता है । ऐसा साल में
एक बार किया जाता है । इस दिन अनगिनत भक्तजन आते हैं । काली मंदिर में दुर्गा पूजा,
नवरात्रि तथा दशहरा के दिन देवी की विशेष पूजा की जाती है । इस पूजा का समय अक्टूबर
के महीने में तय समय के अनुसार रखा जाता है । मंदिर के पट तड़के 3.00 से लेकर
प्रातः 8.00 बजे तक खुले रहते हैं तथा प्रतिदिन प्रातः 10.00 से लेकर संध्या 5.00
बजे तक भक्तजन मंदिर में पूजा - अर्चना कर सकते हैं । पूजा का समय 6.00 बजे से लेकर
रात के 8.30 तक रहता है । काली माँ की पूजा श्रद्धा तथा आस्था के साथ की जाती है ।
अमावस्या के दिन मंदिर में काली माँ के लिए महापूजन का आयोजन किया जाता है । रात्रि
के 12.00 बजे शक्तिरूपी देवी की आरती की जाती है । माँ को गहनों से सजाया जाता है
तथा आरती के बाद माँ के चरणों में भोग चढ़ाया जाता है । आभूषणों तथा लाल फूलों की
माला से माँ काली की प्रतिमा को सजाया जाता है । मुख्य प्रथा जो मंदिर में प्रचलित
है वह है बलि, जिसका रूप वर्तमान में बदल गया है । कहा जाता है कि देवी के मंदिर
में काली माँ जागृत अवस्था में हैं । माँ के द्वारा यहाँ पर आए भक्तजन की प्रार्थना
स्वीकार की जाती है । देवी उनकी मनोकामना पूर्ण करती हैं । कोलकाता के उत्तर में
विवेकानंद पुल के पास दक्षिणेश्वर काली मंदिर स्थित है । यह मंदिर बीबीडी बाग से 20
किलोमीटर दूर है । दक्षिणेश्वर मंदिर का निर्माण सन 1847 में प्रारंभ हुआ था । जान
बाजार की महारानी रासमणि ने स्वप्न देखा था, जिसके अनुसार माँ काली ने उन्हें
निर्देश दिया कि मंदिर का निर्माण किया जाए । इस भव्य मंदिर में माँ की मूर्ति
श्रद्धापूर्वक स्थापित की गई । सन 1855 में मंदिर का निर्माण पूरा हुआ । यह मंदिर
25 एकड़ क्षेत्र में स्थित है । दक्षिणेश्वर मंदिर देवी माँ काली के लिए ही बनाया
गया है । दक्षिणेश्वर माँ काली का मुख्य मंदिर है । भीतरी भाग में चाँदी से बनाए गए
कमल के फूल जिसकी हजार पंखुड़ियाँ हैं, पर माँ काली शस्त्रों सहित भगवान शिव के ऊपर
खड़ी हुई हैं । काली माँ का मंदिर नवरत्न की तरह निर्मित है और यह 46 फुट चौड़ा तथा
100 फुट ऊँचा है । विशेष आकर्षण यह है कि इस मंदिर के पास पवित्र गंगा नदी जो कि
बंगाल में हुगली नदी के नाम से जानी जाती है, बहती है । इस मंदिर में 12 गुंबद हैं
। यह मंदिर हरे - भरे - मैदान पर स्थित है । प्रसिद्ध विचारक रामकृष्ण परमहंस ने
माँ काली के मंदिर में देवी की आध्यात्मिक दृष्टि प्राप्त की थी तथा उन्होंने इसी
स्थल पर बैठ कर धर्म - एकता के लिए प्रवचन दिए थे । रामकृष्ण इस मंदिर के पुजारी थे
तथा मंदिर में ही रहते थे । उनके कक्ष के द्वार हमेशा दर्शनार्थियों के लिए खुले
रहते थे । माँ काली का मंदिर विशाल इमारत के रूप में चबूतरे पर स्थित है । इसमें
सीढ़ियों के माध्यम से प्रवेश कर सकते हैं । दक्षिण की ओर स्थित यह मंदिर तीन
मंजिला है । ऊपर की दो मंजिलों पर नौ गुंबद समान रूप से फैले हुए हैं । गुंबदों की
छत पर सुन्दर आकृतियाँ बनाई गई हैं । मंदिर के भीतरी स्थल पर दक्षिणा माँ काली,
भगवान शिव पर खड़ी हुई हैं । देवी की प्रतिमा जिस स्थान पर रखी गई है उसी पवित्र
स्थल के आसपास भक्त बैठे रहते हैं तथा आराधना करते हैं । इस मंदिर के सामने नट
मंदिर स्थित है । मुख्य मंदिर के पास अन्य तीर्थ स्थलों के दर्शन के लिए भक्तजन की
भीड़ लगी रहती है । दक्षिणेश्वर माँ काली का मंदिर विश्व में सबसे प्रसिद्ध है ।
भारत के सांस्कृतिक धार्मिक तीर्थ स्थलों में माँ काली का मंदिर सबसे प्राचीन माना
जाता है । मंदिर की उत्तर दिशा में राधाकृष्ण का दालान स्थित है । पश्चिम दिशा की
ओर बारह शिव मंदिर बंगाल के अटचाला रूप में हैं । पर्यटक साल में हर समय यहाँ पर
भ्रमण करने आ सकते हैं । कैसे जाएँ वहाँ - कोलकाता में मुख्य तौर पर दो स्टेशन हैं,
शियालदाह तथा हाउराह । कोलकाता रेलमार्ग के माध्यम से भी सभी प्रमुख बड़े शहरों से
जुड़ा हुआ है । हर प्रमुख शहरों से कोलकाता जाया जा सकता है । कोलकाता में मीटर से
टैक्सी चलती है । बस, मेट्रो रेल, साइकल रिक्शा तथा ऑटो रिक्शा चलते हैं । अमेरिका
सद्दाम हुसैन की न्यायिक हिरासत इराक की अंतरिम सरकार को सौंपने पर विचार कर रहा है
लेकिन वह सद्दाम को अपनी सेना के कब्जे में ही रखेगा । घाजी तलाबानी नाम के अधिकारी
की काम करने जाते समय हत्या की गई । इराक स्थित अमेरिकी प्रशासक एल. पॉल ब्रेमर ने
कहा कि अगर इराक के नए प्रधानमंत्री सद्दाम हुसैन को अपनी सरकार की हिरासत में देने
की माँग करते हैं तो अमेरिका उनकी न्यायिक हिरासत सौंपने के बारे में विचार कर सकता
है । लेकिन अमेरिका सद्दाम को तब तक अपने कब्जे में रखना चाहता है जब तक इराकी
सरकार के पास सद्दाम को अपने कब्जे में रखने की समुचित सुविधा उपलब्ध न हो जाए ।
इराकी अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री अयाद अलावी ने इराक स्थित अमेरिकी प्रशासन से
सद्दाम को अपने कब्जे में लेने के संबंध में बात - चीत की है । लेकिन अभी यह पता
नहीं चल पाया है कि बात - चीत सिर्फ न्यायिक हिरासत की हुई है या सद्दाम को भी
इराकी सरकार के हवाले करने के बारे में अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू. बुश ने
मंगलवार को कहा था कि सद्दाम सहित बाथ पार्टी के अन्य नेताओं को इराकी सरकार के
हवाले तभी किया जाएगा जब उनके पास उन्हें रखने की उचित सुविधा होगी । इस हमले में
तलाबानी के सुरक्षा गार्ड भी घायल हो गए । तेल कंपनी का सुरक्षा प्रमुख घाजी
तलाबानी जलाल तलाबानी का चचेरा भाई था । जलाल पेट्रियॉटिक यूनियन ऑफ कुर्दिस्तान
नामक पार्टी के नेता हैं । इराक में ३० जून को अंतरिम सरकार को सत्ता सौंपे जाने से
पूर्व मारे जाने वाले तलाबानी तीसरे प्रमुख अधिकारी हैं । एक अन्य घटना में रामदी
में बुधवार को सड़क किनारे हुए बम विस्फोट में एक पुलिस अधिकारी की मौत हो गई और दो
अन्य घायल हो गए । पाकिस्तान में आयोजित होने वाले दो दिवसीय सार्क विदेश मंत्रियों
के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारतीय विदेश मंत्री के नटवर सिंह सोमवार को एक
विशेष विमान से इस्लामाबाद के लिए रवाना होंगे । संभावना जताई जा रही है कि वह
पाकिस्तान में पाँच दिन रहेंगे और इस दौरान वह राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ से दो बार
मुलाक़ात कर सकते हैं । पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, विदेश मंत्रियों के
सम्मेलन का उद्घाटन पाकिस्तान के अंतरिम प्रधानमंत्री शुजात हुसैन करेंगे ।
अधिकारियों ने बताया कि नटवर सिंह का २० जुलाई को सार्क के सात देशों के विदेश
मंत्रियों के साथ मुशर्रफ से मिलने का कार्यक्रम है । उम्मीद है कि जम्मू - कश्मीर
व अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों समेत भारत - पाक वार्ता प्रक्रिया पर विचार - विमर्श
हेतु सिंह बाद में मुशर्रफ के साथ एक अलग बैठक कर सकते हैं । कांग्रेस नेतृत्व वाली
यूपीए सरकार और मुशर्रफ के बीच यह पहला राजनीतिक सम्पर्क होगा । इस्लामाबाद में
सिंह शुजात हुसैन के अलावा मनोनीत प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री शौकत अजीज़ और अपने
पाकिस्तानी समकक्ष खुर्शीद महमद कसूरी से भी व्यापक विचार - विमर्श करेंगे । सिंह
१९८० - ८२ के दौरान पाकिस्तान में भारत के राजदूत थे । मनमोहन सिंह सरकार के सत्ता
में आने के बाद यह उनकी पहली पाकिस्तान यात्रा होगी । बहरहाल, सिंह सार्क देशों के
विदेश मंत्रियों के साथ भी द्विपक्षीय बैठक कर सकते हैं । अपने व्यस्त कार्यक्रम के
बावजूद सिंह पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त शिवशंकर मेनन द्वारा दिए जाने वाले
स्वागत समारोह में भी शामिल होंगे । अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बने हिमलिंग
को छह महीनों तक सहेजने के लिए योजना तैयार की जा रही है । श्री अमरनाथ श्राईन
बोर्ड के अध्यक्ष और जम्मू - कश्मीर के राज्यपाल एस. के. सिन्हा ने शुक्रवार को
पत्रकारों को बताया कि रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिक गुफा
के अंदर बर्फ से बने शिवलिंग को सुरक्षित रखने के तरीके खोज रहे हैं और इस पर लगभग
५० लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है । सिन्हा ने कहा कि हिमलिंग को संरक्षित करने
की तकनीक उसे छह महीने तक दर्शन के लिए उपलब्ध कराने में सहायक होगी । उन्होंने कहा
कि वर्तमान समय में दो तीन सप्ताह के लिए ही दर्शन हो पाने के कारण कई बार तीर्थ -
यात्रियों को निराश होकर लौटना पड़ता है और कम अवधि के कारण यात्रा में भीड़ अचानक
बढ़ जाती है । सिन्हा ने कहा कि तीर्थ यात्री की उपस्थिति और मौसम के कारण उत्पन्न
गर्मी से भी हिमलिंग के पिघलने की वजह से सभी लोग दर्शन नहीं कर पाते । सिन्हा ने
कहा कि उनकी योजना है कि केंद्र या राज्य सरकार की मदद के बिना हिमलिंग की संरक्षा
और तीर्थ - यात्रियों की सुविधा पर २० करोड़ रुपये खर्च किए जाएँ । गुजरात के एक
भौतिकशास्त्री को अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा की उस शोध टीम में शामिल किया गया
है जो विभिन्न ग्रहों पर पानी जैसे तत्त्वों पर सूर्य की किरणों के प्रभाव का
अध्ययन करेगी । नासा की शोध टीम में शामिल होने वाले इस गुजराती वैज्ञानिक का नाम
कमल नयन जोशीपुरा है । जोशीपुरा सरदार पटेल विश्वविद्यालय में भौतिकी के प्रोफेसर
हैं । जोशीपुरा का कहना है, मुझे नासा के उन शोधकर्ताओं की टीम में शामिल किया गया
है जिन्हें विभिन्न ग्रहों पर पानी जैसे तत्त्वों पर सूर्य की किरणों के रासायनिक
और भौतिक प्रभाव का अध्ययन करने का दायित्व सौंपा गया है । नासा से जुड़ने का मौका
उन्हें तब मिला जब उन्होंने दो वर्ष पहले नासा के एक वैज्ञानिक अनिल भारद्वाज को ई
- मेल किया । जब भारद्वाज को जोशीपुरा के ई - मेल से इसकी जानकारी मिली कि सरदार
पटेल विश्वविद्यालय का भौतिक विभाग भी ऐसी ही एक शोध परियोजना पर काम कर रहा है, तब
उन्होंने नासा के अधिकारियों में से एक रॉन इल्सनर से बात - चीत की । उन्होंने
इल्सनर को बताया कि जोशीपुरा इस शोध परियोजना में मददगार साबित हो सकते हैं ।
इल्सनर ने जोशीपुरा को वैज्ञानिकों की इस टीम में शामिल करने की अनुमति दे दी । अब
जोशीपुरा अनिल भारद्वाज के साथ मिलकर इस परियोजना पर काम करेंगे । जोशीपुरा ने
बताया कि अनिल भारद्वाज जल्द ही सरदार पटेल विश्वविद्यालय आने वाले हैं । उनके साथ
में इस शोध परियोजना पर बात - चीत करेंगे । गौरतलब है कि जोशीपुरा को नासा के
अलबामा स्थित हेंसविले रिसर्च सेंटर में व्याख्यान देने के लिए आमंत्रित किया गया
था । मई और जून में उन्होंने नासा के इस केन्द्र में कई व्याख्यान दिए । जोशीपुरा
ने बताया कि इस शोध परियोजना में अपनी भागीदारी से उन्होंने विश्वविद्यालय के उप
कुलपति पी. जे. पटेल को अवगत करा दिया है । पटेल ने उनकी भरपूर मदद करने का वादा
किया है । वाजपेयी ने मनाली में पलटवार करते हुए कहा है कि गुजरात की चर्चा
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अवश्य होगी । वाजपेयी के बयान के बाद पार्टी मुख्यालय से
भाजपा के सभी नेता भूमिगत हो गए । दूसरी ओर संघ ने दिल्ली में मौजूद सभी
पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई और वाजपेयी के बयान के बाद स्थिति की समीक्षा की ।
इसमें भाजपा की ओर से विजय कुमार मल्होत्रा मौजूद थे । लेकिन वाजपेयी के 'बाउंसर'
के बाद संघ अब रक्षात्मक मुद्रा में नज़र आ रहा है । वेंकैया ने वाजपेयी के बयान को
काटते हुए कहा था कि राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नरेंद्र मोदी को लेकर कोई चर्चा
नहीं होगी । माना जा रहा है कि पार्टी पर वर्चस्व को लेकर नरमपंथियों और गरमपंथियों
के बीच संग्राम छिड़ गया है । पार्टी हिंदुत्व की धारा पकड़े या फिर वाजपेयी की
नरमपंथ की दिशा में आगे बढ़े । दोनों खेमे राष्ट्रीय कार्यकारिणी में दो - दो हाथ
करने की तैयारी में लगे नज़र आ रहे हैं । नेताओं की बयानबाजी के कारण पूरा घटनाक्रम
दिलचस्प रहा है । लेकिन उसके कुछ घंटों बाद ही संघ प्रमुख सुदर्शन का वाजपेयी के
बयान पर जवाब आया कि गुजरात की हिंसा भाजपा की हार का कारण नहीं थी । भाजपा
प्रवक्ता मुख्तार अब्बास नक़वी ने फिर १६ जून को कहा कि गुजरात के मुद्दे पर अलग से
बंद कमरे में चर्चा हो सकती है । इधर वेंकैया नायडू अपने बयान से पलट गए और
उन्होंने इस मुद्दे पर अलग से चर्चा की बात कही । इसी दिन विहिप के नेता अशोक सिंघल
ने कहा कि भाजपा वाजपेयी और आडवाणी के कारण हारी । कहते हैं मोहब्बत और जंग में सब
कुछ जायज है । और मामला जब देश के सबसे बड़े औद्योगिक साम्राज्य का हो तो यह देखना
दिलचस्प है कि आखिर सुलह के बाद दोनों अंबानी भाईयों के हिस्से में क्या आया ।
बेशक़, माँ कोकिलाबेन के लिए मुकेश और अनिल बराबर हैं । लेकिन, कम से कम एक मामले
में अनिल मुकेश को झुकाने में क़ामयाब रहे हैं । यह वही आनंद जैन हैं, जिनकी
मौजदूगी अनिल को बराबर खटकती रही और इसे सार्वजनिक करने से भी उन्होंने गुरेज़ नहीं
किया । तो दूसरी ओर आनंद जैन को बचाने में नाक़ामयाब रहे मुकेश अपने इस मित्र की
बेटी की शादी में शामिल होने के लिए गोवा रवाना हो गए हैं । समझौते की क़ीमत बने
आनंद जैन प्रतिक्रिया के लिए उपलब्ध नहीं थे । वह गोवा में हैं । वहाँ उनकी बेटी की
शादी है । आनंद जैन आईपीसीएल के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर में रिलायंस इंडस्ट्रीज के
प्रतिनिधि थे । लेकिन, उन्हें आईपीसीएल बोर्ड से आज हटा दिया गया । दरअसल मुकेश और
अनिल अंबानी के रिश्ते में आनंद जैन फाँस बन गए थे । आईपीसीएल के उपाध्यक्ष रहे
अनिल ने इस साल के शुरू में आनंद पर हमले शुरू किए । अनिल ने जैन पर परिवार को
बाँटने की साजिश रचने का आरोप लगाया लेकिन, मुकेश खेमा लगातार उनका बचाव करता रहा ।
आनंद जैन को लेकर अनिल की कड़वाहट का अंदाजा उस पत्र से लगाया जा सकता है जो
उन्होंने जनवरी में अपने बड़े भाई को लिखा था । अनिल ने इसमें लिखा, जैन के साथ
आईपीसीएल में बने रहना मेरे सम्मान के खिलाफ है । जैन को कलयुग का शकुनी बताते हुए
अनिल ने मुकेश को पिता धीरू भाई अंबानी की सीख याद दिलाई कि - चमचे, चेला और
चाटुकारों से बचके रहो । अनिल ने जैन के तौर तरीकों पर आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया
था कि इसकी वजह से रिलायंस समूह की प्रतिष्ठा पर आँच आई है । अनिल अंबानी ने आनंद
जैन पर उनकी चरित्र हत्या तक का आरोप लगाया । इसके बावजूद मुकेश खेमे का रुख ठंडा
रहा । आखिरकार अनिल ने आईपीसीएल बोर्ड से इस्तीफा दे दिया । बहरहाल, इस जंग में एक
तरह से अनिल विजयी साबित हुए । भाइयों के झगड़े में आनंद जैन को आईपीसीएल बोर्ड से
जाना पड़ा । मुकेश अपनी पत्नी नीता के साथ आनंद जैन की बेटी की शादी में शामिल
होंगे । सूत्रों के मुताबिक मुकेश चार दिन तक चलने वाले विवाह समारोह के दौरान गोवा
में ही रहेंगे । इराक के फलुजा स्थित संदिग्ध आतंकी ठिकाने पर शनिवार रात हुए
अमेरिकी हवाई हमले में ११ लोग मारे गए । अमेरिकी वायु - सेना ने यह हमला आतंकी अबू
मुसाब - अल जरकावी के ठिकाने के संदेह में किया । फलुजा स्थित एक प्रमुख अस्पताल के
डॉक्टर ने बताया कि इस हमले में ११ लोग मारे गए और सात घायल हो गए । मृतकों में एक
महिला भी शामिल है । सरकारी सूत्रों ने बताया कि इराक के प्रधानमंत्री इयाद अलावी
ने अमेरिका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना को संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ हमले की
इजाज़त दी थी और इसी के बाद कार्रवाई की गई । अमेरिकी सेना ने भी शनिवार रात हुए इस
हमले की पुष्टि की है । लेकिन हताहतों की संख्या के बारे में कुछ नहीं बताया ।
अमेरिकी सेना के हवाले से कहा गया कि इस सिलसिले में इराकी रक्षा मंत्रालय की ओर से
बाद में बयान जारी किया जाएगा । अमेरिकी वायु - सेना ने अल क़ायदा से संबद्ध आतंकी
जरकावी को निशाना बना कर शनिवार रात अनेक हमले किए । गौरतलब है कि जरकावी ने इराक
के न्याय मंत्री मलेक दोहान के खिलाफ आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली थी । इस हमले
में दोहान तो बच गए लेकिन उनके भतीजे सहित तीन लोग मारे गए थे । जरकावी के सिर पर
ढाई करोड़ डॉलर का इनाम घोषित है । फर्जी पासपोर्ट मामले में भोपाल की एक स्थानीय
अदालत ने मोनिका बेदी के खिलाफ प्रोटेक्शन वारंट जारी किया है । पुलिस अधीक्षक ए.
के. सिंह ने शुक्रवार को बताया कि फर्जी पासपोर्ट मामले में अदालत द्वारा मोनिका
बेदी को पेश किए जाने के आदेश के बाद पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में एक टीम
हैदराबाद रवाना हो गई है । उन्होंने कहा कि मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी दिनेश कुमार
दांगी ने २६ नवंबर को मोनिका को अदालत में पेश करने का आदेश दिया है । मोनिका को ११
नवंबर को अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के साथ पुर्तगाल से प्रत्यर्पित कर मुंबई लाया
गया था । मोनिका पर भोपाल से २००१ में फर्जी पासपोर्ट जारी करवाने का आरोप है ।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि २००२ में सलेम और मोनिका के खिलाफ फर्जी पासपोर्ट मामले
में आरोप दायर करने के बाद अदालत ने दोनों के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था ।
स्थानीय अदालत ने १४ नवंबर को इस मामले में फिर से वारंट जारी किया । केंद्र सरकार
अब 'कैप्टिव पॉवर प्लांट' लगाने के रास्ते की सारी बाधाओं को खत्म करने जा रही है ।
बिजली की अनियमित आपूर्ति से तबाह हो रहे उद्योगों को बचाने और लोगों को बिजली गुल
से राहत दिलाने के लिए सरकार के पास एकमात्र यही रास्ता बचा है । इसलिए सरकार अब
'कैप्टिव पॉवर प्लांट' को बढ़ावा देने जा रही है । प्रस्तावित नई ऊर्जा नीति में
'कैप्टिव पॉवर' के उत्पादन को लाइसेंस मुक्त करने की योजना है । सरकार की कोशिश है
कि ज्यादा से ज्यादा औद्योगिक घराने अपने लिए खुद बिजली उत्पादित कर बाकी बची बिजली
ग्रिड को बेच दें । इस नई नीति से अब औद्योगिक घरानों को अपनी जरूरत के लिए खुद
बिजली पैदा करने के लिए कैप्टिव पॉवर प्लांट लगाने में आसानी होगी । कैप्टिव पॉवर
योजना के तहत २५ मेगावॉट क्षमता तक के प्लांट लगाने का प्रावधान है । लेकिन कैप्टिव
पॉवर को लेकर अभी सरकारी क़ायदे - कानूनों का इतना तगड़ा मकड़जाल है कि यह योजना
लोकप्रिय नहीं हो पाई । राज्य सरकारें भी इस योजना को बढ़ावा देने की बजाए इस पर
टैक्स समेत कई तरह के अंकुश लगाती रहीं हैं । हालांकि एनडीए सरकार के समय तैयार
विद्युत अधिनियम - २००३ में भी कैप्टिव पॉवर को बढ़ावा दिए जाने का प्रावधान है,
लेकिन वामदलों के दबाव में यह अधिनियम अब तक अधर में है । इस अधिनियम में भी
कैप्टिव पॉवर प्लांट लगाने के लिए राज्यों व स्थानीय निकायों से लाइसेंस लेने की
अनिवार्यता है । लेकिन अब नई ऊर्जा नीति में इस योजना को पूरी तरह से लाइसेंस मुक्त
करने का प्रस्ताव है । ऐसा किए जाने से सीमेंट, स्टील, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स,
इंजीनियरिंग, जूट, मैटल व मिनरल, कागज, चीनी व कपड़ा समेत तमाम उद्योगों में
कैप्टिव पॉवर प्लांट लगाया जाना आसान हो जाएगा । तमाम बंदिशों के बाद भी इन
उद्योगों में लगे कैप्टिव पॉवर प्लांटों से अभी भी १८,७४० मेगावाट बिजली पैदा हो
रही है । इसमें से १४,६३६ मेगावाट बिजली ग्रिड को दी जा रही है । ग्रिड को मिली
बिजली आम लोगों तक पहुँचती है । कैप्टिव पावर योजना को बढ़ावा मिलने से सरकार को
उम्मीद है कि बिजली की मार से जूझ रहे उद्योगों को गुणवत्ता वाली जरूरतभर बिजली
उपलब्ध हो जाएगी । जो बिजली बचेगी वह ग्रिड को मिल जाएगी । देश अभी बिजली की १३
फीसदी कमी से जूझ रहा है । अभी मात्र १.१९ लाख मेगावाट बिजली ही पैदा हो रही है
जबकि साल २०१२ तक सभी घरों तक बिजली मुहैया कराने के लिए कम से कम एक लाख मेगावाट
और बिजली चाहिए । इस माँग को कुछ हद तक कैप्टिव पॉवर के जरिए पूरा करने की योजना है
। रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी ने मंगलवार को कहा कि जम्मू - कश्मीर में सेना में
कटौती करने के फैसले की समीक्षा का विकल्प खुला हुआ है । मुखर्जी ने यहाँ गणतंत्र
दिवस शिविर में नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के एक समारोह के बाद पत्रकारों से कहा कि
जम्मू - कश्मीर में सेना में कमी करने का फैसला एक विशेष स्थिति के संदर्भ में लिया
गया था । यदि घुसपैठ में इजाफा होता है या स्थिति बिगड़ती है, तो बेशक़ इस फैसले की
समीक्षा की जाएगी । जम्मू - कश्मीर में हाल के आतंकवादी हमलों के बारे में रक्षा
मंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सरकार के जम्मू - कश्मीर में सेना में कटौती करने
के फैसले की समीक्षा की जाएगी । उन्होंने कहा कि हाल के आतंकी हमलों की वजह सेना
में कमी नहीं है । घुसपैठ के स्तर में कमी बताते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि
आतंकवादी विश्व समुदाय का ध्यान आकर्षित करने के लिए हमेशा गणतंत्र दिवस या
स्वतंत्रता दिवस जैसे बड़े राष्ट्रीय पर्व या किसी विदेशी राजनयिक के दौरों के
मौकों की तलाश में रहते हैं । मुखर्जी ने कहा कि भारत लगातार इस बात पर जोर देता
रहा है कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ को भारत विरोधी गतिविधियों और
आतंकवाद के लिए अपने देश का इस्तेमाल न करने देने के अपने वादे पर क़ायम रहना चाहिए
। आतंकवाद इसको मुहैया किए जाने वाले सैन्य समर्थन पर निर्भर करता है । उन्होंने
कहा कि सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ में हाल में कमी की वजह बाढ़ और सुरक्षा
बलों द्वारा निगरानी का बढ़ाया जाना है । पाकिस्तान के साथ विश्वास क़ायम करने के
उपायों के बारे में रक्षा मंत्री ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान
द्वारा आतंकवादियों को अभी भी लगातार समर्थन दिया जा रहा है । उन्होंने कहा कि भारत
पाकिस्तान के साथ अच्छे संबंध क़ायम करना चाहता है और उसके साथ समग्र वार्ता
प्रक्रिया के तहत विभिन्न स्तरों पर वार्ता चल रही है । लिब्रहान आयोग के समक्ष
शुक्रवार को भाजपा ने कहा कि वह अयोध्या में विवादित ढाँचे को गिराए जाने के विरोध
में थी । आयोग के समक्ष पेश उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने कहा
कि ६ दिसंबर, १९९२ को अयोध्या में विवादित ढाँचे के विध्वंस में उनकी कोई भूमिका
नहीं थी । उन्होंने कहा कि विध्वंस के समय पत्रकारों की पिटाई की गई थी और उन्हें
घटना की तस्वीरें लेने से रोका गया, लेकिन भीड़ में लोगों की पहचान न हो सकने की
वजह से किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई । भाजपा के वकील सत्यपाल जैन ने शुक्रवार को
आयोग के समक्ष कहा कि भाजपा अयोध्या में विवादित ढाँचे को गिराए जाने के विरोध में
थी । उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि भाजपा और
इसके नेता विवादित ढाँचे को गिराने के षडयंत्र में शामिल थे । उन्होंने कहा कि
ढ़ाँचे को गिराया जाना दुर्भाग्यपूर्ण था और पार्टी ढाँचे को किसी तरह का नुक़सान
नहीं पहुँचाना चाहती थी । ढाँचे को जबरन गिराया जाना पार्टी की योजना में कभी भी
शामिल नहीं था । १९८९ के चुनावों में भाजपा ने कहा था कि वह विवादित ढाँचे को
सम्मानपूर्वक किसी दूसरे नज़दीकी स्थान में स्थानांतरित करने के पक्ष में है । ताकि
उसी स्थान पर मंदिर निर्माण का रास्ता निकल सके । जैन ने कहा कि भाजपा नेता बार -
बार विवादित ढाँचे पर चढ़ने वाले लोगों से उतरने की अपील करते रहे, लेकिन लोगों ने
इसकी अनदेखी कर दी । आडवाणी इन लोगों को रोकने के लिए व्यक्तिगत रूप से वहाँ जाना
चाहते थे, लेकिन सुरक्षा कारणों की वजह से उन्हें रोका गया । इसके बाद आडवाणी ने
उमा भारती और प्रमोद महाजन से वहाँ जाकर लोगों को रोकने का अनुरोध किया । दूसरी ओर
कल्याण सिंह के वकील बी. बी. सक्सेना ने मामले की जाँच कर रहे जस्टिस एम. एस.
लिब्रहान को बताया कि मीडियाकर्मियों ने सबूत पेश किए हैं कि उस दिन पत्रकारों की
पिटाई की गई । सक्सेना ने कहा कि सीबीआई ने भी इस बारे में कोई साक्ष्य इकट्ठा नहीं
किए हैं । उन्होंने कहा कि इतना स्पष्ट है कि जिन लोगों ने पत्रकारों को पीटा और
उन्हें तस्वीरें लेने से रोका वे कल्याण सिंह सरकार के खिलाफ थे और चाहते थे कि यह
घटना तस्वीरों के साथ अखबारों में प्रकाशित न हो । हालांकि घटना के समय विवादित
ढाँचे के पास १०० से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन भारी भीड़ की वजह से
मीडियाकर्मियों पर हुई ज्यादतियों के लिए किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया ।
इसलिए यह पहचान करना मुश्किल था कि किसने पत्रकारों की पिटाई की । बिहार व
पूर्वोत्तर के असम, मेघालय व अरुणाचल प्रदेश में कई दिनों बाद भी बाढ़ की स्थिति
चिंताजनक बनी हुई है । बिहार में बाढ़ के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर १२८ हो
गई है । राज्य के तीन जिले दरभंगा, सीतामढ़ी व शिवहर का संपर्क अब भी देश के अन्य
भागों से कटा हुआ है । दरभंगा, मुजफ्फरपुर और मधुबनी में नदियों के जल - स्तर में
कमी हो रही है वहीं खगड़िया और समस्तीपुर में इसमें कोई सुधार नहीं हुआ है । राज्य
में बाढ़ का पानी कई जेलों में घुस जाने के कारण कैदियों को स्थानांतरित किया गया
है । असम में ९० लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं । राज्य के २७ में से
२६ जिले बाढ़ से प्रभावित हैं । सरकारी सूत्रों ने बताया कि इन जेलों में बाढ़ का
पानी घुस गया है । समस्तीपुर के कलेक्टर नरमदेश्वर लाल ने पत्रकारों को बताया कि
रोसड़ा के जेल से ५२ कैदियों को शनिवार को मुजफ्फरपुर सेंट्रल जेल स्थानांतरित किया
गया । इसी आधार पर खगड़िया जेल के सौ कैदियों को भागलपुर जेल में स्थानांतरित किया
गया है । लाल ने कहा कि कैदियों को सुरक्षा व उनके जेल से भागने की आशंका के कारण
स्थानांतरित किया गया है । ब्रह्मपुत्र का जल - स्तर अधिकांश स्थानों पर खतरे के
निशान से ऊपर है । राज्य भर में रेल व सड़क यातायात अस्त - व्यस्त है । जरूरी
सामानों की ढुलाई के लिए कुछ स्थानों पर रेल यातायात को बहाल किया गया है । राज्य
सरकार ने प्रभावित लोगों में राहत सामग्रियों के बँटवारे की निगरानी के लिए
प्रत्येक जिले में आयुक्त स्तर के अधिकारी को नियुक्त किया है । बाढ़ ग्रस्त
क्षेत्रों में सरकार की ओर से चिकित्सा दल भेजे गए हैं । बाढ़ के कारण अरुणाचल और
मेघालय की स्थिति भी चिंताजनक है । मेघालय के गारोहिल्स इलाके में बाढ़ से सौ गाँव
के ८०,००० से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं । राष्ट्रीय महिला आयोग ने भारतीय वायु
सेना की बर्खास्त फ्लाइंग ऑफिसर अंजलि गुप्ता की शिकायत को गंभीरता से लिया है ।
आयोग ने वायु सेना से पूछा है कि क्या सैन्य अदालत ने कार्य - स्थल पर यौन उत्पीड़न
की जाँच के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशाखा मामले में दिए दिशा निर्देशों का
पालन किया था । आयोग ने यह भी पूछा है कि क्या सेना ने इस तरह की शिकायतों के लिए
किसी प्रकोष्ठ का गठन किया है । आयोग ने वायु सेना से १५ फरवरी २००६ तक अंजलि मामले
में की जाँच की रिपोर्ट भी मांगी है । गुप्ता ने १६ जनवरी को आयोग से अपनी
बर्खास्तगी के मामले में फिर से जाँच की गुहार लगाई थी । उसकी माँग थी कि उसके
द्वारा अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप की जाँच सुप्रीम
कोर्ट द्वारा तय दिशा निर्देशों के तहत की जाए । अंजलि ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों
पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था । जबकि सैन्य अदालत ने अंजलि को भ्रष्टाचार और
वरिष्ठ अधिकारियों का आदेश नहीं मानने के आरोप में दोषी पाया था और जनरल
कोर्टमार्शल के बाद उसे सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था । आयोग में की अपनी शिकायत
में गुप्ता ने कहा था कि जब वह बेंगलोर में नियुक्त थी तब कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने
उसका यौन उत्पीड़न किया, लेकिन उन पर तो कोई कार्रवाई नहीं हुई अलबत्ता उसे जरूर
बर्खास्त कर दिया गया । उसने यह भी आरोप लगाया कि सैन्य अदालत ने कार्य - स्थल पर
यौन उत्पीड़न की जाँच के दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा विशाखा मामले में दिए दिशा -
निर्देशों का पालन नहीं किया । अंजलि कर्नाटक राज्य महिला आयोग में भी अपनी शिकायत
दर्ज करा चुकी है । पार्टी का कहना है कि देश जब जनसंख्या पर काबू पाने की कोशिशों
के साथ उन्नति की तरफ बढ़ रहा है, तब आरएसएस जनसंख्या बढ़ाने की नसीहत देकर गरीबी
की तरफ खींच रहा है । उन्होंने कहा कि लोगों के लिए विकास का मसला अधिक जरूरी है ।
सिंघवी ने कहा कि संघ की सामाजिक व सांस्कृतिक संस्था होने की हकीक़त खुलकर सामने आ
गई है । संघ व भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं । यही वजह है कि जनसंख्या रिपोर्ट
का धर्म, समुदाय व वर्ग के नजरिए से विश्लेषण किया गया है । उन्होंने कहा कि इस
रिपोर्ट का मक़सद धर्म के बीच दूरियाँ पैदा करना है । पिछले आम चुनाव में जनता
उन्हें अपना फैसला सुना चुकी है, पर कुछ लोग इतिहास से सबक नहीं सीखते हैं । पार्टी
प्रवक्ता अभिषेक मनु संघवी ने भाजपा को विचित्र पार्टी का दर्जा देते हुए कहा कि
वहाँ अध्यक्ष बाहर से नियुक्त किए जाते हैं । उन्होंने कहा कि भाजपा को रिमोर्ट
कंट्रोल से चलाते हुए संघ तमाम फायदे चाहता है, पर जवाबदेही से बचता है । वहीं,
शुक्रवार को प्रगति मैदान में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में सपा अध्यक्ष
और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने संघ प्रमुख के. एस. सुदर्शन की
हिंदुओं को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने की सलाह की जमकर खिल्ली उड़ाई । इन बातों
का कोई मतलब नहीं है । अब मंदिर और मस्जिद के मुद्दों को लोग तवज्जो नहीं देते ।
उन्होंने कहा कि हिंदुओं के वोट बटोरने के लिए सुदर्शन जो भी करना चाहते हैं,
उन्हें करने दीजिए । उल्लेखनीय है कि देश में जनसंख्या का सांप्रदायिक आधार पर
विश्लेषण करते हुए संघ प्रमुख सुदर्शन ने बृहस्पतिवार को हिंदुओं से कहा था कि
बहुसंख्यक - अल्पसंख्यकों की अवधारणा को खत्म करने के लिए उन्हें भी कम से कम तीन
बच्चे पैदा करने चाहिए । जबकि ऐसे मुद्दों पर आग उगलने वाले गुजरात के मुख्यमंत्री
नरेंद्र मोदी ने सुदर्शन के बयान पर फिलहाल चुप्पी साध रखी है । सुदर्शन के हिंदुओं
के कम से कम तीन बच्चे होने का फार्मूला गुजरात में लागू करने के बारे में पूछने पर
वे इस बात को टाल गए । अविवाहित मोदी ने कहा कि सही व्यक्ति से यह सवाल नहीं किया
गया है । उनका इसमें कोई योगदान नहीं है । मानव संसाधन विकास मंत्रालय का महिला एवं
बाल विकास विभाग संयुक्त राष्ट्र मानव विकास रिपोर्ट की नई प्रति को लेकर काफी
चौकन्ना हो गया है । विभाग के मुताबिक देश के बारे में ऐसी रिपोर्ट चिंता का विषय
है । महिला एवं बाल विकास सचिव रेवा नैयर ने कहा कि जिन राज्यों में महिलाओं और
बच्चों के प्रति जुल्म हो रहे हैं उन्हें चेतना चाहिए । सचिव ने कहा कि इससे देश की
बदनामी होती है । अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश के प्रति इस तरह का संदेश जाना ठीक
नहीं है । लाखों की संख्या में भ्रूण हत्या, लड़कियों और लड़कों के अनुपात में
बढ़ती दूरी, बच्चों की तस्करी, बंधुआ मजदूरी, बढ़ती नशे की लत, बाल अपराध को बढ़ावा
देने वाले सक्रिय गिरोह और लड़कियों के विरुद्ध अपराध इन सभी पर लगाम लगनी ही चाहिए
। सचिव ने कहा कि उन्होंने राज्यों को इस तरफ ध्यान देने की अपील के मद्देनज़र
यूएनडीपी रिपोर्ट के कुछ पृष्ठों को मार्क करके राज्यों के सचिवों को भी लिखा है ।
महिला एवं बाल विकास की सचिव ने कहा कि केंद्र सरकार बच्चों एवं महिलाओं की दशा तथा
इनके विरुद्ध अपराध को लेकर गंभीर है । नेशनल चाइल्ड एक्शन प्लान का मंतव्य भी यही
है । सचिव ने बताया कि संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार राष्ट्रीय बाल आयोग का
विधेयक लोक सभा और राज्य सभा में रखेगी । सचिव ने बताया कि अभी इसका प्रारूप संसदीय
स्थाई समिति के पास है । रेवा नैयर ने कहा कि इस विधेयक के पारित हो जाने के बाद हर
राज्य में एक राज्य बाल आयोग गठित हो जाएगा । इस आयोग के पास राष्ट्रीय मानव अधिकार
आयोग की तरह सभी अधिकार होंगे और यह राज्य में ० - १८ वर्ष तक के बच्चों के विरुद्ध
होने वाले अपराधों पर अपनी पैनी नज़र रखेगा । सचिव ने कहा कि इस आयोग के गठन के बाद
सरकार अपने आप बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और विकास पर राशि खर्च करने के लिए
बाध्य हो जाएगी । काँची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती को कोर्ट ने आज
भी किसी तरह की राहत नहीं दी । तमिलनाडु पुलिस की इस याचिका पर कोर्ट शुक्रवार को
फैसला सुनाएगा । मठ के पूर्व अधिकारी शंकर रमन की हत्या के मामले में गिरफ्तार
शंकराचार्य ने आज पहली बार कोर्ट से कहा कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है । आज
सुबह से ही मद्रास हाईकोर्ट और काँचीपुरम के फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट की अदालत के
बाहर भारी गहमा - गहमी थी । इन दोनों ही अदालतों में अभियोजन और बचाव पक्ष के बीच
जमकर तकरार हुई । मजिस्ट्रेट के निर्देश पर बृहस्पतिवार को भारी सुरक्षा के बीच
शंकराचार्य को वेल्लूर सेंट्रल जेल से काँचीपुरम लाया गया । काँचीपुरम कोर्ट परिसर
में बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को तैनात किया गया था और आम लोगों के प्रवेश पर
रोक लगा दी गई थी । मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस आर. बालासुब्रह्मण्यम् ने शंकराचार्य
के वकील राम जेठमलानी और अभियोजन पक्ष के वकील के. टी. एस. तुलसी की दलीलों को
सुनने के बाद जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है । राज्य पुलिस ने ११ नवंबर
को आंध्र प्रदेश के महबूबनगर से शंकराचार्य को गिरफ्तार किए जाने की एक वीडियो
रिकॉर्डिंग कोर्ट में पेश की और कहा कि आचार्य को गिरफ्तार करने से पहले सुप्रीम
कोर्ट के निर्देशों का पालन किया गया था । मद्रास हाईकोर्ट के साथ ही लोगों की नज़र
काँचीपुरम कोर्ट पर लगी थी । लेकिन, फर्स्ट क्लास मजिस्ट्रेट जी. उत्तमराजा ने
शंकराचार्य को पुलिस रिमांड पर दिए जाने संबंधी पुलिस की याचिका पर फैसला टाल दिया
। वह अब कल सुबह इस पर फैसला देंगे । पुलिस जयेंद्र सरस्वती को पाँच दिन के रिमांड
पर मांग रही है । लेकिन, कोर्ट में पेश शंकराचार्य ने इसका विरोध करते हुए कहा कि
उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया है । उन्होंने आशंका जताई कि रिमांड पर दिए जाने पर
उनके साथ बदसलूकी हो सकती है । शंकराचार्य के जवाब को टाईप किया गया और उस पर कोर्ट
ने उनके अंगूठे के निशान लिए । तीन घंटे चली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें स्टूल
पर बैठने की इजाज़त दी । सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट ने शंकराचार्य से उनके
स्वास्थ्य के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, मैं कह नहीं सकता कि ठीक हूँ । इस पर
मजिस्ट्रेट ने कहा, डॉक्टर तो कह रहे हैं कि आपकी स्थिति सामान्य है । पर
शंकराचार्य ने इससे इंकार किया । विजयेंद्र सरस्वती ने भी काँची के कोर्ट में आवेदन
दाखिल कर शंकराचार्य से मिलने की इजाज़त माँगी है । सुनवाई के दौरान सरकारी वकील
जयकुमार ने शंकररमन की ३ सितंबर को हुई हत्या से जुड़े घटनाक्रम की जानकारी दी और
कहा कि तथ्यों की जानकारी के लिए शंकराचार्य को पाँच दिन के रिमांड पर दिया जाए ।
उन्होंने कहा कि वह उनसे इस मामले के आरोपियों को दिए गए धन और शंकररमन द्वारा लिखे
गए कुछ के बारे में पूछ - ताछ करना चाहते हैं । उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस
रिमांड पर शंकराचार्य को परेशान नहीं किया जाएगा और उन्हें उचित भोजन उपलब्ध कराया
जाएगा । इसका विरोध करते हुए बचाव पक्ष के वकील के. एस. दिनकरण ने कहा कि न्यायिक
हिरासत में भेजे जाने के बाद मजिस्ट्रेट अपने आदेश को नहीं बदल सकते । भाजपा के
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री बाबू लाल मरांडी ने
बृहस्पतिवार को कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी से तब मिलेंगे जब उन्हें
बुलाया जाएगा । झारखंड में यदुनाथ पांडेय को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से नाराज चल
रहे मरांडी ने कहा कि उन्हें अब तक आडवाणी की ओर से कोई बुलावा नहीं आया है । इसलिए
उन्हें हाईकमान के जवाब का इंतजार है । उल्लेखनीय है कि भाजपा ने पार्टी विधायकों,
सांसदों, जिलाध्यक्षों, वरिष्ठ पार्टी नेताओं व अन्य पदाधिकारियों को इस समारोह में
शामिल होने का न्यौता दिया है । सूत्रों का कहना है कि पांडेय की नियुक्ति का विरोध
कर रहे पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ यह आयोजन शक्ति प्रदर्शन का एक अवसर
रहेगा । सरकार एड्स के मुफ्त इलाज की सुविधा को और अधिक समय के लिए बढ़ा रही है ।
और इस साल के अंत तक 25 हजार लोगों को इसकी दवा मिलने की उम्मीद है । नेशनल एड्स
कंट्रोल ऑर्गिनाइजेशन के डॉ. अजय खेरा ने बताया कि सरकार ने पिछले साल अप्रैल से
एड्स के इलाज को भी एचआईवी रोधी अपनी नीति में शामिल कर लिया है । यह बात उन्होंने
यहाँ देख - भाल से एचआईवी के बचाव पर एक टूलकिट लाँच करते हुए कही । उन्होंने कहा
कि इस रोग का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या 2007 के अंत तक 100,000 हो जाएगी । इस
साल के अंत तक सरकार के सौ एआरटी (एड्स रोधी इलाज) सेंटर हो जाएँगे । इसके साथ ही
हर राज्य में कम से कम एक सेंटर होगा । इस माह के अंत तक ही देश में 36 एआरटी सेंटर
होंगे । अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 72 डॉलर प्रति बैरल होने के
साथ इंडियन ऑयल कोरपोरेशन (आईओसी) ने हर रोज 80 करोड़ रुपये राजस्व के घाटे को
देखते हुए पेट्रोल की कीमत 5.6 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 7.6 रुपये प्रति
लीटर बढ़ाए जाने की माँग की है । आईओसी अध्यक्ष एस. बेहुरिया ने यहाँ पत्रकारों से
कहा कि यदि कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर क़ायम रहती हैं, तो वर्ष 2006 - 07
के लिए हमारा राजस्व घाटा करीब 30 हजार करोड़ रुपये रहेगा । आज यहाँ संवाददाताओं से
बात - चीत करते हुए बेहुरिया ने कहा कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के लिए यह बहुत
खराब समय चल रहा है और जल्द ही स्थिति को संभालने के लिए कुछ करने की जरूरत है । एक
सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ऑयल कंपनियों की वित्तीय स्थिति को संभालने के
लिए पिछले साल की ही तरह सरकार कुछ कदम उठा सकती है । इसके साथ ही रंगराजन समिति की
सिफारिशों को भी कुछ हद तक लागू किया जा सकता है । गौरतलब है कि पिछले साल सरकार ने
पेट्रोल व डीजल के दामों में बढ़ोतरी के साथ ही ऑयल कंपनियों के लिए 11,500 करोड़
रुपये के बौंड भी जारी किए थे । इसी के चलते ऑयल कंपनियाँ अपने घाटे पर काफी हद तक
काबू कर पाई थीं । उन्होंने कहा कि अगर अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम
मौजूदा स्तर पर ही बने रहे तो चालू वित्त वर्ष के दौरान पेट्रो उत्पादों की बिक्री
पर कंपनी को 30,000 करोड़ रुपये का नुक़सान उठाना पड़ेगा । अकेले अप्रैल माह में इस
मद में कंपनी को 2500 करोड़ रुपये का नुक़सान उठाना पड़ सकता है । गौरतलब है कि ऑयल
कंपनियों के नुक़सान की भरपाई के मुद्दे पर विचार - विमर्श करने के लिए पेट्रोलियम
एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा अगले हफ्ते वित्त मंत्री पी. चिदंबरम् के
साथ मुलाकात करने वाले हैं । इसके साथ ही रंगराजन समिति की सिफारिशों पर भी सरकार
विचार कर रही है । कुछ राज्यों में हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की पहल के
तहत केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने कश्मीरी पंडितों से पहले दौर की बात की
है । जम्मू - कश्मीर के कश्मीरी पंडितों और पंजाब और उत्तर पूर्वी राज्यों के
हिंदुओं को अल्पसंख्यक का दर्जा देने के लिए मंत्रालय ने एड़ी चोटी का जोर लगा दिया
है । इसके लिए मंत्रालय कश्मीरी पंडितों से लेकर राज्य सरकारों से भी लगातार बातचीत
कर रहा है । कश्मीरी पंडितों के साथ मंत्रालय की पहले चरण में हुई बैठक में उनसे इस
मसले पर राय माँगी गई है । अंतिम बैठक के बाद कैबिनेट को इस बाबत प्रस्ताव भेजे
जाने की संभावना है । सूत्रों के मुताबिक अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ए. आर.
अंतुले ने दो चरणों में हुई बैठक में कश्मीरी पंडितों से उस रिपोर्ट पर चर्चा की
जिसमें कश्मीरी पंडितों को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की सिफारिश की गई थी । सौ
पन्नों की इस रिपोर्ट को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने तैयार किया था । सूत्रों के
मुताबिक मंत्रालय मानता है कि देश के पाँच राज्यों जम्मू - कश्मीर, पंजाब,
नागालैंडा, मिजोरम तथा मेघालय और केंद्र शासित लक्षद्वीप में हिंदुओं की आबादी तेजी
से घट रही है । इन राज्यों में हिंदू अल्पसंख्या में आ गए हैं लिहाजा उन्हें
अल्पसंख्यक का दर्जा दिया जाना चाहिए । दूसरी तरफ कश्मीर में मुस्लिमों की संख्या
ज्यादा होने के चलते वहाँ रहने वाले हिंदू भी अल्पसंख्यक हैं । उन्हें भी वही लाभ
दिए जाने चाहिए जो अल्पसंख्यकों को दिए जाते हैं । कश्मीरी पंडितों की आवाज को
मंत्रालय के सामने रखने वाले एक नुमाइंदें का कहना है कि हम तो अपने अधिकारों की
बात भूल ही गए थे लेकिन मंत्रालय की इस कोशिश से एक बार फिर हमें हमारे वजूद का
अहसास हो रहा है । नागालैंड में 90 फीसदी आबादी ईसाई हो चुकी है तथा यहां 7.7 फीसदी
ही हिंदू रह गए हैं । पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे प्रमुख
माकपा के राज्य सचिव अनिल बिस्वास की तबियत बिगड़ने से पार्टी को तगड़ा झटका लगा है
। हेमरेज के बाद बिस्वास की ब्रेन सर्जरी की गई थी लेकिन रविवार को उनके शरीर के
बाएँ हिस्से में लकवा मार गया । ६१ वर्षीय बिस्वास की हालत गंभीर बनी हुई है । ऐसे
में माकपा को नया चेहरा तलाशना होगा, जो इस वर्ष अप्रैल - मई में पाँच चरणों में
होने वाले चुनाव में पार्टी के अभियान का नेतृत्व कर सके । रविवार सुबह पार्टी
राज्य समिति की आपात बैठक में बिस्वास की बीमारी से उपजी स्थिति पर विचार - विमर्श
किया गया । बिश्वास शनिवार रात मालदा में पार्टी की चुनावी सभा को संबोधित करने जा
रहे थे । लेकिन शाम को अपने आवास पर अचानक उनकी हालत बिगड़ गई । उन्हें तुरंत
नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, जहाँ दिमाग में खून जम जाने के कारण उनकी ब्रेन
सर्जरी की गई । डॉ. जयंत बसु ने बताया कि बिस्वास के दिमाग के दाएँ हिस्से में खून
का एक बड़ा क्लॉट जमा है और उनके शरीर के बाएँ हिस्से में लकवा मार गया है ।
बिस्वास की ग़ैर मौजूदगी में माकपा ऐसे नेता की तलाश में जुट गई है, जो राज्य में
होने वाले चुनाव में पार्टी के अभिनय का सफल नेतृत्व कर सके । रविवार सुबह पार्टी
की राज्य इकाई की आपात बैठक में इस मुद्दे पर भी चर्चा की गई । वयोवृद्ध नेता
ज्योति बसु और मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य समेत कई नेता अपने चुनाव संबंधी
कार्यक्रमों को स्थगित कर बैठक में शामिल हुए । हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई है कि
बिस्वास जल्द स्वस्थ हो जाएंगे । पार्टी नेता बृंदा करात और सीताराम येचुरी भी
बिश्वास के हाल - चाल लेने और स्वास्थ्य का जायज़ा लेने यहाँ पहुँच रहे हैं । सिक्ख
गुरुद्वारा न्यायिक आयोग (एसजीजेसी) ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी
(एसजीपीसी) की प्रधान बीबी जागीर कौर को एसजीपीसी की सदस्यता से बर्खास्त कर दिया
और अगले पाँच साल तक उन्हें चुनाव लड़ने के अयोग्य करार दिया है । उन पर श्री गुरु
रामदास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस एंड रिसर्च में पार्टी से जुड़े आठ नेताओं व
प्रभावशाली लोगों के बच्चों को एनआरआई (नॉन रेजिडेंट इंडियन) कोटे में दाखिला देने
में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी करने का आरोप है । जागीर कौर इस फैसले को हाईकोर्ट में
चुनौती देंगी । कश्मीर सिंह पट्टी की अध्यक्षता वाले तीन सदस्यीय आयोग ने मंगलवार
को महत्वपूर्ण फैसले में याचिका में आरोपी बनाए गए चार अन्य लोगों को बरी कर दिया ।
आयोग के फैसले पर पट्टी के साथ अजवंत सिंह मान और अमरीक सिंह रंधावा ने हस्ताक्षर
किए । याचिकाकर्ता के वकील सुरिंदर मोहन विरमानी ने बताया कि फैसले के अनुसार बीबी
जागीर कौर को २ करोड़ ५५ लाख २३ हजार रुपये पर याचिका दायर किए जाने के समय से
एसजीपीसी खाते में पैसे जमा कराने के समय तक ९ प्रतिशत की दर से ब्याज का भुगतान
करना पड़ेगा । इसके साथ ही उन्हें एसजीपीसी की सदस्यता और प्रधान के पद से भी हटा
दिया गया है । उल्लेखनीय है कि याचिका में श्री गुरु रामदास इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल
साइंसेस एंड रिसर्च में वर्ष १९९९ - २०००, २००० - २००१ और २००१ - २००२ में एनआरआई
कोटे में हुए दाखिलों को चुनौती दी गई थी । आयोग ने वर्ष २००१ - २००२ के दाखिले में
कोई गड़बड़ी नहीं पाई । पहले दो वर्षों में एसजीपीसी के प्रधान पद पर बीबी जागीर
कौर काबिज थीं । उनके कार्यकाल में १९९९ - २००० में एनआरआई कोटे से दाखिला लेने
वालों की फीस ७५ हजार डॉलर से घटाकर ५० हजार डॉलर कर दी गई थी । इस प्रकार शिरोमणि
अकाली दल के तरनतारन से वर्तमान सांसद और राज्य के तत्कालीन पशु - पालन मंत्री डॉ.
रतन सिंह अजनाला और एक अन्य को २५ हजार डॉलर की दर से छूट दी गई । अगले वर्ष २००० -
२००१ में छह अन्य अकाली नेताओं के बच्चों को एनआरआई कोटे के तहत दाखिला दिया गया
तथा बाद में उनसे सामान्य कोटे की दर से फीस की वसूली की गई । आयोग के चेयरमैन
पट्टी ने कहा कि मामले की सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि श्री गुरु रामदास
इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस में संचालित एमबीबीएस कोर्सों में दाखिले के दौरान
यह सुविधा सिर्फ शिरोमणि अकाली दल और एसजीपीसी से जुड़े नेताओं के बच्चों को ही दी
गई । उन्होंने कहा कि आयोग ने कुछ विद्यार्थियों की फीस न देने पर जो उनके खिलाफ
फैसला दिया है, वह सरासर गलत और ग़ैर कानूनी है । देश में उच्च शिक्षा के लिए
दाखिला लेने वाले एक करोड़ छात्रों में ८४ लाख का भविष्य अब भी अधर में झूल रहा है
। ये पढ़ाई तो कर रहे हैं लेकिन रोजगार भाग्य के ही भरोसे है । यानि यह खोटी शिक्षा
इन्हें रोजी - रोटी की गारंटी नहीं दे सकती । यहाँ तक कि तमाम दावों के बावजूद मानव
संसाधन विकास मंत्रालय अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्य योजना नहीं तैयार कर सका
है । विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अभी इंटरनेट और कंप्यूटर नेटवर्क से जोड़ने की
योजना को भी अमलीजामा नहीं पहनाया जा सका है । विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के
आँकड़ों के मुताबिक ४५ लाख छात्र अकेले कला संकाय में नामांकित हैं । इसमें प्रबंधन
की पढ़ाई करने वालों की गिनती मात्र की संख्या है । प्रो. अनिल सद्गोपाल इसका सबसे
बड़ा कारण उच्च शिक्षा का पुरातन बने रहना मानते हैं । उच्च शिक्षा के संसाधनों के
प्रति भी सरकार का रवैया उदासीनता भरा रहा है । योजना आयोग के सदस्य प्रो. भाल
चंद्र मुंगेकर ने मंत्रालय को सौंपी अपनी रिपोर्ट में पहली उच्च शिक्षा की वास्तविक
स्थिति बयां कर दी है । इस क्रम में ७.१६ लाख छात्र इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी की
पढ़ाई पढ़ रहे हैं । रोजगार पा जाने की कुछ विश्वसनीय उम्मीद इन्हीं में है । लेकिन
अब भारी मात्रा में इंजीनियरिंग के डिग्रीधारी भी बेरोज़गार घूम रहे हैं ।
अल्पसंख्यक आयोग के हाल में चेयरमैन बने और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व
कुलपति प्रो. हामिद अंसारी के मुताबिक इन्हें थोड़ा सा प्रशिक्षण देकर काबिल बनाया
जा सकता है । लेकिन पहल करे तो कौन । इस बारे में मानव संसाधन विकास मंत्रालय के
संयुक्त सचिव के मुताबिक अभी सरकार ने इन बिंदुओं को ध्यान में रखकर कोई कार्य
योजना तैयार नहीं की है । संयुक्त सचिव के मुताबिक शिक्षा का अर्थ रोजगार पाना नहीं
होता । पश्चिम बंगाल में टैक्सी मालिकों ने किराया वृद्धि की माँग को लेकर मंगलवार
को एक दिन की हड़ताल रखने के बाद अपनी अनिश्चितकालीन हड़ताल वापस लेने का फैसला
किया है । जबकि निजी बस और मिनी बस मालिकों ने अपना आंदोलन तय कार्यक्रम के अनुसार
जारी रखने का फैसला किया है । परिवहन मंत्री सुभाष चक्रवर्ती के साथ बैठक के बाद
बंगाल टैक्सी एसोसिएशन (बीटीए) और कलकत्ता मेट्रोपॉलिटन टैक्सी ड्राईवर्स यूनियन
(सीएमटीडीयू) के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे किराया बढ़ाये जाने के सरकार के आश्वासन
के बाद बुधवार से अपनी हड़ताल समाप्त कर देंगे । उन्होंने कहा कि किराया बढ़ाए जाने
के फैसले पर राजनीतिक और तकनीकी कारणों की वजह से देरी हो रही है । हालांकि
उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अगले महीने दुर्गा पूजा से पहले इस बारे में फैसला
ले लेगी । मुंबई धमाकों के आरोपी फिल्म स्टार संजय दत्त को विशेष टाडा अदालत ने कुछ
शर्तों के साथ ठाणे जिले के करजाट में शूटिंग पर जाने की इजाजत दे दी । संजय के
वकील ने अदालत से फिल्म 'मुन्नाभाई - २' की शूटिंग के वास्ते चार दिन के लिए संजय
को मुंबई के बाहर जाने की इजाज़त का अनुरोध किया था । विशेष जज पी. डी. कोडे ने कहा
कि संजय शूटिंग के लिए जा सकते हैं, पर इस बीच यदि उन्हें सम्मन भेजा जाता है तो
उन्हें हाजिर होना होगा । इस बीच अदालत ने जमानत पर चल रहे अन्य आरोपियों को पेशी
पर हाजिर होने के लिए ३ जनवरी तक की छूट दे दी । दिल्ली विश्वविद्यालय की तरह
रैगिंग का साया अब गुड़गाँव के कॉलेजों पर भी पड़ने लगा है । गुड़गाँव के
प्रतिष्ठित नेशनल लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष के एक छात्र के साथ वरिष्ठ छात्रों
द्वारा रैगिंग करने का मामला प्रकाश में आया है । सीनियर छात्रों ने नए छात्र के
साथ अभद्र तरीके से रैगिंग करने की कोशिश की । इसका विरोध करने पर उसे इतना पीटा कि
वह लहू - लुहान हो गया और उसे अस्पताल में भर्ती करवाना पड़ा । अब कॉलेज प्रशासन इस
मामले पर लीपा - पोती करने की कोशिश कर रहा है । बताया जाता है कि १७ अगस्त को विधि
स्नातक के पहले वर्ष का छात्र प्रशांत टोकस सेक्टर - ४२ स्थित नेशनल लॉ कॉलेज गया
था । प्रशांत दिल्ली से कॉलेज आया था । पहले ही दिन कॉलेज परिसर में आधा दर्जन से
अधिक सीनियर छात्रों ने उसे घेर लिया । उन्होंने प्रशांत के साथ अभद्र व्यवहार शुरू
कर दिया । प्रशांत ने इसका विरोध किया तो उन्होंने उसे जमकर पीटा । प्रशांत के
अभिभावकों के अनुसार उसके चेहरे, गले व छाती पर जबरदस्त प्रहार किए गए । इसके चलते
उसका चेहरा व गला सूज गया । प्रशांत के रिश्तेदार विकास टोकस के अनुसार प्रशांत
लगभग दो घंटे तक कॉलेज में लहू - लुहान पड़ा रहा, लेकिन कॉलेज प्रशासन ने उसे
फर्स्ट एड देने के बजाय मामले को रफा - दफा कराने का प्रयास किया । बाद में प्रशांत
के पिता अजीत टोकस को यह जानकारी दी गई । प्रशांत को लेकर अजीत टोकस सिविल अस्पताल
गए । वहाँ डॉक्टरों ने प्रशांत की हालत देखकर उसे अस्पताल में दाखिल कर लिया ।
प्रशांत १८ अगस्त तक अस्पताल में रहा । बाद में वहाँ से उसे डिस्चार्ज कराकर दिल्ली
के एक निजी अस्पताल में दाखिल किया गया । अजीत टोकस के अनुसार अभी भी प्रशांत पूरी
तरह से ठीक नहीं हुआ है । प्रशांत के परिजनों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने
रैगिंग करने वाले छात्रों के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है । उनके अनुसार
कॉलेज प्रशासन इस मामले पर लीपा - पोती कर दोषी छात्रों को बचाने की कोशिश कर रहा
है । प्रशांत ने कॉलेज के सीनियर छात्र रविंद्र यादव, सचिन सहरावत व प्रवीण नागर
सहित सात छात्रों पर रैगिंग करने का आरोप लगाया है । इस बीच लॉ कॉलेज के निदेशक
प्रो. जे. एल. कौल ने स्वीकार किया कि १७ अगस्त को कॉलेज परिसर में एक घटना हुई है
। हालांकि उन्होंने इसे रैगिंग का मामला मानने से इन्कार कर दिया । उन्होंने कहा कि
इस घटना की शिकायत उन्हें मिली है । इस शिकायत को कॉलेज की अनुशासनात्मक समिति को
भेज दिया गया है । समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई होगी । कर्मचारी भविष्य
निधि (ईपीएफ) ब्याज दर को कम करके ८.५ प्रतिशत करने के यूपीए सरकार के फैसले के
विरोध में शुक्रवार को देश भर में लाखों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए । पिछले तीन
वर्षों के ईपीएफ ब्याज दर को बरक़रार रखने की माँग करते हुए कर्मचारियों ने जगह -
जगह धरना - प्रदर्शन किया । सेंट्रल ट्रेड यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने सरकार
के एकतरफा फैसले के खिलाफ गेट मीटिंग और प्रदर्शन किए । इसके अलावा उन्होंने रैली
भी निकाली और जनसभाएं भी आयोजित कीं । सीटू, बीएमएस और एचएमएस जैसे कर्मचारी संघों
के नेताओं ने बताया कि कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री को टेलीग्राम भेजकर उनसे ईपीएफ
ब्याज दर को बहाल करने की माँग की है । सीटू अध्यक्ष एम. के. पंढे ने कहा कि
कर्मचारियों ने अपनी माँग के समर्थन में देश भर में स्थानीय प्रशासन और रीजनल
प्रोविडेंट फंड कमिश्नरों को ज्ञापन सौंपा है । पंढे के मुताबिक, कर्मचारियों ने
कहा है कि इस माँग को पूरा कराने के लिए ट्रेड यूनियनों को आंदोलन तेज करना चाहिए
क्योंकि इससे पाँच करोड़ ईपीएफ उपभोक्ता और उनके दस करोड़ आश्रित प्रभावित हो रहे
हैं । उन्होंने यह भी कहा कि संसद के बजट सत्र तक यह विरोध जारी रहेगा । पंढे ने
आगे कहा कि कर्मचारियों ने राष्ट्रीय राजधानी और आस - पास के इलाकों मसलन
गाज़ियाबाद, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, नोएडा और गुड़गाँव में भी विरोध - प्रदर्शन किया ।
बीएमएस के नेता आशु भाई दवे ने कहा कि राजस्थान, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, बिहार,
महाराष्ट्र और गुजरात में भी प्रदर्शन हुए और रैलियाँ निकाली गईं । बहरहाल, आगे की
रणनीति तय करने के लिए सभी ट्रेड यूनियनों की जल्द ही एक बैठक होगी । शनिवार से
प्रारंभ हो रहे कांग्रेस के तीन दिवसीय महाधिवेशन के दौरान कई ज्वलंत मुद्दों पर
पार्टी अपनी स्पष्ट रणनीति तैयार करेगी । सबसे अहम् मुद्दा है, कुछ प्रमुख राज्यों
के आसन्न विधानसभा चुनाव । खासकर साझा सरकारों के इस नए राजनीतिक दौर में इन
चुनावों को पार्टी काफी गंभीरता से ले रही है । इसके अलावा कर्नाटक में बदलते
राजनीतिक समीकरण, बोफोर्स का ताजा घटनाक्रम और केंद्र सरकार को सहयोग दे रहे
वामदलों के दबाव इत्यादि मसले भी हैं, जिनके महाधिवेशन के दौरान चर्चा में छाए रहने
की संभावना है । वैसे पार्टी के इस महाधिवेशन का जोश कर्नाटक के नए राजनीतिक
घटनाचक्र के कारण कुछ ठंडा जरूर पड़ा है । ऐन मौके पर सोनिया गाँधी हैदराबाद के
माहौल से दूर बेंगलौर की गुत्थी को सुलझाने में लगी हैं और फिलहाल सिरा पकड़ में
नहीं आ रहा है । पाँच साल पहले मार्च 2001 को बेंगलौर में कांग्रेस महाधिवेशन हुआ
था । तब केंद्र में वाजपेयी सरकार सत्ता में थी और सभामंच से सोनिया ने तहलका मामले
में सरकार पर तैश भरे आक्रमण किए थे । सोनिया उस समय लोकसभा में विपक्ष की नेता थीं
। तब कांग्रेस कुछ खोने की स्थिति में नहीं थी, पर इस बार मामला पलटा हुआ है । वह
सत्तारूढ़ संप्रग सरकार की अध्यक्ष हैं । कर्नाटक के सवाल पर जवाबदेही के लिए
छींटाकशी का खेल शुरू हो चुका है । यह भी कहा जा रहा है कि सोनिया कर्नाटक के
संकेतों को पढ़ने में नाक़ाम रही हैं । इसके अलावा वोल्कर प्रकरण और बोफोर्स के
नवीनतम घटनाक्रमों का साया भी महाधिवेशन के साथ - साथ चल रहा है । बहरहाल, सम्मेलन
में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी के वरिष्ठ
मंत्रिगणों और कांग्रेस शासित 15 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के अलावा प्रदेश व जिला
इकाईयों के पदाधिकारियों समेत करीब 11000 डेलिगेट्स भाग ले रहे हैं । आने वाले
विधानसभा चुनावों में प्रचार अभियान की रणनीति तय करते हुए समझा जाता है कि पार्टी
नेतृत्व राजनीतिक, आर्थिक और राजनयिक मुद्दों के अलावा खेती - किसानी और गरीबी जैसे
सामाजिक मसलों पर एक नए नजरिये के साथ सामने आना चाहता है । पार्टी सूत्रों का कहना
है कि नए दौर के इस राजनीतिक वातावरण में राष्ट्र निर्माण ही हमारा मुख्य नारा है ।
सोनिया गाँधी 22 जनवरी को सत्र को संबोधित करेंगी, जबकि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
समापन भाषण देंगे । बहुत संभव है, राहुल गाँधी को इस मौके पर कांग्रेस कार्य -
समिति का सदस्य बनाया जाए । यह भी कहा जा रहा है कि शायद प्रियंका इस अवसर पर
उपस्थित न हों, ताकि राहुल का आकर्षण बना रहे । हालांकि पार्टी प्रवक्ता आनंद शर्मा
का कहना है कि हम प्रियंका को कांग्रेस का अभिन्न अंग मानते हैं । उन्हें न्यौता
दिया गया है । शनिवार को पहले दिन कांग्रेस की विस्तारित कार्य - समिति के सदस्यों,
मुख्यमंत्रियों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक होगी जिसमें राजनीतिक, आर्थिक, विदेश
नीति और कृषि पर प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया जाएगा । बिहार में भारतीय जनता
पार्टी (भाजपा) और सहयोगी दलों के लिए चुनाव प्रचार कर रहे पार्टी के सांसद और
क्रिकेट खिलाड़ी नवजोत सिद्धू जुमलेबाजी में पूरे रंग पर हैं । उन्होंने राजग के
मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार नितीश कुमार को राहुल द्रविड़ की तरह मि. डिपेंडेबल
बताया है तो लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता रामविलास पासवान को पाकिस्तान के
विवादित अंपायर शकूर राणा जैसा करार दिया । सिद्धू ने पटना में बुधवार को कहा कि
बिहार विधानसभा के चुनाव में टीम बिहार (राजग) और लालू - राबड़ी के बीच मुकाबला है
। इसमें जीत राजग की होगी । उन्होंने कहा कि हमने वाजपेयी सरकार में नितीश के काम
को देखा है । इसलिए उन्हें मि. डिपेंडेबल की संज्ञा दी जा सकती है । कांग्रेस के
बारे में सिद्धू ने कहा कि वह राजद के रिजर्व की तरह है । इसे अजीब संयोग ही कहा
जाएगा कि विधि मंत्री हंसराज भारद्वाज ने 1985 में आंध्र प्रदेश की तत्कालीन एन.
टी. रामाराव सरकार की सिफारिश पर राज्य विधान परिषद को खत्म करने संबंधी कानून को
संसद में पारित कराया था, लेकिन आज 20 साल बाद एक बार फिर भारद्वाज ही संसद में इस
विधान परिषद की बहाली को लेकर विधेयक लेकर आए । जिसे वोटिंग के बाद पारित कर दिया
गया । विधेयक पर चर्चा का उत्तर देते हुए भारद्वाज ने कहा कि तब राज्य विधानसभा ने
इस विधान परिषद को खत्म करने का संकल्प पारित किया था, जिसे उनके पास भेजा गया था ।
उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सलाह ली तो उन्होंने कहा कि
विधानसभा के संकल्प का पूरा सम्मान होना चाहिए । फलतः उन्होंने विधान परिषद को खत्म
करने का विधेयक पेश किया था और वह पारित हो गया था । लेकिन अब वहाँ की राजशेखर
रेड्डी सरकार ने विधानसभा में विधान परिषद की बहाली का संकल्प पारित कर उनके पास
भेजा है इसलिए पुनः विधानसभा का सम्मान करते हुए परिषद की बहाली के लिए यह विधेयक
लाया गया है । भारद्वाज ने कहा कि विधान परिषद के जरिए मेधावी लोगों को विधायिका
में आने का मौका मिलेगा । असम से भी ऐसा संकल्प सरकार को मिला है । हिमाचल के भाजपा
सदस्यों ने भी राज्य में विधान परिषद की माँग की है । इसलिए सदन को इस विधेयक के
सकारात्मक पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए । इससे पूर्व चर्चा के दौरान आंध्र
प्रदेश लेजिस्लेटिव काउंसिल बिल 2005 का तेलगुदेशम् पार्टी के सांसदों ने विरोध
किया । उनकी माँग पर सदन में वोटिंग कराई गई । इसके बाद उप सभापति ने विधेयक को
पारित करने की घोषणा की । तेदेपा ने यह कहकर इसका विरोध किया कि इसके जरिए कांग्रेस
सरकार अपने हारे हुए नेताओं और तथाकथित बुद्धिजीवियों को रोजगार देना चाहती है ।
इसलिए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर इस विधेयक को पारित किया जाना चाहिए । केंद्र सरकार
ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून लागू करने से पहले राज्य सरकारों से संपर्क करने में
जुट गई है । केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इस मसले पर राज्यों से विचार -
विमर्श के लिए २७ सितंबर को राज्यों के ग्रामीण विकास मंत्रियों की बैठक बुलाई है ।
केंद्र और राज्यों की तैयारी से साफ है कि इस कानून को लागू करने में अभी कुछ समय
लग सकता है । केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री डॉ. रघुवंश प्रसाद सिंह का कहना है कि
इस कानून को लागू करने के लिए उन्हें कम से कम दो माह का समय चाहिए । इस दौरान इस
कानून को लेकर राज्यों के साथ विचार - विमर्श किया जाएगा व इसके दिशा - निर्देश
तैयार किए जाएंगे । डॉ. सिंह के कथन से साफ है कि अब इस कानून को गाँधी जयंती से
लागू कर पाना संभव नहीं है । अलबत्ता १४ नवंबर को नेहरू जयंती के मौके पर इसे लागू
किए जाने की संभावना है । मंत्रालय ने सभी मुख्यमंत्रियों को भी भेजकर इसे लागू
करने के तौर - तरीकों को लेकर सलाह माँगी है । सभी सांसदों से भी राय माँगी गई है ।
इस कानून को राज्य सरकारों के माध्यम से ही लागू किया जाना है । संसद से पारित
विधेयक पर राष्ट्रपति के हस्ताक्षर हो जाने के बाद मंत्रालय अब इसके दिशा - निर्देश
तैयार करने में जुटा है । केंद्र की कोशिश है कि कानून लागू करने से पहले इस
कार्यक्रम के तहत काम पाने वाले लोगों के नाम पंचायतों में दर्ज हो जाए । मंत्रालय
इससे पहले इस मसले पर राज्यों के ग्रामीण विकास सचिवों की राय ले चुका है । इसके
अलावा मंत्रालय इस कानून के दिशा - निर्देशों को लेकर योजना आयोग के साथ भी विचार -
विमर्श कर चुका है । समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अमर सिंह के फोन टैपिंग और
उनके आवास पर हुए हमले के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोगों ने कांग्रेस
के विरोध में प्रदर्शन किया । अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के बैनर तले जुटे अनेक
क्षत्रिय संगठनों ने जंतर - मंतर पर धरना दिया । प्रदर्शन में बड़ी संख्या में
क्षत्राणियाँ भी पगड़ी बाँधकर आई थीं । इस मौके पर राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौपा
गया । धरने में शामिल होने के लिए दिल्ली के अलावा उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों
से लोग आए थे । रैली जैसे ही संसद मार्ग थाने पहुँची तो उत्साही युवा पहली
बैरीकेडिंग को लाँघ गए । लेकिन भारी पुलिस बल के कारण वे दूसरी बैरीकेडिंग को पार
नहीं कर सके । प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे सपा के पूर्व सांसद सी. एन. सिंह ने कहा
कि हम ईंट का जवाब पत्थर से देंगे । अमर सिंह पर हमला पूरे क्षत्रिय समाज पर हमला
है । सांसद चंद्रभूषण सिंह ने कहा कि सोनिया गाँधी अमर सिंह और सपा की लोकप्रियता
से डर गई हैं । पूर्व सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि अमर सिंह का फोन टैप कराना उनकी
निजता का हनन है । महासभा के राष्ट्रीय महासचिव हरि नारायण सिंह ने कहा कि अमर सिंह
के घर पर युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं का हमला घृणित कार्य है । गढ़मुक्तेश्वर से
सपा विधायक मदन चौहान ने कहा कि जो काम कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने किया है, वह हम
भी कर सकते हैं लेकिन अमर सिंह ऐसा नहीं चाहते । सपा नेता अशोक चौहान नोएडा से बड़े
काफिले के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए । उनका कहना था कि दिल्ली पुलिस ने उनकी बसों
को काफी देर तक रोके रखा । प्रदर्शन में सपा की राष्ट्रीय सचिव व महिला मोर्चा की
अध्यक्ष रंजना वाजपेयी, विधायक कोविद कुमार सिंह, कीर्ति वर्धन सिंह, ठाकुर सुनील
सिंह और मोहन सिंह भी शामिल हुए । धरने का संचालन महासभा की राष्ट्रीय सचिव अर्चना
राठौर ने किया । सत्तारूढ़ यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रही मार्क्सवादी
कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने भारत की विदेश नीति को बाहरी दबावों से स्वतंत्र रखे
जाने की वकालत की है । यूपीए और वाम दलों की समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक
सोमवार को संसद के शीतकालीन सत्र से ठीक दो दिन पहले होगी । वाम दल तीखे तेवरों के
साथ सरकार के समक्ष ईरान के खिलाफ मतदान, राजग शासन के दौरान तेल सौदे और महिला
आरक्षण के मुद्दे उठाएँगे । हैदराबाद में एक सम्मेलन के दौरान यूपीए सरकार के खिलाफ
मोर्चा खोलते हुए माकपा महासचिव प्रकाश करात ने रविवार को कहा कि वाम दलों का मानना
है कि विदेश नीति स्वतंत्र होनी चाहिए । अगर केंद्र ईरान के खिलाफ मतदान करना चाहता
है तो उसे बिना किसी बाहरी दबाव के देश हित को ध्यान में रखकर गंभीरता से विचार
करना चाहिए । बिना लाग - लपेट करात ने यूपीए से ईरान के परमाणु मुद्दे पर इस माह के
आखिर में होने वाली आईएईए की बैठक के संबंध में अपना रुख स्पष्ट करने को कहा ।
सम्मेलन में अन्य वक्ताओं ने भी कहा कि यूपीए को स्वतंत्र विदेश नीति के प्रति
प्रतिबद्ध होना चाहिए । उनका कहना है कि परमाणु मुद्दे पर ईरान को अलग - थलग करने
के लिए अमेरिका ने भारत के समर्थन के अभियान का एक मसौदा तैयार कर लिया है । करात
ने कहा कि इस प्रस्ताव पर यूपीए को अपना रुख स्पष्ट करना होगा और विदेश नीति को देश
हित में तैयार करना होगा । उन्होंने कहा कि ७० फीसदी तेल आयात करने वाले भारत को
ईरान से अच्छे संबंध बरक़रार रखने चाहिए । करात के खुले आम विरोध जताने से जाहिर हो
गया है कि शनिवार को दिल्ली में यूपीए के साथ वाम दलों की समन्वय समिति की बैठक
निष्कंटक नहीं होने वाली । इस बैठक में देश की विदेश नीति के अलावा भी कई अन्य
मुद्दे उठाए जाएँगे । वाम दल सरकार को कुछ विधेयक लाने में हो रही देरी पर भी
घेराबंदी करेंगे । वाम दलों का मानना है कि महिला आरक्षण विधेयक और अनुसूचित जनजाति
(वन अधिकार) विधेयक संसद के इस सत्र में जरूर लाए जाने चाहिए । पर मुख्य मुद्दा
विदेश नीति ही रहने की संभावना है । वहीं वाम नेताओं में हरकिशन सिंह सुरजीत,
प्रकाश करात, एबी बर्धन, डी. राजा, अबनी रॉय और देबदत्त बिस्वास मौजूद होंगे । सीमा
सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बांग्लादेश राइफल्स (बीडीआर) सीमा के पास संयुक्त गश्त पर
राजी हो गए हैं । इस पर विस्तृत योजना तैयार की जा रही है । यहाँ बीएसएफ के असम,
मेघालय, मणिपुर और नागालैंड मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि सीमा पर
संयुक्त निगरानी का काम जल्द ही शुरू हो जाएगा । पिछली १९ मई को बांग्लादेश के
तांबिल क्षेत्र में डीआईजी स्तर की बैठक में इसका फैसला किया गया । उधर एक वरिष्ठ
अधिकारी ने बताया कि कोई भी बांग्लादेशी सीमा पार से नहीं आ रहा है । बांग्लादेशी
सुरक्षा बलों से भी किसी तरह की दखलंदाजी नहीं हुई है । बांग्लादेश सीमा पर शांति
है । सरकार ने प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (यूएनएलएफ)
के प्रस्ताव को एक सिरे से नकार दिया है । इंफाल से २५ किलोमीटर दूर लेइमाखोंग
स्थित ५७ - माउंटेन डिवीज़न के मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में रक्षामंत्री
प्रणब मुखर्जी ने यूएनएलएफ के प्रस्ताव को नकारते हुए कहा कि यह किसी भी तरह से
संभव नहीं है । मणिपुर की आज़ादी की माँग करने वाले उग्रवादी संगठन यूएनएलएफ ने कहा
कि केंद्र सरकार अगर संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों के सामने जनमतसंग्रह करवाने के
लिए तैयार हो तो वह हथियार डालने के लिए तैयार है । राज्य में उग्रवाद के मुद्दे पर
प्रणब मुखर्जी ने कहा कि क्षेत्र में सामान्य स्थिति बहाल करने में राज्य सरकार को
मदद करने के लिए यहाँ सेना तैनात की गई है । मुखर्जी ने कहा कि सेना ने राज्य में
उग्रवादियों के प्रभाव वाले इलाकों से उनका सफाया कर दिया है । अब इन स्थानों पर
सुरक्षाबलों का नियंत्रण है । उन्होंने कहा कि सेना ने राज्य के ८ से ९ उग्रवादी
संगठनों के खिलाफ संघर्ष विराम की घोषणा कर रखी है । इसीलिए सेना ने इन संगठनों के
खिलाफ अपना अभियान रोका हुआ है । हालांकि मुखर्जी ने इन संगठनों के नाम का खुलासा
नहीं किया । प्रणब मुखर्जी ने कहा कि आईजोल व मिजोरम में सेना भर्ती केंद्र खोला
जाएगा । मणिपुर के दौरे के दौरान मुखर्जी के साथ सेना प्रमुख जे. जे. सिंह और
पश्चिमी कमान के जीओसी इन सी अरविंद शर्मा भी साथ थे । उत्तर भारत के कई स्थानों
में बृहस्पतिवार की सुबह तक भारी वर्षा रिकॉर्ड की गई । हरियाणा के नारायणगढ़ में
सबसे अधिक वर्षा ८१ मिमी होने के समाचार हैं । उत्तरांचल के रुद्रप्रयाग जिले के
अगस्त मुनि इलाक़े में भूस्खलन की वजह से भारी नुकसान पहुँचा है । भूस्खलन में चार
लोगों के मरने की आशंका है और १२ घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं । जबकि मुंबई शहर में भी
भारी वर्षा की वजह से रेल और सड़क यातायात आंशिक रूप से बाधित रहा । सरकारी
प्रवक्ता के अनुसार केदारनाथ यात्रा मार्ग में रुद्रप्रयाग जिले के अगस्त मुनि
इलाके में भूस्खलन की वजह से भारी नुकसान पहुँचा है । भूस्खलन में चार लोगों के
मरने की आशंका है और १२ घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं । इसके अलावा कई अन्य स्थानों पर
भूस्खलन की वजह से चार - धाम की यात्रा फिर से बाधित हो गई है । प्रशासन ने
आईटीबीपी की मदद से राहत कार्य शुरू कर दिया है । मुंबई शहर में भी भारी वर्षा की
वजह से रेल और सड़क यातायात आंशिक रूप से बाधित रहा । पश्चिमी रेलवे के सूत्रों ने
कहा कि मुंबई सेंट्रल और ग्रांट रोड के बीच चार में से दो रेल मार्ग पर पानी जमा
होने की वजह से रेल यातायात बाधित हो गया है । देश का एक तिहाई हिस्सा सूखे की चपेट
में आ चुका है । उत्तरी राज्यों में जम्मू कश्मीर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में ही
ठीक - ठाक बारिश हो पाई है । देश में मानसून सीज़न में अब तक औसत से १४ फीसदी कम
बारिश दर्ज की गई है । पिछले सप्ताह कमी का आँकड़ा १० फीसदी था । मौसम वैज्ञानिकों
ने आशंका जताई है कि मानसून एक बार फिर से कमजोर चरण में प्रवेश कर सकता है । मौसम
विभाग के १ जून से १९ जुलाई तक के बारिश के आंकड़ों के अनुसार सूखे का खतरा बढ़ता
जा रहा है । इस अवधि में कुल २९२.३ मिमी बारिश हुई है जबकि ३४० मिमी बारिश होनी
चाहिए । उत्तरी राज्यों में हिमाचल प्रदेश में कुल २०४ मिमी बारिश हुई है जबकि अब
तक २५४ मिमी होनी चाहिए । राज्य में २० फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है । उत्तरांचल
में ४१६ मिमी की तुलना में ३२५ मिमी बारिश हो पाई है जो औसत से २२ फीसदी कम है ।
यानि दोनों राज्य सूखे की चपेट में हैं । जबकि पंजाब सूखे के करीब पहुँच चुका है ।
वहां १५३ के मुकाबले १२४ मिमी बारिश हुई है जो औसत से १९ फीसदी कम है । पश्चिमी
उत्तर प्रदेश में २२४ की तुलना में २०० मिमी बारिश हुई है जो औसत से ११ फीसदी कम है
। इन राज्यों में १४४ के मुकाबले १२६ मिमी बारिश दर्ज की गई है जो औसत से १२ फीसदी
कम है । मौसम विभाग के अनुसार देश के ३६ में से १२ संभाग सूखे की चपेट में आ चुके
हैं । देश में सर्वाधिक बारिश के लिए मशहूर मेघालय की हालत भी इस बार खराब है ।
बारिश के हिसाब से पिछला सप्ताह देश के लिए बेहद खराब गुजरा है । जबकि २० संभागों
में सूखा पड़ा और १३ संभागों में सूखे से भी बदतर हालत रही । सप्ताह के दौरान औसत
से ३२ फीसदी कम पानी बरसा । २० जुलाई को थोड़ी प्रगति के बाद आज मानसून आगे नहीं
बढ़ा । इस बीच मौसम विभाग ने पुनः मध्य भारत के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना
व्यक्त की है । लेकिन मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून के एक बार फिर कमजोर
चरण में प्रवेश करने के संकेत मिल रहे हैं । अगले तीन दिनों के बाद इस बारे में
स्थिति स्पष्ट हो पाएगी । अतिरिक्त संसाधन जुटाने की आवश्यकता और चार करोड़
लाभार्थियों को उनके निवेश का बेहतर रिटर्न देने के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन
(ईपीएफओ) के बोर्ड ने सोमवार को अंतर्राष्ट्रीय सलाहकार फर्म मर्सर को नियुक्त किया
है । यह फर्म बहुत आकर्षक निवेश रणनीति बनाने में ईपीएफओ की मदद करेगी । नियुक्ति
के चार माह के भीतर मर्सर को अपनी रिपोर्ट देनी है और इसे सिर्फ एक ही बार में ३४
लाख फीस दी जाएगी । सीबीटी के इस फैसले का ज्यादातर श्रमिक संगठनों ने विरोध किया ।
श्रमिक संगठनों का कहना था कि यह फैसला तो वित्त मंत्रालय पर छोड़ देना चाहिए जो
ईपीएफ निवेश की मंजूरी देता है । श्रम मंत्री के. चंद्रशेखर राव ने सोमवार को
पत्रकारों को बताया कि हमने मर्सर मानव संसाधन सलाहकार को निवेश पैटर्न बेहतर बनाने
के संबंध में सुझाव देने को कहा है । यह पूछे जाने पर कि ईपीएफ ब्याज दर ९.५ फीसदी
करने के बाद ९२७ करोड़ के घाटे को सरकार किस तरह पूरा करेगी राव ने कहा, सरकार इस
पैसे का इंतजाम करेगी । लोगों को अब इस बारे में चिंता छोड़ देनी चाहिए । उन्होंने
बार - बार पूछे जाने के बावजूद इन सवालों को टाल दिया कि इससे उबरने के लिए क्या
ईपीएफओ वित्त मंत्रालय के पास जाएगा या फिर मार्च में होने वाली सीबीटी बैठक में
अतिरिक्त संसाधन जुटाने के मुद्दे पर विचार होगा । क्योंकि अभी चुनाव आचार संहिता
लागू होने के कारण इस संबंध में कोई घोषणा नहीं हो सकती । श्रम मंत्री राव ने बताया
कि मर्सर की रिपोर्ट पर सीबीटी निवेश पैटर्न को पुनर्गठित करने के बारे में अपना
निर्णय लेगा । इसमें इक्विटी, डाकघर में जमा और एनएससी में निवेश शामिल हैं ।
सूत्रों ने बताया कि अतिरिक्त संसाधन जुटाने के प्रयासों के तहत ही पीएफ जमा न
कराने वाली संस्थाओं से एरियर वसूलने के लिए बाकायदा विशेष अभियान छेड़ा जाएगा ।
सीबीटी बैठक में कर्मचारी पेंशन योजना की मूल्यांकन रिपोर्ट पर विचार किया गया ।
बताया जाता है कि रिपोर्ट में घाटा दिखाया गया है । इसका कारण बताते हुए कहा गया है
कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी और न्यूनतम वेतन की सीमा ५००० से ६५०० किए जाने के कारण
यह घाटा हुआ है । पूर्व अटॉर्नी जनरल सोली सोराबजी ने कहा है कि सांसदों के
निष्कासन मामले में सुप्रीम कोर्ट के नोटिस पर लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी को
जवाब देना चाहिए । शनिवार को न्यायमूर्ति एम. शेषचलपति की स्मृति में हैदराबाद
स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ (नलसार) में
आयोजित एक कार्यक्रम में सोराबजी ने कहा कि सोमनाथ को सुप्रीम कोर्ट के नोटिस का
अवश्य जवाब देना चाहिए । लोकसभा अध्यक्ष ने जो फैसला लिया उस पर उन्हें अपना रुख
स्पष्ट करना चाहिए । पश्चिम बंगाल के बर्धवान जिले में आज पत्रकारों से बात करते
हुए सोमनाथ ने कहा कि 'अगर संसद अपने कुछ सदस्यों की गलत हरकत पर कार्रवाई करता है
और इस मामले में हस्तक्षेप करता है तो यह उसका अंदरूनी मामला है उन्होंने आगे कहा
कि उनके इस फैसले पर सभी राजनीतिक दलों ने उनका समर्थन किया है । उन्होंने यह भी
कहा कि इस संबंध में उन्होंने शांति भूषण समेत देश के जाने - माने संविधान
विशेषज्ञों से बात की है । सुप्रीम कोर्ट का नोटिस स्वीकार न करने का मतलब यह है कि
कानून के नियमों के सिद्घांतों की अवहेलना की गई विज्ञप्ति में आगे कहा है कि इस
कार्यक्रम में नलसार के कुलपति प्रोफेसर रणबीर सिंह ने भी अपने विचार रखे ।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता जसवंत सिंह ने शनिवार को तीर्थ - यात्रा पर पाकिस्तान
जाने की घोषणा की । यात्रा के दौरान वे मोहम्मद अली जिन्ना की मज़ार पर भी जाएँगे ।
लगभग एक साल पूर्व भाजपा के वरिष्ठ नेता एल. के. आडवाणी द्वारा जिन्ना की मज़ार पर
दिए बयान से भाजपा में तूफान उठ गया था । अंततः पार्टी के अध्यक्ष पद से आडवाणी को
इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा । यहाँ संवाददाताओं से सिंह ने कहा कि वे
बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज माता के शक्तिपीठ का दर्शन करेंगे । ३० जनवरी को शुरू
होकर उनकी यात्रा एक हफ्ते में समाप्त होगी । इस दौरान वे शहबाज कलंदर की दरगाह पर
भी जाएँगे और जागीर व उमरकोट में अपने संबंधियों से मिलेंगे । यात्रा में तक़रीबन
१०० श्रद्धालु उनके साथ होंगे । उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़
मुशर्रफ के सहयोग से मेरी यात्रा संभव हुई है । उन्होंने व्यक्तिगत रुचि लेकर मेरी
यात्रा की अड़चनें दूर करने का प्रयास किया । उन्होंने कहा कि वह क़ायदेआज़म
मुहम्मद अली जिन्ना की मज़ार पर भी जाएंगे । उन्होंने बताया कि पाकिस्तान का मेहमान
होने के नाते वे मज़ार के दर्शन के मेज़बान के सुझाव की अवहेलना नहीं कर सकते ।
सिंह ने कहा कि उन्होंने अपनी यात्रा की जानकारी पार्टी नेताओं को दे दी है ।
लिहाज़ा इस यात्रा के लिए पार्टी में किसी तरह का कोई विवाद नहीं है । यह एक
धार्मिक यात्रा है । बलूचिस्तान पर हाल ही में अमेरिका द्वारा की गई टिथी के बारे
में सिंह ने कहा कि वह पाकिस्तान सरकार और बलूचिस्तान की राजनीति में दखल नहीं
देंगे । यह पाकिस्तान का निजी मसला है । जिन्ना पर प्रस्तावित पुस्तक के बारे में
उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक जीवनी होगी । उन्होंने कहा कि इस संबंध में शोध जारी
है और तीर्थ - यात्रा से लौटने के बाद मैं पुस्तक लिखना शुरू करूँगा । उन्होंने कहा
कि मैं इतिहासकार नहीं हूँ, बल्कि मौजूदा राजनीति का छात्र हूँ । कांग्रेस ने जनता
पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम् स्वामी के पार्टी आलाकमान सोनिया गाँधी पर लगाए गए
आरोपों को खारिज कर दिया है । बकौल आनंद, स्वामी ने हमेशा लोगों को इस तरह के
बयानों से गुमराह किया है । उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके इस नए खोजी खुलासे का भी
यही हश्र होगा । प्रवक्ता ने इस बात से भी साफ इन्कार किया कि प्रवर्तन निदेशालय के
किसी बड़े अफसर ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से मुलाकात की थी । आनंद शर्मा ने
कहा कि इस खबर में कोई सच्चाई नहीं है । वोल्कर मामले की जाँच कर रहे प्रवर्तन
निदेशालय के किसी अफसर ने कांग्रेस अध्यक्ष से कोई मुलाकात नहीं की है । २८ दिसंबर
को पार्टी के १२०वें स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी
अध्यक्ष पुणे में स्थापना दिवस मनाएगीं । पुणे में ध्वजारोहण के बाद उनके मुंबई
जाने का कार्यक्रम है । यह प्रश्न किए जाने पर कि क्या सोनिया गाँधी कोंकण भी
जाएगीं, उन्होंने कहा कि वहाँ उप चुनाव हैं । इसलिए, कोंकण का कोई कार्यक्रम नहीं
है । लोक जनशक्ति पार्टी नेता राम विलास पासवान ने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के
परिणाम का असर केंद्र की यूपीए सरकार की स्थिरता पर नहीं पड़ेगा । उन्होंने कहा कि
इस बार राज्य में त्रिशंकु विधानसभा नहीं होगी । बंगलौर में पत्रकारों से बातचीत
में पासवान ने कहा कि चुनावी लड़ाई बिहार तक ही सीमित है । यूपीए का गठन राजग को
सत्ता से हटाने के लिए किया गया था । उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वे चुनाव से
पहले या बाद में किसी भी तरह से लालू यादव की पार्टी राजद का समर्थन नहीं करेंगे ।
पासवान ने कहा कि इस बार उनकी पार्टी राज्य में मुख्यमंत्री पद के लिए किसी भी दल
के मुस्लिम उम्मीदवार को स्वीकार नहीं करेगी । उनकी पार्टी में काफी संख्या में
मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए जाएंगे । पासवान ने कहा कि अगर चुनाव में उनके
गठबंधन को जीत मिलती है तो लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का कोई उम्मीदवार
मुख्यमंत्री बनेगा । उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राजद का खेल समाप्त हो गया है
उसे राज्य में ४० से ज्यादा सीटें नहीं मिलेगीं । उन्होंने कहा कि लोजपा बिहार का
विकास चाहती है । राजद के १५ साल के शासन में बिहार का सत्यानाश हो गया है ।
उन्होंने कहा कि पासवान व लालू के बीच खींचतान व वामपंथियों के बीच मतभेद से यूपीए
कमजोर हुआ है और इसका सीधा लाभ राजग को मिलेगा । नितीश ने कहा कि राज्य के लोग जान
गए हैं कि इस चुनाव के लिए लालू व पासवान जिम्मेदार हैं । मुगल सम्राट जहांगीर और
शाहजहां के काल की सोने की दो बेशकीमती मोहरों को तस्करी कर भारत से बाहर पहुंचा
दिया गया और अब ये एक विदेशी बैंक के खजाने की शोभा बढ़ा रही हैं । इससे पहले टीपू
सुलतान की वस्तुओं की विदेशों में नीलामी काफी चर्चित हो चुकी है । उद्योगपति विजय
माल्या पूर्व में टीपू सुल्तान की तलवार खरीदकर गुम धरोहरों को वापस लाने की मुहिम
का ऐलान कर चुके हैं । विदेशों में भारत की ऐतिहासिक धरोहरों के मौजूद होने की सूची
लंबी है । इनमें सबसे ऊपर कोहिनूर हीरे का जिक्र आता है । बताया जाता है कि
अंतर्राष्ट्रीय पुरातत्व बाजार में इन सिक्कों की कीमत १५,००० करोड़ रुपये है और ये
हैदराबाद के अंतिम निजाम मीर उस्मान अली खान के खजाने का हिस्सा थे । यह जानकारी
निजाम के दूसरे बेटे प्रिंस मुअज्जमजहाँ बहादुर की बड़ी बेटी फातिमा फौजिया द्वारा
जारी एक बयान से मिली । उन्होंने बताया कि इन मोहरों को एक विदेशी बैंक में भारी -
भरकम राशि पर गिरवी रखा गया है, जो इनको नीलाम करने की तैयारी कर रहा है । उन्होंने
कहा कि इनमें से एक सिक्के की कीमत १००० मोहरों के बराबर है । जहांगीर के काल के इस
सिक्के को आगरा में १६१३ में ढाला गया था । इसका वजन १९०४.५० ग्राम है तथा परिधि
९.७ सेमी है । राजकुमारी फौजिया ने कहा कि उन्होंने इन सिक्कों को अपने दादा के पास
देखा था । उन्होंने आरोप लगाया कि दादा की मौत के बाद इन बेशकीमती सिक्कों की
तस्करी कर भारत से बाहर भेज दिया गया । वे चाहती हैं कि जांच एजेंसी नतीजे के बारे
में जानकारी दे तथा दोषियों को जल्द गिरफ्तार करे । उन्होंने बताया कि इस बारे में
अदालत में याचिका दाखिल की गई है । सरकारी क्षेत्र के बैंकों के प्रमुख सोमवार को
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम से मिलेंगे । इस मुलाकात में ब्याज दरों का मुद्दा चर्चा
के केंद्र में रहने की संभावना है । वित्त मंत्रालय के सख्त रवैये के मद्देनजर
कंपनियों को दिए जाने वाले लोन पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं है,
लेकिन बैंकों को होम लोन और पर्सनल लोन में मामूली बढ़ोतरी की मंजूरी मिल सकती है ।
रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रक नीति की घोषणा के बाद से बैंकों पर ब्याज दरों में
वृद्धि का भारी दबाव है । बैंकों के प्रमुख वित्त मंत्रालय को अपनी चिंताओं से अवगत
करा चुके हैं । लेकिन वित्त मंत्रालय का कहना है कि पिछले एक महीने में रिजर्व बैंक
की सक्रियता के कारण अर्थव्यवस्था में नकदी की कमी की समस्या काफी हद तक दूर हो गई
है । इस दौरान रिजर्व बैंक ने डॉलरों की खरीद के जरिए २० हजार करोड़ रुपये की नकदी
बाजार में उपलब्ध कराई है । इसके मद्देनजर उत्पादक गतिविधियों के लिए लोन पर ब्याज
दरें बढ़ाने की कोई वजह नहीं है । वित्त मंत्रालय के इस रवैये के मद्देनजर सरकारी
बैंकों की प्रमुख उधारी दरों (पीएलआर) में कोई बदलाव की संभावना नहीं है । प्रमुख
उधारी दरों के आधार पर ही कंपनियों के लोन मंजूर किए जाते हैं । प्रमुख उधारी दर
में बढ़ोतरी के कारण महंगाई के भी बेलगाम होने की आशंका है । यही वजह है कि वित्त
मंत्रालय इस मामले में बैंकरों के किसी भी तर्क को सुनने के लिए तैयार नहीं है ।
बहरहाल, बैंकों को वित्त मंत्री से होम लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों में ०.२५
से ०.५० फीसदी की बढ़ोतरी की हरी झंडी मिल सकती है । रिजर्व बैंक ने होम लोन और
पर्सनल लोन में हो रही बेहिसाब बढ़ोतरी के मद्देनजर इस पर अंकुश लगाने के लिए हाल
में मौद्रक नीति में कई उपायों की घोषणा की है, जिनकी वजह से बैंकों के मार्जिन में
कमी आई है । ब्रिटिश अखबार 'फाइनेंशियल टाइम्स' ने देश के अग्रणी बिजनेस समाचार
बिजनेस स्टैंडर्ड में १३.८५ फीसदी हिस्सेदारी हासिल की है । इसके लिए फाइनेंशियल
टाइम्स ने १४.१ करोड़ रुपये का निवेश किया है । देश के किसी समाचार में विदेशी
मीडिया कंपनी द्वारा किया गया अपनी तरह का यह पहला निवेश है । बिजनेस स्टैंडर्ड के
संपादक एवं प्रकाशक टी. एन. मैनन ने मंगलवार को कहा कि फाइनेंशियल टाइम्स ने बिजनेस
स्टैंडर्ड में हिस्सेदारी खरीदने के लिए सितंबर, २००३ में अपनी इच्छा जताई थी ।
एफआईपीबी व रिजर्व बैंक समेत सभी आवश्यक औपचारिक मंजूरी के बाद समझौते पर हस्ताक्षर
किए गए । उन्होंने बताया कि बिजनेस स्टैंडर्ड के आठ सदस्यीय बोर्ड में अब
फाइनेंशियल टाइम्स का भी एक प्रतिनिधि होगा । बहरहाल, वर्तमान दिशा निर्देशों के
मुताबिक विदेशी मीडिया निवेशक किसी भारतीय मीडिया कंपनी में अधिकतम २६ प्रतिशत का
निवेश कर सकते हैं । बिहार विधानसभा में राजग की जीत के बाद गठबंधन के मुख्यमंत्री
पद के दावेदार नितीश कुमार ने कहा है कि सुशासन और बिहार को विकास की पटरी पर लाना
उनकी प्राथमिकता होगी । उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री के रूप में बदले की भावना
से काम नहीं करेंगे, बल्कि सभी को साथ लेकर चलने की कोशिश करेंगे । उन्होंने कहा कि
उनकी पार्टी एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी । लालू ने राजग की जीत पर बधाई
देते हुए नितीश कुमार को अपने छोटे भाई जैसा और एक अच्छा आदमी बताया । नितीश ने कहा
कि जनता ने परिवर्तन और सुशासन के लिए वोट दिया है । हालांकि आपराधिक छवि वाले
विधायकों को मंत्री न बनाने का अपना वादा उन्होंने आज दोहराने से परहेज किया । इस
बारे में पूछे गए सवाल को टालते हुए उन्होंने कहा, 'अभी तो बहुत सी चीजें तय होनी
बाकी हैं । कब सरकार बनानी है और इसका साइज क्या होगा निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव
करवाने के लिए उन्होंने चुनाव आयोग को भी बधाई देते हुए कहा कि आयोग ने
बिहारवासियों का दिल जीत लिया । वहीं लालू प्रसाद ने पटना में राजद के खिलाफ जनमत
को स्वीकार करते हुए राजग पर लोगों को बेवकूफ बनाने का इल्जाम लगाया । लालू प्रसाद
ने संवाददाताओं से कहा कि खासकर पिछड़े तबके, दलित वर्ग और अल्पसंख्यकों को राजग ने
यह कह कर गुमराह किया कि राज्य में जितनी भी खामियां हैं उसका जिम्मेदार उनका १५
साल का शासन है । उन्होंने कहा कि जो लोग राजद की हार का जश्न मना रहे हैं उन्हें
जल्द ही अपनी गलती का अहसास होगा । उन्हें यकीन है कि राजग लोगों से किए वादे को
पूरा नहीं कर सकेगा । वह अपनी वापसी के समय का इंतजार करेंगे । रेल मंत्री लालू ने
अपने कैबिनेट सहयोगियों और लोजपा अध्यक्ष रामविलास पासवान को आलोचना से बख्श्ते हुए
कहा कि उनके मन में किसी के प्रति कोई खटास नहीं है । लालू ने कहा कि राजनीति में
हार - जीत होती रहती है । विशेष टाडा अदालत ने शुक्रवार को मुंबई पुलिस के आतंकवादी
विरोधी दस्ते (एटीएस) को गैंगस्टर अबू सलेम से प्रदीप जैन हत्याकांड के बारे में और
जानकारी जुटाने के लिए लाई - डिटेक्टर और अन्य परीक्षणों की अनुमति दे दी है ।
सरकारी वकील उज्जवल निकम की याचिका पर सुनवाई करते हुए जज पी. वी. बावकर ने एटीएस
को सलेम पर लाइ - डिटेक्टर, ब्रेन मैपिंग और नारको एनालेसिस टेस्ट करने की अनुमति
दे दी । सरकारी वकील ने परीक्षणों के लिए सलेम की सहमति ले ली है । एटीएस सूत्रों
ने कहा कि दस्ते की जैन हत्याकांड में सलेम और अन्य आरोपियों के शामिल होने के बारे
में और जानकारी जुटाने के लिए गैंगस्टर का लाइ - डिटेक्टर, ब्रेन मैपिंग और नारको
एनालेसिस टेस्ट करने की मंशा है । सरकारी वकील ने अदालत से कहा कि सलेम ने फिरौती
और धन उगाही में शामिल रहे कुछ लोगों के नामों का खुलासा किया है । इसकी सच्चाई का
पता लगाने के लिए एटीएस को सलेम पर परीक्षण करने की जरूरत है । पूर्व विदेश मंत्री
और भाजपा के वरिष्ठ नेता यशंवत सिन्हा को न्यायायिक हिरासत से रिहा कर दिया गया है
। झारखंड सरकार द्वारा उनके खिलाफ दर्ज मामला वापस लिए जाने के बाद उन्हें रिहा
किया गया है । गौरतलब है कि १६ फरवरी को एक विरोध प्रदर्शन के दौर में सिन्हा सहित
भाजपा के १५० कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के कार्यालयों पर ताला लगा दिया था । इस
पर सिन्हा को सीआरपीसी की धारा १५१ के तहत गिरफ्तार किया गया था । बाद में हजारीबाग
के मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट ने उन्हें न्यायायिक हिरासत में भेज दिया था । नई
दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह की मुलाकात
के बाद बुधवार रात सिन्हा के खिलाफ मामला वापस लेने का निर्णय लिया गया । सिन्हा ने
कहा कि बुधवार की रात सिंह ने उन्हें फोन पर बताया कि प्रधानमंत्री उनकी मांग पर
विचार करने के लिए तैयार हैं । उन्होंने कहा कि वित्तमत्री पी. चिदंबरम भी उनकी
मांग पर चर्चा के लिए तैयार हैं । सिन्हा ने कहा कि उन्होंने आयकर प्रशिक्षण
संस्थान बंद करने के मुद्दे पर यूपीए सरकार की वार्ता के लिए राजी होने के बाद १३
फरवरी को ही अपने विरोध प्रदर्शन स्थगित कर दिए थे । हाल के फ्लॉप प्रदर्शन पर कड़ी
आलोचनाओं का निशाना बन रहे सचिन तेंदुलकर को एक सुरीली आवाज ने सहारा दिया है । यह
आवाज है सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर की । लता ने सचिन के लिए तान छेड़ी कि टेस्ट
में सबसे ज्यादा शतक ठोंकने वाले मास्टर - ब्लास्टर की धमाकेदार वापसी होगी । इस
आवाज के इस आह्वान पर सचिन का आत्मविश्वास से लबरेज होना लाजमी था । उन्होंने कहा
कि जल्दी ही वह 'एक्शन' में लौटेंगे । कंधे के ऑपरेशन के बारे में उन्होंने कहा कि
यह तकलीफ इतनी बढ़ गई कि ऑपरेशन की जरूरत पड़ गई । सौभाग्य से उन्हें स्वास्थ्य लाभ
प्राप्त करने में ज्यादा वक्त नहीं लगेगा । तेंदुलकर को अपने बाएं कंधे के ऑपरेशन
के लिए शनिवार को लंदन के लिए रवाना होना है । डॉ. एंड्रयू वैलेस ही यह ऑपरेशन
करेंगे जिन्होंने सचिन की टेनिस एल्बो का ऑपरेशन किया था । लेकिन इतनी तारीफ से
उनकी आंखें नम हो गई हैं । अपने बचपन के दिनों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वह
अपने परिजनों, कोच रमाकांत अचरेकर और उनका साथ देने वाले मित्रों के समर्थन के बगैर
यहां नहीं होते । समारोह में लता मंगेशकर ने कहा कि उन्हें पूरा यकीन है कि सचिन
धमाकेदार प्रदर्शन के साथ टीम में वापसी करेंगे । लता मंगेशकर ने बल्लेबाजी के
धुरंधर सचिन को एक सुनहरा बल्ला भेंट किया । उन्होंने कहा कि वह क्रिकेट के बारे
में ज्यादा नहीं जानतीं लेकिन सचिन की जबरदस्त फैन हैं और उनकी बल्लेबाजी देखने के
लिए वह टीवी स्क्रीन से नहीं हटतीं । पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने भारत -
पाकिस्तान क्रिकेट मैच देखने के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और उनकी बहन
प्रियंका वाड्रा को निमंत्रण भेजा है । मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक भारत के खिलाफ
जारी क्रिकेट श्रृंखला को देखने के लिए बोर्ड द्वारा कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी
को भी निमंत्रण भेजा जा सकता है । पीसीबी निदेशक (बोर्ड ऑपरेशंस) अब्बास जैदी के
हवाले से एक लोकल टीवी चैनल ने बताया है कि बोर्ड के चेयरमैन शहरयार खान ने
पाकिस्तान में जारी क्रिकेट मैचों को देखने के लिए राहुल व प्रियंका को निमंत्रण
भेजा है । 'दी न्यूज' के मुताबिक बोर्ड द्वारा सोनिया को भी निमंत्रण भेजे जाने की
संभावना है । उपर्युक्त लोगों के अलावा कराची में होने वाले तीसरे टेस्ट व उसके बाद
पांच एक दिवसीय मैचों को देखने के लिए कुछ पूर्व टेस्ट खिलाड़ियों को भी आमंत्रित
किया गया है । शहीद - ए - आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को उनके शहादत दिवस के
मौके पर बुधवार को लोकसभा में श्रद्घांजलि नहीं देने के लिए भाजपा ने प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह और कांग्रेस की आलोचना की है । सभापति भैरों सिंह शेखावत ने कहा कि
उनकी कुर्बानी पर पूरे देश को गर्व है । 'राष्ट्र उन्हें कभी नहीं भूल सकता भाजपा
संसदीय पार्टी के प्रवक्ता वी. के. मल्होत्रा ने कहा कि समूचे सदन की ओर से तीनों
शहीदों को श्रद्घांजलि देने में हम अध्यक्ष के प्रयासों की सराहना करते हैं ।
हालांकि प्रधानमंत्री भी सदन में उपस्थित थे और समय का तकाजा था कि वह भी
श्रद्घांजलि देते । उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी से किसी ने भी शहीदों का जिक्र
नहीं किया । अगर प्रधानमंत्री श्रद्घांजलि में शामिल नहीं होते हैं तो यह साबित
होता है कि कांग्रेस क्रांतिकारियों के योगदान की अनसुनी कर रही है और केवल एक ही
परिवार के योगदान की बात कर रही है । मल्होत्रा ने मांग की कि संसद के सेंट्रल हाल
में उस जगह पर यादगार के तौर पर एक पट्टिका लगाई जाए जहां से भगत सिंह और उनके दो
साथी क्रांतिकारियों ने बम फेंका था और जहां पर बम गिरा था । उन्होंने संसद में भगत
सिंह की एक तस्वीर लगाने की भी मांग की । गौरतलब है कि तीनों क्रांतिकारियों को २३
मार्च, १९३१ में फांसी दे दी गई थी । भारतीय डाक, दांडी मार्च, अलबर्ट आइंस्टाइन और
बंगाल विभाजन की वर्षगांठ मनाने की सरकार की योजना का उल्लेख करते हुए मल्होत्रा ने
कहा कि 'यह बड़े ही दुख की बात है कि सरकार ने इन समारोह योजनाओं में भगत सिंह की
शहादत की ७५वीं वर्षगांठ को शामिल नहीं किया । लुधियाना के अवतार सिंह मक्कड़
बुधवार को सिखों की मिनी संसद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के
प्रधान पद पर काबिज हो गए । विधानसभा चुनावों में लुधियाना पश्चिम सीट से हरनामदास
जौहर के हाथों पराजित होने के बाद पिछले साल ही वह पहली बार इस संस्था के सदस्य
चुने गए थे । मास्टर तारा सिंह के बाद लगभग ५० साल के अंतराल पर किसी शहरी सिख को
यह ओहदा मिला है । पुराने धुरंधरों को मात देते हुए वह एसजीपीसी प्रधान के पद पर
पहुंचे हैं । सदस्यों की आम बैठक में अन्य पदाधिकारियों और कार्यकारिणी सदस्यों का
चुनाव भी हल्के विरोध के बीच आम सहमति से हुआ । तेजासिंह समुद्री हॉल स्थित
एसजीपीसी मुख्यालय में आयोजित एसजीपीसी सदस्यों की वार्षिक आम बैठक में धारीवाल से
एसजीपीसी सदस्य व राज्य के पूर्व मंत्री सुच्चा सिंह लंगाह ने मक्कड़ को प्रधान
बनाए जाने का प्रस्ताव रखा, जिसका फगवाड़ा के जरनैल सिंह और कोटकपूरा के मक्खन सिंह
ने समर्थन किया । सूत्रों के अनुसार बुधवार की सुबह दस बजे ही सदस्यों को यह पता चल
सका कि पार्टी सुप्रीमो प्रकाश सिंह बादल किस व्यक्ति के हाथों में ३०० करोड़ रुपये
से अधिक बजट वाली संस्था की प्रधानगी सौंपने जा रहे हैं । वर्ष २००५ - ०६ के लिए
चुनी गई एसजीपीसी कार्यकारिणी में हरियाणा के डब्बोवाली से सूबा सिंह, बाबा टेक
सिंह धनौला, रजिंदर सिंह मेहता, संतोख सिंह समरा, गुरबचन सिंह करमुवाल, दयाल सिंह,
भजन कौर, सुरजीत सिंह, गुरजिंदर सिंह, अवतार सिंह और सुखजिंदर सिंह पट्टी हैं ।
कार्यकारिणी से बाहर किए गए लोगों में बीबी किरणजीत कौर और दीदार सिंह नलवी के नाम
प्रमुख हैं । मक्कड़ को प्रधान बनाने संबंधी घोषणा के बाद पूर्व महासचिव मनजीत सिंह
कलकत्ता नाराज होकर बैठक से चले गए । पंथक मोर्चा के करनैल सिंह पंजोली ने एजेंडे
में अपनी मांगों को शामिल नहीं किए जाने का विरोध किया । हरियाणा सिख गुरुद्वारा
प्रबंधक कमेटी के महासचिव और एसजीपीसी के कुरुक्षेत्र से सदस्य दीदार सिंह नलवी ने
रघुजीत सिंह विर्क को वरिष्ठ उपप्रधान चुने जाने का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे
व्यक्ति को पद सौंपा गया है, जिसके पास हरियाणा में आधार ही नहीं है । लोकसभा ने
मंगलवार को राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी बिल, २००४ को ध्वनिमत से पारित कर दिया
। इसके तहत देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को १०० दिन रोजगार की गारंटी का
प्रावधान किया गया है । इसमें कुछ और संशोधन भी किए गए हैं । जिन राज्यों में
न्यूनतम मजदूरी ६० रुपये से अधिक है, वहां इस योजना में भी उस राज्य की न्यूनतम
मजदूरी ही मान्य होगी । यानि देश के कई राज्यों के लोगों को अब बढ़ी हुई मजदूरी
मिलेगी । लोकसभा में इस बिल पर चर्चा के दौरान ग्रामीण रोजगार मंत्री रघुवंश प्रसाद
ने कहा कि इसमें एक और अहम सुधार कर लिया गया है । उन्होंने कहा कि न्यूनतम मजदूरी
तय करना राज्य का अधिकार है । इसलिए राज्यों में इसकी दर भी अलग - अलग है । कई
राज्यों में न्यूनतम मजदूरी ६० रुपये से अधिक है । ऐसे राज्यों में इस योजना के तहत
होने वाले काम में भी उस राज्य की दर ही लागू होगी । उन्होंने कहा कि यह योजना देश
के एक तिहाई हिस्से से शुरू होगी, लेकिन जल्दी ही इसे पूरे देश में लागू कर दिया
जाएगा । इसके लिए अधिकतम समय पांच वर्ष का रखा गया है, लेकिन सरकार की कोशिश होगी
कि उससे पहले ही इसे पूरा कर लिया जाए । विपक्ष के इस तर्क को रघुवंश प्रसाद ने गलत
बताया । विपक्ष का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि हम गांव के लोगों की स्थिति से
अच्छी तरह वाकिफ हैं और उनकी सारी परिस्थितियों को नजर में रखते हुए ही बेहतरीन
इंतजाम किया गया है । उन्होंने कहा कि मैंने यह कभी नहीं कहा कि इस बिल के पारित
होने से बेरोजगारी और गरीबी खत्म हो जाएगी । उन्होंने कहा कि बिल के प्रावधानों के
मुताबिक यदि सरकार वादे के अनुरूप काम नहीं दे सकी तो वह उतनी ही राशि बतौर
बेरोजगारी भत्ता देगी । नए तकनीकी शिक्षण संस्थान स्थापित करने के लिए अब राज्य
सरकार के अनापत्ति प्रमाण - (एनओसी) की जरूरत नहीं होगी । अखिल भारतीय तकनीकी
शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने बृहस्पतिवार को ऐसे ही कई अन्य कदमों की घोषणा की है,
जिससे उच्च शिक्षण संस्थानों को अधिक स्वतंत्रता मिलेगी । परिषद ने अंशधारकों को
अधिकार - संपन्न बनाने के लिए 'निरीक्षण आधारित फैसलों' के स्थान पर पारदर्शी और
प्रभावशाली 'घोषणा आधारित' प्रणाली लागू की है । परिषद की विज्ञप्ति में कहा गया है
कि कुल मिलाकर यह घोषणाएं संचार बाधाओं को दूर करने, अधिक पारदर्शिता लाने, परस्पर
सम्मान और विश्वास पैदा करने और अनिश्चितता की स्थिति को खत्म करने की कोशिश हैं ।
आठ सूत्रीय नई पहल में जहां संस्थानों के लिए 'आवश्यक खुलासे' की शर्त लागू कर
पारदर्शिता लाई गई है, वहीं संस्थानों को अपना केस खुद पेश करने का अवसर देकर
समानता को बढ़ावा दिया गया है । तकनीकी शिक्षा को उसकी गुणवत्ता प्रभावित किए बिना
अधिक लोगों की पहुंच में लाने के लिए वास्तविक नियम और मानक निर्धारित किए गए हैं ।
राज्य सरकारों से अनापत्ति प्रमाण - की आवश्यकता समाप्त करते हुए परिषद ने यह भी
कहा है कि सरकारी सहायता प्राप्त अथवा निजी क्षेत्र का कोई भी तकनीकी संस्थान उसकी
स्वीकृति के बिना कोई पाठ्यक्रम शुरू नहीं कर सकता । विज्ञप्ति में कहा गया है कि
मौजूदा विश्वविद्यालयों, डीम्ड यूनीवर्सिटी और तकनीकी शिक्षा दे रहे
विश्वविद्यालयों के विभागों को परिषद के नियमों और मानक का पालन करना होगा । नेशनल
कांफ्रेंस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि वह
कश्मीर की स्वायत्तता के मसले पर जल्द ही एक प्रतिनिधिमंडल के साथ प्रधानमंत्री,
यूपीए अध्यक्ष और वाम दलों के नेताओं से मुलाकात करेंगे । उमर ने कहा कि जम्मू
कश्मीर को अधिक स्वायत्तता देने के मसले पर वह एक प्रतिनिधिमंडल के साथ
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिलेंगे । उमर
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शौकत अजीज के लिए आयोजित लंच में शिरकत करने के बाद
पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे । गृह मंत्री शिवराज पाटिल द्वारा हाल में ही
प्रधानमंत्री को सौंपी रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि वह इसके लिए ब्लू प्रिंट तैयार
कर चुके हैं । गौरतलब है कि पाटिल ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि जम्मू कश्मीर को
अधिक स्वायत्तता देने के मसले पर समीक्षा और बहस की जरूरत है । इसके अलावा उमर ने
कहा कि नेशनल कांफ्रेंस संसद के अगले सत्र में प्राइवेट मेम्बर बिल लाने पर विचार
कर रही है । उन्होंने कहा कि इस बारे में पार्टी नेताओं से बातचीत की जा रही है ।
करीब साढ़े तीन साल पहले यहां एक बच्चे हेमंत का फिरौती के लिए अपहरण करके उसकी
हत्या के मामले में उत्तरांचल निवासी प्रमोद को फांसी की सजा सुनाई गई है । जिला
सत्र न्यायाधीश एस. के. सरदाना ने बुधवार को यह सजा सुनाई । हेमंत का शव 11 मार्च
2002 को झोटा रोड के पास गन्ने के खेत से बरामद किया गया था । केस की तहरीर के
मुताबिक जगाधरी की रणजीत गली निवासी कैलाश मेहता का साढ़े चार साल का बेटा हेमंत 7
मार्च 2002 को गरमी की छुट्टियों के दौरान हरीनगर में रहने वाले दादा - दादी के घर
चला गया था । 8 मार्च की शाम को प्रमोद उर्फ योगेंद्र पतंग दिलाने के बहाने हेमंत
को साथ ले गया था । देहरादून (उत्तरांचल) के रतनपुरा नयागांव का रहने वाला प्रमोद
उर्फ योगेंद्र कुछ समय रामलाल के घर पर बतौर किरायेदार रहा था । मगर देर शाम तक जब
न हेमंत लौटा और न प्रमोद उर्फ योगेंद्र का कुछ पता चला तो शक होने पर पत्र खोला
गया था । उसमें लिखा गया था कि हेमंत को जिंदा देखने के लिए ढाई लाख रुपये की
फिरौती देनी होगी । अगले दिन 9 मार्च को प्रमोद का फोन आया और देहरादून मार्ग पर
स्थित भारतीय संस्कृति संस्थान के पास फिरौती पहुंचाने की बात कही । मेहता परिवार
ने पुलिस में शिकायत कर दी थी । पुलिस परिजनों के साथ आरोपी द्वारा बताए गए स्थान
पर पहुंची, लेकिन प्रमोद वहां पर पैसे लेने के लिए नहीं आया । अगले दिन फिर फोन आया
। इस बार परिजन ने ढाई लाख रुपये देने में अपनी असमर्थता जताई तो एक लाख अस्सी हजार
रुपये में मामला तय हो गया । इस बार आरोपी ने पैसे देने के स्थान को बदल कर
देहरादून मार्ग पर काली मंदिर पुलिया के पास आने को कहा । पुलिस ने अपना जाल बिछाया
और मुठभेड़ के बाद उसे दबोच लिया था । प्रमोद ने बताया कि उसने हेमंत को उसी दिन
मार कर झोटा रोड स्थित गन्ने के खेत में फेंक दिया था । बिहार के महिला आयोग ने
बॉलीवुड गायक उदित नारायण की पहली पत्नी होने का दावा करने वाली महिला की शिकायत पर
उन्हें सोमवार को सम्मन भेजा है । राज्य के महिला आयोग की अध्यक्ष मंजू प्रकाश ने
उदित नारायण को यह नोटिस उनके मुंबई के पते पर भेजा है । उन्होंने कहा कि पहली
पत्नी होने का दावा करने वाली रंजना नारायण की शिकायत के आधार पर उन्होंने पंद्रह
दिन के अंदर अपना स्पष्टीकरण देने के लिए कहा है । आयोग ने शनिवार को रंजना की
शिकायत को प्रथम दृष्टया सही पाया था । मंजू प्रकाश ने कहा कि बैंक की पासबुक, राशन
कार्ड और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखते हुए लगता है कि गायक उदित नारायण
की रंजना से शादी हुई थी । उन्होंने कहा कि आयोग इस मामले में अब कानूनी कार्रवाई
करेगा । रंजना चाहती हैं कि उदित उन्हें उनका हक दें । वे काफी समय से उदित से अलग
रह रही हैं । प्रधानमंत्री पद संभालने के बाद डॉ. मनमोहन सिंह अपनी राजनीतिक यात्रा
का सिलसिला आंध्र प्रदेश से शुरू करेंगे । वह अगले कुछ दिनों में ही आंध्र प्रदेश
की यात्रा पर जाने की तैयारी में हैं । आंध्र के सूखा - ग्रस्त इलाके उनकी इस
यात्रा में अहम् होंगे । जिनमें रायलसीमा, तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश उनके
कार्यक्रम में शरीक करने के प्रयास किए जा रहे हैं । कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक
प्रधानमंत्री की इस यात्रा का अहम् मक़सद यह राजनीतिक संदेश देना है कि वह किसानों
और कमजोर आयवर्ग के लोगों के हितों के प्रति संवेदनशील है । ये वही इलाक़े हैं
जिनमें कांग्रेस को जबर्दस्त समर्थन मिला है और पिछले पाँच सालों में 4000 से
ज्यादा लोगों ने आत्महत्याएँ की हैं । हौलनाक तथ्य यह है कि कांग्रेस सरकार आने के
बाद भी इन इलाक़ों में गरीबी के शिकार लोगों की आत्महत्याएँ रुकी नहीं हैं ।
प्रधानमंत्री की इस यात्रा को महाराष्ट्र के विधानसभा चुनावों से भी जोड़कर देखा जा
रहा है जिसमें किसानों के हितों पर ध्यान देना काफी महत्वपूर्ण साबित होने वाला है
। वह इस यात्रा में किसानों की समस्याओं पर फोकस कर सकते हैं । पूरी सरकार ही
किसानों के हितों पर ध्यान केंद्रित करने की बात लगातार करती रही है । सूत्रों के
मुताबिक बजट में कृषि ऋणों को दोगुना किया जाने की संभावना है । यह संभावना है कि
आंध्र प्रदेश की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री किसानों व सूखा - ग्रस्त इलाक़ों के
लिए कुछ घोषणाएँ कर सकते हैं । मुख्यमंत्री वाई राजशेखर रेड्डी भी प्रदेश की कमान
संभालने के बाद हालात बदलने का संकेत देना चाहते हैं । तंत्र - मंत्र के समर्थन पर
केंद्रीय मंत्री का इस्तीफा माँग लेने वाले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को अब
इस विद्या से परेहज नहीं रहा । हुआ यह कि एक पूर्व केंद्रीय मंत्री भाजपा छोड़कर
लालू की पार्टी में आ गए । लालू अब निश्चिंत हैं कि ओझा - गुनी को लामबंद करने की
संजय पासवान की मुहिम से राजद को नुकसान नहीं होगा । उन्हें अब इसके पीछे राष्ट्रीय
स्वयं - सेवक संघ की साजिश दिखना भी बंद हो गई है । अपनी नई भूमिका में पासवान
दोहरे उत्साह के साथ तंत्र - मंत्र को 'वाजिब' मान्यता दिलाने में जुट गए हैं ।
पासवान उस वक्त केंद्र में मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री थे और भाजपा को उनमें
काफी संभावना नज़र आ रही थी । यहाँ तक कि संजय पासवान का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनना
भी तक़रीबन तय लग रहा था । ओझा - गुनी की उनकी पैरोकारी पर लालू इस क़दर खफा हो गए
थे कि उन्होंने पासवान को फौरन ही मंत्रिपरिषद से निकालने की माँग कर दी थी ।
पासवान लालू का वह विरोध अभी तक नहीं भूले हैं । 'अमर उजाला' से उन्होंने बताया,
सबसे पहले विरोध लालू ने ही किया था राजद में आने के बाद मैंने उनसे इसका कारण पूछा
तो उन्होंने बताया कि उन्हें लगा कि इसके पीछे संघ की साजिश है । तब पासवान के गले
में सांप लपेटे अखबारों में तस्वीरें छपीं थीं और इस प्रकरण ने राजग सरकार के लिए
नई मुसीबत पैदा कर दी थी । मानव संसाधन विकास मंत्रालय में मंत्री होने के चलते
राजग नेतृत्व के लिए पासवान का बचाव करना काफी मुश्किल हो गया था । चंद महीने में
ही परिस्थितियाँ बदल गईं । पासवान ने खेमा बदला और भाजपा छोड़ राजद में आ गए ।
पासवान कहते हैं, 'मुझे प्रदेश अध्यक्ष इसलिए नहीं बनाया गया क्योंकि मेरे पास संघ
का सर्टिफिकेट नहीं था । लिहाजा, उन्होंने लालू से तार जोड़ा और आज वे राजद के
राष्ट्रीय प्रवक्ता हैं । पासवान कहते हैं, 'जिस दिन मैं राजद में शामिल हो रहा था
उस दिन भी मेरे साथ ओझा - गुनी आए थे लालूजी ने मुझसे पूछा कि क्या राजद में भी मैं
अपना अभियान चलाता रहूँगा । मैंने उन्हें समझाया कि ओझा - गुनी का विरोध करना
सवर्णों को फायदा पहुँचाएगा क्योंकि ज्यादातर ओझा - गुनी ग़ैर ब्राह्मण हैं । वे
हमारे तर्कों से सहमत हैं और उनकी सहमति से ही मैं ओझा - गुनियों की डायरेक्टरी
तैयार कर रहा हूँ । जानलेवा हमले में बाल - बाल बचे जाकिर हुसैन कॉलेज के प्रवक्ता
एस. ए. आर. गिलानी की सुरक्षा का सुप्रीम कोर्ट ने पुख्ता इंतजाम करने को कहा है ।
लेकिन इस हमले की जाँच सीबीआई से कराने का उनका अनुरोध सुप्रीम कोर्ट ने नामंजूर
करते हुए उन्हें हाईकोर्ट या अन्य किसी अदालत में जाने की सलाह दी है । गिलानी संसद
पर आतंकवादी हमले के मामले में भी अभियुक्त हैं । सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद
दिल्ली पुलिस ने गिलानी की सुरक्षा बढ़ा दी है । जस्टिस पी. वी. रेड्डी और जस्टिस
पी. पी. नवलकर की खंडपीठ से बृहस्पतिवार को गिलानी की वकील नंदिता हक्सर ने माँग की
कि घटना की जाँच दिल्ली पुलिस के बजाय सीबीआई से कराई जाए और गिलानी की सुरक्षा की
जिम्मेदारी राजस्थान पुलिस को सौंपी जाए । खंडपीठ ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया
कि गिलानी को उपयुक्त सुरक्षा दी जाए और सीबीआई से जाँच के लिए हाईकोर्ट या उपयुक्त
पीठ के पास जाने के लिए कहा । अदालत ने दिल्ली पुलिस के वकील से कहा कि वह पुलिस
आयुक्त से इस संबंध में पता करें कि अगर गिलानी की सुरक्षा राजस्थान पुलिस को सौंपी
जाती है तो दिल्ली पुलिस को एतराज तो नहीं होगा । दिल्ली पुलिस के वकील गोपाल
सुब्रह्मण्यम ने कहा कि वह इस संबंध में आयुक्त डॉ. के. के. पॉल से बात करेंगे ।
गिलानी ने अपने ऊपर हुए हमले में दिल्ली पुलिस का हाथ बताया था । अदालत ने आज अपने
आदेश में मीडिया को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि उसने इस मामले में सही व
तथ्यात्मक रिपोर्टिंग नहीं की है । गिलानी को 8 फरवरी को राजधानी के बसंत एंक्लेव
इलाके में कुछ अज्ञात लोगों ने गोली मार कर घायल कर दिया था । अखिल भारतीय
आयुर्विज्ञान संस्थान से गिलानी को 2 दिन पूर्व छुट्टी मिल चुकी है । इसके बाद से
वह नंदिता हक्सर के ही घर पर रह रहे हैं । उल्लेखनीय है कि 13 दिसंबर 2001 को संसद
पर आतंकवादी हमले की घटना के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने गिलानी और नवजोत सिद्धू
उर्फ अफशां गुरु को बरी कर दिया था । मोहम्मद अफजल और शौकत हुसैन गुरु को मृत्युदंड
की सजा दी थी । दोनों अभियुक्तों ने सजा के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी ।
बरी किए गए अभियुक्तों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने अपील की है । आपसी विलय के बाद
नक्सली संगठनों ने बृहस्पतिवार को एक नए बैनर के तले दिल्ली में अपनी मौजूदगी दर्ज
कराई । पीपुल्स वार ग्रुप और माओवादी कम्युनिस्ट सेंटर ऑफ इंडिया से जुड़े इन
नक्सलियों का इरादा तो विरोध प्रदर्शन और रैली करने का था । लेकिन दिल्ली पुलिस ने
इसकी इजाज़त नहीं दी । बावजूद इसके सॉलिडेरिटी कमेटी इन सपोर्ट ऑफ रिवोल्यूशनरी
स्ट्रगल के बैनर तले सैकड़ों नक्सलियों ने विरोध प्रदर्शन की कोशिश की और इस
सिलसिले में अपनी गिरफ्तारी दी । उनकी यह रणनीति भी क़ामयाब नहीं रही और आखिरकार
उन्हें प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं मिली । नक्सलियों का इरादा लाल किले से विरोध
प्रदर्शन शुरू कर फिरोजशाह कोटला मैदान में रैली करने का था । उनकी योजना के
मद्देनज़र ही आज इस इलाके में भारी तादाद में पुलिस तैनात थी । पुलिस की तैनाती के
बावजूद नक्सलियों ने विरोध प्रदर्शन की कोशिश की जिसके चलते पुलिस को उन्हें
गिरफ्तार करना पड़ा । उत्तरी जिला के पुलिस आयुक्त राजेश खुराना के मुताबिक बिना
इजाज़त प्रदर्शन करने पर दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत ८८१ व्यक्तियों को गिरफ्तार
किया गया । इनमें ११९ महिलाएँ और २८ नाबालिग थे । इन्हें शाम पाँच बजे रिहा कर दिया
गया । गिरफ्तार होने वालों में नक्सली नेता वारावारा राव, गदर, राजकिशोर और हरिसिंह
टर्क भी शामिल थे । बिहार विधानसभा भंग किए जाने की सिफारिश को संविधान सम्मत करार
देते हुए राज्यपाल बूटा सिंह ने बुधवार को कहा कि विधायकों की खरीद - फरोख्त के
मामले में यदि उनके समक्ष शिकायत दर्ज हुई तो वे ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई
करेंगे । बूटा को वापस बुलाए जाने की माँग पर राजग २५ जून को एक रैली आयोजित करेगा
। बूटा ने कहा कि उन्होंने सभी कानूनी पहलुओं को ध्यान में रख कर विधानसभा भंग करने
की सिफारिश की । सुप्रीम कोर्ट के फैसलों व केंद्र - राज्य संबंधों पर सरकारिया
आयोग की रिपोर्ट के आधार पर ही यह फैसला लिया । पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में
बूटा ने कहा कि राजग के नेता उनके फैसले के खिलाफ़ अदालत में जाने के लिए स्वतंत्र
हैं । उन्होंने कहा कि सरकार गठन के लिए विधायकों की खरीद - फरोख्त के उनके पास
पुख्ता सुबूत हैं । उधर राजग के राज्य संयोजक नंद किशोर यादव, भाजपा के प्रदेश
अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह व जद (यू) के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र यादव ने एक
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बूटा सिंह ने राज्यपाल बने रहने का नैतिक
अधिकार खो दिया है । राजग पर विधायकों की खरीद - फरोख्त करने व लोजपा विधायकों के
अपहरण का आरोप लगाए जाने के बारे में इन नेताओं ने कहा कि अगर राज्यपाल के पास
पक्की सूचना है तो राज्यपाल कानूनी कार्रवाई क्यों नहीं करते । भंग विधानसभा के
भाजपा व जद (यू) विधायकों से मिलने के बाद नंद किशोर और विजेंद्र ने कहा कि २५ जून
१९७५ को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा की थी । इसीलिए
हमने भी इसी दिन को राज्यपाल बूटा सिंह की कार्रवाई का विरोध करने के लिए चुना है ।
बूटा सिंह की यह कार्रवाई लोकतंत्र की हत्या जैसी ही है । सेना के खुफिया विभाग ने
हंदवाड़ा और आस - पास के इलाकों से आतंकवादियों की अपने आकाओं से हुई बात - चीत को
इंटरसेप्ट किया है । इससे सेना के खुफिया विभाग की बाछें खिली हुई हैं । सेना के
खुफिया सूत्रों के मुताबिक पहली बार ऐसा हो रहा है आतंकवादियों को क्षेत्रीय लोगों
का समर्थन मिलना कम हो गया है और वे अपने आकाओं से इसकी शिकायत कर रहे हैं ।
हंदवाड़ा से ८ अगस्त इंटरसेप्ट हुई एक बात - चीत के मुताबिक जैश - ए - मोहम्मद के
एक आतंकवादी ने अपने आका को सूचित किया कि स्थानीय लोग उसे देखते ही घरों के दरवाजे
बंद कर ले रहे हैं । सहयोग के लिए राजी नहीं हैं । इस बात पर दूर बैठे आतंकी सरगना
ने कहा कि पहले जाओ, दरवाजा खटखटाओ और यदि सहयोग न करे तो सिविलियन के पैर में गोली
मार दो । सूचनाएँ कम दो । इससे साफ है कि आतंकवादियों की हताशा बढ़ रही है । आम
लोगों का मोह भंग हो रहा है । कार बम विस्फोट और ऐसी ही गतिविधियाँ इसका सूचक हैं ।
सूत्रों के मुताबिक पिछले साल से ही ऐसे बदलाव के संकेत हैं । पिछले महीने में ही
कुछ बड़े आतंकवादियों को मार गिराने में सफलता मिली और इन सूचनाओं का स्रोत आम लोग
ही रहे हैं । जैश - ए - मोहम्मद, लश्कर - ए - तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन का मुख्य
संचालनकर्ता हबीबुल्लाह, कोड नाम - फुर्कान ०४ जुलाई को पंपोर में मारा गया । इसी
तरह से हिजबुल मुजाहिदीन के डिस्टिक कमांडर (रफिया बाग) हासिम को ०३ जुलाई को मार
गिराया गया । इसका कोड नाम हमजा और दिलावर था । सेना के सूत्रों के मुताबिक अब्बासी
पाकिस्तान के रावलपिंडी का निवासी था । जम्मू कश्मीर में वह चीफ ऑपरेशन ऑफ कश्मीर
था । सूत्रों के अनुसार इसमें आम नागरिकों का काफी बड़ा योगदान रहा और इससे गुटो
में बेचैनी बढ़ी है । सूत्र बताते हैं कि इस बदलाव के पीछे भारत और पाकिस्तान का
संघर्ष विराम का पालन करना काम कर रहा है । यह जरूर है कि आतंकी उसकी चौकियों के
पास होते हुए ही सीमा के भीतर आ रहे हैं । पर, पहले जैसी स्थिति नहीं है । सीमा में
इनके घुसने के एक - दो दिन के भीतर ही पता चल जाता है । आतंकी मारे जा रहे हैं ।
इससे शांति की उम्मीद बढ़ रही है । केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने लोगों से जमकर
चिकन खाने का आह्वान किया है । लेकिन, अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है
कि वर्षों से जमे हुए मुर्गों के मल को कैसे साफ किया जाए । बर्ड फ्लू से निपटने के
लिए इंडियन कॉउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) देश में चार बायो सेफ्टी लेवल - 3
(बीएसएल - 3) प्रयोगशाला बना रहा है । विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी
का मानना है कि प्रवासी पक्षी बर्ड फ्लू का कारण हो सकते हैं । हालांकि अभी इसके
वास्तविक कारणों का कोई पता नहीं चल पाया है । लातूर में रविवार को अखिल भारतीय
कृषि, मवेशी और दुग्ध विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए शरद पवार ने कहा कि टीवी
चैनलों पर बर्ड फ्लू की खबरें देखने के बाद हमने चिकन और अंडे खाने बंद कर दिए ।
यहाँ तक कि पार्लियामेंट कैंटीन में भी चिकन पर पाबंदी लग गई । इसके बाद रेलों,
विमानों और सेना में चिकन पर पाबंदी लग गई । उन्होंने आगे कहा कि शाकाहारी बेशक़
शाक - सब्जी अथवा घास खाएँ । उन्होंने लोगों का आह्वान किया कि वे जमकर चिकन खाएँ ।
मगर अब हमारे सामने बहुत ही मुश्किल काम है कि वर्षों से जमे पक्षियों के मल को
कैसे साफ किया जाए उन्होंने बताया कि सूरत में बर्ड फ्लू फैलने की आशंका के
मद्देनजर राज्य पशुपालन विभाग 80 हजार पोल्ट्री चिकन को मार चुका है और हजारों
अंडों को भी नष्ट कर चुका है । उन्होंने आगे कहा कि 'फिलहाल जरूरत इस बात की है कि
जिस जगह टेमीफ्लू की आवश्यकता है वहाँ इसे कैसे उपलब्ध कराया जाए । इसके अलावा यह
सुनिश्चित करने की भी जरूरत है कि इस दवा का दुरुपयोग न होने पाए । 'इंडियन काउंसिल
ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के महानिदेशक एन. के. गांगुली ने बताया कि दिल्ली,
चेन्नई, कोलकाता और पुणे में बायो सेफ्टी लेवल - 3 लैबोरेटरी बनायीं जाएँगीं ।
चुनाव आयोग लाभ के पद को ले कर सांसदों और विधायकों के खिलाफ याचिकाओं की बाढ़ से
निबटने की तैयारी कर रहा है । वहीं दूसरी ओर चुनाव आयुक्त नवीन चावला का मामला भी
आयोग के गले की फांस बना हुआ है । इससे भी आयोग को देर - सवेर निबटना ही है ।
बहरहाल, सोनिया के इस्तीफे के बाद उनके खिलाफ चुनाव आयोग में पहुँची याचिका का अब
कोई मतलब नहीं है । आयोग मार्क्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के दस सांसदों,
झारखंड के चार विधायकों और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) की एक विधायक के खिलाफ आयोग में
पहुँची याचिकाओं को निबटाने में यह तेजी से काम कर रहा है । हालांकि याचिकाकर्ताओं
ने अपने विरोधी के खिलाफ जो शिकायत की है उसमें पुख्ता जानकारी न होने के चलते आयोग
ने उनसे 17 अप्रैल तक पूरी सूचना देने को कहा है । आयोग ने याचिकाकर्ताओं से कहा है
कि वे बताएं कि संबंधित सांसद या विधायक को किस तारीख को पद पर नियुक्त किया गया,
जिसे वे लाभ का पद कह रहे हैं । याचिकाकर्ताओं को दस्तावेजी सबूत भी पेश करने को
कहा गया है ताकि यह पता किया जा सके कि विधायक या सांसद, जिनके खिलाफ आयोग में
याचिका आई है, वे सांसद या विधायक बनने के बाद लाभ के पद पर आसीन हैं या उससे पहले
से हैं । यदि वे सांसद या विधायक बनने के बाद लाभ का कोई पद लेते हैं तब तो चुनाव
आयोग उस पर सुनवाई करेगा और यदि सांसद या विधायक चुनाव पहले से ही लाभ के पद पर है
तो उसके खिलाफ अयोग्यता की याचिका पर उच्च न्यायालय सुनवाई करेगा । सूत्रों का कहना
है कि पूर्व राज्यसभा सांसद जया बच्चन से लाभ के पद को लेकर याचिका करने का जो
सिलसिला चल पड़ा है वह अभी थमने वाला नहीं है और इस मामले में और शिकायतों का अंबार
लग सकता है । ऐसे में आयोग के पास केवल एक ही तरह के मामले की भीड़ बढ़ जाएगी ।
इसलिए आयोग चाहता है कि तेजी से इन मामलों को निबटाया जाए । दूसरी तरफ चुनाव आयुक्त
नवीन चावला का विवाद भी आयोग के गले की फांस बना हुआ है । राजग ने लोकसभा और
राज्यसभा के करीब 200 सदस्यों के दस्तखत वाला एक ज्ञापन राष्ट्रपति को सौंपा है
जिसमें चावला पर आरोप लगाया गया है कि वह सत्तारूढ़ कांग्रेस के निकट हैं । राजग का
आरोप है कि उनके परिवार के ट्रस्ट ने सांसदों के स्थानीय क्षेत्र विकास योजना कोष
और अन्य माध्यमों से धन लिया है । आयोग को जैसे ही राष्ट्रपति की ओर से चावला के
संबंध में कोई सिफारिश मिलती है, उसे उस पर अमल करना होगा । चुनाव आयोग ने पूर्व
प्रधानमंत्री एच. डी. देवगौड़ा की पार्टी को असली जनता दल (एस) बताया है । पार्टी
विरोधी गतिविधियों के चलते तीन महीने पहले से जनता दल (एस) से निलंबित होने के बाद
अलग पार्टी बनाने वाले नेता सी. एम. इब्राहिम ने आयोग के पास इस बात की अर्जी दी थी
कि जनता दल (एस) के चुनाव चिह्न को जब्त कर लिया जाए । ऐसा संभव नहीं होने पर
उन्होंने आयोग से माँग की थी कि उनकी पार्टी को ही असली जनता दल मान लिया जाए ।
लेकिन अब इब्राहिम ने अपनी अर्जी वापिस ले ली है । जनता दल (एस) के प्रवक्ता दानिश
अली ने संवाददाताओं को बताया कि आयोग ने उन्हें सूचित किया है कि इब्राहिम ने अपनी
अर्जी वापस ले ली है और आयोग ने इस पूरे मामले को खत्म कर दिया है । इब्राहिम ने 21
नवंबर को लिखे अपने पत्र में अपनी अर्जी वापिस लेने की गुज़ारिश की थी । आयोग ने 23
दिसंबर को इब्राहिम को लिखकर कहा कि आयोग ने उनका अनुरोध स्वीकार कर लिया है और इस
मामले को समाप्त किया जाता है । प्रवक्ता के मुताबिक आयोग ने इस की प्रति देवगौड़ा
को भी भेजी है । गौरतलब है कि इब्राहिम ने पार्टी से निलंबित होने के बाद अखिल
भारतीय जनता दल का गठन कर लिया था और उसी के बैनर तले कर्नाटक में ग्राम पंचायत
चुनाव भी लड़ा । इब्राहिम के साथ पार्टी के नौ विधायक भी निलंबित किए गए थे ।
प्रवक्ता ने इब्राहिम और देवगौड़ा के बीच किसी तरह के समझौते की संभावना से इन्कार
किया । अली ने बताया कि इब्राहिम और अन्य विधायकों के निष्कासन का मामला पार्टी की
अनुशासन समिति के सामने अभी भी लंबित है । बिहार विधानसभा चुनाव में अपराधियों के
खिलाफ अभियान और हिंसा रहित चुनाव से चुनाव आयोग के हौसले बुलंद हैं । उत्साहित
आयोग ने तय किया है कि बिहार की तर्ज पर ही पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और
पांडिचेरी में चुनाव कराए जाएँगे । इन राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होंगे ।
आयोग जल्द ही केरल और पांडिचेरी के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के साथ भी इसी तरह की
समीक्षा बैठक करेगा । सूत्रों के मुताबिक आयोग ने बिहार की तरह ही इन राज्यों से
कहा है कि वे ऐसे लोगों के नाम मतदाता सूची से काटे जिनके खिलाफ ग़ैर जमानती वारंट
पिछले छह महीने से लंबित हैं । आयोग ने अपने इस आदेश का राज्यों को सख्ती से पालन
करने का आदेश दिया है । सूत्रों ने बताया कि आयोग का सबसे ज्यादा ध्यान पश्चिम
बंगाल के विधानसभा चुनाव पर है । दरअसल तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी
स्थानीय निकायों के चुनावों में हुई धांधली की शिकायत आयोग से कर चुकी हैं । माना
जा रहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त टंडन अगले महीने पश्चिम बंगाल की यात्रा करने वाले
हैं और वे वहाँ इन शिकायतों की जाँच भी करवा सकते हैं । आयोग के सूत्रों ने बताया
कि पश्चिम बंगाल में 72 हजार ग़ैर जमानती वारंट लंबित हैं । इनमें से 11 हजार लोगों
की पहचान कर ली गई है और उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं । तमिलनाडु में ग़ैर जमानती
वारंट के 12 हजार मामले लंबित हैं । गुड़गाँव में बहुराष्ट्रीय कंपनी होंडा के
श्रमिकों पर पुलिस बर्बरता का मामला मंगलवार को संसद के दोनों सदनों में गूँजा ।
विपक्षी राजग के साथ ही सरकार के सहयोगी वामदलों, सपा और बसपा ने भी इस मामले की
न्यायिक जाँच कराने और राज्य की हुड्डा सरकार की बरखास्तगी की माँग को लेकर सदन से
बहिर्गमन किया । केंद्रीय गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने दोनों सदनों में इस मामले पर
बयान दिया, लेकिन विपक्ष उससे संतुष्ट नहीं हुआ । लोकसभा में दोपहर बाद फिर यह
मामला उठा और पुनः गृहमंत्री ने सदन में बयान दिया कि राज्य सरकार मामले की न्यायिक
जाँच के लिए तैयार है । इसके चलते दोनों सदनों में प्रश्नकाल की कार्यवाही स्थगित
करनी पड़ी और इस प्रकरण पर चर्चा कराई गई । राज्यसभा में भाजपा के एस. एस.
अहलूवालिया ने मामला उठाते हुए कहा कि इस घटना ने जलियांवाला बाग कांड की यादें
ताजा कर दी हैं । सदस्यों ने गुड़गाँव के उपायुक्त, एसएसपी और अन्य दोषी पुलिस
अधिकारियों को तत्काल बरखास्त करने, घायलों को एक से पाँच लाख तक मुआवज़ा देने,
मजदूरों से संबंधित कानूनों को कड़ा बनाने, पूरे प्रकरण की न्यायिक जाँच कराए जाने
तथा हुड्डा सरकार को बरखास्त करने की माँग की । लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही
सीपीएम के गुरुदास दासगुप्ता ने सदन में खून से सना कपड़ा लहराते हुए इस घटना को
उठाया । उन्होंने मौके का पूरा ब्यौरा देते हुए पुलिस प्रशासन की बर्बरता को सदन के
समक्ष रखा । भाजपा के विजय कुमार मल्होत्रा ने राज्य सरकार को बरखास्त करने की माँग
की । इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई बार नोक - झोंक हुई, जिससे सदन में
हंगामे की स्थिति उत्पन्न हुई । सदस्यों ने प्रधानमंत्री से बयान देने की माँग की
और सदन से बहिर्गमन किया । पाटिल ने कहा कि जिस स्थान पर लाठीचार्ज हुआ वहाँ पर
धारा 144 लागू की गई थी । पुलिस ने जब स्थिति को नियत्रंण से बाहर होते देखा तो
उसने मजदूरों पर लाठीचार्ज किया, जिसमें 92 लोग घायल हो गये । उन्होंने 700 लोगों
के घायल होने की बात को निराधार बताया । घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था,
जिनमें से 45 को छुट्टी दे दी गयी है । उन्होंने बताया कि 32 पुलिसकर्मी भी घायल
हैं । इस घटना में एक डीएसपी के दोनों हाथ टूट गए । प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की
जीप समेत दो अन्य वाहन फूँक डाले । पाटिल ने इस बात का खंडन किया कि मंगलवार को
गुड़गाँव अस्पताल में फिर मजदूरों और उनके परिजनों पर लाठीचार्ज किया गया ।
उन्होंने कहा कि वहाँ परिजनों और पुलिस के बीच हल्की धक्का - मुक्की होने की सूचना
मिली है । उन्होंने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है जिसका सभी को दुख है । घटना
की न्यायिक जाँच की विपक्ष की माँग पर उन्होंने मामले से राज्य सरकार को अवगत कराने
को कहा । विपक्षी सदस्य पाटिल के बयान से संतुष्ट नहीं हुए । उनका कहना है कि सरकार
मामले पर पर्दा डालने की कोशिश कर रही है । लोकसभा में भाजपा के नेता लालकृष्ण
आडवाणी ने कहा कि गृहमंत्री ने गुड़गाँव पुलिस का बयान दोहरा दिया है । राज्यसभा
में राम जेठमलानी ने सवाल खड़ा किया कि धारा 144 का उल्लंघन करने पर लाठीचार्ज किया
जाए, यह कानून की किस किताब में लिखा है । उन्होंने कहा कि असल सवाल यह है कि बल
प्रयोग क्यों किया? इस पर पाटिल ने कहा कि जाँच में सब तथ्यों का खुलासा किया जाएगा
। लोकसभा में भोजनावकाश के बाद एक बार फिर इस मामले पर हंगामे के आसार पैदा हुए ।
इस पर गृहमंत्री ने पुनः सदन में बयान दिया । उन्होंने नई बात यह कही कि
मुख्यमंत्री मामले की न्यायिक जाँच के लिए तैयार हो गए हैं, जिसकी रिपोर्ट तीन माह
के भीतर आएगी । गाँवों को सड़कों से जोड़ने के मामले में फिसड्डी साबित हो रहे
राज्यों को अब हर साल पहले से दो - तीन गुना ज्यादा सड़कें बनानी होंगी ।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को 'भारत निर्माण' योजना के दायरे में लाने के बाद
अगले चार सालों में सभी गाँवों को सड़कों से जोड़ने के लिए केंन्द्र अब राज्यों की
लगाम कसने की तैयारी में है । अब जो राज्य तय समय पर लक्ष्य पूरा नहीं कर पाएंगे
उनके हिस्से का पैसा, उन राज्यों को देने का प्रस्ताव है जो समय पर ग्रामीण सड़कें
बना रहे हैं । राज्यों की प्रगति रिपोर्ट देखने के लिए केंद्रीय ग्रामीण विकास
मंत्रालय ने आगामी तीन दिसंबर को सभी राज्यों के ग्रामीण विकास सचिवों को दिल्ली
तलब किया है । यह योजना ज्यादातर राज्यों में कछुआ चाल से चल रही है । यहाँ तक कि
कई राज्य इस योजना के लिए केंद्र से पैसा तक समय पर नहीं ले जा पा रहे हैं । जबकि
मंत्रालय का दावा है कि वर्ष २००१ से शुरू इस प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत
अब तक कुल ४० करोड़ मानव कार्य दिवसों का सृजन हुआ । पूरा पैसा केंद्र से मिलने के
बाद भी अधिकतर राज्यों का काम - काज संतोषजनक नहीं है । केंद्रीय ग्रामीण विकास
मंत्री डा. रघुवंश प्रसाद सिंह के मुताबिक भारत निर्माण योजना के तहत अब इस योजना
पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा । वर्ष २००९ - १० तक पहाड़ी क्षेत्रों के पाँच सौ और
शेष इलाके के एक हजार आबादी वाले सभी गाँवों को सड़कों से जोड़ना है । मंत्रालय के
आंकड़े गवाह हैं कि साल २००१ से इस योजना के तहत मंजूर १,२७,३५७ किलोमीटर सड़क में
मात्र ७७,४५५ किमी सड़क ही बन पाई है । अब भारत निर्माण योजना के तहत अगले चार
सालों में कुल ६६ हजार गाँवों को जोड़ने के लिए १.४० लाख किमी सड़क बनाई जानी है ।
इसके लिए कुल ४८ हजार करोड़ रुपये का बजट है । मौजूदा वित्तीय वर्ष में ४२ सौ करोड़
के बजट के साथ १६ हजार किमी सड़क बनाने का लक्ष्य है । लेकिन भारत निर्माण योजना
में आने के बाद अब हर १२ हजार करोड़ रुपये खर्च करके ३५ हजार किमी सड़क बनानी होगी
। यानि राज्यों को पहले से ज्यादा काम करना होगा । लेकिन राज्यों की अब तक की
प्रगति रिपोर्ट संतोषजनक नहीं है । इनके अलावा केंद्र की चिंता उन १० राज्यों को
लेकर भी है जहाँ सड़क संपर्क बहुत कम है । इनमें उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, असम,
पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश हैं ।
जबकि मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए आबंटित ३४८० करोड़ रुपये पाने के लिए अभी तक
ज्यादातर राज्य अपने प्रस्ताव तक नहीं भेज पाए हैं । खासतौर पर उत्तरी क्षेत्र के
लगभग सभी राज्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं है । देश के सात बेहतरीन संस्थानों को
उन्नत रूप देकर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के समकक्ष बनाने के लिए
सरकार विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है । इस मामले में 'विजन
डॉक्यूमेंट' के अध्ययन के लिए विशेषज्ञ समिति गठित की गयी थी । मानव संसाधन विकास
मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट अगले महीने आने की
उम्मीद है और रिपोर्ट की सिफारिशों के आधार पर आगे की योजना बनेगी । प्रोफेसर एम.
आनंद कृष्णन् की अध्यक्षता में गठित समिति को सात संस्थानों द्वारा सौंपे गए विजन
डॉक्यूमेंट के अध्ययन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी । प्रोफेसर ए. घोष व प्रोफेसर डी.
वी. सिंह समिति के सदस्य हैं । समिति को सातों संस्थानों को उन्नत रूप देने के
उपायों के बारे में सुझाव पेश करना है । १५ अगस्त, २००३ को तत्कालीन प्रधानमंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी ने ७ बेहतरीन संस्थानों को उन्नत रूप देकर आईआईटी के समकक्ष
बनाने की घोषणा की थी । ऐसे संस्थानों की पहचान के लिए केंद्र ने नवंबर 2003 में
प्रोफेसर एस. के. जोशी की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित की थी । समिति ने इस
वर्ष अपनी रिपोर्ट सौंप दी है । समिति ने कहा था कि सभी संस्थान मौजूदा आईआईटी के
स्तर की तुलना में काफी पीछे हैं । इन्हें आईआईटी के समकक्ष बनाये जाने से मौजूदा
आईआईटी की प्रतिष्ठा को लेकर खतरा उत्पन्न हो जायेगा । पिछले वर्ष मई में सभी चुने
हुए संस्थानों के साथ हुई बैठक में संस्थानों को कहा गया कि वे जोशी समिति की
सिफारिशों के आधार पर विजन डॉक्यूमेंट तैयार करें । अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज
डब्लू. बुश की भारत यात्रा की सफलता परमाणु समझौते पर निर्भर है । इससे पहले केवल
चार अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने भारत और पाकिस्तान की यात्रा की है । लेकिन वर्ष २०००
में तत्कालीन राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के दौरे के बाद बुश की यात्रा भविष्य के लिए
यह संकेत है कि भारत अमेरिका में बेहद रुचि रखता है । भारत एक अरब की आबादी के साथ
दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और अमेरिका की कारोबारी यहाँ की उभरती अर्थ -
व्यवस्था पर नज़र गड़ाए हुए है । पिछले हफ्ते वाशिंगटन में एशिया सोसाइटी की बैठक
में बुश ने कहा कि इस बारे में सोचिए । अमेरिका की कुल आबादी से ज्यादा वहाँ मध्यम
वर्गीय लोगों की तादाद है । कुछ अमेरिकी सोचते हैं कि भारत की वजह से उनकी नौकरी पर
खतरा है । वे भारत के सस्ते श्रम बाजार को लेकर चिंतित हैं लेकिन सरकार का कहना है
कि वैश्विक बाजार में अगर अमेरिकी कंपनियाँ प्रतियोगी बनी रहती हैं तो अमेरिकी
नौकरियों की कोई कमी नहीं होगी । पिछले साल भारत को अमेरिकी आयात में ३० फीसदी से
अधिक की वृद्धि दर्ज की गई । बुश ने कहा कि भारत में मध्यम वर्गीय लोग एयर
कंडिश्नर, वाशिंग मशीन और किचन अप्लाइंसेज़ का इस्तेमाल करते हैं । इनमें से
ज्यादातर अमेरिकी कंपनियों के प्रोडक्ट होते हैं । कुछ अमेरिकियों का मानना है कि
भारत चीन की बढ़ती ताकत का मुकाबला कर सकता है जिसे अमेरिका अपना प्रतिद्वंद्वी
मानता है । लेकिन भारत यह भूमिका निभाने को तैयार नहीं है । इसके साथ ही इससे
परमाणु अप्रसार की कोशिशों पर बुरा असर पड़ेगा । हालांकि कुछ विज्ञानियों का कहना
है कि इस समझौते को लेकर चिंतित होने की जरूरत नहीं है । जापान के विज्ञान - दूत
'क्विरिओ' रोबोट ने मंगलवार को ठुमके लगाकर राजधानी के बच्चों का दिल जीत लिया । वह
मुँह के बल गिरा तो बिना किसी की मदद के खुद ही खड़ा हो गया । क्विरिओ झुककर
अभिवादन करना व नमस्कार करना भी जानता है । जापान की सोनी रोबोट कंपनी द्वारा
विकसित दो पैरों से चलने वाला यह रोबोट मंगलवार को राजधानी पहुँचा । क्विरिओ वास्तव
में साइंस प्रोग्राम का एक हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में विज्ञान के प्रति
जिज्ञासा पैदा करना है । क्विरिओ की यह पहली विदेश यात्रा है । उसने यहाँ आर. के.
पुरम् स्थित देहली पब्लिक स्कूल के बच्चों को अपने करतब दिखाए । उसे जापान की नेशनल
फेडरेशन ऑफ यूनेस्को एसोसिएशंस (एनएफयूएजे) ने विज्ञान - दूत नियुक्त किया है ।
सोनी ने मनोरंजन व शैक्षणिक उद्देश्य से क्विरिओ को विकसित किया है । सुनने के लिए
क्विरिओ में सात माइक्रोफोन लगाए गए हैं । जिनकी मदद से वह आवाज को पहचान व समझ
सकता है और उसके मुताबिक सीपीयू की मदद से अपनी आवाज या शारीरिक भंगिमा से
प्रतिक्रिया दे सकता है । हालांकि अभी वह अपनी प्रतिक्रियाएँ केवल जापानी भाषा में
ही देता है, पर इंजीनियरों ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही वह अंग्रेजी में भी बात
करने लगेगा । आँखों के स्थान पर सीसीडी कैमरे लगे हैं । जिसकी मदद से वह चेहरा
देखकर व्यक्ति को पहचान सकता है । माँसपेशियों की तर्ज पर क्विरिओ के शरीर में
इंजीनियरों ने एक्यूरेटर फिट किए हैं । वह असमतल जमीन पर चल सकता है और अपना संतुलन
संभाल सकता है । अपने सेंसर की मदद से वह दूरी आँक सकता है । 58 सेंटीमीटर ऊँचा व
सात किलोग्राम वजन वाला क्विरिओ बैटरी की मदद से एक घंटे तक सक्रिय रह सकता है ।
राजधानी में आज बच्चों को क्विरिओ से मिलने का मौका तो मिला । इंजीनियरों ने बताया
कि क्विरियो दुनिया का पहला ऐसा रोबोट है, जो दौड़ भी सकता है । हालांकि ऐसा पिछले
साल सोनी की रोबो लैब में संभव हो सका था । क्विरिओ 30 अक्तूबर तक भारत में रहेगा ।
बुधवार को राजधानी के धौलाकुँआ स्थित स्प्रिंगडेल्स स्कूल में वह अपने करतब दिखाएगा
। इसके बाद कर्नाटक के गोकक में 29 व 30 अक्तूबर को वह बच्चों से मिलेगा । भारत ने
बांग्लादेश को भरोसा दिलाया कि वह नदियों को जोड़ने की योजना पर संबंधित क्षेत्रीय
देशों से विचार - विमर्श किए बगैर अमल नहीं करेगा । बांग्लादेश के विदेश मंत्री एम.
मुर्शीद खान के हवाले से स्थानीय मीडिया ने कहा है कि भारत जल बँटवारा प्रबंधन के
क्षेत्रीय सहयोग पर सहमत है और दोनों देशों से होकर बहने वाली नदियों पर दिल्ली की
नीति में बदलाव आया है । बैंकॉक में बिम्सटेक सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश की
प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया और भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की इस मुद्दे
पर बात - चीत हुई थी । बात - चीत में सिंह ने भरोसा दिलाया था कि भारत इस मुद्दे पर
संबंधित देशों से बात - चीत के बाद ही कोई कदम उठाएगा । खान ने कहा कि बांग्लादेश
हमेशा से ही यह अनुरोध करता आ रहा है कि जल प्रबंधन पर सभी देशों को मिलकर काम करना
चाहिए । खान ने कहा कि वह समझते हैं कि भारत ने उनके प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है
। खान ने कहा कि बंगाल की खाड़ी में गिरने वाली भारत की सभी नदियाँ बांग्लादेश से
होकर गुजरती हैं । इन्हीं नदियों के कारण हर साल बाढ़ आती है । इसके अलावा मनमोहन
सिंह ने वादा किया है कि भारत बांग्लादेशी सामानों के लिए बड़ा बाजार उपलब्ध कराता
रहेगा । इसके साथ ही भारत द्विपक्षीय मुद्दों पर आपसी विचार - विमर्श के बाद ही कदम
उठाएगा । खान ने सिंह के उस बयान का स्वागत किया है जिसमें कहा है कि बांग्लादेशी
घुसपैठियों के मामले में भारत बिना किसी सुबूत के कार्रवाई नहीं करेगा । हत्या,
अपहरण, लूट व फिरौती जैसे २४ संगीन मामलों में नामजद अंतर्राज्यीय बदमाश अनिल भगते
मंगलवार तड़के कुंडली थाना क्षेत्र के गाँव नांगल कलां में हरियाणा व दिल्ली पुलिस
की संयुक्त टीम की कार्रवाई के दौरान मुठभेड़ में मारा गया । उसके दो साथियों ने
पुलिस के सामने समर्पण कर दिया । पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद भगते व उसकी पत्नी के
शवों को परिजनों को सौंप दिया । बलबीर सिंह ने सीआईए के निरीक्षक राजबीर सिंह को
फोन पर इसकी जानकारी दी और फोर्स लेकर प्याऊ मनियारी पहुँचने का अनुरोध किया ।
राजबीर सिंह ने तुरंत इसकी सूचना डीएसपी (मुख्यालय) अरुण नेहरा को दी । नेहरा ने
मुरथल थाने के एसएचओ राजेंद्र सिंह को तुरंत फोर्स लेकर प्याऊ मनियारी पहुँचने के
निर्देश दिए । थोड़ी ही देर में सभी टीमें प्याऊ मनियारी पहुँच गईं । इसी बीच सूचना
मिलने पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम के एसीपी जॉय तिर्की भी अपनी
टीम के साथ प्याऊ मनियारी पहुँच गए । सिहाग के अनुसार तड़के करीब साढ़े चार बजे
पुलिस की तीन टीमों ने संजय के निवास को घेर लिया । संजय की पत्नी से दरवाजा
खुलवाकर पुलिस टीम अंदर घुस गई । नेहरा ने सीढ़ियाँ चढ़कर चौबारे के सामने सो रहे
अनिल भगते को आत्म - समर्पण की चेतावनी दी । पुलिस को देखते ही भगते के साथी संजय
और नरेश ने नीचे आकर समर्पण कर दिया, जबकि भगते ने पुलिस टीम पर फायर कर दिया ।
जवाब में पुलिस ने भी गोलियाँ चलाईं, जिसमें भगते ज़ख्मी होकर चौबारे के दरवाजे के
सामने गिर पड़ा । हेड काँस्टेबल आज़ाद सिंह और राज सिंह ने तत्काल उसे दबोच लिया ।
अनिल भगते के कब्जे से ९ एमएम की पिस्तौल व जेब से ३१५ बोर की देसी पिस्तौल बरामद
की । सीआईए के निरीक्षक राजबीर सिंह की शिकायत पर आईपीसी की धारा ३०७, ३४, २५, ५४ व
५९ के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है । उसकी हालत बिगड़ने पर परिजनों
ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहाँ उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई ।
पुलिस ने मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद अनिल भगते व उसकी पत्नी निर्मला के शवों
को परिजनों को सौंप दिया । उस पर कुल डेढ़ लाख रुपये का इनाम घोषित था । बहुजन समाज
पार्टी (बसपा) नेता कांशी राम के इलाज को लेकर चल रहा विवाद खत्म होता नज़र नहीं आ
रहा है । उनकी माँ ने सोमवार को कहा कि वे मायावती द्वारा कांशी राम को अवैध रूप से
अपने यहाँ रखने के खिलाफ जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे । कांशी राम की
९४ वर्षीय माँ बिशन कौर और उनके छोटे भाई दलबारा सिंह ने पत्रकारों से कहा कि
मायावती द्वारा कांशी राम को उनके नई दिल्ली स्थित घर पर अवैध रूप से रखे जाने के
खिलाफ वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे । उन्होंने कहा कि कांशी राम को नियमित रूप से नशीली
दवाईयाँ दी जा रही हैं, जिसकी वजह से वे स्वयं कुछ बोल पाने और मायावती के शिकंजे
से निकलने में असमर्थ हैं । पिछले १४ जून को अगवा किए गए छह छोटे व्यापारियों की
आतंकियों ने बांग्लादेश में हत्या कर दी । यह जानकारी सोमवार को पुलिस ने दी ।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि २६ जुलाई को आतंकियों द्वारा मुक्त किए गए अन्य बंधकों
ने उन्हें यह जानकारी दी । जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि रिहा किए गए व्यापारियों का
उत्तरी त्रिपुरा के सरकारी अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है । पुलिस ने बताया कि
आतंकियों ने २४ लोगों का अपहरण किया था, जिसमें से छह की बांग्लादेश के दक्षिण
पूर्व में स्थित चिटगाँव पहाड़ियों में हत्या कर दी गई । प्रतिबंधित आदिवासी
गुरिल्लाओं ने २४ में १८ व्यापारियों को हाल में मुक्त कर दिया था । इनको १४ जून को
उत्तरी त्रिपुरा से अगवा किया गया था । इराक में कथित अमेरिकी ज्यादतियों और प्रदेश
सरकार के रवैये के खिलाफ श्रीनगर में स्थानीय युवकों का हिंसक प्रदर्शन लगातार
दूसरे दिन भी जारी रहा । पुलिस को हिंसक प्रदर्शन पर नियंत्रण पाने के लिए हवा में
गोली चलानी पड़ी और आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े । सरकारी सूत्रों के मुताबिक इराक
पर अमेरिकी कार्रवाई व उसके द्वारा पवित्र शहर नजफ पर की जा रही बमबारी के विरोध
में युवकों ने श्रीनगर के अलमगारी बाजार, हवाल व इससे लगे इलाकों में हिंसक
प्रदर्शन किया । इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुलिस दल पर पथराव किया । इस मुठभेड़
में बीएसएफ का एक जवान भी घायल हो गया । अन्य घटनाओं में राजोरी व डोडा जिले में एक
पाकिस्तानी आतंकी समेत तीन लोग मारे गए । रहमान राजोरी जिले के मनयाल में सुरक्षा -
बलों के साथ मुठभेड़ में मारा गया । मुठभेड़ के स्थान से एक ए. के. राइफल व दो आईडी
बरामद किया गया । एक अन्य घटनाक्रम में शुक्रवार रात डोडा जिले के कुंदा इलाके से
अपहृत किए गए दो लोगों के शव को शनिवार सुबह बरामद किया गया । दोनों को मवेशियों को
चराने के दौरान अगवा किया गया था । एक अन्य घटना में श्रीनगर में शनिवार को पुलिस
के साथ मुठभेड़ में हिजबुल मुजाहिदीन का एक कट्टर आतंकी मारा गया । इस मुठभेड़ में
पुलिस का एक सब इंस्पेक्टर भी घायल हो गया । पूर्व केंद्रीय मंत्री और मुंगेर से
राजद सांसद जयप्रकाश नारायण यादव ने मंगलवार को अपने भाई और राजद के उम्मीदवार विजय
प्रकाश को पुलिस हिरासत से फरार कराने में मदद करने के मामले में एक स्थानीय अदालत
के समक्ष समर्पण कर दिया । यादव इस महीने नए सिरे से गैर जमानती वारंट जारी होने के
बाद से फरार चल रहे थे । यादव ने मंगलवार की दोपहर को सब - डिवीजनल मजिस्ट्रेट ए.
के. झा के समक्ष समर्पण कर दिया, जहाँ से उन्हें १४ दिन की न्यायिक हिरासत में भेज
दिया गया है । इससे पहले, मजिस्ट्रेट ने यादव के वकीलों राणा प्रताप सिंह और
चितरंजन सिन्हा की यादव को जमानत देने की याचिका खारिज कर दी । यादव के वकीलों ने
उनका स्वास्थ्य ठीक न होने की वजह से अस्पताल भेजने की भी याचिका दायर की थी, लेकिन
जज ने याचिका स्वीकार करने से इन्कार कर दिया । उन्होंने कहा कि अदालत इस पर बाद
में विचार करेगी । इससे पहले, पटना हाई कोर्ट ने यादव की १४ फरवरी को अग्रिम जमानत
याचिका खारिज कर दी थी । थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक में भारत सरकार के वार्ताकारों
और नागालैंड के अलगाववादी जनजातीय समूह के बीच शांति वार्ता चल रही है । वरिष्ठ
अधिकारियों ने बताया कि यह वार्ता ९ वर्ष पुराने संघर्ष विराम की संधि को बचाने के
लिए की जा रही है । भारतीय गृह - मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि प्रवासी मामलों
के मंत्रालय के राज्यमंत्री ऑस्कर फर्नानडिस और नई दिल्ली के मुख्य शांति वार्ताकार
के. पद्मनाभैया थाइलैंड की राजधानी में नेशनल सोशलिस्ट कॉउंसिल ऑफ नागालैंड
(एनएससीएन - आईएम) की ५ सदस्यीय दल से बात - चीत कर रहे हैं । एनएससीएन - आईएम के
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व छापामार नेता इसाक चिशी स्वू और टी मुईवा कर रहे हैं ।
१९९७ में एनएससीएन - आईएम की सरकार के साथ युद्ध विराम के संबंध में बात - चीत हुई
थी । तभी से अभी तक दोनों पक्षों के बीच कम से कम ५० दौर की शांति - वार्ता सम्पन्न
हो चुकी है । वर्तमान वार्ता भी इसी दौर का एक हिस्सा है । गृहमंत्रालय के एक
वरिष्ठ अधिकारी ने नाम गुने की शर्त पर नई दिल्ली से टेलीफोन पर जानकारी दी कि
दोनों पक्षों के बीच की यह वार्ता काफी सावधानीपूर्वक आयोजित की गयी है । गौरतलब है
कि सरकार और एनएससीएन - आईएम के बीच की युद्घ विराम संधि की तिथि मंगलवार को खत्म
हो रही है । इस दौर की वार्ता का मुख्य उद्देश्य एनएससीएन - आईएम द्वारा युद्ध
विराम की अवधि बढ़ाने पर सहमति सुनिश्चित कराना है । कैबिनेट सचिव बी. के.
चतुर्वेदी ने मेट्रो चीफ ई. श्रीधरन से दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों के आधुनिकीकरण
की प्रक्रिया के मूल्यांकन के लिए गठित उच्च स्तरीय पैनल की मदद करने को कहा है ।
सरकारी सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि दोनों हवाईअड्डों की
निविदा प्रक्रिया पर भी श्रीधरन की राय माँगी गई है । गौरतलब है कि हवाई अड्डों के
आधुनिकीकरण की प्रक्रिया के मूल्यांकन के लिए अंतर - मंत्रालय समूह में मतभेद पैदा
होने के बाद पिछले सप्ताह कैबिनेट सचिव के नेतृत्व में समिति गठित की गई थी । इस
समिति के अन्य सदस्यों में नागरिक उड्डयन, आर्थिक मामलों और विधि मंत्रालयों के
सचिव और योजना आयोग के सदस्य सचिव शामिल हैं । यह समिति रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी
के नेतृत्व में मंत्रियों के समूह को निवेदकों के अंतिम चयन के लिए तय नियमों के
बारे में और जरूरत पड़ने पर इसके विकल्प सुझाने में सलाह देगी । दोनों हवाई अड्डों
के आधुनिकीकरण के लिए इस समय रिलायंस और जीएमआर के नेतृत्व में एक समूह समेत छह
निवेदक हैं । चयन के दो निवेदक भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण के साथ दो संयुक्त उद्यम
गठित कर दोनों हवाई अड्डों का आधुनिकीकरण करेंगे । कर्नाटक के घटनाक्रमों को तवज्जो
दिए बिना कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि गठबंधन राजनीति देश का भविष्य है और वह समान
मानसिकता वाले दलों के साथ हमेशा हाथ मिलाने को तैयार है, जैसा कि हाल ही में
हैदराबाद में इसके महाधिवेशन में पारित प्रस्ताव में कहा गया है । केंद्रीय मानव
संसाधन विकास मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अर्जुन सिंह ने यहां कहा कि मौजूदा
राजनीतिक परिस्थितियों में गठबंधन राजनीति देश का भविष्य होगी । पश्चिम बंगाल
विधानसभा चुनावों में तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी से कांग्रेस के हाथ
मिलाने की संभावना के बारे में सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी इस विकल्प के खिलाफ नहीं
है, लेकिन उन्हें पहले अपने संबंध भाजपा से तोड़ने होंगे । राज्यपालों की नियुक्ति
से पहले संबंधित राज्य सरकारों से विचार - विमर्श करने की राजग की माँग के बारे में
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह राजग ही थी, जिसने पिछले वर्ष अंतर्राज्यीय बैठक में
इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था । राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मानवाधिकार विषय
पर हिंदी में सृजनात्मक लेखन के लिए 2004 - 05 के पुरस्कारों की घोषणा कर दी है ।
पुष्पा सिन्हा के उपन्यास 'महिलानामा' को प्रथम पुरस्कार के लिए चुना गया है ।
उपन्यास में बताया गया है कि बिना किसी खर्च और हिंसा के महिलाओं के अधिकारों की
रक्षा की जा सकती है । आयोग ने मानवाधिकार विषय पर जागरूकता फैलाने और मानवीय
संवेदना जगाने के मक़सद से 1998 से इस पुरस्कार की शुरुआत की थी । दूसरे पुरस्कार
के लिए सत्य नारायण साबत की पुस्तक 'भारतीय संस्कृति में मानवाधिकार की अवधारणा' को
चुना गया है । तीसरे पुरस्कार के लिए आरसी मिश्रा की पुस्तक 'मानवाधिकार संरक्षण
विशेष संदर्भ, अपराधियों का निरोध एवं उपचार' को चुना गया है । अनुवाद में पुरस्कार
के लिए इस बार किसी आवेदन को उपयुक्त नहीं पाया गया । विजेताओं को पुरस्कार आयोग की
ओर से दो - तीन मार्च को होने वाले एक राष्ट्रीय सम्मेलन में दिये जाएंगें । वित्त
वर्ष 2006 - 07 के बजट में स्टील क्षेत्र के शुल्क ढाँचे में व्यापक बदलाव किए जाने
का असर घरेलू बाजार में इस्पात की कीमतों में बढ़ोतरी के रूप में सामने आएगा ।
जिंदल स्टील के प्रबंध निदेशक व सांसद नवीन जिंदल ने 'अमर उजाला' को बताया कि
स्क्रैप पर पाँच फीसदी ड्यूटी लगाए जाने से इसके बढ़ते आयात पर लगाम लगाने में मदद
मिलेगी, जिससे घरेलू स्पॉन्ज आयरन उद्योग को सीधा लाभ होगा । बजट - 06 पेश करते हुए
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम् ने सभी ग़ैर - कृषि उत्पादों पर सीमा शुल्क की उच्च दर
को 15 से घटाकर 12.5 फीसदी करने की घोषणा की । इसके साथ ही वित्त मंत्री ने अलॉय
स्टील पर सीमा शुल्क 10 से घटाकर 7.5 फीसदी करने और स्क्रैप पर पाँच फीसदी शुल्क
लगाने की भी घोषणा की । घरेलू बाजार में स्टील के दामों में दर्ज की जा रही तेजी पर
लगाम लगाने के लिए चिदंबरम् ने पिछले बजट में स्क्रैप पर लागू ड्यूटी को पूरी तरह
समाप्त कर दिया था । इस स्थिति में आने वाले समय में स्टील की घरेलू माँग में खासी
बढ़ोतरी होने की उम्मीद है । वैसे भी मौजूदा समय में देश में स्टील की प्रति
व्यक्ति खपत विकसित देशों की तुलना में बेहद कम है । इन परिस्थितियों में आने वाले
समय में घरेलू बाजार में स्टील के दामों में मजबूती का रुख बनने की उम्मीद है ।
गौरतलब है कि पिछले कुछ माह से स्टील के दामों में लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है
। बजट के अन्य प्रावधानों पर प्रतिक्रिया में जिंदल ने कहा कि इस बार के बजट में
वित्त मंत्री पी. चिदंबरम् ने ग्रामीण इलाकों समेत समाज के सभी वर्गों के हितों का
ध्यान रखा है । यूपीए सरकार की नीतियों का ही नतीजा है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान
आर्थिक विकास दर 8.1 फीसदी रहने की उम्मीद है और आने वाले समय में यह बढ़कर 10
फीसदी पर पहुँचने की संभावना है । विशेषज्ञों की राय में बजट में शिक्षा क्षेत्र पर
ध्यान तो दिया गया है, लेकिन आवश्यकता के अनुरूप नहीं है । बजट पर प्रतिक्रिया देते
हुए योजना आयोग के सदस्य प्रो. भाल चंद्र मुंगेकर के मुताबिक उच्च और तकनीक़ी
शिक्षा की जरूरत को देखते हुए इसके लिए आवंटित बजट अपर्याप्त है । मुंगेकर ने कहा
कि हालांकि पिछले साल के 2700 करोड़ के मुकाबले इस साल 3600 करोड़ रुपये का
प्रावधान हुआ है । कुल 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये के बजट प्रावधान के भारत निर्माण
कार्यक्रम पर संतोष किया जा सकता है लेकिन उच्च तथा तकनीक़ी शिक्षा के लिए कुछ खास
नहीं है । दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. विजेन्दर शर्मा ने कहा कि उच्च शिक्षा पर
बजट में कोई ध्यान नहीं दिया गया है । शिक्षा के नाम जिस अधिक राशि को आवंटित करने
का वित्त मंत्री ने प्रावधान किया वह महंगाई दर को देखते हुए पिछले साल के बजट के
बराबर ही है । मिड - डे मील योजना की राशि को भी 3010 से बढ़ाकर 4813 करोड़ रुपये
कर दिया गया है । कृषि विश्वविद्यालय लुधियाना को विशेष अनुदान के तहत 100 करोड़
रुपये दिए गए । इसे यह राशि हरित क्रांति में विशेष भूमिका के लिए दी गई है ।
कोलकाता, मद्रास व मुंबई विश्वविद्यालय को विशिष्ट अनुसंधान विभाग की स्थापना के
लिए 50 - 50 करोड़ रुपये दिए जाएँगे । भोपाल गैस कांड के पीड़ितों के पुनर्वास के
लिए गठित निगरानी कमेटी को सुप्रीम कोर्ट ने दो सप्ताह में शपथ पेश करने का निर्देश
दिया है । न्यायमूर्ति बी. एन. श्रीकृष्णा और न्यायमूर्ति लोकेश्वर सिंह पांटा की
खंडपीठ ने भोपाल गैस पीड़ित महिला संगठन व अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान मध्य
प्रदेश सरकार और निगरानी कमेटी द्वारा पेश रिपोर्ट देखने के बाद कहा कि कोर्ट इस
रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं है । खंडपीठ ने कहा कि अस्पताल में गैस पीड़ितों के लिए
क्या - क्या सुविधाएँ विशेष तौर पर उपलब्ध कराई जाएँ - - निगरानी कमेटी दो सप्ताह
में शपथ पेश करके बताए । खंडपीठ ने कहा कि निगरानी कमेटी की रिपोर्ट देखने के बाद
राज्य सरकार को निर्देश दिया जाएगा । राज्य सरकार के स्थाई अधिवक्ता सी. डी. सिंह
ने खंडपीठ से कहा कि निगरानी कमेटी द्वारा रिपोर्ट पेश करने के बाद कोर्ट जो भी
निर्देश देगा उसका राज्य सरकार अनुपालन करेगी । भोपाल गैस पीड़ितों के पुनर्वास के
लिए निगरानी कमेटी की द्वितीय और तृतीय रिपोर्ट पेश की गई । गौरतलब है कि गैस
रिलीफ, भोपाल के चीफ मेडिकल एंड हेल्थ ऑफिसर द्वारा पेश कार्रवाई रिपोर्ट में बताया
गया था कि गैस पीड़ितों के लिये कई कदम उठाए गए हैं । चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी,
जो आदेश का पालन नहीं करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है । गैस पीड़ितों
को मुफ्त दवाईयाँ उपलब्ध कराई जा रही हैं । उनके पुनर्वास के लिए भी कई प्रयास किए
गए हैं । अफगानिस्तान में सड़क निर्माण के लिए भेजी जा रही सौ टन विस्फोटक की खेप
गायब हो जाने से सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ गई है । चट्टानों और पहाड़ियों को
विस्फोटकों से उड़ाकर राजमार्ग के निर्माण के लिए मुंबई से ईरान होते हुए यह खेप
अफगानिस्तान भेजी जा रही थी । इस मामले में नई दिल्ली में अधिकारियों ने बताया कि
गृह मंत्रालय ने इसकी जाँच के लिए खुफिया एजेंसियों, राज्य पुलिस, कस्टम, तटरक्षक
बल, नौसेना और थल सेना के विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय टीम बनाई है । सीमा सड़क
संगठन (बीआरओ) वहाँ सड़क निर्माण का काम कर रहा है । अधिकारियों ने बताया कि जहाज
के कैप्टन और चालक दल के छह सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है । जहाज
को 22 दिसंबर को मुंबई से ईरान के बंदरगाह बंदरअब्बास के लिए रवाना किया गया था ।
वहाँ से इस खेप को सड़क मार्ग से अफगानिस्तान ले जाना था । वहाँ कंधार से डेलराम तक
बन रहे राजमार्ग के लिए इन विस्फोटकों का इस्तेमाल किया जाना था । लेकिन मुंबई से
10 से 15 नॉटिकल मील की दूरी पर विस्फोटकों के गायब होने की सूचना मिली ।
अधिकारियों ने बताया कि 23 दिसंबर को नौसेना और तट - रक्षक बल के जवानों ने जहाज का
पता लगा लिया और इसे वापस मुंबई ले आए । अधिकारियों के मुताबिक पूछताछ के दौरान
जहाज के कैप्टन ने बताया कि खराब मौसम के कारण विस्फोटकों से लदे कंटेनर समुद्र में
डूब गए । श्रॉफ का कहना है कि जहाज के रवाना होने के छह घंटे के अंदर ही प्रचंड
लहरों के कारण एक कंटेनर समुद्र में गिर गया । कैप्टन ने इसकी सूचना कंपनी को दी ।
इसके बाद जहाज को वापस आने के लिए कहा गया । जब जहाज लौट रहा था इस बीच पाँच और
कंटेनर समुद्र में गिर गए । उन्होंने कहा कि सभी कंटेनर समुद्र तल में पड़े होंगे ।
कुख्यात सरगना छोटा राजन गिरोह के चार गुंडों को हथियार सहित पुलिस ने शहर के
उत्तरी पश्चिमी क्षेत्र से गिरफ्तार किया । वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मुताबिक एक
बिजली इकाई के नक़दी जमा केंद्र को लूटने की योजना बनाते वक्त इन लोगों को गिरफ्तार
किया गया । पश्चिमी क्षेत्र के अतिरिक्त उपायुक्त बिपिन बिहारी ने बताया कि प्रथम
दृष्टि से देवेन्द्र जगताप उर्फ जे. डी., नरेश हुकुमचंद उर्फ कालिया, सरदार खान
उर्फ शकील और सबीर खान छोटा राजन गिरोह से जुड़े मालूम होते हैं । उन्होंने बताया
कि ये लोग जुहू स्थित कॉपर चिमनी रेस्टोरेंट के बाहर रिलायंस एनर्जी के नक़दी जमा
केंद्र को लूटने की फिराक़ में थे । पुलिस अधिकारी ने संवाददाता की उस आशंका को गलत
बताया जिसमें पूछा गया कि ये लोग फिल्मी सितारों से फिरौती माँगने के चक्कर में थे
। सूत्रों के मुताबिक़ जे. डी. के खिलाफ नवघर पुलिस स्टेशन में पहले से लूट और
हत्या के मामले दर्ज हैं । हाईकोर्ट के निर्देश पर अमल करते हुए पॉश इलाक़े ग्रेटर
कैलाश पार्ट - 1 स्थित पूर्व क्रिकेटर कपिलदेव की पत्नी रोमी देव के रिहायशी मकान
में चल रही गारमेंट की दुकान नगर निगम ने शुक्रवार को सील कर दी । कार्रवाई के
दौरान कपिलदेव और उनकी पत्नी मौजूद थे । देव दंपत्ति का कहना है कि उन्हें नगर निगम
से अचानक बृहस्पतिवार को दुकान को सील करने का नोटिस मिला । वे घटना से ठगा सा
महसूस कर रहे हैं । निगम दक्षिणी जोन के उपायुक्त के. के. मिश्रा का कहना है कि
कार्रवाई के दौरान कपिल और उनकी पत्नी ने सहयोग किया । गौरतलब है कि ग्रेटर कैलाश
पार्ट - 1 स्थित मकान संख्या बी - 41 कपिलदेव की पत्नी रोमी देव के नाम है । इस
रियायती मकान के एक हिस्से में गत लगभग छह महीने से 'दिस एन दैट' नाम से गारमेंट की
दुकान चल रही थी । मकान रियायती इलाके में है और यहाँ व्यावसायिक गतिविधि नहीं चल
सकती है । गत दिसंबर में अदालत ने यहाँ रोमी देव की दुकान समेत 16 संपत्तियों को
सील करने का आदेश दिया था । निगम के दक्षिण क्षेत्र के कार्यकारी अभियंता आर. बी.
एस. बंसल ने अपने हलफनामे में अदालत से कहा था कि 'दिस एन दैट' रेडिमेड गारमेंट की
मालकिन रोमी देव ने निर्माण पूरा होने या कब्जा पाने का प्रमाण लिए बिना इस
महत्वपूर्ण स्थल पर कब्जा कर रखा है । शुक्रवार सुबह सवा 10 बजे रोमी देव की दुकान
के अलावा 15 अन्य संपत्तियों को सील करने का समय तय था । लेकिन, निगम का दस्ता
पुलिस के साथ लगभग सवा 11 बजे पहुँचा । निगम का दस्ता जब बी - 41 पहुंचा तो कपिलदेव
बाहर आए । उनके साथ रोमी भी थीं । दोनों ने दस्ते को पूरा घर दिखाया । इसके बाद महज
पाँच मिनट में इस मकान के दुकान वाले हिस्से को निगम के दस्ते ने सील कर दिया ।
कपिलदेव व उनकी पत्नी अवाक रहे । उनका कहना है कि उन्हें अदालती आदेश के बारे में
लिखित में कोई जानकारी नहीं थी । बृहस्पतिवार को निगम का नोटिस आया कि दुकान
शुक्रवार को सील की जाएगी । इसके लिए वे मानसिक रूप से तैयार नहीं थे । इस दुकान को
सील करने के बाद 15 अन्य संपत्तियों को भी सील कर दिया गया । नगर निगम के दक्षिणी
जोन के उपायुक्त के. के. मिश्रा का कहना है कि कपिल व उनकी पत्नी ने कार्रवाई का
कोई विरोध नहीं किया, बल्कि पूरा सहयोग दिया । भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेता
सुषमा स्वराज ने सोमवार को कहा कि उनकी पार्टी हत्या मामले में काँचीमठ के
शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती की गिरफ्तारी का संसद में विरोध करेगी । सेंट्रल जेल
में सोमवार शाम शंकराचार्य से मिलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में स्वराज ने
कहा कि यह बहुत ही दुखद बात है कि एक धर्मगुरु को इस तरह से गिरफ्तार किया गया और
उन्हें जेल में रखा गया है । उन्होंने दावा किया कि शंकराचार्य के खिलाफ लगाए गए
आरोप पूरी तरह से गलत हैं और उनकी गिरफ्तारी से पूरा देश दुखी और सकते में है ।
स्वराज ने कहा कि कुछ अखबारों और एक टीवी चैनल द्वारा प्रसारित विशेष रिपोर्ट में
शंकराचार्य द्वारा अपने अपराध कुबूलने की खबर से मैं दुखी और चकित हूँ । उन्होंने
कहा कि मैंने इसके बारे में पूरी जानकारी हासिल की है और दावे के साथ कहती हूँ कि
यह खबर पूरी तरह से गलत और आधारहीन है । सुरक्षा बलों ने सोमवार को अलग - अलग स्थान
पर हुई मुठभेड़ में हरकत - उल - जेहादी इस्लामी के एक स्वयंभू जिला कमांडर समेत तीन
आतंकियों को मार गिराया । जवानों ने पीडीपी के कार्य - कर्ता की हत्या में शामिल दो
आतंकियों को भी गिरफ्तार किया है । हवलदार जय सिंह का शव अरुणाचल प्रदेश भेज दिया
गया है । पुलिस सूत्रों के अनुसार, अनंतनाग जिले के वरनहाल गाँव में सेना और पुलिस
के संयुक्त अभियान के दौरान मुठभेड़ में हरकत - उल - जेहाद का कमांडर मोहम्मद रफीक़
मारा गया । राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों ने बड़गाम जिले से लश्कर के दो आतंकियों
फारूक अहमद बेग और अब्दुल राशिद डार को गिरफ्तार किया । सुरक्षा बलों ने राजोरी
जिले के कुटगली वन क्षेत्र से लश्कर के एक कमांडर का शव बरामद किया । आरएस पुरा
सेक्टर में जवानों ने एक घुसपैठिए को मार गिराया । पुंछ जिले में आतंकियों द्वारा
लगाए गए आईइडी विस्फोट में सेना का एक जवान घायल हो गया । अंडरवर्लड डॉन अबू सलेम
के भाई अबू लैस ने राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर कर मुंबई पुलिस के
आतंकवादी विरोधी दस्ते (एटीएस) पर सलेम को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है । इसके
साथ ही लैस ने कोर्ट के समक्ष गवाही होने तक सलेम को किसी और जांच एजेंसी के तहत
सुरक्षित हिरासत में रखने की मांग की है । सलेम के भाई अबू लैस ने सोमवार को
मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर कर एटीएस पर 1995 के प्रदीप जैन हत्याकांड में
आरोप कबूलने के लिए सलेम को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया और कहा कि सलेम को
मुठभेड़ में मारा जा सकता है । लैस ने दावा किया कि जब सलेम का वकील राशद अंसारी 25
नवंबर को एटीएस की हिरासत में उनके भाई से मिलने गया था, तो उसने बताया था कि पुलिस
अधिकारियों ने उनकी पिटाई की थी । जम्मू कश्मीर और उत्तरी पाकिस्तान में शनिवार
सुबह भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए । उल्लेखनीय है कि 8 अक्तूबर को आए भीषण
भूकंप के बाद जिंदा बचे लोगों में दहशत है । आज के झटके की तीव्रता रिक्टर पैमाने
पर 5.9 दर्ज की गई । इसका केंद्र पाकिस्तान में 34.7 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 73.2
डिग्री पूर्वी देशांतर पर स्थित था । भूकंप शनिवार तड़के 3 बजकर 04 मिनट पर आया ।
वाम दलों से हरी झंडी मिलने की उम्मीद में सरकार कुछ गैर नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र
की कंपनियों में विनिवेश करने पर विचार कर रही है । वित्त मंत्री पी. चिदंबरम् ने
कैबिनेट बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि हम वाम दलों से विचार - विमर्श कर रहे हैं
। इस मुद्दे पर भी बात - चीत जारी है । बृहस्पतिवार की बैठक में विनिवेश के किसी
प्रस्ताव पर विचार किए जाने से इन्कार करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बैठक में
कुछ फैसले किए गए हैं, लेकिन क़ीमत के संवेदनशील मसले होने की वजह से इनकी सही समय
पर घोषणा की जाएगी । इससे पहले भाकपा नेता ए. बी. बर्द्धन के साथ बुधवार को वित्त
मंत्री से मुलाकात कर चुके माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि वे कुछ विनिवेश
प्रस्तावों पर चर्चा करना चाहते हैं । हमने उनकी बात सुनी है । अभी कोई फैसला नहीं
किया गया है । माना जा रहा है कि बुधवार की बैठक में वाम नेताओं ने कुछ सार्वजनिक
क्षेत्र की कंपनियों के विनिवेश को लेकर वित्त मंत्री से बात की है । उन्होंने
वित्त मंत्री से कहा कि विनिवेश पब्लिक ऑफर के जरिए किया जाएगा । वाम दल लाभ कमाने
वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के विनिवेश का विरोध करते रहे हैं, लेकिन उनका
कहना है कि वे गैर नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के विनिवेश पर विचार कर
सकती हैं । पूर्वी सीमा पर अवैध घुसपैठ की समस्या के समाधान के लिए भारत ने
शुक्रवार को बांग्लादेश से 'एक उपयुक्त व्यवस्था या प्रोटोकॉल' स्थापित करने को कहा
है । प्रत्यर्पण संधि और आपराधिक मामलों में परस्पर कानूनी सहायता पर समझौते के लिए
भारत द्वारा जोर दिए जाने के बाद बांग्लादेश इन प्रस्तावों पर विचार करने को राजी
हो गया है । दोनों पक्ष एक - दूसरे के यहाँ पकड़े गए अपराधियों को अपने देश के
दूतावास के अधिकारियों से मिलने की इजाज़त देने पर राजी हो गए हैं । दोनों देशों के
बीच दो दिनी सचिव स्तरीय बैठक शनिवार को खत्म हुई । इस मौके पर दोनों पक्षों ने
सुरक्षा संबंधी मुद्दों और गिरफ्तार अपराधियों को उच्चायोग के अधिकारियों से मिलने
की इजाज़त देने पर राजी होते हुए एक संयुक्त घोषणा - जारी की । बयान पर बांग्लादेश
के गृह सचिव सरफराज़ हुसैन के साथ दस्तखत करने वाले भारतीय गृह सचिव वी. के. दुग्गल
ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने राष्ट्रीय हितों को बरकरार रखते हुए सहयोग की भावना
से सौहार्दपूर्ण माहौल में बात - चीत की । दोनों देशों के बीच समानताओं का जिक्र
करते हुए हुसैन ने कहा कि ढाका को आगामी सार्क सम्मेलन के लिए भारत के प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह की यात्रा का इंतजार रहेगा । हुसैन ने संयुक्त बयान पढ़ा लेकिन किसी भी
पक्ष ने मीडिया के सवालों का जवाब नहीं दिया । बात - चीत के दौरान बांग्लादेश ने
स्पष्ट किया कि उनके यहाँ अगस्त में हुए विस्फोट में भारत की कथित लिता की मीडिया
की रिपोर्ट वास्तव में उसकी सरकार के पक्ष को उजागर नहीं करती । मामले की जाँच चल
रही है । बयान में कहा गया है कि दोनों पक्ष हथियारों और विस्फोटकों की तस्करी
रोकने पर राजी हो गए हैं । सीमा पर बाड़बंदी के मसले पर ढाका ने नई दिल्ली से उन
स्थानों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराने को कहा, जहाँ सीमा के 150 गज के अंदर
बाड़बंदी की जानी है । दोनों पक्षों ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए
शीघ्र समझौते की जरूरत पर जोर दिया । सीमापारीय अपराधों को रोकने के लिए भी दोनों
पक्ष सीमा पर निगरानी बढ़ाने और कार्रवाई करने पर राजी हुए । पिछले हफ्ते झारखंड
में 4 नाबालिग जनजातीय लड़कियों से बलात्कार करने के आरोप में 8 लोगों को गिरफ्तार
किया गया है । पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी । धनबाद के पुलिस अधीक्षक पंकज
दर्द ने बताया कि बलात्कार के जुर्म में शामिल सभी 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज
दिया गया है । दर्द ने बताया कि सभी अपराधियों ने स्थानीय लोगों और मीडिया के समक्ष
अपना जुर्म क़बूल किया है । उन्होंने कहा कि लड़कियों की चिकित्सा जाँच से बलात्कार
की पुष्टि हुई है । बृहस्पतिवार की रात तीन अभियुक्तों की गिरफ्तारी की गयी, जबकि
शुक्रवार को ग्रामीणों ने बाकी 5 लोगों को पुलिस के हवाले कर दिया था । आरोपियों की
उम्र 20 से 24 वर्ष के बीच है । बलात्कार की यह घटना धनबाद जिले के पहारबाद गाँव के
पास घटी । सभी लड़कियाँ अपने कार्य - स्थल से घर वापस लौट रहीँ थीं । उल्लेखनीय है
कि लड़कियाँ मजदूरी करती हैं । बिहार में 13 नवंबर को होने वाले तीसरे चरण के चुनाव
के मद्देनज़र माओवादी छापामारों की धमकियों को देखते हुए नेपाल, पश्चिम बंगाल और
उत्तर प्रदेश से लगी सीमाओं को सील करने का आदेश दिया गया है । बिहार विधानसभा के
दो चरणों के चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न होने से उत्साहित मुख्य चुनाव आयुक्त
बी. बी. टंडन ने कहा कि तीसरे चरण के चुनाव के दरम्यान आयोग सुरक्षा की कड़ी
व्यवस्था करेगा । तीसरे चरण के मतदान के दौरान नेपाल से सटे विधानसभा क्षेत्रों में
बड़े पैमाने पर हिंसा की आंशका जताई जा रही है । यह प्रशासन और आयोग दोनों के लिए
चुनौती है । राज्य के गृह विभाग के सूत्रों ने कहा है कि खुफिया विभाग ने नेपाली
माओवादी विद्रोहियों के समर्थन से इन क्षेत्रों में तीसरे चरण के मतदान के दौरान
भारी हिंसा की आशंका जताई है । अधिकारियों ने कहा कि कुछ ही महीने पहले माओवादियों
ने नेपाल सीमा से लगे मधुबन ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले पुलिस स्टेशन, बैंक और
सरकारी कार्यालयों पर हमले किए थे । इन हमलों में पुलिस के कई जवान मारे गए थे ।
यहाँ के माओवादी छापामारों को नेपाल के माओवादी विद्रोहियों से हर संभव सहायता
मिलने की भी खबर है । अधिकारियों ने बताया कि हिंसा की घटना को अंजाम देने के बाद
ये छापामार सीमा पार कर नेपाल भाग जाते हैं । तीसरे चरण में 72 विधान सभा क्षेत्रों
में चुनाव कराए जाएँगे । इनमें से आधे क्षेत्र पूर्वी और पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी
और मधुबनी जिले के सीमावर्ती क्षेत्र हैं । गृह सचिव एच. आर. सिरोही ने कहा कि अति
संवेदनशील क्षेत्रों में एनएसजी के जवान तैनात किए जाएँगे । बिहार लोक सेवा आयोग
(बीपीएससी) की एक परीक्षा में अनियमितता बरतने के आरोप में आयोग के अध्यक्ष
रामसिंहासन सिंह, उप सचिव, सदस्य और छह अन्य कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है ।
इन लोगों पर वर्ष 2003 में 184 उम्मीदवारों को बिहार प्रशासनिक सेवा (बीएसएस) में
प्रोन्नत करने के लिए आयोजित परीक्षा में गड़बड़ी करने का आरोप है । सूत्रों के
मुताबिक बृहस्पतिवार को राज्य सतर्कता निदेशालय ने बेली रोड स्थित बीपीएससी के
दफ्तर से नौ लोगों को गिरफ्तार किया । बाद में इन्हें विशेष जज (सतर्कता) राम निवास
प्रसाद की अदालत में पेश किया गया । अदालत ने इन सभी को 10 जनवरी तक न्यायिक हिरासत
में भेज दिया है । सतर्कता निदेशालय के सूत्रों के मुताबिक बीपीएससी के अध्यक्ष के
अलावा उप सचिव सैयद मासूम अली, आयोग के सदस्य शिव बालक चौधरी, लिपिक कामता प्रसाद,
लाइब्रेरियन संजीव कुमार, कंप्यूटर प्रोग्रामर भानु प्रकाश और विजय कुमार, सेक्शन
ऑफिसर रत्नेश प्रसाद और सहायक तेज नारायण सिंह को गिरफ्तार किया गया । सतर्कता
निदेशालय के हाथ उम्मीदवारों के चयन में बरती गई अनियमितताओं से संबंधित दस्तावेज
हाथ लग जाने के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है । सूत्रों के मुताबिक इन पर
भ्रष्टाचार निरोधक कानून के अलावा भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468 और 470
के अंतर्गत गिरफ्तार किया गया है । सतर्कता निदेशालय की टीम ने 7 नवंबर को बीपीएससी
दफ्तर में छापेमारी के बाद परीक्षा से संबंधित दस्तावेज को अपने कब्जे में ले लिया
था । सूत्रों के मुताबिक इस छापेमारी के दौरान बीपीएससी दफ्तर के कर्मचारियों की ओर
से किसी प्रकार का सहयोग नहीं किया गया । इससे पहले आयोग ने सतर्कता निदेशालय को
जाँच के लिए संबंधित दस्तावेज देने से मना कर दिया था । इसके बाद निदेशालय ने पटना
हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया । अदालत ने बीपीएससी को जाँच टीम के साथ सहयोग करने और
सभी संबंधित दस्तावेज सौंपने के आदेश दिए । इससे पहले इस परीक्षा के परिणाम को
चुनौती देते हुए कई याचिकाएँ दायर की गई थीं । मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस एस.
के. कटियार ने भी जाँच टीम के साथ सहयोग करने के लिए कहा था । याचिका दायर करने
वालों ने आयोग पर अनियमितता बरतने का आरोप लगाते हुए परीक्षा को रद्द करने और फिर
से परीक्षा लेने की माँग की है । केंद्र ने बृहस्पतिवार को नौकरशाही में खाली पड़े
कई पदों पर नियुक्तियाँ कीं । जिसके तहत वजाहत हबीबुल्ला को नया केंद्रीय कपड़ा
सचिव नियुक्त किया गया है । 1968 बैच के आईएएस अधिकारी और किसी समय पूर्व
प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के सहपाठी रहे हबीबुल्ला दीपक चटर्जी से कार्यभार
संभालेंगे । चटर्जी अभी तक अतिरिक्त कार्यभार संभाले हुए थे । चटर्जी इस समय
केंद्रीय वाणिज्य सचिव हैं । 31 जुलाई को सेवा - निवृत्त हो रहे पर्यटक सचिव राठी
विनय झा के स्थान पर 1968 बैच की आईएएस अधिकारी उमा पिल्लै पदभार संभालेंगीं । इस
समय इस्लामाबाद में जल मसले पर पाकिस्तान से बात कर रहे जल संसाधान सचिव वी. के.
दुग्गल को पलत मोहनदास के स्थान पर पेय - जल आपूर्ति का अतिरिक्त कार्यभार संभालने
के लिए कहा गया है । मोहनदास को आयुर्वेद, योग, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी विभाग
में शेखर दत्त के स्थान पर सचिव नियुक्त किया गया है । जबकि शेखर दत्त को रक्षा
उत्पादन और आपूर्ति विभाग का नया सचिव बनाया गया है । केंद्रीय गृह मंत्रालय में
विशेष सचिव (जम्मू - कश्मीर) बी. बी. मिश्रा को उड़ीसा पुलिस का महानिदेशक नियुक्त
किया गया है । आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इंटेलीजेंस ब्यूरो और रिसर्च एंड
एनालिसिस विंग (रॉ) में भी व्यापक फेर - बदल होने की उम्मीद है । महाराष्ट्र से
1968 बैच के आईपीएस अधिकारी सुधीर कुमार को कैबिनेट सचिवालय में सचिव (सुरक्षा)
नियुक्त किया गया है । केंद्र ने वरिष्ठ वकील आर. मोहन, मोहन परासरण, के. पी. पाठक
और बी. ए. देसाई को एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) पदों पर नियुक्त किया है । जो
कोर्ट में चल रहे विभिन्न मामलों में सरकार की ओर से पेश होंगे । सुरक्षा बलों की
एकीकृत कमान के मुताबिक मध्य व दक्षिणी अंडमान के वाशिंदे जरवा जनजाति के लोग
सुनामी लहरों के क़हर से बच गए हैं । जबकि अन्य चार अंडमानी जनजातियों का अब तक कुछ
पता नहीं चला है । हालांकि वैज्ञानिकों ने उम्मीद जगाई है कि प्राचीन अंडमानी
जनजातियों के चंद सदस्यों के जीवित बचने पर भी उनके जीन की मदद से इन जनजातियों का
अस्तित्व बचाया जा सकता है । एकीकृत कमान के प्रवक्ता सलिल मेहता ने अंडमान की पाँच
जनजातियों का ब्यौरा दिया । उन्होंने कहा कि जिरकातन नामक स्थान पर रहने वाले 300
से 400 की आबादी वाली जरवा जनजाति के लोगों को कोई नुक़सान नहीं पहुँचा है । लेकिन
उनके कई सर्वेक्षण करने के बावजूद दो अन्य जनजातियों शोंपेन और ओंगी की सलामती का
अब तक पता नहीं चल पाया है । इन जनजातियों के अस्तित्व के बारे में फिलहाल कोई
जानकारी नहीं मिल सकी है । 105 की जनसंख्या वाली शोंपेन जनजाति अकेली पुरातन
मंगोलियाई प्रजाति है । ये लोग कैंपबेल की खाड़ी में एक अज्ञात तट पर रहते हैं ।
वहीं ओंगी जनजाति के 103 सदस्य डुगांग क्रीक में रहते हैं । यह खानाबदोश जनजाति है
जो भोजन एकत्रित करती है । इसी तरह सेंथली व ग्रेट अंडमानी जनजातियों के अस्तित्व
पर भी प्रश्न - चिन्ह लगा हुआ है । जबकि ग्रेट अंडमानी की कुल आबादी सिर्फ 40 है और
ये पोर्ट ब्लेयर से 60 किलोमीटर की दूरी पर स्ट्रेट द्वीप में रहते हैं । सीसीएमबी
वैज्ञानिक के. थंगराज ने बताया कि यहाँ के वैज्ञानिकों ने काफी समय पहले से इन
जनजातियों के खून के नमूने संकलित कर रखे थे । इनसे कोशिकाओं का एक क्रम तैयार किया
गया । यहाँ चल रहे भारतीय जनता पार्टी के रजत जयंती समारोह में राजनीतिक प्रस्ताव
पर हुई बहस के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री सी. पी. ठाकुर ने अपने एक बयान से सबको
सन्न कर दिया । उन्होंने भाजपा के शीर्षस्थ नेता अटल बिहारी बाजपेयी और लालकृष्ण
आडवाणी के योगदान की तुलना मंगोल आक्रमणकारी चंगेज खाँ की सेना से कर डाली । उनका
कहना था कि चंगेज खाँ के साम्राज्यवादी मंसूबों की शुरुआत मात्र तीन लोगों की बैठक
से हुई और इन्हीं तीन लोगों की सेना के बूते चंगेज खां ने अपना प्रभुत्व क़ायम कर
डाला । उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में ऐसा दृष्टांत उन्हें
ढूँढ़े नहीं मिला । ठाकुर ने आडवाणी और बाजपेयी की तुलना अमेरिकी जनरल सिमोन बोलिवर
से भी की, जिसने 19वीं शताब्दी की शुरुआत में दक्षिण अमेरिका के उत्तरी भू - भाग से
स्पेन की फौजों को खदेड़ने में अहम् भूमिका निभाई थी । ठाकुर यहीं नहीं रुके । पर
वह मंच छोड़ने को राजी नहीं थे । भारत और पाकिस्तान के बीच मुनाबाव से खोखरापार के
बीच रेल संपर्क बहाली के मसले पर विचार के लिए पाकिस्तानी रेलवे के अधिकारी चार दिन
की यात्रा पर यहाँ आ रहे हैं । पाक रेल अधिकारी 4 - 7 जनवरी के बीच रेलवे बोर्ड के
अधिकारियों से बात - चीत करेंगे । सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के रेल
अधिकारी ट्रेन सेवा शुरू करने की तिथि और किराये के मसले पर चर्चा करेंगे । मालूम
हो कि मुनाबाव और पाकिस्तान के खोखरापार के बीच रेल संपर्क बहाली पर दोनों देश सहमत
हो चुके हैं । रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के मुताबिक भारतीय क्षेत्र में रेलमार्ग
बन चुका है । जबकि पाकिस्तानी हिस्से के रेल - मार्ग पर काम चल रहा है । ठंड के
मौसम में रेल यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनज़र शुक्रवार को नई दिल्ली से
मुंबई सेंट्रल के लिए एक राजधानी स्पेशल ट्रेन चलेगी । यह ट्रेन 30 दिसंबर को दोपहर
2.35 बजे प्रस्थान कर अगले दिन सुबह 8.35 बजे मुंबई पहुँचेगी । रास्ते में यह ट्रेन
हज़रत निज़ामुद्दीन, कोटा, रतलाम, वडोदरा और सूरत स्टेशनों पर रुकेगी । वापसी में
यह ट्रेन मुंबई से 1 जनवरी 2006 को अपराह्न 3.30 बजे चल कर अगले दिन सुबह 10.20 बजे
नई दिल्ली पहुँचेगी । पाकिस्तान के प्रधानमंत्री जफरुल्ला खान जमाली ने शनिवार को
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बात की । जमाली ने सिंह को प्रधानमंत्री पद संभालने के
लिए बधाई दी और आशा जताई कि द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए चल रहे
प्रयास जारी रहेंगे । जमाली ने कहा कि हाल के क्रिकेट मैच में लोगों के उत्साह ने
साबित कर दिया कि वे एक - दूसरे से दोस्ताना रवैया रखना चाहते हैं । शांति
प्रक्रिया की बहाली पर भी दोनों नेताओं ने संतोष ज़ाहिर किया । ईरान के राष्ट्रपति
मोहम्मद खतामी ने भी सिंह को बधाई दी । ईरान से भारत के संबंध बेहतर बनाने और
सामरिक सहयोग के लिए खतामी ने सिंह से सहयोग की भी अपील की । अतिरिक्त जिला व सत्र
जज मोहम्मद जफर ने हत्या और हत्या की कोशिश के मामलों में जनता दल (यू) सांसद
प्रभुनाथ सिंह को बृहस्पतिवार को जमानत दे दी । सिंह वर्ष 1995 में छपरा जिले के
मशरख में एक हत्या और हत्या की कोशिश के दो अन्य मामलों में आरोपी हैं । सिंह ने आज
ही जमानत - याचिका दायर की थी । पार्टी विधायकों और समर्थकों के साथ यहाँ आए सिंह
आज कोर्ट में पेश हुए । जम्मू - कश्मीर के मनोनीत मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने
कहा है कि घाटी में शांति बहाल करना उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती है । जिस हीलिंग
टच को मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से जोड़ा जा रहा है, वह दरअसल कांग्रेस की
नीति थी । उनकी कोशिश होगी कि सभी पार्टियों को साथ लेकर रियासत में अमन बहाल करें
। केंद्रीय शहरी विकास मंत्री गुलाम नबी आज़ाद ने शनिवार को पत्रकारों से अनौपचारिक
बात - चीत में कहा कि वह छोटा मंत्रिमंडल बनाना चाहते हैं । पर इसके लिए सहयोगी
दलों पर कोई दबाव नहीं डाला जाएगा । बकौल उनके, रियासत तीन दर्जन मंत्रियों का
खर्चा बर्दाश्त नहीं कर सकती । इसलिए मंत्रियों की संख्या में कटौती जरूरी है ।
आजाद को इस बात पर भी काफी एतराज है कि 'हीलिंग टच' पॉलिसी को मुफ्ती मोहम्मद सईद
से जोड़कर देखा जा रहा है । उन्होंने कहा कि 'हीलिंग टच' पॉलिसी असल में कांग्रेस
की देन है और विधानसभा चुनाव घोषणा में इसका वायदा किया गया है । आज़ाद का कहना है
कि घाटी में अमल बहाल करना उनके लिए बड़ी चुनौती है और इसके लिए वह सियासी व गैर
सियासी पार्टियों का सहयोग लेंगे । मनोनीत मुख्यमंत्री पीडीपी को अपना राजनीतिक
विरोधी नहीं मानते । उनका कहना है कि कश्मीर में हर पार्टी के लिए काफी जगह मौजूद
है और कांग्रेस को मजबूत करने के लिए वह भी जरूरी कदम उठाएँगे । आज़ाद इस बात पर भी
काफी नाराज़ हैं कि मीडिया घाटी में कांग्रेस को काफी कम करके आँक रही है । जबकि
घाटी में कांग्रेस का खासा वजूद है । विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने पाँच सीटों पर
जीत हासिल की थी । इसके अलावा घाटी की 47 में आठ सीट कांग्रेस ने पीडीपी के लिए
छोड़ दी थी । कांग्रेस की सत्ता संभालने के बाद कश्मीर में होने वाली प्रतिक्रिया
के बारे में सवाल किए जाने पर आजाद ने कहा कि कश्मीर में हालात अब बदल गए हैं ।
भूमंडलीकरण का असर वहाँ भी नज़र आने लगा है । कश्मीरी आवाम भी हक़ीकत समझ गई है ।
इसलिए, कश्मीर पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा । उपमुख्यमंत्री मंगतराम शर्मा के बारे
में प्रश्न किए जाने पर उन्होंने कहा कि अभी इस बारे में कोई फैसला नहीं किया गया
है । खुद उनके चुनाव के बारे में सवाल किए जाने पर आज़ाद ने कहा कि इस बारे में कुछ
भी तय नहीं किया गया है । हालांकि, अगले साल अप्रैल में विधान परिषद की 12 सीट खाली
हो रही हैं । तिलहन के उत्पादन को लेकर उद्योग जगत और कृषि मंत्रालय एक बार फिर अलग
- अलग दावे कर रहे हैं । उद्योग जगत का कहना है कि इस साल खरीफ सीजन के दौरान तिलहन
का उत्पादन 130 लाख टन होगा । जबकि कृषि मंत्रालय के मुताबिक इस साल तिलहन का
उत्पादन 145.6 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले साल की तुलना में करीब 2.5 फीसदी
कम है । लेकिन उद्योग का कहना है कि इस साल तिलहन का उत्पादन पिछले साल की तुलना
में ज्यादा होगा । उद्योग जगत और कृषि मंत्रालय ने खरीफ सीज़न के पहले अग्रिम
अनुमानों को जारी किया है । तिलहन उद्योग और ट्रेड की सबसे बड़ी संस्था सेंट्रल
ऑर्गेनाइजेशन फॉर ऑयल इंडस्ट्री एंड ट्रेड यानि कोइट का कहना है कि इस साल तिलहन का
उत्पादन कम रहने की उम्मीद की जा रही है । उद्योग जगत दावा करता है कि इस खरीफ
सीज़न के दौरान तिलहन का उत्पादन पिछले साल की तुलना में ज्यादा होगा । उद्योग के
मुताबिक इस साल तिलहन उत्पादन करीब 130.4 लाख टन होगा । जो पिछले साल के उत्पादन
में करीब 6.8 लाख टन ज्यादा है । पिछले साल तिलहन का उत्पादन 123 लाख टन हुआ था ।
कृषि मंत्रालय उद्योग जगत के इन आँकड़ों से इत्तेफाक नहीं रखता है और उसके मुताबिक
इस साल तिहलन उत्पादन में करीब 2.5 फीसदी की कमी आ सकती है । इस साल महाराष्ट्र और
गुजरात में ज्यादा बारिश का असर तिलहन उत्पादन पर पड़ा है । पिछले साल 149.4 लाख टन
तिलहन का उत्पादन हुआ था । बैजोरिया का कहना है कि इन आँकड़ों में अंतर का असर
तिलहन की कीमतों पर नहीं पड़ता है । उनका कहना है कि उनके पास ये आँकड़ें स्थानीय
स्तर पर आते हैं जो पूरी तरह से सही होते हैं । एक दशक से अधिक समय से चल रही
राष्ट्रीय बाल आयोग के गठन की माँग को पूरा करने के लिए संसद के शीतकालीन सत्र में
विधेयक पेश किया जाएगा । बिल के मसौदे की सभी औपचारिकताएँ पूरी हो गई हैं और इसे
कैबिनेट की अनुमति के लिए भेजा जा चुका है । वहीं लंबे समय से मंत्रियों के समूह के
पास लंबित महिलाओं एवं बच्चों के अनैतिक व्यापार संशोधन विधेयक को भी समूह की
मंजूरी मिल गई है । शीतकालीन सत्र में पेश किए जाने की पूरी संभावना है । महिला एवं
बाल विकास सचिव रेवा नैयर ने बताया कि राष्ट्रीय बाल आयोग विधेयक के मसौदे को एक
बार संसद में पेश किया जा चुका है लेकिन इसे संसद ने संसदीय समिति को सुपुर्द कर
दिया था । समिति ने इसमें संशोधन की सलाह दी थी जिसे पूरा कर लिया गया है । रेवा
नैयर ने बताया कि अब यह कैबिनेट के पास है । नैयर ने कहा कि इस बार मंत्रालय ने इसे
संसद में पास कराने की पूरी तैयारी कर ली है । महिला एवं बाल विकास सचिव के मुताबिक
मंत्रियों के समूह ने अनैतिक व्यापार संशोधन विधेयक पर भी मुहर लगा दी है । रेवा
नैयर ने बताया कि नये संशोधन के तहत अब वेश्यावृति अथवा ग्राहक की तलाश करने के
आरोप में किसी महिला या लड़की को गिरफ्तार नहीं किया जा सकेगा । नैयर ने बताया कि
धारा 8 में ही यह उपबंध था । इसके तहत पुलिस महिला या लड़की को वेश्यावृत्ति के
मद्देनज़र ग्राहक तलाशने के आरोप में गिरफ्तार कर लेती है । यदि इस विधेयक के
संशोधन का मसौदा संसद में पारित हो गया तो ऐसा नहीं होगा । क्योंकि इसमें महिला
अथवा लड़की का दोष नहीं होता । वह खुद ही पीड़ित होती है और उसे दलाल, तस्कर तथा
इसमें लिप्त गिरोह जबरिया इस धंधे में लाते हैं । इसलिए सजा के हक़दार भी दलाल और
तस्कर ही हैं । रेवा नैयर ने बताया कि इसमें महिलाओं एवं बच्चे - बच्चियों की
तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त सजा के प्रावधान हैं । सर्दियों के कदमों की आहट
को महसूस करते हुए पर्यटन तंत्र में ऊर्जा का संचार होने लगा है । गर्मियों में
पहाड़ों की ठंडी हवाएं लुभाती हैं तो, सर्दियों में बर्फ के साथ चटख धूप भी
सैलानियों को उत्तरांचल की ओर चुबंक की तरह खींचने का काम करती है । सर्दियों के
दौरान जहां देश के मैदानी इलाके कोहरे की मोटी परतों में कसमसाते हुए शीत लहर की
नुकीली बरछियों से जूझ रहे होते हैं, ठीक उसी वक्त पहाड़ों में चटख धूप का नजारा
किसी आश्चर्यजनक खूबसूरत अहसास से कम नहीं होता । गंगनानी के मुख्य प्रबंधक
(पर्यटन) ओपी वशिष्ठ बताते हैं कि पहाड़ों की इसी खासियत के जरिए पर्यटकों को
लुभाने का प्रयास किया जा रहा है । इस साल निगम ने कार्तिक स्वामी मंदिर
(रुद्रप्रयाग) तथा दत्तात्रेय स्वामी की जन्म स्थली को भी टूर पैकेज में शामिल किया
है । निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार शर्मा कहते हैं कि सर्दियों की तैयारियों
में सभी अतिथि गृहों को नए सिरे से दुरुस्त कर दिया गया है । निगम में गढ़वाल मंडल
में 71 गेस्ट हाउस हैं । रुद्रप्रयाग में तिलवाड़ा और स्यालसौढ़ पर्यटन गांव भी
स्वागत के लिए तैयार हैं । इनके क्रियान्वयन होने के बाद पर्यटन को खासी गति मिलेगी
। पर्यटकों की सुविधा के लिए प्रदेश भर में 44 स्थानों पर सूचना केंद्र स्थापित
करने के लिए चिह्नित कर लिया गया है । वन विभाग का पूरा जोर प्रकृति प्रेमी
घुमंतुओं पर है । मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक श्रीकांत चंदोला ने बताया आगामी 15 नवंबर
को राष्ट्रीय पार्क के द्वार खुलते ही पर्यटक की आमद शुरू हो जाती है । अन्य
व्यवस्थाओं के साथ स्टाफ को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सैलानियों के साथ
व्यावसायिक मेजबान की तरह पेश आएं । दुर्गापूजा, दशहरा व दीपावली पर आने वाले
बंगाल, गुजरात व महाराष्ट्र के सैलानी व हनीमून कपल भी आते हैं । शीतकाल में छह माह
कपाट बंद रहने के बाद बृहस्पतिवार को सुबह सात बजकर 51 मिनट पर वैदिक मंत्रोचार के
बाद विधि - विधान के साथ बदरीनाथ धाम के कपाट लोगों के दर्शनार्थ खोल दिए गए । यहां
अखंड ज्योति के दर्शनों के लिए तड़के चार बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें
लगनी शुरू हो गई थीं । मुख्य पुजारी रावल बदरी प्रसाद नंबूदरीपाद ने विधि विधान के
साथ पूजा अर्चना कर शीतकाल में भगवान बदरी विशाल को ओढ़ाया गया घृत कंबल को निकाला
जिसे बाद में प्रसाद स्वरूप बांटा गया । इस प्रक्रिया के बाद लक्ष्मी जी की मूर्ती
को गर्भ गृह से निकालकर लक्ष्मी मंदिर पहुंचाया गया और कुबेर जी की मूर्ती को गर्भ
गृह में रखा गया । इसके बाद भगवान बदरी विशाल का इस वर्ष का पहला अभिषेक पूरा हुआ ।
कपाटोद्घाटन अवसर पर जहां सीमा सड़क संगठन ने मुख्य पुजारी रावल को बदरीनाथ धाम तक
अपने वाहनों से पहुँचाया । वहीं सेना की गढ़वाल स्काउट बटालियन की बैंड धुन ने
माहौल को मंत्रमुग्ध कर दिया । जबकि विगत वर्षों की भांति सेना की इंजीनियर्स कंपनी
ने इस वर्ष भी विशाल भंडारे का आयोजन किया । दूसरी तरफ मैती संस्था व नंदादेवी
राष्ट्रीय पार्क के सौजन्य से माणा गांव के प्रधान पीतांबर मोलफा के नेतृत्व में
गांव की महिलाओं ने आज यहां वृक्षारोपण किया । मुख्य मंदिर के ठीक पीछे रावल द्वारा
पौधा रोपकर इसका शुभारंभ किया गया । ज्योतिषियों के बयान के बाद किया दावा - दरअसल
कुछ समय पहले ज्योतिषियों ने कहा था कि काफी समय पहले मंदिर में किसी महिला के
प्रवेश के चलते मंदिर अपवित्र हो चुका है । ज्योतिषियों के इस बयान के कुछ ही दिनों
बाद जयमाला ने मंदिर के मुख्य पुजारी को भेजे एक खत में खुलासा किया कि बीस साल
पहले वो मंदिर में घुसी थी और उसने मूर्ति को भी छुआ था । हालांकि जयमाला ने कहा कि
वो जानबूझकर मंदिर में नहीं घुसी, बल्कि भीड़ के रेले के चलते मंदिर में पहुंच गई ।
उस वक्त जयमाला की उम्र 27 साल थी । कुंवारे हैं भगवान अयप्पा । शबरीमलाई मंदिर में
10 - 50 साल की महिलाओं का प्रवेश इसलिए वर्जित है क्योंकि भगवान अयप्पा कुंवारे
हैं और महिलाओं को उन्हें देखने तक की इजाजत नहीं है । साल भर में करीब 50 लाख से
ज्यादा भक्त भगवान अयप्पा के दर्शनों के लिए आते हैं । यही नहीं श्रद्धालु भी इस
बात को कोरी कल्पना मान रहे हैं । केरल के अधिकतर मंदिरों में महिलाओं को मूर्ति
छूने की मनाही है । हालांकि हाल में मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई शहरों में आई बाढ़
के कारण कुछ जगहों पर गणेश उत्सव की रौनक नहीं नजर आई । पास के रायगढ़ जिले में
बाढ़ के कारण गणेश प्रतिमा के निर्माण का कार्य प्रभावित हुआ था । इस जिले में गणेश
प्रतिमाओं को तैयार कर देश के कई हिस्सों में भेजा जाता है । गणेश उत्सव के कारण
प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं । हालांकि मुंबई पुलिस के संयुक्त आयुक्त
(कानून व्यवस्था) अरुप पटनायक ने कहा कि इस उत्सव में ढोलों, आतिशबाजियों और लोगों
के एक जगह एकत्र होकर उत्सव में भाग लेने की परंपरा के कारण सुप्रीम कोर्ट के दिशा
- निर्देश के अनुरूप ध्वनि प्रदूषण कम से कम रखने की कोशिश रहेगी । गणेश मंडलों को
भी सुप्रीम कोर्ट के दिशा - निर्देशों का पालन करने के लिए रजामंद कर लिया गया है ।
पुरातत्वविदों का मानना है कि अमृतसर का इतिहास यहां की जमीन में आज भी दफन है ।
खुदाई के दौरान मिले कुछ अवशेष उनकी इस बात को प्रमाणित भी करते हैं । प्रसिद्ध
शायर देवदर्द ने भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) के अधिकारियों गुरदेव सिंह, कुलदीप
सिंह तथा हीरा सिंह के सहयोग से ऐसी वस्तुएं खोजी हैं । यह वस्तुएं उनके पास हजारों
की संख्या में मौजूद हैं । खुदाई के दौरान खेमकरण साइट से कुषाण राजा कैटफाइसस -
प्रथम की पत्थर की छोटी सी मूर्ति मिली है, जो उस समय विकसित मूर्ति कला का उदाहरण
है । हर्षाछीना से आज के सबसे महंगे पत्थर जेड्स की रिंग भी मिली है, जिसकी उम्र
करीब 2500 साल आंकी गई है । यहीं से भारी मात्रा में मिट्टी के बीड्स (छेद वाली
गोलियां) मिली हैं । इन गोलियों को उस वक्त तकली की तरह कपड़ा बनाने के लिए धागा
तैयार करने में इस्तेमाल किया जाता था । इनकी उम्र करीब छह हजार साल बताई गई है ।
इसी तरह से कोटली वसावासिंह व अन्य कुछ क्षेत्रों से भारी मात्रा में चांदी के
सिक्के मिले हैं । ये सिक्के मटर के दाने के बराबर व चपटे आकार के हैं और इन पर उस
दौर की भाषा उकेरी गई । ये सिक्के कुषाणकालीन हैं । इनसे प्रमाणित होता है कि उस
दौर में यहां कारोबार चरम पर था और उसे संचालित करने के लिए सिक्कों की प्रथा जारी
थी । यहां सिक्कों की ढलाई का काम भी किया जाता था । पुरातत्वविदों को इन साइटों से
कुछ पुरातन जेवरात के अवशेष भी हाथ लगे हैं । श्रीदर्द कहते हैं कि इन खुदाइयों में
मिट्टी के फ्लास्क, सुराही व विशेष किस्म के गोल बर्तन व खिलौने भी मिले हैं । इनकी
उम्र तीन हजार साल आंकी गई है । फ्लास्क की पेंदी जालीदार है । अनुमान है कि इन
बर्तनों को उस दौरान आयुर्वेदिक औषधि तैयार करने के लिए भस्म बनाने में इस्तेमाल
किया जाता रहा होगा । इसी तरह से देवी - देवताओं की मूर्ति तैयार करने के लिए
मिट्टी की कुछ डाइयां भी हाथ लगी हैं, जो उस दौरान विकसित हुई मृदाकला की स्थिति को
बयान करती हैं । वंडाला में हुई खुदाई के बारे में उन्होंने बताया कि यहां से जमीन
के नीचे से अस्सी रदों की ईंटें मिली हैं, जो उस दौरान की बेहतरीन भवन निर्माण शैली
की गवाह हैं । खेमकरण के पास बौद्ध स्तूप होने का दावा करते हुए दर्द ने कहा कि अगर
उक्त स्थानों की खुदाई की जाए तो और भी कई रहस्य उजागर हो सकते हैं । ओंकारेश्वर
मंदिर में भगवान मदमहेश्वर की डोली आज मुख्य मंदिर से निकालकर गद्दी स्थल में रखी
गई । वहां पूजा अर्चना के बाद भगवान की मूर्ति बड़े जमाण (डोली) में रखी गई ।
सैकड़ों भक्तों ने डोली के दर्शन किये । पंचकेदारों में मद्महेश्वर यात्रा सर्वाधिक
कठिन मानी जाती है । उनियाणा से रांशी तथा गौंडार गांव तक आठ किमी तथा इसके पश्चात
10 किमी खड़ी चढ़ाई पार कर मदमहेश्वर के दर्शन होते हैं । मंदिर रमणीक मैदान पर है
। बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के उपकार्यधिकारी जेपी नंबूरी के अनुसार गत वर्ष
पांच हजार श्रद्धालुओं ने मंदिर के दर्शन किए । इनसे 72 हजार रुपये की आय हुई ।
विधायक आशा नौटियाल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने नानू बुग्याल तक मोटर मार्ग
स्वीकृत कर दिया है । इस अवसर पर मुख्य कार्याधिकारी विजय ढौंडियाल, मंदिर अधिकारी
भूपेंद्र मैठाणी, शिवानंद पवार, दीनानाथ तिवाड़ी, राजशेखर पुजारी, गुरुलिंग पुजारी
व डा. आरएन थपलियाल भी मौजूद थे । यह डोली मक्कू से 15 किमी. पैदल दूरी तय करेगी ।
पद्मभूषण और पद्मश्री स्वामी कल्याण देव जी को आज वेद मंत्रोच्चारों के बीच समाधि
दे दी गई । हजारों अनुयायियों ने नम आंखों से स्वामी कल्याण देव जी के अंतिम दर्शन
किए और 11.50 पर शुक्रताल में स्वामी शुकदेव जी के आश्रम के पीछे दुर्गा मंदिर के
समीप उन्हें समाधि दी गई । कल 129 वर्ष की आयु में स्वामी जी ब्रह्मलीन हुए थे ।
उत्तरांचल के मुख्यमंत्री एन. डी. तिवारी और राज्यसभा सदस्य अजय चौटाला इस मौके पर
मौजूद थे । खबर मिली कि राज्य के मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने स्वामी जी के
निधन पर शोक संवेदना व्यक्त की है । समाधि देने का कार्यक्रम 11.20 पर आरंभ हुआ ।
इससे पहले उनके अंतिम दर्शनों को लगातार हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते रहे ।
शांतिकुंज से आरंभ हुई शवयात्रा शुकदेव जी के आश्रम पर संपन्न हुई और शांतिकुंज के
साधकों ने मंत्रोच्चारों और भाव विह्लल माहौल में स्वामी जी को समाधि दी ।
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार की सुबह 10 गाड़ियों में करीब 200 श्रद्धालु जम्मू
से रवाना हुए । इस बार बर्फबारी के कारण छह जुलाई तक परंपरागत पहलगाम रूट से यात्रा
की अनुमति नहीं दी गई है । वहीं बीएसएफ के प्रवक्ता ने बताया कि यात्रियों की
सुरक्षा के लिए रास्तों में पर्याप्त संख्या में बीएसएफ के जवानों को तैनात किया
गया है । पूरे इलाके की जांच की जा चुकी है और सभी रास्तों पर लगातार निगाह रखी जा
रही है । बीएसएफ ने इस कठिन यात्रा के दौरान बीमार पड़ने वालों के लिए 12 चिकित्सा
शिविर भी लगाए हैं तथा कैंपों में पर्याप्त मात्रा में दवाइयां उपलब्ध हैं । भारी
बारिश के कारण दोनों मार्गों में फिसलन को देखते हुए अधिकारियों ने यात्रा स्थगित
कर दी थी । उधर जम्मू से प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को एमएएम स्थित बेस
कैंप से यात्रियों को आगे बढ़ने की इजाज़त नहीं दी गई । नुनवान व बालटाल बेस कैंप
में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए नए जत्थे को आगे बढ़ने की इजाज़त नहीं दी गई
। अब तक 1.25 लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ में पवित्र हिम शिवलिंग का दर्शन किया है ।
घाटी में कड़ाके की ठंड से जमी विश्व प्रसिद्ध डल झील को देखने के लिए सैलानियों की
भीड़ रही । श्रीनगर में लगातार दूसरी रात भी पारा शून्य से छह डिग्री नीचे चला गया
। इससे झील में पानी का जमाव और बढ़ गया । सोमवार को झील के बीच में कई हिस्सों में
भी बर्फ सी जम गई । इसके अलावा कश्मीर के अन्य इलाकों में ठंड का प्रकोप रहा । मौसम
विभाग का कहना है कि अगले चौबीस घंटों में सर्दी बरकरार रहेगी और मौसम का मिजाज साफ
रहेगा । सोमवार सुबह नौ बजे तक डल झील के कुछ हिस्सों में बर्फ की सफेद चादर जमी
हुई दिखाई दी । जैसे - जैसे दिन चढ़ा और डल के ठहरे पानी में चप्पुओं की चाप और
सूरज की गर्मी पड़ी तो जमी बर्फ बडे - बड़े टुकड़ों में टूट गई । जो दिन भर पानी
में उतराती रही । हालांकि साफ आकाश और धूप के कारण तापमान बढ़ा लेकिन सर्द हवाओं ने
उसे बेअसर कर दिया । शिकारे वालों ने स्वयं अपने चप्पुओं से बर्फ को तोड़कर अपने
शिकारों को आगे बढ़ाया । घाटी के बाशिंदों के लिए डल का जमना और बर्फ जमना कोई नई
बात नहीं है, लेकिन पर्यटकों के लिए यह नजारा जरूर कौतुहल भरा रहा । झील को देखने
के लिए काफी संख्या में पर्यटकों का तांता लगा रहा । शिकारे वाले दिन भर पर्यटकों
को उन स्थानों की सैर कराते रहे जहां सबसे अधिक बर्फ जमी हुई थी । रविवार को दो इंच
मोटी परत सोमवार को बढ़कर चार इंच से अधिक हो गई है । सुबह जब डल झील में रहने वाले
लोग अपनी - अपनी नाव लेकर किनारे पर आए तो उन्हें डल में बर्फ जमी होने के कारण
काफी परेशानी का सामना करना पड़ा । चप्पुओं से बर्फ को तोड़ते हुए उन्होंने अपनी
नाव और शिकारे आगे बढ़ाए । रात का पारा रविवार की रात के मुकाबले दशमलव चार डिग्री
कम रहेगा । सोमवार रात का तापमान शून्य से 5.6 डिग्री रहेगा । दिन के तापमान में
मामूली कमी आई । सुरक्षा बलों को भाजपा और विहिप के बंद के मद्देनजर भी सतर्क रहने
को कहा गया है । दिल्ली में झंडेवाला स्थित आरएसएस के मुख्यालय और मंदिरों के नजदीक
सुरक्षा बढ़ा दी गई है । बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद सांप्रदायिक दंगों की मार झेल
चुके मुंबई में भी एहतियात बरता जा रहा है । पुलिस कमिश्नर एन. रॉय ने बताया कि
मंदिरों और धार्मिक स्थलों के आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं । भाभा
एटॉमिक रिसर्च सेंटर समेत सभी संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों में सुरक्षा बढ़ा दी
गई है और पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है । राज्य के पुलिस प्रमुख एके भार्गव ने बताया कि
सभी कमिश्नरों और जिला पुलिस प्रमुखों को एहतियात बरतने के निर्देश दिए गए हैं ।
कोलकाता में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने अयोध्या में हुए
हमले की निंदा करते हुए बताया कि पूरे राज्य में सतर्कता बढ़ा दी गई है । कोलकाता
के एनएससी बोस हवाई अड्डे में रेड अलर्ट घोषित किया गया है । तमिलनाडु के पुलिस
महानिदेशक एएक्स एलेक्जेंडर ने बताया कि राज्य में स्थिति शांतिपूर्ण है । लेकिन
एहतियात के तौर पर सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है । शीतकाल के लिए कपाट बंद
होने से पूर्व मंदिर को शानदार तरीके से फूलों से सजाया गया । लक्ष्मी मंदिर में
रावल द्वारा मां लक्ष्मी की पूजा के बाद नारीवेश धारण कर लक्ष्मी जी की मूर्ति को
गर्भ गृह में ले जाया गया । परंपरानुसार माणा की कुमारी कन्याओं द्वारा बुना गया
धृत कंबल को भगवान के विग्रह पर लपेटा गया । इसके बाद शीतकाल के लिए भगवान बदरी
विशाल के कपाट बंद कर दिए गए । कपाट बंद होने के अवसर पर करीब पांच हजार
श्रद्धालुओं ने भगवान बदरी विशाल के दर्शन किए । इस मौके पर सेना की गढ़वाल स्काउट
बटालियन ने शानदार बैंड धुन बजाकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया । मंदिर समिति
के अध्यक्ष मौजूद थे । सिविल लाइंस से गौरव कपूर सात लोगों के साथ 23 जुलाई को
दर्शन करेंगे । उनका कहना है कि यात्रा रद्द करने का कोई सवाल ही नहीं है । अगर कोई
प्राकृतिक आपदा न आई तो बाबा का दर्शन तो करना ही है । सुलेमसराय की सुषमा 18 लोगों
के साथ 31 जुलाई को अमरनाथ दर्शन के लिए पहुंचेंगी । उनका कहना है कि यात्रा रद्द
करने का कोई सवाल ही नहीं है क्योंकि सभी लोग श्रद्धाभाव से दर्शन को जा रहे हैं ।
कटरा के सुधाकांत ने अपनी पत्नी स्वास्तिका के साथ अमरनाथ दर्शन को 17 जुलाई का
रजिस्ट्रेशन कराया था । इसी तरह चौक खोवा मंडी के त्रिलोकी नाथ ने 16 लोगों के साथ
31 जुलाई को दर्शन का रजिस्ट्रेशन कराया था । इन लोगों का कहना है कि जब हिम
शिवलिंग का दर्शन नहीं हो पाएगा, तो वहां जाने से कोई फायदा नहीं है क्योंकि
श्रद्धालु उसी का दर्शन करने जाते हैं । उन्होंने कहा कि अब अगले वर्ष जाने की
योजना बनाई जाएगी । नैनीताल से खबर है कि कुमाऊं भर में सोमवार को मौसम के रुख में
अचानक तब्दीली आने से ठंड बढ़ गई । भारी बारिश और हिमपात के चलते जनजीवन घरों में
ठहर गया । नैनीताल का न्यूनतम तापमान करीब चार डिग्री बताया गया । इस मौसम की पहली
बर्फबारी होने की भी खबर है । पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश और ऊंचाई वाले स्थानों
पर हिमपात के कारण सामान्य जनजीवन अस्त - व्यस्त हो गया । लोग अपने घरों में ही
दुबके रहे । मुनस्यारी में सुबह से ही बर्फ गिरने का सिलसिला शुरू हो गया जो देर तक
चलता रहा । वहां पर तापमान शून्य डिग्री के आसपास पहुंच गया । बारिश और बर्फबारी से
मुनस्यारी के लिए सड़क यातायात बंद हो गया । धारचूला के ऊंचाई वाले इलाकों में
लगातार बर्फ गिर रही है । प्रसिद्ध पर्यटक स्थल नारायण आश्रम में छह इंच तक बर्फ
गिर चुकी है । गंगोत्री व यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग सहित उत्तरकाशी - लंबगांव
एवं सिल्क्यारा - बणगांव मोटर मार्ग पर भारी बर्फबारी के कारण कई जगह यातायात
अवरुद्ध हो गया है । केदारनाथ, तुंगनाथ, मदमहेश्वर, पवांलीकांठा, पटागणियां,
चिरबटिया, कालीशिला, हरियाली डांडा, देवरियाताल, चोपता व दुगलबिट्टा की पहाड़ियां
बर्फ से ढंकी हैं । हिमपात के कारण चोपता - मंडल - गोपेश्वर मार्ग अवरुद्ध हो गया
है । सैलानी मक्कू बैण्ड से आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं । बदरीनाथ में बर्फ की पांच
फीट से ज्यादा मोटी पर्त जम चुकी है । औली सहित जिले की सभी ऊंचे पहाड़ और जिला
मुख्यालय से लगी पहाड़ियां आज बर्फ से ढक गई हैं । कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर
वैदिक मंत्रोचारण और घंटों की गूंज के बीच करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने शुक्रवार को
पवित्र पुष्कर झील में डुबकी लगाई । पुष्कर मेले के अंतिम दिन अलग - अलग घाटों में
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने ब्रह्मा और दूसरे मंदिरों में पूजा - अर्चना की ।
पुष्कर में मवेशियों की भी बड़ी संख्या में मेले के दौरान खरीद - फरोख्त की गई । इस
दौरान 12 हजार ऊंट बिके । मेले से आमदनी 7.20 करोड़ रुपये आंकी गई । पुष्कर मेले
में हजारों की तादाद में विदेशी श्रद्धालुओं ने भी भारतीय ग्रामीण जिंदगी का लुत्फ
उठाया । निगम ने 19 बैचों के हिसाब से यात्रा का अनुमानित कार्यक्रम भी भारत सरकार
को भेजा है । इसमें सुझाव दिया गया है कि यदि पहला यात्री दल 25 मई को दिल्ली से
गंतव्य के लिए रवाना हो जाए तो 6 अक्तूबर को आखिरी यानि उन्नीसवां दल दिल्ली वापस
भी लौट जाएगा । मालूम हो कि अभी तक इस यात्रा में 16 बैच ही भेजे जाते रहे हैं ।
विगत 12 अप्रैल को पिथौरागढ़ में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई बैठक में
लिए गए फैसले के अनुसार यात्रा में 17वें दल को शामिल करने का प्रस्ताव भारत सरकार
को भेजा गया है । इस पर भी अंतिम फैसला नहीं हो पाया है । इस बीच चीन सरकार की ओर
से तीन बैच बढ़ाने का प्रस्ताव भी निगम के पास आ चुका है । अब निगम को भारत तिब्बत
सीमा पुलिस की मंजूरी का इंतजार है । यात्रियों की सुरक्षा के साथ ही संचार और
चिकित्सा का जिम्मा आईटीबीपी पर है । आईटीबीपी मिर्गी कैंप के कार्यवाहक कमान
अधिकारी ने इस संबंध में पूछे जाने पर कहा कि इस मामले में वे कुछ भी नहीं कह सकते
। आईटीबीपी मुख्यालय से ही इस संबंध में कोई जानकारी हासिल की जा सकती है । संगम
में जल प्रदूषण से श्रद्धालुओं के नाराज होने की आशंका को देखते हुए राज्य सरकार ने
केंद्र से अनुरोध किया था कि वह हरियाणा, दिल्ली, और उत्तरांचल से गंगा और यमुना
में ज्यादा पानी छोड़ने को कहे, जिससे कि अर्धकुंभ के दौरान संगम में नहाने लायक
साफ पानी मिल सके । राज्य सरकार को भय है कि कहीं साधु - संत प्रदूषित जल में स्नान
करने को लेकर बवाल न मचा दें । राज्य सरकार को टिहरी बांध से भी ज्यादा पानी मिलने
की उम्मीद नहीं है । पानी की कमी से खुद इस बांध के तीन में से दो बिजली प्लांट बंद
करने पड़े हैं । यहां रोजाना भागीरथी से 150 घनमीटर पानी छोड़ा जा रहा है । टिहरी
परियोजना के एक अधिकारी के मुताबिक बांध का जल स्तर लगातार घट रहा है । इसलिए
ज्यादा पानी छोड़ पाना संभव नहीं है । बांध बनने से पहले यानि पिछले साल इन दिनों
भागीरथी से रोजाना 50 घनमीटर जल प्रवाहित होता था । यानि टिहरी से अब लगभग तिगुना
जल मिलने पर भी संगम का प्रदूषण साफ नहीं हो रहा है । अप्रैल के बाद जब हिमालय में
बर्फ गलने लगेगी तब बांध में जल स्तर बढ़ने की संभावना है । इसलिए अब टिहरी बांध से
ज्यादा पानी मिलने की कोई उम्मीद नहीं है, जबकि दिल्ली और हरियाणा, यमुना के पानी
में से अपना हिस्सा छोड़ने को राजी नहीं हैं । इसका खामियाजा इन नदियों के किनारे
रहने वाले 40 करोड़ लोगों को जल जनित बीमारियों के रूप में भुगतना पड़ रहा है ।
कमेटी ने कहा कि वह श्री अमरनाथ मंदिर बोर्ड की इस बात का समर्थन भी करेगी कि
यात्रा की अवधि दो महीने तक बढ़ा दी जाए । कमेटी के अध्यक्ष रमाकांत दुबे ने बताया
कि पवित्र गुफा में श्रद्धालुओं का जाना 2 जुलाई से शुरू किया जा रहा है और अगर
राज्य सरकार इसे रोकने का प्रयास करेगी तो संघर्ष किया जाएगा । जम्मू - कश्मीर में
भारी बारिश के बावजूद शुक्रवार को वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच छड़ी मुबारक यात्रा
शुरू हुई । अमरनाथ यात्रा के अंतिम चरण के लिए दशनामी अखाड़े के महंत दीपेंद्र गिरि
के साथ बड़ी संख्या में साधु छड़ी मुबारक को लेकर पहलगाम के लिए रवाना हुए । इस
दौरान हर - हर महादेव से पूरा वातावरण गूंज उठा । दो महीने तक चलने वाली अमरनाथ
यात्रा 11 जुलाई को शुरू हुई थी । यात्रा शुरू होने से पहले श्रीनगर के बादशाह चौक
स्थित दशनामी अखाड़ा मंदिर में गिरि ने पवित्र छड़ी मुबारक की विशेष पूजा अर्चना की
। मूसलाधार बारिश के बावजूद पूजा के समय बड़ी तादाद में श्रद्धालु जमा थे । सुरक्षा
कारणों से पवित्र छड़ी मुबारक को गाड़ी में रखकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच
अमरनाथ ले जाया जाता है । पिछले साल से कम पहुंचे भक्त । महंत गिरि ने बताया कि
छड़ी मुबारक के साथ शुक्रवार की रात वह पहलगाम पहुंचेंगे जहां शाम में और शनिवार की
सुबह पूजा की जाएगी । 9 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा (रक्षा बंधन) को अंतिम दर्शन से
पहले इसे जुलूस की शक्ल में चंदनबाड़ी, शेषनाग और पंचतरणी ले जाया जाएगा । उसी दिन
(नौ अगस्त) शाम को छड़ी मुबारक को पहलगाम ले आया जाएगा जहां पूजा - अर्चना की जाएगी
। उसके बाद उसे श्रीनगर लाया जाएगा । आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस साल तकरीबन
2.90 लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ गुफा में पवित्र शिवलिंग के दर्शन किए हैं ।
हालांकि यह संख्या पिछले साल के मुकाबले काफी कम है । पिछले साल 4.5 लाख
श्रद्धालुओं ने अमरनाथ की यात्रा की थी । इस बीच शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के एक
साधु की पंचतरणी में हार्ट अटैक से मौत हो गई । इसके साथ ही यात्रा के दौरान मरने
वाले श्रद्धालुओं की संख्या 47 हो गई है । दुनिया भर में प्रेम की जीती जागती मिसाल
बने ताजमहल को दुनिया के सात अजूबों में शुमार किया गया है । लिस्बन में भारतीय
अभिनेत्री और मॉडल बिपाशा बसु ने दुनिया के सात अजूबों की घोषणा की । ताज को सात
अजूबों की सूची में स्थान प्राप्त करने का गौरव प्राप्त हुआ है । दुनिया भर के
विभिन्न हिस्सों से इसमें करीब 10 करोड़ लोगों ने वोटिंग की । 17वीं शताब्दी में
मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में इस स्मारक का निर्माण
कराया था । यह रचनात्मकता, प्रतिभा, सौन्दर्य, भावना सभी की उत्कृष्टता का प्रतीक
है । ताज को सात अजूबों में स्थान मिलना भारतीयों की कड़ी मेहनत का परिणाम माना जा
रहा है । करोड़ों भारतीयों और गैर भारतीयों की वोटिंग के चलते ताज को दुनिया के सात
आश्चर्यो में स्थान मिल पाया । इसके लिए कई संगठनों ने अभियान चलाए थे । ख्वाजा
मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह सैकड़ों वर्षों से श्रद्धालुओं को आकर्षित करती रही है
। भारतीय उप महाद्वीप के लोगों की इस दरगाह में जबरदस्त आस्था है । रोजाना हजारों
लोग इस पवित्र दरगाह पर आकर चादर चढ़ाते रहे हैं । इन श्रद्धालुओं में नेता और
दूसरे प्रभावशाली लोग शामिल हैं । पाकिस्तान के नेता और अधिकारी अपनी मुराद पूरी
करने के लिए यहां आते रहे हैं । पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो तो
यहां चार बार चादर चढ़ा चुकी हैं । दरगाह के सहायक नाजिम अब्दुल अलीम ने बताया कि
बेनजीर अपनी मुराद लेकर यहां आती रही हैं । उनकी इस धर्मस्थल में जबरदस्त आस्था है
। अपनी हालिया अजमेर यात्रा से पहले वे अपने पति की जेल से रिहाई की मुराद लेकर
यहां आईं थीं । ख्वाजा ने उनकी मुराद सुन ली और उनके पति जेल से रिहा हो गए । इस
महीने बेनजीर अपने पति के साथ यहां आई और ख्वाजा के प्रति आभार प्रकट किया । फरवरी,
1987 में पाकिस्तान के तत्कालीन सैन्य शासक जिया उल हक इस दरगाह पर चादर चढ़ाने आए
थे । ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती से आशीर्वाद प्रकट करने की यह परंपरा सैकड़ों वर्ष
पुरानी है । सदियों पहले सम्राट अकबर पुत्र प्राप्ति की लालसा से अजमेर शरीफ आए थे
। बाद में उनकी पत्नी ने एक बच्चे को जन्म दिया, जो दुनिया में जहांगीर नाम से
प्रसिद्ध हुआ । इस खुशी में अकबर ने इस दरगाह को 4800 किलोग्राम चावल की क्षमता
वाला विशाल कड़ाह दिया था, जिसमें 5000 लोगों के लिए खाना बनाया जा सकता है । अभी
भी यह कड़ाह इस्तेमाल में है । सम्राट जहांगीर ने कई बार इस दरगाह की यात्रा की थी
। एक यात्रा के दौरान जहांगीर बीमार पड़ गए तो उन्होंने स्वस्थ होने के लिए ख्वाजा
से दुआ की । शाहजहां और औरंगजेब ने यह परंपरा जारी रखी । 
